2015 में गुरु ग्रंथ साहिब से बेअदबी के मामले में मुख्य आरोपित डेरा प्रेमी महिंदरपाल सिंह उर्फ़ बिट्टू की नाभा जेल में बंद 2 सिख युवकों ने सरिए व ईंट पत्थर से हमला करके हत्या कर दी, जिसके बाद डेरा प्रेमी भड़क गए और सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा की 45 सदस्यीय कमेटी ने ऐलान किया है जब तक बिट्टू के हत्यारों पर कार्रवाई नहीं होती तब तक वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगें।
खबरों के अनुसार शनिवार (जून 22, 2019) को बिट्टू जेल में हो रहे निर्माण स्थल के करीब घूम रहा था कि तभी गुरसेवक और मनिंदर सिंह नामक कैदियों ने उसपर सरिये और ईंट से हमला कर दिया। वे दोनों महिंदर को तब तक पीटते रहे जब तक वह बेसुध होकर गिर नहीं गया। हमले की खबर मिलते ही जेल अधिकारी महिंदर को दोनों युवकों की पकड़ से छुड़ाने वहाँ पहुँचे। हमलावरों से बिट्टू को छुड़वाया गया और फिर सिविल अस्पताल में पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत करार दे दिया।
पोस्टमार्टम के बाद रविवार (जून 23, 2019) की सुबह महिंदरपाल का मृत शरीर कोटकपुरा लाकर डेरा सच्चा सौदा के नाम चर्चा घर में रखा गया, जहाँ काफ़ी संख्या में डेरा प्रमियों ने महिंदरपाल को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान अंतिम संस्कार को लेकर दिनभर चली अटकलों के बीच कमेटी ने अंतिम संस्कार न करने का निर्णय लिया और माँग रखी कि सभी डेरा प्रेमियों पर दर्ज बेअदबी के केस रद्द करने और उन 2 कैदियों पर कार्रवाई करने की सूरत में ही महिंदरपाल का दाह संस्कार किया जाएगा।
राज्य में बिगड़ते माहौल को देखकर इलाके में रैपिड एक्शन फोर्स और बीएसएफ के जवान तैनात किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन के मुख्य अधिकारी भी मौक़े पर पहुँचे हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। इस मामले में जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सहायक जेल सुपरिंटेंडेंट अजमेर सिंह (इंजार्च स्पेशल सिक्योरिटी सेल), बैरक प्रभारी मेजर सिंह व अमन गिरी और संतरी लाल सिंह को निलंबित कर दिया है। साथ ही जेल सुपरिंटेंडेंट बीएस भुल्लर के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए होम सेक्रेटरी को पत्र लिखा है।
फिलहाल हत्या के आरोपित मनिंदर सिंह के घर पर पुलिस तैनात कर दी गई है। मनिंदर की माँ का कहना है कि उन्हें जेल में हुई घटना की जानकारी नहीं है कि ये सब क्यों और कैसे हुआ, लेकिन मनिंदर अक्सर कहता था कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के साथ हुई बेअदबी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक शिरोमणि अकाली दल अमृतसर मान दल समेत अन्य सिख संगठनों ने मनिंदर की माता-पिता को सिरोपा डालकर सम्मानित भी किया है।
न्यूज 18 की खबर के अनुसार बिट्टू के परिवारवालों ने आरोप लगाया है कि इस हत्या के पीछे बहुत बड़ी साजिश है। महिंदर के बेटे अमरिंदर सिंह के मुताबिक जब उसके पिता को 2018 में गिरफ्तार किया गया था तो पहले उन्हें फरीदकोट जेल में रखा गया, बाद में उन्हें नाभा जेल भेज दिया गया, लेकिन परिवार के कहने पर नाभा जेल से उन्हें दोबारा फरीदकोट में भेज दिया गया। लेकिन उनकी जान को खतरे की आशंका के चलते पिछले साल अक्टूबर में महिंदर को नाभा जेल दोबारा भेज दिया गया। खबरों के अनुसार उन्हें वहाँ स्पेशल बैरक में रखा गया था, जिसमें 3 दरवाजे थे और तीनों लॉक थे, किसी से भी उनकी मुलाकात कड़ी सुरक्षा में कराई जाती थी, साथ ही उनकी बंदी का समय भी बाकी जेल के कैदियों से अलग था।
बता दें ताजा खबर के मुताबिक महिंदरपाल बिट्टू के कत्ल की जिम्मेदारी गैंगस्टर दविंद्र बंबीहा ग्रुप ने ली है। सोशल मीडिया पर डाले एक पोस्ट में लिखा है कि इस वारदात को उनके समूह के लोगों ने अंजाम दिया है। ऐसे में जेल या फिर पुलिस के अधिकारी उनके साथी गुरसेवक और मनिंदर के साथ कोई भी ज्यादती करते हैं तो वह अपने घर परिवार की सुरक्षा के बारे में सोच लें।