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केजरीवाल ने 6 करोड़ में बेचा लोकसभा टिकट, प्रत्याशी के बेटे ने किया खुलासा

लोकसभा चुनाव के छठे चरण में दिल्ली में वोटिंग से कुछ घंटे पहले एक सनसनी खेज खुलासा हुआ है। आम आदमी पार्टी के वेस्ट दिल्ली के उम्मीदवार बलवीर सिंह जाखड़ के बेटे ने केजरीवाल पर 6 करोड़ रुपए में लोकसभा टिकट बेचने का आरोप लगाया है। टाइम्स नाउ को दिए इंटरव्यू में यह आरोप साफ़ सुना जा सकता है।

ईमानदार राजनीति का खोखला दावा करने वाले केजरीवाल का चरित्र आज फिर दिल्ली के सामने उजागर हुआ है कि कैसे यह पार्टी के नेताओं को किनारे कर सिर्फ पैसे के लिए लोकसभा टिकट बेच रहे हैं। इस इंटरव्यू के बाहर आने से दिल्ली में अच्छी-खासी हलचल है।

वेस्ट दिल्ली के उम्मीदवार बलबीर सिंह जाखड़ के बेटे को जब पता चला कि उसके पापा से चुनाव लड़ने के लिए केजरीवाल ने 6 करोड़ रुपए लिए हैं तो वह भड़क गया। कहा कि ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ को समर्थन देने वाले को आपने पैसे क्यों दिए।

कभी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का दावा करने वाली पार्टी के आज कैसे दिन आ गए हैं। जिसने सभी मर्यादा को ताक पर रख दिल्ली की जनता को ठगने का पूरा मॉड्यूल तैयार किया है। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो चुकी है। हालाँकि, अभी तक इस केजरीवाल का कोई भी बयान नहीं आया है। लेकिन इस खुलासे का असर चुनाव पर पड़ना तय है।

‘चूड़ियाँ खनकाने वाली दुल्हन हैं मोदी’: सिद्धू का PM पर आपत्तिजनक बयान

लोकसभा चुनाव के इस मौसम में विवादित बयानबाजी अब आम हो चली है। इन हमलों में कॉन्ग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू का नाम भी शामिल है। मध्य प्रदेश के इंदौर में सिद्धू ने पीएम की गरिमा को तार-तार करते हुए उन्हें ‘दुल्हन के हाथों की खनकती चूड़ियाँ’ तक कह डाला। उन्होंने कहा, “मोदी जी उस दुल्हन की तरह हैं जो रोटी कम बेलती है और चूड़ियाँ ज़्यादा खनकाती है, ताकि मोहल्ले वालों को यह पता चले कि वो काम कर रही है। बस यही हुआ है मोदी सरकार में।”

सिद्धू ने यह कहकर पीएम मोदी पर काम कम करने और प्रचार ज़्यादा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मोदी केवल झूठ बोल रहे हैं। प्रधानमंत्री और उनका पूरा कुनबा झूठा है।” सिद्धू इतने पर ही नहीं रुके और अपने तुकबंदी के अंदाज़ में बोले, “ना राम मिला, ना रोज़गार मिला, हर गली में मोबाइल चलाता एक बेरोज़गार मिला।”

ख़बर के अनुसार, सिद्धू ने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में कटाक्ष किया, “मैंने हीरो नम्बर वन, कुली नम्बर वन और बीवी नम्बर वन जैसी फिल्में देखी थीं। लेकिन इन दिनों मोदी की नई फ़िल्म आ रही है- फेंकू नम्बर वन।” उन्होंने कहा, “मैं उन्हें झूठा नंबर वन, डिवाइडर इन चीफ़ और अंबानी और अडानी का बिजनेस मैनेजर कहता हूँ।”

इससे पहले भी नवजोत सिंह सुद्धू ने पीएम मोदी पर हमलावर रुख़ अपना चुके हैं जिसमें उन्होंने मोदी के ख़िलाफ़ कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी में उन्होंने प्रधानमंत्री पर “राफ़ेल विमान सौदे में पैसा बनाने” का आरोप लगाया था। साथ ही उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि पीएम मोदी ने अमीरों को राष्ट्रीयकृत बैंकों को लूटने के बाद देश से भागने की अनुमति दी। इसी टिप्पणी पर भाजपा ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी, जिसके परिणामस्वरूप सिद्धू को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ था, साथ ही सिद्धू पर 72 घंटों के लिए प्रचार करने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

इससे पहले भी वो इंदौर में एक चुनावी रैली में पीएम मोदी पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप मढ़ चुके हैं। सिंधी कॉलोनी में चुनावी सभा में उन्होंने पीएम मोदी को चुनौती देते हुए कहा, “मोदी में दम है तो वह रोज़गार, नोटबंदी और जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ें। लेकिन वह लोगों को धर्म और जात-पात के नाम पर बाँटकर चुनाव लड़ रहे हैं।”

देश के प्रधानमंत्री को लेकर सिद्धू के मन में जो छवि है वो उनके शब्दों से साफ़ झलकती है। यह कहना ग़लत नहीं होगा कि पीएम मोदी को लेकर की गई टीका-टिप्पणी अनगिनत हैं। शायद ही ऐसा कोई दिन गुज़रता हो जिस दिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निजी हमले न किए गए हों। बात अगर पीएम मोदी की करें तो वो अपने बयानों में भ्रष्टाचार जैसे विषयों को मुद्दा बनाते हैं और इसमें जो भी नाम शामिल होते हैं उन्हें उजागर करते हैं। लेकिन विपक्ष के पास तो कोई मुद्दा ही नहीं होता इसलिए वो अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने से नहीं चूकते। फिर चाहे उस अभद्र भाषा का इस्तेमाल उनकी माँ के लिए किया गया हो, उनकी धर्मपत्नी के लिए किया गया हो या फिर उनके परिवार के किसी अन्य सदस्यों को लेकर किया गया हो, उससे विपक्ष को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता।

IAF को मिला पहला Apache हेलीकॉप्टर, भारत के लिए साबित हो सकता है गेम चेंजर

शनिवार (मई 11, 2019) को अमेरिका के एरिजोना में स्थित प्रोडक्शन फैसिलिटी सेंटर में भारतीय वायुसेना ने पहला अपाचे हेलिकॉप्टर प्राप्त किया। इस दौरान एयर मार्शल एएस बुटोला ने भारतीय वायुसेना का प्रतिनिधित्व करते हुए पहला अपाचे स्‍वीकार किया। अपाचे हेलीकॉप्टर के भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद पाकिस्तान समेत अन्य सीमावर्ती इलाकों में निगरानी मजबूत हो जाएगी। साथ ही आपात स्थिति में यह हेलीकॉप्टर सेना की त्वरित मदद भी कर पाएँगे।

बता दें कि 15 चिनूक और 22 अपाचे हेलिकॉप्‍टर के लिए भारत और अमेरिकी सरकार के बीच 3 बिलियन डॉलर का समझौता हुआ था। डील के तहत अमेरिका को इन सभी हेलीकॉप्टर्स की डिलीवरी तीन से चार साल के भीतर करनी थी। अब भारतीय वायुसेना को पहला अपाचे हेलीकॉप्टर मिल गया है। चिनूक हेलीकॉप्टर की डिलीवरी पहले ही शुरू हो चुकी है।

अपाचे हेलीकॉप्टर की अधिकतम रफ्तार 280 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसे रडार से पकड़ना काफी मुश्किल है। साथ ही सबसे बड़ी बात ये है कि इसके पास 16 एंटी टैंक मिसाइल को छोड़ने की क्षमता है, जिसे सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है। अपाचे हेलीकॉप्टर के नीचे लगी राइफल में एक बार में 30 एमएम की 1,200 गोलियाँ भरी जा सकती हैं। AH-64 E अपाचे एक प्रमुख लड़ाकू हेलीकॉप्टर है जिसे किसी भी मौसम में उड़ाया जा सकता है। इसकी फ्लाइंग रेंज 550 किलोमीटर है और ये एक बार में पौने तीन घंटे तक उड़ान भर सकता है। अपाचे से दुश्मनों पर किसी भी परिस्थिति में हमला किया जा सकता है। इसमें हेलिफायर और स्ट्रिंगर मिसाइल के साथ ही दोनों तरफ 30mm की दो गनें भी लगी हुई हैं।

रक्षा विश्‍लेषकों का मानना है कि अपाचे युद्ध के समय ‘गेम चेंजर’ की भूमिका निभा सकता है। उन्‍होंने बताया कि अमेरिका ने ब्‍लैक हॉक और अपाचे हेलिकॉप्‍टर के अंदर कुछ बदलाव करके वर्ष 2011 में उनका इस्‍तेमाल पाकिस्‍तान के अंदर घुसकर अल क़ायदा चीफ ओसामा बिन लादेन को मारने के लिए किया था।

मुस्लिम इलाकों में नहीं हुआ कोई ‘सियासी ऐलान’, क्या सचमुच रमज़ान के कारण कम होगा मतदान?

रमजान शुरू होने के बाद दिल्ली के मुस्लिम बहुल इलाकों में चुनाव की सरगर्मी ठंडी पड़ गई है। मुस्लिम समुदाय के लोग इन दिनों रोजे रखते हैं और शाम को इफ्तार और उसके बाद तरावीह की नमाज़ में व्यस्त हो जाते हैं। ज़ाहिर है इस दौरान आम मुस्लिमों के पास राजनीति पर चर्चा करने का वक्त नहीं रहता।

दिल्ली में 12 मई को वोट पड़ने हैं और हर राजनैतिक पार्टी अपने-अपने दावे कर रही है लेकिन मुस्लिम अपना वोट किसे देंगे इस बात का अनुमान लगाना मुश्किल है। उलमा भी इस बार इन मामलों पर बोलने से बच रहे हैं। गौरतलब है कि जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने तो कुछ दिन पहले ही ऐलान किया था कि इन चुनावों में वो किसी भी राजनैतिक पार्टी के पक्ष में या फिर विपक्ष में अपील नहीं करेंगे। अपनी बात पर कायम रहते हुए शुक्रवार (मई 10,2019) को जुमे की नमाज के बाद उन्होंने कोई ऐलान नहीं किया।

नवभारत टाइम्स से हुई बातचीत में बुखारी ने कहा कि उन्होंने लोगों से वोट करने की अपील इसलिए नहीं कि क्योंकि लोग खुद समझदार हैं और लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए जो जरूरी होगा वो करेंगे। वहीं दिल्ली की दूसरी सबसे बड़ी मस्जिद फतेहपुरी के शाही इमाम डॉ मुफ्ती मोहम्मद मुकर्म ने जुमे के मौक़े पर लोगों से केवल वोट करने की अपील की।

मुफ्ती ने इलाके के मुस्लिमों को सलाह दी कि सभी को सुबह 7 बजे अपने-अपने पोलिंग बूथ पर मौजूद होना चाहिए। वहाँ मौजूद रहकर उन्हें बुजुर्गों, औरतों और बीमार लोगों की वोट डालने में मदद करनी चाहिए। हालाँकि मुफ्ती ने भी किसी पार्टी के पक्ष में कोई अपील नहीं की लेकिन यह जरूर कहा कि वोट बँटना नहीं चाहिए।

नवभारत टाइम्स में प्रकाशित खबर के अनुसार फिरोजशाह कोटला किले के मस्जिद के बाहर नमाज़ पढ़कर निकले पुरानी दिल्ली के कुछ लोगों ने एनबीटी से बातचीत में बताया कि दिन में तो किसी के पास वक्त नहीं रहता लेकिन नमाज के बाद जब लोग खाली होते हैं तो जरूर इस बात पर चर्चा करते हैं कि वोट किसे दिया जाए।

उल्टा राहुल EC को डाँटे: ‘मैंने कोई गलती नहीं की, आप भेदभाव मत कीजिए’

कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने आचार संहिता उल्लंघन के मामले में चुनाव आयोग में जवाब दाखिल किया। इसमें उन्होंने निर्वाचन आयोग को नसीहत दी है कि आयोग आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों का निपटारा करते वक्त निष्पक्ष रहे और कॉन्ग्रेस के खिलाफ भेदभावपूर्ण रवैया न अपनाए। राहुल गाँधी का कहना है कि उन्होंने आदिवासियों के बारे में जो बयान दिया था, उसमें उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है।

दरअसल, राहुल गाँधी ने 23 अप्रैल को मध्यप्रदेश के शहडोल में कहा था कि मोदी सरकार एक ऐसा कानून लेकर आई है, जिसके तहत आदिवासियों को गोली मारी जा सकती है। वो आपकी जमीन और जंगल पर कब्जा कर सकते हैं। इसके बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब माँगा था। चुनाव आयोग के कारण बताओ नोटिस के जवाब में राहुल ने कहा कि उन्होंने भारतीय वन कानून में प्रस्तावित संशोधन को अपने एक राजनीतिक भाषण में संक्षिप्त कर सरल ढंग से समझाने का प्रयास किया था। इसके पीछे जनता को गुमराह करने या झूठ फैलाने की कोई मंशा नहीं थी।

राहुल ने कहा कि भाजपा ने उन्हें लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकने के लिए उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, क्योंकि वह एक राजनीतिक पार्टी के प्रमुख होने के साथ ही उसके स्टार प्रचारक भी हैं। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना मोदी सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों और कार्यों तक ही सीमित थी। भाषणों में मोदी सरकार के कामकाज की आलोचना करना आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है। शहडोल में भाजपा की आदिवासी विरोधी नीतियों को लेकर दिया गया था। इसलिए शिकायत को रद्द किया जाना चाहिए।

राहुल गाँधी ने चुनाव आयोग से कहा कि आयोग पार्टियों के खिलाफ की गई शिकायतों पर कार्रवाई करते वक्त निष्पक्ष, गैर-भेदभावपूर्ण, गैर-मनमाना और संतुलित दृष्टिकोण अपनाए। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह सहित भाजपा नेताओं द्वारा दिये गए कई बयानों का हवाला दिया, जिनमें कई नेताओं ने ‘आपत्तिनजक’ शब्दों का इस्तेमाल किया था।

‘न्यूट्रल’ मीडिया ने पित्रोदा से कहा: ‘चुप भी करो यार, भाजपा को फायदा हो रहा है’

सिख दंगों पर सैम पित्रौदा का ‘हुआ तो हुआ…’ वाला विवादित बयान आने के बाद उनकी चारों ओर से आलोचना हो रही है। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी तक ने दिल्ली में चुनाव करीब होने के कारण सैम पित्रोदा से माफ़ी माँगने को कहा है, ताकि इसका खामियाज़ा पार्टी को चुनाव के आगामी चरणों में न भुगतना पड़े।

जिस प्रकार राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस के अन्य नेता पित्रोदा के बयान की खुलकर आलोचना कर रहे हैं, वैसे ही इस सूची में कई जाने-माने ‘न्यूट्रल पत्रकारों’ ने भी अपना नाम शामिल कर लिया है जिन्होंने चुनावी माहौल देखते हुए अपने ट्वीट के जरिए सैम पित्रोदा के बयान के विरोध में लेकिन कॉन्ग्रेस के समर्थन में आवाज़ें उठाई हैं।

आजतक के राहुल कंवल ने सैम पित्रौदा के बयान के बाद ट्वीट किया कि कॉन्ग्रेस में किसी व्यक्ति को सैम पित्रौदा से कहने की जरूरत है कि वो टीवी कैमरा से 23 मई तक दूर रहें। राहुल के मुताबिक हर बार सैम जब भी बोलते हैं तो वो कॉन्ग्रेस की विरोधी पार्टियों (अर्थात भाजपा) को फायदा पहुँचा रहे होते हैं।

वहीं प्रसिद्ध पत्रकार सबा नकवी ने बड़ी इज़्ज़त के साथ सैम पित्रौदा के ट्वीट पर सवाल किया कि वह ऐसे समय में (चुनावी माहौल में) इंटरव्यू ही क्यों दे रहे हैं?

आदित्य मेनन नामक पत्रकार ने सैम के ‘गड़बड़ ट्रांस्लेशन’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि वो सार्वजनिक स्थलों पर बोलते ही क्यों हैं? आदित्य मेनन ने कहा कि ‘नो कमेंट’ जैसी भी कोई चीज होती है। क्या वो जानते हैं।

अभिसार शर्मा ने सैम पित्रौदा के इस बयान को आधार बनाकर ट्वीट किया है कि इससे सैम पित्रोदाजी को अंतरराष्ट्रीय प्रसिद्धि मिली है।

वहीं शिवम विज नामक जर्नलिस्ट ने सलाह दी कि कॉन्ग्रेस इन चुनावों में ज्यादा सीटों से जीत सकती है अगर सैम पित्रोदा को मीडिया के सामने बोलने से रोक लिया जाए।

स्वाति चतुर्वेदी नामक ट्रोल पत्रकार ने सैम पित्रौदा को कॉन्ग्रेस पार्टी का नया मणिशंकर अय्यर बताया है। स्वाति के मुताबिक पित्रौदा के मूर्खतापूर्ण बयानों पर मोदी ने छक्का मारा है।

हरिंदर बावेजा ने ट्वीट पर कमेंट करते हुए कहा कि सैम पित्रौदा ने जिन (सिख) दंगों पर ‘हुआ तो हुआ’ वाली प्रतिक्रिया दी है, उसकी पीड़ा के साथ आज भी कई विधवा और अनाथ जी रहे हैं और न्याय के लिए लड़ रहे हैं। क्या कॉन्ग्रेस में कोई भी उन्हें चुप नहीं कर सकता है।

‘गवर्नर सरकार के चमचे होते हैं, सत्यपाल मलिक भी चमचा ही है’: संजय निरुपम के बोल

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी पर जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा की गई टिप्पणी पर कॉन्ग्रेस नेता संजय निरुपम ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संजय निरुपम ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए सत्यपाल मलिक को प्रधानमंत्री मोदी का चमचा तक कह दिया। उन्होंने कहा कि हमारे देश में जितने गवर्नर होते हैं वो सरकार के चमचे होते हैं। संजय ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हए कहा, “सत्यपाल मलिक भी चमचा ही है।” आगे उन्होंने कहा कि राजीव गाँधी को बोफोर्स केस में अदालत से क्लिन चिट मिली थी और अरुण जेटली ने भी राजीव गाँधी को क्लीन चिट दी थी।

संजय ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला करते हुए कहा कि जब मोदी ने राजीव गाँधी को ‘भ्रष्टाचारी नंबर 1’ कहा, तो उनकी इतनी आलोचना की गई कि अब वो दोबारा ऐसा बोलने की हिमाकत नहीं करेंगे। संजय ने कहा कि ऐसा लग रहा है सत्यपाल मलिक, पीएम मोदी की चापलूसी कर रहे हैं, चमचागिरी कर रहे हैं, ताकि उनकी कुर्सी बची रहे। राज्यपालों को अपनी गरिमा का ख्याल रखना चाहिए।

गौरतलब है कि, गुरुवार (मई 9, 2019) को जम्‍मू कश्‍मीर के राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक ने राजीव गाँधी पर लगे भ्रष्‍टाचार के आरोपों पर कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी शुरू में भ्रष्ट नहीं थे, लेकिन कुछ लोगों के प्रभाव में आकर वो बोफोर्स भ्रष्टाचार के मामले में शामिल हो गए थे। सत्यपाल मलिक ने कहा कि बोफोर्स भ्रष्टाचार मामले के मद्देनजर उन्होंने और पीडीपी संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद ने राज्य सभा की सदस्यता छोड़कर जन मोर्चा का गठन किया था।

‘मुझे डिप्टी PM बनाओगे तभी गठबंधन को समर्थन दूँगा’: TRS प्रमुख केसीआर की शर्त

तेलंगाना के मुख्यमंत्री और तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) अध्यक्ष केसीआर राव ने विपक्ष से कहा कि अगर लोकसभा चुनाव में किसी एक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, तो वो ग़ैर-बीजेपी गठबंधन की सरकार को अपना समर्थन देने के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कि वो न सिर्फ़ उस गठबंधन में शामिल होंगे बल्कि अपनी सक्रिय भूमिका भी निभाएँगे। लेकिन, इसके लिए उन्होंने गठबंधन के समक्ष एक शर्त भी रखी है जिसके पूरा न होने पर वो गठबंधन में नहीं रहेंगे।

ख़बर के अनुसार, केसीआर राव ने विपक्ष के समक्ष यह शर्त रखी है कि अगर वो उन्हें सरकार में उप-प्रधानमंत्री बनाएँगे तभी वो उनका समर्थन करेंगे। उन्होंने इस बात को भी स्पष्ट किया कि वो 21 मई को विपक्ष की पार्टी मीटिंग में तभी शामिल होंगे जब उन्हें इस बात का पूरा भरोसा दिलाया जाएगा कि गठबंधन सरकार में उन्हें उप प्रधानमंत्री का पद दिया जाए।

फ़िलहाल, गठबंधन में शामिल दलों की इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन उनकी इस बात को दलों तक पहुँचा दिया गया है। ख़बर यह भी है कि आंध्र प्रदेश के कॉन्ग्रेस प्रमुख जगनमोहन रेड्डी ने चुनाव नतीजे आने से पहले किसी बात का कोई ख़ुलासा न करने का संकेत दिया है। विपक्ष का मानना है कि इन सभी मुद्दों पर नतीजे आने के बाद ही चर्चा होगी। हालाँकि पार्टी ने केसीआर प्रमुख से संपर्क बनाए रखा है।

ऐसा माना जा रहा है कि केसीआर बीजेपी के साथ कोई गठबंधन नहीं करेंगे, और वो ख़ुद को राष्ट्रीय राजनीति में लाकर तेलंगाना की बागडोर अपने बेटे को सौंपना चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ़ तेलुगूदेशम पार्टी (TDP) अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने तृणमूल कॉन्ग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से गुरूवार (9 मई) को चर्चा की।

तृणमूल कॉन्ग्रेस के सदस्य ने बताया कि ममता बनर्जी और चंद्रबाबू नायडू ने महागठबंधन पर लंबी चर्चा की है जिसमें बुधवार को कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी से हुई मुलाक़ात के विषय पर भी बातचीत हुई। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि 21 मई को होने वाली विपक्षी दलों की बैठक की तारीख आगे बढ़ा दी जाए यानी यह बैठक 23 मई के बाद के लिए भी निर्धारित की जा सकती है।

भाजपा प्रत्याशी नीलांजन रॉय पर लगा यौन शोषण का आरोप, गिरफ्तारी का आदेश

पश्चिम बंगाल की डायमंड हार्बर सीट से भाजपा उम्मीदवार नीलांजन रॉय पर 17 साल की नाबालिग का यौन शोषण करने का आरोप लगा है। पुलिस ने शुक्रवार (मई 10, 2019) को इस बात की जानकारी दी है। राज्य के बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शिकायत के बाद मामले का संज्ञान लिया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि 24 घंटो के भीतर नियमों के अनुसार आरोपित के ख़िलाफ़ जरूरी कार्रवाई हो।

मीडिया खबरों के मुताबिक बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्य पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वह पाक्सो एक्ट, 2012 के तहत आरोपित को तुरंत गिरफ्तार करे। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण पूरा हो चुका है और उसका बयान दर्ज कर लिया गया है। हालाँकि अभी तक आरोपित को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।  

नीलांजन रॉय पर दक्षिण 24 परगना में एक नाबालिग लड़की के यौन शोषण का आरोप है। इसके मद्देनजर ही राज्य के बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने रॉय के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज करवाई है।

बता दें डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार नीलांजन रॉय कॉन्ग्रेस के अभिषेक बनर्जी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ रहे हैं। गौरतलब है ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने पिछले लोकसभा चुनाव में यहाँ से जीत हासिल की थी।

‘PM मोदी हैं महिषासुर, ममता हैं पश्चिम बंगाल की दुर्गा’: चंद्रबाबू नायडू के बोल

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेलगु देशम पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने गुरूवार (मई 9, 2019) को पश्चिम बंगाल का दौरा किया। नायडू यहाँ पर तृणमूल के समर्थन में प्रचार करने के लिए पहुँचे थे। यहाँ पर चंद्रबाबू नायडू ने एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की तुलना महिषासुर से की और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुलना देवी दुर्गा से की। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में बैठे महिषासुर को बंगाल की दुर्गा हरा सकती हैं। इसके साथ ही नायडू ने प्रधानमंत्री मोदी को पिछले 72 सालों का सबसे असफल प्रधानमंत्री बताया।

नायडू ने पश्चिम बंगाल के लालगढ़ में तृणमूल प्रत्याशी बीरबाहा सोरेन के समर्थन में आयोजित सभा में कहा कि उन्हें बंगाल में आकर बहुत खुशी मिलती है। उन्होंने बंगाल की तमाम विभूतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि बंगाल ने देश को एक से बढ़कर एक रत्न दिए हैं, जिन्होंने देश की संस्कृति और सभ्यता के विकास में अहम भूमिका निभाई है। ममता बनर्जी बंगाल की उस महान इतिहास की उत्तराधिकारी हैं।

इस दौरान चंद्रबाबू नायडू ने बंगाल की जनता को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा जैसी सांप्रदायिक पार्टी को सबक सिखाने का मौका है। उन्होंने जनता से अपील की कि बंगाल की दुर्गा को दिल्ली के महिषासुर को हराने और देश में शांति व समृद्धि फिर से स्थापित करने का मौका दें। आज भाजपा के समर्थन का मतलब सांप्रदायिकता का समर्थन करना है। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले के हल्दिया टाउनशिप में आयोजित जनसभा में चंद्रबाबू नायडू ने ममता बनर्जी को बंगाल की शेरनी का तमगा दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल की शेरनी ममता बनर्जी जल्द ही देश की शेरनी बनेगी।

भाजपा की आंध्र प्रदेश इकाई के अध्यक्ष कन्ना लक्ष्मीनारायण ने नायडू के बयान पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि राज्य की जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। लक्ष्मीनारायण का कहना है कि पीएम मोदी के खिलाफ जितना नकारात्मक प्रचार नायडू ने किया है, उतना किसी ने नहीं किया है और वो चुनाव हार जाने के डर की वजह से इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। इसके साथ ही भाजपा ने नायडू को मानसिक दिवालियापन का शिकार भी बताया।

बता दें कि, तेलगु देशम पार्टी ने गुरुवार को ट्वीट किया था कि नायडू ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर आलोचना की है। इस बार पश्चिम बंगाल की जमीन से उन्होंने मोदी की आलोचना की है। उन्होंने नरेंद्र मोदी को महिषासुर और ममता बनर्जी को बंगाल की दुर्गा कहा है। पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा कि उन्होंने (नायडू) कहा है कि बंगाल दुर्गा को देश में शांति और समृद्धि लाने के लिए दिल्ली में महिषासुर (मोदी) को हराना होगा।