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अजीत झा

संपादक, ऑपइंडिया (हिंदी)

‘ललुआ का सब आदमी इसके साथ हो गया है’: वह सीट जो बार-बार कह रही थी सरकार एनडीए की ही बनेगी

बिहार कवरेज के दौरान हम केवटी सीट पर बार-बार गए। यही वह सीट थी जहाँ पहली बार 'माई समीकरण' को दरकते देखा और एनडीए की वापसी शत-प्रतिशत तय लगी।

बिहार को बढ़ना है तो धर्मांतरण, कट्टरपंथ और वामपंथ के कैंसर को हराना ही होगा…

बाढ़, बदहाली और बेरोजगारी की पहचान के साथ घिसट रहे बिहार के सामने असल चुनौती वामपंथ, कट्टरपंथ और ईसाई धर्मांतरण की है।

इस बाल दिवस छपरा के भगेरन तिवारी के बेटे और दरभंगा के अभिराम दास को याद कीजिए

नेहरू के खोखलापन के बारे में आरके लक्ष्मण ने 60 साल पहले बता दिया था। पर भगेरन तिवारी के बेटे और अभिराम दास न होते तो हम और आप यह जान भी नहीं पाते कि जन्मस्थान में बाल मूर्ति का होना भी नेहरू को खटकता था।

बिहार कवरेज की शुरुआत होनी थी माता सीता की जन्मस्थली पुनौरा धाम से, हम पहुँच गए सिमुलतला

बिहार चुनावों का ऑपइंडिया ने कैसे लगाया सटीक अनुमान? पर्दे के पीछे क्या चल रहा था? सीरिज की पहली कड़ी।

चंदा बाबू जैसों के डर का नाम है जंगलराज, आँकड़ों की लीपापोती से नहीं धुलेगा लालू का ये दाग

जंगलराज जैसे नाम आँकड़ों पर नहीं, लोगों के भीतर अपराध को ले कर जगे डर के कारण मिलते हैं। जब पुलिस केस दर्ज न करे, केस दर्ज करने पर आपकी हालत चंदा बाबू जैसी हो जाए, तो वो डेटा में नहीं लिखा जाता।
00:56:07

बिहार चुनाव: कितने सही होंगे एग्जिट पोल? Bihar election analysis

बिहार चुनाव: कितने सही होंगे एग्जिट पोल? किसकी बनेगी बिहार में सरकार? क्या एग्जिट पोल कह रहे हैं सही कहानी?

जो बिहार में सब जानते हैं वह नीतीश कुमार ने खुद क्यों कहा, PM मोदी ने उन्हें ‘जरूरत’ क्यों बताया?

यह महज संयोग नहीं, प्रयोग है। इसका असर हुआ तो एनडीए उस स्थिति में पहुँच सकती है, जिसका अनुमान कोई नहीं लगा रहा।
00:26:32

मिथिला के कवि कोकिल विद्यापति की जन्मस्थली उपेक्षित | Vidyapati’s Bisfi ignored, in bad shape

मैथिल लोग जहाँ भी होते हैं, विद्यापति को अपनी धरोहर मान कर स्नेहपूर्वक उनकी बातें करते हैं, लेकिन उनके जन्मस्थल बिस्फी...