"वे सख्त कदम उठा रहे हैं और चाहते हैं कि ऐसे लोग सामने आएँ जो कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के सम्पर्क में आए हैं। सबसे अच्छा तो यह है कि 'रेड जोंस' यानी ऐसे इलाके जहाँ से ज्यादा मामले आए हैं, में रहने वाले लोग अपने घरों से बाहर मत निकलें।"
"उन्होंने हमें राशन नहीं दिया। कहा कि राशन तभी मिलेगा जब आप 'ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुन रसूलुल्लाह' पढ़ेंगे। जब हमने इससे मना किया तो उन्होंने राशन देने से इनकार करते हुए चले जाने को कह दिया।"
देश में जारी लॉकडाउन के बीच दिल्ली में चार लाख लोगों को हर रोज भोजन कराने का केजरीवाल सरकार का दावा खोखला साबित हो रहा है। इस बात का खुलासा तब हुआ, जब एक महिला दिल्ली सरकार के मंत्री के पास राशन की माँग को लेकर पहुँची थी। इसके बाद मंत्री ने महिला को 'सेवा भारती' से जुड़े एक व्यक्ति का नंबर थमा दिया।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इस प्रोफेसर शाहिद अंसारी की सच्चाई सामने आने के बाद उसके पूरे परिवार को क्वारंटाइन किया गया है। इसके बाद शहर में हड़कंप मचा हुआ है। उसके संपर्क में आने वालों की तलाश की जा रही। हैरत की बात यह है कि पूछताछ में प्रोफेसर ने जमात के आयोजन में शरीक होने इनकार कर दिया था।
नर्सों की शिकायत पर एक्शन लेते हुए अस्पताल प्रबंधन ने इस वाकये की जानकारी जिला प्रशासन व पुलिस को दी। जिस पर तुरंत कार्यवाही करते हुए जिला एसपी ने एसडीओ के साथ एक पुलिस टीम आइसोलेशन केंद्र भेजी, जहाँ पुलिस को देखते ही जमातियों ने नमाज पढ़ने का नाटक शुरू कर दिया।
लॉकडाउन उल्लंघन पर समुदाय विशेष के दो युवक चेक पोस्ट पर रोके जाते हैं। पुलिसकर्मी पर थूकते हैं। धमकी देते हैं। फिर बाइक छोड़ भाग जाते हैं। पास की बस्ती में पहुॅंचते हैं। अचानक 30-40 लोग जमा हो जाते हैं। पास के रेलवे ट्रैक पर पत्थर उठाकर पुलिसकर्मियों पर बरसाने लगते हैं।
“आज हर कोई आइसोलेशन में रखे गए तबलीगियों को देखकर हैरान है कि वे इतना क्यों थूक रहे हैं। तो बता दें कि उनका धर्मशास्त्र उन्हें ऐसा करने की शिक्षा देता है कि नमाज पढ़ते समय या मजहबी कार्य करते समय शैतान की दखलअंदाजी खत्म करने के लिए वो ये करें।"