समीर द्विवेदी कॉन्ग्रेस के महासचिव रहे जर्नादन द्विवेदी के बेटे हैं। इंदिरा से लेकर सोनिया तक कॉन्ग्रेस अध्यक्षों के साथ काम कर चुके जर्नादन द्विवेदी ने 2018 में सक्रिय राजनीति से खुद को दूर कर लिया था।
मीडिया गिरोह की मानें तो अब अगर चीन की कोई नगर पालिका या ग्राम पंचायत भी भारत में फासिस्ट मोदी सरकार के दौरान चाउमीन में डाली जा रही शिमला मिर्च के खिलाफ प्रस्ताव जारी कर दे, तो मोदी सरकार की जड़ें हिलते देर नहीं लगेगी।
सोशल मीडिया में अटकलों का बाजार फिर गरम हो गया है। सूजे गाल के साथ एक न्यूज चैनल के कार्यक्रम में केजरीवाल पहुॅंचे। उन्होंने इसकी वजह इंफेक्शन बताया। लेकिन, यूजर्स इसे अमानतुल्लाह से जोड़ रहे हैं।
मुंबई के आज़ाद मैदान में आयोजित रैली में सीएए और एनआरसी के विरोध के नाम पर लोगों ने न सिर्फ़ शरजील इमाम के समर्थन में नारे लगाए गए बल्कि कई बैनर-पोस्टरों में कश्मीर को ‘आज़ादी’ देने की माँग की गई थी।
इस तस्वीर को देख इस्लामिक कट्टरपंथी शमी पर टूट पड़े। कहा कि इसके कारण भारत के मुस्लिम धीरे-धीरे हिंदू बन रहे हैं। कट्टरपंथियों ने उनको अपने नाम में से मोहम्मद हटाने की सलाह भी दी।
"इस लड़ाई में अगर-मगर की कोई गुंजाइश नहीं है। ये कानून वापस जायेगा, हुकूमत वापस जाएगी। CAA भी नहीं रहेगा, हुकूमत भी नहीं रहेगा। और अगर ये दोनों नहीं रहेंगे तो कुछ भी नहीं रहेगा।"
एंकर कहती है कि 1992 में जब हिंदुओं ने बाबरी मस्जिद को शहीद करने के लिए धावा बोला था तो वहाँ कई मुस्लिम शहीद हो गए थे। उन मुस्लिमों की रूहें आज भी इस मस्जिद में मौजूद हैं, जो अब बाबरी मस्जिद को शहीद होने से रोक रहे हैं।
सीएए विरोध के नाम पर बच्चे उकसाए जा रहे हैं। उनसे आजादी के नारे लगवाए जा रहे। कट्टरपंथी उनका ब्रेनवॉश कर रहे हैं। बावजूद इसके बच्चों के अधिकार का हवाला दे मीडिया गिरोह इनकी करतूतों का समर्थन कर रहा है।