पटना हाईकोर्ट ने यह फैसला सीआरपीएफ के एक पूर्व असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर की अपील पर सुनाया। जिन्होंने कुछ समय पहले पहली पत्नी के साथ गुजर-बसर करने के दौरान ही सीआरपीएफ की एक महिला कॉन्स्टेबल सुनीता उपाध्याय से शादी कर ली थी।
"मैं मजदूर हूँ। 5 महीने पहले पति मर गए। बेटे काम की तलाश में दरभंगा और नेपाल चले गए। एक महीने पहले जब मेरी बेटी खेत में धान काट रही थी, तभी अरमान अंसारी ने उसके साथ बलात्कार किया। उसे गर्भ भी ठहर गया। मैं चाहती थी कि वो मेरी बेटी से शादी कर ले, लेकिन उसने इनकार कर दिया और फिर जला कर मार भी डाला।"
शेखर गुप्ता ने दावा किया कि नागरिकता संशोधन विधेयक वह नहीं है, जिसके लिए भाजपा को वोट दिया गया था। जबकि थोड़ा सा गूगल कर लेते तो उनके जैसे 'वरिष्ठ' पत्रकार को लोकसभा चुनाव 2019 में BJP का घोषणापत्र मिल जाता, जिसमें साफ-साफ लिखा है कि...
यह पहला झूठ नहीं था, जिसे हरिशंकर ने अपने बेटे को बचाने के लिए बोला। इससे पहले वो बताया था कि उसका बेटा घटना वाले दिन लखनऊ में परीक्षा देने गया था। लेकिन एडमिट कार्ड या कोई दूसरा सबूत पेश नहीं कर पाया। फिर उसने हाईकोर्ट में अस्पताल की पर्ची जमा करवा दी। लेकिन अब यह भी फर्जी!
"8 दिसम्बर की रात मेरी बेटी शौच के लिए गई थी। वहीं से जाहिद, नसीर और ताहिर ने हथियार के बल पर उसका अपहरण कर लिया। फिर पास के जंगल में ले जाकर अपने साथियों अमर, बन्नू और बालू के साथ मिलकर उसका सामूहिक बलात्कार किया। फिर उन्होंने..."
राज्यसभा में अगर नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB, कैब) पास हो जाता है, तो बांग्लादेश से आए 5 लाख से ज्यादा बंगाली हिंदू, जिन्हें एनआरसी की अंतिम सूची में जगह नहीं मिल पाई थी, उन्हें नागरिकता मिल जाएगी।
नागरिकता संशोधन विधेयक का अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में विरोध शुरू। खुद को 'छात्र' कहने वाले उन्मादियों के समूह ने कैंपस में सभा की, जिसमें CAB को मुस्लिम विरोधी करार दिया गया। इसके बाद छात्रों ने नागरिकता संशोधन विधेयक की प्रतियाँ जलाईं और ‘हिंदुत्व मुर्दाबाद’ के नारे भी लगाए।
हुमा 8वीं कक्षा में पढ़ती है। पहले हुमा को किडनैप किया गया फिर जबरन धर्म परिवर्तन कराने के बाद अपहरण करने वाले अब्दुल जब्बार से उसका निकाह करा दिया गया। इसके बाद बड़े 'शान' से और 'हिम्मत' के साथ निकाह के कागज हुमा के माता-पिता के पास भेज दिया गया - यह इसलिए क्योंकि समझ जाओ कि बेटी अब दूसरे की हो गई, लापता-मिसिंग-कोर्ट-कचहरी जाने का कोई फायदा नहीं!