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ऑपइंडिया स्टाफ़

कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

J&K के किश्तवाड़ में तिरंगा फहराने के लिए भारतीय छात्रों को करना पड़ रहा है आन्दोलन

सरकारी डिग्री कॉलेज में छात्रों को राष्ट्रीय झंडा फहराने के लिए आंदोलनरत होना पड़ रहा है। सवाल है कि इसके लिए किसी अनुमति की आवश्यकता ही क्यों हो??

कुटाई की खबरों के बाद लौटा ‘आत्ममुग्ध बौना’, लोगों ने ‘जग्गा जासूस’ बनकर तलाशे घूँसों के निशान

आम आदमी पार्टी अध्यक्ष अरविन्द केजरीवाल काफी दिनों से गायब चलने के बाद आज लोकसभा चुनाव 2019 के लिए आम आदमी पार्टी का घोषणापत्र...

दुश्मनों से निपटने के लिए आर्मी बनाएगी 4 सुरंगे, रखे जाएँगे गोले-बारूद

इन सुरंगों का निर्माण भारतीय सेना के ऑपरेशन की तैयारियों के तहत किया जा रहा है जिससे सेना तक हथियार और गोला बारूद पहुँचाने में भी आसानी होगी।

क्या कुछ बदला है नरेंद्र मोदी द्वारा गोद लिए गाँव जयापुर में, टीवी पत्रकार ने दिखाया बदलाव

घर संख्या 1 के निवासी ने भूपेंद्र चौबे को बताया कि ये घर 5 वर्ष पहले (मोदी के आने के बाद) सरकारी रुपयों से बना। इसमें कमरा, बाथरूम, किचन वगैरह सबकुछ है। स्थानीय निवासियों ने कहा कि पक्का घर मिलने से झोंपड़ियों में रहा करते थे।

मोदी-शाह की सत्ता में वापसी के लिए ‘केवल राहुल गाँधी’ होंगे ज़िम्मेदार: केजरीवाल

"हम एक समय में कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन का सपना भी नहीं देख सकते थे। लेकिन देश में मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, हमने एक तरह के टाई-अप के लिए कॉन्ग्रेस से संपर्क किया। हमने कॉन्ग्रेस को समझाया कि मोदी-शाह को हराना क्यों महत्वपूर्ण है।"

बदले की राजनीति पर उतरी कॉन्ग्रेस, RSS से जुड़े लोगों को बर्खास्त करने की धमकी

कॉन्ग्रेस के मुख्यमंत्री पहले भी ऐसा कर चुके हैं। महत्वपूर्ण पदों पर करीबी अफसरों को बैठाने के लिए कॉन्ग्रेस सरकारों ने बड़े पैमाने पर तबादले किए थे। यह बात ज्यादा पुरानी भी नहीं, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान की है - पिछले साल की।

CJI यौन शोषण मामले में SC का फैसला: रिटायर्ड जस्टिस पटनायक करेंगे साजिश की जाँच

कोर्ट ने इस मामले में बड़ी साजिश का इशारा करते हुए कहा कि इसके पीछे बड़े और ताक़तवर लोग हो सकते हैं, लेकिन वे (साजिशकर्ता) जान लें कि वे आग से खेल रहे हैं।

7 दिन में 18 छात्रों ने की खुदकुशी: निजी कंपनी की गलती ने किया 3.28 लाख छात्रों को फेल

बुधवार को अभिभावकों और छात्रों के विरोध प्रदर्शन ने उस समय ज़ोर पकड़ा जब जी नव्या (G Navya) नाम की एक छात्रा को तेलगू विषय में शून्य अंक प्राप्त हुए, लेकिन जब दोबारा मूल्याँकन किया गया तो उस छात्रा ने 99 अंक प्राप्त किए।