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सरदार पटेल ने रोका, फिर भी ‘चाइना फर्स्ट’ रटते रहे नेहरू: चीन-पाकिस्तान पर भूल जयशंकर ने दिलाए याद, बताया क्यों PM मोदी लेकर आए ‘इंडिया फर्स्ट

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू भारत से आगे चीन के हितों को रखते थे। जयशंकर ने नेहरू पर आरोप लगाया कि वह चीन के खतरे को कम करके आँकते थे। उन्होंने यह बातें गुजरात में आयोजित एक कार्यक्रम में कहीं।

विदेश मंत्री एस जयशंकर गुजरात के अहमदाबाद में गुजरात चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उनसे यहाँ चीन को लेकर प्रश्न पूछा गया तो उन्होंने नेहरू की भूल को लेकर हमला बोला। उनसे पूछा गया था कि क्या भारत को चीन-पाकिस्तान द्वारा कब्जाए गए क्षेत्र वापस लेने पर सोचना चाहिए या वर्तमान स्थिति स्वीकार करनी चाहिए।

जयशंकर ने इस पर कहा, “1950 में तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल ने नेहरू को चीन को लेकर चेताया था। पटेल ने नेहरू से कहा था कि हम पहली बार चीन और पाकिस्तान के दोहरे मोर्चे का सामना कर रहे हैं, यह स्थिति पहले कभी नहीं आई। पटेल ने नेहरू से यह भी कहा था कि उन्हने चीनियों के कहे पर विश्वास नहीं है, उनके इरादे अलग लग रहे हैं और हमें इस सम्बन्ध में काफी सावधानी से काम लेना चाहिए।”

जयशंकर ने आगे कहा, “नेहरू ने पटेल से कहा था कि वह बेकार में चीनियों पर शक किया करते हैं, नेहरू ने यह भी कहा था कि हिमालय की तरफ से भारत पर हमला करना किसी के लिए भी असंभव है। नेहरू पूरी तरह से चीनी खतरे को नकार कर रहे थे, हर व्यक्ति जानता है उसके बाद क्या हुआ।”

भारत के संयुक्त राष्ट्र में सीट नकारने पर भी जयशंकर ने नेहरू ने हमला बोला। जयशंकर ने कहा, “जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट को लेकर बात हुई और भारत को इस सीट की पेशकश की गई तो नेहरू का रुख था कि हम भी सीट के हकदार हैं लेकिन पहले यह चीन को मिलनी चाहिए।”

जयशंकर ने कहा कि वर्तमान सरकार भारत प्रथम की नीति पर चल रही है। उन्होंने कश्मीर को संयुक्त राष्ट्र में ले जाने का मुद्दा भी उठाया। जयशंकर ने कहा कि सरदार पटेल कश्मीर विवाद को संयुक्त राष्ट्र नहीं ले जाना चाहते थे लेकिन नेहरू ने यही किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल को यह पता था कि संययुक्त राष्ट्र पक्षपात करता है। आप क्या ऐसे किसी न्यायाधीश के सामने अपना मामला लेकर जाएँगे जो पक्षपाती हो। उन्होंने कहा कि UN में मामला ले जाने पर हमें POK सैन्य कार्रवाई रोकनी पड़ी।

कश्मीर और चीन को लेकर नेहरू की गलतियों को दोहराने से पहले भाजपा कच्चातीवू द्वीपों को श्रीलंका को देने का मुद्दा भी हाल में उठा चुकी है। भारत और श्रीलंका के बीच में स्थित यह द्वीप 1976 के भारत-श्रीलंका समझौते में श्रीलंका को मिल गए थे। भाजपा ने एक RTI के हवाले से यह हमला बोला था।

1 महिला सहित 10 नक्सली ढेर, लाइट मशीनगन और AK 47 जैसे घातक अस्त्र बरामद: छत्तीसगढ़ में वामपंथी आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता

छत्तीसगढ़ के बीजापुर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर है। इस मुठभेड़ में कुल 10 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है जिसमें एक महिला भी शामिल है। मुठभेड़ में वॉन्टेड नक्सल कमांडर पापराव के मारे जाने की भी अपुष्ट सूचना आ रही है। हालाँकि पापराव के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मंगलवार (2 अप्रैल, 2024) की सुबह 6 बजे से शुरू हुई यह मुठभेड़ अभी तक जारी है। दोनों तरफ से रुक-रुक का फायरिंग चल रही है। सुरक्षा बलों को कोई बड़ी क्षति नहीं पहुँची है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस को कोरचोली और लेंड्रा के जंगलों में बड़ी तादाद में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इस सूचना पर पुलिस और CRPF की टीमों ने घटनास्थल की तरफ मूव किया। सूचना सही पाई गई और एक जगह पर PLG कम्पनी 2 के तमाम नक्सली मौजूद मिले। सुरक्षा बलों ने इनकी घेराबंदी की और सरेंडर करने को कहा। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने सरेंडर के बजाय जवानों पर गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं। मजबूरन आत्मरक्षा में सुरक्षा बलों को भी गोलियाँ चलानी पड़ीं।

दोनों तरफ से काफी देर तक रह-रह कर शाम तक गोलियाँ चलती रहीं। आखिरकार शाम तक कुल 10 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई। इनमें एक महिला भी शामिल बताई जा रही है। सर्च ऑपरेशन में LMG (लाइट मशीन गन) और AK-47 जैसे घातक हथियार बरामद किए गए हैं। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए हैं। सर्च अभियान अभी तक जारी है। सुरक्षा बलों की भाषा में यह एक क्लीन ऑपरेशन है जिसमें जवानों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है।

छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने रायपुर में इस मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मारे गए नक्सलियों और उनको पहुँचे नुकसान का आंकलन करवाया जा रहा है। एक अपुष्ट सूचना के मुताबिक मरने वालों में वांटेड नक्सल कमांडर पापराव भी शामिल है। हालाँकि, पापराव के मारे जाने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बस्तर रेंज के IG ने मीडिया को बताया कि सर्च अभियान पूरा होने के बाद ही मृत और घायल नक्सलियों के बारे में सटीक आँकड़े मिल पाएँगे। बताते चलें कि बस्तर रेंज में पिछले 7 दिनों में कुल 17 नक्सली सुरक्षा बलों के हाथों मारे जा चुके हैं।

‘जहाँ बननी थी सिपाहियों की बैरकें वहाँ हो रहे थे उर्स’: सपा सरकार में पुलिस को धमका कर थाने की जमीन पर बना दी मजार, हिट्रीशीटर है पूर्व MLA आरिफ अनवर हाशमी

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में पुलिस स्टेशन की जमीन को कब्ज़ा कर के मजार बनाने का मामला सामने आया है। यह मजार अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद बनाई गई थी। इस जगह पुलिस कॉन्स्टेबलों के रहने के लिए बैरकों का निर्माण होना था। अब पुलिस ने इस मामले में पूर्व सपा विधायक आरिफ अनवर हाशमी सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। FIR में नामजद मारूफ नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।

यह FIR सोमवार (1 अप्रैल, 2024) को दर्ज हुई है। ऑपइंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक, पूर्व सपा विधायक आरिफ अनवर और उसके साथियों के खिलाफ पहले से 2 दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।

अखिलेश सरकार में MLA ने डराया पुलिस को

यह मामला बलरामपुर जिले के थाना सदुल्लाहनगर का है। यहाँ सोमवार को लेखपाल सुनील कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में सुनील ने बताया कि साल 2013 में समाजवादी पार्टी के तत्कालीन विधायक आरिफ अनवर हाशमी ने धोखाधड़ी करते हुए पुलिस स्टेशन के नाम दर्ज जमीन को हड़पने की साजिश रची थी। तब सपा विधायक ने थाने और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को अपने रसूख से डराया और धमकाया था। थाने की जमीन पर एक मजार बना दी गई। इसका नाम ‘मजार शरीफ शहीद ए मिल्ल्त अब्दुल कुद्दूस शाह रहमतुल्लाह अलैह’ दिया गया।

बननी थी सिपाहियों की बैरकें, बना दी मजार

आनन-फानन में इस मजार की समिति भी बना डाली गई और सपा विधायक आरिफ के सगे भाई मारूफ को इसका मुतवल्ली भी नियुक्त कर दिया गया। आरिफ अनवर ने विधायक रहते हुए थाने की सरकारी जमीन को मजार शरीफ बाबा शहीद ए मिल्ल्त के नाम से कागजातों में दर्ज करवा दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार, जहाँ यह मजार बनवाई गई वहाँ कानून-व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस के सिपाहियों की बैरकों का निर्माण होना था। इसे आम जनता में डर बिठाने और सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने वाली हरकत करार दिया गया है।

गरीबों की जमीनों को भी हड़पने की थी तैयारी

शिकायतकर्ता लेखपाल ने सपा के पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी को घोषित भू-माफिया बताया है। पुलिस स्टेशन की जमीन पर कब्ज़ा कर के मजार बनाने के पीछे कमजोर और गरीब लोगों की जमीनों को औने-पौने दाम पर हड़पने की साजिश बताया गया है। सुनील कुमार ने यह भी बताया कि आरिफ और उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्यों पर पहले भी मुकदमे दर्ज हैं। शिकायत में आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

पुलिस ने इस मामले में सपा के पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी, उनके भाई मारूफ अनवर, आरिफ के परिवार के कुछ अन्य अज्ञात लोग और मज़ार के लिए बनी समिति के अज्ञात सदस्यों पर FIR दर्ज कर ली है। इन सभी पर IPC की धारा 420, 468, 120- बी, 186 और 434 के साथ सार्वजानिक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3/4 के तहत कार्रवाई की है। मंगलवार (2 मार्च, 2024) को पुलिस ने दबिश दे कर मारूफ को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। FIR में नामजद अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है।

झूठ को सच साबित करने के लिए अपनाए कई हथकंडे

ऑपइंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपितों द्वारा इस पूरे मामले को कानूनी झमेलों में फँसाए रखने की पूरी कोशिश की गई थी। मजार के मुतवल्ली मारूफ ने जिला अदालत सहित हाईकोर्ट तक पुलिस के खिलाफ शिकायतें दीं। इन शिकायतों में उन्होंने खुद को सही और पुलिस व जिला प्रशासन को गलत ठहराने की भरपूर कोशिशें की। अंत में हाईकोर्ट ने 18 दिसंबर 2023 को SDM उतरौला को आदेश दिया था कि वो इस मामले का 3 महीने के अंदर निस्तारण करें।

SDM उतरौला ने 19 मार्च 2024 को अपना आदेश सुनाया। इस आदेश में कागजातों की जाँच के बाद मजार समिति के तमाम दावों को गलत ठहराया गया। आखिरकार पुलिस ने धोखाधड़ी कर के मजार के नाम पर थाने की जमीन हड़पने वाले आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर के धरपकड़ शुरू कर दी है। मामले में मुख्य आरोपित पूर्व सपा विधायक आरिफ अनवर हाशमी अखिलेश यादव के काफी करीबी लोगों में गिने जाते हैं।

होने लगा था उर्स और बुलाए जाते थे बाहर से मौलवी

हमें मिली जानकारी के मुताबिक, महज 10 साल पहले बनी इस मजार पर उर्स तक का आयोजन किया जाने लगा था। दूर-दूर से यहाँ मौलवियों का आना-जाना शुरू हो गया था। जायरीनों की भी भीड़ जुटाई जाने लगी थी। यहाँ लोगों को झाड़-फूँक के नाम पर उनके दुःख-दर्द दूर होने के दावे भी किए जाने लगे थे। चादरपोशी की भी शुरुआत हो चुकी थी। बेहद कम समय में मजार को पक्की भी कर के उसका दायरा बढ़ाने की भी कोशिश की गई थी।

महुआ मोइत्रा के खिलाफ ED ने दर्ज की FIR: ‘घूस के बदले सवाल’ मामले में 3 बार समन को धता बता चुकी हैं TMC की पूर्व सांसद, इस बार ‘राजमाता’ से कड़ा मुकाबला

ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा के विरुद्ध ‘घूस के बदले सवाल’ के मामले में FIR दर्ज की है। बता दें कि महुआ मोइत्रा ने संसद वाले लॉगिन पोर्टल का अपना आईडी-पासवर्ड दुबई में कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के साथ साझा किया था। इस तरह वो संसद में जो भी सवाल पूछती थीं, उसके जरिए अडानी समूह को खासकर निशाना बनाया जाता था। इस मामले के सामने आने के आबाद उनकी सांसदी चली गई और उन्हें अपना सरकारी आवास भी खाली करना पड़ा था।

ED ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002) के खिलाफ दर्ज किया गया है। इससे पहले ED ने उन्हें समन भेज कर पेश होने के लिए भी कहा था, लेकिन उन्होंने पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र में बतौर TMC प्रत्याशी चुनाव प्रचार में व्यस्त होने की बात कह नई दिल्ली स्थित जाँच एजेंसी के दफ्तर में हाजिर होने में असमर्थता जताई थी। ED ने उनके और कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के विरुद्ध ‘विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम’ (FEMA) के तहत समन भेजा था।

महुआ मोइत्रा 3 बार ED के समन को धता बता चुकी हैं। इस बार कृष्णानगर में भाजपा ने उनके खिलाफ राजमाता अमृता रॉय को उतारा है। राजमाता ने कहा कि CAA से मतुआ समुदाय को फायदा होगा। उन्होंने पश्चिम बंगाल में TMC के कुशासन को अपने भाजपा में शामिल होने की वजह बताया। वो महाराजा कृष्णचंद रॉय के परिवार से ताल्लुक रखती हैं और उन्हें राजबारी की राजमाता की उपाधि प्राप्त है। वो पेशे से फैशन डिजाइनर हैं। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य को मुख्य फोकस बताया

महुआ मोइत्रा पूर्व में इन्वेस्टमेंट बैंकर रही हैं। लोकपाल के आदेश के बाद CBI ने 49 वर्षीय पूर्व सांसद के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। हाल ही में उन्होंने चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत दायर कर आरोप लगाया था कि भाजपा CBI-ED को लगा कर उन्हें चुनाव प्रचार से रोक रही है। महुआ मोइत्रा पर अपने पूर्व पार्टनर जय अनंत देहाद्राई का कुत्ता चुराने का भी आरोप लगाया था, जो उन्हें बाद में लौटाना पड़ा। महुआ मोइत्रा जहाँ अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं, राजमाता उन्हें कोई चुनौती नहीं मानतीं।

‘तुम हिन्दू इसी लायक हो, तुम्हारा कोई भगवान बचाने नहीं आने वाला’: 2 हिन्दू बच्चों को उनके मुस्लिम साथियों ने ही पीटा, भगवान राम को भी बकी माँ की गाली

महाराष्ट्र में मुंबई के पास मीरा रोड पर साम्प्रदायिक तनाव की खबर है। यहाँ मुस्लिम समाज के कुछ लोगों पर 2 नाबालिग हिन्दुओं को पीटने और भगवान राम के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। पिटाई के दौरान हमलावरों ने कहा कि अब उन्हें कोई भगवान आ कर नहीं बचा पाएगा। पुलिस ने 4 नाबालिगों सहित कुल 6 आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना सोमवार (1 अप्रैल 2024) की है।

यह घटना ठाणे जिले में पड़ने वाले मीरा रोड के काशीगाँव इलाके की है। पीड़ित बच्चे के पिता ने 2 अप्रैल को पुलिस में शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके नाबालिग बेटे की दोस्ती एक हमउम्र मुस्लिम लड़के से है। 30 मार्च 2024 मुस्लिम लड़का पीड़ित के घर खेलने आया था। इस दिन किसी बात पर दोनों दोस्तों में कहासुनी हुई। कहासुनी के बाद मुस्लिम लड़के ने अपने हिन्दू साथी को गंदी-गंदी गालियाँ दीं। साथ ही उसने अपने साथी से कहा कि जब वो बेरहमी से पीटा जाएगा तो कोई भी देवता उसे बचाने नहीं आएगा।

शिकायत में यह भी बताया गया है कि कहासुनी के दौरान आरोपित ने न सिर्फ पीड़ित बल्कि भगवान राम को भी माँ की गाली दी और मा#र#द जैसे आपत्तिजनक शब्द कहे। पीड़ित हिन्दू लड़के ने यह बात अपने घर में बताई। अगले दिन 31 मार्च को पीड़ित परिवार द्वारा शिकायत करने के बाद आरोपित अपने साथ 5 और मुस्लिमों को भी ले आया। उसने पीड़ित परिवार को जान से मार डालने की धमकी दी। बताया जा रहा है कि 1 अप्रैल को जब हिन्दू बच्चा स्कूल जा रहा था तो आरोपित ने अपने 5 साथियों के साथ उसे रोक लिया। इन सभी ने मिल कर हिन्दू छात्र को बेरहमी से मारा।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, हमलावारों ने कहा, “तुम हिन्दू इसी लायक हो। तुम्हारा कोई भगवान तुम्हें आ कर नहीं बचाने वाला।” इस शिकायत पर पुलिस ने 4 नाबालिगों सहित कुल 6 हमलावरों के विरुद्ध FIR दर्ज कर ली है। ये सभी मुस्लिम समुदाय से हैं। इन पर IPC की धारा 147, 149, 323, 504, 295-A, 153- A और 143 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी के लिए ऑपइंडिया ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को सम्पर्क किया। हालाँकि उनसे सम्पर्क नहीं हो पाया। पुलिस का वर्जन आने के बाद उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।

ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पीड़ित छात्र के पिता ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने हमलावरों द्वारा अपनी धार्मिक भावनाओं को आहत किए जाने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की माँग की। साथ ही उन्होंने कहा कि हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

17 साल की छात्रा ने की आत्महत्या, आंध्र के इंजीनियरिंग कॉलेज में यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग: सुसाइड नोट में लिखा – कई लड़कियों के साथ हो रहा ये सब

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक कॉलेज में पढ़ने वाली डिप्लोमा फर्स्ट ईयर की छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबर है। 17 वर्षीया मृतका के परिजनों ने आत्महत्या की वजह यौन उत्पीड़न को बताया है। मौत से पहले छोड़े गए सुसाइड नोट में भी पीड़िता ने कॉलेज से जुड़े कई स्टाफ पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने POCSO और रैंगिंग एक्ट सहित अन्य धाराओं में FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना गुरुवार (28 मार्च, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना विशाखापट्टनम के चैतन्य इंजीनियरिंग कॉलेज की है। गुरुवार (28 मार्च, 2024) को कॉलेज प्रशासन ने फर्स्ट ईयर डिप्लोमा की छात्रा के माता-पिता को बताया कि रात 9 बजे के बाद से उनकी बेटी लापता है। बाद में पता चला कि छात्रा ने आत्महत्या कर लिया था। आत्महत्या से पहले पीड़िता ने अपने परिजनों के नाम एक सुसाइड नोट लिखा है। इस सुसाइड नोट में पीड़िता ने आरोप लगाया कि कॉलेज के कई स्टाफ ने उनका और कुछ अन्य छात्राओं का यौन शोषण किया।

बताया जा रहा है कि आरोपितों के पास पीड़िता व अन्य छात्रों की तस्वीरें भी हैं जिनका वो गलत ढंग से दुरुपयोग कर रहे हैं। आरोपितों ने पीड़िता को धमकी भी दी थी जिसमें कहा गया था कि किसी को भी बताने पर उसके तमाम फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएँगे। छात्रा के भाई ने अपनी बहन के साथ कॉलेज स्टाफ द्वारा यौन शोषण का आरोप लगाया है। वहीं मृतका के पिता ने पुलिस में शिकायत दे कर आरोपित स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

छात्रा के घर वालों ने इस घटना के पीछे कॉलेज के मैनेजमेंट की उदासीनता और अनदेखी को भी जिम्मेदार माना है। कॉलेज प्रशासन ने अपने परिसर में छात्रा की मौत होना स्वीकार किया है। मृतका के भाई के मुताबिक, उनकी बहन के शरीर पर खून के निशान नहीं पाए गए हैं। पुलिस ने मृतका के परिजनों की शिकायत पर आरोपित कॉलेज स्टाफ के खिलाफ पॉक्सो और रैंगिंग एक्ट की धाराओं में FIR दर्ज कर लिया है। मामले की जाँच की जा रही है। मृतका के घर वालों ने न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि पुलिस खुद को राजनैतिक कार्यक्रमों और IPL की वजह से व्यस्त बता रही है।

वायनाड से लड़ने पर राहुल गाँधी को ‘दोस्त’ ही सुना रहे खरी-खोटी, केजरीवाल की गिरफ्तारी के लिए भी कॉन्ग्रेस को बता रहे जिम्मेदार: केरल में INDI को लेफ्ट ही रहा लताड़

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राहुल गाँधी की वायनाड से चुनाव लड़ने के फैसले पर क्लास लगाई है। उन्होंने राहुल गाँधी से पूछा है कि आखिर वो वायनाड में सीपीआई (एम) द्वारा खड़े किए गए प्रत्याशी के खिलाफ क्यों खड़े हो रहे हैं जबकि दोनों ही दल INDI गठबंधन का पार्ट है। केरल सीएम ने दिल्ली में मुख्यमंत्री केजरीवाल के जेल जाने का ठीकरा भी कॉन्ग्रेस पर फोड़ा है।

उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि वायनाड में राहुल गाँधी की प्रतिद्वंदी भाजपा नहीं बल्कि लेफ्ट डेमोक्रेटिस फ्रंट (LDF) की उम्मीदवार एनी राजा हैं। उन्होंने कहा कि गाँधी को यहाँ से चुनाव लड़ने की बजाय कहीं ऐसी जगह से लड़ना चाहिए जहाँ से वो सीधा भाजपा को हरा सकें।

उन्होंने राहुल गाँधी के वायनाड से लड़ने वाले निर्णय पर सवाल खड़े करते हुए कहा, “उनका (राहुल गाँधी) कॉन्ग्रेस में अहम रोल है वो फिर यहाँ से क्यों लड़ रहे हैं? क्या उनकी लड़ाई यहाँ सुरेंद्रन या भाजपा से होगी? यहाँ LDF बड़ी ताकत है। अगर वो यहाँ से लड़ेंगे तो लेफ्ट से लड़ेंगे।” उन्होंने पूछा कि क्या INDI गठबंधन का दिग्गज नेता INDI के ही दूसरे दल LDF के साथ लड़ेगा? इससे क्या समझना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी का मुकाबला सीपीआई (एम) की एनी राजा से होगा। वो एक वरिष्ठ नेता हैं। विजयन कहते हैं कि हर कोई सवाल उठा रहा है कि राहुल गाँधी सीधे तौर पर बीजेपी से क्यों मुकाबला नहीं कर रहे। उन्होंने आगे एनी राजा की तारीफ भी की।

केजरीवाल की गिरफ्तारी के लिए कॉन्ग्रेस को बताया जिम्मेदार

बता दें कि इससे पहले केरल सीएम ने नई दिल्ली में आयोजित रैली के एक दिन बाद केजरीवाल के जेल जाने में कॉन्ग्रेस का एक महत्वपूर्ण हाथ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वो कॉन्ग्रेस पार्टी थी जिसने दिल्ली सरकार के खिलाफ आरोप लगाए, ईडी जाँच की माँग की और मामले के संबंध में शिकायत दर्ज की।

उन्होंने कॉन्ग्रेस को ये भी कहा कि जब वो गैर कॉन्ग्रेस गलों पर हमला करते हैं, उनकी आलोचना करते हैं तो उन्हें आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने ये भी गौर करवाया कि जब दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया को गिरफ्तार किया गया था, तब कॉन्ग्रेस ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की माँग की थी। बाद में कॉन्ग्रेस ने अपना रुख बदल लिया। उन्होंने कॉन्ग्रेस से उसकी गलती स्वीकार करने को कहा और इस ओर भी इशारा किया कि वो माफी माँगे।

बजट 9 गुना, 51 वंदे भारत, मेघालय ने पहली बार देखी रेल… मोदी राज में सरपट भाग रही रेलवे: मुट्ठी में ‘बुलेट’ रफ्तार का स्वप्न, यात्रा सुगम भी-सुरक्षित भी

रेलवे भारत में आवागमन का सबसे सुगम और सस्ता साधन है। भारतीय रेल रोज 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचाती है। रेलवे देश के उत्तर को दक्षिण और पूर्व को पश्चिम से जोड़ती है। मोदी सरकार के बीते कुछ सालों में भारतीय रेलवे का नया अवतार सामने आया है। वन्दे भारत ट्रेनें, बिना धुएँ वाले इंजन, बिजली से दौड़ती गाड़ियाँ और शानदार नए रेलवे स्टेशन आज भारतीय रेलवे की पहचान हैं। आज कश्मीर भी बाकी देश से रेलवे से जुड़ा है। हालाँकि, यह स्थिति हमेशा से नहीं थी।

2014 से पहले तक रेलवे सुस्त रूप से बदल रही थी। अधिकाँश रेल नेटवर्क वही था जो कि अंग्रेज इस देश में छोड़ गए थे। रेलवे का बड़ा हिस्सा डीजल पर चलता था। इससे प्रदूषण और विदेशों पर निर्भरता दोनों बढ़ते थे। जहाँ बाकी विश्व तेज रफ्तार ट्रेन चला रहा था तो वहीं भारत लम्बे समय तक उन्हीं धीमी गति की गाड़ियों में चल रहा था। प्रीमियम ट्रेनों, जैसे कि शताब्दी और राजधानी की सँख्या भी सीमित थी। ऐसे में मोदी सरकार को रेलवे के चहुमुखी परिवर्तन के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी है।

UPA सरकार से 72% ज्यादा बिछी पटरियाँ, कई शहरों को मिलीं बड़ी लाइन

मोदी सरकार देश में नई रेल लाइन बिछाने, पुरानी रेल लाइन के दोहरीकरण और साथ ही उनके नवीनीकरण को लेकर काम करती रही है। मोदी सरकार से पहले UPA के 10 वर्षों के शासनकाल में देश में 14,985 रेल किलोमीटर(RKM) रेल लाइन बिछाई गईं थी। मोदी सरकार ने 2023 के अंत तक देश में 25,871 किलोमीटर से अधिक रेल लाइन बिछा दी थीं। इसके अलावा रेलवे पटरियों पर दबाव कम करने और दुर्घटनाओं को घटाने के लिए आवश्यक रेलवे के दोहरीकरण को भी रफ्तार मिली।

मोदी सरकार में रेल लाइन
(चित्र BG साभार: Trainwalebhaiya/X)

मोदी सरकार के अंतर्गत देश के 14 हजार किलोमीटर से अधिक नेटवर्क को दोहरीकृत किया गया। इसके अलावा 5,750 किलोमीटर से अधिक छोटी लाइन को बड़ी लाइन में बदला गया। एक आँकड़े के अनुसार, मोदी सरकार ने 2022-23 में 14 किलोमीटर/प्रतिदिन रेलवे लाइन बिछाई गई, 2023-24 में इसे 16 किलोमीटर/प्रतिदिन करने का लक्ष्य है। यानी यह इलाके भी बाकी देश से सीधे जुड़ गए। मोदी सरकार मेघालय में पहली बार रेल पहुँची। नागालैंड को 100 वर्षों के बाद दूसरा स्टेशन मिला।

डीजल का धुआँ पीछे, अब रेल में बिजली की रफ़्तार

रेलवे क्षेत्र में मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रेलवे का बिजलीकरण है। मोदी सरकार ने रेलवे के बिजलीकरण को युद्धस्तर पर किया है। इस प्रयास के चलते अब देश का 94% रेलवे रूट बिजलीकृत हो गया है। देश के 14 राज्यों में तो 100% रेलवे रूट बिजलीकृत किया जा चुका है। देश की आजादी के बाद जितना रेलवे रूट बिजलीकृत किया गया था, उससे दोगुना रूट मोदी सरकार ने अकेले 10 वर्षों में कर दिया है।

मोदी सरकार में बिजलीकरण
(चित्र BG साभार: Trainwalebhaiya/X)

मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले देश का 21,801 किलोमीटर रेलवे रूट बिजलीकृत था। वर्तमान में यह सँख्या 61,813 किलोमीटर है। यानी अब पहले की सरकारों के मुकाबले तीन गुना अधिक रूट बिजलीकृत है। रेलवे के बिजलीकरण से काफी फायदे हुए हैं।

सबसे बड़ा फायदा डीजल की खपत में हुआ है, जिसके आयात के लिए भारत दूसरे देशों पर निर्भर है। रेलवे द्वारा दिए गए एक आँकड़े के अनुसार, 2014-15 में देश में रेलवे द्वारा 285 करोड़ लीटर डीजल खर्च होता था। यह 2020-21 में घट कर 95 करोड़ लीटर रह गया। यानी यह एक तिहाई से हो गया। इससे विदेशों से तेल खरीदने के लिए जाने वाली विदेशी मुद्रा में भी कमी आई और साथ ही रेलवे के कारण होने वाले प्रदूषण पर भी लगाम लगी।

नई ट्रेने लाने में भी मोदी सरकार अव्वल

मोदी सरकार जहाँ पुरानी व्यवस्थाओं को बदल रही है तो वहीं नई ट्रेन भी ला रही है। भारत में निर्मित वन्दे भारत अब देश के लोगों को तेजी से आवागमन में सहायता कर रही है। मोदी सरकार के दौरान देश को गतिमान एक्स्प्रेक्स और तेजस एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें भी मिली हैं। पुरानी सरकारों से अगर तुलना की जाए तो यह भी एक बड़ी उपलब्धि है। मोदी सरकार में शुरू हुई वन्दे भारत मात्र 4-5 वर्षों के भीतर ही 51 की संख्या में पहुँच गई हैं।

इसकी तुलना ऐसी ही पूर्ववर्ती ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस से जाए तो यह 1988 में शुरू होकर भी 2017 तक मात्र 21 सेवाओं तक ही पहुँची थी। यानी जहाँ 30 वर्षों में मात्र 34 शताब्दी चलाई गईं, वहीं देश में मात्र 5 वर्षों में 51 वन्दे भारत चल गईं। इन 51 में से भी 49 वन्दे भारत दो वर्ष के भीतर चलाई गई हैं। मोदी सरकार जल्द ही स्लीपर वन्दे भारत भी लाने वाली है।

रेल दुर्घटनाएँ हुईं एक तिहाई, सरकार ने सुरक्षा पर खर्चे ₹1 लाख करोड़

मोदी सरकार के काल में रेलवे सुरक्षा पर काफी जोर दिया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से देखा जाए तो मोदी सरकार में रेलवे दुर्घटनाओं की सँख्या में भी कमी आई है। 2004 से 2014 के दौरान देश में प्रति वर्ष औसतन 171 रेल दुर्घटनाएं हुई थी। मोदी सरकार के अंतर्गत 2014 से लेकर 2023 में यह सँख्या घट कर 70 दुर्घटना प्रति वर्ष हो गई। सरकार ने इस दौरान बड़ी धनराशि रेलवे में सुरक्षा बढ़ाने को खर्ची है। एक रिपोर्ट के अनुसार, मोदी सरकार ने 2017-18 से 2021-22 के बीच में रेल सुरक्षा पर ₹1.08 लाख करोड़ खर्चे।

इस धनराशि से मानवरहित फाटकों का उन्मूलन, नए सिग्नल, पटरियों को सुधारना एवं मरम्मत के काम किए गए। मोदी सरकार ने मानवरहित समपार फाटकों को भी देश में खत्म कर रहा है। देश के बड़ी लाइन के रूट पर वर्तमान में एक भी मानवरहित क्रासिंग नहीं है। देश के मुख्य रेलमार्गों पर कवच तकनीक लगाई जा रही है जिससे ट्रेनों के आपस में टकराने की समस्या को पूरी तरीके से खत्म किया जा सकेगा।

रेलवे का बजट बढ़ा, स्टेशनों का भी हो रहा पुनर्विकास

मोदी सरकार में रेलवे को बड़ी मात्रा में पैसा भी दिया गया है। 2014 में जहाँ रेलवे को लगभग ₹29,000 करोड़ का बजट दिया गया था। 2024-25 में यह बजट लगभग 8 गुना बढ़ कर ₹2.55 लाख करोड़ हो चुका है। मोदी सरकार रेलवे में नई लाइन और बिजलीकरण के अलावा स्टेशनों के पुनर्विकास पर भी काम कर रही है। हाल ही में पीएम मोदी देश के 550 से अधिक स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन के रूप में विकसित करने को लेकर हरी झंडी दिखाई दी थी।

(चित्र BG साभार: Trainwalebhaiya/X)

इन सबके अलावा मोदी सरकार अहमदाबाद से मुंबई के बीच बुलेट ट्रेन भी चलाने वाली है। इसका काफी काम पूरा हो गया है। जिस गति से काम हो रहा है, यदि यही गति बनी रहे तो अगले कुछ सालों में रेलवे का काफी बदला रूप दिखने वाला है।

‘कॉन्ग्रेस ने हमारी सेना को आत्मनिर्भर नहीं बनने दिया, हमने ₹21000 करोड़ पहुँचाया रक्षा निर्यात’: राजस्थान में बोले PM – मोदी 10 सालों से बुझा रहा इनकी लगाई आग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (2 अप्रैल, 2024) को राजस्थान के कोटपूतली में ‘विजय शंखनाद रैली’ को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रौं के साथ अपने दौरे को याद करते हुए ‘जयपुर के जलवा’ की बात की। उन्होंने कहा कि राजस्थान के लोग हमेशा देश की मजबूती के लिए खड़े रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि 2024 के इस चुनाव में देश की सियासत फिर 2 खेमों में बँटी नजर आ रही है – एक तरफ राष्ट्र प्रथम का संकल्प लेकर चलने वाली भाजपा है, तो दूसरी तरफ देश को लूटने के मौके तलाशने वाली कॉन्ग्रेस पार्टी है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि आज एक ओर देश को परिवार मानने वाली भाजपा है, तो दूसरी ओर अपने परिवार को देश से बड़ा मानने वाली कॉन्ग्रेस है। उन्होंने कहा कि आज एक ओर दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाने वाली भाजपा है, तो दूसरी ओर विदेश में जाकर भारत को गाली देने वाली कॉन्ग्रेस है। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी देशविरोधी, परिवारवादी ताकतों के खिलाफ राजस्थान हमेशा खड़ा रहा है। उन्होंने याद किया कि कैसे 2014 और 2019 में राजस्थान ने BJP को 25 की 25 सीटें दी थीं।

बकौल पीएम मोदी, अब 2024 में भी राजस्थान 25 की 25 सीटें देने का फैसला कर चुका है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2024 का ये चुनाव कोई सामान्य चुनाव नहीं है, बल्कि ये चुनाव विकसित राजस्थान और विकसित भारत के संकल्प का चुनाव है। पीएम मोदी ने गरजा की कि पूरा राजस्थान कह रहा है 4 जून – 400 पार! पीएम मोदी ने कहा कि ये चुनाव भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए है, भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए है, आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के लिए है, किसानों की समृद्धि के संकल्प का चुनाव है और घर-घर नल से जल पहुँचाने का चुनाव है।

राजस्थान के कोटपूतली में पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस और उसका I.N.D.I. गठबंधन देश के लिए नहीं बल्कि अपने स्वार्थ के लिए चुनाव लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ये पहला ऐसा चुनाव है, जिसमें परिवारवादी पार्टियाँ अपने परिवार को बचाने के लिए रैली कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये पहला ऐसा चुनाव है, जिसमें सारे भ्रष्टाचारी मिलकर भ्रष्टाचार पर कार्रवाई रोकने के लिए रैली कर रहे हैं। ये पहला ऐसा चुनाव है, जिसमें कॉन्ग्रेस के बड़े नेता खुद के चुनाव जीतने की बात पर मौन हैं, लेकिन वो देश को धमकी दे रहे हैं कि अगर BJP जीती तो देश में आग लग जाएगी।

बता दें कि राहुल गाँधी ने भाजपा की लगातार तीसरी जीत के बाद देश भर में आग लगने की बात की थी। इस पर पीएम ने कहा कि मोदी 10 साल से इनकी लगाई हुई आग को बुझा रहा है। प्रधानमंत्री ने ध्यान दिलाया कि कॉन्ग्रेस के लोगों ने अपने खतरनाक इरादे जताना शुरू कर दिए हैं, इसीलिए देश को बचाने के लिए, देश का भविष्य बनाने के लिए, आपकी आने वाली पीढ़ी की जिंदगी के सुख और समृद्धि के लिए ये चुनाव बहुत अहम है। बकौप पीएम मोदी, आज देश में BJP की मजबूत और निर्णायक सरकार की जरूरत और ज्यादा बढ़ गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं परिवारवादी पार्टियों और उनके भ्रष्टाचार पर सवाल उठाता हूँ, इसीलिए मैं उनके निशाने पर हूँ। वो मुझे गालियाँ देते हैं और कहते हैं कि मोदी का कोई परिवार नहीं है। मेरे लिए तो आप ही मेरा परिवार हैं। मेरा भारत, मेरा परिवार है। आज देश में BJP का मतलब है – विकास और समाधान! लेकिन कॉन्ग्रेस का मतलब है – देश की हर बीमारी की जड़! आप देश की कोई भी बड़ी समस्या देखेंगे, तो उसकी जड़ में कॉन्ग्रेस पार्टी ही नजर आएगी।”

पीएम मोदी ने राहुल गाँधी की पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए आगे कहा, “आज़ादी के 7 दशकों तक देश में ग़रीबी रही, कॉन्ग्रेस की वजह से। भारत को नई टेक्नोलॉजी, रक्षा सामान के लिए दूसरे देशों की ओर देखना पड़ता था, कॉन्ग्रेस की वजह से। कॉन्ग्रेस ने कभी हमारी सेना को आत्मनिर्भर नहीं होने दिया। कॉन्ग्रेस के समय में भारत की पहचान दुनिया के सबसे बड़े हथियार आयात करने वाले देश की थी। आज भाजपा सरकार के समय भारत की पहचान हथियार निर्यात करने वाले देश के तौर पर बन रही है।”

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि कैसे हाल ही में भारत ने रक्षा निर्यात में नया रिकॉर्ड बनाया है। आज़ादी के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब भारत ने 21 हजार करोड़ रुपए का रक्षा सामान निर्यात किया है। पीएम ने कहा कि भारत आज 80 से ज्यादा देशों को ‘मेड इन इंडिया’ हथियार बेचता है। उन्होंने नारा दिया – नीयत सही, तो नतीजे सही। पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि 10 साल में जो हुआ, वो तो सिर्फ ट्रेलर है। उन्होंने कहा कि अभी तो बहुत कुछ करना है, अभी तो हमें देश और राजस्थान को बहुत आगे लेकर जाना है। साथ ही ऐलान किया कि BJP सरकार का तीसरा कार्यकाल ऐतिहासिक और निर्णायक फैसलों के कार्यकाल होने वाला है।

दिल्ली के CM आवास में सुनीता केजरीवाल का सजा ‘दरबार’, AAP विधायकों-मंत्रियों की लगी हाजिरी: 6 महीने बाद संजय सिंह को बेल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा – यह मिसाल नहीं

AAP नेता संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। वहीं उधर पति अरविंद केजरीवाल की अनुपस्थिति में पत्नी सुनीता केजरीवाल ने AAP (आम आदमी पार्टी) के विधायकों की बैठक बुलाई है। बता दें कि अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह, दोनों ही शराब घोटाले में जेल में हैं। पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी इसी मामले में जेल जा चुके हैं। अरविंद केजरीवाल की गैर-मौजूदगी में सुनीता को ही पार्टी व सरकार का सर्वेसर्वा माना जा रहा है।

सुनीता केजरीवाल ने बुलाई AAP विधायकों की बैठक

अरविंद केजरीवाल के जेल में जाने के बाद ये सवाल लगातार उठ रहे हैं कि दिल्ली में सरकार कैसे चलेगी। इसी बीच सुनीता केजरीवाल एक्शन में आ गई हैं। पहले उन्होंने 3 बार अपने पति वाली कुर्सी से बैठ कर मीडिया को संबोधित किया, उसके बाद रामलीला मैदान में I.N.D.I. गठबंधन की रैली में भी भाषण दिया। दिल्ली में AAP के 62 विधायक हैं। अब सभी विधायक व मंत्री सुनीता केजरीवाल से मिलने पहुँचे, जिनमें आतिशी, सौरभ भरद्वाज, कैलाश गहलोत और गोपाल राय शामिल थे। 62 में से 55 MLA इसमें पहुँचे।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री आवास पहुँच कर सभी मंत्री-विधायकों ने सुनीता केजरीवाल से मिल कर उन्हें बताया कि वो सब उनके साथ हैं। बकौल सौरभ भारद्वाज, जेल में बंक CM और पार्टी के बीच सुनीता एक सेतु हैं। इस घटनाक्रम पर दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि AAP में सत्ता संघर्ष चल रहा है, कोई किसी पर भरोसा नहीं करता। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ रही है, AAP नेताओं के नाम सामने आते जा रहे हैं। सुनीता केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाए जाने की भी अटकलें हैं।

संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

वहीं मंगलवार (2 अप्रैल, 2024) को ही AAP के राजयसभा सांसद संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी। ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने कहा है कि अब उन्हें कस्टडी में रखने की आवश्यकता नहीं है। जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस प्रसन्ना V वराले ने ये फैसला सुनाया। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ASG राजू से कहा था कि वो PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के सेक्शन-45 के तहत संजय सिंह को बेल दे सकता है, ये सेक्शन कहता है कि आरोपित के दोषी प्रतीत न होने या जमानत पर बाहर होने के दौरान उसके अपराध में फिर से शामिल न होने की संभावना पर बेल दी जा सकती है।

साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कारोबारी दिनेश अरोड़ा जो इस मामले में आरोपित है और अब सरकारी गवाह बन चुका है, उसने अपने शुरुआती बयानों में संजय सिंह का नाम नहीं लिया था। संजय सिंह 4 अक्टूबर, 2023 को ED द्वारा गिरफ्तार किए गए थे। 2 दिसंबर को ट्रायल कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका ख़ारिज कर दी थी। वहीं 9 फरवरी को हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था। आरोप है कि शराब घोटाले में दिनेश अरोड़ा ने संजय सिंह के करीबी को 1 करोड़ रुपए दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने बेल देते हुए कहा कि इस केस को मिसाल न माना जाए।