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PM मोदी पर जातिवादी टिप्पणी की जाँच करेगा पिछड़ा आयोग, बंगाल के DGP से माँगी रिपोर्ट: TMC नेता ने कहा था- तेली के बेटे ने राम मंदिर में कैसे की पूजा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर जातिवादी टिप्पणी करने वाले तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) नेता पियूष पांडा पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग सख्त हो गया है। आयोग ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी से इस मामले में की गई कार्रवाई का ब्यौरा माँगा है। आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष हंसराज अहीर ने इस मामले में जाँच के आदेश भी दिए हैं।

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी को मंगलवार (2 अप्रैल, 2024) को लिखे पत्र में कहा, “समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को यह जानकारी प्राप्त हुई है कि तृणमूल कांग्रेस नेता पियूष पांडा ने भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया है।”

आयोग ने आगे लिखा, “भारत के प्रधानमंत्री पद पर बैठे हुए पिछड़े वर्ग के व्यक्ति के विरूद्ध की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री हंसराज गंगाराम अहीर ने गम्भीरता से लेते हुए जाँच करने का विनिश्वय किया है।”

आयोग ने इस सम्बन्ध में संविधान के अनुच्छेद 338(ख) के तहत पश्चिम बंगाल के डीजीपी से इस मामले में की गई कार्रवाई का ब्यौरा देने को कहा है। यह ब्यौरा डीजीपी को शपथ पत्र पर देना होगा। इससे पहले पियूष पांडा के बयान को लेकर भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से कार्रवाई की माँग की थी।

इस कार्रवाई को लेकर आयोग के अध्यक्ष हंसराज अहीर ने कहा, “प्रधानमंत्री सरीखे उच्च पद पर बैठे व्यक्ति की जाति का नाम लेकर राम मंदिर उद्घाटन करने के अधिकार सम्बन्धी विचार व्यक्त किए जाते हैं तो यह आपत्तिजनक स्थिति है। इस सम्बन्ध में सुवेंदु अधिकारी ने मुझे शिकायत भेजी है। मैं निश्चित रूप से इस पर कार्रवाई करने जा रहा हूँ।”

पांडा के बयान को सामने लाने वाले पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले पर कार्रवाई करने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हंसराज अहीर का धन्यवाद किया है। सुवेंदु अधिकारी ने पीएम मोदी को ‘तेली के बेटे’ कहे जाने को लेकर पियूष के खिलाफ कार्रवाई की माँग थी और कहा था कि TMC सुप्रीमो बनर्जी ने ऐसे नेताओं को छूट दी हुई है।

गौरतलब है कि TMC नेता पियूष पांडा का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जाति (तेली) बताते हुए अपमानजनक भाषा का उपयोग कर रहे थे। उन्होंने इस बयान में कहा था, “नरेन्द्र मोदी अहंकारी हैं, वह तेली (जाति) के बेटे हैं, वह राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा और पूजा कैसे कर सकते हैं जहाँ किसी ब्राम्हण को नहीं बुलाया गया। फिर ब्राम्हणों का क्या काम है, मैं अपना जनेऊ प्रधानमंत्री कार्यालय भेज दूँगा। मैं कोंटई बस स्टैंड पर बैठ का जूते पॉलिश करूँगा।”

पियूष पांडा ने पीएम मोदी पर जातिवादी टिप्पणी के अलावा और भी कई बातें कही थीं। उन्होंने पीएम मोदी की डिग्री और चाय बेचने को लेकर भी प्रश्न उठाए थे। पांडा ने कहा था कि आज से 50-60 साल पहले देश में कम्प्यूटर और टाइपराइटर नहीं थे लेकिन पीएम मोदी की डिग्री कम्प्यूटराइज्ड है।

पियूष पांडा ने कहा था, “वह (पीएम मोदी) कौन से स्टेशन पर चाय बेंचते थे? क्या आपको नाम पता है? किस स्टेशन पर भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री चाय बेचा करते थे? बहुत जल्द वह पूर्व प्रधानमंत्री हो जाएँगे। अगर कोई मुझे यह बता देगा कि वह किस स्टेशन पर चाय बेचा करते थे तो मैं राजनीति से संन्यास ले लूँगा।” गौरतलब है कि यह सर्वविदित है पीएम मोदी गुजरात के वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय बेचा करते थे। यहाँ पर उनकी वह चाय की दुकान अब भी सुरक्षित है।

पांडा ने पीएम मोदी की शिक्षा को लेकर कहा था, “वह 70 साल के हैं, कोई बता सकता है कि 50 साल पहले जारी किए गए प्रमाण पत्र कहाँ हैं, तब पेन से लिख कर जारी किए जाते थे, लेकिन मोदी जी के प्रमाणपत्र कम्यूटर से जारी हैं। 50 साल पहले देश में कम्यूटर और टाइपराइटर भी नहीं थे। वह बहुत बड़े धोखेबाज हैं, एकदम फर्जी हैं।”

हिंदुओं से इतनी घृणा क्यों आज तक? 12 साल की बच्ची से 63 साल के ‘पादरी’ ने की शादी, क्योंकि कोई और उस ‘कुँवारी’ से न कर सके सेक्स; लेकिन Aaj Tak ने ‘पुजारी’ बता बेची खबर

अफ्रीका के घाना में एक बुजुर्ग ईसाई पादरी ने एक छोटी बच्ची से शादी कर ली और आजतक इस मामले में हिंदू पुजारियों को बदनाम करने पर तुला है। हाल में खबर आई थी कि घाना के नंगुआ में 63 साल के एक प्रभावशाली पादरी ‘गबोरबू वुनोबो नुउमो बोरकेटे लावे XXXIII’ ने 12 साल की बच्ची से शादी की है और उसका शुद्धिकरण भी करवाया गया है।

खबर में लिखा था कि ये शादी पुराने रिवाजों के कारण हुई जिसके तहत कहा जाता है कि ईसाई पादरी को एक कुँवारी लड़की से शादी करनी होती है। अब आजतक ने इस इस खबर को कैसे मरोड़ा ये देखिए।

खबर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट जहाँ पुजारी शब्द लिखा है (फोटो साभार: आजतक)

ईसाई पादरी को आजतक ने अपनी खबर की सोशल हेडलाइन और टेक्स्ट में हर जगह पुजारी लिखा ताकि पाठकों को ऐसा लगे कि ये काम किसी हिंदू पुजारी का है। हाालँकि सोशल मीडिया पर जब खबर को पढ़ने वालों ने आजतक की हरकत को पकड़कर उजागर किया तो बड़ी चालाकी से उन्होंने खबर में जहाँ-जहाँ ‘पुजारी’ लिखा था, उन सबको हटा दिया और वहाँ पादरी लिख दिया। वहीं आजतक के ट्वीट को यदि देखें तो उसमें अब (खबर लिखने तक) भी पुजारी ही लिखा हुआ है।

खबर का स्क्रीनशॉट जहाँ पादरी शब्द लिखा है (फोटो साभार: आजतक)

लोग अब आजतक से खबरों में ऐसे गलत शब्द के इस्तेमाल के लिए माफी माँगने को कह रहे हैं क्योंकि ऐसा पहली बार नहीं है कि मीडिया ने गलत शब्दों से मीडिया को भ्रमित करने का प्रयास किया हो। अक्सर ऐसी रिपोर्ट्स हमें देखने को मिलती रहती है जब मौलवी या पादरी को पुजारी लिखा जाए, झाड़फूँक करने वाले फकीर को तांत्रिक कहा जाए आदि-आदि।

घाना में पादरी और बच्ची की शादी

बता दें कि घाना में आधिकारिक तौर पर बाल विवाह की अनुमति नहीं है लेकिन किसी परंपरा के तहत वहाँ ऐसा करने देते हैं। ये शादी भी पुलिस की मौजूगी में हुई, लेकिन प्रशासन ने अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

सिर्फ, बताया गया है कि ईसाई पादरी को कुँवारी लड़की से शादी करनी थी और नुंगुआ में उस बच्ची के अलावा फिलहाल नौ से अधिक उम्र की कोई कुँवारी लड़की नहीं है, इसलिए पादरी ने उस बच्ची को अपनी दुल्हन चुना।

ये भी कहा जा रहा है कि बच्ची का चुनाव पादरी ने तभी कर लिया था जब वो 6 साल की थी। शादी के बाद अब लड़की के शुद्धिकारण के लिए पारंपरिक समारोह होना है जिसके बाद वो बतौर पादरी की पत्नी बनकर जीवन जिएगी।

इस शादी की खबर सुनकर जहाँ हर कोई हैरान है तो वहीं घाना में चर्च के लोग इसके बचाव में तर्क दे रहे हैं। समझाया जा रहा है कि बच्ची अभी स्कूल में है और उसे अन्य किसी लड़की से बचाने के लिए यह शादी हुई है। जब लड़की परिपक्व हो जाएगी तो अंतिम निर्णय लिया जाएगा। शुद्धिकरण समारोह की बात करें तो ये तर्क दिया गया कि कोई पुरुष उस बच्ची संग संबंध न बनाए इसलिए ये सब जरूरी था।

सबसे अजीब बात यह है कि इस शादी के बचाव में चर्च के प्रवक्ता द्वारा अजीबोगरीब तर्क दिए गए हैं। इस शादी के बारे बात करते हुए उन्होंने कहा कि लड़की का पुनर्जन्म हुआ है, वो ऐसी लड़की है 300 साल पहले जीवित थी वो आज वापस आई है इसलिए इस तरह के काम किए गए हैं।

बता दें कि इस शादी के बाद अब बच्ची गोबरसू वुलोमा की पत्नी हो गई है। चर्च और वहाँ का समाज इसका समर्थन कर रहा है और ये कहा जा रहा है कि लड़की अभी स्कूल में है। पादरी यौन संबंध बनाने के लिए और बच्चा पैदा करने के लिए उसके परिपक्व होने का इंतजार करेगा।

ताइवान में भूकंप, 7.5 तीव्रता के झटके, दर्जनों हताहत: सुनामी की आशंका, जापान से लेकर चीन तक हाई अलर्ट

जापान से लेकर फिलीपींस तक सुनामी की आशंका और भूकंप के झकटों ने पूरे दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में दहशत फैला दिया। ताइवान में कई इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गई। जापान से लेकर फिलीपींस तक सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई। हालाँकि बाद में सुनामी की चेतावनी को रद्द कर दिया गया, लेकिन तब तक हजारों लोगों को समुद्री इलाकों से दूर हटाया जा चुका था। बुधवार की सुबह दक्षिण एशियाई देशों के लिए आफत बनकर आई। इन तीनों देशों में दर्जनों लोगों के हताहत होने की सूचना मिल रही है।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ताइवान से जापान के बीच ज्यादा तबाही मची है। भूकंप की वजह से सुनामी का खतरा बढ़ गया था, जिसकी वजह से ताइवान, जापान और फिलीपींस में तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई। इस बीच, ताइवान में इंटरनेट बंद होने से लेकर कई बिल्डिंगों के गिरने की सूचना आ रही है।

एनडब्ल्यूएस ने बाद में सुनामी की चेतावनी वापस ले ली। उसने बताया कि ताईवान में 7.5 तीव्रता के भूकंप के झटके आए। एनडब्ल्यूएस अमेरिकी एजेंसी है, जो एशिया प्रशांत क्षेत्रों के साथ अमेरिका में भी भूकंप जैसी आपदाओं को लेकर पूर्व चेतावनी जारी करता है।

ताइवान के हुआलिएन में दो बिल्डिंगें एक-दूसरे पर गिर गई। दमकल विभाग के हवाले से एएफनी ने बताया है कि इस बिल्डिंग में कई लोग फंसे हो सकते हैं, हालाँकि अभी ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है। इस इलाके में 7.4 तीव्रता के भूकंप के झटके लगे हैं और यहाँ भी सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी।

जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र ताइवान के हुआलिए प्रांत के पूर्वी तटीय इलाके से दूर समुद्र में था। समुद्र में केंद्र होने की वजह से ही जापान और ताइवान के अलावा फिलीपींस तक सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई। हालाँकि ताइवान में भूकंप के टकराने की वजह से सुनामी का आशंका कम हो गई, इसके बावजदू जापान के दक्षिणी पश्चिमी तटीय इलाकों में 3 मीटर ऊंचाई तक समुद्री लहरें उठती दिखी थी।

सरदार पटेल ने रोका, फिर भी ‘चाइना फर्स्ट’ रटते रहे नेहरू: चीन-पाकिस्तान पर भूल जयशंकर ने दिलाए याद, बताया क्यों PM मोदी लेकर आए ‘इंडिया फर्स्ट

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू भारत से आगे चीन के हितों को रखते थे। जयशंकर ने नेहरू पर आरोप लगाया कि वह चीन के खतरे को कम करके आँकते थे। उन्होंने यह बातें गुजरात में आयोजित एक कार्यक्रम में कहीं।

विदेश मंत्री एस जयशंकर गुजरात के अहमदाबाद में गुजरात चैम्बर्स ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उनसे यहाँ चीन को लेकर प्रश्न पूछा गया तो उन्होंने नेहरू की भूल को लेकर हमला बोला। उनसे पूछा गया था कि क्या भारत को चीन-पाकिस्तान द्वारा कब्जाए गए क्षेत्र वापस लेने पर सोचना चाहिए या वर्तमान स्थिति स्वीकार करनी चाहिए।

जयशंकर ने इस पर कहा, “1950 में तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल ने नेहरू को चीन को लेकर चेताया था। पटेल ने नेहरू से कहा था कि हम पहली बार चीन और पाकिस्तान के दोहरे मोर्चे का सामना कर रहे हैं, यह स्थिति पहले कभी नहीं आई। पटेल ने नेहरू से यह भी कहा था कि उन्हने चीनियों के कहे पर विश्वास नहीं है, उनके इरादे अलग लग रहे हैं और हमें इस सम्बन्ध में काफी सावधानी से काम लेना चाहिए।”

जयशंकर ने आगे कहा, “नेहरू ने पटेल से कहा था कि वह बेकार में चीनियों पर शक किया करते हैं, नेहरू ने यह भी कहा था कि हिमालय की तरफ से भारत पर हमला करना किसी के लिए भी असंभव है। नेहरू पूरी तरह से चीनी खतरे को नकार कर रहे थे, हर व्यक्ति जानता है उसके बाद क्या हुआ।”

भारत के संयुक्त राष्ट्र में सीट नकारने पर भी जयशंकर ने नेहरू ने हमला बोला। जयशंकर ने कहा, “जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट को लेकर बात हुई और भारत को इस सीट की पेशकश की गई तो नेहरू का रुख था कि हम भी सीट के हकदार हैं लेकिन पहले यह चीन को मिलनी चाहिए।”

जयशंकर ने कहा कि वर्तमान सरकार भारत प्रथम की नीति पर चल रही है। उन्होंने कश्मीर को संयुक्त राष्ट्र में ले जाने का मुद्दा भी उठाया। जयशंकर ने कहा कि सरदार पटेल कश्मीर विवाद को संयुक्त राष्ट्र नहीं ले जाना चाहते थे लेकिन नेहरू ने यही किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल को यह पता था कि संययुक्त राष्ट्र पक्षपात करता है। आप क्या ऐसे किसी न्यायाधीश के सामने अपना मामला लेकर जाएँगे जो पक्षपाती हो। उन्होंने कहा कि UN में मामला ले जाने पर हमें POK सैन्य कार्रवाई रोकनी पड़ी।

कश्मीर और चीन को लेकर नेहरू की गलतियों को दोहराने से पहले भाजपा कच्चातीवू द्वीपों को श्रीलंका को देने का मुद्दा भी हाल में उठा चुकी है। भारत और श्रीलंका के बीच में स्थित यह द्वीप 1976 के भारत-श्रीलंका समझौते में श्रीलंका को मिल गए थे। भाजपा ने एक RTI के हवाले से यह हमला बोला था।

1 महिला सहित 10 नक्सली ढेर, लाइट मशीनगन और AK 47 जैसे घातक अस्त्र बरामद: छत्तीसगढ़ में वामपंथी आतंकियों के खिलाफ सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता

छत्तीसगढ़ के बीजापुर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर है। इस मुठभेड़ में कुल 10 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है जिसमें एक महिला भी शामिल है। मुठभेड़ में वॉन्टेड नक्सल कमांडर पापराव के मारे जाने की भी अपुष्ट सूचना आ रही है। हालाँकि पापराव के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मंगलवार (2 अप्रैल, 2024) की सुबह 6 बजे से शुरू हुई यह मुठभेड़ अभी तक जारी है। दोनों तरफ से रुक-रुक का फायरिंग चल रही है। सुरक्षा बलों को कोई बड़ी क्षति नहीं पहुँची है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस को कोरचोली और लेंड्रा के जंगलों में बड़ी तादाद में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इस सूचना पर पुलिस और CRPF की टीमों ने घटनास्थल की तरफ मूव किया। सूचना सही पाई गई और एक जगह पर PLG कम्पनी 2 के तमाम नक्सली मौजूद मिले। सुरक्षा बलों ने इनकी घेराबंदी की और सरेंडर करने को कहा। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने सरेंडर के बजाय जवानों पर गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं। मजबूरन आत्मरक्षा में सुरक्षा बलों को भी गोलियाँ चलानी पड़ीं।

दोनों तरफ से काफी देर तक रह-रह कर शाम तक गोलियाँ चलती रहीं। आखिरकार शाम तक कुल 10 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई। इनमें एक महिला भी शामिल बताई जा रही है। सर्च ऑपरेशन में LMG (लाइट मशीन गन) और AK-47 जैसे घातक हथियार बरामद किए गए हैं। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए हैं। सर्च अभियान अभी तक जारी है। सुरक्षा बलों की भाषा में यह एक क्लीन ऑपरेशन है जिसमें जवानों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है।

छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने रायपुर में इस मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मारे गए नक्सलियों और उनको पहुँचे नुकसान का आंकलन करवाया जा रहा है। एक अपुष्ट सूचना के मुताबिक मरने वालों में वांटेड नक्सल कमांडर पापराव भी शामिल है। हालाँकि, पापराव के मारे जाने की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बस्तर रेंज के IG ने मीडिया को बताया कि सर्च अभियान पूरा होने के बाद ही मृत और घायल नक्सलियों के बारे में सटीक आँकड़े मिल पाएँगे। बताते चलें कि बस्तर रेंज में पिछले 7 दिनों में कुल 17 नक्सली सुरक्षा बलों के हाथों मारे जा चुके हैं।

‘जहाँ बननी थी सिपाहियों की बैरकें वहाँ हो रहे थे उर्स’: सपा सरकार में पुलिस को धमका कर थाने की जमीन पर बना दी मजार, हिट्रीशीटर है पूर्व MLA आरिफ अनवर हाशमी

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में पुलिस स्टेशन की जमीन को कब्ज़ा कर के मजार बनाने का मामला सामने आया है। यह मजार अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद बनाई गई थी। इस जगह पुलिस कॉन्स्टेबलों के रहने के लिए बैरकों का निर्माण होना था। अब पुलिस ने इस मामले में पूर्व सपा विधायक आरिफ अनवर हाशमी सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। FIR में नामजद मारूफ नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।

यह FIR सोमवार (1 अप्रैल, 2024) को दर्ज हुई है। ऑपइंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक, पूर्व सपा विधायक आरिफ अनवर और उसके साथियों के खिलाफ पहले से 2 दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।

अखिलेश सरकार में MLA ने डराया पुलिस को

यह मामला बलरामपुर जिले के थाना सदुल्लाहनगर का है। यहाँ सोमवार को लेखपाल सुनील कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में सुनील ने बताया कि साल 2013 में समाजवादी पार्टी के तत्कालीन विधायक आरिफ अनवर हाशमी ने धोखाधड़ी करते हुए पुलिस स्टेशन के नाम दर्ज जमीन को हड़पने की साजिश रची थी। तब सपा विधायक ने थाने और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को अपने रसूख से डराया और धमकाया था। थाने की जमीन पर एक मजार बना दी गई। इसका नाम ‘मजार शरीफ शहीद ए मिल्ल्त अब्दुल कुद्दूस शाह रहमतुल्लाह अलैह’ दिया गया।

बननी थी सिपाहियों की बैरकें, बना दी मजार

आनन-फानन में इस मजार की समिति भी बना डाली गई और सपा विधायक आरिफ के सगे भाई मारूफ को इसका मुतवल्ली भी नियुक्त कर दिया गया। आरिफ अनवर ने विधायक रहते हुए थाने की सरकारी जमीन को मजार शरीफ बाबा शहीद ए मिल्ल्त के नाम से कागजातों में दर्ज करवा दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार, जहाँ यह मजार बनवाई गई वहाँ कानून-व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस के सिपाहियों की बैरकों का निर्माण होना था। इसे आम जनता में डर बिठाने और सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने वाली हरकत करार दिया गया है।

गरीबों की जमीनों को भी हड़पने की थी तैयारी

शिकायतकर्ता लेखपाल ने सपा के पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी को घोषित भू-माफिया बताया है। पुलिस स्टेशन की जमीन पर कब्ज़ा कर के मजार बनाने के पीछे कमजोर और गरीब लोगों की जमीनों को औने-पौने दाम पर हड़पने की साजिश बताया गया है। सुनील कुमार ने यह भी बताया कि आरिफ और उनके परिवार के कुछ अन्य सदस्यों पर पहले भी मुकदमे दर्ज हैं। शिकायत में आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

पुलिस ने इस मामले में सपा के पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी, उनके भाई मारूफ अनवर, आरिफ के परिवार के कुछ अन्य अज्ञात लोग और मज़ार के लिए बनी समिति के अज्ञात सदस्यों पर FIR दर्ज कर ली है। इन सभी पर IPC की धारा 420, 468, 120- बी, 186 और 434 के साथ सार्वजानिक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3/4 के तहत कार्रवाई की है। मंगलवार (2 मार्च, 2024) को पुलिस ने दबिश दे कर मारूफ को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। FIR में नामजद अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है।

झूठ को सच साबित करने के लिए अपनाए कई हथकंडे

ऑपइंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपितों द्वारा इस पूरे मामले को कानूनी झमेलों में फँसाए रखने की पूरी कोशिश की गई थी। मजार के मुतवल्ली मारूफ ने जिला अदालत सहित हाईकोर्ट तक पुलिस के खिलाफ शिकायतें दीं। इन शिकायतों में उन्होंने खुद को सही और पुलिस व जिला प्रशासन को गलत ठहराने की भरपूर कोशिशें की। अंत में हाईकोर्ट ने 18 दिसंबर 2023 को SDM उतरौला को आदेश दिया था कि वो इस मामले का 3 महीने के अंदर निस्तारण करें।

SDM उतरौला ने 19 मार्च 2024 को अपना आदेश सुनाया। इस आदेश में कागजातों की जाँच के बाद मजार समिति के तमाम दावों को गलत ठहराया गया। आखिरकार पुलिस ने धोखाधड़ी कर के मजार के नाम पर थाने की जमीन हड़पने वाले आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर के धरपकड़ शुरू कर दी है। मामले में मुख्य आरोपित पूर्व सपा विधायक आरिफ अनवर हाशमी अखिलेश यादव के काफी करीबी लोगों में गिने जाते हैं।

होने लगा था उर्स और बुलाए जाते थे बाहर से मौलवी

हमें मिली जानकारी के मुताबिक, महज 10 साल पहले बनी इस मजार पर उर्स तक का आयोजन किया जाने लगा था। दूर-दूर से यहाँ मौलवियों का आना-जाना शुरू हो गया था। जायरीनों की भी भीड़ जुटाई जाने लगी थी। यहाँ लोगों को झाड़-फूँक के नाम पर उनके दुःख-दर्द दूर होने के दावे भी किए जाने लगे थे। चादरपोशी की भी शुरुआत हो चुकी थी। बेहद कम समय में मजार को पक्की भी कर के उसका दायरा बढ़ाने की भी कोशिश की गई थी।

महुआ मोइत्रा के खिलाफ ED ने दर्ज की FIR: ‘घूस के बदले सवाल’ मामले में 3 बार समन को धता बता चुकी हैं TMC की पूर्व सांसद, इस बार ‘राजमाता’ से कड़ा मुकाबला

ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा के विरुद्ध ‘घूस के बदले सवाल’ के मामले में FIR दर्ज की है। बता दें कि महुआ मोइत्रा ने संसद वाले लॉगिन पोर्टल का अपना आईडी-पासवर्ड दुबई में कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के साथ साझा किया था। इस तरह वो संसद में जो भी सवाल पूछती थीं, उसके जरिए अडानी समूह को खासकर निशाना बनाया जाता था। इस मामले के सामने आने के आबाद उनकी सांसदी चली गई और उन्हें अपना सरकारी आवास भी खाली करना पड़ा था।

ED ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002) के खिलाफ दर्ज किया गया है। इससे पहले ED ने उन्हें समन भेज कर पेश होने के लिए भी कहा था, लेकिन उन्होंने पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र में बतौर TMC प्रत्याशी चुनाव प्रचार में व्यस्त होने की बात कह नई दिल्ली स्थित जाँच एजेंसी के दफ्तर में हाजिर होने में असमर्थता जताई थी। ED ने उनके और कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के विरुद्ध ‘विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम’ (FEMA) के तहत समन भेजा था।

महुआ मोइत्रा 3 बार ED के समन को धता बता चुकी हैं। इस बार कृष्णानगर में भाजपा ने उनके खिलाफ राजमाता अमृता रॉय को उतारा है। राजमाता ने कहा कि CAA से मतुआ समुदाय को फायदा होगा। उन्होंने पश्चिम बंगाल में TMC के कुशासन को अपने भाजपा में शामिल होने की वजह बताया। वो महाराजा कृष्णचंद रॉय के परिवार से ताल्लुक रखती हैं और उन्हें राजबारी की राजमाता की उपाधि प्राप्त है। वो पेशे से फैशन डिजाइनर हैं। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य को मुख्य फोकस बताया।

महुआ मोइत्रा पूर्व में इन्वेस्टमेंट बैंकर रही हैं। लोकपाल के आदेश के बाद CBI ने 49 वर्षीय पूर्व सांसद के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। हाल ही में उन्होंने चुनाव आयोग के समक्ष शिकायत दायर कर आरोप लगाया था कि भाजपा CBI-ED को लगा कर उन्हें चुनाव प्रचार से रोक रही है। महुआ मोइत्रा पर अपने पूर्व पार्टनर जय अनंत देहाद्राई का कुत्ता चुराने का भी आरोप लगाया था, जो उन्हें बाद में लौटाना पड़ा। महुआ मोइत्रा जहाँ अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं, राजमाता उन्हें कोई चुनौती नहीं मानतीं।

‘तुम हिन्दू इसी लायक हो, तुम्हारा कोई भगवान बचाने नहीं आने वाला’: 2 हिन्दू बच्चों को उनके मुस्लिम साथियों ने ही पीटा, भगवान राम को भी बकी माँ की गाली

महाराष्ट्र में मुंबई के पास मीरा रोड पर साम्प्रदायिक तनाव की खबर है। यहाँ मुस्लिम समाज के कुछ लोगों पर 2 नाबालिग हिन्दुओं को पीटने और भगवान राम के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। पिटाई के दौरान हमलावरों ने कहा कि अब उन्हें कोई भगवान आ कर नहीं बचा पाएगा। पुलिस ने 4 नाबालिगों सहित कुल 6 आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना सोमवार (1 अप्रैल 2024) की है।

यह घटना ठाणे जिले में पड़ने वाले मीरा रोड के काशीगाँव इलाके की है। पीड़ित बच्चे के पिता ने 2 अप्रैल को पुलिस में शिकायत दी है। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके नाबालिग बेटे की दोस्ती एक हमउम्र मुस्लिम लड़के से है। 30 मार्च 2024 मुस्लिम लड़का पीड़ित के घर खेलने आया था। इस दिन किसी बात पर दोनों दोस्तों में कहासुनी हुई। कहासुनी के बाद मुस्लिम लड़के ने अपने हिन्दू साथी को गंदी-गंदी गालियाँ दीं। साथ ही उसने अपने साथी से कहा कि जब वो बेरहमी से पीटा जाएगा तो कोई भी देवता उसे बचाने नहीं आएगा।

शिकायत में यह भी बताया गया है कि कहासुनी के दौरान आरोपित ने न सिर्फ पीड़ित बल्कि भगवान राम को भी माँ की गाली दी और मा#र#द जैसे आपत्तिजनक शब्द कहे। पीड़ित हिन्दू लड़के ने यह बात अपने घर में बताई। अगले दिन 31 मार्च को पीड़ित परिवार द्वारा शिकायत करने के बाद आरोपित अपने साथ 5 और मुस्लिमों को भी ले आया। उसने पीड़ित परिवार को जान से मार डालने की धमकी दी। बताया जा रहा है कि 1 अप्रैल को जब हिन्दू बच्चा स्कूल जा रहा था तो आरोपित ने अपने 5 साथियों के साथ उसे रोक लिया। इन सभी ने मिल कर हिन्दू छात्र को बेरहमी से मारा।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, हमलावारों ने कहा, “तुम हिन्दू इसी लायक हो। तुम्हारा कोई भगवान तुम्हें आ कर नहीं बचाने वाला।” इस शिकायत पर पुलिस ने 4 नाबालिगों सहित कुल 6 हमलावरों के विरुद्ध FIR दर्ज कर ली है। ये सभी मुस्लिम समुदाय से हैं। इन पर IPC की धारा 147, 149, 323, 504, 295-A, 153- A और 143 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी के लिए ऑपइंडिया ने स्थानीय पुलिस अधिकारियों को सम्पर्क किया। हालाँकि उनसे सम्पर्क नहीं हो पाया। पुलिस का वर्जन आने के बाद उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।

ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। पीड़ित छात्र के पिता ने ऑपइंडिया से बात की। उन्होंने हमलावरों द्वारा अपनी धार्मिक भावनाओं को आहत किए जाने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की माँग की। साथ ही उन्होंने कहा कि हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

17 साल की छात्रा ने की आत्महत्या, आंध्र के इंजीनियरिंग कॉलेज में यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग: सुसाइड नोट में लिखा – कई लड़कियों के साथ हो रहा ये सब

आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक कॉलेज में पढ़ने वाली डिप्लोमा फर्स्ट ईयर की छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने की खबर है। 17 वर्षीया मृतका के परिजनों ने आत्महत्या की वजह यौन उत्पीड़न को बताया है। मौत से पहले छोड़े गए सुसाइड नोट में भी पीड़िता ने कॉलेज से जुड़े कई स्टाफ पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने POCSO और रैंगिंग एक्ट सहित अन्य धाराओं में FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना गुरुवार (28 मार्च, 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना विशाखापट्टनम के चैतन्य इंजीनियरिंग कॉलेज की है। गुरुवार (28 मार्च, 2024) को कॉलेज प्रशासन ने फर्स्ट ईयर डिप्लोमा की छात्रा के माता-पिता को बताया कि रात 9 बजे के बाद से उनकी बेटी लापता है। बाद में पता चला कि छात्रा ने आत्महत्या कर लिया था। आत्महत्या से पहले पीड़िता ने अपने परिजनों के नाम एक सुसाइड नोट लिखा है। इस सुसाइड नोट में पीड़िता ने आरोप लगाया कि कॉलेज के कई स्टाफ ने उनका और कुछ अन्य छात्राओं का यौन शोषण किया।

बताया जा रहा है कि आरोपितों के पास पीड़िता व अन्य छात्रों की तस्वीरें भी हैं जिनका वो गलत ढंग से दुरुपयोग कर रहे हैं। आरोपितों ने पीड़िता को धमकी भी दी थी जिसमें कहा गया था कि किसी को भी बताने पर उसके तमाम फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएँगे। छात्रा के भाई ने अपनी बहन के साथ कॉलेज स्टाफ द्वारा यौन शोषण का आरोप लगाया है। वहीं मृतका के पिता ने पुलिस में शिकायत दे कर आरोपित स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

छात्रा के घर वालों ने इस घटना के पीछे कॉलेज के मैनेजमेंट की उदासीनता और अनदेखी को भी जिम्मेदार माना है। कॉलेज प्रशासन ने अपने परिसर में छात्रा की मौत होना स्वीकार किया है। मृतका के भाई के मुताबिक, उनकी बहन के शरीर पर खून के निशान नहीं पाए गए हैं। पुलिस ने मृतका के परिजनों की शिकायत पर आरोपित कॉलेज स्टाफ के खिलाफ पॉक्सो और रैंगिंग एक्ट की धाराओं में FIR दर्ज कर लिया है। मामले की जाँच की जा रही है। मृतका के घर वालों ने न्याय की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि पुलिस खुद को राजनैतिक कार्यक्रमों और IPL की वजह से व्यस्त बता रही है।

वायनाड से लड़ने पर राहुल गाँधी को ‘दोस्त’ ही सुना रहे खरी-खोटी, केजरीवाल की गिरफ्तारी के लिए भी कॉन्ग्रेस को बता रहे जिम्मेदार: केरल में INDI को लेफ्ट ही रहा लताड़

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने राहुल गाँधी की वायनाड से चुनाव लड़ने के फैसले पर क्लास लगाई है। उन्होंने राहुल गाँधी से पूछा है कि आखिर वो वायनाड में सीपीआई (एम) द्वारा खड़े किए गए प्रत्याशी के खिलाफ क्यों खड़े हो रहे हैं जबकि दोनों ही दल INDI गठबंधन का पार्ट है। केरल सीएम ने दिल्ली में मुख्यमंत्री केजरीवाल के जेल जाने का ठीकरा भी कॉन्ग्रेस पर फोड़ा है।

उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि वायनाड में राहुल गाँधी की प्रतिद्वंदी भाजपा नहीं बल्कि लेफ्ट डेमोक्रेटिस फ्रंट (LDF) की उम्मीदवार एनी राजा हैं। उन्होंने कहा कि गाँधी को यहाँ से चुनाव लड़ने की बजाय कहीं ऐसी जगह से लड़ना चाहिए जहाँ से वो सीधा भाजपा को हरा सकें।

उन्होंने राहुल गाँधी के वायनाड से लड़ने वाले निर्णय पर सवाल खड़े करते हुए कहा, “उनका (राहुल गाँधी) कॉन्ग्रेस में अहम रोल है वो फिर यहाँ से क्यों लड़ रहे हैं? क्या उनकी लड़ाई यहाँ सुरेंद्रन या भाजपा से होगी? यहाँ LDF बड़ी ताकत है। अगर वो यहाँ से लड़ेंगे तो लेफ्ट से लड़ेंगे।” उन्होंने पूछा कि क्या INDI गठबंधन का दिग्गज नेता INDI के ही दूसरे दल LDF के साथ लड़ेगा? इससे क्या समझना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी का मुकाबला सीपीआई (एम) की एनी राजा से होगा। वो एक वरिष्ठ नेता हैं। विजयन कहते हैं कि हर कोई सवाल उठा रहा है कि राहुल गाँधी सीधे तौर पर बीजेपी से क्यों मुकाबला नहीं कर रहे। उन्होंने आगे एनी राजा की तारीफ भी की।

केजरीवाल की गिरफ्तारी के लिए कॉन्ग्रेस को बताया जिम्मेदार

बता दें कि इससे पहले केरल सीएम ने नई दिल्ली में आयोजित रैली के एक दिन बाद केजरीवाल के जेल जाने में कॉन्ग्रेस का एक महत्वपूर्ण हाथ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि वो कॉन्ग्रेस पार्टी थी जिसने दिल्ली सरकार के खिलाफ आरोप लगाए, ईडी जाँच की माँग की और मामले के संबंध में शिकायत दर्ज की।

उन्होंने कॉन्ग्रेस को ये भी कहा कि जब वो गैर कॉन्ग्रेस गलों पर हमला करते हैं, उनकी आलोचना करते हैं तो उन्हें आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने ये भी गौर करवाया कि जब दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया को गिरफ्तार किया गया था, तब कॉन्ग्रेस ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की माँग की थी। बाद में कॉन्ग्रेस ने अपना रुख बदल लिया। उन्होंने कॉन्ग्रेस से उसकी गलती स्वीकार करने को कहा और इस ओर भी इशारा किया कि वो माफी माँगे।