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भारत और PM मोदी पर प्रोपेगेंडा चलाने वाला अल जजीरा इजरायल में होगा बैन, PM नेतन्याहू ने कतर के मीडिया संस्थान को ‘नरसंहार’ में शामिल बताया

विश्व भर में इस्लामी प्रोपेगेंडा चलाने वाले क़तर के सरकारी मीडिया नेटवर्क अल जजीरा पर इजरायल ताला जड़ने जा रहा है। इसके लिए इजरायल की संसद ने नए कानून को मंजूरी दे दी है। अल जजीरा को इजरायल में बंद करने की जानकारी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दी है।

बेंजामिन नेतन्याहू ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “अल जज़ीरा ने इजरायल की सुरक्षा को नुकसान पहुँचाया, 7 अक्टूबर के नरसंहार में हिस्सा लिया और इजरायली सुरक्षा बलों के विरुद्ध हिंसा भड़काई। अब समय आ गया है कि हमारे देश से हमास के मुखपत्र को बंद किया जाए। आतंकवादी चैनल अल जज़ीरा अब इजरायल में प्रसारित नहीं होगा। मैं चैनल को रोकने लिए नए कानून के तहत तुरंत कार्रवाई करूँगा।”

इजरायल की संसद ने सोमवार (1 अप्रैल, 2024) को अल जजीरा पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून पास किया है। यह कानून इजरायल के प्रधानमंत्री को शक्ति देता है कि वह ऐसे किसी विदेशी मीडिया संस्थान पर पाबंदी लगा सकता है जो कि इजरायल के सुरक्षा हितों को नुकसान पहुँचाता हो।

इससे पहले इजरायल अल जजीरा के कई पत्रकारों की हमास आतंकियों के साथ संलिप्तता का दावा इजरायल करता आया है। फरवरी 2024 में अल जजीरा के एक ऐसे ही पत्रकार का लैपटॉप बरामद हुआ था। उसके हमास के आतंकी कमांडर होने की बात सामने आई थी। उसकी इस्लामी आतंकी संगठन हमास के साथ ट्रेनिंग की तस्वीरें भी सामने रखी गईं थी।

इजरायल लगातार अल जजीरा पर हमास के आतंकियों के मददगार बनने और अपने खिलाफ प्रोपेगेंडा को हवा देने का आरोप लगाता रहा है। अल जजीरा कई बार इजरायल के विरुद्ध एक तरफा खबरें चलाता आया गया है। इजरायल ने 7 अक्टूबर, 2023 के हमास हमले के बाद एक ऐसी इमारत पर हमला किया था जिसमे अल जजीरा का दफ्तर था। इजरायल ने आरोप लगाया था कि अल जजीरा मीडिया की आड़ में हमास आतंकियों को पनाह दे रहा था।

नए प्रतिबंधों के बाद अब इजरायल में अल जजीरा काम नहीं कर सकेगा। अल जजीरा ने इसको लेकर कहा है कि उसके ऊपर लगाए गए आरोप असत्य हैं। अल जजीरा ने कहा है वह इस निर्णय के खिलाफ न्यायालय जाएगा और इजरायली प्रधानमंत्री उसे लम्बे समय से बंद करना चाहते थे।

अज जजीरा अरबी देश क़तर का मीडिया है। इसे क़तर की सरकार नियंत्रित करती है। यह काफी बड़ा नेटवर्क है और अरबी तथा अंग्रेजी में इसके कई चैनल विश्व भर में प्रसारित होते हैं। इसके फोकस का क्षेत्र अरबी भाषी राष्ट्र हैं। यह उत्तरी अफ्रीका और अरब प्रायद्वीप में मुख्य रूप से सक्रिय है। यह नेटवर्क भारत के खिलाफ कई बार झूठ फैलाता पकड़ा गया है।

अल जजीरा भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हिन्दू राष्ट्रवादी बताता आया है और लगातार मोदी सरकार की आलोचना का प्रोपेगेंडा करता रहा है। इसे भारत में भी बंद करने की माँग उठती रही है। अल जजीरा भारत में वर्तमान में चुनावों को लेकर अपना एजेंडा बढ़ा रहा है।

इजरायल ने सीरिया में ईरानी वाणिज्य दूतावास पर किया हमला (Israel accused of killing 11 in Iranian embassy attack)

सीरिया की राजधानी दमिश्क में ईरान के वाणिज्यिक दूतावास की एक इमारत पर हवाई हमला हुआ है। इस हमले का आरोप ईरान और सीरिया ने इजरायल पर लगाया है। हमले का निशाना ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर थे। इस हमले में 11 लोगों की मौत हुई है। हमले में ईरान के शीर्ष कमांडर ब्रिगेडियर जनरल रेजा जाहेदी की भी मौत हो गई है। बताया गया यह हमला F-35 लड़ाकू विमानों के जरिए किया गया। हमले में 8 ईरानी, 2 सीरियाई जबकि एक लेबनानी नागरिक के मारे जाने की सूचना है।

इस हमले के बाद अब ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ सकता है। इससे इजरायल और हमास के बीच अक्टूबर 2023 से चल रहे युद्ध में भी तेजी आ सकती है। ईरान इस हमले का बदला लेने के लिए इजरायल के अन्य ठिकानों पर हमला कर सकता है। सीरिया के विदेश मंत्री ने इस हमले कहा है कि यह काफी जघन्य आंतकी हमला है और इससे मासूमों की जान गई है।

3 दिल, 3 गुर्दे, 1 रीढ़ और 1 जीभ… मौलवी इदरीस के पास बरामद हुए इंसानों के कटे हुए अंग, पुलिस ने 3 को गिरफ्तार किया, 1 फरार

अफ्रीका महाद्वीप के देश नाइजीरिया में एक मौलवी को कटे हुए इंसानी अंग रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपित की पहचान ओलुवाफेमी इदरीस के तौर पर हुई है। उसके साथ उसके 2 साथियों- सैमुअल कुटेलु और बाबाटुंडे कायोडे, को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इन तीनों आरोपितों के पास से इंसानी हाथ, 3-3 दिल और गुर्दे, 1-1 रीढ़ और जीभ बरामद किया है। पूछताछ में इन तीनों ने एक अन्य मौलवी अल्हाजी को अपने कृत्य में शामिल बताया है। पुलिस अब उसकी भी तलाश कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला नाइजीरिया के ओन्डो प्रदेश का है। यहाँ पुलिस ने 7 जनवरी 2024 को मिली एक खुफिया सूचना के आधार पर अकोको इलाके में छापा मारा। पुलिस को इस इलाके में मौलवी के पास मानव अंग होने की जानकारी मिली थी। जाँच हुई तो सूचना सही पाई गई और छापेमारी के बाद मौलवी के पास तमाम मानव अंग मिले।

इन अंगों में 1 इंसानी हाथ, 3 दिल, 3 गुर्दे, 1 रीढ़ और 1 जीभ शामिल हैं। बताया जा रहा है कि मौलवी इदरीस इन अंगों को झाड़फूंक और अन्य मजहबी गतिविधियों में प्रयोग करने वाला था। सभी इंसानी अंग मौलवी ने अपने घर में रखे हुए थे। पुलिस की पूछताछ में मौलवी ने अपने एक अन्य साथी का भी नाम बताया है। इदरीस का साथी भी मौलवी है जिसने ये तमाम इंसानी अंग मौलवी को उपलब्ध करवाए थे।

माना जा रहा है कि फरार चल रहे मौलवी ने ही अपने गिरफ्तार साथी को 3 खोपड़ियाँ भी दीं थीं। पुलिस ने मौलवी इदरीस से पूछताछ के आधार पर सैमुअल कुटेलु और बाबाटुंडे कायोडे को भी गिरफ्तार किया। ये सभी इदरीस के सहयोगी बताए जा रहे हैं। नाइजीरियन पुलिस इस मामले में मानव तस्करी की आशंकाओं की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि मौलवी के पास से जो अंग बरामद हुए हैं वो किस व्यक्ति के हैं और उसकी मौत किन हालातों में हुई।

राष्ट्रीय सुरक्षा और देश विरोधी गतिविधियों पर फोकस करे CBI: जाँच एजेंसी की स्थापना दिवस पर बोले CJI चंद्रचूड़, कहा- मामलों के निपटारे में हो AI का इस्तेमाल

भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने सोमवार (1 अप्रैल 2024) को भारत की प्रमुख जाँच एजेंसियों को नसीहत दी। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि देश की प्रमुख केंद्रीय जाँच एजेंसियों को राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्र के खिलाफ हो रहे आपराधिक मामलों पर ध्यान देना चाहिए। इस दौरान उन्होंने न्यायिक सिस्टम के बदलते स्वरूप को सराहा। साथ ही सीबीआई को मिल रहे विभिन्न प्रकार के केसों पर चर्चा की।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने यह बातें सीबीआई के स्थापना दिवस के मौके पर कही। उन्होंने कहा कि सीबीआई जैसी शक्तियों तथा किसी व्यक्ति की निजता के अधिकार के बीच ‘नाजुक संतुलन’ होना बेहद जरूरी है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि सीबीआई एक भ्रष्टाचार विरोधी जाँच एजेंसी है लेकिन उनसे विभिन्न प्रकार के आपराधिक मामलों की जाँच करवाई जा रही है। कोर्ट ने इनके विभिन्न मामलों में फैसला देकर संस्थान को मजबूत किया है। कानूनी पेशे से जुड़े लोगों को इसके बारे में खुश होना चाहिए क्योंकि इससे तो आय अर्जित करने के ही अवसर बढ़े हैं।

आगे सीजेआई चंद्रचूड़ ने सीबीआई द्वारा जाँच किए जा रहे मामलों के शीघ्र निपटान पर बल दिया। जस्टिस चंद्रचूड़ ने इस दौरान इस पर भी बात की कि कैसे टेक्नोलॉजी ने अपराध क्षेत्र को बदल दिया है। अब टेक्नोलॉजी आधारित अपराध या इसकी वजह से ट्रेंड में आए बदलाव के कारण एजेंसी मुश्किल चुनौतियों का सामना कर रही है। इसलिए सीबीआई और अन्य जाँच एजेंसियों को भी उन्हीं की तरह जाँच में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना चाहिए।

उन्होंने ये भी कहा कि जाँच एजेंसियों को जाँच में सर्वोत्तम परिणाम के लिए नवीनतम तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करना चाहिए। वह बोले कि यह प्रक्रिया आज के वक्त में जाँच मामलों में गेम चेंजर साबित हो रही है। इसके कारण केस की बारीकियाँ समझ आती हैं। अहम तथ्य आसानी से सामने लाए जा सकते हैं। उन्होंने इसके साथ ही ये भी कहा ऐसा करते समय में लोगों के व्यक्तिगत अधिकारों और डेटा की गोपनियता की चिंताओं से भी निपटा जाना चाहिए।

सीबीआई के स्थापना दिवस के मौके पर सीजेआई ने संसद द्वारा हाल ही में अधिनियमित नए आपराधिक कानून पर बात की। साथ ही न्यायिक व्यवस्था के आधुनिकीकरण के मुद्दे पर राय रखी। उन्होंने कहा कि अब एफआईआर से लेकर अंतिम निर्णय तक, आपराधिक जाँच के हर चरण को प्रस्तावित कानून के तहत डिजिटली रिकॉर्ड किया जाता है। उन्होंने कहा कि ये दृष्टिकोण सूचना का निर्बाद प्रवाह सुनिश्चित करता है। साथ ही इस उद्देश्य जाँच और न्यायिक प्रक्रियाओं में शामिल हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग की सुविधा प्रदान करना है।

ट्रेन में बैठ दिल्ली आ रहे 4 रोहिंग्या (3 औरत+1 मर्द) कानपुर में पकड़े गए, बांग्लादेश के सलमान मियाँ ने कराई घुसपैठ: त्रिपुरा का अहमद मददगार, फर्जी आधार कार्ड भी मिले

उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने 4 रोहिंग्या घुसपैठियों को पकड़ा है। इनमें तीन औरतें हैं। इनकी पहचान सुकुरा बेगम, मीना जहाँ और ओनारा बेगम के तौर पर हुई है। इनके साथ आमिर हमजा भी पकड़ा गया है। घुसपैठ करने में इनकी मदद बांग्लादेश के सलमान मियाँ ने की। त्रिपुरा निवासी अहमद से भी इन्हें मदद मिलने की बात सामने आई है।

रोहिंग्या घुसपैठियों को कानपुर जंक्शन से 27 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया। ये ट्रेन में सवार होकर दिल्ली जा रहे थे। इनके पास से फर्जी दस्तावेज और विदेशी मुद्राएँ भी मिली है। इस मामले की शिकायत ATS के इंस्पेक्टर चैम्पियन लाल ने दर्ज करवाई है। 27 मार्च को दर्ज इस शिकायत में बताया गया है कि मुखबिरों से रोहिंग्या घुसपैठियों के बारे में जानकारी मिली थी।

शिकायत के अनुसार ATS को सूचना मिली थी कि 27 मार्च को पूर्वोत्तर सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस से कुछ संदिग्ध सिलचर से नई दिल्ली जा रहे हैं। ATS ने इनकी घेराबंदी कानपुर जंक्शन पर की। ट्रेन की जनरल बोगी में एक संदिग्ध बैठा दिखा तो उससे पूछताछ की गई। उसके साथ इसी डिब्बे में 3 महिलाएँ भी थी। पूछताछ में संदिग्ध हड़बड़ा गया। इसके बाद चारों को उतारकर कस्टडी में ले लिया गया।

इन लोगों को कस्टडी में लेकर ATS अपने साथ लखनऊ मुख्यालय पहुँची। यहाँ पूछताछ में 21 वर्षीय युवक ने अपना नाम आमिर हमजा बताया और अपने साथ मौजूद तीनों महिलाओं को म्यांमार का निवासी बताया। आमिर हमजा के पास से एक मोबाइल फोन मिला। इसमें जियो और एयरटेल के भारतीय सिम लगे थे। उसके पास से त्रिपुरा के पते का चार फर्जी आधार कार्ड भी मिला।

आमिर हमजा के साथ पकड़ी गई औरतों की पहचान 19 वर्षीया मीना, 22 वर्षीया सुकुरा बेगम और 19 वर्षीया ओनारा बेगम के तौर पर हुई। ये सभी म्यंमार के बुटीडांग की रहने वाली हैं। सभी ने अवैध तौर पर भारत में घुसने की बात कबूली है। घुसपैठ में इनकी मदद बांग्लादेश में सलमान मियाँ और त्रिपुरा के किसी अहमद ने की है। ATS ने अपनी FIR में अहमद और सलमान मियाँ को भी नामजद किया है। चारों आरोपितों ने पूछताछ में यह बात भी कबूली कि फर्जी कागजातों के सहारे उनकी तैयारी भारत में स्थायी तौर पर बसने की थी।

ATS ने गिरफ्तार घुसपैठियों पर IPC की धारा 420,467, 468 और 471 के अलावा विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 14 के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

18 साल की गैंगरेप पीड़िता को पुरुष मजिस्ट्रेट ने रोका, कहा- अपने कपड़े खोलो, मैं तुम्हारे शरीर पर चोट के निशान देखना चाहता हूँ: राजस्थान पुलिस ने दर्ज की FIR

राजस्थान के हिंडौन सिटी में एक सामूहिक दुष्कर्म की पीड़िता ने बयान दर्ज करवाने वाले मजिस्ट्रेट पर अश्लीलता का आरोप लगाया है। पीड़िता ने कहा है कि मजिस्ट्रेट ने उसके शरीर पर आईं चोटों को देखने के लिए कपड़े खोलने को कहा। मजिस्ट्रेट के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया है।

यह पूरा मामला करौली जिले के हिंडौन शहर का है। यहाँ एक 18 वर्षीय लड़की के साथ 19 मार्च, 2024 को कुछ युवकों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस मामले में पीड़िता ने आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने के लिए कोर्ट का रास्ता अख्तियार किया था।

27 मार्च, 2024 को कोर्ट के आदेश पर करौली के हिंडौन सिटी कोतवाली में दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। इसी दिन पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल भी करवाया था। इस मामले की जाँच हिंडौन के उपाधीक्षक को सौंपी गई थी। जाँच पूरी होने के बाद पीड़िता को मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान के लिए बुलाया गया था।

पीड़िता 30 मार्च, 2024 को बयान दर्ज करवाने के लिए हिंडौन न्यायालय में पहुँची थी। यहाँ मजिस्ट्रेट ने दुष्कर्म के विषय में उसका बयान लिया और उसके बाद पीड़िता को बिना कारण के रोक लिया। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने पीड़िता से कपड़े उतार कर चोट दिखाने की बात कही।

पीड़िता ने इससे मना कर दिया। उसने कहा कि वह किसी महिला अधिकारी को यह चोट दिखा सकती थी लेकिन मजिस्ट्रेट के पुरुष होने के चलते वह ऐसा नहीं करेगी। हालाँकि, मजिस्ट्रेट अपनी जिद पर अड़े रहे। इसके बाद पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के खिलाफ हिंडौन पुलिस में मामला दर्ज करवाने का निर्णय लिया।

इस मामले में पीड़िता ने हिंडौन सिटी पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई है। मामले को दर्ज करके पुलिस अभी जाँच कर रही है। इस सम्बन्ध में जाँच एससी एसटी सेल प्रभारी मीना मीणा को सौंपी गई है। उन्होंने कहा है कि मामले के विषय में जानकारी के लिए पीड़िता के बयान लिए जाएँगे।

पीड़िता का कहना है कि मजिस्ट्रेट के आचरण के कारण उसको काफी दुख पहुँचा है और वह इस मामले में कार्रवाई करवा कर यह सुनिश्चित करेगी कि आगे और किसी महिला के साथ इसकी पुनरावृत्ति ना हो।

‘सा$ अब तुझे तो ठोंकना है, बच सके तो बच मा##र#द’: मुख़्तार अंसारी की मौत के बाद बांदा जेल अधीक्षक को धमकी, पुलिस ने शुरू की तलाश

उत्तर प्रदेश के जिस बांदा जेल के माफिया मुख्तार अंसारी बंद था, उसके वरिष्ठ अधीक्षक को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली है। मुख़्तार अंसारी की कार्डियक अरेस्ट के बाद मौत होने के बाद यह धमकी दी गई है। रविवार (31 मार्च 2024) को इस मामले की शिकायत देकर FIR दर्ज करवाई गई है। पुलिस ने नंबर को सर्विलांस पर लेकर जाँच शुरू कर दी है।

यह धमकी 28-29 मार्च 2024 को मुख़्तार अंसारी की मौत की खबर की कुछ ही देर बाद दी गई थी। बांदा जेल के सुपरिटेंडेंट वीरेश राज शर्मा ने रविवार (31 मार्च 2024) को थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि 28-29 मार्च को रात लगभग 1:37 बजे उनके सरकारी नंबर पर एक अनजान नंबर से कॉल आई थी।

उन्होंने बताया कि फोन उठाते ही कॉलर ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक को गालियाँ देना और धमकाना शुरू कर दिया। अज्ञात कॉलर ने कहा, “अब तुझे तो ठोकना है स#ले। बच सके तो बच मा##र#द।” बकौल जेल सुपरिटेंडेंट, कॉलर ने अपना परिचय नहीं दिया। पूरी धमकी और गालियाँ महज 14 सेकेंड में दी गईं और बाद में फोन काट दिया गया।

वीरेश राज शर्मा ने शिकायत की कॉपी अपने विभाग के तमाम सीनियर अधिकारियों को भी भेजी है। पुलिस ने अज्ञात कॉलर के खिलाफ IPC की धारा 504 और 507 के तहत FIR दर्ज कर ली है। केस की जाँच सब इंस्पेक्टर आनंद कुमार ने शुरू कर दी है। शिकायत में दिए गए नंबर को सर्विलांस पर लगाकर उसकी लोकेशन और कॉलर की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

फ़िलहाल अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। बता दें कि 28 मार्च 2024 को बांदा जेल में लम्बे समय से बंद सजायाफ्ता मुल्जिम और माफिया मुख़्तार अंसारी की मौत हो गई थी। माफिया के परिजनों ने आरोप लगाया है कि जेल में मुख़्तार अंसारी को जहर दिया गया था। इसके कारण उसकी मौत हो गई थी।

हालॉंकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट इन तमाम दावों को निराधार साबित करती है। रिपोर्ट में मौत की वजह हार्ट अटैक आना बताया गया है। पूर्व जेल सुपरिटेंडेंट एसके अवस्थी ने आजतक से बातचीत में बताया कि मुख़्तार अंसारी को जेल में पौष्टिक खाना दिया जाता था। उन्होंने जेल का खाना होटल जैसा बताते हुए कहा कि उसे कैदी को खिलाने से पहले खुद जेल सुपरिटेंडेंट चखकर देखते थे।

स्वतंत्रता के बाद भारत ने पहली बार रचा इतिहास, रक्षा निर्यात में ₹21000 करोड़ के आँकड़े को किया पार: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी को दिया श्रेय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन में रक्षा निर्यात के नए कीर्तिमान स्थापित हुआ है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार रक्षा निर्यात 21,000 करोड़ रुपए के पार पहुँच गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे देश की एक बहुत बड़ी सफलता बताई है। उन्होंने कहा कि भारत 84 देशों को अपने रक्षा उत्पाद बेच रहा है। सिर्फ एक वित्त वर्ष में 32.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी आई है।

राजनाथ सिंह सोशल मीडिया साइट X पर लिखा, “आप सभी को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारतीय रक्षा निर्यात अभूतपूर्व ऊँचाइयों पर पहुँच गया है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार 21000 करोड़ रुपए का आँकड़ा पार कर गया है! वित्त वर्ष 2023-24 में भारत का रक्षा निर्यात बढ़कर 21,083 करोड़ रुपए के स्तर पर पहुँच गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 32.5% की वृद्धि है।”

इसका सारा श्रेय पीएम मोदी को देते हुए उन्होंने अगले ट्वीट में कहा, “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत रक्षा मंत्रालय ने भारत के रक्षा विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की है। निजी क्षेत्र और DPSUs सहित हमारे रक्षा उद्योगों ने हाल के वर्षों में सराहनीय प्रदर्शन किया है। रक्षा निर्यात में नया मील का पत्थर पार करने पर सभी हितधारकों को बधाई।”

उन्होंने कहा कि रक्षा निर्यात बढ़ाने के लिए न सिर्फ भारत के रक्षा निर्माण क्षेत्र को प्रेरित किया गया, बल्कि तकनीकी रूप से आधुनिक बनाने की सुविधाएँ बढ़ाई गई हैं। इससे सरकारी और निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए उत्साहजनक वातावरण बन गया है। भारत के रक्षा निर्यात की इस सफलता की कहानी को अंजाम तक पहुँचाने में करीब 50 भारतीय कंपनियों ने अहम योगदान दिया है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इन कंपनियों ने अन्वेषण के साथ ही प्रभावशीलता, गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखते हुए भारत की रक्षा उपकरणों और तकनीकों के विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में विश्व पटल पर स्थापित कर दिया है। आज भारत दुनिया के कोने-कोने के देशों को रक्षा उत्पाद बेच रहा है।

जिन देशों को भारत ने रक्षा उत्पाद बेचे हैं उनमें इटली, मालदीव, श्रीलंका, रूस, यूएई, पोलैंड, फिलीपींस, सऊदी अरब, मिस्र, इजरायल, स्पेन, चिली आदि देश शामिल हैं। इतना ही नहीं, आज भारत के रक्षा उत्पादों की माँग दुनिया भर के देशों में तेजी से बढ़ी है। यह भारत के रक्षा अन्वेषण का दुनिया में बढ़ता दबदबा है।

जिन भारतीय रक्षा उत्पादों का अधिकाधिक निर्यात किया जा रहा है, उनमें निजी सुरक्षा उपकरण, ऑफशोर पेट्रोल व्हिकल, एएलएच हेलीकॉप्टर, एसयू एवियानिक्स, कोस्टल सर्विलांस सिस्टम, लाइट इंजीनियरिंग मैकेनिकल पार्ट्स, कवच एमओडी अन्य कई रक्षा उपकरण शामिल हैं। इन अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों और तकनीकों के चलते अंतरराष्ट्रीय खरीददारों की भारतीय उत्पादों में विशेष रुचि है। 

अस्पताल में भर्ती थी हिंदू नाबालिग, कम्पाउंडर दानिश करने लगा अश्लील हरकतें: पीड़ित पिता ने की शिकायत तो कर्मचारियों ने की मारपीट, FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के बागपत में आस्था अस्पताल में कम्पाउंडर दानिश द्वारा एक नाबालिग हिन्दू लड़की से छेड़खानी करने का मामला सामने आया है। दानिश के खिलाफ रविवार (31 मार्च 2024) को FIR दर्ज कर ली गई है। घटना की शिकायत करने पर अस्पताल के स्टाफ ने पीड़िता के पिता से मारपीट भी की। इसके बाद अन्य स्टाफ को भी आरोपित किया गया है। केस दर्ज होने के बाद से दानिश फरार है।

यह घटना बागपत जिले के थाना क्षेत्र बड़ौत की है। यहाँ 31 मार्च 2024 को 16 साल की एक नाबालिग लड़की के पिता ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में पिता ने बताया है कि 30 मार्च 2024 की दोपहर उसकी बेटी को तेज बुखार आया था। इलाज के लिए वो पीड़िता को लेकर बड़ौत के आस्था अस्पताल गया।

पिता का कहना है कि बेहतर इलाज के लिए उसने अस्पताल में ही एक कमरा बुक करवा लिया। पिता ने आगे बताया कि रात 12 से 1 बजे के बीच में उसे नींद आ गई और वो सो गया। तब पीड़िता भी दवा लेकर गहरी नींद में सो रही थी। उसी दौरान कम्पाउंडर के तौर पर तैनात दानिश पीड़िता के कमरे में आया था और अश्लील हरकतें शुरू कर दीं।

एक वीडियो में पीड़िता ने पुलिस से कहा, “वो मेरे पेट पर हाथ फेर कर मुझे गाल पर किस भी कर रहे थे।” इन हरकतों से पीड़िता जाग गई और उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर लड़की के पिता जाग गए। इस बीच दानिश कमरे से भाग निकला। लड़की के पिता ने बताया कि जब उसने अस्पताल में दानिश की इस हरकत का विरोध किया।

शिकायत में यह भी कहा गया कि हरकत का विरोध करने पर तो अस्पताल के अन्य स्टाफ ने उसके साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, अन्य स्टाफ ने शिकायतकर्ता से उसकी बीमार बेटी को डिस्चार्ज करवा कर तुरंत ले जाने का भी दबाव बनाया। शिकायतकर्ता ने पीड़िता को काफी डरा और सहमा बताया और आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की।

पुलिस ने इस शिकायत पर FIR दर्ज कर ली है। यह FIR IPC की धारा 323 और 354 के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 9/10 के तहत दर्ज हुई है। आरोपित दानिश अभी तक फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। अभी तक किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

‘बीवियों की साड़ियाँ जलाओ’: विपक्ष के ‘इंडिया आउट’ अभियान पर बांग्लादेश की PM शेख हसीना का पलटवार, बोलीं – भारतीय मसालों के बिना पका खाना खाकर दिखाओ

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना वहाँ की विपक्षी पार्टी द्वारा चलाए जा रहे ‘इंडिया आउट’ कैम्पेन पर जम कर बरसी हैं। इस्लामी मुल्क में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की पार्टी BNP (बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी) भारत के खिलाफ अभियान चला रही है। वहीं शेख हसीना, जिन्होंने हाल ही में लगातार चौथा चुनाव जीता है, वो भारत के साथ मैत्रीपूर्ण रिश्तों के लिए जानी जाती हैं। शेख हसीना को अक्सर साड़ी में देखा जाता है और उन्होंने विपक्ष पर हमले के लिए इसी पहनावे का इस्तेमाल किया गया।

शेख हसीना और उनकी ‘आवामी लीग’ पार्टी के विरोधी अक्सर उन्हें प्रो-इंडिया साबित करने में लगी है। इनका दावा है कि जनवरी 2024 में हुए चुनावों में ‘आवामी लीग’ की जीत में भारत की भूमिका है। इसके बाद उन्होंने भारतीय उत्पादों के बहिष्कार को लेकर अभियान छेड़ दिया। इस मामले के प्रकाश में आने के बाद कुछ दिनों तक शेख हसीना चुप रही, लेकिन अब उन्होंने BNP को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने पूछा है कि BNP नेताओं की पत्नियाँ कितनी साड़ियाँ पहनती हैं?

शेख हसीना ने कहा कि BNP के नेता भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की बात कर रहे हैं, उसमें वो अपनी बीवियों को क्यों नहीं ले जा रहे हैं। शेख हसीना की ये बात सुन कर वहाँ मौजूद लोग हँस पड़े। उन्होंने चुनौती दी कि BNP के नेता अपनी पार्टी के दफ्तर के सामने अपनी बीवियों की साड़ियाँ जलाएँ, तभी ये अच्छी तरह साबित होगा कि वो भारतीय उत्पादों के बहिष्कार को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने दावा किया कि ये नेता और उनकी पत्नियाँ भारत से साड़ियाँ खरीद कर उन्हें बांग्लादेश में बेचती थीं।

उन्होंने बताया कि जब BNP सत्ता में थी तब तब उन्होंने देखा था कि उसके नेताओं की बीवियाँ समूह में विमान से भारत जाती थीं और भारतीय साड़ियाँ खरीदती थीं। इसके बाद वो बांग्लादेश में इन साड़ियों को बेचती थीं। उन्होंने बताया कि ये औरतें भारत से मसाले भी लाती थीं। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा कि हम भारत से मसलों का आयात करते हैं, प्याज, लहसुन और अदरक समेत कई खाने की वस्तुएँ लेते हैं। उन्होंने पूछा कि BNP के नेता अपने घरों में भारतीय मसलों के बिना भोजन क्यों नहीं पकता?

शेख हसीना ने कहा कि इन विपक्षी नेताओं को भारतीय मसालों के बिना बना हुआ भोजन करना चाहिए। बता दें कि मालदीव की तर्ज पर ही बांग्लादेश में ये अभियान शुरू किया गया था। तेल, प्रोसेस्ड फ़ूड, बाथरूम के सामान, मेकअप की वस्तुएँ और कपड़ों समेत कई भारतीय वस्तुओं को ढाका के बाजार में दुकानदारों ने लेना बंद कर दिया था। यूरोप-अमेरिका में रहने वाले बांग्लादेशियों प्रवासियों ने ‘इंडिया आउट’ अभियान का नेतृत्व किया। हालाँकि, इसका अधिकतर प्रभाव सोशल मीडिया तक ही सीमित रहा।

उदयनिधि स्टालिन अपनी तुलना मीडिया से नहीं कर सकते: सनातन धर्म को डेंगू-मलेरिया बताने पर कई राज्यों में दर्ज हुई है FIR, क्लब कराने पहुँचे थे SC

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (1 अप्रैल 2024) को कहा कि तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन खुद को मीडिया और समाचार चैनलों के समान नहीं बता सकते। साल 2023 के अंत में उदयनिधि ने सनातन को डेंगू-मलेरिया बताते हुए इसे खत्म करने की बात कही थी। इसको लेकर उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। उदयनिधि ने इन सभी मुकदमों को एक साथ जोड़ने का आग्रह किया था।

सुप्रीम कोर्ट से उनके खिलाफ दर्ज सभी मामलों को क्लब करने का आग्रह करते हुए स्टालिन ने रिपब्लिक टीवी के एंकर अर्नब गोस्वामी और मोहम्मद जुबैर के मामलों का भी हवाला दिया। हालाँकि, जस्टिस संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की पीठ ने इससे इनकार कर दिया और कहा कि स्टालिन पत्रकार या मीडिया संस्थानों की स्थिति में होने का दावा नहीं कर सकते।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने टिप्पणी की, “आखिरकार, आपने स्वेच्छा से बयान दिया है। आपने जिन मामलों का हवाला दिया है, वे समाचार मीडिया के लोग थे जो टीआरपी पाने के लिए अपने मालिकों के आदेश के अनुसार काम कर रहे थे। आप अपनी तुलना मीडिया से नहीं कर सकते।” स्टालिन के खिलाफ उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र में FIR दर्ज हैं।

सुप्रीम कोर्ट में स्टालिन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, पी विल्सन और चितले पेश हुए। वकीलों ने राजस्थान में दर्ज एफआईआर/समन को क्लब करने की सुप्रीम कोर्ट की शक्ति के संबंध में एक सबमिशन नोट दाखिल करने के लिए समय माँगा। इस मामले को 6 मई से शुरू होने वाले सप्ताह में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा, “सुशांत सिंह राजपूत मामले को सीबीआई में कैसे स्थानांतरित किया गया? मैं तब बॉम्बे में था और वहाँ मामले निरर्थक हो गए।” इसके बाद सिंघवी ने भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा के मामले पर के बारे में बताया, जिनके खिलाफ कई राज्यों में एफआईआर की गई थी और बाद में उसे एक राज्य में स्थानांतरित कर दिया गया था। इस पर सिंघवी ने कहा, “नूपुर शर्मा शुद्ध राजनीतिज्ञ हैं।”

न्यायालय ने सवाल किया कि उदयनिधि स्टालिन ने आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 406 (मामलों और अपीलों को स्थानांतरित करने की सर्वोच्च न्यायालय की शक्ति) को लागू करने के बजाय संविधान के अनुच्छेद 32 (मौलिक अधिकारों को लागू करने के उपाय) के तहत शीर्ष अदालत के समक्ष याचिका क्यों दायर की थी। कोर्ट ने इसे CrPC की धारा 406 तहत लाने का आदेश दिया।

स्टालिन ने सितंबर 2023 में चेन्नई में तमिलनाडु प्रोग्रेसिव राइटर्स आर्टिस्ट एसोसिएशन द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में सनातन की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोनावायरस से की थी और इसे खत्म करने की अपील की थी। उनके भाषण के कुछ दिनों बाद उच्च न्यायालय के 14 सेवानिवृत्त न्यायाधीशों सहित 262 व्यक्तियों ने सुप्रीम कोर्ट को पत्र लिखकर इस संज्ञान लेने का आग्रह किया था।