Home Blog Page 1079

‘यहाँ पुलिस की हुकूमत, इस्लामिक स्टेट में अल्लाह की’ : तौसीफ अली हाथ में काला झंडा लेकर चला था ISIS ज्वाइन करने, हिंदू संगठनों ने पकड़कर पुलिस को दिया

आईएसआईएस में भर्ती होने जा रहे आईआईटी गुवाहाटी के छात्र तौसीफ अली फारूकी जब हॉस्टल से भागा, तो वो हाथों में आईएसआईएस का झंडा लेकर चल रहा था। तौसीफ को सबसे पहले हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने पकड़ा और आईएसआईएस के समर्थन की बात सुनने पर उसे चांटा भी जड़ दिया। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं के सामने तौसीफ ने जैसे ही हिंदू-मुस्लिम करना शुरू किया और आईएस की तारीफ शुरू की, वैसे ही उन्होंने थप्पड़ मारकर उसे जमीन पर बैठा दिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता तांके डेका ने अपने साथियों के साथ तौसीफ अलीफ फारूकी को कामरूप जिले से पकड़ा। उन्होंने तौसीफ को हाजो के दमदमा में पकड़ा। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं द्वारा उसे पकड़ने का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें उसे पकड़ने वाले लोग सवाल जवाब कर रहे हैं। इस वीडियो में तौसीफ बोलता है, “मेरी बात सुनिए आप लोग। मैं मानता हूँ कि हलाल और हराम बनाने का हक सिर्फ अल्लाह का है। ये जो हम लोग यहाँ हिंदू-मुसलमानों का राज कायम किया है, वो गलत है। आईसिस इसी चीज की दावत देता है कि अल्बात की दावत देता है कि अल्लाह ने जैसा बनाया है, वैसा हो। वो अल्लाह की हुकूमत साबित करना चाहते हैं।”

इस दौरान लोगों ने उससे पूछा कि क्या वो बंदूकों से लोगों पर हमला करने वाले आईएसआईएस आतंकवादियों का समर्थन करता है? इसके जवाब में उसने कहा, ‘आईएसआईएस अल्लाह का शासन स्थापित करना चाहता है, जबकि पुलिस अपना शासन स्थापित करना चाहती है।’ इसके बाद उसके मुँह पर एक थप्पड़ पड़ता है और उसे बैठा दिया जाता है। तौसीफ को गुवाहावी से 30 किमी दूर हाजो कस्बे के दमदमा में स्थित एक मार्केट कॉम्प्लेक्स से पकड़ा गया।

हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने की माँग

इस वीडियो को पोस्ट करते हुए आरएसएस के कार्यकर्ता गौतम चक्रवर्ती ने हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने की माँग की। उन्होंने लिखा कि हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं को उनकी जागरुकता और खतरे को रोकने के लिए कदम उठाने की सक्रियता के लिए सम्मानित किया जाना चाहिए।

इस मामले में तांके डेका ने भी फेसबुक पर जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, “आईआईटी गुवाहाटी का छात्र तौसीफ अली फारूकी आईएसआईएस का सदस्य है। उसे आज हाजो दमदमा में स्थानीय लोगों के समर्थन से हाजो पुलिस स्टेशन तक पहुँचाया है। उसने खुद को दिल्ली का निवासी बताया। क्या पढ़ा लिखा दुर्दांत मुस्लिम है।”

मीडिया से बातचीत करते हुए तांके डेका ने कहा, तौसीफ गुवाहाटी से नालबाड़ी की तरफ जा रहा था। उसके हाथ में इस्लामिक स्टेट का झंडा था। उसने दमदमा चौक पर इस्लामी नारे लगाए, जिसके तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने उसे रोक लिया। उसने बताया कि वो आईएसआईएस का सपोर्टर है, जिसके बाद कुछ स्थानीय लोगों ने उसकी पिटाई भी की। मैंने उसे लिंचिंग से बचाया और पुलिस को सौंप दिया।

डेका ने खुद तौसीफ से बातचीत की। इस बातचीत के आधार पर डेका ने कहा, “तौसीफ एक पढ़ा-लिखा जिहादी है, जिसका इस्लामिक जिहादी प्रोपेगेंडा ने पूरी तरह से ब्रेनवॉश किया जा चुका है। उसके पास से दो चाकू भी मिले।”

आईएसआईएस में शामिल होने का किया था ऐलान

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तौसीफ अली ने अपने लिंक्डइन पर खुला पत्र लिखकर अपने ISIS में जाने की सूचना दी थी। वहीं पुलिस को इस बारे में एक ईमेल के जरिए से सूचना मिली थी। माना जा रहा है कि इसे खुद छात्र ने पुलिस के पास भेजा था।

ईमेल में उसने दावा किया था कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के प्रति निष्ठा की शपथ ले चुका है। साथ ही उसने लिखा कि वह ISIS में भर्ती होने के लिए निकल चुका है। इस ईमेल की फ़ौरन जाँच करवाई गई। जाँच के दौरान पता चला कि ईमेल भेजने वाला छात्र शनिवार से ही फोन बंद करके लापता है। हालाँकि उसे हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने शनिवार की शाम को ही पकड़ लिया था और पुलिस के हवाले कर दिया।

बताते चलें कि अभी महज 4 दिन पहले असम पुलिस ने ISIS के भारत प्रमुख हारिश फारुखी को उसके साथी अनुराग सिंह सहित गिरफ्तार किया था। इन दोनों की गिरफ्तारी असम के धुबरी जिले से हुई थी। मूल रूप से पानीपत का रहने वाला अनुराग सिंह रेलवे का कर्मचारी है जो फिलहाल दिल्ली में तैनात है। हारिश फारुखी के सम्पर्क में आ कर अनुराग सिंह ने इस्लाम कबूल कर लिया था। मतांतरण के बाद उसका नया नाम रेहान है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या हिरासत में लिए गए छात्र का हारिश फारुखी और रेहान से कोई वास्ता है।

केजरीवाल के लिए नहीं उतरी सड़क पर ये भीड़, पुरी की रथ यात्रा की है तस्वीर: AAP समर्थक खुले में फैला रहे झूठ

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से आम आदमी पार्टी के समर्थक सड़कों पर आ गए हैं। इस दौरान तरह-तरह के युक्तियाँ आजमा कर AAP अपने साथ ज्यादा से ज्यादा जनसमर्थन जोड़ने के प्रयास में है और इसी कोशिश को करते हुए वो फेक तस्वीरें शेयर करने से नहीं चूँक रहे।

जैसे एक फोटो शेयर हो रही है जिसमें खचाखच भीड़ नजर आ रही है और सोशल मीडिया पर लिखा जा रहा है- “यह तस्वीर बयान करती है कि तानाशाह का अंत निश्चित है। केजरीवाल की गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ जनता सड़कों पर है।”

देख सकते हैं सोशल मीडिया पर इस फोटो को कई अकॉउंट्स से शेयर किया गया है। आप समर्थक इसे शेयर करके दिखा रहे हैं कि लोग केजरीवाल के जेल जाने से कितनी बड़ी तादाद में रोष प्रकट कर रहे हैं।

जब हमने इंटरनेट पर सर्च करके इस फोटो की हकीकत जाननी चाही तो पता चला कि ये फोटो असल में केजरीवाल के समर्थन में उतरी भीड़ की नहीं है बल्कि ओडिशा के जगन्नाथ पुरी में जुटी भीड़ की है।

मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर ये तस्वीर केजरीवाल की गिरफ्तारी के साल भर पहले डाली जा चुकी है। मगर, फिर भी प्रदर्शन को मजबूत और व्यापक दिखाने के लगातार ऐसी तस्वीरें शेयर हो रही हैं।

इसके अलावा इस फोटो को ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी अपने अकॉउंट से 20 जून 2023 को शेयर किया था। इससे साफ होता है कि लोगों की भीड़ वाली ये तस्वीर पुरी की रथ यात्रा की ही है। इसके साथ ही ये भी साफ होता है कि वायरल तस्वीर का हाल ही में हुए केजरीवाल के लिए किए प्रदर्शन से कोई लेना-देना नहीं है।

बता दें कि अरविंद केजरीवाल शराब घोटाला मामले में ईडी द्वारा अरेस्ट किए गए हैं। उनके जेल जाने के बाद से आप समर्थकों ने दिल्ली की सड़कों पर हंगामा किया हुआ है। लेकिन जो भीड़ दिखाकर ये फैलाया जा रहा है कि इतने ज्यादा लोग केजरीवाल के लिए सड़कों पर आए वो बिलकुल गलत है।

JNU छात्र संघ के चुनाव में लेफ्ट को पीछे छोड़ ABVP ने बनाई बढ़त, अध्यक्ष से लेकर महासचिव पद के प्रत्याशी चल रहे आगे: चार साल बाद हुए चुनाव में हुआ था रिकॉर्ड तोड़ मतदान

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) छात्र संघ (JNUSU) चुनाव की मतगणना जारी है। इसके नतीजे रविवार (24 मार्च 2024) को रात 9 बजे घोषित किए जाएँगे। हालाँकि, सामने आ रहे शुरुआती रुझानों में भाजपा की छात्र ईकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) आगे निकलती दिख रही है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और महासचिव को लेकर हुए चुनाव में रिकॉर्ड मतदान हुए थे।

JNUSU चुनाव में 1,421 मतपत्रों की गिनती में ABVP चारों सीटों पर आगे है। अध्यक्ष पद पर ABVP के उमेश चंद्र अजमेरा को 626 वोट मिले हैं। वहीं, लेफ्ट के धनंजय को 471 वोट मिले हैं। 19 उम्मीदवार जेएनयूएसयू केंद्रीय पैनल में पदों के लिए और 42 स्कूल काउंसलर्स के लिए मैदान में हैं। इनमें से 8 दावेदार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।

उपाध्यक्ष पद के लिए ABVP की दीपिका शर्मा को 319 मत मिले हैं। वहीं, लेफ्ट के अविजीत घोष को 177 और INDP के अंकुर राय को 201 मिले हैं। संयुक्त सचिव के पद के लिए हुए मतदान में ABVP के गोविंद डांगी को 450 मत मिले हैं, जबकि लेफ्ट के मोहम्मद साजिद को 189 मत मिले हैं। महासचिव पद के चुनाव में ABVP के अर्जुन आनंद को 424 मत मिले हैं। वहीं लेफ्ट समर्थित BAPSA की उम्मीदवार प्रियांशी आर्य को 211 मत मिले।

बता दें कि JNU में चार साल बाद छात्र संघ का चुनाव हुआ है। इसके लिए शुक्रवार (22 मार्च 2024) को मतदान हुए थे। इस बार 73 प्रतिशत की रिकॉर्ड वोटिंग हुई। यह पिछले 12 वर्षों में सबसे अधिक है। इस चुनाव में 7,700 से अधिक पंजीकृत मतदाताओं ने मतदान किया। साल 2019 में मतदान का प्रतिशत 67.9 था।

इस बार वामपंथी संगठन यूनाइटेड लेफ्ट के बैनर तले अपने उम्मीदवार उतारे। गठबंधन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (DSF), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) शामिल हैं। लेफ्ट ने अध्यक्ष के लिए धनंजय, उपाध्यक्ष के लिए अविजीत घोष और संयुक्त सचिव के लिए मोहम्मद साजिद को मैदान में उतारा है।

अल्लाह-हू-अकबर के नारे, अंधाधुंध गोलीबारी और सिर तन से जुदा: मॉस्को कॉन्सर्ट हॉल में हमला करने वाले ISIS आतंकियों का Video आया सामने

इस्लामिक स्टेट ने उन हमलावरों की तस्वीरें जारी की हैं, जिन्होंने मॉस्को के क्रोकस सिटी हॉल में घातक गोलीबारी की थी। बता दें कि इस्लामिक स्टेट आतंकवादी समूह ने मॉस्को के एक शॉपिंग मॉल और संगीत स्थल क्रोकस सिटी हॉल में 23 मार्च 2024 को हुए हमले की बॉडीकैम फुटेज जारी की है। इस हमले में 133 लोगों की मौत हो चुकी है, तो 107 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें बचाने की कोशिशें की जा रही हैं।

पूर्व में इराक और सीरिया में सक्रिय इस्लामिक स्टेट आतंकवादी समूह ने वीडियो जारी किया है जिसमें कथित तौर पर मॉस्को में कॉन्सर्ट हॉल पर हमला करने वाले चार बंदूकधारी दिख रहे हैं। इस्लामिक स्टेट से जुड़ी अमाक एजेंसी ने टेलीग्राम पर कहा कि यह हमला इस्लामिक स्टेट और उसकी विचारधारा का विरोध करने वाले देशों के बीच चल रहे संघर्ष का हिस्सा था।

अमाक द्वारा इस हमले का फुटेज भी जारी किया गया है, जिसे कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल की ओर जाते समय अपराधियों द्वारा फिल्माया गया था। फ़ुटेज में कम से कम तीन व्यक्तियों को दिखाया गया है, एक के पास बैकपैक है, दूसरे के हाथ में चाकू है और तीसरे के हाथ में राइफल है।

इस बीच, डच नेता गीर्ट वाइल्डर्स ने वीडियो शेयर किया है और लिखा है, “मॉस्को में निर्दोष रूसियों को मारने के बाद आतंकवादियों ने “अल्लाहु अकबर” नारा लगाया। आईएसआईएस फिर से मजबूत होता जा रहा है। आज मास्को कल एम्स्टर्डम, लंदन, बर्लिन या पेरिस जब तक हम उन्हें नहीं रोकते।”

वहीं, रूसी न्यूज चैनलों ने चार हमलावरों के पकड़े जाने की फुटेज ब्रॉडकास्ट की है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। इन व्यक्तियों को सात अन्य लोगों के साथ घटना के सिलसिले में शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। इस हमले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कथित तौर पर संदिग्धों को रूस-बेलारूस सीमा के पास खात्सुन गाँव में पकड़ा गया था। पूछताछ के दौरान, एक संदिग्ध ने पैसों के बदले लोगों को गोली मारने की बात कबूल की और दावा किया कि उसे इस कृत्य के लिए पाँच लाख रूबल ($5,425) की पेशकश की गई थी।

रूसी टेलीग्राम चैनलों पर प्रसारित फुटेज में एक व्यक्ति को चेहरे पर खून लगा हुआ, संभवतः कान की चोट के कारण, जंगल से निकलते हुए दिखाया गया है। एक अन्य वीडियो में वही व्यक्ति घुटनों के बल बैठकर सवालों का जवाब देता नजर आ रहा है। रूसी आंतरिक मंत्रालय ने कहा है कि सभी चार संदिग्ध विदेशी नागरिक हैं, एक रूसी सांसद ने सुझाव दिया है कि कुछ ताजिकिस्तान से हो सकते हैं।

वहीं, हमले के बारे में राष्ट्र को संबोधित करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपराधियों के साथ-साथ नरसंहार का आयोजन और आदेश देने वालों को “उचित और अनिवार्य रूप से दंडित” करने की कसम खाई। राष्ट्रपति पुतिन ने दावा किया कि हमलावरों ने नरसंहार के बाद यूक्रेन की ओर भागकर पकड़ से बचने का प्रयास किया। रूस की एफएसबी सुरक्षा सेवा ने बताया कि बंदूकधारियों के यूक्रेन में संबंध थे और उन्हें सीमा के पास पकड़ा गया था, उन्हें मॉस्को लाया जा रहा है। 23 मार्च को हुआ हमला रूस में दो दशकों में सबसे घातक बताया गया है।

इस बीच, 23 मार्च के हमले में मरने वालों की संख्या 133 हो गई है, मॉस्को के क्षेत्रीय गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने मलबे से शव मिलने की पुष्टि की है। चिकित्सा कर्मी घटना के दौरान लगी चोटों के कारण 107 व्यक्तियों का इलाज कर रहे हैं। बेलारूसी मीडिया आउटलेट नेक्स्टा की रिपोर्टों से पता चलता है कि क्रोकस सिटी हॉल के भीतर विभिन्न स्थानों पर शव पाए गए, जिनमें क्रोकस सिटी हॉल के एक शौचालय में 28 शव पाए गए हैं, तो बाहर निकलने वाली सीढ़ियों में से एक पर 14 शव पाए गए।

JDU ने लवली आनंद को शिवहर से और ललन सिंह को मुंगेर से उतारा: महागठबंधन में सीट बँटवारे के बिना राजद द्वारा 10 सिंबल बाँटने की खबर

लोकसभा चुनाव 2024 के लिए जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने बिहार में अपने 16 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की कर दी है। पार्टी ने पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह की पत्नी लव आनंद को शिवहर से और पूर्व पार्टी अध्यक्ष ललन सिंह को मुंगेर से मैदान में उतारा है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी उत्तर प्रदेश में 16 उम्मीदवारों की घोषणा की है। पार्टी ने सहारनपुर से माजिद अली को और अमरोहा से मुजाहिद हुसैन को टिकट दिया।

जदयू ने जहानाबाद से चंद्रेश्वर चंद्रवंशी को, नालंदा से कौशलेंद्र को, भागलपुर से अजय कुमार मंडल को, बांका से गिरधारी यादव को, गोपालगंज से डॉक्टर आलोक सुमन को और झंझारपुर से रामप्रीत मंडल को टिकट दिया है। इसके अलावा, कटिहार से दुलालचंद गोस्वामी को, मधेपुरा से दिनेशचंद्र यादव को, पूर्णिया से संतोष कुशवाहा को, सुपौल से दिलेश्वर कामत को वाल्मीकिनगर से सुनील कुमार को, सीतामढ़ी से देवेश चंद्र ठाकुर को, सिवान से विजयलक्ष्मी को और किशनगंज से मुजाहिद आलम को मैदान में उतारा है।

बता दें कि बिहार में लोकसभा की कुल 40 सीटें हैं। जदयू NDA का हिस्सा और टिकट बँटवारे में जदयू को 16 सीटें मिली हैं। भाजपा के खाते में 17 सीटें गई हैं। बाकी बची हुईं 7 सीटें गठबंधन के अन्य हिस्सेदारों को मिले हैं। इनमें चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 5 सीटें, उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को एक सीट, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को 1 सीट मिली हैं।

उधर, विपक्षी दलों के महागठबंधन में कॉन्ग्रेस, राजद और वाम दलों के बीच सीटों के बँटवारे पर अभी बात नहीं बनी है। इसके बावजूद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने अपने 10 उम्मीदवारों को पार्टी सिंबल बाँट दिए। अभय कुशवाहा को औरंगाबाद से, श्रवण कुशवाहा को नवादा से, कुमार सर्वजीत को गया से और अर्चना रविदास को जमुई से चुनावी सिंबल दिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पाटलिपुत्र संसदीय सीट से लालू प्रसाद ने अपनी पुत्री मीसा भारती, जहानाबाद से पूर्व मंत्री सुरेंद्र यादव और बक्सर से सुधाकर सिंह को सिंबल दिया है। वहीं, बाँका से जयप्रकाश नारायण यादव और मुंगेर से अशोक महतो की पत्नी अनिता कुमारी को सिंबल दे दिया है। वहीं, भाकपा (माले) ने बिहार में अपने दो उम्मीदवारों की घोषणा की है। माले ने आरा सीट से अपने वर्तमान विधायक सुदामा प्रसाद और काराकाट से राजाराम को प्रत्याशी घोषित किया है।

अगर बहुजन समाज पार्टी की बात करें तो उसने अपने 16 उम्मीदवारों में गौतमबुद्ध नगर से राजेन्द्र सिंह सोलंकी को, कैराना से श्रीपाल सिंह को, बिजनौर से विजेन्द्र सिंह को, नगीना (SC) से सुरेन्द्र पाल सिंह को, बुलन्दशहर (SC) से गिरीश चन्द्र जाटव को, शाहजहाँपुर (SC) से दोदराम वर्मा को, मुजफ्फरनगर से दारा सिंह प्रजापति को टिकट दिया है।

इसके अलावा पार्टी ने मेरठ से देववृत्त त्यागी को, बागपत से प्रवीण बंसल को, सहारनपुर से आबिद अली को, आंवला से आबिद अली को, पीलीभीत से अनीस अहमद खाँ उर्फ फूल बाबू को, मुरादाबाद से मोहम्मद इरफान सैफी को, रामपुर से जीशान खान को, सम्भल से शौलत अली को और अमरोहा मुजाहिद हुसैन को मैदान में उतारा है।

‘साजिद ने हमारे बच्चों को क्यों मारा?’ : 5 दिनों से रो-रोकर सवाल पूछ रहा पीड़ित परिवार, परेशान पिता ने निराश होकर अपनी ही बाइक फूँकी

बदायूँ डबल मर्डर केस के पीड़ित दोनों बच्चों के पिता विनोद पुलिस की कार्यप्रणाली से परेशान हैं। उन्होंने अपनी बाइक फूँक दी और कथित तौर पर आत्मदाह की कोशिश की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार (24 मार्च 2924) सुबह करीब 10 बजे विनोद ने ये कदम उठाया। वो पूछ रहे हैं कि ‘मेरे बच्चों को साजिद ने क्यों मारा, इसका कोई जवाब तो मुझे दे दे।’ वो पुलिस की कार्यप्रणाली से बेहद खफा हैं और न्याय की माँग कर रहे हैं।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, बदायूँ शहर की बाबा कॉलोनी में रहने वाले पीड़ित ने रविवार सुबह करीब दस बजे घर के सामने अपनी बाइक में आग लगा दी और आत्महत्या की कोशिश की। यह देख कर मौके पर मौजूद लोगों में खलबली मच गई। सूचना पर तुरंत पुलिस पहुँच गई और घटनास्थल से महज 500 मीटर दूरी पर ही मौजूद फायर स्टेशन से दमकल विभाग पहुँच गई और बाइक में लगी आग को बुझाया। स्थानीय लोग भी इस घटना की पुष्टि कर रहे हैं। एक व्यक्ति ने बताया कि विनोद कुमार ने अपनी बाइक घर से निकाल कर बाहर खड़ी की थी। फिर बाइक में पेट्रोल का पाइप खींच दिया, जिससे उसका पेट्रोल बाहर निकलने लगा। उसने तुरंत माचिस की तीली जलाकर आग लगा दी और आत्महत्या की कोशिश की।

दो दिन पहले दी थी आत्मदाह की चेतावनी

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों के पिता विनोद ठाकुर साजिद द्वारा बच्चों की हत्या के पीछे की असली वजह को पता लगाने की माँग की जा रही है, लेकिन पुलिस का दावा है कि परिवार पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट है। हालाँकि विनोद ठाकुर ने दो दिन पहले ही कहा था कि अगर हत्या का मकसद पता नहीं चला और उन्हें न्याय नहीं मिलास तो वो पूरे परिवार के साथ आत्मदाह कर लेंगे।

जानकारी के मुताबिक, विनोद ने बाइक को आग के हवाले करने के बाद कार को भी गराज से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन जब लोगों ने उन्हें रोक लिया, तो उन्होंने खुद को आग लगाने की कोशिश की। इसके बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़ लिया और उठाकर घर के अंदर ले गए।

इस घटनाक्रम की सूचना पाकर तुरंत ही सीओ सिटी आलोक मिश्रा मौके पर पहुँच गए। इसके साथ ही इंस्पेक्टर गौरव बिश्नोई भी मौके पर पहुँचे। उन्होंने विनोद ठाकुर को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

केजरीवाल को जेल में आई दिल्ली वालों की याद, पत्र लिखकर कहा- पानी की तकलीफ मत होने देना: लोग बोले- पूरा ड्रामा और पब्लिसिटी स्टंट

आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का जेल जाने के बाद रविवार (24 मार्च 2024) को एक पत्र सामने आया है। इस पत्र में फिलहाल जेल में बंद अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी मार्लेना को कुछ आदेश दिए हैं। इन निर्देशों में दिल्ली की जनता को पानी की सप्लाई सुचारु रूप से चलाने और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करने को कहा गया है। हालाँकि नेटीजेंस ने इसे एक ड्रामा करार देते हुए दिल्ली की वर्तमान जलमंत्री की क्षमताओं पर सवाल खड़े किए हैं।

ANI द्वारा शेयर किए गए इस पत्र में ऊपर दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय लिखा हुआ है। नीचे अरविन्द केजरीवाल छपा हुआ है। पत्र में उन्होंने आगे लिखा है, “मुझे पता चला है कि दिल्ली के कुछ इलाकों में पानी और सीवर की कुछ समस्याएँ हो रहीं हैं। इसे लेकर मैं चिंतित हूँ। चूँकि मैं जेल में हूँ इस वजह से लोगों को कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए। गर्मियाँ भी आ रहीं हैं। जहाँ पानी की कमी है वहाँ उचित सँख्या में टैंकरों का इंतजाम कीजिए।”

अरविन्द केजरीवाल ने इसी पत्र में आतिशी को आगे निर्देश दिया है कि वो दिल्ली के मुख्य सचिव को आदेश दें। इस आदेश में जनता को कोई तकलीफ न होने का ध्यान रखने को कहा गया है। अरविन्द केजरीवाल ने आतिशी से कहा है कि जरूरत पर वो उपराज्यपाल का भी सहयोग लें। केजरीवाल ने उम्मीद जताई है कि दिल्ली की समस्याओं के समाधान में उपराज्यपाल भी मदद करेंगे।

इस पत्र पर आतिशी मार्लेना का भी बयान आया है। उन्होंने अरविन्द केजरीवाल द्वारा खुद को चिट्ठी भेजे जाने की पुष्टि की है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उन्होंने केजरीवाल को दिल्ली की जनता का शुभचिंतक बताया है। वहीं यह पत्र वायरल होते ही नेटीजेंस तरह-तरह के कमेंट करने लगे हैं।

अमिताभ चौधरी ने अरविन्द केजरीवाल के इस पत्र को ड्रामा करार दिया है। उन्होंने अपने X हैंडल से लिखा है कि दिल्ली के लोगों का ध्यान रखने के लिए आतिशी मर्लेना अपनी तरफ से फैसले क्यों नहीं ले सकती हैं। अमिताभ चौधरी ने इसे अरविन्द केजरीवाल का मीडिया और पब्लिसिटी स्टंट करार दिया है।

चित्र साभार- X/@MithilaWaala

इस पत्र के सामने आने के बाद विभूति सिंह ने लिखा, “जेल जाते ही जनता की समस्या याद आने लगी। जब शीशमहल में थे तब इनको दिल्ली की समस्या का पता नहीं चलता था। लेकिन भ्रष्टाचार में अंदर जाते ही जनता की समस्या का पता चलने लगा। जब जलमंत्री को इस बात का पता नहीं है कि कहाँ पानी की समस्या है और कहाँ सीवर की समस्या है, तो उसे कामचोरी और निकम्मेपन के लिए इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।”

चित्र साभार- X/@VibhutiSinghIND

इसी पत्र पर अपने विचार रखते हुए अभिषेक रंजन ने लिखा, “कामचोर। बाहर रहते तो किया नही कुछ, अंदर से आर्डर दे रहा है।”

चित्र साभार- X/@1abhimat

इनके अलावा कई अन्य सोशल मीडिया यूजर भी इस पत्र को पब्लिसिटी स्टंट बता कर तमाम तरह के सवाल खड़े कर रहे। वकील पुनीत सिंह ने अरविन्द केजरीवाल को गजब का आदमी बताया और लिखा कि दिल्ली की सड़कों पर पानी है ये इन्हे जेल जाने के बाद पता चला।

बताते चलें कि करोड़ों रुपए के शराब कांड घोटाले में संलिप्तता के आरोपों के चलते अरविन्द केजरीवाल फिलहाल जेल में हैं। ED द्वारा लगातार नोटिस देने के बावजूद वो पेश नहीं हुए। इसी मामले में केजरीवाल के राज्यसभा सांसद संजय सिंह, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और मंत्री सत्येंद्र जैन पहले से ही जेल काट रहे हैं।

जिन्होंने भारत को राफेल दिलाने के लिए की फ्रांस से बात, वो पूर्व वायुसेना प्रमुख अब BJP में शामिल: मेरठ या गाजियाबाद से चुनावी मैदान में उतरने के कयास

भारतीय वायुसेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल (सेवानिवृत्त) राकेश कुमार सिंह भदौरिया रविवार (24 मार्च 2024) को भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी महासचिव विनोद तावड़े और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर की उपस्थिति में उन्होंने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ली। माना जा रहा है कि भाजपा उन्हें मेरठ या गाजियाबाद से लोकसभा चुनाव 2024 में उतार सकती है।

भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष जयप्रकाश नड्डा को धन्यवाद दिया। सितंबर 2021 में सेवा से रिटायर होने वाले राकेश सिंह भदौरिया ने कहा, “मुझे भाजपा में शामिल होने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का मौका देने के लिए मैं पीएम मोदी, भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा और अन्य नेताओं को धन्यवाद देता हूँ।”

भारत को राफेल जेट दिलाने में राकेश सिंह भदौरिया की महत्वपूर्ण भूमिका थी। भारत की ओर से जो टीम फ्रांस से 36 राफेल जेट खरीदने के लिए बातचीत कर रही थी, उस टीम का नेतृत्व पूर्व वायुसेना प्रमुख भदौरिया ही कर रहे थे। इसके अलावा भी उन्होंने कई सैन्य सुधारों में अपना योगदान दिया है। रक्षा सेवाओं में उनके पास लगभग चार दशक का अनुभव है।

लोकसभा चुनावों की घोषणा के बीच पूर्व वायुसेना प्रमुख के भाजपा में शामिल होने को लेकर कई तरह के कयास लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ या गाजियाबाद से उन्हें लोकसभा का उम्मीदवार बना सकती है। हालाँकि, इसको लेकर पार्टी की ओर से बयान जारी नहीं किया गया है।

बता दें कि भाजपा लोकसभा उम्मीदवारों की अपनी अगली सूची कभी भी जारी कर सकती है। पार्टी की तीसरी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक शनिवार (23 मार्च 2024) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में हुई।

इस बैठक में राज्यों के संभावित उम्मीदवारों की सूची पर चर्चा की गई। इस बैठक में ओडिशा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान के उम्मीदवारों के नामों पर गहन मंथन हुआ। बता दें कि लोकसभा की 543 सीटों के लिए 19 अप्रैल से एक जून के बीच सात चरणों में चुनाव होना है। वहीं, मतगणना चार जून को होगी। 

राकेश सिंह भदौरिया मूल रूप से आगरा जिले की बाह तहसील के रहने वाले हैं। वो पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के छात्र रह चुके हैं। उन्होंने 4250 घंटे से ज्यादा की उड़ान भरी है और उनके पास 26 विभिन्न प्रकार के लड़ाकू विमानों का अनुभव है। वे मार्च 2017 से अगस्त 2018 तक दक्षिणी वायु कमान के कमांडिंग-इन-चीफ थे। मई 2019 से सितंबर 2021 तक वे वायु सेना प्रमुख रहे।

सेवा काल के दौरान उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। राकेश कुमार सिंह भदौरिया को अति विशिष्ट सेवा पदक, वायु सेना पदक और परम विशिष्ट सेवा पदक सहित कई पदकों से सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें जनवरी 2019 में भारत के राष्ट्रपति का मानद Aide De Campe नियुक्त किया गया था।

प्राचीन हिंदू मंदिर की जमीन पर मुस्लिम बना रहे अवैध मस्जिद, सांसद जकरिया ने किया उद्घाटन: बांग्लादेश में हिंदू विरोध में उतरे, PM शेख हसीना से हस्तक्षेप की माँग

बांग्लादेश के दिनाजपुर में एक प्राचीन हिन्दू मंदिर पर अवैध कब्ज़े का मामला सामने आया है। यह कब्ज़ा इस्लामी समूहों द्वारा किया जा रहा है। यहाँ मंदिर परिसर की जमीन पर मस्जिद बनाने का काम शुरू हो चुका है। इस अवैध निर्माण का उद्घाटन बांग्लादेश के एक मुस्लिम सांसद ने किया है। स्थानीय हिन्दू श्रद्धालुओं ने इसे मंदिर पर कब्ज़े की कोशिश बताते हुए विरोध शुरू कर दिया है। बांग्लादेश के अल्पसंख्यक समूहों ने एक स्वर में प्रधानमंत्री शेख हसीना से इस मामले में हस्तक्षेप करने की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला बांग्लादेश के दिनाजपुर का है। यहाँ के कहरुल उप जिला के अंतर्गत हिन्दुओं का एतिहासिक कांताज्यू मंदिर है। यहाँ के रहने वाले रंजीत कुमार ने बताया है कि मंदिर की जमीन कुल 62.46 एकड़ में है। यह जमीन तमाम सरकारी अभिलेखों में भी दर्ज है। आरोप है कि अब मंदिर की इसी जमीन पर अवैध तौर पर एक मस्जिद का निर्माण शुरू हो चुका है। इस मस्जिद को कुछ स्थानीय मुस्लिम ही बनवा रहे है। मस्जिद का उद्घाटन दिनाजपुर 1 संसदीय क्षेत्र से सांसद मोहम्मद ज़करिया जाका ने किया है।

बांग्लादेश के हिन्दू, बौद्ध और ईसाई एकता कांउसिल ने मंदिर की जमीन पर हो रहे इस अवैध कब्ज़े के खिलाफ नाराजगी जताई है। उन्होंने एक स्वर में इस जगह को पुरातात्विक और ऐतिहासिक स्थल बताया है। विरोध कर रहे अल्पंसख्यकों ने सांसद मोहम्मद ज़करिया के अलावा इलाके के डिप्टी कमिश्नर शकील अहमद पर भी कब्ज़े की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। इन सभी ने इसे बांग्लादेश की छवि को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने और देश में साम्प्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने वाली हरकत करार दिया है।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के संगठन ने प्रधानमंत्री शेख हसीना को पत्र लिख कर इस अवैध निर्माण पर रोक लगाने की माँग की है। हिन्दू संगठनों द्वारा प्रशासनिक स्तर पर किए गए प्रयासों के बाद फिलहाल निर्माण काम रोक दिया गया है। हालाँकि निर्माण का विरोध कर रहे रतन सिंह ने आरोप लगाया है कि रात में चोरी-छिपे अवैध निर्माण अभी भी जारी है। बताते चलें कि कांताज्यू मंदिर बांग्लादेश के हिन्दुओं की आस्था का एक बड़ा केंद्र है। यह मंदिर सैकड़ों साल पुराना बताया जाता है।

‘पैदल जा रहा हूँ ISIS में भर्ती होने, काफिरों रोक सको रोक लो’: IIT गुवाहाटी के तौसीफ अली ने LinkedIn पर लिखा खुला पत्र, असम STF ने रास्ते में धरा

असम पुलिस ने कथित तौर पर ISIS जॉइन करने निकले IIT छात्र को हिरासत में लिया है। उसका नाम तौसीफ अली फारूकी है। वह मूल रूप से दिल्ली के जामिया नगर का निवासी है जो IIT गुवाहाटी में बायोटेक्नॉलजी के चौथे वर्ष में पढ़ाई कर रहा था।

पुलिस को तौसीफ की सूचना एक ईमेल के जरिए मिली थी। पुलिस ने छानबीन की तो उसके हॉस्टल के कमरे से एक काले रंग का झंडा भी मिला। अब असम पुलिस की STF यूनिट मामले की जाँच कर रही है। यह कार्रवाई शनिवार (23 मार्च 2024) को की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तौसीफ अली ने अपने लिंकेडइन पर खुला पत्र लिखकर अपने ISIS में जाने की सूचना दी थी। वहीं पुलिस को इस बारे में एक ईमेल के जरिए से सूचना मिली थी। माना जा रहा है कि इसे खुद छात्र ने पुलिस के पास भेजा था।

ईमेल में उसने दावा किया था कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के प्रति निष्ठा की शपथ ले चुका है। साथ ही उसने लिखा कि वह ISIS में भर्ती होने के लिए निकल चुका है। इस ईमेल की फ़ौरन जाँच करवाई गई। जाँच के दौरान पता चला कि ईमेल भेजने वाला छात्र शनिवार से ही फोन बंद करके लापता है।

इसके बाद पुलिस ने छात्र की तलाश शुरू कर दी। आखिरकार शनिवार की शाम उसकी लोकेशन गुवाहाटी से लगभग 30 किलोमीटर दूर हाजो इलाके में मिली। पुलिस ने दबिश दे कर छात्र को हिरासत में ले लिया। उसे पकड़ कर गुवाहाटी स्थित स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) मुख्यालय लाया गया है। यहाँ संदिग्ध से पूछताछ की जा रही है।

अपने पत्र में ISIS ज्वाइन करने निकले तौसीफ ने कहा था कि वह अपने आपको भारतीय संरचना से दूर करता है जिसमें उसके हिसाब से तथाकथित भारत का संविधान और अन्य संस्थान शामिल हैं। इसके बाद उसने अपने पत्र में इस्लामिक स्टेट ज्वाइन करने की जानकारी दी। उसने ये भी कहा कि वो ये यात्रा पैदल करने वाला है। अगर कोई ‘काफिर’ रोकना चाहता है तो उसे उसका सामना करना होगा। अपने पत्र में उसने उन रास्तों की पूरी जानकारी दी जहाँ से वो जाने वाला था। आखिर में उसने हिंदुओं को काफिर कहते हुए अल्लाह के आगे सिर झुकाने को भी पत्र में लिखा है। इसमें कहा है कि काफिर ये मानें इस दुनिया में कोई भगवान नहीं है सिर्फ अल्लाह हैं।

संदिग्ध छात्र गुवाहाटी के एक हॉस्टल में रह रहा था। पुलिस की एक टीम ने उसके कमरे की तलाशी ली। तलाशी के दौरान ही उसके कमरे से काले रंग का झंडा भी बरामद किया गया। पुलिस अधिकारी कल्याण कुमार पाठक ने बताया कि अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। मामले की जाँच की जा रही है।

बताते चलें कि अभी महज 4 दिन पहले असम पुलिस ने ISIS के भारत प्रमुख हारिश फारुखी को उसके साथी अनुराग सिंह सहित गिरफ्तार किया था। इन दोनों की गिरफ्तारी असम के धुबरी जिले से हुई थी। मूल रूप से पानीपत का रहने वाला अनुराग सिंह रेलवे का कर्मचारी है जो फिलहाल दिल्ली में तैनात है। हारिश फारुखी के सम्पर्क में आ कर अनुराग सिंह ने इस्लाम कबूल कर लिया था। मतांतरण के बाद उसका नया नाम रेहान है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या हिरासत में लिए गए छात्र का हारिश फारुखी और रेहान से कोई वास्ता है।