उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक हिंदू परिवार का घर कासिम नाम के मुस्लिम व्यक्ति ने फूँक दिया, क्योंकि बच्चे के खेलते समय उसे गेंद लग गई थी। इस आगजनी में पीड़ित परिवार के छप्पर वाले घर में बंधी तीन गोवंश जानवर झुलस गए, जिनका इलाज अभी पशु अस्पताल में चल रहा है। गनीमत रही कि पीड़ित परिवार किसी तरह घर निकलकर अपनी और परिवार की जान बचाई। आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में आरोपित को पकड़ा और फिर चालान करके उसे जेल भेजने की जगह घर भेज दिया।
ये मामला उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का है। जहाँ के हरैया थाना इलाके के मुस्लिम बहुल गाँव शेरवादीह में महज तीन घर मुस्लिमों से अलग हैं। बाकी पूरा गाँव मुस्लिमों का है। इस गाँव के रहने वाले राजबलि चौहान का आरोप है कि दो दिन पहले उनका 8 साल का नाती खेल रहा था, तभी उसकी गेंद कासिम के पैर में लग गई। कासिम ने इसके बदले बच्चे की न सिर्फ शिकायत घर पर की, बल्कि घर वालों को धमकाया भी। यही नहीं, जब बच्चे के पिता ने विरोध किया, तो पूरे परिवार को जिंदा जला देने की धमकी दी और चला गया।
आरोप है कि एक सप्ताह बाद कासिम ने 18 मार्च 2024 की देर रात उसके छप्परनुमा घर पर ज्वलनशील पदार्थ डाला और आग लगा दी। इस दौरान पूरा परिवार उसी छप्परनुमा घर में सो रहा था। आग तेजी से बढ़ी तो पूरे परिवार ने किसी तरह से जान बचाई। इस दौरान छप्परनुमा घर में बंधे तीन गोवंश झुलस गए, जिनका पशु चिकित्सालय द्वारा इलाज किया जा रहा है।
इस मामले में पीड़ित राजबलि ने पुलिस में शिकायत की, तो थाने में उनकी बात नहीं सुनी गई, जिसके बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने थाने में प्रदर्शन किया, तब जाकर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इसके बावजूद पुलिस ने कासिम का मामूली धाराओं में चालान करके छोड़ दिया।
पुलिस पर लग रहे आरोपों को डीएसपी अशोक कुमार मिश्रा ने गलत बताया है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने के बाद हमने एफआईआर दर्ज कर ली है, जिसमें कासिम को मुख्य आरोपित बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अग्निकांड में झुलसे गोवंशों का इलाज अभी जारी है।
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में खुदाई के दौरान अब तक का सबसे प्राचीन मंदिर और शिवलिंग मिला है। इस शिवलिंग के पहली सदी से लेकर पाँचवीं सदी के बीच की होने की संभावना जताई जा रही है। कहा जा रहा है कि यह मंदिर मठ से निर्मित किए गए होंगे। 4 मार्च 2024 से चल रही आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया( ASI) द्वारा यह खुदाई चौमुखनाथ मंदिर आसपास मौजूद टीलों की हो रही है।
इस खुदाई में माना जा रहा है कि अभी कई और प्राचीन प्रतिमाएँ और मंदिरों के अवशेष मिल सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह खुदाई पन्ना जिले के गाँव नचना कुठारा में चल रही है। यहाँ 2 प्राचीन मंदिर स्थित हैं। इन्हें आसपास इलाकों में चौमुखनाथ (चतुर्भुज नाथ) और पार्वती मंदिर के नाम से जाना जाता है। माता पार्वती मंदिर 5वीं की, जबकि चौमुखनाथ मंदिर 8वीं सदी की बताई जा रही है।
भारतीय आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया( ASI) के जबलपुर सर्किल के पुरातत्वविद डॉक्टर शिवाकांत वाजपेयी के नेतृत्व में मंदिर परिसर के पास अवस्थित 8 टीलों में से 2 को चिह्नित किया गया है। इन्हीं टीलों के आसपास खुदाई का काम चल रहा है। लगभग 15 दिनों की खुदाई के बाद पार्वती मंदिर से लगभग 33 मीटर दूर मौजूद टीले से एक शिवलिंग निकला है।
पुरातत्वविदों का दावा है कि खुदाई में सामने आया शिवलिंग 1 से 5वीं सदी के बीच का हो सकता है। इतिहासकार इसे गुप्तकालीन शिवलिंग बता रहे हैं। शिवलिंग का निर्माण किस चीज से हुआ है, इसकी जाँच अभी चल रही है। पुरातत्वविद वाजपेयी के मुताबिक, खुदाई आगे बढ़ने के साथ अभी कुछ और ऐतिहासिक धरोहरें मिल सकती हैं।
जिस गाँव में यह शिवलिंग मिला है उसके बारे में पुरातत्वविदों का मानना है कि सम्भवतः यह जगह गुप्तकाल में कोई समृद्ध व्यापारिक केंद्र रहा होगा। फिलहाल ASI इस बात का पूरा ध्यान रख रहा है कि खुदाई से निकली शासकीय संपत्ति को कोई नुकसान न पहुँचे। औजारों को बेहद सावधानी से चलाया जा रहा है। खुदाई के लिए टीलों को धागे से चिह्नित करके वहाँ वीडियोग्राफ़ी और फोटो खींचना प्रतिबंधित कर दिया गया है।
वाजपेयी के मुताबिक,ASI के पहले महानिदेशक जनरल अलेक्जेंडर कनिंघम ने इस गाँव में 2 पुराने मंदिरों की खोज की थी। साल 1885 में इससे जुड़ी रिपोर्ट भी प्रकाशित हुई थी, जिसमें पहला पार्वती मंदिर और दूसरा चतुर्मुख शिव मंदिर की बात कही गई है। तब से ASI की लिस्ट में यह स्थान ऐतिहासिक धरोहरों के तौर पर शामिल था। बकौल वाजपेयी, वे भारत के सबसे पुराने मंदिर की तलाश में हैं।
पुरातत्वविद डॉक्टर नारायण व्यास कहते हैं कि नचना का पार्वती मंदिर उन शुरुआती उपासना स्थलों में से है, पत्थरों को काटकर बनाए गए स्थानों की जगह ले रहा है। यह मंदिर दो मंजिला है। इसमें एक मंडप और एक गर्भगृह है। इसकी छत सपाट है। इससे पता चलता है कि तब तक मंदिरों के शिखर बनना शुरू नहीं हुए थे। इसके प्रवेश द्वार पर खूबसूरत नक्काशी से गंगा और यमुना की छवि को उकेरा गया है।
मंदिरों पर कुछ पौराणिक कथाओं का भी चित्रण हैं। उन पर गुप्तकाल का प्रभाव है। डॉक्टर व्यास बताते हैं कि मंदिर स्थापत्य की शुरुआत गुफा मंदिरों से हुई थी। ईसा पूर्व की दूसरी शताब्दी में अजंता में हीनयान बौद्ध परंपरा की गुफाएँ बनी थीं। उसके बाद कुछ गुफाओं के साथ पत्थरों को जोड़कर मंदिर बनाने का नया आर्किटेक्ट विकसित हुआ था।
डॉ़क्टर व्यास का कहना है कि विदिशा के पास बेसनगर में एक पुराने मंदिर की नींव के अवशेष मिले हैं। शायद यह लकड़ी का बना हुआ और यह दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व का है। यहाँ एक गरूड़ स्तंभ है, जिसे स्थानीय लोग खाम्म बाबा कहते हैं। माना जाता है कि यह बेसनगर के मंदिर की ही छवि है।
कुछ इतिहासकारों का मानना है कि इस मंदिर का डिजाइन शुरुआती ग्रीक मंदिरों से मिलता-जुलता है। इसे चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के समय 5वीं शताब्दी की शुरुआत में बनाया गया था। बताते चलें कि मध्य प्रदेश के कटनी जिले में बहोरीबंद के पास तिगवाँ गाँव में 36 पुराने मंदिरों का एक समूह है, जिसमें कंकाली मंदिर का ढाँचा अभी भी अच्छी स्थित में है। इसे 5वीं शताब्दी की शुरुआत का माना जाता है।
तृणमूल कॉन्ग्रेस की राज्यसभा सांसद और पूर्व ‘पत्रकार’ सागरिका घोष ने एक्स पर ये दावा किया है कि उनका फोन मोदी सरकार हैक कर रही है। उन्होंने एटरटेल के हवाले से दावा किया है कि उनका सिस्टम (मोबाइल फोन) मालवेयर (वायरस) से संक्रमित हो सकता है।
एयरटेल द्वारा भेजे गए मेल में लिखा है, “प्रिय ग्राहक, हमें CERT-IN द्वारा सूचना दी गई है कि आपका डिवाइस बॉट/मालवेयर से संक्रमित है।” इसके आगे एयरटेल ने सागरिका घोष से उनके सिस्टम में एंटी वायरस और एंटी-स्पाईवेयर सॉफ्टवेयर इंस्टाल करने की सिफारिश की है।
Received this email a couple of days ago. Does anyone here know what cyberswachhta is? And how does it know my system has malware? pic.twitter.com/JUwtfvFHSi
शुक्रवार (22 मार्च 2024) को सागरिका घोष ने पूछा था, ”कुछ दिन पहले यह ईमेल मिला। क्या यहाँ कोई जानता है कि साइबर स्वच्छता क्या है? और इसे कैसे पता चलेगा कि मेरे सिस्टम में मैलवेयर है?”
एक दिन बाद शनिवार (23 मार्च 2024) को उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद होने के कारण उनका फोन हैक किया जा रहा है। उन्होंने लगभग बेशर्मी से लिखा, “अपडेट: एयरटेल से दोबारा बात की। ये उतना हानिरहित नहीं है जितना उन्होंने सोचा था। उन्हें मेरे फोन में सेंध(हैकिंग) की कोशिश का शक है। प्रिय भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय: एक विपक्षी सांसद का फोन क्यों हैक किया जा रहा है।”
सागरिका घोष, जो फर्जी खबरें फैलाने में नई नहीं हैं ने कहा कि विपक्षी पार्टी की सांसद होने की वजह से उनके फोन को हैक किया जा सकता है। उन्होंने पूछा, “मुझे एयरटेल इंडिया से यह ईमेल क्यों प्राप्त हुआ है?”
उनके विवादास्पद ट्वीट पोस्ट करने के बाद, कई सोशल मीडिया यूजर ने बताया कि जब कोई उपयोगकर्ता अनधिकृत ऐप डाउनलोड करता है तो इंटरनेट सेवा प्रदाता ऐसे संदेश भेजते हैं।
एक नेटिज़न ने ट्वीट किया, “शायद यह एक मैलवेयर/वायरस हमला है जो तब होता है जब कोई अनधिकृत ऐप्स इंस्टॉल करता है।”
Influence of MADRASA CHAP ‘s from W Bengal has an effect on the ability to read / comprehend and analyse .
It’s a malware / virus attack maybe which happens when one installs unauthorised apps .
एक यूजर ने टीएमसी सांसद से कहा, ”यह एक मैलवेयर है। ऐसा आपके द्वारा देखे गए वेब पेजों के कुछ ख़राब चयन के कारण हो सकता है…” बता दें कि सागरिका घोष को टीएमसी ने इसी साल राज्यसभा सांसद बनाया है। इससे पहले वो खुद को ‘निष्पक्ष’ पत्रकार कहती रही थी।
हिमाचल प्रदेश में पार्टी से निष्कासित किए गए कॉन्ग्रेस के 6 पूर्व विधायक शनिवार (23 मार्च 2024) को भाजपा (BJP) में शामिल हो गए। दरअसल, कॉन्ग्रेस के एक व्हिप का उल्लंघन करने के बाद इन इन लोगों को विधायक पद से अयोग्य करार दिया गया था। वे केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर आदि नेताओं की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हो गए।
इन बागी नेताओं को पार्टी में शामिल करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि इनके आने से भाजपा और मजबूत होगी। पूर्व सीएम ने कहा कि राज्य में कॉन्ग्रेस सरकार पर अपने वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया और कहा कि इससे जनता में आक्रोश है। जयराम ठाकुर ने कहा कि जनाक्रोश के कारण इन नेताओं ने हाल में हुए संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा का समर्थन किया था।
#WATCH | Six rebel MLAs of Himachal Pradesh- Sudhir Sharma, Ravi Thakur, Inder Dutt Lakhanpal, Devendra Bhutto, Rajendra Rana, and Chaitanya Sharma, join BJP in the presence of Himachal Pradesh BJP President Rajiv Bindal and Union Minister Anurag Thakur. pic.twitter.com/IftAl6U1T5
कॉन्ग्रेस के जो 6 बागी विधायक भाजपा में शामिल हुए वे हैं- राजेंद्र राणा, रवि सिंह ठाकुर, इंद्रदत्त लखनपाल, सुधीर शर्मा, चैतन्य शर्मा और देवेंद्र कुमार भुट्टो। ये सभी कॉन्ग्रेस के टिकट पर निर्वाचित हुए थे, लेकिन हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राज्य सरकार के पक्ष में मतदान करने के पार्टी व्हिप की अवज्ञा करने के कारण 29 फरवरी 2024 को अयोग्य करार दिया गया था।
इन विधायकों की विधायकी जाने के बाद निर्वाचन आयोग ने इनके निर्वाचन क्षेत्रों में उपचुनाव की घोषणा की है। माना जाता है कि ये सभी पूर्व विधायक भाजपा की टिकट पर अपनी-अपनी सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं। इसके अलावा, तीन निर्दलीय विधायकों – आशीष शर्मा, होशियार सिंह और केएल ठाकुर ने शुक्रवार (22 मार्च 2024) भी भाजपा में शामिल हो गए हैं।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल की मौजूदगी में ये सभी नेता भाजपा में शामिल हुए। इस दौरान राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि अयोग्य ठहराए गए विधायकों ने गुरुवार (21 मार्च 2024) की रात को भाजपा हाईकमान के साथ बैठक की थी। इसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए।
इस दौरान राजेंद्र राणा ने कहा कि जब से कॉन्ग्रेस की सरकार बनी है, तब जनता की सुनवाई नहीं हो रही है। सरकार युवाओं के रोजगार पर गौर नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोगों से किए गए वादे पूरी नहीं कर रही है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू तानाशाह बन गए हैं और वे लोगों को अपमानित कर रहे। विधायकों की सुनने वाला कोई नहीं है। सरकार विधायकों के मुताबिक नहीं चल रही है।
बॉलीवुड फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने अपने इंस्टाग्राम पर घोषणा की है कि वह अब इंडस्ट्री में करियर बनाने आए नए लोगों से फ्री में नहीं मिलेंगे। उनका कहना है कि नए लोगों से मिलकर उन्होंने अब तक बहुत समय बर्बाद कर लिया है लेकिन आगे से वो इस काम के पैसे लेंगे।
अपने इंस्टाग्राम पर उन्होंने पोस्ट डाला। इसमें उन्होंने कहा, “न्यूकमर्स को मदद करने की कोशिश में मैंने अपना बहुत वक्त बर्बाद किया, जिनमें से अधिकतर बेकार साबित हुए। इसलिए अब आगे से मैं रेंडम लोगों से मुलाकात करने में अपना वक्त बिल्कुल बर्बाद करने वाला नहीं जो खुद को क्रिएटिव जीनियस समझते हैं। इसलिए अब से मैंने अपना रेट तय कर दिया है।”
अनुराग कश्यप ने अपना रेट बताते हुए स्पष्ट तौर पर लिखा, “अगर कोई मुझसे 10-15 मिनट मिलना चाहता है तो मैं उनसे 1 लाख रुपए चार्ज करूँगा। आधे घंटे के लिए मैं 2 लाख रुपए लूँगा और कोई एक घंटा मुझसे मिलना चाहता है तो उसके लिए उन्हें मुझे 5 लाख रुपए पे करने होंगे। ये है मेरा चार्ज। मैंने लोगों से मीटिंग कर करके थक गया हूँ। अगर आपको सचमुच लगता है कि आप ये अफोर्ड कर सकते तो मुझे कॉल करिए वर्ना भाड़ में जाइए। और सारे पैसे एडवांस में पे होंगे।”
अनुराग कश्यप ने अपने इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा, “और मेरा यही मतलब है कि मुझे टेक्स्ट या डीएम या कॉल न करें। पहले पे करें और तभी आपको समय दिया जाएगा। मैं कोई चैरिटी नहीं हूँ और मैं शॉर्टकट ढूँढने वाले लोगों से थक गया हूँ।”
अनुराग कश्यप के इस पोस्ट के बाद लोग उसपर मजे ले रहे हैं। कोई कह रहा है कि ये पोस्ट अनुराग ने ड्रिंक में की है तो कोई पूछ रहा है कि इसका मतलब ये है कि आप सिर्फ अमीर बच्चों की ही मदद करेंगें। तो कोई याद दिला रहा है कि जब तुम न्यूकमर रहे होगे तब तुम्हें भी किसी न किसी ने समर्थन किया होगा तब जाकर आज तुम अनुभवी हुए हो।
उत्तर प्रदेश के बदायूँ में 19 मार्च 2024 को 2 हिन्दू बच्चों का गला रेतने के मुख्य आरोपित साजिद को पुलिस ने अगले दिन एक मुठभेड़ में मार गिराया। साजिद का भाई और घटना का दूसरा आरोपित जावेद गिरफ्तार हो चुका है और उसे पुलिस ने जेल भेज दिया है। इस पूरे मामले में आरोपितों और उनके परिजनों के बयानों में काफी विरोधाभास निकल कर सामने आया है।
अगर आरोपित जावेद और उसके घर वालों के बयानों के आधार पर जाँच की जाए तो कातिलों के रोजा रखने, साजिद की बीवी और जावेद की लोकेशन पर अलग-अलग निष्कर्ष निकल कर सामने आएँगे। इन सभी के बयानों और पुलिस के खुलासे में भी काफी अंतर है। आरोपित जावेद की लोकेशन पर भी संशय है।
जावेद की लोकेशन पर अलग-अलग दावे
FIR के अलावा, मृतकों के पड़ोसियों का दावा है कि दोनों मासूमों की हत्या के समय जावेद घर के ही नीचे था। IG राकेश कुमार सिंह ने भी अपने बयान में जावेद के घटनास्थल पर मौजूदगी की बात कही है, जो वारदात के बाद फरार हो गया था। पुलिस और FIR कॉपी के उलट, जावेद की लोकेशन के मामले में उसके परिजनों और सखानू गाँव के कुछ निवासियों के अलग ही दावे हैं।
जावेद की दादी ने ऑपइंडिया को बताया कि घटना के समय जावेद अपने गाँव में ही था और मिट्टी खोद रहा था। हमें एक जगह भी दिखाई गई, जहाँ गड्ढा था। जावेद की दादी ने हमें बताया, “वो अपने घर पर मिट्टी खोद रहा था। उसे किसी ने फोन करके बताया कि भाई साजिद का झगड़ा हो गया है। वो काम छोड़कर बदायूँ भागा और वहाँ पुलिस ने उसे पकड़ लिया।”
जावेद की रिश्तेदार रुखसाना और पड़ोसी मुजफ्फर ने भी जावेद द्वारा मिट्टी खोदे जाने की बात दोहराई। जिस जगह मिट्टी खोदी गई है उसे देख कर लगता है कि उसकी अधिक-से-अधिक 1 घंटा पहले खुदाई हुई होगी। अब सवाल यह ये कि जावेद ने महज 1 घंटे ही मिट्टी खोदी होगी? महज एक घंटे के काम को दिन भर का काम बताने के पीछे क्या मंशा रही होगी। शायद भविष्य में यह भी जाँच का विषय बने।
इसी इतनी मिट्टी को जावेद द्वारा खोदने का किया जा रहा दावा
जावेद का बरेली में गिरफ्तारी से पहले एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में उसने घटनास्थल पर भीड़ देखकर डर के मारे भाग जाने का दावा किया था। जावेद के गाँव सखानू की बदायूँ शहर से दूरी लगभग 15 किलोमीटर है। दोनों के बीच सिंगल सड़क है, जो व्यस्त है और बाजार से होकर जाती है।
अगर जावेद बाइक से भी अपने भाई के पास घटनास्थल पर जाता तो उसे वहाँ पहुँचने में कम-से-कम 40 मिनट का समय लगता है। इतने समय में आक्रोशित भीड़ घटनास्थल के बजाय पुलिस चौकी पहुँच चुकी थी। ऐसे में तमाम सवाल ऐसे खड़े होते हैं कि घटना के समय जावेद था कहाँ ?
साजिद की बीवी मायके या ससुराल में ?
इस दोहरे हत्याकांड में साजिद की बीवी सना का जिक्र मीडिया और सोशल मीडिया में पहले दिन से है। FIR में भी साजिद द्वारा अपनी बीवी को गर्भवती बताकर पैसे वसूलने का जिक्र किया गया है। 21 जनवरी को आजतक ने साजिद की ससुराल ददमई जाकर सना और साजिद की सास मिस्कीन से बात की थी। इस बातचीत में सना के गर्भवती न होने का भी खुलासा हुआ था।
तब साजिद की ससुराल वालों ने यह भी दावा किया था कि सना पिछले 15 दिनों से अपने मायके में ही है। ऑपइंडिया की टीम जब साजिद के गाँव सखानू में पहुँची तो वहाँ इन दावों के उलट ही बात पता चली। साजिद की दादी ने दावा किया कि घटना से कुछ घंटे पहले घर पर मौजूद साजिद ने अपनी बीवी से खाना बनाने के लिए कहा था।
साजिद की दादी के पास मौजूद रुखसाना और शानवाज आदि भी इस दावे के समर्थन में हाँ में हाँ मिलाते दिखे। हालाँकि साजिद की बीवी की लोकेशन के बारे में अभी तक प्रशासनिक स्तर पर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस का दावा है कि घटना से जुड़े तमाम पहलुओं पर विचार-विमर्श चल रहा है।
दादी सही या बीवी ?
साजिद की बीवी ने 20 मार्च को एक अन्य न्यूज़ चैनल पर बताया था कि उसे अपने पति पर लगे हत्या के आरोप और उसके बाद उसके एनकाउंटर आदि की जानकारी नहीं है।
बदायूं – बदायूं में 2 बच्चों की बर्बरता से हत्या मामला
➡आरोपी साजिद की पत्नी का बयान आया सामने ➡गर्भवती होने की बात से साजिद की पत्नी का इंकार ➡हमें नहीं पता साजिद ने ऐसा क्यों किया-पत्नी ➡बिनावर थाने के ददमई में है साजिद का ससुराल.#Budaun | Crime | pic.twitter.com/qKm349euau
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) March 20, 2024
यदि साजिद की दादी के दावे सही मानें तो मासूमों की हत्या के तुरंत बाद घर पर फोन आया। इसी फोन के बाद जावेद गाँव से बदायूँ निकल गया। तब जाते समय उसने साजिद के साथ हुए विवाद की जानकारी घर में भी दी थी। ऐसे में सवाल उठता है कि सच साजिद की बीवी बोल रहीं है या उनकी दादी?
रोजा था तो रोटी क्यों माँगा?
जावेद ने पुलिस पूछताछ में बताया था कि रमजान के महीने में साजिद ने छुरा खरीदा था। इस छुरे को रमजान के महीने में इफ्तारी के लिए गोश्त आदि काटने के लिए प्रयोग में होना बताया था। हमसे बातचीत के दौरान साजिद की दादी ने इसके उलट बातें कहीं। उसकी दादी ने कहा कि 19 मार्च की शाम लगभग 5 बजे साजिद ने बदायूँ निकलने से पहले अपनी बीवी से खाना माँगा था।
Sajid's family used to take him to a dargah in Badaun… His dadi calls this dargah by the name 'Sarkar'.
बताते चलें कि इस्लामी मान्यताओं के मुताबिक, रमजान के महीने में रोजेदारों को सूर्यास्त होने तक खाना तो दूर पानी भी पीने की इजाजत नहीं होती। 5 बजे सूर्यास्त नहीं हुआ था। उर्दू पॉइंट के मुताबिक, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में इफ़्तारी का समय शाम 6:30 के बाद है। ऐसे में अगर साजिद का रोजा था तो उसने बीवी से खाना क्यों माँगा?
अगर साजिद ने रोजा नहीं रखा था तो उसका भाई एवं दूसरा आरोपित जावेद ने झूठ क्यों बोला? सवाल यह भी है कि क्या साजिद की दादी सही बोल रही है? फ़िलहाल निष्कर्ष के तौर पर यह माना जा सकता है कि साजिद के परिजनों के बयान पुलिस और FIR के विपरीत तो हैं ही और वे एक-दूसरे के बयान भी अलग हैं।
रील्स पर रीच, लाइक, फॉलोवर के लिए आजकल कंटेंट क्रिएटर वीडियो में अश्लीलता का स्तर बढ़ाते जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला होली के बीच सामने आया है। एक वीडियो वायरल हो रही है इस वीडियो में दो लड़कियाँ हैं जो मेट्रो के बीच में बैठकर होली के लिए रील बना रही हैं।
वायरल होती रील में देख सकते हैं कि लड़कियाँ बीच मेट्रो में सफेद रंग के कपड़ों में बैठी हैं और रंग अपने आगे रखकर एक दूसरे को लगा रही है। इस दौरान पहले ये एक दूसरे को हाथ से रंग लगाती हैं इसके बाद एक दूसरे से चिपकते हुए गाल को गाल से रगड़ती हैं, और फिर करीब आने लगती हैं।
इनकी इस हरत को देख पीछे बैठे लोग अपना मुँह घुमा रहे हैं। उन्हें शर्म आ रही है लेकिन वीडियो बनाने वाली लड़कियाँ एकदम सहज हैं। इन दोनों लड़कियों की यह वीडियो देखने बाद नेटिजन्स को अजीब लग रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि ये क्या नौटंकी चल रही है। देश में कहीं भी कोई कानून-व्यवस्था नहीं बची है क्या।
यूजर इस वीडियो को देखने के बाद गुस्से में हैं। एक यूजर कहता है- “सस्ती लोकप्रियता के लिए मुजरा बंद करो, धर्म के नाम पर अश्लीलता बंद करो।”
सस्ती लोकप्रियता सस्ती मुज़रा बंद करो धर्म के नाम पर अश्लीलता बंद करो @OfficialDMRC
एक यूजर ने कहा, “सरकार से आपात अनुरोध है कि इंस्टा रील को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय आपदा-महामारी घोषित कर देना चाहिए और इसके शिकार लोगों को क्वारंटाइन सेंटर भेज देना चाहिए ताकि वाइरस और न फैले।”
सरकार से आपात अनुरोध है कि इंस्टा रील को तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय आपदा-महामारी घोषित कर देना चाहिए और इसके शिकार लोगों को क्वारंटाइन सेंटर भेज देना चाहिए ताकि वाइरस और न फैले
बता दें कि सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग गानों और ट्रेंडिंग मुद्दों पर रील बनाने का चलन पिछले कुछ समय से शुरू हुआ है। ये ट्रेंड धीरे-धीरे घातक हो रहा है क्योंकि कंटेंट क्रिएटर अपनी वीडियो बनाने के कारण किसी भी हद तक जा रहे हैं। अब तक कई ऐसे मामले आ चुके हैं जब इन रील्स के चक्कर में कई लोगों की जान गई।
मॉस्को आईएस हमले में करीब सौ लोगों की जान जा चुकी है। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि जब आतंकी अंधाधुँध फायरिंग कर रहे थे, तो लोग एक-दूसरे के ऊपर से चढ़कर भाग रहे थे। रूस की राजधानी मॉस्को के बाहरी शहर में स्थित क्रॉकस सिटी हाल में आयोजित कॉन्सर्ट के दौरान आईएसआईएस-के के आतंकियों ने हमला कर दिया। उस समय कॉन्सर्ट में 6200 लोग मौजूद थे। बताया जा रहा है कि जब मशहूर बैंड ‘पिकनिक’ अपनी प्रस्तुति देने ही वाला था, तभी ये हमला किया गया। इस हमले के प्रत्यक्षदर्शियों ने भयावह हालात के बारे में बताया है।
आईएसआईएस-के ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। इस हमले के समय क्रॉकस सिटी हाल में मौजूद रहे प्रत्यक्षदर्शी एलेक्सी ने कहा, “जैसे ही गोलीबारी शुरू हुई मुझे एहसास हुआ कि यह आतंकवादी हमला हो सकता है।” एक पत्रकार ने दावा किया कि हमलावरों ने सुरक्षा बलों की वर्दी में क्रोकस सिटी हॉल में प्रवेश किया और अंधाधुंध गोलीबारी की। आतंकियों ने विस्फोटक से हॉल में धमाका भी किया, जिससे वहाँ आग लग गई।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “अचानक से हमारे पीछे से धमाके और गोलीबारी की आवाज आने लगी। मुझे नहीं पता था कि क्या हुआ है। गोलीबारी की आवाज आते ही लोगों में भगगड़ मच गई। सभी लोग दौड़कर एस्केलेटर की ओर भागे। हर कोई चिल्ला रहा था, हर कोई दौड़ रहा था।”
बता दें कि मॉस्को के पास क्रोकस सिटी हॉल में कॉन्सर्ट पर हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट-खोरासान(ISIS-K) ने ली है। इस हमले में अब तक 93 लोगों की मौत हो चुकी है, तो 140 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
रूस ने गोलीबारी की घटना को आतंकवादी हमला करार दिया है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह एक आतंकवादी हमला है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस घृणित अपराध की निंदा करनी चाहिए। मॉस्को के मेयर ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हमले के बाद मॉस्को में होने वाले सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने मॉस्को में हुए आतंकी हमले को भयानक बताया। हालाँकि उन्होंने कहा कि इस हमले का यूक्रेन युद्ध से संबंधि होने का तत्काल कोई संकेत नहीं है। अमेरिका ने ये भी कहा कि इस हमले के बारे में 15 दिन पहले ही चेतावनी दी गई थी। अमेरिका की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की प्रवक्ता एडरीन वॉटसन ने कहा, “इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी सरकार के पास मॉस्को में एक सुनियोजित आतंकी हमले की सूचना थी, जिसमें कॉन्सर्ट जैसे भारी भीड़ वाली जगहें निशानें पर थीं।” हालाँकि रूस ने इसे प्रोपेगेंडा कहकर खारिज कर दिया था।
दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर जर्मनी ने कहा कि उसने चुनाव से पहले विपक्ष के एक बड़े चेहरे की गिरफ्तारी का संज्ञान लिया है। उसने कहा कि केजरीवाल को निष्पक्ष और सही ट्रायल मिलना चाहिए। जर्मनी के विदेश मंत्रालय की इस टिप्पणी पर भारत ने कड़ा विरोध जताया है और इसे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया है।
जर्मनी के विदेश मंत्रालय के इस बयान पर भारत ने आपत्ति जताई है और दिल्ली स्थित जर्मनी के डिप्टी हेड जॉर्ज एनजवीर को तलब किया है। भारत ने उनसे कहा कि जर्मनी भारत के आतंरिक मामलों में दखलंदाजी न करे। भारत ने कहा कि जिस तरह भारत और अन्य लोकतांत्रिक देशों में कानून अपना काम करता है, इस मामले में भी कानून अपना काम करेगा। पक्षपातपूर्ण धारणाएँ बनाना गलत है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी करते हुए कहा, “नई दिल्ली में जर्मन मिशन के उप प्रमुख को बुलाकर हमारे आंतरिक मामलों पर उनके विदेश मंत्रालय की ओर से की गई टिप्पणी पर भारत के कड़े विरोध से अवगत कराया गया है। हम ऐसी टिप्पणियों को हमारी न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कमजोर करने के रूप में देखते हैं।”
दरअसल, अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद जर्मनी पहला देश है जिसने बयान दिया है। जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने कहा, “भारत में विपक्ष के एक बड़े राजनीतिक चेहरे को चुनाव से कुछ दिन पहले गिरफ्तार कर लिया गया है। विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देख रहा है। इस मामले को जर्मनी की सरकार ने संज्ञान में लिया है।”
उन्होंने आगे कहा, “भारत एक लोकतांत्रिक देश है। हम उन मानकों में विश्वास रखते हैं और उम्मीद करते हैं कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और बुनियादी लोकतांत्रिक मूल्य से संबंधित सिद्धांत भी इस केस में मामले में लागू किए जाएँगे। अरविंद केजरीवाल निष्पक्ष सुनवाई के हकदार है। बिना किसी प्रतिबंध के उन्हें सभी कानूनी रास्तों के उपयोग का हक मिलना चाहिए।”
NEW German Foreign Ministry spokesperson comments on the arrest of Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal pic.twitter.com/SYUN56abBe
जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा था कि जब तक दोष साबित न हो तब तक किसी भी शख्स का निर्दोष मानने के कानूनी सिद्धांत का पालन होना चाहिए। इस सिद्धांत को अरविंद केजरीवाल पर भी लागू किया जाए, यानी जब तक उनका दोष साबित न हो तब तक उन्हें निर्दोष माना जाए।
दरअसल, जर्मनी अपनी भाषा को वैश्विक पटल पर लाने के लिए लगातार कैंपेन चलाता रहा है। साल 2022 में दिल्ली सरकार के बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन और जर्मनी के गोएथे इंस्टिट्यूट के साथ एक साझेदारी हुई थी। इसके तहत दिल्ली के सरकारी स्कूलों में जर्मन भाषा की पढ़ाई शुरू हुई। इस पर दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और जर्मनी के राजदूत वॉल्टर जे लिंडनेर ने हस्ताक्षर किए थे।
बताते चलें कि अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर दुनिया भर की मीडिया अपना एजेंडा चलाने में लग गई है। इस मामले में अमेरिकी मीडिया हाउस वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा है, ‘विरोधियों पर कार्रवाई में तेजी के बीच भारत ने दिल्ली के CM को गिरफ्तार किया’। वहीं, CNN ने अपने मेन पेज की हेडलाइन में लिखा, ‘चुनाव से पहले दिल्ली के CM गिरफ्तार, विपक्ष ने इसे साजिश बताया’।
BBC ने भी केजरीवाल की गिरफ्तारी को अपने मेन पेज पर जगह दी है। बीबीसी ने लिखा है कि भारत में विपक्ष के नेताओं ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। कतर के मीडिया हाउस अल जजीरा ने तो ‘मरा हुआ लोकतंत्र‘ नाम से हेडलाइन में लिखा कि पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद CBI और ED द्वारा दायर 95% मामले विपक्षी नेताओं के खिलाफ हैं।
ठगी के आरोप में जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखी है। 5 पेज की इस चिट्ठी में सुकेश ने मुख्यमंत्री केजरीवाल का तिहाड़ जेल में स्वागत किया है। महाठग ने आम आदमी पार्टी पर व्यंग कसते हुए उन्हें भ्रष्टाचार में लिप्त बताया। अंत में कानून की जीत होने का दावा करते हुए सुकेश ने केजरीवाल की गिरफ्तारी को नए भारत की ताकत का उदाहरण बताया है। यह चिट्ठी शुक्रवार (22 मार्च 2024) को लिखी गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तिहाड़ जेल से भेजी गई अपनी चिट्ठी में सुकेश ने अरविंद केजरीवाल को सम्बोधित किया। उनने लिखा, “अरविंद केजरीवाल, सबसे पहले तो मैं आपका स्वागत करता हूँ। तिहाड़ क्लब का बॉस। आपकी कट्टर ईमानदारी के सभी जुमले और नाटक खत्म हो चुके हैं। मैं बहुत सौभाग्यशाली हूँ कि मेरे जन्मदिन से 3 दिन पहले आप गिरफ्तार हुए हैं। आपकी पार्टी के सारे भ्रष्टाचार सामने आ गए। आपकी पार्टी को आने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ेगा। हमेशा की तरह सत्य की जीत होती है।”
अपनी चिट्ठी में सुकेश ने आगे अरविंद केजरीवाल पर तंज किया है। उन्होंने लिखा, “आपकी गिरफ्तारी मेरे लिए जन्मदिन का बेस्ट गिफ्ट है। आपको पता नहीं था कि सच्चाई ज्यादा देर तह छुप नहीं सकती है। मैं खुश हूँ कि मेरे 3 भाई अब तिहाड़ क्लब चलाने के लिए यहाँ हैं।” इन 3 लोगों को सुकेश ने A,B और C कैटेगरी में बाँटा है। इसमें A का मतलब अरविंद केजरीवाल, B का अर्थ मनीष सिसोदिया और C का तात्पर्य सुरेंद्र जैन से है। सुकेश का यह भी दावा है कि केजरीवाल के भ्रष्टाचार खुल कर आगे आने वाले हैं।
चिट्ठी में सुकेश चंद्रशेखर ने कहा है कि मुख्यमंत्री रहने के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कम से कम 10 घोटाले किए हैं। इसमें से सुकेश ने 4 घोटालों का चश्मदीद तो खुद को ही बताया है और उसके सबूत होने का भी दावा किया है। सुकेश ने आगे लिखा, “दिल्ली के गरीबों को लूटा है। मैं तुम्हें पूरी तरह से बेनकाब कर दूँगा। यहाँ तक कि तुम्हारे खिलाफ सरकारी गवाह भी बना दूँगा। दिल्ली एक्ससाइज मामला तो बस एक शुरुआत है।” वर्तमान समय को रामराज्य बताते हुए सुकेश ने आगे लिखा कि भगवान राम ने अरविंद केजरीवाल को सजा दी है।
#WATCH | At Rouse Avenue Court in Delhi, alleged conman Sukesh Chandrashekhar says, "I will expose him, I will become an approver against Kejriwal and his team. I will make sure he is brought to task." pic.twitter.com/PEm0sETP3s
चिट्ठी में सुकेश ने आम आदमी पार्टी को दुनिया की सबसे भ्रष्ट पार्टी बताया है। उन्होंने दावा किया है कि कई जेल अधिकारी अरविंद केजरीवाल की कठपुतली जैसे हैं। हालाँकि बावजूद इसके सुकेश का दावा है कि वो अरविंद केजरीवाल को बेनकाब करेंगे भले ही बाद में कोई उनसे इसका बदला ही कोई क्यों न ले। अंत में सुकेश ने केजरीवाल से पूछा कि तुम अब क्या हो। सुकेश ने यही तमाम दावे जेल से पेशी के दौरान आने पर मीडिया को भी दिए हैं।