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दिल्ली एंटी-हिंदू दंगा केस: उमर खालिद ने UAPA केस में डाली जमानत याचिका, कोर्ट की सुनवाई में आया एक्टर सुशांत सिंह का नाम

साल 2020 में दिल्ली के एंटी-हिंदू दंगों के आरोपित उमर खालिद की जमानत याचिका पर गुरुवार (21 मार्च 2024) को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में सुनवाई की गई। ये जमानत याचिका एफआईआर नंबर 59/2020 के लिए डाली गई, जिसमें उमर खालिद ने यूएपीए केस में जमानत माँगी। इस केस की सुनवाई समीर बाजपेयी की कोर्ट में चल रही है, जिसपर अगली सुनवाई 3 अप्रैल को होगी। इस जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान एक्टर सुशांत सिंह का नाम बार-बार आया, खासकर उमर खालिद से उसकी बातचीत को लेकर।

बचाव पक्ष के वकील त्रिदीप पेस ने सुशांत सिंह और उमर खालिद के बीच वॉट्सऐप बातचीत का जिक्र किया, जो दोनों के बीद फरवरी 2020 में हुई थी। ये बातचीत दिल्ली दंगों से कुछ समय पहले हुई थी। दोनों के बीच बातचीत को लिखित रूप में प्रस्तुत किया गया। हालाँकि इस चैट में क्या कुछ था, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आ पाई है। इस दौरान सीनियर एडवोकेट त्रिदीप पेस ने कोर्ट में बताया कि उमर खालिद ने दिल्ली पुलिस को कथित रूप से ‘बेनकाब’ करने के लिए वामपंथी मीडिया पोर्टल द क्विंट द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट अभिनेता और कथित कार्यकर्ता सुशांत सिंह को भेजी थी।

ऑपइंडिया ने पाया है कि उमर खालिद के वकील त्रिदीप पेस के कोर्ट में जो बात (सुशांत-उमर खालिद लिंक) कही है, उसमें वास्तव में दम है। क्योंकि सुशांत सिंह ने 11 जून 2020 को उमर खालिद से मिले निर्देश पर ‘द क्विंट’ का लिंक भी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर किया था। जिसमें दिल्ली पुलिस पर उमर खालिद को फंसाने के आरोप लगाए गए हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि दिल्ली पुलिस ने 8 जनवरी 2020 को उमर खालिद, ताहिर हुसैन और अन्य पर साजिश रचने का आरोप लगाया। हालाँकि, डोनाल्ड ट्रम्प की संभावित भारत यात्रा का पहला उल्लेख इस बैठक के पाँच दिन बाद 13 जनवरी 2020 को किया गया था।

सुशांत के साथ बातचीत में खालिद ने उससे द क्विंट की रिपोर्ट का लिंक पोस्ट करने के लिए कहा था, जिसे मानते हुए सुशांत सिंह ने वो लिंक एक्स पर शेयर भी किया था।

सुशांत सिंह के ट्वीट का स्क्रीनशॉट

अभिनेता और ‘कार्यकर्ता’ सुशांत सिंह और आतंकी आरोपी उमर खालिद के बीच की नजदीकी और तालमेल कई मौकों पर दिखी है। सुशांत सिंह ने उमर खालिज के सपोर्ट में पिछले सालों में बहुत सारे पोस्ट लिखे हैं, जिसमें से कुछ ट्वीट पर यहाँ शेयर कर रहे हैं, जिसमें सुशांत सिंह का उमर खालिज को लेकर सपोर्ट साफ तौर पर दिखता है।

ऑपइंडिया की जाँच में इस मामले में दाखिल की गई चार्जशीट के मिलान से ये स्पष्ट है कि दिल्ली दंगों के लिए साजिश रचने के लिए बैठक भले ही 8 जनवरी को हुई थी, लेकिन ट्रंप की भारत यात्रा को लेकर प्लानिंग बाद की बैठकों में हुई। इन बैठकों में ये फैसला लिया गया, जिसमें ट्रंप की यात्रा के समय दंगों के समय को निर्धारित किया गया, ताकि सरकार पर अधिक से अधिक दबाव बनाया जा सके।

उमर खालिद ने भी अपने कबूलनामे में कहा है कि 16-17 जनवरी की बैठक के दौरान ही ये फैसला लिया गया कि दंगों के जरिए ही सरकार पर दबाव बनाया जा सकता है, यही सीएए को रद्द कराने का एकमात्र तरीका है। उमर खालिद ने अपने कबूलनामे में कहा, “दंगों के लिए मैंने लोगों से पत्थर, पेट्रोल, एसिड और हथियार जमा करने के लिए कहा और फिर दिल्ली के भीतर 23-24 प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। मैं महाराष्ट्र के अमरावती भी गया, जहाँ मैंने कहा कि 24 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप की आधिकारिक यात्रा के दौरान हम सड़कों पर उतरेंगे और अपनी ताकत दिखाकर सरकार पर दबाव बनाएँगे।”

इंडिया टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि ताहिर हुसैन से 24 फरवरी 2020 को जब उमर खालिद की बात हुई, तो सैफी से बातचीत का उसने जिक्र किया और बताया कि योजना के मुताबिक ही दिल्ली में दंगा शुरू हो चुका है और हिंदुओं के घरों में आग लगा दी गई है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कड़कड़डूमा कोर्ट में दाखिल अपनी चार्जशीट में इस बात को शामिल किया है, जिसे कोर्ट ने स्वीकार भी किया है।

उमर खालिज की जमानत याचिका पर कड़कड़डूमा कोर्ट अब 3 अप्रैल को सुनवाई करेगी। बता दें कि इससे पहले 14 फरवरी 2024 को उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी जमानत याचिका वापस ले ली थी। उसकी तरफ से पेश हुए कपिल सिब्बल ने कोर्ट से कहा था कि परिस्थितियों में बदलाव की वजह से वो ये जमानत याचिका वापस ले रहे हैं, वो ट्रायल कोर्ट में जमानत के लिए जाएँगे।

अरविंद केजरीवाल के घर ED की छापेमारी, मोबाइल जब्त कर पूछताछ जारी: घर के बाहर धारा 144 लागू, सुप्रीम कोर्ट पहुँची दिल्ली CM की लीगल टीम

शराब घोटाले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा गुरुवार (21 मार्च 2024) को राहत देने से इनकार करने के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम उनके घर पहुँच गई। कहा जा रहा है कि केंद्रीय एजेंसी उनके घर की तलाशी ले रही है। वहीं, सीएम केजरीवाल की लीगल टीम भी ईडी की इस कार्रवाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँच गई है।

सीएम केजरीवाल के आवास पर ED के संयुक्त निदेशक कपिल राज भी मौजूद हैं। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि आवास के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है। इतना ही नहीं, केजरीवाल का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है और जाँच अधिकारी जोगेंद्र सीएम केजरीवाल से पूछताछ कर रहे हैं। वहीं, PMLA की धारा 50 के तहत मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बयान दर्ज किया जा रहा है।

इस बीच दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज भी अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर पहुँच गए हैं। भारद्वाज ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने की तैयारी की जा रही है। आज ही दिल्ली हाईकोर्ट ने ईडी के समन मामले में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा था कि अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तारी से राहत नहीं दी जा सकती है।

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ाई गई है और बाहर धारा 144 लगाई गई है। सीएम अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर भी धारा 144 लगाई गई है। घर के बाहर RAF और पैरा मिलट्रीफोर्स के जवानों की तैनाती की गई है। सीएम केजरीवाल के घर के बाहर बढ़ रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ऐसा किया गया है। घर के बाहर कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे हैं।

वहीं, मोहल्ला क्लीनिकों में दवाओं की कमी को दूर करने के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में रिपोर्ट सौंपने के लिए मुख्य सचिव को 22 मार्च को विधानसभा में फिर से बुलाया गया है। वहीं, सीएम केजरीवाल के आवास पर दिल्ली पुलिस के ACP रैंक के कई अधिकारी भी मौजूद हैं। यह भी सामने आया है कि 6 से 8 अधिकारी सीएम केजरीवाल के घर समन देने के लिए पहुँचे हैं। यह 10वाँ समन होगा।

इसको लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने कहा, “एक केजरीवाल को जेल में अंदर डालेंगे तो सौ केजरीवाल संविधान बचाने आएँगे। दिल्ली के लोग अरविंद केजरीवाल को प्यार करते हैं और अपने परिवार का सदस्य मानते हैं। दिल्ली में उन्होंने आमूलचूल परिवर्तन किया है इसलिए पीएम नरेंद्र मोदी उनसे डरते हैं।”

आम आदमी पार्टी के नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया साइट X पर लिखा, “बीजेपी की राजनीतिक टीम (ED) केजरीवाल की सोच को कैद नहीं कर सकती… क्योंकि AAP ही BJP को रोक सकती हैं।। सोच को कभी भी दबाया नहीं जा सकता।”

बता दें कि ED ने सोमवार (18 मार्च 2024) को जारी एक प्रेस रिलीज में पहली बार अरविंद केजरीवाल का नाम लेते हुए कहा था कि जाँच में के. कविता के साथ सीएम केजरीवाल का नाम भी जुड़ा है। ED के मुताबिक, जाँच में खुलासा हुआ है कि नई आबकारी नीति से लाभ उठाने के लिए कविता ने AAP पार्टी के नेताओं, सीएम केजरीवाल और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ मिलकर साजिश रची।

‘साहब, मुझे खाने में ज़हर दिया जा रहा है’: कोर्ट के सामने गिड़गिड़ाया मुख़्तार अंसारी – हाथ-पाँव से लेकर नसों में भी हो रहा दर्द, लग रहा दम घुट जाएगा

जेल में बंद माफिया मुख़्तार अंसारी अदालत के सामने गिड़गिड़ाया है। गुरुवार (21 मार्च, 2024) को उसे बाराबंकी के MP-MLA कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश नहीं हुआ। उसने अपने वकील के जरिए कोर्ट में एक पत्र दाखिल करवाया है। उसने कहा है कि उसका स्वास्थ्य खराब चल रहा है। मुख़्तार अंसारी ने आरोप लगाया कि उसे ज़हर देकर मारने की साजिश रची जा रही है। उसका कहना है कि ज़हर के कारण उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

इस पत्र में मुख़्तार अंसारी ने लिखा है कि इस ज़हर के कारण उसके शरीर के नसों में जोर का दर्द होता है। उसने अपील की है कि एक मेडिकल बोर्ड का गठन कर के उसे इलाज के लिए भेजा जाए, क्योंकि बाँदा जेल में वो सुरक्षित नहीं है। ये मुकदमा फर्जी पते पर एम्बुलेंस के पंजीकरण का है। उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वकील रणधीर सिंह सुमन के माध्यम से भेजे गए पत्र में उसने लिखा कि मंगलवार (19 मार्च, 2024) को जेल में उसे जो खाना दिया गया था उसमें ज़हर मिला हुआ था।

वकील ने कहा कि भोजन करने के बाद उसके मुवक्किल की हालत एकदम ख़राब हो गई। उसने कहा है कि न सिर्फ उसके हाथ-पाँव, बल्कि नसों में भी दर्द है और ऐसा महसूस हो रहा है जैसे उसकी मौत हो जाएगी। उसने दावा किया कि इस घटना के 40 दिन पहले भी उसके भोजन में ज़हरीला पदार्थ मिला दिया गया था। बकौल मुख़्तार अंसारी, उसे खाना जेल के कर्मचारी द्वारा टेस्ट कर के दिया जाता था, इसीलिए खाना खाने वाले कर्मचारी भी उस समय बीमार हुए थे।

मऊ से 5 बार विधायक रहे मुख़्तार अंसारी ने आशंका जताई है कि बाँदा जेल में उसके साथ कोई भी अनहोनी हो सकती है। उसने अदालत से दरख्वास्त की है कि वो प्रशासन को आदेश दे कि इस घटना को दोहराया न जाए। डिप्टी जेलर महेंद्र सिंह ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाजिरी देकर माफिया के बीमार होने की बात कोर्ट ने बताई। कोर्ट ने अब उसे 29 मार्च को पेश होने को कहा है। मुख़्तार अंसारी ने पत्र में लिखा, “साहब, ऐसा लग रहा है मेरा दम घुट जाएगा। बहुत घबराहट हो रही है। पहले मैं ठीक था। मेरा इलाज करा दें।”

BJP ने अन्नामलाई को चुनावी मैदान में उतारा, कोयम्बटूर से ठोकेंगे ताल: तमिलनाडु वाली सूची में पूर्व राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री का भी नाम

भाजपा ने गुरुवार (21 मार्च 2024) को लोकसभा चुनाव 2024 के लिए 9 उम्मीदवारों वाली अपनी तीसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में तमिलनाडु के 9 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा है। इसमें तेलंगाना की राज्यपाल रहीं तमिलिसाई सुंदरराजन को चेन्नई साउथ से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, भाजपा के तमिलनाडु अध्यक्ष के. अन्नामलाई को कोयंबटूर और केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन को नीलगिरि से उतारा गया है।

बता दें कि इससे पहले पार्टी ने 13 मार्च को 72 उम्मीदवारों वाली दूसरी सूची और 2 मार्च को 195 उम्मीदवारों वाली पहली सूची जारी की थी। इस तरह भाजपा ने अब तक कुल 276 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। इनमें आसनसोल से पवन सिंह सहित दो लोग चुनाव लड़ने से मना कर चुके हैं। इस तरह अब तक कुल 274 नामों लोग मैदान में हैं।

भाजपा ने अपनी दूसरी सूची में दिल्ली की 2, हरियाणा की 6, उत्तराखंड 2, हिमाचल प्रदेश की 2, मध्य प्रदेश की 5, गुजरात की 7, कर्नाटक की 20, महाराष्ट्र की 20, तेलंगाना की 6, त्रिपुरा की 1 और दादर एवं नगर हवेली की 1 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है। भाजपा ने पहली सूची में 16 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की थी।

दूसरी सूची में दिए गए नामों के अनुसार, नितिन गडकरी नागपुर से, अनुराग सिंह ठाकुर हमीरपुर से, पीयूष गोयल मुंबई नॉर्थ से और मनोहर लाल खट्टर करनाल से चुनाव लड़ेंगे। इसके अलावा, मैसूर से राजघराने के यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वाडियार, बेंगलुरु साउथ से तेजस्वी सूर्या, बीड से पंकजा मुंडे को मैदान में उतारा गया है।

वहीं, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को हरिद्वार से और भाजपा मीडिया सेल के प्रमुख अनिल बलूनी को गढ़वाल से मैदान में उतारा गया है। वहीं, दिल्ली के कुल सात सीटों में से पूर्व दिल्ली से हर्ष मल्होत्रा और उत्तर पश्चिमी दिल्ली से अनुसूचित जाति के योगेश चंदोलिया को मैदान में उतारा गया है। पाँच सीटों की पहले घोषणा हो चुकी है।

भाजपा की दूसरी लिस्ट में 10 महिलाओं को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, अनुसूचित जाति के 5 और अनुसूचित जनजाति के सात उम्मीदवारों को जगह दी गई है। भाजपा की पहली सूची में 28 महिला उम्मीदवार थीं। इसके अलावा, उस सूची के एक चौथाई यानी 47 उम्मीदवारों की उम्र 50 साल से कम है। बीजेपी की सूची में एससी वर्ग के 27 उम्मीदवार हैं और एसटी वर्ग के 18 लोग शामिल थे।

बीजेपी की लिस्ट में राज्यवार देखें तो उत्तर प्रदेश से 51 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई थी। पश्चिम बंगाल से 20 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए थे। इसके बाद मध्य प्रदेश से 24, गुजरात से 15, राजस्थान से 15, केरल से 12, असम के 14 में से 11, झारखंड से 11, छत्तीसगढ़ से 11, तेलंगाना से 9, दिल्ली से 5, जम्मू-कश्मीर से 2, उत्तराखंड से 3, अरुणाचल प्रदेश से 2, गोवा, त्रिपुरा, अंडमान निकोबार और दमन-दीव से एक-एक उम्मीदवार के नाम की घोषणा की गई थी। वहीं, अब तमिलनाडु में 9 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गई है।

कस्टम वालों ने सेक्स टॉय बताकर बॉडी मसाजर किया सीज, बॉम्बे हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, सामान रिलीज करने का दिया आदेश

बॉम्बे हाई कोर्ट ने कस्टम विभाग को फटकार लगाई है। हाई कोर्ट ने कस्टम विभाग को मसाजर को सेक्स टॉय कहकर जब्त करने के मामले में फटकार लगाई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि यह कमिश्नर की कल्पना या उनकी व्यक्तिगत धारणा थी कि सामान प्रतिबंधित वस्तुएं के तहत आती हैं। हाई कोर्ट ने कहा कि बॉडी मसाजर को सेक्स टॉय के रूप में नहीं देखा जा सकता, ऐसे में इसे आयात के लिए प्रतिबंधित वस्तुओं की लिस्ट में भी शामिल नहीं किया जा सकता।

बॉम्बे हाई कोर्ट से जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस किशोर संत की पीठ ने कस्टम ड्यूटी डिपार्टमेंट द्वारा बॉडी मसाजर वाली खेप को जब्त करने के आदेश को रद्द कर दिया। इस मामले में कस्टम ड्यूटी कमिश्नर ने यह दावा करते हुए सामान जब्त कर लिया था कि बॉडी मसाजर्स का इस्तेमाल अडल्ट सेक्स टॉय के रूप में किया जा सकता है और ऐसी वस्तुओं को आयात के लिए प्रतिबंधित किया गया है। कस्टम ड्यूटी कमिश्नर के दावे को हाई कोर्ट ने उनकी कल्पना बताया और कहा कि ये गलत कदम है।

हाई कोर्ट ने सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और सर्विस टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण द्वारा पारित मई 2023 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें कस्टम कमिश्नर के आदेश को रद्द किया गया था। कोर्ट ने सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और सर्विस टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण के आदेश को बरकरार रखा और जब्त किया गया सामान लौटाने का आदेश दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कस्टम ड्यूटी कमिश्नर ने अप्रैल 2022 में बॉडी मसाजर्स वाली खेप को यह कहते हुए मंजूरी देने से इनकार कर दिया था कि ये अडल्ट सेक्स टॉय थे और इसलिए जनवरी 1964 में जारी सीमा शुल्क अधिसूचना के अनुसार आयात के लिए बैन सामानों की लिस्ट में शामिल थे। इसके बावजूद इन्हें मंगाया गया है, ऐसे में कस्टम डिपार्टमेंट ने सारा माल जब्त कर दिया।

इस मामले में अब हाई कोर्ट ने साफ कहा है कि कस्टम अधिकारी अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन नहीं किया। उन्होंने अपनी कल्पना के आधार पर फैसले लिए, लिहाजा उनकी अपील को रद्द किया जाता है और सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और सर्विस टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण के आदेश को बरकरार रखा जाता है। हाई कोर्ट ने कहा कि बॉडी मसाजर जैसी मशीनों की तुलना उन वस्तुओं से नहीं की जा सकती है, जो पुस्तक, पैम्फलेट, कागज, ड्राइंग, पेंटिंग, प्रतिनिधित्व, आकृति या लेख आदि अधिसूचना के तहत निषिद्ध की प्रकृति में हैं।

3 मुस्लिम लड़के, 3 हिंदू लड़कियाँ: एक ने हनुमान चालीसा से फँसाया, दूसरे ने मंदिर में डाला नाबालिग लड़की को सिंदूर, तीसरे ने इस्लाम कबूलने के लिए जम कर मारा

देश के अलग-अलग कोने से लव जिहाद की लगातार घटनाएँ सामने आ रही हैं। किसी ‘मकसद’ से इस तरह के कार्यों को अंजाम देने वालों को कानून का भय नहीं दिख रहा है। बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान से लव जिहाद की ऐसी ही तीन घटनाएँ सामने आई हैं। इन मामलों में तीनों आरोपितों ने अपना बदलकर हिंदू युवतियों को फँसाया और लव जिहाद को अंजाम दिया।

मोहम्मद इम्तियाज नेपाल की एक नाबालिग लड़की को अपने साथ लेकर बिहार के बेतिया आ रहा था। इसी दौरान मानव तस्करी रोधी ईकाई क्षेत्रक मुख्यालय (बेतिया) की 47वीं वाहिनी और सशस्त्र सीमा बल रक्सौल की टीम ने उसे पकड़ लिया। वह नेपाल के पर्सा जिला के रतनपुर घोराई का रहने वाला है। वह लड़की के गाँव में मजदूरी करने के लिए गया था।

इसकी जानकारी सशस्त्र बलों को मिली तो वे चौकन्ना हो गए और बॉर्डर से पकड़ लिया। पूछताछ में इम्तियाज ने बताया क कि मजदूरी करने के दौरान उसने किशोरी को झाँसे में ले लिया। पूछताछ के दौरान मोहम्मद इम्तियाज ने बताया कि वह नाबालिग लड़की के गाँव में मजदूरी के लिए गया था। वहाँ उसने किशोरी से दोस्ती कर ली। उसके बाद उसे शादी का झाँसा देने लगा।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ ही समय वह किशोरी को हनुमान मंदिर ले जाकर उसकी माँग में सिंदूर लगा दिया और कहा कि अब उन दोनों की शादी हो गई। किशोरी ने बताया कि इम्तियाज ने अपना नाम वीरेंद्र बताया था। जब उसने उसे प्यार के जाल में फँसा लिया तो अपना नाम मोहम्मद इम्तियाज मियाँ बताया। इसके बाद भी वह उसके झाँसे रही और उसकी हर बात मान रही थी।

काफी समय बाद इम्तियाज ने नाबालिग को बताया कि वह पहले से शादीशुदा है और उसे तीन लड़कियाँ हैं। हालाँकि, किशोर अपने नसीब को कोसते हुए उसके साथ रहने लगी। इसके बाद आरोपित ने किशोरी का माइंडवॉश करके इसे इस्लाम के तरीके से रखने लगा। वह किशोरी को अपने घर ले जाकर अपनी बीबी से भी मिलवाया। इस संंबंध में किशोरी के घरवालों ने नेपाल में शिकायत भी दर्ज कराई है।

इंदौर में लव जिहाद

मध्य प्रदेश के इंदौर में शादी का झाँसा देकर एक युवती से शारीरिक संबंध बनाने के आरोपित मोहम्मद फैजान खान को हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने पकड़ लिया। फैजान पर आरोप है कि उसने शादी का झाँसा देकर पहले युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद उस पर मतांतरण के लिए दबाव बनाया। हालांकि, जब पीड़िता ने उसकी बात नहीं मानी तो आरोपी ने उसकी जमकर पिटाई भी की।

मामला इंदौर के खजराना पुलिस थाने का है। लगभग 37 साल की पीड़िता का आरोप है कि मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाले मोहम्मद फैजान खान से उसकी चार साल पहले कोचिंग के दौरान जान-पहचान हुई थी। इसके बाद फैजान बहला-फुसलाकर उसे घर बदलने के लिए मजबूर कर दिया। जब वह अकेली रह रही थी, तब फैजान ने शादी का झाँसा देकर उससे संबंध बनाए।

पीड़िता का कहना है कि फैजान उसे खजराना ले भी गया और वहाँ नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म किया और फोटो एवं वीडियो बना लिए। इसके बाद आरोपित उस पर इस्लाम अपनाने का दबाव बनाने लगा। युवती का कहना है कि जब उसने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट भी की गई। युवती ने आरोप लगाया कि आरोपित ने मतांतरण नहीं करने पर उसकी माँ और भाई की हत्या की धमकी भी दी।

इससे परेशान होकर युवती ने हिंदू संगठनों के अधिकारियों से संपर्क किया। इनके कहने पर युवती ने फैजान को मिलने के लिए मंगलवार (19 मार्च 2024) को बुलाया। जब मोहम्मद फैजान खान मिलने के लिए आया तो हिंदू संगठन के अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपित पर युवती से दुष्कर्म, मारपीट और धमकाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।

राजस्थान के जोधपुर में लव जिहाद

जोधपुर में बलु मोहम्मद नाम के मुस्लिम शख्स ने नाम बदल कर एक हिंदू लड़की से सोशल मीडिया साइट इंस्टाग्राम पर दोस्ती की और उसे प्यार का झाँसा देकर अपने जाल में फँसा लिया। उसने लड़की को अपना नाम बलु सिंह बताया था। उसने बताया कि वह हिंदू है और मंदिर जाता है। बाद में लड़की को जब सच्चाई पता चली तो उसने इस धोखेबाज के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई।

बलु मोहम्मद इंस्टाग्राम पर बलु सिंह नाम से प्रोफाइल बना रखा था। इस नाम से वह कई हिंदू लड़कियों को फॉलो करता था। 18 साल की पीड़िता को भी उसने इसी फेक प्रोफ़ाइल से रिक्वेस्ट भेजी थी। लड़की ने उसे हिंदू जानकर उसकी रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। इसके बाद दोनों की बातचीत होने लगी। बलु युवती से मिलने यूपी से ओसियांँ आया था। यहाँ उसने लड़की से शारीरिक संबंध भी बनाए।

शारीरिक संबंध बन जाने के बाद लड़की उससे शादी के लिए दबाव बनाने लगी। इसके बलु ने बताया कि वह मुस्लिम है। उसने पीड़िता से कह कि अगर वह उससे शादी करना चाहती है कि उसे मुस्लिम बनना होगा। इसके बाद लड़की ने मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी और पुलिस में मामला दर्ज करवाई। हिंदू संगठनों ने इस मामले में कठोर कार्रवाई की माँग की है।

कार्ति चिदंबरम ने करीबी के जरिए लिया ₹50 लाख का घूस, निवेश के बाद रकम हो गई ₹1.59 करोड़: चायनीज वीजा केस में ED का खुलासा

तमिलनाडु के शिवगंगा से सांसद कार्ति चिदंबरम के खिलाफ जाँच एजेंसी ED ने बड़ा खुलासा किया है। प्रवर्तन निदेशालय ने बताया है कि कॉन्ग्रेस सांसद ने 50 लाख रुपए घूस लिया। गुरुवार (21 मार्च, 2024) को ये खुलासा हुआ। चीनी नागरिकों को वीजा दिलाने के लिए कार्ति चिदंबरम ने अपने एक करीबी सहयोगी के माध्यम से घूस की ये रकम ली थी। पंजाब में पॉवर प्लांट स्थापित करने वाली एक कंपनी का नाम भी इसमें सामने आया है। घूस के लिए भी खेल किया गया।

ED ने बताया है कि एक फर्जी कैश लेनदेन के जरिए इस घूस की रकम को स्वीकार किया गया। एक फर्जी कंपनी के माध्यम से ये पैसा लिया गया, जिसमें कार्ति चिदंबरम डायरेक्टर के पद पर थे। उस कंपनी पर उनका प्रभावी नियंत्रण था। 52 वर्षीय कार्ति चिदंबरम UPA सरकार में गृह और वित्त जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय सँभाल चुके P चिदंबरम के बेटे हैं। जाँच एजेंसी ने इस केस में कई बार कार्ति चिदंबरम का बयान दर्ज किया है। वो एयरटेल-मैक्सिस केस में भी आरोपित हैं।

अब उनके खिलाफ ED ने चार्जशीट दायर की है। इसमें ‘एडवांस स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड’ और कार्ति चिदंबरम के करीबी अकाउंटेंट S भास्कररमन के अलावा पॉवर प्लांट स्थापित कर रही कंपनी तलवंडी साबो प्राइवेट लिमिटेड का भी नाम है। विशेष PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग) अदालत ने 15 अप्रैल को कार्ति चिदंबरम को पेश होने के लिए कहा है। चीनी कंपनी ने कार्ति चिदंबरम से मदद माँगी थी, जिनके पिता तब केंद्रीय गृह मंत्री हुआ करते थे।

फर्जी सेवाओं के लिए लेनदेन की एंट्री दर्ज की गई और घूस की रकम इसी माध्यम से ली गई। उसके बाद S भास्कररमन ने इसे कार्ति चिदंबरम के नियंत्रण वाली कंपनी में इन्वेस्ट किया। निवेश की गई ये धराशि बाद में बढ़ कर 1.59 करोड़ रुपए हो गई। कार्ति चिदंबरम इस जाँच पर संदेह जता चुके हैं और इसे बदला लेने की कार्रवाई बता चुके हैं। इस मामले में पहले CBI ने FIR दर्ज की थी। कार्ति चिदंबरम INX मीडिया केस में भी आरोपित हैं।

मीरा रोड के मुजाहिद शेख ने पोस्ट की संत स्वामी समर्थ की अपमानजनक तस्वीर, विधायक गीता जैन के दखल के बाद FIR दर्ज

महाराष्ट्र के मुंबई में स्थित नवघर थाने में मुजाहिद शेख नाम के एक व्यक्ति के खिलाफ हिन्दू भावनाओं का अपमान करके पर एक मामला दर्ज किया गया है। यह मामला कल (20 मार्च, 2024) दर्ज किया गया। बताया जा रहा है कि मुजाहिद शेख ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अपमान करते हुए उन्हें ‘सत्यानाशी बाबा’ कहा।

मुजाहिद शेख ने प्रधानमंत्री के अपमान के लिए हिन्दू संत ‘गुरु स्वामी समर्थ’ की एक फोटो पर पीएम मोदी का चेहरा लगाया। उसने इसके बाद इस फोटो को अपने फेसबुक पर ‘सत्यानाशी बाबा’ कैप्शन के साथ लिखा और शेयर किया। मुजाहिद ने इस फोटो के जरिए यह कहने की कोशिश की कि पीएम मोदी हर चीज का विनाश करते हैं। उसने हिन्दू संत की तस्वीर से गड़बड़ी करके हिन्दुओं की भावनाओं को भी आहत करने का प्रयास किया। स्वामी समर्थ की कई हिन्दू घरों में पूजा होती है।

मुजाहिद द्वारा हिन्दू भावनाओं के अपमान के लिए बनाई गई फोटो
मुजाहिद द्वारा एडिट की गई फोटो

वसई विरार क्षेत्र के नवघर पुलिस थाने में इस मामले में मुजाहिद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धरा 153A और 295A के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसपर आईटी एक्ट, 2000 की धारा 66A भी लगाई गई है।

मुजाहिद के हिन्दू अपमान पर दर्ज FIR
मुजाहिद के खिलाफ दर्ज FIR

इस मामले में मीरा रोड इलाके से भाजपा विधायक गीता जैन द्वारा मुजाहिद के खिलाफ सख्त कार्रवाई को लेकर प्रयास किए जाने के बाद यह शिकायत दर्ज की गई थी। उन्होंने अपने एक पत्र में लिखा “आरोपित ने महान हिंदू संत स्वामी समर्थ जी की तस्वीर को एडिट करके उनका अपमान किया है। स्वामी समर्थ को महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में हिन्दू पूजते हैं। इसके अलावा, मुजाहिद ने ना केवल हिंदू संत बल्कि पीएम मोदी का भी अपमान किया है और उन्हें विनाशक कहने की कोशिश की है।”

विधायक गीता जैन का पत्र

ऑपइंडिया के पास इस मामले में दर्ज की गई FIR है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में कहा है कि मुजाहिद ने स्वामी समर्थ और पीएम मोदी का अपमान करके हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई है। इस मामले में भाजपा विधायक गीता जैन ने ऑपइंडिया से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि मुजाहिद आदतन अपराधी है और वह पहले भी मीरा रोड इलाके में गड़बड़ियां करता या रहा है।

गीता जैन ने ऑपइंडिया से कहा, “ऐसा पहली बार नहीं है कि मुजाहिद शेख ने हिंदुओं का अपमान किया हो, वह जबतब ऐसा करता रहता है। मीरा रोड में तनाव का माहौल अभी शांत हुआ है और एक अल्पसंख्यक समाज के किसी व्यक्ति द्वारा इस तरह की हरकत करना बेहद गंभीर है। उसने स्वामी समर्थ का अपमान किया है और पीएम मोदी का भी, ये दोनों बातें बेहद निंदनीय हैं। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस मामले के बारे में और भी जानकारी हासिल करने के लिए ऑपइंडिया ने पुलिस से भी संपर्क किया। नवघर पुलिस स्टेशन के पीआई पाटिल ने बताया कि मुजाहिद पर मामला दर्ज कर लिया गया है लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। पुलिस ने कहा कि इसके प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि विवादित पोस्ट को मुजाहिद ने हटा लिया है।” अभी इस मामले की जाँच चल रही है।

गौरतलब है कि हाल ही में मीरा रोड पर शोभा यात्रा निकाल रहे हिन्दुओं पर हमला किया गया था और हिन्दू ध्वजों को फाड़ा गया था। यहाँ मुस्लिमों ने हिन्दुओं के प्रतीक चिन्हों का अपमान किया था । इस मामले में काफी विवाद हुआ था।

पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ शिकायत दर्ज, बदायूँ हत्या के बाद ‘छोटे नरसिंहानंद’ पहुँचे थाने: 39 साल पहले ऐसे ही मामले में भड़के थे दंगे, मारे गए थे हिंदू

उत्तर प्रदेश के बदायूँ में रमजान के दिनों में साजिद द्वारा दो मासूम बच्चों का गला रेतकर की गई हत्या से पूरा देश सन्न है। ऐसे में डासना के शिव शक्ति धाम से जुड़े अनिल यादव ने आहत होकर माँग की है कि इस्लाम के संस्थापक पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो। यादव ने शिकायत में कहा है कि कुरान के कारण दुनिया में जघन्य अपराध हो रहे हैं। यादव ने अपनी इस शिकायत को गाजियाबाद के थाना वेब सिटी में दिया है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में मौजूद जानकारी के अनुसार, अनिल यादव ने कहा है, “पिछले 1400 सालों से हिंदू महिलाओं से बलात्कार लूटपाट, बच्चों की नृशंस हत्या की वजह कुछ और नहीं बल्कि कुरान है। हजरत पैगंबर मुहम्मद द्वारा दी गई तालीम व कुरान में जो कानून लिखा है आज तक वही दोहराया जा रहा है। बदायूँ में बच्चों की हत्या ने गजवा-ए-हिंद की घंटी बजा दी है जो कि हजरत मुहम्मद का सपना है। इससे मेरी भावना आहत हुई है। हजारों हिंदुओं को गजवा-ए-हिंद से बचाने के लिए ये FIR होना जरूरी है।”

बता दें कि जिस गजवा-ए-हिंद का मुद्दा अनिल यादव ने अपनी शिकायत में उठाया है, उसी के संबंध में महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद बात करने जामा मस्जिद जा रहे थे, मगर बताया जा रहा है कि उन्हें रास्ते में ही हिरासत में ले लिया गया।

याद दिला दें कि डासना का शिव शक्ति धाम यति नरसिंहानंद के कारण ही 2021 में खूब चर्चा में रहा था। अब उसी जगह अनिल यादव (जिन्हें छोटा नरसिंहानंद कहा जाता है) ने ऐसी शिकायत दी है। यादव की शिकायत पर आगे क्या कार्रवाई हुई इसका पता अभी नहीं चला है लेकिन संभावना है कि इस मामले को आगे न सुना जाए या अगर मामला कोर्ट तक पहुँचे तो वहाँ से खारिज हो जाए। ऐसा क्यों कहा जा सकता है इसके लिए 36 साल पहले दर्ज केस और उसकी डिटेल जानने की जरूरत है जब इस्लाम की ‘पवित्र पुस्तक’ पर सवाल उठते ही न्यायपालिका के भी हाथ-पाँव फूल गए थे।

कलकत्ता कुरान याचिका

36 साल पहले 1985 में कुरान को प्रतिबंधित करने की माँग लेकर वकील चाँदमल चोपड़ा और शीतल सिंह कलकत्ता हाईकोर्ट पहुँचे थे। 29 मार्च, 1985 को उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत एक आवेदन दायर किया था, जिसमें कलकत्ता उच्च न्यायालय से सरकार को ‘पवित्र पुस्तक’ की प्रत्येक प्रति को ‘जब्त’ करने का निर्देश देने की अपील की गई थी।

याचिका में तर्क दिया गया था कि भारतीय दंड संहिता (IPC) धारा 153A और 295A के आधार पर कुरान की प्रत्येक प्रति दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 95 के तहत ज़ब्त किए जाने के लिए उत्तरदायी है। इसमें चाँदमल चोपड़ा और शीतल सिंह ने ‘काफिरों’ के खिलाफ हिंसा को लेकर आवाज उठाई थी। उन्होंने कुरान के एक आयत को उद्धृत किया, जिसमें कहा गया था, “जब पवित्र महीने समाप्त हो जाते हैं तो जहाँ भी मूर्ति-पूजा करने वाले मिले, उसे मार डालो।”

जिस जज के पास पहुँची कुरान से जुड़ी याचिका उसका भी हुआ बहिष्कार

यह मामला शुरू में कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति खस्तगीर जे के समक्ष आया था जिसके बाद 70 से अधिक अधिवक्ताओं द्वारा ‘खस्तगीर जे’ की अदालत का बहिष्कार करने का आग्रह अन्य वकीलों से किया। वहीं वरिष्ठ वकील सीएफ अली ने कहा था, “यह बेतुका है। पृथ्वी पर कोई भी नश्वर पवित्र धर्मग्रंथ को चुनौती नहीं दे सकता है और दुनिया की किसी भी अदालत को इस पर कोई अधिकार नहीं है।”

बंगाल से लेकर बांग्लादेश में सड़कों पर थी इस्लामी भीड़

इसके बाद तमाम इस्लामवादी विरोध में आ उतरे। नतीजतन बताया जाता है कि भारत से लेकर बांग्लादेश तक में दंगे होने लगे। विकीपीडिया पर मौजूद जानकारी बताती है कि दंगों में हिंदुओं को निशाना बनाया गया था। हजारों की भीड़ ने सड़क पर उतरकर बांग्लादेश में भारतीय उच्च आयोग के सामने हल्ला की थी। बांग्लादेश के सीमाई इलाके में स्थित शहर में 12 लोग मारे गए थे जबकि 100 घायल हुए थे ये सारे हिंदू थे। इसी तरह 20000 मुस्लिमों की भीड़ ढाका में निकलकर आई थी। वहीं अन्य दंगे कश्मीर और बिहार समेत कई जगह देखे गए थे।

बंगाल सरकार ने कहा था- नहीं बदला जा सकता एक शब्द

वहीं सीपीआई (एम) शासित पश्चिम बंगाल सरकार ने याचिका और कलकत्ता उच्च न्यायालय में इसके प्रवेश के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था। अपने हलफनामे में सरकार ने कहा था कि यह, “अदालत को दुनिया भर के मुसलमानों के पवित्र धर्मग्रंथ कुरान पर फैसला सुनाने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है, जिसका प्रत्येक शब्द, इस्लामी मान्यता के अनुसार, अपरिवर्तनीय है।” सरकार का कहना था कि यह याचिका दुर्भावनापूर्ण इरादे से दायर की गई थी और भारतीय इतिहास में ऐसी याचिका कभी दायर नहीं की गई है।

याचिका पर सुनवाई तक नहीं, पुस्तक प्रकाशित करने पर गिरफ्तारी

एक याचिका से मामला इतना गरमा गया था कि राजनीतिक दबाव के कारण, न्यायमूर्ति खास्तगीर ने इसे अपनी सूची से हटा दिया और इसे न्यायमूर्ति सतीश चंद्रा की अदालत को भेज दिया। उसके बाद राज्य के महाधिवक्ता एसके आचार्य की सलाह पर, मामला न्यायमूर्ति बिमल चंद्र बसाक की पीठ को स्थानांतरित कर दिया गया, जिन्होंने 17 मई, 1985 को याचिका खारिज कर दी। 18 जून को फिर चंद्रमल चोपड़ा ने रिव्यू याचिका डाली जिसे बाद में 21 जून को ही खारिज कर दिया गया। इसके बाद इस याचिका को लेकर चंद्राल चोपड़ा ने सीता राम गोयल के साथ मिलकर 1986 में ‘द कलकत्ता कुरान याचिका’ नाम की पुस्तक प्रकाशित की थी, जिसके लिए उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। वहीं गोयल को गिरफ्तारी से बचने के लिए भागना पड़ा था।

आईपीएल 2024: CSK की कप्तानी से हटे महेंद्र सिंह धोनी, ऋतुराज गायकवाड़ बने नए कप्तान, साल 2022 में भी हुआ था बदलाव, टीम की हो गई थी दुर्गति

आईपीएल 2024 से पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) में बड़ा बदलाव हुआ है। महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) कप्तानी से हट गए हैं, तो ऋतुराज गायकवाड़ (Ruturaj Gaikwad) को नया कप्तान बनाया गया है। ये बदलाव आईपीएल 2024 की शुरुआत से ठीक पहले हुआ है, जब टीम चेन्नई में आईपीएल का पहला मैच खेलने की तैयारी कर रही है, जिसमें उसका मुकाबला आरसीबी से होना है।

चेन्नई सुपर किंग्स ने की घोषणा

आईपीएल की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में से एक चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी अब महेंद्र सिंह धोनी नहीं करेंगे। उनकी कप्तानी में सीएसके ने पिछले साल आईपीएल खिताब रिकॉर्ड छठीं बार जीता था। लेकिन 42 साल के हो चुके धोनी ने कहा था कि वो फैन्स के लिए आईपीएल एक बार और खेलेंगे। सब यही मान कर चल रहे थे कि महेंद्र सिंह धोनी अपने आखिरी आईपीएल में टीम को चैंपियन बनाएँगे, लेकिन आईपीएल 2024 की शुरुआत से ठीक पहले वो कप्तानी से हट गए हैं और ऋतुराज गायकवाड़ को कप्तान बना दिया गया है। ऋतुराज ही 22 मार्च 2024 को आईपीएल 2024 के पहले मैच से सीएसके की कमान संभालेंगे।

सीएसके के लिए ऐसा रहा है ऋतुराज का करियर

ऋतुराज गायकवाड़ सीएसके के साथ साल 2019 से जुड़े हुए हैं। उन्होंने सीएसके के लिए अब तक 52 मैच खेले हैं। वो टीम को शानदार शुरुआत देने के लिए जाने जाते हैं और टीम के सबसे स्थित ओपनर हैं। ऋतुराज गायकवाड़ एशियन गेम्स में टीम इंडिया की कप्तानी भी कर चुके हैं। ऋतुराज ने सीएसके के लिए 52 मैचों में 39.06 के औसत और 135.52 के स्ट्राइक रेट से 1797 रन बनाए हैं। वो सीएसके के लिए रन बनाने वाले सर्वकालिक खिलाड़ियों में सातवें नंबर पर हैं। अब वो सीएसके के लिए तीसरे फुल टाइम कैप्टेन होंगे। धोनी और रविंद्र जडेजा कप्तान रह चुके हैं।

2008 से अब तक कप्तानी कर रहे थे धोनी

महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल के इतिहास के ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा मैचों में किसी एक टीम की कप्तानी की है। वो साल 2008 में, जब आईपीएल की शुरुआत हुई थी, तभी से सीएसके की कप्तानी कर रहे हैं। हालाँकि बीच-बीच में वो सुरेश रैना को कप्तानी की जिम्मेदारी देते रहे थे। लेकिन साल 2022 में सीएसके लीडरशिप उन्होंने रविंद्र जडेजा को पास की थी, जिसमें सीएसके बुरी तरह से फेल रही थी। टीम को लगातार मैचों में हार झेलनी पड़ी थी और आईपीएल 2022 के बीच में ही धोनी को फिर से कप्तानी संभालनी पड़ी थी। इसके बाद अगले साल यानी 2023 में उन्होंने टीम को चैंपियन बनाया।

सीएसके के लिए ऐसा रहा है धोनी का करियर

महेंद्र सिंह धोनी ने सीएसके लिए अब तक 249 मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 235 में टीम की कप्तानी की है। उनकी कप्तानी में सीएसके 6 बार आईपीएल की चैंपियन रही है, तो 2 बार वो सीएसके को चैंपियंस ट्रॉफी का भी चैंपियन बना चुके हैं। हालाँकि अब चैंपियंस ट्रॉफी नहीं खेली जाती। धोनी ने सीएसके पर लगे 2 साल के बैन के दौरान राइजिंग पुणे सुपरजायंट के लिए 14 मैचों में कप्तानी की थी। बात सिर्फ आईपीएल की करें तो आईपीएल में वो कुल 226 मैचों में कप्तानी कर चुके हैं, जो दूसरे नंबर पर चल रहे रोहित शर्मा के 158 मैचों से बहुत ज्यादा हैं।