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सुलेमान ने 8 साल की हिन्दू बच्ची को कमरे में बंद किया, चीख-पुकार के बाद परिजनों ने खुलवाया दरवाजा तो रोती हुई निकली बाहर: रेप की कोशिश के बाद गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक 8 साल की नाबालिग हिन्दू बच्ची से छेड़खानी का मामला सामने आया है। छेड़खानी का आरोप लगभग 20 वर्षीय सुलेमान पर लगा है। सुलेमान ने बच्ची को अपने कमरे में बंद कर लिया था। पीड़िता के परिजनों ने दरवाजा खुलवा कर उसे बचाया। घटना शनिवार (9 मार्च, 2024) की है। पुलिस में मामले में FIR दर्ज कर ली। सुलेमान को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया गया है। पीड़िता के पिता ने ऑपइंडिया को बताया कि सुलेमान के घर वाले केस वापस लेने के लिए कह रहे हैं।

यह मामला गाजियाबाद जिले के थाना क्षेत्र कौशाम्बी का है। यहाँ 8 वर्षीया पीड़िता अपने छोटे भाई और माता-पिता के साथ रहती है। परिवार का गुजारा परचून की दुकान से होता है जिसे पीड़िता के पिता सँभालते हैं। पीड़िता की माँ ने रविवार (10 मार्च, 2024) को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया है कि उनके पड़ोस में सलमान (सुलेमान) नाम का युवक किराए पर रहता है। वही पिछले काफी समय से पीड़िता से छेड़खानी करता आ रहा था। सुलेमान की करतूत पीड़िता ने अपने परिजनों को भी बता रखी थी। हालाँकि पीड़िता के परिजनों को इस पर शुरुआत में यकीन नहीं हुआ था।

शिकायत में आगे बताया गया है कि शनिवार (9 मार्च) को शाम लगभग 5 बजे सुलेमान ने पीड़िता को अपने कमरे में बंद कर लिया। पीड़िता के 5 वर्षीय छोटे भाई ने घर आ कर इस हरकत की जानकारी अपनी माँ को दी। जब पीड़िता की माँ सुलेमान के कमरे पर पहुँची तो वहाँ दरवाजा बंद था। दरवाजा खुलवाने पर बच्ची रोते हुए बाहर निकली। पूछने पर बच्ची ने बताया कि सुलेमान ने उसके साथ गलत हरकत की है। आखिरकार पीड़िता के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दी और सुलेमान पर कड़ी कार्रवाई की माँग की।

पुलिस ने पीड़िता की माँ की शिकायत पर सुलेमान के खिलाफ IPC की धारा 354 और पॉक्सो एक्ट की के सेक्शन 9m/10 के तहत FIR दर्ज कर ली। 11 मार्च (सोमवार) को गाजियाबाद पुलिस ने बताया कि आरोपित सुलेमान को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, मामला नाबालिग बच्ची और 2 अलग-अलग समुदायों से जुड़ा था जिसके चलते पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई की है। फिलहाल इस केस में आगे की जाँच व कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

ऑपइंडिया ने बच्ची के पिता से बात की। उन्होंने बताया कि वो पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट हैं। पीड़िता के परिजनों ने हमें बताया कि सुलेमान के घर वाले उनसे केस वापस लेने के लिए बोल रहे थे, हालाँकि बच्ची के परिजनों ने उन्हें अपने बजाय कोर्ट में गुहार लगाने की सलाह दी है। हमें आगे बताया गया कि सुलेमान मूलतः उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले का है। वह आनंद विहार बस अड्डे और रेलवे स्टेशन के पास घड़ियाँ और मोबाइल एसेसरीज आदि बेचता है। बच्ची के घर वालों का यह भी दावा है कि सुलेमान अक्सर नशे में धुत रहता था।

‘फ्रांस अल्लाह का… अल्लाह के सामने समर्पण करो’: रमजान शुरू होते ही ईसाइयों के कब्रिस्तान, चर्च और युद्ध स्मारक पर पोत डाले इस्लामी नारे, लोगों में भारी गुस्सा

मुस्लिमों के रमजान का महीना शुरू होते ही फ्रांस के एक कब्रिस्तान में लगभग साठ कब्रों पर ‘अल्लाह के सामने समर्पण करें’, ‘फ्रांस पहले से ही अल्लाह का है’ और ‘गैर-मुस्लिमों को रमजान मुबारक’ आदि लिखे मिले हैं। यह कब्र ईसाइयों की बताई जा रही है। इस घटना के पास आसपास के लोगों में गुस्से की लहर दौड़ गई है।

दरअसल, 11 मार्च 2024 (सोमवार) की सुबह पेरीगॉर्ड वर्ट के दॉरदॉग्ने में क्लेरमोंट-डी’एक्सीड्यूइल कब्रिस्तान में 58 कब्रों पर इस तरह इस्लामी बातें लिखी मिलीं। माना जा रहा है कि इस घटना को रविवार (10 मार्च 2024) की रात को अंजाम दिया गया होगा। हालाँकि, इस पर घटना के अगले दिन मेयर क्लाउड एमरी का ध्यान गया।

जिन जगहों पर इस तरह कट्टरपंथी इस्लामी नारे लिखे गए हैं, उनमें कब्र, युद्ध स्मारक, चर्च का दरवाजा, सूली पर चढ़े ईसा मसीह की प्रतिमा वाली जगह और एक फव्वारा शामिल हैं। एक कब्र के किनारे बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है, ‘फ्रांस पहले से ही अल्लाह का है’, जबकि दूसरे कब्र पर लिखा है, ‘गैर-मुसलमानों, रमज़ान मुबारक हो।’

इसके अलावा, कम-से-कम कब्रों पर ‘GWER’ लिखा मिला है। Gwer का अल्जीरियाई अरबी में अनुवाद ‘श्वेत व्यक्ति, पश्चिमी या गैर-मुस्लिम’ होता है। इतना ही नहीं, कब्रिस्तान से लगभग 300 मीटर की दूरी पर स्थित एक चर्च को निशाना बनाया गया और उसके लकड़ी के दरवाजे पर ‘रमजान मुबारक’ लिख दिया गया।

मेयर एमरी जब सोमवार की सुबह साढ़े आठ बजे कब्रिस्तान पहुँचे तो उन्होंने यह परेशान करने वाली घटना देखी। उन्होंने फ़्रांसइन्फो में भी कुछ ऐसा ही देखा। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। मेयर ने कहा, “इस तरह के छोटे शहर में यह अजीब है। मैंने सोचा कि यह सिर्फ दूसरी जगहों पर होता है।” पेरिग्यूक्स के सरकारी अभियोजक ने इसकी की जाँच शुरू कर दी है।

पेरीगॉर्ड वर्ट के निवासी अपने प्रियजनों को कब्रिस्तान में दफनाते हैं और उनमें से कई लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और इससे उन्हें जबरदस्त आघात लगा है। एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, “मैंने अभी-अभी ये टैग खोजे हैं और यह मेरी रीढ़ में सिहरन पैदा कर देता है। जब मैं इसे पढ़ता हूँ तो मुझे डर हो जाता है। यह शहर के लिए एक आघात है।”

एसओएस कैल्वायरेस एसोसिएशन के एलेक्जेंडर कैले ने कहा, “लोग अपने पूर्वजों, अपने बुजुर्गों की कब्रों को देखने आए थे, जो शाश्वत निद्रा में थे। इसे नुकसान पहुँचाया गया।” उन्होंने कहा, “जो महत्वपूर्ण है वह प्रतीक है। हम युद्ध स्मारक की बात कर रहे हैं। हम उन लोगों के बारे में कह रहे हैं, जिन्होंने फ्रांस को आज़ाद कराने की लड़ाई लड़ी। लोग वास्तव में क्रोधित हैं, स्तब्ध और कुछ तो सदमे में भी हैं।”

एक अन्य व्यक्ति ने बताया, “मुझे इस पर विश्वास नहीं हुआ। एकदम नहीं। ईमानदारी से कहूँ तो मैंने इसे एक अफवाह माना। मुझे आशा है कि हम लिखने वाले को ढूंढ लेंगे, जिसने यह सब किया है। मैं एक अनाथ बच्चे को पालने वाले परिवार में बड़ा हुआ हूँ, जहाँ उन्होंने सम्मान सिखाया। भले ही आप आस्तिक या किसी अन्य धर्म के हों, आपको सम्मान करना चाहिए।”

शूटिंग के लिए नहीं मिलते पुराने स्टेशन, सब फैंसी हो गए: किरण राव की शिकायत, नेटिजन्स बोले- विकास देख रहे हो

लापता लेडीज की डायरेक्टर किरण राव ने हाल में द लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में आजकल के रेलवे स्टेशनों को लेकर एक शिकायत की। किरण राव ने कहा कि आजकल बहुत ही ज्यादा फैंसी रेलवे स्टेशन बन गए हैं पुराने समय वाला स्टेशन खोजने में बड़ी समस्या होती है। इस वीडियो को अब सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है और दिखाया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार में स्टेशनों की तस्वीर कैसे बदल रही है।

तो, लल्लनटॉप पर मौजूद किरण राव के 53 मिनट 12 सेकेंड के वीडियो में किरण राव 23 मिनट 20 सेकेंड के बाद बताती हैं कि उन्होंने फिल्म के सीन कहाँ-कहाँ रिकॉर्ड किए। इसी दौरान उन्होंने बताया कि उन्होंने फिल्म के सीन नासिक में शूट किए थे- योला और कानेगाँव में।

उन्होंने बताया कि उन्हें 2001 के अनुसार रेलवे स्टेशन चाहिए था। लेकिन आजकल सारे स्टेशन फैंसी बनाने की कोशिश हो रही है। सब कुछ बदल रहा है जिसमें नई टाइलिंग वगैरह सब है और उनको फिल्म के लिए पुराने स्टेशन चाहिए थे। इसके बाद सौरभ द्विवेदी उन्हें टोंकते नजर आते हैं- “लोग आपकी यही क्लिप निकालेंगे कि देखों यहाँ स्टेशन बन रहे हैं इन्हें इससे भी दिक्कत है।” इसमें किरण राव कहती हैं कि अच्छा है कि इसे हटा ही देना।

अब इस वीडियो को शेयर करके नरेंद्र मोदी के काल में हुआ भारत का विकास बताया जा रहा है। यूजर्स कह रहे हैं कि एक बार विकास की स्पीड देखो। भारत की बड़ी डायरेक्टर को शूटिंग के लिए अब पुराने, गंदे रेलवे स्टेशन नहीं मिल पा रहे हैं। हर स्टेशन को रीडेवलप किया जा चुका है।

एक अन्य यूजर इस बात पर गौर करवा रही हैं कि एक समय में आमिर खान की पत्नी किरण राव भारत में रहने से डरती थीं। अब वहीं किरण राव हैं जो कहती हैं कि लापता ले़डीज के लिए उन्हें पुराने रेलवे स्टेशन खोजने में दिक्कत हुई क्योंकि सब फैंसी हो गए हैं और फिल्म 90 के दौर की है। ये बदलाव है जो मोदी ने किया है।

बता दें कि किरण राव की फिल्म लापता लेडीज को रिलीज हुए 12 दिन हो गए हैं। 12वें दिन फिलम ने 33 लाख रुपए कारोबार किया जिसके बाद इसका कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 9.38 करोड़ रुपए हो गया है। इस फिल्म को 5 करोड़ रुपए की लागत में बनाया गया है। फिल्म की कहानी 2 नई नवेली दुल्हनों की अदला-बदली पर बनी है जो कि स्टेशन पर हो जाती है। फिल्म में स्पर्श श्रीवास्तव, नितांशी गोयल और प्रतिभा जैसे सितारे हैं। रवि किशन भी फिल्म में मुख्य भूमिका में हैं।

नहीं हो रही मोदी सरकार से कोई दिक्कत, कॉन्ग्रेसी CM रेवंत रेड्डी ने ध्वस्त किया आरफा का एजेंडा: प्रोपेगेंडा पत्रकार करती रही कोशिश

प्रोपेगेंडा पोर्टल द वायर की युट्यूबर आरफा खानम शेरवानी तेलंगाना के कॉन्ग्रेसी सीएम रेवंत रेड्डी से मात खा गईं। एक इंटरव्यू में आरफा ने काफी कोशिश की कि वह CM रेड्डी से भाजपा की केंद्र सरकार की आलोचना करवाएँ, लेकिन असफल रहीं। उन्होंने कई बार यह प्रयास किया लेकिन पीएम मोदी को बड़े भाई बताने वाले रेवंत ने उनकी चालों को फेल कर दिया।

आरफा ने CM रेवंत रेड्डी के साथ एक 40 मिनट लंबा इंटरव्यू किया है। CM रेड्डी ने इस दौरान उनसे कई मुद्दों पर बात की। उन्होंने इस इंटरव्यू के दौरान पीएम मोदी की आलोचना नहीं की और स्पष्ट किया कि उन्होंने हाल ही में पीएम मोदी को बड़े भाई का दर्जा क्यों कहा था।

केंद्र सरकार से तेलंगाना को मिलने वाले फंड को लेकर आरफा ने CM रेड्डी से एक प्रश्न पूछा। आरफा ने पूछा कि क्या आपको केंद्र से फंड लेने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है? इस पर सीएम रेडी ने उनकी बात नकार दी।

सीएम रेड्डी ने कहा, “नहीं अभी तो शुरुआत है, इतना जल्दी मैं सीधा-सीधा मैं टिप्पणी नहीं करूँगा। हमें आज तक तो कोई दिक्कत नहीं आई है, जो हमने केंद्र से माँगा है, मिला है। मुझे उनसे कोई शिकायत नहीं है। बाद में क्या होगा, उसका तब देखेंगे।” आप यह बातचीत इस वीडियो में 29:55 सेकंड से सुन सकते हैं।

इसके बाद आरफा ने फिर कोशिश की। आरफा ने दूसरे प्रदेशों (केरल, बंगाल और कर्नाटक) का उदाहरण देकर सीएम रेड्डी से केंद्र को लेकर टिप्पणी चाही। इसमें भी आरफा फेल हो गईं। सीएम रेड्डी ने फिर स्पष्ट किया, “अभी तक तो केंद्र सरकार से हमें कोई दिक्कत नहीं आई है, अगर केंद्र सरकार से कोई दिक्कत आएगी तो हम बता देंगे कि यहाँ-यहाँ समस्या हो रही है।”

आरफा ने सीएम रेड्डी से कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी की मीडिया को लेकर कही गई बात का जिक्र भी किया। गौरतलब है कि राहुल गाँधी लगातार मीडिया पर कवरेज में पक्षपात का आरोप लगाते रहे हैं। इस पर भी आरफा की दाल नहीं गली। सीएम रेड्डी ने स्पष्ट रूप से कहा कि चुनाव कभी भी मीडिया के सहारे नहीं जीते जाते।

इसके अलावा सीएम रेड्डी ने पूरे इंटरव्यू के दौरान कहीं पर भी पीएम मोदी या अन्य किसी भाजपा नेता की निजी रूप से आलोचना नहीं की। हालाँकि, आरफा ने इसकी खूब कोशिश की लेकिन विफल रहीं।

गुलाम-चुहिया की मदद से हिन्दू लड़की को ले भागा आसिब; साजिश में इजहार भी शामिल… घर से गहने और कैश भी गायब, बांदा पुलिस कर रही तलाश

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से ‘लव जिहाद’ का एक मामला सामने आया है। यहाँ एक 22 वर्षीया हिन्दू लड़की को अचानक घर से लापता हो गई। लड़की के परिजनों ने आसिब नाम के युवक पर पीड़िता के अपहरण का आरोप लगाया है। आसिब के साथ उसकी अम्मी और भाइयों को भी इस साजिश में शामिल बताया गया है। घटना शनिवार (9 मार्च, 2024) की है। पुलिस ने आसिब सहित कुल 5 लोगों पर FIR दर्ज कर ली है। आरिब की गिरफ्तारी के साथ पीड़िता को सही-सलामत बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

यह घटना बांदा जिले के थाना क्षेत्र नरैनी की है। रविवार (10 मार्च, 2024) को पीड़िता के भाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया है कि 9 मार्च की रात लगभग 11:30 पर घर के सभी लोग सो गए थे। तभी शिकायतकर्ता की 22 वर्षीया बहन घर से कहीं चली गई। जाते हुए लड़की 1 लाख रुपए कैश और 2 लाख रुपए मूल्य के जेवर ले कर गई है। घर के लोगों ने पीड़िता की काफी खोजबीन की लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।

शिकायत में बताया गया है कि अगले दिन पीड़िता की बड़ी बहन ने उसे फोन किया। पीड़िता ने फोन उठाया और रोते हुए आसिब पर खुद को बरगला और साजिश रच कर खुद को भगा लाने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता ने आसिब की अम्मी चुहिया और उसके भाइयों इजहार, गुलाम, मुन्ना पर भी इस साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। पीड़िता और आरोपित एक ही गाँव के निवासी है। पुलिस ने इस मामले में नामजद किए गए सभी 5 आरोपितों पर FIR दर्ज कर ली है। इन सभी पर IPC की धारा 366 और 120-बी के तहत कार्रवाई की गई है।

मामले की जाँच नरैनी थाने के सब इंस्पेक्टर कमल सिंह को सौंपी गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़िता के भाई ने बताया कि 3 दिन से अधिक समय बीत जाने पर भी लड़की का कहीं कोई अता-पता नहीं है। आरोपित आसिब 12वीं फेल होने के बाद पेंटिंग का काम करता है। जब पीड़िता अपनी बहन के साथ कहीं घूमने गई थी तब उसकी जान-पहचान आसिब से हुई थी। अपने गाँव को मुस्लिम बाहुल्य बताते हुए पीड़िता के भाई ने बताया कि उनकी मदद कोई नहीं कर रहा है उल्टे पीठ पीछे कई लोग मजे ले रहे हैं।

16 साल में 13 सरकारें, जगह-जगह उगीं दरगाहें, चीन का हस्तक्षेप… नेपाल में हिन्दू राष्ट्र के लिए तेज हुआ आंदोलन, लोग बोले – नेताओं ने किए झूठे वादे, हर तरफ भ्रष्टाचार

नए-नवेले वामपंथी बने नेपाल को एक बार फिर से हिन्दू राष्ट्र की माँग जोर पकड़ने लगी है। यहाँ की जनता पुराने राजतंत्र को याद कर रही है। प्रदर्शनकारियों के कई समूह एक बार फिर से पुराने समय को लाने का संकल्प ले रहे हैं। नेपाल की अधिकतर जनता भी इन प्रदर्शनकरियों के साथ खड़ी दिख रही है। लोगों का मानना है कि वर्तमान समय में भ्र्ष्टाचार और कुव्यवस्था का बोलबोला है जिसे फ़ौरन बदलने की जरूरत है। हिन्दूराष्ट्र बनाने के लिए साल 2023 से शुरू हुए और अब जोर पकड़ चुके इस आंदोलन में नेपाल का हर वर्ग भागीदारी कर रहा है जिसमें व्यापारी, छात्र, नेता और यहाँ तक कि सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बहुत ही कम समय में नेपाली जनता वहाँ की राजनैतिक पार्टियों और नेताओं से ऊब चुकी है। इन नेताओं ने देश की सत्ता तमाम झूठे वादे कर के हासिल की थी। इसमें शिक्षा, भ्र्ष्टाचार मुक्त शासन, बेरोजगारी, बेहतर स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास जैसे वादे शामिल थे। हालाँकि डेढ़ दशक से अधिक समय बीत जाने पर उनमें से किसी भी वादे पर लोगों ने अपने नेताओं को खरा उतरते नहीं देखा। उल्टे अब लोग इन नेताओं की खोखली बातों और भ्रष्टाचार आदि से तंग आ चुके हैं। अब एक बार फिर से हिन्दू राष्ट्र की माँग को ले कर वहाँ की जनता आंदोलित है।

16 साल पहले तक नेपाल में राजशाही रही थी। तब ज्ञानेंद्र सिंह देश की सर्वोच्च सत्ता हुआ करते थे। देश में मची उथल-पुथल के दौरान उन्होंने सरकार को भंग कर दिया था और कई राजनेताओं को पत्रकारों सहित जेल भेज दिया था। देश में मिलिट्री शासन भी लगा दिया गया था। इस दौरान बड़ी संख्या में खून-खराबा हुआ था। आखिरकार ज्ञानेंद्र सिंह ने कदम पीछे खींच लिए थे और यहीं से नेपाल में कथित लोकतंत्र की शुरुआत हुई थी। साल 2008 में हुए इस बदलाव के बाद से अब तक नेपाल में 13 सरकारें बन चुकी हैं।

हालाँकि, ये सरकारें जन-अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरीं। उलटे अब लोगों को सत्ता की ताकत से तंग भी किया जा रहा है। राजधानी काठमांडू में हिन्दूराष्ट्र के समर्थन में एक बड़ा प्रदर्शन हु। तब हजारों लोगों के इस प्रदर्शन में शामिल रुद्रराज ने मीडिया से कहा था कि नेपाल में हुए बदलाव से लोग अपने पारम्परिक मूल्यों को खोते जा रहे हैं। इस प्रदर्शन में लोग हाथों में नेपाल का झंडा और राजा ज्ञानेंद्र की तस्वीरें ले कर चल रहे थे। हालाँकि नेपाल की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी नेपाली कॉन्ग्रेस के नेता नारायण प्रकाश सऊद ने देश के फिर से हिन्दूराष्ट्र और राजतन्त्र जैसी संभावनाओं से इंकार किया है।

ऑपइंडिया ने पूरे नेपाल में हिंदूवादी मूवमेंट चला रही हिन्दू सम्राट सेना के केंद्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार यादव से बात की। उन्होंने हमें बताया कि हिन्दुओं को आपस में वामपंथी और दक्षिणपंथी के मुद्दों पर उलझा कर चीनियों और इस्लामी ताकतों ने अपना उल्लू सीधा किया है। राजेश ने हमें आगे बताया कि अब एक बार फिर से नेपाल को हिन्दूराष्ट्र बनाने की माँग शुरू हो चुकी है तो इसे अंजाम तक लाया जाएगा। वहीं नेपाल के ही कृष्ण कुमार ने ऑपइंडिया से बातचीत में बताया कि जब साल 2008 में नेपाल का नया संविधान बना था तब लोग जागरूक नहीं थे और भाईचारे के नशे में थे। कृष्ण कुमार का कहना है कि अब लोगों ने कथित भाईचारे का खुमार उतर चुका है क्योंकि वो आए दिन हमलों के शिकार हो रहे है।

साल 2022 में ऑपइंडिया ने भारत की सीमा से लगने वाले नेपाल के दाँग और कपिलवस्तु जिलों का दौरा किया था। इस दौरान पता इस बात का खुलासा हुआ था कि न सिर्फ भारत बल्कि नेपाल की तरफ के भी कई सीमावर्ती गाँव और शहर मुस्लिम बाहुल्य हो चुके हैं। हालात ऐसे मिले कि कुछ गाँवों में प्रधानी का चुनाव लड़ने के लिए हिन्दू प्रत्याशी ही नहीं खड़े हुए थे। इसके अलावा सीमा के दोनों तरफ सैकड़ों की तादाद में दरगाहें, मस्जिदें और अन्य इबादतगाहें बना ली गईं थीं। हालाँकि ऑपइंडिया की खबर का असर हुआ और जाँच के बाद भारत की सीमा पर बने तमाम अवैध मदरसों को बंद करने का आदेश दिया गया है। तब खुद नेपाल के तत्कालीन सांसद अभिषेक प्रताप शाह ने हालत को विस्फोटक जैसा बताते भारत और नेपाल दोनों को सीमावर्ती क्षेत्रों पर ध्यान देने की जरूरत बताई थी।

उत्तराखंड के UCC कानून को मिली राष्ट्रपति मुर्मू की मंजूरी, बन गया कानून, CM धामी ने कहा: गौरव का क्षण

उत्तराखंड के समान नागरिक संहिता (UCC) कानून को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी 11 मार्च, 2024 को दी गई है। राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा UCC कानून को मंजूरी देने की जानकारी उत्तराखंड के गजट के माध्यम से दी गई है। अब उत्तराखंड में UCC ने क़ानून का रूप ले लिया है।

उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी किए गए गजट में बताया गया है, “भारत के संविधान के अनुच्छेद 201 के अधीन माननीय राष्ट्रपति ने उत्तराखण्ड विधान सभा द्वारा पारित ‘समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड, 2024 विधेयक पर दिनाँक 11 मार्च, 2024 को स्वीकृति प्रदान की है।”

उत्तराखंड के UCC कानून को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसन्नता जताई है। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “हम सभी प्रदेशवासियों के लिए यह अत्यंत हर्ष और गौरव का क्षण है कि हमारी सरकार द्वारा उत्तराखण्ड विधानसभा में पारित समान नागरिक संहिता विधेयक को आदरणीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी ने अपनी मंजूरी प्रदान की है। निश्चित तौर पर प्रदेश में समान नागरिक संहिता कानून लागू होने से सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलने के साथ ही महिलाओं पर हो रहे उत्पीड़न पर भी लगाम लगेगी।”

आगे उन्होंने आगे लिखा, “प्रदेश में सामाजिक समानता की सार्थकता को सिद्ध करते हुए समरसता को बढ़ावा देने में यूनिफार्म सिविल कोड अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप हमारी सरकार नागरिकों के हितों के संरक्षण और उत्तराखण्ड के मूल स्वरुप को बनाए रखने के लिए संकल्पित है।”

गौरतलब है कि उत्तराखंड विधानसभा में समान नागरिक संहिता का विधेयक 7 फरवरी को एक विशेष सत्र में पास किया गया था। इसके बाद यह मंजूरी के लिए भेजा गया था। अब, जबकि इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है, यह राज्य में जल्द ही लागू हो जाएगा। उत्तराखंड UCC लागू करने वाला अब देश का पहला राज्य होगा।

इस UCC कानून को एक पाँच सदस्यीय पैनल ने तैयार किया है। इस पैनल की अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस रंजना देसाई कर रही थी। उनके पैनल ने पिछले माह ही यह रिपोर्ट धामी कैबिनेट को सौंपी थी, इसके बाद कानून विधानसभा में लाकर पारित किया गया था।

गौरतलब है कि UCC कानून में विवाह, तलाक और लिव इन से सम्बंधित कई नियम बनाए गए हैं। उत्तराखंड में लिव इन में रहने वालों को भी इस कानून के लागू होने के बाद सरकार को सूचित करना होगा। इसके अलावा राज्य में बहुविवाह अदि पर भी रोक लग सकेगी।

बचपन में पिता का साया उठा, माँ ने किया लालन-पालन: जानिए कौन हैं शीना रानी, जिनके नेतृत्व में अग्नि-5 का हुआ सफल परीक्षण

भारत ने ‘मिशन दिव्यास्त्र’ के तहत अग्नि-5 मिसाइल का सोमवार (11 मार्च 2024) को सफल परीक्षण किया। लगभग 5,000 किलोमीटर की रेंज वाली यह अंतर-महाद्वीपीय मिसाइल ‘मल्टीपल इंडिपेंडेंट टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल’ (MIRV) टेक्नोलॉजी के साथ देश में विकसित की गई। इसमें रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की वैज्ञानिक शीना रानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

इस पूरे प्रोजेक्ट को DRDO की महिला वैज्ञानिक शीना रानी ने लीड किया है। वरिष्ठ वैज्ञानिक शीना रानी की सफलता को देखते हुए को लोगों ने उन्हें ‘दिव्य पुत्री’ नाम दिया है। हैदराबाद के DRDO की हाईटेक लैब में कार्यरत 57 वर्षीय शीना रानी के काम के प्रति लगन और उत्साह के कारण उनके सहकर्मी उन्हें ‘पावरहाउस ऑफ एनर्जी’ के नाम से भी बुलाते हैं।

केरल के तिरुवनंतपुरम की रहने वाली शीना रानी ‘अग्नि पुत्री’ के नाम से प्रसिद्ध मशहूर मिसाइल वुमेन टेसी थॉमस के नक्श-ए-कदम पर चलती हैं। टेसी थॉमस ने अग्नि सीरीज की मिसाइलों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अब शीना रानी उसी विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। शीना भारत के ‘मिसाइल मैन’ कहे जाने वाले पूर्व राष्ट्रपति एवं वैज्ञानिक डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम को आदर्श मानती हैं।  

शीना रानी का जन्म केरल के तिरुवनंतपुरम में हुआ है। जब वह 10वीं कक्षा में थीं तब उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद उनकी माँ ने उनका पालन-पोषण किया। शीना रानी का कहना है कि माँ ही उनकी और उनकी बहन के जीवन की स्तंभ हैं। उन्होंने तिरुवनंतपुरम के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की है। उन्हें कंप्यूटर विज्ञान में भी विशेषज्ञता हासिल है।

शीना रानी ने भारत की अग्रणी नागरिक रॉकेटरी प्रयोगशाला, विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) में आठ वर्षों तक काम किया। साल 1998 में राजस्थान के पोखरण में परमाणु परीक्षण के बाद वह DRDO से जुड़ी थीं। साल 1999 से वह अग्नि मिसाइल कार्यक्रम से जुड़ी हुई हैं। MIRV तकनीक वाली अग्नि-5 मिसाइल के विकास में शीना रानी की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

शीना रानी का कहना है, “मैं DRDO की एक प्राउड मेंबर हूँ, जो भारत की रक्षा में मदद करती है।” उनके पति पी.एस.आर.एस. शास्त्री ने भी मिसाइलों पर DRDO में उनके साथ काम किया है। साल 2019 में इसरो द्वारा लॉन्च किए गए कौटिल्य उपग्रह के प्रभारी भी थे। उन्हें भारत के मिसाइल मैन, पूर्व डीआरडीओ प्रमुख और भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से प्रेरणा मिली थी।

दरअसल, डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम ने भी अपना करियर विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र से ही शुरू किया था। इसके बाद वह इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम का नेतृत्व करने के लिए DRDO में शामिल हुए थे। इस दौरान शीना रानी और उनके पति को डॉक्टर कलाम के साथ काम करने का मौका मिला था।

बताते चलें कि MIRV तकनीक सिर्फ अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन के पास ही है। इस मिसाइल को जमीन से या समुद्र से या फिर पनडुब्बी से भी लॉन्च किया जा सकता है। MIRV तकनीक की खास बात ये है कि इसकी मदद से कई हथियार ले जाए जा सकते हैं और अलग-अलग स्पीड और अलग-अलग दिशाओं में इन हथियारों से टारगेट को निशाना बनाया जा सकता है। 


जय माता दी! वादा पूरा करने के लिए जरूर लड़ूँगा चुनाव: भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह का ऐलान, BJP ने आसनसोल की दी थी कमान

भोजपुरी अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी के नेता पवन सिंह लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने ये ऐलान अपने सोशल मीडिया अकॉउंट एक्स के जरिए किया है। अपने अकॉउंट से उन्होंने कहा कि जनता जनार्दन से वादा पूरा करने के लिए वो चुनाव लड़ेंगे।

13 मार्च 2024 को करीबन 1:30 बजे पवन सिंह ने अपने एक्स अकॉउंट पर लिखा- “मैं अपने समाज जनता जनार्दन और माँ से किया हुआ वादा पूरा करने के लिए चुनाव लड़ूँगा। आप सभी का आशीर्वाद एव सहयोग अपेक्षित है। जय माता दी।”

बता दें कि इससे पहले 2 मार्च को भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल के आसनसोल से अपना प्रत्याशी घोषित किया था। इसके बाद उन्होंने पोस्टर शेयर करके पार्टी का धन्यवाद दिया था। पोस्ट में वह हाथ जोड़े दिख रहे थे। साथ ही इसमें लिखा था- “मुझे लोकसभा क्षेत्र आसनसोल से उम्मीदवार बनाए जाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के सभी महानुभावों का वंदन चंदन और अभिनंदन करता हूँ।”

इस ट्वीट पर जब हर कोई उन्हें बधाई देने लगा तो उसके अगले ही दिन उन्होंने चुनाव न लड़ने की बात कही। पवन सिंह ने कहा- “भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का दिल से आभार व्यक्त करता हूँ। पार्टी ने मुझेपर विश्वास करके आसनसोल का उम्मीदवार घोषित किया लेकिन किसी कारण वश मैं आसनसोल से नहीं लड़ पाऊँगा। इस ट्वीट के साथ उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी अपने ट्वीट में टैग किया था।”

पवन सिंह की इस प्रतिक्रिया के बाद अलग अलग बातें होना शुरू हो गई थी। लेकिन अब जब उन्होंने दोबारा से चुनाव लड़ने का ऐलान किया है तो उनके फैंस खुश हैं और बढ़-चढ़कर उन्हें बधाइयाँ दे रहे हैं।

कॉन्ग्रेस ने जिस नेता को बनाया था बिहार सह-प्रभारी, उन्होंने थामा कमल का फूल: BJP में शामिल हुए कानपुर के पूर्व विधायक अजय कपूर

लोकसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस को झटका लगा है। वहाँ पार्टी के बड़े नेता अजय कपूर ने कॉन्ग्रेस का हाथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का हाथ थाम लिया है। वह कॉन्ग्रेस में राष्ट्रीय सचिव के पद पर थे और बिहार के सह प्रभारी और पूर्व विधायक भी थे।

मौजूदा जानकारी के अनुसार, अजय कपूर किदवई नगर व उससे पूर्व गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक बने थे। 12 मार्च को उन्होंने अपने एक्स अकॉउंट से कॉन्ग्रेस नेता होने की जानकारी को हटा दिया था। वहीं आज भाजपा से जुड़ने के बाद उन्होंने इसे जीवन की नई शुरुआत बताया।

उन्होंने कहा, “देश के नेता और दुनिया के युग पुरुष मोदी जी के परिवार में शामिल होकर अभिभूत हूँ। सैंतीस साल तक कॉन्ग्रेस में मैंने अलग-अलग पद पर काम किया। लेकिन आज दुनिया के हर नागरिक को मोदी जी के परिवार में शामिल होकर देश के विकास में सहयोग करना होगा।”

गौरतलब है कि यूपी में अजय कपूर को कॉन्ग्रेस का कद्दावर नेता माना जाता था जो कि राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी के करीबी नेताओं में से एक थे। मगर अब वो बीजेपी से जुड़ गए हैं। वह यूपी विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना के रिश्तेदार भी हैं। उनके बीजेपी में आने से पहले उनके दो भाई बीजेपी से जुड़े थे। इनमें से एक भाई विजय उद्यमी है। वहीं दूसरा भारतीय चेस फेडरेशन के अध्यक्ष संजय कपूर हैं।