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पाकिस्तान में भीख के पैसों से हुआ चुनाव… लेकिन प्रधानमंत्री बनते ही शाहबाज शरीफ ने कहा – कश्मीर को करवाएँगे आजाद

पाकिस्तान में आम चुनाव खत्म होने के बाद सरकार बनाने के लिए गतिरोध लंबा चला। आखिरकार गठबंधन सरकार सत्ता में आ गई, जिसकी अगुवाई शाहबाज शरीफ कर रहे हैं। रविवार (03 मार्च 2024) को उन्होंने पाकिस्तान की असेंबली में बहुमत साबित किया। उनकी सरकार को धुर विरोधी पार्टी भुट्टो की पारिवारिक पार्टी-पीपीपी सहयोग कर रही है, जिसके बदले में राष्ट्रपति पद पर मिस्टर 10% यानी आसिफ अली जरदारी को बैठाएगी।

खैर, 92 के मुकाबले 201 सदस्यों का बहुमत हासिल करने वाले शाहबाज शरीफ जैसे ही दूसरी बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने, वैसे ही वो पुराने राग अलापने लगे। खासकर गाजा और कश्मीर को लेकर, लेकिन उसके तुरंत बाद ही अपनी ‘औकात’ भी दिखा गए, जब उन्होंने कहा कि इस देश की असेंबली भी भीख यानी कर्ज के पैसों से चल रही है। इन हालातों को बदलना होगा।

प्रधानमंत्री बनने के बाद शहबाज शरीफ ने असेंबली में कहा कि उनकी सरकार का मकसद पड़ोसी मुल्कों के साथ रिश्तों को बेहतर बनाना है। हालाँकि तुरंत ही शहबाज ने पाकिस्तानी नेताओं की मजबूरी बन चुके कश्मीर का राग अलापने में देरी नहीं की। उन्होंने कश्मीर के साथ ही फिलिस्तीन का भी जिक्र किया और कहा कि पाकिस्तान फिलस्तीन के साथ है। शहबाज ने कहा, ‘आइए हम सब एकजुट होकर नेशनल असेंबली से कश्मीरियों और फलस्तीनियों की आजादी के लिए एक प्रस्ताव पारित करें।’

कर्ज पर चल रही है संसद

कश्मीर और फिलिस्तीन का साथ देने की घोषणा करते ही शाहबाज शरीफ ने ऐसी बात कह डाली, जो आजतक किसी ने भी नहीं कहा था। शाहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली भी पिछले कई सालों से कर्जों के पैसों से चल रही है, क्योंकि सरकार के पास पैसा ही नहीं है। विदेश से आने वाले पैसों से हमारी असेंबली चल रही है, जिसे सुधारना होगा। बता दें कि पाकिस्तान को पिछले साल ही आईएमएफ से 3 अरब डॉलर का लोन मिला था, लेकिन चुनाव के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने आईएमएफ को पत्र लिखकर कह दिया कि पहले जो कर्जा पाकिस्तान को दिया है, उसका हिसाह किताब ले लिया जाए, वर्ना सारे पैसे बर्बाद हो जाएँगे।

इमरान खान ने तो आईएमएफ को ये भी सलाह दे दी कि वो पाकिस्तान में हुए आम चुनावों में हुए भारी खर्च का हिसाब भी माँग ले, कहीं ऐसा न हो कि आईएमएफ कर्ज चुकाने और विकास कार्यों के नाम पर जो पैसे दे रहा है, उन पैसों से पाकिस्तानी नेता देश चलाने की जगह उन पैसों को चुनाव में उड़ा चुके हों।

पाकिस्तान में खिचड़ी सरकार

शाहबाज शरीफ चुनाव से पहले भी गठबंधन सरकार के प्रधानमंत्री थे। इमरान खान की सरकार को गिराने के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) यानी पीएमएल(एन) और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) मिलकर सरकार चला रहे थे। इस बार नवाज शरीफ प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे, लेकिन इमरान खान की पार्टी पीटीआई द्वारा समर्थित सबसे ज्यादा 91 सांसदों ने जीत हासिल की। इसके बाद सरकार बनाने को लेकर समस्या खड़ी हो गई, क्योंकि नवाज शरीफ की पार्टी के महज 75 सदस्य ही थे। हालाँकि दूसरी सबसे बड़ी पार्टी पीपीपी के समर्थन के बाद पीएमएल ने सरकार बनाई है, लेकिन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की जगह उनके भाई शाहबाज शरीफ बने हैं।

2047 तक भारत होगा विकसित, मोदी 3.0 के पहले बजट से काम शुरू, विजन डॉक्यूमेंट तैयार: नई सरकार के पहले 100 दिनों के एजेंडे पर मुहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (03 मार्च 2024) को मंत्रिपरिषद की एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें ‘विकसित भारत 2047’ के विजन दस्तावेज और अगले पांच वर्षों के लिए एक विस्तृत कार्य योजना पर विचार-मंथन सत्र आयोजित किया गया। यह बैठक दिल्ली के चाणक्यपुरी डिप्लोमैटिक एन्क्लेव में सुषमा स्वराज भवन में आयोजित की गई, जो करीब 8 घंटों तक चली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की ये आखिरी बैठक है, क्योंकि इसके बाद आचार संहिता लग जाएगी। इस बैठक में भारत को साल 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के रोडमैप और विजन पर चर्चा हुई। इसके लिए विजन इंडिया-2047 पर प्रेजेंटेशन भी दिया गया। इस बैठक में सभी मंत्रालयों के सचिव भी मौजूद रहे। कैबिनेट मीटिंग में जिन एजेंडों पर चर्चा हुई, उसमें मई 2024 में नई सरकार का गठन होने पर एक्शन प्लान भी तैयार हुआ। ये एक्शन प्लान 100 दिनों के लिए है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल की आखिरी मंत्रिपरिषद की बैठक में सांसदों को जीत का मंत्र दिया। पीएम मोदी अपने मंत्रियों को लगभग 1 घंटे संबोधित किया। पीएम मोदी आगामी लोकसभा चुनावों में पार्टी की जीत को लेकर आश्वस्त दिखे। उन्होंने अपनी कैबिनेट के साथियों संग मैराथन बैठक की। इस महत्वपूर्ण मुलाकात में प्रधानमंत्रियों ने अपने ​मंत्रियों को विवादित बयानबाजी से बचने और ज्यादा बोलने से परहेज करने को कहा। इस दौरान मंत्रियों ने भी तीसरी बार केंद्र में सरकार बनने के बाद अगले 100 दिन का रोडमैप सबके सामने रखा है। इस बैठक में पीएम मोदी ने आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अपने मंत्रियों और नेताओं चुनावी तैयारियों से जुड़े कई अहम निर्देश भी दिए।

सूत्रों के मुताबिक, ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य पूरा करने के लिए मोदी सरकार सभी मंत्रालयों और राज्य सरकारों, शिक्षाविदों, उद्योग संगठनों, नागरिक समाज संस्थाओं, वैज्ञानिक संगठनों के साथ व्यापक परामर्श तथा युवाओं के सुझावों को समाहित करते हुए आगे बढ़ेगी। पीएम मोदी ने मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान कहा कि इस साल जून में जो बजट पेश होगा उसमें विकसित भारत की झलक दिखनी चाहिए। भारत 2047 तक एक विकसित देश कैसे बने इसको लेकर सचिवों ने पीएम को पाँच प्रजेंटेशन दिखाए। केंद्रीय मंत्रियों अश्विनी वैष्णव, हरदीप सिंह पुरी, किरेन रिजिजू, अर्जुन मेघवाल और पीयूष गोयल ने प्रजेंटेशन पर अपने सुझाव प्रधानमंत्री मोदी के सामने रखे।

गौरतलब है कि विकसित भारत के विजन डॉक्यूमेंट को तैयार करने के लिए 2700 से अधिक बैठकों, वर्कशॉप और सेमिनारों का आयोजन किया गया। इसमें 20 लाख से ज्यादा सुझाव प्राप्त हुए। विकसित भारत @2047 के लिए दस सेक्टरों के विजन को एकीकृत तौर पर संयोजित करने की जिम्मेदारी नीति आयोग को सौंपी गई थी। इसका आखिर टारगेट 2047 तक भारत को एक विकसित देश में बदलना है। इसका मतलब है कि जब भारत देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे, तब तक भारत देश विकसित राष्ट्र बन चुका होगा।

केरल के ‘ओरल सेक्स’ वाले प्रोफेसर इफ्तिखार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल: पढ़ाता था – मुख मैथुन मतलब कम्युनिकेशन, चौड़ी ललाट वाली लड़कियाँ कामातुर

केरल सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्राओं को कविता और साहित्य के नाम पर ‘ओरल सेक्स’ को बेस्ट बताने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर इफ्तिखार अहमद के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है। केरल पुलिस ने छात्रा के यौन उत्पीड़न के मामले में बेकल पुलिस ने कान्हागंज की अदालत में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें आईपीसी की धारा 354 के तहत चार्जशीट अदालत को सौंपी गई।

ये चार्जशीट 13 नवंबर वाले मामले में दाखिल की गई, जब परीक्षा के दौरान एक छात्रा बेहोश हो गई थी। उस छात्रा को उठाने के बहाने इफ्तिखार अहमद ने उसकी छाती व अन्य अंगों को अनुचित तरीके से छुआ। लेकिन इस मामले में केरल सेंट्रल वूनिवर्सिटी की आंतरिक टीम ने जाँच की खानापूर्ति की और आरोपित इफ्तिखार अहमद को आरोपों से बरी कर दिया। इस दौरान इफ्तिखान अहमद के खिलाफ क्लास की सभी छात्राओं ने उत्पीड़न के आरोप लगाए और कहा कि क्लासरूम में कविता और साहित्य के नाम पर इफ्तिखार अहमद घटिया बाते करता है।

इफ्तिखार अहमद पर 34 छात्राओं ने आरोप लगाए थे। इसके बावजूद आंतरित जाँच समिति ने आरोपों को खारिज कर दिया। इसके बाद चार छात्राओं के परिजनों ने पुलिस में शिकायत की। जानकारी के मुताबिक, 23 नवंबर को असिस्टेंट प्रोफेसर इफ्तिखार अहमद को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने निलंबित कर दिया, लेकिन पुलिस को सूचना नहीं दी। लेकिन जब चार छात्राओं के परिजनों ने कलेक्टर से शिकायत की, तो कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, जब जाकर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

पुलिस ने इस मामले में इफ्तिखार अहमद के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354ए(1) और आईपीसी की धारा 509 के तहत मामला दर्ज किया। हालाँकि पुलिस ने सभी छात्राओं के आरोपों को खारिज करते हुए सिर्फ एक छात्रा के यौन उत्पीड़न का ही मामला पाया। बता दें कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की जाँच समिति आईसीसी ने इफ्तिखार अहमद को यौन उत्पीड़न की जगह सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया, इसके बाद 23 फरवरी को कुलपति ही उसका निलंबन रद्द कर दिया गया था। इसके बाद पूरे यूनिवर्सिटी में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके 6 दिन बाद 29 फरवरी को कुलपति ने इफ्तिखार अहमद को फिर से निलंबित कर दिया। इस बार इफ्तिखार अहमद की जमानत की शर्तों को लेकर पेंच था।

छात्राओं के आरोप

छात्राओं ने ये आरोप लगाया कि इफ्तिखार अमहद कविता और साहित्य के नाम पर सेक्स, सेक्सुअल प्लेजर और चरम आनंद की बात करते हैं। अहमद क्लास के लिए डिजाइन अपने कोर्स में महिलाओं को सेक्स की वस्तु कहते हैं। ऐसी ही एक कक्षा में अहमद ने कहा था, “ओरल सेक्स (मुख मैथुन) कम्युनिकेशन का सबसे बेहतरीन माध्यम है।” क्लास में ऐसा ही एक अश्लील उदाहरण देते हुए अहमद ने कहा था, क्या तुम लोग जानती हो कि बस पर सबसे खुश बस कंडक्टर क्यों होता है? क्योंकि, वह बहुत से लोगों (महिलाओं) में टच करता है।”

अहमद ने तो क्लास की एक छात्रा को लेकर ही अश्लील टिप्पणी कर दी। अहमद ने क्लास की एक छात्रा से कहा, क्या तुम मुझे अपने पूरे शरीर को चाटने दोगी, जैसा कि ‘जर्मन संभ्रांत वर्ग’ में प्रचलित था। उन्होंने चौड़ी ललाट वाली लड़कियों को क्लास में घूरते हुए कहा कि मध्यकालीन इंग्लैंड में चौड़ी ललाट वाली महिलाओं को काम-वासना से परिपूर्ण महिला माना जाता था।

इसी तरह ‘To His Coy Mistress’ कविता की चर्चा करते हुए अहमद ने कविता के संदर्भ हटकर बताया कि योनि प्रवेश (Penetration) कैसे किया गया है। इस दौरान अहमद ने छात्राओं की देखकर शारीरिक रूप से अश्लील संकेत भी किया। अहमद ने पढ़ाने को सेक्स करने की तरह बताया और कहा कि इसमें बोरियत से बचने के लिए पोजिशन बदलते रहने और अलग-अलग तकनीक अजमाने की जरूरत होती है।

एक छात्रा की ओर इशारा करते हुए अहमद ने यौन प्रलोभन और उन्माद को लेकर कहा कि वह दो साड़ी देकर उस लड़की को अपने कमरे में बुलाए और वह आने के लिए तैयार भी हो गई, लेकिन इसके बदले उसने तीन साड़ी की माँग की। अहमद ने कविता के जूनून को महिलाओं के अंडरवियर सूंघने की दीवानगी से की।

कलकत्ता HC के जज अभिजीत गंगोपाध्याय दे रहे इस्तीफा, TMC नेताओं ने दिया था चैलेंज: राजनीति के मैदान में उतरने के दिए संकेत

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने ऐलान किया है कि वो इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने राजनीति में उतरने के संकेत दिए हैं। हालाँकि उन्होंने कहा है कि 4 मार्च को मेरे काम करने का आखिरी दिन होगा, तब तक वो पेंडिंग केस निपटाएँगे, इसके बाद आधिकारिक तौर पर वो राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेज देंगे। उन्होंने साफ कह दिया है कि वो राजनीति में आने के बारे में सोच रहे हैं।

जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने रविवार (3 मार्च, 2024) को इस्तीफे के बारे में एबीपी आनंदा से बातचीत के दौरान खुलासा किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता उन्हें बार बार चैलेंज कर रहे थे कि मैं राजनीतिक मैदान में आऊँ। ऐसे में मैंने सोचा कि क्यों न यही काम कर लिया जाए। अत: मैंने इस्तीफे का फैसला लिया है। मैं राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेजूँगा।

जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने कहा कि वो राजनीति में जाएँगे, लेकिन किस पार्टी में जाएँगे, इस बारे में घोषणा बाद में करेंगे। पहले मैं अपने सभी पेंडिंग केस निपटा लूँ, इसके बाद इस्तीफा दूँगा। हाँ, अघर कोई पार्टी में मुझे खुद से जोड़ती है, तो मैं उसके टिकट पर चुनाव भी लड़ूँगा, लेकिन अभी ये नहीं बता सकता कि मैं किसी पार्टी से लड़ूँगा।

जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय के फैसले के ऐलान पर राज्य की राजनीति गरमा गई है। गंगोपाध्याय ने राजनीतिक दलों से ऑफर मिलने पर विचार की बात कही है। जब जस्टिस गंगोपाध्याय से इस्तीफे का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मौजूदा सत्ताधारी पार्टी के कई लोगों ने मुझे चुनौती दी है। उन्होंने मुझे यह निर्णय लेने के लिए मजबूर किया। मैं इसके लिए सत्तारूढ़ दल (टीएमसी) को बधाई देना चाहता हूँ कि उनकी वजह से मुझे ये फैसला लेना पड़ा।

जस्टिस गंगोपाध्याय के राजनीति में उतने के ऐलान पर टीएमसी ने हमला बोला है। टीएमसी ने कहा कि उसके आरोप सही हैं कि गंगोपाध्याय राजनीतिक दल के कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे थे। वहीं, कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उनके इस्तीफे का स्वागत करते हुए उन्हें योद्धा कहा उन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी से जोड़ने का ऑफर भी दिया है। वो पहले बयान दे चुके हैं कि गंगोपाध्याय में पश्चिम बंगाल को चलाने का माद्दा है और उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री बनना चाहिए।

बता दें कि जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय 2018 में कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस बने थे और वो अगस्त 2024 में रिटायर होने वाले थे। अपने रिटायरमेंट से 5 महीने पहले ही उन्होंने ऐलान कर दिया है कि वो अब हाई कोर्ट को छोड़ रहे हैं और अब वो चुनाव के मैदान में उतरेंगे।

भारतीय हिरोइन और पाकिस्तानी हीरो (तलाकशुदा, 2 बच्चों का अब्बा) के बीच रोमांस की खबरें पड़ोसी मुल्क में वायरल: बुर्का पहन कर नमाज पढ़ने का भी दावा

दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री और तमिल अदाकारा गीतिका तिवारी इन दिनों सुर्ख़ियों में हैं। इन सुर्ख़ियों की वजह पाकिस्तान के एक मुस्लिम अभिनेता से उनकी नजदीकियाँ बताई जा रही हैं। पाकिस्तानी अभिनेता का नाम फ़िरोज़ खान है, जो तलाकशुदा और 2 बच्चों का अब्बा है। उसकी पहली पाकिस्तानी बीवी ने उस पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। फिलहाल गीतिका और फ़िरोज़ खान ने अपने रिश्तों को लेकर उठ रही खबरों के बारे में अभी तक कोई सफाई नहीं दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गीतिका और फ़िरोज़ खान किसी फिल्म की शूटिंग में एक साथ काम कर रहे हैं। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्म है। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों के साथ में खिंचवाए गए कुछ फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं।

इसमें सबसे ज्यादा चर्चित दोनों की कार में एक साथ बैठा एक वीडियो है। इस वीडियो में गीतिका और फ़िरोज़ खान खाफी खुश नजर आ रहे। बैकग्राउंड म्यूजिक के तौर पर एक रोमांटिक गाना सुनाई दे रहा है जिसके बोल हैं – ‘अँखियाँ तेरी मेरे दिल पे वार करे’।

इसके अलावा इंस्टाग्रम यूजर _saadly_madly ने गीतिका और फ़िरोज़ खान की कुछ अन्य तस्वीरें भी अपने हैंडल पर शेयर की हैं। इन तस्वीरों में दोनों एक दूसरे के काफी करीब नजर आ रहे। यूजर ने बताया है कि जिस फिल्म में गीतिका और फ़िरोज़ एक साथ काम कर रहे हैं, वो एक पाकिस्तानी फिल्म है। फिल्म का नाम ‘लक लग गए’ बताया है। इस फिल्म के डायरेक्टर ज़ुल्फ़िकार अली बताए गए हैं और शूटिंग की जगह लंदन है।

कुछ लोगों का यह कहना है कि ये तस्वीरें दोनों की आने वाली फिल्म के दृश्य हैं लेकिन बोल नेटवर्क नाम के यूट्यूब चैनल पर बॉलीवुड कलाकार KRK (कमाल आर खान) के हवाले से यहाँ तक दावा कर दिया गया है कि गीतिका ने इस्लाम कबूल कर लिया है और वो बुर्का पहन कर नमाज़ भी पढ़ती है। हालाँकि इन तमाम चर्चाओं पर अभी तक गीतिका व फ़िरोज़ खान की तरफ से कोई सफाई नहीं आई है।

बताते चलें कि फ़िरोज़ खान का निकाह साल 2018 में पाकिस्तान की अलीजेह फातिमा रज़ा से हुआ था। इस निकाह से उसे 2 बच्चे भी हुए। कुछ समय तक सब कुछ सही रहा लेकिन बाद में फ़िरोज़ और अलीजेह के रिश्तों में दरार आ गई। कुछ समय पहले फ़िरोज़ और अलीजेह का तलाक हो गया। तब से दोनों अलग रहते हैं। तलाक लेने के दौरान फ़िरोज़ की बीवी ने अपने शौहर पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।

₹5 से लेकर ₹2000 तक… BJP को ऐसे दे सकते हैं चंदा: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले चंदा ड्राइव में PM मोदी ने भी दिया योगदान

भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए चंदा इकट्ठा करने का अभियान चलाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान के तहत खुद भी पार्टी फंड में दान किया है और लोगों से भी राष्ट्र निर्माण के लिए बीजेपी को चंदा देने की अपील की है। इसके लिए नमो ऐप पर खास ऑप्शन भी दिया गया है, जिसके जरिए न सिर्फ बीजेपी कार्यकर्ता बल्कि आम लोग भी पार्टी को चंदा दे सकते हैं।

पीएम मोदी ने ‘डोनेशन फॉर नेशन बिल्डिंग’ मुहिम में दिया दान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी के ‘डोनेशन पर नेशन बिल्डिंग’ मुहिम के तहत पार्टी को 2000 रुपए का चंदा दिया। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर इस चंदे की स्लिप को पोस्ट करते हुए लिखा, “मुझे भाजपा में योगदान देने और विकसित भारत के निर्माण के हमारे प्रयासों को मजबूत करने में खुशी हो रही है। मैं सभी से NaMoApp के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के लिए डोनेशन का हिस्सा बनने का भी आग्रह करता हूँ।”

इतना ही नहीं जनता भी पार्टी के लिए चंदा दे सके, इसके लिए पीएम ने अपनी पोस्ट में NaMoApp का एक लिंक भी साझा किया है। इस लिंक पर जाकर आप सीधे बीजेपी को चंदा दे सकते हैं। जब आप इस लिंक पर क्लिक करेंगे, तो सामने एक पेज खुलकर आएगा। यहाँ मौजूद इस फॉर्म में डोनेशन देने वाले को अपनी सारी जरूरी डिटेल्स भरनी हैं और उसके बाद अपने डोनेशन की रकम भरनी है और फिर एक्सेप्ट पर क्लिक कर देना है। इसे समझाने के लिए स्क्रीनशॉट भी दिया गया है।

नमो ऐप का स्क्रीनशॉट

वेबसाइट पर इन स्टेप्स में कर सकते हैं डोनेशन: सबसे पहले तो आपको https://www.narendramodi.in/donation/ पर जाना होगा। यहाँ से कुछ ही क्लिक में आप डोनेशन कर सकते हैं। पूरी प्रोसेस इस तरह से है…

सबसे पहले Enter Amount सेक्शन में जो भी राशि आप दान करना चाहते हैं वो सलेक्ट करें।

इसके बाद Enter your details में अपना नाम, Mobile Number, Email ID भरें।

इसके बाद Select your State सेक्शन में अपना राज्य चुनें।

इसके बाद Select your City में अपना शहर चुनें।

फिर Cause for donation में Party Fund चुनें।

इसके बाद Referral Code (Optional) रेफरल कोड डालें।

फिर Enter your Remark में अपना रिमार्क लिखें।

इसके बाद Make the donation में दिए गए डिक्लेरेशन को सेलेक्ट करके ACCEPT AND PROCEED पर क्लिक कर दें।

राजनीतिक पार्टियों को चंदा देने वालों को टैक्स में छूट मिलती है। इस तरह से बीजेपी को भी दान देने वाले दान दाताओं को इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत आयकर में छूट दी जाएगी।

बता दें कि पीएम मोदी के साथ ही बीजेपी के कई और नेताओं ने पार्टी के डोनेशन फॉर नेशन बिल्डिंग कैंपेन के तहत चंदा दिया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 1 मार्च को इस अभियान की शुरुआत की थी। जेपी नड्डा ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘मैंने भारत को विकसित भारत बनाने के लिए पीएम मोदी के विजन को अपना व्यक्तिगत समर्थन देने के लिए बीजेपी को चंदा दिया है। आइए हम सभी आगे आएं और नमो ऐप का उपयोग कर DonationForNationBuilding जन आंदोलन में शामिल हों।’

चुनाव आयोग के आँकड़ों से पता चला है कि भाजपा वित्तीय वर्ष 2022-2023 में 719 करोड़ रुपये की फंडिंग इकट्ठा करने में कामयाब रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक है। उसे 2021-2022 में 614 करोड़ रुपये का चंदा मिला था। चूँकि अब इलेक्टोरल बॉन्ड पर रोक लग गई है, ऐसे में पार्टी के कामकाज पर कोई फर्क न पड़े, इसके लिए बीजेपी ने समय से अपनी तैयारियाँ शुरू कर दी है और चंदा अभियान चला दिया है।

लड़कियों की टीम में लड़कों को भी खेलाओ: इनकार करने पर महिला लीग को निलंबित करने की धमकी, लैंगिक भेदभाव के नाम पर बवाल

ब्रिटेन में लड़कियों की सबसे बड़ी फुटबॉल लीग में से एक को फुटबॉल एसोसिएशन ने बंद करने की कार्रवाई करने की धमकी दी है। यह निर्णय इसलिए लिया गया, क्योंकि उसने अपने मैचों में एक लड़के को खेलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। लड़के के माता-पिता की शिकायत के बाद FA और यॉर्कशायर में महिला लीग चलाने वाले अधिकारियों के बीच विवाद छिड़ गया था।

एफए ने धमकी दी है कि अगर लड़कों को मैच नहीं खेलने दिया गया तो वेस्ट राइडिंग गर्ल्स फुटबॉल लीग को प्रतिबंधों और निलंबित किया जाएगा। अधिकारियों ने इसे ‘लड़कियों के खेल के लिए एक बड़ा खतरा’ करार दिया है। पिछले सप्ताह लीग के आयोजकों ने एक आपातकालीन बैठक की गई थी, जहाँ चिंता व्यक्त की कि लड़कों को खेलने की अनुमति देने से इस तरह माँगों की बाढ़ आ जाएगी।

जिन आयोजकों ने यह बैठक की थी, उनमें 300 से अधिक टीमों में कम-से-कम 6,000 अंडर-18 लड़कियाँ खेल रही हैं। वहीं, एफए की जेंडर पॉलिसी में कहा गया है कि किसी भी अंडर-16 टीम को लड़कों और लड़कियों दोनों को खेलने की अनुमति देनी चाहिए। हालाँकि, FA यह जानता है कि एक जेंडर की शारीरिक ताकत, सहनशक्ति या शरीर दूसरे के नुकसान पहुँचा सकती है।

दरअसल, पिछले साल अक्टूबर महीने के अंत में लड़के के माता-पिता ने वेस्ट राइडिंग गर्ल्स लीग से कहा था कि उनका बेटा अन्य लड़कों के साथ खेलना नहीं चाहता था। उन्होंने लीग से पूछा था कि ऐसी स्थिति में उसकी क्षमता के स्तर के कारण उनका बेटा इस लीग में शामिल हो सकता है। हालाँकि, लीग ने उनके अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लीग द्वारा अनुरोध अस्वीकार करने के बाद लड़के के माता-पिता ने वेस्ट राइडिंग काउंटी फुटबॉल एसोसिएशन के पैरेंट संगठन राष्ट्रीय एफए में एक अपील की। FA ने आयोजकों को बताया कि वे इस आवेदन को अस्वीकार करने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए वे लड़के को अगर टीम में नहीं खेलाते हैं तो उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।

इसके बाद पिछले सप्ताह लीग के सचिव ने अपने सदस्यों को एक ईमेल भेजकर कहा, “यह लड़कियों के खेल के लिए एक बड़ा खतरा है और हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अगर हम इससे डटकर लड़ते हैं तो यह एक लंबा संघर्ष हो सकता है। सभी इरादों और उद्देश्यों के लिए हम न केवल अपनी लड़कियों की लीग, बल्कि देश की सभी लड़कियों की लीगों की अखंडता के लिए लड़ेंगे।”

एक महिला क्लब मैनेजर ने कहा, “हमने माता-पिता और खुद लड़कियों से बात की है। उनमें से कई को हमने मिश्रित सेक्स लीग से ‘बचाया’ है, जहाँ उन्हें गेंद पास करने से बाहर रखा गया है, क्योंकि इससे उनकी हड्डियाँ टूट गईं। मुझे माता-पिता ने भी सूचित किया है कि वे अपनी बेटियों को लीग से निकालने पर विचार कर रहे हैं। लड़कियाँ खुद कह रही हैं कि अगर लड़के खेलेंगे तो वे इसे छोड़ देंगी।”

एक पुरुष कोच ने कहा कि जब उन्होंने अपनी टीम की लड़कियों की राय पूछा तो सबने कहा कि वे इस निर्णय से खुश नहीं हैं। उनमें से कुछ लड़कियों ने फुटबॉल छोड़ने की भी बात कही। जेंडर आधारित अधिकार समूह की फियोना मैकएनेना ने कहा, “पिच पर एक लड़का सब कुछ बदल देता है। एफए का लड़कियों से यह कहना लैंगिक भेदभाव है कि उन्हें एक पुरुष खिलाड़ी को स्वीकार करना होगा।”

एफए के एक प्रवक्ता ने कहा, “वेस्ट राइडिंग एफए इस मामले पर संबंधित लीग और संबंधित क्लबों के साथ काम कर रहा है। हम उनका समर्थन करना जारी रखेंगे, ताकि सभी के लिए उचित समाधान निकाला जा सके। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हर किसी को जूनियर फुटबॉल खेलने का अवसर मिले, जिसमें मिश्रित टीमें भी शामिल हैं। ऐसा नियम है कि लड़के-लड़कियाँ साथ खेल सकते हैं।”

शाहरुख खान ने कहा ‘जय श्री राम’, अब कट्टरपंथी दे रहे माँ-बहन की गंदी-गंदी गाली: अंबानी के बेटे की प्री वेडिंग का वीडियो वायरल

अनंत अम्बानी और राधिका मर्चेंट की शादी से पहले आयोजित प्री वेडिंग कार्यक्रम इस समय सोशल मीडिया की सुर्खियाँ बनी हुई हैं। इस मौके पर जहाँ रिहाना का डांस चर्चा में रहा तो वहीं अब शाहरुख़ खान का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में शाहरुख़ खान प्री वेडिंग में शामिल हुए लोगों का ‘जय श्री राम’ बोल कर अभिवादन करते सुने जा सकते हैं। भले ही मौके पर मौजूद लोगों ने ख़ुशी में शोर मचा कर शाहरुख़ खान के अभिवादन का जवाब दिया हो लेकिन सोशल मीडिया के कई मुस्लिम यूजर्स को यह जयकारा रास नहीं आया है। कुछ कट्टरपंथी अब शाहरुख़ खान को गंदी-गंदी गालियाँ दे रहे हैं।

यह वीडियो रविवार (3 मार्च 2024 ) को मानव मंगलानी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया है। समाचार लिखे जाने तक वीडियो को लगभग 38 हजार लोग देख चुके हैं। वीडियो की शुरुआत में ही मंच पर आते ही शाहरुख़ खान ने सभी को जय श्री राम बोला।

शाहरुख़ खान के ‘जय श्री राम’ बोलने पर वहाँ बैठे लोगों ने भी शोर मचा कर उत्साह बढ़ाया। अपने सम्बोधन के बीच में शाहरुख़ खान ने तीन मूर्तियों का भी जिक्र किया। उन्होंने अंबानी परिवार की महिलाओं का संबोधन माता लक्ष्मी, पार्वती और सरस्वती का विशेषण देते हुए किया।

इस वीडियो के वायरल होने के बाद कई मुस्लिम यूजर्स अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग वीडियो के साथ छेड़खानी का आरोप लगा रहे हैं तो कई लोग शाहरुख़ खान को गालियाँ देते देखे जा सकते हैं। im_shekh_29 ने आरोप लगाया है कि वीडियो एडिट की गई है। उनका कहना है कि शुरुआत में शाहरुख़ खान ने अस्सलाम वाले कुम बोला था, जिसे गलत दिशा देने के लिए काट दिया गया।

चित्र साभार- instagram/im_shekh_28

सद्दाम खान का आरोप है कि शाहरुख़ खान ने 50 करोड़ रुपए लिया है। सद्दाम ने अपने कमेंट में हँसी की इमोजी भी डाली है।

चित्र साभार- इंस्टाग्राम/saddam_sid_khan

शहनूर ने गुस्सा दिखाते हुए लिखा है कि शाहरुख़ खान को जय श्री राम बोलने के अलग पैसे मिले हैं। उन्होंने अपने कमेंट में शाहरुख़ को ‘दल्ला’ शब्द से सम्बोधित किया है। वहीं एक अन्य यूजर लाइव लव डाई ने एक फोटो शेयर की है। किसी फिल्म के दृश्य वाले इस फोटो में एक अभिनेता दूसरे को माँ की गाली देने की तस्वीर दिख रही है।

चित्र साभार- इंस्टाग्राम/mr.shahnoor

नादिर रंगरेज का मानना है कि जय श्री राम बोल कर शाहरुख़ खान ने औकात दिखा दी है।

चित्र साभार- instagarm/ नादिर रंगरेज

हालाँकि भले ही कई कट्टरपंथी शाहरुख़ खान के बारे में सोशल मीडिया पर तमाम अपशब्द बोल रहे हैं लेकिन नेटीजेंस उनका समर्थन भी कर रहे हैं। शाहरुख खान के अभिवादन के जवाब में संतोष श्रीवास्तव, आदेश विश्वकर्मा, रामवेद आदि ने भी शाहरुख़ को जय श्री राम बोला है।

‘मोदी हिंदू नहीं है, माँ की मौत पर बाल नहीं मुंडवाया’: पटना की रैली में तू-तड़ाक पर उतरा लालू यादव, कहा- जिसका परिवार नहीं, वो क्या जाने परिवारवाद

लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए राजनीति अपने चरम पर पहुँच गई है। बिहार के जंगलराज के पर्याय माने जाने वाले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के संस्थापक लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। लालू ने कहा कि पीएम मोदी हिंदू नहीं हैं, क्योंकि उनकी माँ के देहांत के वक्त उन्होंने अपना सिर नहीं मुंडवाया था।

पीएम पद की गरिमा का मानमर्दन करते हुए लालू यादव पीएम मोदी के तू-तड़ाक शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने कहा, “मोदी क्या है? मोदी कोई चीज नहीं है। मोदी के पास तो परिवार ही नहीं है। अरे भाई तुम बताओ ना कि तुम्हारे परिवार में कोई संतान क्यों नहीं हुआ। ज्यादा संतान होने वाले लोगों को बोलता है कि परिवारवाद है, परिवार के लिए लड़ रहा है।”

लालू यादव ने आगे कहा, “तुम्हारे पास तो परिवार ही नहीं है। तुम तो हिंदू भी नहीं हो। मोदी की माताजी का जब निधन हुआ तो सबने देखा कि मोदी ने माँ की मौत के बाद भी बाल-दाढ़ी नहीं बनवाया। किसी का माँ मरती है तो बेटा बाल अपना छिलवाता है। तुम क्यों नहीं छिलवाए, जब तुम्हारी माँ का निधन हुआ?” उन्होंने कहा कि जो बिहार फैसला लेता है, वही देश के लोग अनुकरण करते हैं।

लालू यादव ने आगे कहा, “तेजस्वी महागठबंधन सरकार के दौरान लाखों रोजगार दिया। हम रोज पूछते थे आज कितना रोजगार दिया? तेजस्वी अच्छा काम किया। साल 2017 में जब नीतीश महागठबंधन से एनडीए में गए थे तो नीतीश को हम गाली नहीं दिए। हम कहे थे पलटूराम है। इसके बाद हम उनको फिर महागठबंधन में दोबारा लिए। हम लोग से गलती हुई।”

लालू यादव ने कहा, “मैं टीवी में देखता हूँ कि कोई माला पहना रहा है, कोई फूल पहना रहा है… शर्म नहीं आती है क्या नीतीश कुमार को ये सब देखकर? देख रहे हैं कि उनका शरीर भी काम नहीं कर रहा है आजकल। आज के गाँधी मैदान का जुटान देखकर और भी पता नहीं कौन बीमारी पैदा ले लेगा।”

दरअसल, बिहार की राजधानी पटना में रविवार (3 मार्च 2024) को राजद द्वारा आयोजित जनविश्वास रैली विपक्षी दलों राहुल गाँधी, अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता पहुँचे। इसमें तेजस्वी यादव के साथ लालू यादव भी पहुँचे। इसी रैली में बोलते हुए लालू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने कमंडल और मंडल कमीशन का भी जिक्र किया।

लालू प्रसाद ने कहा, “ये कहता है कि भगवान में प्राण प्रतिष्ठा कर दिया। बताओ कि बिना प्राण प्रतिष्ठा के ही भगवान अब तक थे?” मंडल कमीशन को लेकर उन्होंने कहा, “मंडल कमीशन का नतीजा है कि आज हर पिछड़ा वर्ग, दलित, वंचित और गरीब सत्ता के दरवाजे पर खड़ा है। यह नरेंद्र मोदी क्या चीज है?” बता दें कि मंडल कमीशन को वीपी सिंह ने पीएम रहते लागू किया था।

‘8 करोड़ दो या 41 करोड़… शादी में नहीं गाएँगे गाना’: लता मंगेशकर ने दिया था जवाब, आशा भोंसले का सुनाया किस्सा फिर से चर्चा में

दिवंगत गायिका और भारत रत्न लता मंगेशकर को लेकर आशा भोंसले द्वारा किया गया खुलासा एक बार फिर से चर्चा में है। आशा भोंसले ने बताया था कि एक बार लता मंगेशकर ने 10 लाख डॉलर (अभी 8 करोड़ 28 लाख रुपए कीमत) की पेशकश के बावजूद एक शादी में गाने से इंकार कर दिया था।

ऐसा ऑफर करने वाले ने इतनी बड़ी रकम के लिए लता मंगेशकर से महज 2 घंटे गाने की माँग की थी। हालाँकि जवाब में दिवंगत गायिका ने कहा था कि अगर उन्हें 50 लाख डॉलर (अभी की कीमत के अनुसार 41 करोड़ 42 लाख रुपए) भी ऑफर किया जाए तो भी वो इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आशा भोंसले ने यह खुलासा डांस के रियलिटी शो डीआईडी लिटिल मास्टर्स 5 में किया था। तब उन्होंने बताया, “उन्हें (लता) एक शादी में गाने के लिए 1 मिलियन डॉलर की पेशकश हुई थी। उनसे कहा गया कि सिर्फ दो घंटे दर्शन दीजिए। इस पर गायिका ने उत्तर दिया, “अगर आप मुझे 5 मिलियन डॉलर भी देंगे तो भी मैं नहीं आने वाली।”

आशा भोंसले ने यही बात इससे पहले लता दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार समारोह में भी कही थी। तब आशा भोंसले ने कहा था कि तमाम पेशकर को ठुकराते हुए लता दीदी ने आयोजकों और आमंत्रित करने वालों को साफ़ इंकार कर दिया था।

बकौल आशा भोंसले तब लता मंगेशकर ने स्पष्ट जवाब देते हुए कहा था कि आप कितना भी पैसा दे दो लेकिन हम शादियों में गाना नहीं गाते। यह जवाब सुन कर उन्हें बुलाने गया व्यक्ति काफी निराश भी हुआ था।

आशा भोंसले के इस खुलासे पर बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने लता मंगेशकर के इस निर्णय को प्रेरणादायक बताया है। कंगना रनौत ने अपना भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी कई बार तमाम महंगे ऑफर ठुकराते हुए शादी-ब्याह में डांस नहीं किया।

बताते चलें कि लता मंगेशकर ने ईशा अंबानी और आनंद पीरामल की शादी के लिए एक ख़ास संदेश के तौर पर गायत्री मंत्र और एक गणेश स्तुति रिकॉर्ड कर के भेजी थी। उनकी यह रिकॉर्डिंग कई अनुष्ठानों के दौरान बजाई भी गई। गौरतलब है कि लता मंगेशकर का 2022 में 92 साल की उम्र में मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण निधन हो गया था।