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‘जिस दिन होना था Aditya-L1 लॉन्च, उस दिन पता चला मुझे कैंसर है’: ISRO चीफ एस सोमनाथ का खुलासा, बोले- सारे मिशन पूरे करके ही दम लूँगा

जिंदादिली और जीवटता क्या होती है, ये आप एस सोमनाथ को जानकर समझ सकते हैं। एक तरफ भारत अपने अब तक के सबसे महत्वकाँक्षी प्रोजेक्ट आदित्य एल1 की लॉन्चिंग की राह देख रहा था, तो दूसरी तरफ आदित्य एल1 की लॉन्चिंग के दिन ही उन्हें कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का पता चला। इसरो चीफ एस सोमनाथ ने बताया कि फ़िलहाल दवाएँ चल रही हैं। सर्जरी के कुछ दिनों बाद सब ठीक हो गया। उन्होंने कहा हालाँकि इस जंग को अभी और लड़ना है लेकिन मुझे भरोसा है कि मैं यह जंग जीत लूँगा।

सोमनाथ ने एक इंटरव्यू में इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि चंद्रयान-3 मिशन के दौरान महसूस हुआ कि मुझे कुछ स्वास्थ्य समस्या है। मुझे कुछ क्लियर नहीं था। लेकिन आदित्य एल1 की लॉन्चिंग वाली सुबह मैंने चेकअप कराया और मुझे मालूम हुआ कि मुझे कैंसर है। इससे वो और उनका परिवार दोनों परेशान हो गए थे। उन्होंने बताया कि इस समय हम सभी लोग एक महत्वपूर्ण मिशन में लगे हुए थे, ऐसे में मैंने खुद को संभाला।

2 सितंबर 2023 को भारत का पहला सूर्य मिशन आदित्य एल-1 ने अपनी यात्रा शुरू की थी। इसी दिन एस सोमनाथ रूटीन चेकअप के लिए गए थे। इसी दौरान उनके पेट में कैंसर का पता चला। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें यह बीमारी जेनेटिक हुई है। इसके बाद सर्जरी की गई। फिर कीमोथैरिपी चलती रही। उन्होंने बताया कि इस दौरान उनका परिवार बेहद परेशान हो रहा था।

अपनी बीमारी पर ताजा अपडेट देते हुए एस सोमनाथ ने बताया कि फ़िलहाल दवाएँ चल रही हैं। सर्जरी के कुछ दिनों बाद सब ठीक हो गया। उन्होंने बताया कि वो नियमित स्कैन और चेकअप करवा रहे हैं। उनका पूरा ध्यान अब इसरो के अगले मिशनों पर है।

साल 2022 में बने थे इसरो के प्रमुख

बता दें कि एस सोमनाथ ने 14 जनवरी 2022 को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का अध्यक्ष पद संभाला था। उनका पूरा नाम श्रीधर पणिक्कर सोमनाथ हैं। उन्होंने 14 जनवरी, 2022 को अंतरिक्ष विभाग के सचिव और अंतरिक्ष आयोग के अध्यक्ष का पदभार संभाला था। इससे पहले, वह विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) के निदेशक थे।

चलती कार में कराया नशा, फिर बारी-बारी गैंगरेप: स्पेनिश महिला के बाद अब झारखंड में स्टेज आर्टिस्ट के साथ सामूहिक दुष्कर्म, 2 गिरफ्तार, 1 फरार

झारखंड के दुमका में स्पेन की महिला पर्यटक के साथ गैंगरेप का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि वहीं के पलामू जिले से एक और सामूहिक बलात्कार की खबर सामने आई है। गैंगरेप की शिकार 21 वर्षीया यह पीड़िता मूलतः छत्तीसगढ़ की रहने वाली है जो झारखंड में स्टेज पर परफॉर्मेंस देने गई थी। दुष्कर्म का आरोप पीड़िता के ही सहकर्मियों पर लगा है। पुलिस ने सोमवार (4 मार्च 2024) को इस घटना की पुष्टि की है। अब तक 2 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि फरार चल रहे तीसरे की तलाश की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना पलामू के थानाक्षेत्र विश्रामपुर की है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता शनिवार (2 मार्च 2024) को अपने 3 पुरुष सहयोगियों के साथ छत्तीसगढ़ से झारखंड के विश्रामपुर में एक कार्यक्रम के स्टेज शो में परफॉर्मेंस देने आई थी। वह आर्केस्ट्रा में काम करती थी। किसी कारण से यहाँ कार्यक्रम नहीं हो पाया तो लड़की अपने साथियों सहित उसी कार से दूसरे आयोजन की तरफ निकल पड़ी। यह आयोजन हुसैनाबाद में था। रास्ते में पीड़िता को उसके साथियों ने कोई नशीला पदार्थ खिला दिया जिससे वो बेसुध हो गई।

आरोप है कि इसके बाद पीड़िता के तीनों साथी कलाकारों ने उसके साथ बारी-बारी से चलती कार में ही रेप किया। बलात्कार के बाद तीनों ने पीड़िता को बेसुध हालत में ही सड़क के किनारे छोड़ दिया। आसपास से गुजर रहे राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। पीड़िता को एक अस्तपाल में भर्ती करवाया जहाँ उसका इलाज चल रहा है। होश में आने के बाद पीड़िता के बयान के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की। दबिश देकर घटना में शामिल 2 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अभी तक तीसरा आरोपित फरार चल रहा है जिसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।

हालाँकि ETV का दावा है कि पीड़िता से गैंगरेप हुसैनाबाद में एक किराए के मकान में हुआ। इसके बगल वाले कमरे में पीड़िता की बहन भी मौजूद थी। इन सभी ने मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचित किया और पीड़िता को अस्पताल में भर्ती करवाया। गिरफ्तार आरोपितों के नाम अजय और बिन्देश्वरी बताए गए हैं। इसी खबर में अभी 2 आरोपितों के फरार होने की जानकारी दी गई है।

सिंहभूम से भाजपा सांसद गीता कोरा ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने झारखंड में बढ़ रही रेप की घटनाओं पर भी चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री से आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की उम्मीद जताई है।

मिशनरी की प्रार्थना सभा में हिन्दुओं का धर्मांतरण: छत्तीसगढ़ के दुर्ग में बढ़ा बवाल, बजरंग दल के पहुँचने पर पत्थरबाजी, कई घायल

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में धर्मान्तरण को लेकर विवाद की खबर है। हिन्दू संगठनों ने आरोप लगाया कि यहाँ एक प्रार्थना सभा के बहाने सैकड़ों लोगों के धर्मान्तरण की साजिश रची जा रही थी। उनके मुताबिक जब उन्होंने इस सभा का विरोध किया तो ईसाई पक्ष द्वारा उनके साथ मारपीट की गई। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुँच कर हालात को काबू किया। केस दर्ज कर के मामले की जाँच की जा रही है। घटना रविवार (3 मार्च 2024) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला दुर्ग के थानाक्षेत्र पद्मनाभपुर का है। हिन्दू संगठनों का दावा है कि उन्हें यहाँ काफी समय से धर्मान्तरण की साजिशों की शिकायत मिल रही थी। उनका आरोप है कि धर्म परिवर्तन का यह खेल उड़िया बस्ती में प्रार्थना सभा के नाम पर खेला जा रहा था। प्रार्थना रायपुर नाका के पास बने एक चर्च में करवाई जाती थी जिसमें सैकड़ों लोग शामिल होते थे। रविवार को एक बार फिर से बजरंग दल को यहाँ जमावड़े की खबर मिली। बजरंग दल के सदस्यों ने यहाँ पहुँच कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

आरोप है कि इस दौरान ईसाई पक्ष के लोग जो धर्मान्तरण करवा रहे थे, उन्होंने बजरंग दल वालों पर हमला कर दिया। प्रार्थना सभा के अंदर से पत्थरबाजी किए जाने की भी बात कही जा रही है। इसके बाद हुए विवाद में दोनों पक्षों से लोगों के जख्मी होने की सूचना है। इस हंगामे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर हमले का आरोप लगा रहे हैं। विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पहुँची और दोनों पक्षों को शांत करवाया। दोनों ही पक्ष अपने विपक्षी पर कार्रवाई की माँग को ले कर थाने में हंगामा करते रहे। पुलिस मामले की जाँच में जुटी है।

बजरंग दल के सहसंयोजक रामलोचन तिवारी ने सवाल किया है कि चोरी-छिपे प्रार्थना कराए जाने का क्या मतलब हुआ। उन्होंने ईसाई मत प्रचारकों द्वारा हिन्दू बस्तियों में पर्चे बाँट कर उन पर पैसे और पढ़ाई का लालच देने का आरोप लगाया है। वहीं मसीही समाज के सचिव और पादरी विनोद ने हिन्दू संगठन से जुड़े 15 से 20 लोगों पर प्रार्थना कर रहे लोगों पर हमले का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रार्थना में केवल ईसाई ही नहीं बल्कि हर धर्म के लोग शामिल होते हैं। दुर्ग के पुलिस अधिकारी चिराग जैन ने घटना को गलतफहमी की वजह से होना बताते हुए नियमानुसार कानूनी कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया है।

‘आज योगी आदित्यनाथ को बम से उड़ा देंगे’: UP पुलिस के कंट्रोल रूम में देर रात आई धमकी, अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी उत्तर प्रदेश पुलिस सुरक्षा विभाग के कंट्रोल रूम में तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल के सरकारी नंबर पर कॉल करके दी गई है। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। धमकी शनिवार (2 मार्च 2024) को दी गई थी।

यह मामला लखनऊ पुलिस के थाना महानगर का है। शनिवार को यहाँ तैनात हेड कॉन्स्टेबल उधम सिंह ने शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में उन्होंने बताया कि 2 मार्च की रात लगभग 10:08 पर उन्हें एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने कहा- “आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बम से उड़ा दिया जाएगा।” जब कांस्टेबल ने पहले कर फोन करने वाले का नाम और पता आदि पूछा तो उधर से कॉल काट दी गई। उधम सिंह ने इस धमकी भरे कॉल की सूचन अपने उच्च अधिकारियों को दी।

सूचना का संज्ञान लेते हुए फ़ौरन ही घटना की FIR लखनऊ के थाना महानगर में दर्ज करवाई गई। पुलिस ने यह केस IPC की धारा 506 के तहत दर्ज किया है। सब इंस्पेक्टर सूर्यबली यादव को मामले की जाँच सौंपी गई है। जिस नंबर से धमकी आई थी वह ट्रू कॉलर पर किसी मार्केटिंग कम्पनी के नाम से दिखा रहा है। ऑपइंडिया ने उस नंबर पर कॉल किया तो उधर से किसी ने कॉल उठाई नहीं। फ़िलहाल समाचार लिखे जाने तक आरोपित पुलिस की पकड़ से बाहर है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

बताते चलें कि योगी आदित्यनाथ को धमकी दिए जाने का ये पहला मामला नहीं है। इस से पहले अगस्त 2022 में लखनऊ के डायल 112 मुख्यालय पर भी एक व्हाट्सएप के जरिए UP के मुख्यमंत्री को 3 दिनों के अंदर बम से उड़ा देने की धमकी दी गई थी। तब पुलिस ने केस दर्ज करके जाँच की थी तो आरोपित के तौर पर शाहिद खान की पहचान हुई थी। इसके अलावा 11 दिसंबर 2020 को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को डायल 112 के व्हाट्सएप नंबर पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। तब पुलिस ने आगरा से एक नाबालिग को पकड़ा था।

हर जगह ‘मोदी का परिवार’… BJP नेताओं ने एकजुट होकर दिया लालू यादव को करारा जवाब, तेलंगाना के कॉन्ग्रेसी CM ने भी PM को कहा- ‘बड़ा भाई’

पटना में हुई विपक्षी गठबंधन की रैली में राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार न होने का मामला उठाया, तो अब हर तरफ मोदी का परिवार ही नजर आने लगा है।बीजेपी के सभी वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर अपने नाम के आगे ‘मोदी का परिवार’ जोड़ लिया है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत बीजेपी के सभी नेताओं ने अपने बायो बदल डाले हैं। बीजेपी नेताओं के इस कदम को आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बयान पर पलटवार बताया जा रहा है।

लालू यादव ने पीएम मोदी पर किया था कमेंट

दरअसल बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रविवार (03 मार्च 2024) को आयोजित ‘जनविश्वास महारैली’ के दौरान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने पीएम मोदी को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा, ‘अगर नरेंद्र मोदी के पास अपना परिवार नहीं है तो हम क्या कर सकते हैं। वह राम मंदिर के बारे में डींगें हाँकते रहते हैं। वह एक सच्चे हिंदू भी नहीं हैं। हिंदू परंपरा में एक बेटे को अपने माता-पिता के निधन पर अपना सिर और दाढ़ी मुँडवानी चाहिए। मोदी ने तब ऐसा नहीं किया जब उनकी माँ की मृत्यु हो गई।’

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (04 मार्च 2024) को तेलंगाना के अदिलाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए भी आरजेडी सुप्रीमो पर पलटवार किया। पीएम मोदी ने कहा, ‘मेरे परिवार को लेकर मुझ पर निशाना साधा गया। लेकिन, अब पूरा देश बोल रहा है कि मैं हूँ मोदी का परिवार।’

पीएम मोदी ने कहा, ‘परिवारवादी पार्टी के चेहरे अलग हो सकते हैं लेकिन चरित्र एक ही होता है। दो पक्की चीजें हैं इनके चरित्र में एक झूठ और दूसरा लूट। भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण में आकंठ डूबे इंडी गठबंधन के नेता बौखलाते जा रहे हैं।’ पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘मैं इनपर सवाल उठाता हूँ तो कहते हैं मोदी का परिवार नहीं… अब कह देंगे तुम कभी जेल नहीं गए इसलिए नेता नहीं बन सकते। मेरा जीवन खुली किताब जैसा, मेरी पल-पल की खबर देश रखता है। पूरा देश ही मेरा परिवार है।’

पीएम मोदी के इस ऐलान के बाद केंद्रीय मंत्रियों से लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों तक ने एक्स पर अपनी प्रोफाइल में ‘मोदी का परिवार’ जोड़ लिया। गृहमंत्री अमित शाह से लेकर पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा तक, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी तक। सभी ने अपनी प्रोफाइल में मोदी का परिवार जोड़ लिया।

सभी नेताओं के एक्स हैंडल का स्क्रीनशॉट

तेलंगाना के कॉन्ग्रेसी मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को कहा भाई, गुजरात मॉडल पर आगे बढ़ने की कही बात

पीएम मोदी जब तेलंगाना में बोल रहे थे, उसी समय मंच पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी मौजूद थे। उन्होंने पीएम मोदी के संबोधन से पहले ही जनता को संबोधित किया और पीएम मोदी को बड़ा भाई कहा। इस दौरान उन्होंने कहा कि तेलंगाना भी गुजरात मॉडल की तरह काम कर रहा है। रेड्डी ने कहा कि वो केंद्र सरकार से झगड़ा करने की जगह, केंद्र सरकार का समर्थन चाहते हैं। रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना पीएम मोदी के भारत को पाँच ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के सपने को पूरा करने के लिए कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ेगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि हैदराबाद मेट्रो परिजोयना के लिए तेलंगाना सरकार अपनी तरफ से पूरा फंड देगी।

‘मथुरा मटकी फोड़ने चलोगे तो…’ : CM मोहन यादव ने UP पहुँच साधा अखिलेश यादव पर निशाना, मंत्रियों के साथ बस में लगाए ‘जय श्रीराम’ के नारे

अयोध्या में रामजन्मभूमि पर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब कृष्ण जन्मभूमि की चर्चा तेज हो गई है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कृष्ण जन्मभूमि पर चुप्पी साध कर बैठे समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि अयोध्या के बाद मथुरा की तरफ ध्यान दिया जाएगा। अखिलेश यादव का नाम लिए बिना सीएम मोहन यादव ने कहा कि जब वो (मोहन यादव) मटकी फोड़ने चलेंगे तो साथ आने वालों का स्वागत किया जाएगा। मोहन यादव ने यह बयान रविवार (3 मार्च 2024) को लखनऊ में यादव महाकुम्भ के दौरान दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रविवार को मोहन यादव लखनऊ में यादव महाकुम्भ में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में उन्होंने विकास से लेकर परिवारवाद तक के मुद्दों पर बात की। उन्होंने महाभारत का उदहारण दिया। उन्होंने बताया ‘यादव बिरादरी की उत्पत्ति यदु’ से हुई है।

आगे उन्होंने अखिलेश यादव का नाम लिए बिना उन्होंने सवाल किया कि जिन पर मथुरा की तरफ देखने और उसका ध्यान रखने की जिम्मेदारी थी उन्होंने आखिर भगवान कृष्ण की जन्मभूमि के लिए किया क्या? उन्होंने कहा कि अब एक ही परिवार यादव समाज का ठेकेदार नहीं होगा।

इसी क्रम में अखिलेश की ही तरफ इशारा करते हुए मोहन यादव ने आरोप लगाया कि भगवान कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति कार्य में रुकावट डालने वालों के साथ मिल कर उन्होंने सरकार चलाई। अखिलेश को बिना नाम लिए एक सलाह देते हुए कहा कि जब वो सरकार में थे वो अपने सहयोगियों से इतना तो कह सकते थे कि मथुरा की मुक्ति के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मोहन यादव ने अखिलेश यादव पर परिवारवाद का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के वह साधारण कार्यकर्ता से होते हुए मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुँचे हैं। ऐसा सिर्फ भाजपा में संभव है क्योंकि यहाँ कोई परिवारवाद नहीं है।

भाजपा कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए अपने बयान में CM मोहन यादव ने अखिलेश यादव को अपने निशाने पर रखा। उन्होंने आगे कहा कि भगवान राम के मामले में उनकी पार्टी (सपा) के स्टैंड से लोगों को जो पीड़ा हुई उससे सभी वाकिफ हैं लेकिन मथुरा की वजह से अभी भी उनके पास वापसी का एक मौका है। CM मोहन यादव ने मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए अखिलेश यादव को अपने साथ आने की अपील की। उन्होंने कहा कि मटकी फोड़ने में उनके साथ जो भी चलेगा उसका स्वागत किया जाएगा।

बता दें कि सीएम मोहन यादव ने यूपी पहुँचकर अपने कैबिनेट मंत्रियों के साथ बस से अयोध्या की यात्रा की। इस दौरान उन्होंने जय श्रीराम और जय महाकाल के नारे लगाए यहाँ उन्हें रामलला सहित अयोध्या के अन्य धर्मक्षेत्रों के भी दर्शन करने हैं।

मुश्किल समय में TMC ने नहीं दिया साथ… तृणमूल कॉन्ग्रेस के MLA तापस रॉय ने नाराज होकर पहले छोड़ी विधायकी, फिर पार्टी से इस्तीफा

पश्चिम बंगाल में टीएमसी का बड़ा चेहरा कहे जाने वाले 5 बार के विधायक तापस रॉय ने ममता बनर्जी को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने तृणमूल कॉन्ग्रेस को छोड़ दिया है, साथ ही विधायक पद से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने विधानसभा में जाकर विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया। वो पिछले कुछ समय से ममता बनर्जी से नाराज भी चल रहे थे। उनके करीबियों का कहना है कि रॉय मुश्किल समय पर खुद को अकेला छोड़ दिए जाने से नाराज हैं।

तापस रल ने छोड़ दी पार्टी, विधायकी से भी दिया इस्तीफा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में बारानगर नगर पालिका में भर्ती भ्रष्टाचार को लेकर ईडी तापस के घर पहुँची थी। उस समय टीएमसी से कोई भी उनके साथ नहीं खड़ा हुआ। बताया जा रहा है कि तापस इस बात को लेकर भी गुस्सा है। इसके बाद से ही उनके और पार्टी के बीच दूरियाँ बढ़ी और बात इस्तीफे तक पहुँच गई। अब उन्होंने बारानगर विधानसभा सीट की विधायकी भी छोड़ दी है। तापल रॉय ने कहा, “मैं पिछले 25 वर्षों से पार्टी का एक ईमानदार नेता रहा हूँ, लेकिन मुझे मेरा हक कभी नहीं मिला।”

पाँच बार के विधायक रहे तापस रॉय, पहले थे कॉन्ग्रेस विधायक

तापस रॉय 5 बार विधायक रहे हैं। तापस रॉय बारानगर विधान सभा सीट साल 2011, 2016 और 2021 में टीएमसी से विधायक रहे। मौजूदा समय में वो विधायक भी थे, उन्होंने टीएमसी पार्टी के साथ ही विधायक पद भी छोड़ दिया है। इससे पहले वो बड़ा बाजार से 2001 में भी टीएमसी से विधायक चुने गए थे। वहीं, सबसे पहले साल 1996 में वो कॉन्ग्रेस के टिकट पर विद्यासागर विधानसभा सीट से विधायक बने थे।

बता दें कि ईडी की छापेमारी के बाद तापस रॉय ने स्थानीय सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया था। शनिवार को उन्होंने आरोप लगाया कि सुदीप बनर्जी ने ही ईडी के अधिकारियों को उनके घर भेजा था। इस घटनाक्रम के बाद से ही वो गुस्से में थे। यही नहीं, उत्तर कोलकाता जिला अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद से भी तापस का खेमा नाराज बताया जा रहा है।

विधायक हो या सांसद… घूसखोरी की तो अब नहीं मिलेगी कोई राहत: SC ने पलटा अपना 26 साल पुराना फैसला, PM मोदी बोले- महान निर्णय

सुप्रीम कोर्ट ने आज (4 मार्च 2024) वोट के बदले नोट केस में अपने ही 26 साल पुराने फैसले को पलट डाला। कोर्ट ने घूसखोरी के मामले में सांसदों को किसी प्रकार की राहत देने से मना किया। कोर्ट ने कहा कि विशेषाधिकार के तहत किसी को भी भ्रष्टाचार के मामले में छूट नहीं मिल सकती।

सुप्रीम कोर्ट के 1998 के फैसले को बदलते हुए सात जजों की संविधान पीठ ने कहा कि अगर सांसद पैसे लेकर सदन में भाषण या वोट देते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा।

अपना निर्णय सुनाते हुए कोर्ट ने अनुच्छेद 105 का हवाला दिया। सातों जजों ने सर्वसम्मति से कहा कि घूसखोरी, भ्रष्टाचार में किसी को कोई छूट नहीं है, चाहे सांसद हो या विधायक। उन्होंने कहा कि अगर सांसद और विधायक घूसखोरी को बढ़ावा देंगे तो इससे लोकतंत्र खत्म करने का काम होगा।

1998 के फैसले में मिली थी छूट

बता दें कि साल 1998 में पीवी नरसिम्हा राव बनाम सीबीआई केस में 1998 में यह फैसला सुनाया गया था कि वोट के बदले नोट केस में सांसदों को मुकदमे से राहत रहेगी, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह पीवी नरसिम्हा मामले में फैसले से असहमत हैं। इसके बाद उन्होंने पुराने फैसले को बदल दिया।

पीएम मोदी ने किया निर्णय का स्वागत

सांसद और विधायकों को लेकर सुनाए गए इस फैसले का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्वागत किया। उन्होंने ट्वीट में लिखा- “स्वागतम । सुप्रीम कोर्ट ने एक महान निर्णय लिया है, जो स्वच्छ राजनीति सुनिश्चित करेगा और सिस्टम में लोगों का विश्वास गहरा करेगा।”

MP-MLA को कोई छूट नहीं

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए वकील अश्विनी उपाध्याय बोले आज सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की बेंच ने ऐतिहासिक फैसला दिया है। कोर्ट ने इस दौरान पुराने फैसले को भी पलट दिया। कोर्ट ने साफ किया कि कोई भी विधायक अगर रुपए लेकर सवाल पूछता है या रुपए लेकर किसी को कोट करता है तब उसे कोई इम्युनिटी नहीं मिलेगी। न ही उसे कोई प्रोटोकॉल मिलेगा बल्कि उसके खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा चलेगा।

पैसे-गिफ्ट लेकर महुआ मोइत्रा ने भी किया था सवाल

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले वोट के बदले नोट का मामला तब चर्चा में आया था जब महुआ मोइत्रा का केस सबके सामने आया था। महुआ मोइत्रा पर भी आरोप लगा था कि उन्होंने महंगे-महंगे तोहफे लेकर संसद में कुछ सवाल किए थे। इस मामले को भाजपा नेता निशिकांत दुबे द्वारा उठाए जाने के बाद मामले में जाँच हुई तो आरोप सत्य पाए गए और अंत में महुआ मोइत्रा को अपनी सांसदी से हाथ धोने पड़े थे।

सच में लगा था ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ का नारा: जिस लैब ने जारी की FSL रिपोर्ट, कॉन्ग्रेसी मंत्री अब उस पर ही दे रहे एक्शन लेने की धमकी

कर्नाटक में पिछले दिनों कॉन्ग्रेस प्रत्याशी नासिर हुसैन की जीत के बाद विधानसभा में हुई नारेबाजी पर फॉरेंसिक जाँच की रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि उस दिन ‘नासिर साहब जिंदाबाद नहीं, बल्कि पाकिस्तान जिंदाबाद’ कहा गया था। इससे पहले यही बात मीडिया में सूत्रों के हवाले से भी बताई जा चुकी है।

सामने आई रिपोर्ट में कहा गया कि जिस वीडियो पर विवाद हुआ वो एक सिंगल कैप्चर में बनाई गई थी (यानी उसमें कुछ और जोड़ा-घटाया नहीं गया)। उसमें कुछ भी छेड़छाड़ नहीं हुई है। वहाँ जिस शब्द ‘साब’ के लिए सवाल हो रहा था वो ‘साब’ नहीं, ‘तान’ था।

इस रिपोर्ट का एक पन्ना भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष विष्णु वर्धन रेड्डी ने अपने एक्स अकॉउंट पर शेयर किया। उन्होंने इस रिपोर्ट के साथ सिद्धारमैया सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कैसे उन्होंने (कॉन्ग्रेस की सरकार) उनकी पूरी मशीनरी ने सच को झूठ साबित करने पर काम किया। लेकिन अब जब FSL रिपोर्ट आ गई है तो क्या वह राष्ट्र से माफी माँगेंगे।

इस रिपोर्ट में साफ तौर पर लिखा गया कि वीडियो में ‘नासिर साब जिंदाबाद’ नहीं कहा गया बल्कि ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ कहा गया है। इस रिपोर्ट के साथ पेनड्राइव में वो वीडियो भी दी गई है जिसकी जाँच पुलिस ने फॉरेंसिक लैब से कराई। इसमें फ्रेम बाय प्रेम विश्लेषण किया गया है।

बता दें कि इससे पहले प्रदेश के कॉन्ग्रेस नेता और ऑल्ट न्यूज वाला मोहम्मद जुबैर ये साबित करने में जुटे हुए थे कि ये पाकिस्तान जिंदाबाद नहीं, नासिर साहब जिंदाबाद है। कर्नाटक मंत्री प्रियांक खड़गे ने तो यहाँ तक कहा था कि उन्होंने इस मामले में जाँच करवा ली है और रिपोर्ट में कुछ निकल कर नहीं आया है। हालाँकि अब ये खबर आने के बाद ऐसा लग रहा है कि वो लोग जनता को सच से भ्रमित करने का प्रयास कर रहे थे।

गौरतलब है कि एक तरफ ये रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल होना शुरू हुई है और दूसरी ओर ये खबर आ रही है कि कर्नाटक के गृह मंत्री ने उस प्राइवेट लैब वाले पर एक्शन लेने के लिए उन्हें धमकाया है जिसने अपनी रिपोर्ट में कहा कि विधानसभा में पाकिस्तान जिंदाबाद ही कहा गया था।

विजय कर्नाटक की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के गृह मंत्री ने इस जाँच रिपोर्ट पर अपनी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि क्या इस तरह रिपोर्ट बनाना वैध है। उन्होंने कहा कि वो इस मामले में जाँच करके एक्शन लेंगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जिंदाबाद के दावों पर FSL रिपोर्ट रिव्यू के लिए भेजी गई है। पूरी जानकारी आने पर एक्शन लिया जाएगा। अगर वाकई ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ कहा गया होगा तो किसी तरह का कोई कवर-अप नहीं करेंगे।

विजय कर्नाटक की रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट

राज्य मंत्री द्वारा इस तरह जाँच रिपोर्ट पर सवाल उठाए जाने के बाद लोग सवाल ये कर रहे हैं कि क्या कर्नाटक सरकार इतनी निष्पक्ष है कि रिपोर्ट देने वाली लैब पर कार्रवाई कर सकती है पर झूठ फैलाने वाले जुबैर और अपने नेताओं पर नहीं।

‘हिंदू कोई धर्म नहीं, एक गाली… हिंदू का अर्थ चोर-डकैत-लुटेरा-गुलाम’: क्रिश्चियन मोर्चा के 12 लोगों पर FIR, देवी-देवताओं पर भी अभद्र टिप्पणी

छत्तीसगढ़ के जशपुर में जन जागृति सभा के नाम पर हिंदुओं, देवी देवताओं के खिलाफ जमकर आग उगली गई। इस सभा का आयोजन भारत मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा और राष्ट्रीय एकता परिषद की ओर से संयुक्त रूप से किया गया था। इस कार्यक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें हिंदू देवी-देवताओं और हिंदुओं के खिलाफ जमकर आग उगली जा रही है। इस मामले में विहिप समेत तमाम हिंदूवादी संगठनों ने हस्तक्षेप करते हुए कार्रवाई की माँग की, जिसके बाद राष्ट्रीय क्रिश्चियन मोर्चा के 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।

जानकारी के मुताबिक, जशपुर के कुनकुरी थाना इलाके में 27 फरवरी 2024 को इस सभा का आयोजन किया गया था। इस सभा के मंच से हिंदुत्व और ब्राम्हणों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए जमकर आग उगली गई। इस मामले में विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष करनैल सिंह ने हिंदू धर्म के खिलाफ अपमानजनक, अभद्र और गलत टिप्पणी करते हुए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने की शिकायत दर्ज कराई। याचिका में कहा गया है कि आरोपितों ने अलग-अलग संप्रदाय और धर्म के लोगों के बीच शत्रुता और घृणा पैदा कर राष्ट्रीय अखंडता और संप्रभुता को धक्का पहुँचाया है।

मंच से हिंंदुओं और ब्राह्मणों के खिलाफ लोगों को भड़काते हुए कहा गया, “खुद को हिंदू कहना बंद करें। हिंदू कोई धर्म नहीं, हिंदू कहना गाली है। ये फारसी भाषा का शब्द है। जिसका अर्थ चोर, डकैत, लुटेरा, गुलाम होता है। जिस तरह से 3.5 परसेंट ब्राह्मणों के द्वारा हमें 4000 साल से गुलाम बनाए रखा जा रहा है, वैसे ही आज हमें हिंदू के नाम पर गुलाम बनाए रखने का काम किया जा रहा है।” इसे आप नीचे दिए गए वीडियो में 2.20 मिनट से सुन सकते हैं।

ईवीएम तोड़ने की भी अपील

इस सभा के मंच से लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान लोगों से ईवीएम तोड़ने को भी कहा गया। इस दौरान एक वक्ता ने 2023 में हुए 3 राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम पर भी सवाल उठाए। वक्ताओं के विवादित बोल के वीडियो इंटरनेट पर शेयर किए जा रहे हैं।

मिस्टर सिन्हा नाम के एक्स यूजर ने इस घटना का वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने इस मंच से बोले गए जहरीले बयानों को शेयर करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कार्रवाई की माँग की है।

इन 12 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

एसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि शिकायत और कार्यक्रम से जुड़े वीडियो की जाँच के बाद आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। कुनकुरी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 153 (क), 153 (ख), 295(क), 505(2), 109, 294 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में सुनील खलखो निवासी गोढ़ी थाना बागबहार, श्याम सुंदर मरावी निवासी कुनकुरी, मीरा तिर्की निवासी कांसाबेल, व्लासियुस तिग्गा निवासी अंबिकापुर, संजय सक्सेना निवासी कापू. रायगढ़, रेमिश तिर्की निवासी कांसावेल, दिनेश भगत निवासी नारियल डांड थाना कांसाबेल, हर्ष कुजूर निवासी पिराई थाना बगीचा, रूपनारायण एक्का निवासी जशपुर के साथ ही अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज हुआ है।