Home Blog Page 1130

चेहरे पर निशान, संदेशखाली के अत्याचारों की गवाही: 28 से 70 साल की उम्र की 20 महिलाओं से मिली फैक्ट फाइंडिंग टीम, हाई कोर्ट के आदेश के बाद दौरा

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में टीएमसी नेता शेख शाहजहाँ और उसके गिरोह का आतंक किस तरह से था, उसकी एक-एक कड़ी अब बाहर आ रही है। पटना हाई कोर्ट के रिटायर्स चीफ जस्टिस की अगुवाई में एक 6 सदस्यी फैक्ट फाइंडिंग टीम ने संदेशखाली का दौरा किया। संदेशखाली में पीड़ितों ने जो आपबीती बयान की, उसे सुनकर फैक्ट फाइंडिंग टीम भी हैरान रह गई।

जानकारी के मुताबिक, उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली इलाके में पीड़ित महिलाओं एवं स्थानीय लोगों से मुलाकात के लिए फैक्ट फाइंडिंग टीम ने कलकत्ता हाई कोर्ट से इजाजत ली थी। पहले ये टीम 25 फरवरी को ही संदेशखाली जा रही थी, लेकिन उसे रोक लिया गया था। इसके बाद इस टीम ने कलकत्ता हाई कोर्ट में अपील की थी कि उसे संदेशखाली जाने की इजाजत दी जाए। इसके बाद ही ये टीम संदेशखाली पहुँच पाई।

पटना हाई कोर्ट के रिटायर्ड चीफ जस्टिस एल नरसिम्हा रेड्डी की अगुवाई में फैक्ट फाइंडिंग टीम संदेशखाली में तीन गाँवों माझेरपाड़ा, नतुनपाड़ा और नस्करपाड़ा रास मंदिर गई, जहाँ पीड़ितों ने आपबीती सुनाई। एल नरसिम्हा रेड्डी ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने उत्पीड़न की शिकायतें की हैं। इस टीम में शामिल रहे पूर्व आईजी राजपाल सिंह ने बताया, “संदेशखाली में लोगों के उत्पीड़न की घटनाएँ भयावह हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस शेख शाहजहाँ और उसके सहयोगियों के साथ काम करती दिख है। शेख शाहजहाँ गिरफ्तारी के बाद भी शेर (कोर्ट में पेश करते समय उसकी बॉडी लैंग्वुएज) की तरह पेश आ रहा है।”

फैक्ट फाइंडिंग टीम ने बताया कि शेख शाहजहाँ के साथ ही उत्तर सरदार और गिरोह के अन्य सदस्यों ने जमीनों पर हर तरफ कब्जे किए हैं। वो लोगों से उनका पैसा तक छीन लेते थे। इसमें से हिस्सा टीएमसी सरकार को भी भेजा जाता था।

फैक्ट फाइंडिंग टीम की सदस्य भावना बजाज ने संदेशखाली की घटनाओं को दिल बैठा देने वाला कहा। उन्होंने कहा कि पुलिस और सरकार इस पूरी घटना को दबाने में जुटे हैं, इसलिए भी सच्चाई बाहर नहीं आ पा रही है। उन्होंने कहा, “मैं 28 से 70 साल की उम्र की 20 महिलाओं से मिली। उसमें 70 साल की महिला अपनी बेटी और बहू की सुरक्षा को लेकर परेशान थी, वो एक कोने में रो रही थी। मैंने एक ऐसी पीड़ित से बिना कैमरे के बात की, जिनके चेहरे पर पड़े निशान उनके ऊपर हुए अत्याचारों की गवाही दे रहे थे। वो अपनी 4 साल की बच्ची को लेकर हर रात छिप जाती थी, ताकि खुद को और अपनी बच्ची को इन भेड़ियों से बचा सके। उसके पति गाँव छोड़कर भाग गए हैं।”

उन्होंने आगे बताया, “अधिकतर महिलाओं ने शिबू हाजरा का नाम लिया। वो हर रात एक महिला को अपने पास पार्टी ऑफिस में रोक लेता था। उन्होंने रेप और यौन उत्पीड़न जैसे शब्दों का इस्तेमाल तो नहीं किया, लेकिन उनके शरीर पर पड़े निशान उनकी हालत को बयाँ कर रहे थे। महिला ने कहा कि पुलिस उनकी सुनती ही नहीं है, ऐसे में पुलिस से कोई शिकायत करने की हिम्मत भी नहीं कर पाता।”

55 दिनों की फरारी के बाद गिरफ्तार हुआ शेख शाहजहाँ

बता दें कि जिला परिषद के सदस्य शेख शाहजहाँ को 29 फरवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया, जो करीब 55 दिनों से फरार था। उसके खिलाफ 5 जनवरी 2024 को छापेमारी के दौरान ईडी की टीम पर ही हमला हो गया था। ईडी की टीम पीसीएस भ्रष्टाचार मामले में जाँच करने पहुँची थी। इसके करीब एक माह बाद 8 फरवरी से महिलाओं ने शेख शाहजहाँ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उस पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न, जमीन हड़पने के आरोप लगाए गए। अभी तक शेख शाहजहाँ के खिलाफ दर्जनों महिलाएँ शिकायत दर्ज करा चुकी हैं, तो जमीन हड़पने के 700 से अधिक मामले उसके खिलाफ दर्ज किए जा चुके हैं।

‘वीडियो बिलकुल फर्जी’ : अश्लील क्लिप वायरल होने पर बोले बाराबंकी के सांसद उपेंद्र सिंह, अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज कराई

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से भारतीय जनता पार्टी के सांसद उपेंद्र सिंह रावत के नाम पर कुछ वीडियो वायरल होने से बवाल मच गया। सोशल मीडिया पर कई अश्लील वीडियोज शेयर करके दावा किया गया कि एक कमरे में विदेशी महिला के साथ आपत्तिजनक अवस्था में दिखने वाला व्यक्ति बाराबंकी से बीजेपी सांसद है। हालाँकि भाजपा MP ने अपनी ओर इन सारी वीडियोज को फर्जी बताया और थाने में केस भी करवाया।

भाजपा सांसद के निजी सचिव दिनेश चंद्र रावत ने कोतवाली पुलिस थाने में अज्ञात के खिलाफ इस संबंध में केस कराया है। एफआईआर में कहा गया कि सांसद की फर्जी आपत्तिजनक वीडियो बनाई गई ताकि लोकसभा चुनाव से पहले उनकी छवि खराब की जा सके। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि उन्हें पार्टी ने दोबारा टिकट दे दी है।

मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर उपेंद्र सिंह रावत के नाम से 7 वीडियो क्लिप वायरल की जा रही हैं जो कि 5-5 मिनट की हैं। पुलिस हवाले से कहा गया कि जो वीडियो उपेंद्र सिंह रावत के नाम पर फैलाई जा रही है उसमें शख्स को एक महिला के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देखा गया है।

इस मामले में सांसद ने कहा- “बाराबंकी से जैसे ही मुझे टिकट मिली वैसे ही विरोधियों द्वारा इस कृत्य को अंजाम दिया गया। मुझे उम्मीद है कि जल्द ही आरोपितों की पहचान होगी। वीडियो पूरी तरह फेक है।” वहीं भाजपा के जिलाध्यक्ष ने इस वीडियो के वायरल होने पर इसे सांसद के विरुद्ध राजनीतिक षड्यंत्र बताया है। उन्होंने कहा कि उपेंद्र सिंह रावत को टिकट मिलने से प्रतिद्वंदी बौखलाए हुए हैं। इसका जवाब जनता से मिलेगा।

‘तुम्हें इंटरव्यू देकर भारत की छवि नहीं बिगाड़ सकती’: महिला बाइक राइडर ने बरखा दत्त को धोया, दुमका गैंगरेप पर कहा- ‘झारखंड सरकार चूड़ी पहने’

झारखंड के दुमका में स्पैनिश महिला के साथ हुए गैंगरेप के मामले में भारत की महिला बाइकर कंचन उगूरसांडी ने सोशल मीडिया पर इस संबंध में विरोध जताया था। इसे देख कई मीडियाकर्मियों ने उनका इंटरव्यू करना चाहा। लेकिन कंचन ने साफ कहा कि उन्हें जो कहना था वो अपनी वीडियो में कह चुकीं वो किसी मीडिया हाउस को पर्सनल इंटरव्यू नहीं देंगी। इसी लिस्ट में पुरानी पत्रकार बरखा दत्त भी थीं जिन्हें कंचन ने अलग से रिप्लाई देकर धोया और दोनों के बीच हुई बात का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया।

स्क्रीनशॉट में देख सकते हैं कि बरखा दत्त ने कंचन को मैसेज कर उनसे बात करने की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने कहा- “कंचन क्या मैं इस टेरिबल रेप केस मामले में तुम्हारा इंटरव्यू कर सकती हूँ। क्या तुम इस पर बोलना चाहोगी या फिर अगर रेप पीड़िता से बात हो जाए तो।”

इस पर कंचन ने रिप्लाई किया, “एक महिला सोलो राइडर होने के नाते ये मेरा निजी रोष है जो मैंने सोशल मीडिया पर जाहिर किया। मैं जानती हूँ तुम मेरा इंटरव्यू क्यों लेना चाहती हो। सॉरी मैं रूचि नहीं लेती आपके मीडिया हाउस को कंटेंट देने में, जिससे मेरे महान देश भारत की छवि बिगड़े। मेरा बायो देखो जिस पर साफ लिखा है- राष्ट्र सर्वप्रथम।”

तस्वीर साभार: कंचन उगूरसांडी का एक्स हैंडल

इसके अलावा उन्होंने मीडिया और यूट्यूबर दोस्तों को भी कहा, “मुझे आप लोगों के संदेश मिले। लेकिन मैं कोई यूट्यूबर और एक्टिविस्ट नहीं हूँ। दोबारा माफी माँगती हूँ। मैं कोई पर्सनल इंटरव्यू नहीं देना चाहती। जो कहना था मैंने कह दिया।”

बता दें कि झारखंड के दुमका से 1 मार्च 2024 को एक स्पेन की व्लॉगर के रेप की खबर आई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग इस संबंध में लोग रोष प्रकट करने लगे। इसी क्रम में कंचन ने भी अपनी वीडियो शेयर की थी। उन्होंने इसमें कहा था- “मेरा नाम कंचन उगूरसांडी है और मैं झारखंड की रहने वाली हूँ। जब मैंने झारखंड की न्यूज सुनी तो मुझे बहुत गुस्सा आया, वो जो स्पैनिश लड़की थी वो अपने पति के साथ यहाँ घूमने आई थी और झांरखंड में जब उसके साथ ऐसे होने की बात सुनी तो मन किया सबको मार दूँ। झारखंड की सरकार और पुलिस अपने हाथ में चूड़ी पहन ले। लड़की के साथ जो हुआ है वो बहुत बुरा हुआ है।”

उन्होंने कहा, “मैं भी घूमती हूँ बाइक लेकर। उत्तरी भारत मैंने पूरा कवर कर लिया है। उत्तराखंड, लद्दाख, हिमाचल तक मुझे कोई परेशानी नहीं हुई। वहाँ की पुलिस अगर मुझे ज्यादा देर घूमते देखती है तो मुझसे पूछती है, अपना नंबर देती है कि अगर कुछ दिक्कत हो तो उन्हें बताया जाए। ऐसे होती है पुलिस। मुझे कभी डर नहीं लगा कि मेरे साथ कुछ होगा। झारखंड का सुनकर मुझे बहुत बुरा लग रहा है। आप पूछोगे जरूर कि वो टेंट में क्यों रही, होटल में क्यों नहीं रहे। तो मैं आपको बताना चाहूँगी कि राइडिंग कम्युनिटी ज्यादातर टेंट लेकर चलती है। उनके साथ ऐसे हो जाएगा ऐसा मैंने कभी नहीं सोचा था।”

उन्होंने अपनी वीडियो में कहा- “झारखंड की सरकार एक नंबर की निकम्मी सरकार है। उसे चूड़ी पहनना चाहिए। यहाँ कुछ कानून-व्यवस्था तो है नहीं। सबसे बड़ी बात मुझे झारखंड टूरिज्म से कॉल आया था तो मैं ये कहना चाहती हूँ ऐसे टूरिज्म को कौन प्रमोट करेगा? यहाँ कौन सुरक्षित रहेगा।”

दुमका गैंगरेप मामले में बता दें कि अपडेट खबर है कि महिला से गैंगरेप करने वाले आरोपितों में से 3 को पकड़ अब तक जेल भेजा जा चुका है जबकि चौथे की तलाश चल रही है।

पाकिस्तान में भीख के पैसों से हुआ चुनाव… लेकिन प्रधानमंत्री बनते ही शाहबाज शरीफ ने कहा – कश्मीर को करवाएँगे आजाद

पाकिस्तान में आम चुनाव खत्म होने के बाद सरकार बनाने के लिए गतिरोध लंबा चला। आखिरकार गठबंधन सरकार सत्ता में आ गई, जिसकी अगुवाई शाहबाज शरीफ कर रहे हैं। रविवार (03 मार्च 2024) को उन्होंने पाकिस्तान की असेंबली में बहुमत साबित किया। उनकी सरकार को धुर विरोधी पार्टी भुट्टो की पारिवारिक पार्टी-पीपीपी सहयोग कर रही है, जिसके बदले में राष्ट्रपति पद पर मिस्टर 10% यानी आसिफ अली जरदारी को बैठाएगी।

खैर, 92 के मुकाबले 201 सदस्यों का बहुमत हासिल करने वाले शाहबाज शरीफ जैसे ही दूसरी बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने, वैसे ही वो पुराने राग अलापने लगे। खासकर गाजा और कश्मीर को लेकर, लेकिन उसके तुरंत बाद ही अपनी ‘औकात’ भी दिखा गए, जब उन्होंने कहा कि इस देश की असेंबली भी भीख यानी कर्ज के पैसों से चल रही है। इन हालातों को बदलना होगा।

प्रधानमंत्री बनने के बाद शहबाज शरीफ ने असेंबली में कहा कि उनकी सरकार का मकसद पड़ोसी मुल्कों के साथ रिश्तों को बेहतर बनाना है। हालाँकि तुरंत ही शहबाज ने पाकिस्तानी नेताओं की मजबूरी बन चुके कश्मीर का राग अलापने में देरी नहीं की। उन्होंने कश्मीर के साथ ही फिलिस्तीन का भी जिक्र किया और कहा कि पाकिस्तान फिलस्तीन के साथ है। शहबाज ने कहा, ‘आइए हम सब एकजुट होकर नेशनल असेंबली से कश्मीरियों और फलस्तीनियों की आजादी के लिए एक प्रस्ताव पारित करें।’

कर्ज पर चल रही है संसद

कश्मीर और फिलिस्तीन का साथ देने की घोषणा करते ही शाहबाज शरीफ ने ऐसी बात कह डाली, जो आजतक किसी ने भी नहीं कहा था। शाहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान की नेशनल असेंबली भी पिछले कई सालों से कर्जों के पैसों से चल रही है, क्योंकि सरकार के पास पैसा ही नहीं है। विदेश से आने वाले पैसों से हमारी असेंबली चल रही है, जिसे सुधारना होगा। बता दें कि पाकिस्तान को पिछले साल ही आईएमएफ से 3 अरब डॉलर का लोन मिला था, लेकिन चुनाव के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने आईएमएफ को पत्र लिखकर कह दिया कि पहले जो कर्जा पाकिस्तान को दिया है, उसका हिसाह किताब ले लिया जाए, वर्ना सारे पैसे बर्बाद हो जाएँगे।

इमरान खान ने तो आईएमएफ को ये भी सलाह दे दी कि वो पाकिस्तान में हुए आम चुनावों में हुए भारी खर्च का हिसाब भी माँग ले, कहीं ऐसा न हो कि आईएमएफ कर्ज चुकाने और विकास कार्यों के नाम पर जो पैसे दे रहा है, उन पैसों से पाकिस्तानी नेता देश चलाने की जगह उन पैसों को चुनाव में उड़ा चुके हों।

पाकिस्तान में खिचड़ी सरकार

शाहबाज शरीफ चुनाव से पहले भी गठबंधन सरकार के प्रधानमंत्री थे। इमरान खान की सरकार को गिराने के बाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) यानी पीएमएल(एन) और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) मिलकर सरकार चला रहे थे। इस बार नवाज शरीफ प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे, लेकिन इमरान खान की पार्टी पीटीआई द्वारा समर्थित सबसे ज्यादा 91 सांसदों ने जीत हासिल की। इसके बाद सरकार बनाने को लेकर समस्या खड़ी हो गई, क्योंकि नवाज शरीफ की पार्टी के महज 75 सदस्य ही थे। हालाँकि दूसरी सबसे बड़ी पार्टी पीपीपी के समर्थन के बाद पीएमएल ने सरकार बनाई है, लेकिन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की जगह उनके भाई शाहबाज शरीफ बने हैं।

2047 तक भारत होगा विकसित, मोदी 3.0 के पहले बजट से काम शुरू, विजन डॉक्यूमेंट तैयार: नई सरकार के पहले 100 दिनों के एजेंडे पर मुहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (03 मार्च 2024) को मंत्रिपरिषद की एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें ‘विकसित भारत 2047’ के विजन दस्तावेज और अगले पांच वर्षों के लिए एक विस्तृत कार्य योजना पर विचार-मंथन सत्र आयोजित किया गया। यह बैठक दिल्ली के चाणक्यपुरी डिप्लोमैटिक एन्क्लेव में सुषमा स्वराज भवन में आयोजित की गई, जो करीब 8 घंटों तक चली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की ये आखिरी बैठक है, क्योंकि इसके बाद आचार संहिता लग जाएगी। इस बैठक में भारत को साल 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के रोडमैप और विजन पर चर्चा हुई। इसके लिए विजन इंडिया-2047 पर प्रेजेंटेशन भी दिया गया। इस बैठक में सभी मंत्रालयों के सचिव भी मौजूद रहे। कैबिनेट मीटिंग में जिन एजेंडों पर चर्चा हुई, उसमें मई 2024 में नई सरकार का गठन होने पर एक्शन प्लान भी तैयार हुआ। ये एक्शन प्लान 100 दिनों के लिए है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल की आखिरी मंत्रिपरिषद की बैठक में सांसदों को जीत का मंत्र दिया। पीएम मोदी अपने मंत्रियों को लगभग 1 घंटे संबोधित किया। पीएम मोदी आगामी लोकसभा चुनावों में पार्टी की जीत को लेकर आश्वस्त दिखे। उन्होंने अपनी कैबिनेट के साथियों संग मैराथन बैठक की। इस महत्वपूर्ण मुलाकात में प्रधानमंत्रियों ने अपने ​मंत्रियों को विवादित बयानबाजी से बचने और ज्यादा बोलने से परहेज करने को कहा। इस दौरान मंत्रियों ने भी तीसरी बार केंद्र में सरकार बनने के बाद अगले 100 दिन का रोडमैप सबके सामने रखा है। इस बैठक में पीएम मोदी ने आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अपने मंत्रियों और नेताओं चुनावी तैयारियों से जुड़े कई अहम निर्देश भी दिए।

सूत्रों के मुताबिक, ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य पूरा करने के लिए मोदी सरकार सभी मंत्रालयों और राज्य सरकारों, शिक्षाविदों, उद्योग संगठनों, नागरिक समाज संस्थाओं, वैज्ञानिक संगठनों के साथ व्यापक परामर्श तथा युवाओं के सुझावों को समाहित करते हुए आगे बढ़ेगी। पीएम मोदी ने मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान कहा कि इस साल जून में जो बजट पेश होगा उसमें विकसित भारत की झलक दिखनी चाहिए। भारत 2047 तक एक विकसित देश कैसे बने इसको लेकर सचिवों ने पीएम को पाँच प्रजेंटेशन दिखाए। केंद्रीय मंत्रियों अश्विनी वैष्णव, हरदीप सिंह पुरी, किरेन रिजिजू, अर्जुन मेघवाल और पीयूष गोयल ने प्रजेंटेशन पर अपने सुझाव प्रधानमंत्री मोदी के सामने रखे।

गौरतलब है कि विकसित भारत के विजन डॉक्यूमेंट को तैयार करने के लिए 2700 से अधिक बैठकों, वर्कशॉप और सेमिनारों का आयोजन किया गया। इसमें 20 लाख से ज्यादा सुझाव प्राप्त हुए। विकसित भारत @2047 के लिए दस सेक्टरों के विजन को एकीकृत तौर पर संयोजित करने की जिम्मेदारी नीति आयोग को सौंपी गई थी। इसका आखिर टारगेट 2047 तक भारत को एक विकसित देश में बदलना है। इसका मतलब है कि जब भारत देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होंगे, तब तक भारत देश विकसित राष्ट्र बन चुका होगा।

केरल के ‘ओरल सेक्स’ वाले प्रोफेसर इफ्तिखार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल: पढ़ाता था – मुख मैथुन मतलब कम्युनिकेशन, चौड़ी ललाट वाली लड़कियाँ कामातुर

केरल सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्राओं को कविता और साहित्य के नाम पर ‘ओरल सेक्स’ को बेस्ट बताने वाले असिस्टेंट प्रोफेसर इफ्तिखार अहमद के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है। केरल पुलिस ने छात्रा के यौन उत्पीड़न के मामले में बेकल पुलिस ने कान्हागंज की अदालत में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें आईपीसी की धारा 354 के तहत चार्जशीट अदालत को सौंपी गई।

ये चार्जशीट 13 नवंबर वाले मामले में दाखिल की गई, जब परीक्षा के दौरान एक छात्रा बेहोश हो गई थी। उस छात्रा को उठाने के बहाने इफ्तिखार अहमद ने उसकी छाती व अन्य अंगों को अनुचित तरीके से छुआ। लेकिन इस मामले में केरल सेंट्रल वूनिवर्सिटी की आंतरिक टीम ने जाँच की खानापूर्ति की और आरोपित इफ्तिखार अहमद को आरोपों से बरी कर दिया। इस दौरान इफ्तिखान अहमद के खिलाफ क्लास की सभी छात्राओं ने उत्पीड़न के आरोप लगाए और कहा कि क्लासरूम में कविता और साहित्य के नाम पर इफ्तिखार अहमद घटिया बाते करता है।

इफ्तिखार अहमद पर 34 छात्राओं ने आरोप लगाए थे। इसके बावजूद आंतरित जाँच समिति ने आरोपों को खारिज कर दिया। इसके बाद चार छात्राओं के परिजनों ने पुलिस में शिकायत की। जानकारी के मुताबिक, 23 नवंबर को असिस्टेंट प्रोफेसर इफ्तिखार अहमद को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने निलंबित कर दिया, लेकिन पुलिस को सूचना नहीं दी। लेकिन जब चार छात्राओं के परिजनों ने कलेक्टर से शिकायत की, तो कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी, जब जाकर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

पुलिस ने इस मामले में इफ्तिखार अहमद के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354ए(1) और आईपीसी की धारा 509 के तहत मामला दर्ज किया। हालाँकि पुलिस ने सभी छात्राओं के आरोपों को खारिज करते हुए सिर्फ एक छात्रा के यौन उत्पीड़न का ही मामला पाया। बता दें कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की जाँच समिति आईसीसी ने इफ्तिखार अहमद को यौन उत्पीड़न की जगह सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया, इसके बाद 23 फरवरी को कुलपति ही उसका निलंबन रद्द कर दिया गया था। इसके बाद पूरे यूनिवर्सिटी में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके 6 दिन बाद 29 फरवरी को कुलपति ने इफ्तिखार अहमद को फिर से निलंबित कर दिया। इस बार इफ्तिखार अहमद की जमानत की शर्तों को लेकर पेंच था।

छात्राओं के आरोप

छात्राओं ने ये आरोप लगाया कि इफ्तिखार अमहद कविता और साहित्य के नाम पर सेक्स, सेक्सुअल प्लेजर और चरम आनंद की बात करते हैं। अहमद क्लास के लिए डिजाइन अपने कोर्स में महिलाओं को सेक्स की वस्तु कहते हैं। ऐसी ही एक कक्षा में अहमद ने कहा था, “ओरल सेक्स (मुख मैथुन) कम्युनिकेशन का सबसे बेहतरीन माध्यम है।” क्लास में ऐसा ही एक अश्लील उदाहरण देते हुए अहमद ने कहा था, क्या तुम लोग जानती हो कि बस पर सबसे खुश बस कंडक्टर क्यों होता है? क्योंकि, वह बहुत से लोगों (महिलाओं) में टच करता है।”

अहमद ने तो क्लास की एक छात्रा को लेकर ही अश्लील टिप्पणी कर दी। अहमद ने क्लास की एक छात्रा से कहा, क्या तुम मुझे अपने पूरे शरीर को चाटने दोगी, जैसा कि ‘जर्मन संभ्रांत वर्ग’ में प्रचलित था। उन्होंने चौड़ी ललाट वाली लड़कियों को क्लास में घूरते हुए कहा कि मध्यकालीन इंग्लैंड में चौड़ी ललाट वाली महिलाओं को काम-वासना से परिपूर्ण महिला माना जाता था।

इसी तरह ‘To His Coy Mistress’ कविता की चर्चा करते हुए अहमद ने कविता के संदर्भ हटकर बताया कि योनि प्रवेश (Penetration) कैसे किया गया है। इस दौरान अहमद ने छात्राओं की देखकर शारीरिक रूप से अश्लील संकेत भी किया। अहमद ने पढ़ाने को सेक्स करने की तरह बताया और कहा कि इसमें बोरियत से बचने के लिए पोजिशन बदलते रहने और अलग-अलग तकनीक अजमाने की जरूरत होती है।

एक छात्रा की ओर इशारा करते हुए अहमद ने यौन प्रलोभन और उन्माद को लेकर कहा कि वह दो साड़ी देकर उस लड़की को अपने कमरे में बुलाए और वह आने के लिए तैयार भी हो गई, लेकिन इसके बदले उसने तीन साड़ी की माँग की। अहमद ने कविता के जूनून को महिलाओं के अंडरवियर सूंघने की दीवानगी से की।

कलकत्ता HC के जज अभिजीत गंगोपाध्याय दे रहे इस्तीफा, TMC नेताओं ने दिया था चैलेंज: राजनीति के मैदान में उतरने के दिए संकेत

लोकसभा चुनाव 2024 से पहले कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने ऐलान किया है कि वो इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने राजनीति में उतरने के संकेत दिए हैं। हालाँकि उन्होंने कहा है कि 4 मार्च को मेरे काम करने का आखिरी दिन होगा, तब तक वो पेंडिंग केस निपटाएँगे, इसके बाद आधिकारिक तौर पर वो राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेज देंगे। उन्होंने साफ कह दिया है कि वो राजनीति में आने के बारे में सोच रहे हैं।

जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने रविवार (3 मार्च, 2024) को इस्तीफे के बारे में एबीपी आनंदा से बातचीत के दौरान खुलासा किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता उन्हें बार बार चैलेंज कर रहे थे कि मैं राजनीतिक मैदान में आऊँ। ऐसे में मैंने सोचा कि क्यों न यही काम कर लिया जाए। अत: मैंने इस्तीफे का फैसला लिया है। मैं राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेजूँगा।

जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय ने कहा कि वो राजनीति में जाएँगे, लेकिन किस पार्टी में जाएँगे, इस बारे में घोषणा बाद में करेंगे। पहले मैं अपने सभी पेंडिंग केस निपटा लूँ, इसके बाद इस्तीफा दूँगा। हाँ, अघर कोई पार्टी में मुझे खुद से जोड़ती है, तो मैं उसके टिकट पर चुनाव भी लड़ूँगा, लेकिन अभी ये नहीं बता सकता कि मैं किसी पार्टी से लड़ूँगा।

जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय के फैसले के ऐलान पर राज्य की राजनीति गरमा गई है। गंगोपाध्याय ने राजनीतिक दलों से ऑफर मिलने पर विचार की बात कही है। जब जस्टिस गंगोपाध्याय से इस्तीफे का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मौजूदा सत्ताधारी पार्टी के कई लोगों ने मुझे चुनौती दी है। उन्होंने मुझे यह निर्णय लेने के लिए मजबूर किया। मैं इसके लिए सत्तारूढ़ दल (टीएमसी) को बधाई देना चाहता हूँ कि उनकी वजह से मुझे ये फैसला लेना पड़ा।

जस्टिस गंगोपाध्याय के राजनीति में उतने के ऐलान पर टीएमसी ने हमला बोला है। टीएमसी ने कहा कि उसके आरोप सही हैं कि गंगोपाध्याय राजनीतिक दल के कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे थे। वहीं, कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि उनके इस्तीफे का स्वागत करते हुए उन्हें योद्धा कहा उन्हें कॉन्ग्रेस पार्टी से जोड़ने का ऑफर भी दिया है। वो पहले बयान दे चुके हैं कि गंगोपाध्याय में पश्चिम बंगाल को चलाने का माद्दा है और उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री बनना चाहिए।

बता दें कि जस्टिस अभिजीत गंगोपाध्याय 2018 में कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस बने थे और वो अगस्त 2024 में रिटायर होने वाले थे। अपने रिटायरमेंट से 5 महीने पहले ही उन्होंने ऐलान कर दिया है कि वो अब हाई कोर्ट को छोड़ रहे हैं और अब वो चुनाव के मैदान में उतरेंगे।

भारतीय हिरोइन और पाकिस्तानी हीरो (तलाकशुदा, 2 बच्चों का अब्बा) के बीच रोमांस की खबरें पड़ोसी मुल्क में वायरल: बुर्का पहन कर नमाज पढ़ने का भी दावा

दक्षिण भारतीय फिल्मों की अभिनेत्री और तमिल अदाकारा गीतिका तिवारी इन दिनों सुर्ख़ियों में हैं। इन सुर्ख़ियों की वजह पाकिस्तान के एक मुस्लिम अभिनेता से उनकी नजदीकियाँ बताई जा रही हैं। पाकिस्तानी अभिनेता का नाम फ़िरोज़ खान है, जो तलाकशुदा और 2 बच्चों का अब्बा है। उसकी पहली पाकिस्तानी बीवी ने उस पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। फिलहाल गीतिका और फ़िरोज़ खान ने अपने रिश्तों को लेकर उठ रही खबरों के बारे में अभी तक कोई सफाई नहीं दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गीतिका और फ़िरोज़ खान किसी फिल्म की शूटिंग में एक साथ काम कर रहे हैं। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्म है। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों के साथ में खिंचवाए गए कुछ फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं।

इसमें सबसे ज्यादा चर्चित दोनों की कार में एक साथ बैठा एक वीडियो है। इस वीडियो में गीतिका और फ़िरोज़ खान खाफी खुश नजर आ रहे। बैकग्राउंड म्यूजिक के तौर पर एक रोमांटिक गाना सुनाई दे रहा है जिसके बोल हैं – ‘अँखियाँ तेरी मेरे दिल पे वार करे’।

इसके अलावा इंस्टाग्रम यूजर _saadly_madly ने गीतिका और फ़िरोज़ खान की कुछ अन्य तस्वीरें भी अपने हैंडल पर शेयर की हैं। इन तस्वीरों में दोनों एक दूसरे के काफी करीब नजर आ रहे। यूजर ने बताया है कि जिस फिल्म में गीतिका और फ़िरोज़ एक साथ काम कर रहे हैं, वो एक पाकिस्तानी फिल्म है। फिल्म का नाम ‘लक लग गए’ बताया है। इस फिल्म के डायरेक्टर ज़ुल्फ़िकार अली बताए गए हैं और शूटिंग की जगह लंदन है।

कुछ लोगों का यह कहना है कि ये तस्वीरें दोनों की आने वाली फिल्म के दृश्य हैं लेकिन बोल नेटवर्क नाम के यूट्यूब चैनल पर बॉलीवुड कलाकार KRK (कमाल आर खान) के हवाले से यहाँ तक दावा कर दिया गया है कि गीतिका ने इस्लाम कबूल कर लिया है और वो बुर्का पहन कर नमाज़ भी पढ़ती है। हालाँकि इन तमाम चर्चाओं पर अभी तक गीतिका व फ़िरोज़ खान की तरफ से कोई सफाई नहीं आई है।

बताते चलें कि फ़िरोज़ खान का निकाह साल 2018 में पाकिस्तान की अलीजेह फातिमा रज़ा से हुआ था। इस निकाह से उसे 2 बच्चे भी हुए। कुछ समय तक सब कुछ सही रहा लेकिन बाद में फ़िरोज़ और अलीजेह के रिश्तों में दरार आ गई। कुछ समय पहले फ़िरोज़ और अलीजेह का तलाक हो गया। तब से दोनों अलग रहते हैं। तलाक लेने के दौरान फ़िरोज़ की बीवी ने अपने शौहर पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।

₹5 से लेकर ₹2000 तक… BJP को ऐसे दे सकते हैं चंदा: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले चंदा ड्राइव में PM मोदी ने भी दिया योगदान

भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 को देखते हुए चंदा इकट्ठा करने का अभियान चलाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान के तहत खुद भी पार्टी फंड में दान किया है और लोगों से भी राष्ट्र निर्माण के लिए बीजेपी को चंदा देने की अपील की है। इसके लिए नमो ऐप पर खास ऑप्शन भी दिया गया है, जिसके जरिए न सिर्फ बीजेपी कार्यकर्ता बल्कि आम लोग भी पार्टी को चंदा दे सकते हैं।

पीएम मोदी ने ‘डोनेशन फॉर नेशन बिल्डिंग’ मुहिम में दिया दान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी के ‘डोनेशन पर नेशन बिल्डिंग’ मुहिम के तहत पार्टी को 2000 रुपए का चंदा दिया। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर इस चंदे की स्लिप को पोस्ट करते हुए लिखा, “मुझे भाजपा में योगदान देने और विकसित भारत के निर्माण के हमारे प्रयासों को मजबूत करने में खुशी हो रही है। मैं सभी से NaMoApp के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के लिए डोनेशन का हिस्सा बनने का भी आग्रह करता हूँ।”

इतना ही नहीं जनता भी पार्टी के लिए चंदा दे सके, इसके लिए पीएम ने अपनी पोस्ट में NaMoApp का एक लिंक भी साझा किया है। इस लिंक पर जाकर आप सीधे बीजेपी को चंदा दे सकते हैं। जब आप इस लिंक पर क्लिक करेंगे, तो सामने एक पेज खुलकर आएगा। यहाँ मौजूद इस फॉर्म में डोनेशन देने वाले को अपनी सारी जरूरी डिटेल्स भरनी हैं और उसके बाद अपने डोनेशन की रकम भरनी है और फिर एक्सेप्ट पर क्लिक कर देना है। इसे समझाने के लिए स्क्रीनशॉट भी दिया गया है।

नमो ऐप का स्क्रीनशॉट

वेबसाइट पर इन स्टेप्स में कर सकते हैं डोनेशन: सबसे पहले तो आपको https://www.narendramodi.in/donation/ पर जाना होगा। यहाँ से कुछ ही क्लिक में आप डोनेशन कर सकते हैं। पूरी प्रोसेस इस तरह से है…

सबसे पहले Enter Amount सेक्शन में जो भी राशि आप दान करना चाहते हैं वो सलेक्ट करें।

इसके बाद Enter your details में अपना नाम, Mobile Number, Email ID भरें।

इसके बाद Select your State सेक्शन में अपना राज्य चुनें।

इसके बाद Select your City में अपना शहर चुनें।

फिर Cause for donation में Party Fund चुनें।

इसके बाद Referral Code (Optional) रेफरल कोड डालें।

फिर Enter your Remark में अपना रिमार्क लिखें।

इसके बाद Make the donation में दिए गए डिक्लेरेशन को सेलेक्ट करके ACCEPT AND PROCEED पर क्लिक कर दें।

राजनीतिक पार्टियों को चंदा देने वालों को टैक्स में छूट मिलती है। इस तरह से बीजेपी को भी दान देने वाले दान दाताओं को इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत आयकर में छूट दी जाएगी।

बता दें कि पीएम मोदी के साथ ही बीजेपी के कई और नेताओं ने पार्टी के डोनेशन फॉर नेशन बिल्डिंग कैंपेन के तहत चंदा दिया है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 1 मार्च को इस अभियान की शुरुआत की थी। जेपी नड्डा ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘मैंने भारत को विकसित भारत बनाने के लिए पीएम मोदी के विजन को अपना व्यक्तिगत समर्थन देने के लिए बीजेपी को चंदा दिया है। आइए हम सभी आगे आएं और नमो ऐप का उपयोग कर DonationForNationBuilding जन आंदोलन में शामिल हों।’

चुनाव आयोग के आँकड़ों से पता चला है कि भाजपा वित्तीय वर्ष 2022-2023 में 719 करोड़ रुपये की फंडिंग इकट्ठा करने में कामयाब रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक है। उसे 2021-2022 में 614 करोड़ रुपये का चंदा मिला था। चूँकि अब इलेक्टोरल बॉन्ड पर रोक लग गई है, ऐसे में पार्टी के कामकाज पर कोई फर्क न पड़े, इसके लिए बीजेपी ने समय से अपनी तैयारियाँ शुरू कर दी है और चंदा अभियान चला दिया है।

लड़कियों की टीम में लड़कों को भी खेलाओ: इनकार करने पर महिला लीग को निलंबित करने की धमकी, लैंगिक भेदभाव के नाम पर बवाल

ब्रिटेन में लड़कियों की सबसे बड़ी फुटबॉल लीग में से एक को फुटबॉल एसोसिएशन ने बंद करने की कार्रवाई करने की धमकी दी है। यह निर्णय इसलिए लिया गया, क्योंकि उसने अपने मैचों में एक लड़के को खेलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। लड़के के माता-पिता की शिकायत के बाद FA और यॉर्कशायर में महिला लीग चलाने वाले अधिकारियों के बीच विवाद छिड़ गया था।

एफए ने धमकी दी है कि अगर लड़कों को मैच नहीं खेलने दिया गया तो वेस्ट राइडिंग गर्ल्स फुटबॉल लीग को प्रतिबंधों और निलंबित किया जाएगा। अधिकारियों ने इसे ‘लड़कियों के खेल के लिए एक बड़ा खतरा’ करार दिया है। पिछले सप्ताह लीग के आयोजकों ने एक आपातकालीन बैठक की गई थी, जहाँ चिंता व्यक्त की कि लड़कों को खेलने की अनुमति देने से इस तरह माँगों की बाढ़ आ जाएगी।

जिन आयोजकों ने यह बैठक की थी, उनमें 300 से अधिक टीमों में कम-से-कम 6,000 अंडर-18 लड़कियाँ खेल रही हैं। वहीं, एफए की जेंडर पॉलिसी में कहा गया है कि किसी भी अंडर-16 टीम को लड़कों और लड़कियों दोनों को खेलने की अनुमति देनी चाहिए। हालाँकि, FA यह जानता है कि एक जेंडर की शारीरिक ताकत, सहनशक्ति या शरीर दूसरे के नुकसान पहुँचा सकती है।

दरअसल, पिछले साल अक्टूबर महीने के अंत में लड़के के माता-पिता ने वेस्ट राइडिंग गर्ल्स लीग से कहा था कि उनका बेटा अन्य लड़कों के साथ खेलना नहीं चाहता था। उन्होंने लीग से पूछा था कि ऐसी स्थिति में उसकी क्षमता के स्तर के कारण उनका बेटा इस लीग में शामिल हो सकता है। हालाँकि, लीग ने उनके अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लीग द्वारा अनुरोध अस्वीकार करने के बाद लड़के के माता-पिता ने वेस्ट राइडिंग काउंटी फुटबॉल एसोसिएशन के पैरेंट संगठन राष्ट्रीय एफए में एक अपील की। FA ने आयोजकों को बताया कि वे इस आवेदन को अस्वीकार करने की स्थिति में नहीं हैं। इसलिए वे लड़के को अगर टीम में नहीं खेलाते हैं तो उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।

इसके बाद पिछले सप्ताह लीग के सचिव ने अपने सदस्यों को एक ईमेल भेजकर कहा, “यह लड़कियों के खेल के लिए एक बड़ा खतरा है और हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अगर हम इससे डटकर लड़ते हैं तो यह एक लंबा संघर्ष हो सकता है। सभी इरादों और उद्देश्यों के लिए हम न केवल अपनी लड़कियों की लीग, बल्कि देश की सभी लड़कियों की लीगों की अखंडता के लिए लड़ेंगे।”

एक महिला क्लब मैनेजर ने कहा, “हमने माता-पिता और खुद लड़कियों से बात की है। उनमें से कई को हमने मिश्रित सेक्स लीग से ‘बचाया’ है, जहाँ उन्हें गेंद पास करने से बाहर रखा गया है, क्योंकि इससे उनकी हड्डियाँ टूट गईं। मुझे माता-पिता ने भी सूचित किया है कि वे अपनी बेटियों को लीग से निकालने पर विचार कर रहे हैं। लड़कियाँ खुद कह रही हैं कि अगर लड़के खेलेंगे तो वे इसे छोड़ देंगी।”

एक पुरुष कोच ने कहा कि जब उन्होंने अपनी टीम की लड़कियों की राय पूछा तो सबने कहा कि वे इस निर्णय से खुश नहीं हैं। उनमें से कुछ लड़कियों ने फुटबॉल छोड़ने की भी बात कही। जेंडर आधारित अधिकार समूह की फियोना मैकएनेना ने कहा, “पिच पर एक लड़का सब कुछ बदल देता है। एफए का लड़कियों से यह कहना लैंगिक भेदभाव है कि उन्हें एक पुरुष खिलाड़ी को स्वीकार करना होगा।”

एफए के एक प्रवक्ता ने कहा, “वेस्ट राइडिंग एफए इस मामले पर संबंधित लीग और संबंधित क्लबों के साथ काम कर रहा है। हम उनका समर्थन करना जारी रखेंगे, ताकि सभी के लिए उचित समाधान निकाला जा सके। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हर किसी को जूनियर फुटबॉल खेलने का अवसर मिले, जिसमें मिश्रित टीमें भी शामिल हैं। ऐसा नियम है कि लड़के-लड़कियाँ साथ खेल सकते हैं।”