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‘किसान उत्पातियों’ पर नहीं लगेगा NSA, अंबाला पुलिस के बाद हरियाणा पुलिस की ‘सफाई’: अब तक 30 पुलिसकर्मी चोटिल, 1 को ब्रेन हैमरेज, 2 की मौत

अपडेट: हरियाणा पुलिस ने घोषणा की है कि विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) नहीं लगाया जाएगा। यह घोषणा अंबाला पुलिस के उस ट्वीट के बाद की गई, जिसमें आंदोलन कर रहे किसानों पर एनएसए लगाने की बात कही गई थी। अब अंबाला पुलिस का वो ट्वीट भी डिलीट कर दिया गया है।

हरियाणा पुलिस के एनएसए नहीं लगाने की घोषणा से पहले की खबर नीचे है:

किसान आंदोलन के नाम पर जिस तरह उग्र प्रदर्शनकारियों द्वारा सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने का काम किया जा रहा है उसे देखते हुए हरियाणा की अंबाला पुलिस ने सख्त खदम उठाए हैं। अंबाला पुलिस ने कहा है कि सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई इन्हीं आंदोलनकारियों की संपत्तियों से की जाएगी। इसके लिए संपत्ति की कुर्की और बैंक खातों को सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके अलावा किसान संगठन के पदाधिकारियों के खिलाफ NSA लगाने की बात भी पुलिस ने कही है।

22 फरवरी 2024 को जारी प्रेस नोट में अंबाला पुलिस ने कहा कि 13 फरवरी 2024 से किसान संगठनों द्वारा किसानों द्वारा दिल्ली कूच को लेकर शंभू बॉर्डर पर लगे बैरिकेड्स को तोड़ने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं व पुलिस प्रशासन पर पत्थरबहाजी व हुड़दंगबाजी करके कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश भी हो रही है। इन सबसे सरकारी और प्राइवेट संपत्तियों को काफी नुकसान हो रहा है।

पुलिस ने कहा कि वो अब आंदोलनकारियों द्वारा सरकारी और प्राइवेट संपत्ति को पहुँचाए गए नुकसान का आँकलन कर रहे हैं। सबकी भरपाई इन्हीं आंदोलनकारियों की संपत्ति और बैंक खातों को सीज करके की जाएगी। पुलिस की मानें तो उन्होंने इस संबंध में पहले ही सूचित किया था कि अगर सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ तो वह यह कार्रवाई करेंगे। हालाँकि पिछले कुछ दिनों में फिर भी ऐसी घटनाएँ आईं, जिसके बाद पुलिस ने यह नोट जारी किया।

इसके अलावा पुलिस ने एक और ट्वीट में यह जानकारी दी है कि उन्होंने NSA के तहत किसान संगठनों के पदाधिकारियों को नजरबंद करने की तैयारी शुरू कर दी है। अंबाला पुलिस द्वारा दी गई जानकारी में कहा गया है कि आंदोलन में 30 पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं, 1 पुलिसकर्मचारी का ब्रेम हैमरेज हुआ और 2 की मृत्यु हो गई है। ऐसे में आंदोलन के कई किसान नेता जो सक्रिय भूमिका हैं और कानून व्यवस्था बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ बयानबाजी कर रहे हैं। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए पोस्टर कर रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार के विरुद्ध गलत शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं और उत्पात मचा रहे हैं। ऐसे में अपराधिक गतिविधियों को रोकने व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 2(3) राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 तहत किसान संगठनों के पदाधिकारियों को नजरबंद करने की कार्यवाही पुलिस प्रशासन द्वारा अमल में लाई जा रही है।

ये भी जानकारी आई है कि अंबाला पुलिस की तरफ से भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष और किसान मजदूर मोर्चा के सदस्य अमरजीत सिंह मोहड़ी के घर पर पुलिस का नोटिस चस्पा किया गया है। इसमें लिखा गया है कि अमरजीत सिंह उस प्रदर्शन में अहम भूमिका में है, जो अब उग्र हो रहा है। अगर प्रदर्शनकारी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाते हैं तो फिर मोहड़ी की संपत्ति से भी भरपाई की जा सकती है।

हलाल सर्टिफाइड रूह अफ़ज़ा बेचने वाली हमदर्द लैबोरेट्रीज की धोखाधड़ी, स्वास्थ्य खतरों की जानकारी छुपाकर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़: रिपोर्ट

जिस हमदर्द लैबोरेट्रीज की ‘रूह अफ़ज़ा’ को लोग बड़े चाव से पीते हैं, और उसके भारत-पाकिस्तान-बांग्लादेश समेत करोड़ों प्रशंसक हैं, वो रूह अफ़ज़ा बनाने वाली कंपनी हमदर्दी मक्कार और झूठी निकली। रिपोर्ट्स का दावा है कि हमदर्द लैबोरेट्रीज ने रूह अफ़ज़ा के नाम पर लोगों को केमिकल पिलाया है। वहीं, हमदर्द दावा करती है कि रूह अफ़ज़ा को बनाने में 36 तरह के फलों का इस्तेमाल होता है और 13 अन्य हर्बल पदार्थ मिलाए जाते हैं। रूह अफ़ज़ा को बनाने वाली हमदर्द लैबोरेट्रीज की चोरी पकड़ी गई है, तो उस पर जुर्माना भी लगाया गया है। उसके खेल को पकड़ने वाले अफसर को ही खरीदने की कोशिश की गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

ढाका साउथ सिटी कॉरपोरेशन (डीएससीसी) ने अपनी रिपोर्ट में पाया है कि हमदर्द झूठे दावे करके लोगों को बेवकूफ बना रही है और उनका मानसिक-भावनात्मक दोहन कर रही है। चूँकि हमदर्द लैबोरेट्रीज रूह अफ़ज़ा को ‘पौष्टिक पेय’ कहकर प्रचारित करता है और दावा करता है कि इसके सेवन से शरीर में पानी की कमीं नहीं होने पाती, क्योंकि इसमें 13 हर्बल दवाओं का मिश्रण और 36 तरह के फल-फूल का अर्क (जूस) मिला होता है।

ढाका साउथ सिटी कॉरपोरेशन ने कहा है कि कूलिंग ड्रिंक में बताई गई सामग्री मौजूद नहीं है। इसके अलावा रिपोर्ट में स्वास्थ्य विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि रूह अफ़ज़ा बड़ी संख्या में लोगों खासकर शुगर के मरीजों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कर सकता है। दरअसल डीएससीसी ने बाजार से रूह अफ़ज़ा के सैंपल कलेक्ट किए थे, जिसकी जाँच के बाद ये तथ्य सामने आए हैं।

वीकलीब्लिट्ज की रिपोर्ट में बताया गया है कि बांग्लादेश में हमदर्द के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ हकीम मुहम्मद यूसुफ हारून भुइयाँ ने रूह अफ़ज़ा के फर्जी विज्ञापन के लिए लिखित में माफी माँगी है। हमदर्द की ये माफी उन आरोपों के बीच सामने आई है, जब हमदर्द लैबोरेट्रीज (वक्फ) बांग्लादेश ने इस विवाद से लोगों का ध्यान खींचने के लिए ढाका में अधिकारिकों को रिश्वत देने की कोशिश कीष इसके बाद नगर निगम के अधिकारियों ने 20 फरवरी को बांग्लादेश के भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (एंटी करप्शन कमीशन-एसीसी) और खाद्य निदेशालय (फूड डायरेक्टोरेट) में शिकायत दर्ज कराई है।

बांग्लादेशी वेबसाइट कालबेला ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि ढाका के अधिकारियों ने सैंपल की जाँच लैब में कराई। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2028 में ढाका सिटी कॉर्पोरेशन ने फर्जीवाड़ा मिलने के सबूत मिलने के बाद हमदर्द के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में हमदर्द के मैनेजिंग डायरेक्टर ने अपनी गलती मानी और 4 लाख का जुर्माना चुकाया।

हालाँकि कंपनी ने इसके खिलाफ अपील दायर की, जिसके बाद अदालत ने जुर्माने की रकम जमा करने से छूट दे दी। इसके बाद नगर निगम ने 19 फरवरी को सेफ फूड अथॉरिटी को पत्र लिखा। हालाँकि हमदर्द ने अधिकारिकों को अपील करने से रोकने की कोशिश की और एक अदिकारी ने निगम के अधिकारियों को रिश्वत देने की कोशिश की।

कालबेला ने दावा किया है कि उसके पास एक वीडियो है, जिसमें हमदर्द के असिस्टेंट डायरेक्टर अली अहमद सिटी कॉर्पोरेशन के सेफ फूड इंस्पेक्टर मोहम्मद कमरूल हसन से उस अपील को आगे न बढ़ाने की अपील करते दिख रहे हैं। इसके लिए वो पैसे देने की बात भी कर रहे हैं। वीडियो में हमदर्द के अधिकारी को यह कहते हुए भी सुना जा सकता है, ‘रूह अफजा में जो है उससे कहीं ज्यादा हम कहते हैं।’

सिविक अधिकारी कमरुल हसन ने बांग्लादेशी अखबार को बताया कि हमदर्द शुरू से ही गलत काम करता रहा है। उन्होंने कहा कि एक अदालत में दोष स्वीकार करना और उस फैसले के खिलाफ दूसरी अदालत में अपील करना भी गलत और अनैतिक है। इस मामले में अब ढाका साउथ सिटी कॉरपोरेशन के सीईओ ने भ्रष्टाचार निरोधक आयोग से कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है।

IPL 2024: शुरू के 21 मैचों के शेड्यूल जारी, चेन्नई में CSK vs RCB का पहला मैच, लोकसभा चुनाव के चलते हो रही देरी!

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2024) के शुरुआती 21 मैचों का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। पहला मैच डिफेंडिंग चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के बीच चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। आरसीबी और सीएसके के बीच पहला मैच 22 मार्च 2024 को खेला जाएगा। महेंद्र सिंह धोनी इस आईपीएल में आखिरी बार बतौर खिलाड़ी नजर आ सकते हैं। ऐसी चर्चाएँ हैं कि इस आईपीएल के बाद वो सन्यास ले सकते हैं।

22 मार्च से 7 अप्रैल तक का शेड्यूल

आईपीएल 2024 के शुरुआती 21 मैच 22 मार्च से 7 अप्रैल के बीच होंगे। टूर्नामेंट का पहला मैच रात के 8 बजे शुरू होगा। वहीं, जिन दिन दो मुकाबले होंगे, उसमें पहला मैच 3.30 से शुरू होगा। इस दौरान चार दिनों में डबल हेडर मैच होंगे। आईपीएल 2024 का पहला डबल हेडर 23 मार्च को खेला जाएगा, जिसमें पहला मैच मोहाली में पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा, तो शाम का दूसरा मैच कोलकाता में कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा।

आईपीएल 2024 में 24 मार्च को राजस्थान रॉयल्स का मुकाबला लखनऊ सुपर जायंट्स से होगा, तो शाम के मुकाबले में हार्दिक पांड्या की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस अहमदाबाद में गुजरात टाइटंस से भिड़ेगी। पिछले 6 साल में ये चौथी बार होगा, जब आईपीएल की विजेता और उप विजेता टीमें पहले मैच में नहीं भिड़ रही हैं। क्योंकि पहला मैच सीएसके और आरसीबी के बीच खेला जाएगा, तो पिछले साल की उप-विजेता टीम गुजरात टाइटंस तीसरे दिन मुंबई इंडियंस से भिड़ेगी।

इंडियन प्रीमियर लीग के ऑफिसियल एक्स हैंडल पर शेड्यूल पोस्ट किया गया है।

आईपीएल का फाइनल मुकाबला 26 मई 2024 को हो सकता है। इसके ठीक पाँच दिन बाद ही वेस्टइंडीज और यूएसए में 1 जून से पुरुषों के टी-20 विश्वकप के मुकाबले शुरू हो जाएँगे।

बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों की घोषणा न होने के चलते अन्य मैचों का शेड्यूल अभी घोषित नहीं किया गया है। एक बार चुनाव की तारीखें सामने आ जाएँगी, उसके बाद बाकी मैचों के शेड्यूल की घोषणा कर दी जाएगी। माना जा रहा है कि अप्रैल और मई माह में लोकसभा के चुनाव होंगे। इन्हीं चुनावों के बीच ही आईपीएल के मुकाबले भी खेले जाएँगे। साल 2009 में आईपीएल का आयोजन दक्षिण अफ्रीका में किया गया था, क्योंकि उस साल भी लोकसबा चुनाव हुए थे।

नूहं हिंसा मामले में कॉन्ग्रेस विधायक मम्मन खान सहित 63 पर लगा UAPA: दंगों के दौरान दंगाइयों को बाँटे थे पैसे

हरियाणा पुलिस ने जुलाई 2023 के नूहं दंगों से संबंधित चार मामलों में कॉन्ग्रेस नेता एवं विधायक मम्मन खान सहित 63 लोगों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) लगाया है। जनवरी 2024 में UAPA के तहत नई धाराएँ जोड़ी गईं। पुलिस द्वारा अदालत में दाखिल की गई स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार, UAPA के प्रावधानों को 8 जनवरी को तीन FIR (संख्या 253, 257 और 401) में लगाया गया था।

इन मामलों में बीस लोगों को आरोपित बनाया गया है और उनमें से अधिकांश मेवात क्षेत्र के स्थानीय लोग हैं। ये घटनाएँ शोभा यात्रा में दो होम गार्ड और एक हिंदू श्रद्धालु की हत्या के साथ-साथ नूहं साइबर पुलिस स्टेशन पर दंगाई भीड़ द्वारा किए गए हमले से जुड़ी हैं। एक हफ्ते बाद पुलिस ने शिकायत संख्या 149 में भी UAPA लगा दिया था। इसमें फिरोजपुर झिरका के विधायक को 43 अपराधियों में से एक के रूप में नामित किया गया है।

जिस दिन नूहं में हिंसा भड़की थी, उस दिन यानी 31 जुलाई को बड़कली चौक पर यात्रा में शामिल लोगों पर हमले का एफआईआर में विस्तार से जिक्र किया गया है। वर्तमान कार्यवाही में उल्लेखित सभी आरोपित जमानत पर रिहा हैं। हालाँकि, यूएपीए लगाने के बाद उन सभी को एक बार फिर सलाखों के पीछे भेजा जा सकता है, क्योंकि इसमें जेल के बाद कम-से-कम एक वर्ष के लिए जमानत का प्रावधान नहीं है।

कई दंगा पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील मनीष शाडिल्य ने 21 फरवरी 2024 को कहा कि पुलिस के पास अपराधियों को पूछताछ के लिए फिर से बुलाने का अधिकार है। उन्होंने कहा, “उनकी जमानत रद्द की जा सकती है और उन्हें फिर से गिरफ्तार किया जा सकता है।” उन्होंने पिछले साल मम्मन खान को जमानत देने के खिलाफ भी दलील दी थी।

दूसरी ओर, विपक्ष के वकील ताहिर हुसैन रुपदिया ने कहा, “पुलिस के पास UAPA (उनके मुवक्किल के खिलाफ) जोड़ने का कोई आधार नहीं है। हम इसे अदालत में चुनौती देंगे।” हालाँकि आरोप मूल एफआईआर का हिस्सा नहीं थे, लेकिन अदालत के रिकॉर्ड से संकेत मिलता है कि इसे उस शिकायत में जोड़ा गया था, जो आरोपी की जमानत के अनुरोध को अस्वीकार करने के लिए न्यायाधीश के सामने लाई गई थी।

नूहं पुलिस की कार्रवाई छह लोगों की मौत के बाद शुरू हुई, जब इस्लामी कट्टरपंथियों ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल द्वारा आयोजित एक जुलूस पर हमला किया था। इसके कारण नूहं और आसपास के इलाकों में व्यापक हिंसा और आगजनी हुई। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, दोषियों में से एक ने जाँचकर्ताओं को बताया कि गड़बड़ी से पहले मम्मन खान ने स्थानीय लोगों के माध्यम से उपद्रवियों को पैसे (प्रत्येक 500 रुपए) पहुँचाने की व्यवस्था की थी।

इसके अलावा, दावा किया गया है कि ‘यूथ टीम मम्मन खान’ और ‘आईटी सेल मम्मन खान’ जैसे विधायक के नाम वाले व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से भड़काऊ पोस्ट फैलाए गए थे। नूंह के SP नरेंद्र बिजारनिया ने कहा, “उन्होंने नूहं हिंसा के दौरान अफवाह फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पथराव और वाहनों में आग लगाने में शामिल कुछ संदिग्धों के वह संपर्क में थे। उन पर ब्रजमंडल यात्रा पर हमला करने वालों को पैसे देने का भी आरोप है।”

मणिपुर हाई कोर्ट के जिस आदेश पर जला पूरा राज्य, HC ने उसे ही ‘डिलीट’ कर दिया: मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने के दिए थे निर्देश

मणिपुर हाई कोर्ट ने बुधवार (21 फरवरी 2024) अपना ही आदेश पलट दिया। हाई कोर्ट ने 27 मार्च 2023 के अपने ही फैसले के उस खास बिंदु को ‘डिलीट’ कर दिया है, जिसकी वजह से पूरा मणिपुर राज्य हिंसा की आग में झुलस गया था। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में सरकार को निर्देश दिए थे कि सरकार को मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने को लेकर कदम उठाने चाहिए। इसके बाद मई माह से शुरू हुई मैतेई और कुकी समुदायों के बीच हिंसा में 200 से ज्यादा लोग मारे गए थे, तो सैकड़ों लोग घायल भी हुए।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, मणिपुर हाईकोर्ट में जस्टिस गोलमेई की पीठ ने कहा कि वो फैसला महाराष्ट्र सरकार बनाम मिलिंद एवं अन्य के मामले में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विपरीत है। महाराष्ट्र सरकार बनाम मिलिंद एवँ अन्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अदालतें अनुसचित जनजाति की सूची में संशोधन या बदलाव नहीं कर सकती। इस वजह से कोर्ट अपने पुराने फैसले में संशोधन कर रही है। पीठ ने कहा कि पिछले साल के पैराग्राफ 17(3) के तहत दिए गए निर्देशों को डिलीट किया जाना चाहिए इसलिए इसे डिलीट किया जा रहा है।

बता दें कि हाई कोर्ट ने 27 मार्च 2023 को एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को सिफारिश भेजे। याचिका में कहा गया था कि मैतेई समुदाय ऐतिहासिक रूप से वंचित रहा है और एसटी का दर्जा उन्हें आरक्षण और अन्य लाभों का हकदार बनाएगा।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद, राज्य में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच हिंसक झड़पें हुईं। कुकी समुदाय ने आरोप लगाया कि मैतेई समुदाय एसटी का दर्जा प्राप्त करके राज्य के राजनीतिक और सामाजिक ढाँचे को बदलने की कोशिश कर रहा है। झड़पों में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, तो सैकड़ों लोग घायल हो गए। इस दौरान बड़े पैमाने पर पलायन हुआ और हजारों लोगों को घर-बार छोड़ना पड़ा।

दिलशान ने दीपक बनकर हिंदू नाबालिग को फँसाया, 4 साल तक किया रेप: अश्लील वीडियो के नाम पर करता था ब्लैकमेल, आगरा पुलिस ने दबोचा

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में लव जिहाद का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ दिलशान नाम के एक मुस्लिम लड़के ने दीपक कुमार के नाम से एक नाबालिग हिंदू युवती को झाँसा देकर उससे दोस्ती की। उसके बाद उससे प्रेम के नाम पर शारीरिक संबंध बनाया। दिलशान खुद को हिंदू दिखाने के लिए अपने हाथ में कलावा बाँधता था और माथे पर चंदन भी लगाता था।

हालाँकि, कुछ समय बाद लड़की को सच्चाई पता चली तो उसने विरोध करना शुरू कर दिया। नाबालिग के विरोध के बाद दिलशान उसे धमकाने लगा। इस तरह वह नाबालिग को लगातार प्रताड़ित करता था। आखिरकार उसकी प्रताड़ना से तंग आकर लड़की ने थाना ट्रांस यमुना में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने आरोपित दिलशान को गिरफ्तार कर लिया।

दरअसल, आगरा के ट्रांस यमुना थाना के फाउंड्री नगर की रहने वाली एक नाबालिग ने बताया कि लगभग चार साल पहले उसकी मुलाकात दिलशान से हुई थी। आरोपित टेढ़ी बगिया इस्लाम नगर का रहने वाला है। वह रोज उसका पीछा करता था। इस दौरान वह अपने हाथ में कलावा और माथे पर चंदन का टीका लगाए रहता था। एक दिन आरोपित ने नाबालिग युवती को रास्ते में रोक लिया था।

उसने नाबालिग से कहा कि वह उससे प्यार करता है। इस दौरान उसने अपना नाम दीपक बताया। नाबालिग लड़की दिलशान के झाँसे में आ गई और उसके प्रेम प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। इसी तरह प्रेम प्रसंग के नाम पर दिलशान उससे बहाने से एक जगह लेकर गया और वहाँ उसने नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बना लिए। बाद में वह आगे भी उससे शारीरिक संबंध बनाता रहा।

इसी दौरान नाबालिग को जानकारी मिली कि जिसे वह दीपक समझ रही है, उसका असली नाम दिलशान है और वह मुस्लिम है। इसके बाद नाबालिग ने युवक पर धोखे देने का आरोप लगाते हुए उससे संबंध तोड़ लिए। इसके बाद आरोपित ने प्यार का हवाला देते हुए उससे माफी माँगी और शादी करके शहर से दूर रहने का वादा किया। नाबालिग फिर से उसकी बातों में आ गई।

इस तरह दिलशान लगभग चार सालों तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। इस बीच उसने लड़की की अश्लील वीडियो भी बना ली। इस बीच लड़की के घरवालों ने उसकी शादी कहीं और जगह तय कर दी। इसके बाद नाबालिग ने हालात की जानकारी देते हुए दिलशान पर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस आरोपित दिलशान ने घर से भागने के लिए नाबालिग से रुपए लाने के लिए कहा।

नाबालिग युवती ने आरोपित को रुपए देकर दिल्ली जाने के लिए रेल टिकट लाने को कहा। इस पर दिलशान रुपए लेकर चला गया, लेकिन वह लौटकर नहीं आया। उसके इस रवैये से नाबालिग लड़की एक बार फिर परेशान हो गई और उसने दिलशान से संबंध तोड़ते हुए परिवार की मर्जी से शादी करने की बात मान ली। परिजन उसकी शादी की तैयारी करने लगे।

इसी बीच दिलशान ने एक दिन नाबालिग को फोन किया और उसे धमकाने लगा। आरोपित ने कहा कि अगर उसे छोड़कर कहीं और शादी की तो उसका अश्लील वीडियो वायरल कर उसे बदनाम कर देगा। इसके बाद नाबालिग ने उसके खिलाफ पुलिस ने तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपित युवक दिलशान को गिरफ्तार कर लिया।

मॉडल तानिया सिंह सुसाइड केस में आईपीएल स्टार अभिषेक शर्मा से होगी पूछताछ, जानें-क्या है पूरा विवाद और क्यों आया इस क्रिकेटर का नाम?

इंडियन प्रीमियर लीग की सनराइजर्स हैदराबाद टीम के हरफनमौला खिलाड़ी अभिषेक शर्मा (SRH Player Abhishek Sharma) की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। सूरत पुलिस क्रिकेटर अभिषेक शर्मा से मॉडल तान्या सिंह डेथ केस में पूछताछ कर सकती है। पुलिस ने कहा है कि सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाड़ी अभिषेक शर्मा की मॉडल तान्या सिंह के साथ दोस्ती थी।

सूरत पुलिस के मुताबिक, तान्या सिंह के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला था। इसकी वजह से ही यह संदेह पैदा हुआ कि क्या वाकई मॉडल ने खुदकुशी की है। पुलिस अब मॉडल तान्या सिंह की मौत की गुत्थी सुलझाने की कोशिशों में जुटी हुई है। सूरत के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर वीआर मल्होत्रा ने कहा कि हमें अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक क्रिकेटर अभिषेक शर्मा की मृत मॉडल से दोस्ती थी। जाँच के बाद इसके बारे में और जानकारियाँ सामने आएँगी।

कॉल और डेटा रिकॉर्ड जुटा रही पुलिस

जानकारी के मुताबिक, सूरत पुलिस अब मॉडल तान्या सिंह के फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आईपी डिटेल रिकॉर्ड डेटा जुटाने में जुट गई है। शुरुआती जाँच में पता चला है कि मॉडल ने क्रिकेटर अभिषेक शर्मा को व्हाट्सऐप चैट के जरिए तस्वीरें भेजी थी। हालाँकि, इसका अभिषेक शर्मा ने इसका जवाब नहीं दिया था। एसीपी मल्होत्रा ने कहा कि जाँच के बाद हम ऐसे लोगों को पूछताछ के लिए तलब कर सकते हैं जिनका नाम इस मामले में सामने आएगा।

बता दें कि मॉडल तानिया सिंह ने सूरत के वेसू रोड पर हैप्पी एलिगेंस अपार्टमेंट में 19 फरवरी को आत्महत्या की थी। पुलिस अभिषेक और तानिया के रिश्ते के बारे में जानना चाहती है।

हैदराबाद ने साल 2022 में मोटी रकम देकर अभिषेक को खरीदा

अभिषेक शर्मा की कप्तानी में भारत की अंडर 19 क्रिकेट टीम ने एशिया कप जीता था। इसके बाद उन्हें पृथ्वी शॉ की कप्तानी वाली अंडर 19 विश्वकप टीम में जगह मिली, जिसमें उन्होंने शानदार खेल दिखाया था। उस टीम ने अंडर 19 वर्ल्ड कप जीता था। साल 2018 के आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स (तब डेयरडेविल्स) ने अभिषेक शर्मा को 55 लाख रुपए में अपने साथ जोड़ा था, झिसके बाद वो सनराइजर्स हैदराबाद से जुड़ गए। साल 2022 में सनराइजर्स ने मेगा नीलामी में उन्हें 6.5 करोड़ रुपए में खरीदा।

‘क्या अपने पालतू जानवर का नाम हिन्दू देवी या मुस्लिम प्रोफेट के नाम पर रखोगे?’: कलकत्ता हाई कोर्ट ने बंगाल सरकार से कहा- बदलो शेर और शेरनी का नाम

कलकत्ता हाई कोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए कहा है कि बंगाल सरकार सिलीगुड़ी चिड़ियाघर में लाए गए शेर और शेरनी के नाम को बदले। कोर्ट ने बंगाल सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि आखिर ऐसे नामकरण क्यों करने चाहिए। दरअसल, इस जोड़े में शेर का नाम अकबर और शेरनी का नाम सीता रखा गया था। इसके खिलाफ विश्व हिन्दू परिषद (VHP) ने याचिका डाली थी।

कलकत्ता हाई कोर्ट के जज सौगत भट्टाचार्य की एक सदस्यीय बेंच ने गुरुवार (22 फरवरी 2024) को मामले की सुनवाई करते हुए बंगाल सरकार को फटकार लगाई। उन्होंने बंगाल सरकार से पूछा कि क्या वह अपने पालतू जानवर का नाम हिन्दू देवी या फिर मुस्लिम पैगम्बर के नाम पर करेंगे। दरअसल, शेरों का यह जोड़ा हाल ही में त्रिपुरा से लाया गया था। इसके बाद इनके नाम को लेकर विवाद हो गया था।

बंगाल सरकार के वकील से जज ने कहा, “वकील साहब, क्या आप स्वयं अपने पालतू जानवर का नाम किसी हिंदू भगवान या मुस्लिम पैगंबर के नाम पर रखेंगे… मुझे लगता है, अगर हम में से कोई भी होता तो उनका नाम अकबर और सीता नहीं रखता। क्या हम में से कोई रवीन्द्रनाथ टैगोर के नाम पर किसी जानवर का नाम रखने के बारे में सोच सकता है?”

कलकत्ता हाई कोर्ट के जज सौगत भट्टाचार्य ने आगे कहा, “इस देश के एक बड़े वर्ग द्वारा सीता की पूजा की जाती है… मैं शेर का नाम अकबर के नाम पर रखने का भी विरोध करता हूँ। वह एक कुशल, सफल और धर्मनिरपेक्ष मुगल सम्राट थे।” हाई कोर्ट ने बंगाल सरकार से कहा कि शेरों का नाम बिजली या फिर ऐसा ही कुछ रखा जा सकता है।

हालाँकि, बंगाल सरकार ने कोर्ट को बताया कि उसने इन शेरों को नाम नहीं दिया है। ये नाम पहले ही दिए गए थे। बंगाल सरकार की ओर से वकील ने यह भी कहा कि शेर और शेरनी के ये नाम साल 2016 और साल 2018 में त्रिपुरा में दिया गया था। इस पर हाई कोर्ट ने बंगाल सरकार के वकील से कहा कि वह इन नामों को बदलने के लिए राज्य सरकार से कहें।

इसके बाद वकील ने कहा कि वह शेर-शेरनी का नाम बदलने के लिए सरकार से कहेंगे। हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि विश्व हिन्दू परिषद की इस याचिका को जनहित याचिका माना जाए और उसके अंतर्गत सूचीबद्ध किया जाए। कोर्ट ने इस दौरान यह भी कहा कि जानवरों का नाम प्रसिद्ध हस्तियों के नाम पर रखना सही नहीं है और इससे विवाद को बढ़ावा मिलेगा।

गौरतलब है कि 16 फरवरी, 2024 को कलकत्ता हाई कोर्ट के समक्ष इस सम्बन्ध में विश्व हिन्दू परिषद याचिका डाली थी। उसने कहा था कि सिलीगुड़ी में लाए गए शेरों के इस जोड़े के नामों से हिन्दू भावनाओं को ठेस पहुँचती है और इसे बदला जाए। उन्होंने कहा था कि यह देवी देवताओं का अपमान है और सीधे तौर पर हिन्दुओं की भावनाओं पर हमला है।

जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन का बदल गया नाम, अब ‘मनकामेश्वर’ से होगी पहचान: योगी सरकार के निर्देश पर UPMRC ने बदले बोर्ड

उत्तर प्रदेश के आगरा में जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन का नाम ‘उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC)’ ने बदल दिया है। अब आगरा के भूमिगत मेट्रो स्टेशन का नाम मनकामेश्वर मेट्रो स्टेशन हो गया है। इसे लेकर स्टेशन के बाहर बोर्ड भी दिखने लगे हैं।

इंडिया टुडे के अनुसार उनसे बात करते हुए, यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने पुष्टि की कि, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुसार, नाम पहले ही बदल दिया गया था। अब नया नाम स्टेशन पर और उसके आसपास सभी साइनेज पर दिखाई देता है।

पुरानी खबरों में बताया गया है कि पहले इस स्टेशन का नाम डॉक्टर भीम राव अंबेडकर के नाम पर रखने की भी चर्चा हुई थी। लेकिन बाद में मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर मनकामेश्वर मेट्रो रखा गया। दरअसल, पिछले पिछले वर्ष में सीएम योगी मेट्रो के निरीक्षण के दौरे पर आए थे। तब जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन का नाम बदलने का जिक्र हुआ था।

सीएम योगी के सामने उस समय कई लोगों ने माँग रखी थी कि मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर मनकामेश्वर मंदिर रखा जाए इसके बाद ही सीएम योगी ने इसपर विचार करके निर्णय लेने को कहा था। बाद में फैसला आया है कि मेट्रो स्टेशन का नाम मनकामेश्वर किया जाए।

आजतक की रिपोर्ट बताती है कि इस फैसले के बाद मनकामेश्वर मंदिर के महंत योगेश पुरी ने कहा इस सरकार में कई जगहों के नाम बदले गए। यहाँ सबसे महत्वपूर्ण मनकामेश्वर मंदिर ही है जिसकी स्थापना द्वापर काल में हुई थी। अकबर-शाहजहाँ तो बाद में आए। ऐसे में सीएम योगी ने मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर मनकामेश्वर किया ये बहुत सराहनीय है।

बता दें कि आगरा में जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन का नाम बदले जाने के बाद ईदगाह स्टेशन का नाम बदलने की बात भी कही जा रही है। इस संबंध में छावनी विधानसभा इलाके के बीजेपी विधायक जीएस धर्मेश ने कहा कि उनकी माँग है कि ईदगाह रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर रावली महादेव रेलवे स्टेशन हो। ईदगाह नाम से उन्हें गुलामी की याद आती है।

‘सोमनाथ को विवादित बनाया, पावागढ़ में धर्म-ध्वजा नहीं लहराई, मोढेरा को वोट बैंक से जोड़ा’: वालीनाथ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद कॉन्ग्रेस पर बरसे PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (22 जनवरी, 2024) को मेहसाणा के वालीनाथ महादेव मंदिर में पूजा अर्चना की, मंदिर का उद्घाटन किया, इसके बाद उन्होंने नवसारी में कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की। अमृत सिद्धि योग में पीएम मोदी ने सोमनाथ के बाद गुजरात के सबसे बड़े शिव धाम में प्राण-प्रतिष्ठा की। उँझा-विसनगर रोड पर स्थित तारभ गाँव में ये 110 फ़ीट ऊँचा मंदिर बना है। पीएम मोदी ने यहाँ 13,000 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया और विशाल जनसभा को ही संबोधित किया।

नवसारी में पीएम मोदी ने कहा कि जब वो गुजरात में थे तो 5F की बात करते थे, जिसका मतलब था – फॉर्म, फॉर्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन, फैशन टू फॉरेन। पीएम मोदी ने समझाया कि किसान कपास उगाएगा, कपास फैक्ट्री में जाएगा, फैक्ट्री में बने धागे से परिधान बनेंगे, यही परिधान विदेशों के लिए निर्यात होंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘पीएम मित्र पार्क’ भी इसी अभियान का हिस्सा है, नवसारी में जिस ‘पीएम मित्र पार्क’ का काम शुरू हुआ है, वो टेक्स्टाइल सेक्टर के लिए देश का पहला ऐसा पार्क है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे कपड़ा उद्योग को बल मिलेगा। कपड़ा निर्यात में भारत की हिस्सेदारी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि सूरत सिल्क सिटी का विस्तार नवसारी तक हो रहा है, इस सेक्टर में दुनिया के सबसे बड़े उत्पादकों और निर्यातकों को भारत टक्कर देने लगा है और इसमें गुजरात की टेक्स्टाइल इंडस्ट्री का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी वहां से शुरू होती है, जहाँ दूसरों से उम्मीद खत्म होती है। बकौल पीएम मोदी, देश के गरीब को पहली बार ये भरोसा हुआ है कि उसे पक्का घर मिलेगा, क्योंकि मोदी की गारंटी है।

उन्होंने आगे कहा कि देश के गरीब को पहली बार ये भरोसा हुआ है कि उसे कभी भूखा नहीं सोना पड़ेगा, उसे दर्द नहीं सहना पड़ेगा – क्योंकि मोदी की गारंटी है। प्रधानमंत्री ने ध्यान दिलाया कि कैसे कॉन्ग्रेस ने लंबे समय तक देश में और गुजरात में सरकार चलाई, लेकिन कभी जनजातीय क्षेत्रों, समंदर के तट पर बस गाँवों की सुध नहीं ली। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा ने गुजरात में उमरग्राम से लेकर अम्बाजी तक, पूरे आदिवासी पट्टे तक मूल सुविधाएँ पहुँचाने के लिए अविरत काम किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “मोदी ने देश के गरीब, किसान, युवा और महिला सभी को सशक्त करने की गारंटी दी है और ये गारंटी सिर्फ योजनाएँ बनाने की नहीं है, बल्कि जो हकदार हैं उन तक योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाने की गारंटी है। 21वीं सदी के भारत में बिजली पैदा करने में हमारे परमाणु बिजली घरों की भूमिका और बढ़ने जा रही है। तापी के काकरापार परमाणु ऊर्जा प्लांट में दो नए रिएक्टर राष्ट्र को समर्पित किए गए हैं और ये दोनों रिएक्टर ‘मेड इन इंडिया’ टेक्नोलॉजी से तैयार किए हैं। ये दिखाता है कि आज भारत कैसे हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहा है।”

प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि सूरत के लोगों के लिए एक और अहम प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो रहा है, 800 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि से बनने वाले तापी रिवर बैराज का आज शिलान्यास हुआ है। उन्होंने बताया कि ये बनने से सूरत में आने वाले कई वर्षों तक वाटर सप्लाई की समस्या का समाधान हो जाएगा। वहीं वालीनाथ मंदिर के उद्घाटन के मौके पर भी पीएम मोदी ने जम कर कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा और उसके हिन्दू विरोधी रवैये को उजागर किया।

पीएम मोदी ने कहा, “ये वही लोग हैं, जिन्होंने सोमनाथ जैसे पावन स्थल को भी विवाद का कारण बनाया। ये वही लोग हैं, जिन्होंने पावागढ़ में धर्मध्वजा फहराने की इच्छा तक नहीं दिखाई। ये वही लोग हैं, जिन्होंने दशकों तक मोढ़ेरा के सूर्य मंदिर को भी वोटबैंक की राजनीति से जोड़कर देखा। ये वही लोग हैं, जिन्होंने भगवान राम के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए, उनके मंदिर निर्माण को लेकर रोड़े अटकाए। और आज जब जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण हो चुका है, जब पूरा देश इससे खुश है तो भी नकारात्मकता को जीने वाले लोग नफरत का रास्ता छोड़ नहीं रहे हैं।”