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इंडी गठबंधन छोड़ NDA में शामिल हुई जयंत चौधरी की RLD, बदल गई पश्चिमी यूपी की राजनीति: बोले – सबसे बात कर के लिया फैसला

राष्ट्रीय लोक दल ने आधिकारिक तौर पर समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन को छोड़ने का ऐलान कर दिया है, साथ ही तुरंत प्रभाव से आरएलडी ने एनडीए का हिस्सा बनना भी स्वीकार कर लिया है। इस बात की घोषणा आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने की। इस बीच, मीडिया ने जब सवाल पूछा कि आरएलडी विधायकों की नाराजगी की खबरें भी सामने आ रही हैं। इस बात के जवाब में उन्होंने कहा कि आरएलडी ने ये फैसला सभी से बातचीत के बाद लिया है।

राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने सोमवार (12 फरवरी 2024) को ऐलान किया कि आरएलडी ने एनडीए के साथ जाने का फैसला लिया है। चौधरी ने कहा कि पार्टी के सभी विधायकों से चर्चा के बाद ये फैसला लिया गया है। हमारे सभी विधायक और कार्यकर्ता हमारे साथ हैं। जयंत चौधरी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर मोदी सरकार ने देश के सभी नागरिकों का, किसानों का सम्मान किया है।

जयंत चौधरी ने कहा कि हम देश के लिए, अपने लोगों के लिए कुछ अच्छा करना चाहते हैं। ऐसे में हमने एनडीए के साथ जाने का फैसला लिया। आरएलडी के मुखिया ने कहा कि इस फैसले को बहुत कम समय में लिया गया है। किसी तरह की पहले से कोई प्लानिंग नहीं थी।

बता दें कि संसद के बजट सत्र के आखिरी दिन चौधरी जयंत सिंह सत्तापक्ष की तरफ जाकर बैठे थे। उन्होंने कहा था कि मोदी सरकार चौधरी चरण सिंह जी की सरकार की तरह काम करती है। आरएलडी सांसद जयंत चौधरी ने कहा, “मैं 10 साल तक विपक्ष में रहा हूँ, कुछ समय के लिए इस सदन के इस तरफ बैठा हूँ, मौजूदा सरकार की कार्यशैली में भी चौधरी चरण सिंह के विचारों की झलक मिलती है। पीएम मोदी गाँव में शौचालयों के मुद्दों को संबोधित करते हैं, जब भारत सरकार महिला सशक्तिकरण को अपना मंच बनाती है और गाँवों में जागरूकता पैदा करती है, तो मुझे इसमें चौधरी चरण सिंह जी का उद्धरण याद आता है।”

आरएलडी सांसद जयंत चौधरी ने कहा, “मेरा मानना ​​है कि पीएम मोदी और भारत सरकार ने चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिया है, इससे दो बड़े काम हुए हैं, एक तो यह कि हम चौधरी चरण सिंह की विरासत को फिर से स्थापित कर रहे हैं…मेरा मानना ​​है कि यह सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, सबसे बड़ा सम्मान है। एक जमीनी सरकार, जो जमीन की आवाज को समझती है और उसे ऊपर उठाना चाहती है, ऐसी सरकार ही धरती पुत्र चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दे सकती है।”

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जब पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के लिए भारत रत्न की घोषणा की थी, तब जयंत चौधरी ने मीडिया से कहा था कि वो अब किसी मुँह से बीजेपी के साथ जाने से मना करेंगे। इसके बाद से ये कयास लगने लगे थे कि वो अब एनडीए का हिस्सा बनने वाले हैं। वहीं, आजतक ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि जयंत चौधरी समाजवादी पार्टी की तरफ से सीट बँटवारे को लेकर खुश नहीं थे। सपा ने उनसे कहा था कि सीट भले ही उनके नाम की होगी, यानी चुनाव चिन्ह रालोद का होगा, लेकिन प्रत्याशी समाजवादी पार्टी के होंगे।

हिंदुओं को ‘कुत्ता’ कहने वाला मुफ्ती सलमान अजहरी फिर गिरफ्तार, 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया

भड़काऊ भाषण देने के आरोप में गुजरात में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे मुफ्ती सलमान अज़हरी को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है। कच्छ की भचाऊ कोर्ट से जमानत मिलने के 24 घंटे के अंदर मोडासा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अजहरी के खिलाफ मोडासा टाउन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। अजहरी को कोर्ट 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है।

कच्छ में जमानत मिलते ही पुलिस ने अज़हरी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया और 10 दिन की रिमांड माँगी। हालाँकि, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड दी। अज़हरी की रिमांड की माँग करते हुए पुलिस ने अदालत के सामने लगभग 10 अलग-अलग मुद्दे पेश किए। पुलिस ने कहा कि वह भड़काऊ भाषण के अलावा मुफ्ती के ट्रस्ट को फंडिंग जैसे मामलों की भी जाँच करेगी। अब 17 फरवरी को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

दरअसल, मुफ्ती सलमान अज़हरी ने 24 दिसंबर 2023 को मोडासा में भड़काऊ भाषण दिया था। इसको लेकर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। अजहरी के खिलाफ अत्याचार की धारा भी जोड़ी गई है। इस मामले में पुलिस खुद अभियोजक है। आरोपितों में मुफ्ती सलमान अजहरी के अलावा सभा का आयोजक इशाक भी शामिल है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की है।

इससे पहले सलमान अजहरी के खिलाफ जूनागढ़ और कच्छ में मामला दर्ज किया गया था। जूनागढ़ कोर्ट से जमानत मिलने के बाद कच्छ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर भचाऊ कोर्ट में पेश किया। भचाऊ की अदालत ने रविवार (11 फरवरी) को अजहरी को सशर्त जमानत दी थी। इसके बाद अब अरावली पुलिस उसे मोडासा टाउन पुलिस स्टेशन ले गई। बाद में पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया।

बता दें कि मुफ्ती सलमान अज़हरी ने 31 जनवरी 2024 को जूनागढ़ में भी एक भड़काऊ भाषण दिया था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें उसने कई आपत्तिजनक बातें कही थीं। उसने हिंदुओं की तुलना कुत्ते से की थी। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जूनागढ़ बी डिवीजन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया।

अपराध दर्ज होने के बाद गुजरात एटीएस सलमान अजहरी को गिरफ्तार करने मुंबई पहुँची थी। इस दौरान अजहरी के समर्थकों के सड़कें जाम करके बवाल कर दिया था। हालाँकि, बाद में घाटकोपर स्थित अजहरी के घर से उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद अजहरी को जूनागढ़ लाया गया था। उसके बाद कोर्ट में पेशी हुई थी। पेशी के दौरान कोर्ट ने अजहरी को 1 दिन की रिमांड भेजा था।

इस मामले में दोबारा पेशी पर कोर्ट ने उसे जमानत दे दी थी। चूँकि अजहरी के खिलाफ कच्छ में भी मामला दर्ज किया गया था, इसलिए बाद में कच्छ पुलिस उसे गिरफ्तार कर ले गई। भचाऊ कोर्ट ने अजहरी की तीन दिन की रिमांड भी मंजूर कर ली। बाद में इसमें भी जमानत दे दी गई। अब मोडासा मामले में मोडासा पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। उधर, गुजरात एटीएस इस बात की जाँच कर रही है कि उसके द्वारा संचालित ट्रस्ट को फंड कहाँ से मिलता है और इसका कोई आतंकी कनेक्शन तो नहीं है।

‘पिता ही नहीं बन सकता, प्रेगनेंट कैसे करूँगा’: महिला पत्रकार ने लगाया रेप का आरोप तो कोर्ट में बोले अभिनेता दर्शन जरीवाला

बॉलीवुड अभिनेता दर्शन जरीवाला पर एक महिला पत्रकार ने कुछ माह पहले का आरोप लगाते हुए था कि उन्होंने उसको प्रेगनेंट करके छोड़ दिया। ये आरोप महिला ने दिसंबर 2023 में लगाया था जिसके बाद अभिनेता का काफी विरोध हुआ और अब खबर है कि उन्होंने सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन की कार्यकारी समिति के सदस्य पद से अपना इस्तीफा दे दिया है। साथ ही उस महिला के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करवाया है।

इस बीच उनकी वकील सवीना बेदी ने दावा किया कि महिला का बच्चा दर्शन जरीवाला का हो ही नहीं सकता क्योंकि उन्हें तो मेडिकल समस्या है जिसके कारण वह पिता नहीं बन सकते। वहीं दर्शन जरीवाला ने भी इस मामले में किसी भी तरह की संलिप्ता से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि वो इस केस में अपने आप को निर्दोष साबित करने के लिए कोर्ट तक जाएँगे। उनकी वकील ने इस मामले में पत्रकार पर झूठा इल्जाम लगाने और मानहानि करने के आरोप में केस दर्ज करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

वकील ने जानकारी दी कि वो पत्रकार जब भी अपने पोस्ट डालती है तो बहुत ही अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करती है। इसके अलावा वो व्हॉट्सएप मैसेज को फेसबुक पर और अपने दोस्तों के साथ-साथ CINTAA सदस्यों को फैला रही है जो कि गलत है। इन मैसेजों में अभिनेता को CINTAA के सहयोगियों के साथ कुछ अभिनेताओं पर भी टिप्पणी करते दिखाया गया है।

हालाँकि जरीवाला का कहना है कि जो मैसेज महिला पत्रकार फैला रही है वो ओरिजनल मैसेज नहीं हैं। उनके अनुसार, उन्होंने कभी ऐसी बात ही नहीं, वो मैसेज नकली हैं। फिर भी वो उन्हें पोस्ट कर रही है। जरीवाला ने कहा कि यही सारी बातें पत्रकार के खिलाफ मानहानि का केस करने का मूल आधार है। केस दायर हो चुका है।

दर्शन की वकील सवीना ने यह भी बताया कि पत्रकार अपने गर्भवती होने का जो दावा कर रही है, उससे दर्शन का कनेक्शन नहीं है। उन्होंने बताया,

“दर्शन का कहना है कि उन्हें स्वास्थ्य समस्या है, इसलिए वह पिता नहीं बन सकते। उनके अपने पार्टनर को भी यह बात माननी मुश्किल हो रही है। उनकी पार्टनर गर्भधारण करना चाहती हैं लेकिन दर्शन की मेडिकल प्रॉब्लम के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा। ये महिला कहती है कि वो अचानक प्रेगनेंट हो गई। आज तक मैंने इसकी कोई रिपोर्ट नहीं देखी सिर्फ कुछ सोनोग्राफी के अलावा। ये मानहानि का मामला निकलकर आएगा। गर्भधारण के हफ्ते और स्कैन तस्वीरें भी मैच नहीं होतीं। मेडिकल रूप में देखें तो सोनोग्राफी फेक है। ये वैसी नहीं है जैसी आनी चाहिए। रिपोर्ट डबल स्क्रीन पर होनी चाहिए, लेकिन उसने इसे सिंगल पर रखा। खैर यही कहना है कि मेडिकल कारणों से वो पिता नहीं बन सकते और बच्चा उनका भी नहीं है।”

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में विवाद बढ़ने के बाद जब CINTAA के महासचिव अमित बहल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वो महिला लगातार कुछ न कुछ दिखाकर CINTAA की छवि खराब कर रही थी। उन्होंने कहा, “हमें हमारी महिला सदस्यों के जरिए कॉल आ रहा था। दर्शन को हटाने की बातें हो रही थीं। लेकिन दर्शन का कहना था कि वो एक बार निर्दोष साबित हो गए तो खुद पद छोड़ देंगे… वो अब भी ट्रस्टी हैं। अगर महिला अब भी CINTAA का नाम उछालती रही तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।”

बता दें कि दो माह पूर्व एक महिला पत्रकार ने दावा किया था कि उसने दर्शन जरीवाला के साथ ‘गंधर्व विवाह’ किया और बाद में प्रेगनेंट हुई। इसके बाद कुछ पोस्ट भी सामने आए जिसके जरिए महिला बताती रही कि उसके जरीवाला के साथ संबंध हैं। उसने आरोप लगाया कि जरीवाला को जब उसके गर्भवती होने का पता चला तो वो उसे अकेले छोड़ गया।

मनीष सिसोदिया को मिली अंतरिम जमानत, भतीजी की शादी में जाएँगे लखनऊ: जेल से बाहर निकलेंगे शराब घोटाले में फँसे पूर्व डिप्टी CM

दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को 3 दिनों के लिए जमानत मिली है। इस दौरान वो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपनी भतीजी की शादी में हिस्सा ले सकेंगे। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें ये राहत दी है। AAP नेता मनीष सिसोदिया शराब घोटाला मामले में फँसे हुए हैं। इसी मामले में उन्हें अंतरिम बेल मिली है। मंगलवार (13 फरवरी, 2024) से लेकर गुरुवार (15 फरवरी, 2024) तक मनीष सिसोदिया जेल से बाहर रहेंगे और भतीजी की शादी का हिस्सा बनेंगे।

मनीष सिसोदिया ने जमानत के लिए अदालत में अर्जी दी थी। स्पेशल जज MK नागपाल इस मामले की सुनवाई कर रहे थे। भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फँसे मनीष सिसोदिया के मामले की जाँच ED और CBI दोनों जाँच एजेंसियाँ कर रही हैं। उन्हें 26 फरवरी, 2023 को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें जेल में रहते 1 साल हो गया था। दिल्ली की शराब नीति 2021-22 में घपला हुआ था। हालाँकि, इस शराब नीति को निरस्त कर दिया गया।

पहले मनीष सिसोदिया को CBI ने गिरफ्तार किया था, उसके बाद उन्हें ED ने भी गिरफ्तार किया था। AAP नेता को तिहाड़ जेल में रखा गया है। वो पटपड़गंज विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। इससे पहले उन्हें और उनकी ही पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को दिसंबर 2023 में बेल नहीं मिली थी, जिसके बाद उनका नया साल जेल में ही गुजरा था। तब कोर्ट ने AAP नेता मनीष सिसोदिया के वकीलों के वकीलों को फटकार लगाते हुए कहा था कि वे जान बूझकर मामले की सुनवाई में देरी करना चाह रहे हैं। 

कुछ महीने पहले ही मनीष सिसोदिया को अदालत ने उनकी पत्नी से मिलने की इजाजत दी थी, जिसके बाद पुलिस उन्हें लेकर उनके घर गई थी। वहीं संजय सिंह को भी कोर्ट में पेश किए जाने का वीडियो सामने आया था। पार्टी दिल्ली और पंजाब में प्रदूषण के खतरनाक स्तर पर पहुँचने और पराली जलाए जाने को कंट्रोल न कर पाने के कारण भी विवादों में है। शराब घोटाले के बाद प्रदूषण के मुद्दे पर उसे अपने ही गठबंधन के साथियों का सहयोग नहीं मिल रहा है।

अल जजीरा का पत्रकार निकला हमास का टॉप कमांडर, जंग में भी होता है शामिल: लैपटॉप से खुले राज, इजरायल बोला- पत्रकारिता की आड़ में आतंक

इजरायल और हमास के बीच चल रही जंग के मध्य इजरायल की डिफेंस फोर्स ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया है कि कैसे पत्रकारिता की आड़ में आतंक का खेल चल रहा है। उन्होंने दावा किया रहै कि अल जजीरा का मोहम्मद वाशाह नाम का पत्रकार हमास का सीनियर कमांडर है।

इजरायल डिफेंस फोर्स ने कहा है कि कुछ हफ्ते पहले गाजा में एक ऑपरेशन के दौरान उन्होंने मोहम्मद वाशाह का लैपटॉप बरामद किया था। इस लैपटॉप की तलाशी के दौरान उन्हें कुछ तस्वीरें मिलीं। ये तस्वीरें बताती है कि वो हमास का कमांडर है और उनकी ओर से जंग में कई बार शामिल हो चुका है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आईडीएफ के प्रवक्ता (अरबी भाषा) लेफ्टिनेंट कर्नल अविचाई अद्रे ने बताया कि वाशाह के खिलाफ लारे सबूत उसके लैपटॉप से ही मिले हैं। उसकी पहचान बताते हुए आईडीएफ प्रवक्ता ने कहा कि वो अल जजीरा के ब्रॉडकॉस्ट में भी नजर आ चुका है। वो अल जजीरा का पत्रकार है।

उन्होंने इस पूरे दावे के साथ ये भी बताया कि कैसे उन्होंने वाशाह का लैपटॉप बरामद किया था। उन्होंने बताया कि कुछ हफ्ते पहले उत्तरी गाजा में हमास के एक कैंप में उनकी फोर्स ने ऑपरेशन को अंजाम दिया था। यहीं से उन्हें वाशाह का लैपटॉप मिली। छानबीन हुई तो जानकारी मिली कि हमास की टैंक रोधी मिसाइल यूनिट में वाशाह टॉप कमांडर था।

उन्होंने ये भी बताया कि 2022 के अंत में ही वाशाह ने हमास की एयर यूनिट के लिए रिसर्च एंड डेवलपमेंट का काम शुरू किया था। पड़ताल में पता चला कि उसके हमास के साथ सीधे लिंक मिले हैं। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि पत्रकारिता की आड़ में और भी आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा हो।

IDF ने इस खुलासे के बाद अल जजीरा के लिए लिखा- “अरे अल जजीरा हमें लगता है कि आपके पत्रकारों को सारे हालातों पर निष्पक्ष रिपोर्टिंग देनी चाहिए, न कि उन्हें हमास की तरह आगे खड़े होकर जंग लड़ना चाहिए।”

उल्लेखनीय है कि ये पहली बार नहीं है कि इजरायल ने किसी पत्रकार का कनेक्शन हमास या फिलीस्तीन के आतंकी संगठन से जोड़कर बताया हो। इससे पहले भी अल जजीरा के 2 पत्रकार, जो इजरायली एयरस्ट्राइक में मारे गए थे, उन्हें लेकर इजरायल की डिफेंस फोर्स ने दावा किया था कि उनका कनेक्शन हमास और फिलीस्तीन इस्लामिक जिहाद जैसे आतंकी संगठन से था।

हल्द्वानी में जिस जगह पर था मस्जिद-मदरसा, अब वहाँ 24 घंटे रहेगी पुलिस: सीएम धामी ने किया पुलिस थाना बनाने का ऐलान

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऐलान किया है कि हल्द्वानी के बनभूलपुर थाना इलाके की जिस अवैध मस्जिद-मदरसे को गिराने के बाद हिंसा फैली थी, वहाँ अब हमेशा के लिए पुलिस की तैनाती रहेगी। मुख्यमंत्री धामी ने ऐलान किया है कि मस्जिद-मदरसे की जो जगह समतल की गई है, उस जगह पर अब पुलिस थाना बनाया जाएगा। ऐसे में उस जगह पर फिर से अवैध कब्जा करने का कोई मौका नहीं मिलेगा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “बनभूलपुरा, हल्द्वानी में जिस जगह से अवैध अतिक्रमण हटाया गया, वहाँ पर अब पुलिस थाने का निर्माण किया जाएगा। उपद्रवियों और दंगाइयों के लिए हमारी सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि देवभूमि की शांति से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा, ऐसे उपद्रियों के लिए उत्तराखण्ड में कोई स्थान नहीं है।”

बता दें कि हल्द्वानी में 8 फरवरी 2024 को एक अवैध मस्जिद हटाने की प्रक्रिया के दौरान इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने पुलिस पर हमला किया था। पहले इस भीड़ ने पुलिस पर छतों से पत्थर फेंके थे, उसके बाद यह लोग पेट्रोल बम आदि लेकर सड़कों पर उतर आए थे। दंगाई भीड़ के पास असलहे भी थे। इन्होंने पुलिसकर्मियों को मारने और जलाने की कोशिश की थी।

इसके अलावा थाने पर हमला करके उसे भी लूटा था। दंगाई भीड़ पर काबू पाने के बाद पुलिस ने इन पर कार्रवाई शुरू की तो अब तक इस मामले में 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। पूरे प्रकरण में 3 एफआईआर दर्ज हुई हैं। सीसीटीवी आदि के माध्यम से बाकी आरोपितों को पकड़ने का प्रयास भी हो रहा है।

बंगाल के संदेशखली में TMC नेता शाहजहाँ के खौफ से दहशत में महिलाएँ, पतियों की हत्या का डर: मिलने जा रहे थे राज्यपाल तो भीड़ ने रोका

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के शासन वाली पश्चिम बंगाल से एक से बढ़कर एक खौफनाक कहानियाँ सामने आ रही हैं। संदेशखली में महिलाओं को जबरन उठा ले जाने और तब तक बलात्कार करने ‘जब तक की मन भर जाता’ वाली घटना किसी अफगानिस्तान या सीरिया में नहीं, बल्कि इसी बंगाल में हो रही है। इस तरह का आरोप लगाने वाली कई महिलाओं के वीडियो सामने आए हैं।

संदेशखली की महिलाओं ने आरोप है कि टीएमसी का नेता और स्थानीय गुंडा शाहजहाँ शेख और उसके गुर्गे महिलाओं को जबरन अपने साथ उठा ले जाते हैं। इसके लिए उसके गुर्गे आते हैं रेकी करते हैं। जो महिला या लड़की, भले ही नाबालिग ही क्यों ना हो, उन्हें सुंदर दिखती है, उसे उठा ले जाते हैं। शाहजहाँ एक क्रिमिनल पर जिसकी खोज केंद्रीय एजेंसियों को भी है। इसको लेकर संदेशखली में तनाव है।

तनाव को देखते पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस सोमवार (13 फरवरी 2024) को संदेशखली के लिए निकले, लेकिन टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को बीच में ही रोक दिया। वहीं, बंगाल पुलिस ने मीडिया कर्मियों को भी संदेशखली जाने से रोक दिया है। संदेशखली की घटना को लेकर भाजपा के नेता भी घटनास्थल पर जाने की तैयारी में है। वहीं, वामपंथी पार्टियों ने बंद का अह्वान किया है।

संदेशखली में महिलाओं को TMC के नेताओं द्वारा उठा कर जाने के संबंध में वायरल वीडियो में महिला कह रही है, “पार्टी (तृणमूल) के लोग आते थे और एक घर का सर्वेक्षण करते थे, जिसमें एक सुंदर पत्नी होती है, जिसकी लड़की जवान होती है। फिर वे महिलाओं को पार्टी कार्यालय में ले जाते हैं… रात-रात भर उन्हें वहीं रखा जाता… जब तक वे नहीं हो जाते।” इसका मुख्य अपराधी स्थानीय जिला परिषद सदस्य शाहजहाँ शेख को बताया है।

दरअसल, संदेशखली पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित है। यह सुंदरबन क्षेत्र में एक द्वीप है, जो बांग्लादेश सीमा के करीब है। संदेखली में केवल नाव द्वारा ही पहुँचा जा सकता है। वहाँ की महिलाओं का कहना है कि अगर वे शाहजहाँ शेख के गुर्गों द्वारा उठा ले जाने का विरोध करती हैं तो उनके पति या बेटे या अन्य परिजनों को मार दिया जाता है। इसलिए विवश होकर उन्हें जाना पड़ता है।

इसको लेकर स्थानीय महिलाओं ने लाठी और डंडे लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया था। इस तनाव को देखते हुए राज्य सरकार ने वहाँ धारा 144 लागू कर दी है। इस तरह महिलाओं के प्रदर्शन को भी राज्य सरकार द्वारा कुचलने की कोशिश की गई है। चार से अधिक लोगों को एक साथ जमा होने पर रोक लगा दी गई है। मीडिया को भी वहाँ जाने की इजाजत नहीं है।

एक महिला ने एक वीडियो में कहा, “यहाँ कोई पति हो सकता है, लेकिन उसका पत्नी पर अधिकार नहीं है। उसे अपनी पत्नी को भेजना ही होगा।” कनिका दास नाम की एक महिला ने कहा, “वे हमारे साथ दुर्व्यवहार करते हैं। यहाँ की महिलाएँ सुरक्षित नहीं रह सकतीं। हम महिलाएँ बाहर जाने से डरती हैं। हम सुरक्षा चाहते हैं।”

आजतक बांग्ला को संदेशखली की स्थानीय महिला कनिका दास ने आगे बताया, “मेरे पति एक बैंक सीएसपी (गाँवों में माइक्रोपेमेंट कियोस्क) चलाते हैं। उन्होंने इशारा किया था कि नेताओं की नजर उकने सारे पैसों पर है। वे मुझसे कहते हैं कि वे लंबे समय तक जीवित नहीं रह पाएँगे।” बता दें कि जब शाहजहाँ शेख के घर पर रेड के लिए 5 जनवरी को ED की टीम पहुँची थी, तब उस पर हमला किया गया था। इसमें चार अधिकारी घायल हो गए थे।

इन सब घटनाओं के सामने आने के बाद राज्य महिला आयोग की प्रमुख लीना गंगोपाध्याय संदेशखली पहुँची हैं, लेकिन मीडिया को वहाँ पहुँचने नहीं दिया जा रहा है। वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा कि शाहजहाँ द्वारा हिंदू महिलाओं को बंधक बनाकर रेप करने की घटनाएँ परेशान करने वाली हैं। आयोग ने बंगाल के डीजीपी को इसको लेकर एक पत्र लिखा है और विस्तृत जाँच की रिपोर्ट 24 घंटे में माँगा है।

मुस्लिम मुल्क में पहले हिंदू मंदिर का उद्घाटन कर कतर जाएँगे PM मोदी, पूर्व नौसैनिकों की रिहाई के बाद MEA ने दी जानकारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 फरवरी 2024 को कतर जाएँगे। उनकी यात्रा को लेकर यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है, जब कतर ने फाँसी की सजा पाए पूर्व भारतीय नौसैनिकों को रिहा कर दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार अबू धाबी से पीएम कतर रवाना होंगे। पीएम का संयुक्त अरब अमीरात दौरा 13 फरवरी से शुरू हो रहा है। वे इस इस्लामी मुल्क में पहले हिंदू मंदिर का उद्घाटन करेंगे।

भारत के विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने सोमवार (12 फरवरी 2024) को मीडिया से बात करते हुए कहा कि 14 फरवरी की दोपहर अपनी यूएई यात्रा पूरी कर प्रधानमंत्री कतर के दोहा के लिए रवाना हो जाएँगे। इस दौरान वे कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। क्वात्रा ने बताया कि यह पीएम मोदी की दूसरी कतर यात्रा होगी। इससे पहले वे जून 2016 में कतर की यात्रा पर गए थे। विदेश सचिव ने पीएम मोदी की इस यात्रा के बाद भारत और कतर के बीच विभिन्न स्तरों पर हुई बातचीत, द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती और दोनों देशों के बीच बढ़ते कारोबारी संबंधों का भी जिक्र किया।

कतर के लिए रवाना होने से पहले PM मोदी अबू धाबी में 14 फरवरी को स्वामीनारायण मंदिर का उद्घाटन करेंगे। अपने दो दिवसीय दौरे पर वे UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे। बता दें कि पिछले 8 महीने में पीएम मोदी की UAE की यह तीसरी यात्रा है। स्वामीनारायण मंदिर के उद्घाटन के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी 2024 को ‘अहलान मोदी’ कार्यक्रम में भारतीय प्रवासियों को भी संबोधित करेंगे।

गौरतलब है कि कतर में 8 भारतीयों को मौत की सजा के मामले में भारत सरकार को बड़ी राजनयिक जीत मिली है। फाँसी की सजा पाने वाले नौसेना के सभी 8 पूर्व अधिकारियों को रिहा कर दिया गया है। इनमें से 7 भारत वापस आ चुके हैं। कुछ समय पहले ही इनकी फाँसी की सजा पर कतर की अदालत ने रोक लगाई थी। अब कतर के अमीर के हस्तक्षेप के बाद सभी 8 लोगों को जेल से आजादी मिल गई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कतर के अमीर के इस फैसले पर खुशी जताई है।

अयोध्या जा रही ‘आस्था स्पेशल’ ट्रेन पर पथराव, रामलला के दर्शन करने जा रहे थे श्रद्धालु: ऑपइंडिया से पीड़ित रामभक्तों ने बताई आपबीती

गुजरात के सूरत से अयोध्या जा रही विशेष ‘आस्था एक्सप्रेस’ ट्रेन पर पत्थरबाजी की गई। इस घटना में ट्रेन के कई शीशे टूट गए और यात्रियों में दहशत भर गई। ये वारदात नंदुरबार स्टेशन पर पथराव की घटना हुई। इस घटना से ट्रेन में सवार यात्रियों में दहशत का माहौल पैदा हो गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार (11 फरवरी 2024) की रात करीब 8 बजे विशेष आस्था स्पेशल ट्रेन सूरत से रवाना हुई थी। इस ट्रेन में 1344 यात्री सवार थे। ये ट्रेन नंदुरबार स्टेशन पहुँची ही थी, कि इस पर पत्थर बरसने लगे। इस घटना से यात्रियों में दहशत फैल गई। कई पत्थर ट्रेन के अंदर आकर गिरे। हालाँकि गनीमत ये रही कि कोई यात्री घायल नहीं हुआ। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुँची जीआरपी और आरपीएफ ने शुरुआती जाँच के बाद ट्रेन को रवाना किया। वहीं इस मामले की जाँच में पुलिस भी जुट गई है।

ऑपइंडिया की गुजराती भाषा सेवा ने घटना की जानकारी लेने के लिए विश्व हिंदू परिषद के सूरत मंडल मंत्री और ट्रेन यात्रा प्रभारी नीलेश अकबरी से बात की। उन्होंने हमें बताया, “ट्रेन सूरत से अयोध्या के लिए रवाना हुई और करीब साढ़े नौ बजे नंदुरबार स्टेशन पहुँची। नंदुरबार से आधा किलोमीटर पहले तीन डिब्बों एस7, एस11 और एस12 पर पथराव किया गया। जिसमें से S7 पर फेंका गया पत्थर कोच में गिरा।”

नीलेश अकबरी ने आगे कहा, ”जैसे ही ट्रेन नंदुरबार पहुँचकर रुकी, हमने आरपीएफ को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और उस जगह की जाँच की, जहाँ पत्थर आया था। ट्रेन को कुछ देर के लिए वहाँ रुकना पड़ा और बाद में रवाना किया गया। इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ। ऐसा लगता है कि अंधेरे का फायदा उठाकर पत्थरबाजी की गई थी।”

जिस ट्रेन पर पथराव हुआ, उसमें कितने यात्री हैं और कौन-कौन अयोध्या में यात्रा कर रहे हैं, इसके जवाब में अकबरी ने कहा, ‘फिलहाल इस ट्रेन में कुल 1344 राम भक्त यात्रा कर रहे हैं। ये सभी लोग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल समेत कई हिंदू संगठनों से जुड़े हैं। फिलहाल यात्रा शांतिपूर्वक चल रही है। हम आज (12 फरवरी 2024) को करीब रात 9 बजे अयोध्या पहुँचेंगे।”

बता दें कि सूरत से अयोध्या जा रही विशेष ‘आस्था एक्सप्रेस’ ट्रेन को राम भक्तों के लिए चलाई गई है। ऐसी कई स्पेशल ट्रेनों को देश के अलग-अलग हिस्सों से चलाया जा रहा है, जो अयोध्या जाएगी और लोगों को भगवान राम के दर्शन के बाद वापस भी लाएगी। चूँकि 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अयोध्या जाने वाले लोगों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है, ऐसे में भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए आस्था स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। ये ट्रेन 22 जनवरी से शुरू हुई थी और अगले कुछ महीनों तक चलने वाली है।

गुजरात से 6 फरवरी 2024 को पहली आस्था स्पेशल को हरी झंडी दिखाई गई थी। गुजरात के मेहसाणा में गुजरात के वन एवं पर्यावरण मंत्री मुकेश पटेल, स्थानीय विधायक और अन्य बीजेपी नेताओं ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी।

129 विधायकों के समर्थन के साथ नीतीश सरकार ने जीता विश्वासमत, विपक्ष का विधानसभा से वॉकआउट: बोले बिहार CM – हम पुरानी जगह वापस आ गए हैं

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विश्वासमत हासिल कर लिया है। उन्होंने राजद का दामन छोड़ कर हाल ही में भाजपा का हाथ थामा था, जिसके बाद उन्हें 9वीं बार राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेनी पड़ी थी। इसके बाद नई गठबंधन सरकार को विश्वासमत हासिल करना था। राजद के विधायकों चेतन आनंद और नीलम देवी ने जदयू-भाजपा गठबंधन को वोट दिया। सत्ताधारी गठबंधन में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम माँझी की HAM भी शामिल है।

129 विधायकों ने जहाँ नीतीश कुमार के पक्ष में मतदान किया, वहीं विपक्षी दलों ने सदन के वॉकआउट का रास्ता चुना। इस तरह अब नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। उससे पहले मुख्यमंत्री ने सदन में संबोधन देते हुए कहा कि को 2015 में ‘7 निश्चय’ लेकर आए थे, जो पूरा का पूरा उनका आईडिया ही था। उन्होंने कहा कि जब वो सत्ता में आए तब उन्होंने हिन्दू-मुस्लिम का झगड़ा बंद कराया। उन्होंने 2005 से पहले के इतिहास का बात करते हुए कहा कि उस समय के मामलों में भी कार्रवाई उनके सत्ता में आने के बाद ही शुरू हुई।

नीतीश कुमार ने कहा कि हम बिहार के विकास के लिए, लोगों के हित में काम करते रहेंगे। उन्होंने तेजस्वी यादव के आवास में राजद विधायकों को रखे जाने के संबंध में कहा कि पैसा कहाँ से आया, इसकी जाँच करवाई जाएगी। नीतीश कुमार ने कहा कि अब वो अपनी पुरानी जगह वापस आ गए हैं। फ्लोर टेस्ट से पहले स्पीकर अवध बिहारी चौधरी को हटाने के लिए मतदान हुआ। उप-मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने भी जिक्र किया कि कैसे लालू परिवार ने जमीन लेकर नौकरियाँ दी।

नीतीश कुमार ने राजद के एक अन्य विधायक प्रह्लाद यादव को भी तोड़ दिया। वो भी आनंद मोहन के बेटे चेतन और अनंत सिंह की पत्नी नीलम के साथ सत्ताधारी पक्ष वाली बेंच पर बैठे नज़र आए। जहाँ चेतन आनंद राजपूत समाज से आते हैं, अनंत सिंह भूमिहार बिरादरी और प्रह्लाद यादव बिहार के बहुसंख्यक OBC यादव समाज से आते हैं जो राजद समीकरण का वोट बैंक रहा है। चेतन आनंद ने फेसबुक पर लिखा भी, ‘ठाकुर के कुएँ में पानी बहुत है, सबको पिलाना है।” बता दें कि राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने संसद में ‘ठाकुर का कुआँ’ कविता पढ़ कर विवाद पैदा कर दिया था।