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‘अपराध नफरत से प्रेरित, हिंदुओं को नुकसान पहुँचाना उद्देश्य’: साल 2020 के दिल्ली दंगों में नूरा और नबी मोहम्मद को सजा, लूटपाट और आगजनी में शामिल

साल 2020 के हिंदू विरोधी दंगों में दिल्ली की अदालत ने 31 जनवरी 2024 को नूर मोहम्मद उर्फ नूरा और नबी मोहम्मद नाम के दो आरोपितों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। दोनों को सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि जो अपराध किए गए थे, वे नफरत और लालच से प्रेरित थे। कोर्ट ने नूरा को चार साल की जेल (विभिन्न अपराधों के लिए एक साथ चलने वाली सजा) की सजा सुनाई, जबकि नबी मोहम्मद को इस मामले में पहले ही काट चुके सजा को पर्याप्त माना।

कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने नूरा को सजा सुनाते हुए कहा, “दंगों की कार्रवाई नफरत से प्रेरित थी, जबकि डकैती और नकद राशि की लूट लालच से प्रेरित थी।” नूरा और नबी मोहम्मद को खजूरी खास पुलिस स्टेशन में दर्ज 2020 में किए गए एफआईआर में पिछले महीने दोषी ठहराया था। नूरा को एक दंगाई भीड़ का सदस्य होने के लिए दोषी ठहराया गया था, जिसने विभिन्न दुकानों में तोड़फोड़ की और आग लगा दी थी। उसने कुछ व्यक्तियों को लूट लिया था और धारा-144 का भी उल्लंघन किया था। नबी मोहम्मद को डकैती का भी दोषी ठहराया गया था।

कोर्ट ने दोषी नूर मोहम्मद उर्फ ​​नूरा को IPC की धारा 148/427/435/436 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए दोषी ठहराया है। दोषी नूर मोहम्मद उर्फ ​​नूरा को आईपीसी की धारा 392 और 188 के तहत दंडनीय अपराधों के लिए भी दोषी ठहराया गया है। वहीं, दोषी नबी मोहम्मद को आईपीसी की धारा 411 के तहत दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है।

ऑपइंडिया के पास मौजूद कोर्ट के फैसले की कॉपी के मुताबिक, “नूर मोहम्मद ने 24 फरवरी 2020 को दोपहर 2:30 बजे से 3:00 बजे के बीच चाँद बाग पुलिया के पास एक मीटिंग की। इसका उद्देश्य हिंदू समुदाय के लोगों को नुकसान पहुँचाना था।” कोर्ट ने कहा, “इस मीटिंग का उद्देश्य क्षेत्र की संपत्ति, वाहनों और व्यक्तियों के साथ-साथ हिंदू समुदाय से संबंधित व्यक्तियों को अधिकतम नुकसान पहुँचाना, उनकी दुकानों, घरों और संपत्तियों में आपराधिक अतिक्रमण, बर्बरता, चोरी और आगजनी करना था।”

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, “नूर मोहम्मद ने दंगा किया और दिलीप की ऑटो मोबाइल दुकान में तोड़फोड़ की और फिर आग लगा दी। उसका और शिव कुमार का मोबाइल फोन लूट लिया। साथ ही उपरोक्त दुकान में पड़े सामान को भी नुकसान पहुँचाया। अशोक फोम एंड फर्नीचर नाम के दुकान में तोड़फोड़ और आगजनी करते हुए रामदत्त पांडे, मनोज नेगी, सोनू शर्मा, पप्पू और अशोक कुमार की मोटरसाइकिलों में आग लगा दी। दोषी नूरा समेत यह भीड़ दिल्ली पुलिस द्वारा पारित निषेधाज्ञा (धारा 144) का उल्लंघन करते हुए एकत्र हुई थी।”

दिलचस्प बात यह है कि नूर मोहम्मद को 4 साल की सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि उसकी पृष्ठभूमि से पता चलता है कि वह धार्मिक उन्माद में बह जाने वाला था। लोकमान शाह बनाम स्टेट ऑफ डब्ल्यूबी, (2001) 5 एससीसी 235 के मामले की एक टिप्पणी का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि उन्होंने पाया कि नूरा मोहम्मद भी उसी श्रेणी में आता है। फैसले के जिस हिस्से का हवाला दिया गया है, उसमें कहा गया है कि सांप्रदायिक दंगे में, जो लोग शिकार की तलाश में सड़कों पर निकलते हैं, वे लोगों को नहीं जानते। वे बस धार्मिक उन्माद से ग्रस्त हो जाते हैं। ऐसा करने वाले लोग अधिकतर अशिक्षित होते हैं और पढ़े-लिखे नेताओं के भड़काऊँ भाषणों से प्रभावित हो जाते हैं।

इस आधार पर नूरा मोहम्मद को अदालत ने 4 वर्ष के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई। यह सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा, “यहाँ ऊपर की गई चर्चा को ध्यान में रखते हुए, मैंने पाया कि इस मामले में किया गया अपराध कोई हल्का अपराध नहीं है, लेकिन शिक्षा की कमी, भीड़ की भावनाओं का प्रभाव, अशांत जीवन और दिया गया अपराध है तथा दोषी नूरा की पारिवारिक पृष्ठभूमि को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।”

नबी मोहम्मद को पहले ही जेल में बिताई गई सज़ा सुनाई गई थी। नबी को चोरी का मोबाइल रखने का दोषी ठहराया गया था। अदालत ने कहा, “जहाँ तक ​​दोषी नबी मोहम्मद का सवाल है, मुझे लगता है कि इस मामले में मुकदमे का सामना करने और दोषी ठहराए जाने के बाद जेल में समय बिताने से उसे पर्याप्त सबक मिल गया होगा।”

इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर आईं PFI के 15 आतंकियों को मौत की सजा सुनाने वाली जज श्रीदेवी, बढ़ाई गई सुरक्षा: धमकी देने वाले असलम-नजीर सहित 6 पर FIR

भाजपा नेता रंजीत श्रीनिवास की क्रूर हत्या के मामले में प्रतिबंधित इस्लामी आतंकी संगठन PFI और उसके राजनीतिक संगठन SDPI के आतंकियों को मौत की सजा सुनाने वाली महिला जज अब इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गई हैं। उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से धमकियाँ दी रही हैं। इसको देखते हुए उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। साथ ही दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।

केरल के अलप्पुझा में तैनात जज वीजी श्रीदेवी ने भाजपा नेता और प्रदेश ओबीसी मोर्चा के सचिव रंजीत श्रीनिवास की वर्ष 2021 में हुई हत्या के मामले में फैसला सुनाया था। इस साल 30 जनवरी को सुनाए गए फैसले में उन्होंने 15 इस्लामी आतंकियों को मौत की सजा सुनाई थी। यह सभी दोषी प्रतिबंधित इस्लामी संगठन PFI और SDPI से जुड़े हैं।

इस फैसले के बाद से ही केरल के इस्लामी कट्टरपंथी उन्हें धमकियाँ दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ PFI से जुड़े इस्लामी कट्टरपंथी घृणा अभियान चला रहे हैं। उनकी फोटो को सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। इन धमकियों के कारण केरल पुलिस ने उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है। वीजी श्रीदेवी केरल के अलप्पुझा के मवेलिक्कारा कोर्ट में जज हैं।

जानकारी के मुताबिक, जज श्रीदेवी को धमकाने के मामले में केरल पुलिस ने कम-से-कम 6 मामले दर्ज किए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपितों के खिलाफ हिंसा के उकसाने के लिए मामला दर्ज किया गया है। जज श्रीदेवी को धमकाने के आरोप में जिनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ है, उनके नाम बीवी केयू, असलम वालाप्पुपचा, नजीर मोन खलील, आजाद अमीर, रफ़ी तिरुवनंतपुरम और शफीक हैं।

इस मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को हिरासत में लिया है। इन आरोपितों को पुलिस ने तिरुवनंतपुरम और अल्लपुझा से पकड़ा है। इससे पहले 30 जनवरी को जज श्रीदेवी की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया था। बता दें कि भाजपा नेता रंजीत की हत्या के मामले में आरोपपत्र का दूसरा सेट दाखिल किए जाने की उम्मीद है। इसमें PFI के उन 15 कैडरों के नाम हैं, जिन्होंने हत्या के लिए उकसाने और सबूत नष्ट करने में मदद की थी।

दरअसल, रंजीत श्रीनिवास को उनके घर में घुसकर 19 दिसम्बर 2021 को उनके परिजनों के सामने हत्या कर दी गई थी। इस मामले में केरल के अलप्पुझा जिले की मवेलिकारा कोर्ट ने नईम, मोहम्मद असलम, अनूप, अजमल, अब्दुल कलाम उर्फ़ सलाम, अब्दुल कलाम, सफरुद्दीन, मनषद, जसीब राजा, नवास, समीर, नज़ीर, जाकिर हुसैन, शाजी और शेरनस अशरफ को हत्या का दोषी पाया था।

ये सभी दोषी अलप्पुझा के निवासी हैं और प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन PFI और इसकी राजनीतिक शाखा SDPI से जुड़े हुए हैं। इन दोषियों में शुरुआती 8 को रंजीत की हत्या में सीधे तौर पर दोषी माना गया है। इन पर कोर्ट ने धारा 302 समेत चार और धाराएँ लगाई हैं। जब 8 आरोपित रंजीत हत्या कर रहे थे, तब दोषी नम्बर 9 से 12 उनके घर के बाहर खतरनाक हथियारों के साथ पहरा दे रहे थे।

इसके अलावा कोर्ट ने दोषी नंबर 13, 14 और 15 दोषी को इस हत्या की साजिश रचने के मामले में दोषी करार दिया था। कोर्ट के सामने इस मामले में पुलिस ने आरोपित अनूप के फ़ोन से बरामद एक हिटलिस्ट रखी थी। इस केस में यह बहुत बड़ा सबूत बना। इस हिटलिस्ट में रंजीत श्रीनिवास समेत 150 से अधिक लोगों के नाम थे। इनमें भाजपा और हिंदू संगठनों के कई नेताओं के नाम भी शामिल थे।

मध्य प्रदेश के पीपलेश्वर महादेव मंदिर में तोड़फोड़: शिवलिंग और नंदी को उखाड़कर सड़क पर फेंका, लोगों ने शाहरुख, रिहान, अनवर सहित 7 के खिलाफ दर्ज कराई FIR

मध्य प्रदेश के गुना जिले में स्थित पीपलेश्वर महादेव मंदिर में तोड़फोड़ की वारदात हुई है। इस घटना में अज्ञात लोगों ने मंदिर के दरवाजे को तोड़ दिया और फिर अंदर घुसकर शिवलिंग को उखाड़कर सड़क पर फेंक दिया। इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश है और उन्होंने पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके घरों को गिराए जाने की माँग की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वारदात बमोरी कस्बे में हुई है। यहाँ अज्ञात बदमाशों ने मुक्तिधाम के समीप स्थित प्राचीन पीपलेश्वर महादेव मंदिर में तोड़फोड़ की और शिवलिंग को खंडित कर दिया। ये वारदात बुधवार (31 जनवरी 2024) की रात हुई। बदमाशों ने शिवलिंग के साथ-साथ नंदी की मूर्ति को भी उखाड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे कस्बे में तनाव फैल गया है।

बमोरी के सौरभ किरार ने पुलिस में रिपोर्ट कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि नई टंकी के सामने शिव मंदिर बना है। सुबह 5 बजे वह मंदिर के पास से गुजर रहे थे तो देखा कि शिवजी की पिंडी और नंदी भगवान की मूर्ति टूटी पड़ी थी। सौरभ ने कहा कि उन्हें शक है कि शाहरुख, रिहान, वफाती, अनवर, जीशान, बिट्टू, रहीश ने मंदिर की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किया है। ये लोग गाँव में रात के 1 बजे तक घूमते रहते हैं।

बता दें कि बमोरी कस्बा गुना जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्थानीय लोगों ने ही इस वारदात की जानकारी पुलिस को दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी साल 2013 में इस मंदिर में तोड़फोड़ हो चुकी है। इसके बाद ग्रामीणों ने मंदिर का फिर से जीर्णोद्धार करके भगवान के विग्रह की पुन: प्राण प्रतिष्ठा कराई थी।

ग्रामीण सभी आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। हंगामे को देखते हुए भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। इस मामले में पुलिस ने संदेह के आधार पर धर्म विशेष के सात लोगों के विरुद्ध धारा 295 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने शक के आधार पर 4 लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही इलाके की सीसीटीवी फुटेज की भी जाँच की जा रही है।

बमोरी पुलिस थाने के इन्चार्ज अरविंद गौड़ ने बताया कि 5-6 लोगों ने मंदिर को अपवित्र करने का काम किया है। जिला प्रशासन का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आक्रोशित लोग आरोपितों का पता लगाकर उनके घर गिराने की माँग की है।

बजट 2024: बुनियादी ढाँचे पर अब तक का सबसे बड़ा निवेश, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने रखा हर तबके का ध्यान, चुनावी वादों से बाहर निकला देश

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने छठी बार संसद में बजट पेश किया। ये मोदी सरकार 2.0 का आखिरी बजट है। चूँकि ये सिर्फ 4 माह के लिए है, ऐसे में इसे अंतरिम बजट कहा जाएगा। इस बजट में सरकार ने सभी तबकों का ध्यान रखा है। खास बात ये है कि इस बजट पर चुनावी छाप और बड़े-बड़े वादों की जगह ठोस कामों को जगह मिली है, जो मोदी सरकार के लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के आत्मविश्वास को दर्शाता है।

संसद के संयुक्त सत्र में निर्मला सीतारमण ने ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्‍वास’ के मंत्र और ‘सबका प्रयास’ के संपूर्ण राष्‍ट्र के दृष्टिकोण के साथ अंतरिम बजट 2024-25 पेश किया। इस बजट में चार प्रमुख वर्गों यानी गरीब, महिलाएँ, युवा एवं अन्‍नदाता (किसान) को ऊपर उठाने पर फोकस रहा।

गरीब कल्‍याण, देश का कल्‍याण

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले 10 वर्षों के दौरान सरकार ने 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर आने में मदद की है, जो अभूतपूर्व है। उन्होंने बताया कि पीएम-जनधन खातों के उपयोग से बैंक खातों में 34 लाख करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए, इससे सरकार को 2.7 लाख करोड़ रुपए की बचत हुई। मोदी सरकार ने पीएम-स्‍वनिधि के तहत 78 लाख फेरी वालों को लोन उपलब्ध कराया। इसमें से 2.3 लाख फेरी वालों को तीसरी बार लोन दिया गया।

बजट में ‘अन्‍नदाता’ का कल्‍याण

मोदी सरकार 2.0 के आखिरी बजट में भी अन्नदाता के कल्याण की भावना दिखी। वित्तमंत्री ने बताया कि पीएम-किसान सम्‍मान योजना के तहत 11.8 करोड़ किसानों को वित्‍तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इस दौरान पीएम-फसल बीमा योजना के तहत चार करोड़ किसानों को फसल बीमा उपलब्‍ध कराई गई। इलेक्‍ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्‍चर मार्केट (ई-नाम) के तहत 1,361 मंडियों को एकीकृत किया गया है। इससे 3 लाख करोड़ रुपए की खरीद-फरोख्‍त के साथ 1.8 करोड़ किसानों को फायदा मिला।

प्रधानमंत्री किसान सम्‍पदा योजना से 38 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं और रोजगार के 10 लाख अवसरों का सृजन हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्‍म खाद्य प्रसंस्‍करण उद्यम के औपचारिकीकरण योजना से 2.4 लाख स्‍व-सहायता समूहों (एसएचजी) और 60,000 लोगों को लोन सुविधा प्राप्‍त करने में मदद मिली है।

वित्तमंत्री ने कहा कि अनेक दूसरे कार्यक्रमों के अलावा इन उपायों से ‘अन्नदाता’ को देश और पूरी दुनिया के लिए अन्न पैदा करने में सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि 80 करोड़ लोगों के लिए नि:शुल्क राशन के माध्यम से भोजन से जुड़ी चिंताओं को समाप्त कर दिया गया है।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरसों, मूंगफली, तिल, सोयाबीन और सूरजमुखी जैसे तिलहनों के संबंध में ‘आत्मनिर्भरता’ प्राप्त करने के लिए कार्यनीति तैयार की जाएगी। वित्तमंत्री ने कहा कि इसमें अधिक उपज देने वाली किस्मों के लिए अनुसंधान, आधुनिक कृषि तकनीकों को व्यापक पैमाने पर अपनाने, बाजार संपर्कों, खरीद, मूल्य-वर्धन और फसल बीमा को शामिल किया जाएगा।

नारी शक्ति पर जोर

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार का जोर नारी शक्ति के सशक्तिकरण पर है। वित्तमंत्री ने बताया कि 30 करोड़ मुद्रा योजना लोन महिला उद्यमियों को दिए गए। उन्होंने बताया कि उच्‍च शिक्षा में महिलाओं का नामांकन 28 प्रतिशत तक बढ़ गया है। वहीं, स्‍टेम पाठ्यक्रमों में छात्राओं एवं महिलाओं का 43 प्रतिशत नामांकन है, जो दुनिया में सबसे अधिक है।

वित्तमंत्री ने बताया कि पीएम-आवास योजना के तहत 70 प्रतिशत मकान ग्रामीण महिलाओं को दिए गए। आयुष्‍मान भारत योजना के तहत स्‍वास्‍थ्‍य सेवा सुरक्षा में सभी आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी शामिल किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ‘तीन तलाक’ को गैर-कानूनी बनाने और लोक सभा एवं राज्य विधान सभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के नाम पर या उन्हें संयुक्त मालिकों के रूप में 70 प्रतिशत से अधिक मकान उपलब्ध कराने के फलस्वरूप उनका आत्मसम्मान बढ़ा है।

इस दौरान उन्होंने कहा कि लखपति दीदी के लक्ष्‍य को 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ करने का फैसला किया गया है। केन्‍द्रीय वित्‍त मंत्री ने कहा कि नौ करोड़ महिलाओं के साथ 83 लाख स्‍वयं-सहायता समूह (एसएचजी) सशक्तिकरण और आत्‍मनिर्भर बनने के साथ ग्रामीण सामाजिक-आ‍र्थिक परिवेश में बदलाव ला रहे हैं। इनकी सफलता से पहले ही करीब एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने में मदद मिल चुकी है। वे दूसरों के लिए एक प्रेरणा हैं। उन्‍हें सम्‍मान देकर उनकी उपलब्धियों को मान्‍यता दी जाएगी। वित्‍त मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए लखपति दीदी बनाने का लक्ष्‍य बढ़ाया गया है।

इस दौरान उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्‍य तक पहुँचने और नारी शक्ति पर ध्‍यान केन्द्रित करते हुए सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए टीकाकरण का प्रस्‍ताव दिया। उन्‍होंने कहा कि सरकार माताओं और बच्चों के स्वास्‍थ्‍य की देखभाल के लिए विभिन्न योजनाओं में तालमेल स्थापित करेगी। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए 9 से 14 वर्ष की आयु की बालिकाओं के लिए टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि सरकार सभी पात्र श्रेणियों के बीच इस टीकाकरण को बढ़ावा देगी।

निर्मला सीतारमण ने सरकार की डिजिटल इंडिया पहल को आगे बढ़ाने के लिए प्रस्‍ताव दिया कि एक नया यू-विन प्‍लेटफॉर्म देशभर में तेजी से आरंभ किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि इस प्‍लेटफॉर्म का उपयोग टीकाकरण के प्रबंधन और मिशन इंद्रधनुष के तहत प्रयासों को आगे बढ़ाने में किया जाएगा।

आवास योजना शुरू करेगी मोदी सरकार

केंद्र की मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मध्यम वर्ग के लोगों के लिए आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की। सीतारमण ने कहा कि सरकार मध्यम वर्ग के लिए आवास योजना, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के साथ-साथ किराए पर रहने वालों की मदद के लिए योजनाएँ शुरू करेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ के तहत 2 करोड़ और घर देगी।

सरकार के लक्ष्य को बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “कोविड के बावजूद हमने पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 3 करोड़ घर बनाने का काम पूरा किया है। परिवारों की संख्या में वृद्धि से उत्पन्न आवास की माँग को पूरा करने के लिए अगले पाँच वर्षों में 2 करोड़ और घर बनाए जाएँगे।” इस बार घर बनाने के लिए आवंटित बजट में 1.35 प्रतिशत वृद्धि करके 80,671 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।

एक करोड़ परिवारों के लिए सोलर सिस्टम

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में हरित विकास और अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों की घोषणा की। वित्‍त मंत्री ने कहा कि छत पर सौर प्रणाली लगाने से एक करोड़ परिवार प्रत्येक महीने 300 यूनिट तक निःशुल्क बिजली प्राप्त कर सकेंगे।

यह योजना अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक दिन प्रधानमंत्री के लिए गए संकल्प के अनुसरण में लाई गई है। निःशुल्क सौर बिजली और बिजली वितरण कंपनियों को अधिशेष बिजली बेचने से परिवारों को हर वर्ष पंद्रह हजार से अठारह हजार रुपये की बचत होगी।

राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति-2020 परिवर्तनकारी सुधार ला रही : निर्मला सीतारमण

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार अमृत पीढ़ी-युवा वर्ग को सशक्‍त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारी समृद्धि युवाओं को पर्याप्त रूप से साधन संपन्न करने और उन्‍हें सशक्त बनाने पर निर्भर करती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 से परिवर्तनकारी सुधार लाए जा रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि उदीयमान भारत के लिए पीएम स्कूल (पीएम श्री) में गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई हो रही है और बच्चों का समग्र तथा चहुँमुखी विकास किया जा रहा है।

निर्मला सीतारमण ने स्किल इंडिया मिशन की उपलब्धियों को उजागर करते हुए कहा कि इस मिशन के अंतर्गत 1.4 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, 54 लाख युवाओं का कौशल सुधारा गया है तथा उन्हें दूसरे हुनर में कुशल बनाया गया है और 3000 नई आईटीआई स्थापित की गई हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना 18 व्यापारों में शामिल कारीगरों और शिल्पकारों को शुरू से अंत तक मदद प्रदान कर रही है। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि उच्चतर शिक्षा के लिए बड़ी संख्या में नए संस्थानों के अंतर्गत 7 आईआईटी, 16 आईआईआईटी, 7 आईआईएम, 15 एम्स और 390 विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं।

बजट 2024 रेलवे के लिए खास

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि रेलवे वाले तीन नए रेल कॉरिडोर शुरू किए जाएँगे। इसके तहत ऊर्जा-खनिज-सीमेंट कॉरिडोर, पोर्ट कनेक्टिविटी कॉरिडोर और अधिक पैसेंजर घनत्व वाले कॉरिडोर बनाए जाएँगे। इसके साथ ही पूरे देश में यात्री ट्रेनों के परिचालन में सुधार किया जाएगा।

मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को सक्षम करने के लिए पीएम गतिशक्ति के तहत परियोजनाओं की पहचान की गई है। माला-भाड़ा परियोजना को भी विकसित किया जाएगा।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि भारतीय रेलवे के 40000 सामान्य डिब्बों को वंदे भारत में बदल दिया जाएगा। इससे आम ट्रेनों में यात्रा करने वाले करोड़ों भारतीयों को फायदा होगा। ये नए डिब्बे देश के हर रूट और हर ट्रेन में लगाए जाएँगे।

बुनियादी ढाँचा पर अब तक का सबसे बड़ा निवेश

केन्‍द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अंतरिम बजट 2024-25 पेश करते हुए पूँजीगत व्‍यय, 2023-24 के संशोधित अनुमान और 2024-25 के बजट अनुमानों की रूपरेखा पेश की। केन्‍द्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2024-25 के लिए पूँजीगत व्‍यय को 11.1 प्रतिशत बढ़ाकर 11,11,111 करोड़ रुपए किया जा रहा है। यह सकल घरेलू उत्‍पाद (जीडीपी) का 3.4 प्रतिशत है। उन्‍होंने कहा कि इसके अलावा पिछले चार वर्षों में पूँजीगत व्‍यय (कैपेक्‍स) को तीन गुना बढ़ा देने से देश में आर्थिक विकास और रोजगार सृजन पर व्‍यापक प्रभाव पड़ रहा है।

संशोधित अनुमान 2023-24

केन्‍द्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “उधारियों के अलावा कुल प्राप्तियों का संशोधित अनुमान 27.56 लाख करोड़ रुपए है, जिनमें 23.24 लाख करोड़ रुपए की कर प्राप्तियाँ हैं। कुल व्‍यय का संशोधित अनुमान 44.90 लाख करोड़ रुपए है।”

उन्होंने राजस्‍व प्राप्तियों की चर्चा करते हुए कहा कि 30.03 लाख करोड़ रुपए की राजस्‍व प्राप्तियों के बजट अनुमान से अधिक रहने की आशा है, जो आर्थिक विकास की तेज गति और अर्थव्‍यवस्‍था में औपचारि‍करण को दर्शाता है।

उन्‍होंने यह भी कहा कि सांकेतिक जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान में कुछ कमी होने के बावजूद राजकोषीय घाटा का संशोधित अनुमान जीडीपी का 5.8 प्रतिशत रहा है, जो कि बजट अनुमान से बेहतर है।

बजट अनुमान 2024-25

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि वर्ष 2024-25 में उधारियों के अलावा कुल प्राप्तियाँ 30.80 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है और कुल व्‍यय 47.66 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। इसी तरह कर प्राप्तियाँ 26.02 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया गया है।

इसके अलावा, केन्‍द्रीय वित्त मंत्री ने कहा, “पूँजीगत व्‍यय के लिए राज्‍यों को 50 वर्षीय ब्‍याज मुक्‍त ऋण की योजना इस वर्ष जारी रखी जाएगी और कुल परिव्‍यय 1.3 लाख करोड़ रुपए का होगा।” राजकोषीय घाटे पर उन्होंने कहा, “राजकोषीय घाटा वर्ष 2024-25 में जीडीपी का 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है।”

राजकोषीय सुदृढी़करण के मार्ग पर अडिग रहने, जैसा कि वर्ष 2021-22 के उनके केन्‍द्रीय बजट भाषण में कहा गया था, की बात कहते हुए उन्‍होंने इसे वर्ष 2025-26 तक घटाकर जीडीपी के 4.5 प्रतिशत से नीचे लाने का उल्‍लेख किया।

इस दौरान केन्‍द्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2024-25 के दौरान दिनांकित प्रतिभूतियों के जरिए सकल और शुद्ध बाजार उधारियाँ क्रमश: 14.13 लाख करोड़ रुपए और 11.75 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान लगाया गया है। निजी निवेश में वृद्धि का उल्‍लेख करते हुए उन्‍होंने कहा, “केन्‍द्र सरकार की उधारियाँ कम रहने से निजी क्षेत्र के लिए कर्ज की उपलब्‍धता बढ़ जाएगी।”

भारत की जीडीपी 7.3 की दर से बढ़ेगी

वित्त वर्ष 2023-24 के लिए राष्‍ट्रीय आय के प्रथम अग्रिम अनुमान, जिसे वित्त मंत्री के भाषण के साथ पेश किया गया, के अनुसार भारत में वास्‍तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसके साथ ही यह आरबीआई (दिसंबर 2023 में आयोजित इसकी मौद्रिक नीति समिति की बैठक में) द्वारा वित्त वर्ष 2023-24 के लिए विकास अनुमान को 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर देने के अनुरूप भी है। यह वित्त वर्ष 2023-24 की दूसरी तिमाही में दर्ज की गई दमदार विकास पर आधारित है।

संसद में वित्तमंत्री ने बताया कि देश में एफडीआई प्रवाह वर्ष 2014-2023 के दौरान 596 अरब अमेरिकी डॉलर का हुआ, जो वर्ष 2005-2014 के दौरान हुए एफडीआई प्रवाह का दोगुना है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि देश में विदेशी निवेश को निरंतर प्रोत्‍साहित करने के लिए हम ‘पहले भारत को विकसित करो’ की भावना के तहत अपने विदेशी साझेदारों के साथ द्विपक्षीय निवेश समझौतों पर बात कर रहे हैं।

संसद में बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी पूरी दृढ़ता के साथ चार प्रमुख जातियों पर भरोसा करते हैं और इसके साथ ही इन पर फोकस करते हैं। चार प्रमुख जातियाँ ये हैं- गरीब, महिलाएँ, युवा और अन्‍नदाता। उन्‍होंने कहा कि इन सभी की जरूरतें, उनकी आकांक्षाएँ, उनका कल्‍याण करना सरकार की सर्वोच्‍च प्राथमिकता है क्‍योंकि जब वे तरक्‍की करते हैं, तो देश तरक्‍की करता है।

निर्मला सीतारमण ने पिछले 10 वर्षों में चलाए गए विकास संबंधी कार्यक्रमों ‘सभी के लिए आवास’, ‘हर घर जल’, ‘सभी के लिए बिजली’, ‘सभी के लिए रसोई गैस’, ‘सभी के लिए बैंक खाते एवं वित्तीय सेवाओं’ की बात करते हुए बताया कि इनके जरिए रिकॉर्ड समय में हर परिवार एवं व्‍यक्ति को लक्षित किया गया है।

प्रत्‍यक्ष और अप्रत्‍यक्ष कर में कोई बदलाव नहीं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि करों (टैक्स) में बदलाव की कोई योजना नहीं है। कराधान में निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए वित्‍त मंत्री ने स्‍टार्टअप और सॉवरेन वेल्‍थ या पेंशन फंड द्वारा किए गए निवेश के लिए कुछ कर लाभ तथा कुछ आईएफएससी इकाईयों की आय पर कर छूट की समय सीमा 31.03.2025 तक बढ़ाने का प्रस्‍ताव किया है। सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप जीवन की सुगमता और व्‍यापार करने में आसानी के लिए कर सेवा सुविधा में सुधारों की घोषणा की गई है।

वित्‍त मंत्री ने प्रस्‍ताव किया है कि वित्‍तीय वर्ष 2009-10 तक की अवधि से संबंधित 25,000 रुपए तक और वर्ष 2010-11 से 2014-15 से संबंधित 10,000 तक की ऐसी बकाया प्रत्‍यक्ष कर माँगों को वापस लेने का प्रस्‍ताव किया है, इससे लगभग एक करोड़ करदाता लाभांवित होंगे। वित्तमंत्री ने बताया कि बीते 10 साल के दौरान प्रत्‍यक्ष कर संग्रह तिगुना हो गया है। वहीं, आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्‍या 2.4 गुना बढ़ चुकी है।

श्‍वेत पत्र जारी करेगी मोदी सरकार

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वर्ष 2014 में जब उनकी सरकार ने बागडोर संभाली थी, त‍ब अर्थव्‍यवस्‍था को चरण-दर-चरण दुरुस्‍त करने और शासन प्रणाली को सही रास्‍ते पर लाने की जिम्‍मेदारी बहुत बड़ी थी। उन्‍होंने कहा कि उस वक्‍त की माँग थी कि लोगों की उम्‍मीदें जगें, निवेश आकर्षित किया जाए और अति आवश्‍यक सुधार के लिए समर्थन जुटाया जाए। सरकार ने ‘राष्‍ट्र प्रथम’ के मजबूत विश्‍वास के साथ इसे सफलतापूर्वक हासिल किया।

उन्‍होंने आश्‍वासन दिया कि उन वर्षों का संकट दूर कर दिया गया है और अर्थव्‍यवस्‍था सर्वांगीण विकास के साथ एक उच्‍च सतत विकास मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्‍होंने घोषणा की कि सरकार ‘वर्ष 2014 तक हम कहाँ थे और अब कहाँ हैं’ विषय पर श्‍वेत पत्र के साथ आगे आएगी, जिसका केवल एक ही उद्देश्‍य है कि उन वर्षों के कुप्रबंधन से सबक सीखा जा सके।

मुस्लिम फकीर ने महिला से दिलवाई बकरे की कुर्बानी, लूटा 230 ग्राम सोना और 7 लाख रुपए… हिंदुस्तान टाइम्स ने ‘तांत्रिक’ लिख पाठकों को किया भ्रमित

मुंबई के सेवरी में पुलिस ने अबूबकर मोहम्मद अली शेख नाम के एक फकीर के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि अबूबकर मोहम्मद अली शेख लोगों की बीमारियाँ ठीक करने के नाम पर उन्हें झाँसा देता था, उनके नाम पर बकरे की कुर्बानी देता था, लाखों रुपए हड़पता था और फिर वो पैसे दरगाह में लुटाता था।

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर में दिए नाम से साफ है कि ये धोखाधड़ी का काम ‘मुस्लिम फकीर’ करता था। लेकिन फिर भी उन्होंने अपनी खबर में इसे ऐसे पेश किया है जैसे कोई ‘तांत्रिक’ इसे करता हो और उसी ने पीड़ितों को झूठ बोलकर उनसे धोखे से ‘बलि’ दिलवाई हो। हालाँकि, रिपोर्ट पढ़ेंगे तो साफ होगा कि हिंदुस्तान टाइम्स किस तरह से एक खबर में शब्दों की हेर-फेर से भ्रामक संदेश देने का प्रयास कर रहा है।

फोटो साभार: हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित विनय डालवी का स्क्रीनशॉट

रिपोर्ट में दिए गए पुलिस वर्जन के अनुसार, आरोपित का पूरा नाम अबूबकर मोहम्मद अली शेख ही (32 वर्षीय) है। उसके खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की 406 धारा, 420 धारा और महाराष्ट्र रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा उसपर मानव कुर्बानी और अमानवीय, दुष्ट और अघोरी प्रथाएँ और काला जादू अधिनियम, 2013 के तहत भी केस दर्ज हुआ है।

रिपोर्ट में पुलिस के पास दर्ज शिकायत के हवाले से लिखा गया कि एक महिला के शरीर में हमेशा दर्द रहता था। कई डॉक्टरों से दिखवाने के बाद भी जब उसे आराम नहीं पड़ा तो उसने फकीर से बात की। फकीर ने उसे कहा कि वो पारंपरिक तरीकों से उसकी बीमारी का इलाज कर सकता है लेकिन इसके लिए वो 4 लाख रुपए लेगा और सोने के जेवर लेगा। इस क्रम में उसने एक बकरी की कुर्बानी भी दी। साथ ही पैसे लेकर दरगाह के बाहर बाँटे। इसके बाद उसने महिला को एक ताबीज दिया और कहा उसने ताबीज में की झाड़-फूँक की है। यह उसके लिए अच्छी किस्मत लेकर आएगा।

फकीर से मिलने के बाद महिला ने उससे घरेलू क्लेशों पर भी संपर्क करना शुरू कर दिया। महिला ने अपने एक रिश्तेदार को भी उस फकीर के पास भेजा क्योंकि वो व्यक्ति अपने बेटे को संयुक्त राष्ट्र भेजना चाहता था। इसके लिए उस फकीर ने उसके रिश्तेदार से 1.70 लाख रुपए लिए। इतना ही नहीं, धोखेबाज फकीर ने तो महिला के एक मित्र से ये भी कहा था कि वो कैंसर ठीक कर सकता है। फकीर ने उसे ये कहकर फँसाया था कि वो 12 दिन में मर जाएगा अगर उसके कहे अनुसार काम नहीं किया। इसके अलावा उसने शिकायतकर्ता के एक दोस्त से इसलिए भी पैसे ऐंठे थे क्योंकि उसका बच्चा रो रहा था और वो उसे चुप करवाने के लिए फकीर के पास चली गई थी।

लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने के बाद जब लोगों को अपनी परेशानियों का समाधान नहीं मिला तो उन्होंने उस फकीर से सवाल किए, लेकिन फकीर ने उन्हें जवाब देने की बजाय या पैसे लौटाने की बजाय नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस तक फकीर की हरकतों की जानकारी पहुँची। उन्होंने मार्च 2023 से जनवरी 2024 के बीच हुई धोखाधड़ी के मामलों को दर्ज किया और सबूत इकट्ठे करने शुरू किए। पुलिस को इस दौरान पता चला कि पीड़ितों ने अब तक इस फकीर को 230 ग्राम सोना दिया है और 7 लाख रुपए दिए हैं।

अब इसी खबर की सारी जानकारी रिपोर्ट करते हुए हिंदुस्तान टाइम्स ने शब्दों का खेल खेला। जिसपर सोशल मीडिया पर भी आपत्ति उठाई गई। लेखिका मधु पूर्णिमा किश्वर ने रिपोर्ट लिखने वाले रिपोर्टर विनय दालवी से पूछा है कि आखिर कोई अली शेख तांत्रिक कैसे हो सकता है। तंत्र तो हिंदू ज्ञान परंपरा का भाग है। क्या अगली बार कोई ऐसी खबर होगी जिसमें मौलवी रेप करता पकड़ा जाएगा तो उसे पुजारी लिख दिया गया।

केरल में 62 साल के अब्दुल ने चौथी क्लास की बच्ची का किया रेप, मिली 111 साल की सजा: बलात्कारी नासिर (63 साल) और हुसैन (47 साल) को भी सजा

केरल की एक अदालत ने चौथी कक्षा में पढ़ने वाली एक बच्ची से बलात्कार करने और इसके बारे में किसी को बताने पर जाने से मारने की धमकी देने वाले अब्दुल नासिर को 111 साल की सजा सुनाई है। उसे यह सजा अलग-अलग आरोपों में मिलाकर सुनाई गई है। हालाँकि, ये सजा एक साथ ही चलेंगी। यह मामला केरल के कोझिकोड का है।

जानकारी के अनुसार, 62 वर्षीय वेटोराम्मल अब्दुल नासिर ने कक्षा 4 में पढ़ने वाली एक बच्ची से बलात्कार किया था। उसे गिरफ्तार करके उस पर POCSO के तहत मामला चलाया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान एक गवाह भी अपने बयान से पलट गया। अपने बयान से पलटने वाला बच्ची का रिश्तेदार था। अब्दुल ने बचने के लिए कोई और गवाह पेश किए जाने की माँग की, लेकिन कोर्ट ने इस माँग को खारिज कर दिया।

बच्ची की तरफ से केस लड़ रहे वकील ने अदालत के सामने यह प्रमाणित कर दिया कि अब्दुल ही रेप का दोषी है। वकील ने DNA जाँच और बाकी सबूतों के आधार पर इसे साबित किया। कोर्ट ने 19 गवाहों को सुना और 27 अभिलेखों की जाँच की। उसने इसी आधार पर कोर्ट ने बुधवार (31 जनवरी 2024) को अब्दुल को 111 साल की कड़ी सजा सुनाई। हालाँकि, यह सजा 30 वर्ष में ही पूरी हो जाएगी, क्योंकि अलग-अलग मामलों में सुनाई गई ये सजा साथ-साथ चलेंगी।

कन्नूर में भी नाबालिग का बलात्कार, अब्दुल खादर को सजा

केरल के ही कन्नूर में भी 63 वर्षीय अब्दुल खादर नाम के एक व्यक्ति को एक सात वर्ष की नाबालिग बच्ची का यौन शोषण करने के लिए मंगलवार (30 जनवरी 2024) को 10 वर्ष की कड़ी सजा सुनाई है। उसके ऊपर ₹90,000 का जुर्माना भी लगाया गया है। उसने नवम्बर 2022 में एक बच्ची का यौन शोषण अपनी दुकान में किया था। उसे कोर्ट ने POCSO के कई प्रावधानों के अंतर्गत दोषी पाया। यह निर्णय स्पेशल कोर्ट के जज अनिल जोसफ ने सुनाया।

वायनाड के चोलायिल हुसैन को भी बलात्कार के मामले में सजा

केरल के वायनाड में भी 47 साल के चोलायिल हुसैन नाम के एक व्यक्ति को 14 वर्षीय नाबालिग लड़की का बलात्कार करने के मामले में एक अदालत ने पाँच वर्ष की कठोर सजा सुनाई है। उस पर ₹10,000 का जुर्माना भी लगाया गया है। उसने जुलाई 2019 में नाबालिग लड़की के घर में घुसकर उसका बलात्कार किया था।

इस दौरान उसने विरोध करने या इस घटना के बारे में किसी को बताने पर नाबालिग को जान से मारने की धमकी भी दी थी। यह मामला तब सामने आया, तब नाबालिग पेट दर्द के बाद अस्पताल में भर्ती हुई। इसके बाद इसके बारे में पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने हुसैन को बाद में गिरफ्तार कर लिया था।

‘दक्षिण भारत बनेगा अलग देश’: कर्नाटक के डिप्टी सीएम के भाई एवं कॉन्ग्रेस सांसद का ‘भारत तोड़ो’ बयान, कहा- दक्षिण का पैसा हिंदी बेल्ट को जा रहा

कॉन्ग्रेस एक बार फिर भारत को तोड़ने की बात करने लगी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा गुरुवार (1 फरवरी 2024) को पेश किए गए अंतरिम बजट को कॉन्ग्रेस के सांसद डीके सुरेश ने पक्षपाती बताया है। केंद्र पर दक्षिण भारतीय राज्यों को धन जारी नहीं करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने धमकी दी कि अगर यह प्रवृत्ति जारी रही तो एक अलग देश की माँग उठाई जाएगी।

बेंगलुरु ग्रामीण संसदीय क्षेत्र से लोकसभा सांसद और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के भाई डीके सुरेश ने यह बयान बजट 2024 की आलोचना करते हुए संसद भवन के बाहर दिया। अलगाववाद को बढ़ावा देते हुए उन्होंने कहा कि दक्षिण भारतीय राज्यों का पैसा उत्तर भारतीय राज्यों को दिया जा रहा है और उन पर हिंदी थोपी जा रही है। यह बात उन्होंने कन्नड़ में कही।

सुरेश ने कहा, “केंद्र दक्षिण भारतीय राज्यों को जीएसटी और प्रत्यक्ष करों का उचित हिस्सा नहीं दे रहा है। दक्षिण भारतीय राज्यों को अन्याय का सामना करना पड़ रहा है। दक्षिणी राज्यों से इकट्ठा किया गया पैसा उत्तर भारतीय राज्यों, हिंदी बेल्ट को दिया जा रहा है। हम पर हिंदी थोपी जा रही है। हमें इस पर सवाल उठाना होगा। अगर ऐसा ही चलता रहा तो हम अलग देश की माँग करने पर मजबूर हो जाएँगे।”

कॉन्ग्रेस सांसद ने आगे कहा, “अगर हम देखें कि देश के विभिन्न राज्यों में पैसा कैसे वितरित किया जाता है तो यह स्पष्ट है कि हमारे राज्यों का धन उत्तरी राज्यों में भेजा जा रहा है। यह हमारे साथ अन्याय है। केंद्र को हमसे 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक मिल रहे हैं और बदले में हमें जो मिल रहा है वह कुछ नहीं है। अगर इसे ठीक नहीं किया गया तो सभी दक्षिण राज्यों को अलग राष्ट्र की माँग के लिए आवाज उठानी होगी।”

कॉन्ग्रेस सांसद सांसद ने आगे कहा कि विभिन्न राज्यों को धन का वर्तमान वितरण सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य को 15वें वित्त आयोग द्वारा अनुशंसित अनुदान नहीं मिला है। इसे चुनावी बजट बताते हुए उन्होंने कहा, “यह चुनावी बजट है। अंतरिम बजट में सिर्फ नाम बदले गए हैं। उन्होंने कुछ संस्कृत नाम पेश किए हैं और योजनाएँ पेश की हैं।”

बता दें कि इससे पहले तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK ने भी कुछ ऐसी ही धमकी दी थी। डीएमके के सांसद ए राजा ने केंद्र को चेतावनी देते हुए कहा था कि केंद्र सरकार तमिलनाडु को और अधिकार दे, वरना अगला स्टेज अलग राष्ट्र के लिए लड़ाई होगा। राजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को संबोधित करते हुए यह बात कही थी।

डीएमके सांसद ने कहा था, “मैं पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से विनम्रता से कह रहा हूँ कि हमारे मुख्यमंत्री अन्ना (पूर्व मुख्यमंत्री और DMK के संस्थापक) के रास्ते पर चले रहे हैं। हमें पेरियार के रास्ते पर चलने के लिए मजबूर ना करें। हमें अलग देश की माँग करने के लिए मजबूर मत कीजिए। हमारे राज्य को स्वायत्तता दीजिए और इसे पाने तक हम चुप नहीं बैठेंगे।”

मोदी सरकार ने मालदीव को दिया झटका, सहायता राशि ₹170 करोड़ घटाई: पिछले साल की थी ₹770 करोड़ की मदद, अब श्रीलंका को देंगे ज्यादा पैसा

मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की सरकार को भारत विरोधी बयानों के चलते अब तगड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। भारत ने मालदीव को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को घटा दिया है। इसका ऐलान अंतरिम बजट 2024-25 में किया गया है। वहीं नेपाल और श्रीलंका जैसे पड़ोसियों को दी जाने वाली सहायता बढ़ा दी गई है।

वित्त मंत्रालय ने बजट 2024-25 में भारत द्वारा मित्र देशों को दी जाने वाली सहायता की जानकारी दी है। वित्त मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भारत सरकार 2024-25 में मालदीव को ₹600 करोड़ की सहायता देगी। वर्ष 2024-25 में मोदी सरकार ने मालदीव को दी जाने वाली सहायता को 22% घटा दिया है।

मालदीव को वित्त वर्ष 2023-24 ₹770 करोड़ की सहायता दी गई थी। इस बार के बजट में मालदीव को ₹600 करोड़ की सहायता देने का ऐलान किया गया है। इससे पहले लगातार सरकार मालदीव को दी जाने वाली सहायता को बढ़ा रही थी। ऐसा तीन वर्षों में पहली बार हुआ है कि मालदीव की सहायता को घटाया गया है।

मालदीव को दी जाने वाली आर्थिक सहायता 2022-23 के मुकाबले 2023-24 में चार गुने से भी अधिक कर दी गई थी। मालदीव को 2022-23 में जहाँ ₹183 करोड़ की सहायता दी गई थी तो वहीं यह 2023-24 में बढ़ कर ₹770 करोड़ हो गई। अब इसे सरकार ने घटाने का निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय के पीछे मालदीव की नई नवेली मुइज्जू सरकार के भारत विरोधी रवैये को कारण माना जा रहा है।

गौरतलब है कि हाल ही में मालदीव के राष्ट्रपति बने मोहम्मद मुइज्जू लगातार भारत विरोधी भावनाओं को भड़का रहे हैं। हाल ही में उनकी सरकार में शामिल मंत्रियों ने भारत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विरुद्ध अपमानजनक बातें कही थी। इसको लेकर दोनों देशों के बीच कई दिनों तक कूटनीतिक स्तर पर तनातनी चली थी। मोहम्मद मुइज्जू खुद भी भारत विरोधी भावनाओं को भड़का कर सत्ता में आए हैं। उन्होंने हाल ही में भारत के सैनिकों को भी 15 मार्च तक वापस जाने को कहा था।

इन्हीं सब रवैयों को देखते हुए भारत ने मालदीव की सहायता से हाथ खींचने चालू कर दिए हैं। वरना भारत अपने पड़ोस के देशों को लगातार आर्थिक सहायता उनके विकास के लिए देता आया है। मालदीव को भारत ने इसी नीयत से सहायता दी थी। जिस दौरान सहयता बढ़ाई गई, तब यहाँ पर इब्राहिम मोहम्मद सोलिह राष्ट्रपति थे जो कि भारत के समर्थक माने जाते थे। अब मालदीव को भारत के इस कदम से तगड़ा झटका लगेगा क्योंकि भारत जो सहायता देता है, वह मालदीव के बजट का लगभग 1.5% है।

भारत ने 2024-25 में नेपाल और श्रीलंका को दी जाने वाली सहायता को बढ़ाने का निर्णय लिया है। नेपाल को 2023-24 के दौरान ₹650 करोड़ की सहायता दी गई थी। अब 2024-25 में नेपाल को ₹700 करोड़ की वित्तीय सहायता दी जाएगी। वहीं श्रीलंका को अब ₹60 करोड़ की जगह ₹75 करोड़ की सहायता भारत देगा।

विभिन्न देशों को दी जाने आर्थिक सहायता का ब्यौरा मालदीव
विभिन्न देशों को दी जाने आर्थिक सहायता का ब्यौरा

बांग्लादेश और म्यांमार को भी भारत ने क्रमशः ₹120 करोड़ और ₹250 करोड़ की सहायता देने का निर्णय लिया है। भारत अपने पड़ोसी भूटान को ₹2068 करोड़ की सहायता और लोन देगा। इसके अलावा ईरान में बन रहे चाबहार पोर्ट के लिए भी भारत ने ₹100 करोड़ देने का ऐलान किया है। अफगानिस्तान को ₹200 करोड़ की सहायता दी जाएगी।

किराए पर रहने वाले लोगों एवं मिडिल क्लास के लिए आवास योजना शुरू करेगी मोदी सरकार: वित्त मंत्री ने बजट 2024 में किया ऐलान

केंद्र की मोदी सरकार में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुुरुवार (1 फरवरी 2024) को अंतरिम बजट पेश करते हुए मध्यम वर्ग के लोगों के लिए आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की। सीतारमण ने कहा कि सरकार मध्यम वर्ग के लिए आवास योजना, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों के साथ-साथ किराए पर रहने वालों की मदद के लिए योजनाएँ शुरू करेगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण’ के तहत 2 करोड़ और घर देगी। सरकार के लक्ष्य को बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “कोविड के बावजूद हमने पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 3 करोड़ घर बनाने का काम पूरा किया है। परिवारों की संख्या में वृद्धि से उत्पन्न आवास की माँग को पूरा करने के लिए अगले पाँच वर्षों में 2 करोड़ और घर बनाए जाएँगे।”

मध्य वर्ग के लिए आवास योजना के बारे में बोलते हुए सीतारमण ने कहा कि सरकार पात्रता रखने वाले मध्यम वर्ग के लिए अपना घर खरीदने या बनाने के लिए एक आवास योजना शुरू करेगी। इतना ही नहीं, किराए पर रहने वाले लोगों की मदद करने और उन्हें अपना घर खरीदने या बनाने में सक्षम बनाने के लिए भी योजनाएँ शुरू करेगी। कुछ ऐसी ही योजना झुग्गी में रहने वाले लोगों के लिए सरकार शुरू करेगी।

वित्त ने द्वारा गुरुवार को गई यह घोषणा सरकार की ‘सभी के लिए आवास’ योजना के तहत की गई है। इसमें चल रही प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण या ग्रामीण आवास योजनाएँ भी शामिल हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 70 प्रतिशत मकान महिलाओं के नाम या फिर संयुक्त स्वामित्व में दिए गए हैं।

शहरी और किफायती आवास पर ध्यान देने के पिछले बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 79,590 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई थी। इसमें से 25,103 करोड़ रुपए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी को आवंटित किए गए थे और शेष पीएमएवाई-ग्रामीण योजना के लिए थे। इस बार इस बजट में 1.35 प्रतिशत वृद्धि करके 80,671 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।

इस बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समावेशी एवं अभिनव बताया है। उन्होंने कहा, यह बजट विकसित भारत के चार स्तंभ – युवा, गरीब, महिला और किसान… सभी को सशक्त करेगा। यह बजट देश के भविष्य का निर्माण करेगा। यह 2047 तक भारत को विकसित बनाने का नींव है।” उन्होंने कहा कि देश में अब तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

पीएम मोदी ने कहा कि देश के ग्रामीण और शहरों इलाकों में सरकार ने गरीबों के लिए 4 करोड़ से अधिक मकान बनवाए। उन्होंने कहा कि अब अगले पाँच साल में यह 2 करोड़ और मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पीएम मोदी ने कहा कि इस बजट में गरीब और मध्यम वर्ग को सशक्त बनाने के लिए आय के नए अवसर बनाने पर भी जोर दिया गया है।

ट्रेन में भीड़ घटाने के लिए अलग कॉरिडोर, बिजनेस को बढ़ाने और बंदरगाहों को जोड़ने के लिए भी 2 अलग कॉरिडोर: बजट 2024 रेलवे के लिए खास

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार (1 फरवरी 2024) को संसद में अंतरिम बजट-2024 पेश किया। इस बजट में रेलवे क्षेत्र को लेकर भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की गईं। इन घोषणाओं से करोड़ों लोगों को फायदा होगा और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। वित्त मंत्री ने बजट में तीन नए रेल कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की। इन कॉरिडोर के निर्माण से देश के कई हिस्सों को रेल से जोड़ा जाएगा और लोगों को यात्रा करने में आसानी होगी।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि रेलवे वाले तीन नए रेल कॉरिडोर शुरू किए जाएँगे। इसके तहत ऊर्जा-खनिज-सीमेंट कॉरिडोर, पोर्ट कनेक्टिविटी कॉरिडोर और अधिक पैसेंजर घनत्व वाले कॉरिडोर बनाए जाएँगे। इसके साथ ही पूरे देश में यात्री ट्रेनों के परिचालन में सुधार किया जाएगा। मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को सक्षम करने के लिए पीएम गतिशक्ति के तहत परियोजनाओं की पहचान की गई है। माला-भाड़ा परियोजना को भी विकसित किया जाएगा।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि भारतीय रेलवे के 40000 सामान्य डिब्बों को वंदे भारत में बदल दिया जाएगा। इससे आम ट्रेनों में यात्रा करने वाले करोड़ों भारतीयों को फायदा होगा। ये नए डिब्बे देश के हर रूट और हर ट्रेन में लगाए जाएँगे।

वित्तमंत्री ने नमो भारत ट्रेनों के विस्तार की बात भी कही। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मेट्रो कनेक्टिविटी को भी बढ़ाया जा रहा है। चूँकि ये बजट अंतरिम बजट है, ऐसे में चुनाव के बाद संसद में रखे जाने वाले अनुपूरक बजट पर अब सबकी निगाहें रहेंगी।

नई संसद में लोकसभा चुनाव 2024 से पहले मोदी सरकार का आखिरी बजट पेश किया गया। ये बजट पूर्ण नहीं, बल्कि अंतरिम है, जो चार माह के लिए है। वित्तमंत्री के तौर पर निर्मला सीतारमण ने छठीं बार बजट पेश किया। वित्त मंत्री ने 57 मिनट के भाषण के माध्यम से ये बजट सामने रखा।

बजट 2024 में रेलवे के लिए की गई घोषणाएँ देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं। तीन नए रेल कॉरिडोर के निर्माण से देश के विभिन्न हिस्सों के बीच संपर्क बेहतर होगा। इससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यात्री ट्रेनों के परिचालन में सुधार से यात्रियों को सुविधा होगी। समय पर चलने वाली ट्रेनों से लोगों की यात्रा में आसानी होगी। इन घोषणाओं से रेलवे का बुनियादी ढाँचा मजबूत होगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।