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‘नौकरी चाहिए तो एक रात साथ में बिताओ’: नौकरी के लिए इंटरव्यू देने पहुँची लड़कियों से सेक्स की माँग, FIR दर्ज होने पर अधिकारी ने माँगी माफी

मध्य प्रदेश के बीज निगम में नौकरी पाने के लिए महिलाओं, युवतियों को सेक्स के लिए तैयार रहना पड़ेगा। वो अगर एक रात अधिकारी के साथ बिताएँगी, तभी नौकरी मिलेगी। ये हम नहीं, उसी बीज निगम के अधिकारी का कहना है। ग्वालियर में राज्य सरकार के उपक्रम बीज विकास निगम में नौकरी के लिए हुए साक्षात्कार में शामिल होने वाली लड़कियों से सेक्स की डिमांड की गई है।

मामला 3 जनवरी 2024 को ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में एमपी बीज विकास निगम द्वारा निकाली गई भर्ती के लिए आयोजित हुए इंटरव्यू से जुड़ा है। जिस अधिकारी ने नौकरी देने के लिए युवतियों के सामने इस तरह का प्रस्ताव रखा, उसका नाम संजीव कुमार तंतुवे है। तंतुवे बीज विकास निगम में प्रोडक्शन असिस्टेंट है।

उसने इंटरव्यू में शामिल हुई कम-से-कम 3 लड़कियों को फोन एवं मैसेज किया और नौकरी देने के लिए उनसे सेक्स की डिमांड की। उसने कहा, “मेरे साथ एक रात गुजारोगी तो नौकरी मिलेगी। एक घंटे में बताओ कि कर सकती हो नहीं।” इसके बाद पीड़िता ने ह्वाट्सऐप मैसेज का स्क्रीनशॉट लेकर ग्वालियर पुलिस में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है, “मैं ग्वालियर के कॉलेज में पढ़ती हूँ। तीन जनवरी को कृषि विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल ने मध्य प्रदेश राज्य बीज विकास निगम में मेरा इंटरव्यू करवाया था। मेरे इंटरव्यू से बाहर आने के कुछ घंटों के बाद कॉल और वॉट्सऐप मैसेज आए।”

पीड़िता ने आगे बताया, “मैसेज भेजने वाले ने कहा- मैं इंटरव्यू पैनल से हूँ और मैंने ही तुम्हारा इंटरव्यू लिया है। मैं तुम्हारा सेलेक्शन भी करवा सकता हूँ, लेकिन उसके बदले में मेरा क्या फायदा होगा? उसने मेरी बैकग्राउंड और निजी जानकारियाँ ली और फिर नौकरी देने के बदले शारीरिक संबंध बनाने की डिमांड रखी। ऐसा ही मैसेज मेरी बैचमेट लड़की को भी किया गया था।”

इस बात की शिकायत क्राइम ब्रांच ग्वालियर से की गई और नंबर भी दिया गया, जो सिवनी निवासी संजीव कुमार के नाम पर था। इसके बाद पुलिस ने संजीव कुमार को धारा 354ए के तहत हिरासत में ले लिया। आरोपित ने अपनी गलती मानी और माफी माँग ली। इसके बाद पुलिस ने आरोपित को नोटिस देकर छोड़ दिया।

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित लड़की रीवा जिले की रहने वाली है। वो M.Sc की पढ़ाई कर रही है। वहीं, जिस आरोपित संजीव कुमार तंतुवे का नाम सामने आया है, वो बीज विकास निगम भोपाल में प्रोडक्शन असिस्टेंट है। संविदा पर निकाले गए इस पद के लिए इंटरव्यू लेने के लिए वह भोपाल से आया था। हालाँकि, उसके खिलाफ क्या विभागीय कार्रवाई की गई है, इसका अभी पता नहीं चल पाया है।

अफगानिस्तान को हराकर महाकाल के दरबार पहुँचे भारतीय क्रिकेटर, उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध मंदिर की भस्म आरती में लिया हिस्सा

भारतीय क्रिकेटर रवि विश्नोई, तिलक वर्मा, वॉशिंगटन सुंदर और जितेश शर्मा मकर संक्रान्ति 15 जनवरी 2024 को सुबह उज्जैन में महाकाल ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने पहुँचे। यहाँ वे महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए। ये सबी क्रिकेटर इंदौर में पिछली रात भारत और अफगानिस्तान के बीच हुए मैच को खेलने के बाद पहुँचे थे। खिलाड़ियों ने मीडिया से भी बातचीत की।

महाकाल नगरी पहुँचे खिलाड़ियों ने नंदी हॉल में बैठकर महाकाल की भस्म आरती में भाग लिया। यहाँ उन्होंने पूजा-अर्चना के बाद ध्यान लगाया। उन्होंने यहाँ के पुजारियों से ज्योतिर्लिंग के बारे में भी जानकारी ली। ये चारों खिलाड़ी लगभग 2 घंटे मंदिर परिसर में रुके।

गौरतलब है कि 14 जनवरी 2024 को भारत और अफगानिस्तान के बीच इंदौर में टी20 मैच खेला गया, जिसमें भारत ने जीत हासिल की। यह भारत और अफगानिस्तान के बीच हो रहे तीन मैचों की सीरीज में दूसरा मैच था। अफगानिस्तान ने पहले खेलते हुए भारत के सामने 173 रनों का लक्ष्य रखा था। अफगानिस्तान की तरफ से गुल्बदीन नायब ने सर्वाधिक 57 रन बनाए। वहीं, रवि विश्नोई ने अफगानिस्तान के दो विकेट चटकाए।

भारत ने मात्र 15.4 ओवर में 173 रन बनाए। इस दौरान भारत ने मात्र 4 विकेट खोए। बलेबाज यशस्वी जायसवाल ने भारत की तरफ से 34 गेंदों में 68 रनों की धुआँधार पारी खेली। नए बल्लेबाज शिवम दुबे ने भी मात्र 32 गेंदों में ही 63 रन ठोक दिए। विराट कोहली का भी बल्ला इस मैच में गरजा और उन्होंने 16 गेंदों में 29 रन जड़े।

हालाँकि, इस मैच में कप्तान रोहित शर्मा कुछ कमाल नहीं दिखा पाए और शून्य पर आउट हो गए। उभरते बल्लेबाज रिंकू सिंह को भी अधिक मौका नहीं मिला और वे मात्र 9 रन बनाकर नाबाद रहे। भारतीय बल्लेबाजों की धुआँधार बल्लेबाजी की वजह से भारत ने 26 गेंद शेष रहते ही यह लक्ष्य हासिल कर लिया।

विधवा सुल्ताना से घनश्याम ने की शादी, मामा सुलेमान ने शराब में जहर देकर मार डाला: न्याय के लिए दर-दर भटक रही महिला

झारखंड की एक मुस्लिम महिला सुल्ताना ने विधवा होने के बाद घनश्याम नाम के हिंदू लड़के से शादी की। शादी के 10 महीने बाद महिला के मामा सुलेमान ने उस लड़के की हत्या कर दी है। सुल्ताना कोडरमा के डोमचांच की रहने वाली है। सुल्ताना का मामा सुलेमान इस शादी से नाराज था। उसने सुल्ताना को धमकी दी थी कि अगर उसने शादी नहीं तोड़ी तो वह छोड़ेगा नहीं। सुल्ताना के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं।

दरअसल, तीन साल पहले सुल्ताना खातून के मजदूर शौहर की मौत हो गई थी। वह अपने दो छोटे की बच्चों की परवरिश नहीं कर पा रही है। इसके बाद उसने दोबारा शादी करने का निर्णय लिया। सुल्ताना ने घनश्याम नाम के एक हिंदू लड़के से शादी करने का फैसला किया। शादी के बाद दोनों खुशहाल जीवन जी रहे थे। हालाँकि, मुँहबोले मामा सुलेमान को यह रिश्ता मंजूर नहीं था।

वहीं, सुल्ताना ने अपने मामा की धमकी को नजरअंदाज कर दिया था। हालाँकि उसे पता नहीं था कि शादी के महज 10 महीने बाद ही उसका मामा फिर से उसे विधवा बना देगा। पति की हत्या के बाद सुल्ताना ने पुलिस में शिकायत कराई है और न्याय की माँग की है। सुल्ताना ने बताया है कि इस शादी से किसी को ऐतराज नहीं था, सिवाय मामा के।

उसने बताया, “मैंने अपनी माँ की सहमति से ही घनश्याम दास से कोर्ट मैरिज की थी। मेरे दो छोटे बच्चे हैं। मैंने उन्हीं का मुँह देखते हुए ये कदम उठाया था। उस समय भी मामा ने कहा था कि वो सही नहीं कर रही है। लेकिन ये धमकी हकीकत में बदल जाएगी, किसी ने नहीं सोचा था।” सुल्ताना ने आरोप लगाया है कि सुलेमान ने घनश्याम को शराब में कुछ मिलाकर पिला दिया और उसके पति की जान ले ली।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोडरमा के एसपी अनुदीप सिंह ने कहा है कि रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले की जाँच चल रही है। वहीं, सुल्ताना ने कहा, “मैंने गैर मुस्लिम लड़के से शादी की थी, इसलिए मेरे पति को मार डाला गया।” वहीं, सुल्ताना की माँ ने कहा कि सुलेमान को यह पसंद नहीं था कि वह गैर-मुस्लिम से शादी करे।

घटना को याद करते हुए सुल्ताना ने कहा, “13 दिसंबर 2023 को जब पति घर आए तो उन्हें उल्टी हुई थी। तबियत खराब होने के बाद उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ से उन्हें रिम्स के लिए रेफर कर दिया गया। पति ने अपनी मौत से पहले मुझे बताया था कि सुलेमान मियाँ और चार अन्य लोगों के साथ उसने शराब पी थी।”

सुल्ताना का कहना है कि 13 दिसंबर को उसके पति की मौत होने के बाद उसने 14 दिसंबर 2024 को थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। महिला का आरोप है कि मामला दर्ज कराए एक महीना होने के बावजूद यह केस थोड़ा सा भी आगे नहीं बढ़ा है। अब इंसाफ के लिए वह जगह-जगह गुहार लगा रही है।

‘Skyward Aviator Quest खेलकर मेरी बेटी रोज कमा रही ₹180 हजार’: सचिन तेंदुलकर के चेहरे-आवाज से फ्रॉडगिरी, मास्टर बलास्टर ने किया आगाह

पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर भी डीपफेक का शिकार हुए हैं। उनकी एक इंटरव्यू की वीडियो को उठा कर एक गेमिंग एप को प्रमोट करने वाली वीडियो बना ली गई है। मास्टर ब्लास्टर ने एक्स (पहले ट्विटर) पर इस वीडियो को फर्जी बताया है और ऐसे मामलों पर कार्रवाई की माँग की है।

सचिन तेंदुलकर ने 15 जनवरी, 2024 को अपने एक्स अकाउंट पर 30 सेकेंड लंबी यह वीडियो साझा की है। उन्होंने इस वीडियो के साथ लिखा, “ये वीडियो नकली है और आपको धोखा देने के लिए बनाया गया है। टेक्नोलॉजी का इस प्रकार का दुरुपयोग बिल्कुल गलत है। आप सब से विनती है कि ऐसे वीडियो या एप या विज्ञापन आपको अगर नजर आए तो उन्हें तुरंत रिपोर्ट करें।”

आगे उन्होंने लिखा, “सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को भी सावधान रहना चाहिए और इनके खिलाफ की गई शिकायत पर जल्द से जल्द एक्शन लेना चाहिए। उनकी भूमिका इस बारे में बहुत जरूरी है ताकि गलत सूचना और खबरों को रोका जा सके और डीपफेक का दुरुपयोग खत्म हो।”

दरअसल में वायरल वीडियो में एआई तकनीक का इस्तेमाल करते हुए सचिन तेंदुलकर को एक गेमिंग एप की बात करते हुए दिखाया गया है। सचिन के चेहरे और आवाज वाली वीडियो में कहा गया है, “मेरी बेटी इस समय यह गेम खेल रही है, जिसके बारे में हर कोई बात कर रहा है- एविएटर। वह स्काईवड एविटर क्वेस्ट एप खेल कर हर दिन 180 हजार रुपए निकालती है। मुझे कभी आश्चर्य होता है कि अच्छा पैसा कमाना कितना आसान हो गया है और सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह एप मुफ्त है। कोई भी आईफोन मालिक इसे डाउनलोड कर सकता है।”

ऑपइंडिया ने अपनी जाँच में यह पाया कि जिस वीडियो से सचिन की यह फर्जी क्लिप बनाई गई है वह उनके आठ महीने पुराने एक इंटरव्यू में से निकाली गई है। यह वीडियो 24 अप्रैल 2023 को कामिया जानी नाम की एक लाइफस्टाइल व्लागर के यूट्यूब चैनल कर्ली टेल्स पर डाला गया है।

ध्यान देने वाली बात है कि यहाँ जब सचिन सामने नहीं दिखते तो पीछे से आ रही आवाज भी बिल्कुल उनके जैसी है। किसी एप या गेम का प्रचार करने के लिए किसी बड़ी हस्ती का डीपफेक बनाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले नवम्बर 2024 में कारोबारी रतन टाटा का एक डीपफेक वीडियो बनाया गया था। इसमें उन्हें सट्टेबाजी को प्रमोट करते हुए दिखाया गया था। इसमें भी एविएटर नाम के ही एप को बढ़ावा दिया जा रहा था। उन्होंने इसकी सच्चाई ट्विटर पर लोगों को बताई थी।

गौरतलब है कि लोगों को पैसे का लालच देने वाले कई एप का प्रचार किया जाता है। कभी-कभी इन एप में लोगों से पैसा डालकर उनसे कमाई की बात कही जाती है तो कभी कुछ सवाल के जवाब देकर पैसा कमाने का झाँसा दिया जाता है। बहुत बार ऐसे एप के नाम से लोगों को ठगा भी जाता है।

गौरतलब है कि सचिन तेंदुलकर से पहले अभिनेत्री रश्मिका मंदाना और कैटरीना कैफ के साथ भी ऐसा हो चुका है। उनके भी डीपफेक के जरिए वीडियो बनाकर वायरल किए गए थे। इसके बाद भारत में डीपफेक को लेकर नई बहस भी छिड़ी थी।

कैसे काम करता है डीपफेक, जिससे सचिन की वीडियो बनाई गई?

डीपफेक तकनीक से वीडियो बनाना एक लम्बी प्रक्रिया है। सबसे पहले जिन दो लोगों के चेहरे आपस में बदले जाने हैं उनके हजारों फोटो वीडियो ‘एनकोडर’ नाम के एक AI आधारित प्रोग्राम पर चलाए जाते हैं। यह तकनीक इन दो चेहरों की समानताएँ परखती है। इसके बाद यह तकनीक इन चेहरों को केवल उनकी समानताओं के आधार पर सीमित कर देती है और एक कंप्रेस्ड इमेज बनाती है।

इसके पश्चात एक और AI तकनीक ‘डीकोडर’ से चेहरा तलाशने को कहा जाता है। आसान भाषा में समझे तो इनकोडर को ‘A’ का चेहरा पढ़ने के लिए तैयार किया जाता और डीकोडर को ‘B’ का चेहरा पढ़ने के लिए तैयार किया जाता है। इसके पश्चात दोनों मशीनों से यह चेहरा बनाने को कहा जाता है, लेकिन इस स्थिति में इनकोडर को B का और डीकोडर को A का चेहरा बनाने को कहा जाएगा। ऐसे में मान लीजिए कि B उस फोटो में रो रहा है तो नई फोटो में A रोता हुआ दिखेगा।

इसके अलावा एक अन्य तकनीक जिसका नाम ‘जनरेटिव एड्वर्सियल नेटवर्क’ (GAN) है उसके जरिए भी इस तरह का फर्जीवाड़ा किया जाता है। इसमें एक गड़बड़ तस्वीर और एक सही तस्वीर डाली जाती है। AI तकनीक इन दोनों के कोड डिकोड करके फोटो को आपस में मिलाती है। इसमें समय लगता है।

मुनव्वर फारूकी ने ज्योतिषी को नहीं दिखाया हाथ, कहा- मुझे इसकी इजाजत नहीं: बिग बॉस के घर में ‘इस्लाम’ प्रेम देख मर मिटे कट्टरपंथी

कॉमेडी के नाम पर हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने वाले मुनव्वर फारूकी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो ओटीटी प्लेटफॉर्म कलर्स पर प्रसारित होने वाले बिग-बॉस 17 का है। इसमें बिग बॉस के घर आए ज्योतिषी को यह कहते हुए फारूकी हाथ दिखाने से इनकार कर देता है कि उसे इसकी इजाजत नहीं है।

हिंदूफोबिक कॉमेडी के लिए कुख्यात फारूकी ने इससे पहले ओटीटी प्लेटफॉर्म के ही एक रिएलिटी शो लॉकअप (LockUpp) में खुद को बदला हुआ व्यक्ति दिखाने की कोशिश की थी। उसने बचपन में कथित यौन शोषण, तेजाब पीकर अपनी अम्मी के मरने की बातों का खुलास कर संवेदना हासिल करने की कोशिश की थी। लेकिन बिग बॉस के घर के भीतर ज्योतिषी को देखकर उसके भीतर का उम्माह जाग गया। इसके कारण इस्लामी कट्टरपंथी जहाँ उसकी शान में कसीदे पढ़ रहे हैं, वहीं नेटिजन्स बता रहे हैं कि कैसे फारूकी के लिए इस्लाम सबसे ऊपर है।

वायरल हो रहा वीडियो 13 जनवरी 2024 का है। बिग बॉस के घर में मशहूर ज्योतिषी प्रेम आए हुए थे। ज्योतिष विद्या में अपने ज्ञान की वजह से वे दुनिया भर में मशहूर हैं। साल 2018 में भी वो बिग बॉस के घर में आ चुके हैं। इस बार उन्होंने सभी प्रतियोगियों के हाथ देखे और उनके भविष्य को लेकर कुछ सुझाव दिए। लेकिन जब मुनव्वर की बारी आई, तो उसने साफ तौर पर हाथ दिखाने से मना कर दिया।

मुनव्वर ने कहा, “मुझे इजाजत नहीं है भविष्य को जानने की, मुझे माफ कीजिए।” हालाँकि इसके बावजूद प्रेम ज्योतिष ने उसे बताया कि उसका भविष्य इंटरनेशनल फेम (ये बिग बॉस के विजेता को लेकर हिंट भी हो सकता है) वाला है। वो सिर्फ उस पर फोकस करे। खास बात ये है कि मुनव्वर के समर्थक इस बात को पूरे जोर-शोर से प्रचारित भी कर रहे हैं।

मुनव्वर की इस हरकत पर इस्लामिक गैंग भी खूब खुश है। ऑल इन वन नाम के यूट्यूब चैनल, जिसके 1.1 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं ने मुनव्वर फारूकी की जमकर तारीफ की है। सैय्यद मुर्तजा नाम का यूट्यूब एंकर उसकी खुलकर तारीफ करता है। वो बोलता है कि मुनव्वर भाई, एक ही तो दिल है, कितनी बार जीतोगे?

वहीं, मुनव्वर का असली चेहरा सामने आने के बाद कुछ लोगों ने उसे पकड़ लिया। लोग खुल कर ये बोल रहे हैं वह न सिर्फ हिंदू विरोधी है, बल्कि वो कट्टर इस्लामी है। कुछ लोग उसे हिप्पोक्रेट यानी ढोंगी भी कह रहे हैं।

मीठी मिर्ची नाम की एक्स यूजर ने लिखा है, “मुनव्वर को अलॉउड नहीं है भविष्य जानना, उसने एस्ट्रोलॉजर से ऐसा कहा। क्या ये उसके धर्म की वजह से है? क्या उसका धर्म उसे मनोरंजन इंडस्ट्री में होने की इजाजत देता है? क्या फालतू हिप्पोक्राइट आदमी है।”

आयुष ने कही सच्चा बात, तो पिल पड़े मुनव्वर के समर्थक

आयुष शर्मा नाम के इंस्ट्राग्राम यूजर ने मुनव्वर की इस्लामिक कट्टरता पर एक वीडियो भी बनाया है। उसके कमेंट बॉक्स में मुनव्वर के समर्थकों ने खूब गाली-गलौच की है। आयुष शर्मा ने मुनव्वर की हरकतों की वजह से उसके बहिष्कार और उसे वोट न करने की अपील की है।

बता दें कि मुनव्वर फारूकी भगवान राम और माता सीता के साथ ही गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक कमेंट करके जेल भी जा चुका है। साल 2021 में उसे इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान खूब विरोध झेलना पड़ा था। इसके बाद उसे 37 दिनों तक जेल में भी रहना पड़ा था। हालाँकि सुप्रीम कोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी।

मंच टेलीग्राफ का, महफिल लूट ले गए आनंद रंगनाथन: ‘दीदी मीडिया’ की खोली पोल तो श्रोताओं का मिला समर्थन, आयोजक कराने लगे चुप

जेएनयू प्रोफेसर व वैज्ञानिक आनंद रंगनाथन ने ‘द टेलीग्राफ’ के प्रोग्राम में ‘द टेलीग्राफ’ को बहुत लताड़ा। उन्होंने कलकत्ता क्लब के मंच से बोलते हुए द टेलीग्राफ को ‘दीदी मीडिया’ कह डाला और ये तक बताया कि बंगाल में अनगिनत हिंसा की घटनाएँ हुईं हैं लेकिन टेलीग्राफ ने हमेशा उनके लिए अपनी आँखों को मूंदे रखा।

कार्यक्रम के दौरान आनंद रगंनाथन ने जो मीडिया संस्थान को 2 मिनट में धोया है उसकी क्लिप अब सोशल मीडिया पर वायरल है। देख सकते हैं कि वो कहते हैं- “मुझे लगता है कि ‘दीदी मीडिया’ की चर्चा के बिना बात अधूरी रह जाएगी।” आनंद के इतना कहते ही वहाँ बैठे लोग तालियाँ बजाने लगते हैं। पैनल में बैठे एक बुद्धिजीवी उन्हें अपना सत्र समाप्त करने को कहते हैं लेकिन आनंद अपनी बात जारी रखते हुए कहते हैं, “मैं सुनिश्चित करता हूँ कि द टेलीग्राफ अब कभी सीडीसी का आयोजन नहीं करेगा।”

इस पर आयोजक फिर कहते हैं, “आनंद, अब सच में आपको रुक जाना चाहिए।” हालाँकि, इस बीच ऑडियंस समझ जाती है कि आनंद अब आगे क्या करने वाले हैं। वह अपनी बात जारी रखते हुए कहते हैं, “वर्षों से जब भी राज्य सरकार को लेकर कोई अप्रिय खबर आती है तो यहाँ का मीडिया ने मौन रहने की कला में महारत हासिल कर ली है या फिर अखबार के 20वें पन्ने पर नीचे कहीं महीन अक्षरों में देकर वह खबर दबा देती है।”

इतना सुनकर आयोजक उन्हें फिर रोकते हैं और आनंद इस बार डायरेक्ट ऑडियंस से पूछते हैं कि क्या आप लोग मुझे 30 सेकेंड और देंगे। इस पर जनता तेज से ‘हाँ’ में जवाब देती है।

आनंद फिर अपनी बात शुरू करते हुए एक-एक करके बंगाल में रिपोर्ट किए गए अत्याचारों को गिनाते हैं। वह कहते हैं, “एक मेधावी प्रोफेसर को थप्पड़ मारा जाता है और गिरफ्तार कर लिया जाता है सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्होंने एक अहिंसक कार्टून शेयर किया था, उन्हें 11 साल बाद जाकर रिहाई मिलती है। एक पत्रकार को आधी रात में उठाकर जेल में डाल दिया जाता है। हत्या, आगजनी और लूट के जरिए 20 हजार पंचायत सीटों पर विपक्ष का उम्मीदवार खड़ा होने से रोका जाता है। तृणमूल कार्यकर्ता कैमरे के सामने बैलट बॉक्स से छेड़छाड़ करते हैं। हाई कोर्ट कहता है कि चुनाव बाद हुई हिंसा के 60% मामलों में एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई। धमकियों से डरकर जज मुकदमों की सुनवाई से अलग हो जाते हैं। टीएमसी से जुड़े लोग के घर से 40 करोड़ रुपए कैश बरामद होते हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की तुलना कोविड से की जाती है। इन सबके बीच द टेलीग्राफ सहर्ष बहस का आयोजन इस मकसद से करता है कि पत्रकारों को इन सब मुद्दों पर चुप ही रहना चाहिए ना कि मुखर होना चाहिए।”

रंगनाथन ने कहा, “आप कहते हैं कि आप सत्ता के लिए सच बोलते हैं, सत्ता के लिए सच बोलते हैं, लेकिन ऐसा लगता है कि आपके लिए केवल मोदी ही सत्ता में हैं, दीदी नहीं हैं।”

रंगनाथन ने इस वीडियो अपने अकॉउंट से शेयर किया है। उनके इस ट्वीट पर यूजर्स कहते हैं कि ये सब कहने के लिए वाकई बहुत ज्यादा हिम्मत चाहिए। टेलीग्राफ की बेइज्जती टेलीग्राफ के आगे करने पर भी कई लोग आनंद रंगनाथन को सराह रहे हैं। लोग ये देखकर भी हैरान हैं कि ये कार्यक्रम जो कि आयोजित कोलकाता में हुआ, उसमें भी ऐसे लोग थे जो आनंद रंगनाथन की इन बातों को सुनने के लिए उत्सुक थे।

रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा निर्माणाधीन मंदिर में क्यों, 22 जनवरी की तिथि ही क्यों? ‘प्रदीप कर्मकाण्ड’ में है जवाब, पढ़िए और भ्रम से बाहर निकलिए

अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में 22 जनवरी 2024 को भगवान रामलला का प्राण-प्रतिष्ठा होने जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में देश के प्रसिद्ध साधु-संत वैदिक रीति-रिवाजों से यह शुभ कार्य संपन्न कराएँगे। समारोह में उपस्थित रहने के लिए देश के कई गणमान्य लोगों को भी निमंत्रण दिया गया है। हालाँकि, प्राण-प्रतिष्ठा की तिथि को लेकर सोशल मीडिया सहित तमाम जगह सवाल उठाए जा रहा है।

देश में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो सवाल उठा रहे हैं कि 22 जनवरी 2024 को प्राण-प्रतिष्ठा के लिए पर्याप्त मुहूर्त नहीं है। इसके बावजूद इस दिन मंदिर में भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की जा रही है। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनका दावा है कि मंदिर का कार्य चूँकि अभी अधूरा है, इसलिए अधूरे मंदिर में भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा शास्त्र सम्मत नहीं है। इस सवाल को उठाने वालों में कुछ साधु-संत भी हैं।

दरअसल, 22 जनवरी 2024 को पौष शुक्ल 12 सोमवार को मेष लग्न में वृश्चिक नवांश के अभिजित मुहूर्त में भगवान की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है। इस तिथि का निर्धारण वाराणसी के रहने वाले गणेश्वर शास्त्री द्राविडजी ने किया है। महाराष्ट्र के पुणे जिले के रहने वाले बबन लक्ष्मणराव मस्के ने इन्हीं सवालों को गणेश्वर शास्त्री के समक्ष उठाया है। इसका उन्होंने उत्तर भी दिया है।

मंदिर के शिखर का कार्य पूर्ण हुए बिना अधूरे मन्दिर में भगवान राम की प्रतिष्ठा कितना शास्त्र सम्मत है, इसको लेकर गणेश्वर शास्त्री द्राविडजी ने उत्तर दिया है। गणेश्वर शास्त्री का कहना है कि देव मन्दिर की प्रतिष्ठा दो प्रकार से होती है- पहला, सम्पूर्ण मन्दिर बन जाने पर तथा दूसरा, मन्दिर में कुछ काम शेष रहने पर भी प्राण प्रतिष्ठा होती है।

गणेश्वर शास्त्री द्राविडजी का कहना है, “जहाँ पर सम्पूर्ण मन्दिर बन जाने पर देव-प्रतिष्ठा होती है, वहाँ गर्भगृह में देव-प्रतिष्ठा होने पर मन्दिर के ऊपर कलश-प्रतिष्ठा संन्यासी के द्वारा की जाती है। कलश-प्रतिष्ठा गृहस्थ के द्वारा नहीं होती। गृहस्थ के द्वारा कलश-प्रतिष्ठा होने पर वंशक्षय (वंश का नाश) होता है। मन्दिर का पूर्ण निर्माण हो जाने पर देव-प्रतिष्ठा के साथ मन्दिर के ऊपर कलश-प्रतिष्ठा होती है। जहाँ पर मन्दिर पूर्ण नहीं बना रहता, वहाँ देव-प्रतिष्ठा के बाद मन्दिर का पूर्ण निर्माण होने पर किसी शुभ दिन में उत्तम मुहूर्त में मन्दिर के ऊपर कलश-प्रतिष्ठा होती है।”

वैदिक शास्त्रों के ज्ञाता अण्णाशास्त्री वारे द्वारा निर्मित ‘कर्मकाण्ड प्रदीप’ ग्रन्थ के पत्र 338 में का जिक्र करते हुए गणेश्वर शास्त्री कहते हैं, “‘इति व्रतोद्यापन-वद्द्व्यहःसाध्यः सर्वदेवप्रतिष्ठाप्रयोगः समाप्तः’ के बाद ‘अथ कलशारोपणविधिः’ से आरम्भ कर ‘इति प्रतिष्ठासारदीपिकोक्त: कलशारोपणविधिः’ तक स्वतन्त्र रूप से कलश आरोपण विधि दी गयी है।”

वे आगे कहते हैं, “पाञ्चरात्रागम में ईश्वर संहिता का अग्रिम वचन भी उक्त व्यवस्था के विरुद्ध नहीं है। वचन इस प्रकार है: ‘प्रासादाङ्गेषु विप्रेन्द्राः! क्रमान्निगहितेषु च। देवताधारभूतेषु यद्यदऊंग् न कल्पितम् ॥ यत्र वा तत्तदधिकं तत्रापि च समाचरेत् । तत्तत्स्थाने तु बुद्ध्या तु देवतान्यासमूहतः ॥” (ईश्वरसंहिता अध्याय 3 श्लोक 165-166 पृष्ठ 32)।”

बृहन्नारदीयपुराण का हवाला देते हुए शास्त्री आगे कहते हैं, “अकृत्वा वास्तुपूजां यः प्रविशेन्नवमन्दिरम् । रोगान् नानाविधान् केशानश्नुते सर्वसङ्कटम् ॥ अकपाटमनाच्छन्नमदत्तबलिभोजनम् । गृहं न प्रविशेदेवं विपदामाकरं हि तत्॥” (बृहन्नारदीय पुराण, पूर्वखण्ड, अध्याय 56 श्लोक 618-619, पत्र 116)।”

इस श्लोक का अर्थ बताते हुए आगे कहते हैं, “तदनुसार मन्दिर में द्वार (कपाट = किवार) जबतक नहीं बनता तथा मन्दिर पर जबतक आच्छादन नहीं होता अर्थात् मन्दिर जबतक नहीं ढका जाता और वहाँ वास्तुशान्ति जबतक नहीं होती तथा उसमें देवताओं को यथायोग्य माषभक्त बलि एवं पायसबलि नहीं दी जाती तथा वास्तुशान्ति का अङ्गभूत ब्राह्मणभोजन जबतक नहीं होता तबतक मन्दिर में देवप्रतिष्ठा नहीं हो सकती।”

गणेश्वर शास्त्री आगे कहते हैं, “लोक व्यवहार में एक मंजिल (भवन) बनने पर भी वास्तु-शान्ति करके लोग गृह-प्रवेश करते हैं। बाद में गृह का ऊपरी भाग बनता है। अत: पूर्ण भवन बनने पर ही वास्तु-प्रवेश होगा, ऐसा नहीं कहा जा सकता। देव-मन्दिर देवगृह है, अतः उसमें उक्त नियम लागू होगा। अयोध्या के राम मन्दिर में प्रतिष्ठा के पूर्व वास्तु-शान्ति, प्रस्तुत बलिदान एवं ब्राह्मण भोजन होने वाला है।”

22 जनवरी 2024 की तिथि को प्राण-प्रतिष्ठा योग्य बताते हुए गणेश्वर शास्त्री आगे कहते हैं, “मन्दिर के दरवाजे लग गए हैं। गर्भगृह पूर्ण रूप से शिलाओं द्वारा ढँका गया है। अत: उसमें राम-प्रतिष्ठा करने में कोई दोष नहीं है। मन्दिर का काम पूर्ण होने पर कर्मकाण्ड प्रदीप में उद्धृत प्रतिष्ठासार दीपिकोक्त कलशारोपणविधि के अनुसार कलशारोपण होगा।”

अब इसी में दूसरा सवाल ये खड़ा किया जा रहा है कि ’22 जनवरी 2024 को छोड़ अन्य मुहूर्त क्यों नहीं लिया गया’। इस सवाल का उत्तर भी गणेश्वर शास्त्री द्राविडजी ने शास्त्रों को उद्धृत करते हुए दिया है। उनका कहना है कि 22 जनवरी 2024 पौष शुक्ल द्वादशी सोमवार मृगशीर्ष नक्षत्र के दिन सर्वोत्तम मुहूर्त है। इस कारण से उसे लिया गया है। उनका कहना है कि 22 जनवरी 2024 के पूर्व विजयादशमी के दिन गुण – वत्तर लग्न नहीं मिलता। गुरु वक्री होने से दुर्बल है।

गणेश्वर शास्त्री ने कहा, “बलि प्रतिपदा को मंगलवार है। यह वार गृह-प्रदेश में निषिद्ध है। अनुराधा नक्षत्र में घटचक्र की शुद्धि नहीं है। अग्निबाण भी है। अग्निबाण में मन्दिर में मूर्ति-प्रतिष्ठा होने पर आग लगकर हानि होती है। 25 जनवरी 2024 पौष शुक्ल पूर्णिमा को मृत्युबाण है। मृत्युबाण में प्रतिष्ठा होने पर लोगों की मृत्यु हो सकती है। माघ-फाल्गुन में कहीं बाण शुद्धि नहीं मिलती तो कहीं पक्ष-शुद्धि नहीं मिलती तथा कहीं तिथि आदि की शुद्धि नहीं मिलती। भाष शुक्ल आदि में गुरु कर्काश (उच्चांश) का नहीं है।”

अगली तिथि के बारे में बताते हुए वे आगे कहते हैं, “14 मार्च 2024 से खरमास है। अर्थात् मीनार्क है। मीनार्क में उत्तर भारत में प्रतिष्ठा आदि शुभ कार्य नहीं होते। 9 अप्रैल 2024 को वर्षारम्भ दिन है। उसमें मंगलवार, वैधृति एवं क्षीणचन्द्र दोष हैं। रामनवमी 17 अप्रैल 2024 को मेष लग्न पापाक्रान्त है तथा उसे लेने पर द्वादश में बुध-शुक्र जाते हैं। वृष-लग्न लेने पर द्वादश में गुरु एवं चतुर्थेश सूर्य में जाते हैं। बाद में आश्लेषा नक्षत्र है।”

आगे की तिथियों का जिक्र करते हुए वैदिक शास्त्रों के ज्ञाता गणेश्वर शास्त्री कहते हैं, “24 अप्रैल वैशाख कृष्ण प्रतिपदा को मृत्युबाण है। 28 अप्रैल को शुक्र का वार्धक्यारम्भ है। 5 मई को गुरु का वार्धक्यारम्भ है। 7 जुलाई 2024 रथयात्रा के दिन रविवार है। 17 जुलाई से चातुर्मास्य है। 12 अक्टूबर 2024 विजयादशमी को शनिवार है। गुरु वक्री है। 2 नवम्बर बलिप्रतिपदा को शनिवार है। गुरु वक्री है। 3 फरवरी तक गुरु वक्री होने से मुहूर्त में गुरुबल नहीं। माघ शुक्ल दशमी शुक्रवार को शुद्ध एवं बलवत्तर लग्न नहीं मिलता।”

इसी तरह, आगे की तिथियों का जिक्र करते हुए कहते हैं, “माघ शुक्ल त्रयोदशी सोमवार 10 फरवरी 2025 को अग्निबाण है। पुनर्वसू नक्षत्र पापाक्रान्त है। आगे कहीं चन्द्रशुद्धि नहीं। कहीं पक्ष की शुद्धि नहीं। कहीं शुद्ध नक्षत्र नहीं। कहीं बाणशुद्धि नहीं। कहीं तिथि-वार की शुद्धि नहीं। फाल्गुन पूर्णिमा 14 मार्च को खरमासारम्भ। 30 मार्च 2025 को वर्षारम्भ के दिन रविवार है। रामनवमी के दिन रविवार है।”

मार्च 2025 के बाद की तिथि के बारे में बताते हुए गणेश्वर शास्त्री कहते हैं, “आगे कहीं यतीपात है, कहीं वैधृति है, कहीं इतर अशुद्धि है। गुरु शत्रुराशि में होने से मुहूर्त में गुरुबाण की कमी है। 2 जून 2026 को गुरु कर्क में जाएगा। उस समय अधिक जयेष्ठ कृष्ण-पक्ष रहेगा। 16 जून 2026 से शुद्ध ज्येष्ठ शुक्ल प्रारंभ होगा। पूर्ण लग्न शुद्धि नहीं मिलती।”

गणेश्वर शास्त्री का कहना है कि तब तक प्रतीक्षा कर शुभ मुहूर्त खोजने पर कौन चलता रहेगा? इसलिए इन सब बातों का विचार करके 22 जनवरी 2024 का राम प्रतिष्ठा मुहूर्त दिया गया है। उनका कहना है कि पूर्व में आनन-फानन में जो मुहूर्त लोगों ने दिया था, उसमें कुछ कमी थी इसी कारण मन्दिर तोड़े गए।

उन्होंने कहा, “अत: सभी बातों को ध्यान में रखकर 22 जनवरी 2024 को प्रतिष्ठा का मुहूर्त दिया गया है। इसमें लग्नस्थ गुरु की दृष्टि पश्चम, सप्तम एवं नवम पर होने से मुहूर्त उत्तम है। मकर का सूर्य हो जाने से पौषमास का वर्ज्यत्व (दोष) समाप्त हो जाता है। भगवान् की कृपा से, गुरुजनों के आशीर्वाद से उपर्युक्त उत्तम मुहूर्त मिला है।”

अकेले लोकसभा चुनाव लड़ेगी BSP, जन्मदिन पर मायावती का ऐलान: आम चुनावों से पहले ‘हाथी’ की सवारी करना चाहता था INDI गठबंधन

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने अपने 68वें जन्मदिन के मौके पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ऐलान किया है कि उनकी पार्टी आगामी लोकसभा चुनावों में अकेले चुनाव लड़ेगी। न वह INDI के साथ गठबंधन करेगी और न ही NDA के साथ।

उन्होंने बताया कि वह इस चुनाव को दलित और पिछड़े वर्गों के दम पर लड़ेंगी जैसा उन्होंने 2007 में किया था और अपने दम पर सरकार बनाई थी। उन्होंने कहा कि वो देश की जातिवादी, पूँजीवादी, संकीर्ण, सांप्रदायिक सोच रखने वाली सभी पार्टियों से दूरी बनाएँगी।

इसके साथ ही उन्होंने 2007 के यूपी चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि अगर चुनाव 2007 की तरह फ्री एंड फेयर होता है, जिसमें ईवीएम जैसी किसी प्रकार की धांधली नहीं की गई थी तो इस बार उनकी पार्टी लोकसभा के आम चुनाव अकेले ही लड़कर राज्य में बेहतर प्रदर्शन करेगी।

मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “बीएसपी गठबंधन न करके चुनाव अकेले इसलिए लड़ती है क्योंकि इसका सर्वोच्च नेतृत्व एक दलित के हाथ में है, जिनके प्रति जातिवादी पार्टियों की मानसिकता अभी तक भी नहीं बदली है। यही वजह है कि जब बसपा गठबंधन करती है तो उसका वोट पूरा गठबंधन वाली पार्टी को चला जाता है। लेकिन उनका अपना बेस वोट विशेषकर अपर कास्ट का वोट बसपा को समर्पित नहीं हो पाता है।”

उन्होंने कहा कि बसपा अब किसी को फ्री में समर्थन नहीं देगी। लेकिन चुनाव के गठबंधन के बारे में विचार करेगी। इस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपने पुराने सहयोगी अखिलेश यादव को गिरगिट बताया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव गिरगिट जैसे रंग बदलते हैं। इसलिए इनके बचकर रहना चाहिए। मायावती ने साफ किया कि जो खबरें फैलाई जा रही हैं कि वो संन्यास लेंगी, वो बिलकुल गलत हैं। उन्होंने कहा- “मैं अभी संन्यास लेने वाली नहीं हूँ। मैं अंतिम समय तक पार्टी को मजबूत बनाने का काम करती रहूँगी।”

उन्होंने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा पर जवाब दिया- “मुझे निमंत्रण मिला है लेकिन मैंने वहाँ न जाने का निर्णय लिया है। मैं पार्टी के कार्यों में व्यस्त हूँ। लेकिन जो भी कार्यक्रम होने जा रहे हैं हमें ऐतराज नहीं हैं। स्वागत करेंगे। आगे चलकर बाबरी को लेकर कोई फैसला हुआ तो उसका भी स्वागत करेंगे।”

बता दें कि आगामी लोकसभा चुनावों में यूपी की 80 लोकसभा सीटों का अहम रोल रहेगा। ऐसे में हर पार्टी अपना नेटवर्क मजबूत करने के लिए गठबंधन कर रही है। भाजपा को हराने के लिए विरोधी तो हर दल को अपने साथ इंडी गठबंधन में जोड़ रहे हैं, लेकिन उनकी युक्तियाँ मायावती की बसपा के पास नहीं चल पाईं। उन्होंने इस गठबंधन का हिस्सा बनने से साफ मना कर दिया है।

रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या में अमिताभ बच्चन ने लिया प्लॉट, बनाएँगे आलीशान बंगला: 7 स्टार एन्क्लेव होगा विकसित

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले अयोध्या में जमीन खरीदी है। अमिताभ बच्चन का कहना है कि वे वहाँ घर बनाएँगे। उन्होंने यह प्लॉट मुंबई के ही एक बिल्डर से खरीदा है। यह बिल्डर अयोध्या में 51 एकड़ में एक 7 स्टार एन्क्लेव डेवलप कर रहा है। इनमें प्लॉट, विला, ऊँची बिल्डिंग सहित एक 5 स्टार होटल का निर्माण भी शामिल है।

अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में ‘सरयू इन्क्लेव’ नाम के इलाके में यह प्लॉट खरीदा है। यहाँ पर एक फाइव स्टार होटल का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा भी कई अन्य प्रोजेक्ट पर काम हो रहा है। जानकारी के अनुसार, अमिताभ बच्चन ने जिस प्लॉट को खरीदा है, उसका आकार 10,000 स्क्वायर फीट है। इसकी कीमत लगभग ₹14.5 करोड़ बताई जा रही है। वे यहाँ पर अपने लिए एक आलीशान घर बनाएँगे।

अमिताभ बच्चन ने यह जमीन ‘हाउस ऑफ़ अभिनन्दन लोढ़ा’ से ली है। लोढ़ा ही सरयू प्रोजेक्ट बना रहे हैं। इस सरयू प्रोजेक्ट में आलीशान बँगले, लग्जरी फ्लैट और रिसॉर्ट के साथ-साथ एक पाँच सितारा होटल का निर्माण भी हो रहा है। जिस जगह अमिताभ बच्चन ने जमीन ली है, उस सरयू प्रोजेक्ट मार्च 2028 को पूरा होगा। बता दें कि राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को होनी है।

गौरतलब है कि अयोध्या में बीते कुछ वर्षों में जमीन के कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट बताती है कि अयोध्या में भारत और भारत से बाहर के भी कई प्रॉपर्टी निवेशक जमीन खरीद रहे हैं। इसमें बताया गया है कि अप्रैल 2023 से नवम्बर 2023 के बीच अयोध्या में 30,000 से अधिक जमीन की रजिस्ट्रियाँ हुई हैं। इनमें से 80% जमीन की खरीद से जुड़ी हुई हैं।

अयोध्या के आसपास की जमीनें भी काफी महँगी हो चुकी है। यहाँ के एक प्रॉपर्टी डीलर का कहना है कि 5 अगस्त 2019 को सुप्रीम कोर्ट के मंदिर निर्माण को लेकर फैसला आने के बाद यहाँ जमीन की कीमतों में भारी वृद्धि देखी गई है। राम जन्मभूमि की 5-10 किलोमीटर की परिधि में खाली जमीनों की कीमत उनकी मंदिर से निकटता के आधार पर ₹2,000 से लेकर ₹20,000 प्रति स्क्वायर फीट हो चुकी हैं।

मंदिर के पास की जमीन की कीमत और भी ऊँचे हैं। बताया जा रहा है कि यहाँ की जिस जमीन की कीमत साल 2019 से पहले कुछ लाख रुपए थी, आज वह 60 लाख रुपए से अधिक की हो चुकी है। जमीन की उपलब्धता भी कम होती जा रही है। अयोध्या डेवलपमेंट ऑथोरिटी ने अब शहर के बाहर रिंग रोड और रिहायशी जमीन विकसित करने की कार्रवाई शुरू की है।

‘जो हमारे खिलाफ होगा हम उसके खिलाफ होंगे’: मालदीव में शूटिंग का एक और बॉलीवुड संगठन ने किया विरोध, कहा- वहाँ छुट्टी मनाने भी न जाएँ

मालदीव के भारत विरोधी रवैए को लेकर ​बॉलीवुड लगातार मुखर है। ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने बॉलीवुड से मालदीव में फिल्मों की शूटिंग नहीं करने की अपील की है। मालदीव की मुइज्जू सरकार के मंत्रियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीयों के विरुद्ध अपमानजनक बातें लिखने और भारतीय सेना को मालदीव से हटाने की बात करने के बाद यह अपील की गई है।

ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल ने कहा है, “मालदीव की सरकार ने भारत सरकार से कहा कि वह 15 मार्च तक सारे फौजी हटा ले। कुछ दिन पहले मालदीव सरकार के मंत्रियों ने भारत के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसके बाद भारतीयों ने उनके विरुद्ध ट्रेंड चलाया। मैं AICWA के अध्यक्ष होने के नाते बॉलीवुड सहित भारत की बाकी फिल्म इंडस्ट्री से अपील करता हूँ कि वह मालदीव का बायकॉट करें। वहाँ शूटिंग ना करें। ना ही वहाँ छुट्टी मनाएँ। जो भी हमारे खिलाफ खड़ा होगा हम उसके खिलाफ खड़े होंगे।”

14 जनवरी 2024 को मालदीव सरकार ने भारत से अपने सैनिक 15 मार्च 2024 तक निकालने को कहा था। AICWA अध्यक्ष ने सभी भारतीय कलाकारों से भारतीय समुद्री पर्यटनस्थलों को बढ़ावा देने की अपील भी की है। AICWA वही संगठन है जिसने फिल्म आदिपुरुष के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। इस पत्र में आदिपुरुष की स्क्रीनिंग को थिएटर में तुरंत बैन करने की डिमांड की थी। साथ कहा था कि इसे किसी भी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज न होने दिया जाए।

गौरतलब है कि इससे पहले भी एक अन्य बॉलीवुड एसोसिएशन ने ऐसी ही अपील की थी। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एंप्लॉयज (FWICE) ने भी एक प्रेस रिलीज जारी कर मालदीव में शूटिंग करने का विरोध किया था। अपील की थी कि भारत में ही वैकल्पिक जगह देखकर वहाँ फिल्में शूट की जाए।

10 जनवरी 2024 को FWICE ने प्रेस रिलीज जारी कर सभी फिल्म प्रोड्यूसर से मालदीव में अपनी शूटिंग बुकिंग रद्द करने की अपील की थी। उन्होंने इस रिलीज में निर्माताओं से फिल्म शूटिंग के लिए भारत में समान स्थानों को चुनने और भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने का आग्रह किया था। FWICE ने अपनी रिलीज में बताया था कि वो ये फैसला मालदीव के तीन मंत्रियों द्वारा भारत के खिलाफ जारी की गई अपमानजनक टिप्पणी के कारण ले रहे हैं। FWICE ने विश्व स्तर पर सम्मानित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गई ‘गैर जिम्मेदाराना’ और ‘घटिया’ टिप्पणियों की भी निंदा की थी।

क्या था पूरा विवाद?

हाल ही में मालदीव की मुइज़्ज़ू सरकार में मंत्री मरियम शिनुआ, मालशा शरीफ और अब्दुल्ला मह्जूम समेत सत्ताधारी पार्टी के अन्य सदस्यों ने भारत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ काफी अपमानजनक टिप्पणियाँ की थीं। मुइज्जू की सरकार में मंत्री मरियम शिनुआ ने प्रधानमंत्री मोदी को इजरायल की कठपुतली कहा था। इनकी यह अभद्रता प्रधानमंत्री मोदी के लक्षद्वीप दौरे की तस्वीरें डालने के बाद सामने आई थी।

भारत के नाराज होने के बाद मालदीव की सरकार ने इन मंत्रियों को निलंबित कर दिया था और साथ ही एक बयान जारी करके कहा था कि मालदीव की सरकार ऐसे बयानों का समर्थन नहीं करती है और यह इन व्यक्तियों के निजी मत हैं। मालदीव के दो पूर्व राष्ट्रपति और मालदीव की राजनीतिक पार्टियों ने भी मुइज्जू सरकार के मंत्रियों की आलोचना की थी।

इनकी अपमानजनक टिप्पणियों के कारण भारत में मालदीव के प्रति उबाल आ गया और लोगों ने मालदीव के इस रवैये की आलोचना की। एक्स (पहले ट्विटर) पर भी इसको लेकर लगातार अभियान चलाया गया। भारत ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति की गई टिप्पणियों को राजनयिक स्तर पर भी मालदीव के साथ उठाया।

बता दें कि मालदीव विवाद के बाद से अब तक तमाम लोग मालदीव का बॉयकॉट कर रहे हैं। भारत की बड़ी-बड़ी हस्तियाँ जो वहाँ छुट्टियाँ मनाने जाती थीं, वो भी खुलकर भारतीय द्वीपों का प्रचार कर रही हैं। यहाँ तक इजरायल ने भी खुले में भारत को सपोर्ट किया है