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‘हमारा मुख्य उद्देश्य हिन्दू धर्म का प्रचार-प्रसार’: रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा पर तिरुपति मंदिर से जाएँगे 1 लाख लड्डू, TTD ने कहा – ये सनातन के लिए ऐतिहासिक क्षण

अयोध्या के निर्माणाधीन राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत की मौजूदगी में 22 जनवरी, 2024 को होने वाला है। इसके लिए तैयारियाँ जोरों पर हैं। देश भर से नेताओं, फ़िल्मी हस्तियों और धर्माचार्यों को इसमें आमंत्रित किया गया है। अब ‘तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD)’ बोर्ड ने इस समारोह के लिए 1 लाख लड्डू भेजने का फैसला लिया है। तिरुपति बालाजी मंदिर में प्रसाद के रूप में इन लड्डुओं का भोग लगाया जाता है।

TTD ही भगवान वेंकटेश्वर के तिरुपति मंदिर के प्रबंधन का कामकाज देखता है। इसके एग्जीक्यूटिव ऑफिसर AV धर्मा रेड्डी ने शुक्रवार (5 जनवरी, 2024) को कहा कि श्रीराम और वेंकटेश्वर – दोनों ही भगवान विष्णु के महत्वपूर्ण अवतारों में से एक हैं। इसीलिए, अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में आने वाले VVIPs एवं श्रद्धालुओं के लिए TTD ने 25 ग्राम के 1 लाख लड्डू दान करने का फैसला लिया है। हालाँकि, सामान्य तौर पर तिरुपति के एक लड्डू का वजन 170-175 ग्राम होता है। उन्होंने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को सनातन धर्म के लिए भी एक ऐतिहासिक क्षण करार दिया।

TTD के एग्जीक्यूटिव अधिकारी AV धर्मा रेड्डी ने कहा कि संस्था का प्राथमिक उद्देश्य हिन्दू धर्म एवं इसकी संस्कृति व मूल्यों का प्रचार-प्रसार करना ही है, ऐसे में वो राम जन्मभूमि पूजा का हिस्सा बन कर सौभाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। बता दें कि तिरुमला में 3-5 फरवरी को TTD के ‘हिन्दू धर्म प्रचार परिषद’ द्वारा ‘धर्म सदस्सू (धार्मिक कॉन्फ्रेंस)’ का आयोजन किया गया है, जिसमें चर्चा के लिए देश भर से साधु-संतों को आमंत्रित किया गया है।

इस धर्म सभा में सनातन को आगे बढ़ाने और इस दिशा में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा होगी। 15 जनवरी को तिरुपति में गोड़ा कल्याणम का आयोजन भी होना है। मकर संक्रांति पर परेड ग्राउंड में होने वाले इस आयोजन के अगले ही दिन ‘श्रीवरी परुवेता उत्सवम’ भी होना है। दिसंबर 2023 में तिरुपति को 19 लाख श्रद्धालुओं द्वारा 116.73 करोड़ रुपए का दान मिला है। 1.46 करोड़ लड्डू प्रसाद वितरित किए गए और 40 लाख श्रद्धालुओं को निःशुल्क भोजन कराया गया। प्रार्थना पूरी होने के बाद 6.87 लाख भक्तों ने अपने बाल अर्पित किए।

तिरुपति तिरुमला से राम मंदिर के लिए ये लड्डू सड़क मार्ग से जाएँगे और प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम से 1 दिन पहले वहाँ उपलब्ध करा दिए जाएँगे। इन्हें 5 दिनों तक उपयोग में लाया जा सकेगा। तिरुपति प्रतिदिन 175 ग्राम के 4 लाख लड्डू और 75,000 छोटे लड्डू बनाता है जो 25 ग्राम के होते हैं। इन छोटे लड्डुओं को श्रद्धालुओं में निःशुल्क वितरित किया जाता है। अयोध्या में भी भगवान वेंकटेश्वर का मंदिर बनना है, जिसके लिए TTD योगी सरकार की अनुमति के इंतज़ार में है। जम्मू, नई दिल्ली, कुरुक्षेत्र, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक में वेंकटेश्वर मंदिर का निर्माण TTD करवा चुका है।

कनाडाई PM ट्रूडो का प्लेन फिर दूसरे देश में हुआ खराब, इस बार जमैका में अटके: G-20 के वक्त भारत में हुई थी फजीहत

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को उनके सरकारी प्लेन ने एक बार फिर से धोखा दे दिया। इस बार वो जमैका में फँस गए। वो जमैका में अपने परिवार के साथ छुट्टियाँ मनाने गए थे। यहाँ उन्होंने नए साल का स्वागत किया। इससे पहले कि वो छुट्टियाँ मनाकर कनाडा लौट पाते, उनके प्लेन ने ही धोखा दे दिया। इसके बाद उनके लिए कनाडा से दो स्पेशल प्लेन आए और उनमें इंजीनियर आए। उन्होंने ट्रूडो के प्लेन को ठीक किया और तब जाकर जस्टिन ट्रूडो कनाडा लौट सके।

कनाडा की सीटीवी न्यूज ने इस बारे में रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें बताया गया है कि जस्टिन ट्रूडो एक बार फिर से दूसरे देश में फँस गए हैं, क्योंकि उनके प्लेन में कुछ खराबी आ गई थी। वो 26 दिसंबर 2023 को जमैका पहुँचे थे। उन्हें 4 जनवरी 2023 को हर हाल में कनाडा आ जाना था। लेकिन वो जिस सरकारी प्लेन सी-144 से जमैका में पहुँचे थे। उसी प्लेन ने उन्हें धोखा दे दिया। इसके बाद कनाडा की एयरफोर्स ने 2 प्लेन्स जमैका के लिए रवाना किए थे।

फर्स्ट पोस्ट ने बताया है कि कनाडा से गए इंजीनियरों ने उनके प्लेन को सही किया और वो उसी सरकारी प्लेन से वापस आए, जिससे वो जमैका गए हुए थे। वैसे, ये पहली बार नहीं है जब जस्टिन ट्रूडो को सरकारी प्लेन ने धोखा दिया हो। वो जब जी-20 की बैठक के लिए भारत की राजधानी दिल्ली में पहुँचे थे, तो उन्हें दो दिन ज्यादा रुकना पड़ा था।

वैसे, इस बार जो प्लेन खराब हुआ है, उसका मॉडल नंबर सी-144 है। वहीं, भारत में जो प्लेन खराब हुआ था, वो इससे काफी बड़ा था और वो सी-150 मॉडल का था। हैरानी की बात है कि कनाडा जैसे विकसित देश के प्रधानमंत्री को ऐसी समस्याओं का बार-बार सामना कर शर्मिंदा होना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि बीते वर्ष सितंबर माह में जस्टिन ट्रूडो नई दिल्ली में थे। वो जी-20 के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुँचे थे। ट्रूडो के वापस लौटने के समय उनका प्लेन खराब हो गया था, इसके बाद कनाडा की एयरफोर्स ने दूसरा प्लेन भेजा था। लेकिन, वो दूसरा प्लेन कभी भारत पहुँचा ही नहीं, उसे रास्ते से लौटा दिया गया। वहीं, दो दिन फँसे रहने के बाद जब ट्रूडो का प्लेन बनकर तैयार हो गया, तब वो वापस अपने देश लौट सके थे।

रामचरितमानस जलाने वालों पर से नहीं हटेगा NSA: हाईकोर्ट ने ठुकराई याचिका, कहा – खुलेआम हुआ भगवान राम के ग्रन्थ का अपमान, हिन्दुओं का आक्रोश स्वाभाविक

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामचरितमानस जलाने वाले 2 हिन्दू विरोधियों पर लगे NSA (रासुका) हटाने से इनकार कर दिया है। इन दोनों ने रामचरितमानस की प्रतियाँ खुलेआम जलाई थीं। गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस का उत्तर भारत में विशेष महत्व है। उन्होंने रामायण को सरलीकृत लोकसभा में आम जनों तक पहुँचाया था। लेकिन, सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य और राजद नेता व बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव जैसे नेताओं ने लगातार बयान देकर 2023 में रामचरितमानस को बदनाम करने की कोशिश की।

वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रामचरितमानस की प्रतियाँ खुलेआम जलाई गईं। जिलाधीश के आदेश पर 2 आरोपितों के खिलाफ रासुका के तहत मामला दर्ज किया गया था। इन दोनों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में आदेश को चुनौती दी। अब हाईकोर्ट ने इस याचिका को ख़ारिज कर दिया है। जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस नरेंद्र कुमार जौहरी की खंडपीठ ने शुक्रवार (5 जनवरी, 2024) को देवेंद्र प्रताप यादव एवं सुरेश सिंह यादव की याचिकाओं को रद्द कर दिया।

सतनाम सिंह नवी नामक हिन्दू कार्यकर्ता ने 29 जनवरी, 2023 को इस संबंध में स्थानीय PGI थाने में मामला दर्ज कराया था। वृन्दावन कॉलोनी में रामचरितमानस पुस्तक के न सिर्फ पन्ने फाड़े गए थे, बल्कि जला भी दिया गया था। इससे आम लोग आक्रोशित हो गए और इलाके में तनाव बढ़ गया था। इन दोनों ने स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थन में इस कृत्य को अंजाम दिया था। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि आरोपितों ने अपने सहयोगियों के साथ मिल कर दिन-दहाड़े सार्वजनिक स्थल पर भगवान राम के जीवन के घटनाक्रम से संबंधित ग्रन्थ का जिस तरह से अपमान किया, उससे सामाजिक आक्रोश स्वाभाविक है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साथ ही रामचरितमानस को हिन्दुओं की धार्मिक मान्यताओं और आस्था से भी जोड़ा। जजों ने नोट किया कि मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया के वर्तमान युग में हर व्यक्ति इनसे जुड़ा हुआ है और ऐसे में ऐसी घटनाओं से समाज में धार्मिक उन्माद और तनाव फैल सकता है। साथ ही इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने माना कि प्रशासन द्वारा NSA लगाने का निर्णय लेना उचित है और सही है। अदालत ने कहा कि जिस तरह का व्यवहार किया गया, हिन्दुओं का आक्रोशित होना स्वाभाविक था।

‘मुस्लिमों को चाहिए एक और मुल्क, यूनाइटेड पाकिस्तान-बांग्लादेश ज़िंदाबाद’: बिहार के प्रोफेसर खुरशीद आलम ने विरोध के बावजूद डिलीट नहीं किया पोस्ट

बिहार के सिवान जिले से माँग उठी है कि अब हिंदुस्तानी मुस्लिमों के लिए पाकिस्तान-बांग्लादेश से इतर एक नया मुल्क दिया जाए, जो दोनों के बीच हो। ये बातें प्रोफेसर खुरशीद आलम लगातार सोशल मीडिया पर लिख रहा है। हैरानी की बात ये है कि नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की सरकार उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही, जबकि छात्र उसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

ये मामला सिवान के गोरियाकोठी इलाके का है। जहाँ जेपी यूनिवर्सिटी से जुड़े नारायण कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात खुरशीद आलम उर्फ लाल बाबू लगातार देश में विभाजन के पक्ष में जहर उगल रहा है। खुरशीद आलम कई माह से भारतीय मुस्लिमों के लिए अलग देश की माँग कर रहा है। वो पाकिस्तान और बांग्लादेश के राष्ट्रगीतों को शेयर करता है और दोनों ही देशों के जिंदाबाद के नारे भी सोशल मीडिया पर लिखता है।

खुर्शीद आलम के फेसबुक प्रोफाइल के कुछ स्क्रीनशॉट्स देखिए, जिसमें वो 19 दिसंबर को मुस्लिमों से अलग मुल्क की डिमांड रखने की बात कह रहा है। 29 दिसंबर को वो खुलेआम लिखता है कि भारत-पाकिस्तान का बंटवारा अभी पूरा नहीं हुआ। 02 जनवरी 2024 को वो फेसबुक पर यूनाइटेड पाकिस्तान और बांग्लादेश जिंदाबाद लिखता है, तो 3 दिन पहले वो भारतीय मुस्लिमों के लिए अलग होमलैंड की माँग करता है।

खुरशीद आलम के फेसबुक पोस्ट के स्क्रीनशॉट, ये सभी पोस्ट आज (06 जनवरी 2024) भी मौजूद हैं।

खास बात ये है कि यही खुरशीद आलम कुछ दिन पहले यहूदियों और मुस्लिमों को मिलकर रहने की सीख दे रहा था। वो इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम की बात कर रहा था और ऐसी तस्वीर भी शेयर की थी, जिसमें वो इजरायल और फिलिस्तीन के बीच सहअस्तित्व को मानता है। लेकिन उसे हिंदुस्तान की बात आने पर यहाँ के मुस्लिमों के लिए अलग देश चाहिए।

खुरशीद आलम का इजरायल-फिलिस्तीन पर स्टैंड भी जान लीजिए

खुरशीद आलम की अलग मुस्लिम देश की माँग को लेकर सोशल मीडिया पर हाल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने जेपी विश्वविद्यालय के कुल सचिव रणजीत कुमार को पत्र सौंपा, जिसमें उन्होंने नारायण महाविद्यालय, गोरियाकोठी के असिस्टेंट प्रोफेसर खुरशीद आलम को तुरंत बर्खास्त करने की माँग की है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने खुरशीद आलम के खिलाफ देशद्रोह के मामले में मुकदमा दर्ज किए जाने की माँग की है और अपना शिकायत पत्र भी सौंपा है। हालाँकि इतना सबकुछ होने के बावजूद खुरशीद आलम ने न ही सोशल मीडिया से वो पोस्ट डिलीट किए हैं, और न ही माफी माँगी है।

ये पूरा मामला कई सवाल खड़े करता है। खासकर बिहार में हो रही सनातन और राष्ट्र विरोधी कामों को लेकर। सत्ताधारी आरजेडी के नेता सनातन को गालियाँ देते हैं। वो मंदिर को लेकर उल्टी सीधी बातें लिखते हैं। वो पोस्टर लगाकर राजनीति करते हैं। ऐसे में जब आरजेडी अपने विधायकों और मंत्रियों तक को नहीं रोक रही है, तो अपने खास कोर वोट बैंक से जुड़े लोगों पर क्या ही कार्रवाई करेगी? बहरहाल, ये मामला बेहद गंभीर है। ऐसे मामलों में चुप्पी साधने का परिणाम बेहद भयावह हो सकता है।

राजनीति की पिच पर 10 दिन भी नहीं टिक पाए अम्बाती रायडू: छोड़ दी जगन रेड्डी की पार्टी, कहा – समय आने पर बताऊँगा आगे का प्लान

भारतीय टीम की तरफ से 55 ODI और 6 अंतरराष्ट्रीय T20 मैच खेल चुके अम्बाती रायडू राजनीति की पिच पर ज़रा सा भी नहीं टिक पाए। जगन मोहन रेड्डी की YSRCP में शामिल होने के मात्र 9 दिन बाद ही उन्होंने पार्टी छोड़ दी है। साथ ही उन्होंने राजनीति से ब्रेक लेने का भी ऐलान कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बताया कि उन्होंने कुछ समय के लिए राजनीति से दूर रहने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि आगे वो क्या करने वाले हैं इस संबंध में वो खुद ही बता देंगे।

साथ ही उन्होंने अपने फैंस को धन्यवाद भी दिया। IPL में 203 मैच खेल चुके अम्बाती रायडू ‘मुंबई इंडियंस (MI)’ और उसके बाद ‘चेन्नई सुपर किंग्स (CSK)’ जैसी बड़ी टीमों का अहम हिस्सा रहे हैं। भारत की तरफ से उन्होंने वनडे मैचों में 3 शतक भी लगाए हैं। IPL में उनके 22 अर्धशतक रहे हैं। हालाँकि, अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों में वो सफल नहीं रहे और उन्हें अधिक मौका भी नहीं मिला। 38 वर्षीय अम्बाती रायडू ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल से भी 2023 में संन्यास ले लिया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी से मुलाकात के बाद ‘युवजन श्रमिका रायथू कॉन्ग्रेस पार्टी’ ज्वाइन की थी। कयास लगाए जा रहे थे कि 2024 में उन्हें पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ाया जा सकता है। वो अपने गृह क्षेत्र में सक्रिय भी हो गए थे। आंध्र प्रदेश में लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा के चुनाव भी होने हैं। अम्बाती रायडू को जब पार्टी में शामिल किया गया, उस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री K नारायण स्वामी और राजमपेटा से लोकसभा सांसद P मिथुन रेड्डी भी मौजूद थे।

अम्बाती रायडू आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में सक्रिय थे। जून 2023 में वत्तिचेरुकुरु मंडल के मुटलूरु गाँव में उन्होंने कहा था कि वो आमजनों की नसों को पढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि वो लोगों की ज़रूरतों को समझ रहे हैं, ताकि उन्हें पूरा कर सकें। उन्होंने अमीनाबाद के मुलंकारेश्वरी मंदिर और फिरंगीपुरम के साईं बाबा मंदिर व येशु चर्च का दौरा किया था और लोगों से मिले थे। उन्होंने स्कूली बच्चों के साथ भोजन भी किया था। CSK ने 2023 में आईपीएल जीता था, जिसके बाद वो टीम मैनेजमेंट के साथ भी जगन रेड्डी से मिले थे।

6300 फीट ऊँचाई पर टूटा प्लेन का दरवाजा, सीट उड़ी हवा में, बच्चों की शर्ट फटी: 174 यात्रियों ने पास से देखी मौत

अलास्का एयरलाइंस के हवा में उड़ते एक प्लेन के दरवाजे टूटने का वीडियो खासा वायरल हो रहा है। इस वजह से इस प्लेन की शुक्रवार (5 जनवरी,2024) को संयुक्त राज्य अमेरिका के पोर्टलैंड, ओरेगॉन में इमरजेंसी लैंडिग करानी पड़ी। इसमें 174 यात्रियों और चालक दल के छह सदस्य सवार थे।

हालाँकि ये पता नहीं चल पाया है कि इस प्लेन का एग्जिट डोर कैसे टूटा और इसका एक हिस्सा हवा में कैसे उड़ गया। यह भी जानकारी नहीं मिल पाई है कि इस दौरान कोई घायल हुआ या नहीं। सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे इस वाकये में प्लेन के पीछे के बीच के केबिन एग्जिट डोर की दीवार गायब दिखाई दे रही है।

अमूमन एरोप्लेन में ये दरवाज़ा किसी भी इमरजेंसी हालात में प्लेन से बाहर निकलने के मकसद से बनाया जाता है। लेकिन अलास्का एयरलाइंस के प्लेन में इसे एक्टिव मोड में नहीं रखा गया था और इसे स्थाई तौर से फिक्स कर दिया गया था।

शुक्रवार की रात अलास्का एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या 1282 पोर्टलैंड इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पोर्टलैंड से कैलिफ़ोर्निया के ओन्टारियो के लिए रवाना हुई थी। उड़ान भरने के कुछ वक्त बाद ही इस बोइंग 737-900/-9MAX प्लेन की खिड़की का एक बड़ा हिस्सा और खाली सीट बीच हवा में बाहर आ गया। इस वजह से प्लेन में सवार एक बच्चे की शर्ट फट गई।

जब प्लेन का डोर टूटा तो प्लेन 6,300 फीट की अधिकतम ऊंचाई तक पहुँच गया था। इस घटना के बाद इसे वापस पोर्टलैंड इंटरनेशनल एयरपोर्ट सुरक्षित तरीके से इमरजेंसी लैंडिंग करवाया गया। वहाँ के फेडरेल उड्डयन प्रशासन ने एक अलग बयान में कहा कि प्लेन चालक दल ने लैंडिंग से पहले प्लेन में मिड एयर प्रेशर की परेशानी की सूचना दी थी।

हालाँकि ये साफ नहीं हो पाया कि इसकी वजह से प्लेन में सवार कोई यात्री घायल हुआ हो। प्लेन के यात्रियों ने इस घटना को बुरा सपना बताया। न्यूयॉर्क टाइम्स ने इस प्लेन में सवार पोर्टलैंड की एक 22 साल की यात्री वी गुयेन के हवाले से लिखा कि वह उड़ान के दौरान तेज आवाज सुनकर जाग गई। तभी उन्होंने प्लेन के साइड में एक बड़ा छेद देखा।

वी गुयेन ने आगे कहा, “मैंने अपनी आँखें खोलते ही सबसे पहली चीज जो देखी वो मेरे ठीक सामने ऑक्सीजन मास्क था। मैंने अपने बाईं ओर देखा तो प्लेन के किनारे की दीवार गायब हो गई थी। पहली चीज़ जो मैंने सोची वह थी, मैं मरने जा रही हूँ।” उनकी दोस्त 20 साल की एलिजाबेथ का भी कुछ ऐसा ही अनुभव रहा।

पत्नी संग द्वारकाधीश के चरणों में मुख्य न्यायाधीश DY चंद्रचूड़: गुजरात के मंदिर पहुँच किया दर्शन-पूजन और ध्वजारोहण, शोभा यात्रा में शामिल हुए अधिकारी

भारत के मुख्य न्यायाधीश DY चंद्रचूड़ ने गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर पहुँच कर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। वो शनिवार (6 जनवरी, 2024) को द्वारका पहुँचे थे। वीडियो में देखा जा सकता है कि जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ पीले वस्त्रों में अपने पत्नी के साथ द्वारकाधीश मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुँचे हैं। उनके साथ उनकी पत्नी भी थीं। इस दौरान मंदिर में सुरक्षा कड़ी रही और उनके साथ पुलिस के कई जवान व सुरक्षाकर्मी भी चल रहे थे।

डिस्ट्रिक्ट कलक्टर अशोक शर्मा और पुलिस अधीक्षक नीतेश पांडेय ने इस दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ का स्वागत किया। वो सुबह-सुबह दर्शन के लिए पहुँचे। दर्शन-पूजन के बाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण भी किया। उन्होंने द्वारकाधीश मंदिर में पुजारियों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की चरण पादुका की पूजा की। बता दें कि CJI का सोमनाथ मंदिर में भी पूजा-अर्चना का कार्यक्रम था, लेकिन राजकोट से वो वहाँ के लिए निकले पर हेलीकॉप्टर लैंड नहीं हो पाया।

इसीलिए, उनका कार्यक्रम बदला और उन्होंने फिर द्वारकाधीश मंदिर में जाने के लिए प्लान बनाया। इस दौरान जामनगर और देवभूमि द्वारका – दोनों जिलों के अधिकारी मौजूद रहे। दोनों जिलों के कई जज भी वहाँ उपस्थित थे। राजकोट में 110 करोड़ रुपए की लागत से नए कोर्ट का निर्माण हुआ है, जिसका उन्होंने उद्घाटन किया। राजकोट के डीएम प्रभव जोशी और कमिश्नर राजू भार्गव के अलावा इलाके के तमाम बड़े अधिकारी इस उद्घाटन समारोह में मौजूद रहे।

कोर्ट के उद्घाटन से एक दिन पहले आयोजन की तैयारियों को लेकर एक उच्च-स्तरीय बैठक भी हुई थी। CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने द्वारकाधीश में ‘ध्वजा जी’ की भी पूजा-अर्चना की और ध्वजारोहण के बाद पुजारियों ने अधिकारियों के साथ ध्वजा की एक यात्रा भी निकाली, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। साथ ही ‘जय द्वारकाधीश’ के नारे भी लगे। राजकोट में कानून मंदिर ऋषिकेश पटेल ने सीजेआई का स्वागत किया और कलावाद रोड पर स्थित एक रिजॉर्ट में उन्होंने रात गुजारी।

‘हिजाब न पहनने वाली महिलाओं का चरित्र गड़बड़’: आनाकानी के बाद केरल पुलिस ने मौलाना पर दर्ज की FIR, महिला ने सरेआम हटा दिया था स्कार्फ

केरल में टीवी डिबेट के दौरान एक मौलाना ने उन महिलाओं के चरित्र पर सवाल उठाया जो हिजाब नहीं पहनतीं। उनकी इस टिप्पणी को लेकर 4 जनवरी 2024 को उनके खिलाफ केरल के कोझिकोड में एफआईआर दर्ज हुई। इस मामले में शिकायत प्रगतिशील मुस्लिम महिलाओं के मंच NISA की अध्यक्ष वीपी सुहरा ने की थी।

उनकी शिकायत के बाद ही 4 जनवरी को मौलाना के खिलाफ IPC की धारा 295ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना) और 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले शब्द बोलना) के तहत FIR दर्ज की गई। इस एफआईआर के होने के बाद सुहरा ने मौलाना के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई पर खुशी जाहिर की।

उन्होंने कहा, “हमारे सामने ऐसी कई घटनाएँ हुई हैं। वे मुस्लिम समुदाय और महिलाओं को खराब तरीके से दिखाने चाहते हैं। वे महिलाओं को बुर्का पहनने वाली और न पहनने वाली में बाँटकर समुदाय में तनाव पैदा करना चाहते हैं। फैजी ने उन सभी महिलाओं का अपमान किया है जो हेडस्कार्फ़ नहीं पहनती हैं।”

सुहरा ने पुलिस पर शुरू में उनकी शिकायत पर कार्रवाई न करने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा, “जब मैंने 7 अक्टूबर को शिकायत दर्ज की, तो पुलिस ने कहा कि अगर उन्हें अदालत से निर्देश मिलेगा तो वे केस दर्ज करेंगे। बाद में हमें कानूनी राय मिली कि पुलिस शिकायत पर कार्रवाई कर सकती है।”

उन्होंने आगे कहा, “हम संजीदगी और जिद के साथ अपनी शिकायत पर टिके थे ताकि यह पक्का किया जा सके कि मौलवी पर उनकी आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए केस दर्ज किया जाए।”

दरअसल, एक टेलीविजन बहस के दौरान एक मौलवी मुक्कम उमर फैजी ने ये कथित टिप्पणी की थी कि जो मुस्लिम महिलाएँ हेडस्कार्फ या हिजाब नहीं पहनती थीं, वे संदिग्ध चरित्र वाली होती हैं।

बताते चलें कि ये टेलीविजन बहस बीते साल अक्टूबर 2023 में समान नागरिक संहिता पर एक सेमिनार के दौरान सीपीआई (एम) नेता अनिल कुमार के बयान को लेकर हुई थी। कुमार ने कहा था,”कम्युनिस्ट पार्टी के असर की वजह मलप्पुरम में मुस्लिम लड़कियों ने हिजाब छोड़ दिया और इससे मुस्लिम समुदाय अधिक प्रगतिशील हुआ है।”

इस बयान के बाद वो सीपीआई (एम) के लोकसभा सांसद ए एम आरिफ और पार्टी के कई अन्य मुस्लिम नेताओं के निशाने पर आ गए थे। सीपीआई (एम) के राज्य सचिव और पोलित ब्यूरो सदस्य एम वी गोविंदन ने कहा था कि पार्टी कुमार के रुख से राजी नहीं है। वहीं मौलाना ने भी टीवी प्रोग्राम में इस पर अपनी राय दी थी, जिसे सुनकर सुहारा काफी नाराज हो गईं थीं। उन्होंने अक्टूबर में एक सार्वजनिक मंच पर अपने सिर से स्कॉर्फ को हटा दिया था।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने शहर के नल्लालम में कुदुम्बश्री के थिरिके स्कूलिल (बैक टू स्कूल) अभियान के उद्घाटन सत्र के दौरान फैजी की टिप्पणी पर निशाना साधाते हुए कहा था कि सिर ढंकना या नहीं ढंकना महिला की पसंद है ये स्कॉर्फ हटाते हुए कहा था- “मैं सिर पर स्कार्फ पहनकर बड़ी हुई हूँ। यह मेरी आदत का हिस्सा है इसलिए नहीं कि मैं मुस्लिम हूँ।” उनके हेडस्कॉर्फ हटाने का विरोध भी हुआ था जिसके बाद पुलिस के पास शिकायत भी पहुँची थी।

भारतीय नौसेना के पराक्रम के बाद ‘भारत माता की जय’ के नारे: समुद्री लुटेरों से मालवाहक जहाज को छुड़ाया, 7500 टन के INS को देख कर ही भाग खड़े हुए डकैत

सोमालिया के तट पर समुद्री लुटेरों ने मालवाहक जहाज एमवी लीला नॉरफॉक (MV Lila Norfolk) को इसके 21 क्रू मेंबर्स सहित बंधक बना लिया था। इस जहाज के चालक दल में 15 भारतीय भी थे। सूचना मिलते ही भारतीय नौसेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और सभी को सकुशल बचा लिया। रेस्क्यू के बाद चालक दल के सदस्य उत्साहित हो गए और उन्होंने भारतीय नौसेना को धन्यवाद देते हुए ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगाए।

भारतीय नौसेना का ये ऑपरेशन शुक्रवार (5 जनवरी, 2024) रात पूरा हुआ। इस तरह से अदन की खाड़ी से होने वाली समुद्री डकैती का भारतीय नौसेना ने मुँहतोड़ जवाब दिया। उसके युद्धपोत INS चेन्नई और उसके समुद्री कमांडो मॉर्कोस ने लाइबेरिया के झंडे वाले मालवाहक जहाज को अगवा करने की कोशिश को नाकाम कर डाला।

बताते चलें कि गुरुवार (4 जनवरी, 2024) की शाम 5 से 6 हथियारबंद समुद्री डाकुओं ने मालवाहक एमवी लीला नॉरफॉक को कब्जे में लिया था। ये लुटेरे सोमालिया में ईल से लगभग 460 समुद्री मील पूर्व में इस जहाज में सवार हुए थे। भारतीय नौसेना के मुताबिक, 5 जनवरी को इस जहाज ने ब्रिटेन के मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) पोर्टल पर संदेश भेजा था।

UKMTO एक रॉयल नेवी चैनल है जो रणनीतिक जलमार्गों में सैन्य जहाजों और व्यापारिक जहाजों के बीच संपर्क के तौर पर काम करता है। इससे संदेश पाते ही भारतीय नौसेना ने तुरंत जंगी जहाज INS चेन्नई और मैरिटाइम पैट्रोलिंग एयरक्राफ्ट P8I को रवाना किया गया था।

एक पी-8आई एयरक्राफ्ट ने शुक्रवार तड़के जहाज के ऊपर से उड़ान भरी और चालक दल के सदस्यों के साथ संपर्क किया। ये लोग किस्मत से जहाज में ऐसे मौकों के लिए बनाए गए सुरक्षित घर में शरण लेने में कामयाब हो गए थे। हाईजैकर्स से जहाज को छुड़ाने के लिए P8I गश्ती एयरक्रॉफ्ट ने सख्त चेतावनी जारी की थी। इस जबरदस्त चेतावनी के बाद शुक्रवार रात नौसेना के मार्कोस कमांडो ने रात 8 बजे के करीब ऑपरेशन शुरू किया। कमांडो जहाज में घुसे तो वहाँ तलाशी के दौरान समुद्री लुटेरे जहाज पर नहीं मिले।

माना जा रहा है कि भारतीय नौसेना की सख्त चेतावनी से खौफ में आकर ये लुटेरे जहाज छोड़कर फरार हो गए। दरअसल, लुटेरे जंगी जहाज विध्वंसक INS चेन्नई की 7500 टन की ‘INS चेन्नई’ के खौफ के सामने टिक नहीं पाए।

नौसेना प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने कहा, “21 चालक दल के सदस्यों (फिलीपींस के छह सहित) को मार्कोस ने जहाज से सुरक्षित निकाल लिया गया। जहाज को रोकने से लेकर क्रू को निकालने के पूरे ऑपरेशन में लगभग दो घंटे लग गए।”

उन्होंने आगे कहा, “भारत अक्टूबर 2008 से ही अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती रोधी गश्त पर नियमित तौर से युद्धपोत तैनात कर रहा है। अब तक लगभग 110 भारतीय युद्धपोत ऐसी गश्त के लिए तैनात किए गए हैं। इससे पूर्वी अरब सागर में समुद्री डकैती पर काबू पाया गया था।”

बताते चलें कि इससे पहले भी लाइबेरिया के झंडे वाले जहाज़ एमवी केम प्लूटो पर हमला हुआ था। इसमें 21 भारतीय नागरिक थे। अरब सागर में भारत आ रहे जहाज़ों पर हमले ऐसे समय में हो रहे हैं, जब लाल सागर में यमन के हूती विद्रोही इजरायल और उसके सहयोगी देशों से जुड़े जहाज़ों को निशाना बना रहे हैं।

देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इन हमलों को लेकर कहा था, “भारत की बढ़ती आर्थिक और सामरिक ताक़त ने कुछ ताक़तों को जलन से भर दिया है। अरब सागर में हाल में हुए एमवी केम प्लूटो पर ड्रोन हमले और कुछ दिन पहले लाल सागर में एमवी साई बाबा पर हमले को भारत सरकार ने बेहद संजीदगी से लिया है। जिसने भी इस हमले को अंजाम दिया है, उन्हें समुद्र की गहराई से भी ढूँढ कर सज़ा दी जाएगी।”

ट्रक ड्राइवर से बना सीमाई इलाके का ‘बेताज बादशाह’ : जानें कौन है TMC नेता शाहजहाँ, जिसकी भीड़ ने ED पर किया हमला

पश्चिम बंगाल में राशन घोटाला मामले में कल (5 जनवरी 2024) ईडी की छापेमारी के दौरान टीएमसी नेता शंकर आद्या को गिरफ्तार कर लिया गया। 17 घंटे छापेमारी के बाद 12:30 बजे उन्हें अरेस्ट किया गया। वहीं दूसरी ओर संदेशखली में टीएमसी नेता शेख शाहजहाँ के घर रेड मारने गए अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों पर भीड़ ने जानलेवा हमला किया गया। इस दौरान कुछ लोग बुरी तरह घायल भी हुए तो वहीं दूसरी ओर गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई।

शुक्रवार को ईडी की एक टीम टीएमसी नेता शेख शाहजहाँ के संदेशखली के सरबेरिया स्थित घर पर रेड मारने गई थी। ये जगह बांग्लादेश की सीमा से सटी है। अधिकारियों ने देखा उसके घर ताला लगा है। जब उन्होंने लॉक तोड़ने की कोशिश की तो टीएमसी समर्थकों की भीड़ ने उनपर हमला किया।

मौजूद जानकारी के अनुसार, संदेशखली इलाके में 53 वर्षीय टीएमसी नेता शेख शाहजहाँ का रसूख है उसे लोग संदेशखली का बेताज बादशाह बताते हैं। शेख का कोई राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं है लेकिन फिर भी वह राजनीति में बड़ी तेजी से आगे बढ़ा। वह जन्मा गरीब घर में ही था, जिसके कारण शुरुआत में उसने ट्रक ड्राइवर का काम किया, तो कभी कंडक्टर का। कभी सब्जी बेची तो कभी कुछ और किया। लेकिन इन सबके साथ वो संदेशखली में बड़े नेताओं से संपर्क भी बनाता रहा।

धीरे-धीरे समय आया कि वो खुद एक रसूखदार आदमी बन गया। 2006 में वामपंथी सरकार के वक्त उसने मोस्लेम शेख के सबसे करीबी सहयोगी के रूप में पैसे उगाही जैसे काम करने की शुरूआत की। धीरे-धीरे वो रियल स्टेट में घुसा और फिर मछली पालन जैसे कामों में लग गया।

सत्ता परिवर्तन के साथ उसका पाला भी बदल गया। 2011 में वामपंथी सरकार गई तो 2013 में वो टीएमसी में आ गया। यहाँ वह खाद्य मंत्री ज्योतिप्रियो मल्लिक का खास बन गया। भाजपा के साथ टीएमसी की झड़पों में भी शेख का नाम आता रहा। 2020 में उसके ऊपर दो भाजपा नेताओं की हत्या का इल्जाम लगा, लेकिन वह उससे भी बच गया। उसकी नीति यही रही कि वो हमेशा से बड़े लोगों के ग्रुप में उठता-बैठता, जिससे जब उस पर कोई दोष लगे तो वह बच सके। यही वजह है कि उसपर कार्रवाई नहीं हुई। उसपर अपने चुनाव क्षेत्र में चुनाव के दौरान धांधली करने का आरोप भी लगता रहा है।

उसकी टीएमसी में कितनी पैठ है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदेश सीएम के खास लोगों ने शाहजहाँ शेख को सपोर्ट किया था। वहीं 1 जनवरी 2024 को तो शाहजहाँ ने खुले में धमकी ही दी थी। ये जानकारी भाजपा नेता अमित मालवीय के ट्वीट से मिली। इसमें शाहजहाँ ने कहा था कि सीबीआई और ईडी उसके बाल तक नहीं छू सकतीं। उसने सबसे ये दुआ करने को भी कहा था कि सब दुआ करें उसे गुस्सा न आए वरना वो भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के दाँत तोड़ देगा और उनकी खाल उतार देगा।