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कनाडाई PM ट्रूडो का प्लेन फिर दूसरे देश में हुआ खराब, इस बार जमैका में अटके: G-20 के वक्त भारत में हुई थी फजीहत

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को उनके सरकारी प्लेन ने एक बार फिर से धोखा दे दिया। इस बार वो जमैका में फँस गए। वो जमैका में अपने परिवार के साथ छुट्टियाँ मनाने गए थे। यहाँ उन्होंने नए साल का स्वागत किया। इससे पहले कि वो चुपचाप कनाडा लौट पाते, उनके प्लेन ने ही धोखा दे दिया।

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को उनके सरकारी प्लेन ने एक बार फिर से धोखा दे दिया। इस बार वो जमैका में फँस गए। वो जमैका में अपने परिवार के साथ छुट्टियाँ मनाने गए थे। यहाँ उन्होंने नए साल का स्वागत किया। इससे पहले कि वो छुट्टियाँ मनाकर कनाडा लौट पाते, उनके प्लेन ने ही धोखा दे दिया। इसके बाद उनके लिए कनाडा से दो स्पेशल प्लेन आए और उनमें इंजीनियर आए। उन्होंने ट्रूडो के प्लेन को ठीक किया और तब जाकर जस्टिन ट्रूडो कनाडा लौट सके।

कनाडा की सीटीवी न्यूज ने इस बारे में रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिसमें बताया गया है कि जस्टिन ट्रूडो एक बार फिर से दूसरे देश में फँस गए हैं, क्योंकि उनके प्लेन में कुछ खराबी आ गई थी। वो 26 दिसंबर 2023 को जमैका पहुँचे थे। उन्हें 4 जनवरी 2023 को हर हाल में कनाडा आ जाना था। लेकिन वो जिस सरकारी प्लेन सी-144 से जमैका में पहुँचे थे। उसी प्लेन ने उन्हें धोखा दे दिया। इसके बाद कनाडा की एयरफोर्स ने 2 प्लेन्स जमैका के लिए रवाना किए थे।

फर्स्ट पोस्ट ने बताया है कि कनाडा से गए इंजीनियरों ने उनके प्लेन को सही किया और वो उसी सरकारी प्लेन से वापस आए, जिससे वो जमैका गए हुए थे। वैसे, ये पहली बार नहीं है जब जस्टिन ट्रूडो को सरकारी प्लेन ने धोखा दिया हो। वो जब जी-20 की बैठक के लिए भारत की राजधानी दिल्ली में पहुँचे थे, तो उन्हें दो दिन ज्यादा रुकना पड़ा था।

वैसे, इस बार जो प्लेन खराब हुआ है, उसका मॉडल नंबर सी-144 है। वहीं, भारत में जो प्लेन खराब हुआ था, वो इससे काफी बड़ा था और वो सी-150 मॉडल का था। हैरानी की बात है कि कनाडा जैसे विकसित देश के प्रधानमंत्री को ऐसी समस्याओं का बार-बार सामना कर शर्मिंदा होना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि बीते वर्ष सितंबर माह में जस्टिन ट्रूडो नई दिल्ली में थे। वो जी-20 के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पहुँचे थे। ट्रूडो के वापस लौटने के समय उनका प्लेन खराब हो गया था, इसके बाद कनाडा की एयरफोर्स ने दूसरा प्लेन भेजा था। लेकिन, वो दूसरा प्लेन कभी भारत पहुँचा ही नहीं, उसे रास्ते से लौटा दिया गया। वहीं, दो दिन फँसे रहने के बाद जब ट्रूडो का प्लेन बनकर तैयार हो गया, तब वो वापस अपने देश लौट सके थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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