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‘शर्म करो, जीजा हूँ तुम्हारा’: सचिन ने पाकिस्तानियों को लताड़ा, ससुर ने गर्भवती सीमा हैदर का हाथ देख कर बताया लड़का होगा या लड़की

बीते साल सीमा हैदर नोएडा के सचिन मीणा के इश्क में गिरफ्तार होकर अपने चार बच्चों के साथ भारत चली आई थीं। इसके बाद से दोनों मीडिया और सोशल मीडिया में छाए हैं। अब खबर आ रही है कि सीमा जल्दी ही सचिन के बच्चे की माँ बनने जा रही है। इस बीच सीमा ने एक नए वीडियो में पाकिस्तानियों को हिदायत दी है कि वे अपने जीजा सचिन मीणा की इज्जत करें।

दरअसल, इस ताजा वीडियो में सचिन कहते नजर आ रहे हैं, “पाकिस्तान का तो मैं दामाद लगता ही हूँ और जीजा भी लगता हूँ पाकिस्तानी सबका।” इस पर सचिन के कंधे पर हाथ रख मुस्कुराते हुए सीमा कहती हैं, “बिल्कुल, अली रजा हैदर ओनली फॉर यू”। फिर सचिन कहते हैं, “तो उनको शर्म नहीं आती अपने सगे जीजा को ऐसा उलटा-सीधा बोलते हुए, आप ही बताओ।”

बताते चलें कि सीमा के पाकिस्तान से भारत आने के बाद से ही यह प्रेमी युगल पाकिस्तानियों के निशाने पर है। पाकिस्तानी इनको लेकर अक्सर उल्टा-सीधा बोलते रहते हैं। इसी को लेकर सीमा हैदर ने उन्हें सचिन की इज्जत करने की नसीहत दी है। सीमा कहती हैं, “इज्जत करो यार, तुम्हारे जीजा लगते हैं हमारे पति। दामाद हैं तुम लोगों के।”

पाकिस्तान की सीमा हैदर और भारत के सचिन मीणा की प्रेम कहानी अक्सर सुर्खियों में रहती है। नए साल पर सीमा ने खुशखबरी दी है कि वो सचिन के बच्चे की माँ बनने वाली है। सीमा कहती हैं कि उनके ससुर जी ने उनका हाथ देखकर ये भी बता दिया है कि उन्हें बेटा होगा। ‘इनखबर’ के एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी प्रेग्नेंसी का राज खोला है।

सीमा से ये पूछा गया गया था, “क्या 2024 खुशियाँ लेकर आ रहा है?” इस पर सीमा हैदर ने जवाब दिया था, “साल 2023 भी बहुत खुशियाँ लेकर आया था। मानती हूँ कि थोड़ा-बहुत दुख हुआ। सचिन का बर्थडे नजदीक आ रहा है। अच्छा रहेगा कि किसी और का भी जन्म हो जाए।”

दरअसल, सीमा हैदर के माँ बनने का वीडियो सामने आने के बाद 2 जनवरी 2024 को सीमा के पाकिस्तानी शौहर गुलाम हैदर ने यूट्यूब पर एक लाइव किया। इसमें गुलाम हैदर ने नाराजगी जाहिर करते हुए सीमा से अपने बच्चों को वापस देने की माँगी की है।

बताते चलें कि इससे पहले भी सीमा पाकिस्तानियों को करारा जवाब दे चुकी हैं। सीमा ने कहा था, “पहले अपनी शक्ल देख लो शीशे में, उसके बाद आप कुछ भी कह सकते हो। मेरे पति मेरे हीरो हैं। मुझे देखो और मेरे पति को देखो। मैं मुँह नहीं लगना चाहती, लेकिन पाकिस्तान से कोई उल्टे-सीधे कॉमेंट करेगा तो मुँह की खाएगा।”

सीमा और सचिन की प्रेम कहानी साल 2020 में मोबाइल पर पबजी गेम खेलने से शुरू हुई थी। दोनों में दूर से ही इतनी नजदीकियाँ बढ़ीं कि सीमा पाकिस्तान में अपना घर-बार छोड़कर अपने बच्चों संग अवैध तरीके से नेपाल होते हुए यूपी के सचिन के पास चली आईं। उन्होंने हिंदू धर्म के सभी रीति-रिवाजों को भी अपना लिया है और अपने चारों बच्चों के नाम भी हिंदू रख दिए हैं।

‘SEBI पर शक नहीं कर सकते’: सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई अडानी के खिलाफ SIT की माँग, कहा – विदेशी रिपोर्ट पर भरोसा नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने अडानी समूह पर अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए आरोपों के जाँच के लिए SIT के गठन की माँग की याचिकाओं की सुनवाई करते हुए बुधवार (3 जनवरी, 2023) को अहम टिप्पणियाँ की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में SIT के गठन की जरूरत नहीं है। SEBI की जाँच इस मामलें में पर्याप्त है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे सामने रखी गई याचिकाएँ इस बात के लिए पर्याप्त नहीं है कि इस मामले की जाँच SEBI से ले ली जाए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि सॉलिसिटर जनरल ने इस मामले में भरोसा दिया है कि SEBI 3 महीनों में जाँच पूरी कर लेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि SEBI ने इस सम्बन्ध में 22 में से 20 मामलों की जाँच कर ली है।

सुप्रीम कोर्ट में इस मामले का निर्णय सुना रहे देश के मुख्य न्यायधीश डीवाई चन्द्रचूड़ ने कहा कि एक संस्था OCCRP की अडानी समूह के विषय में लाई गई रिपोर्ट को हम मान्यता नहीं दे सकते और ना ही इसके कारण SEBI की जाँच पर शक किया जा सकता है।

हिंडनबर्ग की तरह ही OCCRP ने भी अडानी समूह के खिलाफ गड़बड़ी के आरोप लगाए थे। गौरतलब है कि इस संस्था OCCRP का सम्बन्ध जॉर्ज सोरोस से है। जॉर्ज सोरोस भारत को अस्थिर करने की लगातार कोशिश करता रहा है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी सोरोस की आलोचना की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निजी संस्थाओं की रिपोर्ट के आधार पर हमारी विधिक संस्थाओं की जाँच पर शक करना ठीक नहीं है। इनकी रिपोर्ट को इनपुट माना जा सकता है लेकिन इन पर विश्वास करके SEBI के हाथों से जाँच नहीं ली जा सकती।

इसके अलावा याचिकाओं में सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले की जाँच के लिए गठित किए गए पाँच सदस्यीय पैनल पर हितों के टकराव के आरोप लगाए गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है इस मामले में याचिकाकर्ताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए आरोप संतोषजनक नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस पैनल द्वारा दी गई रिपोर्ट में दिए गए सुझावों को केंद्र सरकार द्वारा उपयोग करके कानूनी ढाँचा मजबूत करने की बात भी कही है।

गौरतलब है कि 24 जनवरी, 2023 को अमेरिकी शॉर्ट सेलर ने भारतीय कारोबारी अडानी समूह पर कई आरोप लगाए थे और इसे इतिहास की सबसे बड़ी धोखेबाजी करार दिया था। इसके बाद अडानी समूह के वैल्युएशन में काफी कमी देखी गई थी। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने SEBI को जाँच करने का आदेश दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने एक 5 सदस्यीय पैनल का गठन भी किया था जो SEBI के विनियामक दायरे को लेकर सुझाव प्रस्तुत करती और साथ ही यह भी देखती कि SEBI कहीं इस मामले की जाँच में फेल हुआ है क्या। इस कमिटी ने कहा था कि SEBI ने सही तरीके से जाँच की है। इस पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि पहली नजर में गड़बड़ी के कोई संकेत नहीं हैं।

सुप्रीम कोर्ट के इस मामले में SIT ना बनाने और विदेशी रिपोर्ट पर विश्वास ना जताने की बात कहने पर अडानी समूह के मुखिया गौतम अडानी ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय यह दिखाता है कि सत्य की जीत होती है।

‘जातीय जनगणना के पूरे आँकड़ों को सार्वजनिक करे बिहार सरकार’: सुप्रीम कोर्ट का आदेश, याचिकाकर्ता बोले – जल्द हो सुनवाई, वो तेज़ी से बढ़ा रहे आरक्षण

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (2 जनवरी, 2024) को कुछ जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की, जो बिहार में हुई जाति जनगणना के खिलाफ दायर किए गए थे। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से पूछा कि आखिर वो आँकड़ों को सार्वजनिक किए जाने से किस हद तक रोक सकती है? सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि कास्ट सेंसस का डेटा पब्लिक किया जाए, ताकि लोगों को उन्हें चुनौती देने का मौका मिल सके। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की खंडपीठ ने ‘इस मामले पर ‘यूथ फॉर इक्वलिटी’ और ‘एक सोच, एक प्रयास’ जैसे NGO की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये कहा।

हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दोनों पक्षों को विस्तार से सुने बिना अब तक कोई आदेश नहीं दिया है। वरिष्ठ अधिवक्ता राजू रामचंद्रन ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि बिहार सरकार ने जाति जनगणना के आँकड़ों पर काम करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि मुद्दा अर्जेन्ट है क्योंकि रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण बढ़ा दिया गया है। पटना उच्च न्यायालय में भी इसे चुनौती दी गई है। उन्होंने कहा कि जहाँ चीजें तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं, वहीं सुप्रीम कोर्ट में अगस्त 2023 से ही ये मामला लंबित है।

हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने त्वरित सुनवाई की माँग फ़िलहाल नहीं मानी है। सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर चिंता जताई कि जाति जनगणना के आँकड़ों को किस हद तक सार्वजनिक किया जा सकता है जिससे लोगों की निजता का उल्लंघन भी न हो। वहीं बिहार सरकार ने कहा कि सर्वे सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है। वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि संविधान के हिसाब से ये जनगणना नहीं है। वहीं अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि ये जातीय जनगणना अवैध है, राज्य सरकार इसे नहीं करा सकती।

अब इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 29 जनवरी, 2024 को होगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट अब तक सर्वे और इसके आधार पर उठाए जाने वाले कदम को रोकने से इनकार कर चुका है। याचिकाकर्ताओं ने जाति जनगणना को लोगों की प्राइवेसी का उल्लंघन करार दिया था। केंद्र सरकार ने अपना पक्ष रखा है कि वो न तो सर्वे के समर्थन में है और न ही विरोध में। केंद्र सरकार ने SC, ST, SEBC और OBC समाज के उत्थान के लिए काम करने के संकल्प को भी दोहराया था।

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा है कि बिहार सरकार ने जातीय जनगणना के आँकड़ों के आधार पर जो निर्णय लिए हैं उनके खिलाफ वो ताज़ा याचिका दायर करें। अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार के जातीय जनगणना के आधार पर फैसले लेने से रोकने से इनकार कर दिया था और कहा था कि किसी भी सरकार को नीतिगत निर्णय लेने से नहीं रोका जा सकता। पटना हाईकोर्ट जातीय जनगणना को वैध बता चुका है। अगस्त में ही उसने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

‘अवैध है ED का समन’: अरविंद केजरीवाल ने पूछताछ के लिए पेश होने से किया इनकार, झारखंड में CM हेमंत सोरेन के करीबियों के 12 ठिकानों पर छापेमारी

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समन पर एक बार फिर नहीं पहुँचे। ऐसा उन्होंने तीसरी बार किया है। वहीँ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबियों पर अवैध खनन के मामले में ED ने फिर छापेमारी की है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री को इससे पहले ED नवम्बर और दिसम्बर 2023 में बुला चुकी है। नवम्बर माह में उन्होंने मध्य प्रदेश चुनावों चुनावों जबकि दिसम्बर में विपश्यना साधना का कारण देकर ED की पूछताछ में जाने से मना कर दिया था। दिसम्बर में उन्हें 21 तारीख को बुलाया गया था।

अरविन्द केजरीवाल से ED दिल्ली शराब नीति घोटाला के मामले में पूछताछ करना चाहती है। इस मामले में दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पहले से ही जेल में बंद हैं। इन्हें फरवरी 2023 में ED ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। AAP सांसद संजय सिंह भी इसी मामले में जेल में बंद हैं।

अरविंद केजरीवाल ने 3 जनवरी, 2024 को पूछताछ के लिए आने के विषय में भेजे गए समन का जवाब एक लिखित उत्तर में दिया है। उन्होंने ED द्वारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने को अवैध बताया है। उन्होंने कहा है कि वह जाँच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं लेकिन पूछताछ में शामिल नहीं होंगे।

इस मामले में दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की है। उन्होंने पूछा है कि ED मुख्यमंत्री केजरीवाल को आखिर किस हैसियत से इस मामले में बुला रही है, क्या उन्हें एक आरोपित की हैसियत से बुलाया जा रहा है या फिर गवाह की हैसियत से।

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार 2021 में एक नई शराब नीति लेकर आई थी। दिल्ली सरकार पर इस नई शराब नीति के जरिए निजी विक्रेताओं को फायदा पहुँचाने और सरकार को इस धंधे से बाहर करने का आरोप है। इसके अलावा कहा गया है कि निजी विक्रेताओं को फायदा पहुँचाने के एवज में उन्हें करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया।

झारखंड में भी हेमंत सोरेन के करीबियों पर कार्रवाई तेज

झारखंड में भी ED ने 3 जनवरी, 2024 को छापेमारी की है। यह छापेमारी अवैध खनन के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबियों पर की गई है। यह छापेमारी हेमंत सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद और अन्य लोगों के 12 ठिकानों पर जारी है।

हेमंत सोरेन को अब तक ED सात बार पूछताछ के लिए समन भेज चुकी है लेकिन वह इसके सामने पेश नहीं हुए हैं। ED ने हाल ही में एक समन भेजा था जिस पर हेमंत सोरेन को 31 दिसम्बर, 2023 को पेश होना था। एजेंसी ने कहा था कि उन्हें यह आखिरी मौका दिया जा रहा है।

हेमंत सोरेन ने यह कह कर इसका जवाब दिया था कि एजेंसी उनके खिलाफ पक्षपात रवैया अपना रही है। इस बीच यह सुगबुगाहट भी तेज हो गई है कि हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने वाले हैं। इस बात की चर्चा ने तब जोर पकड़ा जब झारखंड के एक निर्दलीय विधायक ने अपना इस्तीफ़ा दिया।

हमास का नंबर-2 था, अब मिले सिर्फ शरीर के टुकड़े: इजरायल ने सलाह अल अरूरी को घर में घुस कर मार गिराया, हिजबुल्ला के गढ़ में ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

मंगलवार (2 जनवरी, 2024) की रात इजरायल के सुरक्षा बलों ने एक ड्रोन स्ट्राइक से लेबनान की राजधानी के बेरुत के भीतर छुपे बैठे इस्लामी आतंकी संगठन हमास के डिप्टी लीडर सलाह अल अरूरी को मार गिराया है। अरूरी फिलिस्तीन से बाहर रह कर आतंकी गतिविधियों का संचालन करता था। उसकी मौत की पुष्टि हमास ने कर दी है।

जानकारी के अनुसार, जब अरूरी पर हमला हुआ तब वह लेबनान की राजधानी बेरुत के दक्षिणी रिहायशी इलाके में स्थित हमास के दफ्तर में था। यह दफ्तर एक तीन मंजिला इमारत में बनाया गया था और इस पर इजरायल ने एकदम निशाना लगाकर वार किया, हमले में सलाह अल अरूरी समेत 7 लोगों के मारे जाने की सूचना सामने आई है।

लेबनान के जिस इलाके में अरूरी की मौत हुई वह शिया मुस्लिमों का आतंकी संगठन हिज्बुल्ला का गढ़ माना जाता है। उसकी मौत को हमास ने कायरतापूर्ण हमला बताया है। हमास के प्रवक्ता ने कहा है कि इजरायल का यह हमला गाजा में उसकी विफलता को दिखाता है। इजरायली सुरक्षा बलों ने इस मामले पर मीडिया को कोई जवाब नहीं दिया है।

इजरायल ने कहा है कि जिसने भी उसे मारा है, उसने एक सर्जिकल स्ट्राइक की है। इजरायल ने अभी इस हमले की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया है। हालाँकि, अमेरिकी समाचार पत्रों से बातचीत में अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि हमला इजरायल ने ही किया था।

सोशल मीडिया पर चल रही तस्वीरों में दावा किया गया है कि अरूरी पर किया गया हमला इतना तेज और असरदार था कि बाद में पहुँची टीम को सिर्फ उसका हाथ मिला। अरूरी की मौत पर फिलिस्तीन के वेस्ट बैंक वाले हिस्से में बुधवार को हड़ताल की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि वहाँ कम से कम 2 लोगों के शरीर के टुकड़े बिखरे हुए थे। लोगों ने हमले से पहले ड्रोन की आवाज़ भी सुनी।

कौन था हमास का आतंकी सलाह अल अरूरी, जिसे इजरायल ने मारा?

इजरायल के हमले में मारा जाने वाला 57 वर्षीय अरूरी हमास में नंबर 2 की हैसियत रखता था। वह हमास के मुखिया इस्माइल हानियेह के बाद इस आतंकी संगठन का सबसे बड़ा नेता था। उसी ने हमास की आतंकी कासेम ब्रिगेड की नींव रखी थी। वह पिछले डेढ़ दशक से लेबनान में रह रहा था।

1966 में वेस्ट बैंक में जन्मा अरूरी 1987 में हमास में शामिल हुआ था। वह दो बार इजरायल में जेल भी जा चुका है लेकिन इजरायल और फिलिस्तीनी समूहों के बीच बातचीत के कारण उसे दोनों बार छोड़ दिया गया। वह सीरिया, तुर्की, लेबनान और कतर जैसे देशों में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देता था।

अरूरी को ईरान का करीबी माना जाता है। माना जाता है कि हमास और शिया आतंकी संगठन हिजबुल्ला के बीच उसी ने रिश्तों को बढ़ाया था। वह हिजबुल्ला के नेता के नसरल्लाह के साथ भी हाल ही में नजर आया था। उस पर लगभग 40 करोड़ रुपए का ईनाम अमेरिका ने भी रखा हुआ था।

इजरायल ने अरूरी समेत पूरे हमास को नेतृत्व को साफ़ करने का प्रण 7 अक्टूबर, 2023 के बाद से लिया था। इसी क्रम में वह एक एक करके उनका सफाया कर रहा है। 7 अक्तूबर, 2023 को इस्लामी आतंकी संगठन ने गाजा से इजरायल पर एक हमला किया था जिसमें 1200 से अधिक लोग मारे गए थे। इसके बाद से इजरायल लगातार हमास के आतंकियों का सफाया कर रहा है।

सीन1: ‘CM योगी गुंडा… हम मुसलमान, उसकी नब्बे नस्लें हमें खत्म नहीं कर सकती’ | सीन2: UP पुलिस का एक्शन, लँगड़ा रहा वसीम

उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद की मसूरी पुलिस ने मोहम्मद वसीम को गिरफ्तार किया है। उस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के साथ ही सांप्रदायिक नफरत फैलाने के आरोप है। आरोपित के खिलाफ मसूरी थाने के दरोगा राजीव कुमार ने केस करवाया था।

वहीं मसूरी के एसीपी नरेश कुमार के मुताबिक, वीडियो संज्ञान में आते ही केस दर्ज कर आरोपी तलाश की जा रही थी। इसे के तहत मंगलवार (2 जनवरी, 2024) को मोहम्मद वसीम को गिरफ्तार कर लिया गया है।

वसीम मूल रूप से मेरठ के लिसाड़ी गेट के फतेहउल्लापुर का रहने वाला है, लेकिन वो मसूरी में किराए के मकान में रहता और फेरी लगाकर प्लास्टिक की कुर्सी बेचने का काम करता है। दरअसल, वसीम का सीएम योगी के लिए अभद्र भाषा इस्तेमाल करने का ये वीडियो इंटरनेट पर खासा वायरल हो रहा था।

इसी पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की। इसके बाद वसीम के सीएम को अनाप-शनाप कहने के साथ ही उसका पुलिस हिरासत में लँगड़ाते हुए वीडियो भी चर्चा में हैं। लोग वसीम का पुलिस की गिरफ्त और उसके पहले के शेखी बघारने वाले वीडियो को जमकर शेयर कर रहे हैं।

एसीपी मसूरी नरेश कुमार के मुताबिक, दरोगा राजीव कुमार 23 दिसंबर, 2023 को गश्त पर थे। उन्होंने इस दिन मसूरी अंडरपास पास भीड़ देखी। ये भीड़ मोबाइल पर एक वीडियो देख रही थी। इसमें एक शख्स सांप्रदायिक उन्माद फैलाने के मकसद से भड़काऊ भाषा के साथ ही सीएम योगी को अपशब्द कह रहा था।

सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हो रहे 43 सेकंड के इस वीडियो का मजमून कुछ इस तरह से था। दरअसल, वसीम से एक इंटरव्यूवर ने 2024 के लोकसभा चुनावों को लेकर सवाल किया था।

मोहम्मद वसीम के खिलाफ की गई FIR की कॉपी (फोटो साभार: दैनिक भास्कर)

इसके जवाब में वसीम कहता है कि तुम्हारे अंदर हिम्मत है प्रधानमंत्री से सवाल करने की। इसके बाद इंटरव्यूवर कहता है कि योगी आदित्यनाथ की छह साल की सरकार हो चुकी, इस पर वसीम भड़क उठता है।

वीडियो में वसीम कहता है, “हम मुसलमान है, क्या मुसलमान को खत्म कर देगा? उसकी तो नब्बे नस्लें भी हमें खत्म नहीं कर सकती। वो क्या आसमान से आया है।” इसके बाद इंटरव्यू लेने वाले ने सवाल किया,” क्या योगी सरकार में गुंडागर्दी खत्म नहीं हुई थी?”

इस पर वसीम तैश में कहता है, “योगी खुद गुंडा है। मैं कह रहा हूँ चलो करो मेरे पर केस, योगी खुद एक गुंडा है। उसकी हिस्ट्री देखो, उसका रिकॉर्ड देखो, उसकी एफआईआर देखो।” इसके बाद वो पूरे दम से दोनों हाथ कमर पर रख कर कहता है, “मेरा नाम मोहम्मद वसीम, जिला गाजियाबाद, गाँव मसूरी।”

‘जीत के बाद हिन्दुओं की समस्याओं से निपटूँगी, खत्म करूँगी उनकी दिक्कतें’: पाकिस्तान आम चुनाव में हिन्दू उम्मीदवार डॉ सवीरा प्रकाश

इस्लामी मुल्क पाकिस्तान में 8 फरवरी, 2024 को आम चुनाव होने हैं। इसे लेकर प्रक्रियाएँ शुरू हो चुकी हैं और उम्मीदवारों ने अपना नामांकन भी भर दिया है। इसी बीच खैबर पख्तूनख्वा के बुनेर जिले से हिन्दू उम्मीदवार डॉ सवीरा प्रकाश चर्चा में है। उन्होंने कहा है कि अगर वो चुनाव जीत जाती हैं तो वो भारत-पाकिस्तान के बीच एक सेतु का काम करेंगी। सवीरा प्रकाश पेशे से डॉक्टर हैं। उनकी उम्र मात्र 25 वर्ष है। बुनेर के PK-25 सीट से वो उम्मीदवार हैं।

उन्हें भुट्टो-जरदारी परिवार की ‘पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP)’ ने उम्मीदवार बनाया है। डॉ सवीरा प्रकाश ने कहा है कि उन्हें ‘बुनेर की बेटी’ की उपाधि मिली है। उन्होंने दावा किया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के ‘मुस्लिम भाइयों’ ने न सिर्फ उन्हें वोट देने का वादा किया है, बल्कि उन्हें पूरा समर्थन भी दिया है। उन्होंने ये भी कहा कि अगर वो चुनी जाती हैं तो वो पाकिस्तान में हिन्दुओं की समस्याओं को हल करने में मदद करेंगी। उन्होंने खुद को एक देशभक्त हिन्दू करार दिया।

साथ ही डॉक्टर सवीरा प्रकाश ने कहा कि ‘बुनेर की बेटी’ की उपाधि मिलने के बाद उनका मनोबल और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि उनकी जीत के बाद दोनों देशों के हिन्दू बेहिचक उनसे संपर्क कर सकते हैं, वो दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने के लिए एक सकारात्मक भूमिका निभाएँगी। सवीरा के पिता ओमप्रकाश भी डॉक्टर हैं। ‘संघाई सहयोग संगठन (SCO)’ में हिस्सा लेने PPP अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी मई 2023 में भारत आए थे। सवीरा ने इसे भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर एक सकारात्मक कदम बताया।

सवीरा प्रकाश अपने निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाली पहली महिला हैं। उनका परिवार शुरू से PPP से जुड़ा रहा है। उन्होंने ‘अबोटाबाद इंटरनेशनल मेडिकल कॉलेज’ से 2022 में मेडिकल की डिग्री प्राप्त की। वो बुनेर में PPP की महिला विंग की जनरल सेक्रेटरी हैं। बुनेर के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर इमरान नोशाद खान ने उनका समर्थन किया है। डॉ सवीरा प्रकाश महिला अधिकारों को लेकर खासी मुखर रही हैं। वो अपने पिता की तरह ही गरीबों की मदद करना चाहती हैं।

14 स्वर्णजड़ित द्वार, 16 काउंटर के साथ फ्री लॉकर, प्रशासन पर बिजली-कचरे का बोझ नहीं, बुजुर्गों-दिव्यांगों के लिए लिफ्ट… कुछ ऐसा होगा राम मंदिर, उधर बिहार में ‘लव कुश रथ यात्रा’

अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी, 2024 को होनी है। मंदिर का निर्माण जोर-शोर से चल रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रतिदिन 2 लाख के आसपास श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुँचेंगे। मंदिर के डिजाइन एंड कंस्ट्रक्शन मैनेजर गिरीश सहस्रभोजनी ने बताया कि ट्रस्ट के इंजीनियर्स, टाटा कंसल्टिंग के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट्स हैं, इवेंट के कॉन्ट्रैक्टर्स मिल कर मंदिर को भव्य बनाने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि साढ़े 70 एकड़ में पूरा कैम्पस है।

‘दैनिक भास्कर’ से बात करते हुए पिछले 3 साल से राम मंदिर के निर्माण कार्य में लगे गिरीश सहस्रभोजनी ने बताया कि पूर्व दिशा में नयाघाट वाले रोड के पास बिड़ला धर्मशाला से मंदिर के लिए रास्ता शुरू होता है, जिसे नगर निगम ने बनाया है। दरवाजे से एंट्री करते सबसे पहले बैगेज हैंडलिंग यूनिट होगा, जहाँ श्रद्धालु सामान रखेंगे। 16 काउंटर पर श्रद्धालुओं को फ्री में लॉकर की सुविधा मिलेगी। सुरक्षा जाँच के बाद सफ़ेद मार्बल पर चलते हुए श्रद्धालु मंदिर के भीतर जाएँगे।

सफ़ेद मार्बल होने के कारण गर्मी में उनके पाँव नहीं जलेंगे। फिर चौकी, नृत्य मंडप, रंग मंडप, गुण मंडप, उपासना मंडप, प्रार्थना मंडप और फिर गर्भ गृह मिलेगा। परकोटा के भीतर पश्चिम की तरफ लिफ्ट लगी हुई है। दिव्यांग, बुजुर्ग या जो श्रद्धालु पैदल नहीं चल सकते उनके लिए लिफ्ट की ये सुविधा होगी। परकोटा का रास्ता 14 फ़ीट चौड़ा है। मंदिर का एरिया 20 एकड़ का है। दर्शन के बाद श्रद्धालु दक्षिण दिशा से बाहर में निकलेंगे। यहाँ सप्तऋषि, निषाद राज और माता शबरी के मंदिर होंगे।

आगे कुबेर टीला होगा, जो मंदिर से ऊँचा होगा। सीढियाँ चढ़ कर आगे बढ़ने पर जटायु स्मारक मिलेगा। आगे एक पुराने शिव मंदिर का फिर से पुनर्निर्माण कराया गया है। टीले के चारों तरफ मिट्टी की दीवार है। मंदिर के चारों तरफ की सड़क चौड़ी है, ताकि फायर टेंडर आसानी से निकल सके। मंदिर के पिछले हिस्से में श्रद्धालुओं के लिए शौचालय की व्यवस्था है। यहाँ पॉवर सप्लाई सब स्टेशन और सीवेज ट्रीटमेंट सिस्टम भी होंगे। मंदिर के बाहर का परिसर 50.5 एकड़ का होगा।

सीवेज ट्रीटमेंट और गार्बेज प्रोसेसिंग भी परिसर के भीतर ही होगा। मंदिर की वजह से स्थानीय प्रशासन पर कोई बोझ नहीं होगा। पॉवर के लिए 23 किलोमीटर दूर से बिजली लाइन आई है ताकि मंदिर पर बिजली के लोड से शहर को कोई परेशानी न हो। आने के लिए एक और जाने के लिए 4 द्वार होंगे। मंदिर में 4 लाइनों में भक्त अंदर आएँगे। VIP इंट्रेंस के लिए अलग दरवाजा होगा, ताकि आम श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। वीआईपी लोगों के साथ कई अन्य लोग भी होते हैं।

ग्राउंड फ्लोर पर कुल 14 दरवाजे होंगे, जिनसे श्रद्धालु अंदर आ सकेंगे। इन पर सोने की परत चढ़ी होगी। मंदिर के अंदर कुल 44 दरवाजे हैं। ये सब लकड़ी के हैं। 3-3 दरवाजे वाले गृह गृह से आगे गर्भगृह होगा। सीढ़ियों के नीचे पूजा-पाठ की चीजें रखने के लिए जगह है, उसमें भी दरवाजे लगे हैं। गर्भगृह के आसपास प्रदक्षिणा मार्ग भी है। प्रार्थना मंडप, गुण मंडप, रंग मंडप और नृत्य मंडप भी होगा। मंदिर में 70% ग्रीन एरिया होगा। मंदिर को नागर शैली में तैयार किया गया है।

कुल मिला कर आने-जाने के लिए 18 दरवाजे होंगे, जिनमें 14 स्वर्णजड़ित होंगे। राम मंदिर के लिए सुग्रीव किला से प्रवेश मिलेगा। उधर बिहार भाजपा के अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने ‘लव कुश रथ यात्रा’ को रवाना किया है। उन्होंने बताया कि हम सभी के पूर्वज मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र जी के जन्म स्थान अयोध्या धाम जी में राम मंदिर निर्माण पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी’ के सम्मान में बिहार प्रदेश लव कुश समाज द्वारा भव्य ‘लव-कुश रथ यात्रा’ रवाना किया गया।

‘लड़कियों से खेलता है मुनव्वर फारूकी’: जिस हीरोइन साथ कॉमेडियन ने गुजारे 72 दिन, उसने कहा – सबके साथ चेंपता है वही शायरी, वही कहानियाँ

आजकल ‘बिग बॉस 17’ चल रहा है, जिसका हिस्सा मुनव्वर फारूकी भी हैं और इसी कारण वो खासे चर्चा में भी हैं। मुनव्वर फारूकी ने इसमें दावा किया कि नाजिल सिताशी उनकी गर्लफ्रेंड हैं, लेकिन आयशा खान ने दावा किया कि नजिला सिताशी से तो उनका कब का ब्रेकअप हो चुका है और मुनव्वर 2 महीने से आयशा के साथ हैं, ‘आई लव यू’ भी बोल चुके हैं। आयशा ने मुनव्वर फारूकी पर कई लड़कियों का जीवन बर्बाद करने के आरोप भी लगाए।

इधर ‘लॉक उप’ रियलिटी शो में मुनव्वर फारूकी के साथ दोस्ती को लेकर चर्चा बटोर चुकीं अंजलि अरोड़ा ने भी कुछ ऐसा बयान दिया है जो चर्चा का विषय बना है। पत्रकार शुभंकर मिश्रा के साथ एक इंटरव्यू के दौरान अंजलि अरोड़ा ने कहा कि मुनव्वर फारूकी को लड़कियों को भी खेलना जानते हैं और अपने शब्दों से इंसान को पलटना और घुमाना भी जानते हैं। उन्होंने कहा कि मुनव्वर फारूकी के जीवन में कई लड़कियाँ हैं, जिनका नाम अभी सामने आना बाकी है।

उन्होंने कहा कि इनमें एक वो भी थीं, जिन्होंने 72 दिन उनके साथ गुजारा। उन्होंने कहा कि अभी भी मुनव्वर फारूकी वही चीजें चेंप रहे हैं – वही गेम्स, वहीं कहानियाँ। ‘लॉक अप’ के दिनों को याद किया। शुभंकर मिश्रा ने जिक्र किया कि कैसे मुनव्वर फारूकी ने कहा था कि उनकी गर्लफ्रेंड नाजिल सिताशी शो को देख कर नाराज़ थीं, लेकिन अंत में उन्होंने गेम को समझा और उनका सपोर्ट किया। इस पर अंजलि अरोड़ा ने कहा कि उनके पास काफी कुछ है, लेकिन वो इस पर समय बर्बाद नहीं करना चाहतीं।

मुनव्वर फारूकी के संबंध में उन्होंने ये भी कहा कि वो उतना ही बताता है, जितना उसे बताना होता है। अंजलि अरोड़ा ने कहा कि सलमान खान भी कह चुके हैं कि मुनव्वर फारूकी के सारे कंटेंट एक महीने में खत्म हो गए हैं। साथ ही उन पर शायरी और सहानुभूति के सेम कार्ड बार-बार खेलने के आरोप लगाते हुए अंजलि अरोड़ा ने कहा कि अब उसका जादू नहीं चल रहा है, उनके सारे कार्ड्स खत्म को चुके हैं। ‘लॉक अप’ के दिनों में मुनव्वर फारूकी और अंजलि अरोड़ा की नज़दीकियाँ खूब सुर्खियाँ बनी थीं।

‘दोनों रात भर बात कर रहे, मुझे हो रही घबराहट’: बॉयफ्रेंड और उसकी महिला मित्र की भी जासूसी करवा चुकी हैं महुआ मोइत्रा, CBI को शिकायत

TMC की महुआ मोइत्रा पर घूस लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोप लगे, जिसके बाद उन्हें लोकसभा से निलंबित कर दिया गया। उनके पूर्व पार्टनर सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई ने अपना कुत्ता ‘हेनरी’ चोरी करने का आरोप लगाया था। हालाँकि, विवादों के बाद ये कुत्ता लौटा दिया गया। खुलासा हुआ कि महुआ मोइत्रा ने कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से कैश और महँगे गिफ्ट लेकर संसद में अडानी को निशाना बनाने वाले सवाल पूछे। महुआ मोइत्रा पर जय को धमकी देने के आरोप भी लगे थे।

अब CBI को सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई द्वारा भेजे गए एक शिकायती पत्र में बड़ा खुलासा हुआ है कि महुआ मोइत्रा ने अपने पूर्व बॉयफ्रेंड सुहान मुखर्जी की जासूसी भी करवाई थी। ‘The Hawk Eye’ नामक ट्विटर हैंडल ने बताया है कि न सिर्फ सुहान मुखर्जी, बल्कि उनकी एक महिला मित्र को भी अवैध सर्विलांस का शिकार बनाया गया। ये अजीब है, क्योंकि खुद महुआ मोइत्रा इजरायली सॉफ्टवेयर ‘पेगासस’ के जरिए विपक्षी नेताओं की जासूसी का आरोप मोदी सरकार पर लगाती रही हैं।

शुक्रवार (29 दिसंबर, 2023) को CBI के भेजे गए पत्र में कहा गया है कि महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ मिल कर अवैध सर्विलांस की साजिश रची। वो ये भी पता लगाती रहीं कि सुहान मुखर्जी या उनकी महिला मित्र किस वक्त कहाँ पर हैं। इसके लिए उनके फोन नंबरों का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि उन्होंने एक प्राइवेट सिटीजन का CDR (कॉल रिकॉर्ड) अपने पीछा करने की अपनी व्यक्तिगत इच्छा को पूरा करने के लिए निकलवाया।

बता दें कि पुलिस संदिग्धों और अपराधियों पर नज़र रखने के लिए CDR का इस्तेमाल करती रही है। सुहान मुखर्जी के जिस महिला मित्र की जासूसी करवाई गई, उनका नाम हेलेना लेर्श (Helena Lersch) है और वो जर्मनी की रहने वाली हैं। पत्र के अनुसार, महुआ मोइत्रा को शक था कि सुहान और हेलेना रिलेशनशिप में हैं। पत्र में लिखा है कि महुआ मोइत्रा ने कहा था, “मुखर्जी और लेर्श रात-रात भर बातें कर रहे हैं, इसीलिए भयंकर चिंता और घबराहट के कारण मुझे नींद नहीं आ रही है।”

कथित तौर पर महुआ मोइत्रा ने ऐसा लिख कर भेजा था, जिसका स्क्रीनशॉट इस पत्र के साथ उपलब्ध कराया गया है। बता दें कि सुहान मुखर्जी नामी वकीलों में से एक हैं जो ‘PLR चैंबर्स’ नामक कंपनी चलाते हैं। साथ ही वो 2012-14 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कानूनी सलाहकारों में से एक था। कोयला घोटाले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के भी वो वकील थे। साथ ही वो पश्चिम बंगाल के स्टैंडिंग काउंसल भी रहे हैं।

इतना ही नहीं, महुआ मोइत्रा ने 2019 के लोकसभा चुनाव में सुहान मुखर्जी को अपना ‘इलेक्शन एजेंट’ बनाया था। साथ ही ये दोनों एक कंपनी में साथ में डायरेक्टर भी थे। पत्र में आरोप है कि महुआ मोइत्रा ने हेलेना लेर्श के खिलाफ ByteDance में भी शिकायत की जहाँ वो काम करती थीं। उन पर कंपनी के वकील सुहान के साथ रिलेशनशिप में जाकर ‘हितों के टकराव’ का आरोप लगाया। ByteDance ने ही ‘TikTok’ एप बनाया है।

पत्र के अनुसार, महुआ मोइत्रा का मानना था कि पश्चिम बंगाल के पुलिस अधिकारियों पर उनके एहसान हैं और इसीलिए वो उनका कहा नहीं टाल सकते। पत्र में आरोप है कि एक बार महुआ मोइत्रा को पता चला कि सुहान मुखर्जी किसी होटल में हैं तो वो ‘कारवाँ’ पत्रिका के संपादक अनंत नाथ के साथ बिना बताए वहाँ पहुँच गईं। उन्होंने धमकाने के लिए वहाँ अपने लिए एक कमरा बुक कर लिया। पत्र के अनुसार, महुआ मोइत्रा को अपनी इन हरकतों और अपने रसूख पर बड़ा नाज है। ऑपइंडिया के पास शिकायत की कॉपी मौजूद है।

जय अनंत देहाद्राई ने इस शिकायत में बताया है कि उन्हें पूरा यकीन है कि महुआ मोइत्रा अपने रसूख का इस्तेमाल कर के उनकी भी जासूसी करवा रही हैं। उन्होंने कहा कि वो जिन-जिन के संपर्क में हैं, उन पर भी नज़र रखी जा रही है। उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि महुआ मोइत्रा सुहान मुखर्जी वाला प्रकरण उन्हें सुनाती थी, ताकि वो ये एहसास दिला सकें कि वो जब चाहें तब जय को प्रताड़ित कर सकती हैं। उन्होंने लिखा कि महुआ मोइत्रा कई बार उन्हें कह चुकी हैं कि उनके लोकेशन के बारे में उन्हें सब पता है, वो जिन परिचितों से मिलते हैं उसकी खबर भी निलंबित सांसद को है।