न्यूलैंड्स स्थित केपटाउन में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच मौजूदा सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है, जिसमें दक्षिण अफ़्रीकी टीम मात्र 55 रनों पर ही ऑलआउट हो गई। भारत की तरफ से ‘मियाँ भाई’ मोहम्मद सिराज का जादू चला, जिन्होंने 9 ओवर में मात्र 15 रन देकर 6 विकेट झटक डाले। हालाँकि, इस दौरान कुछ हलके-फुल्के मोमेंट्स भी मैदान में देखने को मिले। इनमें से एक था जब विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के केशव महाराज का स्वागत किया।
केशव महाराज दक्षिण अफ्रीका की तरफ से आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे। उस समय तक मात्र 45 रनों पर टीम के 7 विकेट गिर चुके थे। हालाँकि, केशव महाराज भी अपनी टीम की नैया को पार नहीं लगा सके और 13 गेंदों पर मात्र 3 रन बना कर मुकेश कुमार की गेंद जसप्रीत बुमराह को कैच थमा कर चलते बने। बता दें कि केशव महाराज के बल्ले पर ‘ॐ’ अंकित है और वो आस्थावान हिन्दू हैं। एक बार विकेट के पीछे से विकेटकीपर KL राहुल ने कहा भी था कि वो जब भी खेलने आते हैं तब ‘राम सिया राम’ वाला गाना बजता है।
बुधवार (3 जनवरी, 2024) को भी ऐसा ही हुआ और वो जैसे ही बल्लेबाजी करने आए, DJ ने ‘आदिपुरुष’ फिल्म का यही गाना बजाया। इस दौरान विराट कोहली का उत्साह देखने लायक था। उन्होंने धनुष पर तीर का संधान करने की मुद्रा का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया और फिर हाथ जोड़ कर प्रणाम किया। इस दौरान वो मुस्कुराते भी रहे। वनडे सीरीज के दौरान भी तीसरे मैच में यही गाना बजा था और KL राहुल की इस बात से केशव महाराज ने सहमति भी जताई थी कि वो आते हैं तो ये गाना बजाया जाता है।
Cute act by Virat Kohli with Keshav Maharaj and the Ram Siya Ram song associated with him.. pic.twitter.com/fdE0WqIYM8
विराट कोहली का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने भी उनकी तारीफ़ की। जहाँ भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच T20 सीरीज एक मैच के बारिश से धुल जाने के कारण ड्रॉ हुआ, वहीं वनडे सीरीज भारत ने 2-1 से जीत ली। हालाँकि, पहला टेस्ट मैच हारने के बाद भारत दूसरे टेस्ट मैच में अच्छी स्थिति में है। जहाँ यशस्वी जायसवाल शून्य रन बना कर आउट हुए वहीं कप्तान रोहित शर्मा ने 50 गेंदों पर 39 रनों की पारी खेली। इसके बाद शुभमन गिल और विराट कोहली ने पारी को सँभाला।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में श्रीराम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से पहले स्वाति मिश्रा नाम की एक गायिका के गाने ‘राम आएँगे’ को X (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर किया है। स्वाति का गया हुआ यह गाना बीते कुछ दिनों से काफी वायरल हो रहा है। प्रधानमंत्री ने इस गाने को साझा करते हुए लिखा, “श्री रामलला के स्वागत में स्वाति मिश्रा जी का भक्ति से भरा यह भजन मंत्रमुग्ध करने वाला है।”
प्रधानमंत्री के शेयर करने के बाद स्वाति का यह गाना और चर्चा में आ गया। स्वाति के अन्य गाने भी अब फेमस हो रहे हैं, टीवी चैनल उनके इंटरव्यू ले रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा अन्य नेताओं ने भी स्वाति का यह गाना शेयर किया है।
कौन हैं राम आएँगे गाने वाली स्वाति मिश्रा?
स्वाति बिहार के छपरा जिले की माला गाँव की रहने वाली हैं। स्वाति लम्बे समय से संगीत की शिक्षा ले रही हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि संगीत की शिक्षा लेने की शुरुआत उन्होंने स्थानीय स्तर पर ही की थी। उनकी संगीत की शिक्षा के शुरुआती गुरु पंडित रामप्रकाश मिश्रा थे। स्वाति ने संगीत में आगे की शिक्षा बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय और मुंबई से प्राप्त की है।
वह अभी मुंबई में गायन में करियर बना रही हैं। यहीं रहकर वह गाने बनाती हैं। इसके बाद वे इसे अपने यूट्यूब चैनलों पर गाने गाकर डालती हैं। उनके तीन यूट्यूब चैनल हैं। एक चैनल पर वह भक्ति संगीत डालती हैं और एक पर सामान्य गाने डालती हैं। एक अन्य चैनल पर वह अपने लाइफस्टाइल ब्लॉग डालती हैं। स्वाति के भक्ति चैनल पर 3 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं।
अपने चैनल पर ‘राम आएँगे’ गाने को उन्होंने 5 अक्टूबर 2023 को डाला था। तब से यह लगातार वायरल है। तमाम वीडियो को बनाने में इसका उपयोग बैकग्राउंड संगीत के तौर भी उपयोग किया जा रहा है। स्वाति के इन्स्टाग्राम पर 7.5 लाख से अधिक फॉलोवर हैं। यहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री के भजन साझा करने की स्टोरी लगाई है। स्वाति का प्रधानमंत्री मोदी के शेयर करने के बाद उनके परिवार में काफी ख़ुश है।
रामलला पर गाया एक और गाना
स्वाति ने राम आएँगे गाना तब गाया था, जब मंदिर निर्माण जोर-शोर से चल रहा है। अब उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा की तारीख निकट आने के बाद एक और गाना गाया है। उन्होंने यह गाना ‘राम आए हैं’ शीर्षक से गाया है। इसे उन्होंने अपने चैनल 2 जनवरी 2024 को डाला है।
अयोध्या में 22 जनवरी, 2024 को भगवान राम की जन्मभूमि पर उनके बाल स्वरूप रामलला मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा होगी। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पूरी दुनिया की कई बड़ी हस्तियों की मौजूदगी रहेगी। इसी दिन पूरे देश में एक बार फिर से दिवाली भी मनाई जाएगी। इस अवसर पर हिन्दू समाज उन तमाम कारसेवकों को श्रद्धाभाव से याद कर रहा है जिन्होंने अपने प्राण रामजन्मभूमि आंदोलन में न्योछावर कर दिए। उन्हीं तमाम ज्ञात-अज्ञात बलिदानियों में एक थे राजेंद्र धरकार।
30 अक्टूबर, 1990 को राजेंद्र ने महज 16 साल की उम्र में मुलायम सरकार के आदेश पर चली गोली अपने शरीर पर झेली थी। ऑपइंडिया की टीम ने राजेंद्र के घर पहुँच कर वर्तमान हालातों का जायजा लिया।
दिवंगत कारसेवक के घर में खाने के लाले
राजेंद्र धरकार का घर रामजन्मभूमि से महज आधे किलोमीटर की दूरी पर रहता है। घर नाले के बगल में बना है जिसे पार करने के लिए अस्थाई तौर पर एक सीमेंट का बेहद पतला रास्ता बनाया गया है। राजेंद्र के घर में उनकी 3 भतीजियाँ मिलीं जिन्होंने हमें बताया कि भले ही लोगों को घर मिल रहे हैं लेकिन उनको एक शौचालय तक नहीं मिल पाया। घर के आगे एक सप्लाई वाला नल है जिस से पानी टाइम पर आता और फिर चला जाता है। एक मंजिला मकान देख कर लगा कि कम से कम 2 दशक से वहाँ रंग-रोगन नहीं हुआ है।
प्लास्टर भी उखड़ रहे हैं। पड़ोस में राजेंद्र धरकार के चाचा का मकान है। वह टीन शेड का बना हुआ है जिसमें रहने के लिए ठीक से चारपाई भी नहीं दिखी।
राजेंद्र धरकार का घर और बाहर खड़ी उनकी भतीजियाँ
जब हम राजेंद्र के मकान के अंदर गए तब घुप अँधेरा मिला। पता चला कि बिजली जा चुकी है। बिजली का बोर्ड उखड़ा हुआ था। 2 कमरों के घर में 2 बल्ब लगे थे जो इन्वर्टर आदि न होने की वजह से बुझे थे। बर्तन इधर-उधर बिखरे पड़े दिखे। राजेंद्र की तीनों भतीजियों में सबसे बड़ी 18 साल की है। उन्होंने हमें बताया कि पैसे न होने की वजह से उनकी पढ़ाई भी बंद हो चुकी है। फ़िलहाल बलिदानी राजेंद्र के बड़े भाई चमन धरकार बाँस की टोकरियाँ आदि बना कर घर का गुजारा करते हैं।
अंदर से इस हाल में है राजेंद्र का घर
राजेंद्र का परिवार कई पीढ़ियों पहले आजमगढ़ जिले से अयोध्या काम-धंधे की तलाश में आया था। राजेंद्र के भाई रवींद्र के 3 बेटे भी हैं। 6 संतानों के इस परिवार के सदस्य जैसे-तैसे गुजारा कर रहे हैं। हालाँकि, रवींद्र को बेटियों की शादी में होने वाले खर्च की भी चिंता है। इसी वजह से वो सरकार से कोई स्थाई समाधान मिलने की उम्मीद लगाए हैं।
भक्ति में ग़रीबी नहीं है बाधा
बलिदान हुए राजेंद्र धरकार का परिवार भले ही बेहद अभाव में जी रहा है लेकिन ईश्वर भक्ति के निशान इस घर के कदम-कदम पर देखे जा सकते हैं। घर के बाहर नीम का पेड़ है जिसे राजेंद्र के परिजन माँ शीतना के तौर पर पूजते हैं। जब हम घर के अंदर गए तब कालिख लगी दीवारों पर महादेव शिव के पोस्टर लगे मिले। परिवार भगवान की तस्वीरों की नियमित रूप से साफ़-सफाई करता है।
घर की जर्जर दीवालों पर महादेव का चित्र
शादी हुई थी, गौना आने से पहले हो गए बलिदान
राजेंद्र धरकार की भतीजियों ने हमें बताया कि उनके पापा चमन उन्हें 1990 की घटना की कहानी बताते हैं। उन्होंने कहा कि उनके चाचा राजेंद्र भगवान राम के पक्के भक्त थे और बराबर जन्मभूमि का दर्शन करने जाते थे। 30 अक्टूबर, 1990 को जब राजेंद्र ने अपने ही घर के आगे देश भर से आए कारसेवकों का जमावड़ा देखा तो वो भी उनके बीच शामिल हो गए। वो कारसवेकों की भीड़ में विवादित ढाँचे की तरफ बढ़ने लगे। इसी दौरान गोलियाँ चलने लगीं और नाबालिग कारसेवक राजेंद्र वीरगति को प्राप्त हो गए।
राजेंद्र की भतीजियों ने हमें आगे बताया कि उनके चाचा की शादी तब तक हो चुकी थी लेकिन गौना नहीं आया था। गौना आने से पहले ही राजेंद्र बलिदान हो गए तो लड़की के घर वालों ने शादी कहीं और कर दी। तब राजेंद्र के भाई चमन भी उनके साथ कारसेवा में जाने की जिद कर रहे थे। हालाँकि, बताया गया कि राजेंद्र ने उन्हें परिवार का ध्यान रखने को कहा और अकेले ही चले गए। तब राजेंद्र के माता-पिता भी जीवित थे, जो अब दुनिया में नहीं हैं। परिवार में राजेंद्र के भाई चमन धरकार, उनकी पत्नी और 3 बेटियाँ हैं।
खून से भरा था श्रीराम हॉस्पिटल
राजेंद्र धरकारर की चाची माधुरी ने हमें बताया कि वो अपने भतीजे के साथ हुई घटना की गवाह हैं। उन्होंने बताया कि जब उन्हें पता चला कि राजेंद्र को गोली लग गई तब वो सब घटनास्थल की तरफ भागे। इस दौरान उन्हें पुलिस ने रोक लिया और आगे नहीं जाने दिया। माधुरी धरकार के मुताबिक, जैसे-तैसे वो लोग श्रीराम हॉस्पिटल पहुँच पाए। माधुरी ने याद किया कि अस्पताल में इतना ज्यादा खून फैला हुआ था कि उनके पैर भीग गए थे। दूर से गोलियाँ चलने की भी आवाज आ रही थीं। राजेंद्र को गोली सिर और पैर में मारी गई थी।
आँखों-देखा हाल बयाँ करतीं राजेंद्र की चाची माधुरी
जमीन पर फेंक दी गई थी लाश
माधुरी धरकार ने हमें आगे बताया कि अस्पताल में रखी हुई कई लाशों के बीच उन्होंने खोजबीन की और आखिरकार जमीन पर राजेंद्र की लाश पड़ी दिखी। जब राजेंद्र के घर वाले लाश को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की कोशिश करने लगे तब उन्हें प्रशासन द्वारा रोक दिया गया। अस्पताल से शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। पोस्टमार्टम हाउस पर राजेंद्र के परिजनों और प्रशासन के बीच झगड़ा हुआ। आखिरकार प्रशासन ने शव को इस शर्त पर उनके परिजनों को सौंपा कि वो इसे ले कर घर नहीं जाएँगे।
दिवंगत राजेंद्र की चाची ने हमें आगे बताया कि आखिरकार शव को अस्पताल से सीधे श्मशान घाट ले जाने की जिद पर उनके परिवार को मजबूर होना पड़ा। शव के साथ श्मशान तक पुलिस बल भी चल रहा था। माधुरी धरकार ने बताया कि भगवान के लिए बलिदान देने एक बावजूद किसी ने भी पिछले 3 दशक में उनके परिवार की तरफ झाँक कर नहीं देखा। हालाँकि, इस परिवार ने राम मंदिर बनने पर बेहद ख़ुशी जताई और इसे राजेंद्र का सपना साकार होने जैसा कहा। राजेंद्र धरकार के परिजनों को उम्मीद है कि वर्तमान सरकार अब बदले हालात में उनके घर पर ध्यान देगी और उनके हालात सुधारने में मदद करेगी।
मध्य प्रदेश सरकार अफसरशाही और आम लोगों से बुरे बर्ताव को बख्शने की मूड में नहीं है। इसका सुबूत मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने अपनी कार्रवाई से दे दिया है। दरअसल शाजापुर के कलेक्टर किशोर कन्याल द्वारा अपनी परेशानी लेकर आए ट्रक डाइवरों को ‘तुम्हारी क्या औकात है’ कहने पर हटा दिया गया है।
शाजापुर के कलेक्टर किशोर कन्याल ने एक ड्राइवर से बदतमीजी करते हुए उसकी औकात पूछ डाली थी। फिर क्या था, सरकार ने कलेक्टर कन्याल को उनके जिले शाजापुर से रवाना कर दिया। उनकी जगह नरसिंहपुर कलेक्टर ऋजु बाफना को शाजापुर के नए नया कलेक्टर के तौर पर तैनाती दी गई।
सभी के काम और भाव का सम्मान होना चाहिए
शाजापुर में ट्रक ड्राइवर्स से जुड़ी घटना में कलेक्टर को पद से हटाया गया है।
यह सरकार गरीबों की सरकार है। प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में हम गरीब कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। अधिकारियों को अपनी भाषा और व्यवहार का ध्यान… pic.twitter.com/2BsTFM9KI0
सीएम मोहन यादव ने इस कार्रवाई से सरकारी अधिकारियों को सख्त मैसेज दे दिया है कि अगर वो जनता के साथ सही तरीके से पेश नहीं आते हैं तो वे कार्रवाई के लिए तैयार रहें। सीएम यादव ने कहा, “मेरे ध्यान में लाया गया है कि कल ट्रक ड्राइवर और जिला प्रशासन की बैठक में शाजापुर के अंदर जिस प्रकार से भाषा बोली गई है, एक अधिकारी का ऐसी भाषा बोलना उचित नहीं है। ये सरकार गरीबों की सरकार है। यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हम गरीब उत्थान के लिए काम करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “हर एक अधिकारी को… चाहे वो जितना भी बड़ा अधिकारी हो, उसे काम का सम्मान करना चाहिए और भाव का भी सम्मान करना चाहिए। इसलिए मनुष्यता के नाते ऐसी भाषा कम-से-कम हमारी सरकार में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मैं खुद मजदूर का बेटा हूँ। इस नाते मैं उम्मीद करता हूँ कि अगर इस तरह से अधिकारी भाषा बोलते हैं तो उनको मैदान में रहने का अधिकार नहीं है।”
सीएम मोहन यादव ने कहा, “मै उम्मीद करता हूँ कि दोबारा जो अधिकारी आएगा वो इस तरह की भाषा का और व्यवहार का ध्यान रखेगा। इस तरह की जो भाषा बोली जाती है, उसको लेकर मेरे मन में बहुत पीड़ा होती है। मैं कभी क्षमा नहीं करूँगा इस तरह की बातों को।”
कलेक्टर ने माँग ली थी माफी
दरअसल शाजापुर के कलेक्टर किशोर कन्याल और ट्रक ड्राइवर्स की हड़ताल के बीच का एक वीडियो मंगलवार (2 जनवरी 2024) को सोशल मीडिया पर आया था। इस बैठक के दौरान कलेक्टर कान्याल ड्राइवर से ‘औकात’ पूछते दिख रहे हैं। हालाँकि, मीडिया में बवाल होने के बाद उन्होंने अपने शब्दों के चयन पर अफसोस जताते हुए माफी माँग ली थी।
कलेक्टर कान्याल ने कहा था, “जिला और पुलिस प्रशासन ने जिले के 250 ड्राइवर्स की कलेक्टर ऑफिस में बैठक बुलाई थी। सोमवार को उनमें से कई ड्राइवर्स ने बहुत उपद्रव मचाया था। इसी वजह से इस बैठक में ड्राइवरों को समझाया जा रहा था वो कि कानून को हाथ में न लें। लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जताएँ।”
उन्होंने आगे कहा था, “इस दौरान बैठक में शामिल एक व्यक्ति बार-बार बातचीत में खलल डाल रहा था और कह रहा था कि 3 जनवरी 2024 तक हमारी माँगे नहीं मानी गई तो हम किसी भी स्तर पर जा सकते हैं। इसी दौरान मेरे मुँह से शब्द निकल गया था। यदि किसी को मेरी बातचीत से दुख पहुँचा हो तो माफी चाहता हूँ।”
‘हिट-एंड-रन’ नए कानून पर बवाल
केंद्र सरकार के ‘हिट-एंड-रन’ वाले नए कानून को वापस लेने की माँग को लेकर 1 जनवरी और 2 जनवरी 2024 को देशभर में प्रदर्शन हुए थे। मध्य प्रदेश में भी ड्राइवर काम ठप करके अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इससे आम लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। शाजापुर जिले में ड्राइवर्स एसोसिएशन से बातचीत के लिए प्रशासन ने बैठक बुलाई थी। इसी बैठक के दौरान कलेक्टर के मुँह से एक ड्राइवर के लिए ‘औकात’ शब्द निकल गया था।
वाहन चालकों से जुड़े ‘हिट-एंड-रन’ दुर्घटना मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPS) के प्रावधानों की जगह नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधान लाए गए हैं। इसके तहत लापरवाही से गाड़ी चलाकर गंभीर सड़क दुर्घटना की वजह बनने वाले शख्स पर कार्रवाई करने के साथ ही उसके पुलिस या प्रशासन के किसी भी अधिकारी को सूचित किए बगैर फरार होने पर 10 साल तक की सजा या 7 लाख रुपए तक के जुर्माना हो सकता है।
भारत-दक्षिण अफ्रीका सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम को लंच से पहले महज 55 रनों पर ढेर कर दिया है। मोहम्मद सिराज ने अपनी गेंदबाजी से कहर बरपा दिया और महज 9 ओवरों के अपने स्पेल में 6 बल्लेबाजों को पवैलियन की राह दिखाई। दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों में सिर्फ दो बल्लेबाज ही दहाई का आँकड़ा छू सके, तो तीसरा सबसे बड़ा स्कोर 5 रन एक्ट्रा का रहा। भारत के लिए सिराज के अलावा जसप्रीत बुमराह और मुकेश कुमार ने 2-2 विकेट लिए।
फोटो साभार: ESPN
दक्षिण अफ्रीकी टीम के टेस्ट मैच में सबसे कम रन बनाने की बात करें तो एशियाई देशों के खिलाफ 55 रन इनका सबसे कम स्कोर है।
दक्षिण अफ्रीका ने जीता टॉस, पहले बल्लेबाजी का फैसला
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच केपटाउन में दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान डीन एल्गर ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। लेकिन शुरुआत से ही मोहम्मद सिराज ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरी टीम लंच से पहले ही महज 23.2 ओवरों में सिर्फ 55 रन बनाकर आल आउट हो गई। दक्षिण अफ्रीकी टीम को पहला झटका महज 5 रनों के कुल योग पर लगा, जब अपने दूसरे ही ओवर में सिराज ने ऐडेन मार्कम को महज 2 रनों के निजी स्कोर पर यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच आउट करा दिया। इसके बाद महज 8 रनों के स्कोर पर सिराज ने कप्तान डीन एल्गर को 4 रनों के कुल स्कोर पर पवैलियन पहुँचाया। वो प्लेडऑन हो गए। इसके बाद तीसरा विकेट महज 11 रनों के कुल स्कोर पर गिरा। दक्षिण अफ्रीका के लिए विकेट कीपर बल्लेबाज काइल वेरेन ने सर्वाधिक 15 रन बनाए तो डेविड बेडिंघम ने 12 रन बनाए। बाकी कोई भी बल्लेबाज 5 रन के ऊपर नहीं पहुँच पाया।
केपटाउन की पिच पर गेदबाजी के लिए बुलाए जाने पर भारतीय गेंदबाजों ने कहर ढा दिया। नई गेंद से कमाल की गेंदबाजी करते हुए मोहम्मद सिराज ने महज 9 ओवरों में 3 ओवर मेडन रखते हुए 15 रन देकर 6 विकेट झटके। जसप्रीम बुमराह ने 8 ओवर में एक मेडन रखते हुए 25 रन देकर 2 विकेट लिए। मुकेश कुमार ने महज 2.2 ओवरों में बिना कोई रन खर्च किए 2 विकेट लिए। प्रसिद्ध कृष्णा अकेले बॉलर रहे, जिन्होंने 4 ओवर गेंदबाजी की, लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला।
दोनों टीमों ने किया बदलाव
इस मैच के लिए दोनों ही टीमों ने बदलाव किया है। दक्षिण अफ्रीकी टीम में तीन बदलाव हुए हैं, जिसमें कोएत्जी की जगह लुंगी एन्गिडी को टीम में जगह मिली है, कप्तान तेंबा बावुमा चोट की वजह से बाहर हो चुके है, उनकी जगह तृस्तन स्टब्स को जगह मिली है, तो कीगन पीटरसन की जगह केशव महाराज को टीम में जगह मिली है। वहीं, भारतीय टीम ने दो बदलाव किए हैं। रविचंद्रन अश्विन की जगह रविंद्र जडेजा को मौका मिला है, तो शार्दूल ठाकुर की जगह मुकेश कुमार को टीम में शामिल किया गया है।
केपटाउन टेस्ट के लिए दोनों टीमें:
भारतीय टीम : यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा (कप्तान), शुबमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, के एल राहुल (विकेट कीपर), रविंद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और मुकेश कुमार
मध्य प्रदेश के खंडवा में खुलेआम गौ-हत्या कर सगाई समारोह में उसके मांस की दावत उड़ाई जा रही थी। आरोपितों को न तो प्रशासन का डर है और न ही कानून का। जानकारी मिलते ही पुलिस ने आरोपितों के घर पहुँचकर 60 किलोग्राम अधपका मांस बरामद किया है। इसके साथ ही 10 किलोग्राम कच्चा मांस भी फ्रिज से बरामद किया है। पुलिस को हत्या की गई गायों के 8 पैर भी पॉलिथीन में बरामद किए हैं।
जानकारी के मुताबिक, मामला खंडवा के जावर थाना क्षेत्र का है। यहाँ के फोकटपुरा मुंदवाड़ा में मंगलवार (02 जनवरी 2024) को शबनम बीबी की बेटी यासरा (19 वर्ष) की सगाई का कार्यक्रम था। इसमें अतिथियों के लिए गौमांस पकाई गई थी। हालाँकि, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँच गई। पुलिस ने मांस को अपने कब्जे में लेकर उसकी जाँच के लिए भेज दिया है। इसके साथ ही मामला दर्ज करके घरवालों से पूछताछ की है।
अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं
पुलिस से पूछताछ में शबनम बीबी ने बताया कि उसने 4000 रुपए देकर जावेद पुत्र शेख बाबू से ये मांस मंगाया था। जावेद ही पशुओं को काटने का काम करता है। शबनम ने कहा कि उसे नहीं पता था कि ये गौमांस है या कुछ और। पुलिस ने मामले में शबनम बीबी की बेटी को मुख्य आरोपित बनाया है और अपराध एफआईआर नंबर 0004/2024 में धारा 5/9 गौवंश प्रतिशेध अधिनियम 2004 के तहत केस दर्ज किया है।
चूँकि सगाई समारोह का आयोजन था, इसलिए पुलिस ने नरमी बरती। प्रतिबंधित मांस को जब्त होने के बावजूद किसी को मौके से गिरफ्तार नहीं किया गया। अभी जाँच की जा रही है और आरोपितों को बुधवार (03 जनवरी 2024) को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। खंडवा के जावर थाना प्रभारी गंगा प्रसाद वर्मा ने ऑपइंडिया से बातचीत में मामले की पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि पुलिस टीम दूसरे केस में छापेमारी के लिए इलाके में गई थी। वहाँ मुखबिर से सूचना मिली थी कि फोकटपुरा मुंडवारा में एक सगाई समारोह में गौमांस बनाया जा रहा है। इसके बाद पुलिस टीम वहाँ पहुँची। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से 60 किलो अधपका और 10 किलो फ्रिज में रखा हुआ गोमांस मिला। इसके अलावा मौके पर 8 पैर भी मिले हैं, जो पॉलिथीन में रखे गए थे।
टीआई गंगा प्रसाद वर्मा ने बताया कि पुलिस द्वारा खंडवा के पशु चिकित्सालय में बरामद मांस के सैंपल को जाँच के लिए भेजा गया है। वहाँ, पशु डॉक्टर- डॉक्टर प्रिया सिसोदिया, डॉक्टर नीरज कुमुद और डॉक्टर नवीन तिवारी की टीम ने सैंपल की जाँच की। जाँच की मौखिक रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि हुई। इसकी विस्तृत रिपोर्ट 36 घंटे बाद देने के लिए कहा है।
गंगा प्रसाद वर्मा ने कहा कि बचे हुए गोवंश के अवशेषों को वापस थाने लाया गया और विधिपूर्वक कार्रवाई कर नष्टीकरण किया गया। किसी के गिरफ्तार के न होने के सवाल पर गंगा प्रसाद वर्मा ने बताया कि मामला सगाई समारोह का था, इसलिए कड़ी कार्रवाई नहीं की गई। कहीं सांप्रदायिक सौहार्द न बिगड़ जाए, इसी वजह से सावधानी बरती गई।
उन्होंने कहा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपितों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि जाँच के साथ ही जरूरी हुई तो आगे भी धाराएँ बढ़ाई जाएँगी। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि किसी भी आरोपित को छोड़ा नहीं जाएगा।
दिल्ली के जंतर मंतर पर अब जूनियर पहलवानों का प्रदर्शन चालू हो गया है। इस बार जंतर मंतर पर कई जगह से आए पहलवानों ने पहलवान साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट के खिलाफ प्रदर्शन किया है। यहाँ प्रदर्शन करने पहुँचे पहलवानों ने बजरंग, साक्षी और विनेश पर अपना करियर बर्बाद करने का आरोप लगाया है। बता दें कि ‘भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI)’ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण के खिलाफ प्रदर्शन में ये तीनों सक्रिय थे और इन्होंने हाल ही में अवॉर्ड वापसी भी की है।
#WATCH | Young wrestlers hold protests against Olympic-winning wrestlers Sakshee Malikkh, Vinesh Phogat and Bajrang Punia, at Delhi's Jantar Mantar pic.twitter.com/5yHVsksKp8
जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने पहुँचे पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ को फिर से बहाल किए जाने की माँग भी की है। दिल्ली में पहुँचे इन पहलवानों ने साक्षी, बजरंग और विनेश के खिलाफ नारे लगाए और पोस्टर लहराए। ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया (TOI)’ की रिपोर्ट में बताया गया है कि यह पहलवान दिल्ली के नरेला और उत्तर प्रदेश के बागपत तथा अन्य स्थानों से बसों में आए थे। इन्होने इन तीनों पहलवानों के खिलाफ भारतीय कुश्ती को बर्बाद करने का आरोप लगाया है।
इन पहलवानों ने ‘साक्षी, बजरंग और विनेश फोगाट – इन्होंने भारतीय कुश्ती को कर दिया बर्बाद’ और बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक हाय-हाय के नारे भी लगाए। इनमें से अधिकांश जूनियर पहलवान थे। इनका कहना था कि बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक के लगातार प्रदर्शन और अवरोध उत्पन्न करने के कारण उनका करियर प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने हाल ही में खेल मंत्रालय द्वारा निलंबित किए गए नवनिर्वाचित कुश्ती संघ को भी बहाल करने की माँग उठाई। प्रदर्शन करने वाले जूनियर पहलवान और कोच ने कहा कि उनकी माँगे न मानी गई और कुश्ती महासंघ को वापस बहाल नहीं किया तो वो अर्जुन अवॉर्ड लौटा देंगे।
Protesting junior wrestlers and coaches threaten to return their Arjuna awards if the government will not restore suspended WFI within 10 days. pic.twitter.com/JbBR4Y1Z1Q
गौरतलब है कि बीते वर्ष से साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट भारतीय कुश्ती महासंघ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पहले उनकी माँग थी कि तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को हटाया जाए। पहलवानों ने सिंह पर यौन शोषण के आरोप भी लगाए थे। हालाँकि, इस बार के कुश्ती महासंघ के चुनावों में बृजभूषण शरण सिंह प्रत्याशी नहीं थे। दिसम्बर, 2023 में इस बार संजय सिंह भारतीय कुश्ती महासंघ का चुनाव जीता था।
हालाँकि, कुछ दिनों बाद ही संजय सिंह की अध्यक्षता वाले कुश्ती महासंघ को खेल मंत्रालय ने निलंबित कर दिया था। भारत में कुश्ती महासंघ को चलाने की जिम्मेदारी खेल मंत्रालय ने एक समिति को दी थी। हालाँकि, जंतर मंतर पर 3 जनवरी, 2024 को प्रदर्शन करने पहुँचे पहलवान कुश्ती महांसघ की बहाली चाहते हैं।
उत्तर प्रदेश के बरेली में शहजाद बेग नाम के एक मुस्लिम युवक ने हिन्दू समुदाय की एक नाबालिग लड़की का अपहरण करके कई दिनों तक बलात्कार किया। इतना ही नहीं, 10 दिनों तक बलात्कार करने के बाद उसे दूसरे मुस्लिम युवक अनीस बेग को सौंप दिया। इस मामले में पुलिस ने अनीस बेग को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, बरेली के बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में पदारतपुर गाँव की रहने वाली नाबालिग 12 कक्षा में पढ़ाई करती है। उसे शहजाद बेग (कुछ रिपोर्ट में साजिद) का एक युवक 21 दिसम्बर 2023 को अपहरण कर लिया। इसके बाद शहजाद ने नाबालिग को एक अन्य मुस्लिम युवक अनीस बेग को सौंप दिया। अनीस ने हिन्दू नाबालिग का 10 दिनों तक बलात्कार किया।
नाबालिग के गायब होने के बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने बालिका की तलाश करते हुए उसे अनीस बेग के साथ बरामद कर लिया। पुलिस ने अनीस बेग को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, अनीस और बालिका को शाहजहाँपुर से गिरफ्तार किया गया है। वहीं, शहजाद का पता लगाया जा रहा है।
दिनांक 21.12.2023 को थाना बिथरी चैनपुर क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के अपहरण के सम्बन्ध में उसके पिता द्वारा अभियोग पंजीकृत कराया गया था। पुलिस द्वारा अपह्रता/पीड़िता को बरामद कर मुख्य अभियुक्त अनीस की गिरफ्तारी किये जाने के सम्बन्ध में CO-3 जनपद बरेली की बाइट। #UPPolicepic.twitter.com/vA0fdOYnNV
पुलिस का कहना है कि अनीस बेग मुख्य आरोपित है। कुछ मीडिया पोर्टल्स ने इस मामले की एक अलग कहानी भी बताई। TV9 भारतवर्ष और ABP न्यूज द्वारा बताए गए समाचार के अनुसार, नाबालिग बच्ची का शहजाद अपहरण करके ले गया था और उसने 10 दिनों तक बच्ची का बलात्कार करने के बाद ₹10 हजार रुपए में अनीस बेग को बेच दिया। हालाँकि, ऑपइंडिया से बातचीत में बेचने की बात से पुलिस ने इनकार किया।
मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए बरेली में करणी सेना ने प्रदर्शन किया है। करणी सेना ने कहा है कि इस मामले में पहले पुलिस ने लापरवाही बरती है। हालाँकि, अब पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार करके दूसरे की तलाश शुरू कर दी है। बालिका को बरामद करके पुलिस ने उसके परिवार को सौंप दिया गया है।
वर्चुअल रियलिटी की दुनिया मेटावर्स पर 16 साल की एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। इस वारदात के बाद से पीड़िता की हालत बेहद खराब है। लंदन पुलिस ने इस वारदात की जाँच शुरू कर दी है। हालाँकि, जाँ के दौरान लंदन पुलिस के सामने कई चुनौतियाँ खड़ी हो गई हैं, क्योंकि ऐसे मामलों के लिए कानून ही नहीं है।
मेटावर्स में हुए यौन अपराध से जुड़ा ये पहला मामला है, जिसकी जाँच असली पुलिस कर रही है। डेली मेल ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि 16 साल की पीड़िता ने मेटावर्स पर आधारित फेसबुक के वर्चुअल रियलिटी में एक गेम खेल रही थी। उसने वर्चुअल हेडसेट पहना हुआ था। मेटावर्स में वो अपने वर्चुअल अवतार में थी, तभी कुछ लोगों ने उसका गैंगरेप कर दिया।
पुलिस ने बताया कि है कि लड़की को शारीरिक तौर पर तो कोई चोट नहीं आई है, क्योंकि ये वारदात वर्चुअल दुनिया में हुई, लेकिन वो मानसिक ट्रॉमा से जूझ रही है। ये ठीक वैसा ही है, जैसे एक वास्तविक गैंगरेप पीड़िता को मानसिक और भावनात्मक आघात से गुजरना पड़ता है। ऐसे मामलों में दूरगामी परिणाम होते हैं और इस तरह के हादसों से निपटना आसान नहीं होता।
लंदन पुलिस से जुड़े अधिकारियों ने बताया है कि इस मामले में एक ही समस्या है कि ऐसे अपराधों से निपटने के लिए अभी कोई कानून ही नहीं है। वर्तमान कानून में बलात्कार जैसे मामलों में शारीरिक-चिकित्सकीय पुष्टि जरूरी होती है। यौन हमला उसे ही माना जाता है, जिसमें बिना सहमति से यौन संबंध या संपर्क बनाए जाएँ। पुलिस पर इस बात को लेकर ये दबाव ये भी पड़ रहा है कि वो असली मामलों को छोड़कर वर्चुअल रियलिटी से जुड़े मामलों की जाँच में अपने संसाधन क्यों झोंक रही है?
इस मामले में गृह सचिव जेम्स क्लिवर्ली ने जाँच का समर्थन किया है। उन्होंने एक टीवी कार्यक्रम में कहा, “ये असल दुनिया में हुआ गैंगरेप नहीं है, इसलिए इसे खारिज कर देना आसान लगता है, लेकिन सच ये है कि एक बच्ची मानसिक आघात से गुजर रही है। इस केस का महत्वपूर्ण प्रभाव होगा। ऐसे में इस जाँच को रोकना सही नहीं है।”
ब्रिटेन के बाल संरक्षण एवं उनसे दुर्व्यवहार के मामलों की जाँच करने वाले समूह के अध्यक्ष इयान क्रिचली ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक में क्लेवर्ली की बातों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मेटावर्स खूँखार यौन अपराधियों को बच्चों को शिकार बनाने के लिए एक प्रवेश द्वार उपलब्ध कराता है। ऐसा होने से रोकने के लिए नए कानूनों की भी जरूरत है।
बता दें कि मेटावर्स पर यौन अपराधों के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे ही एक मामले में पिछले साल 21 साल की लड़की का रेप हुआ था। उस रेप को दूसरा यूजर देख रहा था और वो वोडका बाँट रहा था। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे अपराधों पर रोकथाम के लिए नए कानून बनाए जाएँ।
तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की नेता महुआ मोइत्रा के एक्स बॉयफ्रेंड वकील जय अनंत देहाद्राई का कहना है कि वो महुआ पर लगाए गए आरोपों से कतई पीछे नहीं हटेंगे। देहाद्राई का आरोप था कि वो अपने एक्स बॉयफ्रेंड के खिलाफ निगरानी कर रही थीं। इसकी शिकायत उन्होंने सीबीआई में दर्ज की है। वही सुप्रीम कोर्ट में बुधवार (3 जनवरी, 2024) को संसद से निलंबन केस में सुनवाई करने जा रहा है।
बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट के वकील TMC सांसद रही महुआ मोइत्रा के खिलाफ ‘कैश फॉर क्वेरी’ केस में शिकायतकर्ता थे। इसी शिकायत की वजह से महुआ मोइत्रा को संसद से निलंबित कर दिया गया था और उनकी सांसदी चली गई थी।
ANI से बात करते हुए बुधवार (3 जनवरी, 2024) को वकील जय अनंत देहाद्राई ने कहा, “मैंने अपनी शिकायत सीबीआई को दे दी है। यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है और ओडिशा के कुछ लोग हैं जो उन लोगों को पैसा दे रहे हैं और समर्थन कर रहे हैं जिनके खिलाफ मैंने (सीबीआई को) शिकायत दर्ज की है। ये लड़ाई थोड़ी खतरनाक है, लेकिन मैं पीछे नहीं हटूँगा।”
बताते चलें कि इससे देहाद्राई ने मंगलवार (2 जनवरी,2023) को आरोप लगाया कि टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा पश्चिम बंगाल पुलिस में अपने संपर्कों की वजह से वो उनकी अवैध निगरानी कर रही थीं।
देहाद्राई ने शुक्रवार (29 दिसंबर, 2023) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और CBI निदेशक प्रवीण सूद को लिखे पत्र में कहा गया है कि ऐसी संभावना है कि टीएमसी नेता मोइत्रा उनके फोन नंबर का इस्तेमाल कर वो कहाँ जा रह रहे और रह रहे इसे ट्रैक कर रही हैं।
उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ मिल कर गैरकानूनी तरीके से उनकी सर्विलांस की साजिश रची। उन्होंने आरोप लगाया, “मोइत्रा का बंगाल पुलिस के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपने प्रभाव और रिश्तों का बेजा इस्तेमाल कर निजी लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) हासिल करने का इतिहास है, ताकि कुछ निजी लोगों के सटीक ठिकानों पर नजर रखने की उनकी इच्छा पूरी हो सके इसके साथ ही उन लोगों का ब्यौरा भी हासिल करती हैं जो उनके संपर्क में हैं।”
वकील देहाद्राई ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि इससे पहले, टीएमसी नेता सक्रिय तौर से 2019 में सुहान मुखर्जी नाम के एक शख्स को ट्रैक कर रही थीं।” उन्होंने आगे कहा, “मोइत्रा ने मुझे पहले भी कई मौकों पर मुँह से और 26 सितंबर, 2019 को व्हाट्सएप्प पर लिखकर बताया था कि वह अपने पूर्व प्रेमी सुहान मुखर्जी पर सक्रिय तौर से नज़र रख रही थीं क्योंकि उन्हें उनके एक जर्मन महिला के साथ संबंध होने का शक था।”
जय अनंत देहाद्राई ने आगे आरोप लगाया कि मोइत्रा के पास वरिष्ठ बंगाल पुलिस अधिकारियों की मदद से मुखर्जी के फोन के पूरे कॉल रिकॉर्ड और हिस्ट्री थे। इसमें उसे उन लोगों के बारे में सटीक जानकारी थी जो मुखर्जी के संपर्क में थे। इसके साथ ही दिन के सभी घंटों के लिए मुखर्जी कहाँ रहते थे ये भी पता रहते थे।”
वकील देहाद्राई ने यह भी कहा कि महुआ मोइत्रा ने उन्हें पहले भी कई धमकियाँ दी हैं। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि कई मौकों पर उन्हें लगा कि दिल्ली में उनके घर के बाहर उनकी कार का पीछा किया जा रहा है।
वहीं दूसरी तरफ महुआ मोइत्रा ने देहाद्राई के लगाए आरोपों का जवाब देते हुए एक्स पर गृह मंत्रालय से पूरे भारत के सभी दिलजले हारे मरीजों की शिकायतों पर विचार करने के लिए CBI में एक खास निदेशक नियुक्त करने का आग्रह किया। लोकसभा से निलंबित होने के बाद मोइत्रा ने कहा था कि एथिक्स कमेटी ने जाँच की तह तक पहुँचे बगैर ही उन्हें फाँसी देने का फैसला कर लिया।
बताते चलें कि सुप्रीम कोर्ट बुधवार को लोकसभा से निष्कासन के खिलाफ टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा की याचिका पर सुनवाई है। मामले की सुनवाई जस्टिस संजीव खन्ना और दीपांकर दत्ता की बेंच करेगी। इससे पहले इस मामले की सुनवाई पहले 15 दिसंबर, 2023 तक टाल दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने संसदीय निकाय से हटाने को चुनौती देने वाली मोइत्रा की याचिका पर समीक्षा करने का फैसला किया था।