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जया बच्चन की सांसद निधि से चल रहे काम में घोटाला, रद्द किया गया सवा करोड़ रुपए का टेंडर: गड़बड़ी की शिकायत करने वालों में सपा MLA भी, CMO ने माँगा जवाब

समाजवादी पार्टी की राज्यसभा सांसद जया बच्चन की सांसद निधि से होने वाले कामों में गड़बड़ी मिली है। इन कार्यों के लिए जो टेंडर जारी किया गया था, वो नियमों के हिसाब से गलत था। इसमें धाँधली की शिकायत स्थानीय सांसद रमेश चंद्र बिंद, भदोही के सपा विधायक जाहिद बेग और भाजपा जिलाध्यक्ष ने 27 नवंबर को डीएम, सीडीओ और मुख्यमंत्री कार्यालय से की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जया बच्चन की सांसद निधि से हो रहे कामों के लिए जारी किए गए टेंडन पर जब ऊपर तक शिकायत पहुँच गई, तब सीडीओ यशवंत कुमार सिंह ने जाँच के लिए तीन अधिकारियों की टीम गठित कर दी। इस टीम की जाँच में ये मिला है कि टेंडर जारी करते समय मानकों का उल्लंघन किया गया। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने टेंडर को रद्द करते समय बताया कि इसमें कई गड़बड़ियाँ थीं, जिसमें पहली ये है कि टेंडर की शर्तें स्पष्ट नहीं थीं। दूसरी गड़बड़ी ये है कि टेंडर में केवल एक ही कंपनी ने हिस्सा लिया था। तीसरी, टेंडर में शामिल कंपनी का अनुभव और योग्यता पर्याप्त नहीं थी।

अब इस मामले में मुख्यमंत्री के उप सचिव अरविंद मोहन ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर जवाब माँगा है। उन्होंने डीएम से कुछ सवाल पूछे हैं, जैसे – निविदा को रद्द करने के क्या कारण थे? क्या विभाग ने निविदा में धाँधली के आरोपों की जाँच की है? अगर हाँ, तो जाँच में क्या पता चला? इस खबर से यह बात सामने आई है कि सांसद निधियों के उपयोग में पारदर्शिता की कमी है। ऐसे मामलों में धाँधली के आरोप लगाए जाते हैं। माँग है कि सरकार को इस मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।

बता दें कि राज्यसभा सांसद जया बच्चन ने एक दशक पहले भदोही को अपना नोडल जिला बनाया था। राज्यसभा सांसदों को अपने कार्यक्षेत्र को चुनने का अधिकार रहता है। इसी के तहत उन्होंने भदोही को चुना था। उन्होंने स्थानीय प्रशासन द्वारा भेजे गए सड़कों, इंटरलॉकिंग जैसे कामों को करने के लिए स्वीकृति दी थी। इसी में से इंटरलॉकिंग के लिए सवा करोड़ का टेंडर निकाला गया था। आरोप लगा कि तकनीकी कमेटी ने अपने चहेते ठेकेदारों को टेंडर देने के लिए अनियमिताताओं को अंजाम दिया। हालाँकि, अब ये टेंडर ही रद्द किया जा चुका है।

‘छाती और शरीर के ऊपरी हिस्से को छू रहे थे’: 54 दिन बाद हमास के कब्जे से बच कर आई महिला ने सुनाया दर्द, कहा – वहाँ का एक-एक आदमी आतंकी

फिलिस्तीन के आतंकी संगठन द्वारा हमास द्वारा इजरायल पर हमले करके महिलाओं एवं बच्चों सहित 240 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया था। इसके बाद इजरायल ने गाजा पर कार्रवाई शुरू की तो मजबूर होकर हमास को कुछ बंधकों को छोड़ना पड़ा था। हमास द्वारा छोड़े गए लोगों में 21 साल की मिया शेम भी हैं। उन्होंने हमास के कब्जे में बिताए समय के खौफनाक पल के बारे में दुनिया को बताया है।

सिर्फ 21 साल की इजरायली नागरिक मिया शेम ने बताया कि गाजा नर्क है और वहाँ सब आतंकवादी हैं। वहाँ कोई बेकसूर नहीं है।, एक आदमी भी नहीं। उन्होंने बताया कि वहाँ सब कुछ हमास के आतंकियों द्वारा नियंत्रित होता है। मिया ने बताया कि हमास के कब्जे में रहने के दौरान उन्हें सबसे अधिक चिंता खुद के साथ होने वाले बलात्कार को लेकर थी। उन्होंने बताया कि हमास के आतंकी महिलाओं को हवस भरी निगाहों से देखते थे।

इजराइल के चैनल 12 और 13 को दिए इंटरव्यू में मिया ने बताया कि 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल में हमास ने जब हमला किया था, उस दौरान वह नोवा म्यूजिक फेस्टिवल शामिल होने गई थीं। उन्होंने जैसे ही आतंकियों को देखा, वो अपने दोस्त के साथ एक कार में छिप गईं और वहाँ से भागने की कोशिश की। हालाँकि, वह भाग नहीं सकीं और आतंकियों ने कार की टायर में गोली मारकर पंक्चर कर दिया।

इसके बाद एक ट्रक में भरकर हमास के आतंकी वहाँ पहुँचे और उनको घूरने के बाद बेद नजदीक से उनके हाथ में गोली मार दी। इसके बाद वह चिखते हुए जमीन पर गिर गईं। इस दौरान आतंकियों ने उनके दोस्त एलिया टोलेडानो का हाथ पीछे बाँधकर अपने साथ गाजा ले गए। उन्होंने बताया कि बाद में उनके दोस्त की लाश मिली बरामद हुई थी।

मिया ने बताया कि जब वह जमीन पर गिरी थीं, तब आतंकी हर तरफ गोलियाँ बरसा रहे थे, ताकि कोई घायल ना बचे। वह भी मरने का नाटक करते हुए जमीन पर लेटी रहीं। इसी दौरान वहाँ एक शख्स दिखा, जिसे वह इजरायल समझकर मदद के लिए चिल्लाईं। हालाँकि वह हमास का आतंकी था और वह पास आकर उन्हें खड़े होने के लिए कह

हमास के बंधन में 55 दिन बीताने वाली मिया ने बताया कि वह आतंकी उनकी छाती की ओर घूरते हुए उनके शरीर के ऊपरी हिस्से को जगह-जगह छूने लगा। इसके बाद वह चिल्लाने लगी। इसी दौरान किसी ने उन्हें बालों से पकड़ते हुए कार के अंदर धकेल दिया और अपने साथ गाजा लेकर चला गया। इस दौरान उनके जख्मी हाथ से खून निकलकर हर तरफ फैल रहा था।

बंधक बनाए जाने के दौरान को याद करते हुए मिया ने कहा कि गाजा में उन्हें हर कोई ऐसे निहार रहा था, जैसे वह किसी चिड़ियाघर की जीव हों। उनके जख्मी हाथ में प्लास्टिक बाँध दिया गया और इस तरह वह तीन दिन रहीं। तीन दिन बाद उन्हें हिजाब पहनने के लिए दिया गया और उसमें उन्हें अस्पताल लेे जाया गया। वहाँ बिना बेहोश किए हुए उनके हाथों का ऑपरेशन किया गया। उन्होंने बताया कि जो आदमी आदमी ऑपरेशन कर रहा था उसने कहा कि अब वह जिंदा अपने घर नहीं जा सकेगी।

ऑपरेशन के अगले दिन उन्हें एक प्रोपेगेंडा वीडियो शूट करने के लिए कहा गया, जिसमें फ्रेंच-इजरायली नागरिक मिया को कहना था कि हमास की तरफ से उन्हें कोई तकलीफ नहीं दी जा रही है और उनका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि बंधक रहने के दौरान वह अपने घाव को खुद साफ करती थीं और उसकी पट्टी भी खुद बदलती थीं।

इसके बाद उन्हें एक फैमिली वाले घर में भेज दिया गया। इस दौरान उन्हें किसी से बात करने, रोने, घूमने आदि से साफ मना किया था। मिया ने याद करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि बंधक बनाने वाले ने मेरे साथ इसलिए बलात्कार नहीं किया, क्योंकि उसकी पत्नी और बच्चे बगल वाले कमरे में थे। उसकी पत्नी को इस बात से नफरत थी कि वह मेरे साथ कमरे में अकेला था।” उसकी बीवी बहुत बुरी थी।

मिया ने कहा कि वह अपने शौहर के लिए खाना लाती थी, लेकिन उसके लिए नहीं। इस तरह करते हुए उसे बिना खाना खाए तीन दिन बीत गए। एक दिन उसने अपने शौहर से कहा कि इस लड़की को सुरंग में भेज दो। इसके बाद वह इजरायल ने हमला कर दिया। मिया ने बताया कि उन्हें मरने से डर नहीं था। वह इजरायली हमले से बहुत खुश थीं।

इसके बाद उन्हें एक घर से दूसरे घर और दूसरे से तीसरे घर…. इस तरह उन्हें भेजा जाता रहा। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि वह वापस अपने घर जा सकेंगी। उन्हें सुरंग में भेज दिया गया, जहाँ अन्य इजरायली बंधक रखे हुए थे। उन्होंने बताया कि एक दिन हमास के एक आतंकी ने कहा कि उन्हें कल छोड़ा जाएगा तो उन्हें विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि जब तक वह इजरायली सेना की गाड़ी पर बैठ नहीं गईं, तब तक उन्हें विश्वास नहीं था कि उन्हें रिहा किया जाएगा।

‘सिर्फ PM मोदी रोक सकते हैं इजरायल-फिलिस्तीन का युद्ध’: जामा मस्जिद के इमाम बोले – जो पूरा मुस्लिम जगत न कर सका, वो कर देंगे हमारे प्रधानमंत्री

इजरायल-हमास विवाद पर दिल्ली के जामा मस्जिद के इमाम सैयद अहमद बुखारी ने बयान दिया है। बुखारी ने कहा है कि कोई मुस्लिम मुल्क नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस जंग को रोक सकते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बुखारी ने अपने बयान में कहा कि फिलीस्तीन का मसला ऐसे स्तर पर पहुँच गया है जहाँ ‘द्विराष्ट्र सिद्धांत’ के आधार पर संयुक्त राष्ट्र, अरब लीग और खाड़ी सहयोग परिषद के प्रासंगिक प्रस्तावों के अनुरूप इसका तत्काल और स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मुस्लिम जगत इस संबंध में अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर पाया है। इस्लामी मुल्कों को जो करना चाहिए, वह नहीं कर रहा है और यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।”

बुखारी ने कहा, “मुझे उम्मीद है कि मेरे देश के प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) इजरायल के प्रधानमंत्री (बेंजामिन नेतन्याहू) के साथ अपने व्यक्तिगत रिश्तों के जरिए जंग खत्म करने और मसलों को हल करने के लिए कूटनीतिक दबाव डालेंगे।”

बता दें कि हाल में भारत ने भी इजरायल फिलीजस्तीन जंग को खत्म करने की बात को अपना समर्थन दिया है। इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक ड्राफ्ट के पक्ष में भारत द्वारा मतदान किया गया है। इस ड्राफ्ट में तत्काल युद्धविराम के साथ सभी बंधकों को बिना शर्त रिहाई की माँग की गई थी।

ये युद्ध 7 अक्टूबर के बाद से चल रहा है। जब फिलीस्तीन के आतंकी संगठन हमास ने इजरायल में घुसकर बर्बर हमला किया था। इसके बाद से लगातार इजरायली सेना उन्हें जवाब देने में लगी हुई है। उन्होंने हमास के सफाए की कसम खाई है।

पुलिया तोड़ बाजार में घुसी रेलगाड़ी… ओवरब्रिज में प्लेन फँसने के बाद बिहार में अब सड़क पर ट्रेन, पुलिस को सँभालना पड़ा मोर्चा

कुछ ही दिन पहले पूर्वी चम्पारण में एक स्क्रैप्ड प्लेन सड़क पर फंस गया था। उस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। तो वहीं अब भागलपुर में ट्रेन का डिब्बा ही सड़क पर आ गया। ट्रेन का डिब्बा ट्राले के माध्यम से कहीं ले जाया जा रहा था, तभी भागलपुर में लोहिया पुल को तोड़ते हुए बाजार में घुस गया। इस घटना के बाद आसपास काफी भीड़ इकट्ठी हो गई और लोगों को दूसरे रास्ते से निकालना पड़ा।

जानकारी के मुताबिक, भागलपुर में ट्रेन की बॉगी ट्रेलर पर लोड होकर स्टेशन की ओर जा रही थी। तभी लोहिया पुल के पास ट्रेलर अनियंत्रित हो गया। चूँकि उस पर काफी वजनी ट्रेन का डिब्बा ही डाल दिया गया था, ऐसे में मोड़ते समय वो अनियंत्रित हो गया। ऐसे में अचानक वो झुकने लगा। चालक ने उसे सँभालने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक ट्रेलर ही पुल की रेलिंग को तोड़ते हुए आगे निकल गया। ऐसे में ट्रेन का डिब्बा बीच-बाजार सड़क पर आ गया। हालाँकि, गनीमत ये रही कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।

ट्रेलर चालक की समझ-बूझ से बचा बड़ा हादसा

इस घटना के बाद स्टेशन जाने वाला पूरा रोड बंद हो गया है। इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके की बैरिकेडिंग की और लोगों को दूसरे रास्तों से गंतव्य तक पहुँचाया। बताया जा रहा है कि अगर ट्रेलर चालक ने सूझबूझ नहीं दिखाई होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। चूँकि ट्रेलर का ब्रेक ही फेल हो गया था। ऐसे में बड़ा हादसा हो सकता था। हालाँकि इस हादसे में ट्रेलर चालक घायल हो गया है। ट्रैफिक डीएसपी आशीष सिंह ने बताया कि हादसे के बाद ट्रैफिक को डायवर्ट करना पड़ा।

‘अब कोई नहीं रोक सकता युद्ध’: बड़ी बैठक में किम जोंग उन ने सेना को दिया ‘पूरे दक्षिण कोरिया को नेस्तनाबूत करने’ का आदेश, कहा – परमाणु बम से भी दो जवाब

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने ऐलान किया है कि परमाणु शक्ति को बढ़ावा देने के लिए वो 2024 में 3 और जासूसी उपग्रह लॉन्च करेंगे। इसके साथ ही तानाशाह ने साफ कर दिया है कि वो युद्ध की तैयारी कर रहे हैं।

कोरियन सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी (KCNA) ने रविवार (31 दिसंबर, 2023) को ये खुलासा किया है कि किम जोंग उन ने कहा है कि अमेरिकी नीति युद्ध को जरूरी बना रही है। तानाशाह किम ने अपनी न्यूक्लियर पॉवर का जखीरा बढ़ाने का ये ऐलान ‘वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया’ की साल की आखिरी की बैठक में किया।

किम जोंग उन ने सत्ताधारी पार्टी की पाँच दिनों की बैठकों के समापन पर वाशिंगटन पर जोरदार हमला बोला है। इसके तहत उन्होंने आने वाले साल के लिए आर्थिक, सैन्य और विदेश नीति के लक्ष्य निर्धारित किए। केसीएनए ने लिखा है कि किम ने कहा, “दुश्मनों के हम पर आक्रमण करने के बेपरवाह कदमों की वजह से यह पक्का है कि कोरियाई प्रायद्वीप पर किसी भी वक्त युद्ध छिड़ सकता है।”

यही नहीं, किम जोंग उन ने सेना को जरूरी होने पर किसी भी हमले के जवाब में परमाणु बम सहित दक्षिण कोरिया के पूरे क्षेत्र को नेस्तनाबूद करने के लिए तैयार रहने का आदेश जारी किया है। इसी बैठक में किम ने ऐलान किया, “हम 2023 में पहले स्पाई सैटेलाइट को कामयाबी से लॉन्च करने और संचालित करने के अनुभव के आधार पर अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास को तेज़ी से बढ़ावा देने के लिए 2024 में तीन और स्पाई सैटेलाइट लॉन्च करेंगे।”

बताते चलें कि इस साल की शुरुआत में ही उत्तर कोरिया ने कामयाबी के साथ अपना स्पाई सैटेलाइट लॉन्च किया था। इसे लेकर अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान ने मिलकर ऐतराज जताते हुए उसकी खासी आलोचना की थी। यहीं नहीं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी इस पर खासा एतराज जताया था। कहा जा रहा है कि उत्तर कोरिया का ये स्पाई सैटेलाइल पहले ही व्हाइट हाउस, पेंटागन और अमेरिका के अहम सैन्य ठिकानों की तस्वीरें ले चुका है।

यहाँ ये बात गौर करने लायक है उत्तर कोरिया के नेता ने ये ऐलान उस वक्त किया है जब दक्षिण कोरिया और संयुक्त राज्य अमेरिका दोनों में अहम चुनाव होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि नवंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के आसपास फायदा उठाने के लिए उत्तर कोरिया सैन्य दबाव बनाए रखेगा। माना जा रहा है कि ये पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सत्ता में वापसी हो सकती है। डोनाल्ड ट्रम्प के समय उत्तर कोरिया के साथ अमेरिका के रिश्ते सुधारने की कोशिशें हुई थीं।

सोल में इवा वुमंस यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय स्टडी के प्रोफेसर लीफ-एरिक इस्ले ने कहा, “प्योंगयांग अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव का इंतजार कर रहा होगा, यह देखने के लिए कि उसके उकसावे उसे अगले प्रशासन में क्या फायदा पहुँचा सकते हैं।” अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन प्रशासन कहता है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन उत्तर कोरिया ने यूएन के प्रतिबंधों के बाद भी और अधिक मिसाइल परीक्षण किए इसके बाद अमेरिका ने उस पर नए प्रतिबंध लगा दिए।

उधर अमेरिका ने भी सैन्य अभ्यास बढ़ा दिया। उसने कोरियाई प्रायद्वीप के पास परमाणु-सशस्त्र पनडुब्बियों और बड़े विमान वाहक तैनात कर दिए हैं। वहीं दक्षिण कोरिया के यूनिफिकेशन मंत्रालय कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से पहले उत्तर कोरिया अपनी ताकत दिखाने के लिए उकसावे की कार्रवाई कर सकता है।

2023 में हजारों ने फिर से अपनाया हिंदुत्व: कोई बकरी-कंबल के लालच में बना था ईसाई, किसी ने कहा – इस्लाम मतलब बच्चा पैदा करने की मशीन

विकसित भारत के लक्ष्य के लिए देश अपने स्वर्णिम काल से गुजर रहा है। गुलामी की जंजीरों को लोग तोड़ रहे। आर्थिक उन्नति भी पूरी दुनिया में सबसे तेज अपने देश की ही है। इसका असर सामाजिक स्तर पर भी पड़ रहा है। इस्लामी और ईसाई धर्मांतरण रैकेट पर लोग चोट कर रहे। इनके जाल को तोड़ा जा रहा। प्रलोभन में आकर जो सनातन भाई-बंधु-भगिनी लोग इनके जाल में फँस गए थे, वो पुनः हिंदू बन रहे, अपनी जड़ों की ओर लौट रहे।

जिस विदेशी फंडिंग के सहारे इस्लामी और ईसाई धर्मांतरण का जाल बिछाया जाता था, उस पर सरकार ने प्रहार किया है। ऐसा नहीं है कि अभी कट्टर मजहबियों ने धर्मांतरण करना छोड़ दिया है, लेकिन अब चावल और दवाइयों के लालच में लोग कम फँस रहे। जो फँस गए हैं, वो भी आर्थिक उन्नति होने से अब ठगा हुआ महसूस करते हैं। जब यह बोध होता है, वो अपने वास्तविक सनातन धर्म को याद करते हैं। घर वापसी करते हैं।

धर्मांतरण की तमाम साजिशों के बीच साल 2023 में घर वापसी करने वाले ऐसे लोग और परिवार सैकड़ों हैं। पूरे साल हमने ऑपइंडिया पर ऐसी खबरों को प्राथमिकता से प्रकाशित भी किया। इन खबरों और इनकी कहानियों को अब एकसाथ लेकर आए हैं हम। अपने भूले-बिछड़ों का सनातन धर्म में स्वागत है!

दिसंबर 2023: कुल 5 घर वापसी

29 दिसंबर 2023: छत्तीसगढ़ के किलकिला धाम में भाजपा नेता और अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने 8 परिवारों की सनातन में वापसी करवाई। इस दौरान उन्होंने हमेशा की तरह सभी लोगों के चरण पखारे। ये सभी लोग ईसाई मिशनरियों की लालच में आकर हिंदू धर्म छोड़ चुके थे। लेकिन अब वापस मिशनरियों की चालबाजी समझने के बाद इन्होंने दोबारा सनातन में लौटने का फैसला किया।

29 दिसंबर 2023: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में परिजनों के विरोध के बावजूद एक मुस्लिम लड़की ने अपने हिंदू प्रेमी के साथ विवाह किया है। इस युवती का नाम शाबिया है। घर वापसी के बाद उसका नाम सीता रखा गया है। पहले दोनों ने कोर्ट मैरिज का फैसला किया। लेकिन शाबिया के परिजनों ने वहाँ हंगामा कर दिया। इसके बाद बजरंग दल से जुड़े लोगों ने तांबेश्वर शिव मंदिर में दोनों की शादी करवाई।

25 दिसंबर 2023: छत्तीसगढ़ के कोरबा में धर्मांतरण का शिकार हुए 101 हिंदू परिवारों की विधि-विधान से घर वापसी कराई गई। भाजपा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने सभी के पैर धोकर उनका सम्मान किया। उन्होंने लिखा, “अपने पूर्वजों से पुनः जुड़ने पर आपने राष्ट्र को मजबूत किया है। हम गौरवांवित है। आपका स्वागत है, अभिनंदन है।”

11 दिसंबर 2023: मुस्लिम महिला निकहत ने कन्नौज के विधूना बाजार स्थित माँ दुर्गा के मंदिर में शुद्धीकरण के बाद हिन्दू धर्म अपना लिया। वो अब नेहा बन चुकी हैं। इसी के साथ नेहा (पहले की निकहत) ने हिमांशु नाम के एक हिन्दू युवक से शादी भी कर ली। निकहत का बेटा रिहान भी अब हिंदू माता-पिता के साथ पलेगा-बढ़ेगा।

7 दिसंबर 2023: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सूफ़िया नामक मुस्लिम लड़की ने घर-वापसी कर हिन्दू धर्म अपना लिया। सूफ़िया का नया नाम ‘अंजलि’ रखा गया है। हिन्दू धर्म अपनाने के बाद उन्होंने विजय को अपना जीवनसाथी चुना और टिकरा मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज से शादी रचाई।

नवंबर 2023: कुल 4 घर वापसी

28 नवंबर 2023: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक मुस्लिम लड़की ने घर-वापसी की है। घर-वापसी करने वाली लड़की का नाम आफरीन है, जो अब निशा नाम से जानी जाएँगी। निशा ने प्रिंस गुप्ता नाम के लड़के से वेदमंत्रों के बीच हिन्दू रीति-रिवाज़ से शादी भी कर ली है।

27 नवंबर 2023: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक मुस्लिम परिवार के 2 सदस्यों ने घर वापसी की है। आसिफ नाम का युवक घर वापसी करके अब आकाश चौहान बन चुका है जबकि उनकी बीवी सुमैया खातून अब प्रिया नाम से जानी जाएँगी। आसिफ ने कहा, “मुझे सनातन धर्म सबसे बढ़िया और पवित्र धर्म लगा। इस्लाम कोई धर्म नहीं है। आपस में ही शादी-वादी। वो सब बेकार है।”

11 नवंबर 2023: उत्तर प्रदेश के सीतापुर में मुस्कान सिद्दीकी नामक महिला ने न सिर्फ हिन्दू धर्म में घर-वापसी की, बल्कि हिन्दू लड़के से शादी भी रचाई। मुस्कान सिद्दीकी इसके साथ ही अब ‘मुस्कान मौर्या’ बन गई हैं। उन्होंने बताया है कि हमास आतंकियों द्वारा इजरायल की महिलाओं के साथ की गई क्रूरता को देखने के बाद उन्होंने घर-वापसी करने का निर्णय लिया।

7 नवंबर 2023: उत्तर प्रदेश के जौनपुर में 10 साल पहले हिन्दू से ईसाई बनाए गए 36 परिवारों ने घर वापसी की। घर वापसी करने वाले कुल लोगों की संख्या 310 है। इसमें इस्लाम को मानने वाले 5 अन्य परिवार के लोग भी शामिल हैं। इन सभी ने माना कि उन्होंने बहकावे में आकर हिन्दू धर्म छोड़ दिया था।

अक्टूबर 2023: कुल 6 घर वापसी

28 अक्टूबर 2023: दिल्ली की एक मुस्लिम लड़की ने घर-वापसी कर के हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया है। लड़की का नाम गुलफ्शा है, जो अब स्नेहा राजपूत नाम से जानी जाएँगी। गुलफ्शा ने हिंदू लड़के आकाश राजपूत से शादी की। इसके बाद उसे जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं। गुलफ्शा ने FIR दर्ज करके यह बताया कि उसके अब्बा सुलेमान उस पर गंदी नजर डालते हैं।

28 अक्टूबर 2023: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले की एक मुस्लिम लड़की ने घर-वापसी की है। लड़की का नाम फ़िज़ा जहाँ है, जो अब चाहत वाल्मीकि नाम से जानी जाएँगी। फ़िज़ा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अंकित को अपना जीवन साथी चुना। इस विवाह के दौरान फ़िज़ा ने ख़ुशी जाहिर की है और सनातन में पूरी आस्था जताई है।

11 अक्टूबर 2023: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मुस्लिम महिला ने घर वापसी कर हिन्दू धर्म अपना लिया। महिला का नाम खुशबू बानो था, जो अब खुशबू के नाम से जानी जाएँगी। खुशबू ने विशाल नाम के युवक से शादी भी कर ली। खुशबू के मुताबिक, उनके पूर्वज इस्लामी आक्रांताओं के अत्याचार से मुस्लिम बने थे।

4 अक्टूबर 2023: उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली शबाना ने हिंदू धर्म अपनाकर अपने प्रेमी अरविंद से शादी कर ली है। शबाना ने इस्लाम त्यागने के बाद अपना नाम बदलकर शिवानी कर लिया है। शिवानी बनी शबाना ने कहा कि इस्लाम में महिलाओं को बच्चा पैदा करने की मशीन माना जाता है। शिवानी का कहना है कि हिंदू धर्म में महिलाओं को सम्मान मिलता है।

2 अक्टूबर 2023: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में उजमा नाम की मुस्लिम महिला ने घर वापसी करते हुए हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया है। उजमा का नया नाम उर्मिला रखा गया है। उर्मिला ने अगत्स्य मुनि आश्रम में वैदिक विधि-विधान से भागीरथ नाम के युवक से विवाह किया। उजमा ने बताया कि उन्हें हिंदू धर्म में बहुत विश्वास है और वो भगवान भोलेनाथ की भक्त हैं।

1 अक्टूबर 2023: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक बच्चे समेत 4 लोगों ने इस्लाम छोड़ हिंदू धर्म अपना लिया। तनवीर को ‘तुषार झा’, उनके बेटे हुसैन को ‘युवराज’ नाम दिया गया। वहीं इरशाद बने ‘गिरीश भारद्वाज’ जबकि मीना का नाम ‘सूरजमुखी’ रखा गया। घर-वापसी करने वाले लोगों का कहना है कि उनके पूर्वजों ने मजबूरी के चलते इस्लाम कबूल कर लिया था। अब गलती का एहसास होने के बाद वह फिर से हिंदू धर्म अपना रहे हैं।

सितंबर 2023: कुल 4 घर वापसी

24 सितंबर 2023: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में 10 परिवारों के 70 लोगों ने इस्लाम त्याग कर घर वापसी की। लगभग 10 साल पहले इन सभी को किसी मौलवी और मुस्लिम नेता द्वारा डरा-धमका कर और लालच देकर इस्लाम कबूल करवाया गया था। घर वापसी किए इन 70 लोगों में बच्चे, महिलाएँ, युवा और वृद्ध सभी लोग शामिल।

4 सितंबर 2023: उत्तराखंड के पौड़ी जिले में अरमान और इस्माइल नाम के 2 मुस्लिम भाइयों ने घर वापसी की। अरमान और इस्माइल की माँ हिन्दू थीं, उन्होंने मुस्लिम व्यक्ति से निकाह कर लिया था। 4 बच्चे पैदा करके वो सभी को बेसहारा छोड़ भाग गया था। अरमान और इस्माइल की माँ का कहना है कि उन्होंने कभी अपने बच्चों को मस्जिद नहीं भेजा। अरमान ने बताया कि वो जन्म से ही मन से हिन्दू थे।

3 सितंबर 2023: असम में अलीमा अख्तर नाम की एक महिला डॉक्टर ने हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया। उन पर एक मौलवी से निकाह का दबाव बनाया गया। इसके लिए घर वालों ने जन्नत का लालच दिया। डॉक्टर लड़की ने इसी वजह से खुद को अपने परिवार से दूर कर लिया, हिन्दू धर्म अपना लिया।

2 सितंबर 2023: उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार कर कुलदीप ठाकुर नाम के युवक से शादी कर ली। लड़की ने यह भी कहा कि अब उसे पुराने मजहब इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं है।

जुलाई 2023: कुल 6 घर वापसी

30 जुलाई 2023: झारखंड के गुमला जिले में धर्मांतरण का शिकार हुए जनजातीय समाज के 20 लोगों ने घर वापसी कर ली। ईसाई मिशनरियों द्वारा चंगाई सभा में इन लोगों को बीमारी ठीक करने और इलाज कराने का लालच दिया गया। ईसाई बन जाने के बाद भी न तो कोई ठीक हुआ और न ही इलाज कराया गया। इसके बाद धर्मांतरित हुए लोगों को समझ आया कि यह सब अंधविश्वास था।

26 जुलाई 2023: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मुस्लिम युवती ने हिंदू युवक से शादी की। फरजाना नाम की युवती ने अपना नया नाम सरस्वती रखा है। फरजाना ने अपने विवाह को किसी भी प्रकार के दबाव व लालच से मुक्त बताया।

25 जुलाई 2023: उत्तर प्रदेश के शामली में शानम नामक मुस्लिम लड़की ने घर वापसी करते हुए हिंदू धर्म अपना लिया। इसके बाद उसने अपने प्रेमी रूपक से मंदिर में शादी कर ली। शानम अब शालिनी के नाम से जानी जाएगी। शालनी का कहना है कि उसके पूर्वज कभी हिंदू थे। शालिनी ने यह भी कहा है कि उसे कट्टरपंथी सोच रखने वाले मुस्लिमों से परेशानी है।

16 जुलाई 2023: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में एक मुस्लिम महिला ने घर वापसी करके हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया है। महिला का नाम शाइस्ता अली है, जो अब सीमा नाम से जानी जाएँगी। सीमा ने अपने पति के रूप में राम अवतार को चुना है।

6 जुलाई 2023: गुजरात के राजकोट का हिंदू युवक आशीष गोस्वामी बांगलादेशी मुस्लिम लड़की से शादी करने के लिए इस्लाम अपना लिया था। उसे इंस्टाग्राम के जरिए फँसाया गया था। हिंदू संगठनों और साधु-संतों की समझाइश के बाद उसने घर वापसी कर ली।

2 जुलाई 2023: उत्तर प्रदेश के कौशांबी में शबाना ने घर वापसी कर हिंदू लड़के से मंदिर में शादी कर ली। शबाना हिंदू धर्म अपनाकर रजनी बन गई और उसने बबलू को अपना जीवन साथी बनाया है। शबाना से रजनी बनी युवती ने कहा है कि उसने अपनी मर्जी से घर वापसी कर बबलू से शादी की है।

जून 2023: कुल 5 घर वापसी

22 जून 2023: उत्तर प्रदेश के बरेली की तीन तलाक पीड़िता शहनाज ने घर वापसी कर ली। बचपन के दोस्त पवन के साथ शादी कर वह आरोही बन गईं। बचपन से ही वह भगवान श्रीकृष्ण की भक्त थीं। भगवान की पूजा करने पर ही शौहर ने तीन तलाक देकर उन्हें घर से निकाल दिया था।

21 जून 2023: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की एक मुस्लिम लड़की ने घर वापसी करते हुए हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया। आएशा नाम की इस लड़की ने फरीदाबाद में रवि नाम के हिन्दू युवक से शादी कर ली। अब आयशा आशा नाम से जानी जाएँगी।

15 जून 2023: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मोहम्मद शायन अली ने हिंदू धर्म स्वीकार करने की घोषणा की। शायन अली के अनुसार जब पाकिस्तानी एजेंसियों के टॉर्चर के कारण उन्हें मुल्क छोड़ना पड़ा था, तब भगवान श्रीकृष्ण उनके साथ थे। उन्होंने कहा, “करीब दो साल तक अपने पूर्वजों की संस्कृति और जीवनशैली का पालन करने के बाद मैं घर वापसी कर रहा हूँ।” शायन अली के अनुसार उनके दादा-दादी ने भारत के बजाय पाकिस्तान को सिर्फ इसलिए चुना था क्योंकि वे मुसलमान थे और वो उनकी सबसे बड़ी गलती थी।

12 जून 2023: उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक मुस्लिम महिला ने अपने बेटे सहित हिंदू धर्म अपना लिया है। दिव्यांग रानी बेगम नाम की इस महिला ने बताया कि मंदिर का प्रसाद खाने से उनके बेटे जुनैद की आँखों की रौशनी लौटी आई। जुनैद की आँखें बचपन में ही खराब हो गईं थीं। रानी ने कहा कि हिंदू धर्म में उनकी आस्था बचपन से थी।

7 जून 2023: उत्तर प्रदेश में दो मुस्लिम युवतियों ने अपने हिंदू प्रेमी से शादी की। इन युवतियों के परिजन जबरन उनका निकाह कराना चाहते थे। सीतापुर में प्रदीप से शादी कर रूबिया अब रजनी बन गई हैं। जबकि बहराइच की रुबीना खान ने शेष कुमार अवस्थी के साथ मंदिर में शादी की। अब वह रूबी अवस्थी हो गई हैं।

मई 2023: कुल 1 घर वापसी

1 मई 2023: मध्य प्रदेश के सागर जिले में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने 50 से ज्यादा परिवारों के 95 लोगों को सनातन धर्म में वापसी करवाई। ये लोग जिले के अलग-अलग गाँवों के रहने वाले हैं। उन्होंने घर वापसी के वक्त कहा कि वो लोग लालच में आकर ईसाई बन गए थे लेकिन अब फिर ऐसा नहीं होगा। इनमें से कुछ को पानी में डुबकी लगवाकर ईसाई बनाया गया था। लालच के लिए बकरी, मच्छरदानी और कंबल दिया था। ईसाई बनने के बाद एक महिला को मंगलसूत्र पहनने से मना किया गया था।

अप्रैल 2023: कुल 4 घर वापसी

24 अप्रैल 2023: छत्तीसगढ़ के दुर्ग में 100 परिवार दोबारा अपने धर्म में वापस लौटे। भाजपा नेता व ‘अखिल भारतीय घर वापसी’ के प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने इस दौरान 100 परिवारों के पाँव पखारकर उन्हें अपने धर्म में वापसी करवाई।

22 अप्रैल 2023: उत्तर प्रदेश के बरेली में एक मुस्लिम लड़की ने हिंदू धर्म स्वीकार किया है। रोशनी बेगम नाम की इस लड़की को नई पहचान रिद्धि गुप्ता के तौर पर मिली। रमजान के आखिरी जुमे को उसने अगस्त्य मुनि आश्रम में शिवम गुप्ता से विवाह किया।

18 अप्रैल 2023: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सबीना नाम की एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार किया। उसने सोमपाल से शादी की। सबीना अब सोनम के नाम से जानी जाएँगी। परिजनों के तैयार नहीं होने पर दोनों ने मंदिर में शादी का फैसला किया।

11 अप्रैल 2023: उत्तर प्रदेश के कानपुर के एक मंदिर में रहमत अली ने घर वापसी की। अब वे रितिक नाम से जाने जाएँगे। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने हिंदू धर्म अपनाया। शुद्धिकरण के बाद उन्होंने महादेव का अभिषेक किया। बजरंगबली का आशीर्वाद लिया। बताया कि बचपन से ही उन्हें हिंदू धर्म पसंद था। रामलीला देखना, गणेश उत्सव में हिस्सा लेना और काँवड़ ले जाना उन्हें हमेशा से पसंद रहा है।

मार्च 2023: कुल 2 घर वापसी

29 मार्च 2023: मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में 9 साल पहले धर्मान्तरित हुए एक परिवार ने घर वापसी की। ईसाई मत से अपने मूल धर्म में वापस आने वाले एक ही परिवार के 8 सदस्य हैं। घर वापसी करने वाले कैलाश ने बताया कि उनके घर में कुछ लोग बीमार रहा करते थे। तभी एक व्यक्ति ने ईसाई बन जाने और बेहतर इलाज का झाँसा दिया। कैलाश के मुताबिक उसी लालच में वो ईसाई बन गए थे।

1 मार्च 2023: उत्तर प्रदेश के आगरा की रहने वाली नरगिस ने हिंदू धर्म स्वीकार कर मैनपुरी के आलोक से शादी रचाई। नरगिस ने कहा कि उन्हें बचपन से ही सनातन धर्म पसंद था। कभी-कभी वह मंदिर भी चली जाती थीं, जिससे नाराज अब्बू उनकी पिटाई किया करते थे। शुद्धिकरण की प्रक्रिया के बाद नरगिस से निक्की बनी नई-नवेली दुल्हन ने बताया कि इस्लाम उन्हें कभी पसंद नहीं था।

फरवरी 2023: कुल 8 घर वापसी

28 फरवरी 2023: असम में 142 लोगों ने घर वापसी की। इन सभी ने ईसाइयत छोड़ सनातन धर्म को अपनाया। यह असम में अब तक की सबसे बड़ी घर-वापसी है। घर-वापसी करने वाले तिवा जनजाति के ये लोग जन्म से हिंदू थे। लेकिन इनके दादा-दादी गरीबी तथा शिक्षा की कमी के चलते भ्रमित होकर ईसाई बन गए थे। अब अपनी इच्छा से घर वापसी की।

27 फरवरी 2023: गुजरात के वलसाड जिले में 20 क्रिश्चियन परिवारों ने घर वापसी की। स्थानीय प्रथा की आड़ में क्रिश्चियन मिशनरीज वाले भोले-भाले जनजातीयों को शादी करवाने का लालच देकर चर्च ले जाते हैं, फिर उनका धर्मांतरण करवाते हैं। अब इन लोगों ने स्वेच्छा से घर वापसी की।

22 फरवरी 2023: छत्तीसगढ़ में भाजपा नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने धर्मांतरित हुए 250 लोगों की घर वापसी करवाई। ईसाई बन चुके ये सभी लोग 36 अलग-अलग परिवारों से थे। घर वापसी करने वाले सभी लोगों के पैरों को गंगाजल से धोया गया

20 फरवरी 2023: मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की मौजूदगी में 220 धर्मांतरित ईसाइयों ने हिन्दू धर्म में घर-वापसी की। घर-वापसी करने वालों ने बताया कि ईसाई मिशनरियों ने उन्हें घर देने का लालच दिया था, जिसके बाद उन्होंने हिन्दू धर्म को छोड़ दिया था। हालाँकि, वादा नहीं निभाया गया और उन्हें घर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वो अपनी मर्जी से घर-वापसी कर रहे हैं।

14 फरवरी 2023: चंडीगढ़ की एक लड़की ने हिंदू धर्म स्वीकार करते हुए दिल्ली में अजय कुमार संग शादी की है। नाजिश खान नाम की यह लड़की अब पूजा के नाम से जानी जाएगी। नाजिश ने हिंदू बनने पर बेहद खुशी जताई।

8 फरवरी 2023: झारखंड के लोहरदगा में एक ही परिवार के 13 सदस्यों ने ईसाई धर्म त्याग कर सरना धर्म में घर वापसी कर ली। इन सभी ने पादरियों द्वारा खुद को गुमराह करने और अन्धविश्वास सिखाने का आरोप लगाया। साल 2012 में ईसाई मत अपनाने को इस परिवार ने अपनी बड़ी भूल बताते हुए सरना धर्म को ही बेहतर कहा।

7 फरवरी 2023: मध्य प्रदेश के मुरैना में एक मुस्लिम परिवार ने हिन्दू बनने की घोषणा की। युसूफ ने कहा कि जहाँ प्रताड़ना मिल रही, ऐसे दीन में रहने का क्या फायदा। युसूफ पर अपने घर को मस्जिद के लिए देने का दबाव बना रहे थे कट्ट्ररपंथी मुस्लिम। इसके खिलाफ युसूफ ने कहा कि वो अपनी जमीन पर मंदिर बनवा देंगे।

4 फरवरी 2023: उत्तर प्रदेश के बरेली में सबा बी नामक लड़की ने हिंदू लड़के अंकुर देवल से शादी करने के लिए घर वापसी की। अब वह सोनी देवल के नाम से जानी जाएँगी। सबा बी उर्फ सोनी का कहना है कि उन्होंने अपनी मर्जी से घर वापसी की। उन्होंने कहा कि उन्हें हिंदू धर्म बहुत पसंद है। उन्हें पूजा करना अच्छा लगता है। साथ ही इसमें तीन तलाक भी नहीं होता। उन्होंने कहा कि अब वह जीवन भर हिंदू बनकर रहेंगी।

जनवरी 2023: कुल 5 घर वापसी

23 जनवरी 2023: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में सलीम खान नामक बुजुर्ग व्यक्ति ने सनातन धर्म अपना लिया। अब वह बाबा सुखराम दास के नाम से जाने जाएँगे। सलीम का कहना है कि वह हनुमान जी से प्रभावित होकर हिंदू बने हैं। सलीम का कहना है कि उन्होंने अंतर आत्मा की आवाज सुनकर इस्लाम त्याग कर सनातन धर्म अपनाया है।

21 जनवरी 2023: बागेश्वर धाम के पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के मंच पर एक मुस्लिम महिला सुल्ताना बेगम ने सनातन धर्म अपना लिया। मुस्लिम महिला ने कहा, “मेरा नाम सुल्ताना है। मैं मूर्ति पूजा करती हूँ, इसलिए मेरे घर वालों ने मुझे त्याग दिया। हिन्दू धर्म से अच्छा कोई धर्म हो ही नहीं सकता। इसमें भाई-बहन में शादियाँ नहीं होती। इसमें औरतों की जिंदगी बर्बाद नहीं होती। इसमें तीन तलाक नहीं होता।”

20 जनवरी 2023: छत्तीसगढ़ में 1100 ईसाइयों ने एक साथ घर वापसी की। महासमुंद जिले के बसना में बीजेपी नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने गंगाजल से चरण पखारकर सबकी हिंदू धर्म में वापसी करवाई। घर वापसी करने वाले लोगों ने बताया कि वे भटक कर धर्मांतरण का शिकार हो गए और अपना धर्म छोड़ दिया था। अपनी भूल का एहसास होने के बाद वे हिंदू धर्म में लौट आए।

16 जनवरी 2023: उत्तर प्रदेश के एटा जिले में शबनम नाम की लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया। अब वह नेहा पाठक के नाम से जानी जाएँगी। शबनम ने कोमेश पाठक नाम के हिन्दू लड़के से शादी की। शबनम काफी पहले से हिन्दू धर्म से प्रभावित थीं। वो दीपावली त्यौहार को काफी पसंद किया करती थीं।

3 जनवरी 2023: उत्तर प्रदेश के एटा में 10 ईसाई परिवारों के 35 लोगों ने सनातन धर्म में वापसी की। वर्ष 1995 में धर्मांतरण कर ये लोग ईसाई बन गए थे। इन्हें प्रलोभन देकर ईसाई बनाया गया था। इनमें से कई लोग सनातन धर्म में वापसी के इच्छुक थे। इसलिए 35 लोगों ने स्वेच्छा से हवन में आहुति देकर घर वापसी की।

रवीश को लताड़, बिहार के बेरोजगार, राहुल और केजरीवाल की ‘ख्याली सरकार’: 2023 के टॉप-10 विचार, जिसे पाठकों ने पढ़ा बार-बार

ऑपइंडिया की विचारधारा और विचारों को इतने साल में आप पाठकों से लगातार प्यार-सम्मान मिला। बात चाहे राजनीति गलियारों में चल रही हलचल के विश्लेषण की हो, वामपंथी नैरेटिव को तोड़ने की हो, हिंदुत्व की आवाज उठाने की हो, धर्म-संस्कृति-सभ्यता की हो या फिर किसी तरह के सामाजिक बदलाव की… जब-जब हमारे लेखकों ने आपसे अलग-अलग मुद्दों पर अपने विचार साझा किए आपने उन पर सहमति जाहिर कर हमें बताया कि हम सही रास्ते पर हैं।

साल 2023 में भी ऑपइंडिया के लेखकों द्वारा लिखे कई ऐसे लेख थे जिन्हें आप पाठकों ने सराहा और पसंद किया। वर्ष के खत्म होने से पहले एक बार उनमें से टॉप 10 पर सरसरी निगाह डालते हैं।

1. MP निकम्मे, फिर भी कैसे गहराया मोदी मैजिक

भारतीय जनता पार्टी की तीन राज्यों में हुई जीत के बाद चारों ओर मोदी मैजिक की चर्चा थी और 2024 के परिणामों में पार्टी की जीत को लेकर कयास लगने लगे थे। ऐसे में अजीत झा ने अपने इस लेख में निष्पक्ष होकर बताया था कि ऐसा नहीं है भाजपा में निकम्मे सांसद नहीं है।

कुछ हैं जो पद मिलने के बाद जनता के लिए कुछ नहीं करते… लेकिन फिर भी मोदी मैजिक अगर इतने सालों में और गहराया है तो उसका कारण है पीएम मोदी द्वारा शुरू की वो तमाम योजनाएँ जिससे देश का हर वंचित वर्ग लाभान्वित हुआ। इस लेख में उन्होंने योजनाओं के नाम के साथ आँकड़े भी दिए, जिससे समझा जा सकता है कि ये योजनाएँ सिर्फ कहने को शुरू नहीं हुईं। इन पर काम भी हुआ और लोगों को फायदा भी पहुँचा।

2. दीवाली पर रवीश कुमार का ज्ञान

रवीश कुमार के हर प्रोपेगेंडा को तोड़ने के क्रम में इस साल भी हमने कोई कसर नहीं छोड़ी। हाल में वह दिवाली के मौके पर पटाखे फोड़ने पर तंज कसते हुए नजर आए थे, ऐसे में अनुपम कुमार सिंह ने उनके हर तंज के पीछे छिपी कुंठा को उभारते हुए तर्कों के साथ रवीश के पाखंड की पोल खोली थी।

अपने लेख में उन्होंने बताया था कि रवीश कुमार को फेफड़ों की याद तभी आती है जब हिंदू त्योहार आएँ। बकरीद पर जब करोड़ों बकरे काटे जाते हैं तो उन्हें कोई ज्ञान देना नहीं सूझता। यहाँ तक जब मुस्लिम भीड़ खुलेआम सिर तन से जुदा बोलते हुए सड़कों पर आ जाती है तब भी उन्हें कोई चिंता नहीं सताती। उन्हें समस्या तभी होती है जब हिंदू आवाज उठा लें या फिर अपने त्योहार मनाने की बात करें।

3. काश हर लड़की की किस्मत श्वेता नंदा जैसी होती

हाल में अमिताभ बच्चन ने अपना एक बंगला ‘प्रतीक्षा’ अपनी बेटी श्वेता के नाम किया था। ऐसे में उनके इस कदम की हर जगह सराहना हुई थी। इस तरह का फैसला देख रचना वर्मा ने भी अपने लेख में इस बात पर प्रकाश डाला था कि आमतौर पर जिस समाज में लड़कियों की शादी के बाद उन्हें पराया समझा जाने लगता है वहाँ अमिताभ के इस फैसले की क्या वैल्यू है। इससे समाज में कितना पॉजिटिव संदेश जाएगा। लेख में उन्होंने अपना परिवारिक अनुभव भी साझा किया है और उम्मीद की है कि अगर हर लड़की की किस्मत श्वेता नंदा जैसी हो जाए तो क्या बात होगी।

4. जातिगत जनगणना के नाम पर ठगने चले थे राहुल गाँधी

अपने बेबुनियाद बातों के जरिए राजनीति में दोबारा काबिज होने की कोशिशों में जुटे राहुल गाँधी कई बार ऐसी बात कर देते हैं जिसकी वजह से जगह-जगह फजीहत झेलनी पड़ती है। इस साल उन्होंने जातिगत जनगणना का मुद्दा उठाया था और कुछ दावे किए थे जिनसे लगे कि कॉन्ग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में बहुत कुछ किया था लेकिन मोदी सरकार ने जनगणना नहीं कराई।

श्रवण शुक्ला ने उनके इसी दावे का पोस्टमॉर्टम करते हुए बताया था कि कॉन्ग्रेस जिस सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना 2011 (एसईसीसी) की बात कर रही है, उसके आँकड़े गलत हैं। उन आँकड़ों का कहीं उपयोग नहीं किया जा सकता है। इस बारे में केंद्र सरकार ने 2021 में सुप्रीम कोर्ट को हलफनामा भी दिया था। 

5. हिंदुत्व के मुद्दे पर ‘ट्रू इंडोलॉजी’ बनाम देवेंद्र फडणवीस

सावित्रिबाई फुले को लेकर ट्रू इंडोलॉजी नाम के ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट पिछले साल हुआ था जो जुलाई 2023 में वायरल हुआ। उसमें दावा था कि फुले को भारत की पहली महिला शिक्षक बताना ऐतिहासिक रूप से सही नहीं है। ट्वीट वायरल होने के बाद उनका विरोध हुआ और कॉन्ग्रेस नेता ने तो उनकी परेड निकलवाने तक की बात कही।

ये सुनने के बाद बीजेपी के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि परेड तो छोड़ दो, मैं तो कहता हूँ सार्वजनिक रूप से फाँसी दे दो। लेकिन सिर्फ यह कहने से कुछ हासिल नहीं होगा। हमें देश के कानूनों का पालन करना होगा।”

फडणवीस के इस बयान के बाद कई लोगों ने इसका गलत अर्थ समझ लिया और भाजपा-आरएसएस की सोच पर सवाल उठाने लगे। हालाँकि ऐसे टाइम राहुल रौशन ने एक विस्तृत लेख लिखकर समझाया कि क्यों भाजपा किसी कीमत पर महाराष्ट्र में सावित्रीबाई फुले का विरोध नहीं कर सकती।

6. बिग बॉस में चुम्मा चाटी

फैमिली शो के नाम पर बिग बॉस में दिखाया जाने वाला कंटेंट धीरे-धीरे आपत्तिजनक होता जा रहा है। इसी मामले पर जयन्ती मिश्रा ने तब लेख लिखा था जब ओटीटी सीजन में आकांक्षा पुरी ने जैद हदीद के साथ ऑन कैमरा लिप लॉक किया। उन्होंने अपने लेख में बताया था कि ये अश्लीलता कोई नई नहीं है। इससे पहले इसी शो में चुम्मा-चाटी, मसाज देने और सुहागरात जैसे सीन हो चुके हैं।

7. केजरीवाल को नहीं दिखा गड्ढे में डूबकर हुई अजीत की मौत

दिल्ली को विश्वस्तरीय राजधानी बनाने का वादा करने वाले केजरीवाल मुसीबत के समय में इसी दिल्ली पर ध्यान भी नहीं देते। ऐसा इस बार तब देखने को मिला जब दिल्ली में मॉनसून आने के बाद कई इलाके काफी प्रभावित हुए और हर्ष विहार में गड्ढे में पानी भर जाने से एक अजीत नाम के व्यक्ति की मौत हो गई।

उस समय सुधीर गहलोत ने पाठकों का इस घटना पर ध्यान दिलवाया और अरविंद केजरीवाल को लिखा कि शायद उन्हें अपने शीशमहल में बैठकर दिल्ली की हालत नहीं दिखती, लेकिन आम जनता बारिश से बुरी तरह प्रभावित है। कभी गड्ढों में पानी भर जाता है तो कभी नालों का पानी बाहर आ जाता है।

8. ‘एक मोहल्ला-एक होलिका’ और ‘एक मोहल्ला-एक बकरा’

दीवाली की तरह होली पर भी कुछ एक्टिविस्ट हिंदुओं को तरह-तरह के ज्ञान देने निकलते हैं। इस बार का प्रपंच होली पर पानी की बर्बादी के साथ-साथ होलिका दहन को लेकर भी था। प्रदूषण का हवाला देकर राय दी जा रही थी कि लोग एक मोहल्ले में एक होलिका जलाएँ…। ऐसे में अनुपम कुमार सिंह ने उन्हें तर्कों के साथ लताड़ा और पूछा कि क्या आज जो इतनी चिंता होली त्योहार पर जताई जा रही है वो चिंता बकरीद पर भी होगी? क्या ‘एक मोहल्ला-एक होलिका’ की तरह ‘एक मोहल्ला-एक बकरा’ काटने का प्रस्वात दिया जाएगा।

9. विपक्ष बाँटना चाहता था हिंदुओं को जाति में, भाजपा ने जवाब दिया

भारतीय जनता पार्टी पर जातीय भेदभाव करने का आरोप लगाने वाला विपक्ष इस बार तब हैरान रह गया जब पार्टी ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में अपनी ओर से सीएम नाम की घोषणा की। ये हैरानी क्यों थी इसे श्रवण शुक्ला के विस्तृत लेख से समझा जा सकता है।

इस लेख में उन्होंने बताया है कि किस तरह से विपक्ष हिंदुओं को जाति में बाँटने की राजनीति में जुटा है। हालाँकि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने ये उदाहरण दिया कि चाहे जनजातीय समाज हो या फिर ओबीसी हर किसी को बराबर समान अधिकार हैं। उन्होंने बताया है कि किन बातों के दम पर भाजपा मजबूत होती जा रही है और कैसे इंडी गठबंधन चाहकर भी मोदी मैजिक का मुकाबला नहीं कर सकता।

10. कौन खा गए बिहार के रोजगार

बिहार में रोजगार का मुद्दा हमेशा सुर्खियों में रहता है। सवाल उठता है कि आखिर क्यों वहाँ के नवयुवकों को कमाने के लिए पलायन करना पड़ता है। कोई पार्टी वहाँ सरकार बनाने के लिए बड़ी तादाद में जॉब देने के वादे करती है लेकिन फिर होता क्या है ये किसी से छिपा नहीं है।

इसी विषय पर अजीत झा ने मार्च में हैरान करने वाले तथ्यों के साथ लेख लिखा था। इसमें उन्होंने बताया था कि आज के राजनेता कह देते हैं कि बिहार में उद्योग संभव नहीं लेकिन हकीकत ये है कि एक समय में बिहार में बड़े-बड़े कारखाने हुआ करते थे। मगर आज उसमें से किसी का नाम नहीं बचा है। कारखाने खंडहर बन गए हैं।

वह बताते हैं कि इस हालात के लिए कोई एक जिम्मेदार नहीं है। लेकिन पिछले कुछ दशकों में जो मजबूरी में पलायन बढ़ा है उसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर कॉन्ग्रेस, लालू यादव के जंगलराज और नीतीश कुमार के कथित सुशासन की ही है।

जम्मू कश्मीर को भारत से अलग कर इस्लामी शासन लाना चाहता था तहरीक-ए-हुर्रियत, गृह मंत्रालय ने लगाया बैन, ‘मुस्लिम लीग (JKML)’ पर भी चला था डंडा

जम्मू-कश्मीर को आतंक मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार कट्टरपंथी तत्वों और संगठनों पर कार्रवाई कर रही है। मुस्लिम लीग जम्मू-कश्मीर (मसरत आलम समूह) पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब तहरीक-ए-हुर्रियत पर प्रतिबंध लगाया गया है। आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से जम्मू-कश्मीर के इस संगठन को UAPA कानून के तहत बैन कर दिया गया है।

इस बात की जानकारी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया साइट X पर दी है। उन्होंने अपने हैंडल पर लिखा, “तहरीक-ए-हुर्रियत, जम्मू-कश्मीर (TeH) को यूएपीए के तहत एक ‘गैरकानूनी संघ’ घोषित किया गया है। यह संगठन जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने और इस्लामिक शासन स्थापित करने की निषिद्ध गतिविधियों में शामिल है।”

उन्होंने आगे लिखा, “यह समूह जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए भारत विरोधी प्रचार फैला रहा है और आतंकवादी गतिविधियों में शामिल है। आतंकवाद के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत, भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन को तुरंत विफल कर दिया जाएगा।”

तहरीक-ए-हुर्रियत पर प्रतिबंध लगाने को लेकर भारत सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया कि इस संगठन से जुड़े लोग आतंकियों को श्रद्धांजलि देते हैं और पत्थरबाजी को बढ़ावा देते हैं। इससे जुड़े लोग भारतीय कानून का पालन नहीं करते और कश्मीर को भारत से अलग मानते हैं।

दरअसल, तहरीक-ए-हुर्रियत का गठन साल 2004 में जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने किया था। गिलानी के बाद इसका अध्यक्ष मुहम्मद अशरफ सेहराई बना। सेहराई का साल 2021 में निधन हो चुका है। यह संगठन हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का सहयोगी संगठन है। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस जम्मू कश्मीर के 26 संगठनों का समूह है, जिसका गठन 1993 में किया गया था।

हुर्रियत कॉन्फ्रेंस में कई ऐसे संगठन शामिल हैं, जो अलगाववादी और पाकिस्तान समर्थक हैं। इनमें जमात-ए-इस्लामी, जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) और दुखतरान-ए-मिल्लत आदि शामिल हैं। साल 2005 में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस दो हिस्सों में बँट गया था। इसके कथित नरमपंथी गुट का नेतृत्व मीरवाइज उमर फारुख को मिला, जबकि चरमपंथी गुट का नेतृत्व सैयद अली शाह गिलानी ने किया।  

इसके पहले 27 दिसंबर 2023 को केंद्र ने ‘मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर’ (मसरत आलम गुट/MLJK-MA) को विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 3(1) के तहत गैर-कानूनी संगठन घोषित किया था। इस संगठन को जेल में बंद मसरत आलम भट्ट ने बनाया था। 50 साल का मसरत साल 2019 से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं।

मसरत पर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने आतंकी फंडिंग केस में मामला दर्ज किया है। साल 2010 में कश्मीर घाटी में बड़े पैमाने पर हुए देश विरोधी प्रदर्शनों में उसकी भूमिका सामने आई थी। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। उस पर सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत मामला दर्ज है। मरसत के खिलाफ 27 केस दर्ज हैं। वहीं, उस पर 36 बार PSA के तहत मामला दर्ज किया गया है। 

मुस्लिम लीग को बैन करने के दौरान अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा था, “मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) संगठन और इसके सदस्य जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रविरोधी और अलगाववादी गतिविधियों में शामिल हैं और जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियों और लोगों को भड़काकर वहाँ इस्लामी शासन स्थापित करने को समर्थन देने में लिप्त हैं।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार का संदेश एकदम स्पष्ट है कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ कार्य करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसे कानून के तहत कठोरतम सज़ा दी जाएगी।

बता दें कि UAPA के तहत अगर किसी संगठन को ‘गैरकानूनी’ या ‘आतंकवादी’ घोषित कर दिया जाता है या उस पर ‘प्रतिबंध’ लगा दिया जाता है तो उसके सदस्य स्वत: अपराधी घोषित हो जाते हैं। इसके बाद उसकी संपत्ति भी जब्त हो सकती है। इस समय देश में 43 संगठनों को आतंकी संगठन घोषित कर उन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इनमें कई खालिस्तानी संगठन सहित लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, लिट्टे, अलकायदा, ISIS आदि शामिल हैं।

BHU गैंगरेप केस में यूपी पुलिस ने 3 को दबोचा, बुलेट बाइक बरामद: बंदूक दिखा कर उतरवाए थे कपड़े, टहलने निकली थी छात्रा

वाराणसी में दो माह से जिस गैंगरेप केस की गूँज थी और छात्र आंदोलन कर रहे थे, उस केस में तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस वारदात को 1 नवंबर 2023 को रात के डेढ़ बजे के आसपास अंजाम दिया गया था। तीनों आरोपितों के नाम कुणाल पांडेय, अभिषेक चौहान और सक्षम पटेल है। तीनों को वाराणसी से ही गिरफ्तार किया गया।

कुणाल पांडेय, आनंद उर्फ अभिषेक चौहान और सक्षम पटेल पर छात्रा के साथ गैंगरेप करने का आरोप है। घटना के बाद इनकी तस्वीर भी सामने आई थी। पुलिस ने आरोपितों के पास से वारदात में उपयोग की गई मोटरसाइकिल भी बरामद की है।

इस मामले में आईपीसी की धारा 354(ख), 506 और 66 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें बाद में गैंगरेप (IPC 376-D) और इलेक्ट्रॉनिक साधनों के जरिए यौन उत्पीड़न (IPC 509) जैसी धाराएँ बढ़ा दी गई थी। ये दोनों धाराएँ पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए बयान के बाद बढ़ाई गई थी। पुलिस ने तीनों आरोपितों को कोर्ट में पेश किया।

गौरतलब है कि आईआईटी बीएचयू की एक छात्रा अपने क्लासमेट के साथ 1 नवंबर, 2023 की रात में हॉस्टल से बाहर निकलकर टहल रही थी। इसी दौरान उसके साथ दरिंदगी की बात सामने आई। इस मामले में मजिस्ट्रेट को दिए बयान में तीनों आरोपितों ने बंदूक से पहले डरा धमका कर छात्रा को निर्वस्त्र किया। उसके बाद आरोपितों ने छात्रा का वीडियो बनाया और उसके बाद तीनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने तीनों आरोपितों के हुलिया के बारे में FIR में विस्तार से बताया था।

BHU के इस मामले में तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी करने के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया था। इन प्रदर्शनों में 5 हजार से अधिक लोग शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारियों में बीएचयू के छात्रों के साथ ही स्थानीय लोग भी शामिल हो गए थे।

LSD, गाँजा, चरस, उन्माद बढ़ाने वाली गोलियाँ, दारू… न्यू ईयर से पहले नशे में झूमते 95 लड़के-लड़कियाँ हिरासत में, खुले में चल रही थी रेव पार्टी

न्यू ईयर 2024 से एक दिन पहले ही महाराष्ट्र की ठाणे पुलिस ने रेव पार्टी में छापेमारी कर 95 युवाओं को हिरासत में लिया है। इनमें 5 युवतियाँ भी शामिल हैं। ठाणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने रविवार (31 दिसंबर, 2023) को सुबह गौमुख इलाके में हो रही इस रेव पार्टी में छापेमारी की थी।

पुलिस के मुताबिक, पार्टी से कुछ मात्रा में LSD, चरस, एक्स्टसी गोलियाँ और मारिजुआना जैसी ड्रग्स जब्त की हैं। पुलिस ने 200 ग्राम मारिजुआना, 70 ग्राम चरस, 0.40 ग्राम एलएसडी और कुछ एक्स्टसी गोलियाँ जब्त की हैं। इसके साथ ही पुलिस ने 29 दोपहिया वाहनों को भी जब्त किया है।

जानकारी के मुताबिक, घोड़बंदर रोड पर कासारवडवली गाँव के पास एक प्राइवेट प्लॉट में ये रेव पार्टी 19 वर्षीय सुजल महाजन और 23 साल के तेजस कुणाल नामक युवकों ने करवाई थी। सुजल कलावा और तेजस कुणाल डोंबिवली के रहने वाले हैं। कथित रेव पार्टी बड़ी संख्या में युवक और युवतियाँ शामिल थे।

छापेमारी के के दौरान हिरासत में लिए गए लोग ठाणे, मीरा रोड, पालघर, कल्याण, डोंबिवली और नवी मुंबई इलाकों से हैं। हिरासत में लिए गए युवाओं को ठाणे के सिविल हॉस्पिटल में मेडिकल जाँच के लिए ले जाया गया।

ठाणे पुलिस कमिश्नर आशुतोष डुंबरे ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बात करते हुए इस छापेमारी की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, ठाणे पुलिस की क्राइम बैंच यूनिट-5 को इस रेव पार्टी को लेकर खुफिया जानकारी मिली थी। इसके आधार पर ही रविवार तड़के कासारवडावली पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में गौमुख क्षेत्र में एक खाड़ी के पास एक खुली जगह पर छापा मारा गया था। पुलिस के मुताबिक, यहाँ 19 से लेकर 20 साल के बीच के युवाओं को कथित तौर पर तेज म्यूजिक वाली पार्टी में ड्रग्स और शराब लेते हुए पाया गया।

इस छापेमारी को लेकर क्राइम ब्रॉन्च के एडिशनल पुलिस कमिश्नर पंजाबराव उगले का कहना था, “हमने 90 पुरुषों और पाँच महिलाओं को हिरासत में लिया है और उन्हें मेडिकल जाँच के लिए भेज रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।”

उगले ने कहा, “हम जाँच कर रहे हैं कि पार्टी के लिए ड्रग्स किससे मँगाया गया था।” पुलिस के मुताबिक, प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि दो संदिग्धों तेजस कुणाल और सुजल महाजन ने ये रेव पार्टी करवाई थी। इसके लिए उन्होंने एक पार्टी में आने के लिए हर एक के लिए 1000 रुपए की फीस ली थी।

यहीं नहीं, पार्टी शुरू होने से से ठीक दो घंटे पहले दोनों ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोकेशन की जानकारी शेयर की थी। पुलिस ने IPC और नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

बताते चलें कि 21 दिसंबर, 2023 को ठाणे पुलिस का कार्यभार सँभालने वाले आशुतोष डुंबरे के निर्देशों के तहत क्राइम ब्रांच ने छापेमारी की इस कार्रवाई को अंजाम दिया था। एडिशनल पुलिस कमिश्नर पंजाबराव उगले का कहना है कि इस कार्रवाई से एक सख्त संदेश भी जाएगा और उन लोगों पर रोक लगेगी जो 31 दिसंबर की रात को ऐसी अवैध रेव पार्टियों का आयोजन करने या उनमें भाग लेने की योजना बना रहे हैं।