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कौन हैं 25 साल की डॉक्टर सवीरा प्रकाश, पाकिस्तान के चुनावों में एक हिंदू महिला की इतनी चर्चा क्यों: जानिए सब कुछ

पाकिस्तान में साल 2024 में आम चुनाव होने हैं। इसके लिए एक हिंदू महिला ने नामांकन दाखिल किया है। इस हिंदू महिला का नाम डॉक्टर सवीरा प्रकाश है। इसके साथ ही डॉक्टर प्रकाश वहाँ की आम चुनावों में नामांकन दाखिल करने वाली अल्पसंख्यक समुदाय की पहली महिला बन गई हैं। वो खैबर पख्तूनख्वा के बुनेर जिले की रहने वाली हैं और MBBS की पढ़ाई की है।

पाकिस्तान के अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर प्रकाश ने इस मुस्लिम मुल्क में सामान्य सीट पर बिलावल भुट्टो जारदारी की पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) से नामांकन दाखिल किया है। कौमी वतन पार्टी से जुड़े एक स्थानीय राजनेता सलीम खान ने कहा कि सवीरा प्रकाश बुनेर सीट पर पहली बार कोई महिला चुनाव लड़ेगी।

वहीं, 25 साल की सवेरा प्रकाश ने डॉन को बताया कि उन्होंने 23 दिसंबर 2023 को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। सवीरा बुनेर में पीपीपी की महिला विंग की महासचिव हैं। सवीरा के पिता भी डॉक्टर हैं। वे हाल ही में रिटायर हुए हैं। वे भी पिछले 35 सालों से PPP के सक्रिय कार्यकर्ता हैं।

डॉक्टर सवीरा प्रकाश ने साल 2022 में एबटाबाद इंटरनेशनल मेडिकल कॉलेज से स्नातक किया है। उन्होंने कहा कि वह अपने नक्शे-कदम पर चलते हुए क्षेत्र के गरीबों के लिए काम करना चाहती हैं। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में महिलाओं के कल्याण के लिए काम करने, उनके लिए सुरक्षित जगह पक्की करने की इच्छा जाहिर की है।

सवीरा का कहना है कि पाकिस्तान में महिलाओं को दबाया गया है, उनकी उपेक्षा की गई है। विकास के क्षेत्र में उनकी अनदेखी की गई है। उन्होंने महिलाओं को उनका हक दिलाने में मदद करने की बात कही है। उनके मुताबिक, बिलावल भुट्टो ने उनके पिता से उन्हें सामान्य सीट से चुनाव लड़ाने का अनुरोध किया था।

उनका कहना था कि एक डॉक्टर की हैसियत से उन्होंने पाकिस्तान के सरकारी अस्पतालों में खराब प्रबंधन और बदहाल स्थिति को देखा। इसके बाद उनके दिल में एक चुनाव लड़ने का ख्वाब पलने लगा। उन्होंने कहा कि खुद का मेडिकल बैकग्राउंड की वजह से इंसानियत की खिदमत करना उनके खून में है।

डॉन ने बुनेर के एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर इमरान नौशाद खान के हवाले से लिखा है कि उन्होंने राजनीतिक पार्टी की परवाह किए बगैर सवीरा का तहे दिल से समर्थन किया है। नौशाद का कहना था कि सवीरा पारंपरिक पितृसत्ता की कायम रूढ़ियों को तोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि बुनेर के पाकिस्तान में विलय के बाद एक महिला को आगे बढ़ने और चुनाव लड़ने में 55 साल लग गए।

बताते चलें कि पाकिस्तान चुनाव आयोग के हालिया संशोधनों के मुताबिक, सामान्य सीटों पर पाँच फीसदी महिला उम्मीदवारों को शामिल करना जरूरी है। पाकिस्तान में नामांकन की आखिरी तारीख 24 दिसंबर 2023 थी और वहाँ 8 फरवरी 2024 को आम चुनाव के लिए मतदान होना है। 11 जनवरी को उम्मीदवारों की सूची जारी होगी और 12 जनवरी तक इच्छुक उम्मीदवार अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। 

एक के नाम में सीताराम, दूसरी के माथे पर बिंदी… पर नफरत राम मंदिर से ही: रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा में शामिल नहीं होंगे वामपंथी

अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी, 2024 को होनी है। भारत की वामपंथी पार्टियों ने इस आयोजन का बहिष्कार कर दिया है। CPI(M) की पोलितब्यूरो की सदस्य वृंदा करात ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समरोह में शामिल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करती है लेकिन एक धार्मिक कार्यक्रम को राजनीति से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने इसे धार्मिक अनुष्ठान का राजनीतिकरण बताते हुए गलत करार दिया।

बता दें कि भारत के वामपंथी नेता अपने ही देश और इसकी संस्कृति से नफरत के लिए जाने जाते हैं। हिन्दू धर्म को लेकर उनकी नफरत और चीन को लेकर उनकी वफादारी जग-जाहिर है। वृंदा करात ने कहा कि राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में न जाने के पीछे उनकी पार्टी की बुनियादी सोच है। उन्होंने इस कार्यक्रम के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगते हुए कहा कि संविधान के हिसाब से भारत की सत्ता किसी धार्मिक रंग का नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि ये लोग जो कर रहे हैं वो सही नहीं है, बिलकुल सही नहीं है। वहीं CPI(M) पोलितब्यूरो के एक अन्य सदस्य सीताराम येचुरी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के संबंध में किसी को कुछ नहीं कहा है। बकौल सीताराम येचुरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व प्रधान सचिव और ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट की कंस्ट्रक्शन कमिटी के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा कुछ VHP नेताओं के साथ उनके पास आए थे।

सीताराम येचुरी ने कहा कि उन्होंने उनलोगों को कॉफी का ऑफर दिया, जिसे उन्होंने नकार दिया। सीताराम येचुरी ने कहा कि बात वहीं खत्म हो गई। उन्होंने कहा कि धर्म हर व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद होती है जिसका वो सम्मान करते हैं और उसकी सुरक्षा करते हैं, सबको अपनी आस्था के स्वरूप के चयन का अधिकार है। उन्होंने संविधान और सुप्रीम कोर्ट की बात करते हुए कहा कि सत्ता का धर्म से कोई संबंध नहीं होना चाहिए लेकिन राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह को राज्य द्वारा आयोजित कार्यक्रम बनाया जा रहा है।

उन्होंने इससे आपत्ति जताई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस कार्यक्रम में शिरकत करने वाले हैं। सीताराम येचुरी ने कहा कि लोगों की धार्मिक आस्थाओं का राजनीतिकरण किया जा रहा है, जो संवैधानिक नहीं है। उन्होंने कहा कि इसी कारण वो अफ़सोस जताते हैं कि वो इस समारोह का हिस्सा नहीं बन पाएँगे। वामपंथी दल अक्सर हिन्दू विरोधी गिरोहों के साथ खुल कर खड़े होते हैं और भारतीय महापुरुषों की जगह मार्क्स की नीतियों पर चलते हैं।

‘मुंबई में 11 ठिकानों पर प्लांट है बम’: RBI को धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस अलर्ट, पहले से ही लागू है धारा 144

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को मंगलवार (26 दिसंबर, 2023) को एक ईमेल आया, जिसमें बैंक के गवर्नर शक्तिकांता दास और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के इस्तीफे की माँग की गई है। साथ ही इस ईमेल में बम ब्लास्ट की धमकी भी दी गई है। इस मेल में कहा गया है कि RBI के दफ्तरों, HDFC बैंक और ICICI बैंक सहित मुंबई के 11 ठिकानों पर बम प्लांट किए गए हैं। बम ब्लास्ट के लिए 1;30 बजे का समय दिया गया था।

इस ईमेल में कहा गया है कि RBI के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर के बैंकों ने मिल कर भारत के सबसे बड़े घोटाले को अंजाम दिया है। साथ ही इस घोटाले में RBI गवर्नर शक्तिकांता दास और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के शामिल होने की बात भी कही गई है। इन दोनों के अलावा वित्तीय मामलों के कुछ बड़े अधिकारियों और बड़े नेताओं के भी इसमें शामिल होने का आरोप लगाया गया है। ईमेल भेजने वालों ने कहा है कि उनके पास इसे साबित करने के लिए प्रूफ भी हैं।

इस ईमेल में बताया गया था कि इन 3 मुख्य लोकेशनों पर बम ब्लास्ट होगा – RBI न्यू सेन्ट्रल ऑफिस बिल्डिंग फोर्ट, HDFC हाउस चर्चगेट और ICICI बैंक टॉवर्स BKC. इस धमकी भरे ईमेल में ये भी कहा गया है कि दास और सीतारमण एक प्रेस रिलीज जारी कर के ‘घोटाले’ के बारे में सब कुछ सच-सच बताएँ। साथ ही इस कथित घोटाले में शामिल सभी लोगों को सज़ा देने की माँग भी की गई है। माँग न मानने पर एक-एक कर सभी 11 बम के ब्लास्ट होने की बात कही गई है।

इस धमकी भरे ईमेल के सामने आने के साथ ही मुंबई पुलिस एक्शन में आई और सभी ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जाने लगा। हालाँकि, तलाशी में कहीं कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया। MRS मार्ग पुलिस थाने में इस संबंध में FIR दर्ज कर आगे की जाँच की जा रही है। इससे पहले सीपी कार्यालय से जारी हुए आदेश में चिंता जताई गई थी कि क्रिसमस और नए साल के मौके पर आतंकवादी/राष्ट्र-विरोधी तत्वों द्वारा ड्रोन, रिमोट-नियंत्रित माइक्रो-लाइट विमान, पैरा-ग्लाइडर का उपयोग किया जा सकता है।

कश्मीर का हश्र भी गाजा की तरह होगा… पाकिस्तानपरस्ती में अपनी ही मिट्टी को फारुक अब्दुल्ला ने दी ‘बद्दुआ’, कहा- बातचीत करे भारत

नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार (26 दिसंबर 2023) को कश्मीर को लेकर आशंका जाहिर की है। उन्होंने कहा कि अगर भारत और पाकिस्तान बातचीत के जरिए अपने विवादों को खत्म नहीं करते हैं तो कश्मीर का भी हश्र गाजा एवं फिलिस्तीन जैसा होगा।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर हम बातचीत के जरिए समाधान नहीं खोजते हैं तो हमारा भी गाजा और फिलिस्तीन जैसा ही हश्र होगा, जिस पर आजकल इजरायल बमबारी कर रहा है।” उन्होंने यह टिप्पणी पुंछ में आतंकवादी हमले में सेना के 5 जवानों के मारे जाने और अगले दिन तीन नागरिकों की मौत के बाद आई है।

फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “अटल बिहारी वाजपेई ने कहा था कि हम अपने दोस्त बदल सकते हैं, लेकिन अपने पड़ोसी नहीं। यदि हम अपने पड़ोसियों के साथ मित्रवत रहेंगे तो दोनों प्रगति करेंगे। पीएम मोदी ने यह भी कहा है कि युद्ध अब कोई विकल्प नहीं है। इसलिए मामलों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।”

फारूक ने पूछा, “बातचीत कहाँ है? इमरान खान को छोड़ दीजिए, अब नवाज शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने वाले हैं और वे कह रहे हैं कि वे भारत के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं। लेकिन, हम बात करने के लिए तैयार क्यों नहीं हैं? अगर हम कोई समाधान नहीं निकालते हैं। तो हमारा भी वही हश्र होगा, जो गाजा और फिलिस्तीन का हो रहा है।”

उन्होंने कहा, “कुछ भी हो सकता है। अल्लाह ही जाने हमारा क्या हाल होगा। अल्लाह रहम करे।” उन्होंने कहा कि पड़ोसी होने के नाते दोनों देशों को बातचीत करके इस मुद्दे का समाधान खोजना चाहिए। इससे दोनों देश तरक्की करेंगे और दोनों देशों में खुशहाली आएगी।

वहीं, भाजपा नेता हिना शफी भट ने फारूक अब्दुल्ला के बयान की आलोचना की है। उन्होंने कहा, “यह अफसोसजनक है कि जम्मू-कश्मीर के एक वरिष्ठ नेता अभी भी पाकिस्तान से बातचीत करने की बात कह रहे हैं। फारूक अब्दुल्ला को अब सीख लेनी चाहिए। यह पाकिस्तान के सामने झुकने का समय नहीं है। हमने कई बार बातचीत करने की कोशिश की है, लेकिन उन्होंने हर बार हमारी पीठ में छुरा घोंपा है।”

बताते चलें कि फारूक अब्दुल्ला ने यह पिछले एक सप्ताह में जम्मू-कश्मीर में हुए कई आतंकी घटनाओं के बाद आई है। आतंकियों ने पुंछ में घात लगाकर सेना के जवानों पर हमला किया था, जिसमें पाँच जवान बलिदान हो गए। वहीं, बारामूला मस्जिद के अंदर एक रिटायर SSP शफी मीर की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

इंस्टाग्राम पर रील बनाती थी लड़की: चाचा ने हीरोइन बनाने के लिए जिस ‘फिल्म निर्देशक’ साजिद खान के पास भेजा, उसी ने होटल ले जाकर किया यौन शोषण

महाराष्ट्र में मुंबई पुलिस ने खुद को गुजराती फिल्मों का डायरेक्टर बताने वाले एक व्यक्ति को नाबालिग लड़की से छेड़खानी के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोपित का नाम साजिद खान है। साजिद पर POCSO (बच्चों का यौन शोषण रोकथाम अधिनियम) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता लड़की गुजरात की रहने वाली है।

दरअसल, लड़की को सोशल मीडिया पर रील बनाकर पोस्ट करने का शौक था। उसके इसी शौक को देखते हुए उसके चाचा उसे 13 दिसंबर, 2023 को साजिद खान से मिलवाया था। उन्होंने इस उम्मीद में भतीजी को साजिद से मिलाया था कि वो उसे एक्टिंग सिखाकर किसी फिल्म में काम दिलाएगा।

पुलिस के मुताबिक, पीड़िता लड़की के परिवार ने साजिद पर भरोसा कर उसे उसके साथ मुंबई भेज दिया। इसी भरोसे का फायदा उठा साजिद 24 दिसंबर, 2023 को लड़की को गुजरात से मुंबई ले आया। वो लड़की को लेकर सीधे मुंबई के अंधेरी के एक होटल में ले गया।

लड़की के साथ 25 दिसंबर, 2023 की सुबह साजिद ने जोर ज़बरदस्ती की। उसने कथित तौर पर लड़की के माथे को किस किया और उसके साथ ज़बरदस्ती करने की कोशिश की। हालाँकि, जब लड़की ने विरोध किया तो आरोपित करवट बदलकर सो गया।

इससे नाबालिग लड़की डर गई। वो होटल के कमरे से निकलकर पुलिस के पास पहुँची और वहाँ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर साजिद खान को उसके होटल के कमरे से गिरफ्तार किया।

पुलिस साजिद को कोर्ट में पेश करने के बाद आगे जाँच करेगी। मुंबई पुलिस इस केस में हर एंगल से मामले की जाँच कर रही है। पुलिस इस बात की भी खोजबीन कर रही है कि आरोपित कैसे नाबालिग पीड़िता को गुजरात से मुंबई लेकर आया।

हिंद महासागर की निगहबानी INS इंफाल के हवाले: जानिए पूर्वोत्तर से क्यों जुड़ा है नाम, कितना विध्वंसक है नौसेना का यह जंगी जहाज

भारतीय नौसेना के इतिहास में मंगलवार (26 दिसंबर 2023) का दिन INS इंफाल (INS Imphal) के नाम रहा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) की मौजूदगी में मुंबई के नेवल डॉकयार्ड पर उन्नत तकनीक से युक्त इस बड़े एवं विध्वंसक जंगी जहाज को कमीशन किया गया।

इस तरह यह जंगी जहाज अब नौसेना में अपनी सेवा देगा। स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर INS इंफाल के भारतीय नौसेना में शामिल होने से इसके बेड़े की ताकत और बढ़ जाएगी। स्टील्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर से मतलब है कि ये गुप्त तरीके से लक्ष्य को भेदने वाली मिसाइलों से लैस है।

क्यों पड़ा INS इंफाल नाम

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, “आईएनएस इम्फाल को अब तक का सबसे बड़ा और सबसे उन्नत विध्वंसक है। इसका नाम पहली बार उत्तर-पूर्व के एक शहर इंफाल के नाम पर रखा गया है।” इस जंगी विध्वंसक को ये नाम देश के स्वतंत्रता संग्राम में मणिपुर के बलिदान और योगदान को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए दिया गया है।

बताते चलें कि 1891 का एंग्लो-मणिपुर युद्ध हो या नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 14 अप्रैल 1944 को मोइरांग में पहली बार आईएनए ध्वज फहराना की घटना हो, मणिपुरवासियों ने इनमें अहम योगदान दिया। यही नहीं, ब्रिटिश और शाही जापानी सेनाओं के बीच हुई इंफाल की भयानक जंग में दोनों तरफ भारतीय थे। इस लड़ाई ने बर्मा अभियान का रुख मोड़ दिया और द्वितीय विश्व युद्ध के नतीजों और नई विश्व व्यवस्था को आकार दिया।

विशाखापत्तनम श्रेणी का तीसरा विध्वंसक

आईएनएस इंफाल (पेनांट डी68) प्रोजेक्ट 15बी के चार युद्धपोतों में से तीसरा है। प्रोजेक्ट 15बी मिलकर विशाखापत्तनम श्रेणी के स्टील्थ-गाइडेड मिसाइल विध्वंसक जहाज बनाते हैं। ये जहाज प्रोजेक्ट 15बी (विशाखापत्तनम क्लास), प्रोजेक्ट 15ए (कोलकाता क्लास) और प्रोजेक्ट 15 (दिल्ली क्लास) की सीरीज में नया देसी विध्वंसक है।

आईएनएस इंफाल की बात की जाए तो दिल्ली और कोलकाता श्रेणी के स्वदेशी विध्वंसक जहाजों की श्रृंखला में ये सबसे हालिया है। इसे भारतीय नौसेना ने डिजाइन किया है और भारत में ही इसका निर्माण किया है। इस तरह ये पूरी तरह से स्वदेशी है। यहाँ हम जानेंगे कि आखिर विशाखापत्तनम श्रेणी के जहाजों की क्या खासियत होती है।

क्या है प्रोजेक्ट 15बी

भारतीय नौसेना ने साल 2014 और 2016 के बीच ’15A’ कोडनाम वाले प्रोजेक्ट के तहत कोलकाता श्रेणी के तीन गाइडेड मिसाइल विध्वंसक को कमीशन किया। कोलकाता श्रेणी में आईएनएस कोलकाता, आईएनएस कोच्चि और आईएनएस चेन्नई शामिल थे। ये जहाज़ अपने पहले के दिल्ली श्रेणी के जहाजों से एक कदम आगे थे। इनमें आईएनएस दिल्ली, आईएनएस मैसूर और आईएनएस मुंबई शामिल थे।

ये प्रोजेक्ट 15 के तहत बनाए गए थे और 1997 और 2001 के बीच कमीशन किए गए थे। भारत के प्रमुख सार्वजनिक रक्षा उपक्रमों (PSUs) में से एक, मझगाँव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएसएल) ने इन सभी जहाजों का निर्माण किया है। जहाजों की श्रेणी से मतलब समान टन भार, इस्तेमाल के तरीके, क्षमताओं और हथियारों के साथ निर्मित जहाजों के समूह से है।

किसने बनाया INS इंफाल

इंफाल अत्याधुनिक जंगी जहाज है। इसे भारतीय नौसेना के युद्धपोत डिजाइन ब्यूरो (डब्ल्यूडीबी) ने डिजाइन किया। इसके बाद मझगाँव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई ने इसका निर्माण किया है।

इंफाल को बनाने में सार्वजनिक और प्राइवेट क्षेत्र की कई कंपनियों का सहयोग मिला। इनमें कई एमएसएमई और डीआरडीओ भी शामिल थे। इसकी क्षमता अधिक होने के साथ ही इसमें स्वदेशी सामानों को सबसे अधिक इस्तेमाल किया किया है।

कितनी क्षमता कैसे है काम करता

INS इंफाल की लंबाई 163 मीटर है। इसकी डिसप्लेसमेंट क्षमता 7400 टन की है। इसे भारत में बनाए गए बेहतरीन युद्धपोतों में गिना जा रहा है। यह हथियारों के मामले में ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की मजबूती का सबूत भी है। इंफाल गाइडेड मिसाइल विध्वंसक होने के नाते सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, एंटी शिप मिसाइलों और टॉरपीडो सहित अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर से सुसज्जित है।

INS इंफाल 30 समुद्री मील (56 किमी/घंटा) से अधिक की रफ्तार तक समुद्र में दौड़ सकता है। नौसेना के INS जंगी जहाज की ऊँचाई 57 फीट और लंबाई 535 फीट है। ये 42 दिन तक आराम से समुद्र रह सकता है। इसमें 300 नौसैनिक रह सकते हैं। इसमें ऐसे सेंसर लगे हैं, जो आसानी से दुश्मन के हथियारों का पता कर सकते हैं, लेकिन दुश्मन को ये नहीं दिखते।

कौन सी मिसाइलें है तैनात

इस जंगी जहाज में लगा लगभग 75 फीसदी सामान उच्च स्वदेशी सामग्री है। यह जहाज स्वदेशी जहाज निर्माण की पहचान है और दुनिया के सबसे तकनीकी रूप से उन्नत युद्धपोतों में से एक है। इसमें मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली बीईएल, बैंगलोर की बनाई मिसाइलें हैं तो सतह से सतह पर मार करने वाली एयरोस्पेस, नई दिल्ली की बनाई ब्रह्मोस मिसाइलें है।

लार्सन एंड टुब्रो कंपनी मुंबई की बनाई स्वदेशी टॉरपीडो ट्यूब लॉन्चर भी शामिल हैं तो उसी की बनाई पनडुब्बी रोधी स्वदेशी रॉकेट लांचर भी है। इसमें बीएचईएल, हरिद्वार की बनाई 76 मिमी सुपर रैपिड गन माउंट भी है।

कब रखी गई थी नींव

INS इंफाल की आधारशिला 19 मई 2017 को रखी गई थी और जहाज को 20 अप्रैल 2019 को पानी में उतारा गया था। जहाज 28 अप्रैल 2023 को अपने पहले समुद्री परीक्षण के लिए रवाना हुआ था और तब से परीक्षणों की लंबी यात्रा से गुजर चुका है। 20 अक्टूबर 2023 को इसे भारतीय नौसेना को सौंपा सौंपा गया था।

उसके बाद इस शिप ने नवंबर 2023 में सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल (Brahmos missile) को कामयाबी के साथ टेस्ट फायर किया था। यह पहला अवसर था जब नौसेना में शामिल किए जाने से पहले किसी देशी जंगी जहाज से ब्रह्मोस का टेस्ट फायर किया गया। इससे जंग के लिए तैयार रहने की नौसेना की काबिलियत के अलावा स्वदेशी हथियारों और प्लेटफॉर्म पर भरोसे को भी बल मिला।

बंदरगाह और समुद्र में केवल छह महीने की रिकॉर्ड समय सीमा में इसकी डिलीवरी हुई। इंफाल के निर्माण और उसके परीक्षणों में लगा समय किसी भी स्वदेशी विध्वंसक के लिए सबसे कम है। इंफाल की डिलीवरी भारत सरकार और भारतीय नौसेना के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का सुबूत है। INS इंफाल से हिंद महासागर क्षेत्र में देश की समुद्री ताकत में इजाफा होगा।

नौ सेना का जंगी जहाजी बेड़ा

भारतीय नौसेना के पास अभी 132 जंगी जहाज हैं। इनमें 11 गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर हैं। ये तीन अलग-अलग क्लास यानी को कोलकाता क्लास, दिल्ली क्लास और राजपूत क्लास के हैं। मौजूदा वक्त में ऐसे कम से कम 67 जहाज बनाए जा रहे हैं।

इनमें से 65 जहाद भारत के शिपयार्ड्स में बनाए जा रहे हैं। नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने हाल में कहा था, “हम चाहते हैं कि साल 2035 तक नौसेना के पास 170-175 शिप हो जाएँ।”

मंगलुरु ब्लास्ट वाले शरीक के घर में चलता था कॉन्ग्रेस का दफ्तर, आतंकी कहने पर भड़के थे DK शिवकुमार: NIA चार्जशीट से सामने आया ISIS कनेक्शन

कर्नाटक के मंगलुरु में पिछले साल हुए बम ब्लास्ट के मामले में NIA ने 29 नवंबर, 2023 को चार्जशीट दायर की है। इस मामले में ISIS का हाथ सामने आया था। ये भी सामने आया है कि आतंकियों ने हिन्दू नाम से फर्जी आईडी कार्ड्स बनाए थे ताकि वो इस घटना को अंजाम दे सकें। घटना 19 नवंबर 2022 की है जब मंगलुरु में एक ऑटोरिक्शा में ब्लास्ट हुआ था। ड्राइवर पुरुषोत्तम के अलावा मोहम्मद शरीक नामक एक अन्य शख्स इस घटना में घायल हुआ था।

24 वर्षीय मोहम्मद शरीक ही प्रेशर कूकर बम लेकर यात्रा कर रहा था। वो कादरी मंजुनाथ मंदिर में बम ब्लास्ट कर के हिन्दुओं को आतंकित करना चाहता था। हालाँकि, ये रास्ते में ही फट गया। इसके 24 घंटे के भीतर DGP ने इसे आतंकी घटना करार दिया था। शरीक ‘प्रेमराज’ नाम से फर्जी आधार कार्ड लेकर यात्रा कर रहा था। कनकनाड़ी पुलिस थाने में इस संबंध में मामला दर्ज हुआ था। ISIS से जुड़े इस बम ब्लास्ट में शामिल मोहम्मद शरीक को कॉन्ग्रेस ने क्लीन चिट दे दी थी।

कॉन्ग्रेस नेता DK शिवकुमार ने मोहम्मद शरीक को आतंकी बताए जाने पर आपत्ति जताई थी। हालाँकि, NIA ने उसके खिलाफ सबूत जमा कर लिए थे और पता चल गया था कि वो आतंकी है। कॉन्ग्रेस नेता ने पूछा था कि आखिर बिना जाँच के किसी को आतंकी कैसे कहा जा सकता है। 15 दिसंबर, 2022 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए DK शिवकुमार ने DGP पर हड़बड़ी में ट्वीट करने का आरोप लगाया था और कहा था कि ये कोई बड़ा आतंकी हमला नहीं था, बल्कि गलती से ब्लास्ट हो गया था।

साथ ही वो पूछने लगे थे कि क्या ये मुंबई के 26/11 हमलों जैसा था। उन्होंने आरोप लगा दिया था कि इस बम धमाके का इस्तेमाल भाजपा राजनीतिक फायदों के लिए कर रही है। बता दें कि इस घटना के आरोपित के साथ भी कॉन्ग्रेस के तार जुड़े थे। जनवरी 2023 में 5 ठिकानों पर ED ने छापेमारी की थी। शिवमोगा स्थित मोहम्मद शरीक के ठिकानों की भी तलाशी ली गई। तीर्थहल्ली में भी कई ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। शोपा गुड्डा एरिया में एक दुकान में छापेमारी हुई थी, जो शरीक के अब्बा का था।

एक बड़ा खुलासा ये हुआ कि मोहम्मद शरीक के परिवार से लीज लिए गए घर में ही कॉन्ग्रेस का दफ्तर चलता था। शरीक के अब्बा और कॉन्ग्रेस नेता किम्मने रत्नाकर के भतीजे नवीन के बीच एक एग्रीमेंट पर भी हस्ताक्षर हुआ था। किम्मने रत्नाकर कर्नाटक के शिक्षा मंत्री भी रहे हैं। मोहम्मद शरीक की दादी के बैंक खाते में उनकी तरफ से 10 लाख रुपए भी भेजे गए थे। ED और NIA ने रत्नाकर से पूछताछ भी की थी। रत्नाकर ने उससे कोई संपर्क होने की बात नकार दी थी और कहा था कि बात सिर्फ लीज एग्रीमेंट तक ही सिमित है।

उन्होंने बताया था कि 10 लाख रुपए के लीज के अलावा प्रति माह 1000 रुपए रेंट तय किया गया था। इतना ही नहीं, इस मामले में ISIS का जो आतंकी रेशान शेख सक्रिय था, वो कर्नाटक में कॉन्ग्रेस के नेता ताजुद्दीन शेख का बेटा है। 15 अगस्त, 2022 को शिवमोगा में प्रेम सिंह नामक व्यक्ति की चाकू गोद कर हत्या कर दी गई थी। डोड्डापेट पुलिस थाने में FIR दर्ज हुई थी। जबीउल्लाह और नदीम फैसल को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।

मोहम्मद शरीक भी इस मामले में आरोपित था, लेकिन वो फरार होने में कामयाब रहा था। इसके बाद वो मंगलुरु के उलाईबेट्टू में जाकर रहने लगा, जहाँ वो अंसार के यहाँ रुका था। अंसार के साथ वो पहले जेल भुगत चुका था। मंगलुरु में ‘लश्कर ज़िंदाबाद’ वाले मामले में दोनों गिरफ्तार हुए थे। शरीक इसके बाद सैयद यासीन के संपर्क में आया। शिवमोगा ट्रायल ब्लास्ट और मंगलुरु कूकर ब्लास्ट के मामले में मोहम्मद शरीक और सैयद यासीन – दोनों का चार्जशीट में नाम डाला गया था।

5 जनवरी, 2023 को NIA ने ISIS के 2 आतंकियों उडुपी के रेशान ताजुद्दीन शेख और शिवमोगा के हुज़ैर फरहान बेग को गिरफ्तार किया। कर्नाटक के 6 जिलों में तलाशी अभियान चलाया गया था। ये दोनों क्रिप्टो के जरिए फंडिंग लेते थे। ताजुद्दीन शेख की तस्वीरें मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उप-मुख्यमंत्री DK शिवकुमार जैसे नेताओं के साथ सामने आई थी। इस मामले में चार्जशीट में सभी आरोपित हैं – मोहम्मद शरीक, माज़ मुनीर अहमद, सैयद यासीन, रीशान ताजुद्दीन शेख, हुज़ैर फरहान बेग, मज़ीन अब्दुल रहमान, नदीम अहमद, ज़ैबुल्ला और नदीम फैज़ल।

ब्लैक ड्रेस में नहीं आईं जैकलीन फर्नांडिस तो नाराज़ हो गया सुकेश: चैट से खुलासा, महाठग ने लिखा था – बड़ी फिल्म दिला रहा हूँ, गिफ्ट समझ लेना

जेल में बंद महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने एक बार फिर से अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस को कई मैसेज भेजे हैं। वो 200 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में जेल में बंद है। अब पता चला है कि उसने जेल में से ही जैकलीन फर्नांडिस को फेक व्हाट्सएप्प नंबर के जरिए कई मैसेज भेजे। इनमें से एक मैसेज में उसने अभिनेत्री से कहा कि वो सुनवाई के दौरान अदालत में काले रंग की ड्रेस पहन कर आए। हालाँकि, जब वो ब्लैक ड्रेस में कोर्ट में नहीं पहुँचीं तो सुकेश चंद्रशेखर नाराज़ हो गया था।

उसने जैकलीन फर्नांडिस को भेजे गए मैसेज में लिखा था, “बेबी, मैं जानता हूँ तुम ट्रॉल्स के कारण फिर से नाराज़ हो जो तुम्हारे नाम में एक अतिरिक्त E जोड़ रहे हैं। लेकिन वावा, तुम चिंता मत करो। जो तुम्हें ट्रॉल कर रहे हैं वो किसी लायक नहीं हैं, गंदगी हैं। तुम मेरी राजकुमारी हो और रॉकस्टार हो। तुम एक सुपरस्टार बनने जा रही हो।” जब जैकलीन फर्नांडिस ब्लैक ड्रेस पहन कर कोर्ट के समक्ष नहीं पेश हुईं तो सुकेश ने उन्हें लिखा कि वो उन्हें नज़रअंदाज़ कर रही हैं।

साथ ही उसने लिखा था कि वो हमेशा अभिनेत्री के साथ है और किसी भी ज़रूरत की पूर्ति के लिए तैयार है। बता दें कि जैकलीन को जिस सुनवाई में उसने काले रंग का कपड़ा पहनने के लिए कहा था, वो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी। उसने लिखा था, “तुम अब अगली सुनवाई में कोई भी कपड़ा पहनो, एक बहुरंगी कुर्ती पहनो या फिर सिर्फ एक सफ़ेद शर्ट जिस पर कोई डिजाइन नहीं हो। मुझे पता है तुमने ये मैसेज देख लिया है। मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ।”

एक अन्य मैसेज में उसने दावा किया था कि फिल्म निर्देशक लव रंजन एक प्रोजेक्ट के लिए जैकलीन फर्नांडिस से संपर्क करेंगे। उसने लिखा था, “अगले एकाध सप्ताह में लव रंजन अपनी एक फिल्म के लिए तुमसे संपर्क करेंगे। ये बहुत बड़ा प्रोजेक्ट होने वाला है। इसे मेरी तरफ से गिफ्ट समझ लो। बेबी गर्ल, मैंने लिली की फूलों के साथ तुम्हें एक मैसेज कार्ड भेजा है। आशा है तुमने इसे देखा होगा।” एक अन्य मैसेज में उसने जैकलीन फर्नांडिस को ‘हनी बी’ कहते हुए लिखा था कि वो शर्माना बंद करे।

वहीं जैकलीन फर्नांडिस ने सुकेश चंद्रशेखर द्वारा बार-बार उसके नाम पत्र जारी किए जाने को प्रताड़ना बताते हुए इसके खिलाफ याचिका दायर की थी। इस पर जवाब देते हुए महाठग ने कोर्ट से कहा है कि अगर उसके भेजे एक भी पत्र का कोई भी कंटेंट धमकी वाला या फिर प्रताड़ना देने वाला साबित हुआ तो वो कोई भी सज़ा भुगतने को तैयार है। जैकलीन फर्नांडिस ने अपनी याचिका में कहा था कि सुकेश चंद्रशेखर द्वारा बार-बार उनसे संपर्क करने की कोशिश करना गवाहों के साथ छेड़छाड़ के समान है।

‘बच्चों के सामने पीएम मोदी और सीएम योगी को देते हैं गंदी-गंदी गालियाँ’: देवरिया के स्कूल में ‘जय हिंद’ कहने पर शिक्षक की पिटाई मामले में खुलासा

उत्तर प्रदेश के देवरिया के एक स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान ‘जय हिंद’ कहने को लेकर शिक्षक की पिटाई के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पीड़ित शिक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि स्कूल में कुछ शिक्षक गुट बनाकर रहते और ना ही बच्चों को बढ़ाते हैं और ना स्कूल के किसी कार्यक्रम में भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि ये शिक्षक पीएम नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को बच्चों के सामने गंदी-गंदी गालियाँ देते हैं।

दरअसल, लार विकास खंड के धरहरा कंपोजिट विद्यालय में शनिवार (23 दिसंबर, 2023) को प्रार्थना सभा के दौरान ‘जय हिंद’ बोलने पर धर्मेंद्र कुमार वर्मा, अनय कुमार, संजय कुमार ने शिक्षक अरुण कुमार सिंह की पिटाई कर दी थी। इस घटना में अरुण सिंह को गंभीर चोटें आई हैं। प्रभारी प्रिंसिपल राम विलास भी घटना के दौरान मूकदर्शक बने रहे।

दैनिक भास्कर से बात करते हुए पीड़ित शिक्षक ने कहा कि ये स्कूल में गुट बनाकर रहते हैं और जातिवाद दलित-सवर्ण को जातिवाद करते रहते हैं। उनका कहना है कि वे स्कूल में छात्रों को पढ़ाते भी नहीं हैं और गुट बनाकर स्कूल में बैठे रहते हैं। 8वीं तक के इस स्कूल में सिर्फ कुछ ही कक्षाएँ चलती हैं। इस मामले में सभी चारों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है।

अरुण सिंह के अनुसार, “मैं इस स्कूल में पिछले 3 साल से पढ़ा रहा हूँ। पहले स्कूल की हालत बहुत खराब थी। यहाँ आने के बाद मैंने पढ़ाई का स्तर थोड़ा सुधारा तो आरोपित टीचर मुझे धमकाने लगे। ऐसा करने से मुझे रोका गया। जब मैं बच्चों को प्रार्थना के बाद राष्ट्रगान करवाता हूँ तो ये लोग तेज-तेज हँसते हैं। स्कूल के किसी भी कार्यक्रम में ये शामिल नहीं होते, चाहे प्रार्थना हो या पूजा।”

अरुण सिंह ने कहा, “इन लोगों को पता नहीं क्यों हिंदू धर्म से इतनी नफरत है? देश के प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, सरकार की योजनाओं आदि का ये लोग मजाक बनाते रहते हैं। मैं बच्चों को स्कूल में प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के बारे में बताता हूँ तो ये लोग बच्चों के सामने उन्हें गंदी-गंदी गालियाँ देते हैं। सरकारी योजनाओं को लेकर कहते हैं, हमें पता है वो लोग क्या काम करते हैं?”

अरुण कुमार ने कहा कि हाल में ही चंद्रयान लॉन्च किया गया था और जब वे स्कूल में चंद्रयान लॉन्च होने का वीडियो बच्चों को दिखाने की कोशिश की तो इन शिक्षकों ने उसे दिखाने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि क्लास में बच्चों को इसलिए चंद्रयान लॉन्च का वीडियो दिखाना चाहते थे, ताकि बच्चे कुछ सीख सकें।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन शिक्षकों को हिंदू धर्म से भी नफरत है। स्कूल में हर पूजा को ये लोग रोकने की कोशिश करते हैं और भगवान की मूर्ति के साथ खिलवाड़ करते हैं। पीड़ित शिक्षक ने कहा कि ये तीनों शिक्षक स्कूल में कभी आते हैं और कभी चले जाते हैं। क्लास में पीछे की सीटों को जोड़कर सोते रहते हैं और मना करने पर गाली देने लगते हैं।

BSA शालिनी श्रीवास्तव ने कहा कि मामले में जाँच की जा रही है और गलत पाए जाने वाले शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए 2 सदस्यीय टीम का गठन कर कर दिया गया है। शालिनी श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि स्कूल में बच्चों से उन शिक्षकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपित शिक्षकों का रिकॉर्ड खराब ही मिला है। उन पर एक्शन लिया गया है।

बताते चलें कि BSA ने आरोपित शिक्षकों के साथ-साथ पीड़ित शिक्षक को भी निलंबित कर दिया गया है। वहीं, घटना की सूचना मिलने के बाद स्कूल पहुँची पुलिस ने तीनों आरोपित शिक्षकों- अनय कुमार, असिस्टेंट टीचर धर्मेंद्र वर्मा, टीचर संजय कुमार को हिरासत में लेकर थाने लेकर चली गई।

‘1 साल से नहीं मिला, 3 महीने से हर जगह से ब्लॉक’: तलाक के बाद शिखर धवन ने मार्मिक पोस्ट के जरिए बेटे को विश किया जन्मदिन, बोले – तुम्हें रोज लिखता हूँ मैसेज

क्रिकेटर शिखर धवन और उनकी पत्नी आयशा मुखर्जी अलग हो चुके हैं। दोनों के तलाक की खबरें मीडिया में भी चर्चा का विषय बनी थीं, क्योंकि ये मामला खासा विवादित हुआ था। अब शिखर धवन ने अपने बेटे जोरावर के साथ वीडियो कॉल पर बात करते हुए तस्वीर शेयर की है और मार्मिक पोस्ट लिखा है। ये तस्वीर पुरानी है। उन्होंने बताया है कि उन्हें उनके बेटे से मिले 1 साल हो गए। उन्होंने ये भी बताया कि पिछले 3 महीने से उनका उनके बेटे से कोई संपर्क नहीं है।

उन्हें हर जगह से ब्लॉक कर के रखा गया है। जोरावर के जन्मदिन पर उसे बधाई देते हुए शिखर धवन ने ये पोस्ट लिखा। उन्होंने अपने बेटे को संबोधित करते हुए लिखा कि वो भले ही उससे सीधे नहीं जुड़ पा रहे हैं, लेकिन मानसिक रूप से वो उससे जुड़े हुए हैं। उन्होंने लिखा कि वो अपने बेटे पर गर्व करते हैं, और उन्हें पता है कि वो अच्छे से बड़ा हो रहा है, अच्छा कर रहा है। शिखर धवन ने जोरावर के लिए लिखा कि पिता उसे हमेशा मिस करते हैं और प्यार करते हैं।

शिखर धवन ने जोरावर को संबोधित करते हुए लिखा, “तुम्हारे पापा हमेशा सकारात्मक रहते हैं और वो उस क्षण का इंतजार कर रहे हैं जब भगवान की कृपा से हम दोनों फिर मिलेंगे। नटखट बनो, लेकिन विध्वंसकारी नहीं। हमेशा देने वाले बनो, विनम्र रहो और दयालु, धैर्यवान और मजबूत बनो। तुम्हें न देखने के बावजूद मैं तुम्हें रोज मैसेज लिखता हूँ। इसमें मैं तुमसे तुम्हारे रोजमर्रा के जीवन के बारे में पूछता हूँ। बताता हूँ कि मैं क्या कर रहा हूँ और मेरे जीवन में क्या नया है।”

2009 में शिखर धवन ने 10 वर्ष छोटी आयशा मुखर्जी से सगाई की थी और 2012 में दोनों ने शादी कर ली थी। अक्टूबर 2023 में ही दोनों के तलाक को मंज़ूरी मिली थी। आयशा मुखर्जी भारतीय सलामी बल्लेबाज से शादी के पहले से ही 2 लड़कियों की माँ थीं। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पता चला था कि धवन ने आयशा को 8 वर्षों में 13 करोड़ रुपए भेजे थे। दोनों बेटियों पर भी धवन ने करोड़ों रुपए खर्च किए। तलाक के रकम के रूप में भी आयशा ने धवन से 13 करोड़ रुपए माँगे थे।