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‘बच्चों को सांता क्लॉज बना कर चर्च मत भेजो, हनुमान जी के मंदिर जाकर दर्शन कराओ’: बोले बागेश्वर धाम वाले धीरेन्द्र शास्त्री – भारतीय संस्कृति में क्रिसमस के लिए कोई जगह नहीं

बागेश्वर धाम के महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भारत में ‘क्रिसमस डे’ मनाने को लेकर खासे विरोध में हैं। उन्होंने इसे पाश्चात्य संस्कृति बताते हुए स्कूलों में सेंटा क्लॉज से जुड़े कार्यक्रमों का विरोध करते हुए कहा है कि इस दिन को मातृ-पितृ पूजन दिवस के रूप में मनाएँ। माता-पिता की पूजा करवाएँ।

मीडिया से धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “भारत के जितने भी सनातनी हिंदू अभिभावक और माता-पिता हैं वो अपने बच्चों को सांता क्लॉज बनाकर चर्च में भेजने से अच्छा उन्हें हनुमान जी के मंदिर जाकर दर्शन करवाओ। वहाँ से प्रसाद लेकर आएँ सांता क्लॉज आएगा, गिफ्ट लाएगा।”

कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री का कहना है कि सनातनियों को भी अपनी विराट सनातन संस्कृति को ध्यान में रखकर घर-घर में तुलसी पूजन करना चाहिए। उन्होंने लोगों से ये अपील भी की कि भारतीय संस्कृति में क्रिसमस के लिए कोई जगह नहीं है। इसलिए हर हिंदू परिवार को चाहिए कि वे अपने बच्चों में सनातन धर्म के संस्कारों का विकास करें।

उन्होंने आगे कहा कि बच्चों को सांता क्लॉज की तरफ बच्चों को मत भेजो, परम पूज्य हनुमान जी की तरफ भेजो। साथ ही उन्होंने अभिभावकों को बच्चों को स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुषों के बारे में बताने को कहा। उन्होंने कहा, “मीरा बाई की तरह, महारानी लक्ष्मीबाई की तरह, स्वामी विवेकानंद के प्रति प्रेरित करो। बागेश्वर पीठ इसका खुलकर विरोध करती है।”

कथा वाचक धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हर जगह पाश्चात्य संस्कृति को लोग आँख बंद कर फॉलो कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “क्या हम भारतीय हैं, इसपर विचार करना? क्या तुम सनातनी हो इस पर विचार करना। यदि सनातनी हो भारतीय हो तो इस पाश्चात्य संस्कृति का बहिष्कार करो।”

बताते चलें कि मध्य प्रदेश एक जिले में क्रिसमस के जश्न में शामिल होने के लिए छात्रों के अभिभावकों से मंजूरी लेना जरूरी किया गया। उज्जैन और शाजापुर जिले में बच्चों को स्कूलों में सांता क्लॉज बनाने के लिए परिजनों की लिखित सहमति जरूरी कर दी गई।

प्रशासन ने चेताया था कि अगर परिजनों की मर्जी के बिना किसी बच्चे के सांटा क्लॉज बनाया जाता है। तो उससे होने वाले विवाद की जिम्मेदारी उक्त स्कूल की होगी। इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की तरफ पत्र जारी किया गया था।

गंगा जल से पखारे चरण, हाथ जोड़ किया नमन: छत्तीसगढ़ के कोरबा में 101 परिवार सनातन में लौटे, BJP नेता बोले- धर्मांतरण रूपी वायरस की दवाई है ‘घर वापसी’

छत्तीसगढ़ के कोरबा में धर्मांतरण का शिकार हुए 101 परिवारों की धर्म सेना ने विधि-विधान से हिंदू धर्म में घर वापसी कराई। भाजपा नेता व दिलीप सिंह जूदेव के बेटे प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने घर वापसी करने वाले लोगों के गंगा जल से पैर पखारकर उनका सम्मान किया, हाथ जोड़ नमन किया और उन्हें तिलकर घर वापसी की बधाई दी।

उन्होंने कहा कि हिंदुत्व किसी जाति का नहीं राष्ट्रीयता का प्रतीक है, इतिहास गवाह है जहाँ-जहाँ हिंदू घटा है वहाँ देश बँटा है। इसलिए हिंदू बचाना मंदिर बनाने से भी बड़ा कार्य है क्योंकि हिंदू ही मंदिर बनाएगा मंदिर हिंदू नहीं।

अपनी चिंता को साझा करते हुए उन्होंने कहा, “हिंदू समाज की कुंभकर्णी निद्रा धर्मांतरण का मुख्य कारण है। हम अपने लोगों तक सनातन संस्कृति की सुगंध नहीं पहुँचा पा रहे हैं। समाज के मुखिया की जिम्मेवारी बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि वे सनातन संस्कृति के चौकीदार हैं उनकी सजगता समाज के बिखराव को रोक सकती है। “

उन्होंने धर्मांतरण कराने वालों को चुनौती देते हुए कहा– ये घिनौना कार्य बंद कर दो अन्यथा इसका दूरगामी परिणाम विचारणीय होगा। उन्होंने बताया कि आज एक बड़े स्तर पर छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन का काम किया जा रहा है, जिस पर हिंदू संगठनों द्वारा अंकुश लगाने का प्रयास हो रहा है। भाजपा शासन काल में धर्मपरिवर्तन पर बिलकुल अंकुश लगाया जाएगा।

कार्यक्रम में शामिल लोग

कार्यक्रम में घर वापसी करने वाले लोगों का प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने स्वागत किया और तस्वीरें साझा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “धर्मांतरण रूपी वायरस की दवा है ‘घर वापसी’। यह लाईलाज बीमारी नहीं हैं हिंदू समाज के जगते ही यह छू मंतर हो जाएगी।”

उन्होंने धर्मों रक्षति रक्षित: का नारा देते हुए लिखा- “101 धर्मांतरित परिवारों की पाँव पखार कर “घर वापसी” करने का मुझे सौभाग्य मिला। छत्तीसगढ़ के कटघोरा मे धर्म सेना, विश्व हिंदू परिषद, आर्य समाज एवं विभिन्न समाजिक संगठनों के तत्वावधान मे सनातन श्रद्धालुओं के समक्ष समाजिक प्रमुखों का सम्मान का भव्य समारोह भी संपन्न हुआ। अपने पूर्वजों से पुनः जुड़ने पर आपने राष्ट्र को मजबूत किया है। हम गौरवांवित है। आपका स्वागत है अभिनंदन है।”

बता दें कि प्रबल प्रताप सिंह जूदेव अब तक सैंकड़ों लोगों की छत्तीसगढ़ में घर वापसी करवा चुके हैं। इसी वर्ष की शुकुआत में उन्होंने 1100 लोगों की सामूहिक घर वापसी करवाई थी। अप्रैल में उन्होंने 100 परिवार की घर वापसी करवाई थी और अब क्रिसमस से एक दिन पहले उन्होंने फिर 101 परिवारों की घर वापसी सनातन धर्म में कराई है।

न्यूजक्लिक के HR हेड अमित चक्रवर्ती बनेंगे सरकारी गवाह, कहा – जाँच में सहयोग करना चाहता हूँ: चीनी फंडिंग से चल रहा था देश विरोधी प्रोपेगेंडा

चायनीज फंडिंग से चलने वाली प्रोपेगेंडा वेबसाइट न्यूजक्लिक के मालिकों की दिक्कतें बढ़ने वाली हैं। न्यूजक्लिक के एचआर हेड रहे अमित चक्रवर्ती ही इसके कर्ताधर्ताओं की पोल खोलेंगे। उन्होंने सरकारी गवाह बनकर इस केस में मदद करने का फैसला किया है। इसके लिए बाकायदा उन्होंने कोर्ट में याचिका भी डाली है कि वो सरकारी गवाह बनकर देशविरोधी कामों में जुटे न्यूजक्लिक के कारनामों को सामने लाना चाहते हैं। कोर्ट की अनुमति मिलते ही वो न्यूजक्लिक की काली करतूतों के पर्दे खोलना शुरू कर देंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्यूजक्लिक का खेल खत्म होने वाला है। चीनी पैसों से देश को बदनाम करने के खेल में जुटे न्यूजक्लिक पर देश की अखंडता को नुकसान पहुँचाने का आरोप है। इस कंपनी के एचआर हेड ने अदालत से कहा है कि वो इस मामले की जाँच में सहयोग करना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें देशविरोधी बातों का पता नहीं था। अब अगर कोर्ट ने अमित चक्रवर्ती को सरकारी गवाह बनने की इजाजत दे दी, तब न्यूजक्लिक से जुड़े कई अहम राज की बातें सामने आ जाएँगी।

जानकारी के मुताबिक, 19 दिसंबर को पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में एक अर्जी देकर मामले की जाँच पूरी करने के लिए समय बढ़ाने की माँग की। पुलिस ने मामले की जाँच पूरी करने के लिए 3 महीने का और समय माँगा था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप कौर ने दिल्ली पुलिस की याचिका स्वीकार कर ली और पुलिस को 60 दिन का अतिरिक्त समय दिया। इसी दौरान अमित ने अपनी याचिका दाखिल की। CrPc के प्रावधानों के मुताबिक, सह अभियुक्त अगर जाँच में सहयोग करने और गवाह बनने को तैयार हो जाता है, तो उसे कुछ मामलों में छूट मिलती है।

बता दें कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने प्रबीर पुरकायस्थ और अमित चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया था। दोनों को पटियाल हाउस कोर्ट ने 60 दिनों की न्यायिक हिरासत में दिल्ली पुलिस को सौंप दिया था। प्रबीर पुरकायस्थ न्यूजक्लिक के फाउंडर हैं और अमित चक्रवर्ती इस पोर्टल के एचआर हेड हैं। दोनों की गिरफ्तारी अक्टूबर में हुई थी। इनकी गिरफ्तारी से पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, साथ ही उसके दफ्तर को सील कर दिया था।

बता दें कि न्यूजक्लिक पर विदेशी संस्थानों से ₹38.05 करोड़ फंड लेने का आरोप लगाया गया है। इससे पहले सीबीआई ने 11 अक्टूबर, 2023 को एक FIR दर्ज करके दिल्ली स्थित दो ठिकानों पर छापेमारी की थी।

सामने आई FIR की कॉपी के अनुसार, सीबीआई ने यह मामला विदेशी चंदा लेने के नियमों का उल्लंघन करने को लेकर दर्ज किया है। इस मामले में न्यूजक्लिक के प्रमुख प्रबीर पुरकायस्थ, PPK न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड, नेविल रॉय सिंघम और जेसन फिचर एवं अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया है।

सीबीआई द्वारा दर्ज की गई FIR में कहा गया है कि मार्च 2018 से लेकर अब तक मेसर्स PPK न्यूजक्लिक स्टूडियोज ने जस्टिस एंड एजुकेशन फंड USA, द ट्राईकॉन्टिनेंटल लिमिटेड इनकॉर्पोरेशन USA से, GSPAN लिमिटेड लायबल्टी कम्पनी USA और सेंट्रो पॉपुलर डेमिडास ब्राजील से कुल ₹28.46 करोड़ का विदेशी फंड प्राप्त किया।

सीबीआई ने अपनी जाँच में यह भी पाया कि जो धनराशि न्यूजक्लिक को जस्टिस एंड एजुकेशन फंड के माध्यम से भेजी गई थी वह दरअसल नेविल रॉय सिंघम की है। नेविल रॉय सिंघम प्रबीर पुरकायस्थ का करीबी है और चीन का प्रोपेगंडा चलाता है।

जंजीर से बाँधा, ब्लेड से काटा, फिर पेट्रोल डाल जला दिया… जिस सहेली से शादी के लिए करवाया सेक्स चेंज, उसकी ही जन्मदिन पर कर दी हत्या

पहले उसकी पहचान पंदी मुरुगेश्वरी की थी। फिर सेक्स चेंज करवाकर वह वेत्रीमारण बन गया। अब उसे अपनी उसी सहेली की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, कथित तौर पर जिससे शादी लिए उसने सेक्स चेंज करवाया था।

एकतरफा प्यार में सेक्स चेंज करवाने और हत्या करने की यह घटना चेन्नई की है। जिस लड़की की हत्या हुई वह आर नंदिनी थी। नंदिनी को उसके 26वें जन्मदिन पर बेरहमी से वेत्रीमारण ने मार डाला। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार नंदिनी ने वेत्रीमारण के साथ रिश्ते में आने से इनकार किया था, जिससे वह नाराज था।

नंदिनी की हत्या शनिवार (23 दिसंबर 2023) को चेन्नई के दक्षिणी बाहरी इलाके थलंबुर में की गई। वेत्रीमारण ने पहले उसके हाथ-पैर बाँधे। ब्लेड से गला काटा। फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

पुलिस के मुताबिक नंदिनी और वेत्रीमारण मदुरै के एक गर्ल्स स्कूल में साथ पढ़ती थीं। करीबी दोस्त थीं। लेकिन उनके रिश्तों में खटास तब आ गई जब सेक्स चेंज करवाने वाले वेत्री के प्रस्ताव को नंदिनी ने ठुकरा दिया। वेत्री एमबीए की पढ़ाई कर चुका है। वहीं नंदिनी IT में बीएससी करने के बाद आठ महीने से चेन्नई में नौकरी कर रही थी। वह अपने एक रिश्तेदार के पास रहती थी।

शनिवार को वेत्री ने नंदिनी को कुछ समय साथ बिताने के लिए फोन किया। उसे कपड़े दिलाए। एक अनाथ आश्रम में जाकर दोनों ने दान किया। इसके बाद वेत्री ने उसे घर छोड़ने का प्रस्ताव दिया। रास्ते में सुनसान जगह देख उसने नंदिनी को फोटो खिंचवाने के लिए कहा। इसी बहाने जंजीरों से बाँध कर उस पर हमला किया और जला दिया।

नंदिनी को आग लगाने के बाद वेत्री मौके से फरार हो गया। उसकी आवाज सुन कुछ लोग मौके पर इकट्ठा हुए और उसे अस्पताल ले गए। लेकिन उसने बचाया नहीं जा सका।

अस्पताल ले जाने से पहले नंदिनी ने लोगों को एक नंबर दिया था, जो वेत्री का था। पुलिस ने उस नंबर पर कॉल कर उसे बुलाया। उसने मौके पर नंदिनी की पहचान की। अस्पताल में नंदिनी की मौत होते ही वह फिर फरार हो गया। जाँच के बाद अगले दिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

रिपोर्ट में एक पुलिस अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि वेत्री को अपने किए का कोई पछतावा नहीं है। उसका कहना है कि नंदिनी के इनकार करने के बाद से वह परेशान था। लेकिन फिर भी उससे संपर्क बनाए हुआ था। उसने कुछ साल पहले एक निजी अस्पताल में अपना सेक्स चेंज सर्जरी करवाने की जानकारी दी है। साथ ही बताया है कि जब उसने हमला किया था, तब नंदिनी उससे रहम की भीख माँग रही थी।

वेत्री का कहना है कि नंदिनी ने उससे कहा था कि उनका साथ में भविष्य नहीं है। वह कथित तौर पर अपने एक सहकर्मी के करीब आ गई थी। इसकी जानकारी होते ही वेत्री ने उसकी हत्या का प्लान बना लिया था।

ISI, ISISI और गोरी… दिल्ली दहलाने के लिए 3 बड़ी ताकतों ने कर ली थी तैयारी, बेस बना कर जुटा लिए थे हथियार: धराया ₹3 लाख का इनामी आतंकी तो खुला राज

एक बड़े आतंकी मॉड्यूल मामले की जाँच से अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन ISIS, पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और भगोड़े आतंकवादी फरहतुल्ला गोरी के बीच एक खतरनाक साँठगाँठ का पता चला है, जिसमें दिल्ली/NCR में एक आतंकी ऑपरेशन के लिए न सिर्फ वैचारिक समर्थन जुटाया गया था, बल्कि साजोसामान और वित्तीय मदद भी उपलब्ध कराई गई थी। ये सभी एक-दूसरे का सहयोग करते हुए काम कर रहे थे।

फ्री प्रेस जर्नल द्वारा एक्सेस की गई राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की एक गोपनीय रिपोर्ट से पता चला है कि गिरफ्तार ISIS आतंकवादी शाहनवाज आलम और मोहम्मद रिजवान अशरफ एक विदेशी ISIS हैंडलर के निर्देशों पर काम करते थे, जिनके साथ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और वांछित आतंकवादी फरहतुल्ला भी जुड़ा है। गोरी की अगुवाई में दिल्ली/एनसीआर क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए उन्हें ऑपरेशन के लिए अवैध तरीकों से धन, रसद सहायता और विस्फोटक भी प्राप्त हुए।

खुफिया एजेंसियों के विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, यह पहला मामला है जब ISIS की आतंकी साजिश में ISI और गोरी की संलिप्तता उजागर हुई है। जाँच एजेंसियों को संदेह है कि आईएसआई इस समय आतंकी संगठन के साथ मिलकर भारत में गतिविधियां चला रही है। विदेशी हैंडलर संभावित रूप से पाकिस्तान स्थित आईएसआई एजेंट या आतंकवादी हो सकता है।

ISIS का महाराष्ट्र मॉड्यूल ध्वस्त

एनआईए की रिपोर्ट में पुणे पुलिस, महाराष्ट्र पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) और एनआईए द्वारा जुलाई 2023 में आईएसआईएस महाराष्ट्र मॉड्यूल को नष्ट किया। मास्टरमाइंड इमरान खान और अन्य को पकड़ लिया गया, लेकिन शाहनवाज भागने में सफल रहा। इस दौरान, आईएसआईएस हैंडलर ने आईएसआई के एजेंट और भगोड़े आतंकवादी गोरी से शाहनवाज का कनेक्शन बनवाया। आईएसआई के हैंडलर और गोरी के निर्देशों का पालन करते हुए शाहनवाज और रिज़वान दिल्ली पहुँचे, जहाँ दिल्ली के एक अज्ञात आतंकी ने उनके लिए एक ठिकाने की व्यवस्था की।

रिपोर्ट के मुताबिक, आईएसआई और गोरी ने शाहनवाज और रिजवान को दिल्ली/एनसीआर में एक आतंकी ऑपरेशन के लिए एक महत्वपूर्ण मिशन सौंपा था। दिल्ली का आतंकी जो इस समय फरार है, उसी ने साजो-सामान संबंधी सहायता, हथियार और गोला-बारूद की खरीद का इंतजाम किया और इस काम के लिए फंडिंग की व्यवस्था की। उन दोनों ने दिल्ली में एक बेस स्थापित किया, इनकी मंशा दिल्ली/एनसीआर में एक बड़े आतंकी ऑपरेशन को अंजाम देने की थी। इस ऑपरेशन के शुरू होने से पहले ही दोनों को दिल्ली की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया।

आतंकी प्लानिंग के मैनेजमेंट में दिल्ली के ऑपरेटिव की भूमिका

सूत्रों के अनुसार, जाँच एजेंसियों को शक है कि दिल्ली स्थित संपर्क व्यक्ति वही व्यक्ति हो सकता है जिसने न केवल शाहनवाज के आतंकी ऑपरेशन के लिए साजो-सामान और वित्तीय सहायता की व्यवस्था की थी, बल्कि वह व्यक्ति भी हो सकता है जो साकिब नाचन से मिलने के लिए दिल्ली से ठाणे के पास पडघा तक गया था। जाँचकर्ताओं ने कहा कि दिल्ली का व्यक्ति आईएसआईएस हैंडलर के निर्देश पर आतंकी ऑपरेशन की योजना पर चर्चा करने के लिए मुंबई गया था, जिसे कथित तौर पर साकिब को अंजाम देना था।

खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए गए शाहनवाज के बयान के दौरान खुफिया इनपुट से आईएसआईएस के पूरे देश चलाए जाने वाले आतंकी ऑपरेशन के बारे में अहम जानकारी सामने आई है। शाहनवाज का बयान नाचन और उनके सहयोगियों सहित अन्य आईएसआईएस आतंकी मॉड्यूल लिंक के साथ उनके संबंध का संकेत देता है। एनआईए ने दिल्ली/एनसीआर, मुंबई और अन्य क्षेत्रों में आतंकवादी गतिविधियों के लिए उनकी योजना को समझने पर ध्यान केंद्रित करने के साथ, विभिन्न तथ्यों का पता लगाने के लिए नाचन और अन्य आरोपियों की रिमांड ली है।

बता दें कि पिछले साल आईएसआई के अलावा कई आतंकी मामलों में गौरी का नाम सामने आता रहा है। NIA की जाँच से पता चला है कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख सदस्य गोरी, वैश्विक इस्लामी कट्टरपंथी आतंकवादी संगठन हिज्ब-उत-तहरीर (एचयूटी) का नेतृत्व कर रहा है। गोरी सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ में आने से बचने के लिए डार्क वेब पर एक चैट ग्रुप के माध्यम से काम करता है।

सालों तक सिक्योरिटी एजेंसियो से बचने के बाद गोरी का नाम फिर से तब सामने आया, जब उसके ऑडियो, वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर मिले। साल 2022 की शुरुआत से वो ट्विटर, यूट्यूब, फेसबुक और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हुआ, इसके बाद से सिक्योरिटी एजेंसियाँ उसे ट्रैक कर रही हैं।

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने 2 अक्टूबर, 2023 को ISIS से जुड़े 3 लाख रुपए के इनामी आतंकी शाहनवाज को गिरफ्तार किया है। इसी साल जुलाई माह में शाहनवाज महाराष्ट्र में पुणे पुलिस की कस्टडी से भाग निकला था। विदेश में बैठे आकाओं ने शाहनवाज को भारत में ISIS का स्लीपर सेल खड़ा करने का काम दिया था जिसे वो बखूबी अंजाम भी दे रहा था। इसके बाद से इस मॉड्यूल के कई आतंकी पकड़े जा हैं।

8 साल से कोमा में थे लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह नट, निधन: रिटायर होने के बाद भी मोर्चे पर आए, कुपवाड़ा एनकाउंटर में हो गए थे घायल

‘सेना मेडल’ से सम्मानित लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह नट का निधन हो गया है। वह वर्ष 2015 में जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में इस्लामी आतंकियों से हुई एक मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और कोमा में चले गए थे। उनका निधन 23 दिसम्बर, 2023 को जालंधर स्थित सेना के अस्पताल में हो गया।

लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह वर्ष 1998 में सेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए शामिल हुए थे। उन्हें 14 वर्षों की सेवा के बाद 2012 में सेना से सेवानिवृत्ति मिली थी। हालाँकि, अपने देश सेवा के जोश के कारण वह सेना की सेवा से सेवानिवृत्ति होने के बाद टेरिटोरियल आर्मी में बतौर अफसर शामिल हो गए थे।

लेफ्टिनेंट कर्नल सिंह नवम्बर 2015 में कुपवाड़ा के हाजी नाका इलाके में हुई मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन पर एक झोपड़ी में छुपे हुए आतंकियों ने फायरिंग कर दी थी। लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह उस समय टेरिटोरियल आर्मी की 160 बटालियन (यह जम्मू कश्मीर राइफल्स का हिस्सा है) में बतौर सेकंड इन कमांड पर सेवा दे रहे थे।

इसी ऑपरेशन में एक टीम का नेतृत्व करते हुए करणबीर सिंह को उनके जबड़े पर गोली लगी थी। उन्हें इसके बाद सेना अस्पताल श्रीनगर और फिर दिल्ली में इलाज के लिए ले जाया गया था। जहाँ उनका ऑपरेशन भी किया गया था। उनकी जान तो बचा ली गई थी लेकिन वह कोमा में चले गए थे। आठ वर्षों से करणबीर सिंह नट बोलने-बात करने में अक्षम थे, उन्हें पाइप के जरिए जूस पिलाया जाता था और खाना-पानी दिया जाता था।

लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह के परिवार में दो बेटियाँ और पत्नी हैं। उनका परिवार पंजाब के बटाला जिले का रहने वाला है। लेफ्टिनेंट कर्नल रणबीर सिंह की मृत्यु की खबर की पुष्टि ब्रिगेडियर BA ढिल्लो ने की है। ढिल्लो पंजाब में ‘सैनिक कल्याण बोर्ड’ के मुखिया हैं। जिस ऑपरेशन में करणबीर सिंह की मृत्यु हुई थी वह नवम्बर में कई दिन चला था और सेना को इसमें काफी नुकसान उठाना पड़ा था। इसमें कर्नल संतोष महादिक की भी गोली लगने के कारण मौत हो गई थी।

बार-बार करता था यौन उत्पीड़न, नाबालिगों ने चाकू मारा, पत्थर से सिर कुचला, फिर फूँक दी लाश: दिल्ली में अधजला शव मिला

दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से 25 साल के युवक की हत्या में तीन नाबालिग पकड़े गए हैं। युवक का अधजला शव मिला है। नाबालिगों से पूछताछ में पता चला है कि मृतक उनमें से एक का बार-बार यौन शोषण कर रहा था। इससे छुटकारा पाने के लिए उन्होंने पहले चाकू मारकर उसकी हत्या की। फिर पत्थर से सिर कुचलकर शव को जलाने की कोशिश की।

एक सीनियर पुलिस अधिकारी के मुताबिक, 16 और 17 साल की उम्र के तीनों नाबालिगों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश कर शेल्टर होम भेज दिया गया है। मृतक युवक की पहचान आजाद के तौर पर हुई है। आरोपित नाबलिगों में से एक ने पुलिस को बताया कि आजाद उसका यौन शोषण कर रहा था। इससे तंग आकर उसने अपने दो अन्य दोस्तों के साथ मिलकर उसे ठिकाने लगाने का प्लान बनाया।

21 दिसंबर 2023 की रात तीनों नाबालिगों ने कथित तौर पर चाकू से आजाद पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पहचान छिपाने और सबूतों को नष्ट करने के लिए नाबालिगों ने आजाद का सिर पत्थर से कुचल दिया। फिर सूखी घास और कपड़ों से उसकी लाश को जलाने की कोशिश की।

पुलिस ने तीनों नाबालिगों को संदिग्ध स्थिति में 23 दिसंबर की रात पकड़ा था। पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। नाबालिगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आजाद की अधजली लाश भी खुसरो पार्क से बरामद कर की। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पूर्व) राजेश देव ने बताया, “तीनों नाबालिगों ने आजाद नाम के युवक की हत्या करना कबूला है। उसकी लाश खुसरो पार्क में अधजली हालत में बरामद हुई। हमारी अपराध और फोरेंसिक टीम ने अपराध स्थल की जाँच की और लाश को एम्स भेज दिया।”

पुलिस के मुताबिक जाँच में ये बात भी सामने आई है कि आजाद आपराधिक प्रवृत्ति का था। हजरत निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ कई बार शिकायतें भी की गई थीं।

‘मोहम्मद ज़ुबैर पर दर्ज कराऊँगा मुकदमा’: भाई को जलाए जाने को लेकर फैलाया फेक न्यूज़ तो बिट्टू बजरंगी ने लताड़ा, कहा – विधर्मियों के निशाने पर है मेरा परिवार

‘गौरक्षा बंजरंग फ़ोर्स’ के मुखिया बिट्टू बजरंगी ने 24 दिसम्बर, 2023 को एक वीडियो जारी करके प्रोपेगंडा पोर्टल ALTNews के सह-संस्थापक मुहम्मद जुबैर और ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ के ऊपर अपने भाई पर हुए हमले के बारे में झूठी खबर प्रसारित करने का आरोप लगाया है।

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ (HT) ने एक रिपोर्ट में हरियाणा पुलिस के हवाले से दावा किया था कि बिट्टू बजरंगी के भाई ने खुद पर हमले की झूठ कहानी रची थी, इस हमले में बिट्टू बजरंगी के भाई का शरीर 60% जल गया था। जुबैर ने यही खबर सोशल मीडिया पर सच की तरह प्रसारित की। हालाँकि, मामले की जाँच कर कर रहे पुलिस अधिकारियों ने ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ की रिपोर्ट को नकार दिया है और कहा कि मामले की जाँच अभी चल रही है।

बिट्टू बजंरगी ने अपने वीडियो बयान में कहा, “इस समय मैं बड़े दुःख और साजिश के दौर से गुजर रहा हूँ और मैं और मेरा परिवार अधर्मियों के निशाने पर हैं। लेकिन, भाइयों इस चुप्पी का फायदा उठा कर ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ और वामपंथी मोहम्मद जुबैर ने गलत तरीके से मेरे खिलाफ खबर वायरल की। जिस पत्रकार ने यह खबर बनाई उसकी मानसिकता जो भी हो, अंत में वह मेरी बहन है। कोई बात नहीं बहन, जिस दिन तुम ‘लव जिहाद’ का शिकार होगी निकिता तोमर की तरह तो तुम्हारे साथ भी बिट्टू बजरंगी खड़ा मिलेगा।”

आगे बिट्टू बजरंगी ने कहा, “यह जो मोहम्मद जुबैर मेरे खिलाफ गलत न्यूज बना कर फैला रहा है जबकि अभी फरीदाबाद पुलिस ने कुछ बोला नहीं है। उसके खिलाफ मैं मुकदमा दर्ज करवाऊँगा और उसने जो यह कृत्य किया है, उससे कानून के तहत पूछा जाएगा कि तुमने ऐसी खबर क्यों छापी। मोहम्मद जुबैर एक वामपंथी जो पूरे देश में मेरे खिलाफ ऐसी खबर चला रहा है, प्रशासन इस पर ध्यान दे।”

जुबैर ने सोशल मीडिया पर ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ की झूठी खबर के आधार बिट्टू बजंरगी और उसके भाई के खिलाफ खूब प्रोपेगंडा किया। उसने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, “गौरक्षक बिट्टू बजरंगी के भाई ने अपने ऊपर झूठा हमला करवाया।” उसने फरीदाबाद पुलिस के हवाले से गलत दावे किए।

बिट्टू बजरंगी का बयान ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की रिपोर्ट में उसी दिन जोड़ दिया गया था जिस दिन रिपोर्ट को प्रकाशित किया गया था। हालाँकि, जुबैर ने 24 दिसम्बर को यह पोस्ट साझा की और बिट्टू बजरंगी के बयान को नजरअंदाज कर दिया।

जुबैर का बिट्टू बजरंगी पर ट्वीट

गौरतलब है कि 13 दिसम्बर, 2023 को बिट्टू बजरंगी के भाई महेश को जान से मारने का प्रयास किया गया था। हमलावरों ने महेश के ऊपर फरीदाबाद की दाबुआ कॉलोनी में थिनर डाल कर आग लगा दी थी। महेश को अस्पताल ले जाया गया था जहाँ से उन्हें दिल्ली रेफर कर दिया गया था। महेश का शरीर इस हमले में 60% जल चुका है।

इस हमले के विषय में फरीदाबाद पुलिस के पास मामला दर्ज करवाया गया था जिसकी जाँच हरियाणा पुलिस की SIT कर रही है। इसी मामले में 22 दिसम्बर, 2024 को ‘हिन्दुतान टाइम्स’ में लीना धनखड़ नाम की एक पत्रकार ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी।

HT में प्रकाशित इस खबर में लिखा था कि फरीदाबाद पुलिस ने कहा है कि बिट्टू बजरंगी के भाई अलाव में गिर जाने के कारण जल गए थे और उनकी हत्या के प्रयास के कोई सबूत नहीं हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हवाले से कहा गया था कि बिट्टू बजरंगी के भाई महेश पांचाल के जलने के मामले में पुलिस में फर्जी शिकायत दर्ज कराई गई और एक गौतस्कर को इसमें फँसाया गया।

हालाँकि, ऑपइंडिया से बातचीत में पुलिस ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ की इस खबर को नकार दिया था। फरीदाबाद के ACP ने इस खबर के बारे में बताए जाने पर पूछा कि आखिर पुलिस में किसने इस केस को फेक बता दिया? उन्होंने कहा कि ये बात ठीक है कि अभी इस मामले में आरोपित के खिलाफ सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि केस फर्जी होने की बात कही गई है। उन्होंने इसकी पुष्टि की थी कि बिट्टू बजरंगी के भाई जल गए हैं।

उन्होंने कहा कि ये जाँच का विषय है कि वो कैसे जले, किसने जलाया और किस वजह से जले। उन्होंने कहा कि अभी तक न तो किसी को क्लीन चिट दी गई है और न ही जाँच खत्म हुई है, बल्कि जाँच अभी चल ही रही है। उन्होंने ये भी कहा था कि अभी पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँची है।

भारतीयों से भरे विमान को फ्रांस ने 3 दिन बाद दी उड़ने की इजाजत, मानव तस्करी के शक में रोका गया था: केस कोर्ट में रद्द

फ्रांस में हवाई अड्डे पर रोकी गई 303 यात्रियों (ज्यादातर भारतीयों) से भरी फ्लाइट को सोमवार (25 दिसंबर, 2023) को उड़ान भरने की मंजूरी दे दी गई। रोमानियाई चार्टर कंपनी लीजेंड एयरलाइंस की ये फ्लाइट दुबई से 21 दिसंबर, 2023 को निकारागुआ के लिए रवाना हुई थी।

हवाई सफर के दौरान इस फ्लाइट ए340 को फ्रांस के पेरिस से 150 किलोमीटर पूर्व में स्थित वैट्री हवाई अड्डे पर अधिकारियों ने रोक लिया था। इस फ्लाइट को फ्रांस के अधिकारियों ने मानव तस्करी के संदेह के चलते रोका था।

उड़ान की परमिशन मिलने के बाद अभी ये साफ नहीं है कि ये फ्लाइट कहाँ जाएगी। भारत या फिर अपने गंतव्य निकारागुआ तक या फिर दुबई जहाँ से ये फ्लाइट रवाना हुई थी।

फ्रांस (France) के टीवी और रेडियो न्यूज नेटवर्क ‘बीएफएम टीवी’ ने बताया कि विमान को जाने की अनुमति देने के बाद फ्रांसीसी जजों ने प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण 300 से अधिक यात्रियों को रोके जाने के मामले की सुनवाई को रद्द कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, दुबई से निकारागुआ के लिए रवाना हुई रोमानियाई चार्टर कंपनी लीजेंड एयरलाइंस की ये फ्लाइट जैसे ही ईंधन भरने के लिए फ्रांस के वैट्री एयरपोर्ट पर उतरी थी, उसी वक्त वहाँ फ्रांस की पुलिस पहुँच गई और मानव तस्करी के संदेह में इसे वहीं रोक लिया गया।

दरअसल, फ्रांस के अधिकारियों को सूचना मिली थी कि ए340 विमान में ऐसे लोग आ रहे हैं जो मानव तस्करी के शिकार हो सकते हैं। इसके बाद फ्रांस की राष्ट्रीय संगठित अपराध विरोधी यूनिट जुनाल्को (JUNALCO) ने जाँच अपने हाथ में ले ली थी।

ए340 में सवार 303 यात्रियों में 11 नाबालिग भी थे। इनके साथ फ्लाइट में कोई नहीं था। वैट्री हवाई अड्डे पर रोके गए इन यात्रियों को वैट्री हवाई अड्डे के मुख्य टर्मिनल भवन में रखा गया था। उनके वहाँ रात भर रुकने के लिए 22 दिसंबर 2023 को अलग-अलग खाटें लगाई गईं थी। माना जा रहा कि अवैध रूप से अमेरिका या कनाडा में जाने के लिए इन यात्रियों ने मध्य अमेरिका की यात्रा की योजना बनाई होगी।

चार न्यायाधीशों ने इन 303 यात्रियों से उनकी यात्रा की शर्तों और मकसद को लेकर रविवार (24 दिसंबर,2023) को पूछताछ भी की थी। वहीं दो यात्रियों को यह पता लगाने के लिए हिरासत में लिया गया था कि क्या वे इस परिवहन में अन्य लोगों से अलग थे, अगर हाँ तो किन हालात और किस मकसद से थे।

वहीं दूसरी तरफ लीजेंड एयरलाइंस के वकील लिलियाना बकायोको ने इस संबंध में कहा कि उनकी कंपनी का मानना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने ‘मानव तस्करी’ में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया। लिलियाना ने बताया कि एक ‘साझीदार’ कंपनी ने विमान को किराए पर लिया था और वही प्रत्येक यात्री के पहचान दस्तावेज को सत्यापित करने के लिए जिम्मेदार थी।

लिलियाना ने कहा कि पूरा केस, निपटारे के लिए फ्रांसीसी अधिकारियों के पास है। उन्होंने ये भी कहा था कि अगर अभियोजकों ने आरोप दायर किए तो एयरलाइन कानूनी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होगी।

फ्रांस में भारतीय दूतावास ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा था, “फ्रांसीसी अधिकारियों ने हमें सूचित किया कि दुबई से निकारागुआ जा रहे एक विमान में 303 लोग सवार थे, जिनमें ज्यादातर भारतीय मूल के लोग थे, जिन्हें फ्रांसीसी हवाई अड्डे पर तकनीकी रुकावट के कारण हिरासत में लिया गया था। दूतावास की टीम पहुँच गई है और काउंसलर एक्सेस ले लिया गया है। हम स्थिति की जाँच कर रहे हैं, यात्रियों की भलाई भी सुनिश्चित कर रहे हैं।”

बता दें कि फ्रांस में किसी विदेशी नागरिक को उसके इच्छित गंतव्य तक यात्रा करने से सीमा पुलिस शुरू के चार दिन तक रोक सकती है। फ्रांसीसी कानून इस अवधि को आठ दिनों से लेकर 26 दिन तक बढ़ाने की मंजूरी भी देता है। वहाँ पर मानव तस्करी के लिए 20 साल तक की सज़ा का प्रावधान है।

‘वो जीवनपर्यन्त राष्ट्र निर्माण को गति देने में जुटे रहे’: PM मोदी ने जयंती पर ‘सदैव अटल’ पहुँच कर पूर्व प्रधानमंत्री को अर्पित की श्रद्धांजलि, CM योगी के साथ जन्मस्थली भी पहुँचेंगे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के संस्थापक स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उनके समाधि स्थल ‘सदैव अटल’ पर पहुँच कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उनके अलावा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी समाधि स्थल पर पहुँचे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री को उनकी समाधि को नमन किया। प्रधानमंत्री ने एक वीडियो सन्देश के जरिए भी पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी है।

प्रधानमंत्री ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “पूर्व प्रधानमंत्री आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी जयंती पर देश के सभी परिवारजनों की ओर से मेरा कोटि-कोटि नमन। वे जीवनपर्यंत राष्ट्र निर्माण को गति देने में जुटे रहे। माँ भारती के लिए उनका समर्पण और सेवा भाव अमृतकाल में भी प्रेरणास्रोत बना रहेगा”

प्रधानमंत्री ने कहा कि माँ भारती के लाडले अटल बिहारी का जीवन राष्ट्र को समर्पित रहा। वह पल-पल राष्ट्र के लिए जिए। ऐसे व्यक्तित्व बहुत कम होते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें परिस्थिति को साधने वाला बताया। प्रधानमंत्री ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के साथ कुछ यादें भी साझा की।

प्रधानमंत्री के अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के आगरा जनपद में उनके स्थान बटेश्वर पहुँचेंगे। यहाँ वह एक सांस्कृतिक संकुल केंद्र का उद्घाटन करेंगे। यहाँ उनकी स्मृति कृषि मेला और कवि सम्मेलन का भी आयोजन हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि अटल जी ने यह दिखाया कि स्थिर सरकार देश के लिए लाभप्रद होती हैं। वह राजनीति के अजातशत्रु थे।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसम्बर 1924 को आगरा के बटेश्वर गाँव में हुआ था। वह भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। उन्होंने 1950 के दशक से अपनी संसदीय यात्रा चालू की थी जो कि अनवरत 2009 तक चलती रही। वह जनता दल की सरकार में देश के विदेश मंत्री भी बने थे। उन्होंने लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओ के साथ मिलकर भाजपा की स्थापना की थी। स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे।

सबसे पहले वह वर्ष 1996 में 13 दिन, फिर 1998 से 1999 में 13 महीने और फिर 1999 से 2004 तक पाँच वर्षों के लिए भारत के प्रधानमंत्री बने। उनकी सरकार के दौरान कारगिल युद्ध जैसे निर्णायक पल भारत के लिए आए।