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गरीबों को कुछ भी फ्री में न बाँटा जाए, बदले में वो भी कुछ दें: Infosys के संस्थापक नारायणमूर्ति, कहा- चीन की नीतियों से सीखना जरूरी

टेक कम्पनी इनफ़ोसिस (Infosys) के संस्थापकों में से एक एन आर नारायणमूर्ति ने कहा है कि देश में कुछ भी मुफ्त में नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा है कि अब भी कुछ फ्री में दिया जाए तो इसके बदले में सरकार लोगों से कुछ करवाए। उन्होंने चीन की आर्थिक तरक्की का उदहारण भी दिया है।

नारायणमूर्ति ने हाल ही में युवाओं के 70 घंटे काम करने वाला बयान दिया था जिस पर सोशल मीडिया पर काफी बहस हुई थी। अब उन्होंने सरकारों द्वारा लोगों को मुफ्त चीजें बाँटने पर बात की है। उन्होंने यह बातें बेंगलुरु टेक समिट 2023 में निखिल कामथ से बातचीत में कही है।

नारायणमूर्ति ने कहा, “जब आप मुफ्त सुविधाएँ देते हैं। जब आप ऐसी सब्सिडी देते हैं, तो सरकार को लोगों से बदले में भी कुछ लेना चाहिए। उदाहरण के तौर पर यदि सरकार बिजली देना चाहती है तो उसे लोगों से कहना चाहिए कि हम तभी यह बिजली तभी देंगे जब प्राथिमक और माध्यमिक विद्यालयों में 20% उपस्थिति बढ़ेगी।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं मुफ्त सुविधाओं के विरोध में नहीं हूँ। मैं भी समझता हूँ क्योंकि मैं गरीब परिवार से आता हूँ। लेकिन हमें इनके बदले में उन लोगों से कुछ चीजों की आशा करनी चाहिए जैसे कि वह अपनी, अपने बच्चों की और अपने से बड़े लोगों की जिन्दगी बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहिए।”

नारायणमूर्ति ने यह भी कहा,

“हमारे नेताओं को चीन की नीतियों को बहुत बारीकी से पढ़ना चाहिए। चीन के साथ भी हमारी जैसी ही बहुत सी समस्याएँ थी लेकिन उसकी जीडीपी अब हमसे पाँच-छः गुना बड़ी है। इसलिए मैं अपने नेताओं से यह विनती करूँगा कि चीन को बारीकी से समझें और देखें कि क्या अच्छी चीजें हम अपने यहाँ लागू कर सकते है, जिससे भारत भी चीन के जैसी ही तरक्की करे और अपने लोगों की गरीबी को घटाने में सफल हो।”

उनका कहना है कि दयावान पूंजीवाद ही भारत में सफल हो सकता है। नारायणमूर्ति ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत में हुई तरक्की की भी तारीफ़ की है। वह इससे पहले कॉन्ग्रेस सरकार की आलोचना भी कर चुके हैं।

रेप केस में पीड़ित महिला का बयान सबसे बड़ा सबूत नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट, बदला लेने के लिए केस कराने की बढ़ती प्रवृत्ति देख की टिप्पणी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार (28 नवंबर 2023) को एक मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि बलात्कार के केस में पीड़ित महिला का बयान सबसे बड़ा सबूत नहीं हो सकता है। दरअसल, जज ने झूठे और बदला लेने के इरादों से बलात्कार के केस दर्ज कराने के मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर यह टिप्पणी की।

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अनन्या बंदोपाध्याय ने कहा, “बलात्कार की पीड़िता के घायल होने को ही ‘स्टर्लिंग विटनेस’ बताया गया है। एक रूढ़िवादी समाज में एक महिला खुद को या अपने परिवार को अपमानित नहीं करती है। ऐसी महिला खराब नैतिक व्यवहार का प्रदर्शन नहीं करती है। हालाँकि, ऐसी स्थिति को सार्वभौमिक नहीं माना जा सकता है।”

जज बंदोपाध्याय ने कहा कि ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहाँ पीड़िता ने झूठ या बदला लेने के इरादे से रेप के केस दर्ज करवाए हैं। इन टिप्पणियों के साथ ही जज ने रेप और घर में जबरन घुसने के आरोप में जेल काट रहे एक दोषी को अपील की अनुमति दे दी।

मामला साल 2006 का है। दोषी व्यक्ति पर आरोप है कि उसने अपने पड़ोस में रहने वाली एक महिला के घर में जबरदस्ती घुस गया। वहाँ महिला को अकेली देखकर उसका बलात्कार किया। इस दौरान दोषी ने महिला के मुँह में कपड़ा ठूँस दिया, ताकि उसकी आवाज कोई सुन ना सके।

महिला ने अपने बयान में कहा था कि जब शख्स पुरुलिया स्थित उसके घर में घुसा था, तब वह अकेली थी। हालाँकि, कोर्ट में जब क्रॉस सवाल हुए तब उसने बताया कि जिस समय शख्स उसके घर में घुसा था, उस वक्त वह अपने बच्चे को स्तनपान करा रही थी।

कोर्ट के ध्यान में यह भी गया कि मेडिकल रिपोर्ट में विशेष तौर पर बलात्कार की बात नहीं है। यहाँ तक कि रेप की घटना के दौरान रेप पीड़िता द्वारा पहने गए कपड़ों की फोरेंसिक जाँच से संबंधित रिपोर्ट भी कोर्ट के रिकॉर्ड में थी। इस दौरान कोर्ट ने पाया कि महिला के बयानों में कई तरह की असमानता है।

कोर्ट ने माना कि यह जब पीड़िता के बच्चे को जमीन पर फेंक दिया गया था, तब उसने कोई आवाज नहीं उठाई, यह बात भी अस्वाभाविक सी है। दरअसल, पुरुलिया की कोर्ट ने पीड़िता के बयान के आधार पर शख्स को रेप का दोषी ठहराकर सजा सुनाई थी।

2 बीवी, 6 गर्लफ्रेंड और 9 बच्चे… मिलिए उस ठग से जो पैसा डबल करने के नाम पर चूरन वाले नोट थमाता था, लखनऊ पुलिस ने पकड़ा

लखनऊ पुलिस ने एक ऐसे ठग को गिरफ्तार किया है जो कि लोगों को नकली नोट देकर पैसा हड़पता था। इस ठग का नाम अजीत मौर्या है। अजीत ने बताया है कि वह अपनी 2 बीवी, 6 गर्लफ्रेंड और 9 बच्चों के लिए यह फर्जीवाड़ा करता था।

उसे लखनऊ पुलिस ने सरोजिनी नगर से पकड़ा है। 27 नवम्बर 2023 को लखनऊ पुलिस के सामने एक व्यक्ति ने यह जानकारी दी थी कि उसे पैसे डबल करने का लालच देकर अजीत मौर्या उर्फ़ रमेश ने उसके ₹3 लाख की ठगी कर ली।

अजीत मौर्या कुछ साथियों के साथ मिलकर यह काम करता था। उसने पूछताछ के दौरान बताया कि वह और उसके साथी लोगों को फ़ोन कर के पैसों को डबल करने का लालच देते हैं। इसके लिए सबसे पहले उसका एक साथी मुंबई से फ़ोन करता है और लोगों को फँसाता है।

इसके बाद यह लोग उस आदमी को समझाते हैं कि वह नेपाल से नकली नोट लाते हैं जो बिलकुल असली लगते हैं। यह एक नोट के बदले दो नोट देने का झाँसा देते हैं। आगे, जिससे ठगी की जा रही है, उसको विश्वास हो जाए इसके लिए वह पहले कुछ असली नोट देकर ही कहते हैं कि यह नकली नोट हैं।

वह पीड़ितों से इन्हें बाजार में चलाने के लिए कहते हैं। असली नोट होने के कारण पीड़ित उन्हें बाजार में जब सफलतापूर्वक चला लेता है तो वह इनके झाँसे में आ जाता है। इसके बाद जब पीड़ित उन्हें अधिक रुपए देता है तो इसके बदले में उसे यह ठग चूरन वाली नोटों की गड्डी पकड़ा देते हैं, इनमें ऊपर असली नोट लगे होते हैं।

पैसे की अदलाबदली यह ठग भीड़भाड़ वाले स्थान पर करते थे जिससे यह जल्दी भाग जाएँ और भीड़ में कोई इन्हें पकड़ ना पाए। यदि कोई नोट चेक करने की बात करता है तो यह भीड़ का बहाना बनाते हैं और पीड़ित से कहीं आराम से चेक करने को कहते हैं।

लखनऊ पुलिस ने अब इस मामले में अजीत मौर्या नाम के एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। अजीत गोंडा जिले का रहने वाला है। यह भी जानकारी सामने आई है कि अजीत ने वर्ष 2000 में मुंबई में एक महिला से शादी की थी जिसके साथ उसके 7 बच्चे हैं। वह 2010 में अपने गाँव लौट आया लेकिन यहाँ कोई कामधाम ना मिलने के कारण चोरी चकारी करने लगा।

उसने 2012 में एक और संगीता नाम की महिला से शादी कर ली जिसके साथ उसके 2 बच्चे और हैं। उसने इन दोनों बीवियों के लिए दो अलग-अलग घर बना रखे थे। यह भी सामने आया है कि वह रील्स भी बनाता था और उसने 6 गर्लफ्रेंड भी बना रखी थी। ठगी के पैसों से वह शानदार जिन्दगी जीता था। उसके पास से एक स्कार्पियो गाड़ी भी बरामद हुई है जिस पर उसने फर्जी नम्बर लगाया हुआ था। पुलिस का कहना है कि अजीत मौर्या पर पहले से सात मुकदमे दर्ज हैं और इसके दो साथियों को अभी पकड़ा जाना बाकी है।

चीन को वॉलमार्ट से भी झटका, अब भारत से सामान ले रही अमेरिकी कंपनी: 5 साल में 10 गुना बढ़ा आयात

अमेरिकी रिटेलस्टोर चेन वॉलमार्ट अपनी जरूरत का लगभग एक चौथाई सामान भारत से ले रही है। जहाँ वह भारत से आयात बढ़ा रही है, वहीं चीन पर से अपनी निर्भरता भी कम कर रही है। वॉलमार्ट पहले चीन से सामान लेकर अमेरिका में बेचा करती थी, लेकिन अब वह भारत से सामान ले रही है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार वेबसाइट रॉयटर्स की एक रिपोर्ट बताती है कि वॉलमार्ट ने वर्ष 2023 में जनवरी-अगस्त के बीच में अमेरिका के लिए बाहर से खरीदे जाने वाले सामान में से 60% चीन से खरीदा। यह 2018 में 80% था। इसके उलट भारत से इसने लगभग 25% सामान आयातित किया। वर्ष 2018 में वॉलमार्ट भारत से मात्र 2% सामान खरीदती थी।

वालमार्ट के CEO डौग मैकमिलन के साथ प्रधानमंत्री मोदी
वालमार्ट के CEO डौग मैकमिलन के साथ प्रधानमंत्री मोदी (चित्र साभार: @narendramodi/X)

गौरतलब है कि वॉलमार्ट समेत तमाम बहुदेशीय कम्पनियाँ चीन पर निर्भरता कम करना चाह रही हैं। इन कम्पनियों के पास चीन के विकल्प के रूप में भारत ही सबसे मुफीद विकल्प है। भारत में श्रम की सस्ती लागत के कारण यहाँ से बाहर जाने वाला माल अन्य देशों की तुलना में सस्ता पड़ता है।

आँकड़े बताते हैं कि वॉलमार्ट इस समय भारत से प्रति वर्ष 3 बिलियन डॉलर (लगभग ₹25,000 करोड़) का सामान आयातित कर रही है। यह भारत के कुल सामान आयात का 0.6% हैं। वॉलमार्ट का लक्ष्य है कि वह आने वाले सालों में भारत से प्रति वर्ष 10 बिलियन डॉलर (लगभग ₹83,000 करोड़) के आयात करेगी।

वॉलमार्ट अमेरिका की सबसे बड़ी रिटेल स्टोर चेन है। इसके पास अमेरिका में 4,600 से अधिक, जबकि पूरे विश्व में लगभग 10,000 स्टोर हैं। यह दुनिया की सबसे प्रभावशाली कम्पनियों में से एक है। इसके भारत से सामान आयात करने के कारण भारत में स्थानीय इंडस्ट्री मजबूत हो रही है।

चीन का निर्यात घटना भी भारत के लिए एक शुभ संकेत है। चीन से जो विदेशी कम्पनियाँ सस्ते में तैयार माल खरीद रही थीं, अब चीन में आर्थिक तरक्की होने के कारण ऐसा नहीं कर पा रही हैं। ऐसे में उन्हें भारत एक विकल्प के तौर पर मिला है।

मात्र वॉलमार्ट ही नहीं, बल्कि अमेज़ॉन और एप्पल जैसी अमेरिकी कम्पनियाँ भी भारत में ही अधिक निर्माण का लक्ष्य बना रही हैं। एप्पल लगातार भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही है। एप्पल ने वित्त वर्ष 2023-24 के मात्र 6-7 मात्र महीनों में ही 5 बिलियन डॉलर (लगभग ₹41,000 करोड़) के स्मार्टफोन भारत से निर्यात किए हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार कहते आए हैं कि भारत को ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ के फार्मूले पर चलना होगा। प्रधानमंत्री का कहना है कि भारत को अपनी अर्थव्यवस्था बढ़ाने के लिए विश्व में आपूर्तिकर्ता का स्थान लेना होगा। मई 2023 में वॉलमार्ट के CEO डौग मैकमिलन प्रधानमंत्री मोदी से मिले भी थे।

योग कैंप में करवाता था हस्तमैथुन, 1000 कुँवारी लड़कियों से सेक्स का था टारगेट: पेरिस में सनकी योगा टीचर गिरफ्तार

फ्रांस में ग्रेगोरियन बिवोलारू नाम का एक सनकी योगा टीचर गिरफ्तार हुआ है। उसका मकसद 1000 वर्जिन महिलाओं के साथ सेक्स करना था। फ्रांस पुलिस ने उसे बलात्कार, मानव तस्करी और अपहरण के मामले में गिरफ्तार किया। कथिततौर पर ग्रेगोरियन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध योग शिक्षक और लेखक है।

द सन की रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्रांसीसी न्यायिक अधिकारी ने उसे पकड़ने के लिए उसकी संस्था ‘मूवमेंट फॉर स्पिरिचुअल इंटीग्रेशन इनटू द एब्सोल्यूट (MISA)’ के खिलाफ छापा मारा और बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर इस योग टीचर समेत 41 लोगों को गिरफ्तार किया।

इसके बारे में कहा जाता है कि अध्यात्म की इंतेहा तक पहुँचने के लिए 1000 वर्जिन लड़कियों के साथ सेक्स करने की इच्छा रखता था। महिलाओं ने इसके खिलाफ इल्जाम लगाया था कि ये उनकी इच्छा के बिना उन्हें बंदी बनाता था। इसके अलावा आरोप थे कि ये लोगों से जबरन सेक्स करवाता था और पोर्न फिल्म में परफॉर्म करने के लिए उनके ऊपर दबाव बनाता था। फिनलैंड में इस पर मानव तस्करी के आरोप लगे थे जबकि भारत में और अर्जेंटीना में इस पर पोर्नोयोगा का आरोप लगा था।

बता दें कि इससे पहले इस योग टीचर के ऊपर 2013 में नाबालिग से सेक्स करने का आरोप लगा था। सजा के वक्त वह फ्रांस में था। हालाँकि बाद में उसे उसके गृह देश में प्रत्यर्पित कर दिया गया। मौजूद जानकारी बताती है कि ये योग टीचर 17 साल की उम्र से योग टीचिंग करने लगा था। वह तांत्रिक ज्ञान देने के बदले 15 साल से कम उम्र की वर्जिन लड़कियों संग सेक्स की माँग करता था। अब उसके योग सेंटर 30 से ज्यादा देशों में हो गए हैं। भारत में उसके योग संस्थान का नाम ‘सत्या’ है।

15 साल की उम्र में इस कथित योग गुरु के साथ सेक्स करने वाली एक लड़की ने बताया कि तांत्रिक ज्ञान के उच्चतम स्तर को पाने के लिए उसने योग टीचर के साथ सेक्स किया था। उसी लड़की ने यह भी बताया कि अपार्टमेंट में लगातर लड़कियाँ आती हैं। उसका (योग गुरु) मानना है कि अगर वो 1000 वर्जिन लड़कियों के साथ सोएगा तो उसे मोक्ष प्राप्त हो जाएगा।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस योग गुरु की संस्था MISA गर्मियों में समर कैंप आयोजित करता था। इसमें मिस शक्ति कंपीटिशन कराया जाता था जिसकी एक एक्टिविटी वीडियो कैमरे के सामने खड़े होकर हस्तमैथुन करने की थी। रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि इस योग गुरु के कैंप में जाने से पहले सिफलिस और एचआईवी का टेस्ट अनिवाकर्य होता है।

जर्मनी से बैंकॉक जा रहा था विमान, पति-पत्नी के झगड़े ने दिल्ली में कराई इमरजेंसी लैंडिंग: पाकिस्तान ने नहीं दी उतरने की इजाजत

पति-पत्नी के झगड़े के कारण एक विमान को दिल्ली के इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। लुफ्थांसा एयरलाइन का यह विमान जर्मनी के म्युनिख से थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक जा रहा था। झगड़े के बाद फ्लाइट क्रू ने पहले पाकिस्तान में आपातकालीन लैंडिंग की अनुमति माँगी। लेकिन इजाजत नहीं मिलने के बाद विमान को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतारा गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, लुफ्थांसा एयरलाइन्स की फ्लाइट LH772 ने बुधवार (29 नवंबर 2023) को म्युनिख से बैंकॉक के लिए उड़ान भरी। विमान के टेकऑफ करने के बाद ही इसमें सवार मियाँ-बीवी में झगड़ा शुरू हो गया। एक जर्मन यात्री और उसकी थाई पत्नी के बीच तीखी बहस हुई। पति ने खाना फेंक दिया। सिगरेट लाइटर से कंबल जलाने की कोशिश की। पत्नी ने प्लेन के पायलट से पति के इस व्यवहार को लेकर शिकायत की।

एक अधिकारी के मुताबिक, पत्नी ने पायलट से शिकायत में कहा था कि उसे धमकी दी जा रही है और वो उनसे दखल देने की माँग करती है। कपल के झगड़े को रोकने की केबिन क्रू ने भरसक कोशिश की। लेकिन पत्नी पर पति जोर से चिल्लाता रहा और क्रू से भी उलझने लगा। बहस बढ़ती देख केबिन क्रू ने फ्लाइट को डायवर्ट करने का फैसला लिया। पाकिस्तान द्वारा इमरजेंसी लैंडिंग का अनुरोध ठुकराए जाने के बाद फ्लाइट को दिल्ली में लैंड कराया गया। फ्लाइट LH772 सुबह 10:26 बजे इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर उतरी।

इसके बाद पायलटों ने एटीसी से संपर्क किया और उन्हें बेलगाम यात्रियों के बारे में बताया। पति के उग्र व्यवहार के चलते उसे एयरपोर्ट अधिकारियों के हवाले कर दिया गया। बताया जा रहा कि उसे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के कर्मियों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर ही उतार लिया था। वहीं उसकी थाई पत्नी ने बैंकॉक की अपनी यात्रा जारी रखने का फैसला किया, क्योंकि वह एक अलग टिकट पर यात्रा कर रही थी।

DGCA के एक अधिकारी के मुताबिक, एयरलाइंस इस यात्री को लेकर जर्मन दूतावास के साथ संपर्क में है। वही जर्मनी की लुफ्थांसा एयरलाइंस ने आधिकारिक बयान में कहा कि प्लेन को एक बेलगाम यात्री की वजह से डायवर्ट किया गया था। लुफ्थांसा ने कहा है, “इस केस से जुड़े लोगों को अधिकारियों को सौंप दिया गया है। बैंकॉक के लिए उड़ान मामूली देरी के साथ रवाना कर दी गई है। हमारे यात्रियों और चालक दल की प्लेन में सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

सबरीमाला मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों को शौचालय के पानी में पका खाना खिला रहा था अब्दुल, रंगे हाथों पकड़ाया: CPIM का है नेता

केरल में सत्ताधारी CPIM के यूथ विंग के नेता अब्दुल शमीम पर सबरीमाला मंदिर जाने वाले तीर्थयात्रियों को शौचालय के पानी में पका हुआ भोजन परोसने का आरोप लगा है। अयप्पा सेवा संघ का दावा है कि शमीम को ऐसा करते हुए उसने रंगे हाथों पकड़ा है। राजस्व सतर्कता दस्ते और स्वास्थ्य विभाग ने आरोपित अब्दुल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

दरअसल एरुमेली में अब्दुल शमीम द्वारा एक फूड स्टॉल चलाया जा रहा था। यह फूड स्टॉल केरल के प्रतिष्ठित सबरीमाला मंदिर के रास्ते में हैं। जिस समय तीर्थयात्रा को लेकर भीड़ रहती है, उस समय बड़ी संख्या में तीर्थयात्री अब्दुल के फूड स्टॉल वाले रास्ते से गुजरते और यहाँ खाना भी खाते हैं।

रास्ते में पड़ने वाले इस इलाके का अयप्पा सेवा संघ ने जायजा लिया। संघ का दावा है कि इस स्टॉल में शौचालय के पानी में पका हुआ भोजन तीर्थयात्रियों को परोसा जा रहा है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ये फूड स्टॉल चाय और नींबू का जूस बनाने के लिए पानी का इस्तेमाल बगल के एक शौचालय से एक पाइप के जरिए कर रहा था।

अब्दुल शमीम के फूड स्टॉल में शौचालय से जा रहा पानी का पाइप (फोटो साभार: Republic)

रिपब्लिक टीवी के मुताबिक, बगल के बाथरूम से निकल कर नीले रंग की एक पाइप पेय पदार्थ बेचने वाले स्टॉल तक गई है। शुरू में स्टॉल के मालिक ने दावा किया कि शौचालय के पानी का इस्तेमाल केवल बर्तन धोने के लिए किया जाता था, खाना पकाने के लिए नहीं। वहीं, सामने आए सबूत कुछ और ही कह रहे थे।

अयप्पा सेवा संघ को इस फूड स्टॉल पर तब शक हुआ, जब आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैलनी शुरू हो गई। संघ ने खुलासा किया कि फूड स्टॉल अब्दुल चला रहा था। अब्दुल इस इलाके में सीपीआईएम की युवा शाखा डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) का सचिव है।

यह भी पता चला कि आरोपित लगभग दो हफ्ते से भगवान अयप्पा के पास दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को शौचालय के पानी का इस्तेमाल करके बनाया हुआ खाना परोस रहा था। इसके बाद, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर इस फूड स्टॉल का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के बाद फूड स्टॉल को स्टॉप मेमो जारी किया गया है। एरुमेली के विशेष राजस्व दस्ते के प्रभारी अधिकारी एवं उप तहसीलदार बीजू जी नायर के मुताबिक, जाँच अभी जारी है। नायर ने कहा कि आने वाले दिनों में और निरीक्षण करने का प्लान किया गया है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस मामले में जवाबदेही फूड स्टॉल मालिक से आगे भी है। उप तहसीलदार नायर ने कहा कि इस मामले में उस ठेकेदार के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी, जिसने शौचालय के नल से पाइप कनेक्शन की मंजूरी दी थी।

वहीं, मनोरमा ऑनलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्व विभाग की एक सतर्कता टीम ने सबरीमाला तीर्थयात्रियों का खाना बनाने के पानी के लिए टॉयलेट के नल से पाइप जोड़ने के काम में फूड स्टॉल विक्रेता को पकड़ा था। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत दखल देते हुए इस अस्थाई दुकान को बंद कर दिया और लाइसेंसधारक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

इस दुकान को गैर-खाद्य वस्तुएँ बेचने के लिए अस्थाई लाइसेंस दिया गया था। हालाँकि, ये विक्रेता उसका नियम का भी उल्लंघन कर रहा था। इसे लेकर पुलिस को बार-बार कॉल करने के बाद भी कोई मामला दर्ज नहीं किया गया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस टीम मौके पर मौजूद थी, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। वहीं, भाजपा की स्थानीय इकाई ने आरोप लगाया कि सीपीआईएम और कॉन्ग्रेस दुकान मालिक को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके कारण मामला दर्ज नहीं हो रहा है।

माँ की मौत के बाद शव के साथ एक साल से रह रहीं थीं दो बेटियाँ: दुर्गंध मिटाने के लिए घर में जलाती थीं अगरबत्ती, ऐसे हुआ मामले का खुलासा

उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ उषा त्रिपाठी नाम की एक महिला की मौत हो जाने के बाद उनकी दो जवान बेटियाँ पिछले एक साल से शव के साथ कमरे में रह रही थीं। शव बुरी तरह सड़कर कंकाल बचे हुए थे। पुलिस ने बहुत मशक्कत के बाद दोनों बेटियों को कंकाल से अलग किया।

दरअसल, पड़ोसियों ने काफी दिन तक महिला और उसकी बेटियों को बाहर निकलते नहीं देखा तो उन्हें कुछ आशंका हुई। इसके बाद पड़ोसियों ने महिला के रिश्तेदार को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस महिला के घर पर पहुँची तो दरवाजा अंदर से बंद था। बहुत कोशिश के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस उसे तोड़कर अंदर दाखिल हुई।

अंदर का नजारा देखकर हर कोई हैरान रह गया। एक महिला की शव के साथ उसकी दो बेटियाँ सो रही थीं। शव कंकाल बन चुका था। जब दोनों बेटियों ने लोगों को अपने घर में देखा तो वे कंकाल से लिपट कर रोने लगीं। उन्होंने कंकाल को चादर और कंबल से ढक रखा था। इसके बाद पुलिस ने लोगों की सहायता से दोनों महिलाओं को कंकाल से अलग किया।

मामला बनारस के लंका थाना के मदरवा घाट का है। यहाँ 52 साल की ऊषा त्रिपाठी अपनी दो बेटियों- 27 साल की पल्लवी त्रिपाठी और 18 साल की वैश्वी त्रिपाठी के साथ रहती थी। करीब दो साल पहले ऊषा का अपने पति से मनमुटाव हो गया था। इसके बाद पति घर छोड़कर चला गया। इस बीच बीमारी के चलते 8 दिसंबर 2022 को ऊषा की मौत हो गई।

माँ की मौत के कारण बेटियों को आघात लगा। वह अपनी माँ के शव को कमरे में बंद करके रख दिया। ऊषा की बीमारी की खबर सुनकर जब रिश्तेदार मिलने आए तो बेटियों ने मिलने से मना कर दिया। उन्होंने रिश्तेदारों से कह दिया कि माँ बहुत ज्यादा बीमार और डॉक्टर ने किसी को मिलने से मना किया है।

लंका SO के मुताबिक, जहाँ पर इनका घर पर वहाँ पर आबादी अभी नहीं बसी है। उनके घर के आसपास भी कोई मकान नहीं है। इसके चलते महिला की मौत और उसके शव से निकलने वाले दुर्गंध का किसी को पता नहीं चल सका। दोनों युवतियाँ दुर्गंध रोकने के लिए घर में अगरबत्ती और धूपबत्ती जलाती थीं और ज्यादातर समय छत पर रहती थीं।

पुलिस ने बताया कि दोनों लड़कियों ने पूछताछ में बताया कि माँ की मौत के बाद शव सड़ने लगा और उसमें से कीड़े निकलने लगे थे। इसके बाद शव से निकलने वाले कीड़ों को वे लोग उठाकर बाहर फेंक देती थीं। वे खाना तो घर में बनाती थीं, लेकिन उसे छत पर ले जाकर खाती थीं। दोनों साथ ही बाहर भी आती-जाती थीं। 

वे अपने परिजनों को भी घर में नहीं आने देती थीं और बाहर से ही लौटा देती थीं। इस घटना के बाद भी सामान्य व्यवहार करती थीं। इससे लोगों को शक नहीं होता था। हालाँकि, पिछले एक सप्ताह से दोनों लड़कियाँ घर से नहीं निकल रही थीं। इसके कारण लोगों को अनहोनी की आशंका हुई और पुलिस के जरिए मामले का खुलासा हुआ।

पड़ोसियों ने बताया कि मृतका उषा त्रिपाठी दो साल पहले घाट पर श्रृंगार का दुकान चलाती थी। वहीं, पल्लवी त्रिपाठी ने मास्टर डिग्री की है, जबकि वैश्वी त्रिपाठी 10वीं में पढ़ती है। यह परिवार मूल रूप से बलिया के रहने वाला है। इस मकान को दोनों के पिता ने ही बनवाया था। लोगों का कहना है कि दोनों लड़कियाँ मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं।

सहरसा से दिल्ली जा रही थी स्पेशल ट्रेन, UP के एक स्टेशन पर रेलगाड़ी खड़ी कर भाग गया ड्राइवर: कहा- मेरी ड्यूटी खत्म, आगे नहीं चलाऊँगा

उत्तर प्रदेश के बुढ़वल जंक्शन पर एक रेलगाड़ी घंटों खड़ी रही क्योंकि उसे चलाने वाले लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और गार्ड ने ये कह दिया था कि उनकी ड्यूटी का समय खत्म हो गया है। आगे वो गाड़ी नहीं लेकर जाएँगे। खबर है कि लोको पायलट का ऐसा रवैया देख यात्रियों ने काफी हंगामा किया।

जानकारी के अनुसार, बिहार के सहरसा से दिल्ली के लिए जा रही छठ पूजा स्पेशल ट्रेन (04021) दोपहर को लगभग सवा एक बुढ़वल जंक्शन पहुँची थी। यहाँ यह गाड़ी प्लेटफार्म संख्या 2 पर आकर रुकी। जहाँ से एक मालगाड़ी को भी क्रॉस होना था।

लोगों को लगा शायद मालगाड़ी क्रॉस होने तक गाड़ी रुकी है, लेकिन ट्रेन गुजरने के एक घंटे बाद भी जब गाड़ी नहीं चली तो यात्रियों ने ट्रेन चलाने में देरी की वजह पूछी। जानकारी करने पर पता चला कि लोको पायलट और सहायक लोको पायलट समेत गार्ड इसे खड़ी करके चले गए हैं और उन्होंने इसके पीछे यह कारण दिया है कि उनकी ड्यूटी का समय खत्म हो गया है।

इसी आधार पर उन्होंने इस रेलगाड़ी को आगे ले जाने से मना कर दिया। इस रेलगाड़ी में लगभग 2,500 यात्री सवार थे। यह यात्री जंक्शन पर उतरकर माँग करने लगे कि तुरंत ही उनकी रेलगाड़ी को आगे भेजा जाए। प्रदर्शन के दौरान गुस्साए यात्रियों ने पीछे से आ रही बरौनी-लखनऊ एक्सप्रेस को रोक लिया। लेकिन उस रेल के यात्री भी फँस गए क्योंकि उसके लोको पायलट का ड्यूटी टाइम भी पूरा गया था।

लोगों के जोरदार हल्ले के बाद यह रेलगाड़ी डेढ़ घंटे बाद रवाना हुई। जिस रेल को पहले रोका गया गया था। वह चार घंटे बाद 5:30 बजे रवाना की जा सकी वो भी तब जब इसके लिए पीछे गोंडा से नया लोको पायलट पहुँचा। इस रेलगाड़ी के कई घंटे जंक्शन पर रुके रहने के कारण यहाँ खाने पीने के सामान की भी समस्या हो गई।

लोको पायलट को लेकर क्या है नियम?

नियमानुसार, एक लोको पायलट से 12 घंटे की ड्यूटी ली जाती है। वह इसके बाद अगले स्टेशन पर दूसरे लोको पायलट को ट्रेन हस्तांतरित करके चले जाते हैं। जिस नए लोको पायलट को रेलगाड़ी मिलती है वह उसे आगे लेकर जाता है।

हालाँकि, एक लोको पायलट अपनी ड्यूटी के घंटे समाप्त होने के बाद रेलगाड़ी को ऐसे ही नहीं छोड़ सकता। यदि नया लोको पायलट नहीं आता है तो उसे गाड़ी को आगे ले जाना होता है। रेलगाड़ी के एक स्टेशन पर बिना किसी कारण के आधे घंटे से अधिक खड़े रहने पर रेलवे बोर्ड जवाब तलब करता है।

बुढ़वल स्टेशन पर इस रेलगाड़ी के रुकने के कारण अन्य कई रेलगाड़ियाँ भी प्रभावित हुईं। बुढ़वल स्टेशन गोंडा-लखनऊ रेल प्रखंड पर स्थित है, यहाँ से एक रेल लाइन सीतापुर जंक्शन से होते हुए दिल्ली और दूसरी लखनऊ की तरफ जाती है।

महिला किसानों को ड्रोन, 25000 जनऔषधि केंद्र, 5 साल मुफ्त अनाज: PM मोदी ने रखा विकसित भारत का लक्ष्य, 51000 लोगों को देंगे नियुक्ति पत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (30 नवंबर 2023) को एक वर्चुअल कार्यक्रम में महिला किसान ड्रोन केंद्र का उद्घाटन किया। दरअसल, केंद्र सरकार महिला सहायता समूहों को 15 हजार ड्रोन देगी। इसके अलावा, उन्होंने देवघर एम्स में 10,000वें औषधि केंद्र का भी उद्घाटन किया है। जन औषधि केंद्रों को 25,000 तक किया जाएगा। पीएम मोदी ने विकसित भारत संकल्प यात्रा के लाभार्थियों से भी बातचीत की।

दरअसल, यह केंद्र महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को ड्रोन प्रदान करेगा, ताकि इस तकनीक का उपयोग आजीविका सहायता के लिए कर सकें। अगले तीन वर्षों के दौरान महिला स्वयं सहायता समूहों को 15,000 ड्रोन उपलब्ध कराए जाएँगे। महिलाओं को ड्रोन उड़ाने और इसे उपयोग करने के लिए जरूरी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यह पहल कृषि में प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्रोत्साहित करेगी।

इसके साथ ही स्वास्थ्य देखभाल को किफायती और सुलभ बनाने के लिए भारत सरकार ने स्वस्थ भारत के दृष्टिकोण को अपनाया है। इसके लिए सरकार सस्ती कीमतों पर दवाएँ उपलब्ध कराने के लिए जन औषधि केंद्र की स्थापना रही है। प्रधानमंत्री ने देवघर AIIMS में ऐतिहासिक 10,000वें जनऔषधि केंद्र को समर्पित किया।

इसके साथ ही उन्होंने देश में जनऔषधि केंद्रों की संख्या 10,000 से बढ़ाकर 25,000 करने के कार्यक्रम की भी शुरुआत की। बता दें कि महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन देने और जनऔषधि केंद्रों की संख्या 10,000 से बढ़ाकर 25,000 करने की घोषणा प्रधानमंत्री ने इस साल अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में की थी।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को अगले पाँच वर्ष के लिए बढ़ाने की मंजूरी दी है। इस पर 11.80 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जाएँगे। इस योजना के तहत आने वाले परिवारों को हर महीने मुफ्त अनाज मिलता रहेगा।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री गुरुवार की शाम को रोजगार मेला को वर्चुअली संबोधित करेंगे। इसमें वे विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़े देश भर के 51,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे। इसका आयोजन शाम को लगभग 4 बजे किया जाएगा।

रोजगार मेला देश भर में 37 स्थानों पर आयोजित किया जाएगा। इस पहल का समर्थन करने वाले केंद्र सरकार के विभागों के साथ-साथ राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों में भर्तियाँ हो रही हैं। देश भर से चुने गए नए कर्मचारी राजस्व विभाग, गृह मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, वित्तीय सेवा विभाग, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और श्रम और रोजगार मंत्रालय सहित विभिन्न मंत्रालयों/विभागों में सरकार में शामिल होंगे।

इन नवनियुक्त लोगों को आईजीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर एक ऑनलाइन मॉड्यूल ‘कर्मयोगी प्रारंभ’ के माध्यम से खुद को प्रशिक्षित करने का भी अवसर मिलेगा। इस पोर्टल पर ‘कहीं भी किसी भी डिवाइस से’ सीखने के प्रारूप के लिए 800 से अधिक ई-लर्निंग पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं।