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ऑस्ट्रेलिया में पाकिस्तानी क्रिकेटरों को बना दिया ‘मजदूर’, ट्रक में लदवाया सामान! वीडियो देख लोग बोले – ये तो अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें पाकिस्तानी खिलाड़ी अपने सामान को एक ट्रक पर मजदूरों की तरह लादते हुए दिख रहे हैं। यह तस्वीरें ऑस्ट्रेलिया के एक एयरपोर्ट के बाहर की हैं। अब इसे लेकर एक्स (पहले ट्विटर) पर पाकिस्तान का मजाक उड़ाया जा रहा है।

दरअसल, पाकिस्तानी की क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैच की टेस्ट सीरीज खेलने के लिए पहुँची है। यह सीरीज 14 दिसंबर, 2023 से चालू होगी। पाकिस्तानी टीम 1 दिसम्बर 2023 को सिडनी एयरपोर्ट पहुँची थी, उनके साथ काफी सारा सामान भी था।

हालाँकि, जब पाकिस्तानी टीम एयरपोर्ट के बाहर अपना सामान लेकर पहुँची तो वहाँ पाकिस्तान के ऑस्ट्रेलियाई दूतावास से कोई भी अधिकारी उन्हें रिसीव करने नहीं पहुँचा। यहाँ पर अन्य सपोर्ट स्टाफ भी पाकिस्तान टीम के लिए पहुँचा। इस कारण से पाकिस्तान की टीम को अपना सामान खुद ही ट्रक में लोड करना पड़ा।

इस घटना के कुछ वायरल वीडियो में पाकिस्तान टीम के मोहम्मद रिजवान, बाबर आजम और शाहीन आफरीदी जैसे खिलाड़ी एक ट्रक में सामान ढोते दिखते हैं। यहाँ रिजवान ट्रक पर हैं और बाकी खिलाड़ी नीचे से उन्हें सामान पकड़ा रहे हैं। वह इस सामान को इस ट्रक में डाल रहे हैं। यहाँ अन्य कोई भी स्टाफ नहीं दिखता है।

अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। भारतीय फैन्स इस पर पाकिस्तान टीम के मजे ले रहे हैं। इसे पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय बेइज्जती बताया जा रहा है। एक फैन ने इसे पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की सबसे बड़ी बेइज्जती बताया।

एक यूजर का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को औकात दिखा दी। लोगों ने मजे लेते हुए यह भी कहा कि चेक कर लें कि उनका वापस आने का टिकट भी किया गया है या नहीं।

पाकिस्तान के कुछ फैन्स इसका बचाव यह कह कर रहे हैं कि ऐसा करके पाकिस्तानी टीम ने नई मिसाल पेश की है जबकि कुछ इस पर दुख जता रहे हैं।

पाकिस्तानी यह भी दावा कर रहे हैं कि यह उनकी टीम की खुद की पहल थी और एयरपोर्ट या दूतावास की इस मामले में कोई गलती नहीं है।

हालाँकि, कुछ लोगों का कहना है कि किसी भी देश के खिलाड़ियों के साथ ऐसा सलूक नहीं होना चाहिए।

‘ओरल सेक्स’ वाले प्रोफेसर इफ्तिखार के खिलाफ डॉक्टर हो या वकील… सबको ‘रास्ते से हटाया’ जा रहा: केरल यूनिवर्सिटी का मामला

अंग्रेजी साहित्य पढ़ाने के नाम पर केरल सेंट्रल यूनिवर्सिटी में MA की छात्राओं पर सेक्सुअल कमेंट और अश्लील चर्चा करने वाले सहायक प्रोफेसर इफ्तिखार अहमद को निलंबित कर दिया गया है। अहमद पर दर्जनों छात्र-छात्राओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।

यूनिवर्सिटी ने उस महिला डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, जिसने अहमद को छात्रा से छेड़छाड़ करते देखा था। इतना ही नहीं, जाँच कमिटी में शामिल एक महिला वकील को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया गया। महिला वकील का कहना था कि अहमद ने उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया है या नहीं, ये वही बता सकते हैं।

यौन उत्पीड़न की प्रमुख गवाह महिला डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस

विश्वविद्यालय आरोपित अहमद की शिकायत के बाद महिला डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि इस मामले में बिना इजाजत के मीडिया से बात करके महिला डॉक्टर ने इफ्तिखार अहमद की ‘छवि खराब करने’ की कोशिश की। उनसे 7 दिनों में जवाब माँगा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए।

दरअसल, छात्राओं द्वारा दी गई शिकायत में कहा गया था कि 13 नवंबर 2023 को इफ्तिखार अहमद की पेपर का इंटरनल एक्जाम देते हुए एक छात्रा बेहोश-सी हो गई थी। उसका ब्लड शुगर लेवल नीचे आ गया था। इसके बाद अहमद के PhD स्कॉलर ने उन्हें बुलाया था।

इस दौरान अहमद बार-बार उस छात्रा को अपनी बाँहों में लेकर उठाने की कोशिश की, कंधों को पकड़ कर झकझोरा और चेहरे पर पानी का छींटें मारकर उसे हाथों से मला। इस दौरान लड़की को पहली बार असहजता महसूस हुई। हेल्थ सेंटर में ले जाने के बाद भी अहमद लड़की का कभी हाथ पकड़ते तो कभी पैर। उसे हर तरह से छूने की कोशिश की।

हेल्थ सेंटर की डॉक्टर ने भी कहा था कि हेल्थ सेंटर में अहमद छात्रा को अनुचित तरीके से छूने की कोशिश करते रहे। महिला डॉक्टर ने कहा था कि डॉक्टर इफ्तिखार अहमद जिस तरह से छात्रा से व्यवहार कर रहे थे, उनका व्यवहार अनुचित था। यह महिला डॉक्टर इस मामले की प्रमुख गवाह भी हैं।

यूनिवर्सिटी की आंतरिक जाँच कमिटी से महिला वकील का इस्तीफा

उधर, मामले की जाँच करने वाली यूनिवर्सिटी की आंतरिक जाँच समिति (ICC) की एकमात्र बाहरी सदस्य महिला वकील ने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह महिला वकील 10 सदस्यीय आतंरिक जाँच समिति की पिछले डेढ़ साल से सदस्य थी। इस कमिटी में वह यूनिवर्सिटी के बाहर की एकमात्र सदस्य थीं।

महिला वकील ने ऑनमनोरमा से कहा, “मैंने इस्तीफा दे दिया है, क्योंकि कुछ मीडिया में मेरे नाम से बयान चलाया जा रहा है, जिसे मैंने कहा ही नहीं है। मेरे पास सबूत है कि मैंने ऐसा नहीं कहा।” दरअसल, इफ्तिखार अहमद ने कहा था, “ICC में एक महिला वकील हैं। उन्होंने मुझसे कहा था कि ‘सर आप भाग्यशाली हैं। छात्रा ने अपने शरीर के जिन स्थानों को छूने का आरोप लगाया है, वहाँ कोई यौनांग नहीं है’।”

जब महिला वकील से पूछा गया कि क्या इफ्तिखार अहमद ने उन्हें यूनिवर्सिटी की आंतरिक जाँच समिति से हटाने के लिए ये साजिश रही, तो उन्होंने कहा कि ये बात सिर्फ आरोपित सहायक प्रोफेसर अहमद ही बता सकते हैं। हालाँकि, अहमद ने इससे साफ इनकार कर दिया।

इफ़्तिखार अहमद ने अपना बयान को ICC की सोशल मीडिया और अपनी कक्षा के पूर्व छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट किया। उन्होंने यह दावा किया कि वह छात्राओं के एक ग्रुप की साजिश का शिकार हुए हैं। अपने पुरुष छात्रों के साथ व्हाट्सएप पर हुई बातचीत के स्क्रीनशॉट भी उन्होंने मीडिया को मेल किए।

छात्राओं के आरोप

छात्राओं ने ये आरोप लगाया कि इफ्तिखार अमहद कविता और साहित्य के नाम पर सेक्स, सेक्सुअल प्लेजर और चरम आनंद की बात करते हैं। अहमद क्लास के लिए डिजाइन अपने कोर्स में महिलाओं को सेक्स की वस्तु कहते हैं। ऐसी ही एक कक्षा में अहमद ने कहा था, “ओरल सेक्स (मुख मैथुन) कम्युनिकेशन का सबसे बेहतरीन माध्यम है।”

क्लास में ऐसा ही एक अश्लील उदाहरण देते हुए अहमद ने कहा था, क्या तुम लोग जानती हो कि बस पर सबसे खुश बस कंडक्टर क्यों होता है? क्योंकि, वह बहुत से लोगों (महिलाओं) में टच करता है।” अहमद ने तो क्लास की एक छात्रा को लेकर ही अश्लील टिप्पणी कर दी।

अहमद ने क्लास की एक छात्रा से कहा, क्या तुम मुझे अपने पूरे शरीर को चाटने दोगी, जैसा कि ‘जर्मन संभ्रांत वर्ग’ में प्रचलित था। उन्होंने चौड़ी ललाट वाली लड़कियों को क्लास में घूरते हुए कहा कि मध्यकालीन इंग्लैंड में चौड़ी ललाट वाली महिलाओं को काम-वासना से परिपूर्ण महिला माना जाता था।

इसी तरह ‘To His Coy Mistress’ कविता की चर्चा करते हुए अहमद ने कविता के संदर्भ हटकर बताया कि योनि प्रवेश (Penetration) कैसे किया गया है। इस दौरान अहमद ने छात्राओं की देखकर शारीरिक रूप से अश्लील संकेत भी किया। अहमद ने पढ़ाने को सेक्स करने की तरह बताया और कहा कि इसमें बोरियत से बचने के लिए पोजिशन बदलते रहने और अलग-अलग तकनीक अजमाने की जरूरत होती है।

एक छात्रा की ओर इशारा करते हुए अहमद ने यौन प्रलोभन और उन्माद को लेकर कहा कि वह दो साड़ी देकर उस लड़की को अपने कमरे में बुलाए और वह आने के लिए तैयार भी हो गई, लेकिन इसके बदले उसने तीन साड़ी की माँग की। अहमद ने कविता के जूनून को महिलाओं के अंडरवियर सूंघने की दीवानगी से की।

गौ तस्करों ने कंटेनर में ठूँस-ठूँस कर भरे 110 गोवंश, 32 की जान निकली: झारखंड में फैज, सलाउद्दीन समेत 8 गिरफ्तार, गाड़ी लेकर जा रहे थे बंगाल

झारखंड से एक बार फिर गौ तस्करी की खबर आई है। इस बार गोवंश से भरे तीन वाहन बरामद हुए। इनमें गायों को इतना ठूँस कर भरा गया था कि कई गोवंशों की मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, झारखंड के गिरिडीह में शुक्रवार (1 दिसंबर 2023) को निमियाघाट थाना क्षेत्र के तूरी टोला के नजदीक ये वाहन पकड़े गए। बताया जा रहा है कि इन वाहनों को बंगाल और बांग्लादेश भेजा जा रहा था।

जब पुलिस ने इन वाहनों (2 कंटेनर और 1 पिकअप वैन) को रोककर जाँच करवाई तो देखा तो इनमें टोटल 110 गोवंश ठूँस-ठूँस कर भरे गए थे। तस्कर इन गाड़ियों को बिहार से शेरघाटी होकर बंगाल के कोलकाता ले जा रहे थे। पुलिस ने इस संबंध में 2 ड्राइवरों समेत 8 तस्करों को गिरफ्तार किया।

जानकारी के मुताबिक, इन गौतस्करों की सूचना मिलने के बाद में एसपी ने डुमरी एसडीपीओ सुमित प्रसाद के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई थी, जो कुलगो टोल प्लाजा के पास वाहनों की जाँच में जुटी थी। जब ये तीन वाहन आए और पुलिस को देखा तो कंटेनर और पिकअप वैन को तेजी से भगाने लगे।

पुलिस ने तीनों गाड़ियों का पीछा किया। आखिर में तस्करों की गाड़ी का बैलेंस बिगड़ा और वो डिवाइडर से टकराकर पलट गई। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए तीनों वाहनों को कब्जे में किया और गोवंशों को आजादी दिलाई। अनुमान लगाया जा रहा है कि शायद जिस समय वाहन पलटा उस टाइम भी कुछ गोवंशों की मौत हो गई।

वहीं दैनिक जागरण की रिपोर्ट बताती हैं कि पशुओं को वाहनों के भीतर इतनी क्रूरता से एक के बाद एक डाला गया था कि ये हिल भी नहीं पा रहे थे। पहले कंटेनर में इन्होंने 50 गोवंश भरे थे। दूसरे में 43 गोवंश को लादा गया था। इसके अलावा पिकअप वैन में भी 17 गोवंशी लादे गए थे जिनमें से 8 की मौत हो गई। बताया गया है कि इस घटना के बाद जितने भी गोवंश जिंदा (78) बचे पुलिस ने उन्हें मधुबम गौशाला भेज दिया है।

पुलिस ने गौ तस्करी के मामले में वाहन चालक फैज खान, भभुआ निवासी फैयाज खान, रामकिशन राय और शुभम कुमार को गिरफ्तार किया है। इनके अलावा हसनाय खान, सलाउद्दीन कुरैशी, अली शेर कुरैशी व कल्लू आलम और भभुआ के रहनेवाले तौफीक फकीर को गिरफ्तार किया गया है।

‘आदित्य L1’ ने शुरू किया सौर हवाओं का अध्ययन, अंतरिक्ष में मौसम से लेकर धरती पर इसके प्रभाव का भी पता चलेगा: ISRO ने जारी की तस्वीर

सूर्य के अध्ययन के लिए भेजे गए भारत के ‘आदित्य L1’ सैटेलाइट ने एक बड़ा मील का पत्थर तय कर लिया है। इसमें लगे ‘आदित्य सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट (ASPEX)’ नामक पेलोड ने अपना काम शुरू कर दिया है। ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद) ने शनिवार (2 दिसंबर, 2023) को इसकी जानकारी दी। ASPEX में अत्याधुनिक उपकरण लगे हुए हैं। जैसे – सोलर विंड आयन स्पेक्ट्रोमीटर (SWIS) और सुप्राथर्मल एन्ड एनर्जेटिक पार्टिकल स्पेक्ट्रोमीटर बिना किसी व्ययधान के काम कर रहा है।

SWIS उपकरण को 2 नवंबर, 2023 को सक्रिय किया गया है। उसने सौर हवाओं और Ions को मापने में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। खासकर प्रोटोन्स और अल्फ़ा पार्टिकल्स के अध्ययन में ये बड़ी भूमिका निभा रहा है। इसमें 2 सेंसर यूनिट्स लगे हैं जो 360 डिग्री फिल्ड व्यू से लैस हैं। SWIS परपेंडिकुलर (लंब) प्लेन्स में काम करता है। इससे सौर हवाओं के व्यवहार का विस्तृत विवरण पता चलेगा। नवंबर 2023 का एक सैम्पल एनर्जी हिस्टोग्राम भी तैयार किया गया है।

इसमें प्रोटोन (H++) और अल्फ़ा पार्टिकल (He2+) की संख्या में विविधता पाई गई, जो नॉमिनल इंटीग्रेशन टाइम के साथ एक व्यापक स्नैपशॉट को दिखाता है। SWIS की जो डायरेक्शनल क्षमताएँ हैं, वो सौर हवाओं और पृथ्वी पर पड़ने वाले उनके प्रभाव को लेकर काफी कुछ नई चीजों का पता लगाएँगे। सूर्य से प्लाज्मा के विस्फोटक स्फुटन को ‘कोरोनल मास इजेक्शन (CME)’ कहते हैं। वहीं ‘आदित्य L1’ जिस बिंदु से सूर्य का अध्ययन कर रहा है उसे लैग्रेंज पॉइंट कहते हैं।

‘आदित्य L1’ अब CME के L1 पॉइंट तक आने का अनुमान भी लगा सकता है। अल्फ़ा टू प्रोटोन रेश्यो के अध्ययन का एक फायदा ये भी होगा कि इससे अंतरिक्ष में मौसम के बदलाव के बारे में बहुत कुछ पता चलेगा। अन्तरग्रहीय CME (ICMEs) के लिए ये रेश्यो एक मार्कर का काम करता है। सौर हवाओं और पृथ्वी पर पड़ने वाले उसके असर को लेकर वैज्ञानिक समूह नतीजों का इंतजार कर रहा है। सोलर फिनोमिना और स्पेस वेदर को समझने में हमें अब बहुत आसानी होगी।

नाम आशिक, घोंट दिया प्रेमिका का गला… लाश को लगाया व्हाट्सऐप स्टेटस, 17 साल की GF को किया था गर्भवती

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के एक निजी नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाली केरल की एक छात्रा को आशिक नाम के उसके प्रेमी ने शुक्रवार (1 दिसंबर 2023) कर हत्या कर दी। कहा जा रहा है कि आशिक ने फौजिया नाम की लड़की का गला घोंट दिया है। इसके बाद उसने शव की तस्वीर खींचकर उसे अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगा दिया।

मृतक फौजिया 20 साल की थी और केरल के कोल्लम की रहने वाली थी। वह चेन्नई से सटे क्रोमपेट के एक निजी नर्सिंग कॉलेज में पढ़ती थी और न्यू कॉलोनी स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। वह पिछले पाँच साल से 20 साल के आरोपित आशिक के साथ रिश्ते में थी।

पुलिस ने बताया, “शुक्रवार की सुबह जोड़े ने क्रोमपेट होटल में एक कमरा लिया था। उस शाम आशिक ने फ़ौजिया के शव की एक तस्वीर अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर अपलोड की। फौजिया के दोस्तों ने इसे देखा तो तुरंत पुलिस को सूचित किया।” आशिक भी केरल के कोल्लम का ही रहने वाला है।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुँची तो वहाँ फौजिया मृत मिली। इलाके के सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि घटना के दिन आशिक होटल से भाग रहा है। हालाँकि, उसे पुलिस ने बाद में पकड़ लिया।

पुलिस ने आगे बताया, “प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि फौजिया को पता चला कि आशिक का किसी अन्य लड़की के साथ अफेयर चल रहा है और वह उसे धोखा दे रहा है। इस बात को लेकर आशिक और फौजिया में बहस हो गई थी। झगड़ा बढ़ गया तो आशिक ने फौसिया की टी-शर्ट से गला घोंटकर हत्या कर दी।”

यह बात भी सामने आई है कि फ़ौजिया जब 17 साल की थी, तब वह गर्भवती हो गई थी। इसको लेकर आशिक को पॉक्सो अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद फौजिया ने एक बच्चे को जन्म दिया। उस बच्चे को गोद दे दिया गया। जेल से छूटने के बाद आशिक जब भी चेन्नई जाता था तो फ़ौजिया से मिलता था।

स्कूल आती हैं हिजाब-बुर्का पहन, लेकिन यूनिफॉर्म के लिए ले लेती हैं सरकारी पैसा: मना करने पर प्रधानाध्यापक को हत्या की धमकी, स्कूल में करेंगे तालाबंदी

बिहार के शेखपुरा जिले के एक स्कूल में प्रधानाध्यापक को छात्राओं को हिजाब की जगह स्कूल ड्रेस में आने को कहना भारी पड़ गया। उनकी इस बात से नाराज मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिजाब न पहनने देने पर स्कूल में ही ताला लटकाने की धमकी दी। प्रधानाध्यापक को भी हत्या की धमकी दे डाली।

प्रधानाध्यापक सत्येंद्र चौधरी ने इस विद्यालय की कुछ छात्राओं को हिजाब पहनकर आने से मना किया था। उनकी इस बात पर खासा बवाल खड़ा हो गया। गुस्साए मुस्लिम समुदाय के लोग 29 नवंबर 2023 को विद्यालय में घुस आए। उन्होंने प्रधानाध्यापक चौधरी को जान से मारने की धमकी देने के साथ ही स्कूल बंद करने की चेतावनी दी।

इस पूरे मामले को लेकर प्रधानाध्यापक चौधरी का कहना है कि जब-जब छात्राओं को विद्यालय में बुर्का और हिजाब की जगह स्कूल ड्रेस पहनकर आने के लिए कहा जाता है, तब-तब मुस्लिम अभिभावक आकर धमकी देते हैं। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानाध्यापक सत्येंद्र कुमार चौधरी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा जिला पदाधिकारी को अलग-अलग पत्र लिखकर सुरक्षा की माँग की है।

शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय चरुआवां से संबंधित इस मामले को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि यह बेहद गंभीर मामला है और विद्यालय में नियमों के मुताबिक ड्रेस पहनकर आना जरूरी है। उन्होंने आगे कहा कि इस घटना के बारे में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को जाँच करके रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।

इस मामले पर ऑपइंडिया ने शनिवार (2 दिसंबर,2023) को जिला शिक्षा पदाधिकारी ओम प्रकाश सिंह से बात की। उन्होंने बताया कि इस मामले की जाँच को लेकर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रमेश प्रसाद को विद्यालय में दोनों पक्षों के साथ बैठक के लिए भेजा गया है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानाध्यापक सत्येंद्र कुमार का पत्र मिला है, उनकी सुरक्षा को लेकर प्रशासन से भी बात करेंगे।

इसे लेकर शिक्षक संघ ने भी प्रधानाध्यापक के जानमाल की सुरक्षा और सरकारी विद्यालयों में सरकारी व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की माँग की है। जिस स्कूल में ये घटना हुई है, वो जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर है।

इस स्कूल में मुस्लिम छात्र-छात्राओं की अच्छी खासी तादाद है। सरकारी योजना के तहत सभी को स्कूली ड्रेस के लिए पैसे मिलते हैं। छपी रिपोर्ट और प्रधानाध्यापक सत्येंद्र कुमार चौधरी के आरोप के अनुसार मुस्लिम छात्राएँ स्कूल ड्रेस की जगह हिजाब और बुर्का पहन स्कूल पहुँचती हैं।

गाँव के मुस्लिमों ने इसे अपने मजहब और दीन से जुड़ा मामला बताते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों पर इसे जरूरत से अधिक तूल देने का आरोप जड़ा है। गाँव के पूर्व मुखिया और ग्रामीण मोहम्मद असलम ने विवाद बढ़ने के हालात में स्कूल में ताला लगाने की चेतावनी दी है।

मोहम्मद असलम का कहना है कि उनके बच्चे क्या पहनेंगे, यह तय करने वाला प्रधानाध्यापक कौन होता है? उसके अनुसार इस मामले को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी से मुलाकात कर सारी स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। उसने बताया कि वो जिला शिक्षा पदाधिकारी से यह भी कह चुका है कि हिजाब और बुर्का मुस्लिमों का निजी मामला है, इससे छेड़छाड़ न की जाए और न ही विवाद को गैरजरूरी तूल दिया जाए।

सोनभद्र में धर्मांतरण गैंग जनजातीय लोगों को पढ़ा रहा था ईसाइयत का पाठ, चंगाई सभा में बुलाकर देते थे तरह-तरह के लालच: 42 पर केस, 9 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में भोलेभाले गरीब व जनजातीय लोगों को पैसे का लालच देकर धर्मांतरण कराने वाली गैंग का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस ने इस मामले में 42 लोगों पर केस किया था। अब खबर है कि इनमें से 9 आरोपित पकड़ लिए गए हैं। इनकी गिरफ्तारी गुरुवार (30 नवंबर 2023) को हुई और पुलिस ने इस बारे में अगले दिन यानी शुक्रवार को सूचित किया।

आरोप है कि ये सारे लोग गरीबों को चंगाई सभा का आयोजन कर अलग-अलग तरह के लालच देकर उन्हें ईसाई धर्म में परिवर्तित करने की कोशिश कर रहे थे। उनकी आर्थिक स्थिति का फायदा उठाकर अपने धर्म का प्रचार-प्रसार कर रहे थे।

छापे में पुलिस को इनके पास से कई ईसाई धर्म वाली पुस्तकें, प्रोपगेंडा फैलाने वाली सामग्री और लैपटॉप मिले है। बरामद सामग्री में ’10 बाइबिल पुस्तक, 13 पवित्र शास्त्र, तीन जागो भारत हिन्दुस्तान पुस्तक, तीन ग्लोबल डे आफ प्रेयर टीम पुस्तक, तीन परमेश्वर और परिवार पुस्तक, एक अदद सबसे महान रहस्य पुस्तक, एक प्रभु का आनन्द पुस्तक, एक प्रभु इशा मशीह पुस्तक’ जैसी पुस्तकें थीं।

केस पर बात करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह ने बताया कि जिले के चोपन थाना क्षेत्र के मलहिया टोला निवासी नरसिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोग आदिवासी लोगों और गरीबों को फर्जी तरीके से ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन दे रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, ये शिकायत अभी हाल में दी गई, लेकिन कुछ का कहना है कि 2021 में दर्ज शिकायत मामले में कार्रवाई हुई है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शिकायत के आधार पर उन्होंने उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम के तहत 42 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इनमें 9 पकड़े गए। गिरफ्तार आरोपितों में एक का नाम जयप्रभु है, वह तमिलनाडु का रहने वाला है। इसी तरह अजय कुमार यूपी रॉबर्ट्सगंज का है, चेका इमैनुअल आँध्र प्रदेश के विजयवाड़ा का है। इनके अलावा राजेंद्र कौल, छोटू रंजन, परमानंद सोहन, प्रेम नाथ प्रजापति और राम प्रताप हैं

नीदरलैंड की लड़की को पसंद आ गया यूपी का छोरा, गाँव आकर हिंदू रीति-रिवाज से की शादी: विदेश में हनीमून

उत्तर प्रदेश के फ़तेहपुर जिले के रहने वाले हार्दिक वर्मा ने नीदरलैंड की रहने वाली अपनी प्रेमिका गैब्रिएला डूडा से शादी की है। दोनों ने बुधवार (29 नवंबर 2023) को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार सात फेरे लिए और अन्य वैवाहिक संस्कार पूरे किए।

हार्दिक फतेहपुर के दतौली गाँव के रहने वाले हैं। लगभग 7 साल पहले नौकरी के लिए वे नीदरलैंड चले गए थे। हार्दिक को वहाँ एक फार्मास्युटिकल कंपनी में सुपरवाइजर की नौकरी मिली। काम करने के दौरान ही उनकी मुलाकात कंपनी में ही काम करने वाली अपनी सहकर्मी गैब्रिएला से हुई।

काम करने के दौरान दोनों में बातचीत होने लगी और फिर दोनों करीब आ गए। एक हार्दिक ने गैब्रिएला से अपने प्यार का इजहार कर दिया। गैब्रिएला ने भी हार्दिक के प्यार को स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों रिलेशनशिप में आ गए।

लगभग तीन साल तक दोनों साथ रहे। इसके बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया। इसके बारे में हार्दिक ने अपने माता-पिता से बात की। फोन पर बातचीत के बाद हार्दिक के माता-पिता ने इस विवाह के लिए अनुमति दे दी।

माता-पिता की अनुमति मिलने के बाद हार्दिक पिछले हफ्ते गैब्रिएला को लेकर अपने गाँव लौट आए। वहाँ पर उनके परिवार ने दोनों का जोरदार स्वागत किया। इसके बाद शादी का मुहूर्त तय करके दोनों की हिंदू रीति-रिवाज से शादी करा दी। शादी में परिवार, रिश्तेदार और गाँव के लोग शामिल हुए।

हार्दिक का परिवार गुजरात के गाँधीनगर में रहता है। हार्दिक ने बताया कि 11 दिसंबर 2023 को गाँधीनगर में एक रिसेप्शन रखी गई है, जिसमें गैब्रिएला के पिता मार्सिन डूडा, उनकी माँ बारबरा डूडा और परिवार के अन्य सदस्य शामिल होंगे। इसके बाद 25 दिसंबर को नीदरलैंड लौटेंगे और वहाँ चर्च में ईसाई रीति-रिवाज के अनुसार विवाह समारोह भी करेंगे।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही यूपी के हमीरपुर के भिलावा के रहने वाले सचिन शर्मा से अमेरिका की रहने वाली ओलिविया ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी। सचिन की भी ओलिविया से मुलाकात अमेरिका में जॉब करने के दौरान ही हुई थी।

सचिन ने इस बारे में अपने परिवार से बात की थी और परिवार की सहमति मिलने के बाद 23 नवंबर 2023 को दोनों ने यूपी में आकर हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली थी। शादी के लिए ओलिविया अपनी माँ के साथ भारत आई थी।

इसी तरह पिछले साल दिसंबर में नीदरलैंड की रहने वाली मायरा ने बिहार के आदि से शादी कर ली थी। दोनों की पहली मुलाकात तब हुई थी, जब आदि उच्च शिक्षा के लिए साल 2015 में ऑस्ट्रेलिया गए थे। इसके बाद दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और फिर शादी कर ली।

जहाँ किसी प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति को जगह नहीं, वहाँ पहुँचे PM मोदी: COP28 की मंच पर अकेले राष्ट्राध्यक्ष, मेलोनी ने ली ‘मोस्ट लव्ड’ PM संग सेल्फी

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP 28) में भाग लेने दुबई गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया भर से आए कुछ प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात की। पीएम मोदी ने शुक्रवार (1 दिसंबर 2023) को मालदीव के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साथ एक बैठक की। इसके अलावा, उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से भी मुलाकात। मेलोनी ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के साथ ली गई एक सेल्फी भी पोस्ट की है।

पीएम मोदी के साथ ली गई सेल्फी को इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए जियोर्जिया मेलोनी ने कैप्शन में लिखा: “COP28 में अच्छे दोस्त।” वहीं, पीएम मोदी ने भी मेलोनी के साथ मुलाकात की एक तस्वीर X पर पोस्ट की। इसके साथ अपने पोस्ट में लिखा, “स्थायी और समृद्ध भविष्य के लिए भारत और इटली के बीच सहयोगात्मक प्रयासों की आशा है।”

जलवायु शिखर सम्मेलन में बैठक के दौरान उन्होंने भारत की जी20 अध्यक्षता के लिए इटली के समर्थन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे में इटली के शामिल होने की सराहना की। इसके साथ ही दोनों नेताओं ने भारत और इटली के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने का भी जश्न मनाया। साथ ही साथ भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी में प्रगति का जायजा लिया और रक्षा के साथ-साथ नई और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की।

इससे पहले पीएम मोदी ने मेलोनी से नई दिल्ली में जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर एक द्विपक्षीय बैठक में मुलाकात की थी। भारत में जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात में इटली की पीएम मेलोनी ने पीएम मोदी को दुनिया का ‘मोस्ट लव्ड’ (सबसे चहेता) नेता बताया था। उस दौरान मेलोनी और प्रधानमंत्री मोदी की कई तस्वीरें भी वायरल हुई थीं। जियोर्जिया मेलोनी इसलिए भी चर्चा में हैं क्योंकि वह इटली की पहली दक्षिणपंथी प्रधानमंत्री हैं। लोग मेलोनी के खूबसूरत अंदाज, ड्रेसिंग सेन्स और सुंदरता के भी कायल हैं।

मेलोनी ने इसी साल अक्टूबर में अपने बॉयफ्रेंड एंड्रिया जियाम्ब्रुनो के साथ रिश्ते को खत्म करने की घोषणा की थी। उनके बॉयफ्रेंड जियाम्ब्रुनो पत्रकार हैं और महिला विरोधी टिप्पणी की वजह से पिछले कुछ समय से चर्चा में हैं। वे इटली के पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के परिवार द्वारा चलाए जा रहे एमएफई मीडिया समूह के लिए काम करते हैं।

कुछ समय पहले जियाम्ब्रुनो एक महिला सहकर्मी से ‘तुम मुझे पहले क्यों नहीं मिली’ कहते सुने गए थे। यही नहीं, उन्होंने अपनी एक महिला सहकर्मियों को ‘ग्रुप सेक्स’ के लिए भी कहा था। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर वो लोग ‘ग्रुप सेक्स’ में शामिल होती हैं, तभी उनके साथ काम कर सकती हैं। ये स्पष्ट तौर पर कार्यस्थल पर यौन शोषण का मामला है।

मालदीव के राष्ट्रपति से मुलाकात

पीएम मोदी और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की मुलाकात के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग और मित्रता को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई। दोनों देश साझेदारी को और प्रगाढ़ करने के लिए एक कोर समूह गठित करने पर सहमत भी हुए हैं। मुइज्जू को चीन समर्थक माना जाता है। मुइज्जू ने राष्ट्रपति बनते ही मालदीव में मौजूद भारतीय सैनिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।

मुलाकात की तस्वीरों को X पर शेयर करते हुए पीएम मोदी ने लिखा, “राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू और मेरी आज एक सार्थक बैठक हुई। हमने विभिन्न क्षेत्रों में भारत-मालदीव मित्रता को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। हम अपने लोगों के लाभ के लिए सहयोग को गहरा करने के लिए मिलकर काम करने को तत्पर हैं।”

इस दौरान पीएम मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, किंग चार्ल्स, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैंक्रो सहित जापान, तुर्की आदि कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से भी मुलाकात की। इस सम्मेलन में पीएम मोदी अकेले ऐसे राष्ट्राध्यक्ष थे, जिन्हें मंच पर बैठाया गया था। उनके साथ मंच पर CO के अध्यक्ष सुल्तान अल जाबर, यूएन के अधिकारी सीमॉन स्टेल और डेनिस फ्रांसिस थे।

एक निर्दोष हिंदू छात्र और कश्मीर की पूरी आबादी: जिस मोसाब हसन की वीडियो के कारण NIT श्रीनगर में बवाल, उसने कहा- तंग आ गया हूँ मुस्लिमों की धमकी से

श्रीनगर के NIT में पढ़ने वाले हिंदू छात्र प्रथमेश शिंदे द्वारा एक वीडियो स्टेटस पर लगाने के बाद जिस तरह कट्टरपंथी उन पर हमलावर हुए हैं, उसे देख मोसाब हसन युसूफ का बयान आया है। मोसाब वहीं शख्स हैं जो उस वीडियो में थे जो प्रथमेश ने लगाई। इसके अलावा हमास नेता का बेटा होने के नाते भी उनकी पहचान होती है।

हमास नेता के बेटे मोसाब हसन ने प्रथमेश को टारगेट करने वाले कट्टरपंथियों को लेकर लिखा- “कश्मीर के इस्लामी कट्टरपंथी हिंदू छात्र को मारने के लिए धमकी दे रहे हैं जिसने मेरे एक बयान को अपने सोशल मीडिया पर लगा दिया था। क्या ये कट्टरपंथी भूल चुके हैं कि ये हिंदू बहुल देश में अल्पसंख्यक हैं। मेरे पीछे लग जाओ, लेकिन हिंदू छात्र को छोड़ दो”

उन्होंने आगे लिखा, “मैं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के ख़िलाफ़ मुस्लिमों की धमकी से तंग आ गया हूँ। एक निर्दोष हिंदू छात्र और कश्मीर की पूरी आबादी।”

बता दें कि कश्मीर में हिंदू छात्र के खिलाफ ईशनिंदा मामले में केस हुआ है। निग्नीन पुलिस थाने में उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 295ए, 153ए, 153 लगाकर केस दर्ज किया गया है। इस मामले पर राजनीति भी हो रही है और पूर्व मेयर शेख इमरान ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। NIT की अनुशासनात्मक समिति ने उक्त हिंदू छात्र को कॉलेज से 1 साल के लिए निकाल दिया है।

इन एक्शन के बावजूद कट्टरपंथी शांत नहीं हैं। हिंदू छात्र को मारने की धमकियाँ आ रही हैं। उससे पहले ये कट्टरपंथी ‘अल्लाहू अकबर, सर तन से जुदा, लब्बैक या रसूल अल्लाह’ के नारे लगाते हुए घूम रहे थे।

लड़के की गलती बस इतनी थी कि उसने मोसाब हसन के कॉन्फ्रेंस की क्लिप को अपने सोशल मीडिया पर डाल दिया। स्टोरी के साथ उसने कुछ लिखा नहीं लेकिन फिर भी कट्टरपंथी बिदक ही गए। इसके अतिरिक्त उसपर ये भी इल्जाम लगाए जा रहे हैं कि उसका संबंध मुस्लिम लड़की से था। स्थानीय मुस्लिमों ये कहकर आग में घी डाल रहे हैं कि प्रथमेश मुस्लिम लड़की को भगवा ट्रैप में फँसाना चाहता था।

गौरतलब है कि मोसाब की विवादित वीडियो क्लिप साल 2012 की है। लॉस एजेंल्स में उन्होंने एक कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए पैगंबर पर कुछ टिप्पणी की थी। इसके अलावा उन्होंने शरीया लॉ की भी आलोचना की थी।