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केरल में 36 साल की इजरायली महिला की लाश मिली, रेता हुआ था गला: 75 साल के मलयाली पति का दावा- उसके कहने पर की हत्या

केरल के कोल्लम जिले में 36 साल की एक इजरायली महिला की लाश मिली है। उसका गला रेता हुआ था। महिला के 75 वर्षीय मलयाली पति पर ही उसकी हत्या का शक है। मृत महिला की पहचान राधा उर्फ सतवा के तौर पर हुई है।

उसके पति कृष्णचंद्रन उर्फ चंद्रशेखरन नायर को गंभीर चोटों की वजह से तिरुवनंतपुरम के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने संदेह के आधार पर कृष्णचंद्रन के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज की है। रिपोर्ट के मुताबिक कृष्णचंद्रन का कहना है कि पत्नी के कहने पर ही उसने उसकी हत्या की और उसके बाद खुद की भी जान देने की कोशिश की।

पुलिस के मुताबिक वारदात गुरुवार (30 नवंबर, 2023) को दोपहर करीब 3.30 बजे की है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, “कृष्णचंद्रन और सतवा बीते 16 साल से एक साथ रह रहे हैं। कृष्णचंद्रन पहले ऋषिकेश में योग प्रशिक्षक था और सतवा उसकी छात्रा थी। बाद में दोनों ने शादी कर ली और यह दंपती एक साल से केरल में रह रहा था।”

अधिकारी के मुताबिक आरोपित कृष्णचंद्रन ने बताया है कि कुछ समय से वह और सतवा सेहत संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे थे। इस वजह से दोनों ने आत्महत्या करने की योजना बनाई थे। बकौल आरोपित दोपहर के भोजन के बाद सतवा और उसने खुद को चाकू मार लिया था। कृष्णचंद्रन ने पुलिस को बताया है कि जब चाकू मारने के बाद भी सतवा नहीं मरी तो उसने पति से खुद को मारने के लिए कहा था। जानकारी के मुताबिक, कोट्टियम के जिस घर में कृष्णचंद्रन और सतवा रहते थे उसे रविकुमार और बिंदू ने किराए पर लिया था। बिंदू कृष्णचंद्रन की भतीजी हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार दोनों को घायल हालत में देख एक रिश्तेदार ने मदद के लिए चिल्लाना शुरू किया। इसके बाद कृष्णचंद्रन ने दरवाजा बंद कर दिया। रिश्तेदार ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुँचकर पुलिस ने गेट तोड़ा और घर के भीतर घुसी। लेकिन तब तक सतवा की मौत हो चुकी थी।

‘गुलाम बनो या फिर इस्लाम अपना लो…’: बेंगलुरु के 48 स्कूलों को बम से उड़ाने की मिली धमकी, पुलिस ने परिसर कराए खाली

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के स्कूलों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। करीब 48 स्कूलों (कुछ रिपोर्ट में 15-16 तो कुछ 28 और 48 स्कूल) को शुक्रवार (1 दिसंबर 2023) को सुबह एक ईमेल मिला, जिसमें धमकी दी गई कि स्कूल परिसर में बम रखा गया है। इसके बारे में पुलिस को सूचित किया गया। आनन-फानन में पुलिस ने सभी स्कूलों को खाली कराकर तलाशी शुरू कर दी।

पुलिस की तलाशी अभियान में अभी तक कुछ नहीं मिला है। हालाँकि, पुलिस का तलाश अभियान जारी है। साथ में बम निरोधक दस्ते और तोड़फोड़ रोधी जाँच दल भी है। माना जा रहा है कि पिछली बार की तरह ये धमकी भी फर्जी हो सकती है। बता दें कि पिछले साल बेंगलुरु के कई स्कूलों को ईमेल भेजकर बम विस्फोट की धमकी दी गई थी। बाद में यह धमकी फर्जी निकली थी।

घटना के बाद स्कूल ने अभिभावकों को बुलाकर बच्चों को घर भेज दिया। एक स्कूल ने बताया, “आज स्‍कूल प्रशासन एक अप्रत्याशित परिस्थिति का सामना कर रहा है। स्‍कूल में बम होने की धमकी मिली है। छात्रों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। इसलिए हमने निर्णय लिया है कि छात्रों को तुरंत स्‍कूल से बाहर निकाला जाए। सुरक्षाबलों की सलाह पर छात्रों को घर भेजा जा रहा है।”

वहीं, शहर के पुलिस कमिश्नर ने कहा, “बेंगलुरु शहर के कुछ स्कूलों को आज सुबह ‘बम की धमकी’ का संकेत देने वाले ईमेल मिले हैं। सत्यापन और पता लगाने के लिए तोड़फोड़ रोधी और बम खोजी दस्तों को सेवा में लगाया गया है। ये हॉक्स कॉल लगती है, फिर भी दोषियों का पता लगाने का पूरा प्रयास किया जाएगा।”

कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने कहा, “हम ईमेल के सोर्स की पुष्टि कर रहे हैं। हम इसे गंभीरता से ले रहे हैं। मैंने प्राथमिकता के आधार पर इसकी जाँच करने के लिए पुलिस को सूचित कर दिया है।” वहीं, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने पुलिस को जाँच करने का निर्देश दिया है। सुरक्षा उपाय भी किए गए हैं। माता-पिता को घबराने की जरूरत नहीं है।

इन स्कूलों को भेजे गए ईमेल में कहा गया है, “26 नवंबर को अल्लाह की राह में शहीद होने वालों ने सैकड़ों मूर्तिपूजकों को मार डाला। हाथ में चाकू लेकर काफिरों पर रखना वाकई पावरफुल अनुभव है। अल्लाह की राह में शहीद होने के लिए सैकड़ों मुजाहीद्दीन युद्ध क्षेत्र में जा रहे हैं। तुम अल्लाह के दुश्मन हो और हम तुम्हें और तुम्हारे बच्चों को मार देंगे।”

स्कूलों को भेजा गया ईमेल (साभार: टाइम्स नाऊ)

टाइम्स नाऊ की रिपोर्ट के अनुसार, इस ईमेल में आगे लिखा है, “तुम लोगों के पास हमारा गुलाम बनने या अल्लाह के असली दीन को अपनाने का विकल्प है। बिस्मिल्लाह हम अल्लाह के सच्चे दीन को पूरे भारत में फैलाएँगे। इस्लाम अपनाओ या इस्लाम की तलवार से अपनी गर्दन कटवाओ। जब हम काफिरों से मिलेंगे तो उनके सिर काट देंगे। उनकी अंगुलियों को काट देंगे।”

गौरतलब है कि साल 2022 में बेंगलुरु के 15 स्कूलों को इसी तरह का एक ईमेल प्राप्त हुआ था। उस ईमेल का धमकी दी गई थी कि स्कूल के परिसर में विस्फोटक लगाए गए है। इसके बाद पुलिस की टीम ने इन स्कूलों की गहन तलाशी ली थी, लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला था। बाद में पता चला कि यह किसी सिरफिरे की शरारत है।

‘इंशाअल्लाह फिलीस्तीन जाना चाहता हूँ’: सिंगर लकी अली ने जताई ख्वाहिश, नेटिजन्स ने वीजा से टिकट तक का बता दिया रास्ता

इजरायल और हमास के बीच चल रही तनातनी के बीच मशहूर गायक लकी अली ने 30 नवंबर को फिलीस्तीन जाने की इच्छा जताई। उन्होंने अपने एक्स अकॉउंट पर लिखा- “इंशाल्लाह मैं फिलीस्तीन जाना चाहता हूँ।”

उनके इस ट्वीट को देखने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्हें बताया गया है कि कैसे उन्हें फिलीस्तीन जाने के लिए एक्स पर लिखने की जरूरत नहीं हैं, वो चाहें तो वैसे भी वीजा लेकर फिलीस्तीन की फ्लाइट पकड़ सकते हैं।

द स्किन डॉक्टर ने लकी अली के पोस्ट पर लिखा, “इजिप्ट की एक फ्लाइट है कल 11:20 की जो दिल्ली से कायरो जाएगी। कायरो से बस और टैक्सी करनी होगी जो सीधे आपको राफाह क्रॉसिंग बॉर्डर तक लेकर जाएगी। वहाँ मिस्र की पुलिस आपसे आपके आने का कारण पूछेगी और दस्तावेज देखेगी। इसके बाद आपको गाजा भेज दिया जाएगा। उम्मीद है आपकी इतने से मदद हो जाएगी।”

अब देखा जाए तो द स्किन डॉक्टर ने एक रास्ता बताया था उन्हें फिलीस्तीन जाने का… लेकिन लकी अली ने इसकी कद्र किए बिना नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- “फिजिशियन तुम अपना इलाज करो।”

लकी अली के ऐसे ट्वीट को देख कई यूजर उन्हें कहने लगे कि इलाज तो लकी को अपना करवाना चाहिए। एक ने कहा कि एक तो स्किन डॉक्टर ने पूरा प्लॉन बनाकर दिया ऊपर से इतनी एहसानफरामोशी…?

बता दें कि इजरायल और हमास के बीच चल रहे तनाव के दौरान एक भी बार लकी अली ने हमास द्वारा 7 अक्टूबर को किए गए हमले की निंदा नहीं की। लेकिन जब इजरायल ने आतंकियों का सफाया शुरू किया तो उनका फिलीस्तीन जाने का मन हो गया।

लोगों ने उनका ऐसा रवैया देख कहा कि भारत ने लकी अली को सबकुछ दिया। मजहब से परे उनसे प्यार किया, लेकिन देखो इनकी तो सारी मोहब्बत उम्माह के लिए हैं। इन्होंने कभी नहीं कहा था कि ये भारत के साथ मिल पाकिस्तान से लड़ना चाहते थे। मगर फिलीस्तीन जाने के लिए ये उतावले हैं।

इस पर इस्लामी कट्टरपंथी उन्हें सपोर्ट करने आए और समझाया कि फिलीस्तीन में अल अक्सा मस्जिद है जो कि उनके लिए पाक है। लकी अली भी वहीं जाना चाहते हैं। दक्षिणपंथी सिर्फ उनकी इच्छा को आतंकी घोषित करने में लगा है।

हालाँकि इन कट्टरपंथियों ने लकी अली को समर्थन देने के साथ ये साफ नहीं किया कि इसी समय क्यों लकी अली की अल अक्सा मस्जिद देखने की इच्छा उठी।

हमास ने किया था इजरायल पर हमला

बता दें कि हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला किया था। करीबन 5000 रॉकेट गाजा से दागे गए थे। आतंकियों ने महिलाओं का रेप करके उन्हें मार डाला था और कई को अगवा कर लिया था। 1300 से ज्यादा लोग इस हमले में मारे गए थे। वहीं 200 का अपहरण हुआ था।

शिवराज का ‘नारी सम्मान’, ‘लाडली बहना’ ने रखा मान: यूँ ही Exit Polls नहीं दिखा रहे मध्य प्रदेश में फिर से ‘मामा की सरकार’

पाँच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों को लेकर विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल (Exit Poll) आ गए हैं। इनमें राजस्थान और मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार बनाती हुई नजर आ रही है। बाकी राज्यों- छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम को लेकर एग्जिट पोल भी कन्फ्यूज है।

मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल 200 सीटें और सरकार बनाने के लिए कम से कम 116 सीटों की जरूरत है। अगर एग्जिट पोल के रुझानों को देखें तो अधिकांश एग्जिट पोल में मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार स्पष्ट बहुमत के साथ वापसी कर रही है। जिन एग्जिट पोल में भाजपा को कम सीटें दी गई हैं, वे बहुमत के आसपास ही हैं।

‘इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया’ और ‘न्यूज 24-टुडेज चाणक्य’ ने भाजपा को 151 सीटें दी हैं, जबकि ‘इंडिया टीवी-सीएनएक्स’ ने 149 और ‘रिपब्लिक-मैट्रिज’ ने 124 सीटें दी हैं। इन चार एजेंसियों ने अपने एग्जिट पोल में भाजपा को स्पष्ट और भारी बहुमत दी है।

वहीं, ‘टाइम्स नाऊ-ईटीजी’ और ‘टीवी9-पोलस्ट्रैट’ ने मध्य प्रदेश में भाजपा को 111 सीटें दी हैं। अगर इनके एग्जिट पोल को भी सही माना जाए तो भी भाजपा बहुमत के आँकड़े से सिर्फ 5 कदम पीछे है। वहीं, दैनिक भास्कर और एबीपी-सी वोटर्स ने भाजपा को क्रमश: 105 और 100 सीटें दी हैं।

इस तरह 8 एजेंसियों के एग्जिट पोल में मध्य प्रदेश में भाजपा को चार एजेंसियों ने पूर्ण बहुमत और दो एजेंसियों ने ‘बहुमत के नजदीक’ के नजदीक के आँकड़े दिए हैं। सिर्फ तीन ही एजेंसियाँ हैं, जिन्होंने कॉन्ग्रेस को बहुमत दिया है। इनमें एबीपी-सी वोटर्स ने कॉन्ग्रेस को 125 सीटें, टाइम्स नाऊ-ईटीजी ने 117 सीटें और टीवी9-पोलस्ट्रैट ने 116 सीटें दी हैं।

अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है और पार्टी शिवराज सिंह चौहान को एक बार फिर मुख्यमंत्री बनाती है तो मुख्यमंत्री के रूप में यह उनका पाँचवाँ कार्यकाल होगा। इस तरह मध्य प्रदेश की जनता अपने ‘मामा’ पर एक बार फिर विश्वास करती नजर आ रही है। भाजपा अगर एक बार फिर सरकार बनाती है तो इसमें उसकी जनहित नीतियों का सबसे अधिक श्रेय जाएगा।

भाजपा सराकर ने राज्य में महिलाओं, किसानों, गरीब-मजदूरों के लिए विशेष योजनाएँ चलाईं। अगर चौहान सरकार की वापसी होती है तो इसमें महिलाओं का विशेष योगदान होगा। भाजपा सरकार में मध्य प्रदेश की महिलाओं का अटूट विश्वास दिख रहा है। चौहान सरकार ने महिलाओं के लिए लाडली जैसी कई योजनाएँ चलाईं, जिनकी बदौलत उनकी लोकप्रियता में और वृद्धि हुई।

मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार द्वारा शुरू गई महिलाओं की एक प्रसिद्ध योजना है ‘लाडली बहन योजना’। इस योजना के तहत राज्य की लगभग 1.25 करोड़ महिलाओं को अक्टूबर महीने से 1,250 रुपए दिए जा रहे हैं। इससे पहले यह राशि 1000 रुपए थी। सीएम चौहान ने अगस्त 2023 में कहा था कि इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 3,000 रुपए प्रति माह की जाएगी।

लाडली बहना योजना इस साल 10 जून को शुरू हुई थी। राज्य सरकार के आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, इस सरकारी योजना के तहत पात्र महिलाओं को वित्तीय सहायता के रूप में लगभग 3,628.85 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इस योजना में पहले 23 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को लाभ मिल रहा था। बाद में चौहान सरकार ने उम्र घटाकर 21 वर्ष कर दी।

इसी तरह 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को पहले 600 रुपए प्रति माह दिए जाते थे। उन्हें भी अब राज्य सरकार 1000 रुपए महीना दे दे रही है। इसके अलावा, प्रदेश की जिन महिलाओं के पास रहने के लिए जमीन नहीं है उन्हें फ्री में प्लॉट दिया जाएगा। बढ़े हुए बिजली बिल माफ होंगे। 

इसके अलावा, शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं के आरक्षण में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा है कि शिक्षकों भर्ती में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। अन्य सरकारी भर्तियों में भी महिलाओं का आरक्षण 35% होगा। इसी तरह स्थानीय निकाय चुनाव में 50 फीसदी, पुलिस की नौकरियों में 30 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि अगले वर्ष से प्रदेश में शराब की दुकानें बंद करने की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा था कि नई शराब नीति बनाई जाएगी, जिसमें जहाँ आधी से अधिक यानि 50% से अधिक महिलाएँ चाहेंगी की शराब की दुकान न हो तो वहाँ शराब की दुकानें बंद की जाएँगी। उन्होंने प्रदेश की लड़कियों की पढ़ाई की फीस का जिम्मा खुद उठाने का ऐलान किया था। 

बेटियों के जन्म होने पर परिवार की सोच बदलने के लिए चौहान सरकार ने एक अप्रैल 2007 को ‘लाडली लक्ष्मी योजना’ की शुरुआत की थी। इसमें बेटियों के जन्म को लेकर सकारात्मक सोच के साथ-साथ लिंगानुपात में सुधार, उनकी शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार आदि के लिए शुरू की गई थी। इसके भी सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं।

चौहान सरकार ने मध्य प्रदेश में महिलाओं की शिक्षा पर भी खूब काम किया। साल 2005 में प्राथमिक स्तर की शिक्षा में लड़कियों के स्कूल छोड़ने का दर 18.26 प्रतिशत था, वो 2023 में घटकर 6.63 प्रतिशत रह गया। माध्यमिक स्तर पर यह दर 18.41 प्रतिशत से रहकर 1.26 प्रतिशत रह गया है। इसी महिला साक्षरता भी 44 से बढ़कर 65.4 प्रतिशत हो गई है।

शिवराज सरकार ने महिलाओं से संबंधित कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपए की ‘नारी सम्मान कोष’ की भी स्थापना की है। इसके अलावा, छोटे व्यवसायों के लिए ब्याज मुक्त कर्ज पीएम स्वनिधि योजना एवं मुख्यमंत्री पथ विक्रेता योजनाओं के अंतर्गत दिया जा रहा है। इसमें भी महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। ‘स्कूटी योजना‘ के तहत सरकार हर साल 12वीं के टॉपर्स छात्राओं को स्कूटी खरीदने के‍ लिए पैसे दे है।

मध्य प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना’ भी चलाई जाती है। इस योजना के तहत गरीब परिवार की बेटियों की शादी-निकाह के लिए सरकार द्वारा 51,000 रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है। इसके अलावा, महिलाओं को 450 रुपए में रसोई गैस सिलेंडर जैसी योजनाएँ भी हैं।

केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि के माध्यम से मिलने वाले 6,000 रुपए के अलावा मध्य प्रदेश सरकार किसान कल्याण योजना के तहत राज्य को किसानों को 4,000 रुपए वार्षिक देती है। इस तरह लाभार्थी किसानों को साल में कुल 10,000 रुपए की वित्तीय सहायता मिल जाती है।

इस तरह, राज्य की आबादी में 50 प्रतिशत का योगदान देने वाली महिलाओं पर केंद्रित योजनाओं के कारण शिवराज सिंह चौहान का प्रेदश की महिलाओं के बीच अच्छी पैठ है। संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में इस बार मध्य प्रदेश में 77.15 फीसदी का बंपर मतदान हुआ है। पिछले विधानसभा चुनावों की अपेक्षा इसमें 2.10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

इस बार के मतदान में महिलाओं की जबरदस्त भागीदारी रही। राज्य में उनकी कुल वोटिंग जनसंख्या का 76.02 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया है। साल 2003 में यह प्रतिशत 62.14 था, जबकि साल 2018 के चुनाव में यह प्रतिशत 74.02 था। इस तरह भाजपा की कल्याणकारी योजनाओं की वजह से महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।

UP की मस्जिद में 11 साल की बच्ची से बलात्कार, खून से लथपथ पहुँची घर: जिस मौलवी से पढ़ती थी उर्दू, उसने ही की दरिंदगी

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले की एक मस्जिद में 11 साल की बच्ची के साथ बलात्कार के आरोप में पुलिस ने मौलवी मुंतजिर आलम को गिरफ्तार किया है। 30 साल का आलम मस्जिद में बच्चों को उर्दू की तालीम देता था। घटना कुरारा थाना क्षेत्र की है।

हमीरपुर सदर के सीओ राजेश कमल ने बताया है कि बुधवार (29 नवंबर 2023) को एक नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार की घटना सामने आई थी। कुरारा पुलिस ने उपयुक्त धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव के मुताबिक आरोपित मौलाना पर बलात्कार के साथ ही पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

पीड़ित बच्ची के चाचा ने इस संबंध में कुरारा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के मुताबिक बुधवार सुबह 7 बजे 11 साल की बच्ची अपने छोटे भाई के साथ घर से मस्जिद में ऊर्दू पढ़ने के लिए गई थी। जब बच्ची मस्जिद में पढ़ने के लिए पहुँची तो आरोपित मौलाना ने बच्ची के भाई को टॉफी देकर बाहर पढ़ने बैठा दिया। इसके बाद मौलवी बच्ची को मस्जिद में बने एक कमरे के अंदर ले गया। वहाँ जाते ही मौलवी ने दरवाजा बंद कर बच्ची के साथ दरिंदगी की।

बच्ची के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुन मस्जिद में पढ़ने आए अन्य बच्चों ने बाहर से दरवाजा पीटना शुरू किया। उसके बाद आरोपित मौलवी ने बच्ची को छोड़ा। पीड़ित बच्ची खून से लथपथ होकर घर पहुँची तो परिवार वालों के होश उड़ गए। उसने अपनी माँ को खुद के साथ हुई दरिंदगी के बारे में बताया। इसके बाद परिवार थाने पहुँचा।

जानकारी के मुताबिक आरोपित मौलवी मुंतजिर आलम बिहार के पूर्णिया जिले के कोचगढ़ का रहने वाला है। वह करीब 4-5 साल पहले हमीरपुर आया था। मुस्लिम समाज की रजामंदी से उसे मस्जिद में समाज के बच्चों को ऊर्दू पढ़ाने के लिए रखा गया था।

जिस पाकिस्तानी मौलाना पर रखा बेटे का नाम, उसके गोद में सना खान ने डाला अपना बच्चा: Video देख बोले यूजर्स- गैर महरम… तेरी हया कहाँ है

बॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री सना खान ने अपने शौहर मुफ्ती अनस के साथ पाकिस्तानी मौलाना तारिक जमील से मुलाकात की थी। उन्होंने अपने बेटे का नाम भी चूँकि मौलाना के नाम पर ही ‘जूनियर तारिक जमील’ रखा है, तो ऐसे में वो उसे मौलाना से मिलाने ले गई थीं। ये मुलाकात सऊदी अरब में उमराह के दौरान हुई थी। जिसकी वीडियो सना ने शेयर की थी और लंबा पोस्ट लिखा था। कई लोगों ने जहाँ इस वीडियो को देख तारीफ की, वहीं कुछ ने सना के अंदाज पर नाराजगी भी जताई।

दरअसल, सना खान द्वारा शेयर की गई वीडियो में सना खान और उनके शौहर मौलाना पहले तोहफा देते दिख रहे हैं। इसके बाद मौलाना तारिक उनके बच्चे ‘जूनियर तारिक जमील’ के साथ खेलते दिखते हैं। बीच में बच्चा उनकी दाढ़ी भी पकड़ता है जिसे तुरंत सना और मुफ्ती अनस छुड़वा देते हैं। अगली क्लिप में वो मौलाना के पास बैठी दिखती हैं।

ये क्लिप देखने के बाद कुछ कट्टरपंथियों ने सना की वीडियो पर उन्हें कहा, गैरमहरम के आगे औरत का ऐसा बैठना कैसा है जी ये तारिक भाई से ही पूछो।

देख सकते हैं एक यूजर ने लिखा- अस्तागफिरउल्लाह, तू अपना चेहरा ढके बिना गैर महरम के इतने करीब कैसे बैठी, उन्हें खुद बच्चा दे रही है, तेरी हया कहाँ है।

कुछ यूजर्स ने सना के पोस्ट पर भी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने कहा था कि मौलाना तारिक जमील को देखकर अल्लाह की याद आती है। फाबेहा ने लिखा- मौलाना को देखके अल्लाह याद आ जाते हैं? कुछ समझ नहीं आया ये अल्लाह को याद करने के लिए किसी की जरूरत नहीं है।

इन नेगेटिव कमेंट्स के बीच कई मुस्लिमों ने सना की तारिक जमील से मुलाकात को सराहा। मोहम्मद युनूस ने दुआ कि अल्लाह आपकी औलाद को मोहम्मद जमील जैसा बनाए।

सना खान का पोस्ट

सना खान ने इस मुलाकात के वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “आपको तहे दिल से प्यार और इज्जत तारिक जमील।” आगे उन्होंने लिखा- जूनियर तारिक जमील ने सीनियर हजरत मौलाना तारिक जमील साहब से मुलाकात की। मौलाना को देखकर वाकई अल्लाह याद आ जाता है। वह वाकई खूबसूरत इंसान हैं। मेरे और मेरे जैसे तमाम लोगों के लिए वो हिदायत का जरिया हैं। अल्लाह उनकी रक्षा करे और अच्छा स्वस्थ दे।

अपने पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा- “उन्होंने हमेशा मुझे बेटी बोला और अपने शब्दों के जादू से मुझे बहुत सब्र दिया। लोग आपको तोड़ने की कोशिश करते हैं और आपके माफद को टारगेट करते हैं लेकिन आपको हमेशा मजबूत रहना है। यही अल्लाह द्वारा लिया गया इम्तेहान है।”

बता दें कि तारिक जमील तब्लीगी जमात के सदस्य हैं। जिनकी उटपटांग और महिला विरोधी बातों को लेकर दुनिया भर में उनकी मजम्मत हो चुकी है। इस साल जून में मौलाना तारिक का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह जन्नत के हूरों के बारे में बता रहे थे। उस वीडियो में उन्होंने कहा था कि जन्नत में हूरें एक नहर से पैदा होती हैं और उनकी लंबाई 130 फीट होती हैं।

BPSC से बहाल हुए टीचर, स्कूल से उठाकर करवा दी शादी: बिहार में बवाल के बाद ‘वर-वधू’ पुलिस कस्टडी में, पकड़ौआ विवाह की तस्वीर वायरल

बिहार में एक शिक्षक का पकड़ौआ विवाह कराने की घटना सामने आई है। शिक्षक को स्कूल से ही उठा लिया गया था। अपहरण की शिकायत और आक्रोशित लोगों के बवाल के बाद पुलिस ने लड़का-लड़की को कस्टडी में ले लिया है। दोनों की शादी की तस्वीर भी वायरल है।

घटना वैशाली जिले की है। हाल ही में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा पास कर शिक्षक बने गौतम कुमार को बुधवार (29 नवंबर 2023) को स्कूल से अगवा कर लिया गया ​था। गौतम पातेपुर के रेपुरा स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शिक्षक हैं। वे पातेपुर थाना क्षेत्र के ही महया मालपुर गाँव के रहने वाले हैं।

शिक्षक को अगवा किए जाने की बात सामने आने के बाद आक्रोशित लोगों ने ताजपुर-हाजीपुर स्टेट हाइवे जाम कर दिया। इसके कुछ बाद पातेपुर पुलिस ने शिक्षक गौतम कुमार को महनार थाना क्षेत्र के नारायणपुर डेढ़पुरा गाँव से बरामद किया। साथ में उनकी नई नवेली दुल्हन भी थी। इस मामले में पुलिस ने एक शख्स को हिरासत में भी लिया है।

गौतम कुमार बुधवार की दोपहर बच्चों को पढ़ा रहे थे। तभी गाँव के ही राजेश राय, डब्लू राय, भूषण राय, विनोद राय, प्रमोद राय स्कूल पहुँचे और पिस्टल के बल पर धमकाया और बोलेरो में बैठाकर जबरन अपने साथ ले गए। स्कूल के प्रभारी प्रधानाचार्य और गौतम कुमार के दादा ने पातेपुर थाने में अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई। शिक्षक के अपहरण से गुस्साए परिवारवालों और ग्रामीणों ने एसएच-49 पर यातायात रोक दिया।

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बिहार में अगवा शिक्षक के पकड़ौआ शादी की तस्वीर वायरल (फोटो साभार: आज तक)

पुलिस ने कुछ घंटों में अगवा शिक्षक को उनकी पत्नी के साथ बरामद कर लिया। रिपोर्ट के मुताबिक राजेश राय की बेटी से शिक्षक गौतम की पकड़ौआ शादी कराई गई है। शादी लड़की के चाचा के ससुराल नारायणपुर डेढ़पुरा में हुई। अब इस मामले में लड़का और लड़की के परिवारों के बीच आपसी समझौते की बातें भी सामने आ रही है।

पातेपुर थाना के प्रभारी हसन सरदार ने बताया कि 164 के तहत शिक्षक का बयान कोर्ट में दर्ज करवाया जाएगा। कोर्ट में दिए बयान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि पिछले दिनों ही पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने पकड़ौआ विवाह से जुड़े एक मामले के सुनवाई करते हुए कहा था कि किसी महिला की माँग में जबरदस्ती सिन्दूर लगाना या लगवाना हिंदू विवाह अधिनियम के तहत शादी नहीं मानी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि हिंदू विवाह तब तक वैध नहीं है, जब तक कि यह स्वैच्छिक न हो। इसमें ‘सप्तपदी’ (अग्नि के सात फेरे) की रस्म निभाना जरूरी है।

PM मोदी के रंग में रंगा दुबई, हाथों में तिरंगा लिए भारतीय लगा रहे थे ‘फिर से मोदी सरकार’ के नारे: COP-28 में शिरकत करेंगे प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी COP-28 के ‘विश्व जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन’ में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार (30 नवंबर) रात दुबई पहुँचे। यहाँ भारतीय प्रवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सामने आई वीडियो में देखा जा सकता है कि पीएम मोदी के दुबई पहुँचने से भारतीय इतना खुश हुए कि उन्होंने मोदी-मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए।

समाचार एजेंसी एएनआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पीएम मोदी के स्वागत का वीडियो शेयर किया हुआ है। इस वीडियो में देख सकते हैं कि प्रवासी भारतीय झूमते गाते- “मोदी-मोदी, अब की बार मोदी सरकार और वंदे मातरम” जैसे नारे लगा रहे हैं।

प्रवासी भारतीयों में से एक ने पीएम मोदी से मुलाकात पर खुशी जताई और कहा, “मैं 20 साल से यूएई में रह रहा हूँ, लेकिन आज ऐसा लगा जैसे मेरा कोई अपना इस देश में आया हो… जो पूरी दुनिया में भारत का नाम रौशन करता है, वह भारत का हीरा है।” एक अन्य सदस्य ने कहा, “हम पीएम मोदी को यहाँ देखकर बहुत खुश हैं। दुनिया को पीएम मोदी जैसे नेता की जरूरत है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने दुबई में ऐसा स्वागत देखने के बाद भारतीय प्रवासियों को खुशी जाहिर की। उन्होंने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकॉउंट पर लिखा, “दुबई में भारतीय समुदाय के गर्मजोशी से स्वागत से मैं बहुत प्रभावित हूँ। उनका समर्थन और उत्साह हमारी जीवंत संस्कृति और मजबूत संबंधों का प्रमाण है।” इसके साथ उन्होंने भारतीयों के साथ कुछ तस्वीरें भी साझा की। इसमें उनका स्वागत और पीएम मोदी अभिवादन करते नजर आ रहे हैं।

क्या है COP-28?

बता दें कि COP-28 की फुल फॉर्म क्लाइमेट चेंज कॉन्फ्रेंस है। यह समित उत्सर्जन को कम करने और मौसम संबंधी घटनाओं से निपटने में विकासशील देशों का समर्थन करने पर केंद्रित है। यह जलवायु को लेकर UN की कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज की 28वीं बैठक का हिस्सा है, इसलिए इसे COP 28 का नाम दिया गया है। इस समित में शामिल होने के लिए UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने निमंत्रण भेजा था।

जिस देश के राजा कहलाते हैं ‘राम’, वहाँ भी बसी है एक ‘अयोध्या’; भक्त हनुमान को भी समर्पित है एक शहर

भारत की अयोध्या से करीब 3500 किलोमीटर दूर है, अयुथ्या (Ayutthaya)। इसे थाईलैंड की अयोध्या कहते हैं। थाईलैंड वह देश है, जिसके राजा आज भी ‘राम’ की उपाधि धारण करते हैं।

अयुथ्या थाइलैंड के स्वर्णभूमि एयरपोर्ट से करीब 93 किमी दूर है। इस एयरपोर्ट पर समुद्र मंथन की प्रतिकृति बनी है। इससे ही सटा एक और शहर है, लोकमुरी। यह शहर राम भक्त हनुमान को समर्पित है। यहाँ वानरों की पूजा की जाती है। थाईलैंड की 95 फीसदी जनसंख्या बौद्ध है। लेकिन विष्णु, गणेश, त्रिदेव और इंद्र को पूजते हैं। इस देश की भाषा का भी संस्कृत से रिश्ता है।

कहानी ‘अयुथ्या’ की

अयुथ्या शहर सियामी साम्राज्य की दूसरी राजधानी थी। इस साम्राज्य की पहली राजधानी सुखोताई थी। इस ऐतिहासिक शहर को 1350 में बसाया गया था। ये साम्राज्य 14वीं से 18वीं शताब्दी तक फला-फूला, क्योंकि ये एक ऐसे द्वीप पर बना हुआ था जिसके चारों तरफ तीन नदियाँ चाऊफ्रेया, पासक और लोकमुरी थी। ये समुंदर को सीधे इस शहर से जोड़ती थीं। इस तरह की भौगोलिक स्थिति के चलते ये दुश्मन के हमले और बाढ़ के खतरे सुरक्षित था।

इस दौरान रणनीतिक नजरिए से बेहद सुरक्षित यह शहर दुनिया के सबसे बड़ा महानगरीय शहर क्षेत्र होने के साथ ही वैश्विक कूटनीति और वाणिज्य का केंद्र बन गया। आज भी अयुथ्या ऐतिहासिक पार्क में इस पुराने शहर के खंडहर हो चुके हिस्से इसकी भव्यता की गाथा कहते नजर आते है। इसकी स्थापना राजा रामतिबोदी प्रथम ने की थी।

1350 में सिंहासन पर बैठने से पहले उन्हें प्रिंस यू थोंग (गोल्डन क्रैडल) के तौर पर जाना जाता था। उथोंग के बारे में कई बातें कही जाती हैं। इसमें उनके मंगराई का वंशज होना भी शामिल है। एक प्रसिद्ध किंवदंती में कहा गया है कि रामतिबोदी एक चीनी थे जो चीन से आए थे। कई ऐतिहासिक दस्तावेज उन्हें कंबोडिया के ख्मेर वंश का मानते हैं। ख्मेर कंबुज कंबोडिया का ही प्राचीन नाम है।

थाइलैंड पर ख्मेर वंश ने सन 850 में कब्जा कर लिया था, लेकिन 1767 में बर्मा की सेना ने इसे तबाह कर यहाँ के निवासियों को शहर छोड़ने को मजबूर कर दिया था। बर्मीज ने यहाँ 100 साल तक राज किया। इसका असर अब भी शहर पर दिखता है। हालाँकि इस शहर का पुनर्निर्माण उसी जगह पर कभी नहीं किया गया और इसलिए ये आज भी पुरातात्विक स्थल के तौर पर जाना जाता है।

1976 में इसके ऐतिहासिक पार्क होने का ऐलान किया गया। इसके एक हिस्से को 1991 में यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल घोषित कर दिया गया। इसका क्षेत्रफल 289 हेक्टेयर है। मौजूदा वक्त में ये शहर फ्रा नखोन सी अयुथ्या जिले के फ्रा नखोन सी अयुथ्या प्रांत में है।

खंडहर देते हैं भव्यता की गवाही

कभी वैश्विक कूटनीति और वाणिज्य का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा अयुथ्या, अब एक पुरातात्विक खंडहर है। इसकी खासियत ऊँचे प्रांग (अवशेष टावर) और विशाल बौद्ध मठों के अवशेष हैं। इससे शहर के अतीत के आकार और इसकी वास्तुकला की भव्यता का अंदाजा देते हैं। अयुथ्या को बेहद व्यवस्थित तरीके से बनाया गया था। इसके सभी प्रमुख संरचनाओं के आसपास सड़कें, नहरें और खाई शामिल थीं।

नदियों का अधिक से अधिक फायदा उठाने के लिए जल प्रबंधन के लिए एक हाइड्रोलिक प्रणाली थी जो तकनीकी तौर से बेहद उन्नत और दुनिया में अद्वितीय थी। यह शहर सियाम की खाड़ी के ऊँचाई पर था जो भारत और चीन के बीच समान दूरी पर था और नदी के ठीक ऊपर अरब और यूरोपीय शक्तियों से सुरक्षित था।

आर्थिक गतिविधियों का था केंद्र

कभी अयुथ्या क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर अर्थशास्त्र और व्यापार का केंद्र था। वह पूर्व और पश्चिम के बीच एक महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु के तौर पर जाना गया। इससे शाही दरबार ने दूर-दूर तक राजदूतों की अदला-बदली की। इसमें वर्साय के फ्राँसीसी दरबार, दिल्ली के मुगल दरबार के साथ-साथ जापान और चीन के शाही दरबार भी शामिल थे। अयुथ्या में विदेशियों ने सरकारी नौकरियाँ की और शहर में निजी तौर पर भी रहे।

अयुथ्या के रॉयल पैलेस से नीचे की तरफ विदेशी व्यापारियों और मिशनरियों के एन्क्लेव थे। हर इमारत अपनी-अपनी स्थापत्य शैली में थी। शहर में विदेशी असर बहुत अधिक था और वो अभी भी जीवित कला और स्थापत्य खंडहरों में देखा जा सकता है। अयुथ्या का स्कूल ऑफ आर्ट वहाँ सभ्यता की सरलता और रचनात्मकता के साथ-साथ कई विदेशी प्रभावों को जज्ब करने की काबिलियत दिखाता है।

यहाँ बने बड़े महल और बौद्ध मठ उदाहरण के लिए वाट महथत और वाट फ्रा सी सेनफेट उनके बनाने वालों की आर्थिक संपन्नता और तकनीकी कौशल के साथ-साथ उनकी अपनाई गई बौद्धिक परंपरा के भी प्रमाण हैं। सभी इमारतों को उच्चतम गुणवत्ता के शिल्प और भित्ति चित्रों से सजाया गया था। इसमें सुखोताई की पारंपरिक शैलियों का असर था। ये अंगकोर से विरासत में मिला था जो जापान, चीन, भारत, फारस की 17 वीं और 18 वीं शताब्दी की कला शैलियों से उधार लिया गया था।

वाट फरा में विराजते हैं श्रीराम

यूट्यूबर/पत्रकार मुकेश तिवारी ने कुछ महीनों पहले अयोध्या से अयुथ्या तक की यात्रा की थी। उन्होंने ट्रैवल जुनून नाम के यूट्यूब चैनल पर 18 अप्रैल 2023 को एक वीडियो अपलोड कर इस यात्रा के बारे में बताया है।

वीडियो में मुकेश ने बताया है कि यहाँ का वाट फरा राम मंदिर हिंदू देवता मर्यादा पुरोषत्तम को समर्पित है, जो बताता है कि यहाँ पुराने वक्त से उनका अस्तिव रहा है। इसे अयुथ्या के पहले राजा रमाथी बोधी प्रथम के अंत्येष्टि की जगह पर तैयार किया गया था। राजा बोधी प्रथम हिंदू और बौद्ध धर्म में बराबर आस्था रखते थे।

उनका धर्म तो बौद्ध था, लेकिन हिंदू धर्म और प्रभु श्रीराम में गहरी आस्था की वजह से ही उनकी अंत्येष्टि की जगह पर ये मंदिर बनाया गया। इसे बनाने की इजाजत उनके बेटे ने दी थी। ये भी कहा जाता है कि माथी बोधी प्रथम की मौत के बाद बनाया गया ये पहला मंदिर था। इस मंदिर में बड़ा खजाना था जिसे लंबे वक्त तक लूटा गया। ये भगवान राम और हिंदू धर्म से बहुत प्राचीन समय से चला आ रहा थाईलैंड का रिश्ता ही जो इस देश की राजधनी बैंकॉक में तीसरी वर्ल्ड हिंदू कॉन्ग्रेस में 61 देशों के सैकड़ों हिंदू जुटे थे।

जिस हसन के वीडियो पर ‘पैगंबर मोहम्मद का अपमान’, उसने बोला – मार दो मेरे अब्बा को: NIT श्रीनगर में कट्टर मुस्लिमों के बवाल से है कनेक्शन

इजरायल और हमास के बीच जारी सीजफायर के 7 वें दिन दोनों ओर से बंधकों की रिहाई व अदला-बदली जारी है। ऐसे में हमास के सह-संस्थापक शेख हसन यूसुफ के बेटे का मोसाब हसन यूसुफ का बयान सामने आया है।

वीडियो में उसने इजरायल से अपील की है कि वो सभी बंधकों को छुड़ाने के लिए हमास को एक समयावधि दें, अगर हमास फिर भी सभी कैदियों को रिहा करने से मना करे तो उनके अब्बा सहित सभी हमास के टॉप आतंकियों को मार दिया जाए।

वीडियो में मोसाब ने कहा, “बंधकों को अगर कुछ भी नुकसान होता है तो इजरायल को सभी हमास नेताओं को फांसी पर चढ़ा देना चाहिए। इजरायल की हिरासत में सैकड़ों लोग हैं। सिर्फ यही भाषा है जो हमास को समझ आती है।”

आगे मोसाब ने कहा, “मैं जब हमास के टॉप लीडर की बात करता हूँ तो उसमें मेरे पिता शेख हसन भी आते हैं। किसी को छूट नहीं। वो किसी को हिंसा के लिए उकसा नहीं सकते। लोगों को मरने के लिए नहीं भेज सकते। बच्चों को भड़काना उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा है।”

NIT श्रीनगर में हुए बवाल से मोसाब का कनेक्शन

बता दें कि मोसाब हसन यूसुफ हमास आतंकियों के खिलाफ अक्सर सवाल उठाते रहे हैं। बताया जाता है कि वह एक वीडियो में पैगंबर मोहम्मद पर भी विवादित बातें कह चुके हैं। पिछले दिनों उनकी वही वीडियो शेयर करने के कारण श्रीनगर के NIT का एक हिंदू छात्र मुश्किलों में पड़ गया। उसने उनकी वीडियो को अपने स्टेटस पर लगाया था। बाद में छात्र के खिलाफ एफआईआर हुई, उसे सस्पेंड किया गया और अब वह इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर है।

हिंदुओं से कोई दिक्कत नहीं- मोसाब

उन्होंने ‘सन ऑफ हमास’ नाम से किताब भी लिखी है। कुछ दिन पहले उन्होंने टाइम्स नाउ को इंटरव्यू दिया था। जिसमें उन्होंने कहा था कट्टर मुस्लिम किसी और के साथ नहीं रह सकते हैं और न ही वे ऐसा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “हिंदुओं को कोई परेशानी नहीं है, ईसाई और यहूदी भी सह-अस्तित्व में हैं। हिंसा केवल कट्टर मुस्लिमों की ओर से ही क्यों आती है?”

उन्होंने आगे कहा था, “मुझे बाकी दुनिया से कोई परेशानी नहीं है। भारतीयों को कोई दिक्कत नहीं है। ईसाई, यहूदी, हम सभी सह-अस्तित्व में हैं। हमास और किसी भी अन्य इस्लामी आंदोलन को ख़त्म करने की ज़रूरत है। हमें इसे बहुत खुले तौर पर और स्पष्ट तरीके कहना होगा। आतंकवाद स्वीकार नहीं है।”