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राशन-सिलेंडर-बिस्तर लेकर सड़क पर उतरे किसान, फिर से शहर की सीमाओं को घेरा: पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ जमावड़ा

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने अपनी माँगों के समर्थन में पंजाब के राज्यपाल को ज्ञापन देने का एलान किया है। यह ज्ञापन चंडीगढ़ में दिया जाएगा। ज्ञापन देने के लिए SKM से जुड़े लोग चंडीगढ़ में सड़क पर मार्च करते हुए राजभवन तक जाएँगे। इस एलान के बाद चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर के पास रविवार (26 नवंबर, 2023) को किसानों का जमावड़ा शुरू हो गया है। एहतियातन पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। आने-जाने वाले वाहनों को दूसरे रास्ते से डायवर्ट किया गया है। यह प्रदर्शन दिल्ली में हुए तीन कृषि कानून विरोधी धरने के 3 साल पूरे होने पर किया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के बैनर तले हो रहे इस तीन दिन के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन की प्रमुख माँग न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) कानून की गारंटी है। इसके अलावा साल 2020-21 में तीन कृषि कानून को रद्द करने के लिए किए गए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज हुए मुकदमे को वापस लेना प्रदर्शन की दूसरी प्राथमिकता बताई गई है। साथ ही इन प्रदर्शनों के दौरान जिन किसानों की मौत हुई थी उनके घर वालों को मुआवजा, 1 सदस्य को नौकरी और उनके कर्ज की माफी जैसी माँगे भी शामिल हैं।

SKM ने एलान किया है कि वो अपनी माँगों का एक ज्ञापन पंजाब के राज्यपाल को सौंपेंगे। इस ज्ञापन को बाकायदा चंडीगढ़ में मार्च निकाल कर दिया जाएगा। चंडीगढ़ के विभिन्न रास्तों पर इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए लोगों को ट्रैक्टर-ट्रॉली पर आते ही देखा गया। ट्रॉलियों पर राशन, बिस्तर, गैस सिलेंडर और रोजमर्रा काम में आने वाली चीजें भी मौजूद हैं। पुलिस ने इस जमावड़े को देखते हुए अपनी सुरक्षा-व्यवस्था चाक-चौबंद करनी शुरू कर दी है। अतिरिक्त पुलिस बल को शहर में लगाया गया है।

संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों के इस प्रदर्शन के चलते चंडीगढ़ में ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और एयरपोर्ट जाने वाले काई मार्गों में बदलाव किया गया है। प्रशासन को अंदेशा है कि आने वाले समय में प्रदर्शनकारियों की तादाद और बढ़ सकती है। माना यह भी जा रहा है कि प्रदर्शनकारी लम्बे समय तक रुकने का भी विचार कर सकते हैं। चंडीगढ़ आने वाले सड़कों पर भी कई जगह बैरिकेड देखे गए हैं।

सरकारी अस्पताल में 50 लोगों को जुटा कर कुरानख्वानी: हिन्दू संगठनों ने ANM रुबीना खान के खिलाफ की कार्रवाई की माँग, क़ुरान की तिलावत के लिए हाफिज को बुलाया था

मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में एक सरकारी उप स्वास्थ्य केंद्र के अंदर कुरानख्वानी का आयोजन किए जाने का मामला सामने आया है। इस दौरान बिल्डिंग के अंदर मुस्लिम समुदाय के लगभग 50 लोगों ने क़ुरान की तिलावत की जिसमें महिलाएँ भी शामिल रहीं। हिन्दू संगठन के सदस्यों ने इसका विरोध किया और कार्रवाई की माँग की। पुलिस ने कार्यक्रम का आयोजन करवाने वाली एएनएम रुबीना खान और तिलावत करने वाले हाफिज मोहम्मद अफ़ज़ल के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। घटना बुधवार (22 नवंबर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला शाजापुर के खेड़ी मंडल खा गाँव स्थित प्राथमिक स्वस्थ्य उपकेंद्र का है। यहाँ पर रुबीना खान बतौर एएनएम तैनात हैं। बुधवार (22 नवंबर, 2023) को उन्होंने स्वास्थ्य उपकेंद्र में ही कुरानख्वानी का आयोजन कर डाला। इस आयोजन में शामिल होने के लिए महिलाओं सहित लगभग 50 लोग शामिल हुए थे। कुरान की तिलावत करने के लिए खासतौर पर हाफिज मोहम्मद अज़मल को बुलाया गया था। काफी देर चले इस कार्यक्रम की बाकायदा तस्वीरें भी खिंचवाई गईं और वीडियो भी बनाए गए।

एएनएम ने अपने इस आयोजन के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया के विभिन्न ग्रुपों में शेयर कर दिए। इन ग्रुपों में उनका आधिकारिक ग्रुप भी शामिल था। कुछ ही देर में ये फोटो और वीडियो वायरल हो गए। मामला हिन्दू संगठनों की नजर में भी आ गया तो वो कार्रवाई की माँग करने लगे। इस बीच मामले को बढ़ता देख एएनएम रुबीना ने वो फोटो और वीडियो कई जगहों से डिलीट कर दिए। हालाँकि, तब तक ये तस्वीरें वायरल हो चुकीं थीं। ‘हिन्दू जागरण मंच’ के पदाधिकारियों ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से रुबीना और हाफ़िज़ पर कार्रवाई की माँग कर डाली।

रुबीना खान की हरकत का स्वास्थ्य विभाग ने भी संज्ञान लिया और एएनएम को नोटिस जारी किया है। वहीं पोलायकलां ब्लॉक के मेडिकल आफिसर ने रुबीना और हाफिज के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी। इस तहरीर पर पुलिस ने रुबीना और हाफिज मोहम्मद अजमल के खिलाफ IPC की धारा 188 व 34 के तहत FIR दर्ज कर ली है। जिलाधिकारी किशोर कन्याल ने इस मामले में सीएमएचओ डा.राजू निदारिया के साथ मिल कर जाँच के लिए एक टीम बनाई। पोलायकलां के ब्लाक मेडिकल आफिसर डा. महेंद्र परमार ने गाँव को मुस्लिम बहुल बताया है।

यह कुरानख्वानी नए कमरे में सामान शिफ्ट करने से पहले की गई है। दावा किया जा रहा है कि इस दौरान गाँव के सरपंच वहीद भी मौजूद थे। डा. महेंद्र परमार के मुताबिक, कुरानख्वानी उप स्वास्थ्य केंद्र के कक्ष के बजाय केंद्र परिसर में ही बने एक दूसरे कमरे में हुई थी। फिलहाल इस उपस्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण हो चुका है और यहाँ आम जनता का इलाज हो रहा है।

खतना, लात-घूँसों से पीटा, जातिसूचक गालियाँ… दलित युवक को कुछ ऐसे दी जा रही मुस्लिम लड़की से शादी की सज़ा, पीड़ित ने रोते हुए बताया मौलाना कैसे कर रहे प्रताड़ित

महाराष्ट्र के लातूर जिले में एक दलित युवक ने अपना जबरन खतना किए जाने की शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़ित का नाम खांडू कांबले है जिसे धर्मांतरित कर के युसूफ बना दिया गया है। खतना करने का दबाव बनाने वाला आरोप मौलाना फैज़ और सैयद वकील चौधरी पर है। पीड़ित ने अपनी इस प्रताड़ना की वजह मुस्लिम लड़की से शादी करना बताया है। ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़ित ने अपनी प्रताड़ना में बीवी सहित ससुराल वालों को भी शामिल बताया है।

ऑपइंडिया ने पीड़ित युवक खंडू कांबले से बात की। उन्होंने हमें बताया कि इस मामले की शुरुआत 5 साल पहले हुई थी। तब लगभग 23 वर्षीय खंडू कांबले ऑटो चला कर अपने परिवार का गुजारा करता था। इस दौरान एक अस्पताल में उसके एक परिजन का इलाज चल रहा था। इसी अस्पताल में जुलेखा नाम की एक मुस्लिम लड़की भी अपने अब्बा महबूब शेख का इलाज करवा रही थी। दोनों की यहीं बातचीत हुई जो आगे चल कर मुलाकातों में बदल गई। जुलेखा ने खुद को तलाकशुदा बताया और खुद से ही खंडू कांबले से शादी इस इच्छा जताई। जुलेखा की अम्मी, अब्बा और एक भाई भी इस रिश्ते के लिए बिना शर्त तैयार हो गए।

मूल रूप से खंडू धाराशिव जिले का निवासी है। खंडू ने हमें आगे बताया कि शादी से पहले उसने और जुलेखा ने कभी भी एक-दूसरे के मजहब या धर्म में रोकटोक न करने की कसम खाई थी। जुलेखा नमाज़ पढ़ती थी और खंडू अपने धार्मिक संस्कार के अनुसार जीवन बिता रहा था। खुद को बेहद गरीब बताते हुए जुलेखा अपने पूरे परिवार के साथ खंडू के साथ रहने लगी। खंडू अपने साथ जुलेखा के भी परिजनों का पूरा खर्च उठाने लगा। इस बीच खंडू इस जॉइंट फैमिली के साथ लातूर आ कर रहने लगा।

खंडू ने हमें बताया कि उन्होंने लातूर के एक मुस्लिम बाहुल्य इलाके में किराए का मकान लिया। यह घर मस्जिद के सामने किसी सिकंदर का था। कुछ समय बाद यहाँ उसकी पक्की दोस्ती RTO ऑफिस में एजेंट का काम करने वाले यूनुस से हो गई। खंडू के घर से कुछ ही दूर पर कुछ मौलाना फैज़ और सैयद वकील रहते थे। आरोप है कि जब उन्हें दलित युवक खंडू द्वारा मुस्लिम लड़की से शादी की जानकारी हुई तो वो भड़क गए। दोनों मौलानाओं ने पहले खंडू को भला-बुरा कहा लेकिन जब उस पर कोई फर्क नहीं पड़ा तब वो जुलेखा और उसके परिवार वालों को मज़हबी बातें कर के उकसाने लगे।

खंडू कांबले की एक लगभग 3 साल की बेटी है। आरोप है कि मौलानाओं की बातों में आ कर उनकी बीवी, सास और ससुर के बर्ताव में फर्क आने लगा। उन सभी ने मौलानाओं के साथ मिल कर खंडू पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब खंडू ने मना किया तो न सिर्फ उसकी पिटाई की जाने लगी बल्कि उनको जातिसूचक शब्द बोले जाने लगे। खंडू को नीची जाति का बताते हुए मुस्लिम परिवार के दामाद बनने के अयोग्य कहा जाता था।

शिकायत के मुताबिक, आखिरकार परिवार खोने का डर दिखा कर 3 मार्च, 2023 को खंडू को लातूर पुलिस अधीक्षक ऑफिस के सामने एक मस्जिद में बाहरी मौलानाओं की मौजूदगी में खंडू को इस्लाम कबूल करवा दिया गया। इसके बाद लातूर के ही एक अस्पताल में खंडू का खतना भी करवाया गया। खंडू पर मौलानाओं ने जमात में भी जाने का दबाव बनाया। जब उसने अपनी बीवी और बच्चे की फ़िक्र बताई तो उसे मौलानाओं ने सँभाल लेने का भरोसा दिया। हमसे बात करते हुए खंडू कांबले रोने लगे।

जब खंडू ने मौलानाओं द्वारा जमात में जाने के हुक्म को मानने से मना कर दिया तब उसकी लात-घूँसों से पिटाई की गई। खंडू से 5 लाख रुपए की डिमांड की गई। पैसे न देने पर मौलाना सैयद वकील और फैज़ ने उनकी बीवी और बच्चे को अपने साथ ही रखने की धमकी दी। इतना कह कर खंडू को बाहर निकाल दिया गया। आरोप है कि बाद में खंडू को एक मोबाइल नंबर से बार-बार पैसे माँगे जाने लगे। 15 सितंबर 2023 को खंडू ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया था कि 5 माह से उनकी बीवी और बेटी से उनका कोई सम्पर्क नहीं हो पा रहा है।

अपनी शिकायत में खंडू कांबले ने पुलिस से अपनी बीवी और बच्ची की सुरक्षा की गुहार लगाई है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। ऑपइंडिया से बात करते हुए खंडू ने बताया कि अब उनकी पत्नी भी मौलानाओं के बहकावे में आ गई है। खंडू की पत्नी और ससुराल वाले उस पर 5 लाख रुपए देने के साथ एक जमीन भी खरीद कर अपने नाम करवाने का दबाव बना रहे हैं। लातूर में खुद को असुरक्षित बताते हुए खंडू फिलहाल धाराशिव में रह रहे हैं।

मुस्लिम दोस्त भी दे रहा धमकी

खंडू कांबले ने हमें बताया कि पहले उनका हिन्दू-मुस्लिम जैसी बातों पर यकीन नहीं था। उनका लातूर में सबसे पुराना दोस्त यूनुस भी अब धमकी दे रहा है। आरोप है कि पिछले हफ्ते उसने कॉल कर के धमकी दी थी और लातूर अपने रिस्क पर आने के लिए कहा था। यूनुस ने खंडू से ये भी कहा कि अगर उसे अपनी बीवी या बच्चों से बात करनी है तो उसके माध्यम से किया करे। खंडू ने हमसे बातचीत में यह भी शक जताया कि उसकी बीवी के मुस्लिम होने की बात लोगों में सम्भवतः यूनुस ने ही फैलाई हो।

फिलहाल खंडू की शिकायत पर अभी FIR दर्ज नहीं हुई है। खंडू ने हमसे बातचीत में आरोपितों को सजा दिलाने तक संघर्ष जारी रखने का एलान किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा मिलने के बाद वो अपने मूल धर्म में वापसी करेंगे। फ़िलहाल खंडू कांबले मोमोज और चाइनीज की दुकान चला कर अपना गुजर बसर कर रहे हैं।

14 लाख किलो ग्रेनाइट से अमेरिका के हवाई द्वीप पर तैयार हुआ भव्य हिन्दू मंदिर: न बनाने में न अब बिजली का इस्तेमाल, जानिए कैसे शैव संतों ने कर दिखाया संभव

पश्चिमी जगत में एक ऐसा हिन्दू मंदिर बना है, जिसके लिए न तो बिजली और न ही किसी बिजली के उपकरण का इस्तेमाल किया गया था। ये अमेरिका के प्रसिद्ध हवाई द्वीप में स्थित है। हवाई के जिस काउई द्वीप पर इसका निर्माण किया गया है, वहाँ ये चारों तरफ से सुंदर जंगलों और पार्कों से घिरा हुआ है। ये एक इराइवान मंदिर है, यानी तमिल शैली का मंदिर। ये पूरा का पूरा भवन ग्रेनाइट से बनाया गया है। इसके शिखर पर सोने की परत चढ़ी हुई है, दक्षिण भारत के प्राचीन मंदिरों की तर्ज पर इसका निर्माण किया गया है।

हवाई की जनसंख्या 14 लाख के करीब है, जिसमें से 1% से कम लोग ही हिन्दू हैं। कुछ आँकड़े तो कहते हैं कि हिन्दुओं की संख्या 50 से ज़्यादा नहीं होगी। लेकिन, काउई अधीनम परिसर में रहने वाले 2 दर्जन साधुओं के पास श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। ये हिन्दू धर्म की शैव विचारधारा का पालन करते हैं। इन्हीं में से एक परमाचार्य सदाशिवानन्द पलानी स्वामी ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था, जो काउई के कापा में 1968 में अपने गुरु और परिसर के संस्थापक शिवाय सुब्रमुनियास्वामी के साथ आए थे।

उन्होंने एक बार स्वप्न में भगवान शिव को वहाँ एक बड़े पत्थर पर विराजमान देखा था, जिसके बाद मंदिर का निर्माण शुरू करवाया गया। 1990 में इसका निर्माण शुरू हुआ और संस्थापक के निधन के बाद भी कार्य जारी रहा। गुरूजी का मानना था कि बिजली के साथ एक प्रकार का चुम्बकीय प्रभाव आता है और इसका मानसिक असर भी होता है। भारत के कई कलाकारों की सेवा इस मंदिर को बनाने में ली गई, जिसमें 33 वर्ष लगे। मंदिर में तेल के दीये जलाए जाते हैं, बल्ब नहीं।

चोल राजवंश की शैली पर आधारित इस मंदिर में पंखे या AC भी नहीं लगवाए गए हैं। यहाँ मुख्य देवता के रूप में 700 पाउंड (317.51 किलोग्राम) के शिवलिंग की स्थापना की गई है। इसमें एक कडवुल मंदिर भी है, जिसमें शिव को नृत्य करते हुए अर्थात नटराज के रूप में दिखाया गया है। इस साल मार्च में पुजारी प्रवीणकुमार यहाँ पहुँचे, जब 32 लाख पाउंड (14.51 लाख किलोग्राम) के ग्रेनाइट का इस्तेमाल कर के 3600 पत्थर, स्तम्भ और बीम को स्थापित किया गया।

पुजारी ने कहा कि यहाँ इस तरह की किसी संरचना का निर्माण असंभव था, लेकिन फिर भी इसे संभव बनाया गया। बता दें कि सुब्रमुनियास्वामी पहले सैन फ्रांसिस्को में बैलेट डांसर हुआ करते थे। उत्तरी श्रीलंका में गुरु योगस्वामी ने उन्हें दीक्षित किया। फिर उन्हें पूर्व-पश्चिम के बीच सेतु बनाने का आदेश गुरु ने दिया। 1969 में काउई द्वीप पर उन्हें विशेष अनुभव हुए। उन्होंने मंदिर बनाने में स्थानीय संस्कृति का भी ध्यान रखा। उससे पहले उन्होंने बौद्ध मठों का भी दौरा किया।

‘मेरिट के आधार पर हो जजों की नियुक्ति, पारदर्शी हो प्रक्रिया’: CJI के सामने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उठाई ‘नेशनल जुडिशल सर्विस’ की बात, बोलीं – न्याय तक हो सबकी पहुँच

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार (26 नवंबर, 2023) को सुप्रीम कोर्ट द्वारा ‘संविधान दिवस’ के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया, जिसमें देश के मुख्य न्यायाधीश DY चंद्रचूड़ भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश की व्यवस्था से गुलामी की निशानियों को मिटाने का कार्य चल रहा है। उन्होंने सभी क्षेत्रों में गुलामी की निशानियों को सजगता से मिटाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की सारी व्यवस्थाओं को नागरिकों पर केंद्रित बनाना होगा, ताकि न्याय तक सभी पहुँच संभव हो सके।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि हमारी व्यवस्थाएँ समय का उत्पाद हैं, या यूँ कहें कि गुलामी काल से निकली हैं। इस दौरान उन्होंने ‘बेंच एन्ड बार’ में भारत की विशेष विविधताओं के प्रतिनिधित्व की भी वकालत करते हुए कहा कि इससे न्याय के कार्य को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने ऐसी विविधतापूर्ण प्रक्रिया का एक विकल्प सुझाते हुए कहा कि एक ऐसा सिस्टम बनाया जाए जिसमें विभिन्न पृष्ठभूमियों से जजों की नियुक्ति हो, प्रक्रिया मेरिट पर आधारित हो, प्रतियोगी हो और पारदर्शी हो।

उन्होंने कहा, “एक ‘ऑल इंडियन जुडिशल सर्विस’ की व्यवस्था बनाई जा सकती है, जिसके तहत प्रतिभावान युवाओं को चुना जाए, उन्हें निचले स्तर से ऊपर तक लाने के लिए तैयार किया जाए। जो बेंच में सेवा देना चाहते हैं, उन्हें देश भर से चुना जाए, ताकि प्रतिभाशाली युवाओं का एक समूह तैयार हो। ऐसी व्यवस्था से उन सामाजिक समुदायों को भी मौका मिलेगा, जिनका प्रतिनिधित्व कम है। न्याय तक सबकी पहुँच हो, तो इससे बराबरी का सिद्धांत भी मजबूत होता है।”

इस दौरान राष्ट्रति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान में वर्णित न्याय, स्वाधीनता, बराबरी और भाईचारे की भावना पर बल देते हुए कहा कि इन्होंने देश की आज़ादी की लड़ाई में भी बड़ी भूमिका निभाई थी और इसीलिए इन्हें संविधान के प्रस्तावना में भी विशेष स्थान मिला। उन्होंने कहा कि न्याय के रास्ते में आम लोगों के आड़े पैसा और भाषा जैसी चीजें आ जाती हैं। उन्होंने कहा कि संविधान सिर्फ एक लिखित दस्तावेज है, उसे अमल में लाया जाए तभी ये जीवित होता है। बता दें कि मोदी सरकार ने 2015 में संविधान को स्वीकृत करने वाले दिन हर साल 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया था।

‘तू सलमान खान को भाई कहता है न… अब बोल बचाए’ : लॉरेंस बिश्नोई ने पंजाबी सिंगर गिप्पी ग्रेवाल के घर के बाहर कराई फायरिंग, बोला- मौत का वीजा नहीं लगता

पंजाबी गायक गिप्पी ग्रेवाल के कनाडा स्थित घर के बाहर फायरिंग की सूचना सामने आई है। गिप्पी का यह घर कनाडा के वैंकुवर में व्हाइट रॉक इलाके में है। फायरिंग में किसी के हताहत होने की सूचना अभी नहीं है। इस फायरिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई नाम के फेसबुक अकॉउंट ने हमले की जिम्मेदारी ली है। यह घटना शनिवार (25 नवंबर 2023) शाम को हुई है।

लॉरेंस का कहना है उसने गिप्पी के घर पर इसलिए फायरिंग करवाई है क्योंकि वह सलमान खान से नजदीकी बढ़ा रहे थे।

गौरतलब है कि लॉरेंस सलमान खान को काले हिरन को मारने का दोषी मानते हुए उन्हें कई बार मारने की धमकी दे चुका है। उसका एक गुर्गा भी सलमान के घर के बाहर रेकी करता हुआ पकड़ा गया था।

लॉरेंस बिश्नोई नाम के इस फेसबुक पेज पर किए गए पोस्ट में लिखा है, “हाँ जी सत श्री अकाल, राम राम सभी को। आज वैंकुवर के व्हाइट रॉक एरिया में गिप्पी ग्रेवाल के बंगले पर फायरिंग लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने करवाई है। सलमान खान को बहुत भाई-भाई कहता है, अब उनसे कह कि तुझे आकर बचाए तेरा भाईजी। ”

लॉरेंस विश्नोई की पोस्ट गिप्पी
लॉरेंस बिश्नोई की पोस्ट

आगे पोस्ट में लिखा गय, “यह सलमान को भी सन्देश है कि उन्हें जो वहम है दाउद भी नहीं बचा सकता उन्हें हमसे। सिद्धू मूसेवाला की मौत पर भी तूने कितना ओवरएक्टिंग की थी, तुझे पता है ये कितना गलत बन्दा था, इसके क्रिमिनल के साथ लिंक थे। पहले तू विक्की मिद्दुखेड़ा के आगे पीछा घूमा करता था और बाद में सिद्धू का दुःख हो गया तुझे।”

गौरतलब है कि विक्की मिद्दुखेड़ा की हत्या बम्बिहा गैंग के लोगों ने कर दी थी। विक्की पंजाब के बड़े छात्रनेता थे। बिश्नोई गैंग ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या का दोषी बम्बिहा गैंग को मानते हुए की थी। इसे विक्की की मौत का बदला कहा गया था।

आगे पोस्ट में कहा गया है, “तू भी राडार में आ गया है, अब तुझे बताते हैं कि धक्का क्या होता है। तुझे ये ट्रेलर दिखाया है, मूवी जल्दी रिलीज होगी। किसी भी देश भाग जाओ ये याद रखो कि मौत को किसी भी देश का वीजा नहीं लेना पड़ता। इसे जिधर आना है आ ही जाएगी।”

रात भर सुनता था पाकिस्तानी मौलाना की तकरीरें, घर से मिली जिहादी सामग्रियाँ: जिस लारेब हाशमी ने की ‘सर तन से जुदा’ की कोशिश, खँगाले जा रहे बैंक खाते

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में शुक्रवार (24 नवंबर 2023) को B.Tech के छात्र लारेब हाशमी ने सरकारी बस के कंडक्टर हरिकेश विश्वकर्मा पर चापड़ से हमला कर दिया था। इस हमले में गंभीर रूप से घायल हरिकेश का अस्पताल में इलाज चल रहा है। एक मुठभेड़ के बाद पुलिस ने लारेब हाशमी को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने हाशमी 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

पूछताछ में पता चला है कि हाशमी यूट्यूब पर मौलानों की भड़काऊ तकरीरें सुनता था, जिनमें पाकिस्तानी मौलाना भी शामिल हैं। उसकी मोबाइल की सर्च हिस्ट्री में इसके सबूत मिले हैं। उसके लैपटॉप, मोबाइल, पेन ड्राइव और चिप को जब्त करके फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा गया है। जाँच में मिले सबूतों के आधार पर अब मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने भी इंट्री की है।

हाशिम के बैंक खातों की भी जाँच की जा रही है। एजेंसियाँ ये भी पता लगा रही हैं कि पॉल्ट्री की दुकान चलाने वाले के बेटे हाशिम की इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए पैसे कहाँ से आए। उसे कहाँ-कहाँ से और किसने पैसे भेजे, इसकी पड़ताल की जा रही है। लारेब के कमरे में कुछ किताबें भी मिली हैं। इसमें से कुछ जिहादी साहित्य बताए जा रहे हैं।

एजेंसियों ने पूछताछ के लिए उसके परिवार के लोगों और साथियों की लिस्ट तैयार कर रही है। वहीं, उसके कुछ करीबियों को पूछताछ के लिए उठाया भी गया है। जिस यूनाइटेड इंजीनियरिंग कॉलेज में लारेब B.Tech की पढ़ाई कर रहा था, उसने निलंबित कर दिया है। अब उसे कॉलेज से निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अब तक की जाँच में ये बात भी सामने आई है कि लारेब हाशमी पिछले 8 माह से कट्टरपंथ की राह पर तेजी से बढ़ा। वो सुबह के 4 बजे तक ऑनलाइन जिहादी वीडियो देखा करता था। अंतिम 2 माह में उसने पाकिस्तानी मौलाना खादिम हुसैन रिज़वी की तकरीरें सबसे ज्यादा सुनीं। वह बातचीत में अरबी और उर्दू के शब्दों के अधिक से अधिक इस्तेमाल करता था।

बस कंडक्टर पर हमले के बाद लारेब हाशमी ने जो वीडियो जारी किया था, उसमें भी उसने इस पाकिस्तानी मौलाना का जिक्र किया था। उसने कहा था, “ए खादिम हुसैन रिज़वी, आपने कहा था, अल्लाह के नाम पर निकलो, फ़रिश्ते आएँगे, एक भी हत्या मत करना, इस्लाम के दुश्मन करेंगे लाशों का ढेर लगाना।” मौलाना रिज़वी तहरीक-ए-लब्बेक का संस्थापक था।

पता चला है कि लारेब हाशमी दो भाइयों और एक बहन में लारेब दूसरे नंबर पर है। परिवार और आसपास के लोग उसे काफी गुस्सैल स्वभाव वाला बताते हैं। इस मामले में उससे और अधिक पूछताछ के लिए पुलिस जल्दी ही अदालत से लारेब की कस्टडी रिमांड माँग सकती है।

चीन में फैला निमोनिया, भारत हुआ अलर्ट: स्वास्थ्य मंत्रालय ने सारे राज्यों को दिए निर्देश- तैयारी पूरी रखो

चीन में फैले निमोनिया ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। भारत में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सारे प्रदेशों और केंद्रशासित प्रदेशों को उनके सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल में तैयारी करके रखने को कहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्हें अस्पताल के बिस्तर, इन्फ्लूएंजा के लिए दवाएँ और टीके, ऑक्सीजन, एंटीबायोटिक्स, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, परीक्षण किट जैसे चिकित्सा बुनियादी ढाँचे को बढ़ाने के लिए उपाय करने के निर्देश दिए हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को ‘कोविड-19 के संदर्भ में संशोधित निगरानी रणनीति के लिए परिचालन दिशानिर्देश’ लागू करने के लिए कहा है। ऐसे में जिला एवं राज्य अधिकारी ILI/SARI (इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी/गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण) के मामलों पर नजर रखेंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने भी कहा है क‍ि स्वास्थ्य मंत्रालय चीन में बच्चों में फैली सांस की बीमारी के मामलों में वृद्धि पर करीब से नजर रख रहा है।

बता दें कि इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कहा गया था कि रहस्यमयी बीमारी से भारत को खतरा कम है लेकिन सरकार हर प्रकार से आपात स्थिति के लिए तैयार है। मंत्रालय ने बताया था कि फिलहाल किसी भी तरह की चेतावनी का कोई मामला सामने नहीं आया है। वहीं चीन से भी जब साँस संबंधी बीमारी को लेकर विवरण माँगा गया तो उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन को सूचित किया कि उन्हें कोई नया रोगाणु नहीं मिला है। उनके मुताबिक मौसमी बीमारी के अलावा उन्हें कोई नया वायरस का नहीं पता चला है।

‘ऐ चुप बैठो, सुनना है तो सुनो नहीं तो Get Out’: कॉन्ग्रेस की रैली में खड़गे को नहीं मिली ‘इज्जत’? वायरल वीडियो में कार्यकर्ताओं को ही खूब सुनाया

तेलंगाना में एक चुनावी रैली में संबोधन के दौरान कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे अपना आपा खो बैठे। इस दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों द्वारा शोर मचाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें सुनो या फिर भाग जाओ। उन्होंने मंच से खुद को AICC का नेता बताया। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में खड़गे कह रहे हैं, “(चीखते हुए) ऐ चुप बैठो। अगर सुनना है तो सुनो नहीं तो गेट आउट (हाथ की चले जाने का इशारा करते हुए)। डॉन्ट टॉल्क दैट वे (इस तरह बात मत करो)। आपको मालूम नहीं होता?”

खड़गे ने आगे कहा, “ये जो यह मीटिंग चल रही है, एक ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमिटी का नेता बोल रहा है। और तुम्हारे में मुँह में तुमको जो होना है कहते हैं (और तुमको जो मुँह में आता है, कहे जा रहे हो)। अगर सुनना है तो सुनो नहीं तो अपने जगह को जाओ।”

इस वीडियो को सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है और लोग कॉन्ग्रेस और मल्लिकार्जुन खड़गे पर तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। हालाँकि, यह वीडियो कहाँ का है इसको लेकर स्पष्टता नहीं है, लेकिन कहा जा रहा है कि यह तेलंगाना विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए आयोजित की गई एक रैली का है।

भाजपा नेता सुनील देवधर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “दिल्ली में मीडिया नहीं सुनती, पार्टी में गाँधी परिवार नहीं सुनता, रैली में कार्यकर्ता नहीं सुनते! बेचारे खड़गे जी…।”

इतना ही नहीं, मल्लिकार्जुन खड़गे का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसे भाजपा नेता डॉक्टर अजय आलोक ने भी 16 नवंबर 2023 को अपने एक्स हैंडल पर शेयर किया था। इस वीडियो में खड़गे के बयान को जोड़ा गया है।

बता दें कि तेलंगाना में 30 नवंबर 2023 को मतदान होना है, जबकि 3 दिसंबर को मतगणना होगा। यहाँ सत्ताधारी BRS के साथ असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM का गठबंधन है। वहीं, भाजपा राज्य में एक बड़ी शक्ति के रूप में उभर रही है।

हरियाणा में लड़कियों की कॉलेज शिक्षा का खर्च उठाएगी सरकार! कम आय वाले परिवारों के लिए CM खट्टर का बड़ा ऐलान, प्राइवेट कॉलेजों में भी मिलेगी ये सुविधा

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने राज्य में कम आय वाले परिवारों की लड़कियों की कॉलेज शिक्षा को मुफ्त करने का ऐलान किया है। उन्होंने यह ऐलान पानीपत जिले के समालखा में किया है।

मुख्यमंत्री खट्टर समालखा में आयोजित ‘जन आशीर्वाद रैली‘ को संबोधित करने पहुँचे थे। समालखा में उन्होंने इस योजना का ऐलान किया। हरियाणा सरकार ऐसे परिवार, जिनकी वार्षिक आय ₹1.8 लाख से कम है उनकी बेटियों की कॉलेज में पढ़ाई का खर्चा वहन करेगी।

हरियाणा सरकार ₹1.8 लाख से लेकर ₹3 लाख के बीच है, ऐसी बेटियों की पढ़ाई का 50% खर्च सरकार वहन करेगी। हरियाणा सरकार की यह व्यवस्था सरकारी और निजी, दोनों तरह के कॉलेज पर लागू होगी। इसका अर्थ है कि पूरे प्रदेश में किसी भी तरह के कॉलेज में पढ़ने वाली लड़कियाँ इस योजना का लाभ ले सकेंगी।

इससे पहले मुख्यमंत्री खट्टर ने प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों के लिए मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन को भी बढ़ा कर ₹3000/माह कर दिया था। यह व्यवस्था राज्य में 1 जनवरी 2024 से चालू होगी। इसके अलावा राज्य में 80 वर्ष से ऊपर के नागरिकों के लिए ‘वरिष्ठ नागरिक सेवा आश्रम योजना’ का ऐलान किया था।

समालखा में मुख्यमंत्री खट्टर ने कॉन्ग्रेस पर हमला भी बोला। उन्होंने कॉन्ग्रेस को देश में भ्रष्टाचार और अपराध की जनक भी बताया है। उनका कहना है कि जिस तरह प्रदेशों में कॉन्ग्रेस साफ़ हो रही है, उसका देश से भी खात्मा हो जाएगा। वह एक दिवसीय दौरे में पानीपत में ही स्थित ब्रह्मकुमारी संस्थान में भी पहुँचे। यहाँ मुख्यमंत्री ने ‘नशा मुक्त हरियाणा अभियान’ की शुरुआत की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री खट्टर ने ‘दादी चंद्रमणि यूनिवर्सल पीस ऑडिटोरियम’ का उद्घाटन और ‘मनमोहिनी भवन’ का शिलान्यास किया। साथ ही प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, पानीपत हेतु सरकार की तरफ से ₹21 लाख अनुदान राशि देने की घोषणा की।