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बुर्का पहन पोलिंग बूथ में घुसीं 100 महिलाएँ… फेक वोटिंग का मचा हल्ला: इंदौर में मतदान के वक्त सामने आए BJP और कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता

मध्य प्रदेश के इंदौर में बुर्के में मतदान के मुद्दे पर हंगामा खड़ा हो गया। भाजपा ने जहाँ बुर्के की आड़ में फर्जी मतदान की शिकायत दर्ज करवाई तो वहीं कॉन्ग्रेस इसे विधानसभा चुनावों में हार की बौखलाहट बता रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा और जाँच के बाद कहा कि आरोप सही नहीं पाए गए। घटना शुक्रवार (17 नवंबर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला इंदौर विधानसभा के क्षेत्र 3 का है। शुक्रवार को यहाँ के एक सरकारी स्कूल में विधानसभा चुनावों के दौरान वोट डाले जा रहे थे। इस बीच भाजपा कार्यकर्ताओं को लगभग 100 की संख्या में बुर्का पहने महिलाओं के बूथ के अंदर जाने की सूचना मिली। इस सूचना पर कई भाजपा कार्यकर्ता बूथ पर जमा हो गए और हंगामा करने लगे। मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल पहुँचा। लगभग 2 घंटे तक चले इस हंगामे की वजह से कई मतदाता बूथ के अंदर रोक लिए गए।

इंदौर के पुलिस अधिकारी अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक फर्जी मतदान की शिकायत पर पहुँची पुलिस ने आरोपों की जाँच करवाई। हालाँकि जाँच में आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई। इंदौर 3 की जिस विधानसभा सीट पर यह विवाद हुआ वहाँ लगभग 1 लाख 88 हजार मतदाता हैं। भाजपा ने यहाँ राकेश शुक्ला उर्फ़ गोलू को मैदान में उतारा है। वहीं कॉन्ग्रेस से इसी सीट पर दीपक जोशी उर्फ़ पिंटू किस्मत आज़मा रहे हैं।

कॉन्ग्रेस ने भाजपा के इस विरोध को हार के पूर्वानुमान से उठी बौखलाहट बताया है। इसके अलावा राऊ विधानसभा में कॉन्ग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तनातनी हो गई थी। इस विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस विवाद को काबू करने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा था। बताते चलें कि शुक्रवार को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए हुए मतदान के लिए 76.22% मतदान हुआ था। साल 2018 में मतदान का आँकड़ा 75% था। शुरुआती रुझानों में इस बार साल 2018 का आँकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

बच्चियों की लाशें, लाशों पर स्पर्म, कटे हुए स्तन… इजरायल में हमास के इस्लामी आतंकियों की हैवानियत का नज़ारा, बलात्कार करते-करते मार देते थे गोली

हमास ने इजरायल पर आतंकी हमले के बाद न सिर्फ आम इजरायलियों को मौत के घाट उतारा बल्कि जीवित और मृत बच्चियों और महिलाओं के साथ बलात्कार जैसी दरिंदगी भी किया। इसी के मद्देनजर अब इज़रायल पर 7 अक्टूबर, 2023 हमास के हमलों के बाद बलात्कार के मामलों का दस्तावेज तैयार कर रही है। जिसके लिए फोरेंसिक सबूतों, वीडियो और गवाहों के बयान और संदिग्धों से पूछताछ किया जा रहा है।

इसे लेकर जो खुलासे प्रत्यक्षदर्शियों ने अब तक किए हैं वो इंसानियत को शर्मसार करने वाले हैं। हमास के आंतकियों ने पकड़ी गई महिलाओं और लड़कियों का खौफनाक तरीके से रेप और यौन उत्पीड़न ही नहीं किया बल्कि उनके साथ शारीरिक तौर पर भी भयानक हिंसा की। किसी की छाती काट डाली तो किसी को रेप करने के दौरान ही गोली मार कर जान ले ली।

इजरायली बच्चियों की लाशों पर पड़े ताजा स्पर्म ये चीख-चीख कर कह रहा था कि उनके साथ हमास के आतंकियों ने किस कदर हैवानियत की है। खून से सने उनके जिस्मों पर अनगिनत घाव बगैर कहे गवाही दे रहे थे कि हैवानियत का नंगा नाच कैसा होता है।

हमास आंतकियों के भयावह, अमानवीय अपराध

इजरायल की खास 669 स्पेशल टैक्टिस रेस्क्यू यूनिट के एक पैरामेडिक ने सीएनएन को बताया कि उसने पहले भी सभी तरह की जान माल के नुकसान वाली वारदातों की जाँच की है, लेकिन 7 अक्टूबर की हिंसा कल्पना से भी परे की थी।

इस फाइटर पैरामेडिक ने अपना नाम छापने की शर्त पर बताया कि किबुत्ज़ बेरी में हमास के नरसंहार के बाद जब वो किसी जिंदा बचे शख्स की तलाश में घर-घर जा रहे थे। उस दौरान उन्हें एक बेडरूम में दो दो युवा किशोर लड़कियों की लाश मिली।

पैरामेडिक के मुताबिक, “एक की लाश बिस्तर पर पड़ी हुई थी और दूसरी की एक फर्श पर।” उन्होंने आगे बताया फर्श पर पड़ी लड़की अपने पेट के बल थी। उन्हें इसमें कोई शक नहीं था कि किशोरी के साथ बलात्कार किया गया था, लेकिन उन्हें यह नहीं पता चला कि वह पहले मर गई थी या नहीं।

उन्होंने आगे बताया, “उसकी पैंट घुटने तक खुली हुई है और उसकी गर्दन के पीछे सिर के पास गोली के जख्म थे। उसके सिर के चारों ओर खून का ढेर लगा था है और उसकी पीठ के निचले हिस्से पर स्पर्म पड़ा था।”

उन्होंने आगे बताया कि बिस्तर पर पड़ी लड़की के पूरे शरीर पर चोट के निशान थे और उसकी छाती में गोली लगी थी। उनका कहना था कि इन दो लड़कियों को उनके पहुँचने से कुछ वक्त पहले ही मारा गया हो या पहले मार डाला गया हो शायद उनके ही बेडरूम में उनके साथ बलात्कार किया गया था, अभी जाँच के बाद ही पता लगेगा।”

अन्य लोगों ने भी नोवा संगीत समारोह में इसी तरह की खौफनाक और हैवानियत से भरे वाकयों के बारे में बताया था। यहाँ सैकड़ों युवाओं को आतंकवादियों ने मार डाले थे। समारोह के एक आयोजक रामी शमूएल ने कहा कि जब वह भाग रहे थे तो उसने महिला पीड़ितों को बगैर कपड़ों के देखा और जो कुछ हुआ उसके बारे में उसे कोई संदेह नहीं है। उन्होंने बताया, “उन्हें नंगा कर उनके (महिलाओं) दोनों पैर फैलाए गए थे और उनमें से कुछ को मार डाला गया था।”

उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था कि इन महिलाओं से वहशीपन की हद पार करते हुए यौन हिंसा की गई थी। उनका कहना था कि हमास के आतंकियों ने खासकर औरतों, युवा युवतियों के ही कपड़े उतार फेंके थे। इससे साफ है कि उनका मकसद पहले से ही इनके साथ बलात्कार करना था, क्योंकि उन्होंने वहाँ उस दिन किसी भी पुरुष के कपड़े नहीं उतारे थे।

अभी लंबी चलेगी जाँच

इज़रायल की पुलिस मानती है कि उनकी जाँच में महीनों लग सकते हैं। हिब्रू विश्वविद्यालय की मानवाधिकार कानून विशेषज्ञ एल्कायम-लेवी भी कहती हैं कि यह साफ नहीं है कि किसी भी मामले को कैसे और कहाँ संभाला जाएगा। हालाँकि, उन्होंने कहा कि दोहरी नागरिकता वाले कुछ परिवार इज़रायल के अलावा अन्य देशों में न्याय के लिए जा सकते हैं और साथ ही अंतरराष्ट्रीय अदालतों में भी अपने मामले को ले जा सकते हैं।

इजरायली अधिकारियों ने एक प्रेस ब्रीफिंग में जो सबूत जुटाए थे। उसमें एक महिला का बयान भी शामिल था। इस महिला ने 7 अक्टूबर, 2023 को अपने छिपने की जगह से नोवा म्यूजिक फेस्टिवल पर हमास आंतकियों के हमले को अपनी आँखों से देखा था। इस मायने में उनका बयान काफी मददगार साबित होगा।

इस महिला ने अपने बयान में कहा, “उन्होंने (हमास) किसी को झुकाया हुआ था और मुझे समझ आया कि वह उस युवती के साथ बलात्कार कर रहा था और फिर वह उसे दूसरे को बलात्कार के लिए सौप रहा था।”

उसने आगे बताया, “वह जीवित थी। वह अपने पैरों पर खड़ी थी और उसकी पीछे से खून बह रहा था। मैंने देखा कि वह उसके बाल खींच रहा था। उसके लंबे भूरे बाल थे। मैंने उन्हें उसके स्तन काटते हुए देखा और फिर वह उसकी कटे स्तनों को सड़क की ओर फेंक रहा था। उसे दूसरे शख्स ने किसी दूसरे की तरफ उछाला और वो उससे खेलने लगे।”

इसके बाद भी हमास के आतंकियों ने उस युवती को नहीं छोड़ा। गवाह ने आगे बताया, “मुझे याद है कि एक अन्य शख्स ने फिर और उसके साथ बलात्कार किया था और उससे बलात्कार करते-करते ही उसने युवती के सिर में गोली मार दी।”

हमास की दरिंदगी के हजारों बयान वीडियो क्लिप

इजरायली पुलिस सुपरिटेंडेंट डूडी काट्ज़ की रूह भी इन सबूतों के बारे में बताते हुए हुए काँप उठी थी। काट्ज़ के मुताबिक, अधिकारियों ने हमास के हमलों से जुड़े 1,000 से अधिक बयान और 60,000 से अधिक वीडियो क्लिप इकट्ठा किए हैं।

उन्होंने आगे बताया कि इनमें उन लोगों के बयान भी शामिल हैं जिन्होंने महिलाओं के साथ बलात्कार होते देखा था। हालाँकि, उन्होंने कहा कि जाँचकर्ताओं के पास भुक्तभोगी नहीं है और यह भी साफ नहीं है कोई बलात्कार पीड़िता जीवित बची है या नहीं।

बीते महीने हमास के आंतकी हमले में उस दिन गाजा और इजरायल की सीमा के गाँवों और खेतों में लगभग 1,400 इजरायली मारे गए और इससे अधिक घायल हुए। वहीं हमास के आतंकियों ने 240 से अधिक इजरायली नागरिकों को बंधक बनाया। इसमें बच्चे, बुजुर्ग, औरतें सब शामिल थे।

हमास के इन आतंकियों की इस काली करतूत को दुनिया के सामने लाने के लिए सुबूत जरूरी है। तभी इजरायल के पुलिस कमिश्नर शबताई याकोव कहते हैं कि जाँच संभावित तौर पर अभियोग लगाने के काम आएगी, लेकिन अभी इन अपराधों के दस्तावेज़ तैयार करना पहला मिशन है।

कहीं दुनिया भूल न जाए इजरायली बच्चियों, औरतों से हुई हैवानियत

हिब्रू विश्वविद्यालय की मानवाधिकार कानून विशेषज्ञ कोचाव एल्कायम-लेवी ने अत्याचारों के सबूतों के दस्तावेज तैयार करने के लिए अपने साथियों के साथ एक नागरिक आयोग का गठन किया है। उन्हें डर है कि गाजा और इजरायल की जंग के बीच दुनिया इजरायली महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा पर गौर करना कहीं भूल न जाए। उन्होंने आतंकी हमलों के ठीक एक हफ्ते बाद आए संयुक्त राष्ट्र के एक बयान की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इस बयान में यौन हिंसा का जिक्र तक नहीं था।

एल्कायम-लेवी का कहना है, “हम उनके साथ जो कुछ भी हुआ है उसे कभी नहीं जान पाएँगे। जब हम जानते हैं कि जिन महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया और जिन पर यौन हमला किया गया उनमें से अधिकांश की हत्या भी कर दी गई।”

लेवी ने यूएन के बयान पर कहा, “इजरायली महिलाओं के तौर पर, हमारे बच्चों के लिए और हम लोगों के लिए यह सिर्फ चुप्पी या बेइज्जती से भी कहीं अधिक बुरा है। जब वे हमें स्वीकार करने में नाकाम है, यहाँ जो कुछ हुआ उसे स्वीकार करने में विफल हो रहे हैं, इस तरह से वो इंसानियत को नाकाम कर रहे हैं।”

खाने-पीने की सामग्री से लेकर दवाई तक… भारत ने गाजा नागरिकों को भेजी ’32 टन’ मदद, इजरायल खुद खोलेगा रास्ता

भारत ने युद्ध में फंसे फिलीस्तीन के हिस्से गाजा के नागरिकों को मदद भेजी है। भारतीय वायुसेना का सी 17 ग्लोबमास्टर विमान 32 टन सामग्री लेकर 19 सितम्बर को दिल्ली से रवाना हुआ है। यह मिस्र पहुँचेगा, जहाँ से इसे राफाह क्रासिंग के जरिए गाजा के लोगों तक पहुँचाया जाएगा।

अक्टूबर माह में युद्ध चालू होने के बाद से भारत ने दूसरी बार गाजा के लोगों के लिए मदद भेजी है। इससे पहले भी एक बार मिस्र के रास्ते ही मदद भेजी जा चुकी है। इस सामग्री में खाने पीने का सामान, दवाइयाँ और अन्य महत्वपूर्ण चीजे हैं।

गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को गाजा के भीतर से इस्लामी आतंकी संगठन हमास के आतंकियों ने इजरायल पर हमला कर दिया था। इस हमले में 1,200 से अधिक नागरिक मारे गए थे। इसके पश्चात इजरायल ने गाजा के भीतर हवाई हमले चालू कर दिए।

इजरायल ने हमास के आतंकियों को ढूँढ ढूँढ कर मारने के लिए नागरिकों को भी गाजा के दूसरे हिस्से में भेजा है। इस कारण से बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो गए हैं। विस्थापित लोगों को हमास लगातार मानव ढाल बना रहा है।

भारत द्वारा भेजी गई मदद ट्रकों से गाजा के भीतर भेजी जाएगी। यह मदद मिस्र के एल अरीश शहर के एयरपोर्ट पर उतरेगी। यह इलाका गाजा से मात्र 45 किलोमीटर दूर है। इजरायल ने फिलीस्तीनियों तक सहायता पहुँचने के लिए राफाह क्रासिंग खोलने की अनुमति दी हुई है।

भारत शुरुआत से ही इजरायल समस्या में दोनों राज्यों का समर्थन करता आया है। भारत का कहना रहा है कि इजरायल और फिलीस्तीन दो देश होने चाहिए। हालाँकि, फिलीस्तीन इजरायल का आस्तित्व नहीं मानना चाहता है।

भारत ने जहाँ एक तरफ गाजा के लोगों को सहायता भेजी है, वहीं उसने इजरायल पर हुए आतंकी हमले की कड़ी आलोचना भी की है। भारत ने इस कठिन घड़ी में इजरायल का समर्थन किया है। भारत ने मानवता के मूल्यों को मद्देनजर रखते हुए गाजा में यह सहायता भेजी है।

वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत को बचाने हैं 240 रन, रोहित शर्मा की आक्रामक शुरुआत के बाद कोहली-राहुल ने जड़ा अर्धशतक

आईसीसी क्रिकेट विश्वकप के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 241 रनों का लक्ष्य रखा है। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला लिया, जिसे उसके गेंदबाजों ने लगभग सही साबित किया। भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में सभी विकेट खोकर 240 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया के सामने 241 रनों का लक्ष्य रखा। कुलदीप यादव आखिरी गेंद पर दो रन लेने के चक्कर में रन आउट हो गए। भारत की तरफ से विराट कोहली और के एल राहुल ने महत्वपूर्ण अर्धशतकीय पारियाँ खेंली, तो कप्तान रोहित शर्मा ने 47 रनों का बेहद महत्वपूर्ण योगदान दिया।

इससे पहले, भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने आक्रामक शुरुआत की और 31 गेंदों पर 47 रन बनाए। लेकिन दूसरे छोर से शुबमन गिल महज 7 गेंदों पर 4 रन बनाकर आउट हो गए। उन्हें स्टार्क ने अपना शिकार बनाया। इस समय टीम का स्कोर महज 30 रन था। इसके बाद रोहित ने विराट कोहली के साथ 46 रनों की साझेदारी की। रोहित शर्मा अपना हाथ खोल ही रहे थे कि ग्लेन मैक्सवेल को निशाना बनाने की कोशिश में कैच थमा बैठे।

विराट कोहली और केएल राहुल की धीमी बल्लेबाजी

रोहित शर्मा का विकेट 10वें ओवर में कुल 76 रनों के योग पर गिरा। इसके बाद मैदान पर आए श्रेयस अय्यर तुरंत ही पवैलियन लौट गए। वो 3 गेंदों पर 4 रन बना सके। अय्यर का विकेट जब गिरा, तब टीम का स्कोर था 81 रन। तीसरा विकेट गिरने के बाद मैदान आए केएल राहुल ने विराट कोहली के साथ बेहद संभलकर बल्लेबाजी की। दोनों ने अपने रन सिंगल-डबल लेकर बनाए। कोहली-राहुल ने 67 रनों की साझेदारी की, जिसके बाद 148 रनों के कुल स्कोर पर विराट कोहली आउट हो गए।

विराट कोहली ने 63 गेंदों पर 54 रन बनाए, वहीं दूसरे छोर से के एल राहुल डटे रहे। वो बेहद धीमी बल्लेबाजी करते रहे, लेकिन सिंगल-डबल के दम पर ही स्कोर बोर्ड को चलाए रखा। इस दौरान बीच के समय में 97 गेंदों पर कोई रन नहीं बना।

विराट कोहली के आउट होने के बाद मैदान पर आए रविंद्र जडेजा ने जमने की कोशिश की। वो 22 गेंदों पर 9 रन बना भी चुके थे, लेकिन हैजलवुड ने उन्हें अपना शिकार बना लिया। टीम का पाँचवाँ विकेट 178 रनों के कुल स्कोर पर गिरा।इसके बाद केएल राहुल और सूर्या ने 25 रनों की साझेदारी की, लेकिन 203 रनों के कुल योग पर के एल राहुल स्टार्क की गेंद पर विकेट कीपर जोश इंग्लिश को कैच थमा बैठे। केएल राहुल ने 107 गेंदों पर 66 रन बनाए और अपनी पारी में महज एक ही चौका लगाया।

राहुल के आउट होने के बाद ढही भारतीय पारी

के एल राहुल के आउट होने के बाद मैदान पर आए मोहम्मद शमी 10 गेंदों पर 6 रन बनाकर स्टार्क के तीसरे शिकार बने। टीम का सातवाँ विकेट 211 रनों के कुल योग पर गिरा। टीम का आठवाँ विकेट 45वें ओवर में जसप्रीत बुमराह के रूप में गिरा, जिसे जैम्पा ने अपने आखिरी ओवर में लिया। वहीं, सूर्य कुमार यादव 226 रनों के कुल योग पर आठवें विकेट के तौर पर आउट होकर पवैलियन लौटे। सूर्या 28 गेंदों पर 18 रन बनाकर आउट हुए।

एक तरफ भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली के अलावा रन बनाने के लिए तरसते रहे, तो दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया के लिए सभी गेंदबाजों ने सधी गेंदबाजी की। जोश हैजलवुड को रोहित शर्मा ने शुरू में निशाना जरूर बनाया, लेकिन बाद में उन्होंने वापसी की और जडेजा का विकेट हासिल किया। ऑस्ट्रेलिया के लिए मिचेल स्टार्क ने 10 ओवरों में 55 रन देकर 3 विकेट लिए, तो ग्लेन मैक्सवेल और एडम जैम्पा को एक-एक विकेट मिला। वहीं, जोश हैजलवुड ने 2 विकेट लिए तो कप्तान पैट कमिंस को भी 2 विकेट मिले।

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर चुनी है बल्लेबाजी

बता दें कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खचाखच भरे शोर के बीच ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने विश्व कप फाइनल में भारत के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम 10 गेम खेलने के बाद फाइनल में अजेय रही, पांच मैचों में लक्ष्य का पीछा करते हुए लक्ष्य का बचाव किया है। आज पहले बल्लेबाजी के बाद भारतीय टीम को लक्ष्य का बचाव करना है।

ऐसी हैं दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन

भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शुबमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, जसप्रित बुमराह, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज।

ऑस्ट्रेलिया: ट्रैविस हेड, डेविड वार्नर, मिशेल मार्श, स्टीवन स्मिथ, मार्नस लाबुशेन, ग्लेन मैक्सवेल, जोश इंगलिस (विकेटकीपर), मिशेल स्टार्क, पैट कमिंस (कप्तान), एडम ज़म्पा, जोश हेज़लवुड।

हमास को खत्म करने के लिए इजरायल को पाकिस्तान कर रहा 155 मिमी गोले की आपूर्ति: Pak मीडिया ने ही किया दावा, कहा- ‘खून से सने हैं इस्लामाबाद के हाथ’

हमास के आतंकी ढाँचे को खत्म करने के लिए इजरायली सेना को पाकिस्तान 155 मिमी के गोले की आपूर्ति कर रहा है। ऐसा दावा किया जा रहा है। ऐसे में यह घटनाक्रम इस दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है कि पाकिस्तान लम्बे समय से फिलिस्तीन का समर्थक रहा है, यहाँ तक कि वह इजरायल के अस्तित्व से भी इनकार करता है।

दरअसल, पीपल टॉक शो नाम के पाकिस्तानी मीडिया संगठन के एक्स (ट्विटर) अकाउंट ने फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा का विश्लेषण करने के बाद यह दावा किया। यूजर ने दावा किया कि ब्रिटिश वायु सेना के एक विमान ने बहरीन से पाकिस्तान के रावलपिंडी में नूर खान बेस के लिए उड़ान भरी थी। बाद में, यह ओमान के माध्यम से साइप्रस में एक सहयोगी अड्डे पर पहुँच गया।

पीपल टॉक शो ने पोस्ट किया, ”पाकिस्तान इजरायल को 155 मिमी के गोले निर्यात कर रहा है। वैश्विक आपूर्ति की कमी के कारण इन हथियारों को इजरायल को निर्यात किया गया है। ब्रिटिश एयरफोर्स आरआरआर6664/5 ने बहरीन से रावलपिंडी पीएएफ नूर खान बेस तक, नूर खान बेस से बहरीन के लिए उड़ान भरी। इजरायल को आपूर्ति करने के लिए बहरीन से डुकम ओमान और डुकम ओमान से साइप्रस तक मित्र देशों के अड्डे तक इसे पहुँचाया गया।”

इसने पाकिस्तान के हाथ फिलिस्तीनी नागरिकों के खून से सने होने का आरोप लगाया। पोस्ट में कहा गया है, “फिलिस्तीनी नागरिकों और बच्चों का खून पाकिस्तानी सशस्त्र बलों के हाथ में है, इस्लामाबाद के हाथ में है।”

एक अन्य ट्वीट में, इसने एक लेख का लिंक संलग्न किया जिसमें अक्रोटिरी बेस पर वायु सेना के ट्रैफिक रूट को दिखाया गया है जो उनके दावे के समर्थन में भी है।

ब्रिटिश एयरफोर्स RRR6664/5 एक बोइंग C-17A ग्लोबमास्टर, एक सैन्य परिवहन विमान है। जबकि उड़ान ट्रैकिंग मैप दिखा रहा है कि रॉयल एयर फ़ोर्स का विमान पाकिस्तान में उतरा, हालाँकि, यह ज्ञात नहीं है कि ऐसे में यह दावा करने वाले ने कैसे निर्धारित किया कि विमान पर गोला-बारूद, विशेष रूप से 155 मिमी के गोले लोड किए गए थे।

गौरतलब है कि ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स का साइप्रस में अक्रोटिरी बेस एक अंतरराष्ट्रीय सैन्य केंद्र के रूप में सामने आया है। इसका इस्तेमाल हमास के खिलाफ युद्ध के बीच इजरायल को हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति करने के लिए किया जा रहा है। इजरायली अखबार हारेत्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार, 40 से अधिक अमेरिकी परिवहन विमान, 20 ब्रिटिश परिवहन विमान और सात भारी परिवहन हेलीकॉप्टर उपकरण, हथियार और सेना का सामान लेकर साइप्रस में आरएएफ अक्रोटिरी बेस के लिए उड़ान भरी थी।

हारेत्ज़ रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि नेगेव रेगिस्तान के पास दक्षिणी इज़रायल में स्थित नेवातिम वायु सेना बेस पर उतरने वाले अमेरिकी विमानों ने इज़रायल की सेना के लिए हथियार पहुँचाएँ हैं। अमेरिकी विमान अन्य चीजों के अलावा बख्तरबंद वाहन लेकर तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर भी उतरे हैं।

इस रिपोर्ट को इस तथ्य से बल मिला कि पाकिस्तान जमीनी हमलों के लिए आवश्यक बुनियादी हथियारों का निर्माता है। सितंबर 2023 में, द इंटरसेप्ट रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पाकिस्तान ने अमेरिका को गुप्त हथियार बेचने की साजिश रची, जिससे उसे अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से बहुप्रतीक्षित बेलआउट पैकेज हासिल करने में मदद मिली।

कथित तौर पर हथियारों की बिक्री का सौदा यूक्रेनी सेना को अन्य हथियारों के साथ 155 मिमी के गोले की आपूर्ति के लिए किया गया था। हालाँकि, इस्लामाबाद ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था और दावा किया कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध में तटस्थता की नीति बनाए हुए है।

हालाँकि, यूक्रेन को 155 मिमी के गोले से लैस करने की रिपोर्टों के समान ही पाकिस्तान ने उन दावों को भी खारिज कर दिया है कि वह इज़राइल को इजरायली सशस्त्र बलों के लिए जमीनी हमले के लिए आवश्यक गोला-बारूद की आपूर्ति कर रहा है।

इजरायल के प्रति पाकिस्तान का रुख

गौरतलब है कि पाकिस्तान दुनिया के उन कुछ देशों में से है जो इजरायल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं देता है। 1947 में, इज़रायल के निर्माण के समय, पाकिस्तान ने फिलिस्तीन के लिए संयुक्त राष्ट्र विभाजन योजना के खिलाफ मतदान किया था।

फ़िलहाल, पाकिस्तान द्वारा इज़रायल को 155 मिमी के गोले की कथित आपूर्ति को भी पश्चिमी शक्तियों द्वारा किसी पिछले दरवाजे से हथियारों की सप्लाई के रूप में देखा जा रहा है।

‘न पुलिस ने किया गिरफ्तार, न यूनिवर्सिटी ने कोई कार्रवाई की’: BHU में हिंदू विरोधी नारेबाजी करने वाले अब तक आजाद, 17 पर हुई थी FIR

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार (5 नवंबर, 2023) को बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के अंदर हिंदुत्व विरोधी और आज़ादी के नारे लगे थे। ABVP कार्यकर्ताओं का आरोप था कि जब उन्होंने नारेबाजी रोकने का प्रयास किया तब उन पर हमला किया गया। पुलिस ने इस मामले में कुल 17 नामजद सहित अन्य अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज की है। आरोपित छात्र वामपंथी AISA (आइसा) से जुड़े बताए गए थे। ऑपइंडिया ने इस मामले में वर्तमान हालातों की जानकारी ली।

नारेबाजी को चीफ प्रॉक्टर ने भी स्वीकारा

इस मामले में BHU के चीफ प्रॉक्टर शिव प्रकाश सिंह का भी बयान मीडिया में आया है। उनका कहना है कि धरना देने वालों में AISA के साथ NSUI से जुड़े छात्र भी थे। चीफ प्रॉक्टर ने आगे बताया कि AISA द्वारा पुतला दहन के बाद हालात खराब हुए। पुतला दहन के ही बीच सुरक्षा गार्डों ने AISA कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया जिसके जवाब में उन्होंने अभद्रता और नारेबाजी की। AISA की इस करतूत का ABVP ने विरोध किया और मारपीट हो गई। बकौल शिव प्रकाश सिंह शाम को NSUI के छात्रों ने भी धरना दिया था लेकिन समझाने पर वो वापस चले गए थे।

छुट्टियाँ खत्म होते ही आंदोलन को देंगे धार

ऑपइंडिया ने इस मामले में ABVP के वाराणसी पदाधिकारी अभय प्रताप सिंह से बात की। अभय प्रताप ने हमें बताया कि इस बीच में दीपावली की छुट्टियाँ पड़ गईं जिसके चलते BHU कैम्पस अधिकतर बंद रहा। इस दौरान वामपंथियों के हमले की शिकार ABVP की छात्राएँ बेहतर देखभाल और छठ पूजा आदि के लिए अपने घर भी चली गईं हैं। बकौल अभय प्रताप कैम्पस फिर से खुलने और पीड़िताओं के वापस आने के बाद आरोपित वामपंथियों पर कार्रवाई के लिए आंदोलन को फिर से धार दी जाएगी।

यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से भी कोई ठोस एक्शन नहीं

ABVP पदाधिकारी अभय प्रताप का कहना है कि पुलिस तो दूर अभी तक आरोपित छात्रों के खिलाफ यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी कोई ठोस एक्शन नहीं लिया। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन यह अच्छे से जानता है कि वामपंथियों ने कैम्पस के अंदर हिंदुत्व विरोधी नारे लगाए हैं लेकिन फिर भी वो न जाने क्यों और किसके दबाव में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। बकौल अभय वो जब भी विश्वविद्यालय प्रशासन से सवाल करते हैं तो जवाब में कमेटी गठित कर के जाँच किए जाने की जानकारी दी जाती है। हालाँकि अभय को आशंका है कि ये सब जाँच के नाम पर सिर्फ समय बिताने के लिए हो रही कार्रवाई है।

अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं

ऑपइंडिया ने अब तक हुई कानूनी कार्रवाई की जानकारी के लिए वाराणसी में SHO लंका को कॉल किया। थाना प्रभारी लंका ने हमें बताया कि फ़िलहाल अभी तक मामले में किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जिस मामले में ABVP के दलित छात्र को पीटा गया था उस मामले की जाँच ACP भेलूपुर प्रवीण कुमार कर रहे हैं। जब हमने ACP प्रवीण कुमार से सम्पर्क करने का प्रयास किया तब उन्होंने फोन नहीं उठाया। ACP का पक्ष आने के बाद उसे खबर में अपडेट किया जाएगा। फिलहाल बकौल थाना प्रभारी अभी तक केस में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और मामले की जाँच तथ्यों व सबूतों के आधार पर की जा रही है।

आरोपितों के हाईकोर्ट जाने की तैयारी

ABVP पदाधिकारी अभय ने हमें आगे बताया कि उनको विश्वस्त सूत्रों से ये पता चला है कि आरोपित छात्र छुट्टी और बीच में मिल रहे समय का फायदा उठा कर हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। हाईकोर्ट में FIR को रद्द करने की माँग भी की जा सकती है। हालाँकि SHO लंका ने आरोपित छात्रों द्वारा हाईकोर्ट जाने जैसी कोई जानकारी मिलने या उच्च न्यायालय की तरफ से कोई नोटिस आदि से इंकार किया है। अभय का दावा है कि आरोपित छात्रों में अधिकतर पहले सरस्वती शिशु मंदिरों में पढ़े थे और बचपन में संस्कारी थी लेकिन बाद में उनको वामपंथियों ने ब्रेनवॉश कर के अपने साथ मिला लिया। उदहारण के तौर पर अभय ने केस में आरोपित रोशन पांडेय का नाम लिया।

वामपंथी छात्रों के हॉस्टलों में बाहरी लोग

ABVP के अभय प्रताप ने दावा किया कि BHU कैम्पस में हुए प्रदर्शन के साथ अन्य कई अराजक कार्यों में कैम्पस के वामपंथी छात्रों के साथ बाहरी तत्वों की संलिप्तता रही है। उन्होंने कहा कि ABVP ने बाहरी तत्वों के खिलाफ आवाज उठाई तो यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हॉस्टलों की जाँच करवाई। जाँच में अभय ने अपना दावा सही होने की बात कही। अभय का आरोप है कि वामपंथी छात्रों का हॉस्टल में बाहरी लोग मिले हैं जिन्हे फिलहाल निकाल दिया गया है।

FIR को वामपंथियों ने बताया झूठा

इस मामले में वामपंथी छात्रों के समर्थन में उनकी विचारधारा के कुछ लोग सामने आए हैं। बताया गया है कि नारेबाजी करने वाले वामपंथी छात्रों के कुछ समर्थक खुद को स्थानीय नागरिक बताते हुए ACP भेलूपुर पहुँचे। उन्होंने AISA वालों को निर्दोष और ABVP के छात्रों को हमलावर बताया। एक ज्ञापन के माध्यम से लगभग 7 लोगों के इस प्रतिनिधि मंडल ने वामपंथी छात्रों पर दर्ज FIR निरस्त करते हुए ABVP से जुड़े छात्रों की गिरफ्तारी की माँग की। इस पत्र को FIR में नामजद मुख्य अरोपिता आकांक्षा आज़ाद ने अपने फेसबुक पर शेयर किया है।

अफगान शरणार्थियों को सिर्फ भगा ही नहीं रहे, बेईमान पाकिस्तानियों ने रख लिया उनका पैसा भी: नहीं लौटा रहे गरीबों और अनपढ़ों के लाखों रुपए

पाकिस्तान से अफगान शरणार्थियों को निकालने के निर्णय के बाद अब इसके परिणाम सामने आ रहे हैं। अफगान शरणार्थी व्यापारियों का उधार पैसा पाकिस्तानी नहीं लौटा रहे हैं। अफगानी कुछ दिनों में वापस चले जाएँगे, ऐसा जान कर वह बहाने बना रहे हैं।

गौरतलब है कि पाकिस्तान ने हाल ही में देश से अफगानी शरणार्थियों को निकालने का निर्णय लिया है। यह अफगानी शरणार्थी 1979 पिछले 4.5 दशक में अस्थिर अफगानिस्तान से भाग कर पाकिस्तान आए हैं। बड़ी संख्या 1980 के दशक में आने वालों की है। पाकिस्तान की सरकार ने 17 लाख अफगानियों को पाकिस्तान छोड़ने को कहा है। पाकिस्तान ने इन अफगानियों को कहा है कि वह अपने साथ केवल 50,000 पाकिस्तानी रुपए ही लेकर जा सकते हैं। अब तक लगभग 2 लाख अफगानी पाकिस्तान छोड़ चुके हैं।

पाकिस्तान ने यह कदम अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाने के लिए उठाया है। पाकिस्तान का आरोप है कि तालिबान, आतंकी समूह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा और वह अफगानिस्तान की जमीन का उपयोग पाकिस्तान पर हमलों के लिए कर रहे हैं।

पाकिस्तान के कराची शहर के अल आसिफ इलाके में रहने वाले हाजी मुबारक शिनवारी एक अफगानी शरणार्थी और व्यापारी हैं। उनके ट्रांसपोर्ट से लेकर कपड़े और सूदखोरी समेत कई व्यापार हैं। उन्होंने बड़ी रकम पाकिस्तानियों को भी उधार दे रखी है।

हाजी मुबारक का कहना है चूँकि अब हमारे यहाँ रुकने पर तलवार लटक रही है इसलिए पाकिस्तानी अब हमारा रुपया देने में आनाकानी कर रहे हैं। उन्हें अब उधार लौटाने की चिंता नहीं है। एक अन्य अफगानी व्यापारी शरीफुल्ला जान का 52 लाख रुपया पाकिस्तानियों के पास उधार है। उन्हें भी अपने पैसे वापस नहीं मिल रहे। इन व्यापारियों के पैसे मिलना दूर, अब पाकिस्तान की पुलिस और उनके दलाल इनके इलाकों में आकर अवैध वसूली भी कर रहे हैं। इसी कारण से जिन इलाकों में अफगानी शरणार्थी रहते हैं, वहाँ पर दुकान धंधे बंद हैं।

अफगानिस्तान से पाकिस्तान आने वाले अधिकांश शरणार्थी गरीब और अनपढ़ हैं। हालाँकि, उनमें से कुछ ऐसे हैं जिन्होंने समय के साथ पाकिस्तान में अपने व्यापार कर लिए थे। यह पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा हैं। एक रिपोर्ट बताती है हाजी इकबाल जैसे अनेकों शरणार्थी इस बात का इंतजाम कर रहे हैं कि वह पाकिस्तान में बनाई गई अपनी संपत्तियाँ कैसे वापस लेकर जाएँ। अफगान महिलाओं ने पाकिस्तान की सरकार के इस निर्णय के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं।

पाकिस्तान में रहने वाले एक अन्य अफगान शरणार्थी रहमत खानजादा का कहना है कि यह कुछ वैसी ही स्थिति है जैसी हिन्दुओं को भारत के विभाजन के समय पाकिस्तान में देखनी पड़ी थी। एक अन्य व्यापारी अहमद का कहना है कि उन्हें 15 लाख रूपए का माल आधी कीमत पर बेचना पड़ा है।

मोहम्मद आसिफ नाम का शख्स जो पाकिस्तान की मच्छर कॉलोनी में रहा उसे अपनी दुकान मात्र 0.3 मिलियन (88,590 पाकिस्तानी रुपए) में बेचनी पड़ी। जब उससे पूछा गया कि वो अच्छे सौदे के लिए क्यों नहीं रुका इसपर उसने जवाब दिया कि उसे डर है कि पाकिस्तान की पुलिस उसे गिरफ्तार कर लेगी।

पाकिस्तान के इस कदम की अंतरराष्ट्रीय मंच पर आलोचना भी हुई है। हालाँकि, सेना के दबाव के चलते उसकी अंतरिम सरकार अफगान शरणार्थियों को अपने देश से बाहर निकालने पर आमादा है।

वर्ल्ड कप फाइनल के बीच मैदान में घुसा फिलिस्तीन समर्थक शख्स, विराट कोहली को पकड़ लिया: कुछ ही देर बाद क्लीन बोल्ड हो गए ‘किंग’, सुरक्षा में बड़ी चूक

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आईसीसी क्रिकेट विश्व कप फाइनल के दौरान लाइव एक्शन के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में सुरक्षा उल्लंघन हुआ। बड़े पैमाने पर सुरक्षा उल्लंघन में, एक फिलिस्तीनी समर्थक ने मैदान पर अतिक्रमण किया और भारत की पारी के 14वें ओवर के दौरान विराट कोहली को गले लगा लिया, हालाँकि सुरक्षाकर्मियों ने उसे तुरंत हटा दिया। ऐसा तब हुआ, जब मैदान में सुरक्षा की जिम्मेदारी के लिए 6000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।

पुलिस ने मैदान में घुसने वाले प्रशंसक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। इस घटना के कुछ ही देर बाद विराट कोहली क्लीन बोल्ड हो गए।

जैम्पा फेंक रहे थे 14वाँ ओवर

मैदान पर 13 ओवर और 3 गेंदे फेंकी जा चुकी थी, जब ये घटना हुई। मैच का 14वाँ ओवर एडम जैम्पा फेंक रहे थे, उन्होंने तीन गेंदे डाली थी, जिसपर 3 सिंगल रन बने थे। विराट कोहली 29 रन बनाकर खेल रहे थे, तब ये व्यक्ति मैदान के बीचो-बीच घुस गया। इस घटना के तुरंत बाद सुरक्षा कर्मियों ने मोर्चा संभाला और मैदान में घुसने वाले व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया। उसे चाँदखेड़ा पुलिस स्टेशन ले जाया गया है, जहाँ उससे पूछताछ की जा रही है।

मैदान पर 6000 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी, 23 डीसीपी और 39 एसीपी भी तैनात

मैदान पर घुसपैठ की घटना तक हुई, जब सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस फाइनल मैच के लिए 6000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी मैदान पर ड्यूटी कर रहे हैं, जो 4 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी, आईजी, और डीआईजी को भी मैदान की सुरक्षा जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनके अलावा 23 डीएसपी को भी फाइनल मैच के दौरान मैदान की सुरक्षा करने को कहा गया है। 39 असिस्टेंट कमिशनर ऑफ पुलिस भी तैनात हैं। इसके बावजूद ऐसी घटना सुरक्षा को लेकर बड़ी चिंता पैदा करने वाली है।

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर चुनी है बल्लेबाजी

बता दें कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खचाखच भरे शोर के बीच ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने विश्व कप फाइनल में भारत के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम 10 गेम खेलने के बाद फाइनल में अजेय रही, पांच मैचों में लक्ष्य का पीछा करते हुए लक्ष्य का बचाव किया है। आज पहले बल्लेबाजी के बाद भारतीय टीम को लक्ष्य का बचाव करना है।

ऐसी हैं दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन

भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शुबमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, जसप्रित बुमरा, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज।

ऑस्ट्रेलिया: ट्रैविस हेड, डेविड वार्नर, मिशेल मार्श, स्टीवन स्मिथ, मार्नस लाबुशेन, ग्लेन मैक्सवेल, जोश इंगलिस (डब्ल्यू), मिशेल स्टार्क, पैट कमिंस (सी), एडम ज़म्पा, जोश हेज़लवुड।

झारखंड में सोने के साथ-साथ मिला लिथियम का भी विशाल भंडार: इलेक्ट्रिक से लेकर अंतरिक्ष सेक्टर तक में आएगी क्रांति, देश के आएगा काम

झारखंड के कोडरमा जिले में हाल ही में किए गए एक सर्वेक्षण में स्वर्ण भंडार के साथ ही लिथियम के भंडार की भी खोज की गई है। इस खोज से भारत को कार्बनिक ऊर्जा को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण हथियार मिल गया है। लिथियम एक महत्वपूर्ण धातु है जिसका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, लैपटॉप और मोबाइल फोन जैसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बैटरी में किया जाता है। लिथियम का उपयोग अंतरिक्ष उद्योग में भी किया जाता है, जैसे कि रॉकेट ईंधन के रूप में।

जानकारी के मुताबिक, कोडरमा के माइका बेल्ट में लिथियम की खोज के लिए आगे के चरण की तैयारी की जा रही है। अभी शुरुआती खोज में लिथियम का पता चला है, लेकिन ये कितना बड़ा भंडार है, इसका पता नहीं लगाया जा सकता है। पर ये माना जा रहा है कि ये लिथियम भंडार काफी बड़ा है। चूँकि भारत में अभी लिथियम निकालने की तकनीकी का विकास नहीं हो पाया है, ऐसे में माना जा रहा है कि इसकी निकासी के लिए विदेशी कंपनियों की मदद भी ली जा सकती है।

जीएसआई के महानिदेशक जनार्दन प्रसाद के मुताबिक, साल 2050 तक देश में बैट्री पर निर्भरता बढ़ने वाली है। इसके लिए लिथियम सबसे जरूरी तत्व है। इसलिए लिथियम की खोज पर फोकस किया जा रहा है। कोडरमा में मिला यह भंडार भारत को दुनिया के सबसे बड़े लिथियम उत्पादक देशों में से एक बना सकता है।

राँची के तमाड़ में 2 स्वर्ण भंडार

इस बीच, झारखंड में सोने के दो नए भंडार का पता चला है। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) ने राज्य सरकार से राँची के तमाड़ ब्लॉक स्थित इन दोनों गोल्ड रिजर्व की नीलीमी की प्रक्रिया शुरू करने से संबंधित रिपोर्ट सौंप दी है। ये स्वर्ण भंडार राँची जिले के तमाड़ ब्लॉक के बबाईकुंडी और सिंदौरी-घनश्यामपुर में मिले हैं। बबाईकुंडी में अनुमानित 510 किलो और और सिंदौरी में अनुमानित 767 किलो सोना मिलने की उम्मीद है।

राँची में पहले भी मिले हैं स्वर्ण भंडार

भारत में सोने का सबसे बड़ा भंडार राँची में ही है। राँची के तमाड़ स्थित परासी में देश का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार मिला है, जिसकी खदान विकसित की जा रही है। यहाँ अनुमानत: 70 हेक्टेयर के क्षेत्र में 9894 किलो सोना मिलने की उम्मीद है। इस स्वर्ण भंडार के खनन के लिए रूंगटा माइंस ने नीलामी में सफलतापूर्वक बोली लगाई थी, लेकिन साल 2017 में खदान हासिल के बावजूद अभी तक यहाँ स्वर्ण उत्खनन शुरू नहीं हो सकता है।

वहीं, अब कोडरमा में लिथियम का भंडार मिलने से विशेषज्ञों को नई उम्मीद भी जगी है।

क्या है लिथियम?

लिथियम एक रासायनिक तत्व है जिसका प्रतीक Li और परमाणु संख्या 3 है। यह आवर्त सारणी का तीसरा तत्व है और यह सबसे हल्की धातु और सबसे कम घनत्व-वाला ठोस पदार्थ है। रासायनिक दृष्टि से यह क्षार धातु समूह का सदस्य है और अन्य क्षार धातुओं की तरह अत्यंत अभिक्रियाशील है, यानि अन्य पदार्थों के साथ तेज़ी से रासायनिक अभिक्रिया कर लेता है।

लिथियम के भौतिक गुण

यह एक चांदी जैसी सफेद धातु है।

यह बहुत नरम है और इसे चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।

यह पानी के साथ तेजी से अभिक्रिया करता है और हाइड्रोजन गैस और लिथियम हाइड्रॉक्साइड का निर्माण करता है।

यह हवा में जल जाता है और लिथियम ऑक्साइड का निर्माण करता है।

लिथियम के रासायनिक गुण

यह एक बहुत ही प्रतिक्रियाशील तत्व है।

यह पानी के साथ तेजी से अभिक्रिया करता है और हाइड्रोजन गैस और लिथियम हाइड्रॉक्साइड का निर्माण करता है।

यह हवा में जल जाता है और लिथियम ऑक्साइड का निर्माण करता है।

यह अन्य धातुओं के साथ आसानी से मिश्र धातु बनाता है।

लिथियम के उपयोग

यह इलेक्ट्रिक बैटरी में उपयोग किया जाता है, विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों और लैपटॉप में।

यह धातुओं के मिश्र धातुओं में उपयोग किया जाता है, जैसे कि अलुमिनियम-लिथियम मिश्र धातु, जो हल्के और मजबूत होते हैं।

यह औषधीय उत्पादों में उपयोग किया जाता है, जैसे कि एंटीडिप्रेंट और मनोविकाररोधी।

यह अंतरिक्ष उद्योग में उपयोग किया जाता है, जैसे कि रॉकेट ईंधन के रूप में।

इसके अलावा इसके और भी कई महत्वपूर्ण उपयोग हैं। यह इलेक्ट्रिक वाहनों और लैपटॉप जैसी नई तकनीकों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

भारत जीते वर्ल्ड कप का फाइनल, इसीलिए पाकिस्तान से आईं सीमा हैदर ने रखा व्रत: पूजा-पाठ करती हुई दिखीं, बोलीं – खाली नहीं जाएगी मेरी प्रार्थना

आईसीसी क्रिकेट विश्वकप 2023 का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जा रहा है। इस महत्वपूर्ण मैच के लिए पाकिस्तान से आई सीमा हैदर भी भारत की जीत की दुआ कर रही हैं। उन्होंने बाकायदा व्रत भी रखा है और कहा है कि वो चाहती है कि भारत का परचम पूरी दुनिया में लहराए। उनकी दुआ कभी खाली नहीं जाती और इस बार भी ऐसा ही होगा।

सीमा हैदर ने भारत की जीत के लिए व्रत रखा है। सीमा हैदर का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह पूजा करते दिख रही है। इस दौरान सीमा हैदर ने कहा है कि आज उन्होंने उपवास रखा है, ऐसे में उनकी दुआ खाली नहीं जाएगी। उन्होंने बाकायदा छठ का व्रत भी रखा।

विवेक नाम के यूजर ने भी सीमा हैदर का वीडियो पोस्ट किया है।

बता दें कि अहमदाबाद में जारी क्रिकेट विश्वकप का फाइनल मुकाबला भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला जा रहा है। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने टॉस जीता और पहले बॉलिंग का फैसला किया। इसके बाद भारतीय टीम बल्लेबाजी कर रही है। इस महत्वपूर्ण मैच को देखने के लिए देश-विदेश से फैन अहमदाबाद पहुँचे हैं। ये मुकाबला नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है, जो दर्शकों के बैठने की क्षमता के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है।