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तिथि ही नहीं, अब तो समय भी बता दिया… जानिए 22 जनवरी को कितने बजे गर्भगृह में होगी रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा, नेशनल नहीं इंटरनेशनल होगा कार्यक्रम

अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी, 2024 को अभिजीत मुहूर्त मृगषिरा नक्षत्र में दोपहर 12:20 बजे की जाएगी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होंगे। उनके हाथों से ही प्राण प्रतिष्ठा के वैदिक अनुष्ठान पूरे किए जाएँगे।

तिथि निर्धारित होने के बाद से ही इस आयोजन को भव्य अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने के लिए  तैयारियाँ शुरू हो गई हैं। रविवार (19 नवंबर, 2023) को भी साकेत निलयम में संघ परिवार की बैठक हुई। इसमें समारोह के अभियान को चार चरणों में बाँटकर तैयारियों को भव्य रूप दिया जा रहा है।

दरअसल, अयोध्या में दीपोत्सव की तरह ही प्राण प्रतिष्ठा आयोजन को भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर करने की योजना तैयार की गई है। इस अवसर पर भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के समय अयोध्या में तमाम मठ मंदिरों के साथ ही रामलला के मंदिर को भी विशेष फूलों से सजाया और श्रृंगार किया जाएगा। 

चार चरणों में बाँटा गया पूरा आयोजन 

पहला चरण 

प्राण प्रतिष्ठा के इस पूरे कार्यक्रम को चार चरणों में बाँटा गया है। वहीं पहले चरण की शुरुआत रविवार से ही हो गई है। जो 20 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान पूरे समारोह की रूपरेखा तैयारी होगी, इसके लिए 10-10 लोगों की छोटी-छोटी संचालन समिति बनाई जाएगी। जो जिला जिला व खंड स्तर पर लोगों को जोड़ने का काम करेगी।

इस टोली में मंदिर आंदोलन से जुड़े कारसेवकों को भी शामिल किया जाएगा। टोलियाँ 250 स्थानों पर बैठकें कर समारोह से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की अपील करेंगी।

दूसरा चरण 

वहीं दूसरा चरण 1 जनवरी,  2024 से शुरू होगा। इसमें घर-घर संपर्क योजना के तहत 10 करोड़ परिवारों में पूजित अक्षत, रामलला के विग्रह का चित्र व एक पत्रक दिया जाएगा। इसके जरिए लोगों से समारोह के दिन दीपोत्सव मनाने की अपील की जाएगी।

तीसरे चरण में होगी प्राण प्रतिष्ठा

इसके बाद तीसरा चरण 22 जनवरी से शुरू होगा, इसी चरण में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा। प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में पीएम मोदी मौजूद होंगे। उस दिन पूरे देश में उत्सव व घर-घर अनुष्ठान हो ऐसा माहौल बनाया जाएगा। 

चौथा चरण 

वहीं चौथे चरण में मंदिर प्रशासन और टोलियों की कोशिश होगी कि ज्यादा-ज्यादा राम भक्तों को राम मंदिर के दर्शन कराए जाएँ। इसके लिए देशभर में एक मुहिम चलाई जाएगी ताकि अधिकतम संख्या में रामभक्त अयोध्या पहुँचे और भगवान के दर्शन करें। चौथा चरण 22 फरवरी, 2024  तक चलेगा। 

आज रात से शुरू होगी 14 कोसी परिक्रमा

कार्यक्रम के पहले चरण में ही रामनगरी की 14 कोसी परिक्रमा भी आज से 20 नवंबर को रात 2:09 बजे से शुरू होगी। परिक्रमा में भक्तों को लगभग 42 किमी का रास्ता तय करना होगा। इसके लिए पूरी तयारी कर ली गई है। मठ और मंदिर सज गए हैं। ये परिक्रमा 21 नवंबर की रात 11:38 बजे समाप्त होगी।

‘अर्घ्य देने आओ और झाग में नहाओ’ : दिल्ली में छठ व्रतियों की हालत पर घिरी केजरीवाल सरकार, पूछा- बर्बाद करने की कसम खा रखी है क्या?

दिल्ली में यमुना की हालत खराब है। किनारों पर पानी से ज्यादा जहरीले झाग दिखाई देते हैं। छठ पूजा पर भी जब व्रती यहाँ सूर्य को अर्घ्य देने पहुँचे तो स्थिति यही थी। यहीं व्रतियों ने 19 नवंबर को पश्चिमगामी सूर्य और 20 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। पूजा के बाद यमुना घाट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होना शुरू हुईं।

तस्वीरों को देखने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने इसे शेयर करके आम आदमी पार्टी को घेरा और कहा कि आज प्रदूषित यमुना में पूजा करने के लिए लोग मजबूर हैं। लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार कुछ नहीं कर रही।

दरअसल, दिल्ली के कालिंदी कुंज में भक्तों द्वारा उगते सूर्य को ‘अर्घ्य’ देते वक्त प्रदूषित यमुना नदी की सतह पर घना सफेद जहरीला झाग तैरता दिखा। ये जहरीला झाग यमुना नदी में उच्च फॉस्फेट सामग्री की वजह से होता है। ये त्वचा और साँस से जुड़ी दिक्कतों की वजह बनता है।

दिल्ली सरकार ने इन समस्या से निपटने के लिए यमुना में केमिकल का छिड़काव करवाया था। हालाँकि इसका कोई असर नहीं पड़ा। शनिवार को भी यमुना की सतह पर सफेद जहरीला झाग तैरता हुआ दिखता रहा और छठ पूजन के वक्त तो ये व्रतियों के ईर्द-गिर्द था।

इस झाग के आसपास होने के नुकसान होते हैं कि इससे आँखों में चुभन और साँस लेने में तकलीफ होने लगती है। तो सोचिए फिर छठ व्रतियों की हालत वहाँ खड़े रहकर क्या हुई होगी। दिल्ली सरकार दावा कर रही है कि 1000 जगहों पर छठ पूजा के लिए व्यवस्था की गई है। मगर सवाल अब भी वही है कि प्रदूषण को रोकने और यमुना को स्वच्छ करने के लिए आम आदमी पार्टी क्या कर रही है।

यमुना की इस हालत पर भारतीय जनता पार्टी ने आप सरकार को आड़े हाथों लिया है। बीजेपी4दिल्ली एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया, “अरविंद केजरीवाल के राज में ‘अर्घ्य देने आओ और झाग में नहाओ।’ लाखों लोगों की आस्था के पर्व की अनदेखी हर साल इस तरह होती रही है। लोग मजबूर हैं प्रदूषित यमुना में पूजा करने के लिए। आप ने सिर्फ़ झूठे वादों के अलावा कुछ नहीं किया! कुछ तो शर्म करो केजरीवाल!”

इसके साथ ही बीजेपी4दिल्ली ने एक अन्य ट्वीट में तंज किया, “दिल्ली को बर्बाद करने की अरविंद केजरीवाल ने कसम खा रखी है!”

बताते चलें कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की एक रिपोर्ट में जिक्र है कि यमुना नदी की लंबाई 1300 किमी से अधिक है। इसमें दिल्ली के हिस्से में आने वाली यमुना का वजीराबाद से कालिंदी कुंज तक का हिस्सा 22 किलोमीटर ही है। लेकिन हैरानी की बात है कि यमुना का 76 फीसदी प्रदूषण इसी हिस्से में होता है।

मानसून को छोड़ दिया जाए तो यमुना नदी में करीबन साल भर ताजा पानी नहीं रहता। पर्यावरणविदों के मुताबिक, जलस्रोतों में अक्सर झाग बनने की वजह वसा के अणु वाले पौधों के गलने से होता है। लेकिन यमुना नदी में इस वक्त बन रहे झाग की वजह अलग है। इस वक्त ये झाग यहाँ फॉस्फेट और नाइट्रेट की वजह से है। कई रिसर्च में सामने आया है कि सर्दी बढ़ने की वजह से ऑक्सीजन बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इसके साथ ही छठ व्रतियों के लिए यमुना में अधिक पानी छोड़ा जाता है। इसके तेजी से ओखला बैराज में गिरने से फॉस्फेट और नाइट्रेट की वजह से घना झाग बनता है।

रात के समय खेत में लाते थे गायें, फिर काट डालते थे… नूहं में पुलिस ने हसन मोहम्मद को दबोचा, 2 जीवित और एक मृत गोवंश भी मिला

हरियाणा के नूहं में फिर से गौकशी की घटना हुई है। यह घटना नूहं के बिछौर थाना क्षेत्र में हुई जहाँ आरोपितों ने एक खेत में गाय काटी। मौके पर पुलिस पहुँचने के बाद 2 जीवित गाय जबकि एक कटी हुई गाय मिली है।

‘दैनिक भास्कर’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, नूहं पुलिस को यह सूचना मिली थी कि बिछौर थाना क्षेत्र में कुछ लोग रात में गायों को लाकर खेत में काटते हैं। पुलिस ने इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए रात को छापा मारा और एक आरोपित को पकड़ लिया।

मौके पर अन्य गौवंश तस्कर भी मौजूद थे जो अँधेरे का फायदा उठा कर भाग निकले। मौके से हसन मोहम्मद उर्फ़ हस्सा नाम का आरोपित गिरफ्तार किया गया जो गौवंश काट कर उसके मांस को बेचता था। पुलिस ने इस मामले में 8 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है। हसन के पास से 2 जीवित गाय बरामद हुई हैं। इसके अलावा एक गाय के पैरों को बाँध कर काट दिया गया था। उसकी गर्दन काट दी गई थी। अब हसन मोहम्मद समेत सभी आरोपितों पर गौवंश अधिनियम के तहत मुकदमा चलेगा।

हालाँकि, यह कोई पहला ऐसा मामला नहीं है जिसमें रात को गोतस्करों को गिरफ्तार किया गया हो। हिन्दू संगठनों का आरोप है कि नूंह में हर रात बड़ी संख्या में गाय काटी जाती है और उसका मांस बेचा जाता है। इस इलाके में गोतस्करों और गौरक्षकों का आमना-सामना हुआ करता है। अक्टूबर 2023 में भी नूहं में कुछ आरोपितो को गिरफ्तार किया गया था जो कि रात को गौकशी करने जा रहे थे।

नूंह में गौकशी एक बड़ा मुद्दा है। गौकशी रोकने वाले मोनू मानेसर और बिट्टू बजरंगी जैसे गौरक्षकों के खिलाफ नूहं में मुहिम चलाई गई थी। बिट्टू बजरंगी पर जलाभिषेक यात्रा के दौरान हमला भी हुआ था। मोनू मानेसर पर भी इसी दौरान हमले की तैयारी की गई थी।

भारत की हार के बाद PM मोदी पर आपत्तिजनक कमेंट्स, कॉन्ग्रेसी ट्रेंड करा रहे ‘पनौती’: संजय राउत ने स्टेडियम के नाम को ही बता दिया वर्ल्ड कप का फाइनल गँवाने की वजह

भारत वर्ल्ड कप का फाइनल क्या हारा, लोग इस पर राजनीति करने लगे। कॉन्ग्रेस पार्टी जैसे विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम इसमें जबरन घसीट कर उन्हें ‘पनौती’ बताना शुरू कर दिया। पीएम मोदी भी रविवार (19 नवंबर, 2023) को भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच ICC वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल मैच देखने पहुँचे थे, ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस को ट्रॉफी भी उन्होंने ही हैंडओवर की। उन्हें दर्शकों के बीच बैठे हुए देखा गया। इसीलिए, बिना सर-पैर की लॉजिक के बात करने वाला वामपंथी-इस्लामी गिरोह उन्हें निशाना बनाने लगा।

कॉन्ग्रेस की रागिनी नायक ने कहा, “किसने कहाँ था मुँह उठा कर पहुँच जाओ। नाम तो पहले से ही था पनौती।”

‘Amock’ नाम के एक अन्य कॉन्ग्रेस समर्थक ने लिखा, “भारत मैच हारा क्योंकि इसे नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आयोजित किया गया था। इस नाम में कुछ पनौती है। अगर मैच वानखेड़े में होता फिर हम ये मैच जीत जाते।” साथ ही उसने संजय राउत की तस्वीर शेयर की। बता दें कि शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के राज्यसभा सांसद ने वल्लभभाई पटेल स्टेडियम का नाम बदल कर नरेंद्र मोदी के नाम पर किए जाने का आरोप लगाया। वहीं उन्होंने वानखेड़े की तुलना लॉर्ड्स से की।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा पर्दे के पीछे से साजिश रच रही थी कि दुनिया भर में ये सन्देश जाए कि नरेंद्र मोदी के कारण भारत वर्ल्ड कप जीत गया, लेकिन भारत की हार हो गई। उन्होंने मैच के दौरान पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव को न बुलाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें नहीं बुलाया गया लेकिन छिटपुट नेताओं को बुला लिया गया।

इसी तरह कई अन्य सोशल मीडिया हैंडलों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक दावे करते हुए उन पर भारत की हार का ठीकरा फोड़ दिया:

प्रियंवदा नाम के एक अन्य कॉन्ग्रेस के वॉलंटियर ने लिखा, “ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 9 ओवर तक 3 विकेट पर 51 रन था, फिर ये हुआ।” उसने दर्शकों की दीर्घा में बैठे पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तस्वीर शेयर की। साथ ही ‘पनौती’ वाला हैशटैग भी लगाया।

वहीं कई सोशल मीडिया हैंडल्स ने ये आरोप भी लगाया कि पीएम मोदी ने पैट कमिंस का अपमान किया। बता दें कि विजेता ऑस्ट्रेलिया के कप्तान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही ट्रॉफी सौंपी। आरोप लगाया जा रहा कि वो ट्रॉफी देकर चले गए और उनका अपमान किया। हालाँकि, पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया के सभी खिलाड़ियों से मिले और उन सबसे हाथ भी मिलाया। वहीं कुछ ने दावा किया कि 1983 में जब भारत वर्ल्ड कप जीता तो इंदिरा गाँधी प्रधानमंत्री थीं और 2011 में मनमोहन सिंह, जबकि 2023 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री रहते ट्रॉफी नहीं आई।

ऐसे अजीब-अजीब कुतर्क किए जा रहे हैं। जबकि सच्चाई ये है कि ऑस्ट्रेलिया इस मैच में बेहतर खेली और उसे जीत मिली, भारतीय टीम के मुकाबले उनकी रणनीति बेहतर रही।

वर्ल्ड कप की ट्रॉफी पर रखी लात, जूते में भर के शराब: ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के जश्न के तौर-तरीके देख नाराज़ हुए फैंस, कहा – सम्मान करना सीखो

अहमदाबाद में भारत के खिलाफ वर्ल्ड कप 2023 जीतने के बाद अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों के जश्न तस्वीरें वायरल हो रही हैं। ऑस्ट्रेलिया के बैटिंग आलराउंडर मिचेल मार्श की एक ऐसी ही तस्वीर वायरल हुई है जिसमें वह वर्ल्ड कप ट्रॉफी पर पैर रखे हुए दिख रहे हैं।

मिचेल के इस ट्रॉफी पर पैर रखने को कुछ लोग उनका आत्मविश्वास बता रहे हैं तो कुछ इसे ट्रॉफी का अपमान कह रहे हैं। कुछ लोग इसे मिचेल मार्श का खराब रवैया बता रहे हैं तो कुछ लोग सलाह दे रहे हैं कि उन्हें ट्रॉफी का सम्मान करना चाहिए।

माधव शर्मा नाम के एक शख्स से मिचेल मार्श के इस फोटो पर लिखा, “मुझे मिचेल की यह फोटो काफी अपमानजनक लगी है। यह एक ऐसी ट्रॉफी है जिसके लिए क्रिकेटर पूरी जिन्दगी लगा देते हैं और मिचेल ने कूल दिखने के लिए इसके ऊपर पैर रख दिए। यह चौंकाने वाला और भद्दा है।”

एक अन्य व्यक्ति रुद्रा शर्मा ने लिखा, “मिचेल मार्श यह एक पेशेवर खिलाड़ियों का रवैया नहीं है। क्या एक पेशेवर खिलाड़ी एक बड़े पुरस्कार के साथ ऐसे पेश आएगा?”

एक व्यक्ति ने लिखा, “किसी को इतना मत दो कि वह उसका सम्मान ना करे।”

एक अन्य व्यक्ति अमित थाडानी ने लिखा, “सांस्कृतिक अंतर है। इन लोगों को किताबों पर पैर रखने में भी कोई समस्या नहीं है जिसके बारे में हम सपने में नहीं सोच सकते।”

हालाँकि, यह कोई नई बात नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया ने अपनी जीत का जश्न अलग तरीके से मनाया हो। इससे पहले भी उनके अजीब जश्न सामने आए हैं। वर्ष 2021 में टी20 विश्व कप जीतने के बाद भी ऑस्ट्रेलिया ने कुछ ऐसा ही किया था जो कि चर्चा का विषय बना था।

2021 में टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड को हराने के बाद ऑस्ट्रलिया के खिलाड़ियों ने जूते में भर बियर पी था। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी मार्कस स्टोनिस और मैथ्यू वेड ने जूते से बियर पी था। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था और कुछ लोगों ने इसे गन्दा बताया था।

सूटकेस में फिर बरामद हुई महिला की लाश, मुंबई पुलिस CCTV से खँगाल रही सुराग: 6 महीने में दूसरा मामला

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में एक बार फिर सूटकेस में महिला की लाश बरामद हुई। वहाँ की पुलिस के मुताबिक, इस बार मुंबई के कुर्ला इलाके में उन्हें रविवार (19 नवंबर,2023) को मेट्रो रेलवे निर्माण स्थल के पास ये सूटकेस मिला। महिला की पहचान नहीं हो पाई है। लेकिन कुर्ला पुलिस ने इस घटना को लेकर अज्ञात आरोपित के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत केस दर्ज कर लिया है। आगे की जाँच चल रही है। हत्यारे की तलाश में पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी खंगाल रही है।

दरअसल, पुलिस को किसी ने शांति नगर में सीएसटी रोड पर एक बैरिकेड के पास एक संदिग्ध सूटकेस पड़े होने की खबर दी थी। इसके बाद ही सूटकेस में लाश होने का खुलासा हुआ।

मुंबई पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, “हमें दोपहर करीब 12.30 बजे शांति नगर में सीएसटी रोड पर मेट्रो प्रोजेक्ट के काम चलने वाली जगह पर एक सूटकेस के लावारिस पड़े होने की सूचना मिली। सूटकेस खोलने पर उसमें महिला की लाश मिली।”

उन्होंने आगे कहा कि इसके बाद तुरंत लाश को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया। अधिकारी का कहना था, ”अभी तक महिला की पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन उसके शरीर को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि उसकी उम्र 25-35 साल के बीच हो सकती है। महिला टी-शर्ट और ट्रैक पैंट पहने थी।”

पुलिस का कहना है कि मृतक महिला की वास्तिवक उम्र के बारे में पक्के तौर पर पुष्टि फोरेंसिक जाँच के बाद ही हो पाएगी। पुलिस कानूनी कार्रवाई के लिए अहम सुराग तलाशने के लिए आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रहा है।

गौरतलब है कि ये मुंबई में सूटकेस में महिला की लाश मिलने का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस साल जून के पहले हफ्ते में भी यहाँ एक औरत की लाश सूटकेस में बरामद की गई थी। तब मुंबई के मीरा-भयंदर इलाके में 2 जून 2023 को एक सूटकेस में एक महिला का सिर कटा शव मिला था।

इस लाश के धड़ के हिसाब से महिला की उम्र 25 से 35 वर्ष के बीच बताई गई थी। मृतका के एक हाथ में त्रिशूल और डमरू का टैटू बना हुआ था।वहीं दूसरे हाथ में कलावा बँधा था। उसके दोनों पैर आपस में बँधे मिले थे। पुलिस ने शव को कब्ज़े में ले कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज कर केस दर्ज किया था। इसके साथ ही मृतका की पहचान के लिए जाँच शुरू की थी।

‘भारत की हार का कारण जनेऊ’: वर्ल्ड कप फाइनल के बाद एक्टिव हुआ भीम-मीम गिरोह, PM मोदी पर ठीकरा फोड़ने में जुटे विपक्षी नेता, महुआ मोइत्रा भी कूदीं

विश्व कप फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से भारत की हार का ठीकरा अब ब्राह्मणों और जनेऊ पर फोड़ा जा रहा है। ‘राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी’ (RLP) के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने हार का जिम्मेदार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बताया है। 19 नवम्बर, 2023 को अहमदाबाद के ‘नरेन्द्र मोदी स्टेडियम’ में खेले गए विश्वकप मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 7 विकेट से हराया। भारत ने पहली पारी में खेलते हुए 240 रनों का स्कोर बनाया जिसे ऑस्ट्रेलिया ने 7 ओवर शेष रहते ही पा लिया।

भारत की हार के बाद कई जातिवादियों ने ब्राह्मणों को इसका जिम्मेदार बताना चालू कर दिया। खुद को ‘डॉ भीमराव आंबेडकर जन जागरूकता मंच’ का चेयरमैन बताने वाले अनल्प चंद्रा ने ‘X’ (पहले ट्विटर) पर लिखा, “साउथ अफ्रीका की हार का कारण आरक्षण था, तो भारत की हार का कारण भी जनेऊ है! अब लगी न मिर्ची?”

अन्य कई ट्विटर एकाउंट्स ने भी जनेऊ और ब्राह्मणों को ही भारत की हार जिम्मेदार बताया।

वहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को हार ‘जनरेटर’ बता दिया। इसका अब वीडियो वायरल है।

ट्विटर पर हर समय जातिवाद फैलाने वाली मीना कोटवाल ने भी इस मैच पर लिखा, “मेरिट वाले लोग कैसे हार गए, अब आरक्षण को दोष नहीं दोगे? आओ फिर से आरक्षण को गाली दो।” उन्होंने ‘आज तक’ के पत्रकार सुधीर चौधरी का एक पुराना वीडियो भी इसमें लगाया, जिसमें उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट टीम में आरक्षण की बात की थी।

भारतीय टीम के खिलाड़ियों को भी उनकी जाति के आधार पर निशाना बनाया गया। मैच में जल्द ही आउट हो जाने वाले श्रेयस अय्यर पर एक अकाउंट अजय पटेल ने लिखा, “श्रेयस अय्यर ने 4 रन बना कर अपनी मेरिट दिखा दी।”

भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को लेकर विवादित टिप्पणी

पैसे और महँगे गिफ्ट लेकर संसद में प्रश्न पूछने की आरोपी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा भी तंज कसा। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के घर पर ED का छापा। अहमदाबाद स्टेडियम का नाम बदल कर जवाहर लाल नेहरु स्टेडियम’ रख दिया गया है।”

सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय जनता दल और तेजस्वी यादव के लिए दिन भर कैम्पेन करने वाले एक ऐसे ही अकाउंट प्रियांशु कुशवाहा ने प्रधानमंत्री मोदी के हंसने को निशाना बनाया। उन्होंने प्रधानमंत्री के लिए अभद्र भाषा का उपयोग भी किया।

भारत आ रहे जिस जहाज को इजरायली समझ कर हूती आतंकियों ने किया हाईजैक, वो निकला ब्रिटेन का: हमास ने कहा शुक्रिया

इजरायल और हमास के युद्ध के बीच अब यमन के हूती आतंकियों की एक नापाक हरकत सामने आई है। खबर है कि यमन के हूती आतंकियों ने रविवार (19 नवंबर 2023) को लाल सागर में 25 क्रू मेंबर वाले एक जहाज पर कब्जा किया। शायद उन्होंने इसे इजरायल का जहाज समझकर पकड़ा, लेकिन हकीकत में जहाज उनका नहीं है।

इजरायली डिफेंस फोर्स ने इस संबंध में ट्वीट कर कहा- “दक्षिण लाल सागर में यमन के पास हूतियों की ओर से कार्गो शिप का अपहरण वैश्विक स्तर पर एक बेहद गंभीर घटना है। यह एक ऐसा जहाज है, जिस पर एक भी इजरायली नहीं है। यह जहाज अंतर्राष्ट्रीय नागरिक दल के साथ तुर्की से भारत के लिए रवाना हुआ था।”

बता दें कि यमन के हूती आतंकियों ने इस हरकत से पहले इजरायली जहाजों को लेकर धमकी जारी की थी। अब्दुल मलिक अल-हूती ने धमकी में कहा था कि वह लोग इजरायली कंपनियों के स्वामित्व वाले या उनकी ओर से चलाए जाने वाले जहाजों को निशाना बनाने वाले हैं। उन्होंने कहा था जिस भी जहाज पर इजरायल का झंडा लगा होगा, उसे जलाया जाएगा। हूती आतंकियों की इन्हीं धमकियों के कुछ दिन बाद जहाज पर कब्जा हो गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस जहाज पर कब्जा किया गया है वह ब्रिटिश कंपनी के रजिस्ट्रेशन वाला है। जहाज का नाम गैलेक्सी लीडर है। वर्तमान में इसे जापानी कंपनी को लीज पर दिया गया था। हूती विद्रोहियों ने जब इस पर कब्जा किया उस समय जहाज पर कोई इजरायली सवार नहीं था बल्कि कई अलग अलग देश जैसे यूक्रेन, बुल्गारिया, फिलीपींस और मैक्सिकों आदि के क्रू मेंबर सवार थे।

इस जहाज के हाईजैक होने के बाद हमास के ओसामा हमदान ने भी प्रतिक्रिया दी। उसने कहा, “यमनी विद्रोही संगठन हूती की ओर से यह एक सराहनीय कदम है। मेरा मानना ​​​​है कि इजरायल द्वारा गाजा में किया गया अपराध हर वफादार को फिलीस्तीनी लोगों की रक्षा और समर्थन करने के लिए उत्सुक बनाता है। उन्हें मेरी शुभकामनाएँ। लेबनान और इराक में लोगों ने इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन सभी लोगों का शुक्रिया जो अरब मुल्कों और दूसरे इस्लामी देशों में इजरायली अपराध के खिलाफ सड़कों पर उतरे।”

उल्लेखनीय है कि हमास आतंकियों पर कार्रवाई करने के कारण दुनिया भर के कट्टरपंथी इजरायल से नाराज हैं। हाल में भारत में तैनात इजरायल के राजदूत नाओर गिलोन को भी धमकियाँ दी गईं। हालाँकि देश के खुफिया विभाग ने ये जानकारी होने पर धमकी भरे पत्रों की जाँच की बात कही और साथ ही एंबेसी की सुरक्षा को लेकर उचित कदम उठाने को कहा। इसके बाद राजदूत व इजरायल एबेंसी की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया।

‘जैसे मुहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज चौहान को %ला था’: भारत हारा वर्ल्ड कप का फाइनल तो उछलने लगे पाकिस्तानी, मजे ले-ले कर शेयर कर रहे उदास भारतीय फैंस के वीडियो

अहमदाबाद के ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ में रविवार (19 अक्टूबर, 2023) को ICC वनडे वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हरा दिया। इसके बाद पाकिस्तानी उछलने लगे। भारत ने टॉस हार कर बल्लेबाजी करते हुए 240 रन बनाया था, जिसे ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट रहते 43 ओवर में ही चेज कर लिया। 120 गेंदों पर 137 रन बना के ट्रेविस हेड ने ऑस्ट्रेलिया के लिए जीत सुनिश्चित की। भारत की तरफ से KL राहुल ने 107 गेंदों पर 66 रनों की एक बेहद ही धीमी पारी खेली।

भारत की तरफ से जसप्रीत बुमराह 2 विकेट लेकर सबसे सफल गेंदबाज रहे। दोनों स्पिनरों रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव को कोई विकेट ही नहीं मिले। मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज ने एक-एक विकेट झटके। वहीं ऑस्ट्रेलिया की इस जीत के बाद पाकिस्तानी ऐसे उछलने लगे जैसे कि उन्होंने ही वर्ल्ड कप जीत लिया हो। ये अलग बात है कि बाबर आज़म के नेतृत्व वाली पाकिस्तान की टीम लीग फेज से ही बाहर हो गई थी और सेमीफाइनल में भी नहीं पहुँची थी। उसे 9 में से 5 मैचों में हार मिली थी।

खुद को पाकिस्तानी टीम का ‘सुपरफैन’ और फिलिस्तीन समर्थक बताने वाले अम्मारा अब्बास ने एक ट्वीट में लिखा, “मेरा दर्द ठीक हो गया। भारत और अहमदाबाद, क्षमा करें। इसे ‘कर्म’ कहते हैं। ऑस्ट्रेलिया को बधाई, आप इस ट्रॉफी के अधिकारी हो।”

भारत विरोधी ट्वीट्स के कारण सुर्ख़ियों में रहने वाली अभिनेत्री सेहर शिनवारी ने लिखा, “आज ऑस्ट्रेलिया ने इंडिया को ऐसे $ला जैसे मुहम्मद गोरी ने तराइन का युद्ध में पृथ्वीराज चौहान को पे$ था।” उन्होंने दावा किया कि 8 अक्टूबर के बाद उन्हें पहली बार इतनी अच्छी नींद आई है। एक ट्वीट को कोट करते हुए उन्होंने लिखा, “आज पड़ोस में टीवी फूट रहे हैं।”

पाकिस्तान के पत्रकार इहतिशाम-उल-हक़ ने भारतीय टीम का मजाक बनाते हुए लिखा, “कम से कम हम अपने प्रधानमंत्री के सामने नहीं हारे।” उन्होंने लिखा कि पाकिस्तानी अब पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज इरफ़ान पठान को हमेशा इस हार की याद दिलाएँगे, ताकि वो फिर कभी पाकिस्तान को ट्रॉल न करें। उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा की भावुक तस्वीर शेयर करते हुए तंज कसा कि किसी की हार पर उसे ट्रॉल नहीं करना चाहिए, ये सबक है।”

बाबर आज़म के फैन हसन ने जश्न मनाने वाला एक वीडियो शेयर कर के लिखा, “इस तथ्य के साथ शुभ रात्रि कि भारत ने पिछले 9 वर्षों में ICC की कोई ट्रॉफी नहीं जीती है।”

उसने उदास भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों का वीडियो शेयर कर के उन्हें ‘जोकर’ बताया और कहा कि इन्होंने पाकिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान का मजाक बनाया था, ऐसे में अब इनके चेहरे देश कर जश्न मनाने का समय है। उसने उदास भारतीय क्रिकेटरों की तस्वीर को ‘सबसे ज़्यादा संतुष्टि वाला’ करार दिया।

बीमार महिला को खटिया पर लेकर 10 km पैदल चले गाँव वाले, हो गई मौत: बंगाल में सड़क और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों की खुली पोल

पश्चिम बंगाल के मालदा में एक बीमार महिला की समय पर इलाज न मिलने की वजह से शुक्रवार (17 नवंबर, 2023 ) को मौत हो गई। यह इसलिए हुए क्योंकि खराब सड़क के कारण कोई एम्बुलेंस या ई-रिक्शा उसके गाँव तक नहीं पहुँच सकी।

हालाँकि, सड़क ख़राब होने की वजह से मालदा जिले के बामनगोला पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले गाँव मालडांगा की 25 वर्षीय गृहिणी मामानी रॉय की घर से करीब 10 किमी दूर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मृत्यु हो गई, जब उन्हें उनके परिवार द्वारा बाँस की बल्लियों से जुड़ी खाट पर डालकर कंधे पर ले जाया जा रहा था। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस दुखद मामले की जानकारी देते हुए मामानी के शोक संतप्त पति कार्तिक ने शनिवार (18 नवम्बर, 2023 ) को कहा कि कोई भी एम्बुलेंस या कोई अन्य वाहन गाँव तक नहीं आ पाया  क्योंकि गाँव और मोदीपुकुर, जहाँ ग्रामीण अस्पताल स्थित है, के बीच की सड़क जर्जर थी।

उन्होंने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा, “मेरी पत्नी को पिछले कुछ दिनों से बुखार था। शुक्रवार दोपहर को उसकी हालत बिगड़ गई और हमने उसे ग्रामीण अस्पताल में स्थानांतरित करने का फैसला किया। हमने एंबुलेंस और यहाँ तक कि ई-रिक्शा को भी फोन किया लेकिन लोकेशन सुनकर, खराब सड़क के कारण कोई नहीं आया। आखिरकार, हमने उसे अस्पताल ले जाने के लिए बाँस  की डंडियों से एक खाट बाँधने का फैसला किया।”

परिवार वालों ने बेसुध ममानी को चारपाई पर लिटाया और अस्पताल की ओर चलने लगे। लेकिन जब वे ग्रामीण अस्पताल पहुँचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मामले में डॉक्टरों ने बताया कि उसकी रास्ते में ही मौत हो गई थी। अगर हम उसे एम्बुलेंस या किसी अन्य वाहन से जल्दी अस्पताल पहुँचा पाते, तो शायद हम उसे बचा सकते थे। पति कार्तिक ने आरोप लगाया कि खराब सड़क के कारण ही मेरी पत्नी की मौत हो गई।

हालाँकि, पश्चिम बंगाल के इस क्षेत्र में पहला मामला नहीं है इससे पहले भी सड़क ख़राब होने की वजह से अस्पताल न पहुँच पाने के कारण कई बार महिलाओं को सड़क पर ही बच्चे को जन्म देने के लिए विवश होना पड़ा है। गाँव की एक महिला पारबती देवी ने बताया कि कई सालों से मरीजों को खाट या लकड़ी के तख्तों पर ही ग्रामीण अस्पताल ले जाना पड़ता है। अब इसे बदलना होगा। उनकी बातों में उनकी पीड़ा भी साफ झलकती है। 

ऐसे में बंगाल की स्वास्थ्य और सड़क व्यवस्था पर भी सवाल उठ रह हैं। साथ ही कंधे पर महिला को 10 किलोमीटर ढोकर ले जाने के दौरान मौत पर वामपंथियों की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं।

वहीं महिला की मौत के बाद शनिवार दोपहर आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल सड़क निर्माण की माँग को लेकर बामनगोला में नालागोला-मालदा राज्य राजमार्ग को जाम कर प्रदर्शन भी किया। पुलिस ने किसी तरह तीन महीने में बीडीओ के सड़क बनाने के आश्वासन के बाद गाँव वालों को समझा बुझाकर रास्ता खुलवा दिया।