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क्रिसमस से पहले की शाम 1 लाख लोग करेंगे गीता पाठ, PM मोदी को भी न्योता: हिन्दू संगठन को अनुमति नहीं दे रहा पश्चिम बंगाल का प्रशासन

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक लाख लोग सामूहिक रूप से गीता का पाठ करेंगे। खास बात ये है कि इस आयोजन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी न्यौता भेजा गया है, जबकि इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय जनता पार्टी नहीं कर रही है। इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं तीन हिंदूवादी संगठन, जिन्होंने प्रधानमंत्री को भी आमंत्रित किया है। हालाँकि अभी तक कोलकाता पुलिस और प्रशासन ने इस आयोजन की हरी झंडी नहीं है, इसके बावजूद इस कार्यक्रम को लेकर सियासी घमासान मचने लगा है।

जानकारी के मुताबिक, कोलकाता में सामूहिक गीता पाठ में पीएम मोदी भी शामिल होंगे। गीता जयंती यानी 24 दिसंबर को ब्रिगेड मैदान में आयोजन होगा जिसमें एक लाख से ज्यादा लोग एक साथ गीता का पाठ करेंगे। बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत के नेतृत्व में संतों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार शाम दिल्ली में पीएम मोदी से मिलकर गीता पाठ समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस मामले में सुकांत मजूमदार ने सोशल मीडिया पर भी जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है।

भाजपा नहीं, हिंदू संगठन कर रहे आयोजन

इस कार्यक्रम का आयोजन विभिन्न मठ- मंदिरों व हिंदू संगठनों की ओर से गीता पाठ समिति बनाकर किया जा रहा है। आयोजकों की ओर से पता चला है कि सामूहिक गीता पाठ के लिए अब तक एक लाख 20 हजार लोग रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। हालाँकि, आयोजकों ने कहा कि कोलकाता पुलिस ने अभी तक कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी है। क्रिसमस की पूर्व संध्या रविवार होने के कारण लाखों लोगों के सड़कों पर निकलने की उम्मीद है।

राजनीति तेज होने के कयास

इस आयोजन की घोषणा के बाद से ही बंगाल में राजनीतिक तल्खी बढ़ गई है। तृणमूल कॉन्ग्रेस ने इस आयोजन को हिंदूवादी राजनीति का एक हिस्सा बताया है। पार्टी ने कहा है कि यह आयोजन सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश है। तो भारतीय जनता पार्टी ने इस आयोजन का समर्थन किया है। पार्टी ने कहा है कि यह आयोजन हिंदू संस्कृति और धर्म का सम्मान करने का एक तरीका है।

और वर्ल्ड कप हार गई टीम इंडिया… पूरे भारतीय टीम ने लगाई जितनी बाउंड्री, उससे ज़्यादा ट्रेविस हेड ने अकेले जड़ दिए: कंगारू टीम ने छठी बार उठाई ये ट्रॉफी

ऑस्ट्रेलिया रिकॉर्ड छठी बार आईसीसी क्रिकेट विश्व कप का चैंपियन बन गया है। विश्व कप 2023 के फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने भारतीय टीम को 6 विकेट से हराकर छठी बार चैंपियन बनने का श्रेय हासिल किया। शानदार शतक बनाने वाले ट्रेविस हेड टीम की जीत से 2 रन पहले आउट हो गए, तो लबुशाने 58 रन बनाकर नाबाद रहे। विजयी रन ग्लेन मैक्सवेल के बल्ले से निकला।

अहमदाबाद में खेले गए इस फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई ओपनर ट्रेविस हेड ने शानदार 137 रनों की शतकीय पारी खेली। दूसरी तरफ मार्नस लबुशाने ने नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलकर उनका बेहतरीन तरीके से साथ निभाया। अब तक बेहतरीन फॉर्म में दिख रही भारतीय गेदबाजी आक्रमण शुरू में तो भारी पड़ती दिख रही थी, लेकिन बाद में हेड और लबुशाने ने उनके खतरे को बेअसर कर दिया और टीम को बेहतरीन जीत दिला दी। ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय टीम को 42 गेंदे शेष रहते 6 विकेट से मात दी।

महज 47 रनों पर गिर गए थे तीन विकेट

इससे पहले, भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया था। भारतीय टीम ने तमाम संघर्षों के दम पर निर्धारित 50 ओवरों में सभी विकेट खोकर 240 रन बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया ने 241 रनों का पीछा धमाकेदार अंदार में करने की कोशिश की, लेकिन दूसरे ओवर की पहली ही गेंद पर मोहम्मद शमी ने डेविड वॉर्नर का विकेट झटक कर उसे बैकफुट पर ढकेल दिया। ऑस्ट्रेलिया का पहला विकेट 16 रनों के कुल योग पर गिरा। वॉर्नर ने 7 रन बनाए। इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम को दूसरा झटका चौथे ओवर में मिचेल मार्श के रूप में लगा, जब जसप्रीत बुमराह की गेंद पर वो विकेट के पीछे कैच थमाकर वापस पवैलियन पहुँच गए। मार्श ने 15 रन बनाए।

ऑस्ट्रेलियाई टीम को तीसरा झटका 47 रनों के कुल स्कोर पर लग गया, जब जसप्रीत बुमराह की गेंद पर अंपायर ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया। हालाँकि बाद में पता चला कि वो आउट नहीं थे, ऐसे में वो रिव्यू लेते तो साफ बच जाते लेकिन रिव्यू न लेकर वो पवैलियन चले गए थे। इसके बाद मैदान पर आए मार्नस डट गए और आखिर तक हेड का साथ दिया।

भारत ने बनाए थे 240 रन

बता दें कि भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाए जाने के बाद निर्धारित 50 ओवरों में 240 रन बनाए थे। रोहित शर्मा ने 47 रन, विराट कोहली ने 54 रन, के एल राहुल ने 66 रन और सूर्या ने 18 रन बनाए थे। रोहित शर्मा ने अपनी पारी के लिए जहाँ महज 31 गेंदों का सामना किया था, वहीं के एल राहुल को 107 गेंदे खेलनी पड़ी। हालाँकि पिच बाद में काफी धीमी हो गई थी। लेकिन रात के समय ऑस्ट्रेलिया की बैटिंग के समय ओस पड़ने की वजह से बल्लेबाजी आसान हो गई।

भारत को लगातार दोनों फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार

भारत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में भी ऑस्ट्रेलिया से हार गया था, तो अब वनडे विश्वकप के फाइनल में भी उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार झेलनी पड़ी है। भारत साल 2003 के फाइनल मुकाबले में भी ऑस्ट्रेलिया से हार गया था। यही नहीं, 2011 में भारत विश्वकप चैंपियन जरूर बना था, लेकिन साल 2015 के विश्वकप में ऑस्ट्रेलिया के हाथों उसे सेमीफाइनल में हार झेलनी पड़ी थी और ऑस्ट्रेलिया पाँचवीं बार चैंपियन बना था। अब वो छठीं बार चैंपियन बना है। ऑस्ट्रेलिया ने 1987, 1999, 2003, 2007, 2015 और अब 2023 में विश्वकप की ट्रॉफी जीती है।

‘अनुष्का शर्मा और आथिया शेट्टी को क्रिकेट की समझ नहीं’: वर्ल्ड कप के फाइनल में महिलाओं पर टिप्पणी कर फँसे हरभजन सिंह, लोग बोले- माफी माँगो

आईसीसी विश्व कप 2023 के फाइनल में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मुकाबला जारी है। भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 241 रनों का लक्ष्य रखा है। वहीं इसी बीच एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें भारत के पूर्व स्पिनर से कमेंटेटर बने हरभजन सिंह ने अनुष्का शर्मा और आथिया शेट्टी पर एक टिप्पणी कर बुरे फँस गए हैं। 

सोशल मीडिया एक्स पर हरभजन सिंह की महिलाओं के क्रिकेट की समझ को लेकर सवाल उठाने पर तीखी आलोचना हो रही है। दरअसल, विराट और कई स्टार खिलाड़ियों की पत्नियाँ मैदान में अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मौजूद हैं और कैमरामैन उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए अक्सर उन पर कैमरा फोकस करते हैं।

इसी बीच कैमरा जैसे ही विराट की पत्नी अनुष्का शर्मा और केएल राहुल की पत्नी आथिया शेट्टी पर फोकस होता है। तो हरभजन सिंह की टिप्पणी सुनाई पड़ती है, “मुझे नहीं पता कि वे क्रिकेट या फिल्मों के बारे में बात कर रही हैं, मुझे नहीं लगता कि वे क्रिकेट के बारे में ज्यादा जानती भी हैं।”

इस मामले में अरुणोदय सिंह नामक एक सोशल मीडिया यूजर ने वीडियो क्लिप पोस्ट करते हुए लिखा, “हरभजन सिंह आपका क्या मतलब है कि महिलाएँ क्रिकेट समझती हैं या नहीं? कृपया तुरंत माफ़ी माँगे।”

कहीं न कहीं हरभजन की इस टिप्पणी में महिलाओं की क्रिकेट को लेकर समझ पर सवाल उठाया गया है जिसका सोशल मीडिया पर दूसरी महिलाओं ने विरोध करते हुए हरभजन सिंह से माफी की माँग की है। 

वहीं वीडियो वायरल होने के बाद तीखी टिप्पणियों के बीच कुछ लोगों ने हरभजन सिंह का समर्थन भी किया और कहा कि उनकी टिप्पणी गलत नहीं है और उन्हें माफी माँगने की जरूरत नहीं है।

जिस फिलिस्तीन समर्थक ने वर्ल्ड कप फाइनल में घुस कर कोहली को पकड़ा, उसे कानूनी सहायता देगा मुस्लिम वकील: समर्थन में उतरा लिबरल गिरोह, की वाहवाही

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए क्रिकेट विश्वकप के फाइनल मुकाबले में एक व्यक्ति मैदान में घुस आया। वो फिलिस्तीन समर्थक है और ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है। उसने भारतीय पारी के 14वें ओवर में मैदान में घुसने का साहस किया और विराट कोहली से जाकर मैदान पर ही बात करने लगा। उसने विराट कोहली को छुआ भी। इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने उसे पकड़ लिया और हिरासत में ले लिया।

हिरासत में लिए जाने के बाद उसकी पहचान का खुलासा हुआ, जब उसने पत्रकारों से अपनी इस हरकात के बारे में बातचीत की। एक तरफ उसने कानून तोड़ा और अफरा-तफरी का माहौल पैदा किया, तो दूसरी तरफ भारत के लिबरल्स उसकी वाहवाही करने लगे। यहाँ तक कि भारतीय इस्लामवादियों ने इसे कानूनी सहायता तक देने की पेशकश कर दी।

ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है आरोपित

क्रिकेट विश्वकप के फाइनल मुकाबले में राजनीतिक संदेश देने के लिए मैदान में घुसने वाले युवक की पहचान वेन जानसन के रूप में हुई है। वो स्टेडियम में भारतीय टीम की जर्सी पहनकर घुसा था और बाद में उसने टी-शर्ट बदल लिया। उसने पत्रकारों से बताया कि वो इस मौके का इस्तेमाल फिलिस्तीन समस्या की तरफ ध्यान दिलाने के लिए करना चाहता था। उसने खुद को ऑस्ट्रेलियाई नागरिक बताया और कहा कि वो विराट कोहली से मिलना चाहता था। इस दौरान उसके फिलिस्तीन के समर्थन के बारे में पूछा गया, तो उसने कहा कि मैं फिलिस्तीन को समर्थन करता हूँ।

इस घटना के तुरंत बाद सुरक्षा कर्मियों ने मोर्चा संभाला और मैदान में घुसने वाले व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया। उसे चाँदखेड़ा पुलिस स्टेशन ले जाया गया है, जहाँ उससे पूछताछ की जा रही है।

भारत के लिबरल और इस्लामिक कट्टरपंथी करने लगे समर्थन

मैदान में घुसने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी की जानकारी जब मुफद्दल वोहरा नाम के व्यक्ति ने दी, तो अनस तनवीर नाम के व्यक्ति ने आरोपित को कानूनी सहायता देने की पेशकश की।

आरजेडी की सोशल मीडिया टीम से जुड़ा प्रियाँशु तो फिलिस्तीन के लिए एक्स पर ही नारेबाजी करने लगा।

लेफ्ट लिबरल गिरोह का सदस्य और कॉन्ग्रेसियों का प्रिय अशोक पाण्डेय भी ‘फ्री फिलिस्तीन’ के नारे लगाने लगा।

वहीं सुजाता नामक उपन्यासकार ने लिखा, “वे चाहेंगे आप भूल जाएँ लेकिन आप याद दिलाते रहना।”

लेफ्ट लिबरल गिरोह की सदस्य आरफा ने सिद्धार्थ के पोस्ट को री-ट्वीट करते हुए आगे बढ़ाया।

Arfa ने इस पोस्ट को री-ट्वीट किया है।

बता दें कि मैदान पर 13 ओवर और 3 गेंदे फेंकी जा चुकी थी, जब ये घटना हुई। मैच का 14वाँ ओवर एडम जैम्पा फेंक रहे थे, उन्होंने तीन गेंदे डाली थी, जिसपर 3 सिंगल रन बने थे। विराट कोहली 29 रन बनाकर खेल रहे थे, तब ये व्यक्ति मैदान के बीचो-बीच घुस गया।

भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच में ‘हनुमान चालीसा’, स्टेडियम में लाखों लोगों ने किया था पाठ? – जानिए सच

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल मैच से पहले लाखों लोगों ने एक साथ ‘हनुमान चालीसा’ पाठ किया। सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ एक वीडियो वायरल हुआ। इसे कई सारे हैंडल्स ने शेयर, ट्वीट, रिट्वीट भी किया। कई मीडिया चैनलों और वेबसाइट ने भी इस खबर को प्रकाशित किया था। हमने सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट (एशिया नेट वेबसाइट, जिसकी आर्काइव लिंक आप यहाँ पढ़ सकते हैं) के आधार पर पहले रिपोर्ट लिखी थी। लेकिन अब सच्चाई कुछ और निकल कर आई है, इस वीडियो के एडिटेड होने की। इस रिपोर्ट को हम नई जानकारी के साथ अपडेट कर रहे हैं।

एशिया नेट वेबसाइट की रिपोर्ट के आधार पर रविवार (19 नवंबर, 2023) को खेले गए मैच में भारत की जीत के लिए एक साथ एक लाख से अधिक लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर सबको मंत्र मुग्ध कर दिया था। अब आई जानकारी के अनुसार स्टेडियम में ऐसा कुछ नहीं हुआ था। सोशल मीडिया पर जिस वीडियो को लोग शेयर कर वायरल कर रहे थे, वो दरअसल एक एडिटेड वीडियो था।

नीचे वही एडिटेड वीडियो लगा हुआ है।

हालाँकि इस मैच से पहले कई दिलचस्प पल देखने को मिले। इसमे भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण टीम का एयर शो भी शामिल रहा। इसके अलावा स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था और भीड़ एक रोमांचक मुकाबले को देखने के लिए पूरी तरह तैयार थी। इस दौरान वर्ल्ड कप 2023 में भारत के 10 मैचों के खिताबी मुकाबले में कामयाब होने से जोश से भरे फैंस ने ‘भारत माता की जय’ के नारे भी लगाए।

बता दें कि भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपनी टीमों में कोई बदलाव नहीं किया। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे वन डे वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीत कर जहाँ पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। वहीं भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा भी पहले बल्लेबाजी ही करना चाहते थे।

मनचाही बल्लेबाजी मिलने से रोहित शर्मा शुरू में शानदार लय में नजर आए। हालाँकि, पहले झटके के तौर पर शुभमन गिल केवल 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। जहाँ ‘मेन इन ब्लू’ ने रोहित शर्मा, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर को 90 रन पर संतोष करना पड़ा।

इसके बाद भारतीय टीम के किंग विराट कोहली मैदान पर उतरे। वहीं विराट कोहली और केएल राहुल ने अपनी सधी हुई पारी से टीम को संकट से बाहर निकाला। भारत ने 50 ओवर में 240 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 241 का लक्ष्य रखा।

बुर्का पहन पोलिंग बूथ में घुसीं 100 महिलाएँ… फेक वोटिंग का मचा हल्ला: इंदौर में मतदान के वक्त सामने आए BJP और कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता

मध्य प्रदेश के इंदौर में बुर्के में मतदान के मुद्दे पर हंगामा खड़ा हो गया। भाजपा ने जहाँ बुर्के की आड़ में फर्जी मतदान की शिकायत दर्ज करवाई तो वहीं कॉन्ग्रेस इसे विधानसभा चुनावों में हार की बौखलाहट बता रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा और जाँच के बाद कहा कि आरोप सही नहीं पाए गए। घटना शुक्रवार (17 नवंबर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला इंदौर विधानसभा के क्षेत्र 3 का है। शुक्रवार को यहाँ के एक सरकारी स्कूल में विधानसभा चुनावों के दौरान वोट डाले जा रहे थे। इस बीच भाजपा कार्यकर्ताओं को लगभग 100 की संख्या में बुर्का पहने महिलाओं के बूथ के अंदर जाने की सूचना मिली। इस सूचना पर कई भाजपा कार्यकर्ता बूथ पर जमा हो गए और हंगामा करने लगे। मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल पहुँचा। लगभग 2 घंटे तक चले इस हंगामे की वजह से कई मतदाता बूथ के अंदर रोक लिए गए।

इंदौर के पुलिस अधिकारी अभिनय विश्वकर्मा के मुताबिक फर्जी मतदान की शिकायत पर पहुँची पुलिस ने आरोपों की जाँच करवाई। हालाँकि जाँच में आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई। इंदौर 3 की जिस विधानसभा सीट पर यह विवाद हुआ वहाँ लगभग 1 लाख 88 हजार मतदाता हैं। भाजपा ने यहाँ राकेश शुक्ला उर्फ़ गोलू को मैदान में उतारा है। वहीं कॉन्ग्रेस से इसी सीट पर दीपक जोशी उर्फ़ पिंटू किस्मत आज़मा रहे हैं।

कॉन्ग्रेस ने भाजपा के इस विरोध को हार के पूर्वानुमान से उठी बौखलाहट बताया है। इसके अलावा राऊ विधानसभा में कॉन्ग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तनातनी हो गई थी। इस विवाद का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस विवाद को काबू करने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा था। बताते चलें कि शुक्रवार को मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए हुए मतदान के लिए 76.22% मतदान हुआ था। साल 2018 में मतदान का आँकड़ा 75% था। शुरुआती रुझानों में इस बार साल 2018 का आँकड़ा पार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

बच्चियों की लाशें, लाशों पर स्पर्म, कटे हुए स्तन… इजरायल में हमास के इस्लामी आतंकियों की हैवानियत का नज़ारा, बलात्कार करते-करते मार देते थे गोली

हमास ने इजरायल पर आतंकी हमले के बाद न सिर्फ आम इजरायलियों को मौत के घाट उतारा बल्कि जीवित और मृत बच्चियों और महिलाओं के साथ बलात्कार जैसी दरिंदगी भी किया। इसी के मद्देनजर अब इज़रायल पर 7 अक्टूबर, 2023 हमास के हमलों के बाद बलात्कार के मामलों का दस्तावेज तैयार कर रही है। जिसके लिए फोरेंसिक सबूतों, वीडियो और गवाहों के बयान और संदिग्धों से पूछताछ किया जा रहा है।

इसे लेकर जो खुलासे प्रत्यक्षदर्शियों ने अब तक किए हैं वो इंसानियत को शर्मसार करने वाले हैं। हमास के आंतकियों ने पकड़ी गई महिलाओं और लड़कियों का खौफनाक तरीके से रेप और यौन उत्पीड़न ही नहीं किया बल्कि उनके साथ शारीरिक तौर पर भी भयानक हिंसा की। किसी की छाती काट डाली तो किसी को रेप करने के दौरान ही गोली मार कर जान ले ली।

इजरायली बच्चियों की लाशों पर पड़े ताजा स्पर्म ये चीख-चीख कर कह रहा था कि उनके साथ हमास के आतंकियों ने किस कदर हैवानियत की है। खून से सने उनके जिस्मों पर अनगिनत घाव बगैर कहे गवाही दे रहे थे कि हैवानियत का नंगा नाच कैसा होता है।

हमास आंतकियों के भयावह, अमानवीय अपराध

इजरायल की खास 669 स्पेशल टैक्टिस रेस्क्यू यूनिट के एक पैरामेडिक ने सीएनएन को बताया कि उसने पहले भी सभी तरह की जान माल के नुकसान वाली वारदातों की जाँच की है, लेकिन 7 अक्टूबर की हिंसा कल्पना से भी परे की थी।

इस फाइटर पैरामेडिक ने अपना नाम छापने की शर्त पर बताया कि किबुत्ज़ बेरी में हमास के नरसंहार के बाद जब वो किसी जिंदा बचे शख्स की तलाश में घर-घर जा रहे थे। उस दौरान उन्हें एक बेडरूम में दो दो युवा किशोर लड़कियों की लाश मिली।

पैरामेडिक के मुताबिक, “एक की लाश बिस्तर पर पड़ी हुई थी और दूसरी की एक फर्श पर।” उन्होंने आगे बताया फर्श पर पड़ी लड़की अपने पेट के बल थी। उन्हें इसमें कोई शक नहीं था कि किशोरी के साथ बलात्कार किया गया था, लेकिन उन्हें यह नहीं पता चला कि वह पहले मर गई थी या नहीं।

उन्होंने आगे बताया, “उसकी पैंट घुटने तक खुली हुई है और उसकी गर्दन के पीछे सिर के पास गोली के जख्म थे। उसके सिर के चारों ओर खून का ढेर लगा था है और उसकी पीठ के निचले हिस्से पर स्पर्म पड़ा था।”

उन्होंने आगे बताया कि बिस्तर पर पड़ी लड़की के पूरे शरीर पर चोट के निशान थे और उसकी छाती में गोली लगी थी। उनका कहना था कि इन दो लड़कियों को उनके पहुँचने से कुछ वक्त पहले ही मारा गया हो या पहले मार डाला गया हो शायद उनके ही बेडरूम में उनके साथ बलात्कार किया गया था, अभी जाँच के बाद ही पता लगेगा।”

अन्य लोगों ने भी नोवा संगीत समारोह में इसी तरह की खौफनाक और हैवानियत से भरे वाकयों के बारे में बताया था। यहाँ सैकड़ों युवाओं को आतंकवादियों ने मार डाले थे। समारोह के एक आयोजक रामी शमूएल ने कहा कि जब वह भाग रहे थे तो उसने महिला पीड़ितों को बगैर कपड़ों के देखा और जो कुछ हुआ उसके बारे में उसे कोई संदेह नहीं है। उन्होंने बताया, “उन्हें नंगा कर उनके (महिलाओं) दोनों पैर फैलाए गए थे और उनमें से कुछ को मार डाला गया था।”

उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था कि इन महिलाओं से वहशीपन की हद पार करते हुए यौन हिंसा की गई थी। उनका कहना था कि हमास के आतंकियों ने खासकर औरतों, युवा युवतियों के ही कपड़े उतार फेंके थे। इससे साफ है कि उनका मकसद पहले से ही इनके साथ बलात्कार करना था, क्योंकि उन्होंने वहाँ उस दिन किसी भी पुरुष के कपड़े नहीं उतारे थे।

अभी लंबी चलेगी जाँच

इज़रायल की पुलिस मानती है कि उनकी जाँच में महीनों लग सकते हैं। हिब्रू विश्वविद्यालय की मानवाधिकार कानून विशेषज्ञ एल्कायम-लेवी भी कहती हैं कि यह साफ नहीं है कि किसी भी मामले को कैसे और कहाँ संभाला जाएगा। हालाँकि, उन्होंने कहा कि दोहरी नागरिकता वाले कुछ परिवार इज़रायल के अलावा अन्य देशों में न्याय के लिए जा सकते हैं और साथ ही अंतरराष्ट्रीय अदालतों में भी अपने मामले को ले जा सकते हैं।

इजरायली अधिकारियों ने एक प्रेस ब्रीफिंग में जो सबूत जुटाए थे। उसमें एक महिला का बयान भी शामिल था। इस महिला ने 7 अक्टूबर, 2023 को अपने छिपने की जगह से नोवा म्यूजिक फेस्टिवल पर हमास आंतकियों के हमले को अपनी आँखों से देखा था। इस मायने में उनका बयान काफी मददगार साबित होगा।

इस महिला ने अपने बयान में कहा, “उन्होंने (हमास) किसी को झुकाया हुआ था और मुझे समझ आया कि वह उस युवती के साथ बलात्कार कर रहा था और फिर वह उसे दूसरे को बलात्कार के लिए सौप रहा था।”

उसने आगे बताया, “वह जीवित थी। वह अपने पैरों पर खड़ी थी और उसकी पीछे से खून बह रहा था। मैंने देखा कि वह उसके बाल खींच रहा था। उसके लंबे भूरे बाल थे। मैंने उन्हें उसके स्तन काटते हुए देखा और फिर वह उसकी कटे स्तनों को सड़क की ओर फेंक रहा था। उसे दूसरे शख्स ने किसी दूसरे की तरफ उछाला और वो उससे खेलने लगे।”

इसके बाद भी हमास के आतंकियों ने उस युवती को नहीं छोड़ा। गवाह ने आगे बताया, “मुझे याद है कि एक अन्य शख्स ने फिर और उसके साथ बलात्कार किया था और उससे बलात्कार करते-करते ही उसने युवती के सिर में गोली मार दी।”

हमास की दरिंदगी के हजारों बयान वीडियो क्लिप

इजरायली पुलिस सुपरिटेंडेंट डूडी काट्ज़ की रूह भी इन सबूतों के बारे में बताते हुए हुए काँप उठी थी। काट्ज़ के मुताबिक, अधिकारियों ने हमास के हमलों से जुड़े 1,000 से अधिक बयान और 60,000 से अधिक वीडियो क्लिप इकट्ठा किए हैं।

उन्होंने आगे बताया कि इनमें उन लोगों के बयान भी शामिल हैं जिन्होंने महिलाओं के साथ बलात्कार होते देखा था। हालाँकि, उन्होंने कहा कि जाँचकर्ताओं के पास भुक्तभोगी नहीं है और यह भी साफ नहीं है कोई बलात्कार पीड़िता जीवित बची है या नहीं।

बीते महीने हमास के आंतकी हमले में उस दिन गाजा और इजरायल की सीमा के गाँवों और खेतों में लगभग 1,400 इजरायली मारे गए और इससे अधिक घायल हुए। वहीं हमास के आतंकियों ने 240 से अधिक इजरायली नागरिकों को बंधक बनाया। इसमें बच्चे, बुजुर्ग, औरतें सब शामिल थे।

हमास के इन आतंकियों की इस काली करतूत को दुनिया के सामने लाने के लिए सुबूत जरूरी है। तभी इजरायल के पुलिस कमिश्नर शबताई याकोव कहते हैं कि जाँच संभावित तौर पर अभियोग लगाने के काम आएगी, लेकिन अभी इन अपराधों के दस्तावेज़ तैयार करना पहला मिशन है।

कहीं दुनिया भूल न जाए इजरायली बच्चियों, औरतों से हुई हैवानियत

हिब्रू विश्वविद्यालय की मानवाधिकार कानून विशेषज्ञ कोचाव एल्कायम-लेवी ने अत्याचारों के सबूतों के दस्तावेज तैयार करने के लिए अपने साथियों के साथ एक नागरिक आयोग का गठन किया है। उन्हें डर है कि गाजा और इजरायल की जंग के बीच दुनिया इजरायली महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा पर गौर करना कहीं भूल न जाए। उन्होंने आतंकी हमलों के ठीक एक हफ्ते बाद आए संयुक्त राष्ट्र के एक बयान की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इस बयान में यौन हिंसा का जिक्र तक नहीं था।

एल्कायम-लेवी का कहना है, “हम उनके साथ जो कुछ भी हुआ है उसे कभी नहीं जान पाएँगे। जब हम जानते हैं कि जिन महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया और जिन पर यौन हमला किया गया उनमें से अधिकांश की हत्या भी कर दी गई।”

लेवी ने यूएन के बयान पर कहा, “इजरायली महिलाओं के तौर पर, हमारे बच्चों के लिए और हम लोगों के लिए यह सिर्फ चुप्पी या बेइज्जती से भी कहीं अधिक बुरा है। जब वे हमें स्वीकार करने में नाकाम है, यहाँ जो कुछ हुआ उसे स्वीकार करने में विफल हो रहे हैं, इस तरह से वो इंसानियत को नाकाम कर रहे हैं।”

खाने-पीने की सामग्री से लेकर दवाई तक… भारत ने गाजा नागरिकों को भेजी ’32 टन’ मदद, इजरायल खुद खोलेगा रास्ता

भारत ने युद्ध में फंसे फिलीस्तीन के हिस्से गाजा के नागरिकों को मदद भेजी है। भारतीय वायुसेना का सी 17 ग्लोबमास्टर विमान 32 टन सामग्री लेकर 19 सितम्बर को दिल्ली से रवाना हुआ है। यह मिस्र पहुँचेगा, जहाँ से इसे राफाह क्रासिंग के जरिए गाजा के लोगों तक पहुँचाया जाएगा।

अक्टूबर माह में युद्ध चालू होने के बाद से भारत ने दूसरी बार गाजा के लोगों के लिए मदद भेजी है। इससे पहले भी एक बार मिस्र के रास्ते ही मदद भेजी जा चुकी है। इस सामग्री में खाने पीने का सामान, दवाइयाँ और अन्य महत्वपूर्ण चीजे हैं।

गौरतलब है कि 7 अक्टूबर 2023 को गाजा के भीतर से इस्लामी आतंकी संगठन हमास के आतंकियों ने इजरायल पर हमला कर दिया था। इस हमले में 1,200 से अधिक नागरिक मारे गए थे। इसके पश्चात इजरायल ने गाजा के भीतर हवाई हमले चालू कर दिए।

इजरायल ने हमास के आतंकियों को ढूँढ ढूँढ कर मारने के लिए नागरिकों को भी गाजा के दूसरे हिस्से में भेजा है। इस कारण से बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो गए हैं। विस्थापित लोगों को हमास लगातार मानव ढाल बना रहा है।

भारत द्वारा भेजी गई मदद ट्रकों से गाजा के भीतर भेजी जाएगी। यह मदद मिस्र के एल अरीश शहर के एयरपोर्ट पर उतरेगी। यह इलाका गाजा से मात्र 45 किलोमीटर दूर है। इजरायल ने फिलीस्तीनियों तक सहायता पहुँचने के लिए राफाह क्रासिंग खोलने की अनुमति दी हुई है।

भारत शुरुआत से ही इजरायल समस्या में दोनों राज्यों का समर्थन करता आया है। भारत का कहना रहा है कि इजरायल और फिलीस्तीन दो देश होने चाहिए। हालाँकि, फिलीस्तीन इजरायल का आस्तित्व नहीं मानना चाहता है।

भारत ने जहाँ एक तरफ गाजा के लोगों को सहायता भेजी है, वहीं उसने इजरायल पर हुए आतंकी हमले की कड़ी आलोचना भी की है। भारत ने इस कठिन घड़ी में इजरायल का समर्थन किया है। भारत ने मानवता के मूल्यों को मद्देनजर रखते हुए गाजा में यह सहायता भेजी है।

वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत को बचाने हैं 240 रन, रोहित शर्मा की आक्रामक शुरुआत के बाद कोहली-राहुल ने जड़ा अर्धशतक

आईसीसी क्रिकेट विश्वकप के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 241 रनों का लक्ष्य रखा है। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीता और पहले गेंदबाजी का फैसला लिया, जिसे उसके गेंदबाजों ने लगभग सही साबित किया। भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में सभी विकेट खोकर 240 रन बनाए और ऑस्ट्रेलिया के सामने 241 रनों का लक्ष्य रखा। कुलदीप यादव आखिरी गेंद पर दो रन लेने के चक्कर में रन आउट हो गए। भारत की तरफ से विराट कोहली और के एल राहुल ने महत्वपूर्ण अर्धशतकीय पारियाँ खेंली, तो कप्तान रोहित शर्मा ने 47 रनों का बेहद महत्वपूर्ण योगदान दिया।

इससे पहले, भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने आक्रामक शुरुआत की और 31 गेंदों पर 47 रन बनाए। लेकिन दूसरे छोर से शुबमन गिल महज 7 गेंदों पर 4 रन बनाकर आउट हो गए। उन्हें स्टार्क ने अपना शिकार बनाया। इस समय टीम का स्कोर महज 30 रन था। इसके बाद रोहित ने विराट कोहली के साथ 46 रनों की साझेदारी की। रोहित शर्मा अपना हाथ खोल ही रहे थे कि ग्लेन मैक्सवेल को निशाना बनाने की कोशिश में कैच थमा बैठे।

विराट कोहली और केएल राहुल की धीमी बल्लेबाजी

रोहित शर्मा का विकेट 10वें ओवर में कुल 76 रनों के योग पर गिरा। इसके बाद मैदान पर आए श्रेयस अय्यर तुरंत ही पवैलियन लौट गए। वो 3 गेंदों पर 4 रन बना सके। अय्यर का विकेट जब गिरा, तब टीम का स्कोर था 81 रन। तीसरा विकेट गिरने के बाद मैदान आए केएल राहुल ने विराट कोहली के साथ बेहद संभलकर बल्लेबाजी की। दोनों ने अपने रन सिंगल-डबल लेकर बनाए। कोहली-राहुल ने 67 रनों की साझेदारी की, जिसके बाद 148 रनों के कुल स्कोर पर विराट कोहली आउट हो गए।

विराट कोहली ने 63 गेंदों पर 54 रन बनाए, वहीं दूसरे छोर से के एल राहुल डटे रहे। वो बेहद धीमी बल्लेबाजी करते रहे, लेकिन सिंगल-डबल के दम पर ही स्कोर बोर्ड को चलाए रखा। इस दौरान बीच के समय में 97 गेंदों पर कोई रन नहीं बना।

विराट कोहली के आउट होने के बाद मैदान पर आए रविंद्र जडेजा ने जमने की कोशिश की। वो 22 गेंदों पर 9 रन बना भी चुके थे, लेकिन हैजलवुड ने उन्हें अपना शिकार बना लिया। टीम का पाँचवाँ विकेट 178 रनों के कुल स्कोर पर गिरा।इसके बाद केएल राहुल और सूर्या ने 25 रनों की साझेदारी की, लेकिन 203 रनों के कुल योग पर के एल राहुल स्टार्क की गेंद पर विकेट कीपर जोश इंग्लिश को कैच थमा बैठे। केएल राहुल ने 107 गेंदों पर 66 रन बनाए और अपनी पारी में महज एक ही चौका लगाया।

राहुल के आउट होने के बाद ढही भारतीय पारी

के एल राहुल के आउट होने के बाद मैदान पर आए मोहम्मद शमी 10 गेंदों पर 6 रन बनाकर स्टार्क के तीसरे शिकार बने। टीम का सातवाँ विकेट 211 रनों के कुल योग पर गिरा। टीम का आठवाँ विकेट 45वें ओवर में जसप्रीत बुमराह के रूप में गिरा, जिसे जैम्पा ने अपने आखिरी ओवर में लिया। वहीं, सूर्य कुमार यादव 226 रनों के कुल योग पर आठवें विकेट के तौर पर आउट होकर पवैलियन लौटे। सूर्या 28 गेंदों पर 18 रन बनाकर आउट हुए।

एक तरफ भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली के अलावा रन बनाने के लिए तरसते रहे, तो दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया के लिए सभी गेंदबाजों ने सधी गेंदबाजी की। जोश हैजलवुड को रोहित शर्मा ने शुरू में निशाना जरूर बनाया, लेकिन बाद में उन्होंने वापसी की और जडेजा का विकेट हासिल किया। ऑस्ट्रेलिया के लिए मिचेल स्टार्क ने 10 ओवरों में 55 रन देकर 3 विकेट लिए, तो ग्लेन मैक्सवेल और एडम जैम्पा को एक-एक विकेट मिला। वहीं, जोश हैजलवुड ने 2 विकेट लिए तो कप्तान पैट कमिंस को भी 2 विकेट मिले।

ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर चुनी है बल्लेबाजी

बता दें कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खचाखच भरे शोर के बीच ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने विश्व कप फाइनल में भारत के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम 10 गेम खेलने के बाद फाइनल में अजेय रही, पांच मैचों में लक्ष्य का पीछा करते हुए लक्ष्य का बचाव किया है। आज पहले बल्लेबाजी के बाद भारतीय टीम को लक्ष्य का बचाव करना है।

ऐसी हैं दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन

भारत: रोहित शर्मा (कप्तान), शुबमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव, रवींद्र जडेजा, मोहम्मद शमी, जसप्रित बुमराह, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज।

ऑस्ट्रेलिया: ट्रैविस हेड, डेविड वार्नर, मिशेल मार्श, स्टीवन स्मिथ, मार्नस लाबुशेन, ग्लेन मैक्सवेल, जोश इंगलिस (विकेटकीपर), मिशेल स्टार्क, पैट कमिंस (कप्तान), एडम ज़म्पा, जोश हेज़लवुड।

हमास को खत्म करने के लिए इजरायल को पाकिस्तान कर रहा 155 मिमी गोले की आपूर्ति: Pak मीडिया ने ही किया दावा, कहा- ‘खून से सने हैं इस्लामाबाद के हाथ’

हमास के आतंकी ढाँचे को खत्म करने के लिए इजरायली सेना को पाकिस्तान 155 मिमी के गोले की आपूर्ति कर रहा है। ऐसा दावा किया जा रहा है। ऐसे में यह घटनाक्रम इस दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है कि पाकिस्तान लम्बे समय से फिलिस्तीन का समर्थक रहा है, यहाँ तक कि वह इजरायल के अस्तित्व से भी इनकार करता है।

दरअसल, पीपल टॉक शो नाम के पाकिस्तानी मीडिया संगठन के एक्स (ट्विटर) अकाउंट ने फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा का विश्लेषण करने के बाद यह दावा किया। यूजर ने दावा किया कि ब्रिटिश वायु सेना के एक विमान ने बहरीन से पाकिस्तान के रावलपिंडी में नूर खान बेस के लिए उड़ान भरी थी। बाद में, यह ओमान के माध्यम से साइप्रस में एक सहयोगी अड्डे पर पहुँच गया।

पीपल टॉक शो ने पोस्ट किया, ”पाकिस्तान इजरायल को 155 मिमी के गोले निर्यात कर रहा है। वैश्विक आपूर्ति की कमी के कारण इन हथियारों को इजरायल को निर्यात किया गया है। ब्रिटिश एयरफोर्स आरआरआर6664/5 ने बहरीन से रावलपिंडी पीएएफ नूर खान बेस तक, नूर खान बेस से बहरीन के लिए उड़ान भरी। इजरायल को आपूर्ति करने के लिए बहरीन से डुकम ओमान और डुकम ओमान से साइप्रस तक मित्र देशों के अड्डे तक इसे पहुँचाया गया।”

इसने पाकिस्तान के हाथ फिलिस्तीनी नागरिकों के खून से सने होने का आरोप लगाया। पोस्ट में कहा गया है, “फिलिस्तीनी नागरिकों और बच्चों का खून पाकिस्तानी सशस्त्र बलों के हाथ में है, इस्लामाबाद के हाथ में है।”

एक अन्य ट्वीट में, इसने एक लेख का लिंक संलग्न किया जिसमें अक्रोटिरी बेस पर वायु सेना के ट्रैफिक रूट को दिखाया गया है जो उनके दावे के समर्थन में भी है।

ब्रिटिश एयरफोर्स RRR6664/5 एक बोइंग C-17A ग्लोबमास्टर, एक सैन्य परिवहन विमान है। जबकि उड़ान ट्रैकिंग मैप दिखा रहा है कि रॉयल एयर फ़ोर्स का विमान पाकिस्तान में उतरा, हालाँकि, यह ज्ञात नहीं है कि ऐसे में यह दावा करने वाले ने कैसे निर्धारित किया कि विमान पर गोला-बारूद, विशेष रूप से 155 मिमी के गोले लोड किए गए थे।

गौरतलब है कि ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स का साइप्रस में अक्रोटिरी बेस एक अंतरराष्ट्रीय सैन्य केंद्र के रूप में सामने आया है। इसका इस्तेमाल हमास के खिलाफ युद्ध के बीच इजरायल को हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति करने के लिए किया जा रहा है। इजरायली अखबार हारेत्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार, 40 से अधिक अमेरिकी परिवहन विमान, 20 ब्रिटिश परिवहन विमान और सात भारी परिवहन हेलीकॉप्टर उपकरण, हथियार और सेना का सामान लेकर साइप्रस में आरएएफ अक्रोटिरी बेस के लिए उड़ान भरी थी।

हारेत्ज़ रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि नेगेव रेगिस्तान के पास दक्षिणी इज़रायल में स्थित नेवातिम वायु सेना बेस पर उतरने वाले अमेरिकी विमानों ने इज़रायल की सेना के लिए हथियार पहुँचाएँ हैं। अमेरिकी विमान अन्य चीजों के अलावा बख्तरबंद वाहन लेकर तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर भी उतरे हैं।

इस रिपोर्ट को इस तथ्य से बल मिला कि पाकिस्तान जमीनी हमलों के लिए आवश्यक बुनियादी हथियारों का निर्माता है। सितंबर 2023 में, द इंटरसेप्ट रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पाकिस्तान ने अमेरिका को गुप्त हथियार बेचने की साजिश रची, जिससे उसे अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से बहुप्रतीक्षित बेलआउट पैकेज हासिल करने में मदद मिली।

कथित तौर पर हथियारों की बिक्री का सौदा यूक्रेनी सेना को अन्य हथियारों के साथ 155 मिमी के गोले की आपूर्ति के लिए किया गया था। हालाँकि, इस्लामाबाद ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था और दावा किया कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध में तटस्थता की नीति बनाए हुए है।

हालाँकि, यूक्रेन को 155 मिमी के गोले से लैस करने की रिपोर्टों के समान ही पाकिस्तान ने उन दावों को भी खारिज कर दिया है कि वह इज़राइल को इजरायली सशस्त्र बलों के लिए जमीनी हमले के लिए आवश्यक गोला-बारूद की आपूर्ति कर रहा है।

इजरायल के प्रति पाकिस्तान का रुख

गौरतलब है कि पाकिस्तान दुनिया के उन कुछ देशों में से है जो इजरायल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं देता है। 1947 में, इज़रायल के निर्माण के समय, पाकिस्तान ने फिलिस्तीन के लिए संयुक्त राष्ट्र विभाजन योजना के खिलाफ मतदान किया था।

फ़िलहाल, पाकिस्तान द्वारा इज़रायल को 155 मिमी के गोले की कथित आपूर्ति को भी पश्चिमी शक्तियों द्वारा किसी पिछले दरवाजे से हथियारों की सप्लाई के रूप में देखा जा रहा है।