भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर वाली अर्थव्यवस्था बनाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना जल्द ही पूरा होने वाला है। भारत पहली बार 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाली क्लब में शामिल हो गया है। भारत ने 18 नवंबर 2023 को 4 ट्रिलियन डॉलर (4 लाख करोड़ रुपए) का आँकड़ा पार करते हुए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के मामले में विश्व के शीर्ष पाँच देशों में बढ़त बना ली है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा (IMF) के डाटा पर आधारित विश्व के सभी देशों के GDP की लाइव ट्रैकिंग का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है। भारतीय समय के अनुसार रविवार (19 नवंबर 2023) को भारतीय की इस रिमार्केबल सफलता पर नेटिजन्स एक दूसरे को खूब बधाइयाँ दीं।
India’s GDP crosses 4 trillion dollars today for the first time.
Moving towards Modi ji's promise of 5 trillion economy by 2024.
RBI ने 16 नवंबर को एक लेख में कहा कि आर्थिक पूर्वानुमानों के आधार पर व्यापक सहमति है कि दूसरी तिमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि RBI के 6.5 प्रतिशत के अनुमान से बेहतर होगी।वित्तीय वर्ष के पहले तीन महीनों में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने हाल ही में घरेलू अर्थव्यवस्था पर भरोसा जताया।
दास ने 31 अक्टूबर को कहा, “आर्थिक गतिविधि की गति को देखते हुए, मुझे उम्मीद है कि नवंबर के अंत में आने वाले दूसरी तिमाही के जीडीपी आँकड़े आश्चर्यचकित करेंगे।” वहीं, लेख में कहा गया है कि सितंबर तिमाही के कॉर्पोरेट परिणामों से लगता है कि वास्तविक जीडीपी वृद्धि 6.5% से अधिक होगी।
वहीं, विश्व की प्रमुख रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने 16 नवंबर 2023 को कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि की संभावनाएँ मध्यम अवधि में मजबूत बनी रहनी चाहिए। वित्तीय वर्ष 2024-2026 में सकल घरेलू उत्पाद में सालाना 6-7.1 प्रतिशत की वृद्धि होगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितताओं का भारतीय अर्थव्यवस्था पर कम असर पड़ेगा।
‘ग्लोबल बैंक्स कंट्री-बाय-कंट्री आउटलुक 2024’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में एसएंडपी ने कहा कि स्वस्थ कॉर्पोरेट बैलेंस शीट, सख्त अंडरराइटिंग मानक और बेहतर जोखिम-प्रबंधन सहित संरचनात्मक सुधार के कारण बैंकिंग क्षेत्र के कमजोर ऋण 31 मार्च 2025 तक सकल अग्रिमों के 3-3.5 प्रतिशत तक कम हो जाएँगे।
बता दें कि भारत ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि मजबूत आर्थिक उत्थान को दर्शाता है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2025 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा है। हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि भारत 2027 तक जापान और जर्मनी को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने को लेकर एक सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने अगस्त में कहा था कि सरकार के रोडमैप में समावेशी विकास पर ध्यान केंद्रित करना, डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना, फिनटेक, प्रौद्योगिकी-सक्षम विकास, ऊर्जा परिवर्तन और जलवायु कार्रवाई और निवेश और विकास के उपाय शामिल हैं।
विश्व में 200 से अधिक देश हैं। इनमें से सिर्फ 19 देशों की जीडीपी ही एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक है। अमेरिका पहला देश था, जिसने सबसे पहले यानी 1969 में एक ट्रिलियन डॉलर के क्लब में कदम रखा था। भारत साल 2007 में एक ट्रिलियन डॉलर क्लब में शामिल हुआ था। आज देश की जीडीपी 4 ट्रिलियन डॉलर पहुँच गई है।
इस समय दुनिया में सबसे अधिक जीडपी वाला देश है अमेरिका है। उसके बाद दूसरे स्थान पर चीन और तीसरे स्थान पर जापान है। वहीं, चौथे स्थान पर जर्मनी और पाँचवें स्थान पर भारत है। अमेरिका का कुल जीडीपी 26.95 ट्रिलियन डॉलर है, जबकि चीन का कुल जीडीपी 17.7 अरब डॉलर है। जर्मनी की अर्थव्यवस्था 4.4 ट्रिलियन और भारत की 4.001 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है।
पाकिस्तान की जिहादी सोच वाली हीरोइन सहर शिनवारी ने एक बार फिर भारत के खिलाफ ज़हर उगला है। ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच वर्ल्ड कप के फाइनल मैच से पहले सहर ने कहा कि भारत के सच्चे मुस्लिम चाहते हैं भारत हार जाए।
सहर शिनवारी ने लिखा है, “मेरी आखिरी उम्मीद ऑस्ट्रेलिया है। मैं इसकी आशा करती हूँ कि वह पाकिस्तान के 23 करोड़ लोगों, भारत के 16 करोड़ मुस्लिमों और बांग्लादेश के 16 करोड़ मुस्लिमों को आज निराश नहीं करेंगे।”
My last hope is Australia. I hope they won't disappoint 230 millions people of Pakistan, 160 millions muslims of India and 160 millions people of Bangladesh today ?
आए दिन ऊल-जलूल ट्वीट करने वाली सहर शिनवारी ने एक बार फिर भारत के मुस्लिमों को ढाल बना कर अपना एजेंडा आगे बढ़ाया है। सहर इससे पहले भी ट्विटर पर इंगेजमेंट इकट्ठा करने के लिए ऐसे ही ट्वीट करती रही है।
एक अन्य ट्वीट में सहर शिनवारी ने लिखा, ” मुझे इस बात पर पूरा विश्वास है कि भारत का हर सच्चा सच्चा भारत को हारते हुए देखना चाहता है।” पाकिस्तान के वर्ल्डकप से बाहर होने का सच नहीं पचा पा रही शिनवारी ने इसे फिक्स्ड वर्ल्डकप बताया है। इससे पहले एक ट्वीट में सहर ने कहा था कि भारत आज सु%र की तरह हारेगा।
I truly believe every true Muslim of India would want to see India lose today's match. ❤️✌️
सहर वर्ल्डकप में इससे पहले भी भारत के खिलाफ ज़हर उगलती रही है। वह अक्सर ऐसे ट्वीट करती है जिसमें भारत को क्रिकेट में हराने वाले देश के लड़के से निकाह का ऑफर होता है। वह श्रीलंका, बांग्लादेश और जिम्बाब्वे को यही ऑफर दे चुकी है। हालाँकि, वह अलग बात है कि जब भी वह पाकिस्तान या अन्य कोई टीम के समर्थन में ट्वीट करती हैं तो वह टीम अक्सर हार जाती है।
InshAllah my Bangali Bandu will avenge us in the next match. I will go to dhaka and have a fish dinner date with Bangali boy if their team managed to beat India ✌️❤️ ??
शिनवारी ने नरेंद्र मोदी के विरोध में और राहुल गाँधी के समर्थन में भी ट्वीट किए हैं। सितंबर 2022 में शिनवारी ने ट्वीट किया कि कैसे सिर्फ राहुल गाँधी ही भारत को बीजेपी और आरएसएस से बचा सकते हैं।
सहर शिनवारी पाकिस्तान के हैदराबाद शहर में पैदा हुई। कोहट के शिनवारी समुदाय से उनका ताल्लुक हैं। परिवार के एक्टिंग करियर के खिलाफ होने के बाद भी साल 2014 में वो इस पेशे में आई थी। उनका पहला कॉमेडी सीरियल ‘शेर सवा शेर’ था।
इंटरनेट की भाषा में कहें तो शिनवारी जो कर रही हैं, उसे ‘टट्टी पोस्टिंग’ और ‘बेटिंग’ कहा जाता है। आम तौर पर मशहूर होने के लिए, फॉलोअर्स की संख्या बढ़ाने के लिए या फिर किसी का रिएक्शन पाने के लिए ऐसे ट्वीट किए जाते हैं। सोशल मीडिया पर ‘वायरल’ होने के लिए यह एक आम हथकंडा है।
अमेरिकी मे चुनाव से पहले रिपब्लिकन पार्टी अपने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को चुनने की प्रक्रिया से गुजर रही है। भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी भी इनमें से एक हैं। उन्हें रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की रेस में मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
रामास्वामी ने शनिवार (18 नवंबर,2023) को द डेली सिग्नल प्लेटफॉर्म के आयोजित द फैमिली लीडर फोरम कार्यक्रम में हिंदू धर्म को लेकर कुछ ऐसा कहा कि वो भारत के लोगों के दिल को छू गया।
जब उनसे पूछा गया कि आप हिंदू है और आपने अपने कैंपेन को ‘सच’ पर फोकस किया है। इस बात पर चर्चा है कि ये सच क्या है, आपने इसे कहाँ खोजा और पाया, कहाँ इसे जाना और आप इसे कैसे लागू करते हैं।
इस सवाल के जवाब को रामास्वामी ने अपने एक्स हैंडल पर शेयर करते हुए लिखा, “कल रात मुझसे मेरी हिंदू आस्था के बारे में पूछा गया। मैंने ईमानदारी से जवाब दिया।”
उन्होंने कहा, “इस सवाल के लिए मैं आभारी हूँ क्योंकि हम पूरे स्टेट में शायद सौ इंवेट्स में गए वहाँ पॉलिसी को लेकर बहुत सारे सवाल पूछे गए थे। तब हमने खुद को बहुत मुश्किल हालात में पाया, इसलिए मैं हिंदू धर्म के बारे में बताने को लेकर आपका आभारी हूँ। मेरा हिंदू धर्म मुझे आजादी देता है। ये मेरा धर्म ही जिसने वास्तव में मुझे इस राष्ट्रपति उम्मीदवार अभियान में दावेदारी के लिए प्रेरित किया और सारे अभियान मैंने इसके बारे में बात की।”
रामास्वामी ने आगे कहा, “मैं आपको आपको अपने धर्म के बारे में बताता हूँ। मैं हिंदू हूँ। मैं विश्वास करता हूँ कि एक सच भगवान ही है। भगवान ने ही हम सबको दुनिया में एक उद्देश्य देकर भेजा है। मेरा धर्म मुझे सिखाता है कि हम सबका एक नैतिक कर्तव्य है कि हम इस उद्देश्य को समझे। इसके लिए भगवान हमारे साथ हमेशा रहता है वो अलग-अलग तरीके से हमारा साथ देता है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारे धर्म का मूल है कि भगवान हम सब में हैं इसलिए हम सब एक हैं। मेरे पालन-पोषण की वजह से मेरे अंदर परिवार, विवाह और माता-पिता के लिए सम्मान पैदा हुआ है। मेरा घर काफी पारंपरिक था। मेरे माता-पिता ने मुझे सिखाया कि परिवार ही हमारी नींव है। हमें अपने माता-पिता का सम्मान करना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि विवाह पवित्र है। शादी से पहले संयम रखना जरूरी है। व्याभिचार गलत हैं। हमारे वहाँ विवाह पुरुष-महिला के बीच होने वाला भावनात्मक रिश्ता होता है और तलाक को आप प्राथमिकता नहीं दे सकते हैं, इसलिए जब आप विवाह करते हैं तो वो भगवान के समक्ष करते हैं। भगवान के सामने अपने परिवार के सामने शपथ लेते हैं, क्योंकि जिंदगी में अच्छी चीजें त्याग माँगती हैं।
उन्होंने आगे कहा, “हमारा धर्म बताता है कि बगैर उद्देश्य के जिंदगी में वक्त व्यर्थ है और हम उस उद्देश्य पर चलते हैं। उन्होंने समझाया कि ये मान्यताएं और मूल्य अजीब नहीं है क्योंकि ये सब जगह है। अमेरिका में भी कहीं भी चले जाएँ आपको ये देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा, “मैं साझा मूल्यों के लिए हमेशा खड़े रहूँगा। मैं क्रिश्चियन हाई स्कूल में पढ़ा। वहाँ मैंने ईश्वर के 10 आदेशों को जाना। हमने बाइबल पढ़ी है।”
गौरतलब है कि रामास्वामी ने 21 फरवरी 2023 को फॉक्स न्यूज के एक शो में 2024 के राष्ट्रपति पद के चुनावों के लिए रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद की दौड़ के उम्मीदवारों में अपनी दावेदारी का ऐलान किया था। उस वक्त उन्होंने कहा था कि वे नए अमेरिका के ख्वाब को पूरा करने के लिए सांस्कृतिक आंदोलन शुरू करने के पक्षधर हैं।
एलन मस्क ने भी उनके तारीफ के पुल बाँध चुके हैं। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने 18 अगस्त, 2023 को ट्वीट कर अमेरिकी रिपब्लिकन पार्टी (GOP) के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों की रेस में शामिल भारतीय अमेरिकी राजनेता रामास्वामी का दिल खोलकर समर्थन किया था। उन्होंने अपने पहले ट्वीट में कहा कि 2024 के राष्ट्रपति पद की दावेदारी के लिए रामास्वामी बहुत होनहार उम्मीदवार हैं।
लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर आजकल तरह-तरह के सवाल पूछे जाते हैं। अब ये केवल बिहार में मनाया जाने वाला स्थानीय पर्व नहीं रहा, बल्कि वैश्विक हो चुका है। इसी बीच छठ को लेकर पूछा जाता है कि क्या ये हिन्दू धर्म में एक सर्व-स्वीकार्य त्योहार है? क्या इसका इतिहास सचमुच बहुत पुराना है? शास्त्रों में इसका कहाँ जिक्र है? यहाँ हम इन सबका जवाब तलाशने का प्रयास करेंगे, साथ ही एक बड़ी ही रोचक कथा को भी आप तक लेकर आएँगे।
छठ पर्व में होता क्या है? अस्ताचलगामी और उदयीमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाता है, जल में खड़े होकर। निर्जला उपवास का व्रत रखा जाता है। ये भगवान सूर्य की उपासना का पर्व है। सूर्य वैदिक देवता हैं। वेदों में उन्हें ब्रह्माण्ड का नेत्र कहा गया है, अर्थात उनके बिना प्राणी देखने को असमर्थ होंगे। चूँकि वो प्रकाश के स्रोत हैं, समस्त जन-जीवन के संचालन के लिए उनका होना ज़रूरी है – इसीलिए कृतज्ञ भाव से वेदों में उनकी स्तुति की गई है।
ऋग्वेद के प्रथम मंडल के 7वें सूक्त के तीसरे मन्त्र को देखिए – ‘इन्द्रो॑ दी॒र्घाय॒ चक्ष॑स॒ आ सूर्यं॑ रोहयद्दि॒वि। वि गोभि॒रद्रि॑मैरयत्॥’, जिसमें बताया गया है कि परमेश्वर ने सूर्य का निर्माण किया, ताकि हम सभी पदार्थों को देख सकें। इसमें स्पष्ट लिखा है कि सूर्य ही पृथ्वी पर से जल को ऊपर खींच कर पवन के द्वारा स्थापित करते हैं और संसार में वर्षा बरसाते हैं। सोचिए, आज हम वॉटर सायकल पढ़ते हैं और ये चीजें बताई जाती हैं। हमारे ऋषियों ने हजारों वर्ष पहले वेदों में ये चीजें लिख दी थीं।
ये तो सिर्फ एक उदाहरण था, वेदों में कई बार भगवान भास्कर का जिक्र है। छठ का पर्व 4 दिनों का होता है – नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और प्रातः अर्घ्य। पहले दिन व्रती महिलाएँ (ये व्रत पुरुष भी करते हैं) सुबह स्नान कर के सामान्यतः चावल और लौकी की सब्जी कहती हैं। दूसरे दिन उपवास के बाद शाम को गुड़ और साठी के चावल की खीर का भोग लगाया जाता है और व्रती भगवान सूर्य का ध्यान धरती हैं। फिर प्रसाद ग्रहण करती हैं। संध्या अर्घ्य वाले दिन भी निर्जला उपवास होता है।
यानी, व्रती जल भी ग्रहण नहीं कर सकतीं। शाम के समय जल में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाता है। अगले दिन सुबह उदित हो रहे सूर्य को अर्घ्य के साथ पर्व का समापन होता है और लोगों में प्रसाद का वितरण किया जाता है। ये व्रत निर्जला होने के कारण कठिन है, कई लोग दण्डवत करते हुए भी नदी के घाट तक जाते हैं। तालाब या पानी के छोटे पोखर बना कर भी व्रत किए जाते हैं। छठी मैया के गीत गए जाते हैं, जिन्हें भगवान सूर्य की बहन माना गया है।
महाभारत में एक कथा है, जो छठ पर्व की तरफ इशारा करती है। असल में जुए में सब कुछ हारने के बाद पाँचों पांडव अपनी पत्नी द्रौपदी और माँ कुंती के साथ वन को जाने को उद्यत थे, उस दौरान कुछ ब्राह्मण भी स्नेहवश उनके साथ लग गए। धर्मराज युधिष्ठिर बड़े भाई थे, अतः उन्हें ये चिंता खाए जा रही थी कि जंगल में वो अपने भाइयों और माँ-पत्नी का भरण-पोषण कैसे करेंगे। अन्न कहाँ से लाएँगे। राजमहल से अचानक वन वाला जीवन आसान नहीं होता, रहने-खाने की समस्या खाती है, वन में साँप, कीड़े-मकोड़े और जानवरों का खतरा होता है।
ऐसे में युधिष्ठिर ने उनसे आग्रह किया कि वो उनका सत्कार नहीं कर सकते, ऐसे में उन्हें वापस लौट जाना चाहिए। इस पर ब्राह्मण कहने लगे कि वो अपने लिए भोजन की व्यवस्था करने में सक्षम हैं, वो तो बस साथ चल कर युधिष्ठिर और उनके परिवार को कथाएँ सुनाएँगे, उनका उत्साहवर्धन करेंगे। युधिष्ठिर असमंजस में पड़ गए। पहुँच गए अपने पुरोहित धौम्य के पास। इसी दौरान धौम्य ने उन्हें भगवान सूर्य की आराधना करने का उपदेश दिया, ताकि वन में उनके लिए अन्न और भोजन की समस्या नहीं रहे।
जिस घटना की हम बात कर रहे हैं, वो महाभारत के वन पर्व के तीसरे अध्याय में वर्णित है। पुरोहित धौम्य के पास जाकर युधिष्ठिर ने पूछा कि कई ब्राह्मण उनके साथ चल रहे हैं, ऐसे में वो उनके पालन-पोषण में सक्षम नहीं हैं, उन्हें क्या करना चाहिए? तब धौम्य ने उन्हें बताया कि प्राचीन काल में भगवान सूर्य ने भूख से व्याकुल जनता की समस्या का समाधान किया था। उन्होंने समझाया कि उत्तरायण में धरती का रस खींच कर सूर्य ने इन्हें दक्षिणायन में धरती पर बरसाया, जिससे फसलों-औषधियों का उत्पादन हुआ।
फिर वो इसमें चन्द्रमा के योगदान की भी बात करते हैं कि कैसे उसके माध्यम से आने वाली सूर्य की किरणें उन फसलों, औषधियों को पुष्ट करती हैं। उत्तरायण अर्थात जनवरी से लेकर जून, और दक्षिणायन अर्थात जून से जनवरी। दोनों 6-6 महीने का होता है। सूर्य की किरणें जब कर्क रेखा पर सीधी पड़ती हैं और जब मकर रेखा पर सीधी पड़ती हैं – इन दोनों के बीच की अवधि ही दक्षिणायन कहलाती है। वहीं उत्तरायण में सूर्य उत्तरी गोलार्ध में होते हैं।
उत्तरायण खत्म होते ही वृष्टि शुरू हो जाती है। बारिश के कारण फसलें अच्छी होती हैं। धरती को पोषण मिलता है, जमीन उपजाऊ बनती है। आज विज्ञान भी मानता है कि बारिश में एक प्रतिशत ही सही, लेकिन चन्द्रमा का भी योगदान है। धौम्य ने महाभारत में मेघ को सूर्य का तेज कहा है। आशय ये है कि सूर्य की गर्मी से धरती पर से उठ कर उच्च ऑल्टीट्यूड पर स्थित होने वाले बादल ही बरसते हैं। सूर्य के बिना ये संभव नहीं। धौम्य ने इस दौरान युधिष्ठिर को भगवान सूर्य के 108 नाम बताए और फिर उनकी आराधना की सलाह दी।
इसके बाद युधिष्ठिर स्नान कर के स्वयं को शुद्ध करते हैं, अपनी वाणी को वाणी को वश में किया, चित्त को एकाग्र किया, इन्द्रियों को संयमित किया और फिर सिर्फ वायु पीकर रहने लगे। अर्थात, निर्जला व्रत। सूर्य के सम्मुख खड़े होकर उन्होंने उपासना की। सूर्य की स्तुति करते हुए उन्होंने उन्हें प्राणियों की आत्मा और जगत का नेत्र बताया। वेदों में यही कहा गया है। युधिष्ठिर ने सूर्य को समस्त ज्योतियों का स्वामी बता कर और समस्त सात्विक गुणों का अधिष्ठाता बता कर उनकी स्तुति की है।
युधिष्ठिर ने सूर्य को सांख्य योगियों का प्राप्तव्य और कर्म योगियों का आश्रय बताया गया है। सांख्य एवं कर्म योगी बुद्ध के जन्म के हजारों वर्ष पूर्व से अस्तित्व में है और इन पर ऋषिगण शोध में रत रहते थे। पंच महाभूत से बनी प्रकृति और पुरुष अर्थात जीवात्मा – जड़ और चेतन के संयोग पर शोध सांख्य से ही निकला है। इस जगत के 3 गुणों सत्, रजस् तथा तमस् का अध्ययन कर के शंकाओं का समाधान किया गया। इसी तरह कर्म सिद्धांत कहता है कि हमारा स्वरूप बहुत व्यापक है और हम जन्म-जन्मांतर से कर्म-फल चक्र में फँसे हुए हैं।
महाभारत में पांडवों के पुरोहित धौम्य ने धर्मराज युधिष्ठिर को बताए भगवान सूर्य के 108 नाम
इसमें आत्मा के अमर होने का सिद्धांत दिया गया और हमारी क्रियाएँ आत्मा से चिपकी हुई हैं। युधिष्ठिर इसीलिए सूर्य की उपासना करते समय सांख्य और कर्म का जिक्र करते हैं। नवबौद्धों को समझ नहीं आएगा। अतः, साफ़ है कि सूर्य की उपासना का छठ पर्व वैदिक काल से ही अस्तित्व में है। युधिष्ठिर ने भी षष्ठी और सप्तमी को ही ये व्रत किया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें भगवान सूर्य ने तांबे का ‘अक्षय पात्र’ प्रदान किया, जिसके कारण जंगल में पांडवों को अन्न की समस्या नहीं आई।
आखिर ये अन्न का ‘अक्षय पात्र’ क्या हो सकता है? पांडव जहाँ भी जाते थे, वहाँ उन्हें खुद से अन्न उपजा कर खाना पड़ा होगा। 12 वर्षों का वनवास छोटी अवधि नहीं होती है। जंगल में वो जहाँ भी गए, वहाँ जमीन को उपजाऊ बना कर उस पर खेती की, अन्न उपजाया और खाया। सूर्य के सिद्धांत को समझना, चन्द्रमा के प्रकाश के महत्व को जानना और मौसम चक्र का ज्ञान – उत्तम कृषि के लिए पांडवों को धौम्य का ये ज्ञान ज़रूर काम आया। उन्होंने ऋषियों की सेवा की, खुद के लिए भी भोजन का इंतजाम किया।
सार ये कि सनातन धर्म के हर पर्व-त्योहार के पीछे विज्ञान है। छठ पर्व भी ऐसे समय में आता है जब ठंड का मौसम दस्तक दे रहा होता है। अर्घ्य में इस्तेमाल की जाने वाली चीजें मौसमी होती हैं। हम भगवान सूर्य से प्रार्थना करते हैं कि वो अपनी कृपा हम कर बनाए रखें। हम भोजन और प्रकाश के लिए उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हैं। प्रकृति के सबसे करीब है हमारा धर्म, इसीलिए हमारे हर त्योहार में प्रकृति रची-बसी है। छठ का व्रत ठंड का मौसम आने से पहले शरीर को शुद्ध करने और नए मौसम के लिए ढालने के लिए भी तैयार करता है।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो को रविवार (19 नवंबर, 2023) को बेंगलुरु में ‘डॉन बॉस्को मिशनरी’ द्वारा संचालित एक बाल गृह में निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएँ मिलीं।
निरीक्षण के बाद NCPCR के चेयरमैन प्रियांक कानूनगो ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, “बैंगलुरु, कर्नाटक में डॉन बॉस्को मिशनरी के एक चिल्ड्रेन होम के निरीक्षण में राजस्थान के जोधपुर का एक बालक मिला जो कि घर से भटक कर यहाँ आ गया था और यहाँ कई महीनों से रह रहा था, इसको वापस जोधपुर भेजने का निर्देश दिया है।”
बैंगलुरु,कर्नाटक में डॉन बॉस्को मिशनरी के एक चिल्ड्रेन होम के निरीक्षण में राजस्थान के जोधपुर का बालक मिला जो कि घर से भटक कर यहाँ आ गया था और यहाँ कई महीनों से रह रहा था,इसको वापस जोधपुर भेजने का निर्देश दिया है।
— प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) November 19, 2023
NCPCR अध्यक्ष ने बताया कि नियमों के मुताबिक बच्चे को घर भेजा जाना चाहिए था लेकिन बाल गृह ने इसका पालन नहीं किया। साथ ही वीडियो में वह वहाँ काम करने वाली दो महिलाओं से पूछताछ करते नजर आ रहे हैं। वह महिलाओं से आश्रय गृह में मजहबी शिक्षा को लेकर सवाल कर रहे हैं।
मिशनरीज द्वारा बच्चों को उनकी इच्छा के विरुद्ध आश्रय गृहों में रखने की बार-बार आने वाली समस्या पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “धन के लालच में, कुछ बाल आश्रय गृह बच्चों को उनकी इच्छा के विरुद्ध रखते हैं और उन्हें उनके परिवारों से दूर रखते हैं। यह सब स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से किया जाता है।”
एनसीपीसीआर अध्यक्ष ने इस बात पर चिंता जताई कि ‘डॉन बॉस्को मिशनरी’ के आश्रय गृह में रखे गए बच्चों को स्कूल नहीं भेजा जाता है। उसी समय उन्हें बाल गृह में एक ईसाई धर्म प्रचारक लम्बे समय से अवैध रूप से रहते हुए मिला।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने आर्थिक संकट में फँसे पाकिस्तान द्वारा पेश किए गए आर्थिक आँकड़ों को मानने से इंकार कर दिया है। पाकिस्तान ने चालू खाता घाटे (सीएडी), आयात, आर्थिक विकास, मुद्रास्फीति और सकल वित्तपोषण आवश्यकताओं का अनुमान पेश किया था।
IMF ने पाकिस्तान चालू वित्त वर्ष 2023-24 में उसकी ऋण आवश्यकताओं को घटाकर $25 बिलियन कर दिया है। IMF ने इसमें 3.4 अरब अमेरिकी डॉलर की कटौती की है। दरअसल, पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस समय IMF, अरब देशों, चीन आदि से कर्ज लेकर चल रही है।
IMF से नया कर्जा लेने के लिए पाकिस्तान ने अपने आँकड़े पेश किए थे, जिन्हें IMF ने बदल दिया है। संस्था का कहना है कि पाकिस्तान इस साल अब तक लगभग $6 बिलियन डॉलर का कर्ज ले चुका है। वह अपने $12.5 बिलियन पुराने उधार को चुकाने से बचने के लिए रोलओवर भी पा चुका है। इन सबके बाद भी उसे कम से कम $6.5 बिलियन डॉलर का नया कर्ज चाहिए ही होगा।
पाकिस्तान को डिफ़ॉल्ट होने से कुछ ही दिन पहले IMF ने लगभग $3 बिलियन का कर्ज जून में दिया था। अब उसने पाकिस्तान की GDP बढ़त दर को भी घटा दिया है। अब इसके मात्र 2% रहने का अनुमान लगाया गया है। पहले यह 2.5% रहने की उम्मीद लगाई गई थी।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की मुख्य समस्या उसका आयात पर निर्भर रहना है। आयात के बदले भुगतान करने के लिए उसके पास डॉलर की भारी कमी है। निर्यात से मिले डॉलर इतने पर्याप्त नहीं हैं कि आयात का वह भुगतान कर सके। ऐसे में आयात और निर्यात के बीच के अंतर को वह कर्ज लेकर पाटता आया है।
इन कर्जों का ब्याज पाकिस्तान के लिए अब एक नई देनदारी बन गई है। पाकिस्तान सऊदी अरब और UAE जैसे देशों से उधार तेल खरीद रहा है। चीन उसे पहले दिए गए कर्जों में राहत दे रहा है। IMF से मिले कर्ज का उपयोग वह अपना विदेशी मुद्रा कोष स्थिर बनाए रखने में कर रहा है।
IMF ने अनुमान लगाया है कि पाकिस्तान इस साल भी लगभग $59 बिलियन के आयात करेगा, जबकि उसके निर्यात लगभग $29 बिलियन के ही रहेंगे। उसने यह भी अनुमान लगाया है कि इस साल पाकिस्तान में महंगाई लगभग 22.8% के स्तर पर रहेगी।
पाकिस्तान की अंग्रेजी समाचार वेबसाइट ट्रिब्यून में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने IMF से कहा था कि उसका चालू खाता घाटा $4-$4.5 बिलियन डॉलर रहेगा। IMF ने इसे माननेसे इंकार करते हुए कहा कि यह $5.7 बिलियन रहना चाहिए। चालू खाता घाटा, किसी भी देश से बाहर जाने वाली विदेशी मुद्रा और उसको आने वाली विदेशी मुद्रा का अंतर होता है।
अनवार उल हक काकर की अगुवाई वाली पाकिस्तान की अंतरिम सरकार को नया कर्ज लेने में भी समस्या हो रही है। उसकी आंतरिक स्थिति को देखते हुए बाहरी बैंक और अन्य संसथान उसे कर्ज देने को राजी नहीं हैं। पाकिस्तान में जनवरी में आम चुनाव भी प्रस्तावित हैं, ऐसे में IMF भी अपने नए कर्जे का समझौता नई सरकार से करने को सोच रहा है।
आने वाले समय में यह देखने वाली बात होगी कि यदि पाकिस्तान यह कर्जे लेने में असफल होता है और नई सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की शर्तों से राजी नहीं होती तो उसकी आर्थिक हालत का क्या होगा।
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में पुलिस और गोतस्करों के बीच मुठभेड़ हुई है। इस मुठभेड़ में एक गोतस्कर ढेर हो गया है। मृतक का नाम साजिद है जो मूल रूप से मुरादाबाद का रहने वाला था। पुलिस ने इस एनकाउंटर में बबलू नाम के दूसरे गोतस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने पुलिस पर गोलियाँ भी चलाईं थी। घटना शनिवार (18 नवंबर 2023) की है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना रामपुर के पटवाई थानाक्षेत्र की है। शनिवार को पुलिस को कुछ संदिग्ध लोगों के मूवमेंट की सूचना मिली थी। इस सूचना पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी बीच मुरादाबाद जिले से आती एक संदिग्ध होंडा कम्पनी की कार नजर आई। पुलिस को देखकर ये वाहन थोड़ी देर रुका और वहीं से वापस लौटने लगा। पुलिस को शक हुआ तो वाहन को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस के इशारे पर वाहन ने गति पकड़ ली जिसका पीछा शुरू कर दिया गया।
पुलिस प्रेसनोट
पुलिस का कहना है कि भागने के दौरान आरोपितों की गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क के नीचे गिर पड़ी। वाहन से 2 संदिग्ध उतरे और भागने लगे। पीछे से आ रही पुलिस टीम ने घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को सरेंडर करने के लिए कहा। हालाँकि पुलिस की इस अपील का दोनों पर कोई फर्क नहीं पड़ा। उलटे उन्होंने पुलिस टीम पर ही गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस की आत्मरक्षा में हुई जवाबी कार्रवाई में दोनों संदिग्धों के पैर में गोली लगी। पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुँचाया जहाँ संदिग्ध ने दम तोड़ दिया।
रामपुर में पुलिस और गो तस्करों के बीच मुठभेड़ में एक बदमाश ढेर। पटवाई पुलिस की जवाबी फायरिंग में दो बदमाशों के पैर में लगी थी गोली। मिलक की ओर से कार में एक गोवंश पशु को लेकर जा रहे थे दोनों बदमाश। मुठभेड़ के बाद घायल बदमाश को जिला अस्पताल में कराया भर्ती @Live_Hindustanpic.twitter.com/8k34H9l3gN
वहीं मुठभेड़ में घायल दूसरे संदिग्ध का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतक की पहचान 23 वर्षीय साजिद के तौर पर हुई। जाहिद का बेटा साजिद कुख्यात गोतस्कर बताया जा रहा है जो मूलतः मुरादाबाद के कुंदरकी थानाक्षेत्र का रहने वाला है। मुठभेड़ में घायल हुआ दूसरा संदिग्ध 30 वर्षीय बबलू है। जमील का बेटा बबलू भी मूलतः मुरादाबाद के बिलारी थानाक्षेत्र का निवासी है। पुलिस साजिद और बबलू के आपराधिक रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। पुलिस ने आरोपितों पर IPC 307 और आर्म्स एक्ट के तहत केस भी दर्ज किया है।
बताते चलें कि दीपावली (12 नवम्बर) की रात गोतस्करों ने 3 गोवंश की हत्या कर दी थी। घटना पर हिन्दू संगठनों ने नाराजगी जताई थी और आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की थी। इस घटना के बाद रामपुर पुलिस ने गोतस्करों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ रखा है।
भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमों के बीच क्रिकेट विश्व कप 2023 का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद में हो रहा है। पूरा अहमदाबाद शहर टीम इंडिया के नीले रंग में डूबा हुआ है। देश-विदेश से क्रिकेट प्रशंसक इस फाइनल मुकाबले के लिए अहमदाबाद में जमा हैं। हर तरफ नीला रंग ही दिखाई पड़ रहा है। इस मैच के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी टीम इंडिया को शुभकामनाएँ भेजी हैं। मैच में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीता और गेंदबाजी का निर्णय लिया।
‘अहमदाबाद के ‘नरेंद्र मोदी स्टेडियम’ के बाहर फैंस की भीड़ उमड़ चुकी है। ये स्टेडियम एक लाख से अधिक दर्शकों की क्षमता वाला दुनिया का सबसे बड़ा स्टेडियम है और इसके बाहर घंटों से क्रिकेट प्रशंसक पहुँचे हुए हैं। क्रिकेट विश्वकप का फाइनल मुकाबला अपने आप दुनिया के सबसे बड़े खेल मुकाबलों में से एक बन जाना है, जिसका गवाह हर कोई बनना चाहता है।
पीएम मोदी ने इस मैच के लिए टीम इंडिया को शुभकामनाएँ भेजी हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि 140 करोड़ भारतीय आपकी सफलता की कामना कर रहे हैं। पीएम मोदी ने खिलाड़ियों से चमकदार प्रदर्शन, शानदार खेल और खेल भावना के उच्चतम स्तर को बनाए रखने का भरोसा जताया है।
All the best Team India!
140 crore Indians are cheering for you.
May you shine bright, play well and uphold the spirit of sportsmanship. https://t.co/NfQDT5ygxk
भारतीय टीम के प्रशंसकों में पूरे भारत में जोश देखा जा रहा है। महाराष्ट्र के पुणे में रोहित शर्मा और विराट कोहली के फैंस ने उनके पोस्टर को दूध से नहलाया है।
#WATCH | Pune, Maharashtra | Indian Cricket fans offer milk to posters of Virat Kohli and Rohit Sharma
भारत अभी तक दो बार क्रिकेट विश्वकप जीत चुका है, तो ऑस्ट्रेलिया 5 बार विश्वकप की चैंपियन रही है। इस बार भारत के घर में विश्वकप का आयोजन हो रहा है, जिसमें लगातार 10 मैचों में शानदार जीत दर्ज करते हुए भारतीय टीम फाइनल में पहुँची है। भारतीय टीम लगातार 11वाँ जीत दर्ज कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाना चाहेगी, वहीं ऑस्ट्रेलियाई टीम शुरुआती दोनों मैच हारने के बाद जबरदस्त तरीके से वापस लौटी है। अफगानिस्तान के खिलाफ जादुई जीत दर्ज करने के बाद सेमीफाइनल के कड़े मुकाबले में उसने दक्षिण अफ्रीका को मात दी है। ऐसे में माना जा रहा है कि ये मुकाबला काफी कड़ा होने वाला है।
सुपरहिट फिल्म ‘धूम’ और ‘धूम 2’ के निर्देशक संजय गढ़वी का रविवार (19 नवंबर, 2023 ) को हार्ट अटैक से निधन हो गया है। 57 साल के फिल्म निर्देशक ने हाल ही में मथुरा की कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह को केंद्र में रखकर फिल्म बनाने की घोषणा की थी। उससे पहले ही आज रविवार सुबह उनके सीने में दर्द उठा और जमीन पर गिर गए। जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं फिल्म जगत के लिए एक और बुरी खबर। दरअसल, मलयालम अभिनेता विनोद थॉमस केरल के कोट्टायम में पंपडी के पास एक होटल में खड़ी कार के अंदर मृत पाए गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मॉर्निंग वॉक के दौरान संजय को हार्ट अटैक हुआ था। कहा जा रहा है कि गिर कर बेहोश हो जाने के बाद संजय गढ़वी को फौरन अंधेरी स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। खबर है कि 19 नवंबर की देर शाम तक संजय गढ़वी का अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं 45 वर्षीय मलयालम अभिनेता की मौत की सूचना तब मिली जब होटल प्रबंधन ने सूचित किया कि एक व्यक्ति लंबे समय से उसके परिसर में खड़ी कार के अंदर है।
कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर फिल्म बनाने वाले थे संजय गढ़वी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संजय गढ़वी ने बीते दिनों ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद के विवाद पर बेस्ड फिल्म बनाने की घोषणा की थी। इस फिल्म के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि फिल्म की शूटिंग भी शुरू हो गई थी।
संजय का फिल्मी ग्राफ
संजय गढ़वी के फिल्मों की बात करें तो 2000 में फिल्म ‘तेरे लिए’ से उन्होंने डायरेक्टोरियल डेब्यू किया था। हालाँकि, कम बजट के कारण यह फिल्म डब्बा बंद हो गई थी। वहीं संजय को पहली बार फेम 2004 में तब मिला जब उन्होंने एक्शन थ्रिलर फिल्म धूम डायरेक्ट की थी। फिल्म धूम में अभिषेक बच्चन, उदय चोपड़ा, जॉन अब्राहम, ईशा देओल और रिमी सेन जैसे स्टार्स नजर आए थे। मूवी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी।
इसके अलावा संजय गढ़वी ने ने धूम 2, ‘मेरे यार की शादी है’ और इमरान खान स्टारर फिल्म ‘किडनैप’ को भी डायरेक्ट किया है। 2012 में उन्होंने ‘अजब गजब लव’ डायरेक्ट की थी। इसके बाद आई थी फिल्म’ऑपरेशन परिंदे’ जो 2020 में रिलीज हुई थी।
रहस्यमय हालत में हुई मलयालम अभिनेता की मौत
मलयालम अभिनेता विनोद थॉमस केरल के कोट्टायम में पंपडी के पास एक होटल में खड़ी कार के अंदर मृत पाए गए। पुलिस को भी अभिनेता की मौत की सूचना तब मिली जब होटल प्रबंधन ने सूचित किया कि एक व्यक्ति लंबे समय से उसके परिसर में खड़ी कार के अंदर पड़ा है।
पुलिस ने कहा, “हमने उन्हें कार के अंदर पाया और पास के अस्पताल ले गए। जहाँ डॉक्टरों ने उनकी जाँच की और उसे मृत घोषित कर दिया।” पुलिस ने बताया कि मौत के कारण का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
हालाँकि अभी तक विनोद थॉमस की मौत के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, यह संदेह है कि मौत का कारण कार के एसी से निकली जहरीली गैस में साँस लेना हो सकता है। पुलिस ने बताया कि इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम के बाद ही हो सकेगी।
गौरतलब है कि थॉमस को ‘अय्यप्पनम कोश्युम’ ( ‘Ayyappanum Koshyum’,), ‘नाथोली ओरु चेरिया मीनल्ला’ (‘Natholi Oru Cheriya Meenalla’,) ‘ओरु मुराई वनथ पथाया’, ‘हैप्पी वेडिंग’ और जून जैसी फिल्मों में उनकी भूमिकाओं के लिए जाना जाता है।
साल 2023 की मिस यूनिवर्स का खिताब रविवार (19 नवंबर 2023) को निकारगुआ की शेन्निस पलासियोस को मिला। भले ही ब्रह्मांड सुंदरी का ताज पलासियोस के सिर पर सजा हो, लेकिन इस साल का ये ब्यूटी पेजेंट कॉन्टेस्ट इतिहास रच गया। 72वें ब्यूटी पेजेंट में पहली बार दो ट्रांसवुमन भी इस दौड़ में शामिल थीं। ये ट्रांसवीमेन मिस पुर्तगाल मरीना मशेट और मिस नीदरलैंड 2023 रिक्की कोले थीं।
इसके अलावा, पहली बार इस सौंदर्य प्रतियोगिता की मेजबानी टीम में सभी महिलाएँ शामिल रहीं। पूर्व मिस यूनिवर्स 2012 ओलिविया कल्पो और टीवी हस्ती जेनी मेई, मारिया मेननोस ने इसकी मेजबानी की। शो और ग्लैमर वाली इस सौंदर्य प्रतियोगिता में 90 देशों की सुंदरियों ने भाग लिया था।
इस साल ये ब्यूटी पेजेंट सेंट्रल अमेरिकी देश अल साल्वाडोर की राजधानी सैन साल्वाडोर के जोस एडोल्फो पिनेडा एरिना में हुआ। इस पेजेंट में टॉप थ्री में निकारागुआ की मॉडल शेन्निस पलासियोस, ऑस्ट्रेलिया की मोरया विल्सन और थाईलैंड की एन्टोनिया पोर्सिल्ड ने जगह बनाई।
सवालों के आखिरी दौर में एक साल तक किसी अन्य महिला की जगह लेने वाले सवाल पर निकारागुआ की पलासियोस बाजी मार ले गईं। उन्होंने इस सवाल का जवाब दिया कि वो ब्रिटिश लेखिका और दार्शनिक मैरी वॉल्स्टनक्राफ्ट को चुनेंगी, क्योंकि उन्होंने महिलाओं और पुरुषों के बीच अवसरों की समानता पर बात की। उन्हें मिस यूनिवर्स 2022 यूएसए की आर’बोनी गेब्रियल ने ताज पहनाया।
वहीं थाईलैंड की पोर्सिल्ड ने मलाला यूसुफजई का नाम लिया और फर्स्ट रनर-अप बनी तो ऑस्ट्रेलियाई की विल्सन ने एक मजबूत महिला अपनी माँ की जगह लेने की बात कहीं और दूसरी रनर-अप का खिताब हासिल किया । हालाँकि इस खिताब की दौड़ में भारत और पाकिस्तान की प्रतिभागी स्विमसूट राउंड के बाद टॉप 10 फाइनलिस्टों की लिस्ट से बाहर हो गई।
बदकिस्मती से बोल्ड ग्लिटर स्विमसूट में भारत की श्वेता शारद और बुर्किनी में पाकिस्तान की एरिका रॉबिन शाम की गाउन प्रतियोगिता के स्विमवीयर में जाने से नाकाम रहीं। इस सबके बीच इस साल की इस सौंदर्य प्रतियोगिता में मिस नीदरलैंड 2023 का खिताब जीतने वाली 22 साल की ट्रांस जेंडर वुमन रिक्की वैलेरी कोले और 28 साल की उम्र में मिस पुर्तगाल का खिताब जीतने वाली मरीना मशेट आकर्षण का केंद्र रहीं।
जहाँ रिक्की एलजीबीक्यूटी एक्टिविस्ट है और उनके हकों के लिए लड़ती रही हैं तो मरीना को इसके लिए कई दिक्कतों से दो-चार होना पड़ा। ये प्रतियोगिता इस मामले में भी खास रही कि इस बार प्रतियोगिता में भाग लेने वाली ग्वातेमाला की मिशेल कोह्न और कोलंबिया की मारिया कैमिला अवेला मॉन्टेनेज शादीशुदा होने के साथ ही माँ भी बन चुकी हैं।
भारत की ओर से इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली 23 साल श्वेता शारदा मॉडल हैं। उन्होंने इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया है। मूलत: चंडीगढ़ की रहने वाली शारदा अपने माता-पिता के साथ 16 साल की उम्र में मुंबई शिफ्ट हो गई थीं। उन्होंने डांस प्लस और डांस इंडिया डांस जैसे रियलिटी शो में भी हिस्सा लिया था।