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बिहार में मिला सोने का अकूत भंडार! पहुँच गई वैज्ञानिकों की टीम, गाँव के ऊपर मँडराने लगे हेलीकॉप्टर

उद्योग-धंधों की कमी के कारण गरीबी की मार झेल रहे बिहार के लोगों के लिए एक खुशखबरी सामने आई है। बिहार के बांका में सोने का भंडार का पता चला है। इसको लेकर वैज्ञानिक सर्वेक्षण का काम कर रहे हैं। यह पिछले कुछ दिनों में यह दूसरी बार है, जब जिले के किसी अन्य गाँव में सोने का पता लगाने के लिए सर्वेक्षण का काम शुरू किया गया है।

भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की टीम ने जिले के कटोरिया प्रखंड के अंतर्गत लकरामा पंचायत के करवाव गाँव में खुदाई की थी।  इस खुदाई में सोने समेत कई अन्य खनिजों के मौजूद होने के बारे में जानकारी मिली थी। अब GSI द्वारा यहाँ लगातार सर्वे, खनन और अध्ययन किया जा रहा है।

अब बांका जिले के जयपुर थाना क्षेत्र के चंदे पट्टी गाँव में सुनहरे पत्थर के बारे में GSI को जानकारी मिली है। यहाँ सोने की खदान होने का अनुमान है। इसके बारे में GSI की टीम यहाँ पहुँचकर खुदाई का काम कर रही है। इसके साथ ही वैज्ञानिक यहाँ की स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है।

गाँव के लोगों का कहना है कि GSI की टीम गाँव के अलग-अलग 6 स्थानों पर गड्ढे करके उसके नमूने ली है और उसकी टेस्टिंग के लिए लैब लेकर गई है। इसके बाद बोरिंग प्वाइंट से लगभग 2 किलोमीटर रेडियस के जमीन को प्रत्येक 20 फीट पर मशीन से जाँच की गई और छोटे-छोट खूंटे गाड़ कर मार्किंग की गई है। 

कहा जा रहा है कि इसी जगह पर ब्रिटिश काल में भी खजिन का भंडार मिलने की संभावना जताई गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंग्रेजी हुकूमत ने उस समय भी यहाँ खुदाई कराई थी। यहाँ मौजूद 8-9 बड़े-बड़े गड्ढे अंग्रेजी सरकार द्वारा खुदाई कराने की पुष्टि कर रहे हैं।

लगभग 6 महीने बाद GSI की टीम द्वारा एक बार फिर सक्रिय होने के बाद स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से तीन हेलीकॉप्टर एक साथ जमीन से काफी करीब गांव के आसपास कई चक्कर काट रहे थे। करवार गाँव के बाद चंदे पट्टी गाँव में यह खुदाई शुरू की गई है।

बताते चलें कि इस साल मई में लकरामा पंचायत अंतर्गत करवार गाँव में जीएसआई ने 320 फीट तक खुदाई की थी। अत्याधुनिक मशीनों से खुदाई के बाद 30 बॉक्स पत्थर निकालकर जाँच के लिए भेजे गए थे। खुदाई में निकले पत्थरों के सैंपल में काला और सुनहरा पत्थर भी शामिल था। इतना ही नहीं, उससे सटे इलाकों से भी सैंपल लिए गए थे।

माना जा रहा है कि जिन जमीनों में खनिज संपदा निकालने का अनुमान है, उसे चिह्नित किया जा रहा है। एक अन्य अधिकारी ने बस इतना बताया कि अभी सिर्फ ऊपरी सर्वेक्षण का कार्य चल रहा है, लेकिन यह इलाका भारत का गौरव बनने वाला है।

जम्मू कश्मीर के पूँछ में हिन्दू मंदिर के पास बम ब्लास्ट: सरकारी शिक्षक समेत 3 आतंकियों को पुलिस ने किया है गिरफ्तार, बड़ी मात्रा में हथियार और कैश बरामद

जम्मू कश्मीर के पूँछ में एक हिन्दू मंदिर में बम ब्लास्ट की खबर है। इस रहस्यमयी धमाके के बाद इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया। सुरक्षा बलों के जवान घटनास्थल पर पहुँचे और उन्होंने जाँच-पड़ताल शुरू कर दी। मंदिर की दीवार पर बम के धरे दिखाई दे रहे हैं, साथ ही कई जगह सुराख भी बन गया है। राहत की बात ये है कि इस धमाके में कोई हताहत नहीं हुआ। अभी तक पता नहीं चल पाया है कि इस बम धमाके के पीछे किसका हाथ है।

उक्त मंदिर पूँछ के सुरनकोट क्षेत्र में स्थित है। सुरनकोट के SHO ने इस बम ब्लास्ट की पुष्टि की है। फॉरेंसिक की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुँच कर जाँच की है। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके की घरबंदी कर दी है और तलाशी अभियान भी चलाया है। ANI द्वारा प्रकाशित किए गए वीडियो में मंदिर के भीतर बंदूकधारी सुरक्षाकर्मियों को जायजा लेते हुए देखा जा सकता है। वहीं दीवारों पर कई जगह सुराख और निशान भी दिखाई दे रहे हैं।

मंदिर के पुजारी अतुल शर्मा ने इस घटना के संबंध में बातचीत करते हुए बताया कि बुधवार (15 नवंबर, 2023) को रात के समय 8:50 बजे ये धमाका हुआ। उन्होंने कहा कि वो लोग उस समय दरवाजे पर थे, तभी जोर की आवाज़ सुनाई दी। उन्होंने बताया कि उसी दौरान संतरी ने उन्हें अंदर जाने के लिए कहा और बताया कि यहाँ ब्लास्ट हुआ है। इसके बाद पुजारी ने अधिकारियों को फोन कॉल किया। इसके बाद SHO और DSP मौके पर पहुँचे।

पुजारी अतुल शर्मा ने जानकारी दी कि भारतीय सेना के मेजर भी वहाँ पहुँचे थे और मामले की जानकारी ली। पुजारी ने कहा कि धमाके में कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि धमाका काफी शक्तिशाली था, और सभी लोग डर कर भाग के अंदर चले गए थे। उक्त मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। जिस दिन धमाका हुआ, उस दिन पूँछ जिले में कई ड्रग्स पेडलरों के घर पुलिस ने नोटिस चस्पाया था। इसी दिन पूँछ जिले में एक सरकारी शिक्षक समेत 3 आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था, साथ ही गोला-बारूद भी मिले थे।

बहराम गाला गाँव में हुई इस कार्रवाई में बंदूकें और 2.5 लाख रुपए कैश भी बरामद किए गए हैं। दक्षिण कश्मीर में सीमा पार से एक ऑटो की मदद से हथियार मँगाए गए थे, जिन्हें ये कहीं लेकर जाने वाले थे। एजाज अहमद शेख (सरकारी शिक्षक), अब्दुल रशीद सालियान और मेहराज अहमद को गिरफ्तार किया गया है। शिक्षक को एक सफारी गाड़ी से गिरफ्तार किया गया। इसे और ऑटो को जब्त कर लिया गया है। ये टेरर मॉड्यूल लश्कर-ए-तैय्यबा से ताल्लुक रखता था।

हेरोइन से 50 गुना ज़्यादा खतरनाक है ‘चाइना गर्ल’: USA में 1 साल में 70000 मौतों के बाद बायडेन-जिनपिंग की बैठक, सप्लाई रोकने के लिए करार

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन ने बुधवार (15 नवंबर, 2023) को कहा कि चीन ने Fentanyl (फ़ेंटानिल) का प्रवाह रोकने के लिए पुनः प्रतिबद्धता जताई है। इसके बारे में बता दें कि ये ओपियम पर आधारित एक ड्रग है, जो अमेरिका में पिछले साल 70,000 मौतों के लिए जिम्मेदार है। ‘एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन समिट’ के दौरान सैन फ्रांसिस्को में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच इस संबंध में करार फाइनल किया गया।

इसे अमेरिका के लिए सफलता के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि पहले बीजिंग ने पहले कहा था कि वो फ़ेंटानिल के संबंध में कोई बातचीत तब तक नहीं करेगा, जब तक अमेरिका उसके ‘इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन साइंस’ पर लगा हुआ प्रतिबंध नहीं हटाता। अमेरिका की विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी भी लगातार आरोप लगा रही थी कि जो बायडेन फ़ेंटानिल की सप्लाई रोकने के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। इस करार से ड्रग्स विरोधी एजेंसियों को राहत मिलेगी।

अगले राष्ट्रपति चुनाव में भी फ़ेंटानिल एक मुद्दा रहने वाला है। चीन ने 5-6 वर्ष पहले ही इस ड्रग्स की सप्लाई करने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी थी, लेकिन अब ये इसे बनाने वालों पर भी कार्रवाई करेगा। व्हाइट हाउस ने कहा है कि न सिर्फ ड्रग्स को बनाने और इसकी सप्लाई किए जाने को रोका जाएगा, बल्कि इससे आगे आने वाले ड्रग्स को लेकर भी कार्टेल पर दबाव पड़ेगा। बायडेन ने कहा कि चीन ने अमेरिकी के लोगों के ऊपर फ़ेंटानिल थोपे जाने को लेकर सहानुभूति जताई है।

साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका, चीन द्वारा की जाने वाली कार्रवाई को लेकर उस पर विश्वास करेगा, लेकिन साथ ही इसकी पुष्टि भी करेगा। पिछले महीने अमेरिका के 6 सीनेटर चीन पहुँचे थे। इनमें अमेरिका के दोनों दलों से आधे-आधे सदस्य थे। इससे पहले चीन ने कहा था कि अमेरिका अपनी नीतियों की विफलता के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहरा रहा है। सीनेटरों के दौरे से पहले अमेरिका ने चीन की 9 कंपनियों और कई अधिकारियों को फ़ेंटानिल की सप्लाई के लिए आरोपित बनाया था।

अमेरिका में आने वाली फ़ेंटानिल की अधिकतर सप्लाई चीन और मेक्सिको से आती है। चीन से आने वाले ड्रग्स को ऐसे पैक किया जाता है कि पता ही नहीं चलता कि ये कहाँ से आया है। कार्रवाई के बाद ड्रग्स सप्लाई करने वालों को थोड़े-बहुत बदलाव कर के अन्य रूपों में फ़ेंटानिल को बेचना शुरू कर दिया था। फ़ेंटानिल के बारे में बता दें कि ये मॉर्फिन से 100 गुना ज़्यादा और हेरोइन से 50 गुना ज़्यादा प्रभावशाली हैं। इसे अमेरिका में आम बातचीत की भाषा में ‘चाइना गर्ल’ और ‘चाइना टाउन’ भी कहा जाता है।

फ़ेंटानिल काफी खतरनाक भी है। इससे बेचैनी, हैरानी, पाचन तंत्र संबंधित गड़बड़ियाँ, उलटी और पेशाब संबंधित रोग भी हो सकते हैं। अमेरिकी की एजेंसियों ने इसे काफी खतरनाक करार दिया है। इसके ओवरडोज के कारण आँख की पुतलियाँ सिकुड़ने लगती हैं और साँस लेने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। बायडेन-जिनपिंग के बीच ताइवान को लेकर भी चर्चा हुई और अमेरिका ने वहाँ यथास्थिति बनाए रखने की वकालत की। अमेरिका ने कहा कि वो ताइवान को चीन में शांति से मिलाए जाने के पक्ष में है और वहाँ हथियार भेजे जाने की निंदा करता है।

निकाह के बाद भी अब्दुल रज्जाक ने 5-6 औरतों से बनाए संबंध, शेखी बघारने में अपनी ही पोल खोली: ऐश्वर्या पर कमेंट से पहले भी दिखा चुके हैं ओछी सोच

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर अब्दुल रज्जाक ने भले अभिनेत्री ऐश्वर्या राय पर भद्दी टिप्पणी के लिए माफी माँग ली हो। कहा हो कि गलती से उनका नाम निकल गया। लेकिन इस घटना के बाद वायरल हो रहे उनके कुछ पुराने वीडियोज से लगता है कि महिलाओं को लेकर उनकी सोच ही दूषित है।

‘हाथ लगाओ ये लड़के की तरह लगती हैं’

वायरल हो रहे एक वीडियो में वे पाकिस्तान की महिला क्रिकेटर निदा डार के साथ एक शो में बैठे हैं। जहाँ शो में निदा से पूछा जाता है- लड़कियाँ शादी के बाद खेलना छोड़ देती हैं? जवाब में निदा कहती हैं- कोशिश रहती है कि ज्यादा से ज्यादा खेलें।

इसपर रज्जाक बात को बीच में काटते हुए कहते- शादी नहीं होती इनकी, प्रोफेशन ऐसा है कि मर्दों के बराबर आने के लिए ये ऐसी ही हो जाती हैं। इनको हाथ लगाकर देखिए तो लड़के की तरह लगती है। इस पर वहाँ मौजूद ठहाके मार कर हँसते हैं और निदा के चेहरे से साफ पता चलता है कि वो इन बातों से सहज नहीं हैं।

निदा कहती हैं- “जब प्रोफेशन ऐसा है जो जिम करेंगे ही और जिम करेंगे तो बॉडी हार्ड होगी ही।” फिर रज्जाक कहते हैं- इनके बालों की कटिंग ही देख लें आप।”

निकाह के बाद थे 5-6 रिश्ते

इसी तरह एक और वीडियो भी वायरल है। इसमें रज्जाक से कहा जा रहा है कि कभी ऐसा हुआ कि आपको किसी पर क्रश हो और वो आप पर ध्यान न दे रही है। इसके जवाब में रज्जाक कहते हैं- “सहीं बताऊँ, मेरा रिलेशन हुआ है किसी के साथ तो दोनों तरफ से हुआ है।”

एंकर पूछती है कितनी बार तो वो जवाब देते हैं-5-6 बार। ऐसे रिश्ते 1-1.5 साल बाद एस्पायर हो जाते हैं। इस पर एंकर पूछती है शादी से पहले या शादी के बाद तब भी रज्जाक जवाब देते हैं- शादी के बाद।

बता दें कि अब्दुल रज्जाक की बेहूदी बातें भारतीय अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन पर टिप्पणी करने के बाद चर्चा में आई हैं। रज्जाक ने कराची के मैरियट होटल में रविवार (12 नवंबर, 2023) को एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए ऐश्वर्या राय पर भद्दी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि ऐश्वर्या से शादी करने से बच्चे नेक और अच्छे पैदा नहीं हो जाएँगे। मंच पर उनके साथ अफरीदी और उमर गुल भी थे। जिन्हें इस बात पर हँसते देखा गया था।

टिप्पणी पर गाली पड़ने के बाद रज्जाक ने वीडियो जारी कर माफी माँगी थी। माफी वाले वीडियो में रज्जाक ने कहा है, “प्रेस क्रॉन्फ्रेस में क्रिकेट, कोचिंग और इरादों की बात हो रही थी। मेरी जबान फिसल गई। मैंने उदाहरण कोई और देना था पर ऐश्वर्या जी का नाम मुँह से निकल गया। मैं वास्तव में माफी माँगता हूँ। उनसे सॉरी बोलता हूँ। ये मेरा इरादा नहीं था। मैंने मिसाल कोई और देनी थी पर ये निकल गया। मैं दिल से माफी माँगता हूँ।”

चंद्रयान-3 के लॉन्च व्हीकल का एक हिस्सा हुआ अनियंत्रित, पृथ्वी की कक्षा में फिर हुआ दाखिल: ISRO बोला- उत्तर प्रशांत महासागर में गिरेगा

भारत के महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-3 के लॉन्च व्हीकल LVM3 M4 का एक हिस्सा नियंत्रण से बाहर हो और पृथ्वी के वातावरण में फिर से प्रवेश कर गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने बुधवार (15 नवंबर 2023) को इसकी जानकारी दी। वहीं, सितंबर 2023 में स्लीप मोड में गए लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान अब तक सक्रिय नहीं हो पाए हैं।

ISRO ने बताया कि अनियंत्रित होने वाला हिस्सा लॉन्च व्हीकल के क्रायोजेनिक का ऊपरी हिस्सा था। इसे चंद्रयान-3 को 14 जुलाई 2023 को कक्षा में स्थापित किया था। यही हिस्सा 15 नवंबर 2023 को दोपहर 2:42 बजे पृथ्वी के वातावरण में फिर से दाखिल हो गया है। आशंका है कि यह उत्तर प्रशांत महासागर में गिरेगा।

LVM3 M4 का हिस्सा किस वजह से अनियंत्रित हुआ है, इसके बारे में अभी ISRO ने जानकारी नहीं दी है। इसका फाइनल ग्राउंड ट्रैक भारत के ऊपर से होकर नहीं गुजरा है। इसको देखते हुए माना जा रहा है कि यह उत्तर प्रशांत महासागर में गिरेगा।

ISRO ने अपने बयान में कहा है कि चंद्रयान-3 को लॉन्च किए जाने के 124 दिन बाद NORAD 57321 नाम की यह रॉकेट बॉडी पृथ्वी में फिर से प्रवेश कर गई। चंद्रयान-3 के ऑर्बिट में स्थापित होने के बाद अपर स्टेज को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया से भी गुजारा गया था। रॉकेट में मौजूद प्रोपेलैंट और एनर्जी सोर्स को हटाया गया, ताकि अंतरिक्ष में विस्फोट के खतरे को कम किया जा सके।

बता दें कि 14 जुलाई 2023 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोट्टा से प्रक्षेपित किया गया था। यह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक लैंड कर गया था। इस तरह वह चंद्रमा के दक्षिणी छोर पर लैंडिंग कराने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया था। इसके बाद वहाँ से कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ भेजी गई थीं।

इसके बाद 2 सितंबर को लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान स्लीप मोड में चला गया था। ISRO की लगातार कोशिश के बावजूद भी इन्हें सक्रिय नहीं किया जा सका है। दरअसल, रोवर और विक्रम को पृथ्वी के 14 दिनों के हिसाब से तैयार किया गया था। वैज्ञानिकों ने कहा था कि अगर ये दोबारा सक्रिय होते हैं तो यह बोनस होगा।

‘द गार्जियन’ ने हटाई ओसामा बिन लादेन की लिखी चिट्ठी, कारण – TikTok रील्स: 9/11 हमले के बाद अमेरिका को दिया था जवाब – बंद करो बिना शादी के सेक्स

ब्रिटिश मीडिया संस्थान ‘द गार्जियन’ ने बुधवार (15 नवंबर, 2023) को ओसामा बिन लादेन द्वारा लिखित ‘अमेरिका को पत्र’ को अपनी वेबसाइट से हटा दिया है। इस पत्र के प्रकाशित होने के 21 वर्ष बाद ये कदम उठाया गया है। 24 नवंबर, 2002 को ‘द गार्जियन’ के ‘ऑब्जर्वर’ में इसे मूल रूप से प्रकाशित किया गया था। इस पत्र में इस्लामी आतंकी ने बताया था कि उसने 9/11 हमले को क्यों अंजाम दिया और साथ ही उसने अमेरिका के खिलाफ जिहाद छेड़ने का ऐलान किया था।

एक अधिसूचना में ‘द गार्जियन’ ने इस पत्र को हटाने का ऐलान किया। इससे हटाए जाने का कारण है कि इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कई TikTok रील्स वायरल हो रहे थे। कई पाठकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने अनुभव साझा किए। इन लोगों का कहना था कि इस पत्र को पढ़ने के बाद उनका आतंकवाद को लेकर उनका पुराना नजरिया ही बदल गया। आइए, अब आपको बताते हैं कि ओसामा बिन लादेन द्वारा लिखे गए इस पत्र में क्या-क्या था।

इसमें उसने लिखा है, “कुछ अमेरिकी लेखकों ने इस पर लेख प्रकाशित किया है कि आखिर हम किस चीज के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। इसकी प्रतिक्रिया में कइयों ने कारण गिनाए हैं, जिनमें से कुछ शरिया के हिसाब से हैं तो कुछ नहीं। यहाँ हम अल्लाह के समर्थन के लिए उसका कारण बता रहे हैं। यहाँ 2 सवाल हैं – हम आपसे क्यों लड़ रहे हैं? हम आपसे क्या चाहते हैं? पहले सवाल का जवाब है, क्योंकि तुमने हम पर हमला किया और लगातार हमला कर रहे हो। तुमने फिलिस्तीन में हम पर हमला किया, जो 80 वर्षों से सैन्य शासन में है।”

उसने दावा किया था कि अंग्रेजों ने अमेरिका की मदद से फिलिस्तीन को यहूदियों को सौंप दिया। उसने अमेरिका पर नरसंहार का आरोप भी मढ़ा था। उसने इजरायल के गठन को ही सबसे बड़ा अपराध करार दिया था। फिर उसने सोमालिया में मुस्लिमों पर हमले का जिक्र किया था। इतना ही नहीं, उसने कश्मीर में भी भारत द्वारा अत्याचार के आरोप लगाए थे। ओसामा बिन लादेन का कहना है कि अमेरिका अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर के अरब मुल्कों से तेल चुरा रहा है।

साथ ही उसने कहा था कई वो कुरान की अनुमति से जिहाद कर रहा है। उसने लिखा था कि उसके इस्लाम मजहब में ये कहा गया है कि पीड़ितों को आक्रामकता से अत्याचारियों को जवाब देने का अधिकार है। उसने आरोप लगाया था कि अमेरिका मुस्लिमों पर 50 वर्षों से हमला कर रहा है। उसने लिखा था कि अमेरिका के नागरिक भी कोई मासूम नहीं हैं और अपने सरकार के हर एक कृत्य में साथ देते हैं। दूसरे सवाल के जवाब में ओसामा बिन लादेन कहा था कि इस्लाम को स्वीकार करने से सारी समस्याएँ खत्म हो जाएँगी।

उसने लिखा था कि हम माँग करते हैं कि तुम अविवाहितों के बीच होने वाला सेक्स, समलैंगिकता, मादक मदार्थों का सेवन, जुआ, और ट्रेडिंग बंद कर दो। उसने कहा था कि तुमने अल्लाह के शरिया की बजाव अपने अलग नियम-कानून बना लिए। उसने लिखा कि हमें अकेला छोड़ दो और हमें अपने हिसाब से चलने दो। साथ ही उसने कुरान की कई आयतें भी गिनाई थीं। उसने कहा था कि दुनिया में सभी मुल्क ऐसे होने चाहिए जहाँ अल्लाह का कानून चले, केवल अल्लाह की इबादत की जाए।

KG से PG तक गरीब लड़कियों की पढ़ाई फ्री, पेपर लीक की जाँच के लिए SIT, 5 साल में 2.5 लाख सरकारी नौकरी: राजस्थान के लिए BJP का संकल्प

भाजपा ने राजस्थान विधानसभा चुनावों के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इसे जारी करते हुए भाजपा का संकल्प पत्र बताया है। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में 12वीं के बाद छात्राओं को फ्री स्कूटी दी देने, प्रदेश में एंटी रोमियो स्क्वॉयड स्थापित करने, कुर्की हुई किसानों की जमीनों के लिए कमिटी बनाने का वादा किया है।

राजधानी जयपुर में घोषणा पत्र को जारी करते हुए नड्डा ने कहा, “अन्य पार्टी के लिए घोषणा-पत्र एक औपचारिकता मात्र है, लेकिन भाजपा के लिए यह विकास का रोडमैप है। हमारा इतिहास इस बात का साक्षी है कि हमने जो कहा, वह करके दिखाया। जो नहीं कहा, वह भी कर के दिया।” उन्होंने कहा कि राजस्थान को पिछले 9 वर्षों में 23 मेडिकल कॉलेज दिए हैं, जिसमें से 11 ऑपरेशनल हो गए हैं।  

भाजपा ने राजस्थान के अपने संकल्प पत्र में कई महत्वपूर्ण वादे किए हैं। भाजपा ने कहा है कि अगर वह सत्ता में आती है तो हर थाने में एक महिला खाना खोला जाएगा। महिलाओं के खिलाफ हिंसा से त्रस्त राजस्थान के लिए पार्टी ने महिला सुरक्षा के लिए हर जिले में एंटी रोमियो स्क्वॉयड शुरू की भी बात कही है।

भाजपा ने बेटी के जन्म लने पर 2 लाख रुपए का बॉन्ड देने और 12 वीं से आगे की कक्षा में पहुँचने वाली छात्राओँ को फ्री स्कूटी देने की भी योजना शुरू करने की बात भी कही है। इतना ही नहीं, गरीब छात्राओं को केजी से लेकर पारास्नातक यानी पीजी तक मुफ्त शिक्षा देने का भी ऐलान किया है।

इसके अलावा, लखपति दीदी योजना की शुरुआत, उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को रसोई गैस पर 450 रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। मातृत्व वंदना योजना के तहत महिलाओं को दिए जा रहे 5,000 रुपए को बढ़ाकर 8,000 करने का भी ऐलान किया गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 2,000 करोड़ रुपए का फंड बनाने की भी बात कही गई है।

भाजपा ने किसानों को भी ध्यान में रखा है। इसमें कहा गया है कि अगर भाजपा की सरकार बनती है तो गेहूँ को 2700 रुपए में खरीदा जाएगा। जिन किसानों की भूमि को कुर्क किया गया हैं, उनको क्षतिपूर्ति कैसे किया जाएगा उस पर काम किया जाएगा। इसके अलावा, भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई के लिए SIT का गठन किया जाएगा।

लखपति योजना के तहत 6 लाख ग्रामीण महिलाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। देश के युवाओं को अगले 5 वर्षों में ढाई लाख सरकारी नौकरियाँ देने की घोषणा की गई है। कमजोर वर्ग की बालिकाओं को उनके खाते में सीधे राशि ट्रांसफर की जाएगी।

निस्वार्थी हैं PM मोदी, राष्ट्रहित में ले रहे क्रांतिकारी निर्णय: शेहला रशीद ने बताई हृदय परिवर्तन की वजह, कहा- केंद्र की नीतियों में कोई कमी नहीं

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) की पूर्व छात्रा शेहला रशीद कुछ समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करती कई प्लेटफॉर्म पर दिख चुकी हैं। ऐसे में लोग कहने लगे थे कि उनका हृदय परिवर्तन हो गया। अब शेहला ने इस पर खुद ट्वीट किया है। उन्होंने बताया कि आखिर कैसे वो पीएम मोदी की पहले विरोधी हुआ करती थीं, और अब मुरीद हो गई है।

शेहला ने स्मिता प्रकाश को दिए इंटरव्यू की एक क्लिप को शेयर किया है। इस वीडियो में उन्होंने बता रखा है कि भारत को बदलने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा निस्वार्थ भाव से लिए गए फैसले ने उनका मन बदला।

उन्होंने कहा, “मेरे हृदय परिवर्तन का कारण यह अहसास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक निस्वार्थ व्यक्ति हैं जो भारत को बदलने के लिए क्रांतिकारी निर्णय ले रहे हैं। उन्होंने बहुत आलोचनाओं का सामना किया है, लेकिन समावेशी विकास के अपने दृष्टिकोण पर कायम रहे, जिसमें कोई भी पीछे नहीं छूटता।”

शेहला ने इस इंटरव्यू में कहा कि राज्य के लिए जो फैसले मोदी सरकार ने लिए हैं, वो उनसे बहुत प्रभावित हैं। उन्होंने कहा, “मैंने भाजपा के बारे में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में बहुत कुछ पहले से सोच के रखा हुआ था। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत आलोचना सही। हर कोई आर्टिकल 370 के निरस्त होने पर नाराज था, पर वो अपने विकास के काम करने से पीछे नहीं हटे। इसी वजह से मैं एक निर्णय पर पहुँची, जिसने मेरे हृदय को भी बदला, कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री बहुत निस्वार्थ व्यक्ति हैं राष्ट्रहित के मामले में।”

उन्होंने माना कि उन्होंने पीएम मोदी की बहुत आलोचना की है। उसी तरह राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनको आलोचनाएँ मिलीं। सोचने वाली बात थी कि कोई इतनी आलोचना क्यों सहेगा अगर ये राष्ट्रहित में नहीं होता। शेहला रशीद ने आगे कहा कि केंद्र नीतियों में कोई कमी नहीं है और वो इसके लिए किसी से भी बहस के लिए तैयार हैं। वह घाटी में हो रहे बदलावों पर तथ्य पेश भी कर सकती हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के निर्णयों से कश्मीर की हालत सुधरी है। वहाँ कश्मीरी लोगों की जिंदगियाँ बन रही हैं। उनसे विकास हो रहा है। बच्चे वहाँ स्वतंत्र होकर खेल, घूम पाते हैं। अब वहाँ खेल आधारभूत संरचना है।

बता दें कि यह पहली बार नहीं था जब शेहला रशीद ने जम्मू-कश्मीर के हालातों के सुधरने की तारीफ की। इससे पहले उन्होंने इस साल अक्टूबर की शुरुआत में ही उन्होंने केंद्र में पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के घाटी में मानवाधिकार की स्थिति में सुधार की कोशिशों के लिए तारीफ करते हुए उन्हें धन्यवाद कहा था।

इस साल अक्टूबर की शुरुआत में ही उन्होंने केंद्र में पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के घाटी में मानवाधिकार की स्थिति में सुधार की कोशिशों के लिए तारीफ करते हुए उन्हें धन्यवाद कहा था।

अमेरिकी उद्योगपति नेविल रॉय सिंघम को ED का समन, चीनी प्रोपेगंडा के लिए उसी की कंपनी ने अभिसार शर्मा वाले ‘Newsclick’ को भेजे थे करोड़ों रुपए

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने चीन से फंडिंग के मामले में मीडिया संस्थान ‘Newsclick’ से जुड़े अमेरिकी उद्योगपति नेविल रॉय सिंघम को समन भेजा है। ED इस मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जाँच कर रही है, जिसमें ‘न्यूज़क्लिक’ के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ को ED ने गिरफ्तार किया था। ये मामला मनी लांड्रिंग का है और नेविल रॉय सिंघम चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) से जुड़ा हुआ है। वो चीनी प्रोपेगंडा को फैलाने के लिए दुनिया भर में फंडिंग करता है।

नेविल रॉय सिंघम की संपत्ति करोड़ों में है और उसने अमेरिका की नागरिकता ले रखी है। वो चीन के संघाई में रहता है। PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग) में उसके खिलाफ अब फिर से समन जारी किया गया है। केंद्रीय विदेश मंत्रालय के माध्यम से उसे समन भेजा गया है। दिल्ली कोर्ट ने ED को इस मामले में ‘Letters Rogatory’ (विदेशी अदालत से सहायता के लिए औपचारिक निवेदन) भेजा है, ताकि उसका बयान दर्ज किया जा सके। इस मामले की जाँच 2021 में शुरू की गई थी।

नेविल रॉय सिंघम को इससे पहले भी समन भेजा जा चुका है, ताकि वो पूछताछ के लिए हाजिर हो। 2 महीने पहले ही इस प्रकरण में CBI ने भी मामला दर्ज किया है। ‘Newclick’ और नेविल रॉय सिंघम पर FCRA (विदेशी अंशदान विनियम अधिनियम) के उल्लंघन का आरोप है। दिल्ली के सैदुलाजाब स्थित ‘न्यूज़क्लिक’ के दफ्तर में भी छापा पड़ा था। इस मामले में अब तक 25 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। ED ने नेविल रॉय सिंघम को ईमेल भी भेजा है।

‘न्यूज़क्लिक’ के खिलाफ UAPA (आतंक रोधी अधिनियम) के तहत भी जाँच चल रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी चीनी फंडिंग के विषय में उनका नाम लिया था। इस मामले में ‘न्यूजक्लिक’ के HR हेड अमित चक्रवर्ती को भी गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने इन गिरफ्तारियों को अंजाम दिया था। ‘न्यूज़क्लिक’ को अमेरिका में पंजीकृत ‘वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग्स LLP’ से 9.59 करोड़ रुपए मिले थे। बताया गया कि ये पैसे चीन से आए थे और अमेरिकी कंपनी के माध्यम से भारत भेजे गए।

नेविल रॉय सिंघम के पिता आर्चीबाल्ड सिंघम एक श्रीलंकाई राजनीतिक वैज्ञानिक और इतिहासकार थे। वो न्यूयॉर्क के सिटी यूनिवर्सिटी के ब्रुकलिन कॉलेज में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर थे। वह कैरेबियन में अधिकारी था और गुटनिरपेक्ष आंदोलन में भागीदार थे। इन्हीं के घर 1954 में नेविल रॉय का जन्म हुआ था। नेविल रॉय अपनी युवावस्था में लीग ऑफ़ रिवोल्यूशनरी ब्लैक वर्कर्स एक काले राष्ट्रवादी-माओवादी समूह का सदस्य था।

दलबदलू नेताओं पर लगे जुर्माना, केरल हाई कोर्ट ने दी सलाह: कहा- यह लोकतंत्र के लिए अभिशाप, अर्थदंड का भी कानून बनाए विधायिका

दल-बदल विरोधी कानूनों के बावजूद इस तरह के काम करने वाले नेताओं को लेकर केरल उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने उम्मीद जताई है कि दल-बदलू नेताओं पर वित्तीय दंड लगाने वाला एक कानून बनाया जाएगा। न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए अभिशाप है और वर्तमान दल-बदल विरोधी कानून इस प्रथा को रोकने में प्रभावी नहीं हैं।

न्यायालय ने कहा, “राजनीतिक दलबदल का आचरण न केवल उस पार्टी के साथ विश्वासघात करता है जिसके टिकट पर उम्मीदवार ने चुनाव लड़ा, बल्कि उन लोगों की इच्छा के साथ भी विश्वासघात करता है जिन्होंने उम्मीदवार को चुना। चुनाव के बाद पाला बदलना इसको लेकर बनाए गए कानून की प्रभावशीलता को भी खत्म कर देता है।”

न्यायालय ने आगे कहा, “ऐसे प्रयास लोकतंत्र के लिए ही खतरा होंगे। दलबदल विरोधी कानून की कठोरता को दूर करने के लिए दल-बदलुओं द्वारा अपनाए गए सरल तरीकों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए।” कोर्ट ने कहा कि अगर इस पर विचार नहीं किया गया तो इसका उद्देश्य ही नष्ट हो जाएगा।

कोर्ट ने कहा कि दल बदलने वाले राजनेता को कानून के तहत अयोग्य घोषित कर दिया जाता है, लेकिन उन्हें किसी अन्य महत्वपूर्ण नतीजे का सामना नहीं करना पड़ता है। दूसरी ओर, उप-चुनाव कराने के कारण राजकोष पर वित्तीय बोझ पड़ता है। इसलिए, न्यायालय ने सुझाव दिया कि विधायिका दल-बदल विरोधी कानून में वित्तीय दंड शामिल करने पर विचार करे।

न्यायालय ने कहा, “न्यायालय की सोच है कि दल-बदल के कृत्यों के लिए कड़े वित्तीय दंड शामिल करने पर विचार करने का समय आ गया है। जब तक दल-बदल करने वाले को आर्थिक दंड महसूस नहीं होता, तब तक उन बुरे कृत्यों का निवारण दल-बदल विरोधी कानून के जरिए जारी रहेगा। न्यायालय को पूरी उम्मीद है कि विधायिका इस पर ईमानदारी से विचार करेगी।”

दरअसल, यह टिप्पणी केरल राज्य चुनाव आयोग के एक आदेश को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान केरल हाईकोर्ट ने की। केरल राज्य चुनाव आयोग ने एक आदेश दिया था, जिसमें थोडुपुझा नगर परिषद के सदस्य मैथ्यू जोसेफ को अयोग्य घोषित करने से इनकार कर दिया था। वे साल 2020 में परिषद के लिए चुने गए थे। इसके बाद इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।

गौरतलब है कि राजनीतिक दल केरल कॉन्ग्रेस (एम) दो गुटों में विभाजित हो गया था – जोस के मणि के नेतृत्व वाला केसीएम और पीजे जोसेफ के नेतृत्व वाला केसीएम यानी केसीएमपीजेजे। केसीएम को भारत के चुनाव आयोग और उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ‘दो पत्तियाँ’ प्रतीक दिया गया था। वहीं, केसीएमपीजेजे को ‘चेंडा’ (ड्रम) प्रतीक दिया गया था।

केसीएम लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट का हिस्सा था, जबकि केसीएमपीजेजे यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट गठबंधन का हिस्सा था। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि जोसेफ ने केपीएमजेजे के सदस्य के रूप में चुनाव लड़ा और जीता, लेकिन निर्वाचित होने के बाद, उन्होंने स्वेच्छा से केसीएमपीजेजे के साथ अपनी सदस्यता छोड़ दी और केसीएम में शामिल हो गए। याचिकाकर्ताओं ने केरल स्थानीय प्राधिकरण (दलबदल निषेध) अधिनियम, 1999 की धारा 3ए के तहत उन्हें अयोग्य ठहराने की माँग की।