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10 साल में दिग्विजय सिंह ने कर दिया था बँटाधार, शिव’राज’ में बदल गया MP: कॉन्ग्रेस की ‘बीमारू’ कमाई, BJP ने बदली तस्वीर

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में शुक्रवार (17 नवंबर 2023) को 230 सीटों के लिए मतदान है। राज्य के मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर मध्य प्रदेश के साथ-साथ भाजपा और कॉन्ग्रेस के भाग्य का भी फैसला करेंगे। यहाँ कॉन्ग्रेस के दिग्विजय सिंह के शासन और भाजपा के शिवराज सिंह चौहान के शासन के बीच का विश्लेषण किया गया है।

2003 के बाद से GDSP में 16 गुना और प्रति व्यक्ति आय में 10 गुना वृद्धि

मध्य प्रदेश के आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2003-04 में जीएसडीपी 85,530.48 करोड़ रुपए दर्ज की गई थी। वहीं, प्रति व्यक्ति आय लगभग 13,465 रुपए थी। इसके विपरीत, इस वर्ष 2023 के बजटीय विश्लेषण में जीएसडीपी लगभग 13,87,117 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।

अगर इसी वर्ष में प्रति व्यक्ति आय की बात करें तो यह बढ़कर 1,40,583 रुपए हो गई है। इस तरह मध्य प्रदेश की जीएसडीपी में 16 गुना से अधिक की जबरदस्त वृद्धि देखी गई है। वहीं, प्रति व्यक्ति आय में भी लगभग दस गुना वृद्धि देखी गई है।

इसके अलावा, मध्य प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में लगभग 16.43 प्रतिशत की आर्थिक विकास दर दर्ज की गई है, जो कि कोविड के कारण उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद यह बेहतर प्रदर्शन है। पिछले वित्त वर्ष 2021-22 में विकास दर करीब 18.02 फीसदी रही थी।

इसी प्रकार, 2003 के बाद से आर्थिक विकास दर में वृद्धि अक्सर दोहरे अंक रही है। इसके विपरीत, वित्तीय वर्ष 2002-03 के दौरान, जीएसडीपी वृद्धि दर नकारात्मक (-) 4.01 प्रतिशत थी। इसमें उतार-चढ़ाव होता रहा। इन आँकड़ों से वर्ष-दर-वर्ष के आधार पर तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के एक दशक लंबे कार्यकाल के दौरान अनियमित सरकारी नीतियों का संकेत मिलता है।

वित्त वर्ष 2023-24 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 55,708 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 4%) है, जबकि 2002-03 में यह लगभग 4,062 करोड़ रुपए (जीएसडीपी का 5.29%) था। वित्तीय वर्ष 2003-04 में सकल ऋण जीएसडीपी का 33.71 प्रतिशत था, जो 2023-24 में घटकर 30.4 प्रतिशत रह गया है।

यहाँ ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि पूंजीगत व्यय 19 गुना बढ़ने के बावजूद debt-to-GSDP में कमी आई है। यह 2023-24 में लगभग 54,056 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो लगभग 2003-04 में 2,838 करोड़ रुपए था। इसी तरह, मध्य प्रदेश वर्ष 2002-03 में का कर राजस्व मात्र 6,805 करोड़ रुपए था। साल 2023-24 में इसमें लगभग 13 गुना वृद्धि देखी गई है और इसे लगभग 86,500 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।

इसी तरह, किसी भी राज्य के स्वास्थ्य मापदंडों के संकेतक मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) और शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) जैसे सूचकांकों में भी काफी सुधार हुआ है। 2001-2003 के बीच किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य का एमएमआर लगभग 379 था। 2019 में ही इसमें लगभग 57% की गिरावट देखी गई।

साल 2017-19 में मातृ मृत्यु लगभग 163 था। इसी तरह मध्य प्रदेश ने भाजपा शासन के दौरान शिशु मृत्यु दर (प्रति 1,000 जीवित जन्म) को कम करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। साल 2003 में यह लगभग 82 के उच्चतम स्तर था, जो देश में सबसे खराब स्थानों में से एक था। साल 2020 में यह दर लगभग आधी यानी 43 रह गई है।

इसी प्रकार, मध्य प्रदेश की कृषि विकास दर वर्ष 2002 में 3 प्रतिशत थी जो हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ 19 प्रतिशत हो गई है। इसके अतिरिक्त, सिंचाई क्षमता में 585 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो 2003 में 7 लाख 50 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 45 लाख हेक्टेयर को पार कर गई है।

इसी तरह, औद्योगिक विकास दर की बात करें तो यह साल 2001-02 में मात्र 0.61 प्रतिशत थी, जो अब प्रभावशाली ढंग से बढ़कर 24 प्रतिशत हो गई है। शिवराज सिंह चौहान के शासन में मध्य प्रदेश ने वर्ष 2022 में 7वीं बार ‘कृषि कर्मण्य पुरस्कार’ जीता है। यह पुरस्कार गेहूँ, धान, दालें, बाजरा आदि फसलों के उत्पादन के लिए दिया जाता है।

इसके अलावा, कृषि निधि के उच्चतम उपयोग के लिए मध्य प्रदेश को ‘बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट’ का भी पुरस्कार भी मिला है। चौहान सरकार ने लगभग 5 लाख शहरी छोटे व्यवसायों को 521 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण वितरित करके अन्य राज्यों को पछाड़ा है। इसके साथ रेहड़ी-पटरी पर व्यवसाय करने वाले लोगों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएँ लागू की गई हैं।

केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि के माध्यम से मिलने वाले 6,000 रुपए के अलावा मध्य प्रदेश सरकार किसान कल्याण योजना के तहत राज्य को किसानों को 4,000 रुपए वार्षिक देती है। इस तरह लाभार्थी किसानों को साल में कुल 10,000 रुपए की वित्तीय सहायता मिल जाती है।

अहर राजनीतिक परिदृश्य पर विचार किया जाए तो मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा की परिवर्तनकारी शासन का महत्व और भी बढ़ जाता है। सीएम चौहान ने 30 नवंबर 2005 को मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। इसके बाद उन्होंने एक ऐसी भूमिका में कदम रखा, जिसमें उन्होंने उमा भारती की जगह लेते हुए क्रांतिकारी परिवर्तन किए।

शिवराज सिंह चौहान की प्रभावी डिलीवरी और शासन शैली ने उन्हें 2018 तक लगातार तीन कार्यकाल तक सेवा प्रदान करने में मदद की। साल 2018 के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड चौथी बार सरकार बनाने से चूकने के बावजूद शिवराज सिंह चौहान 23 मार्च 2020 को सत्ता में फिर लौट आए। इस तरह मध्य प्रदेश के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बना डाला।

साल 1993 से 2003 तक कॉन्ग्रेस सरकार में दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे। एक दशक लंबे कार्यकाल के दौरान राज्य को ‘बीमारू’ राज्य का कुख्यात उपनाम मिला। BIMARU बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश का संक्षिप्त रूप है। ये राज्य विकास और सुशासन के प्रमुख मापदंडों को पूरान नहीं करने वाले राज्य हैं।

कल्याणकारी योजनाएँ एवं प्रभावी वितरण

अपने प्रारंभिक कार्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने अपने चुनावी वादों को पूरा किया। ये वादे ‘बिजली, सड़क और पानी’ से संबंधित थे। अपने प्रभावी कार्यान्वयन से उन्होंने दो बार सत्ता विरोधी लहर को मात दी। इसके साथ ही उन्होंने अपने कार्यकाल के शुरुआत में विद्रोह को दबाने के लिए मतदाताओं के साथ-साथ पार्टी नेताओं का भी विश्वास हासिल किया।

इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर बल दिया। पिछले साल सितंबर में उन्होंने दो दर्जन योजनाओं के लाभार्थियों के नामांकन की सुविधा और उनके वितरण में खामियों को दूर करने के लिए जनसेवा अभियान शुरू किया।

अपनी लो प्रोफ़ाइल और उदार छवि के साथ सर्व सुलभ मुख्यमंत्री चौहान ने राज्य में कल्याणकारी योजनाएँ लागू कीं। इसमें प्रमुख महिला सशक्तीकरण को लेकर शुरू की गई लाडली लक्ष्मी योजना और कन्यादान योजना भी शामिल है। उन्होंने ‘मामा’ उपनाम अर्जित किया और महिला मतदाताओं अपनी जबरदस्त पकड़ बनाई।

दरअसल, लाडली लक्ष्मी योजना लड़कियों के जन्म को लेकर लोगों में सकारात्मक धारणा पैदा करने के लिए शुरू गई थी। यह एक सरकार द्वारा प्रायोजित बीमा योजना है, जो लड़की को 21 वर्ष की आयु तक पहुँचने पर 1 लाख रुपए की राशि देती है। इसमें प्रमुख शर्त ये है कि लड़की की शादी कानूनी उम्र 18 साल से पहले नहीं होनी चाहिए।

महिलाओं की कल्याण योजना में नकद प्रोत्साहन योजना भी शामिल है, जो उन्हें अस्पताल में प्रसव कराने के लिए प्रोत्साहित करती है। इस पहल से अस्पताल में प्रसव कराने में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है। इस योजना के कारण यह दर 26 से बढ़कर 70 प्रतिशत हो गई। इन महिला-केंद्रित योजनाओं से साक्षरता दर और एमएमआर और आईएमआर जैसे स्वास्थ्य मापदंडों में सुधार करने में लाभ मिला।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में जबरदस्त विकास हुआ। उन्हें विरासत में खस्ताहाल खजाना, पटरी से उतरती अर्थव्यवस्था, अव्यवस्थित शासन, ढहता बुनियादी ढाँचा मिला था। इन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने राज्य में एक उल्लेखनीय परिवर्तन किया। इस कारण से मध्य प्रदेश पर से कुख्यात ‘बीमारू’ टैग हट गया है।

मजदूरों को निकालने उत्तरकाशी पहुँची 40000 Kg की अमेरिकी मशीन, थाईलैंड-नार्वे से भी मदद: सुरंग में 5 दिन से अटकी है 40 जिंदगी

उत्तराखंड के उत्तरकाशी स्थित एक निर्माणाधीन सुरंग में रविवार (12 नवंबर, 2023) 40 मजदूर फँस गए। 5 दिनों से ये मजदूर वहीं फँसे हुए हैं, उन्हें पाइप के माध्यम से ऑक्सीजन और भोजन पहुँचाया जा रहा है, उन्हें निकाले जाने के लिए कोशिश चल रही है। राहत कार्य की प्रक्रिया में देरी हो रही है, क्योंकि भूस्खलन और इस्तेमाल किए जा रहे मशीन के कारण समस्या आ रही है। ये सुरंग सिल्क्यारा और डंडलगाँव के बीच बनाई जा रही थी। ब्रह्मखाल-यमुनोत्री राजमार्ग पर इसका निर्माण किया जा रहा है।

उत्तरकाशी में घटनास्थल पर ‘हमारे आदमी निकालो’ के नारे लगाते हुए इस घटना में फँसे मजदूरों के साथी मजदूरों ने विरोध-प्रदर्शन भी किया। मजदूरों और उनके परिजन इस बात से नाराज़ हैं कि रेस्क्यू और रिलीफ के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनाई गई। भूस्खलन के कारण सुरंग का एक हिस्सा ढह गया और ये 40 मजदूर फँस गए थे, उसके बाद से ही ये ऑपरेशन चल रहा है। पाइप के माध्यम से उन्हें ऑक्सीजन-भोजन ही नहीं, बल्कि दवाएँ भी भेजी जा रही हैं।

भूस्खलन के कारण वहाँ के पत्थर कमजोर हो रहे हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन में इसी कारण दिक्कत आ रही है। मंगलवार को एक और भूस्खलन हुआ था। रेस्क्यू में लगे 2 अन्य मजदूर भी घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज किया गया। हिमालय के क्षेत्र में सामान्यतया सॉफ्ट रॉक ही मिलते हैं। जिस इलाके में ये घटना हुई वहाँ के पत्थर कमजोर हैं और टूटे-फूटे हैं। इस कारण खुदाई में समस्या आती है। मजदूरों को निकालने के लिए स्टील के बड़े-बड़े पाइप लगाए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

इस प्रक्रिया को ‘ट्रेंचलैस तकनीक’ कहते हैं। इस पाइप के माध्यम से मजदूरों को रेंगते हुए बाहर निकाले जाने की योजना है। अधिकारियों ने बताया कि जो मशीन मँगाई गई है वो पुरानी है। इसके बाद नई मशीन मँगाई जा रही है। 800-900 मिलीमीटर के पाइप लगाए जा रहे हैं। नए मशीनों से नई प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। इसके तहत 125 mm के पाइल के माध्यम से हवा-पानी-भोजन भेजा जा रहा है। साथ ही कम्युनिकेशन के लिए कैमरा वगैरह लगाया जा रहा है।

ये पाइप 12 मेटे डाली जा चुकी है। अमेरिका में बना ड्राई ड्रिलिंग उपकरण इसके लिए मँगाया भी जा रहा है। अगर ये प्रक्रिया सफल नहीं रही तो फिर पारंपरिक खुदाई के माध्यम से ‘पाइप रूफ अम्ब्रेला मेथड’ का इस्तेमाल किया जाएगा। रोज 10 मीटर के हिसाब से 5-6 दिन में एक पूरा का पूरा टनल बनाया जाएगा। एक परिजन ने अंदर फँसे अपने परिवार वाले से बात कर के बताया कि उन्हें नियमित रूप से भोजन वगैरह मिल रहे हैं। वहीं कुछ इस बात से चिंतित हैं कि कोई समयसीमा नहीं दी जा रही है।

आखिर इस सुरंग में ऐसी स्थिति कैसे पैदा हुई? विशेषज्ञ कह रहे हैं कि निर्माण से पहले ठीक तरीके से जाँच-परख नहीं की गई, ये एक कारण हो सकता है। सर्वे और इन्वेस्टीगेशन में समय लगता है, पैसा भी लगता है – ऐसे में क्या प्रोटोकॉल्स का ठीक से पालन नहीं किया गया जल्दी-जल्दी परियोजना पूरा करने के चक्कर में? इसी में पर्यावरण एक्टिविस्ट भी सक्रिय हो गए हैं और कह रहे हैं कि पहाड़ों में कंस्ट्रक्शन का काम इतनी अधिक मात्रा में नहीं होनी चाहिए।

‘राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड’ (NHIDCL) ने भारतीय वायुसेना से भी मदद माँगी है। उधर 25 टन भारी अमेरिकी ड्रिलिंग मशीन भी दिल्ली से चिन्यालीसौर एयरस्ट्रिप तक लाया जा चुका है। इस मशीन को वहाँ इनस्टॉल करने में भी 4 घंटे के आसपास लगेंगे। थाईलैंड की गुफा में फँसे 12 युवकों को निकालने वाले कर्मियों से भी संपर्क किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जनरल (रिटायर्ड) VK ने भी घटनास्थल पर पहुँच कर स्थिति का जायजा लिया। थाईलैंड और नॉर्वे के विशेषज्ञों से भी ऑनलाइन मदद ली जा रही है।

वीके सिंह ने बताया कि 2 किलोमीटर के क्षेत्र में ये मजदूर फँसे हुए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी इस प्रक्रिया में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि नई मशीन की शक्ति और गति ज़्यादा है। उन्होंने 2-3 दिन में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने की उम्मीद जताई और सभी विकल्पों के इस्तेमाल की बात कही। उन्होंने कहा कि अन्य देशों के विशेषज्ञों और भारत की रेलवे, माइनिंग जैसी एजेंसियों की मदद ली जा रही है।

कनाडा ने सबूत दिए नहीं, जाँच कैसे करें: आतंकी निज्जर की हत्या पर विदेश मंत्री एस जयशंकर की दो टूक, बोले- हिंसक विचारों को दे रहा जगह

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लंदन में अपनी पाँच दिवसीय यात्रा के बीच बुधवार (15 नवंबर 2023) को एक कार्यक्रम के दौरान कनाडा के मुद्दे पर बात की। उन्होंने आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या मामले में भारतीय एजेंटों पर लग रहे आरोपों को लेकर कनाडा सरकार से सबूत माँगे। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी प्रकार की जाँच से इनकार नहीं कर रहा है। लेकिन जाँच करवाने के लिए भारतीय एजेंटों के खिलाफ कुछ सबूत तो दिए जाएँ।

उन्होंने कार्यक्रम में कहा, “कनाडा में, हमें लगता है कि कनाडाई राजनीति ने हिंसक और अतिवादी राजनीतिक विचारों को जगह दी है जो हिंसक तरीकों सहित भारत से अलगाववाद की वकालत करते हैं। इन लोगों को कनाडा की राजनीति में शामिल किया गया है। उन्हें अपने विचार व्यक्त करने की आजादी दी गई है।”

एस जयशंकर कहते हैं, “बोलने की आजादी और अभिव्यक्ति की आजादी एक निश्चित जिम्मेदारी के साथ आती है। उन स्वतंत्रताओं का दुरुपयोग और राजनीतिक उद्देश्यों के लिए उस दुरुपयोग को बर्दाश्त करना बहुत गलत होगा। देखिए, यदि आपके पास ऐसा आरोप लगाने का कोई कारण है, तो कृपया हमारे साथ सबूत साझा करें। हम जाँच से इनकार नहीं कर रहे है। मगर उन्होंने अभी तक सबूत ही नहीं दिए।”

बता दें कि साल 2020 में भारत द्वारा हरदीप सिंह निज्जर को आतंकी घोषित किया गया था। 18 जून को हुई उसकी हत्या के बाद खालिस्तानी इसका इल्जाम भारतीय एजेंटों को देने लगे, लेकिन उस पर कोई सबूत नहीं दिया। पिछले दिनों सिख फॉर जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू ने इसे लेकर सिटिजन अरेस्ट की माँग उठाई थी और भारतीय राजनयिकों के खिलाफ कनाडाइयों को भड़काया था

उससे पहले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो देश की संसद में बयान देकर भारत सरकार पर आरोप लगाया था कि निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों का हाथ है। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया था। उस समय भारत ने ट्रूडो के आरोपों को बेतुका और प्रेरिक बताकर एक सिरे से खारिज कर दिया था।

‘इंशाल्लाह, अल्लाह मेरी दुआ सुनेगा… न्यूजीलैंड जीतेगा’: ट्विटर पर बांग दे रही थी पाकिस्तान की महिला ‘पत्रकार’, मैदान में आ गया मोहम्मद शमी का तूफान

सेमीफाइनल का खेल हुआ भारत और न्यूजीलैंड का। रोमांच भारतीयों, न्यूजीलैंड के फैंस के बीच चरम पर था। लेकिन रो पाकिस्तान रहा था! इसलिए नहीं कि पाकिस्तानी टीम क्यों क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 से बाहर हो गई बल्कि इसलिए कि भारत क्यों बढ़िया खेल रही है, क्यों जीत रही है!

हरीम शाह। महिला ‘पत्रकार’ है। है लेकिन पाकिस्तान की। मानसिकता भी पाकिस्तानी ही है। भारत को लेकर एकदम कट्टर है। भारत की हार इसका एकमात्र मकसद है। यह अकेली ऐसी है, ऐसा भी नहीं है।

भारत की हार के लिए दुआ करती हरीम शाह

अल्लाह से दुआ कर रही थी। क्यों? न्यूजीलैंड की जीत के लिए, भारत को हराने के लिए। सफेद हिजाब, हरे रंग की नेल-पॉलिश, थ्रेडिंग कराए सुंदर आईब्रो, लाल लिपस्टिक लगा कर हरीम शाह ने अपनी एक फोटो ट्वीट की। साथ में लिखती है:

“इंशाल्लाह, अल्लाह मेरी दुआ सुनेगा, सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड जीतेगा।”

खैर! जीत भारत की हुई। अल्लाह ने पाकिस्तान महिला ‘पत्रकार’ हरीम शाह की दुआ कबूल नहीं की। शायद बिजली के संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में लाउडस्पीकर नहीं बज पाया होगा और अल्लाह तक आवाज नहीं पहुँची होगी! हो यह भी सकता है कि इस्लाम में जिन-जिन चीजों की मनाही (नेल-पॉलिश, आईब्रो की थ्रेडिंग, लिपस्टिक और हाँ… फोटो भी) है, हरीम ने उन सब का सहारा लेकर ट्वीट किया! जो भी बनी वजह… जीत भारत की हुई!

वर्ल्ड कप 2023 से पाकिस्तान की टीम बाहर हो चुकी है। उनके खिलाड़ियों ने बढ़िया प्रदर्शन नहीं किया। पाकिस्तानी अगर क्रिकेट-प्रेमी होते तो वहाँ के लोग अपनी टीम का सपोर्ट करते, वर्ल्ड कप के बाकी मैचों को आराम से देखते, खेल का मजा लेते। लेकिन नहीं! वो कभी ऐश्वर्य राय पर ओछी टिप्पणी कर रहे, कभी नीना गुप्ता और विवियन रिचर्ड्स के वीडिया वायरल कर रहे।

जब सारे पाकिस्तानी ऐसी हरकत कर रहे, तो हरीम शाह कैसे पीछे रहती। ट्वीट ठेल दिया। लेकिन हुआ क्या? पागलपन वाले ट्वीट के कारण अपने ही मजहब को गाली दिलवा रही। ‘पत्रकार’ हुई तो क्या, विषय को सोच-समझ कर लिखेगी-बोलेगी? जिस मानसिकता से पाकिस्तान का जन्म हुआ, उसी मानसिकता की पैदाइश है हरीम शाह!

वैसे हरीम शाह कौन हैं, यह जानना भी दिलचस्प है। कभी इसी हरीम ने पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद का एक वीडियो वायरल किया था। इस वीडियो में वो रेल मंत्री से कहती हैं:

“क्या अल्लाह मालिक है, आप नंगा होके मुझे दिखाते थे। वीडियो पे गलत-गलत किस्म की हरकतें करते थे।”

भारत ने न्यूजीलैंड को क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 के पहले सेमीफाइनल में हरा दिया है। 70 रन से। इस जीत के कई सारे हीरो रहे। सबने भारत की जीत में योगदान दिया। टीम को टीम-गेम की तरह खेला। न्यूजीलैंड ने खराब खेला, ऐसा भी नहीं है! सेमीफाइनल में पहुँचने वाली टीम की तरह बैटिंग में अटैक किया, लेकिन भारत की टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए फाइनल में अपनी जगह बना ली।

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने कोहली, गिल, शामी और केएल राहुल के अलावा केन विलियमसन और डेरिल मिशेल के शानदार खेल की तारीफ की। खेल को खेल भावना से खेलने के कारण ही रोहित शर्मा यह कर पाए। केन विलियमसन ने भी यही किया। शानदार और जज्बे के साथ लड़ते हुए हारे लेकिन हँसते हुए विरोधी टीम को जीत की बधाई दी, उनके खेल को सराहा। पाकिस्तानियों को लेकिन क्रिकेट से क्या लेना-देना? उनको तो बस हिंदू, हिंदू देश को हराना है या हारते देखना है… अफसोस यह हो न सका!

एक लड़का पीछे से आता है और कहता है ऐ बुढऊ टोपी बेचनी है क्या… थप्पड़कांड का ‘सत्य’ नाना पाटेकर ने बताया, कहा- गलती से हुआ… माफ कर दो

अभिनेता नाना पाटेकर का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसको लेकर दावा किया जा रहा था कि सेल्फी लेने पर उन्होंने एक फैंस को थप्पड़ जड़ दिया। अभिनेता ने वीडियो जारी कर इस घटना के लिए माफी माँगी है। साथ ही बताया है कि ऐसा किस परिस्थिति में हुआ था।

वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के काशी का है। घटना दशाश्वमेध घाट के पास की है। यहाँ नाना पाटेकर फिल्म ‘जर्नी’ की शूटिंग कर रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें सोशल मीडिया में ट्रोल किया जा रहा था। उनकी गिरफ्तारी की माँग हो रही थी।

अब नाना पाटेकर ने एक वीडियो जारी कर इस घटना के लिए माफी माँगी है। उन्होंने बताया है कि वे फिल्म के सीन की रिहर्सल कर रहे थे। इस सीन में नाना हैट पहने हुए होते हैं और एक बंदा उनके पीछे से आकर उनसे कहता है- ऐ बुढऊ टोपी बेचनी है क्या? इसके बाद नाना उसे पकड़ कर थप्पड़ मारते हैं। उससे कहते हैं कि बदतमीजी बंद करो। तमीज से पेश आओ और इसके बाद वह बंद वहाँ से भाग जाता है।

बकौल नाना इस सीन का एक रिहर्सल हो चुका था। जब दूसरा रिहर्सल स्टार्ट हुआ तो वायरल वीडियो में दिख रहा लड़का बीच में आ गया था। उन्होंने उसे फिल्म से जुड़ा बंदा समझकर सीन के हिसाब से थप्पड़ मार दिया। नाना ने बताया कि बाद में उन्हें लगा कि यह लड़का फिल्म से जुड़ा हुआ नहीं है। इसके बाद उस लड़के को खोजा गया। लेकिन वह मौके से भाग गया था।

नाना पाटेकर के अनुसार उन्हें नहीं पता कि यह लड़का कैसे अंदर आया। उन्होंने कहा है, “यह गलती से हुआ। हमको मालूम नहीं वह कहाँ से आया। हम अपना ही बंदा समझ कर ऐसा किए। यदि कोई गलतफहमी हो तो हमें माफ कर दो। हम कभी किसी के साथ ऐसा नहीं करते। आज तक ऐसा हमने कभी किया नहीं। बच्चा सामने आ जाए तो मैं उससे माफी माँग लूँ।”

नाना के अनुसार वायरल वीडियो में दिखा रहा शायद डर के कारण मौके से बाद में भाग गया। फिल्म से जुड़े लोगों ने उसकी काफी तलाश भी की। उन्होंने बताया कि शायद उस लड़के के किसी दोस्त ने इस घटना का वीडियो बनाया था जो वायरल है। उन्होंने कहा, “मैंने फोटो के लिए कभी किसी को मना नहीं किया है। आज तक ऐसा हमने कभी नहीं किया। वे कभी इस तरह से हरकत नहीं करते हैं। किसी पर हाथ नहीं उठाते हैं और लोगों से बहुत प्यार करते हैं।”

उल्लेखनीय है कि वीडियो वायरल होने के बाद फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने बताया था कि वाराणसी का ये वीडियो उनकी ही फिल्म की शूटिंग के दौरान का है। इस वीडियो को लेकर ‘आज तक’ से बात करते हुए अनिल शर्मा ने कहा था, “मुझे भी इस खबर के बारे में जानकारी मिली है। मैंने वीडियो देखा है। नाना पाटेकर ने किसी को नहीं मारा है। ये मेरी फिल्म का शॉट है। इस दृश्य में नाना पाटेकर को उनके पास आने वाले लड़के को सिर पर मारना होता है। शूटिंग चालू थी और ऐसा ही फिल्माया गया। भीड़ में मौजूद किसी व्यक्ति ने इस दृश्य को अपने फोन से शूट कर के लीक कर दिया।”

अनिल शर्मा ने कहा था कि इस वीडियो के जरिए नाना पाटेकर की नकारात्मक छवि बनाई जा रही है, जो सरासर गलत है। उन्होंने लोगों से निवेदन किया कि फैंस इस वीडियो को समझें। साथ ही कहा कि ये फिल्म का शॉट है, नाना पाटेकर ने किसी को नहीं मारा है।

नीना गुप्ता-विव रिचर्ड्स के रिश्ते पर रमीज राजा ने चियारे थे दाँत, बेटी मसाबा ने दिया करारा जवाब: बोलीं- तुम्हें देख दुख हो रहा

पाकिस्तान के एक न्यूज शो में पूर्व क्रिकेटर वेस्ट इंडीज के पूर्व खिलाड़ी विव रिचर्ड्स के डार्क रंग का मजाक उड़ाने के बाद से रमीज राजा सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे हैं। अब इसी मामले पर विव रिचर्ड्स की बेटी मसाबा ने भी रमीज राजा को सोशल मीडिया पर आड़े हाथों लिया है।

उन्होंने एक्स अकॉउंट पर ट्वीट करते हुए लिखा, “प्रिय रमीज राजा (सर) ग्रेस बहुत कम लोगों में होता है। मेरे पिता, माँ और मेरे पास यह है। आपके पास कुछ नहीं है। पाकिस्तान में राष्ट्रीय टीवी पर आपको उस चीज पर हँसते हुए देखकर दुख हो रहा है जिस पर दुनिया ने लगभग 30 साल पहले हँसना बंद कर दिया था। भविष्य में आगे बढ़ो आगे। हम तीनों यहाँ हैं।”

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले पाकिस्तान के एक चैनल- सुनो न्यूज पर क्रिकेट आधारित कार्यक्रम में रमीज राजा शिरकत करने पहुँचे थे। वहाँ उनके साथ दो पैनेरिस्ट और भी थे। दोनो पैनेलिस्ट कथिततौर पर कॉमेडियन थे। इनमें से एक कॉमेडियन अपने ही देश के पत्रकार हसन निसार का नकल उतार रहा था, तो दूसरा पाकिस्तानी अभिनेत्री बुशरा अंसारी की नकल उतारने की कोशिश कर रही थी।

तभी, महिला होस्ट ने कॉमेडियन से पूछा कि क्या वो क्रिकेट को फॉलो करती है? इसके जवाब में उस महिला कॉमेडियन ने कहा, “मैच तो देखती हूँ, मगर एक दफ़ा मेरा दिल टूट गया था। वो विवियन ले गया था वो नीना गुप्ता को”… इसके बाद सभी लोग हँसते लगते हैं। कॉमेडियन आगे बोलती है, “इस पर मैंने एक शेर लिख दिया था, ‘जो लड़कियाँ खुद को कहती हैं मल्लिका-ए-आलिया, उनका फिर मिलता है मिस्टर कालिया’।” इसी बात पर रमीज राजा भी खिलखिलाकर हँसते हैं और शो की क्लिप वायरल हो जाती है।

बता दें कि विव रिचर्ड्स भारतीय एक्ट्रेस नीना गुप्ता के साथ 1980 के वक्त रिश्ते में रह चुके हैं। दोनों ने कभी एक दूसरे से शादी नहीं की, लेकिन 1989 में उनकी मसाबा गुप्ता नाम की एक बेटी हुई, जो आज के समय में फैशन डिजाइनर है और उसके पास परिधान और सौंदर्य प्रसाधनों का अपना ब्रांड है।

हमले के लिए मोहम्मद शमी को गिरफ्तार मत करना: न्यूजीलैंड की हार के बाद भिड़ी दिल्ली और मुंबई की पुलिस, PM मोदी भी हुए मुरीद

15 नवंबर 2023 की रात मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में न्यूजीलैंड को 70 रनों से हराकर भारत ने 50 ओवर के क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया। ​विराट कोहली और श्रेयस अय्यर के शतक की बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 397 रनों का स्कोर खड़ा किया। डेरिल मिशेल और केन विलियम्सन की पारी से न्यूजीलैंड एक वक्त इस स्कोर के करीब पहुँचते दिख रहा था। लेकिन मोहम्मद शमी नाम के तूफान ने न्यूजीलैंड को 2019 के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल का इतिहास दोहराने से रोक दिया।

शमी ने मैच में 9.5 ओवर में 57 रन देकर 7 विकेट झटके। न्यूजीलैंड के शुरुआती चारों विकेट मोहम्मद शमी ने ही झटके। इनमें डेवन कॉनवे, रचिन रवींद्र, केन विलियम्सन और टॉम लाथम का विकेट शामिल था। बाद में शतकवीर डेरिल मिशेल, टिम साउदी और लॉकी फर्ग्यूशन को आउट कर उन्होंने विकेट का सत्ता पूरा किया।

अपने इस प्रदर्शन के कारण मोहम्मद शमी सुर्खियों में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी गेंदबाजी की सराहना करते हुए कहा है कि क्रिकेट प्रेमी इसे पीढ़ियों तक याद रखेंगे। उन्होंने एक्स/ट्विटर पर लिखा, “आज का सेमीफाइनल शानदार व्यक्तिगत प्रदर्शन की वजह से और भी खास हो गया है। इस मैच में और विश्व कप के दौरान मोहम्मद शमी की गेंदबाजी को क्रिकेट प्रेमी आने वाली पीढ़ियों तक याद रखेंगे। शमी ने अच्छा खेला।”

इस मैच के बाद से सोशल मीडिया में मीम और जोक्स की भी बहार आ गई है। मजेदार कमेंट किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर चल रहे इस मैच में खुद को शामिल होने से दिल्ली और मुंबई की पुलिस भी नहीं रोक पाई।

दिल्ली पुलिस ने एक्स पर मुंबई पुलिस को टैग करते हुए लिखा, “आशा है कि आप आज रात के हमले के लिए मोहम्मद शमी को गिरफ्तार नहीं करेंगे।” इसका जवाब देते हुए मुंबई पुलिस ने कहा, “दिल्ली पुलिस आप असंख्य दिलों को चुराने के गंभीर आरोपों का मामला बनाने से चूक गए। साथ ही कुछ और को अभियुक्त बनाने से भी।” मुंबई पुलिस का इशारा इस मैच में अपने प्रदर्शन से जलवा बिखेरने वाले अन्य खिलाड़ियों विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, शुभमन गिल वगैरह की तरफ था। साथ ही आम ना​गरिकों से इस कमेंटबाजी को हास्य के तौर पर लेने की अपील भी की।

कमेंटबाजी का यह मैच यहीं नहीं थमा। बाद में इसमें मुंबई पुलिस के विशेष आयुक्त देवेन भारती भी शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि इसमें मामला नहीं बनता है। उन्होंने लिखा, “बिल्कुल नहीं दिल्ली पुलिस। यह आत्मरक्षा के अधिकार के तहत आता है।”

बिहार में छठ पर भी खुले रहेंगे स्कूल, छुट्टियाँ रद्द: इफ्तार वाली नीतीश सरकार का फरमान, BJP बोली- सनातन को सताने वाले समाप्त हो जाएँगे

बिहार में नवनियुक्त शिक्षकों की ज्वाइनिंग के लिए नीतीश कुमार की सरकार ने फरमान जारी किया है। इस नए फरमान में कहा गया है कि इस बार छठ पर सभी स्कूल खुले रहेंगे। इस दौरान प्रिंसिपल भी छुट्टी पर नहीं होंगे। जिन्होंने पहले छुट्टी ली है, इस फरमान के बाद उनकी भी छुट्टी को कैंसिल कर दिया गया है।

ऐसा फैसला लेने के पीछे बिहार के शिक्षा विभाग ने तर्क दिया है कि अभी नवनियुक्त शिक्षकों की ट्रेनिंग होनी बाकी है इसलिए उनकी छुट्टी कैंसिल की जाती है और उनका योगदान करवाया जा सके इसके लिए सभी प्रधानाध्यापकों की भी छुट्टी रद्द होती है।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार क्लास 6 तक के चयनित शिक्षकों की छुट्टी को कैंसिल किया गया है। इनकी आवासीय ट्रेनिंग 20 नवंबर से 2 दिसंबर तक होगी। फरमान में कहा गया है कि प्रशिक्षु शिक्षकों को 19 नवंबर को ही ट्रेनिंग पर पहुँचना जरूरी होगा। 20 नवंबर से ट्रेनिंग सेंटर पर सुबह 5 बजे से योगा क्लास की शुरुआत होगाी।

हैरानी की बात है कि ईद के समय इफ्तार पार्ट देने वाली सरकार ने ऐसा निर्णय से पहले लाखों बिहारियों के बारे में सोचा तक नहीं कि छठ पूजा उनके लिए महापर्व है।

मालूम हो कि 19 नवंबर को छठपूजा का सांयकालीन अर्घ्य दिया जाना है जबकि 20 को प्रात:काल। ऐसे में नीतीश सरकार के इस आदेश को लेकर हंगामा है।

भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले पर लोगों का ध्यान केंद्रित कराते हुए लिखा- बिहार की संस्कृति को समाप्त करने लिए नीतीश-तेजस्वी सरकार आमदा! बिहार के महापर्व छठ पूजा की छुट्टी की निरस्त। लाखों छठ व्रतियों के श्राप से सनातन को सताने वाले समाप्त हो जाएँगे।

इससे पहले 2 नवंबर को भी बीजेपी बिहार ने इस मामले पर ट्वीट किया था। हालाँकि तब ट्रेनिंग की तारीख 4 नवंबर से 18 नवंबर थी। ट्वीट में कहा गया था तुष्टिकरण में नीतीश-तेजस्वी हो गए अंधे!बिहार के महापर्व छठ पूजा की छुट्टी कर दी रद्द। आखिर सनातन से इन्हें इतनी दिक्कत क्यों है?

बता दें कि बिहार में इस बार पर कई त्योहारों पर छुट्टियों में कटौती का मामला सामने अब तक आ चुका है। रक्षा बंधन में भी वहाँ स्कूलों की छुट्टियाँ रद्द की गई थी दुर्गा पूजा में भी 3 दिन की कम छुट्टी देने की बात सामने आई थी। अब ऐसा ही दीवाली से लेकर छठ तक मिलने वाली छुट्टियों के समय भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि 27 नवंबर को जो छुट्टी गुरुनानक जयंती पर दी जानी थी वो भी इस बार कैंसिल है।

भारत ने ले लिया 2019 का बदला! वर्ल्ड कप के सेमी फाइनल में न्यूजीलैंड को मात देकर फाइनल में टीम इंडिया, विराट कोहली के शतक के बाद मोहम्मद शमी का ‘सत्ता’

ICC वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 के सेमी फाइनल मैच में भारत ने न्यूजीलैंड को 70 रनों से हरा दिया है। महाराष्ट्र के मुंबई स्थित वानखेड़े स्टेडियम में बुधवार (15 नवंबर, 2023) को भारतीय क्रिकेट टीम ने 397 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया, जिसका पीछे करती हुई न्यूजीलैंड की टीम मात्र रन ही बना सकी। जहाँ बल्लेबाजी में विराट कोहली भारत की तरफ से शतकीय पारी खेल कर सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे, गेंदबाजी में मोहम्मद शमी का जलवा रहा।

न्यूजीलैंड के पहले गिरे चारों विकेट मोहम्मद शमी ने ही झटके – डेवन कॉनवे, रचिन रवींद्र, केन विलियम्सन, और टॉम लाथम। जहाँ पाँचवाँ विकेट जसप्रीत बुमराह ने झटका, वहीं छठा विकेट कुलदीप यादव के खाते में गया। न्यूजीलैंड की तरफ से डेरिल मिशेल ने चेज करते हुए 119 गेंदों पर 134 रनों की शतकीय पारी खेली, लेकिन अपनी टीम को जीत नहीं दिला पाए। ये वही न्यूजीलैंड है, जिसने 2019 के वर्ल्ड कप में सेमी फाइनल में ही भारत को हरा दिया था, MS धोनी के रनआउट की वो तस्वीर आज भी शेयर की जाती है।

मोहममद शमी ने शतकवीर डेरिल मिशेल को आउट कर के अपना 5 विकेट पूरा किया। इस वर्ल्ड कप में ये तीसरा मौका है, जब मोहम्मद शमी ने ‘पंजा’ लिया। इससे पहले वो 9 चौके और 7 छक्के लगा चुके थे और एक समय न्यूजीलैंड मैच में वापसी करती दिख रही थी। अपने 9वें ओवर में आखिरकार मोहम्मद सिराज को भी सफलता मिली और उन्होंने मिशेल सैंटनर को आउट किया। मोहम्मद शमी ने अपने अंतिम ओवर में टीम साउदी को भी आउट कर के अपना विकेट्स का ‘छक्का’ पूरा किया। उनका 7वाँ विकेट लोकि फ़र्ग्यूशन रहे।

भारत की बल्लेबाजी की बात करें तो कप्तान रोहित शर्मा ने 29 गेंदों पर 47 रन बना कर धुआँधार शुरुआत दी। विराट कोहली ने 113 गेंदों पर 117 रनों की पारी खेली, वहीं श्रेयस अय्यर ने मात्र 70 गेंदों पर 105 रन जड़ दिए। KL राहुल ने अंत में 20 गेंदों पर 39 रनों की तेज़-तर्रार पारी खेली। शुभमन गिल चोट के कारण वापस चले गए थे, लेकिन फिर वो दोबारा लौटे और 66 गेंदों पर 80 रन बना कर नाबाद रहे। न्यूजीलैंड की तरफ से तेज़ गेंदबाज टीम सऊदी ने सबसे ज़्यादा 3 विकेट झटके।

पीएम ने चंद्रयान-3 की लैंडिंग साइट का नाम रखा शिवशक्ति, भूपेश बघेल ने सट्टेबाजी ऐप का नाम महादेव पर रख दिया: अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार (15 नवंबर 2023) को कहा कि बीजेपी की रमन सिंह की सरकार में बेमेतरा जिला शिक्षा का हब हुआ करता था, लेकिन कॉन्ग्रेस के भूपेश बघेल की सरकार में यह लव जिहाद का अड्डा बन गया है। उन्होंने कहा कि अगर इस बार राज्य में बीजेपी की सरकार आती है तो लव जिहाद बढ़ाने की किसी की हिम्मत नहीं होगी। उन्होंने बेमेतरा की साजा सीट पर ईश्वर साहू के लिए चुनावी रैली की। ईश्वर साहू के पिता भुवनेश्वर साहू की पिछले साल सांप्रदायिक हिंसा में हत्या कर दी गई थी।

अमित शाह ने जनसभा में भूपेश बघेल की सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद्रयान-3 की लैंडिंग साइट को शिवशक्ति नाम देते हैं, लेकिन भूपेश बघेल के लोग सट्टेबाजी ऐप को महादेव के नाम पर रखते हैं। अमित शाह ने भूपेश बघेल से पूछा कि उन्होंने सट्टेबाजी ऐप में महादेव के नाम का इस्तेमाल क्यों किया? उन्होंने कहा कि भूपेश काका ने बैटिंग ऐप का नाम महादेव के नाम पर रखकर उनका निरादर किया है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, “ईश्वर साहू सिर्फ एक उम्मीदवार ही नहीं हैं, बल्कि न्याय की लड़ाई के प्रतीक भी हैं। भूपेश बघेल के शासन में सांप्रदायिक तत्वों ने भुवनेश्वर साहू की हत्या कर दी। भूपेश काका ने ईश्वर जी को एक चेक और नौकरी ऑफर की थी, ताकि वह न्याय की चाह छोड़ दें, लेकिन मैं ईश्वर जी का शुक्रगुजार हूँ कि उन्होंने न्याय के लिए अपनी जंग नहीं छोड़ी।”

अमित शाह ने लोगों से अपील की कि उनके वोटों से न सिर्फ राज्य में बीजेपी सरकार सत्ता में आएगी, बल्कि भुवनेश्वर साहू को न्याय भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल सरकार में बेमेतरा लव जिहाद के केंद्र में तब्दील हो गया है। इसी दौरान उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल ने दुर्ग संभाग को जुए और सट्टे के सेंटर के रूप में बदल दिया है।

अमित शाह ने मंच से आगे कहा, “कॉन्ग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को 70 साल तक रोके रखा। मोदी ने राम मंदिर का शिलान्यास किया और 22 जनवरी 2024 को प्रतिष्ठा समारोह भी होने जा रहा है।”

बता दें कि 90 सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा की 20 सीटों के लिए पहले चरण में 7 नवंबर को मतदान हुआ था, जबकि शेष 70 सीटों पर शुक्रवार (17 नवंबर) को मतदान होगा। वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी। यहाँ की भूपेश बघेल सरकार पर कई घोटालों के आरोप लगे हैं, इनमें सट्टेबाजी ऐप, गोबर घोटाला, चावल घोटाला, ट्रांसपोर्ट घोटाला, ट्रांसफर घोटाला आदि कई घोटाले शामिल हैं।