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हमास की जिस बर्बरता से दुनिया स्तब्ध, उसे अमेरिका के 60 फीसदी मुस्लिम मानते हैं जायज: सर्वे से सामने आई इस्लामी सोच

हमास द्वारा इजरायल पर 7 अक्टूबर 2023 को किए गए हमले को दुनिया में आतंकी हमला बताया जा रहा है। वहीं, अगर 60 फीसदी अमेरिकन मुस्लिम ये कहें कि हमास का इजरायल पर किया हमला पूरी तरह से जायज था तो हैरानी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि हमले के बाद से ही दुनिया का मुस्लिम समुदाय फिलिस्तीन के पक्ष में खड़ा दिख रहा है।

ये खुलासा इस साल अक्टूबर 2023 की शुरुआत में इज़रायल-हमास संघर्ष पर मुस्लिम अमेरिकियों के नजरिए के बारे में साइग्नल (Cygnal) के किए सर्वे से हुआ है। ये सर्वे 16 से 18 अक्टूबर को 2,020 लोगों के बीच किया गया था। इस सर्वे का मकसद मुस्लिम-अमेरिकी समुदाय में इजरायल-हमास संघर्ष पर उनकी राय जानना था।

गौरतलब है कि हमास के इज़रायल पर किए गए आतंकवादी हमले के बाद ही संयुक्त राज्य अमेरिका के कई शहरों में फिलिस्तीन समर्थक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इसके बाद ही यह सर्वे कराया गया था। हमास के आतंकवादी हमले के जवाब में जब इज़रायल ने गाजा पर हमला तो अमेरिका में फिलिस्तीन समर्थकों के हिंसक प्रदर्शन की कई घटनाएँ हुईं।

2,020 लोगों पर किए गए सर्वे के नतीजों से पता है चला कि 57.5 फीसदी मुस्लिम अमेरिकी मानते हैं कि हमास का इज़रायल पर हमला सही था। मुस्लिम अमेरिकियों में ये भावना इस्लामिक उम्मा के मुताबिक है, जो ये मानता है कि दुनिया में सभी मुस्लिमों को एक-दूसरे के समर्थन में खड़ा होना चाहिए।

अमेरिकी मुस्लिम कॉन्ग्रेस सदस्य रशीदा तालिब इसका बेहतरीन उदाहरण हैं। उन्होंने हमास के कामों को इजरायल के नस्लवाद वाले मुल्क के खिलाफ प्रतिरोध बताकर हमास का समर्थन किया है। अमेरिकन मुस्लिमों का हमास के लिए ये प्यार वहाँ के राष्ट्रपति जो बायडेन पर भी भारी पड़ता नजर आता है।

सर्वे बताता है कि मुस्लिम अमेरिकन वहाँ के राष्ट्रपति जो बायडेन के मुकाबले हमास नेता इस्माइल हानियेह सहित इस्लामी नेताओं को अधिक पसंद करते हैं। दिलचस्प बात यह है कि केवल 31.9 फीसदी मुस्लिम अमेरिकी राष्ट्रपति बायडेन को पसंद करते हैं तो 44 फीसदी फिलिस्तीनी के राष्ट्रपति महमूद अब्बास का समर्थन करते हैं।

सर्वे में ये भी खुलासा हुआ है कि हमास के हमलों के बाद मुस्लिम अमेरिकियों नजरिए में वहाँ की राजनीतिक पार्टियों को लेकर भी थोड़ा बदलाव आया है। दिलचस्प बात ये है कि इसमें रिपब्लिकन पार्टी (25.2%) के मुकाबले डेमोक्रेटिक पार्टी (31.1%) को अधिक तवज्जो दी गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति बायडेन डेमोक्रेटिक पार्टी से हैं।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति के मुकाबले अमेरिकन मुस्लिम हमास के लीडर के अधिक प्रशंसक हैं। इस सर्वे में इजरायल के खुद की रक्षा के अधिकार पर अमेरिकन मुस्लिमों की राय जानने की कोशिश की गई। इसमें 68.8 फीसदी ने माना कि इजरायल को हमास से अपनी रक्षा का हक है, लेकिन 69 फीसदी अमेरिकन मुस्लिम मानते हैं कि गाजा में फिलिस्तीनियों की इजरायल को लेकर शिकायतें जायज हैं।

जहाँ पॉलिसी के तहत इस मसले की समाधान निकालने की बात आती है तो 46.8% मुस्लिम अमेरिकी हमास का गाजा से खात्मा करने के लिए इजरायल को वहाँ हमले करने का सुझाव देते हैं। वहीं 75.8% इजरायल के बंधकों की रिहाई के लिए इज़रायल और हमास के बीच बातचीत की वकालत करते दिखते हैं।

ये सर्वे इसलिए आयोजित किया गया, क्योंकि फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस, ओक्लाहोमा के गवर्नर केविन स्टिट और टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट जैसे रिपब्लिकन गवर्नरों के इज़रायल और यहूदी का समर्थन किया था। गर्वनर एबॉट और स्टिट इजरायल को समर्थन देने के लिए वहाँ गए भी थे। दरअसल फ्लोरिडा अकेला ऐसा राज्य है, जो अब तक इज़रायल में फँसे कम-से-कम 700 अमेरिकियों को घर वापस लाया है।

बताते चलें कि अमेरिकी कॉन्ग्रेस ने बीते हफ्ते फिलिस्तीन के पक्ष में बोलने वाली फिलीस्तीनी-अमेरिकी मूल की रशीदा तालिब को सेंसर करने के लिए वोटिंग की थी। तालिब ने हमास के युद्ध नारे ‘नदी से समुद्र तक, फिलिस्तीन आजाद होगा’ का समर्थन किया था। इसके बाद तालिब ने इस पर माफी माँगने से भी इंकार कर दिया था।

तालिब ने इसके पीछे तर्क दिया था कि वो इसके लिए माफी नहीं माँगेंगी, क्योंकि नदी से समुद्र तक आजादी का मतलब मानवाधिकार और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की आकांक्षापूर्ण पुकार है, मौत, विनाश या नफरत की नहीं। तालिब ने ये भी कहा था, “मेरा काम और वकालत हमेशा सभी लोगों के लिए इंसाफ और इज्जत पर फोकस है, चाहे वे किसी भी धर्म या जाति के हों।”

इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन की 1988 की हमास संधि की प्रस्तावना में ये है कि इजरायल का अस्तित्व तब तक ही रहेगा, जब तक मुस्लिम उसे खत्म नहीं कर देते। ये ऐलान मिस्र के मुस्लिम ब्रदरहुड की नींव रखने वाले इमाम हसन अल बन्ना ने किया था। उसने कहा था, “इजरायल अस्तित्व में रहेगा और तब तक अस्तित्व में रहेगा जब तक कि इस्लाम इसे खत्म नहीं कर देता, जैसे उसने इससे पहले दूसरों को मिटा दिया था।”

‘इंजमाम उल हक को डॉक्टर के पास ले जाओ’: हरभजन सिंह बोले – पता नहीं क्या पीते क्या फूँकते हैं वे, बताया था – मुस्लिम बनने वाले थे भज्जी

‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) के राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर इंजमाम उल हक को मानसिक रूप से बीमार बताया है। उन्होंने कहा है कि किसी को इंजमाम को डॉक्टर के पास ले कर जाना चाहिए।

गौरतलब है कि इंजमाम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसमें वह दावा कर रहे थे कि हरभजन सिंह पाकिस्तान दौरे के समय इस्लाम कबूल करने वाले थे। उन्होंने कहा था कि हरभजन सिंह मौलाना तारिक जमील के प्रभाव में आकर यह काम करने वाले थे। उन्होंने दावे पर ‘इंडिया टुडे‘ से कहा, “मैं बस इतना कहना चाहता हूँ कि कोई इंजमाम को डॉक्टर के पास लेकर जाए। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, कृपा करके उनको डॉक्टर के पास पहुँचाएँ। उन्होंने अजीब बयान दिया है। मैं सिख होने और सिख परिवार में जन्म लेने पर बहुत प्रसन्न हूँ।”

आगे उन्होंने कहा, “वो मीडिया के सामने यह सब ड्रामा कर रहे हैं। मुझे नहीं मालूम उन्होंने यह सब बयान देने का निर्णय क्यों लिया है। मुझे यह भी नहीं मालूम कि वो क्या पीते हैं या फिर क्या फूँकते हैं। इतना मुझे ज़रूर पता है कि वह नशे में जो कुछ कहते हैं उन्हें अगले दिन उसका कुछ भी याद नहीं रहता।”

इंजमाम ने अपने वीडियो में कहा था, “मौलाना तारिक जमील साहब हैं ना, ये हर रोज हमारे पास आते थे। हमने एक कमरा बना रखा था, जिसमें हमें मौलाना मगरिब की नमाज पढ़ाते थे। इंडिया से कुछ प्लेयर जैसे इरफ़ान पठान, ज़हीर खान और मुहम्मद कैफ को हम दावत देते थे कि हमारे साथ नमाज पढ़ो।”

इसी वीडियो में आगे इंजमाम ने दावा किया था, “कुछ लोग नमाज पढ़ते नहीं थे लेकिन बैठ के देखते थे। इसमें हरभजन भी था। मेरे से एक दिन हरभजन सिंह ने कहा कि ये जो आदमी है ना मौलाना, मेरा दिल करता है कि इसकी बात मान लूँ, लेकिन तुम्हें देख कर रुक जाता हूँ।”

हरभजन सिंह ने सुबह इस पर कहा था, “ये कौन सा नशा करके बात कर रहा है? मैं गर्व से एक भारतीय और सिख हूँ, ये बकवास लोग कुछ भी बकते हैं।” इसके बाद फैन्स ने हरभजन सिंह पर भी प्रश्न उठाए थे

भाई-भौजाई का झगड़ा, करीना बोली – एक और बच्चा कर ले आलिया भट्ट: ‘डर्टी पिक्चर’ से चर्चा में लौटी हैं तैमूर-जहाँगीर की अम्मी

बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट और अभिनेता रणबीर कपूर ने 14 अप्रैल, 2022 को शादी रचा ली थी। वहीं 6 नवंबर, 2023 को आलिया भट्ट ने अपने अपनी बेटी राहा को जन्म दिया। बाकी बॉलीवुड हीरोइनों से तुलना करें तो आलिया भट्ट ने अपेक्षाकृत कम, यानी 30 से कम उम्र में ही शादी रचा ली थीं और वो अपने करियर के भी शिखर पर थीं। शादी के बाद भी उनका करियर बढ़िया चल रहा है। अब करीना कपूर ने दोनों की शादी और उनके बच्चे के जन्म को लेकर खुलासा किया है।

बता दें कि करीना कपूर, रणबीर कपूर की चहेरी बहन हैं। करीना का पिता रणधीर और रणबीर के दिवंगत पिता ऋषि भाई थे। दोनों राज कपूर के बेटे थे। इस हिसाब से करीना कपूर, आलिया भट्ट की ननद हुईं। अब दोनों ननद-भौजाई निर्देशक करण जौहर के शो ‘कॉफी विथ करण’ के 8वें सीजन में बतौर गेस्ट साथ में आ रही हैं। इसी चैट शो में ‘बेबो’ के नाम से जानी जाने वाली करीना कपूर ने अपने भाई की पत्नी आलिया भट्ट को अपना परिवार बढ़ाने का सुझाव दिया।

मनोरंजन की खबरें देने वाले पोर्टल ‘पिंकविला’ की एक रिपोर्ट की मानें तो करीना कपूर ने आलिया भट्ट को सलाह दी कि वो एक और बच्चा करें। आलिया भट्ट ने बताया कि उनके और रणबीर कपूर के बीच अक्सर मीठी नोकझोंक होती रहती है और दोनों राहा के साथ क्वालिटी टाइम बिताने के लिए प्रतिद्वंद्विता करते हैं। आलिया भट्ट ने कहा कि घर में राहा के लिए दोनों लड़ते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों एक-दूसरे से कहते हैं कि अब तुमने उसे रख लिया, अब उसे मुझे दो।

इस दौरान करीना कपूर ने कहा कि ये इसका बहाना है कि दोनों एक और बच्चा करें। करीना कपूर ने कहा कि 2 बच्चे होने पर दोनों एक-एक रख सकते हैं। बता दें कि करीना कपूर भी सैफ अली खान से निकाह के बाद 2 बच्चों तैमूर और जेह को जन्म दे चुकी हैं। करीना तब्बू और कृति सेनन के साथ ‘द क्रू’ में दिखाई देने वाली हैं। हाल ही में वो ‘डर्टी’ मैगजीन में फोटोशूट के कारण भी चर्चा में हैं। वहीं आलिया भट्ट ‘जिगरा’ फिल्म की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस फिल्म का वो करण जौहर के साथ मिल कर निर्माण कर रही हैं।

गाजा पर सऊदी अरब ने फोड़ दिया ‘उम्माह’ का गुब्बारा तो नाचने-गाने वाले फेस्टिवल से आहत हो गए इस्लाम के ठेकेदार

इस्लामी आतंकी संगठन हमास (HAMAS) के 7 अक्टूबर 2023 इजरायल पर चौतरफा हमला करके 1400 लोगों की हत्या कर दी थी और लगभग 250 लोगों को बंधक बना लिया था। ऐसी कई तस्वीरें सामने आईं, जिनमें साफ तौर पर दिखा कि हमास के आतंकियों में मानवीय संवेदना नाम की कोई चीज नहीं है। इसके बाद अपने लोगों को छुड़ाने और आतंकियों का खात्मा करने के लिए इजरायल ने गाजा पट्टी पर कार्रवाई शुरू कर दी।

इजरायल ने आतंकियों पर जैसे ही कार्रवाई शुरू की, सारे मुस्लिम मुल्क उम्माह के नाम पर खलबलाने लगे। उन्होंने इजरायल पर प्रतिबंध लगाने को लेकर एक बैठक आयोजित की। हालाँकि, इस बैठक में इजरायल की आलोचना की गई, लेकिन संंबंध तोड़ने और बैन लगाने का सऊदी अरब सहित 7 मुस्लिम देशों ने विरोध किया। ये वही मुस्लिम देश हैं, जो फिलिस्तीन में मानवीय राहत कार्य पहुँचा रहे हैं। इतना ही नहीं, एक तरफ इजरायल इस्लामी आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई तो कर रहा है, लेकिन इसके साथ ही मानवीय राहत कार्य भी पहुँचा रहा है।

दूसरी तरफ सऊदी अरब में स्पोर्ट्स एंड म्यूजिक फेस्टिवल को लेकर कट्टरपंथी सऊदी अरब सहित इन सात देशों पर हमलावर हैं। उनका कहना है कि एक तरफ फिलिस्तीन में मुस्लिम मारे जा रहे हैं और सऊदी अरब रंगारंग कार्यों में डूबा हुआ है। दरअसल, सऊदी अरब में यह कार्यक्रम साल 2019 से आयोजित किया जा रहा है। MDLBEAST साउंडस्टॉर्म ने बड़े नाम वाले अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में अरब कलाकार और संगीतकार मेजबानी कर रहे हैं। इनमें डेविड गुएटा, मार्टिन गैरिक्स, स्टीव आओकी, ब्रूनो मार्स, डीजे खालिद, अम्र डायब, नैन्सी अजराम, डीजे अहमद आलममरी (बालू) जैसे कलाकार शामिल हो रहे हैं।

MDLBEAST के सीईओ रमज़ान अल्हरतानी ने महोत्सव को एक वैश्विक कलात्मक मंच कहा है, जो मध्य पूर्व में संगीत, कला और संस्कृति को फिर से परिभाषित करता है। उन्होंने कहा कि आयोजकों का मुख्य लक्ष्य संगीत को सुनाना और स्थानीय एवं क्षेत्रीय प्रतिभाओं पर मंच प्रदान करना है। साल 2022 के फेस्टिवल हेडलाइनर डीजे खालिद का कहना है कि एमडीएलबीईएएसटी रियाद के विविध संगीत परिदृश्य का जश्न मनाते हुए विभिन्न संस्कृतियों के बीच सहयोग का माहौल बनाना है।

बताते चलें कि सऊदी अरब एक इस्लामी मुल्क है। आमतौर पर इस्लामी देशों में गीत-संगीत और नृत्य पर पाबंदी होती है, लेकिन सऊदी अरब इन रूढ़िवादी से निकलने की कोशिश में लगा हुआ है। सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने इसको लेकर अपने मुल्क में कई सुधार भी किए हैं। उन्होंने रूढ़िवादी इस्लाम से मुल्क को निकालने के लिए विजन 2023 भी सामने रखा है। चूँकि, इस्लाम के प्रमुख मस्जिद काबा का सऊदी अरब कस्टोडियन है, इसलिए भी कट्टरपंथी मुल्क सऊदी अरब पर हमलावर है।

सऊदी अरब में फेस्टिवल को एन्जॉय करते लोग (साभार: https://www.visitsaudi.com)

दरअसल, इजरायल के खिलाफ आयोजित बैठक में इस्लामिक सहयोग संगठन के 57 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। इस दौरान प्रस्ताव पेश किया गया कि वो लोग इजरायल को मिल रही सैन्य-आर्थिक मदद रोककर अलग-थलग करेंगे। कई देशों ने इस पर हामी भरी, लेकिन जब बात इस्लामिक देशों के नेता माने जाने वाले सऊदी अरब की बारी आई तो उसने इस प्रस्ताव से किनारा ही कर लिया। यानी वह इजरायल से संबंध न तोड़ने के समर्थन में आ खड़ा हुआ।

जब हर तरफ से छिछालेदर हुई तो खुद को इस्लाम का संरक्षक कहने वाला सऊदी अरब इस्लामी देशों का साथ देने से मना कर दिया। दरअसल, हमास आतंकियों के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई से दुनिया भर के कट्टरपंथी खफा हैं। वे चाहते हैं कि दुनिया भर के मुस्लिम मुल्क एकजुट होकर इजरायल का बहिष्कार करें। इस संबंध में 11 नवंबर 2023 रियाद में एक बड़े सम्मेलन का आयोजन भी हुआ, जहाँ इजरायल को अलग-थलग लाने का प्रस्ताव पेश किया गया।

सऊदी अरब के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात और अन्य 7 मुस्लिम देश भी इस प्रस्ताव के विरोध में खड़े हुए। नतीजा ये निकला कि इजरायल के खिलाफ बुलाई बैठक में इजरायल के विरुद्ध ही प्रस्ताव पास नहीं हो सका। प्रस्ताव का विरोध करने वालों में सऊदी अरब और UAE के अलावा जॉर्डन, इजिप्ट, बहरीन, सुडान, मोरोक्को, मॉरिशानिया और द्जिबूती जैसे देश शामिल थे।

ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक को-ऑपरेशन के तत्वाधान में इस्लामी मुल्क की बैठक में हमले की आलोचना तो की गई, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसको लेकर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, तुर्की, बहरीन आदि देशों का आलोचना भी हो रही है। इस बीच सऊदी अरब में स्पोर्ट्स एंड म्यूजिक फेस्टिवल का रंगारंग आयोजन किया जा रहा है। कट्टरपंथियों का कहना है कि एक तरफ फिलिस्तीन में लोग मारे जा रहे हैं तो दूसरी तरफ सऊदी अरब रंगारंग कार्यक्रम में डूबा हुआ है।

सम्मेलन की शुरुआत में सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने युद्धविराम की बात की। वहीं ईरानी राष्ट्रपति ने सम्मेलन के दौरान इजरायली सेना को आतंकी संगठन घोषित करने की माँग की। हालाँकि, सऊदी अरब के इससे पीछे हटने के पीछे कहा जा रहा है कि प्रिंस सलमान क्षेत्रीय झगड़ों में पड़कर देश के संसाधनों को बर्बाद नहीं होते देखना चाहते। उनका मकसद विजन 2030 में है। यही वजह है कि वो अपनी विदेशी निवेश पर ज्यादा केंद्रित है।

इसके पीछे इजरायल के साथ इन देशों का अब्राहम समझौता भी है। मूल अब्राहम समझौते पर संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 15 सितंबर 2020 को हस्ताक्षर किए थे। इज़राइल में संयुक्त अरब अमीरात के पहले राजदूत मोहम्मद अल खाजा 1 मार्च 2021 को इजरायल पहुँचे थे। समझौते का नाम पैगंबर इब्राहिम के नाम पर रखा गया है, जो यहूदी और इस्लाम दोनों में एक पैगम्बर के हैं।

अब्राहम समझौते के अनुसार, यूएई और बहरीन इजरायल में अपने-अपने दूतावास स्थापित करेंगे और पर्यटन, व्यापार और सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में उसके साथ मिलकर काम करेंगे। इसमें धार्मिक महत्व को भी रेखांकित किया गया था। यह मुस्लिमों को इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक यरूशलेम में अल-अक्सा मस्जिद की अनुमति देगा। इस समझौते का एक उद्देश्य इस्लामी देशों में शिया मुल्क ईरान के बढ़ते प्रभाव को कम करना भी था। यही कारण है कि इजरायल के खिलाफ किसी तरह के प्रतिबंध से इन देशों ने हाथ खींच लिए।

सऊदी अरब और अरब लीग के इन देशों के निर्णय के बाद कट्टरपंथियों ने इन देशों पर हमले करने शुरू कर दिए हैं। मिडिल ईस्ट मिरर में डॉक्टर आमीरा अबू अल फतह ने एक लेख लिखकर सऊदी अरब की खूब आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इजरायल फिलिस्तीन में स्कूलों-अस्पतालों पर हमले कर रहा है और अरब मुल्क खाली भाषण दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सम्मेलन सऊदी अरबिया ने सिर्फ अपनी ओर ध्यान खींचने के लिए आयोजित किया था।

आमिरा ने कहा कि सऊदी अरब और अरब लीग ने अन्य देश फिलिस्तीन के बारे में चिंता करने के बजाय संगीत और खेल समारोहों में व्यस्त थे। रियाद का आयोजन महत्वहीन था। उन्होंने इस्लामी सहयोग संगठन को बिना दांत वाला शेर बताया और कहा कि ये देश यहूदी मुल्क से डरते हैं। उन्होंने इजरायल की कार्रवाई को बर्बर बताया।

3000 गाड़ियाँ, 69 जिले, 339 ब्लॉक… भगवान बिरसा मुंडा के गाँव से PM मोदी ने ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ को दिखाई हरी झंडी, जनजातीय समाज के लिए दिए ₹24000 करोड़, किसानों के खाते में भी पहुँचा पैसा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार (15 नवंबर, 2023) को क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर झारखंड के खूँटी में स्थित उनके ग्राम उलिहातू में हैं। यहाँ उन्होंने बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि अर्पित की है। प्रधानमंत्री मोदी ने यहीं से ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ को हरी झंडी दिखाई है।

यह विकसित भारत संकल्प यात्रा देश के सभी जिलों से होकर गुजरेगी और सरकार की विकास योजनाओं को जनता तक पहुँचाएगी। जो लोग इन योजनाओं से वंचित रह गए हैं उनकी जानकारी भी इस यात्रा के जरिए इकट्ठा की जाएगी।

प्रधानमंत्री ने अभी इस यात्रा की कुछ गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई है। पूरे देश में 3000 से अधिक गाड़ियाँ यह काम करेंगी और यह यात्रा पूरे देश के सभी जिलों से गुजरती हुई 25 जनवरी को समाप्त होगी। इस बीच यह देश 2.5 लाख गाँवों और 15,000 शहरी इलाकों से होकर गुजरेगी। पहले चरण में देश भर में 118 गाड़ियों को चलाया गया है।

इसमें शामिल गाड़ियाँ एक जगह पर कम से कम 2 घंटे तक रुकेंगी और जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य लाभकारी योजनाओं की जानकारी दगी। इस यात्रा में सबसे देश के 69 जिलों में वह 339 ब्लॉक कवर किए जाएँगे जहाँ जनजातीय जनसंख्या अधिक है।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान उलिहातु से ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 15वीं किस्त जारी की। इसके तहत देश के किसानों को ₹2000 प्रति 4 माह पर दिए जाते हैं। इस योजना के लाभार्थियों की संख्या देश में करोड़ों में है।

प्रधानमंत्री ने उलिहातु से PVTG मिशन की शुरुआत की। यह योजना देश जनजातीय लोगों के विकास के लिए लाई गई है। इस योजना से 75 लाख जनजातीय लोगों को फायदा पहुँचाने का लक्ष्य है। उन्हें इसके जरिए विकास के दायरे में लाया जाएगा। इसका बजट ₹24,000 करोड़ रखा गया है और इसमें पानी, बिजली गैस, आवास और अन्य फायदे शामिल किए गए हैं।

उलिहातु से ही प्रधानमंत्री मोदी ने लगभग ₹7000 करोड़ की अन्य योजनाओं का शिलान्यास भी किया। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत ‘जोहार’ से की और झारखंड के निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी के योगदान को याद किया। प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा कि हमें अगले 25 वर्षों के अमृत काल में दिव्य भारत का निर्माण करना है।

अपनी प्रतिभा से नहीं, खराब पिच के कारण विराट कोहली ने जड़ा शतक: राजदीप सरदेसाई की बीवी और ‘गोरा’ मीडिया यही कह रहा

क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 के पहले सेमीफाइनल में भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला होना है। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम शानदार खेल रही है, नॉक-आउट स्टेज में सभी टीमों को हरा चुकी है। ऐसे में जिस ‘गोरे देश’ न्यूजीलैंड को भारत ने लीग मैच में धोया, उसे सेमीफाइनल से पहले एनर्जी देने के नाम पर प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है। कैसे? भारत ने खराब पिच बनवाया। आश्चर्य यह कि भारत के पत्रकार ही ऐसी फर्जी रिपोर्ट छाप रहे।

इंडियन एक्सप्रेस ने एक रिपोर्ट ‘सूत्रों’ के हवाले से छापी। इस रिपोर्ट में लिखा गया है कि वानखेड़े स्टेडियम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले सेमीफाइनल मैच के लिए स्लो पिच चुना गया है। इसके लिए बीसीसीआई क्यूरेटर (जो पिच तैयार करते हैं) से पिच पर की घास को हटाने के लिए कहा गया।

‘सूत्र’ के हवाले से कैसी रिपोर्टिंग की जाती है, यह इंडियन एक्सप्रेस से बेहतर कौन जानता है? यही वो मीडिया संस्थान है, जो भारत की सेना से तख्ता पलट की खबर भी सूत्रों के हवाले से छाप चुकी है। खैर! जब भारत की मीडिया ही अपने खिलाड़ियों की प्रतिभा के बजाय उनकी जीत को षड्यंत्र का नाम दे रही, तो विदेशी मीडिया कैसे पीछे रहती।

डेलीमेल नाम की एक मीडिया संस्थान है। ‘गोरे देश’ इंग्लैंड की, जो बुरी तरह हार कर बाहर भी हो चुकी है वर्ल्ड कप 2023 से। अपने देश की हार का खुन्नस भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैला कर निकाल रही है। डेलीमेल की खबर के अनुसार BCCI और ICC के लगभग 50 लोगों का एक वॉट्सऐप ग्रुप है। इसी ग्रुप में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जाने वाले सेमीफाइनल मैच के पिच नंबर 7 को पिच नंबर 6 से बदल दिया गया। खबर के अनुसार ऐसा इसलिए किया गया ताकि भारत को स्पिन में मददगार पिच मिल सके।

इंडियन एक्सप्रेस की खबर को पढ़ने वाले बहुत से वामपंथी/सेकुलर टाइप लोग हैं अपने देश में। लेकिन डेलीमेल की ‘वॉट्सऐप यूनिवर्सिटी’ से निकाली गई खबर को कौन पढ़ता? इसलिए इसकी जिम्मेदारी उठाई सागरिका घोष ने। सागरिका घोष मतलब राजदीप सरदेसाई की बीवी। सागरिका घोष मतलब दिलीप सरदेसाई की बहू।

न्यूजीलैंड के खिलाफ दिलीप सरदेसाई की बैटिंग

सागरिका ने डेलीमेल की खबर को शेयर किया। बिना यह सोचे कि जिस भारतीय क्रिकेट टीम और उसके मैनेजमेंट बीसीसीआई पर वो आरोप लगा रही हैं, कभी उसी टीम के सबसे चमकते सितारे थे उनके ससुर। सागरिका को शायद याद न हो, इसलिए लिखना जरूरी है। ये दिलीप सरदेसाई की बैटिंग का ही कमाल था कि जिस ‘गोरे देश’ न्यूजीलैंड के लिए वो भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैला रही हैं, उसी न्यूजीलैंड को उन्होंने 1965 के टेस्ट सीरीज में मार-मार के धुआँ उड़ा दिया था।

तीसरे टेस्ट में फॉलोऑन खेलने पर मजबूर हुई भारतीय क्रिकेट टीम के ओपनर दिलीप सरदेसाई ने 25 चौके मार कर 200 रन (नाबाद) बनाए थे। यह मैच ड्रॉ हुआ था। इसके बाद चौथे टेस्ट में 18 चौके मार कर (72% रन सिर्फ चौके से) शतक लगाया था, न्यूजीलैंड को हराया था। न्यूजीलैंड के खिलाफ 1965 का टेस्ट सीरीज भारतीय क्रिकेट टीम ने 1-0 से जीता था।

राजदीप सरदेसाई की बीवी सागरिका घोष को तो शायद यह भी मालूम नहीं होगा कि दिलीप सरदेसाई के बारे में विजय मर्चेंट ने क्या कहा था – “वो जिसने भारतीय क्रिकेट का पुनर्जागरण किया (renaissance man of Indian cricket)!” जैसे उनका शौहर राजदीप क्रिकेट और पाकिस्तान को नहीं समझ सका, ठीक वैसे ही यह भी रह गईं… फर्जी पत्रकार बन कर, अधूरा ज्ञान लेकर!

‘कश्मीर गाजा नहीं है, बेहतर हालात का श्रेय PM मोदी और अमित शाह को’: शेहला रशीद ने माना वो पहले पत्थरबाजों के प्रति रखती थीं सहानुभूति, कहा – अब बदल गई है स्थिति

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की पूर्व छात्र नेता शेहला रशीद ने पीएम मोदी की मुरीद हुई जा रही है। अभी एक महीना भी नहीं बीता औक उन्होंने दूसरी बार उनकी तारीफ के पुल बाँधे हैं। दरअसल, न्यूज एजेंसी ANI से मंगलवार (14 नवंबर, 2023) को उन्होंने कहा कि वो कश्मीर में मौजूदा हालात के लिए पीएम मोदी की आभारी हैं। उनसे जब ये पूछा गया कि वो पहले पत्थरबाजों से सहानुभूति रखती है तो शेहला ने जवाब दिया कि हाँ वो 2010 में उनके लिए सहानुभूति रखती थी।

उन्होंने आगे कहा, “लेकिन आज, जब मैं इसे देखती हूँ, तो मैं आज के हालात के लिए बहुत अधिक आभारी हूँ। कश्मीर गाजा नहीं है। यह साफ हो गया है कि कश्मीर गाजा नहीं है, क्योंकि कश्मीर में महज गाहे-बगाहे होने वाले विरोध प्रदर्शनों सहित उग्रवाद और घुसपैठ की छिटपुट वारदातें हुई हैं।”

शेहला रशीद ने जम्मू-कश्मीर में बदलावों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की नीतियों को क्रेडिट दिया। उन्होंने कहा, “इन सभी चीजों के लिए, किसी को लोगों को राहत और सांत्वना देने की जरूरत थी और इसके लिए मैं मौजूदा सरकार को श्रेय देना चाहूँगी। खासकर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जी को।”

यह पहली बार नहीं था जब शेहला रशीद ने जम्मू-कश्मीर के हालात के सुधरने की तारीफ की। गौरतलब है कि जेएनयू की पूर्व लीडर रही रशीद 5 अगस्त, 2019 को जम्मू और कश्मीर में स्वायत्त स्थिति को रद्द करने वाले अनुच्छेद 370 को हटाने वाले और दो केंद्र शासित प्रदेशों को अलग-अलग करने पर मोदी सरकार के फैसले की खासी आलोचना कर चुकी हैं।

लेकिन इस साल अक्टूबर की शुरुआत में ही उन्होंने केंद्र में पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार और जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के घाटी में मानवाधिकार की स्थिति में सुधार की कोशिशों के लिए तारीफ करते हुए उन्हें धन्यवाद कहा था।

इसके बाद जम्मू- कश्मीर की एक्टिविस्ट रशीद एक महीने पहले ही 14 अक्टूबर, 2023 को इजरायल-हमास युद्ध को लेकर मोदी सरकार और भारतीय सेना की तारीफ़ की थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा,“मध्य-पूर्व में चल रहे हालातों को देखें तो आज मुझे इसका एहसास हुआ है कि हम भारतीय कितने किस्मत वाले हैं।”

रशीद ने आगे कहा था, “भारतीय सेना व सुरक्षा बलों ने हमारी सुरक्षा के लिए अपना सब कुछ बलिदान कर दिया है। जहाँ बनता हो, वहाँ श्रेय दिया जाना चाहिए। जम्मू कश्मीर में शांति लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जम्मू कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, भारतीय सेना और भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स का धन्यवाद।”

इस दौरान रशीद ने जेएनयू में बिताए अपने दिनों के बारे में भी बताया। उनके वहाँ रहने के दौरान पूर्व रिसर्च स्कॉलर उमर खालिद और तत्कालीन जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष, कन्हैया कुमार को उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के सिलसिले में देशद्रोह और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

शेहला रशीद ने कहा, “यह महज हम तीनों के लिए जीवन बदलने वाला ही नहीं था, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय के जीवन को, पूरे विश्वविद्यालय को उस घटना के नतीजे भुगतने पड़े, क्योंकि जेएनयू से संबंधित किसी भी चीज़ के खिलाफ बहुत अधिक प्रतिक्रिया हुई थी।”

उन्होंने आगे कहा, “रातों-रात जेएनयू एक कलंक बन गया, यह लगभग एक अपशब्द की तरह था।” हालाँकि रशीद ने ये भी कहा,”जेएनयू में ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’, ‘लाल सलाम’ जैसे नारे कभी नहीं लगाए गए।”

बंदूक, हथगोले और गोलियाँ… भारत-न्यूजीलैंड सेमीफाइनल से पहले मुंबई पुलिस को मिली धमकी, वानखेड़े की सुरक्षा कड़ी

भारत बनाम न्यूजीलैंड मैच के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक हमले की धमकी मिली है। यह धमकी एक अज्ञात व्यक्ति ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दी है। धमकी मिलते ही मुंबई पुलिस हाई अलर्ट पर है। बता दें कि बुधवार (15 नवंबर 2023) को भारत और न्यूजीलैंड के बीच सेमीफाइनल हो रहा है।

इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने कहा कि धमकी भरे मैसेज में कहा गया है कि भारत बनाम न्यूजीलैंड मैच के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक ‘नापाक’ घटना को अंजाम दिया जाएगा। धमकी भेजने वाले के साथ उस अज्ञात व्यक्ति ने एक तस्वीर भी भेजी थी। इस फोटो में बंदूक, हथगोले और गोलियाँ दिखाई थीं। इसके साथ ही उसने मुंबई पुलिस को टैग भी किया था।

मुंबई पुलिस ने वानखेड़े स्टेडियम और इसके आसपास के इलाकों में निगरानी कड़ी कर दी है। मुंबई पुलिस उपायुक्त प्रवीण मुंधे ने मंगलवार (14 नवंबर 2023) को कहा कि वानखेड़े स्टेडियम में सेमीफाइनल मैच कराने के लिए पुलिस पूरी तरह से तैयार थी। उन्होंने कहा, “मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम आगामी भारत बनाम न्यूजीलैंड सेमीफाइनल मैच (आईसीसी विश्व कप) की मेजबानी कर रहा है। जहाँ तक सुरक्षा की बात है तो हम अच्छी तरह से तैयार हैं।”

धमकी को देखते हुए सुरक्षा में 7 पुलिस उपायुक्त, 200 अधिकारी और 700 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। स्टेडियम के सभी गेटों के सामने पार्किंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, स्टेडियम में पेन, पेंसिल, मार्कर, कागज, बैनर, पोस्टर, बैग, सिक्के, पावर बैंक और ज्वलनशील पदार्थ ले जाने की मनाही कर दी गई है। अंदर आने वाले हर शख्स की गहनता से जाँच की जाएगी।

इसके साथ ही सुरक्षा देखभाल के लिए सहायक हमलावर बल, दंगा नियंत्रण दल और त्वरित प्रतिक्रिया टीमें भी तैनात की गई हैं। इससे पहले मंगलवार को भारत बनाम न्यूजीलैंड के बीच होने वाले सेमीफाइनल मैच के टिकटों की कालाबाजारी का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने 2 लाख 40 हजार रुपए के दो VIP टिकटों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पास से दो वीआईपी टिकट बरामद किए गए हैं, जिसमें प्रत्येक टिकट की कीमत 1.2 लाख रुपए है। इससे पहले कालाबाजारी के आरोप में पुलिस ने इवेंट आयोजक आकाश कोठारी को गिरफ्तार किया गया था।

‘हम नहीं, हमास कर रहा निर्दोष नागरिकों का नरसंहार’: PM बेंजामिन नेतन्याहू ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को लताड़ा, बताया कौन काट रहा लोगों के सर

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर किरकिरी हुई है। इस बार इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनके झूठों की पोल ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर सबके सामने खोल दी है। पूरा मामला जस्टिन के एक बयान से जुड़ा हुआ है।

जस्टिन ट्रूडो ने कहा था, “मैं इजरायल की सरकार से अधिकाधिक संयम बरतने की अपील करता हूँ। दुनिया सोशल मीडिया और टीवी पर सब कुछ देख रही है। डॉक्टरों, पीड़ितों और अपने अभिभावकों को गँवाने वाले बच्चों की ज़ुबानियाँ सुन रही है।” उन्होंने कहा था कि बच्चों को मारा जाना बंद किया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जस्टिन ट्रूडो द्वारा लगाए गए हत्या के आरोपों का जवाब ट्विटर के माध्यम से दिया। उन्होंने लिखा, “जस्टिन ट्रूडो, इजरायल नागरिकों को निशाना नहीं बना रहा बल्कि हमास के आतंकियों ने नागरिकों के सर काटे, उन्हें जलाया और उनका नरसंहार द्वितीय विश्वयुद्ध में यहूदियों के होलोकॉस्ट के बाद सबसे नृशंस तरीके से किया है।”

उन्होंने आगे लिखा, “जहाँ इजरायल साधारण नागरिकों को नुकसान से दूर रखने के प्रयास कर रहा है वहीं हमास उन्हें नुकसान पहुँचाने का पूरा प्रयास कर रहा है। इजरायल गाजा के नागरिकों को निकलने के सुरक्षित रास्ते देता है, गाजा उन्हें बन्दूक की नोक पर रोकता है। इजरायल नहीं बल्कि हमास को नागरिकों को मारने और उनको ढाल बनाने के दोहरे अपराध के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।”

गौरतलब है कि इस समय इजरायल गाजा के भीतर अपनी सेना भेज कर आतंकियों का ढूँढ-ढूँढ कर सफाया कर रहा है। बड़ी संख्या में आतंकियों ने गाजा के अल शिफा अस्पताल के नीचे बनी सुरंगों में शरण ले रखी है। इस अस्पताल में बिजली और पानी की भी समस्या हो गई है।

इजरायल अस्पताल को खाली करवा कर रोगियों को दूसरी सुरक्षित जगह भेजने और सभी सुविधाएँ उपलब्ध करवाने की पेशकश कर रहा है लेकिन हमास के आतंकी अस्पताल प्रबंधन को धमका रहे हैं। हमास के आतंकी इस अस्पताल को अपनी ढाल बना रहे हैं।

गौरतलब है कि इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर 7 अक्टूबर को हमला करके 1200 लोगों को मार दिया था और बड़ी संख्या में लोगों को बंधक बना लिया था। तब से ही इजरायल लगातार गाजा के भीतर हवाई हमले कर रहा है और अब उसने अपनी सेना भी गाजा के भीतर भेज दी है।

‘दुबई में बने सवाल, कैनिंग लेन में लिखे मोदी को गाली देने वाला भाषण’: धीरे-धीरे महुआ मोइत्रा का नकाब उठा रहे हैं एक्स पाटर्नर, बोले- मिलेंगे ₹2 करोड़

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा आदतन झूठी (Pathological liar) हैं। यह कहना है उनके एक्स पाटर्नर और सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई का। देहाद्राई के अनुसार संसद में जो सवाल पूछे गए थे वह दुबई में तैयार हुए थे। इसी तरह प्रधानमंत्री मोदी को गाली देने वाला भाषण दिल्ली केनिंग लेन में लिखे गए थे।

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के आरोपों में घिरी हैं। लोकसभा की आचार समिति ने इस मामले में उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की। इस मामले में महुआ के कभी करीबी रह चुके देहाद्राई लगातार मुखर रहे हैं।

उन्होंने एक्स/ट्विटर पर पोस्ट कर कहा है, “आदतन झूठी को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि सवाल कैसे ‘मिस्‍ट्री टाइपिस्‍ट’ को भेजे गए। टेलीपैथी? सवाल दुबई में ‘बनाए’ गए। नरेंद्र मोदी के खिलाफ भाषण कैनिंग लेन में तैयार हुए। जब भूलने की बीमारी खत्म होगी, तो फर्नीचर और रोलेक्स को छोड़कर 2 करोड़ रुपए भी मिलेंगे।”

देहाद्राई ने एक अन्य पोस्ट में बताया है कि महुआ ने उनके घर पर पुलिस वाले भेज कर दो फर्जी शिकायतें करने की धमकी दी। कुत्ते हेनरी को सौंपने और उसके मालिकाना हक से जुड़े कागजों पर दस्तखत करने का दबाव भी बनाया। उन्होंने पूछा है कि महुआ मोइत्रा आखिर पीड़ित हैं या शोषक?

गौरतलब है कि सांसद महुआ मोइत्रा पर दुबई में रहने वाले कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से पैसे और महँगे गिफ्ट लेकर अडानी समूह के विरुद्ध प्रश्न पूछने के आरोप हैं। दर्शन हीरानंदानी ने पैसे देने की पुष्टि भी की थी। यह आरोप भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को भेजे एक पत्र में लगाए थे। दुबे ने यह सभी आरोप देहाद्राई से प्राप्त एक पत्र के आधार लगाए थे।

महुआ पर यह आरोप भी हैं कि उन्होंने हीरानंदानी को अपने संसद पोर्टल की लॉगइन आईडी और पासवर्ड दिया। इस पोर्टल पर 47 बार दुबई से लॉगइन किया गया। महुआ ने एक इंटरव्यू के दौरान अपनी आईडी-पासवर्ड देने की बात स्वीकारी थी। महुआ का कहना था कि उन्होंने दर्शन हीरानंदानी को अपना आईडी पासवर्ड प्रश्न टाइप करवाने के लिए दिया था। महुआ पर अपने घर का फर्नीचर और साजो-सज्जा भी दर्शन के पैसों से करवाने का आरोप है।

सुप्रीम कोर्ट में वकील जय अनंत देहाद्राई महुआ के पूर्व पार्टनर हैं और उन्होंने महुआ पर अपने कुत्ते हेनरी को चोरी करने का आरोप भी लगाया था। हालाँकि, हेनरी अब देह्राद्राई के पास वापस आ चुका है। महुआ पर पैसे लेकर प्रश्न पूछने के इन आरोपों की जाँच संसद की आचार समिति कर चुकी है। आचार समिति ने अपनी रिपोर्ट में महुआ की सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा की है।