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पीएम ने चंद्रयान-3 की लैंडिंग साइट का नाम रखा शिवशक्ति, भूपेश बघेल ने सट्टेबाजी ऐप का नाम महादेव पर रख दिया: अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार (15 नवंबर 2023) को कहा कि बीजेपी की रमन सिंह की सरकार में बेमेतरा जिला शिक्षा का हब हुआ करता था, लेकिन कॉन्ग्रेस के भूपेश बघेल की सरकार में यह लव जिहाद का अड्डा बन गया है। उन्होंने कहा कि अगर इस बार राज्य में बीजेपी की सरकार आती है तो लव जिहाद बढ़ाने की किसी की हिम्मत नहीं होगी। उन्होंने बेमेतरा की साजा सीट पर ईश्वर साहू के लिए चुनावी रैली की। ईश्वर साहू के पिता भुवनेश्वर साहू की पिछले साल सांप्रदायिक हिंसा में हत्या कर दी गई थी।

अमित शाह ने जनसभा में भूपेश बघेल की सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद्रयान-3 की लैंडिंग साइट को शिवशक्ति नाम देते हैं, लेकिन भूपेश बघेल के लोग सट्टेबाजी ऐप को महादेव के नाम पर रखते हैं। अमित शाह ने भूपेश बघेल से पूछा कि उन्होंने सट्टेबाजी ऐप में महादेव के नाम का इस्तेमाल क्यों किया? उन्होंने कहा कि भूपेश काका ने बैटिंग ऐप का नाम महादेव के नाम पर रखकर उनका निरादर किया है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, “ईश्वर साहू सिर्फ एक उम्मीदवार ही नहीं हैं, बल्कि न्याय की लड़ाई के प्रतीक भी हैं। भूपेश बघेल के शासन में सांप्रदायिक तत्वों ने भुवनेश्वर साहू की हत्या कर दी। भूपेश काका ने ईश्वर जी को एक चेक और नौकरी ऑफर की थी, ताकि वह न्याय की चाह छोड़ दें, लेकिन मैं ईश्वर जी का शुक्रगुजार हूँ कि उन्होंने न्याय के लिए अपनी जंग नहीं छोड़ी।”

अमित शाह ने लोगों से अपील की कि उनके वोटों से न सिर्फ राज्य में बीजेपी सरकार सत्ता में आएगी, बल्कि भुवनेश्वर साहू को न्याय भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल सरकार में बेमेतरा लव जिहाद के केंद्र में तब्दील हो गया है। इसी दौरान उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल ने दुर्ग संभाग को जुए और सट्टे के सेंटर के रूप में बदल दिया है।

अमित शाह ने मंच से आगे कहा, “कॉन्ग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को 70 साल तक रोके रखा। मोदी ने राम मंदिर का शिलान्यास किया और 22 जनवरी 2024 को प्रतिष्ठा समारोह भी होने जा रहा है।”

बता दें कि 90 सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा की 20 सीटों के लिए पहले चरण में 7 नवंबर को मतदान हुआ था, जबकि शेष 70 सीटों पर शुक्रवार (17 नवंबर) को मतदान होगा। वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी। यहाँ की भूपेश बघेल सरकार पर कई घोटालों के आरोप लगे हैं, इनमें सट्टेबाजी ऐप, गोबर घोटाला, चावल घोटाला, ट्रांसपोर्ट घोटाला, ट्रांसफर घोटाला आदि कई घोटाले शामिल हैं।

दिल्ली के जेलों में कैदियों से होती है वसूली, सीएम केजरीवाल हैं इसके मास्टरमाइंड: ठग सुकेश चंद्रशेखर ने फिर फोड़ा लेटर बम

दिल्ली के मंडोली जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली की जेलों में जबरन वसूली के मास्टरमाइंड हैं। चंद्रशेखर ने यह आरोप एक वीडियो के जरिए लगाया है, जिसमें वह कह रहा है कि दिल्ली की जेलों में जबरन वसूली का खेल बहुत बड़ा है। जेल प्रशासन के लोग कैदियों से पैसे वसूलते हैं। पैसा न देने पर कैदियों को परेशान किया जाता है।

चंद्रशेखर ने कहा कि दिल्ली की जेलों में जबरन वसूली का खेल अरविंद केजरीवाल के इशारे पर होता है। मुख्यमंत्री केजरीवाल जेल प्रशासन के लोगों को पैसे बाँटते हैं और फिर वह कैदियों से पैसे वसूलते हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि केजरीवाल इस पैसे से अपने राजनीतिक काम करते हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि वह खुद भी इस जबरन वसूली का शिकार हुआ है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ठग चंद्रशेखर ने जेल से ही एक लेटर बम फोड़ा है। सुकेश ने यह पत्र केजरीवाल के उस दावे के जवाब में लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वसूली के मामले में सीबीआई जाँच की जानी चाहिए। अब सुकेश ने लिखा है, “केजरीवाल जी, कृपया सीबीआई जाँच में सहयोग करें और मेरे आरोपों पर वन-टू-वन नार्को टेस्ट करा लें।” सुकेश ने पत्र में लिखा है कि ये तो अदालत तय करेगी कि कौन सबसे बड़ा ठग है।

चंद्रशेखर ने लिखा, “आप (अरविंद केजरीवाल) पहले खुद को देखो। आपके तीन प्रमुख साथी जनता का पैसा लूटने और भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में बंद हैं। आप भी जल्द ही तिहाड़ क्लब का हिस्सा बनेंगे। आप ही तो मास्टरमाइंड हैं।” सुकेश चंद्रशेखर ने कहा है कि उसने जो आरोप लगाए हैं, उसके समर्थन में उसके पास सारे सबूत मौजूद हैं।

उसने आगे लिखा है, “चिंता मत करो, तुम्हारा नाम और तुम्हारे साथियों का सारा खेल खोलने के लिए पूरे सबूत हैं।” सुकेश चंद्रशेखर ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और उनके सहयोगी उन्हें चुप कराने के लिए धमकियाँ और ऑफर भेज रहे हैं। उसने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ने चुप रहने के लिए उसे राज्यसभा की सीट भी पेशकश की थी।

सुकेश चंद्रशेखर से सत्येंद्र जैन ने की 10 करोड़ रुपए की उगाही

बता दें कि सुकेश 200 करोड़ रुपए की उगाही के मामले में दिल्ली की जेल में बंद है। सुकेश ने आरोप लगाया था कि उसने प्रोटेक्शन मनी के रूप में सत्येंद्र जैन को 10 करोड़ रुपए दिये और फिर आम आदमी पार्टी को 60 करोड़ दिए। इस मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना से पूर्व मंत्री सत्येन्द्र जैन के खिलाफ मामला दर्ज करने की अनुमति माँगी है।

आरोप है कि सत्येंद्र जैन और जेल अधिकारियों ने हाई-प्रोफाइल कैदियों से करोड़ों रुपए की उगाही की, जिसमें सुकेश भी शामिल है। सीबीआई का कहना है कि जैन ने 2018-21 के दौरान सिक्योरिटी मनी की किश्तों के तौर पर सुकेश चंद्रशेखर से 10 करोड़ रुपए की उगाही की थी। हालाँकि, अरविंद केजरीवाल ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा कि सुकेश भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है।

जिसके अब्बा रहे हैं PCB के बोर्ड में, वो बना पाकिस्तान का टेस्ट कैप्टन, शाहिद अफरीदी के दामाद को बनाया T20 टीम का कप्तान: बाबर आज़म के इस्तीफे के बाद ऐलान

ICC वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 में पाकिस्तानी टीम 9 में से 5 मैच हार कर लीग फेज से ही बाहर हो गई, जिसके बाद उसे बेरंग अपने वतन लौटना पड़ा। इसके बाद पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान पद से बाबर आज़म ने इस्तीफा दे दिया। वहीं PCB (पाकिस्तानी क्रिकेट टीम) ने अब तेज़ गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी को T20 टीम के कप्तान की जिम्मेदारी दी है। वहीं शान मसूद को टेस्ट मैचों में टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

शाहीन शाह अफरीदी के बारे में बता दें कि वो पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के पर्व कप्तान शाहिद अफरीदी के दामाद हैं। शाहीन अफरीदी क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में पाकिस्तान के प्रमुख गेंदबाज हैं। हालाँकि, ठीक-ठाक आँकड़े होने के बावजूद ये वाला वर्ल्ड कप उनके लिए अच्छा नहीं गया। जहाँ उन्होंने 27 टेस्ट मैचों में 105 विकेट झटके हैं, वहीं 53 वनडे में उनके 104 विकेट्स हैं। T20 इंटरनेशनल की बात करें तो उनके 52 मैचों में 64 विकेट हैं।

उन्होंने 2018 के महीने में अप्रैल में T20I, सितंबर में वनडे और दिसंबर में टेस्ट में डेब्यू किया था और तब से लगातार टीम के साथ बने हुए हैं। वहीं शान मसूद की बात करें तो वो पाकिस्तान के बाएँ हाथ के बल्लेबाज हैं जिन्होंने 30 टेस्ट मैचों में 1597 रन बनाए हैं। वो 2013 से ही पाकिस्तानी टीम के लिए खेल रहे हैं और उनकी उम्र 34 वर्ष है। शान मसूद के अब्बा PCB के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य रहे हैं। वो लंबे समय तक पाकिस्तानी टीम से बाहर भी रहे।

इस्तीफा देते हुए बाबर आज़म ने अपने बयान में कहा था, “व्हाइट बॉल क्रिकेट (वनडे-T20) में नंबर एक तक पहुँचने के पीछे सभी खिलाड़ियों, कोचों और प्रबंधन की सामूहिक मेहनत थी। लेकिन, मैं पाकिस्तान के जोशीले क्रिकेट फैंस के प्रति कृतज्ञता जाहिर करना चाहूँगा जिन्होंने इस यात्रा में लगातार हमारा साथ दिया। आज मैं सभी फॉर्मेट में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की कप्तानी से इस्तीफा दे रहा हूँ। ये एक कठिन निर्णय है, लेकिन मुझे लगता है कि यही सही समय है।”

‘युद्ध में नहीं देंगे तुम्हारा साथ’: ईरान के सुप्रीम लीडर ने हमास के सरगना को बेरंग लौटाया, पहले देना चाहते थे हथियारों की मदद, दस्तावेजों से हुआ खुलासा

फिलिस्तीन के इस्लामी आतंकी संगठन हमास को धन और हथियार सहित हर तरह से मदद करने वाले ईरान ने अब मदद से इनकार कर दिया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई ने मिलने आए हमास के नेता से कहा कि 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर किए गए हमले के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इसलिए हमास की ओर से ईरान युद्ध में हिस्सा नहीं लेगा। वहीं, हमास के ठिकाने से बरामद हुए दस्तावेजों से पता चला है कि हमले से पहले ईरान आतंकी संगठन हमास को हथियार बनाने में मदद देना चाहता था।

अयातुल्ला अली खामेनेई ने हमास के नेता इस्माइल हनीयेह से कहा कि ईरान फिलिस्तीनी संगठन हमास को लंबे समय से राजनीतिक और नैतिक समर्थन देना जारी रखेगा, लेकिन युद्ध में वह सीधे हस्तक्षेप नहीं करेगा। दरअसल, इस्माइल ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनाई से इस साल नवंबर के शुरुआत में मुलाकात करके समर्थन माँगा था।

हमास के एक अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि खामेनाई ने इस्लामइल पर फिलीस्तीनी समूह की उन आवाजों को कम करने के लिए दबाव डाला, जो ईरान और उसके लेबनानी सहयोगी और हिजबुल्लाह को इजरायल के खिलाफ लड़ाई में पूरी ताकत से शामिल होने के लिए कह रहे थे। हिज्बुल्लाह लेबनान में शिया गुट का इस्लामी आतंकी संगठन है, जिसे ईरान का समर्थन हासिल है।

हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमले से लेबनान का हिज्बुल्लाह भी आवाक रह गया था। इजरायल की सीमा से सटे गाँवों में तैनात उसके आतंकियों को भी इस हमले के बारे में जानकारी नहीं थी। हिज्बुल्लाह के करीबी तीन सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि इसके आतंकियों को वहाँ से तुरंत बुलाना पड़ा था। ये आतंकी साल 2006 में इजरायल के साथ युद्ध में अग्रिम पंक्ति में थे।

जिस दिन हमास के आतंकियों ने इजरायल पर हमला किया था, उस दिन हमास के सैन्य कमांडर मोहम्मद डेफ ने अपने सहयोगियों से इस संघर्ष में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने एक ऑडियो संदेश में कहा था, “लेबनान, ईरान, यमन, इराक और सीरिया में इस्लामी प्रतिरोध के हमारे भाई, यह वह दिन है जब आपका प्रतिरोध फिलिस्तीन के लोगों के लिए भी है।”

इसके पहले ईरान ने हमास के आतंकियों को हथियार बनाने में मदद देने की बात कही थी। CNN ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि गाजा के बाहर हमास के पिकअप ट्रक के अंदर पाए गए कंप्यूटर से इस संबंध में एक दस्तावेज बरामद किया गया है। इजरायली अधिकारियों द्वारा बरामद किए गए इस दस्तावेज से पता चलता है कि हमास के एक सैन्य कमांडर ने हमास के आतंकियों को प्रशिक्षण देने के लिए ईरान से अनुरोध किया था।

यह दस्तावेज़ हमास के एक सैन्य कमांडर का जुलाई 2023 में ईरानी सरकार को लिखा पत्र प्रतीत होता है। इसमें ईरान सरकार से अनुरोध किया गया है कि उसकी इकाई के सात सदस्यों को एक छात्रवृत्ति कार्यक्रम में भाग लेने के लिए ईरान की यात्रा करने की अनुमति दी जाए। इज़रायली अधिकारी के अनुसार, हमास लड़ाकों को विश्वविद्यालय कार्यक्रम के माध्यम से विस्फोटक इंजीनियरिंग के प्रशिक्षण की भी पेशकश की गई थी। इसे ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स दिया गया था।

इस दस्तावेज से इस बात की भी पुष्टि होती है कि दक्षिणी इज़राइल पर 7 अक्टूबर 2023 के हमले से पहले ईरान आतंकी संगठन हमास को तकनीकी प्रशिक्षण देना चाह रहा था। इससे हमास को अपने हथियार बनाने में मदद मिलेगी। एक इजरायली अधिकारी के हवाले से CNN ने लिखा है कि गाजा पट्टी में ईरानी शासन द्वारा प्रॉक्सी आतंकी के गठन, समर्थन, वित्तपोषण और प्रशिक्षण के गहरे बुनियादी ढाँचे का यह एक हिस्सा है।

इसी संबंध में अमेरिकी अखबार वॉल स्‍ट्रीट जर्नल ने भी एक रिपोर्ट में बताया है कि इजरायल पर हुए अभूतपूर्व हमले के पहले हमास के लड़ाकों ने ईरान के रिवोल्‍यूशनरी गार्ड कॉर्प्‍स में ट्रेनिंग की थी। इस ट्रेनिंग में आतंकी संगठन ‘इस्‍लामिक जिहाद’ के 500 खूंखार आतंकी भी शामिल थे।

इज़रायली सरकार ने इस दस्तावेज़ पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। हालाँकि सरकार के सूत्रों ने इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि की है। वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने फिलहाल इसकी पुष्टि करने से इनकार कर दिया है। खुफिया जानकारों का कहना है कि ईरान प्रशिक्षण के जरिए इन आतंकियों को उनकी सैन्य उत्पादकता में वृद्धि करना चाहता था, ताकि उनकी ईरानी पर निर्भरता को कम किया जा सके।

भारतीय अभिनेत्री नीना गुप्ता पर बेहूदा मजाक, खिलखिला कर हँसते PCB के पूर्व अध्यक्ष रमीज रजा: ऐश्वर्या राय पर अब्दुल रज्जाक की टिप्पणी के बाद एक और पाकिस्तानी का वीडियो

पाकिस्तानी सेलेब्रिटी भारतीयों का मजाक उड़ाने के चक्कर में कितना गिर रहे हैं, इसकी हर रोज एक नई मिशाल बन रही है। अब्दुल रज्जाक के बाद अब रमीज राजा, जो पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष रह चुके हैं, वो विवियन रिचर्डसन और नीना गुप्ता के रिलेशनशिप के बहाने रंगभेदी टिप्पणी का न सिर्फ हिस्सा बने, बल्कि खिलखिलाकर हँसते भी रहे, वो भी पूरी बेशर्मी से। जी हाँ, अब्दुल रज्जाक को पड़ने वाली गालियाँ अभी तक थमी भी नहीं हैं, कि रमीज रजा ने उन गालियों का रुख अपनी ओर मोड़ लिया है।

पाकिस्तान में एक चैनल है ‘सुनो न्यूज’। उस चैनल पर क्रिकेट पर आधारित एक कार्यक्रम का आयोजन हो रहा था, जिसमें 2 एंकर के साथ रमीज रजा और दो पैनलिस्ट भी शामिल थे। ये पैनलिस्ट मूलत: कॉमेडियन हैं। इनमें से एक कॉमेडियन अपने ही देश के पत्रकार हसन निसार का नकल उतार रहा था, तो दूसरा पाकिस्तानी अभिनेत्री बुशरा अंसारी की नकल उतारने की कोशिश कर रही थी।

तभी महिला होस्ट ने कॉमेडियन से पूछा कि क्या वो क्रिकेट को फॉलो करती है? इसके जवाब में उस महिला कॉमेडियन ने कहा, “मैच तो देखती हूँ, मगर एक दफ़ा मेरा दिल टूट गया था। वो विवियन ले गया था वो नीना गुप्ता को”… इसके बाद सभी लोग हँसते लगते हैं। इसके बाद कॉमेडियन आगे बोलती है, “इस पर मैंने एक शेर लिख दिया था, ‘जो लड़कियाँ खुद को कहती हैं मल्लिका ये आलिया, उनका फिर मिलता है मिस्टर कालिया’।” इस पर सभी फिर से हँसने लगते हैं। इसपर महिला एंकर बोलती है कि ये तो काफी पुराना मामला है।

इस बात के बाद रमीज रजा और बाकी पैनलिस्ट बेशर्मी से मुँह फाड़ कर हँसते हैं, इस बात का अहसास किए बगैर कि वो लोग एक नस्लभेदी टिप्पणी पर हँस रहे हैं। बता दें कि ये टीवी चैनल भारतीयों के खिलाफ बेशर्म बयानों और अपमानजनक बातों के लिए कुख्यात है, जिसपर भारतीय कलाकारों और मशहूर लोगों का मजाक बनाया जाता है और दर्शक उन्हें देखकर हँसते रहते हैं।

इससे पहले, अब्दुल रज्जाक भारतीय अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन पर अपनी बेहूदी टिप्पणियों की वजह से चर्चा में आ गए थे। रज्जाक ने कराची के मैरियट होटल में रविवार (12 नवंबर, 2023) को एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए ऐश्वर्या राय पर भद्दी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि ऐश्वर्या से शादी करने से बच्चे नेक और अच्छे पैदा नहीं हो जाएँगे। मंच पर उनके साथ अफरीदी और उमर गुल भी थे।

पाकिस्तान की 2009 विश्व कप जीतने वाली टी20 टीम का हिस्सा रहे खिलाड़ियों की महफिल में पीसीबी के इरादों पर सवाल उठाते हुए रज्जाक ने कहा, ”मैं यहाँ उनके (पीसीबी के) इरादे के बारे में बात कर रहा हूँ। जब मैं खेल रहा था तो मुझे पता था कि मेरे कप्तान यूनिस खान के इरादे अच्छे थे। उससे मुझे आत्मविश्वास और साहस मिला और अल्लाह का शुक्र है कि मैं पाकिस्तान क्रिकेट के लिए अच्छा प्रदर्शन कर सका।”

पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर अब्दुल रज्जाक ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, “फिलहाल, यहाँ पाकिस्तान टीम और विश्व कप में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर काफी चर्चा हो रही है। मुझे लगता है कि हमारा इरादा खिलाड़ियों को निखारने और विकसित करने का नहीं है।” उन्होंने कहा, “अगर आप सोचते हैं कि मैं ऐश्वर्या (राय) से शादी करूँगा और फिर मेरे अच्छे और नेक बच्चे होंगे, तो ऐसा कभी नहीं हो सकता। इसलिए पहले आपको अपने इरादे ठीक करने होंगे।” इस महफिल में रज्जाक के साथ भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा से निकाह करने वाले शोएब मलिक सहित शाहिद अफरीदी, यूनिस खान, मिस्बाह उल-हक, उमर गुल, सईद अजमल और कामरान अकमल भी थे। वहाँ मौजूद लोग और दर्शकों में से कुछ लोग इस तंज पर हंस पड़े और तालियाँ बजाने लगे। हालाँकि बाद में उसने माफी माँग ली।

बता दें कि ये वही अब्दुल रज्जाक है, जो अपने विवाहेत्तर संबंधों को लेकर बेहूदा बयानबाजी करता रहा है। वो एक वायरल फुटेज में अपने 5-6 संबंधों के बारे में शेखी बघारता देखा जा सकता है।

नीना गुप्ता और सर विवियन रिचर्ड्स की जोड़ी रही थी मशहूर

नीना गुप्ता 1980 के दशक के अंत में वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स के साथ रिश्ते में थीं। हालाँकि, उन्होंने कभी शादी नहीं की, लेकिन उनकी 1989 में मसाबा गुप्ता नाम की एक बेटी पैदा हुई, जो एक फैशन डिजाइनर हैं और उनके पास परिधान और सौंदर्य प्रसाधनों का अपना ब्रांड है।

वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की बेइज्जती के बाद कप्तान बाबर आजम ने दिया इस्तीफा, PCB के जिस मुखिया ने लीक किया था चैट, उनसे मुलाकात के बाद ऐलान

ICC वनडे वर्ल्ड कप 2023 में लीग फेज से ही बाहर होने वाली पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कप्तान बाबर आजम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पाकिस्तानी टीम को वतन-वापसी के बाद उन्होंने इस्तीफे का ऐलान किया। बाबर आजम ने बुधवार (15 नवंबर, 2023) को ये घोषणा की। उन्होंने सभी फॉर्मेट में टीम की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। बाबर आजम ने पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड (PCB) की अंतरिम मैनेजमेंट कमिटी के अध्यक्ष ज़का अशरफ के साथ बैठक के बाद ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस्तीफे का ऐलान किया।

बाबर आजम ने अपने बयान में कहा कि उन्हें वो क्षण अच्छी तरह याद है जब 2019 में PCB की तरफ से फोन आया था और उन्हें पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का नेतृत्व करने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि पिछले 4 वर्षों के दौरान उन्होंने मैदान से बाहर और भीतर काफी अच्छे और बुरे समय देखे हैं, लेकिन उन्होंने अपने पूरी मन से और जोश के साथ क्रिकेट की दुनिया में पाकिस्तान के गौरव और सम्मान को बनाए रखने के लिए प्रयास किया।

बाबर आजम ने अपने बयान में लिखा, “व्हाइट बॉल क्रिकेट (वनडे-T20) में नंबर एक तक पहुँचने के पीछे सभी खिलाड़ियों, कोचों और प्रबंधन की सामूहिक मेहनत थी। लेकिन, मैं पाकिस्तान के जोशीले क्रिकेट फैंस के प्रति कृतज्ञता जाहिर करना चाहूँगा जिन्होंने इस यात्रा में लगातार हमारा साथ दिया। आज मैं सभी फॉर्मेट में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की कप्तानी से इस्तीफा दे रहा हूँ। ये एक कठिन निर्णय है, लेकिन मुझे लगता है कि यही सही समय है।“

बाबर आजम ने आगे लिखा कि एक खिलाड़ी के रूप में वो तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे टी20) में पाकिस्तानी टीम का प्रतिनिधित्व करते रहेंगे। साथ ही उन्होंने वादा किया कि वो टीम और नए कप्तान का अपनी प्रतिबद्धता और अनुभव से साथ देने के लिए मौजूद रहेंगे। उन्होंने कप्तानी को एक महत्वपूर्ण दायित्व बताते हुए उन्हें सौंपे जाने के लिए PCB को धन्यवाद दिया। बयान का अंत उन्होंने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के साथ किया। वहीं अब अटकलें चालू हो गई हैं कि पाकिस्तान का अगला कप्तान कौन होगा।

बता दें कि बाबर आजम को पहले 2019 में T20 की कप्तानी दी गई थी, फिर अगले ही साल उन्हें वनडे और टेस्ट की कप्तानी सौंपी गई। हालिया वर्ल्ड कप में पाकिस्तानी टीम ने 9 में से 5 मैच गँवा दिए। ICC (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) ने इसे पाकिस्तान के लिए एक युग की समाप्ति करार दिया है। बाबर आजम ने इस्तीफे से पहले PCB प्रमुख से लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम स्थित मुख्यालय में मुलाकात की थी। पाकिस्तानी टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी जाने वाली है।

सियालकोट की सड़क पर थी कार, भीतर बैठा था लश्कर कमांडर मोहम्मद मुज्जमिल: बाइक से आए ‘अज्ञात’ और ठोक कर चले गए

पाकिस्तान के आतंकी अब ‘अज्ञात हमलावर’ से खौफ में हैं। वहाँ एक के बाद एक आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा जा रहा है। ताजे मामले में सियालकोट में अज्ञात हमलावरों ने अपने काम को फिर अंजाम दिया है। कश्मीर समेत पूरे भारत में कई आतंकी वारदातों को अंजाम देने वाले आईएसआई के पिट्ठू आतंकी संगठन लश्कर ए तोएबा के कमांडर को मौत के घाट उतार दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मारे गए लश्कर आतंकी का नाम मोहम्मद मुजम्मिल है। वो अपने साथी नईम-उर-रहमान के साथ कार में सियालकोट के पसरूर तहसील इलाके में कहीं जा रहा था। उसी दौरान खोखरण चौक के पास बाइक सवार हमलावरों ने कार को रोक लिया। इसके बाद ताबड़तोड़ गोलियाँ बरसाकर मुजम्मिल और उसके साथी को मौत के घाट उतार दिया।

स्थानीय प्रशासन ने इसे जमीन के विवाद में हुई वारदात करार दिया है। हालाँकि, पिछले कुछ समय से पाकिस्तान के कई हिस्सों में अज्ञात हमलावरों ने भारत विरोधी काम करने वाले आतंकी संगठनों के कमांडरों को मौत के घाट उतारा है। कुछ दिन पहले ही कराची में जैश के एक कमांडर को भी मौत के घाट उतार दिया गया था।

12 नवंबर को मसूद अजहर के करीबी की हत्या

कराची में 12 नवंबर 2023 को जैश ए मोहम्मद के संस्थापक और भारत के टॉप दुश्मनों में से एक मसूद अजहर के करीबी और जैश कमांडर मौलाना तारिक रहीम उल्लाह तारिक को गोली मार दी गई थी। हत्या के समय मौलाना तारिक भारत विरोधी एक रैली में हिस्सा लेने जा रहा था। भारत विरोधी कट्टरपंथियों ने रैली का ऐलान किया था।

इस रैली में भारत में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के टॉप आतंकवादी मौलाना रहीम उल्लाह तारिक को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था। रैली में हजारों भारत विरोधियों की भीड़ थी। इस रैली में शामिल होते ही भीड़ में मौजूद किसी अज्ञात हमलावर ने उसे गोली मार दी। पुलिस का कहना है कि गोली बेहद करीब से मारी गई है। हमलावरों को अज्ञात बताया जा रहा है।

9 नवंबर को अकरम खान उर्फ अकरम गाजी की हत्या

9 नवंबर 2023 को भारत में वांछित एक इस्लामी आतंकी अकरम खान उर्फ अकरम गाजी की हत्या कर दी गई थी। अकरम लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का पूर्व कमांडर था। उसके सिर में गोली मारी गई थी। आतंकी अकरम गाजी ने साल 2018 से 2020 तक लश्कर भर्ती सेल का नेतृत्व किया था।

वह पाकिस्तान में भारत के विरोध में भड़काऊ भाषण देता था और युवाओं को दहशतगर्दी की राह पर धकेलता था। इसके साथ ही वह उन्हें कश्मीर में घुसपैठ कराकर भारत में आतंक फैलाता था। वह लंबे समय से चरमपंथी गतिविधियों में शामिल था। उसकी हत्या पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में की गई है। 

रविवार (5 नवंबर 2023) को साल 2018 में जम्मू-कश्मीर के सुंजवान में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड में से एक ख्वाजा शाहिद की हत्या कर दी गई थी। ख्वाजा शाहिद का पहले अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास उसका सिर कटा हुआ मिला था। इस घटना में भी अज्ञात हमलावर शामिल थे।

इसी साल अक्टूबर में पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड शाहिद लतीफ की पाकिस्तान में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। साल 2016 में जम्मू-कश्मीर के पठानकोट वायुसेना स्टेशन में आतंकी हमला हुआ था। इस आतंकी घटना में शामिल चार आतंकवादियों का वह हैंडलर था। वहीं, दूसरा आतंकी और ISI का एजेंट मुल्ला बाहौर उर्फ होर्मुज को भी अज्ञात लोगों ने गोली मार दी।

इससे पहले सितंबर में अज्ञात बंदूकधारियों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के रावलकोट में लश्कर-ए-तैयबा के एक शीर्ष आतंकवादी कमांडर रियाज अहमद उर्फ अबू कासिम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। रियाज अहमद कोटली से नमाज अदा करने के लिए अल-कुदुस मस्जिद आया हुआ था। वहीं, हमलावरों ने घुसकर उसके सिर में गोली मार दी। वह भी LeT में लोगों की भर्ती करता था।

उससे पहले पिछले माह ‘लश्कर ए तैयबा’ के प्रमुख हाफिज सईद के करीबी अबु कासिम को रावलकोट में गोली मारी गई थी। खालिस्तान कमांडो फोर्स का दुर्दांत आतंकी और भारत में मोस्ट वॉन्टेड परमजीत सिंह पंजवाड़ की भी पाकिस्तान में अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या की थी।

जैश का खूंखार आतंकी जहूर मिस्त्री की भी हत्या हुई थी। जहूर मिस्त्री कंधार विमान अपहरण कांड में शामिल था। वहीं, आतंकी बशीर अहमद मीर उर्फ इम्तियाज आलम को रावलपिंडी में गोली मार दी गई थी। हिजबुल मुजाहिदीन ने उसे लॉन्च पैड सँभालने की जिम्मेदारी थी और वह पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराता था।

वहीं, पाकिस्तान के उत्तरी वजीरीस्तान में दाऊद मलिक को अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तरी वजीरीस्तान के मिराली एरिया में कुछ नकाबपोश बंदूकधारियों ने दाऊद मलिक को उस समय गोली मारकर हत्या कर दी, जब वह एक क्लिनिक में गया था। नकाबपोश वहाँ पहले से ही उसका इंतजार कर रहे थे।

वहीं, पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में ही आतंकी सैयद नूर शालोबार की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। शनिवार (04 मार्च 2023) को अज्ञात हमलावरों ने कश्मीर में कई आतंकवादी घटनाओं के लिए जिम्मेदार शालोबार को गोलियों से भून डाला था। नूर शालोबार पाकिस्तानी सेना और ISI के साथ मिलकर कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने का काम कर रहा था।

नूर शालोबार से पहले सैयद खालिद राजा, एजाज अहमद अहंगर और बशीर अहमद नाम के आतंकियों की भी गोली मार कर हत्या हो चुकी है। मारे गए चारों आतंकी भारत में मोस्ट वांटेड थे। इनमें से एक को अफगानिस्तान में ढेर किया गया जबकि 3 का शिकार पाकिस्तान में ही बनाया गया।

छात्र AMU के, तालीम आतंकवाद की… जिहाद की ‘बैयत’ पूरा करने में जुटा था ISIS का मॉड्यूल: एप के जरिए कनेक्ट थे आतंकी, जमा कर रहे थे हथियार

उत्तर प्रदेश पुलिस की ‘आतंकवाद निरोधक शाखा’ (ATS) ने नवंबर 2023 में अलीगढ़ में फल-फूल रहे ISIS मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। अब तक कुल 7 आतंकियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 3 नवम्बर 2023 को ATS ने इस मामले में 10 नामजदों सहित कुछ अज्ञात आरोपितों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई है। अब तक दिल्ली और UP पुलिस ने मिला कर 7 आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया है। नेटवर्क में नामजद अन्य फरार चल रहे हैं। अधिकतर ‘अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी’ (AMU) से जुड़े इन आतंकियों ने जिहाद की कसम खाई थी।

इस मामले की FIR एटीएस के थाना गोमती नगर में दर्ज हुई है। शिकायतकर्ता ATS प्रभारी अलीगढ़ हैं। शिकायत की शुरुआत मुंबई के काला चौकी थाना क्षेत्र में साल 2023 की शुरुआत में दर्ज हुए एक FIR से हुई है। यह FIR फर्जी दस्तावेज, चोरी, आपराधिक काम करने के मकसद और आदि की धाराओं में दर्ज हुई थी। उत्तर प्रदेश ATS इस FIR में नामजद आरोपितों की जानकारियाँ जुटा रही थी। जाँच के दौरान ATS को झारखंड में हजारीबाग के शाहनवाज और दिल्ली में दरियागंज निवासी रिज़वान की जानकारी हासिल हुई।

ATS ने शाहनवाज़ और रिज़वान के फोन को सर्विलांस पर लिया। दोनों की बातचीत से पता चला कि वो आतंकी संगठन ISIS के सक्रिय सदस्य हैं। जब इन दोनों के बारे में पुलिस ने और जानकारी जुटाई तो पता चला कि शाहनवाज और रिज़वान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन SAMU (स्टूडेंस ऑफ़ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी) से जुड़े हुए हैं। SAMU के इन सदस्यों में मुख्य नाम वाज़ीउद्दीन, अब्दुल्ला अर्शलान, माज़ बिन तारिक, अब्दुल समद मलिक, फैज़ान बख्तियार, अरशद वारसी, मोहम्मद नावेद और रिज़वान अशरफ हैं। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

SAMU से जुड़े ये सभी आरोपित अलीगढ़, छत्तीसगढ़, संभल, प्रयागराजराज, दिल्ली और झारखंड के हैं। रिज़वान अशरफ AMU का छात्र नहीं है। ये पूरा समूह ISIS की विचारधारा से प्रभावित था। ATS अपनी जाँच कर रही थी कि रिज़वान अशरफ और अरशद वारसी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 2 अक्टूबर, 2023 को गिरफ्तार कर लिया। शाहनवाज लम्बे समय से ISIS से जुड़ा था और अलीगढ़ में रह कर उसका नेटवर्क खड़ा कर रहा था। शाहनवाज़ के साथियों ने अलीगढ़ में ही उसका निकाह धर्मान्तरित खुदीजा कर करवाया। खुदीजा पहले हिंदू थी।

इन सबके अलावा मोहम्मद रिज़वान अशरफ ने SAMU के अन्य सदस्यों को जिहाद के लिए बैयत (कसम) दिलाई थी। ये सभी मिल कर जिहादी साहित्य बाँट रहे थे और अपने संगठन का विस्तार कर रहे थे। ये सभी AMU के अन्य छात्रों को भी ISIS से जोड़ रहे थे। इनके कार्यक्षेत्र रामपुर, कौशाम्बी, संभल, प्रयागराज, लखनऊ और अलीगढ़ आदि क्षेत्र थे। इनको ISIS के हैंडलर तमाम एप के जरिए दिशा निर्देश दिया करते थे। ATS के अनुसार ये सभी आरोपित भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ कर यहाँ शरिया कानून स्थापित करना चाहते थे।

ATS की शिकायत में इस बात का भी जिक्र है कि सभी आरोपित चोरी-छिपे हथियार भी जमा कर रहे थे। इनका मकसद किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देना था। पुलिस ने सभी 10 नामजद आरोपितों पर IPC की धारा 121- A और 122 के साथ विधि विरुद्ध क्रिया कलाप अधिनियम 1967 की धारा 13, 18, 18 बी और 38 के तहत कार्रवाई की गई है। फैज़ान बख्तियार और अब्दुल समद मालिक फिलहाल फरार चल रहे हैं। बाकी सभी नामजद व कुछ अन्य अज्ञात आरोपितों को दिल्ली और UP पुलिस ने अलग-अलग दिनों में दबिश दे कर गिरफ्तार कर लिया है।

शरिया को जिन्दगी से बढ़कर बताने वाली तहरीक मुस्लिम शब्बन का कॉन्ग्रेस को समर्थन, टाइगर राजा सिंह को हराने का मंसूबा

तेलंगाना चुनावों में तहरीक मुस्लिम शब्बन ने 14 नवम्बर 2023 को कॉन्ग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया। तहरीक के मुखिया मोहम्मद मुश्ताक मालिक ने हैदराबाद में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में समर्थन का ऐलान करते हुए 13 बिंदु का एक चार्टर भी पेश किया। इसमें उन्होंने तेलंगाना वक्फ आयोग की स्थापना, उसे न्यायिक शक्तियाँ देना और मुस्लिमों का आरक्षण देने की माँग की है।

कुछ रिपोर्ट्स में सामने आया है कि समर्थन के लिए कॉन्ग्रेस के तेलंगाना प्रभारी मानिकराव ठाकरे और सचिव मंसूर अली खान तहरीक के नेताओं से मिले थे। तहरीक मुस्लिम शब्बन का कहना है कि वह भाजपा के गोशामहल से प्रत्याशी टाइगर राजा सिंह को हराना चाहता है। तहरीक का कहना है कि वह ऐसा नफरत को कम करने के लिए करना चाहता है।

टाइगर राजा सिंह तेलंगाना में भाजपा के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं। वे इस्लामी हिंसा के खिलाफ लगातार आवाज भी उठाते रहे हैं। हालाँकि, तहरीक ने यह भी कहा कि वह राज्य की छह सीटों पर कॉन्ग्रेस को समर्थन नहीं देंगे। तहरीक ने चार्टर में विदेश जाने वाले मुस्लिमों को छात्रवृत्ति, समुदाय के विकास के लिए ₹500 करोड़, वक्फ आयोग की स्थापना और इसे न्यायिक शक्तियाँ देने की माँग की गई हैं।

इस चार्टर में तहरीक ने मुस्लिम महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, मुस्लिमों को 8% आरक्षण देने, उर्दू को आगे बढ़ाने के अलावा पुलिस, न्यायपालिका और राजस्व विभाग में नौकरियाँ देने और इमामों एवं मुआज्ज़िमों को मासिक भत्ता देने जैसी कई माँगे की हैं। उसने मस्जिदों और कब्रगाहों की सुरक्षा देने का भी जिक्र किया है।

तहरीक मुस्लिम शब्बन का इतिहास

तहरीक मुस्लिम शब्बन काफी विवादित संगठन रहा है। हाल ही में चालू हुए इजरायल हमास युद्ध के बाद यह संगठन कई विरोध प्रदर्शन आयोजित कर चुका है। अक्टूबर 2023 में इसके मुखिया मुश्ताक मलिक को नजरबन्द कर दिया गया था। वह हमास के समर्थन में एक रैली निकालने वाले थे।

तहरीक मुस्लिम शब्बन ने हमास के हमलों को भी सही ठहराया था। जुलाई 2023 में तहरीक मुस्लिम शब्बन ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई थी, जिसका उद्देश्य यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध करना था। इसके मुखिया ने इस दौरान ‘जान से बढ़कर शरियत’ का नारा दिया था।

वर्ष 2022 में भी मलिक के ऊपर FIR दर्ज की गई थी। मलिक ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए मुस्लिमों को एक धरने में जाने को कहा था। उन पर समाज में घृणा को बढ़ाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मलिक ने यह धरना प्रदर्शन पूर्व भाजपा प्रवक्ता नुपुर शर्मा के विरुद्ध आयोजित किया था।

नुपुर शर्मा के खिलाफ तहरीक ने कैम्पेन चलाया था। उसने नुपुर की गिरफ्तारी की माँग की थी और ‘गुस्ताखी ना काबिल-ए-बर्दाश्त है’ जैसे नारे लगाए थे। जनवरी 2020 में भी तहरीक ने NRC और CAA के विरुद्ध कई प्रदर्शन भी आयोजित किए थे। मलिक ने CAA और NRC के विरुद्ध मुस्लिमों को भड़काया था। उन्होंने अपील की थी कि कोई भी मुस्लिम अपना कागज ना दिखाए।

गौरतलब है कि मलिक तेलंगाना के बड़े नेता और AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को भाजपा का एजेंट बताते हैं। शायद ऐसा इसलिए है, क्योंकि वह कॉन्ग्रेस के ज्यादा निकट हैं जबकि ओवैसी की कॉन्ग्रेस ने नहीं बनती है। असदुद्दीन औवैसी तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से सांसद भी हैं।

(यह रिपोर्ट मूल रूप से अंग्रेजी में अनुराग ने लिखी है। इसे विस्तार से पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।)

वानखेड़े में सचिन को सलाम, अनुष्का को चुम्मा… विराट कोहली के घर फिर से गूँजने वाली है किलकारी? बेबी बंप छुपाती नजर आईं पत्नी

वर्ल्ड कप 2023 में भारतीय क्रिकेट टीम के शानदार प्रदर्शन के साथ विराट कोहली को दोबारा से पिता बनने की खुशखबरी मिलने वाली है। बेंगलुरु में टीम इंडिया की दीवाली पार्टी तो कुछ ऐसा ही इशारा कर रही है। दरअसल इस पार्टी में अनुष्का शर्मा बेबी बंप छुपाते हुए नजर आई थीं। बता दें कि न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में विराट कोहली ने वनडे में शतकों का अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने ऑडिएंस में बैठी अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा को किस दिया, और सचिन तेंदुलकर को सलाम किया।

अनुष्का शर्मा ने पिंक कलर के सूट पर प्याजी कलर के दुपट्टे वाला खूबसूरत सूट पहन रखा था तो विराट कोहली हरे रंग के कुर्ता पायजामा में थे। विराट ने उनके कंधे पर हाथ रखा था। इस दौरान पार्टी के वेन्यू में आते वक्त अनुष्का बार-बार अपना इस दुपट्टा आगे की तरफ सही करते दिखाई दे रही थीं।

वो कैमरे की तरफ देखते हुए मुस्कुरा रही थीं, लेकिन उनका फोकस अपने दुपट्टे पर अधिक था। उन्हें ऐसा करते देख लग रहा था कि जैसे कि वो बेबी बंप को छुपाने की कोशिश कर रहीं हों। इसे देख लग कयास लगाते दिखे की वो अपनी प्रेग्नेंसी छुपाने के लिए ऐसा कर रही थीं।

यहीं नहीं, उन्होंने टीम इंडिया के खिलाड़ियों के साथ जो ग्रुप फोटो खिंचवाया। उसमें उन्होंने सामने देखते हुए नहीं बल्कि थोड़ा सा तिरछी खड़ी होकर पोज दिया। जब वो पार्टी के लिए गेट से अंदर हॉल में आ रही थी तो उनकी चाल भी कुछ ऐसी नजर आ रही थी कि जैसे वो प्रेग्नेंट हो। हालाँकि, इस दौरान इसे लेकर दोनों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है।

हालाँकि हिन्दुस्तान टाइम्स ने बीते महीने अक्टूबर में सूत्रों के हवाले से लिखा था कि विराट और अनुष्का के घर दूसरा नन्हा मेहमान आने वाला है और जल्द ही वो इसका आधिकारिक ऐलान करने वाले हैं।

क्रिकेट और बॉलीवुड जगत की ये दोनों मशहूर हस्तियाँ साल 2017 में इटली में शादी के बंधन में बंधी थीं। इस वक्त जहाँ इस वर्ल्ड कप में विराट कोहली का मैदान पर दमदार प्रदर्शन जारी है तो वहीं निजी जिंदगी में भी उनके लिए खुशियाँ बाँहे पसार रही हैं।

11 जनवरी, 2021 को अनुष्का शर्मा ने बेटी को जन्म दिया। दोनों ने अपने प्यार को यादगार बनाने के लिए विराट और अनुष्का के नाम के संयुक्त नाम पर बेटी का नाम वामिका रखा। अनुष्का शर्मा शादी के बाद आखिरी बार फिल्म ‘जीरो’ में देखी गई थी। अब उनकी अगली फिल्म क्रिकेटर झूलन गोस्वामी के जीवन पर बनी बॉयोपिक चाकदा एक्सप्रेस है।