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‘केजरीवाल इस्तीफा दें या जेल से सरकार चलाएँ’: जनता से सवाल पूछेगी AAP, ED की पूछताछ से पहले संभावित गिरफ़्तारी को भुनाने में लगी पार्टी

आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली आबकारी नीति के मामले में पूछताछ के लिए बुलाए गए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की संभावित गिरफ्तारी का राजनीतिक फायदा उठाने की तैयारी की है। अब AAP पूरे देश में लोगों से इस मुद्दे पर जुड़ कर भावनात्मक समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। AAP कार्यकर्ता ने लोगों से पूछेगी कि क्या केजरीवाल को दिल्ली के सीएम पद से इस्तीफा देना चाहिए या जेल से ही वो सरकार चलाएँ।

तिहाड़ जेल से सरकार चलाने की तैयारी!

आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के प्रभारी दुर्गेश पाठक इस बारे में जानकारी दी। पाठक ने मंगलवार (7 नवंबर 2023) को कहा कि आम आदमी पार्टी अरविंद केजरीवाल को लेकर लोगों की राय जानेगी। इसके लिए दिल्ली भर में हर घर तक पार्टी पहुँचेगी और सड़क-सड़क पर लोगों से राय पूछेगी।

पाठक ने कहा कि दिल्ली के एक-एक व्यक्ति से संपर्क करके पार्टी जनमत संग्रह कराएगी। इसमें लोगों से पूछा जाएगा कि क्या मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भाजपा के सामने झुक जाना चाहिए और इस्तीफा दे देना चाहिए या फिर दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद रहकर भी दिल्ली की सरकार चलानी चाहिए।

पार्षदों-विधायकों की माँग, जेल से चलाई जाए सरकार

आम आदमी पार्टी के नेता दुर्गेश पाठक ने कहा, “एमसीडी की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। इसके बाद इसी बैठक में विधायकों और पार्षदों ने माँग की है कि अगर अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) जेल में भी डाल देती है तो उन्हें जेल से ही सरकार चलाना चाहिए। इसके बाद फैसला हुआ है कि ये फैसला जनता पर छोड़ देनी चाहिए।”

पाठक ने आगे कहा, “अब इस मुद्दे पर दिल्ली और पूरे देश में जनमत संग्रह कराया जाएगा। इसी जनसंवाद से पता चल जाएगा कि क्या अरविंद केजरीवाल को दिल्ली के सीएम पद से इस्तीफा दे देना चाहिए या तिहाड़ जेल से सरकार चलानी चाहिए। इसके लिए AAP के पार्षद और विधायक देश भर में अभियान चलाकर लोगों की राय जुटाएँगे।”

ईडी के नोटिस पर नहीं पहुँचे अरविंद केजरीवाल

पाठक का बयान ED द्वारा दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जाँच के सिलसिले में अरविंद केजरीवाल को तलब करने के एक हफ्ते बाद आया है। केजरीवाल ने यह कहते हुए समन को नजरअंदाज कर दिया था कि यह राजनीति से प्रेरित था। वो पूछताछ के लिए ED के सामने पेश होने की जगह मध्य प्रदेश में अपनी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

450 रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस भेजने के बाद 47 दलाल गिरफ्तार: 7 राज्यों में NIA और असम पुलिस की कार्रवाई, घुसपैठियों को बसाने के पीछे पूरा का पूरा गिरोह

असम में त्रिपुरा से ट्रेन के माध्यम से पहुँचे 450 रोहिंग्या मुस्लिमों को वापस भेज दिया गया। असम के स्पेशल DGP (विशेष पुलिस महानिदेशक) हरमीत सिंह ने बताया कि सूचना के आधार पर पुलिस सतर्क थी। अवैध घुसपैठियों को सीमा सुरक्षा बलों की सहायता से वापस भेजा गया। जुलाई में असम के स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) ने एक ऑपरेशन लॉन्च किया था। इस अवैध घुसपैठ और मानव तस्करी में सक्रिय दलालों की पहचान करने के लिए ये ऑपरेशन चलाया गया था।

SDGP ने बताया कि ऐसे 10 दलालों को त्रिपुरा से दबोचने में कामयाबी मिली। उनसे पूछताछ के आधार पर जाँच की गई तो पता चला कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है जिसके दुष्प्रभाव कई राज्यों पर पड़े हैं। उन्होंने बताया कि पहले दिन से ही मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा (जो राज्य के गृह मंत्री भी हैं) को इस मामले की जानकारी थी और सरकार ने इस मामले को NIA (राष्ट्रीय जाँच एजेंसी) के पास भेजने का निर्णय लिया। फिर केंद्रीय गृह मंत्रालय से इस संबंध में निवेदन किया गया।

असम के विशेष पुलिस प्रमुख हरमीत सिंह ने जानकारी दी कि NIA ने इस मामले की जाँच अपने हाथों में ली और मिलजुल कर जाँच की गई जिसके बाद देश भर में ऐसे दलालों की सूची तैयार की गई जो घुसपैठियों की मदद करते हैं। बकौल स्पेशल DGP, अब इस मामले में बुधवार (8 नवंबर, 2023) को तड़के सुबह ऑपरेशन लॉन्च किया गया जिसमें 47 ऐसे दलाल पकड़े गए हैं जो एक गिरोह बना कर काम कर रहे थे। इनमें से 25 तो अकेले त्रिपुरा से गिरफ्तार किए गए हैं।

वहीं 9 कर्नाटक से, 5 दलाल असम से, 3 पश्चिम बंगाल से, 3 तमिलनाडु से और एक-एक हरियाणा और तेलंगाना से दबोचे गए हैं। SDGP ने बताया कि NIA और असम पुलिस ने मिल कर परस्पर सहयोग करते हुए ये अभियान चलाया है। इसमें विभिन्न स्थानीय पुलिस ने भी मदद की। असम पुलिस की इस प्रकरण में 17 टीमें ग्राउंड पर हैं। बता दें कि म्यांमार और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी मुल्कों से बड़ी संख्या में रोहिंग्या मुस्लिम भारत में आकर बसे हुए हैं।

समर्थन माँगने आया कॉन्ग्रेस का कैंडिडेट, रोते हुए पैरों में गिर पड़ा विधायक का बेटा: बोला- गोली मार दो, भागे कार्यकर्ता

राजस्थान के अलवर जिले की राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में एक अजीब मामला सामने आया है। इस सीट से कॉन्ग्रेस प्रत्याशी मांगीलाल मीणा विधायक जौहरी लाल मीणा के घर समर्थन माँगने के लिए पहुँचे। इस दौरान जौहरी लाल का बेटा फूट-फूटकर रोने लगा और कॉन्ग्रेस प्रत्याशी के पैरों में गिर गया। इसके बाद वे वहाँ से भाग गए।

जानकारी के मुताबिक, इस सीट से कॉन्ग्रेस ने वर्तमान विधायक जौहरी लाल का टिकट काट दिया है। उनकी जगह पार्टी ने मांगीलाल मीणा को टिकट दिया है। जब मांगीलाल विधायक जौहरी लाल के घर पहुँचे तो जौहरी लाल का बेटा उनके पैरों में गिरकर फूट-फूटकर रोने लगा। उसने ऐसी माँग की कि मांगीलाल उलटे पाँव वहाँ से निकल गए।

जौहरी लाल के बेटे ने कहा कि उसके परिवार के साथ कॉन्ग्रेस और भाजपा दोनों ने धोखा किया है। उसके भाई को राजनीतिक साजिश के तहत फँसाया गया और उसे जेल भेज दिया गया। जौहरी लाल के बेटे ने कहा कि यदि उसे जल्दी नहीं निकाला गया तो वो जेल में ही मर जाएगा।

जौहरी लाल के बेटे ने कहा, “इन लोगों के कारण ही मेरा भाई जेल में है। उसे जमानत नहीं मिलेगी तो वो मर जाएगा। उसकी मौत की जिम्मेदारी कॉन्ग्रेस और भाजपा के प्रत्याशियों की होगी। ये दोनों ही हमारे परिवार को तबाह करना चाहते हैं। मेरे भाई को राजनीति की वजह से फँसाया गया है। हमें गोली मार दी जाए। ऐसी राजनीति से तो अच्छा है कि हम मर ही जाएँ”

बता दें कि जौहरी लाल मीणा के एक बेटे को गैंगरेप के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल वह जेल में बंद है। परिवार ने उसे राजनीतिक वजहों से फँसाने का आरोप लगाया है। कहा जा रहा है कि बेटे के गैंगरेप में फँसने के कारण ही जौहरी लाल का टिकट कॉन्ग्रेस ने काटा है।

इस घटना के बाद राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ विधानसभा सीट पर कॉन्ग्रेस के विधायक रहे जौहरी लाल मीणा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने कॉन्ग्रेस हाईकमान पर पैसे लेकर टिकट बेचने का भी आरोप लगाया। जौहरी लाल ने कहा कि उनका टिकट मांगीलाल मीणा को बेच दिया गया।

सेक्स और बच्चे पैदा करने में अमीरी-गरीबी, साक्षर-अनपढ़, जाति-धर्म का क्या रोल: नीतीश ने जो कहा और भारत सरकार के आँकड़ों में क्या है कनेक्शन?

बिहार विधानसभा में मंगलवार (7 नवंबर 2023) को जनसंख्या वृद्धि पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा दिए गए बयान पर कल से हंगामा मचा हुआ है। नीतीश कुमार का बयान महिलाओं की शिक्षा और उनके सेक्स के प्रति रवैये को लेकर था। आखिरकार नीतीश को अपने बयान पर माफी माँगनी पड़ी है।

हालाँकि, नीतीश कुमार का बयान कुछ भी रहा हो, यह जानना जरूरी है कि आखिर महिला और पुरुष के बीच होने वाले सेक्स और बच्चे पैदा करने में अमीरी-गरीबी, पढ़ाई-लिखाई और जाति धर्म का क्या रोल है? इन सब प्रश्नों के उत्तर हमें बीते समय में सामने आए देश के कुछ सर्वे बताते हैं।

ऐसा ही एक सर्वे होता है नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) का। इसके जरिए सरकार देश में परिवारों से जुड़ी हुई महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा करती है। इसी सर्वे में एक हिस्सा होता है टोटल फर्टिलिटी रेट यानी TFR का।

आखिर TFR क्या है?

TFR वह संख्या होती है, जो बताती है कि देश में एक महिला अपने जीवनकाल में औसतन कितने बच्चों को जन्म देती है। किसी भी देश का TFR यदि 2.1 से अधिक होता है तो उसकी जनसंख्या बढ़ती है। यानी देश की महिलाओं के औसतन 2.1 से अधिक बच्चे होते हैं, तो इससे देश की जनसंख्या बढ़ती है।

NFHS-5 सर्वे के आधार पर वर्तमान में भारत का औसत TFR 2 है। इसका अर्थ है कि देश की जनसंख्या अब घटने की तरफ जाएगी। वहीं, बिहार में TFR का यह आँकड़ा 2.98 है। इसका मतलब है कि बिहार में महिलाएँ देश की औसत दर से अधिक बच्चे पैदा कर रही हैं।

हालाँकि, समय के साथ बिहार के TFR में कमी आई है, लेकिन अभी भी यह देश के कई राज्यों और राष्ट्रीय औसत से अधिक है। अब प्रश्न यह उठता है कि आखिर TFR का नीतीश कुमार के बयान से क्या लेना-देना है।

दरअसल, सर्वे में यह सामने आया है कि TFR पर महिला की पढ़ाई-लिखाई, उसकी आर्थिक पृष्ठभूमि, उसके धर्म और जाति और यहाँ तक कि वह शहर या गाँव किस इलाके में रहती हैं। इसका फर्क पड़ता है। यह बात इसी NFHS-5 में सामने आई है।

नीतीश के बयान का जाति-धर्म, पढ़ाई-लिखाई और शहर-गाँव से क्या लेना-देना?

NFHS की रिपोर्ट के अनुसार, देश में जो महिलाएँ अनपढ़ हैं, उनके सबसे ज्यादा बच्चे हैं। ऐसी महिलाओं के औसतन 2.82 बच्चे हैं। जिन महिलाओं की शिक्षा 5 वर्ष से कम हुई है, उनके औसतन 2.3 बच्चे हैं। वहीं, 5-7 वर्ष की शिक्षा पाने वाली महिलाओं के 2.21 बच्चे हैं।

8-9 वर्ष तक शिक्षा पाने वाली महिलाओं के 2.12 बच्चे हैं, जबकि 10-11 साल की शिक्षा पाने वाली महिलाओं के 1.88 बच्चे हैं। वहीं, 12 साल से अधिक शिक्षा पाने वाली महिलाओं के सबसे कम 1.78 बच्चे हैं।

नीतीश TFR

किसी महिला के कम या अधिक बच्चे पैदा करने पर मात्र शिक्षा का ही नहीं, बल्कि उसके आवासन और आर्थिक स्थिति का भी फर्क पड़ता है। जहाँ शहरों में रहने वाली महिलाओं के 1.6 बच्चे हैं, वहीं ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली महिलाओं के 2.41 बच्चे हैं।

शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के कम बच्चे पैदा करने का कारण अच्छी शिक्षा व्यवस्था, एकल परिवार व्यवस्था और रहन-सहन का महंगा होना एक कारण हो सकता है।

सिर्फ शिक्षा और आवास ही नहीं, जाति-धर्म भी एक फैक्टर

कोई महिला कितने बच्चे पैदा करती है, इस पर उसके धर्म और जाति का भी फर्क पड़ता है। यदि धर्म के आधार पर देखा जाए तो देश में सर्वाधिक TFR मुस्लिमों का है। हिन्दू, सिख, ईसाई तथा बौद्ध अब 2 के TFR से कहीं नीचे आ चुके हैं। आने वाले समय में इनकी जनसंख्या घटेगी, जबकि मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ेगी।

देश में पिछड़ी और अनुसूचित जाति एवं जनजातियों में भी महिलाएँ, अन्य वर्गों की महिलाओं की तुलना में अधिक बच्चे पैदा कर रही हैं। सामान्य वर्ग में TFR अब रिप्लेसमेंट लेवल (जितने बच्चे पैदा होने पर जनसंख्या यथावत बनी रहे) से कहीं नीचे हैं।

किसी परिवार के पास कितनी सम्पत्ति है, इसका फर्क उस परिवार की महिला के बच्चे पैदा करने पर पड़ता है। NFHS की रिपोर्ट बताती है कि देश में अधिक पैसे वाले लोग कम बच्चे पैदा कर रहे हैं, जबकि सबसे निर्धन लोग सबसे अधिक बच्चे पैदा कर रहे हैं।

तो क्या नीतीश का बयान सही सिद्ध होता है?

नहीं, नीतीश कुमार के बयान में उपयोग की गई भाषा पर अधिकांश लोगों को आपत्ति है। नीतीश कुमार ने जिस प्रकार से विधानसभा के भीतर सेक्स को लेकर बात की, उससे महिला विधायक भी नाराज थीं। वह अपनी बात को अन्य तरीके से समझा सकते थे, जिससे लोगों को गुस्सा नहीं आता। हालाँकि, उन्होंने अब माफ़ी भी माँग ली है।

MMS वीडियो लीक होने के बाद गुनगुन गुप्ता ने कर ली आत्महत्या? इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे, जानिए क्या है सच्चाई

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गुनगुन गुप्ता का एक अश्लील वीडियो वायरल हो गया था, जिसके बाद वो खासी चर्चा में आ गईं। इस वीडियो के सामने आने के बाद ये चर्चा चलने लगी कि गुनगुन गुप्ता ने आत्महत्या कर ली है। आने डांस के वीडियो के कारण इंस्टाग्राम पर लोकप्रिय गुनगुन गुप्ता मात्र 19 साल की हैं और उनके कंटेंट खासे वायरल होते हैं। अब उनके आत्महत्या की बात कही जा रही है। दावा किया जा रहा है कि अपने वायरल अश्लील वीडियो से आहत होकर उन्होंने आत्महत्या कर ली है।

इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर गुनगुन गुप्ता के आत्महत्या के दावे

‘ukweb’ नामक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल ने पूरे टीवी के खबर वाले फॉर्मेट में गुनगुन गुप्ता के आत्महत्या की बात कही। उसने तस्वीरों के साथ लिखा, “ब्रेकिंग न्यूज़: गुनगुन गुप्ता का हुआ निधन। वायरल वीडियो की वजह से की ख़ुदकुशी।” इसने जो तस्वीर शेयर की उसमें गुनगुन गुप्ता की फोटो पर माला पहनाई हुई है, जैसे मृतकों की तस्वीर पर पहनाते हैं। साथ ही अपनी वेबसाइट पर भी वीडियो के लिंक्स शेयर किए। हालाँकि, अश्लील वीडियो का लिंक शेयर करना गलत है।

ठीक इसी तरह की हूबहू पोस्ट एक अन्य ट्विटर हैंडल ने भी की:

इसी तरह की चीजें फेसबुक पर भी चलाई गईं। ‘राजस्थान का लड़का’ नामक फेसबुक पेज ने एक वीडियो डाल कर लिखा, “गुनगुन गुप्ता का आत्महत्या से पहले का ये आखिरी वीडियो वायरल।”

गुनगुन गुप्ता के आत्महत्या के दावे वाला वीडियो वायरल

MMS वीडियो लीक के बाद गुनगुन गुप्ता ने की आत्महत्या?

आपने देखा कि कैसे गुनगुन गुप्ता के आत्महत्या की बातें कही जा रही हैं। हालाँकि, सच्चाई ये है कि गुनगुन गुप्ता के आत्महत्या को लेकर कोई भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उनके इंस्टाग्राम हैंडल पर भी 2 दिन पहले तस्वीर अपलोड की गई है, ऐसे में अचानक उनके आत्महत्या की बात अफवाह की है। अगर ऐसा कुछ होता तो उनके किसी सोशल मीडिया हैंडल से ज़रूर ऐसी जानकारी दी जाती। किसी मेनस्ट्रीम मीडिया संस्थान में भी ये खबर नहीं है, ऐसे में ये विश्वसनीय नहीं ही लगती।

याद दिलाते चलें कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर गुनगुन गुप्ता का अश्लील वीडियो लीक हो गया था। इस वीडियो में वो एक लड़के के साथ वीडियो कॉल पर दिखाई दे रही हैं। गुनगुन गुप्ता इंस्टाग्राम पर खासी सक्रिय हैं, जहाँ उनके 59 लाख फॉलोवर्स हैं। इतना ही नहीं, स्नैपचैट पर भी उनके 6 लाख से अधिक फॉलोवर्स हैं। इसी तरह फेसबुक पर उनके 2 लाख से ज़्यादा फॉलोवर्स हैं। यूट्यूब पर भी 66,000 लोगों ने उनके चैनल को सब्स्क्राइब कर रखा है। ऐसे में उनका वीडियो वायरल होना चर्चा का विषय बना हुआ है।

इसमें गुनगुन गुप्ता कथित तौर पर वीडियो कॉल पर कपड़े उतारते हुए नज़र आ रही हैं। वो अपने स्तन और प्राइवेट पार्ट्स दिखाती नज़र आ रही हैं। वहीं वीडियो कॉल पर उनके साथ जुड़ा लड़का भी एक्सप्रेशंस दे रहा है। टेलीग्राम पर ये वीडियो खासा वायरल हो रहा है। गुनगुन गुप्ता ने इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया जारी नहीं की है। इंस्टाग्राम पर उनके डांस वाले वीडियो अक्सर वायरल होते हैं। एक वीडियो में वो गरीबों को वस्त्र वितरित करते हुए भी दिखाई दे रही हैं।

महुआ मोइत्रा के खिलाफ CBI जाँच के आदेश: निशिकांत दुबे का दावा, TMC सांसद बोलीं- आकर मेरी जूतियाँ गिन ले

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई जाँच के आदेश दिए गए हैं। भ्रष्टाचार निरोधक संस्था लोकपाल ने बुधवार (8 नवंबर 2023) को जाँच के आदेश दिए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए महुआ ने कहा कि वह सीबीआई का स्वागत करती हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई आए और उनकी जूतियाँ गिने।

इसके पहले महुआ पर पैसे लेकर संसद में पूछने के मामले में महुआ के खिलाफ शिकायत करने वाले सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट लिखा था। अपने पोस्ट में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि लोकपाल ने महुआ मोइत्रा द्वारा कथित भ्रष्टाचार की शिकायत पर उनके खिलाफ सीबीआई जाँच का आदेश दिया है।

झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स पर लिखा, “लोकपाल ने आज मेरे कम्प्लेन पर आरोपी महुआ जी के राष्ट्रीय सुरक्षा को गिरवी रखकर भ्रष्टाचार करने पर CBI Enquiry का आदेश दिया।” अपने खिलाफ सीबीआई जाँच की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए महुआ मोइत्रा ने कहा, “तो फिर सीबीआई का स्वागत है। वो आए और मेरे जूते गिने।”

दरअसल, महुआ पर उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी को लाभान्वित करने और अडानी समूह के खिलाफ संसद में पैसे और उपहार लेकर सवाल पूछने के आरोप हैं। ये सवाल खुद हीरानंदानी भी लिखते थी। इसके बदले हीरानंदानी महुआ को कैश और महंगे गिफ्ट देते थे। इसको लेकर महुआ के पूर्व पार्टनर जय अनंत देहाद्राई ने शिकायत भी दर्ज कराई है।

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई ने महुआ के खिलाफ दायर की गई शिकायत में बताया है कि संसद में सवाल पूछने की एवज में महुआ मोइत्रा को तोहफे में क्या-क्या मिला। सबसे पहली चीज जिसका जिक्र है वो हैं iPhone, एप्पल कंपनी के महँगे फोन। हाल ही में फेसबुक पर अपलोड की गई महुआ मोइत्रा की एक तस्वीर में उन्हें iPhone 14 Pro मॉडल का फोन रखे हुए देखा जा सकता है।

हमने जब अमेजन पर चेक किया तो पाया कि इस फोन की कीमत 1,39,990 रुपए है। इस सूची में जिस दूसरी चीज का नाम है, वो है Hermes कंपनी के स्कार्फ। इसकी अमेरिकी वेबसाइट पर एक स्कार्फ की कीमत 510 डॉलर (42,459 रुपए) दिखा रहा है। हालाँकि, Luxepolis वेबसाइट पर इसे 30-38 हजार रुपए में खरीदा जा सकता है। हालाँकि, अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई ने इस बारे में कुछ नहीं बताया है कि ऐसे कितने स्कार्फ महुआ मोइत्रा को दिए गए थे।

तीसरी चीज जिसका इसमें जिक्र किया गया है वो है – Louis Vuitton कंपनी के स्कार्फ। इनके दाम 50,000 रुपए से लेकर 4.95 लाख रुपए तक होते हैं। भारत में कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर ये जानकारी दी गई है। इतना ही नहीं, Salvatore Ferragamo के 35 जोड़े जूते भी महुआ मोइत्रा को मिले। Fashiola जैसी वेबसाइट पर इसके दाम देखे जा सकते हैं। इन्हें 70,000 रुपए से लेकर 1.10 लाख रुपए तक में खरीदा जा सकता है।

अगर हम एक जूते का दाम 80,000 रुपए भी ले लें तो आरोपों के हिसाब से कम महुआ मोइत्रा को 28 लाख रुपए के जूते मिले होंगे। इस लिस्ट में अगली जो चीज है वो है शराब। फ्रांस और इटली से वाइन मँगाई गई थी। 5000 रुपए से लेकर 50,000 रुपए प्रति बोतल तक की ये दारू मिलती है। इतना ही नहीं, प्रीमियम कंपनी Gucci का बैग भी उन्हें दिया गया, ऐसा दावा है। ऐसा एक बैग 2 लाख रुपए तक में मिलता है। एडवोकेट जय अनंत देहाद्राई ने बताया कि महुआ मोइत्रा को मगरमच्छ के चमड़े से बना बैग भी मिला।

ये Berluti कंपनी का आता है और इसके दाम 12 लाख रुपए तक होते हैं। महुआ मोइत्रा को अक्सर संसद में महँगे सामान के साथ देखा जाता है। उन्हें Louis Vuitton का एक 1.60 लाख रुपए का बैग रखे हुए भी कैमरे में कैद किया गया था। संसद की एक बहस के दौरान उन्हें ये बैग रखे हुए देखा गया था। अनंत का कहना है कि उन्होंने महुआ को अपने घर पर 20,000 पाउंड (20.27 लाख रुपए ) गिनते हुए देखा था। बताया गया था कि कैश वो अक्सर भारतीय रुपए और पाउंड में लेती थीं।

पत्नी को 150 बार कॉल किया, फोन नहीं उठने पर 250 किलोमीटर दूर से आया कॉन्स्टेबल और कर दी हत्या: कर्नाटक की घटना

कर्नाटक के होसकोटे में पुलिस के एक कॉन्स्टेबल ने अपनी पत्नी का गला घोंट कर हत्या कर दी है। आरोपित सिपाही का नाम किशोर डी है। बीवी को मारने के बाद सिपाही ने खुद भी जहर खा कर जान देने की कोशिश की है। उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। सोमवार (6 नवम्बर, 2023) को हुई घटना की वजह मृतका द्वारा अपने पति का 150 बार फोन न उठाना बना है। आरोपित शादी के बाद से ही अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोलार जिले के वीरपुर गाँव का रहने वाला किशोर दी कर्नाटक पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद कर कार्यरत है। फिलहाल उसकी तैनाती घर से लगभग 240 किलोमीटर दूर चामराजनगर में है। 32 वर्षीय किशोर डी की शादी 13 नवंबर, 2022 को होसकोटे के बेट्टाहलासुर गाँव के सचिव सुब्रमणि की बेटी प्रतिभा से हुई थी। मृतका कम्प्यूटर से B.E. की डिग्री धारक थीं। कहा जा रहा है कि शादी के बाद से ही किशोर अपनी बीवी के चरित्र पर शक करता था। वह अक्सर अपनी पत्नी का फोन उठा कर मैसेज चेक किया करता था।

किशोर अपनी पत्नी पर उसके कॉलेज टाइम के दोस्तों के साथ घूमने का भी आरोप लगाया करता था। इसके अलावा किशोर आए दिन प्रतिभा के शादी से पहले की जिंदगी के बारे में सवाल-जवाब किया करता था। इन बातों को ले कर पति-पत्नी में अक्सर झगड़े हुआ करते थे। घटना से लगभग 11 दिन पहले प्रतिभा ने अपने मायके में एक बेटे को जन्म दिया था। फिलहाल वह बच्चे के साथ अपने मायके में ही रह रही थी। रविवार (5 नवंबर, 2023) की शाम किशोर ने अपनी पत्नी को कॉल किया। किसी बात पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ और प्रतिभा ने कॉल काट दी।

बताया जा रहा है कि प्रतिभा द्वारा कॉल काटे जाने के बाद किशोर ने उन्हें 150 बार कॉल किया। हालाँकि, प्रतिभा ने इन फ़ोन कॉल्स का कोई जवाब नहीं दिया। प्रतिभा की माँ वेंकटलक्षम्मा ने अपनी बेटी को न रोने की सलाह दी और फोन खुद ले कर किशोर की कॉल कट कर दी। इस बात से नाराज सिपाही किशोर डी अगले दिन सोमवार (6 नवंबर, 2023) को अपनी पोस्टिंग स्थल चामराजनगर से 250 किलोमीटर दूर प्रतिभा के मायके होसकोटे पहुँच गया। सुबह लगभग 11:30 पर अपनी ससुराल पहुँच कर किशोर सीधे अपनी बीवी के कमरे में गया।

ससुराल पहुँच कर किशोर ने खुद को प्रतिभा के साथ कमरे में बंद कर दिया। यहाँ उसने पहले खुद जहर खाया और फिर प्रतिभा का गला घोंट कर मार डाला। प्रतिभा की माँ लगभग 15 मिनट तक दरवाजा खटखटाती रहीं लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। थोड़ी देर बाद किशोर बाहर निकला और उसने अपनी सास को प्रतिभा की हत्या करने की जानकारी दी। वेंकटलक्षम्मा ने किशोर को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वो मौके से भाग निकला।

घटनास्थल से फरार होने के बाद सिपाही किशोर अपने जिले कोलार के एक अस्पताल में पहुँचा। यहाँ उसने खुद को इलाज के लिए भर्ती करवाया। हालाँकि, पुलिस ने उसे खोज निकाला। हालत गंभीर होने के चलते पुलिस ने किशोर को होसकोटे के एक बेहतर अस्पताल में भर्ती करवाया। पुलिस का कहना है कि हालत में सुधार होने के बाद किशोर को हिरासत में लिया जाएगा। किशोर का 11 दिन का बेटा फ़िलहाल अपनी नानी के पास है।

‘छी! शर्म करो, बकवास मत करो’: पाकिस्तानी क्रिकेटर को मोहम्मद शमी ने लताड़ा, कहा था – वर्ल्ड कप में भारतीय गेंदबाजों के लिए अलग गेंद, तभी ले रहे विकेट

पाकिस्तान का पूर्व क्रिकेटर हसन रज़ा क्रिकेट विश्वकप 2023 में शानदार प्रदर्शन कर रही भारतीय टीम को कटघरे में खड़ा कर रहा है। वो बार-बार भारतीय टीम और BCCI पर अनर्गल आरोप लगाकर रो रहा है। कभी वो कहता है कि भारतीय गेदबाजों को अलग गेंद दी जाती है, जो दूसरों से हल्की होती है, तो कभी बोलता है कि BCCI डीआरएस के जरिए गलत अंपायरिंग करा रही है। इस बीच, भारत के स्टार बॉलर मोहम्मद शमी ने उसे धिक्कारा है।

उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर स्टेटस लिखा, “शर्म करो यार, गेम पर फोकस करो, फालतू बकवास न करो और कभी तो दूसरों की सफलता को एंजॉय करो।”

मोहम्मद शमी ने हसन रजा को दिखाया आईना

मोहम्मद शमी ने हसन रजा का एक वीडियो अपने स्टेटस पर लगाया है, जिसमें लिखा है ‘भारत चीटिंग कर रहा है?’ इस पर मोहम्मद शमी ने लिखा, “शर्म करो यार, खेल पर फोकस करो न कि फालतू बकवास पर। कभी तो दूसरों की सफलता को एंजॉय किया करो। छी..! यार आईसीसी वर्ल्ड कप है, आपका लोकल टूर्नामेंट नहीं है और आप प्लेयर ही थे न? वसीम भाई ने समझाया है, एक्सप्लेन भी किया था फिर भी… हाहाहाहा अपने प्लेयर अपने वसीम अकरम पर यकीन नहीं आपको। अपना तारीख करने में लगा है जनाब, आप तो जस्ट लाइक वॉव…।”

मोहम्मद शमी की इंस्टाग्राम स्टोरी का स्क्रीनशॉट

मोहम्मद शमी ने हसन रज़ा की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें हसन रज़ा ने कहा था कि भारतीय गेंदबाजों को अलग गेंद दी जाती है। मोहम्मद शमी ने हसन रज़ा की टिप्पणी को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि रज़ा को अपनी बातों पर ध्यान देना चाहिए और गेम पर फोकस करना चाहिए। शमी ने कहा, “हसन रजा को शर्म आनी चाहिए।”

बता दें कि भारत की टीम ने श्रीलंका को जब 302 रनों से हराया था, तब भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को महज 55 रनों पर आल आउट कर दिया था। इस मैच में मोहम्मद शमी ने महज 18 रन देकर 5 विकेट झटके थे। इस मैच के बाद हसन रज़ा ने आईसीसी और BCCI को कटघरे में खड़ा किया था। हसन रज़ा नाम के पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने कहा था कि मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज या जसप्रीत बुमराह अगर सीम या स्विंग करा पा रहे हैं तो इसकी वजह है उनको दी जाने वाली अलग तरह की गेंद। इनके अनुसार, इस अलग तरह की गेंद पर कुछ एक्स्ट्रा लेयर या एक्स्ट्रा कोटिंग की गई है।

हसन रज़ा ने कहा, “हसन रज़ा ने कहा कि मोहम्मद शामी, मोहम्मद सिराज या जसप्रीत बुमराह जिस तरह से बॉल फेंक रहे हैं, वो एलन डोनल्ड की याद दिला रहा और इसके पीछे वजह यह है कि इनको अलग तरह की गेंद दी जा रही है। हसन के मुताबिक, इसके पीछे अंपायर या ICC या BCCI किसी का भी हाथ हो सकता है।”

इसके बाद उसके कप्तान रहे वसीम अकरम ने जमकर खरी-खोटी सुनाया था। वसीम अकरम ने बताया था कि गेंदों का चुनाव कैसे होता है। इसके बाद जब भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को हराया था, तब हसन रज़ा ने कहा था कि बीसीसीआई डीआरएस सिस्टम का गलत फायदा उठा रहा है। हसन रजा ने जडेजा की घूमती गेंदों पर शक जताया और कहा कि लेफ्ट ऑफ स्पिनर की जिस गेंद पर वॉन डेर डुसैन को डीआरएस पर आउट दिया गया, वो बॉल राइट हैंड बैटर के लिए लेग स्टंप से बाहर निकलती, न कि घूम कर लेग स्टंप पर। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई DRS सिस्टम को अपने हिसाब से चला रहा है, क्योंकि ग्राउंड बीसीसीआई का, ब्रॉडकास्टर बीसीसीआई के और सिस्टम भी बीसीसीआई का है।

आपको बता दें कि हसन रजा 14 साल 227 दिन की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करके रिकॉर्ड बनाए थे। हालाँकि बाद में पाकिस्तान क्रिकेट ने इनके जन्मदिन की सही जानकारी के अभाव में इस रिकॉर्ड को खुद ही हटा लिया था। यह वही हसन रजा है, जिस पर क्रिकेट में फिक्सिंग का भी आरोप लगा है।

यमुना तट पर छठ पूजा की अनुमति देने से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार, कहा – प्रतिबंध नदी प्रदूषण को रोकने के लिए

दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने यमुना नदी किनारे छठ पूजा का आयोजन करने की अनुमति माँगने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है। इस याचिका को छठ पूजा संघर्ष समिति ने दायर की थी। कोर्ट की अनुमति के बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली।

न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने बुधवार (8 नवंबर 2023) को कहा कि प्रतिबंध यमुना में प्रदूषण को रोकने के लिए है। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने कहा, “पर्याप्त सुरक्षा उपाय हैं और यह (प्रतिबंध) नदी प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से है।” अदालत याचिका खारिज करने के पक्ष में थी। हालाँकि, याचिकाकर्ता ने इसे वापस लेने की अनुमति माँगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

न्यायमूर्ति प्रसाद दो संगठनों, छठ पूजा संघर्ष समिति और पूर्वांचल जागृति मंच द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इन संगठनों ने 9 अक्टूबर 2021 की दिल्ली सरकार की अधिसूचना को चुनौती देते हुए अदालत का रुख किया। याचिका में तर्क दिया गया कि यमुना किनारे छठ पूजा पर प्रतिबंध लगाने वाली अधिसूचना ने दिल्ली के लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है।

वकील विजय शंकर दुबे के माध्यम से दायर याचिका में यमुना के तट पर छठ पूजा के आयोजन की अनुमति देने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। इस पर दिल्ली सरकार के वकील ने भी याचिका का विरोध किया। याचिका में कहा गया था कि अधिसूचना से दिल्ली में छठ पूजा करने वाले 30-40 लाख श्रद्धालु प्रभावित हुए हैं.

यूपी ATS ने ISIS आतंकी वज़ीउद्दीन को छत्तीसगढ़ से दबोचा, AMU से कर रहा था Ph.D: गैंग में मिली थी ‘अमीर’ की पदवी, हिन्दू छात्रों को पढ़ाता था

उत्तर प्रदेश पुलिस की ‘आतंकवाद निरोधक शाखा’ (ATS) ने ISIS की विचारधारा वाले एक और आतंकी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आतंकी का नाम वज़ीउद्दीन है। वाज़ीउद्दीन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में शोध (Ph.D) का छात्र है। ATS ने मंगलवार (7 नवम्बर, 2023) को उसे छत्तीसगढ़ के दुर्ग से दबोचा है। बाद में ट्रांजिट रिमांड के जरिए आतंकी को लखनऊ लाया गया है।

ऑपइंडिया को पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पकड़ा गया आतंकी वज़ीउद्दीन मूलतः छत्तीसगढ़ के दुर्ग का ही रहने वाला है। वह AMU से पीएचडी कर रहा था। वज़ीउद्दीन अलीगढ़ में अपने जूनियर छात्रों को सामाजिक विज्ञान (इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र) विषय पढ़ाता था। इनमें हिंदू छात्रों की भी अच्छी तादाद होती थी। वज़ीउद्दीन को उसकी विचारधारा से जुड़े लोग ‘अमीर’ कह कर पुकारते थे। अमीर शब्द मुस्लिमों में बादशाह की उपाधि माना जाता है। वज़ीउद्दीन सेल्फ रेडिकलाइज़्ड आतंकी बताया जा रहा है।

ATS को वाज़ीउद्दीन के मोबाइल से भड़काऊ और आतंकी साहित्य मिले हैं। फिलहाल उसे ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग से लखनऊ लाया गया है। यहाँ उसे अदालत में पेश कर के रिमांड लेने के प्रयास किए जाएँगे। इस से पहले इसी सप्ताह ATS ने AMU से जुड़े अब्दुल्ला अर्शलान और माज़ बिन तारिक को गिरफ्तार किया था। ये दोनों भी सेल्फ रेडिकलाइज़्ड और ISIS की विचारधारा से प्रेरित बताए गए हैं। वज़ीउद्दीन, अब्दुल्ला अर्शलान और माज़ बिन तारिक पुणे ISIS नेटवर्क से भी कनेक्टेड हैं।

शाहजवाज और अब्दुल्ला की बीवियाँ पहले थीं हिन्दू

इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पिछले 2 माह के अंदर पकड़े गए 2 अलग-अलग आतंकियों ने हिन्दू लड़कियों से निकाह किए हैं। अक्टूबर माह में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा पकड़े गए आतंकी शाहनवाज ने 2021 में हिन्दू लड़की से निकाह किया था। शाहनवाज की बीवी का पहले नाम बसंती पटेल था जो निकाह के बाद खदीजा मरियम बन गईं थीं।

वहीं नवंबर 2023 के पहले हफ्ते में पकड़े गए आतंकी अब्दुल्ला अर्सलान ने भी हिन्दू लड़की से निकाह किया है। अब्दुल्ला अर्सलान की बीवी मूलतः हाथरस की रहने वाली है। वह AMU की पूर्व छात्रा है जो अब्दुल्ला से अधिक पढ़ी लिखी बताई जा रही है। अब्दुल्ला की बीवी का निकाह पूर्व नाम कीर्ति शर्मा बताया जा रहा है। उनके पिता सरकारी कर्मचारी हैं। अब्दुल्ला का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। ऐसे में कीर्ति शर्मा उसके जाल में कैसे फँसी इस बात की जानकारी जुटाई जा रही है।