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महुआ मोइत्रा के खिलाफ CBI जाँच के आदेश: निशिकांत दुबे का दावा, TMC सांसद बोलीं- आकर मेरी जूतियाँ गिन ले

तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई जाँच के आदेश दिए गए हैं। भ्रष्टाचार निरोधक संस्था लोकपाल ने बुधवार (8 नवंबर 2023) को जाँच के आदेश दिए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए महुआ ने कहा कि वह सीबीआई का स्वागत करती हैं। उन्होंने कहा कि सीबीआई आए और उनकी जूतियाँ गिने।

इसके पहले महुआ पर पैसे लेकर संसद में पूछने के मामले में महुआ के खिलाफ शिकायत करने वाले सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट लिखा था। अपने पोस्ट में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि लोकपाल ने महुआ मोइत्रा द्वारा कथित भ्रष्टाचार की शिकायत पर उनके खिलाफ सीबीआई जाँच का आदेश दिया है।

झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स पर लिखा, “लोकपाल ने आज मेरे कम्प्लेन पर आरोपी महुआ जी के राष्ट्रीय सुरक्षा को गिरवी रखकर भ्रष्टाचार करने पर CBI Enquiry का आदेश दिया।” अपने खिलाफ सीबीआई जाँच की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए महुआ मोइत्रा ने कहा, “तो फिर सीबीआई का स्वागत है। वो आए और मेरे जूते गिने।”

दरअसल, महुआ पर उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी को लाभान्वित करने और अडानी समूह के खिलाफ संसद में पैसे और उपहार लेकर सवाल पूछने के आरोप हैं। ये सवाल खुद हीरानंदानी भी लिखते थी। इसके बदले हीरानंदानी महुआ को कैश और महंगे गिफ्ट देते थे। इसको लेकर महुआ के पूर्व पार्टनर जय अनंत देहाद्राई ने शिकायत भी दर्ज कराई है।

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई ने महुआ के खिलाफ दायर की गई शिकायत में बताया है कि संसद में सवाल पूछने की एवज में महुआ मोइत्रा को तोहफे में क्या-क्या मिला। सबसे पहली चीज जिसका जिक्र है वो हैं iPhone, एप्पल कंपनी के महँगे फोन। हाल ही में फेसबुक पर अपलोड की गई महुआ मोइत्रा की एक तस्वीर में उन्हें iPhone 14 Pro मॉडल का फोन रखे हुए देखा जा सकता है।

हमने जब अमेजन पर चेक किया तो पाया कि इस फोन की कीमत 1,39,990 रुपए है। इस सूची में जिस दूसरी चीज का नाम है, वो है Hermes कंपनी के स्कार्फ। इसकी अमेरिकी वेबसाइट पर एक स्कार्फ की कीमत 510 डॉलर (42,459 रुपए) दिखा रहा है। हालाँकि, Luxepolis वेबसाइट पर इसे 30-38 हजार रुपए में खरीदा जा सकता है। हालाँकि, अधिवक्ता जय अनंत देहाद्राई ने इस बारे में कुछ नहीं बताया है कि ऐसे कितने स्कार्फ महुआ मोइत्रा को दिए गए थे।

तीसरी चीज जिसका इसमें जिक्र किया गया है वो है – Louis Vuitton कंपनी के स्कार्फ। इनके दाम 50,000 रुपए से लेकर 4.95 लाख रुपए तक होते हैं। भारत में कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर ये जानकारी दी गई है। इतना ही नहीं, Salvatore Ferragamo के 35 जोड़े जूते भी महुआ मोइत्रा को मिले। Fashiola जैसी वेबसाइट पर इसके दाम देखे जा सकते हैं। इन्हें 70,000 रुपए से लेकर 1.10 लाख रुपए तक में खरीदा जा सकता है।

अगर हम एक जूते का दाम 80,000 रुपए भी ले लें तो आरोपों के हिसाब से कम महुआ मोइत्रा को 28 लाख रुपए के जूते मिले होंगे। इस लिस्ट में अगली जो चीज है वो है शराब। फ्रांस और इटली से वाइन मँगाई गई थी। 5000 रुपए से लेकर 50,000 रुपए प्रति बोतल तक की ये दारू मिलती है। इतना ही नहीं, प्रीमियम कंपनी Gucci का बैग भी उन्हें दिया गया, ऐसा दावा है। ऐसा एक बैग 2 लाख रुपए तक में मिलता है। एडवोकेट जय अनंत देहाद्राई ने बताया कि महुआ मोइत्रा को मगरमच्छ के चमड़े से बना बैग भी मिला।

ये Berluti कंपनी का आता है और इसके दाम 12 लाख रुपए तक होते हैं। महुआ मोइत्रा को अक्सर संसद में महँगे सामान के साथ देखा जाता है। उन्हें Louis Vuitton का एक 1.60 लाख रुपए का बैग रखे हुए भी कैमरे में कैद किया गया था। संसद की एक बहस के दौरान उन्हें ये बैग रखे हुए देखा गया था। अनंत का कहना है कि उन्होंने महुआ को अपने घर पर 20,000 पाउंड (20.27 लाख रुपए ) गिनते हुए देखा था। बताया गया था कि कैश वो अक्सर भारतीय रुपए और पाउंड में लेती थीं।

पत्नी को 150 बार कॉल किया, फोन नहीं उठने पर 250 किलोमीटर दूर से आया कॉन्स्टेबल और कर दी हत्या: कर्नाटक की घटना

कर्नाटक के होसकोटे में पुलिस के एक कॉन्स्टेबल ने अपनी पत्नी का गला घोंट कर हत्या कर दी है। आरोपित सिपाही का नाम किशोर डी है। बीवी को मारने के बाद सिपाही ने खुद भी जहर खा कर जान देने की कोशिश की है। उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। सोमवार (6 नवम्बर, 2023) को हुई घटना की वजह मृतका द्वारा अपने पति का 150 बार फोन न उठाना बना है। आरोपित शादी के बाद से ही अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोलार जिले के वीरपुर गाँव का रहने वाला किशोर दी कर्नाटक पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद कर कार्यरत है। फिलहाल उसकी तैनाती घर से लगभग 240 किलोमीटर दूर चामराजनगर में है। 32 वर्षीय किशोर डी की शादी 13 नवंबर, 2022 को होसकोटे के बेट्टाहलासुर गाँव के सचिव सुब्रमणि की बेटी प्रतिभा से हुई थी। मृतका कम्प्यूटर से B.E. की डिग्री धारक थीं। कहा जा रहा है कि शादी के बाद से ही किशोर अपनी बीवी के चरित्र पर शक करता था। वह अक्सर अपनी पत्नी का फोन उठा कर मैसेज चेक किया करता था।

किशोर अपनी पत्नी पर उसके कॉलेज टाइम के दोस्तों के साथ घूमने का भी आरोप लगाया करता था। इसके अलावा किशोर आए दिन प्रतिभा के शादी से पहले की जिंदगी के बारे में सवाल-जवाब किया करता था। इन बातों को ले कर पति-पत्नी में अक्सर झगड़े हुआ करते थे। घटना से लगभग 11 दिन पहले प्रतिभा ने अपने मायके में एक बेटे को जन्म दिया था। फिलहाल वह बच्चे के साथ अपने मायके में ही रह रही थी। रविवार (5 नवंबर, 2023) की शाम किशोर ने अपनी पत्नी को कॉल किया। किसी बात पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ और प्रतिभा ने कॉल काट दी।

बताया जा रहा है कि प्रतिभा द्वारा कॉल काटे जाने के बाद किशोर ने उन्हें 150 बार कॉल किया। हालाँकि, प्रतिभा ने इन फ़ोन कॉल्स का कोई जवाब नहीं दिया। प्रतिभा की माँ वेंकटलक्षम्मा ने अपनी बेटी को न रोने की सलाह दी और फोन खुद ले कर किशोर की कॉल कट कर दी। इस बात से नाराज सिपाही किशोर डी अगले दिन सोमवार (6 नवंबर, 2023) को अपनी पोस्टिंग स्थल चामराजनगर से 250 किलोमीटर दूर प्रतिभा के मायके होसकोटे पहुँच गया। सुबह लगभग 11:30 पर अपनी ससुराल पहुँच कर किशोर सीधे अपनी बीवी के कमरे में गया।

ससुराल पहुँच कर किशोर ने खुद को प्रतिभा के साथ कमरे में बंद कर दिया। यहाँ उसने पहले खुद जहर खाया और फिर प्रतिभा का गला घोंट कर मार डाला। प्रतिभा की माँ लगभग 15 मिनट तक दरवाजा खटखटाती रहीं लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। थोड़ी देर बाद किशोर बाहर निकला और उसने अपनी सास को प्रतिभा की हत्या करने की जानकारी दी। वेंकटलक्षम्मा ने किशोर को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वो मौके से भाग निकला।

घटनास्थल से फरार होने के बाद सिपाही किशोर अपने जिले कोलार के एक अस्पताल में पहुँचा। यहाँ उसने खुद को इलाज के लिए भर्ती करवाया। हालाँकि, पुलिस ने उसे खोज निकाला। हालत गंभीर होने के चलते पुलिस ने किशोर को होसकोटे के एक बेहतर अस्पताल में भर्ती करवाया। पुलिस का कहना है कि हालत में सुधार होने के बाद किशोर को हिरासत में लिया जाएगा। किशोर का 11 दिन का बेटा फ़िलहाल अपनी नानी के पास है।

‘छी! शर्म करो, बकवास मत करो’: पाकिस्तानी क्रिकेटर को मोहम्मद शमी ने लताड़ा, कहा था – वर्ल्ड कप में भारतीय गेंदबाजों के लिए अलग गेंद, तभी ले रहे विकेट

पाकिस्तान का पूर्व क्रिकेटर हसन रज़ा क्रिकेट विश्वकप 2023 में शानदार प्रदर्शन कर रही भारतीय टीम को कटघरे में खड़ा कर रहा है। वो बार-बार भारतीय टीम और BCCI पर अनर्गल आरोप लगाकर रो रहा है। कभी वो कहता है कि भारतीय गेदबाजों को अलग गेंद दी जाती है, जो दूसरों से हल्की होती है, तो कभी बोलता है कि BCCI डीआरएस के जरिए गलत अंपायरिंग करा रही है। इस बीच, भारत के स्टार बॉलर मोहम्मद शमी ने उसे धिक्कारा है।

उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर स्टेटस लिखा, “शर्म करो यार, गेम पर फोकस करो, फालतू बकवास न करो और कभी तो दूसरों की सफलता को एंजॉय करो।”

मोहम्मद शमी ने हसन रजा को दिखाया आईना

मोहम्मद शमी ने हसन रजा का एक वीडियो अपने स्टेटस पर लगाया है, जिसमें लिखा है ‘भारत चीटिंग कर रहा है?’ इस पर मोहम्मद शमी ने लिखा, “शर्म करो यार, खेल पर फोकस करो न कि फालतू बकवास पर। कभी तो दूसरों की सफलता को एंजॉय किया करो। छी..! यार आईसीसी वर्ल्ड कप है, आपका लोकल टूर्नामेंट नहीं है और आप प्लेयर ही थे न? वसीम भाई ने समझाया है, एक्सप्लेन भी किया था फिर भी… हाहाहाहा अपने प्लेयर अपने वसीम अकरम पर यकीन नहीं आपको। अपना तारीख करने में लगा है जनाब, आप तो जस्ट लाइक वॉव…।”

मोहम्मद शमी की इंस्टाग्राम स्टोरी का स्क्रीनशॉट

मोहम्मद शमी ने हसन रज़ा की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें हसन रज़ा ने कहा था कि भारतीय गेंदबाजों को अलग गेंद दी जाती है। मोहम्मद शमी ने हसन रज़ा की टिप्पणी को निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि रज़ा को अपनी बातों पर ध्यान देना चाहिए और गेम पर फोकस करना चाहिए। शमी ने कहा, “हसन रजा को शर्म आनी चाहिए।”

बता दें कि भारत की टीम ने श्रीलंका को जब 302 रनों से हराया था, तब भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को महज 55 रनों पर आल आउट कर दिया था। इस मैच में मोहम्मद शमी ने महज 18 रन देकर 5 विकेट झटके थे। इस मैच के बाद हसन रज़ा ने आईसीसी और BCCI को कटघरे में खड़ा किया था। हसन रज़ा नाम के पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने कहा था कि मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज या जसप्रीत बुमराह अगर सीम या स्विंग करा पा रहे हैं तो इसकी वजह है उनको दी जाने वाली अलग तरह की गेंद। इनके अनुसार, इस अलग तरह की गेंद पर कुछ एक्स्ट्रा लेयर या एक्स्ट्रा कोटिंग की गई है।

हसन रज़ा ने कहा, “हसन रज़ा ने कहा कि मोहम्मद शामी, मोहम्मद सिराज या जसप्रीत बुमराह जिस तरह से बॉल फेंक रहे हैं, वो एलन डोनल्ड की याद दिला रहा और इसके पीछे वजह यह है कि इनको अलग तरह की गेंद दी जा रही है। हसन के मुताबिक, इसके पीछे अंपायर या ICC या BCCI किसी का भी हाथ हो सकता है।”

इसके बाद उसके कप्तान रहे वसीम अकरम ने जमकर खरी-खोटी सुनाया था। वसीम अकरम ने बताया था कि गेंदों का चुनाव कैसे होता है। इसके बाद जब भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को हराया था, तब हसन रज़ा ने कहा था कि बीसीसीआई डीआरएस सिस्टम का गलत फायदा उठा रहा है। हसन रजा ने जडेजा की घूमती गेंदों पर शक जताया और कहा कि लेफ्ट ऑफ स्पिनर की जिस गेंद पर वॉन डेर डुसैन को डीआरएस पर आउट दिया गया, वो बॉल राइट हैंड बैटर के लिए लेग स्टंप से बाहर निकलती, न कि घूम कर लेग स्टंप पर। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई DRS सिस्टम को अपने हिसाब से चला रहा है, क्योंकि ग्राउंड बीसीसीआई का, ब्रॉडकास्टर बीसीसीआई के और सिस्टम भी बीसीसीआई का है।

आपको बता दें कि हसन रजा 14 साल 227 दिन की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करके रिकॉर्ड बनाए थे। हालाँकि बाद में पाकिस्तान क्रिकेट ने इनके जन्मदिन की सही जानकारी के अभाव में इस रिकॉर्ड को खुद ही हटा लिया था। यह वही हसन रजा है, जिस पर क्रिकेट में फिक्सिंग का भी आरोप लगा है।

यमुना तट पर छठ पूजा की अनुमति देने से दिल्ली हाईकोर्ट का इनकार, कहा – प्रतिबंध नदी प्रदूषण को रोकने के लिए

दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) ने यमुना नदी किनारे छठ पूजा का आयोजन करने की अनुमति माँगने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया है। इस याचिका को छठ पूजा संघर्ष समिति ने दायर की थी। कोर्ट की अनुमति के बाद याचिकाकर्ता ने याचिका वापस ले ली।

न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने बुधवार (8 नवंबर 2023) को कहा कि प्रतिबंध यमुना में प्रदूषण को रोकने के लिए है। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने कहा, “पर्याप्त सुरक्षा उपाय हैं और यह (प्रतिबंध) नदी प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से है।” अदालत याचिका खारिज करने के पक्ष में थी। हालाँकि, याचिकाकर्ता ने इसे वापस लेने की अनुमति माँगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

न्यायमूर्ति प्रसाद दो संगठनों, छठ पूजा संघर्ष समिति और पूर्वांचल जागृति मंच द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इन संगठनों ने 9 अक्टूबर 2021 की दिल्ली सरकार की अधिसूचना को चुनौती देते हुए अदालत का रुख किया। याचिका में तर्क दिया गया कि यमुना किनारे छठ पूजा पर प्रतिबंध लगाने वाली अधिसूचना ने दिल्ली के लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है।

वकील विजय शंकर दुबे के माध्यम से दायर याचिका में यमुना के तट पर छठ पूजा के आयोजन की अनुमति देने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। इस पर दिल्ली सरकार के वकील ने भी याचिका का विरोध किया। याचिका में कहा गया था कि अधिसूचना से दिल्ली में छठ पूजा करने वाले 30-40 लाख श्रद्धालु प्रभावित हुए हैं.

यूपी ATS ने ISIS आतंकी वज़ीउद्दीन को छत्तीसगढ़ से दबोचा, AMU से कर रहा था Ph.D: गैंग में मिली थी ‘अमीर’ की पदवी, हिन्दू छात्रों को पढ़ाता था

उत्तर प्रदेश पुलिस की ‘आतंकवाद निरोधक शाखा’ (ATS) ने ISIS की विचारधारा वाले एक और आतंकी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आतंकी का नाम वज़ीउद्दीन है। वाज़ीउद्दीन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में शोध (Ph.D) का छात्र है। ATS ने मंगलवार (7 नवम्बर, 2023) को उसे छत्तीसगढ़ के दुर्ग से दबोचा है। बाद में ट्रांजिट रिमांड के जरिए आतंकी को लखनऊ लाया गया है।

ऑपइंडिया को पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पकड़ा गया आतंकी वज़ीउद्दीन मूलतः छत्तीसगढ़ के दुर्ग का ही रहने वाला है। वह AMU से पीएचडी कर रहा था। वज़ीउद्दीन अलीगढ़ में अपने जूनियर छात्रों को सामाजिक विज्ञान (इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र) विषय पढ़ाता था। इनमें हिंदू छात्रों की भी अच्छी तादाद होती थी। वज़ीउद्दीन को उसकी विचारधारा से जुड़े लोग ‘अमीर’ कह कर पुकारते थे। अमीर शब्द मुस्लिमों में बादशाह की उपाधि माना जाता है। वज़ीउद्दीन सेल्फ रेडिकलाइज़्ड आतंकी बताया जा रहा है।

ATS को वाज़ीउद्दीन के मोबाइल से भड़काऊ और आतंकी साहित्य मिले हैं। फिलहाल उसे ट्रांजिट रिमांड पर दुर्ग से लखनऊ लाया गया है। यहाँ उसे अदालत में पेश कर के रिमांड लेने के प्रयास किए जाएँगे। इस से पहले इसी सप्ताह ATS ने AMU से जुड़े अब्दुल्ला अर्शलान और माज़ बिन तारिक को गिरफ्तार किया था। ये दोनों भी सेल्फ रेडिकलाइज़्ड और ISIS की विचारधारा से प्रेरित बताए गए हैं। वज़ीउद्दीन, अब्दुल्ला अर्शलान और माज़ बिन तारिक पुणे ISIS नेटवर्क से भी कनेक्टेड हैं।

शाहजवाज और अब्दुल्ला की बीवियाँ पहले थीं हिन्दू

इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पिछले 2 माह के अंदर पकड़े गए 2 अलग-अलग आतंकियों ने हिन्दू लड़कियों से निकाह किए हैं। अक्टूबर माह में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा पकड़े गए आतंकी शाहनवाज ने 2021 में हिन्दू लड़की से निकाह किया था। शाहनवाज की बीवी का पहले नाम बसंती पटेल था जो निकाह के बाद खदीजा मरियम बन गईं थीं।

वहीं नवंबर 2023 के पहले हफ्ते में पकड़े गए आतंकी अब्दुल्ला अर्सलान ने भी हिन्दू लड़की से निकाह किया है। अब्दुल्ला अर्सलान की बीवी मूलतः हाथरस की रहने वाली है। वह AMU की पूर्व छात्रा है जो अब्दुल्ला से अधिक पढ़ी लिखी बताई जा रही है। अब्दुल्ला की बीवी का निकाह पूर्व नाम कीर्ति शर्मा बताया जा रहा है। उनके पिता सरकारी कर्मचारी हैं। अब्दुल्ला का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। ऐसे में कीर्ति शर्मा उसके जाल में कैसे फँसी इस बात की जानकारी जुटाई जा रही है।

‘उम्मीदों का दीया जलाएँ’: दिवाली पर भारतीयों से इजरायल की भावुक अपील, कहा – हमारे 240 बंधकों की सकुशल वापसी के लिए प्रार्थना करें, समर्थन दें

भारत में दीपावली नज़दीक आ चुकी है। लोग प्रकाश के पर्व की तैयारियाँ कर रहे हैं। वहीं, मिडिल ईस्ट में इजरायल और हमास के बीच युद्ध चल रहा है, जिसमें 240 इजरायलियों को हमास ने अभी भी बंधक बनाया हुआ है। इस बीच, भारत में इजरायल के राजदूत ने लोगों से अपील की है कि समस्त भारतीय हमास द्वारा अपहृत और बंदी बनाए गए इजरायलियों की सकुशल वापसी के लिए ‘उम्मीदों का दीया’ जलाएँ। उन्होंने भारतीयों से इजरायल के समर्थन की भी अपील की।

इजरायल के राजदूत नाओर गिलोन ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वो दीया जलाते हुए दिख रहे हैं। गिलोन ने कहा, “हमारे 240 प्रियजनों को हमास के आतंकवादियों ने एक महीने से बंधक बना रखा है। हर दिवाली पर हम दीये जलाकर भगवान राम की वापसी का जश्न मनाते हैं। इस दिवाली में हम आपको हमारे प्रियजनों के वापस आने की उम्मीद में दीया जलाने के लिए आमंत्रित करते हैं। हमें टैग करें और #DiyaOfHope का उपयोग करके अपनी तस्वीरें साझा करें।”

गिलोन ने कहा, “हम भारतीयों से अपील करते हैं कि वे इन नागरिकों के लिए प्रार्थना करें। हम उम्मीद करते हैं कि हम जल्द ही उन्हें उनके परिवारों के पास वापस ला सकेंगे।”

इस बीच इजरायली रक्षा बलों ने अपने अभियानों के दौरान हमास आतंकवादियों से बरामद विभिन्न हथियारों की तस्वीरें जारी कीं। IDF के अनुसार, 7 अक्टूबर को हमास के आतंकवादियों के पास से मिले हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया है, जिसमें 1493 हथगोले और विस्फोटक, 760 RPG, 427 विस्फोटक बेल्ट, 375 रॉकेट, 106 रॉकेट मिसाइलें शामिल हैं। IDF ने बताया कि ये केवल कुछ हथियार हैं जिनका इस्तेमाल 1400 से अधिक इजरायली नागरिकों के नरसंहार के लिए किया गया था।

इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा है कि गाजा में सुरक्षा की जिम्मेदारी अनिश्चितकाल के लिए अब इजरायल उठाएगा। उनके इस बयान के सीधे मायने है कि गाजा को इजरायल पूरी तरह से हथियारों से मुक्त करना चाहता है, साथ ही सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी अपने पास रखना चाहता है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने कहा है कि अगर इजरायल ऐसा पहले करता, तो हमास वाला 7 अक्टूबर को हमले की नौबत ही नहीं आती।

बता दें कि 7 अक्टूबर को हमास के आतंकियों ने जल, थल और वायु मार्ग से हमला बोला था। हमास के आतंकी हमले में 1400 से अधिक इजरायलियों की मौत हो गई, जबकि 240 लोगों को हमास के आतंकी बंधक बनाकर गाजा पट्टी ले गए। इसके बाद इजरायल ने युद्ध की घोषणा कर दी और अभी गाजा को दो हिस्सों में बाँट दिया है। इजरायल के जवाबी हमले में अब तक 10,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इजरायल लगातार गाजा पर हवाई हमलों के साथ अब जमीनी हमले भी कर रहा है।

अम्मी ने कबूला इस्लाम, मैंने कलमा भी नहीं पढ़ा… कोर्ट ने नहीं मानी दलील, कहा- तुम्हें मुस्लिम ही रहना होगा: 30 साल की महिला को नहीं छोड़ने दिया मजहब

इस्लामी देश मलेशिया की एक अदालत ने एक बार फिर एक महिला को जबरन इस्लाम बने रखने से संबंधित फैसला सुनाया है। दरअसल, महिला ने हाईकोर्ट में इस्लाम छोड़ने की याचिका दाखिल की थी। याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि महिला को इस्लाम धर्म का पालन करना होगा। इससे पहले भी मलेशिया की कोर्ट ने इस तरह के फैसले सुनाए थे।

दरअसल, मलेशिया की मूलनिवासी महिला ने इस्लाम छोड़कर अपनी जनजाति जीवनशैली में लौटने से संबंधित कुआंटान उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल की थी। जकुन जनजाति से ताल्लुक रखने वाली महिला ने दावा किया कि जब वह केवल दो साल की थी तो उसकी माँ ने उसका धर्म परिवर्तन करा दिया था।

न्यायमूर्ति ज़ैनल आज़मान अब अज़ीज़ ने कहा कि महिला का अंतिम उद्देश्य इस्लाम को त्यागना था। यह एक ऐसा मामला है, जिस पर विचार करना सिविल अदालतों के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। उन्होंने कहा, “मुकदमे का विषय शरिया अदालत के विशेष क्षेत्राधिकार में आता है।”

अदालत ने सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों के आधार पर माना कि महिला का पालन-पोषण उसकी धर्मांतरित माँ ने इस्लामी जीवनशैली के अनुसार किया था। ज़ैनल ने पहांग इस्लामी फैमिली लॉ का भी हवाला दिया, जिसमें यह प्रावधान है कि बच्चे उस माता-पिता का धर्म अपनाएँगे, जिनके पास उनकी देखरेख का जिम्मा है।

न्यायाधीश ने कहा कि महिला का पालन-पोषण उसकी माँ ने किया था, इसलिए वह अपनी माँ के धर्म के अधीन है। माता-पिता, दोनों की सहमति इस मामले की परिस्थितियों के लिए प्रासंगिक नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस मामले को एम इंदिरा गाँधी से जुड़े मामले में संघीय अदालत के फैसले से अलग किया जाना चाहिए, जिनके बच्चों का उनके पति द्वारा एकतरफा धर्म परिवर्तन किया गया था।

न्यायाधीश जैनल ने कहा, “इंदिरा के मामले में उन्होंने और उनके पूर्व पति ने नागरिक कानून के तहत अपनी शादी पंजीकृत की, लेकिन उन्होंने तीन बच्चों को इस्लाम में परिवर्तित कर दिया। ऐसे मामलों में जहाँ माता-पिता में से कोई एक मुस्लिम नहीं हो, सहमति की आवश्यकता है। लेकिन इस मामले में वादी (महिला) को उसकी माँ ने अकेले ही पाला था।”

अब महिला अब 30 साल की हो गई है। उन्होंने दावा किया कि जब उनकी माँ ने उनका धर्म परिवर्तन कराया था, तब उन्होंने ‘कलमा’ नहीं पढ़ा था, क्योंकि वह बच्ची थी। महिला ने ये भी कहा कि जब वह दो साल की थी, तभी उनकी माँ ने इस्लाम अपनाकर एक मुस्लिम युवक से निकाह कर लिया था।

दरअसल, 4 नवंबर 1995 को वादी की माँ ने इस्लाम अपना लिया और पहांग धार्मिक और मलय सीमा शुल्क परिषद द्वारा उन्हें इस्लामी धर्मांतरण का प्रमाण पत्र दिया गया था। हालाँकि, न्यायालय ने उनकी बात नहीं सुनीं और इस्लाम छोड़कर अपने जनजातीय धर्म में लौटने से संबंधित याचिका खारिज कर दी।

इसी तरह कुछ समय पहले मलेशिया की अदालत ने क्रिश्चियन से मुस्लिम बने एक शख्स को वापस अपने मूल धर्म में जाने पर रोक लगा दी थी। मलेशिया की हाईकोर्ट ने इस्लाम त्यागने के शख्स के आवेदन को खारिज कर दिया। ऐसा ही एक और मामला अगस्त में भी आया था।

दरअसल, 45 वर्षीय व्यक्ति ने साल 2010 में एक मुस्लिम महिला से शादी की थी। महिला से शादी करने के लिए उसने इस्लाम अपनाया था। निकाह के पाँच साल बाद ही यानी 2015 में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद 2016 में उस शख्स ने इस्लाम छोड़ने के लिए शरिया अदालत में एक आवेदन दायर किया, जिसकी इजाजत कोर्ट ने नहीं दी।

उससे पहले इस साल अगस्त में आया था, जब अपने शौहर से तलाक के बाद एक महिला अपने मूल धर्म ईसाई में जाने के लिए आवेदन किया तो उसे खारिज कर दिया गया। महिला ने साल 1995 में इस्लाम अपना कर एक मुस्लिम शख्स से निकाह किया था। इसके बाद साल 2013 में दोनों का सहमति से तलाक हो गया।

महिला ने सिविल हाईकोर्ट से छह आदेशों की माँग की थी, जिसमें यह घोषणा भी शामिल थी कि वह ईसाई धर्म को मानने वाली व्यक्ति है और राज्य के इस्लामी कानून उस पर लागू नहीं होते हैं। देश की शरिया अदालत ने भी उसकी माँग को खारिज कर दिया था। इसके बाद महिला ने सिविल हाईकोर्ट से शरिया अदालत के फैसले को रद्द करने की माँग की थी।

मंदिरों से बाहर होंगे पेरियार, हिंदुओं के धार्मिक स्थल पर ‘कब्जा’ करने वाला बोर्ड भी होगा बंद: तमिलनाडु में ‘सनातन पथ’ पर BJP

तमिलनाडु में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने कहा है कि यदि उनकी पार्टी राज्य में सत्ता में आती है, तो वह मंदिरों के बाहर स्थित पेरियार की मूर्तियों को हटा देगी। उन्होंने कहा कि ये मूर्तियाँ हिंदू मंदिरों का अपमान हैं और पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। तमिलनाडु में मंदिरों के बाहर स्थित पेरियार की मूर्तियों का मुद्दा एक पुराना है। पेरियार एक द्रविड़ नेता था जो अपनी नास्तिकता और ब्राह्मणों के विरोध के लिए जाना जाता था।

उसने मंदिरों से मूर्तियों को हटाने का समर्थन किया, लेकिन तमिलनाडु में कई मंदिरों के बाहर उसकी मूर्तियाँ उसके ही समर्थकों ने स्थापित की हैं, जिस पर लिखा गया है, “भगवान में विश्वास करने वाले लोग मूर्ख होते हैं।”

तमिलनाडु में अब भाजपा ने द्रविड़ राजनीति को सीधे चुनौती दे दी है। तमिलनाडु के फायरब्रांड भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई ने ऐलान किया है, “ये हमारी प्रतिज्ञा है कि भाजपा के सत्ता में आते ही पेरियार की मूर्तियों को हटा दिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि श्रीरंगम रंगनाथर मंदिर से लेकर राज्य के सभी मंदिरों के बाहर लगी ईवी रामासामी नायकर (EVR) की मूर्तियों को तुरंत हटा दिया जाएगा साथ ही मंदिरों की बंदोबस्ती करने वाले हिंदू धार्मिक धर्मार्थ विभाग (HR & CE Department in Tamil Nadu) को भी बंद कर दिया जाएगा।

इस विभाग पर आरोप है कि ये मंदिरों की बंदोबस्ती के बहाने पूरे राज्य के मंदिरों पर अपना एकाधिकार चलाती है और मनमाने तरीके से हिंदुओं को उत्पीड़ित करती है। कई जगहों पर इसने परंपराओं को ताकत पर रखकर पुजारियों की नियुक्ति की है।

तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष अन्नामलाई ने 7 नवंबर को श्रीरंगम रंगनाथर मंदिर के बाहर मंच से कहा, “इसी रंगनाथर मंदिर के बाद 1967 में सत्ता में आई DMK ने एक पट्टी लगाई थी, जिसपर लिखा है – भगवान पर विश्वास करने वाले मूर्ख और धोखेबाज हैं, भगवान पर विश्वास मत करो।” जबकि हिंदू धर्म के लोग शांति से रहने वाले लोग हैं। इसी डीएमके की सरकार में दिसंबर 2006 में पेरियार द्वारा स्थापित सनातन विरोधी संगठन ने पवित्र मंदिर के बाहर 12 फुट ऊँची पेरियर की मूर्ति लगाई, जिसका हिंदुओं ने विरोध किया, लेकिन DMK ने मंदिर के बाहर ही भगवान का विरोध करने वाले की मूर्ति लगाई।

अन्नामलाई ने ऐलान किया, “भाजपा की सरकार बनते ही मंदिर के बाहर लगाई गई ईश्वर विरोधी संदेश वाली शिला पट्टिका को हटाया जाएगा, साथ ही पेरियर की ऐसी मूर्तियाँ जो मंदिरों के बाहर ही लगी हैं, उन्हें भी हटा दिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के मंदिरों में पेरियार की जगह अज़वार (वैष्णव संत) और नयनमारों (शैव संतों) की मूर्तियाँ स्थापित की जाएँगी। तमिल विद्वानों की मूर्तियाँ लगाई जाएँगी। तमिल विद्वान तिरुवल्लुवर की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जिन लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी, उनकी प्रतिमाएँ स्थापित कर उनकी पूजा की जाएगी।

अन्नामलाई का ऐलान – बीजेपी की सरकार बनते ही मंदिरों पर कब्जे वाला विभाग होगा बंद

अन्नामलाई ने डीएमके और सनातन विरोधी राजनीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सनातन परंपरा पर किए जा रहे हमलों का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि मुगल शासकों ने इस पवित्र श्रीरंगम रंगनाथर मंदिर को नष्ट करने की कोशिश की और अब स्टालिन का बेटा उदयनिधि कहता है कि वो सनातन धर्म को नष्ट कर देगा।

अन्नामलाई ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु का हिंदू धार्मिक धर्मार्थ विभाग मंदिरों की रक्षा के नाम पर बनाया जाता है, लेकिन वो गलत लोगों को पुजारियों और प्रशासकों के पद पर नियुक्ति करता है। उन्होंने कहा, “श्रीरंगम रंगनाथर मंदिर का पूर्वी द्वार, प्रवेश द्वार का टावर गेट ढह गया है। मंदिरों की रक्षा करना चैरिटी विभाग का उद्देश्य है, लेकिन उसे बनाया नहीं गया।” बता दें कि जिस जगह से अन्नामलाई मंच पर संबोधित कर रहे थे, उसके एक तरफ प्रसिद्ध श्रीरंगम रंगनाथर मंदिर का राजा गोपुरम (प्रवेश द्वार) है, तो दूसरी तरफ पेरियार की मूर्ति।

‘डेक्कन क्रॉनिकल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि जिस दिन भाजपा की सरकार बनेगी, वो दिन तमिलनाडु के हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR और CE) विभाग का आखिरी दिन होगा।

एक अनुमान के मुताबिक, राज्य सरकार ने तमिलनाडु के 38,000 से अधिक मंदिरों पर ‘कब्जा’ कर रखा है। वो मनमाने तरीके से पुजारियों की नियुक्ति करती है और मंदिरों के संरक्षण पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देती। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, जिसपर सुनवाई चल रही है। इसी एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को कहा था कि वो परंपरागत तरीके से चल रहे मंदिरों में पुजारियों की नियुक्ति संबंधी कोई हस्तक्षेप न करे, इसके बावजूद राज्य सरकार ने मंदिरों के मामले में हस्तक्षेप करना जारी रखा है।

कुछ समय पहले ही तमिलनाडु में महिला पुजारियों की नियुक्ति सरकार की तरफ से की गई थी और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने इसे गलत तरीके से द्रविड़ परंपरा से जोड़ दिया था। स्टालिन ने इसी श्रीरंगम रंगनाथर मंदिर में महिला पुजारी की नियुक्ति को ऐतिहासिक बताते हुए कहा था कि हमने पेरियार के दिल का काँटा निकाल दिया है। स्टालिन ने कहा था, “उन्हें (महिलाओं को) अपवित्र माना गया है। यहाँ तक कि देवी मंदिरों में भी। लेकिन, अंततः परिवर्तन हुआ।”

तमिलनाडु में हमारी द्रविड़ मॉडल सरकार ने सभी जातियों के लोगों को पुजारी के रूप में नियुक्त करके थानथाई पेरियार के दिल से काँटा निकाल दिया है। महिलाएँ अब गर्भगृह में कदम रख रही हैं। इससे समावेशी और समानता का एक नया युग आ रहा है।”

वहीं, एमके स्टालिन का बेटा उदयनिधि स्टालिन सनातन परंपरा को मिटाने की बात करता है। सनातन की तुलना डेंगू-मलेरिया से करता है। उसने कहा था, “कुछ चीजें हैं जिनका हमें उन्मूलन करना है और हम केवल विरोध नहीं कर सकते। मच्छर, डेंगू बुखार, मलेरिया, कोरोना, ये सभी चीजें हैं जिनका हम विरोध नहीं कर सकते, हमें इन्हें मिटाना है। सनातन ​​भी ऐसा ही है। विरोध करने की जगह सनातन ​​को ख़त्म करना हमारा पहला काम होना चाहिए।”

भाजपा से डरती है डीएमके

अन्नामलाई ने कहा कि डीएमके सरकार भाजपा से बहुत डरती है। डीएमके सरकार ने श्रीरंगम मंदिर में लगे कमल के फूल की प्रतिमा को नष्ट कर दिया। कमल का फूल सिर्फ भाजपा का चुनाव चिन्ह ही नहीं, बल्कि देवी लक्ष्मी और देवी सरस्वती से भी जुड़ा है। ये हमारे देश का राष्ट्रीय पुष्प भी है। चूँकि डीएमके भाजपा से डरती है, इसलिए वो एक तरफ भाजपा के झंडे को हटाती है, तो दूसरी तरफ कमल के फूल को नष्ट करती है।

भाजपा कराएगी हिंदुओं को भगवान राम के दर्शन, अयोध्या तक चलेगी ट्रेन

अन्नामलाई ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा तमिलनाडु के हिंदुओं को भगवान राम के दर्शन के लिए अयोध्या लेकर जाएगी। इसके लिए अयोध्या तक सीधी ट्रेन चलाई जाएगी।

अन्नामलाई ने कहा कि 22 जनवरी से भाजपा अयोध्या के लिए सीधी ट्रेन की व्यवस्था करेगी, जो मुफ्त में तमिलनाडु के हिंदुओं को भगवान राम के दर्शन कराने ले जाएगी।

‘और कितना नीचे गिरोगे’: नीतीश कुमार को ‘गंदी बात’ पर PM मोदी ने घेरा, कहा- उन्हें कोई शर्म नहीं

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सदन में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर महिला-पुरुष पर दी गई विवादास्पद टिप्पणी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमला बोला है। पीएम मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार को शर्म नहीं है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के इस मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन के नेता क्यों चुप हैं?

मध्य प्रदेश के गुना में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा “विधानसभा में माताएँ और बहनें भी मौजूद थीं। इंडी गठबंधन के नेता ने विधानसभा के अंदर ऐसी भाषा में गंदी बातें कीं। कोई शर्म नहीं है उनको। इंडी गठबंधन का कोई भी नेता उनके खिलाफ कुछ बोलने को तैयार नहीं हुआ है। माता-बहनों की इज्जत ये लोग कैसे कर सकते हैं। कैसा दुर्भाग्य आया देश का। कितना नीचे गिरोगे। दुनिया में देश को नीचा गिराओगे।”

नीतीश कुमार ने 7 नवम्बर 2023 को पहले बिहार विधानसभा और फिर विधानपरिषद में महिलाओं की शिक्षा और उसके जनसंख्या नियंत्रण को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था, “अगर पढ़ लेगी लड़की, और जब शादी होगा तब लड़का लड़की का तो जो पुरुष है वो तो रोज रात में शदिया होता है उसके साथ करता है ना उसी में और पैदा हो जाता है। लड़की पढ़ लेती है तो हमको मालूम था कि उ करेगा ठीक है! लेकिन अंतिम में भीतर मत घुसाओ उसको बाहर कर दो! करता तो है।”

वहीं विधानपरिषद में उन्होंने कहा था, “उसी समय लड़की भी जब पढ़ी-लिखी रहती है तो कहती है कि ठीक है, रात में करो लेकिन अपना जो तुमको निकलने लगे तो बाहर निकाल कर फेंक दो। यही कर के लड़की सब अब सबको समझा रही है। ज़रा जान लीजिए। लड़की सब सभी को समझाती है कि अपने पति को कंट्रोल में रखिए।”

अब उन्होंने मीडिया के सामने इन बयानों पर माफी माँग ली है। इससे पहले राज्य के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने उनका यह कहते हुए बचाव किया था कि वह सेक्स एजुकेशन की बात कर रहे थे। इसके विषय में बात होने पर लोग शर्माते हैं।

YouTuber ने ट्रेन की पटरियों पर ही फोड़े पटाखे, धुआँ-धुआँ होने के बाद लिखा – मजेदार एक्सपेरिमेंट: कार्रवाई की तैयारी में रेलवे

वीडियो बनाने और व्यूज पाने के चक्कर में एक यूट्यूबर ने रेल पटरियों पर ही पटाखों से धमाका कर दिया। उसने रेल की पटरियों के बीच में कई पटाखे रख कर जलाए और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर डाला है। वीडियो वायरल होने के के बाद अब रेलवे उस पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

यह घटना राजस्थान के अजमेर से फुलेरा के बीच के रेलखंड पर हुई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, ‘स्टुपिड डीटीएस’ नाम का चैनल चलाने वाले एक शख्स, जिसका नाम यश बताया जा रहा है, उसने यह वीडियो बनाया है।

उसने इस वीडियो को ‘मजेदार एक्सपेरिमेंट’ का नाम दिया है। वायरल वीडियो में वह रेलवे पटरियों के बीच पटाखों में आग लगाते हुए दिखता है, जिसके बाद उसमें से काले रंग का काफी धुआँ निकलता है। यूट्यूबर इस काले धुएँ को प्रदूषण का नाम देते हुए काफी खुश होता है। इस दौरान उसकी बराबर की पटरियों से एक तेल भर कर ले जाने वाली मालगाड़ी भी निकलती है।

इस यूट्यूबर के YouTube चैनल पर 133 सब्सक्राइबर हैं। इस चैनल पर वह लगातार पटाखे जलाने या अन्य तरह के अजीब काम करने के वीडियो डालता रहता है। इससे पहले भी वह कई वीडियो पटाखे जलाने के बना चुका है। उसके इस वीडियो को ‘ट्रेन्स ऑफ़ इंडिया’ नाम के एक अकाउंट ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर डाला है। इस अकाउंट ने ‘Stupid DTX’ वाले इस व्यक्ति पर कार्रवाई की माँग की है क्योंकि आग के कारण पहले भी रेलवे को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा था।

रेलवे ने इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की बात है। उत्तरी रेलवे के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट ने स्थानीय रेलवे पुलिस बल और अन्य अधिकारियों को टैग करके कार्रवाई करने को कहा है। गौरतलब है कि रेलवे पटरियों को नुकसान पहुँचाने की ऐसी घटनाओं पर जुर्माना और सज़ा भी हो सकती है। बड़ी संख्या में लोग ट्विटर पर वीडियो बनाने वाले शख्स के ऊपर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

इससे पहले भी कई ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं जिनमें जानबूझ कर पटरियों पर ऐसी सामग्रियाँ रखी गईं जिससे ट्रेन पलट जाए। अक्टूबर माह में राजस्थान के ही उदयपुर में एक ट्रैक पर पत्थर और लकड़ियाँ रख कर वन्दे भारत ट्रेन को पलटाने की साजिश की गई थी। हालाँकि, ड्राईवर की सूझबूझ से कोई हादसा नहीं हुआ।