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स्पेन में फैला रहे थे कट्टरपंथ, चला रहे थे धर्म परिवर्तन का रैकेट: 14 पाकिस्तानियों को पुलिस ने पकड़ा, जिहादी नेटवर्क का खुलासा

स्पेन पुलिस ने आतंक पर कार्रवाई करते हुए 14 पाकिस्तानियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को हमास के हमले से बढ़ाई गई सतर्कता के बाद गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि यह सभी स्पेन में एक बड़ा जिहादी नेटवर्क चला रहे थे।

जानकारी के अनुसार, यह सभी पाकिस्तानी आतंकी तहरीक-ए-लब्बैक से जुड़े हुए हैं। यह पार्टी पाकिस्तान में पूर्णतः शरिया लागू करने की माँग करती रहती है। इस पार्टी ने बीते कुछ समय में कई बड़े हिंसक प्रदर्शन भी किए हैं।

जानकारी के मुताबिक, ये सारे पाकिस्तानी स्पेन के राज्य कैटालूनिया, वालेंसिया, लोग्रोनो और विटोरिया जैसे राज्यों में रह रहे थे। यह जानकारी सामने आई है कि इन सभी आतंकियों ने एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया है जिससे कट्टरपंथी विचारधारा का प्रसार किया जाता था। यह लोग ऐसा मैटेरियल प्रसारित करते थे जिससे अन्य लोगों को कट्टरपंथी बनाया जा सके।

अब इन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा, अभी इनसे पूछताछ चल रही है। हमास के हमले के बाद स्पेन समेत तमाम यूरोपियन देशों में आतंकी खतरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है और जिहादियों पर कार्रवाई हो रही है। स्पेन के सबसे बड़े अखबार यूरो वीकली ने बताया है कि यह पाकिस्तानी धर्म परिवर्तन का रैकेट भी चला रहे थे।

पिछले महीने स्पेन की पुलिस ने कार्रवाई करके 4 संदिग्धों को पकड़ा था। इसमें से एक ऐसा शख्स सामने आया था जो कई ऐसे ही नेटवर्क को चला रहा था। इस आतंकी ने अपना नाम खलीफा रखा हुआ था। गिरफ्तार किए लोगों में एक दम्पति भी था जो कि इसी माध्यम से मिले थे।

एक जानकारी के अनुसार, स्पेन में लगभग 1 लाख पाकिस्तानी रहते हैं। इनमें से आधे से ज्यादा कैतालूनिया राज्य में रहते हैं। इनमें से अधिकतर वो लोग हैं जो रोजगार की तलाश में पाकिस्तान पहुँचे हैं। इनमें से बड़ी संख्या पाकिस्तानियों की भी है जो अवैध रूप से यूरोप पहुँचे है। बीते कुछ वर्षों में स्पेन में पाकिस्तानियों के प्रति लोगों में संदेह की भावना बढ़ी है।

अफरोज ने लिफ्ट देने के बहाने परिचित छात्रा को उठाया, 15 महीने तक रेप किया, दूसरों से भी करवाया: धर्मांतरण करवाकर बना डाला कायनात खातून

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अफरोज अली नाम के मुस्लिम लड़के ने एक हिंदू लड़की का अपहरण कर लिया। अब 15 महीने बाद लड़की उसके गिरफ्त से छूटी है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि अफरोज लिफ्ट देने के बहाने उसका अपहरण कर लिया और बंधक बनाकर 15 महीनों तक उसके साथ कई लोगों द्वारा दुष्कर्म किया। इस दौरान उसका धर्मांतरण भी करा दिया गया।

महीनों तक बंधक बनाकर नाबालिग से दुष्कर्म

ये पूरा मामला उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का है। यहाँ दुद्धी थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने बताया है कि 31 अगस्त 2022 को वो तहसील मुख्यालय के पास इंटर कॉलेज वाली सड़क पर खड़ी थी। वहाँ कलकली बहरा का रहने वाला उसका परिचित अफरोज अली पहुँचा और उसे घर छोड़ देने की बात कहते हुए बाइक पर बैठा लिया। पीड़िता का कहना है कि अफरोज उसे अपने घर लेकर चला गया।

जब पीड़िता ने इसको लेकर सवाल किया गया तो अफरोज ने कहा कि घर पर कुछ सामान रखना है। उसे रखकर वह उसके घर पर छोड़ देगा। वहाँ अफरोज की बहनों ने उसे खाने को कुछ दिया, जिसमें कुछ मिला हुआ था। इससे वह बेहोश हो गई। जब उसे होश आया तो वह दूसरे राज्य में बंधक थी। यहाँ पर अफरोज उसके साथ दुष्कर्म करता रहा और अपने दोस्तों के सामने भी उसे परोसता रहा।

धर्मांतरण कर किया निकाह

पीड़िता ने बताया कि कई महीनों तक दुष्कर्म के बाद वो उसे झारखंड के गढ़वा कोर्ट लेकर पहुँचा। रास्ते में वो उसे मौलवी के घर लेकर गया और वहाँ उसका धर्म परिवर्तन करा दिया। धर्मांतरण के बाद उसका नाम कायनात खातून कर दिया गया। इसके बाद अफरोज ने उससे निकाह कर लिया। निकाह के बाद अफरोज ने उर्दू में दस्तावेज तैयार करवा लिए। उसके आधार पर उसने कोर्ट मैरिज कर ली।

पीड़िता ने आगे बताया कि कोर्ट मैरिज करने के बाद अफरोज उसे वापस सोनभद्र के दुद्धी थाना इलाके में ले आया और उसे एक कमरे में कैद कर लिया। किसी तरह उसने एक मोबाइल से अपने परिजनों को लोकेशन भेजा। लोकेशन पाने के बाद पुलिस से संपर्क किया और पुलिस ने उसे बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने अफरोज और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है।

जावेद हबीब सैलून में गई हिन्दू नाबालिग, शाहरुख ने फेशियल के बहाने इधर-उधर छुआ: शिकायत के बाद गिरफ्तार, पीड़िता बोली- विरोध के बाद भी लगा रहा था हाथ

गुजरात के सूरत में जावेद हबीब सैलून में काम करने वाले शाहरुख शाह ने एक हिन्दू नाबालिग से छेड़छाड़ की। शिकायत करने पर वह इसे गलती से हुआ काम बताने लगा, अब उसे गुजरात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, रविवार शाम (5 नवम्बर 2023) को एक 17 वर्षीय नाबालिग अपनी माँ के साथ जावेद हबीब सैलून में गई थी। यह सैलून सूरत के VIP रोड पर शिव कार्तिक एन्क्लेव में स्थित है। बाल कटवाने के बाद उसने अपनी माँ से इच्छा जाहिर की कि उसे फेशियल भी करवाना है।

नाबालिग के यह कहने पर आरोपित शाहरुख शाह उसे माँ से अलग एक अन्य कमरे में ले गया। कमरे में अकेला पा कर शाहरुख ने हिन्दू नाबालिग के साथ छेड़छाड़ चालू कर दी और उसे इधर उधर छूने लगा। नाबालिग के विरोध करने पर उसने कहा कि गलती से हाथ लगा है।

हालाँकि, वह इसके बाद भी नहीं रुका और नाबालिग से लगातार छेड़छाड़ करता रहा। नाबालिग ने यह घटना बाहर आकर माँ को बताई जिसके बाद उसके घर वालों ने शाहरुख के खिलाफ सूरत के वेसू थाने में मुकदमा दर्ज करवाया।

शाहरुख की पहचान के लिए पुलिस ने उसे उसके साथ काम करने वाले दो अन्य व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया। जिनमें से शारुख की पहचान पीड़िता ने मैजिस्ट्रेट के सामने कर ली। पुलिस ने अब उसे गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया है।

समाचार वेबसाइट देश गुजरात ने बताया है कि शाहरुख का असली नाम रियाज हस्मातुल्लाह खान है और वह उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले का रहने वाला है। वह सूरत में जावेद हबीब के सैलून में मैनेजर की हैसियत से काम करता था है। शाहरुख पर पॉक्सो एक्ट और धारा 354 (1)(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने नाबालिग के हिम्मत दिखा कर शाहरुख की सच्चाई सामने लाने के लिए प्रशंसा की है और आरोपित के ऊपर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

अगली शादी शुभमन गिल की, GF का नाम सारा: रिश्ते को प्लेयर ने किया उजागर, सैफ अली खान की बेटी ने भी किए इशारे

भारतीय क्रिकेटर शुभमन गिल और सारा तेंदुलकर के रिश्तों को लेकर अब चर्चाएँ और तेज हैं। पिछले दिनों कुछ ऐसे बयान सामने आए हैं जिससे अंदाजा लग रहा है कि इनके बीच वाकई कोई रिश्ता है।

एक वीडियो यूएई क्रिकेटर चिराग सूरी की वीडियो सामने आई है। इसमें रिपोर्टर द्वारा उनसे पूछा जा रहा है कि अगले कौन से क्रिकेटर की शादी होने वाली है। इसमें वो कहते हैं शुभमन गिल की। उनसे पूछा जाता है कि क्या गिल की कोई गर्लफ्रेंड है? इस पर वो सारा का नाम लेते हैं और ये भी क्लियर करते हैं कि वो सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा की ही बात कर रहे हैं।

वीडियो LoveinDubai नाम के यूट्यूब चैनल पर डाली गई है। 26 मिनट की वीडियो में 22 वें मिनट के बाद सारा-शुभमन पर चर्चा को सुन सकते हैं।

आगे रिपोर्टर और चिराग हँसी-मजाक में ये चर्चा करने लगते हैं कि सारा को घर का माहौल कैसा मिलेगा। 40 साल तक उनके पिता सचिन ने क्रिकेट खेला और उसके बाद अब होने वाला पति भी खेलेगा। सब लोग घर आकर एक ही जैसी बात करेंगे।

सारा अली खान ने किए थे इशारे

बता दें कि चिराग सूरी की तरह ही सारा अली खान ने भी कॉफी विद करण शो में इशारा किया था कि शुभमन गिल के साथ जिस सारा का नाम जुड़ा हुआ है वो सारा वो नहीं हैं। उन्होंने कहा था कि सारा का सारा लोग गलत सारा के पीछे पड़े हैं। इसके बाद करण ने उनसे कहा कि इसका मतलब है कि वो सारा-सारा तेंदुलकर है। इस पर सारा अली ने कहा इसका उन्हें नहीं पता, लेकिन उन्होंने कभी शुभमन गिल को डेट नहीं किया।

बता दें कि शुभमन गिल और सारा तेंदुलकर के रिश्तों को लेकर पहले से चर्चा है। अभी कुछ दिन पहले deepfake के जरिए भी किसी ने उनकी और शुभमन की फोटो एडिट की थी। फोटो में सारा के भाई की फोटो हटाकर गिल का चेहरा लगा दिया गया था। हालाँकि बाद में उसके फेक होने की बात सामने आई।

इसके अलावा क्रिकेट के वक्त फैंस भी कई शुभमन के आगे सारा भाभी का नाम लेकर उन्हें छेड़ चुके हैं। एक वीडियो में तो विराट भी इस बात पर मजे लेते दिख रहे थे।

नीतीश कुमार बंडा, तेजस्वी यादव बकलोल: बिहार की महिला विधायकों ने चाचा-भतीजा को धोया, कहा- चिलम चढ़ाकर बोलते हैं मुख्यमंत्री

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण को लेकर महिलाओं पर दिए गए बयान का लगातार विरोध हो रहा है। सीएम नीतीश के माफ़ी माँगने के बाद भी राज्य की सियासत गरमाई हुई है। अब बिहार की महिला भाजपा विधायकों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

नीतीश कुमार ने विधानसभा में कहा था, “अगर पढ़ लेगी लड़की… और जब शादी होगा तब लड़का लड़की का शदिया होता है… तो जो पुरुष है वो तो रोज रात में उसके साथ करता है ना, उसी में और पैदा हो जाता है। लड़की पढ़ लेती है तो हमको मालूम था कि उ करेगा ठीक है! लेकिन अंतिम में भीतर मत घुसाओ उसको बाहर कर दो! करता तो है।”

उनके इस बयान को लेकर बिहार के पश्चिम चंपारण से भाजपा विधायक भागीरथी देवी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इस दौरान भागीरथी देवी ने कहा, “नीतीश जब विधानसभा आते थे तो एक चिलम पीते थे, फिर चढ़ा रहे हैं दो चिलम… जब कल महिला के ऊपर बोले तब वो चार चिलम पीकर आए थे।”

उन्होंने मुख्यमंत्री के इस बयान पर उनका इस्तीफ़ा माँगा है। उन्होंने राज्य के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को उनका पिछलग्गू बताया है। उन्होंने तेजस्वी द्वारा नीतीश के बयान को शिक्षा बताने पर भी प्रश्न खड़े किए। तेजस्वी यादव ने नीतीश के बयान का यह कहकर बचाव किया था कि वह सेक्स की शिक्षा पर बात कर रहे थे।

उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार और तेजस्वी ने यही छि*रा-छि*री की पढ़ाई की है। बाकी लोगों ने नहीं की है। नीतीश कुमार को पता नहीं है कि वो क्या बोल रहे हैं।” उन्होंने कहा कि जब तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से नहीं हटेंगे, तब तक महिला का सम्मान वापस नहीं लौटेगा।

इससे पहले भी भागीरथी देवी ने नीतीश के बयान को लेकर हमला बोला था। भागीरथी देवी ने मीडिया से बात करते हुए कहा था, “नीतीश कुमार डर के मारे विधानसभा नहीं आ रहे हैं। हम लोग उन्हें नहीं छोड़ेंगे। उनका दिमाग खराब हो गया है। उन्होंने पूरे बिहार की महिलाओं की इज्जत मिट्टी में मिला दी है।”

भागीरथी देवी ने आगे कहा, “नीतीश कुमार के खुद बेटी या पत्नी तो है नहीं। वह तो बंडा (विधुर या जिसकी पत्नी का निधन हो गया हो) हैं। दूसरों को देखकर उनको जलन होती है। वो कहते हैं कि लड़का-लड़की सब प्यार-मोहब्बत करती है तो लेके घूमती है… तो लेके सोता है… तो उनको फूल जाता है जिसे निकाल कर फेंक देती है। अरे नीतीश कुमार को शर्म है? ऐसा बोला जाता है।”

तेजस्वी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव बकलोल हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने इधर-उधर जाकर शादी कर ली है। भागीरथी देवी के अलावा भाजपा की अन्य महिला विधायकों ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस बयान और तेजस्वी द्वारा उसका समर्थन करने की आलोचना की।

भाजपा विधान पार्षद निवेदिता सिंह ने नीतीश के बयान के बाद मीडिया में उनकी आलोचना की थी। इस दौरान वे रो पड़ी थीं और अपनी आँखों के आँसू साफ करती नजर आई थीं। इन सबके बीच नीतीश कुमार ने अपने इस बयान पर 8 अक्टूबर को माफ़ी मांग ली थी और खुद की भी निंदा कर दी थी।

डॉक्टर के साथ मारपीट के मामले में कुमार विश्वास ने माँगी माफी, काफिले पर हमले का पुलिस को नहीं मिला कोई सबूत

मशहूर कवि डॉक्टर कुमार विश्वास ने बुधवार (9 नवंबर, 2023 ) की शाम को सोशल मीडिया एक पर पोस्ट किया कि उनके सुरक्षाकर्मियों की कार को एक कार ने आगे-पीछे से धक्का मार दिया। जब सुरक्षाकर्मी उतरकर उससे बात करने लगे तो कार चालक ने सुरक्षाकर्मियों की पिटाई कर दी। वहीं अब इस मामले में किरकिरी होने के बाद कुमार ने माफी माँग ली है।

दरअसल, वसुंधरा स्थित निवास से अलीगढ़ जा रहे कवि डॉ. कुमार विश्वास के काफिले में शामिल सुरक्षाकर्मियों की कार को साइड देने के दौरान टकराने को लेकर मारपीट का मामला सामने आया है। कुमार विश्वास ने आरोप लगाया है कि दूसरी कार में सवार व्यक्ति ने यूपी पुलिस के सिपाही और केंद्रीय सुरक्षाकर्मियों पर हमला कर दिया।

डॉक्टर ने भी लगाया हमले का आरोप 

कुमार विश्वास के आरोप के बाद थोड़ी ही देर में दूसरे पक्ष के डॉक्टर क्टर पल्लव वाजपेयी ने दावा किया कि कुमार विश्वास के सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की है। डॉक्टर का कहना था कि वह वैशाली के आरोग्य अस्पताल से विजयनगर के निजी अस्पताल में आपात स्थिति के लिए जा रहे थे तभी कुमार विश्वास के सुरक्षकर्मियों ने उनकी पिटाई कर दी। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ हमला करने की शिकायत पुलिस से की। 

डॉ वाजपेयी ने डायल- 112 पर पुलिस को भी सूचना दी थी। उन्होंने कहा कि काफी देर तक वह घटनास्थल पर इंतजार करते रहे लेकिन पुलिस नहीं पहुँची। इसके बाद वह इंदिरापुरम कोतवाली पहुँचे और लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की गुहार लगााई।

इसके बाद डॉक्टर के समर्थन में पहुँचे आईएमए के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर कुमार विश्वास के सुरक्षाकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे खामोश नहीं बैठेंगे। वहीं जब पुलिस ने इस मामले की जाँच शुरू की तो शुरुआती जाँच में पुलिस ने भी यही कहा है कि कुमार विश्वास के काफिले पर हमले का कोई सुबूत नहीं मिला है। 

पुलिस की जाँच के बाद ट्रोल हुए कुमार विश्वास

पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्र ने बताया कि कुमार विश्वास ने हमले का जो आरोप लगाया है, प्रारंभिक जाँच में उसकी पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले की जाँच की जा रही है। वहीं जैसे ही पुलिस का बयान आया कि कुमार विश्वास पर हमले का कोई सबूत नहीं मिला है।

पुलिस के इस दावे के सामने आने के बाद से ही कुमार विश्वास को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है। हालाँकि  कुमार विश्वास ने मामला साफ होने के बाद सोशल मीडिया पर लंबा पोस्ट डालकर माफी माँग ली है लेकिन लोग अभी भी उन्हें ट्रोल कर रहे हैं।

एक पत्रकार के पोस्ट पर कुमार ने दी सफाई

हर्षवर्धन त्रिपाठी नाम के वरिष्ठ पत्रकार ने भी कुमार विश्वास के पहले ट्वीट पर सवाल उठाते हुए इसे उनका घमंड बताया था।

इस पर कुमार विश्वास ने हर्षवर्धन त्रिपाठी को रिप्लाई करते हुए सफाई दी है। 

शिमला मिर्च के बॉक्स उठा रहा था रोबोट, फैक्ट्री वर्कर को भी समझ लिया डब्बा: उठाकर छाती-चेहरा मसल दिया, मौत

साउथ कोरिया में एक व्यक्ति को रोबोट ने कुचलकर मार डाला। कथिततौर पर रोबोट इंसान और सब्जी के डब्बे में फर्क नहीं समझ पाया। उसने डब्बे की जगह इंसान को उठाया और फिर उसे डब्बे की तरह दबा दिया। प्रेशर इतना ज्यादा था कि व्यक्ति का चेहरा और छाती दोनों कुचल गए।

योनहॉप न्यूज एजेंसी द्वारा साझा की गई खबर के हवाले से बताया गया कि व्यक्ति रोबोटिक्स कंपनी में ही वर्कर था। घटना के वक्त उसे साउथ ग्योंगसैंग प्रांत के कृषि उपज के एक वितरण केंद्र पर रोबोट का सेंसर ऑपरेशन चेक करने को भेजा गया था।

वहाँ इंडस्ट्रियल रोबोट शिमला मिर्च के डब्बे उठाकर पैलेट पर रखने का काम कर रहा था। उसी दौरान बताया जा रहा है मशीन में कुछ खराबी आई और रोबोट ने इंसान को ही शिमला मिर्च का बॉक्स समझ लिया और फिर उसका ऊपर हिस्सा पूरा कन्वेयर बेल्ट से पकड़कर नीचे की ओर दबा दिया। इसमें वर्कर की छाती और चेहरा दोनों मसल गए।

घटना के बाद वर्कर को अस्पताल लेकर जाया गया लेकिन इलाज से पहले उसकी मौत हो गई।

बता दें कि साउथ कोरिया से आने वाला इस साल का ये दूसरा मामला है। इसी वर्ष मार्च में एक दक्षिण कोरियाई व्यक्ति को ऑटोमोबाइल पार्ट्स विनिर्माण संयंत्र में काम करते समय रोबोट द्वारा जकड़ लिए जाने के बाद गंभीर चोटें आई थीं।

उल्लेखनीय है कि इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर ये बहस दोबारा से होने लगी है कि क्या वाकई कार्यस्थलों पर इंसानों की जगह कभी मशीन ले सकती है? लोगों का इस घटना का उदाहरण देते हुए ये कहना है कि ये फर्क होता है वास्तविक बुद्धिमत्ता और मशीनी बुद्धिमत्ता में।

पहले गैंगरेप किया, फिर सिर में गोली मारी, उसके बाद स्तन काटकर खेलने लगे इस्लामी आतंकी: इजरायल पर हमास के हमले की क्रूर कहानी महिला ने बताई

इस्लामी आतंकी संगठन हमास द्वारा 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर किए गए हमले में बचे लोग अब सामने आकर आपबीती सुना रहे हैं। ऐसी कई महिलाओं ने सामने आकर आतंकियों की बर्बरता को बताया है। ऐसी ही एक और महिला सामने आई है। उसकी कहानी रोंगटे खड़ी करने वाले हैं।

हमास के हमले में खुद को बचाने में कामयाब रही इस इजरायली महिला ने पुलिस की 433 लाहव क्राइम यूनिट के सामने रेइम इलाके में हुए नरसंहार की आँखों देखी बताई। महिला ने बताया कि उसने एक अन्य महिला का गैंगरेप देखा। गैंगरेप के बाद आतंकियों ने उसके सिर में गोली मारकर हत्या कर दी।

इस युवा महिला ने बताया, “मैं छुपने की कोशिश कर रही थी। मैंने देखा कि हमास का एक आतंकी एक महिला का रेप कर रहा है। वह महिला पहले जिन्दा थी और उसके शरीर के पिछले हिस्से से खून निकल रहा था। आतंकियों ने सेना की वर्दी पहन रखी थी।”

महिला ने आगे बताया, “वे (हमास आतंकी) उसके ऊपर झुका हुआ था। वे पीछे से उसके बालों को पकड़कर खींच रहे थे। मुझे महसूस हुआ कि वे लोग किसी महिला का गैंगरेप कर रहे थे। मैंने देखा कि एक के जाने के बाद दूसरा उसका बलात्कार करने आ रहा है।” बाद में उनमें से एक आतंकी ने महिला के सिर में गोली मार दी।

एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक इजरायली लेखक ने प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से कहा कि हमास के आतंकवादियों में से एक ने बलात्कार करते समय युवती के सिर में गोली मार दी। “उसने अपनी पैंट भी नहीं उठाई। उन्होंने उसके स्तन काट दिए और उसके साथ खेला।” हेन मैज़िग ने प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से कुछ सूत्रों से मिली जानकारी के बारे में यह बात कही।

ये कहानी उन दर्जनों महिलाओं की कहानी में से एक है, जिनके साथ हमास के आतंकियों ने क्रूरता की और उन्हें गोली मार दी थी। इजरायली पुलिस को ऐसी कई महिलाओं के शव मिले हैं, जिनके शरीर पर क्रूरता के निशान साफ तौर पर देखे गए। उनके शरीर को क्षत-विक्षत कर दिया गया था।

इजरायल की पुलिस के अलावा एक स्वयंसेवी संस्था ‘जाका’ (ZAKA) ने बलात्कारियों और हत्यारों को पहचानने में पुलिस की सहायता कर रहे हैं। यह समूह हमास के हमले के बाद से शवों को इकट्ठा कर रहा है। इसको मिले कई महिलाओं के शवों पर क्रूरता के निशान थे। पुलिस ने इन हत्या और बलात्कार की कुछ घटनाओं के अपराधियों को पहचानने में भी सफलता पाई है।

हमास के आतंकियों ने 7 अक्टूबर के हमले में 1,400 से अधिक लोगों को मार दिया था। हमास के आतंकियों ने इन हत्याओं की वीडियो भी बनाई थी। यह जानकारी सामने आई है कि इजरायल की पुलिस 50,000 वीडियो स्कैन कर रही है, ताकि आतंकियों और बलात्कारियों को पहचाना जा सके।

श्रीलंका में चीन को चुनौती: अडानी समूह के प्रोजेक्ट में ₹4600 करोड़ निवेश करेगा अमेरिका, कोलंबो में बन रहा बंदरगाह

भारत के अडानी ग्रुप में अमेरिका 553 मिलियन डॉलर (लगभग 4,605 करोड़ रुपए) का निवेश करेगा। अमेरिका यह फाइनांस समूह के मालिक गौतम अडानी द्वारा श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में विकसित किए जा रहे एक बंदरगाह टर्मिनल के लिए प्रदान करेगा। दरअसल, श्रीलंका में अपना प्रभाव जमाए चीन को अमेरिका दक्षिण एशिया में चीन के प्रभाव को कम करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम कर रह रहा है।

कोलंबो में गहराई में बनाए जाने वाले वेस्ट कंटेनर टर्मिनल के लिए इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कार्पोरेशन से वित्तपोषण अमेरिका की सरकारी एजेंसी द्वारा एशिया के किसी भी देश में बुनियादी ढाँचे पर किया जाने वाला यह सबसे बड़ा निवेश है। इसके अलावा, यह विश्व के सबसे बड़े निवेशों में से एक है। डीएफसी ने एक बयान में कहा, यह श्रीलंका की आर्थिक वृद्धि और दोनों देशों के प्रमुख भागीदार भारत सहित इसके क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देगा।

दरअसल, पिछले साल आर्थिक मंदी से पहले कोलंबो द्वारा चीनी बंदरगाह और राजमार्ग परियोजनाओं पर चीन ने बड़े खर्च किया था। इससे वह चीन का ऋणी हो गया। इसके बाद अब अमेरिकी फंडिंग श्रीलंका पर चीन के प्रभुत्व को कम करने के नए प्रयासों का भी संकेत देती है। वहीं, इस मामले में भारत भी अपने पड़ोस में शक्ति संतुलन को अपनी ओर झुकाना चाहता है।

यह फंडिंग डीएफसी निवेश के वैश्विक निवेश का हिस्सा है, जो साल 2023 में कुल $9.3 बिलियन था। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि श्रीलंका के बंदरगाह के वित्तपोषण को इंडो-पैसिफिक की विकास परियोजनाओं में अमेरिकी की और अधिक संलग्नता की ओर इशारा करता है। दरअसल, चीन भी श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह को विकसित कर रहा है। इसकी अमेरिका ने आलोचना की थी।

अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग मार्गों के निकट होने के कारण कोलंबो का बंदरगाह हिंद महासागर में सबसे व्यस्त बंदरगाहों में से एक है। सभी कंटेनर जहाजों में से लगभग आधे इसके जल क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। डीएफसी ने कहा कि वह दो वर्षों से 90% से अधिक उपयोग पर काम कर रहा है और उसे नई क्षमता की आवश्यकता है।

चीन ने पिछले साल के अंत तक श्रीलंका में लगभग 2.2 बिलियन डॉलर (18,321 करोड़ रुपए) का निवेश किया था। इस तरह चीन श्रीलंका का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेशक बन गया है। वह हंबनटोटा बंदरगाह और अन्य राजमार्ग परियोजनाओं के जरूरी हिंद महासागर क्षेत्र में जासूसी और अपना आधिपत्य स्थापित कर रहा है।

बता दें कि इस साल जनवरी में अमेरिकी शॉर्टसेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने अडानी ग्रुप पर कई तरह की वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया था। इससे अडानी ग्रुप की कंपनियों को लगभग 150 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था। अब अमेरिका द्वारा अडानी समूह में निवेश करना कंपनी के लिए लाभदायक साबित होगा। श्रीलंका के जिस प्रोजेक्ट में अमेरिका ने निवेश किया है, उसमें अडानी समूह की 51 फीसदी हिस्सेदारी है।

जिस तारीख पर आया राम मंदिर को लेकर सुप्रीम फैसला, उसी दिन अयोध्या में बैठी योगी कैबिनेट: बोले PM मोदी- राम काज कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम

राम मंदिर में जैसे-जैसे प्राण प्रतिष्ठा के दिन करीब आ रहे हैं वैसे-वैसे निर्माण कार्य तेजी पर है। पीएम नरेंद्र मोदी एक तरफ मध्यप्रदेश में रैली के दौरान आज (9 नवंबर 2023) ये बात बोल आए कि राम काज कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम, तो वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार राम मंदिर से जुड़े कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में अपनी पहली मंत्रिमंडल की बैठक की है। सीएम योगी ने पहले आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जाकर रामलला के दर्शन किए और फिर मंत्रिमंडल के साथियों के साथ अयोध्या में उसी तारीख को अपनी पहली बैठक की जिस दिन सुप्रीम कोर्ट से राम मंदिर को लेकर फैसला आया था। यानी- 9 नवंबर।

सीएम योगी सुबह 11 बजे अयोध्या स्थित रामकथा पार्क पहुँचे और फिर मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों के साथ हनुमानगढ़ी मंदिर का दर्शन किया। इसके बाद उन्होंने रामलला के भी दर्शन किए और बैठक को अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में शुरू किया। इससे पहले ये बैठकें लखनऊ में मंगलवार को होती थी। मगर अब वीरवार को अयोध्या में हुई। इस बैठक में मंदिर के निर्माण से लेकर दीपोत्सव तक पर बात होगी।

दिलचस्प बात ये है कि सीएम योगी आदित्यानाथ जहाँ राम मंदिर के कार्य में कोई ढिलाई नहीं बरत रहे। वहीं पीएम ने सतना में रैली करते हुए साफ कर दिया है कि जब तक राम मंदिर का काज पूरा नहीं होता तब तक विश्राम नहीं करेंगे।

सतना में पीएम मोदी की रैली और अयोध्या का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सतना में रैली के एक ओर जहाँ जमकर कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कॉन्ग्रेस आई-तबाही लाई का नारा दिया। तो वहीं अयोध्या में राम मंदिर पर खुलकर बात करते हुए कहा, “आजकल मैं जहाँ भी जाता हूँ वहाँ अयोध्या में बन रहे प्रभु राम के बन रहे भव्य मंदिर की चर्चा चलती है। पूरे देश में खुशी की लहर है।”

इसके बाद उन्होंने बताया कि उन्हे प्रेरणा- राम काज कीन्हे बिनु मोहि कहाँ बिश्राम चौपाई से प्रेरणा मिलती है और यही बात हमेशा उनके काम में गूँजती रहती है। आगे वह जनता से बोले-अब रुकना नहीं है। अब थकना नहीं है और विश्राम का तो सवाल पैदा ही नहीं होता।