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‘जोहिद अख्तर के घर पर चले बुलडोजर’: हिन्दू बच्ची की आत्महत्या के बाद सड़क पर शव रख कर प्रदर्शन, जाँच के लिए पहुँच रही बाल आयोग की टीम

लखीमपुर खीरी के संपूर्णानगर में आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने से आहत किशोरी की आत्महत्या के बाद माहौल गरमा गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव शनिवार (4 नवंबर, 2023) को घर पहुँचने के बाद कस्बे के लोगों, परिजनों और हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जाम लगाने की कोशिश की। आरोपित जोहिद के घर पर बुलडोजर चलाने की माँग भी प्रदर्शनकारियों द्वारा की जा रही है।

दरअसल, गुरुवार (2 नवंबर, 2023) को 17 वर्षीय किशोरी का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिला था। आत्महत्या के इस मामले में बताया गया है कि पीड़िता आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने से आहत थी। इस मामले में आरोपित का जोहिद अख्तर को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं जोहिद के परिवार के दूसरे नामजद आरोपितों की गिरफ़्तारी और कार्रवाई को लेकर हंगामा हो रहा है।

NCPCR ने लिया संज्ञान 

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। NCPCR के चेयरपर्सन प्रियंक कानूनगो ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए एक टीम लखीमपुर खीरी भेजी है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, “उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में अपराधियों द्वारा एक नाबालिग बच्ची से निकाह के लिए उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाने व शारीरिक शोषण के लिए ब्लैकमेल किए जाने पर बच्ची द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना का संज्ञान लिया जा रहा है। NCPCR की एक टीम लखीमपुर खीरी पहुँच कर मामले की जाँच करेगी। किसी भी दोषी को बचने नहीं दिया जाएगा।”

बता दें के आत्महत्या के इस मामले में परिजनों ने ग्रामीणों को साथ लेकर शनिवार (4 नवंबर, 2023) की सुबह सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। इस बीच कुछ लोगों ने आरोपित की दुकान में तोड़फोड़ कर दी। जिसके बाद पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद भड़की भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि कस्बे की दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई।

चूँकि मामला हिन्दू-मुस्लिम होने के कारण घटना से कस्बे में तनाव के हालात बन गए हैं। जिसके बाद पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है।

रात जुटने लगी थी भीड़

किशोरी का शव शनिवार रात करीब 10.30 बजे घर लाया गया। इसकी सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ता हजारा थाने की तरफ इकठ्ठा होने लगे। रात करीब 11.30 बजे थाना गेट पर एसओ से वार्ता कर फरार चल रहे आरोपितों को गिरफ्तार करने की माँग होने लगी। गिरफ्तारी न होने पर शव का अंतिम संस्कार न करने की बात कही गई। इस पर थाना प्रभारी सियाराम वर्मा, गौरीफंटा एसओ अनिल कुमार सैनी ने लोगों को समझाते हुए कहा कि मुख्य आरोपित जोहिद को पकड़ा जा चुका है। अन्य की गिरफ्तारी को लेकर टीम गठित की गई है।

क्या है पूरा मामला 

इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए मृतका की माँ ने कस्बे के ही मुस्लिम समुदाय के युवक जोहिद अख्तर पर वीडियो वायरल करने और शिकायत पर पिटाई करने का आरोप लगाया। इस घटना का शिकायत पत्र ऑपइंडिया के पास है। जिसमें 17 वर्षीय किशोरी को प्रेम प्रसंग में बहला-फुसलाकर रेप करने और फिर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने का आरोप लगाया गया है।

इस मामले में शिकायत में कहा गया है कि जाहिद नूर का बेटा जोहिद अख्तर लव जिहाद के उद्देश्य से हिन्दू लड़की की अश्लील वीडियो बनाकर उससे शारीरिक सम्बन्ध बनाता रहा और बाद में जोहिद ने वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। 

जब इस घटना की खबर परिजनों को हुई तो पीड़िता के माता-पिता जब जोहिद के घर शिकायत लेकर पहुँचे तो मार-पिटाई की नौबत आ गई। जोहिद के अब्बू जाहिद ने बेटे से इज्जत जाने और निकाह पढ़वाने की बात कही। कहा कि जब बदनामी हो ही गई तो अब निकाह पढ़वा लो। 

शिकायत में जोहिद अख्तर, शोएब अख्तर, शोहिल और इनके अब्बू जाहिद नूर और अम्मी पर पिटाई करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। जिनकी अब गिरफ्तारी की माँग हो रही है। 

सरकारी अधिकारी बोलने गए थे पराली मत जलाओ, किसानों ने उन्हीं के हाथों लगवा दी आग: पंजाब का वीडियो वायरल

दिल्ली में एक ओर जहाँ बढ़ते प्रदूषण के पीछे आम आदमी पार्टी सरकार हरियाणा में जलने वाली पराली को दोष देने में लगी है और ये बता रही है कि पंजाब में तो सरकारी अधिकारी गाँव गाँव जाकर किसानों को पराली जलाने से रोक रहे हैं। उसी बीच सोशल मीडिया पर पंजाब के बठिंडा से एक वीडियो सामने आई है।

इस वीडियो में देखने को मिल रहा है कि कई किसान शर्ट-पैंट में खड़े दो व्यक्तिों को घेरकर उनसे तेज-तेज बात कर रहे हैं और उसके बाद उनमें से एक को देकर पराली में आग लगवा रहे हैं। वीडियो बनाने वाले को कहते सुना जा सकता है- ये देखो भाई ये आग बुझाने आए थे और अब खुद आग लगा रहे हैं।

ये वीडियो एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तो वायरल है ही इसके अलावा मीडिया ने भी इस घटना की वीडियो को शेयर किया है। दावा है कि ये शर्ट पैंट में नजर आ रहे व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि सरकारी अधिकारी हैं। जो किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए गाँव गए थे।

एबीपी पंजाबी की रिपोर्ट के अनुसार, किसानों और सरकारी अधिकारियों के बीच में पहले बहुत देर तक खुले खेत में बहस होती रही। अधिकारी उन लोगों से पहले मना करते रहे कि वो पराली में आग नहीं लगाएँगे। बाद में किसान उन्हें कहते हैं कि वो अपने ऊपर अधिकारियों को जाकर बता दें कि उनपर दबाव बनवाकर पराली जलवाई गई थी।

अधिकारी उन्हें समझाते हैं कि इसके परिणाम बुरे हो सकते हैं, किसानों पर मामला दर्ज हो सकता है… लेकिन किसान तब भी बोलते हैं कि अगर ऐसा कुछ होता है तो वो खुद देख लेंगे। इसके बाद उनसे पराली में आग लगवा दी जाती है।

रिपोर्ट्स् के अनुसार ये मामला पंजाब के भटिंडा जिले के बुर्ज महमा का है। पत्रकार गगनदीप ने भी इस वीडियो को शेयर किया है। वीडियो की शुरुआत में स्पष्ट है कि कैसे दो अधिकारियों को धक्का दे देकर आगे किया गया और फिर सबके सामने उनसे आग लगवा दी गई।

गगनदीप सिंह के ट्वीट के अनुसार पंजाब मुख्यमंत्री ने कहा कि इस किसानों पर एफआईआर होगी जिन्होंने पराली जलाने से रोकने गए सरकारी अधिकारियों से जबरदस्ती की।

‘सिर्फ गुजराती ही ठग हो सकते हैं…’: कोर्ट के समन के बावजूद अहमदाबाद नहीं गए तेजस्वी यादव, मानहानि का चल रहा मुकदमा

गुजरातियों को ठग कहने के मामले में मानहानि केस का सामना कर रहे बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव शनिवार (4 नवंबर 2023) को अहमदाबाद के मेट्रोपोलिटन कोर्ट में पेश नहीं हुए। उन्होंने अपने वकील के माध्यम से ट्रायल कोर्ट को बताया कि इस मामले को स्थानांतरित करने की माँग वाली उनकी याचिका सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए उन्होंने पेशी से छूट देने की भी माँग की।

कोर्ट में पेशी की छूट की माँग करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि वह बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं और कानून का पालन करने वाले नागरिक हैं। तेजस्वी यादव ने अपने वकील के माध्यम से कोर्ट को बताया कि उनके द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 6 नवंबर 2023 को सुनवाई कर सकता है। इसलिए उन्हें राहत दी जाए।

दलीलें सुनने के बाद ट्रायल कोर्ट ने सुनवाई 2 दिसंबर 2023 तक टाल दी है। हालाँकि, हरेश मेहता के वकील ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक इस मामले में कोई निर्देश नहीं दिया है। ऐसे में ट्रायल कोर्ट तेजस्वी यादव की गैर-मौजूदगी में भी सुनवाई जारी रख सकती है।

दरअसल, तेजस्वी यादव ने अपने एक बयान में कहा था कि ‘सिर्फ गुजराती ही ठग हो सकते हैं और उनका अपराध माफ भी कर दिया जाएगा। अगर वह देश से फरार भी हो जाएँ तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा?’ उनके इस बयान को लेकर गुजरात के सामाजिक कार्यकर्ता हरेश मेहता ने मानहानि का मामला दर्ज कराया था।

मेहता ने अपनी याचिका में कहा था कि तेजस्वी यादव ने पूरे गुजरातियों को ठग कहकर उनका अपमान किया गया है। उन्होंने इस मामले में कोर्ट से तेजस्वी यादव को सजा देने की माँग की है। मामले की सुनवाई करते हुए अहमदाबाद की ट्रायल कोर्ट ने 22 सितंबर 2023 को तेजस्वी यादव को मानहानि मामले में समन जारी किया था। 

बिहार में मुख्यमंत्री वाली सड़क ही लूट कर ले गए: RJD विधायक ने किया था उद्घाटन, सोशल मीडिया पर वीडियो देख अचम्भे में लोग

बिहार से अक्सर अजब-गजब वीडियो सामने आ रहे हैं। कई ऐसे वीडियो सामने आए हैं जहाँ शराब, मछली, प्याज या पेट्रोल-डीजल लूट लिए जाते हैं। यहाँ तक कि एक मोबाइल टॉवर भी लूट लिया गया। अब बिहार के जहानाबाद का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि ग्रामीणों ने सड़क ही लूट ली। वीडियो में लोग सड़क की पूरी कंक्रीट ही उठा कर ले गए। वीडियो देख कर लोग हैरत में हैं। घटना मखदुमपुर प्रखंड के औदान बिगहा की है।

असल में बात ये है कि लगभग 3 महीने पहले RJD विधायक सतीश कुमार दास ने सड़क बनाने के काम को शुरू करवाया था, लेकिन बिहार की परियोजनाओं की तरह ये भी अटकी ही रह गई। लेकिन, यहाँ इसका कारण अजीब है। बात ये है कि जब भी सड़क बनाने का काम शुरू किया जाता है, लोग मटेरियल ही लूट कर ले जाते हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि इस कृत्य में महिलाएँ भी शामिल हैं। पूरी की पूरी सड़क ही साफ़ कर दी जाती है। ये सड़क 3 किलोमीटर तक बनाई जानी है। लूट के बाद विधायक का बयान भी सामने आया है।

ABP न्यूज़ से बात करते हुए विधायक सतीश कुमार दास ने बताया कि उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मिल कर ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना’ के अंतर्गत उन्होंने यहाँ रोड बनवाने का काम शुरू करवाया था। 3 किलोमीटर में से अधिकतर हिस्से का काम पूरा भी कर लिया गया था। सिर्फ PCC का काम होना बाकी था। हालाँकि, पीसीसी के मैटेरियल को गाँव वालों ने अपने निजी काम के लिए लूटना शुरू कर दिया। विधायक ने इस तरह की प्रवृत्ति को गलत करार दिया।

उन्होंने इसके बाद पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वो अपनी निगरानी में इस सड़क के निर्माण का कार्य फिर से शुरू करवाएँ और ये सुनिश्चित किया जाए कि ये पूरा हो। सोशल मीडिया पर भी लोग इस वीडियो के मजे लेते हुए कह रहे हैं कि बिहार में स्थिति ऐसी है कि लोग मुख्यमंत्री की योजना की सड़क ही चुरा कर ले जा रहे हैं। बड़ी बात ये है कि ये सड़क पहले भी कई बार चोरी की जा चुकी है। बिहार बदहाल कानून-व्यवस्था को लेकर पहले से ही चर्चा में है।

पाकिस्तानी TikTok स्टार अलीजा सहर का MMS वायरल, रोते-रोते किया खुलासा, लीक करने वाले को कहा- ‘कुत्ता’

पाकिस्तानी टिकटॉक स्टार अलीजा सहर (Aliza Sehar) का एक प्राइवेट वीडियो (MMS) वायरल है। जिसके बाद यू ट्यूबर बहुत ही परेशान नजर आ रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद अलीजा को अपनी प्रसिद्धि खोने का डर सता रहा है। वहीं वीडियो लीक होने का खुलासा भी उन्होंने एक नए वीडियो में रोते-रोते किया।

हालाँकि, वीडियो लीक होने के बाद यूट्यूबर इंटरनेट पर और भी सर्च की जा  रही है। वहीं उसकी हर तरफ जमकर आलोचना भी हो रही है। पाकिस्तानी भड़के हुए हैं। इस मामले का खुलासा करते हुए यूट्यूबर ने एक वीडियो शेयर किया है।

अलीजा सहर अपने इस हालिया वीडियो में रोती नजर आ रही हैं। वो काफी परेशान हैं। वीडियो की शुरुआत में अलीजा कहती हैं कि सबको मेरा नमस्ते। मेरे बारे में आजकल काफी सारी बातें हो रही हैं। मैं आपको इस मसले पर सारी बातें बताऊँगी। सुबह से शाम तक मैं मुल्तान में भटकती रही लेकिन साइबर क्राइम के तहत कोई भी एक्शन नहीं लिया गया।

यूट्यूबर ने उस शख्स को कुत्ता कहकर बुलाया, जिसने वीडियो वायरल किया था। उस शख्स ने बताया कि मैंने वीडियो एडिट जरूर किया था लेकिन मैंने अपलोड नहीं किया। जिन लोगोंं ने मुझे सपोर्ट किया है, उनका बहुत-बहुत शुक्रिया। मैं अपनी मेहनत से अपना रोजी-रोटी कमाती हूँ और वो सब आप सभी के सामने है। मुझे किसी ने धमकी दी है और मेरे यूट्यूब चैनल के शुरुआती दिनों से ही प्रोग्रेस को रोकने की कोशिश की है। लोगों ने मेरे ऊपर परेशानी डाली है लेकिन मैंने हार नहीं मानी, क्योंकि मेरे परिवार ने मुझे सहारा दिया है।

इतना ही नहीं, उन्होंने आगे वीडियो में उनकी प्राइवेट वीडियो वायरल करने वाले आरोपित को ‘कुत्ता’ कहकर बुलाया, साथ ही बताया कि वो शख्स फिलहाल कतर में बैठा है। अलीजा ने उन लोगों का भी धन्यवाद किया जो, उन्हें सपोर्ट कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। 

गौरतलब है कि अलीज़ा सहर बतौर यूट्यूबर पाकिस्तान में एक मशहूर नाम है और अपने सोशल मीडिया कंटेंट के लिए जानी जाती है। वो ज्यादातर अपने घरेलू कामों का व्लॉग और टिकटॉक वीडियो बनाती है।

अशफाक ने 5 साल की हिन्दू बच्ची को जूस में दिया नशा, बेहोश होने पर किया बलात्कार फिर मार डाला: 100 दिन में केरल HC ने ठहराया दोषी, फाँसी की माँग

केरल के एर्नाकुलम POCSO कोर्ट ने शनिवार (4 नवंबर,2023) को अलुवा में एक नाबालिग हिन्दू बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले में प्रवासी मजदूर अशफाक आलम को दोषी ठहराया है। आरोपित सभी 16 आरोपों में दोषी पाया गया। कोर्ट में जज के सोमन ने कहा कि दोषी की सजा का ऐलान गुरुवार (9 नवंबर,2023) को किया जाएगा।

इस केस में ये फैसला वारदात के 100 दिनों बाद आया। गौरतलब है कि बिहार के रहने वाले आपराधिक पृष्ठभूमि वाले आलम ने बिहार के ही दंपत्ति की 5 साल की बच्ची का 28 जुलाई, 2023 को अपहरण कर लिया था। बच्ची की लाश 29 जुलाई 2023 को कूड़े के ढेर से एक बोरे के अंदर मिली थी। इसके बाद ही आलम को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

अशफाक आलम की सजा को लेकर खास सरकारी वकील मोहन राज ने कहा कि आरोपित पर लगाए गए सभी 16 आरोप कोर्ट में साबित हो गए हैं। इनमें से 5 आरोपों में उसे मौत की सजा दी जानी चाहिए।

अभियोगी पक्ष दोषी ठहराए गए अशफाक आलम के लिए अधिकतम सजा की माँग कर रहा है। वहीं मृतक बच्ची के अभिभावकों ने फैसला का स्वागत करते हुए आरोपित के मृत्यु दंड देने की माँग की है।

इस खौफनाक दिल को झकझोर कर रख देने वाली घटना के बाद पूरा केरल सकते में आ गया था। 28 जुलाई को हुई घटना से जुड़े केस में 35वें दिन आरोप पत्र जारी किया गया था। दो महीने बाद मुकदमा शुरू हुआ और अदालती कार्यवाही 26 दिन में पूरी हुई।

पुलिस के मुताबिक, नशे के आदी आरोपित अशफाक ने नाबालिग बच्ची को जूस की बोतल में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया था। इसके बाद उसके साथ बलात्कार किया। इस दौरान अशफाक ने बच्ची के बेहोश होने के बाद उसकी हत्या कर दी।

इस केस मामले में कुल 41 गवाहों से पूछताछ की गई। केवल हिंदी जानने वाले आरोपित अशफाक को मुकदमे के दौरान एक दुभाषिया मुहैया कराया गया था। वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तेजी से जाँच पूरी की और घटना के 30 दिनों के अंदर केस दर्ज कर डाला।

293 टिकट बिके, ओपनिंग डे पर ₹40000 की भी कमाई नहीं… दर्शकों को ही धमका चुके हैं अर्जुन कपूर, अब रिलीज होते ही फ्लॉप हो गई फिल्म

अर्जुन कपूर की फिल्म ‘The Lady Killer’ बॉक्स ऑफिस पर रिलीज होते ही फ्लॉप घोषित कर दी गई है। इस फिल्म में भूमि पेडनेकर ने बतौर अभिनेत्री काम किया है। शुक्रवार (3 नवंबर, 2023) को रिलीज हुई ‘द लेडी किलर’ के बारे में बताया गया है कि पहले दिन इसके 300 टिकट भी नहीं बिके, फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की तो बात ही छोड़ दीजिए। इसके ट्रेलर में दिखाया गया था कि ये फिल्म मर्डर मिस्ट्री के इर्दगिर्द घूमेगी।

साथ ही चर्चाओं को जन्म देने के लिए अर्जुन कपूर और भूमि पेडनेकर के बीच बोल्ड दृश्य भी दिखाए गए थे। स्थिति ये थी कि खुद फिल्म के अभिनेता-अभिनेत्री ने ही अपने सोशल मीडिया हैंडलों से इसके ट्रेलर को शेयर नहीं किया। इसका प्रमोशन तक नहीं किया गया और सोशल मीडिया पर इसे रिलीज कर दिया गया। पहले दिन इसके मात्र 293 टिकट ही बिके। वहीं कलेक्शन की बात करें तो ये 38,000 रुपए के आसपास रहा, जो कि बॉलीवुड स्टार्स के हिसाब से बहुत कम है।

वहीं ‘बॉलीवुड हंगामा’ के आँकड़े की मानें तो पहले दिन मात्र 500 लोग ही इस फिल्म को देखने पहुँचे और इसका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 30-35,000 रुपए के आसपास रहा। रिलीज के 5 दिन पहले ही इसका ट्रेलर आया था। बताया जा रहा है कि फिल्म बजट से ज़्यादा जा रही थी, इसीलिए इसे जल्दी-जल्दी बना कर जैसे-तैसे रिलीज कर दिया गया। ‘The Lady Killer’ को रिलीज के लिए स्क्रीन्स तक नहीं मिले, मतलब इसकी रिलीज सिर्फ एक औपचारिकता भर थी।

बता दें कि अर्जुन कपूर कभी दर्शकों को ही गीदड़-भभकी दे चुके हैं। आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’ के पिटने के बाद उन्होंने एक बयान देते हुए कहा था, “मुझे लगता है कि हमने बॉयकॉट के बारे में चुप रहकर गलती की और यह हमारी शालीनता थी लेकिन लोगों ने इसका फायदा उठाना शुरू कर दिया है। मुझे लगता है कि हमने यह सोचकर गलती की है कि ‘हमारा काम खुद बोलेगा’। आप जानते हैं कि आपको हमेशा अपना हाथ गंदा करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि हमने इसे बहुत सहन किया और अब लोगों ने इसे एक आदत बना लिया है।”

शौचालय बनाने आया था फुरकान अली, ‘सुल्तान सिंह’ बन कर दलित लड़की को ले भागा: निकाह के डेढ़ साल बाद पिटाई कर घर से निकाला

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से लव जिहाद का एक मामला सामने आया है। यहाँ फुरकान अली नाम का एक राजमिस्त्री खुद को हिन्दू बताकर एक दलित लड़की को अपनी जाल में फँसाकर भगा ले गया। फुरकान के चंगुल में फँसी लड़की ने खुद को धोखे में रखकर निकाह करने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने गुरुवार (2 नवम्बर 2023) को पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला मैनपुरी के कुरावली थाना क्षेत्र का है। यहाँ के एक गाँव में 2 साल पहले सरकारी निर्देश पर शौचालय का निर्माण हो रहा था। इसी में संभल का रहने वाला फुरकान अली राजमिस्त्री के तौर पर काम कर रहा था। इस दौरान वह एक दलित परिवार में शौचालय बना रहा था।

उसी दौरान फुरकान दलित लड़की के संपर्क में आया। फुरकान ने उसे अपना नाम सुल्तान सिंह और खुद को पीड़िता की ही बिरादरी का बताया था। कुछ समय बाद पीड़िता और फुरकान में फोन पर बातें होने लगीं। बताया जा रहा है कि थोड़े समय की बातचीत के बाद फुरकान ने सुल्तान बनकर पीड़िता को अपने जाल में पूरी तरह से फँसा लिया।

लगभग डेढ़ साल पहले फुरकान पीड़िता को अपने साथ संभल भगा ले गया। महिला के घर से जाने के बाद परिजनों ने काफी दिन तक उसकी तलाश की। हालाँकि, उसके नहीं मिलने पर वे थक हारकर बैठ गए। इधर मुरादाबाद में फुरकान ने पीड़िता से निकाह किया। जब महिला फुरकान के घर गई, तब उसे अपना निकाह किसी मुस्लिम से होने की जानकारी हुई।

आरोप है कि फ़ुरक़ान पीड़िता पर लगातार अत्याचार करता रहा। फुरकान ने महिला को मारपीट कर घर से निकाल लिया। संभल से पीड़िता सीधे अपने घर आई। घर से वह परिजनों के साथ थाने पहुँची और फुरकान के खिलाफ FIR दर्ज करवाया। पुलिस ने 2 नवंबर 2023 को फुरकान को गिरफ्तार कर लिया। जरूरी कार्रवाई के बाद आरोपित को जेल भेज दिया गया है।

अगले 5 साल के लिए बढ़ाई गई 80 करोड़ गरीबों को राशन वाली योजना: खुद PM मोदी ने किया ऐलान, PMGKAY के अलावा NFSA के तहत भी मिलता रहेगा अनाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि गरीबों के लिए चल रही राशन योजना को अगले 5 साल के लिए फिर बढ़ाने का फैसला लिया गया है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में उन्होंने इसकी घोषणा करते हुए कहा, “मैंने निश्चय कर लिया है कि देश के 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन देने वाली योजना को भाजपा सरकार अब अगले 5 साल के लिए और बढ़ाएगी। आपका ये प्यार और आशीर्वाद मुझे हमेशा पवित्र निर्णय करने की ताकत देता है।”

बता दें कि देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिए जाने की योजना कोरोना वायरस महामारी के दौरान शुरू की गई थी और उसके बाद इसे कई बार आगे बढ़ाया जा चुका है। अब अगले 5 वर्ष तक इसका लाभ जनता को मिलता रहेगा। ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY)’ के तहत हर महीने प्रति व्यक्ति को 5 किलो अनाज मुफ्त में मिलते हैं। ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA)’ पहले से ही लागू है, ये योजना इसके साथ-साथ ही चल रही है।

NFSA के तहत पहले से जो अनाज मिल रहा है, वो भी नियमित रूप से चलता रहेगा। PMGKAY के बारे में बता दें कि ये 30 जून, 2020 से लेकर अब तक चलती आ रही है। इससे पहले इसे दिसंबर 2023 तक बढ़ाया गया था। ये 1.70 लाख करोड़ के वार्षिक बजट का पैकेज है। पीएम मोदी ने इसे 5 साल के लिए बढ़ाने का ऐलान करते हुए कहा कि वो गरीब के बेटे हैं, उन्होंने गरीबी देखी है और इसीलिए वो गरीबों का दर्द को भी समझते हैं।

बता दें कि इस योजना के तहत हर परिवार को 5 किलो गेहूँ या चावल और 1 किलो दाल मुफ्त में मिलती है। साथ ही एक किलो साबूत चना भी उन्हें दिया जाता है। इसमें गरीबी रेखा के नीचे रह रहे लोगों को मदद मिलती है। सीमान्त किसानों और दिव्यांगों को भी इसका लाभ मिलता है। इस योजना को केंद्र सरकार के ‘मास्टरस्ट्रोक’ के रूप में भी देखा जाता है, जिससे गरीबों को अच्छा-खासा लाभ हुआ है। इसके कारण भीषण वैश्विक महामारी के दौरान भी देश भुखमरी से बच गया।

योगी जी…गाड़ियों को न भेजें दिल्ली: दिल्ली में प्रदूषण न कंट्रोल होने पर AAP ने UP-हरियाणा को बता दिया जिम्मेदार, पंजाब से धुआँ उठना बरकरार

दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी की सरकार को राजधानी में बढ़ते जा रहे प्रदूषण को लेकर जवाब देते नहीं बन रहा है। शनिवार (4 नवंबर, 2023) को लगातार तीसरे दिन दिल्ली में हवा की गुणवत्ता गंभीर बनी रही। सुबह 7 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 413 दर्ज किया गया। ऐसे में आप के मंत्री अपनी गलती का ठीकरा एनसीआर में भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों पर थोपने से बाज नहीं आ रहे हैं। अब दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने हरियाणा के बाद उत्तर प्रदेश को अपने आरोपों लपेटे में लिया है।

AAP मंत्री राय ने शुक्रवार (3 नवंबर) को कहा है कि उत्तर प्रदेश से आने वाले बीएस3 पेट्रोल और बीएस4 डीजल वाहन राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक को खराब करने में योगदान दे रहे हैं। दरअसल शुक्रवार 2 नवंबर और शनिवार 4 नवंबर 2023 की दरमियानी रात को मंत्री राय आनंद विहार पहुँचे थे। यहाँ रात में AQI के खतरनाक स्तर 999 तक पहुँचने के बाद ये उनका ये बयान आया है।

गोपाल राय देर रात 1 बजे के करीब आनंद विहार बस अड्डे का निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान दिल्ली में प्रदूषण के लिए उत्तर प्रदेश को जिम्मेदार ठहराते हुए गोपाल राय ने कहा,

“दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने की पूरी कोशिश कर रही है। आनंद विहार में एक्यूआई सबसे ज्यादा है। यहाँ आकर पता चला कि उत्तर प्रदेश से आने वाली सभी बसें बीएस3 और बीएस4 हैं। मैं योगी जी से अपील करता हूँ कि इन गाड़ियों को दिल्ली न भेजें। दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसें और सीएनजी वाहन चलते हैं। बस डिपो प्रबंधक और यातायात कर्मचारी भी इन प्रतिबंधित वाहनों को दिल्ली के अंदर आने की मंजूरी देने में लापरवाही बरत रहे हैं। स्कूलों को आगे बंद रखने का फैसला 6 नवंबर को वायु गुणवत्ता के आधार पर लिया जाएगा।”

पड़ोसी राज्य पर आरोप लगाने के बाद आप मंत्री गोपाल राय ने कहा, ”मैं दिल्ली के लोगों से अपील करता हूँ कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण को काबू में करने के लिए मेट्रो और बसों सहित सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।” इस दौरान गोपाल राय ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए NCR राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों के साथ तुरंत बैठक करने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री को पत्र लिखा।

फोटो साभार: दिल्ली पर्यावरण मंत्री गोपाल राय एक्स हैंडल

बता दें कि दिल्ली में प्रदूषण का ये आलम है कि स्कूल बंद कर दिए गए हैं। मगर, आप के मंत्री ऐसे समय भी एक-दूसरे पर सवाल उठा रहे हैं।

गोपाल रॉय से पहले, शुक्रवार (3 नवंबर) को आप मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा था, “नोएडा, गुरुग्राम या फ़रीदाबाद में प्रदूषण की गंभीरता की स्थिति है, वो दिल्ली के मुकाबले अधिक है। दिल्ली के लोगों को बदनाम करना अच्छा नहीं है।” भारद्वाज ने आगे कहा, ”हम सब कुछ कर रहे हैं। पंजाब में पराली जलाने का आँकड़ा सबके सामने है। बीते वर्षों के मुकाबले इसमें कमी आई है। क्या केंद्र की कोई जिम्मेदारी नहीं है?”

गौरतलब है कि अतीत में आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार लगातार ये दावा करती रही थी कि पंजाब की पराली की वजह से दिल्ली में प्रदूषण रहता है। अब पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बन गई। लेकिन पराली जलाने की घटनाएँ इतनी कम नहीं है जितनी आप सरकार दर्शा रही है। इसके उलट हरियाणा, जिसपर इल्जाम मढ़ने की कोशिश हो रही है वहाँ से पराली जलाने की घटनाओं में कमी देखने को मिली है और पंजाब में इसमें बढ़ोतरी हुई है। बीते रविवार ही पंजाब में पराली जलाने की 1068 घटनाएँ हुई हैं, ये एक दिन के मुकाबले 74 फीसदी अधिक है। वहीं एक दिन पहले शनिवार को पराली जलाने की 127 घटनाएँ यहाँ हुई थी।