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क्रिकेट विश्व कप 2023 में भारत ने श्रीलंका को 302 रनों से रौंदा, 55 रनों पर समेट दी पूरी टीम: लगातार 7वीं जीत के साथ सेमीफाइनल में बनाई जगह

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में श्रीलंका के कप्तान कुसल मेंडिस ने टॉस जीतकर भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। भारतीय टीम ने खराब शुरुआत से उबरते हुए बल्लेबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट खोकर 357 रनों का स्कोर खड़ा कर श्रीलंका के सामने 358 रनों का लक्ष्य रखा था।

क्रिकेट विश्व कप 2023 के 33वें मैच में भारत ने श्रीलंका को 302 रनों के हराकर रिकॉर्ड तोड़ जीत दर्ज की है। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 357 रनों का भारी भरकम स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में 358 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम को भारत ने महज 55 रनों पर समेट दिया। भारतीय टीम ने इस विश्वकप में लगातार सातवाँ मैच जीतते हुए सेमीफाइनल में जगह भी बना ली। वहीं, श्रीलंका अब सेमीफाइनल की दौड़ से लगभग बाहर हो चुका है।

शुभमन गिल, विराट कोहली और श्रेयस अय्यर ने बेहतरीन अर्धशतकीय पारियाँ खेलीं। तीनों ही बल्लेबाज शतक से चूक गए, लेकिन भारतीय टीम को बहुत बड़े स्कोर तक पहुँचा गए। इसके जवाब में श्रीलंकाई टीम को नियमित अंतराल पर झटके लगते रहे और पूरी टीम महज 55 रनों पर सिमट गई। भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन इतना शानदार रहा कि 5 बल्लेबाज तो अपना खाता भी नहीं खोल सके।

श्रीलंकाई बल्लेबाजी कभी मैच में दिखी ही नहीं

श्रीलंकाई टीम ने 358 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बेहद निराशाजनक शुरुआत की। उसके सलामी बल्लेबाज पथुन निशंका पारी की पहली ही गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। निशंका को बुमराह ने पवैलियन की राह दिखाई। इस ओवर में बल्ले से कोई रन नहीं बना। श्रीलंकाई पारी के दूसरे ओवर की पहली गेंद पर दूसरे सलामी बल्लेबाज दिमुथ करुणारत्ने भी खाता खोले बगैर ही एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। उन्हें सिराज ने पवैलियन की राह दिखाई। इसके बाद उसी ओवर में सदीरा विक्रमादित्य भी खाता खोले बगैर मोहम्मद सिराज के शिकार बन गए तो चौथे ओवर में कप्तान कुसल मेंडिस को भी सिराज ने पवैलियन भेज दिया। उस समय टीम का स्कोर था महज 3 रन और टीम के 4 बल्लेबाज पवैलियन लौट चुके थे।

फिर आया शमी नाम का तूफान…

मोहम्मद शमी ने श्रीलंका के 4 विकेट गिरने के बाद पहले बदलाव के तौर पर बॉलिंग की कमान संभाली और अगले 5 ओवरों में एक ओवर मेडन रखते हुए महज 18 रन देकर 5 श्रीलंकाई बल्लेबाजों को पवैलियन की राह दिखाई। मोहम्मद शमी इसी के साथ भारत की ओर से इस विश्वकप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी गए। मोहम्मद शमी अब तक इस विश्वकप में 14 विकेट ले चुके हैं, वो भी महज तीन मैचों में ही। इसके बाद आखिरी विकेट रविंद्र जड़ेजा ने लिया।

श्रीलंकाई बल्लेबाजी की खराब हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ 3 बल्लेबाज दहाई के आँकड़े तक पहुँचे, जबकि 5 बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल सके। वहीं, दो बल्लेबाज सिर्फ 1-1 रन ही बना सके। मोहम्मद शमी को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। भारतीय टीम के लिए शमी ने पाँच, सिराज ने 3 और बुमराह-जडेजा ने एक-एक विकेट लिए।

भारतीय टीम ने खराब शुरुआत के बाद खड़ा किया पहाड़-सा स्कोर

इससे पहले, टॉस हार कर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। इस विश्वकप में प्रचंड फॉर्म में चल रहे कप्तान रोहित शर्मा ने दिलशान मधुशंका की पहली गेंद पर चौका लगाया, लेकिन अगली ही गेंद पर क्लीन बोल्ड होकर पवैलियन लौट गए। इसके बाद शुभमन गिल और विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी की। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 189 रनों की साझेदारी की।

जब टीम का स्कोर 193 रन पहुँचा, तभी शुभमन गिल 92 रनों की पारी खेलकर आउट हो गए। वो विश्वकप में अपना पहल शतक बनाने से चुक गए। इसके बाद विराट कोहली भी 88 रन बनाकर आउट हो गए। उस समय टीम का स्कोर 196 रन ही था। तीनों विकेट मधुशंका को ही मिले। शुभमन गिल ने अपनी पारी में 11 चौके और 2 छक्के लगाए तो विराट कोहली ने अपनी पारी में 11 चौके लगाए। इसके बाद चौथे विकेट के तौर पर केएल राहुल 21 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक टीम का स्कोर 256 रनों तक पहुँच गया था।

राहुल के बाद सूर्यकुमार यादव महज 12 रन ही बना सके और 276 रनों के कुल स्कोर पर पाँचवें विकेट के रूप में आउट होकर पवैलियन लौटे। इस दौरान दूसरे छोर से श्रेयस अय्यर तेजी से रन बनाते रहे। वो छठें विकेट के रूप में कुल 333 रनों के स्कोर पर आउट हुए। अय्यर ने महज 56 गेंदों पर 82 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 3 चौके और 6 छक्के लगाए। इसके बाद पारी की आखिरी ओवर में मोहम्मद शमी और रविंद्र जडेजा रन आउट हो गए। शमी 2 रन बना सके, जबकि रविंद्र जडेजा ने 24 गेंदों पर 35 रनों की पारी खेली।

इस मैच में जीत के साथ ही भारतीय टीम ने 14 अंकों के साथ सेमीफाइनल में जगह भी बना ली है। भारतीय टीम का रन रेट भी 2 के ऊपर पहुँच गया है। दूसरी तरफ, श्रीलंका की टीम 7 मैचों में महज 2 जीत के साथ अंकतालिका में सातवें नंबर पर है। अब, दूसरे स्थान पर मौजूद दक्षिण अफ्रीकी टीम ने 7 में से 6 मैच जीते हैं और वो भी सेमीफाइनल में लगभग जगह बना चुकी है। अब दोनों टीमों के बीच अगला मुकाबला 5 नवंबर को खेला जाएगा।

सनी देओल ने शाहरुख खान से ‘नफरत’ की वजह का किया खुलासा, यश चोपड़ा की फिल्म ‘डर’ के बाद दोनों ने कभी साथ नहीं किया काम

बॉलीवुड एक्टर सनी देओल अपने भाई बॉबी देओल के साथ करण जौहर के शो ‘कॉफी विद करण’ में कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। सनी देओल ने बताया कि आखिर क्यों वो शाहरुख खान को नापसंद करते हैं। हालाँकि, उन्होंने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में ही कहा, लेकिन इसके बारे में विस्तार से बात नहीं की। सनी देओल ने बताया कि शाहरुख खान को नापसंद करने की एक ही वजह है, वो है एक्टर्स को कमोडिटी में बदल देना।

रैपिड फायर राउंड में सनी देओल से पूछा गया कि उन्हें कुछ अभिनेताओं के बारे में क्या पसंद है और क्या नापसंद है। शाहरुख खान के बारे में पूछे जाने पर सनी देओल ने पहले तो मेहनती कहकर शाहरुख खान की तारीफ की। फिर नापसंदगी की बात करते हुए उन्होंने कहा कि शाहरुख खान ने एक्टर्स को कमोडिटी में बदल दिया, जो उन्हें बिल्कुल भी पसंद नहीं है।

सनी देओल के जवाब से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनका इशारा एक्टर्स से पैसों के दम पर कुछ भी कराने और ब्रांड एंडोर्समेंट की तरफ था। दरअसल, बॉलीवुड के बहुत से सितारे बड़े-बड़े कार्यक्रमों के अलावा शादी-विवाह जैसे निजी कार्यक्रमों में भी पैसे लेकर पहुँचते हैं। हो सकता है कि सनी देओल का इशारा इस तरफ भी रहा हो। वैसे, उन्होंने ‘कमोडिटी’ वाली बात को क्लियर नहीं किया।

डर फिल्म के बाद नहीं किया एक-दूसरे के साथ काम

बता दें कि सनी देओल और शाहरुख खान ने साल 1993 में रिलीज हुई फिल्म ‘डर’ में एक साथ काम किया था। उस फिल्म में सनी देओल ‘हीरो’ की सकारात्मक भूमिका में थे, जबकि शाहरुख खान ‘एंटी-हीरो’ के निगेटिव किरदार में। इस फिल्म को बनाया था यश चोपड़ा ने। इस फिल्म के बाद दोनों सितारों ने कभी एक साथ काम नहीं किया। माना जाता है कि सनी देओल उस फिल्म में अपनी भूमिका से संतुष्ट नहीं थे, क्योंकि सारा लाइमलाइट विलेन होने के बावजूद ‘नए-नवेले’ शाहरुख खान लूट ले गए थे।

इसके बाद दोनों के बीच सालों तक कोई बातचीत नहीं हुई। इन दोनों सितारों के बीच बातचीत कुछ समय पहले ही रिलीज हुई फिल्म ‘गदर-2’ की जोरदार सफलता के बाद शुरू हुई, जिसमें शाहरुख खान ने सनी देओल के काम की तारीफ की थी और बताया था कि उन्होंने सनी देओल की फिल्म को देखा है।

सलमान खान को लेकर कही ये बात

सलमान खान के बारे में सनी देओल ने कहा कि वह एक अच्छे इंसान हैं। उनसे जब सलमान खान के बारे में नापसंद की जाने वाली बात पूछी गई तो उन्होंने कहा कि सलमान खान हर किसी को बॉडी बिल्डर बना दे रहे हैं। बता दें कि सलमान खान को उनकी फिटनेस की वजह से भी जाना जाता है। वो इंडस्ट्री के सबसे फिट सितारों में से एक हैं।

सनी देओल और बॉबी देओल ने हेमा मालिनी की बेटियों- अहाना और ईशा देओल के साथ अपने संबंधों के बारे में भी खुलकर बात की। जब करण ने सनी से अहाना और ईशा के रिश्ते के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, “वे मेरी बहनें हैं। यही सत्य है। उसे कोई नहीं बदल सकता।” वहीं, अक्षय कुमार के बारे में सनी देओल ने कहा कि वो समय के बहुत पाबंद है। उनकी निगेटिव बात पर सनी देओल ने फिल्मों की ज्यादा संख्या को बताया।

बता दें कि कॉफी विद करण एक विवादास्पद चैट शो है, जिसमें तमाम सितारे मेहमान के तौर पर शामिल होते हैं। इस कार्यक्रम को करण जौहर होस्ट करते हैं। कॉफी विद करण का आठवाँ संस्करण अभी चल रहा है, जिसके दूसरे एपिसोड में सनी देओल और बॉबी देओल मेहमान के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान बॉबी देओल ने भी कई अहम बातों का खुलासा किया। इस बार ये चैट शो हॉटस्टार पर प्रसारित हो रहा है।

जवान, खूबसूरत और नीली आँखों वाली लड़कियों को ही नौकरी देती है यह एयरलाइन्स, दो महिलाओं ने कर दिया केस

अमेरिका की एक एयरलाइंस कंपनी पर आरोप लगा है कि वो नौकरी देने के मामले में भेदभाव कर रही है। उसके खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि अमेरिका स्थित यूनाइटेड एयरलाइंस व्यवसायिक चार्टर उड़ानों में विशेष फीचर और आयु वर्ग के फ्लाइट अटेंडेंट को ही  प्राथमिकता देती है। इसके लिए लिए न तो अनुभव देखा जा रहा है और न ही काम करने के तरीके को देखा जा रहा है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यूनाइटेड एयरलाइंस के दो फ्लाइट अटेंडेंट ने एक मुकदमे में दावा किया है कि उन्हें लॉस एंजिल्स डोजर्स बेसबॉल टीम के लिए चार्टर उड़ानों पर काम करने के लिए नहीं रखा गया क्योंकि प्रोफेशनल और कॉलेज स्पोर्ट्स टीमों को सेवा प्रदान करने के लिए कंपनी जवान, खूबसूरत, पतली लड़कियाँ जो मुख्यतः गोरी और नीली आँखों वाली होती हैं, उन्हीं को काम पर रखती है। क्योंकि खिलाड़ी ऐसी अटेंडेंट पसंद करते हैं। 

इस मामले ने तब टूल पकड़ा जब 50 साल की डोन टोड और 44 साल की डार्बी क्यूजादा ने दावा किया कि नौकरी देने के मामले में उनकी उपेक्षा की गई और इस तरह की फ्लाइट्स से दोनों को बाहर कर दिया गया। इनके स्थान पर उन महिला सहकर्मियों को चुना गया, जो ‘युवा और पतली’ हैं। 

मुकदमे में, जिसे लॉस एंजिल्स टाइम्स ने 25 अक्टूबर, 2023 को लॉस एंजिल्स काउंटी सुपीरियर कोर्ट में दायर किया था, दोनों महिलाओं ने यूनाइटेड की चार्टर उड़ानों के कर्मचारियों के संबंध में नस्ल, राष्ट्रीय मूल, धर्म और उम्र के आधार पर उत्पीड़न और भेदभाव का आरोप लगाया था। 

मुकदमे के अनुसार, सुश्री टॉड और सुश्री क्यूज़ादा दोनों ने यूनाइटेड एयरलाइन्स के लिए 15 वर्षों से अधिक समय तक काम किया है और डोजर्स की उड़ानों के लिए स्टाफ प्रदान करने वाली कंपनी में एक दशक से अधिक समय बिताया है।

मुकदमे में कहा गया है कि वादी के पास आवश्यक अनुभव और योग्यताएँ थीं लेकिन उनके अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया गया क्योंकि वादी श्वेत नहीं थे। वहीं द न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, यह दावा किया गया है कि यूनाइटेड एयरलाइंस ने पिछले मामले का निपटारा कर लिया, जिसमें एयरलाइन पर “युवा, श्वेत, महिला और मुख्य रूप से गोरे या नीली महिला अटेंडेंट को उड़ानों में नियुक्त करने का आरोप लगाया गया था। 

‘बेहूदा… बेशरम…’: सवालों से घबराई महुआ ने आचार समिति के अध्यक्ष के लिए इस्तेमाल किए अपमानजनक शब्द, निशिकांत बोले- ये संसदीय इतिहास का काला दिन

‘कैश फॉर क्वेरी’ मामले में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा गुरुवार (2 नवंबर 2023) को संसद की आचार समिति के सामने पेश हुईं। हालाँकि, वह बाद में समिति के सवालों से असहज होकर तमतमाते हुए उठकर बाहर निकल गईं और समिति पर आरोप लगाने लगीं। उनके साथ विपक्षी दलों के सांसदों ने भी बैठक का बहिष्कार कर दिया। बाहर निकलते समय महुआ मोइत्रा ने कहा कि संसदीय आचार समिति की बैठक में उनसे निजी और भद्दे सवाल पूछे जा रहे थे। वहीं, भाजापा सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ पर सवाल उठाए।

उनका साथ देते हुए बीएसपी के सांसद दानिश अली ने कहा, “हमने कमेटी से इसलिए वॉकआउट किया, क्योंकि कमेटी के चेयरमैन आपत्तिजनक सवाल पूछ रहे थे”। वहीं, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अपने आरोपों को दोहराया है और कहा है कि महुआ मोइत्रा कुछ भी कर लें, अब उन्हें कोई भी नहीं बचा सकता। उन्होंने महुआ के आचरण को भी संसदीय मर्यादा के खिलाफ और संसदीय इतिहास का सबसे काला दिन बताया।

जानकारी के मुताबिक, आचार समिति ने महुआ मोइत्रा से कई सवाल पूछे। इनमें दर्शन हीरानंदानी के हलफनामे को लेकर सीधे सवाल पूछे गए, खासकर उनकी विदेश यात्राओं के बारे में। महुआ से पूछा गया कि उनकी विदेश यात्राओं का खर्च किसने उठाया? इन यात्राओं के दौरान वो किस होटल में रुकीं और उसका पेमेंट किसने दिया? मोइत्रा से पूछा गया कि वो पीए कौन था, जो उनकी जगह सवाल पूछा करता था?

इन्हीं सवालों पर महुआ असहज हो गईं और जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। इसके बाद विपक्षी सांसदों के साथ उन्होंने आचार समिति की बैठक का वॉकआउट कर दिया। वॉकआउट करने वालों में बसपा सांसद दानिश अली, जनता दल (यूनाइटेड) के सांसद गिरिधारी यादव और कॉन्ग्रेस के सांसद उत्तम कुमार रेड्डी शामिल थे। गिरिधारी यादव ने बाद में कहा, “उन्होंने महुआ मोइत्रा से निजी सवाल पूछे। उन्हें निजी सवाल पूछने का अधिकार नहीं है। इसलिए हम बाहर चले गए।”

मोइत्रा ने जाँच में सहयोग नहीं किया: विनोद सोनकर

संसदीय आचार समिति के अध्यक्ष विनोद सोनकर ने कहा कि महुआ ने जाँच में सहयोग नहीं दिया। उन्होंने कहा, “विपक्षी सदस्यों ने गुस्से में आरोप लगाए। वे सवाल से बचने के लिए बैठक से बाहर निकले। वह केवल और केवल उन पर आरोप हैं। सवाल से बचने के लिए यह आरोप लगाए हैं।”

बता दें कि पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने वाले इस मामले में आचार समिति ने दस्तावेजों और सबूतों के साथ तीन मंत्रालयों से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर उन्हें तलब किया था। वहीं, महुआ मोइत्रा ने भी संसद की आईडी-पासवर्ड शेयर करने के आरोपों को स्वीकार कर लिया है।

मोइत्रा बेहद असभ्य तरीके से बोल रही थीं: अपराजिता सारंगी

वहीं, समिति की सदस्य अपराजिता सारंगी ने बताया, “मोइत्रा बेहद आक्रामक और असभ्य तरीके से बोल रही थीं। इसके बाद गिरधारी यादव और दानिश अली ने टेबल पीटना शुरू कर दिया। इस बात पर भी मतदान हुआ कि कौन से सदस्य इस मुद्दे पर गहन चर्चा के लिए देर रात तक रुकना चाहते हैं।”

भाजपा सांसद सारंगी ने आगे कहा, “इस वोटिंग में विपक्षी सदस्य 5 मतों से हार गए। बाद में उन्होंने बैठक से वॉकआउट करने का फैसला किया। जाते-जाते महुआ मोइत्रा ने चेयरमैन के लिए ‘बेहूदा’ और ‘बेशरम’ शब्द का इस्तेमाल किया।”

अब महुआ मोइत्रा को कोई नहीं बचा सकता

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ ‘कैश फॉर क्वेरी’ के आरोप पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का कहना है, “उन्होंने (महुआ मोइत्रा) जनता के सामने एक भ्रामक कहानी पेश करने की कोशिश की… वे इस बात को पचा नहीं पा रही हैं कि अनुसूचित जाति का एक व्यक्ति विनोद सोनकर आचार समिति के अध्यक्ष बन गये हैं। वह उनके खिलाफ अनावश्यक बयानबाजी कर रही हैं।”

निशिकांत दुबे ने कहा, “मेरे और अन्य लोगों द्वारा उपलब्ध कराए गए सभी सबूतों के बाद कोई भी ताकत महुआ मोइत्रा को नहीं बचा सकती। मैं और देहाद्राई वहाँ गवाह के रूप में गए थे और महुआ मोइत्रा एक आरोपित के रूप में गई थीं। उन्होंने जनता के बीच गलत कहानी पेश करने की कोशिश की। आज जो हुआ यह संसदीय इतिहास का सबसे काला दिन है।”

हीरानंदानी ने हलफनामा देकर कहा- दुबई में मिलती थी महुआ

बता दें कि बिजनेसमैन दर्शन हीरानंदानी ने अपने हलफनामे में माना है कि महुआ मोइत्रा उनसे दुबई में आकर मिलती थीं। उन्हें ब्लैकमेल करती थीं। उनका गलत फायदा उठाती थीं। दर्शन हीरानंदानी ने गिफ्ट और पैसा देने की बात भी कही थी। इसी संबंध में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी शिकायत की थी। इसके बाद ओम बिरला ने इस मामले को संसद की आचार समिति को भेज दिया था।

अब संसद की आचार समिति ‘पैसे के बदले संसद में सवाल पूछने’ के मुद्दे की जाँच कर रही है। टीएमसी सांसद मोइत्रा पर कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से नकद और अन्य तरह की मदद लेकर उनके प्रतिद्वंद्वी गौतम अडानी को टारगेट करते हुए और उन्हें फायदा पहुँचाने वाले संसद में सवाल पूछने के आरोप हैं।

मीडिया हाउसों के खिलाफ केस लिया था वापस

इससे पहले, उन्होंने मीडिया हाउसों और निशिकांत दुबे के साथ जय देहाद्राई के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था, जिसमें से उन्होंने मीडिया हाउसों के खिलाफ दायर किए गए केस को वापस ले लिया था। अब मानहानि का मामला सिर्फ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और वकील जय अनंत देहाद्राई के खिलाफ चलेगा। महुआ मोइत्रा ने दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष दायर अपनी याचिका से पक्षकार के रूप में मीडिया घरानों को मंगलवार (31 अक्टूबर 2023) को हटाने का अनुरोध किया।

बता दें कि महुआ मोइत्रा के पूर्व पार्टनर जय अनंत देहाद्राई ने पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि महुआ ने संसद में सवाल पूछने के बदले उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से पैसे ली हैं। इस पत्र के आधार पर निशिकांत दुबे ने महुआ की शिकायत लोकसभा अध्यक्ष से की थी। मीडिया हाउसों ने इस खबर की रिपोर्टिंग की थी। इसके बाद महुआ ने दिल्ली हाईकोर्ट में मानहानि का मामला दर्ज कराया था।

75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मोहम्मद रफीक ने की स्टील के रॉड से हत्या, शव को बोरे में भरकर खिड़की से फेंका: गिरफ्तार

मुंबई के वडाला क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या और उसके शव को घर से बाहर फेंक देने का मामला सामने आया है। दरअसल, महिला की बेरहमी से हत्या के मामले में 27 वर्षीय आरोपित की पहचान मोहम्मद फैज रफीक सैय्यद के रूप में हुई है, जिसे बुधवार (2 नवंबर, 2023) को गिरफ्तार कर लिया गया। वह वडाला पूर्व में बीपीटी गेट नंबर 5 इलाके का निवासी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित मोहम्मद फैज ने 75 वर्षीय महिला के सिर पर स्टील की रॉड से वार कर उसकी हत्या कर दी। वहीं महिला की पहचान सुगराबी हुसैन मुल्ला के रूप में हुई, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित ने महिला की हत्या करने के बाद उसके शव को बोरे में भरा और उसके शव को घर की खिड़की से बाहर फेंक दिया। 

इतना ही नहीं आरोपितों ने महिला के शव को जलाकर सबूत मिटाने की भी कोशिश की लेकिन फिर भी बच नहीं सके।

इससे पहले भी महाराष्ट्र में हुई है वीभत्स हत्या

बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि महाराष्ट्र के मुंबई जिले से इस तरह का क्रूर अपराध सामने आया है। इससे पहले 18 अक्टूबर को भी मुंबई में एक अंतरधार्मिक जोड़े की ऑनर किलिंग का मामला सामने आया था, जहाँ एक युवा जोड़े का अंतरधार्मिक विवाह हिंसा और निराशा की दुखद कहानी बन कर रह गया। 

गौरतलब है कि गुलनाज़ खान नाम की 20 वर्षीय महिला और उसके 22 वर्षीय पति करण रमेश चंद्र की 14 अक्टूबर,  2023 को महिला के पिता गोरा रईसुद्दीन खान (50), उसके भाई सलमान खान (22) और उनके साथी मोहम्मद कैफ ने बेरहमी से हत्या कर दी।

मुंबई पुलिस ने 17 अक्टूबर, 2023 को इस मामले में तीन आरोपितों और तीन अन्य नाबालिगों को गिरफ्तार कर िया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना तब सामने आई जब मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बांदा की रहने वाली गुलनाज खान के परिवार के सदस्य करण रमेश चंद्र से उनकी शादी का कड़ा विरोध कर रहे थे, जो 2022 में हुई थी।

पेपर लीक मामले में राजस्थान कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष गोविंद डोटासरा के दोनों बेटे राडार पर, ED ने पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया

की प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार (2 नवंबर 2023) को पेपर लीक मामले में कथित संलिप्तता के लिए राजस्थान कॉन्ग्रेस प्रमुख गोविंद सिंह डोटासरा के दो बेटों अभिलाष और अविनाश को तलब किया है। परीक्षा पेपर लीक मामले में ईडी द्वारा राजस्थान पीसीसी प्रमुख गोविंद सिंह डोटासरा और एक अन्य विधायक ओमप्रकाश हुडला के घरों पर छापेमारी के एक हफ्ते बाद यह बात सामने आई है। इनके घरों में छापेमारी 26 अक्टूबर 2023 को की गई थी।

राजस्थान में सीकर की लक्ष्मणगढ़ सीट से कॉन्ग्रेस पार्टी के उम्मीदवार डोटासरा का मुकाबला बीजेपी के उम्मीदवार सुभाष महरिया से है। डोटासरा इस निर्वाचन क्षेत्र के विर्तमान विधायक हैं। इस बीच, राजस्थान के मंत्री और कॉन्ग्रेस के नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि पूरी पार्टी डोटासरा के साथ खड़ी है।

26 अक्टूबर 2023 को हुई छापेमारी के बाद डोटासरा ने दावा किया था कि ईडी के अधिकारियों ने उनसे कोई पूछताछ नहीं की और न ही उनका बयान लिया। डोटासरा ने आगे कहा कि उन्होंने एक रुपया भी नहीं लिया या कोई अवैध दस्तावेज़ नहीं पाया। उन्होंने उनके और उनके बेटों के फोन, साथ ही एक पेन ड्राइव पर मौजूद ईमेल भी ले लिए।

उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक मामले के सिलसिले में ईडी उनके घर की तलाशी लेने आई थी, लेकिन तलाशी वारंट मेरे बेटे अविनाश डोटासरा के नाम पर था, जो एक लेखा अधिकारी है। उनका दावा है कि डोटासरा के जयपुर और सीकर स्थित घरों के साथ-साथ उनके राजनीतिक कार्यालय के और उनके दोनों बेटों के अपार्टमेंट की भी तलाशी ली गई।

कॉन्ग्रेस प्रमुख ने कहा कि लोग उन्हें और उनके परिवार को कलाम अकादमी से जोड़ते रहते हैं, लेकिन इस संस्थान से ना ही उनका और ना ही उनके बेटों और रिश्तेदारों का कोई संबंध है। कलाम कोचिंग संस्थान की भूमिका पेपर लीक मामले में संदेह के घेरे में है। उन्होंने यह भी कहा कि ईडी इसके लिए कोई दस्तावेज या सबूत ढूंढने में असमर्थ रहा।

दरअसल, अगस्त में ईडी ने कलाम एकेडमी की सीकर शाखा पर छापा मारा था। डोटासरा परिवार का गृहनगर सीकर है और उनका विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ भी सीकर जिले में ही है। ईडी ने इस मामले में शामिल आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा और अनिल कुमार मीणा नामक एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। ईडी ने जून में पूरे राजस्थान में विभिन्न स्थानों पर शुरुआती छापेमारी की थी।

प्रवर्तन निदेशालय पिछले वर्ष दिसंबर में ग्रेड II शिक्षक प्रतियोगी परीक्षा प्रश्नपत्रों के लीक होने से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के विभिन्न पहलुओं की जाँच कर रहा है। पेपर लीक मामले में कुल 55 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें 37 अभ्यर्थी भी शामिल थे। ईडी की जाँच के अनुसार, कम-से-कम 180 उम्मीदवारों को 8-10 लाख रुपए लेकर परीक्षा के प्रश्न पत्र बाँटे गए थे। इसमें भूपेन्द्र सरन को गिरफ्तार किया गया था।

सामने आए एक चौंकाने वाले मामले में राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (एसीबी) ने नवल किशोर मीणा नाम के एक ईडी अधिकारी को उसके सहयोगी बाबूलाल मीणा के साथ 15 लाख रुपए की रिश्वत माँगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इसमें आरोपितों ने 17 लाख रुपए की रिश्वत की माँग की थी।

नवल किशोर मीणा और बाबूलाल मीणा पर मणिपुर चिटफंड मामले में रिश्वत लेने का आरोप है। राजस्थान एसीबी द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ईडी अधिकारियों ने मामले को खारिज करने, संदिग्धों को गिरफ्तार नहीं करने और संपत्ति जब्त करने के बदले में रिश्वत ली।

यह गिरफ्तारी राजस्थान एसीबी द्वारा जाँच के सिलसिले में राजस्थान में कई स्थानों पर छापेमारी के बाद हुई। नवल किशोर मीना को कमाई के ज्ञात स्रोत के मुकाबले आय में असमानता के मामले में पकड़े जाने के बाद राजस्थान एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया था।

‘बहन’ को विदा करवाकर ससुराल ले गया ‘भाईजान’ अंगूर आलम, खुद ही मनाने लगा सुहागरात; घरवालों की नजर पड़ी तो हो गया बवाल 

बिहार के पश्चिमी चंपारण में एक आशिक अपनी प्रेमिका की निकाह होने के बाद भाईजान बनकर उसके साथ ससुराल पहुँचा और फिर रात को खुद ही सुहागरात मनाने लगा जिससे ससुराल वालों का पारा हाई हो गया। घटना बेतिया के नौतन थाना क्षेत्र के कुंजलहीं गाँव की है।

क्या है पूरा मामला

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नौतन थाना क्षेत्र के कुंजलहीं गाँव के शेखावत हवारी के बेटे मुश्ताक हवारी की 30 अक्टूबर, 2023 को अमवा मंझार निवासी शख्स की बेटी के साथ शादी जरीना खातून (बदला हुआ नाम) से तय हुई थी। बारात समय पर कुंजलहीं गाँव पहुँची। जिसके बाद निकाह की रस्म निभाई गई। 

लेकिन मामले में नया मोड़ तब आया जब इस निकाह में आया हुआ दुल्हन का आशिक अंगूर आलम विदाई के समय भाईजान बनकर अपनी प्रेमिका के साथ उसके ससुराल पहुँच गया। प्रेमिका के ससुराल पहुँचे  आशिक अंगूर आलम ने रात में अपनी प्रेमिका के कमरे में सोने की जिद की।

ससुराल वाले भी दुल्हन का भाई समझकर बात मान गए। लेकिन किसी ने दोनों को उस कमरे में आपत्तिजनक हालत में सुहागरात मनाते देख लिया। फिर क्या था, लोगों ने अंगूर आलम की जमकर पिटाई कर दी। इस मामले पर जमकर बवाल हुआ। ग्रामीणों ने आशिक अंगूर आलम की पिटाई करने के बाद उस युवक का सिर भी मुंडवा दिया।

प्रेमिका की जिद के चलते पंचायत ने लिया यह फैसला

आपत्तिजनक हालात में आशिक के साथ पकड़े जाने के बाद भी नाराजगी जताते हुए लड़की ने अपने परिजनों को फोन करके आशिक के साथ रहने की जिद करने लगी। दोनों पहले से ही मुहब्बत करते थे लेकिन परिजनों ने जरीना का निकाह कहीं और कर दिया। मामला बढ़ता देख खंड्डा पंचायत के वरिष्ठ सदस्यों की पंचायत बुलाई गई। जहाँ पंचों की उपस्थिति में दूल्हा-दुल्हन और उनके परिजनों से बात करके मामले लड़की को भाई बनकर आए उसके आशिक अंगूर आलम के साथ भेज दिया गया। 

दुल्हन के इस निकाह से साफ इनकार करने पर पंचों ने दोनों पक्षों के बीच कागजाती प्रक्रिया को पूरा कर दुल्हन को उसके माता-पिता और आशिक अंगूर आलम के साथ लौटा दिया।

‘7 नवंबर को मतदान कराने के लिए केंद्रों पर ना आएँ अधिकारी’: नक्सलियों ने दी धमकी, PM मोदी की रैली से कुछ घंटे पहले 3 ग्रामीणों की हत्या

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा से ठीक पहले नक्सलियों ने गुरुवार (2 नवंबर 2023) को तीन ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया। नक्सलियों ने मृतकों पर पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाया था। इस मामले में नक्सलियों की जन अदालत लगाई और मौत की सजा का फैसला देते हुए तीनों का गला रेत डाला गया।

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने गुरुवार को चुनावी राज्य छत्तीसगढ़ में एक रैली को संबोधित किया। चुनावी कार्यक्रम के ऐलान के बाद कॉन्ग्रेस शासित इस राज्य में पीएम मोदी की संभवत: यह पहली सार्वजनिक रैली है। पीएम की रैली दोपहर तीन बजे से कांकेर शहर में हुई।

इस जिले में चुनाव के पहले चरण में मतदान होना है। इससे पहले ही नक्सलियों ने धुर नक्सल प्रभावित मोरखंडी गाँव में तीन ग्रामीणों की हत्या कर दी। नक्सलियों ने चुनाव अधिकारियों को सात नवंबर को मतदान कराने के लिए मतदान केंद्रों पर नहीं जाने की भी चेतावनी दी है। बता दें कि छत्‍तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव दो चरणों- 7 और 17 नवंबर को मतदान होना है। नतीजे 3 दिसंबर को आएँगे।

शुरुआती जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा कि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले से सटे छोटे बेठिया पुलिस स्टेशन (कांकेर) के मोरखंडी गाँव में नक्सलियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। इस गाँव के रहने वाले 35 साल के कुल्ले कटलामी, 22 साल के मनोज कोवाची और 27 साल के डुग्गे कोवाची की नक्सलियों ने बुधवार 1 नवंबर और गुरुवार 2 नवंबर की दरमियानी रात को हत्या कर दी।

अधिकारियों के मुताबिक, महाराष्ट्र की सीमा से सटे इस गाँव के तीनों ग्रामीणों पर नक्सलियों को महाराष्ट्र पुलिस के लिए मुखबिरी करने का शक था। इसी वजह से तीनों ग्रामीणों की हत्या कर दी। घटनास्थल पर फेंके गए पर्चे में माओवादियों ने दावा किया कि तीनों महाराष्ट्र पुलिस की विशिष्ट नक्सल विरोधी इकाई सी-60 के लिए मुखबिर के तौर पर काम कर रहे थे।

एक अधिकारी ने पहले बताया था कि राज्य के बीजापुर जिले में एक 40 साल के व्यक्ति मुचाकी लिंग की नक्सलियों ने पुलिस मुखबिर होने का आरोप लगाकर हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात को नक्सलियों ने मुचाकी की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसकी लाश को जिले के गलगाम और नदपल्ली गाँवों के बीच सड़क किनारे फेंक दिया।

मीडिया रिपोर्टों में एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि नक्सलियों ने चुनाव अधिकारियों को सात नवंबर 2023 को मतदान करवाने के लिए मतदान केंद्रों पर न जाने की चेतावनी भी जारी की है। इस पर बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हों, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएँगे।

उन्होंने कहा कि बीते चार दशकों में नक्सली 1,700 से अधिक निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतारने के साथ ही करोड़ों रुपए की सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचा चुके हैं। बस्तर के मूल निवासी नक्सलियों के इस विनाशकारी रवैये से निराश और नाराज हैं। ये लोग अब सकारात्मक माहौल की आस में हैं।

गौरतलब है कि इसी साल 26 अप्रैल को छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर पिछले कुछ वर्षों का सबसे सबसे बड़ा हमला किया था। ये हमला नक्सलियों ने दंतेवाड़ा के अरनपुर में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवानों पर घात लगाकर किया था। इसमें 10 जवानों सहित एक ड्राईवर की जान चली गई थी।

जो पत्रकार है 1984 सिख दंगों का चश्मदीद, उसे ही मारने की खालिस्तानी भेज रहे धमकी: पंजाब के पूर्व MLA को आया मेल, बोले- इससे कमलनाथ को होगा फायदा

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील व पंजाब के पूर्व विधायक हरविंदर सिंह फुलका (एचएस फुलका) को कथिततौर पर 1 नवंबर को खालिस्तानी आतंकी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ द्वारा धमकी दी गई। फुलका ने बताया कि उन्हें यह धमकी ईमेल पर मिली। इसमें उन्हें और पत्रकार संजय सूरी को जान से मारने की बात है।

फुलका ने कहा, “मुझे एक ईमेल आया जिसमें सिख फॉर जस्टिस ने मुझे मारने की बात की है, मुझे इसकी परवाह नहीं है। लेकिन हैरानी की बात है कि धमकी में संजय सूरी को भी मारने की बात कही गई है, जो एक पत्रकार हैं और कमलनाथ के खिलाफ मुख्य चश्मदीद।”

मालूम हो कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर 1984 सिख नरसंहार में अहम भूमिका निभाने का आरोप है और इस केस के मुख्य चश्मदीद सूरी हैं। सूरी ने रकाबगंज गुरुद्वारा को जलाने और दो सिखों की हत्या के मामले में उनके खिलाफ सबूत पेश किए थे। अब वही कमलनाथ 2023 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद के चेहरे हैं।

फुलका ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि ‘कमलनाथ इतना ताकतवर है’ कि खालिस्तानी आतंकी संगठन केस के मुख्य चश्मदीद को मारने की धमकी देगा। उन्होंने ये भी कहा कि उनको नहीं समझ आ रहा है कि सूरी को मारने से तो कमलनाथ को फायदा देगा, और उससे सिखों को इंसाफ नहीं मिलेगा।

फुलका पत्रकार सूरी के लिए कहते हैं, “सिख तो उनके बहुत आभारी हैं। आखिर सिख ही उन्हें कैसे धमकी दे सकते हैं। ये सब तो बिलकुल कमलनाथ को फायदा पहुँचाएगा।” उन्होंने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाँच कराने को कहा है ताकि पता लग सके कि इस पत्र की प्रमाणिकता क्या है। इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी से ये भी अपील की कि वह यूके सरकार से संजय सूरी की सुरक्षा का ख्याल रखने को कहें क्योंकि वो इस समय वहीं पर सीएनएन के लिए काम कर रहे हैं।

बता दें कि संजय सूरी ने इस मामले में अभी कोई बयान जारी नहीं किया है। वहीं फुलका ने भी जिस ईमेल के बारे में बात की है पर उसका कोई स्क्रीनशॉट नहीं लगाया है। ऑपइंडिया इस बात की पुष्टि नहीं करता कि सिख फॉर जस्टिस द्वारा भेजे गए पत्र में क्या बातें लिखी गई हैं। ये खबर एच एस फुलका के पोस्ट पर आधारित हैं।

‘कहो अशोक गहलोत जिंदाबाद, राहुल-सोनिया गाँधी मुर्दाबाद’ : राजस्थान में कॉन्ग्रेस नेता ने मंच से लगवाए नारे, Video वायरल

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सलाहकार और राजस्थान की दूदू विधानसभा से प्रत्याशी बाबूलाल नागर ने मंच से राहुल गाँधी सोनिया गाँधी मुर्दाबाद के नारे लगवाए हैं। यह पूरा वाकया मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में हुआ।

जानकारी के अनुसार, राजस्थान के अजमेर जिले की दूदू विधानसभा से कॉन्ग्रेस प्रत्याशी बाबूलाल नागर के नामांकन से पहले आयोजित रैली के दौरान कॉन्ग्रेस समर्थक नारेबाजी करने लगे। यह नारेबाजी राजस्थान कॉन्ग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के भाषण के दौरा हुई।

बाबूलाल नागर ने समर्थकों को चुप करवाते हुए कहा,”आप सब लोग सुनें, बोलना है कॉन्ग्रेस पार्टी और अशोक गहलोत जिंदाबाद, राहुल सोनिया गाँधी मुर्दाबाद।” इस दौरान मंच पर उनके पीछे ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मौजूद थे।

बाबूलाल नागर 4 बार के विधायक हैं और अशोक गहलोत के करीबी हैं। वह राजस्थान सरकार में मंत्री भी रहे हैं और वर्तमान में अशोक गहलोत के सलाहकार हैं। उन्हें कॉन्ग्रेस ने इस बार भी दूदू से प्रत्याशी बनाया है।

बाबूलाल नागर का यह बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल है। राजस्थान कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं के सामने बाबूलाल नागर का यह बयान अब कॉन्ग्रेस की दरारों को सामने ला रहा है। दरअसल, अशोक गहलोत और कॉन्ग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बीच सब कुछ ठीक नहीं है।

यह झगड़ा बीते वर्ष से चला आ रहा है जब कॉन्ग्रेस में नए अध्यक्ष को चुना जाना था। इस दौरान कयास लगाए गए थे कि अशोक गहलोत को कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाएगा और सचिन पायलट मुख्यमंत्री बनेंगे।

हालाँकि, अशोक गहलोत के समर्थक विधायकों ने दिल्ली पहुंचे प्रभारी अजय माकन और मल्लिकार्जुन खडगे की बैठक में नहीं पहुंचे थे। कहा गया था कि यह सब अशोक गहलोत के इशारे पर हुआ था। अशोक गहलोत के इस कदम को पार्टी हाईकमान सोनिया गांधी और राहुल गांधी की नाफरमानी के तौर पर देखा गया था।

इसके बाद मल्लिकार्जुन खडगे कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष बन गए। तब से ही राजथान कॉन्ग्रेस में अशोक समर्थक विधायकों और हाईकमान के बीच तकरार चल रही है। बाबूलाल नागर का यह सार्वजनिक बयान इसी कड़ी में आया है।