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राज्यसभा सभापति को Sorry कहेंगे AAP सांसद राघव चड्ढा, 3 महीने से हैं सदन से निलंबित: SC में बोले- सबसे युवा हूँ, माफी माँगने में गुरेज नहीं

राज्यसभा से निलंबित चल रहे आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ से माफी माँगने को तैयार हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान समझाते हुए कहा कि अगर AAP सांसद राज्यसभा चेयरमैन से माफी माँग लेंगे तो सभापति उनके मसले पर विचार करेंगे और उनकी समस्या का समाधान भी करेंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि उन्हें लगता है कि इस मामले का सौहार्दपूर्वक समाधान हो जाएगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत ने राघव चड्ढा के वकील से पूछा कि क्या उनके मुअक्किल सभापति से मिलने की अपॉइंटमेंट चाहते हैं ताकि माफी माँग सकें। इस पर राघव के वकील फरासत ने कहा कि राघव राज्यसभा के युवा सदस्य हैं और उन्हें माफी माँगने में कोई समस्या नहीं है।

इस बात को सुन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि ये बात पता है कि राघव चड्ढा सदन के युवा सदस्य हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए कि उनकी मंशा सदन की गरिमा को ठेस पहुँचाने की नहीं थी। ये सुनिश्चित किया जाता है कि वो सभापति से मिलें और बिन किसी शर्त के माफी माँगें जिससे सभापति इस मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेंगे।

बता दें कि 2023 अगस्त माह में राघव चड्ढा को राज्यसभा से निलंबित किया गया था। उनपर आरोप था कि उन्होंने सांसदों की मंजूरी के बिना उनकी सदस्यता वाली समिति के गठन का प्रस्ताव दिया था, जो कि नियमों का उल्लंघन है। इस प्रकार, AAP के दोनों नेताओं को विशेषाधिकार समिति का फैसला आने तक राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया था।

राज्यसभा में बीजेपी सांसद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राघव चड्ढा के मामले पर प्रस्ताव पेश किया था। उन्होंने कहा था, “यह बहुत गंभीर मामला है। जिस तरह से बिना सदस्यों की जानकारी के उनका नाम लिस्ट में डाल दिया गया है, वह बहुत ही गलत बात है।”

उल्लेखनीय है कि राघव चड्ढा ने दिल्ली सेवा संशोधन बिल 2023 पर विचार के लिए एक समिति का गठन करने की माँग की थी। इस समिति के लिए ही सांसद सस्मित पात्रा, एस फेंगोन कोन्याक, एम थंबीदुरई, सुधांशु त्रिवेदी और नरहरि अमीन के बगैर मर्जी के उनके नाम दिए गए थे। इसी बात से नाराज होकर इन्होंने सभापति के आगे अपनी शिकायत दी और बताया कि लिस्ट में बिना उनकी इच्छा के नाम शामिल किए गए थे। यह राज्यसभा की कार्यवाही प्रक्रिया के नियमों का उल्लंघन है।

फिलिस्तीनी झंडे के रंग से मेल खाती टोपी और आग, भड़क गए कट्टर इस्लामी: एक साल में 4895 करोड़ रुपए का फायदा कमाने वाली M&S कंपनी ने माँगी माफी

इजरायल-हमास युद्ध के बीच यूके स्थित रिटेल ब्रांड मार्क्स एंड स्पेंसर ने फ़िलिस्तीनी झंडे के रंगों से मिलती जुलती जलती क्रिसमस की टोपियों की एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। जिसके बाद बवाल हो गया। ज़्यादातर मुस्लिमों ने उसकी तुलना जलते हुए फिलिस्तीन से करके हंगामा कर दिया। जिसके बाद कंपनी ने विज्ञापन के लिए माफ़ी माँगी है। 

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह तस्वीर कंपनी के एक टीवी विज्ञापन से ली गई है, जिसमें चिमनी में लाल, हरी और सिल्वर रंग की टोपियाँ जलती हुई दिखाई दे रही हैं। यह तस्वीर कंपनी के क्रिसमस के लिए फिल्माए गए कपड़ों और घर के विज्ञापन से ली गई थी, जिसका थीम था लोगों को उन क्रिसमस परंपराओं से दूर हो जाना चाहिए जिन्हें वे अब पसंद नहीं करते हैं।

M & S के पोस्ट का स्क्रीनशॉट (साभार-बीबीसी)

आग में जलते फिलिस्तीनी झंडे जैसी दिखाई दे रही उन टोपियों वाली तस्वीर की सोशल मीडिया खूब आलोचना हुई। लोगों ने लिखा कि जलती टोपियों और फ़िलिस्तीनी झंडे के रंगों में समानता है। जो ठीक नहीं है। हालाँकि, मार्क्स एंड स्पेंसर ने कहा कि उनका इरादा मजेदार क्रिएटिव तरीके से यह दिखाना था कि कुछ लोगों को कागज़ से बनी क्रिसमस टोपियाँ पहनना पसंद नहीं है।

बता दें कि मार्क्स एंड स्पेंसर की शुरुआत 1884 में यहूदी आप्रवासी माइकल मार्क्स द्वारा किया गया था। वहीं उनके इस विज्ञापन को एक राजनीतिक बयान के रूप में देखा जा रहा है। हालाँकि, कंपनी का मुनाफा करोड़ों में है। 2022-23 में ही कंपनी ने करीब 4895 करोड़ रुपए का लाभ अर्जित किया था।

विज्ञापन से भड़के मुस्लिम

विज्ञापन के वायरल होने के बाद ज़्यादातर मुस्लिम नामों वाले सोशल मीडिया अकाउंट ने इंस्टाग्राम पर इसे बिल्कुल घृणित विज्ञापन बताते हुए कहा कि भले ही यह अगस्त में शूट किया गया था, लेकिन अब आपको इस विज्ञापन को फिर से शूट करना चाहिए था या बदलाव करने के लिए तकनीक का उपयोग करना चाहिए था। कंपनी को ऐसी हरकत के लिए शर्म आनी चाहिए!

वहीं दूसरे व्यक्ति ने कहा, “क्रिसमस उत्सव के रूप में प्रस्तुत करने के लिए आपके मन में इतनी नफरत कैसे आ गई?”

एक व्यक्ति ने कहा, “आपके विज्ञापन नई परंपराओं को अपनाने के बजाय पुरानी परंपरा को नष्ट करने पर केंद्रित लगते हैं।”

एक और यूजर ने कहा, “कागज की टोपियों के रंग की परवाह किए बिना विज्ञापन बकवास और क्रिसमस विरोधी था।”

मार्क एंड स्पेंसर के बहिष्कार की अपील और भड़के मुस्लिमों के कमेंट्स के कुछ स्क्रीनशॉट

वहीं, सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना के बाद कंपनी ने तस्वीर डिलीट कर दी और कहा कि विज्ञापन हालिया इजरायल-गाजा संघर्ष शुरू होने से पहले अगस्त में ही फिल्माया गया था। इसमें कहा गया है कि यह टोपियाँ पारंपरिक लाल, हरी और सिल्वर रंग  की क्रिसमस पेपर टोपियाँ थीं।

मार्क्स एंड स्पेंसर ने बुधवार (1 नवंबर, 2023) की रात सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा, “लोगों की प्रतिक्रिया के बाद हमने पोस्ट हटा दी है और हम अनजाने में लोगों को पहुँचे चोट के लिए माफी माँगते हैं।”

गौरतलब है कि कंपनी द्वारा पोस्ट डिलीट करने के  मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। मुस्लिम अभी भी मार्क एंड स्पेंसर के सामानों का बहिष्कार करने की माँग कर रहे हैं। 

शादीशुदा फरजान ने हिंदू छात्रा को फाँसा, अजमेर ले जाकर किया रेप: बीवी-ससुर के साथ मिलकर दूसरी बीवी बनाने के लिए धर्मांतरण का बनाया दबाव

मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक हिंदू लड़की को शादीशुदा मुस्लिम युवक फरजान खान प्यार का झाँसा देकर राजस्थान का अजमेर ले भागा। इस दौरान फरजान ने लड़की को डरा-धमकाकर अपनी हवस का शिकार बनाया। इसके बाद राजगढ़ ब्यावरा ले जाकर लड़की पर निकाह करने का दबाव डालने लगा और हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूलने के लिए धमकाने लगा।

लड़की को उसके शादीशुदा होने का पता भी वहीं पहुँचकर लगा। मौका देखकर लड़की ने अपनी माँ को फोन कर आपबीती बताई। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपित फरजान खान को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ धारा आईपीसी की धारा 366, 376(2) एन, 506 और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3/5 के तहत केस दर्ज किया है।

दरअसल उज्जैन थाना नागझिरी क्षेत्र में रहने वाली कॉलेज की छात्रा की जान पहचान चार साल पहले जफर खान के बेटे फरजान खान से हुई थी। वो भी इसी इलाके में नूरानी मस्जिद के पास रहता है। तीन साल पहले फरजान ने लड़की से कहा कि वो उससे प्यार करता है। इसके बाद दोनों में फोन पर बातें करने लगे।

लड़की के परिवार वालों जब इसकी खबर लगीं तो उन्होंने इसका विरोध किया। इसके बाद लड़की ने फरजान खान से बात करना बंद कर दिया। इस बीच बीते महीने शुक्रवार (27 अक्टूबर 2023) फरजान ने लड़की को फुसलाकर बातचीत के लिए इंदौर के अरविंदो अस्पताल के नजदीक बुलाया। इसके बाद यहाँ वो कुछ वक्त के लिए राजबाड़ा में घूमते रहे।

पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया है कि इसके बाद शुक्रवार की रात फरजान उसे अजमेर लेकर गया। यहाँ दोनों दिल्ली गेट के नजदीक एक होटल में ठहरे थे। इस दौरान फरजान ने लड़की से शारीरिक संबंध बनाने को कहा। उसके मना करने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी और डराकर उसका रेप किया।

इसके बाद फरजान पीड़िता को लेकर अपने ससुराल राजगढ़ ब्यावरा पहुँचा। वहाँ फरजान की बीवी और उसके ससुर ने उसका खुशी से स्वागत किया। दोनों ने पीड़िता को कहा कि वो धर्म बदलकर इस्लाम कबूल कर फरजान से निकाह कर ले। परिजनों की सहमति के बाद फरजान उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाने लगा।

पीड़िता डर गई और उसने फरजान के ससुर का मोबाइल चुपके से लेकर अपनी माँ को फोन किया और सारी बात बताई। इसके तुरंत बाद पीड़ित लड़की की माँ ने पुलिस को फोन किया। वह पुलिस को लेकर राजगढ़ पहुँची। वहाँ पुलिस ने लड़की को फरजान खान के कब्जे से बरामद कर लिया। इसी के साथ ही पुलिस ने फरजान को गिरफ्तार भी कर लिया।

नागझिरी थाना इंचार्ज कमल सिंह गहलोत का कहना है कि उनके थाना क्षेत्र में हिंदू छात्रा के साथ खास समुदाय के युवक ने रेप किया है। आरोपित युवक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ रेप और धर्म परिवर्तन की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। युवक का मेडिकल कराया गया है। उसे 3 नवंबर शुक्रवार को जिला अदालत में पेश किया जाएगा।

एल्विश यादव पर मेनका गाँधी की संस्था ने कराई FIR: साँपों के जहर वाली पार्टी, विदेशी लड़कियों का इंतजाम, कोबरा-अजगर सहित 9 जिंदा साँप

बिग बॉस विजेता और मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। उनके खिलाफ नोएडा पुलिस ने FIR दर्ज की है। सूचना के आधार पर नोएडा पुलिस ने सेक्टर-51 में रेव पार्टी को लेकर रेड डाली और इसमें 5 लोगों को गिरफ्तार किया। इनसे पूछताछ के दौरान एल्विश का नाम भी सामने आया। इस दौरान पुलिस को यहाँ 9 जिंदा साँप और उनका जहर भी मिला है।

पुलिस को दी गई शिकायत में गौरव गुप्ता ने कहा कि वो सांसद मेनका गाँधी की संस्था पीएफए ऑर्गेनाईजेशन के एनिमल वेलफेयर ऑफिसर हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि एल्विश यादव जहरीले और अन्य साँपों के साथ नोएडा और एनसीआर के फॉर्म में वीडियो शूट करते हैं। गैर कानूनी तरीकों से रेव पार्टी कराते हैं।

शिकायतकर्ता गौरव के अनुसार इसमें विदेशी युवतियों को बुलाया जाता है, साँप के जहर और नशीले पदार्थ सप्लाई किया जाता है। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि उनके मुखबिर ने इसे लेकर एल्विश से संपर्क साधा था। इसके बाद उन्होंने (एल्विश ने) इसके लिए एजेंट राहुल नाम के शख्स का फोन नंबर देकर उनका नाम लेकर बात करने को कहा। इस एजेंट से एल्विश का नाम लेकर बात करने पर वो पार्टी के लिए तैयार हो गया।

एल्विश यादव FIR मामले की कॉपी

वो एजेंट 2 नवंबर 2023 को अपनी टीम के साथ सेक्टर 51 के सेवरोन बैंक्वेट हाल में आया। यहाँ पर गौरव गुप्ता ने प्रतिबंधित साँप दिखाने को कहा। इसके बाद उनकी ओर से सेक्टर-49 नोएडा पुलिस और वन विभाग की टीम को ये सूचना दी गई।

इसकी थोड़ी देर बाद सेक्टर-49 नोएडा पुलिस और क्षेत्रीय वनाधिकारी की टीम मौके पर आए। एजेंट सहित पाँच लोगों को टीम ने हिरासत में लेकर नाम, पता पूछकर तलाशी ली। तलाशी में एजेंट राहुल के पास मिले नीले रंग के बैग पैक में प्लास्टिक की बोतल में भरा लगभग 20 मिलीलीटर साँप का जहर मिला। इसके साथ ही इनके पास 9 साँप जिंदा मिले, जिनमें 5 कोबरा, एक अजगर साँप, दो दोमुही साँप, एक घोड़ा पछाड़ साँप मिला।

इस मामले में नोएडा पुलिस के मुताबिक थाना सेक्टर-49 पुलिस को दिल्ली के रहने वाले गौरव गुप्ता की शिकायत की तहरीर के आधार पर एल्विश यादव सहित 6 लोगों के खिलाफ नोएडा सेक्टर-51 के बैंक्वट हॉल में रेव पार्टी करने और साँपों का जहर मुहैया कराने के संबंध में मामला दर्ज कराया गया है। जिन 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, उनके नाम हैं – राहुल, टीटूनाथ, जयकरन, नारायण, रविनाथ और एल्विश यादव। आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 48 ए, 49, 50, 51 और आईपीसी की धारा 120-B के तहत केस दर्ज किया गया है।

‘माय लॉर्ड’ बोलना बंद करें, आपको अपनी आधी सैलरी दूँगा: सुनवाई के दौरान SC के जस्टिस हुए सीनियर वकील से तंग, पूछा- Sir क्यों नहीं कहते

आज तक आपने अदालतों के जजों को किसी प्रकार की बदसलूकी पर वकीलों को डाँटते हुए देखा होगा, मगर क्या आपने सुना है कि किसी जज को ‘माई लॉर्ड’ कहने पर वकीलों को डाँट पड़ी। अगर नहीं, तो आज ऐसी खबर भी पढ़ लीजिए।

सुप्रीम कोर्ट के जज पीएस नरसिम्हा ने बुधवार (1 नवंबर) को एक केस की सुनवाई के दौरान सीनियर वकील द्वारा बार-बार ‘माय लॉर्ड और योर लॉर्डशिप’ कहे जाने पर नाराजगी व्यक्ति की। उन्होंने सुनवाई के बीच वरिष्ठ वकील से कहा- “आप कितनी बार ‘माय लॉर्ड’ कहेंगे। यदि आप इसे कहना बंद करेंगे तो मैं आपको अपनी आधी सैलरी दे दूँगा।”

रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कहा- “आप माय लॉर्ड कहना बंद करें नहीं तो मैं इसे गिनना शुरू कर दूँगा।” उन्होंने वकील को सुझाव दिया कि वो इस शब्द की जगह ‘सर’ का प्रयोग क्यों नहीं करते।

इससे पूर्व दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस रविंदर भट्ट व जस्टिस मुरलीधर और चेन्नई हाईकोर्ट के जस्टिस चंद्रू ने अपने कोर्ट रूम के बाहर लिखवाया था कि कोर्ट में सुनवाई के समय ‘माय लॉर्ड’ या ‘योर लॉर्डशिप’ जैसे शब्दों का प्रयोग न किया जाए।

बता दें कि ब्रिटिश काल में लगने वाली अदालतों में जजों को संबोधन करते समय ‘माई लॉर्ड’ शब्द का प्रयोग होता था। हालाँकि भारतीय विधिज्ञ परिषद ने 2006 में एक प्रस्ताव पारित करके इस शब्द पर रोक लगा दी और तय हुआ कि अब से जजों को ‘माय लॉर्ड’ या ‘योर लॉर्डशिप’ नहीं कहा जाएगा। यह फैसला भारत के राजपत्र में भी प्रकाशित हुआ।

इस निर्णय के बावजूद आजतक अदालतों में इन शब्दों का प्रयोग बंद नहीं हुआ। फिल्मों में भी अदालती कार्रवाई दिखाते टाइम ऐसी ही भाषा इस्तेमाल लाई जाती रही। पर वास्तविकतामें आधिकारिक तौर पर अब इसका इस्तेमाल निषेध है। इन शब्दों के अलावा ‘योर ऑनर’ और ‘ऑनरेबल कोर्ट’ जैसे शब्द प्रयोग में लाए जा सकते हैं।

शौहर हैं कार्यवाहक वाइस चांसलर, बीवी नईमा खातून को फूल टाइम VC बनाने के लिए कर लिए शॉर्टलिस्ट: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में बवाल

वो कहते हैं न कि अल्लाह मेहरबान तो गधा पहलवान। कुछ ऐसा ही अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के वाइस चांसलर यानी कुलपति को शॉर्टलिस्ट करने को लेकर भी हुआ है। दरअसल एएमयू ने नईमा खातून गुलरेज़ को शॉर्टलिस्ट किया है। बवाल इसलिए हो रहा है क्योंकि जिस महिला नईमा खातून गुलरेज़ को शॉर्टलिस्ट किया गया है, उनके शौहर मोहम्मद गुलरेज़ हैं। और मोहम्मद गुलरेज़ कौन हैं? नाम शॉर्टलिस्ट करने वाली कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष! कम शब्दों में कहा जाए तो शौहर ने किया बीवी को सेलेक्ट।

30 अक्टूबर 2023 को एएमयू में अकादमिक फैसला लेने वाली सबसे अहम संस्था कार्यकारी परिषद (ईसी) ने वीसी के पद के लिए पाँच नाम चुने थे। इसकी अध्यक्षता एएमयू के कार्यवाहक वीसी प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज़ ने की थी। 27 सदस्यों वाली ईसी ने 20 लोगों में से पाँच को चुना। हालाँकि इस पद के लिए एएमयू के पास 36 आवेदन आए थे।

जाहिर है जब इतनी मुश्किल प्रक्रिया के बाद 5 काबिल लोगों के नामों को चुना गया तो उसमें किसी निजी फायदे के आधार पर वीसी का नाम शॉर्टलिस्ट हो जाना सवालों के घेरे में आना ही था। एएमयू के वीसी पद के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए 5 नामों में से एक कार्यवाहक वीसी प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज़ की बीवी नईमा खातून गुलरेज़ का भी रहा।

नईमा खातून गुलरेज़ बनेंगी AMU की वाइस चांसलर?

एएमयू के कार्यवाहक वीसी प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज़ की बीवी नईमा खातून गुलरेज़ का नाम शॉर्टलिस्ट हुए 5 नामों में दूसरे नंबर पर है। पटना में चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के मौजूदा वीसी प्रोफेसर फैज़ान मुस्तफा का नाम सबसे ऊपर रहा। इनके अलावा प्रोफेसर कय्यूम हुसैन, प्रोफेसर एमयू रब्बानी, प्रोफेसर फुरकान कमर शॉर्टलिस्ट कैंडिडेट हैं।

एएमयू की कार्यकारी परिषद की बैठक में 27 सदस्यों में से 30 अक्टूबर की बैठक में 20 सदस्य शामिल हुए थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसमें कार्यवाहक वीसी सहित 19 सदस्यों ने मतदान किया। जानकारी के मुताबिक प्रोफेसर (डॉ) फैज़ान मुस्तफा को नौ वोट मिले। खातून और हुसैन को आठ-आठ वोट मिले जबकि रब्बानी और कमर को सात-सात वोट मिले।

AMU कार्यकारी परिषद की आपत्ति, मियाँ-बीवी ने की खारिज

कार्यकारी परिषद की बैठक में शामिल सदस्यों में से एक ने कार्यवाहक वीसी गुलरेज़ को सुझाव दिया था कि वह मतदान से दूर रह सकते हैं क्योंकि उनकी बीवी एक उम्मीदवार हैं। इस सुझाव पर एक अन्य सदस्य भी रजामंद थे। लेकिन बैठक की अध्यक्षता कर रहे कार्यवाहक वीसी ने जवाब दिया कि क्योंकि वो खुद वीसी पद के उम्मीदवार नहीं हैं, इसलिए उनके बैठक में होने में कोई परेशानी नहीं।

मोहम्मद गुलरेज़ ने उच्च शिक्षा विभाग के एक आदेश का हवाला देते हुए कहा, “यदि कुलपति या कार्यकारी परिषद का कोई अन्य सदस्य, जो कुलपति पद के लिए उम्मीदवार बनने के इच्छुक हैं, वो कार्यकारी परिषद की ऐसी बैठक में भाग लें तो उन्हें कुलपति पद के लिए उम्मीदवार के रूप में अयोग्य माना जाएगा।”

वहीं इस पर नईमा खातून गुलरेज़ ने कहा, “इसमें कुछ भी गलत नहीं है। शिक्षा विभाग के परिपत्रों में साफ कहा गया है कि यदि वीसी खुद नामांकित व्यक्ति है, तो उसे खुद को अलग करना होगा, लेकिन उन परिपत्रों में वीसी के पति या पत्नी या किसी अन्य रिश्तेदार के बारे में कुछ भी नहीं है। फैसला लेने से पहले इन सभी परिपत्रों को चुनाव आयोग के सामने पढ़ा गया था।”

AMU वीसी के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किए गए 36 में से एक आवेदक प्रोफेसर मुजाहिद बेग, जो एएमयू कोर्ट के एक पूर्व सदस्य भी हैं, वो नईमा खातून का नाम शॉर्टलिस्ट होने पर विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने इसे लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र भी लिखा है। उन्होंने कहा:

“हैरानी की बात है कि वीसी ने न केवल चुनाव आयोग की बैठक की अध्यक्षता की, बल्कि अपनी बीवी के लिए वोट भी किया। ये स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को एक और झटका है।”

गौरतलब है कि एएमयू के पिछले वीसी तारिक मंसूर ने यूपी के विधान परिषद सदस्य के रूप में नामित होने के बाद इस साल अप्रैल के पहले हफ्ते में इस्तीफा दे दिया था। तभी से प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज़ एएमयू के लिए अंतरिम वीसी के तौर पर कार्य कर रहे हैं।

आपको बता दें कि नईमा खातून ने एएमयू से मनोविज्ञान में पीएचडी की और उसी विभाग में 1988 में ले᠎̮क्चरर नियुक्त हुईं। साल 2006 में उनका प्रमोशन हुआ और वहीं प्रोफेसर बन गई। इसके बाद साल 2014 में वो महिला कॉलेज की प्रिंसिपल बनीं।

छोटे कपड़े पहनने के लिए उर्फी जावेद अरेस्ट? : वायरल हुई ‘गिरफ्तारी’ की Video, यूजर्स बोले- ‘देखकर सुकून मिला’

अपने फैशन सेंस को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर छाई रहने वाली उर्फी जावेद की एक नई वीडियो सोशल मीडिया पर आई है। इस वीडियो में दिखाया जा रहा है कि पुलिस ने उन्हें उनके छोटे कपड़ों के लिए गिरफ्तार किया है।

वीडियो का सच क्या है, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है, वीडियो को इसी ढंग से पेश किया जा रहा है जैसे पुलिस एक्ट्रेस को गिरफ्तार करके ले गई। दूसरी ओर सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो को फेक बता रहे हैं और इसे एक पब्लिसिटी स्टंट कहा जा रहा है।

उर्फी जावेद का यह वीडियो Viralbhyani नाम के सोशल मीडिया अकॉउंट से शेयर किया गया है। इसमें दिख रहा है कि गिरफ्तारी के समय उर्फी जावेद कॉफी रेस्टोरेंट में थीं और वहीं पुलिस के कपड़ों में दो महिलाएँ आईं और उन्हें अपने हिरासत में ले लिया।

वीडियो में सुना जा सकता है कि उर्फी कथित महिला पुलिसकर्मी से पूछती हैं- क्या हुआ? इस पर पुलिस की ड्रेस पहनी महिला कहती है- “ऑफिस चलो, इतने छोटे कपड़े पहनकर कौन घूमता है?” इस पर उर्फी जवाब देती हैं- “मेरी मर्जी।” हालाँकि महिला नहीं मानती और कहती है- “मर्जी नहीं, आप चलो बस।” इसके बाद उन्हें गाड़ी में बैठाया जाता है और गाड़ी चल देती हैं।

वीडियो को शेयर करने वाले इंस्टा अकॉउंट ने भी इसकी पुष्टि नहीं की है कि उर्फी सच में गिरफ्तार हैं या नहीं। उन्होंने प्रश्न चिह्न लगाकर कैप्शन लिखा है-उर्फी गिरफ्तार, क्या ये सच है।

सोशल मीडिया यूजर्स इसे बिलकुल फर्जी वीडियो बता रहे हैं। कोई कह रहा है कि ये पुलिस एकदम नकली है तो कोई कह रहा है अगर ये गिरफ्तारी हकीकत में हुई है तो फिर सिर्फ उर्फी को ही क्यों गिरफ्तार किया गया है? राखी सावंत और शर्लिन चोपड़ा भी गिरफ्तार होनी चाहिए।

कुछ ऐसे भी यूजर्स हैं जिन्हें ये वीडियो देख सुकून मिला है। जैसे अतीफ लिखते हैं कि अगर ये सच है तब तो बहुत सुकून है। इसी तरह हबीबा खान लिखती हैं कि अगर यह हकीकत है तो बहुत अच्छी बात है ये। कई और यूजर्स इस वीडियो को देख- गुड जॉब मुंबई पुलिस लिख रहे हैं।

बता दें कि उर्फी जावेद एक टीवी एक्ट्रेस हैं और इसके अलावा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। उनके अलग फैशन सेंस के कारण वो हमेशा चर्चा में रहती हैं। कभी वो मोबाइल सिम से ड्रेस बनाकर पहनती हैं तो भी ब्लेड से। सारी वीडियो मीडिया में वायरल होती हैं। उनके इस अंदाज के कारण वो अकसर कट्टरपंथियों के निशाने पर भी रहती हैं। हालाँकि एक्ट्रेस ये साफ कर चुकी हैं कि वो खुद को मुस्लिम नहीं मानतीं और न ही कभी एक मुस्लिम से वो शादी करेंगी। पिछले दिनों उन्हें नवरात्रि के समय सूट-सलवार में देखा गया था।

हिंदुस्तानियों को एक्स्ट्रा लेयर वाली बॉल, तभी ले रहा शामी और सिराज विकेट: 14 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाले ने लगाया आरोप, देखें वीडियो

भारत की टीम श्रीलंका को हरा कर क्रिकेट वर्ल्ड कप 2023 के सेमीफाइनल में पहुँच गई है। इस मैच में भारत ने श्रीलंका को 302 रनों से हरा कर रिकॉर्ड जीत दर्ज की। श्रीलंका को सिर्फ 55 रन पर ऑल आउट करने में गेंदबाज मोहम्मद शामी का 18 रन देकर 5 विकेट लेना सबसे अहम रहा। लेकिन इसी पर अब एक पाकिस्तानी क्रिकेटर (पूर्व) ने गंभीर आरोप लगाए हैं।

हसन रजा नाम के पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने ABN News चैनल पर एंकर से बात करते हुए अंपायर, थर्ड अंपायर, BCCI, ICC आदि पर गंभीर आरोप लगाए। हसन का मानना है कि मोहम्मद शामी, मोहम्मद सिराज या जसप्रीत बुमराह अगर सीम या स्विंग करा पा रहे हैं तो इसकी वजह है उनको दी जाने वाली अलग तरह की गेंद। इनके अनुसार इस अलग तरह की गेंद पर कुछ एक्स्ट्रा लेयर या एक्स्ट्रा कोटिंग की गई है।

एंकर ने हसन रजा से बात करते हुए कुतर्क दिया कि जिस प्रतिभा के गेंदबाज मोहम्मद शामी, मोहम्मद सिराज या जसप्रीत बुमराह हैं, वैसे ही शाहीन शाह आफरीदी भी हैं। इसी को आगे बढ़ाते हुए एंकर ने सवाल किया कि सीम या स्विंग सिर्फ भारतीय गेंदबाजों को क्यों मिल रहा है? हसन रजा ने एंकर को जवाब देते हुए तर्क के बजाय कुतर्क को ही बढ़ाया।

4 मिनट के अपने जवाब में हसन रजा ने कहा कि मोहम्मद शामी, मोहम्मद सिराज या जसप्रीत बुमराह जिस तरह से बॉल फेंक रहे हैं, वो एलन डोनल्ड की याद दिला रहा और इसके पीछे वजह यह है कि इनको अलग तरह की गेंद दी जा रही है। हसन के मुताबिक इसके पीछे अंपायर या ICC या BCCI किसी का भी हाथ हो सकता है।

भारत के बैट्समैन बढ़िया खेले, श्रीलंका के खराब… इस तरह की बात एक बार भी हसन रजा ने नहीं कही। उनके अनुसार जिस पिच पर भारत के बैट्समैन बढ़िया खेले, उसी पिच पर श्रीलंका के बैट्समैन खराब खेले क्योंकि गेंद सीम-स्विंग ज्यादा कर रही थी क्योंकि गेंद ही अलग क्वालिटी की दी गई थी।

गेंदबाजी के अलावे डीआरएस पर भी सवाल उठाते हुए हसन रजा ने कहा कि बहुत सारे फैसले भारत को खुश करने के लिए दिए गए। जबकि इसी डीआरएस में दूसरी टीमों के खिलाफ फैसले दिए गए। इसी शो में एंकर यह भी कहता नजर आता है कि 5 विकेट लेने के बाद मोहम्मद शामी जमीन पर इसलिए बैठे क्योंकि उनको सजदा करना था लेकिन वो ‘डर के माहौल’ के कारण ऐसा नहीं कर सके।

इस पूरी बातचीत को आप 50 सेकंड के बाद से 4:55 तक सुन सकते हैं। इसके तुरंत बाद हालाँकि पैनल में बैठे दूसरे शख्स ने इस तरह के ‘आसमानी’ ख्याल को खारिज कर दिया। आपको बता दें कि हसन रजा 14 साल 227 दिन की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करके रिकॉर्ड बनाए थे। हालाँकि बाद में पाकिस्तान क्रिकेट ने इनके जन्मदिन की सही जानकारी के अभाव में इस रिकॉर्ड को खुद ही हटा लिया था। यह वही हसन रजा है, जिस पर क्रिकेट में फिक्सिंग का भी आरोप लगा है।

मस्जिदों के जरिए फंड, QR कोड-अकॉउंट में पैसे, हथियारों की खरीद: भारत के आतंकी संगठन की फंडिंग पर FATF रिपोर्ट, 3000 बैंक खातों का इस्तेमाल

भारत में प्रतिबंधित एक कट्टरपंथी संगठन को लेकर FATF ने अपनी रिपोर्ट में एक खुलासा किया है। इस रिपोर्ट में बिना किसी संगठन का नाम लिए बगैर बताया गया है कि कैसे भारत का हिंसक कट्टरपंथी (आतंकी) संगठन एक संरचित नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन और ऑफलाइन फंड जुटाता था।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट की मानें तो इस रिपोर्ट में जिस संगठन की बात है वो पीएफआई यानी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया है। रिपोर्ट बताती है कि पीएफआई मस्जिद और सार्वजनिक स्थलों पर आग्रह करके फंड का जुगाड़ करता था जिसका इस्तेमाल बाद में हथियार खरीदने और कट्टरपंथी तैयार करने के लिए किया जाता था।

FATF की रिपोर्ट, जिसका शीर्षक ‘क्राउडफंडिंग फॉर टेररिज्म फाइनेंसिंग है।’ इस रिपोर्ट के पेज नंबर 38 में भारतीय अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि एक कट्टरपंथी संगठन जो अभी जाँच के दायरे में है उसने सुव्यवस्थित नेटवर्कों का इस्तेमाल करके पूरे देश में से पैसे जुटाए। इन्होंने मस्जिदों और सार्वजनिक जगहों पर आग्रह करके ऑफलाइन और ऑनलाइन पैसे बटोरे। इन्होंने क्यूआर कोड और खाता विवरण देकर दानदाताओं से पैसे भेजने को कहा। इसके लिए 3,000 से अधिक बैंक खातों और अनौपचारिक वैल्यू ट्रांसफर सिस्टमों का उपयोग किया गया।

FATF रिपोर्ट के पृष्ठ संख्या 38 पर प्रकाशित जानकारी

उल्लेखनीय है कि एफएटीएफ की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे उस संगठन (पीएफआई) ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर पैसे जुटाए जिसके कारण जाँच करना और भी मुश्किल होता गया। रिपोर्ट कहती है कि फंड के नाम पर इकट्ठा धन से कट्टरपंथी संगठन ने हथियार और गोला-बारूद खरीदने का काम किया।

इसके अतिरिक्त हिंसक कट्टरपंथी संगठन के कैडरों को प्रशिक्षण देने के लिए इसका उपयोग किया गया। इतना ही नहीं क्राउडफंडिंग के माध्यम से संगठन ने जो धन को जुटाया था वो नियमित आय उत्पन्न करने के लिए और व्यवसायों में व रियल स्टेट परियोजनाओं में लगा दिया गया।

रिपोर्ट यह भी बताती है कि टेररिस्ट फंडिंग के आरोप में संगठन के 8 कट्टरपंथियों को गिरफ्तार किया गया है और इस मामले में शिकायतें भी फाइल की जा चुकी हैं और जाँच के बाद 3.5 करोड़ की संपत्ति की जब्ती की तैयारी है।

बता दें कि ये FATF एक अंतर-सरकारी निकाय है जो मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकी वित्तपोषण और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली की अखंडता के लिए अन्य संबंधित खतरों पर नजर रखता है। वहीं पीएफआई संगठन की बात करें तो ये एक कट्टरपंथी संगठन है जो 3 मुस्लिम संगठनों को मिलाकर 2007 में अस्तित्व में आया था। इसने शुरू में खुद को अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए लड़ने वाला संगठन दिखाया हालाँकि समय के साथ इस संगठन का कट्टरपंथ सबके सामने आता गया। पिछले वर्ष भारत सरकार ने इसे देश में प्रतिबंध कर दिया था। उसके बाद से राष्ट्रीय जाँच एजेंसी इनके कई ठिकानों पर छापेमापी कर चुकी है।

क्रिकेट विश्व कप 2023 में भारत ने श्रीलंका को 302 रनों से रौंदा, 55 रनों पर समेट दी पूरी टीम: लगातार 7वीं जीत के साथ सेमीफाइनल में बनाई जगह

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में श्रीलंका के कप्तान कुसल मेंडिस ने टॉस जीतकर भारतीय टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। भारतीय टीम ने खराब शुरुआत से उबरते हुए बल्लेबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट खोकर 357 रनों का स्कोर खड़ा कर श्रीलंका के सामने 358 रनों का लक्ष्य रखा था।

क्रिकेट विश्व कप 2023 के 33वें मैच में भारत ने श्रीलंका को 302 रनों के हराकर रिकॉर्ड तोड़ जीत दर्ज की है। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 357 रनों का भारी भरकम स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में 358 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम को भारत ने महज 55 रनों पर समेट दिया। भारतीय टीम ने इस विश्वकप में लगातार सातवाँ मैच जीतते हुए सेमीफाइनल में जगह भी बना ली। वहीं, श्रीलंका अब सेमीफाइनल की दौड़ से लगभग बाहर हो चुका है।

शुभमन गिल, विराट कोहली और श्रेयस अय्यर ने बेहतरीन अर्धशतकीय पारियाँ खेलीं। तीनों ही बल्लेबाज शतक से चूक गए, लेकिन भारतीय टीम को बहुत बड़े स्कोर तक पहुँचा गए। इसके जवाब में श्रीलंकाई टीम को नियमित अंतराल पर झटके लगते रहे और पूरी टीम महज 55 रनों पर सिमट गई। भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन इतना शानदार रहा कि 5 बल्लेबाज तो अपना खाता भी नहीं खोल सके।

श्रीलंकाई बल्लेबाजी कभी मैच में दिखी ही नहीं

श्रीलंकाई टीम ने 358 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बेहद निराशाजनक शुरुआत की। उसके सलामी बल्लेबाज पथुन निशंका पारी की पहली ही गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। निशंका को बुमराह ने पवैलियन की राह दिखाई। इस ओवर में बल्ले से कोई रन नहीं बना। श्रीलंकाई पारी के दूसरे ओवर की पहली गेंद पर दूसरे सलामी बल्लेबाज दिमुथ करुणारत्ने भी खाता खोले बगैर ही एलबीडब्ल्यू आउट हो गए। उन्हें सिराज ने पवैलियन की राह दिखाई। इसके बाद उसी ओवर में सदीरा विक्रमादित्य भी खाता खोले बगैर मोहम्मद सिराज के शिकार बन गए तो चौथे ओवर में कप्तान कुसल मेंडिस को भी सिराज ने पवैलियन भेज दिया। उस समय टीम का स्कोर था महज 3 रन और टीम के 4 बल्लेबाज पवैलियन लौट चुके थे।

फिर आया शमी नाम का तूफान…

मोहम्मद शमी ने श्रीलंका के 4 विकेट गिरने के बाद पहले बदलाव के तौर पर बॉलिंग की कमान संभाली और अगले 5 ओवरों में एक ओवर मेडन रखते हुए महज 18 रन देकर 5 श्रीलंकाई बल्लेबाजों को पवैलियन की राह दिखाई। मोहम्मद शमी इसी के साथ भारत की ओर से इस विश्वकप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी गए। मोहम्मद शमी अब तक इस विश्वकप में 14 विकेट ले चुके हैं, वो भी महज तीन मैचों में ही। इसके बाद आखिरी विकेट रविंद्र जड़ेजा ने लिया।

श्रीलंकाई बल्लेबाजी की खराब हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ 3 बल्लेबाज दहाई के आँकड़े तक पहुँचे, जबकि 5 बल्लेबाज खाता भी नहीं खोल सके। वहीं, दो बल्लेबाज सिर्फ 1-1 रन ही बना सके। मोहम्मद शमी को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। भारतीय टीम के लिए शमी ने पाँच, सिराज ने 3 और बुमराह-जडेजा ने एक-एक विकेट लिए।

भारतीय टीम ने खराब शुरुआत के बाद खड़ा किया पहाड़-सा स्कोर

इससे पहले, टॉस हार कर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। इस विश्वकप में प्रचंड फॉर्म में चल रहे कप्तान रोहित शर्मा ने दिलशान मधुशंका की पहली गेंद पर चौका लगाया, लेकिन अगली ही गेंद पर क्लीन बोल्ड होकर पवैलियन लौट गए। इसके बाद शुभमन गिल और विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी की। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 189 रनों की साझेदारी की।

जब टीम का स्कोर 193 रन पहुँचा, तभी शुभमन गिल 92 रनों की पारी खेलकर आउट हो गए। वो विश्वकप में अपना पहल शतक बनाने से चुक गए। इसके बाद विराट कोहली भी 88 रन बनाकर आउट हो गए। उस समय टीम का स्कोर 196 रन ही था। तीनों विकेट मधुशंका को ही मिले। शुभमन गिल ने अपनी पारी में 11 चौके और 2 छक्के लगाए तो विराट कोहली ने अपनी पारी में 11 चौके लगाए। इसके बाद चौथे विकेट के तौर पर केएल राहुल 21 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक टीम का स्कोर 256 रनों तक पहुँच गया था।

राहुल के बाद सूर्यकुमार यादव महज 12 रन ही बना सके और 276 रनों के कुल स्कोर पर पाँचवें विकेट के रूप में आउट होकर पवैलियन लौटे। इस दौरान दूसरे छोर से श्रेयस अय्यर तेजी से रन बनाते रहे। वो छठें विकेट के रूप में कुल 333 रनों के स्कोर पर आउट हुए। अय्यर ने महज 56 गेंदों पर 82 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 3 चौके और 6 छक्के लगाए। इसके बाद पारी की आखिरी ओवर में मोहम्मद शमी और रविंद्र जडेजा रन आउट हो गए। शमी 2 रन बना सके, जबकि रविंद्र जडेजा ने 24 गेंदों पर 35 रनों की पारी खेली।

इस मैच में जीत के साथ ही भारतीय टीम ने 14 अंकों के साथ सेमीफाइनल में जगह भी बना ली है। भारतीय टीम का रन रेट भी 2 के ऊपर पहुँच गया है। दूसरी तरफ, श्रीलंका की टीम 7 मैचों में महज 2 जीत के साथ अंकतालिका में सातवें नंबर पर है। अब, दूसरे स्थान पर मौजूद दक्षिण अफ्रीकी टीम ने 7 में से 6 मैच जीते हैं और वो भी सेमीफाइनल में लगभग जगह बना चुकी है। अब दोनों टीमों के बीच अगला मुकाबला 5 नवंबर को खेला जाएगा।