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आटा चक्की में फँस हुई मौत, मीडिया ने जोड़ा ‘रेप-हत्या’ का एंगल, SP-भीम आर्मी-BSP ने फैलाई खबर: UP पुलिस ने बताई पूरी बात

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के पतौरा गाँव में दलित महिला का शव आटा चक्की से क्षत-विक्षत हालत में मिलने की घटना ने सबको झकझोर दिया। मीडिया में कुछ बयानों को आधार बनाकर इस खबर को एंगल दिया गया कि महिला से पहले रेप हुआ और उसके के बाद धारदार हथियार से उसके टुकड़े किए गए…

संबंधित खबर पर मीडिया संस्थानों की कवरेज, जिनके शीर्षक में रेप की बात कही गई

तमाम मीडिया संस्थानों ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कैसे दलित महिला राज कुमार शुक्ला की चक्की में लिपाई करने गई थी और बाद में उसका शव वहीं से मिला। उसके अंग पर कपड़े न होने के कारण दिखाया गया कि जैसे महिला का रेप हुआ। हालाँकि पुलिस ने अपनी जाँच में पाया महिला की मृत्यु आटा चक्की में फँस जाने के कारण हुई है और पोस्टमार्टम में भी सामने आया है कि अंदरूनी अंगों में चोट नहीं लगी।

पुलिस ने बार-बार दिया अपडेट

पुलिस ने इस घटना की बाबत एक बयान 31 अक्टूबर को जारी किया था जिसमें उन्होंने बताया था कि एक 40 वर्षीय दलित महिला जो आटा चक्की पर काम करती थी, वो दुर्घटनावश चक्की की लपेट में आ गई और उसकी वहाँ मौत हो गई। फॉरेंसिक टीम से जाँच करवाई जा रही।

इस बयान के साथ ही पुलिस ने तब साफ किया था कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

इसके बाद फिर जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो बांदा पुलिस ने दोबारा बयान जारी किया। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि 31 अक्टूबर को उन्हें सूचना प्राप्त हुई थी कि एक महिला की आटा चक्की में फँसने से मौत हो गई है। पुलिस वहाँ गई तो पता चला महिला मिट्टी से लिपाई का काम कर रही थी। पुलिस ने मौके पर पहुँच शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम कराया। प्रथम दृष्ट्या में जो मामला सामने आया है वो यही है कि आटा चक्की में फँसने के कारण हुई मौत ही है। महिला के किसी अंदरूनी अंग में चोट लगने के सबूत नहीं मिले हैं। लेकिन परिवार की तहरीर पर एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सारे साक्ष्य जुटा रही है, जल्दी विवेचना की जाएगी।

विपक्ष की राजनीति और UP पुलिस की चेतावनी

अब एक ओर जहाँ पुलिस लगातार इस खबर पर अपडेट दे रही थी, वहीं विपक्षी पार्टी के नेता एक्टिव होकर इस मामले पर योगी सरकार को घेरने लगे। जैसे:

अखिलेश यादव ने बांदा की घटना के बाद ट्वीट में लिखा यूपी की महिलाएँ डरी हुई हैं और आक्रोशित भी हैं। उनका यकीन भाजपा सरकार से उठ गया है।

स्वामी प्रसाद मौर्या ने लिखा, “जनपद बाँदा के थाना गिरवाँ में आटा चक्की में लिपाई के बहाने बुलाकर दलित महिला के साथ सामूहिक बलात्कार करना, उसके बाद उसे तीन हिस्सों में काटकर अपराधियों ने जो बर्बरता दिखाई है, वह अत्यंत हृदय विदारक है। दलित और पिछड़ों पर बेतहाशा जुर्म-ज्यादती, अत्याचार बढ़ा है, इसे आप क्या कहेंगे रामराज्य या जंगल राज?”

इसी तरह भीम आर्मी जय भीम के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह नोटियाल लिखते हैं कि वो इस केस में महिला को न्याय दिलाने के लिए ट्विटर पर ट्रेंड चलाएँगे।

अब बांदा पुलिस बार-बार बयान देने के बाद गलत एंगल से खबर को फैलता देख एक्टिव हो गई है। घटना से संबंधित फर्जी समाचार और ट्विट्स पर पुलिस लोगों को चेतावनी दे रही है। बांदा पुलिस ने साफ लिखा है- कृपया भ्रामक खबरें न फैलाएँ। भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है ।

‘विवाहित महिलाओं को सालाना ₹12000, रामलला के दर्शन, 5 शक्तिपीठों का विकास’: ‘मोदी की गारंटी’ में छत्तीसगढ़ को 5 साल में विकसित राज्य बनाने का BJP का वादा

छत्तीसगढ़ में जारी विधानसभा चुनावों को लिए भाजपा ने अपना घोषणा-पत्र जारी कर दिया है। ‘मोदी की गारंटी’ नाम से जारी इस घोषणा-पत्र में समाज के हर तबके का ध्यान रखा गया है। खासकर किसानों, जनजातीय समुदाय और महिलाओं का विशेष ख्याल रखा गया है। घोषणा पत्र को जारी करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो पाँच साल में राज्य की तस्वीर बदल जाएगी।

घोषणा पत्र समिति के संयोजक विजय बघेल बोल का कहना है कि यह घोषणा-पत्र तीन महीने में तैयार हुआ है। इसे 3 अगस्त 2023 से 3 नवम्बर 2023 के बीच तैयार किया गया है। इस समिति में 35 सदस्य थे। घोषणा-पत्र बनाने से पहले समाज के सभी वर्गों से राय ली गई है, जिसके लिए 2 लाख से ज़्यादा सुझाव आए थे।

वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “हमने लाखों लोगों से चर्चा करके एक घोषणा पत्र “मोदी की गारंटी” तैयार किया है। इसमें हमने तय किया है कि हम कृषि उन्नति योजना की शुरुआत करेंगे जिसके अंतर्गत 21 क्विंटल/एकड़ धान 3,100 रुपये के मूल्य पर हम खरीदेंगे। इसका एक मुश्त भुगतान किसानों को किया जाएगा।”

केंद्रीय मंत्री शाह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर हमला बोलते हुए कहा, “मैं छत्तीसगढ़ की जनता से कहना चाहता हूँ कि मोदी जी छत्तीसगढ़ का विकास करना चाहते हैं, लेकिन भूपेश बघेल उसमें सबसे बड़े विघ्न हैं। बघेल जी को डर है कि अगर यहाँ विकास के इतने कार्य हो गए तो उनकी कुर्सी चली जाएगी। इन्होंने 300 से ज्यादा वादे किए थे, जो पूरे नहीं किए गए।”

केंद्रीय गृहमंत्री ने पाँच वर्षों में छत्तीसगढ़ को पूर्ण विकसित राज्य बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्ति दिलाने का काम बीजेपी ने किया है। पोषण की गारंटी देने वाला पहला राज्य छत्तीसगढ़ बना। वहीं, मनरेगा में 150 दिन का रोजगार देने वाला राज्य छत्तीसगढ़ बना है। उन्होंने कहा कि छात्रों को निशुल्क लैपटॉप और टैब देने का काम किया है।

भाजपा की ‘मोदी की गारंटी’ बातें

  1. हर विवाहित महिला को प्रत्येक साल 12,000 रुपए की वित्तीय सहायता
  2. 18 लाख पीएम आवास योजना के तहत घर और निर्मल जल योजना
  3. तेंदूपत्ता 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा में खरीदी
  4. अतिरिक्त संग्रह करने वाले 4,500 रुपए बोनस
  5. आयुष्मान भारत योजना इसके साथ 10 लाख रुपए तक का हेल्थ स्कीम
  6. सस्ते में दवाई उपलब्ध कराने के लिए 500 नए जन औषधि केंद्र खोलेंगे
  7. UPSC की तर्ज पर CGPSC की परीक्षा, पीएससी परीक्षा घोटाले की जाँच
  8. दिल्ली की एनसीआर की दर्ज पर एचसीआर बनाया जाएगा. रायपुर दुर्ग भिलाई को मिलाकर बनाए जाएगा
  9. गरीब परिवार की महिलाओं को 500 रुपए में गैस कनेक्शन
  10. कॉलेज स्टूडेंट को बस की सुविधा दी जाएगी
  11. एम्स के दर्ज हर संभाग सिम्स बनाया जाएगा
  12. छत्तीसगढ़ के 5 शक्तिपीठों को विकसित किया जाएगा
  13. अयोध्या में राम मंदिर बन रहा है, छत्तीसगढ़ के गरीब लोगों को रामलला के दर्शन के लिए रामलला दर्शन योजना
  14. BPL परिवार में जन्म लेने वाली लड़कियों के नाम पर 1.5 लाख रुपए

हिंदू बच्ची ने की आत्महत्या… क्योंकि जोहिद अख्तर ने किया रेप, वीडियो भी वायरल: मुस्लिम परिवार ने कहा था- इज्जत चली गई, इसलिए निकाह पढ़वा लो

लखीमपुर खीरी के संपूर्णानगर कस्बे में गुरुवार (2 नवंबर, 2023) को 17 वर्षीय किशोरी का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिला। आत्महत्या के इस मामले में बताया गया है कि पीड़िता आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने से आहत थी। जिससे आहत होकर उसने आत्महत्या कर ली। इस मामले में आरोपित का जोहिद अख्तर बताया जा रहा है, साथी ही जान से मारने की धमकी देने के मामले में जोहिद के परिवार के दूसरे लोगों के नाम भी सामने आए हैं। 

इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए मृतका की माँ ने कस्बे के ही मुस्लिम समुदाय के युवक जोहिद अख्तर पर वीडियो वायरल करने और शिकायत पर पिटाई करने का आरोप लगाया। वहीं नाबालिग की आत्महत्या के बाद इस मामले में न्याय के लिए गुस्साए परिजन और बजरंग दल के कार्यकर्ता शुक्रवार (3 नवंबर, 2023) को सड़क पर उतर आए। परिजनों ने सड़क पर जाम करने का भी प्रयास किया।

क्या है पूरा मामला 

इस घटना का शिकायत पत्र ऑपइंडिया के पास है। जिसमें 17 वर्षीय किशोरी को प्रेम प्रसंग में बहला-फुसलाकर रेप करने और फिर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में शिकायत में कहा गया है कि जाहिद नूर का बेटा जोहिद अख्तर लव जिहाद के उद्देश्य से हिन्दू लड़की की अश्लील वीडियो बनाकर उससे शारीरिक सम्बन्ध बनाता रहा। और बाद में जोहिद ने वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। 

जब इस घटना की खबर परिजनों को हुई तो पीड़िता के माता-पिता जब जोहिद के घर शिकायत लेकर पहुँचे तो मार-पिटाई की नौबत आ गई। जोहिद के अब्बू जाहिद ने बेटे से इज्जत जाने और निकाह पढ़वाने की बात कही। कहा कि जब बदनामी हो ही गई तो अब निकाह पढ़वा लो। लड़की के परिजनों को जोहिद के परिवार के इरादे नेक नहीं लगे। वह किसी तरह वहाँ से जान बचाकर चले आए और लोकलाज के भय से लगभग सप्ताह भर इस मामले की जानकारी किसी को नहीं दी। यह वाकया करीब सप्ताह भर पहले का है। 

वहीं मृतका की माँ ने बताया कि गुरुवार (2 नवंबर, 2023) को उनकी 17 वर्षीय बेटी घर में अकेली थी। वह दूसरी बेटी और बेटे के साथ पलिया गई थी। जब वह शाम करीब चार बजे घर लौटी तो दरवाजा खुला मिला। घर के अंदर जाकर देखा तो कमरे में पंखे से बेटी का शव लटका हुआ था।

शिकायत में जोहिद अख्तर, शोएब अख्तर, शोहिल और इनके अब्बू जाहिद नूर और अम्मी पर पिटाई करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है। 

पुलिस ने जोहिद को किया गिरफ्तार 

वहीं इस पूरे मामले में खेरी पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जवाब में लिखा कि थाना संपूर्णानगर पुलिस द्वारा प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु सार्थक प्रयास किए जा रहे है।

‘बंदूक की नोंक पर एक तरफ ले गए… पहले किस किया और फिर कपड़े उतारने को मजबूर’: छात्रा ने सुनाई उस रात की सिहरने वाली कहानी, CM योगी सख्त, PMO की भी नजर

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) के परिसर में बंदूक की नोंक पर IIT की छात्रा के कपड़े उतरवाकर अश्लील वीडियो बनाने का मसला मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुँच चुका है। इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों ने कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, PMO भी इस पर नजर बनाए हुए है। अब लड़की ने उस रात हुई घटना का पूरा ब्यौरा दिया है।

मामला बुधवार (1 नवंबर, 2023) का है। कैम्पस में रात करीब 1.30 बजे छात्रा अपने साथी अपने हॉस्टल के पास टहल रही थी। इसी दौरान बुलेट पर सवार 3 बदमाश आए और छात्रा को रोका। तीनों बदमाशों ने बंदूक की नोंक पर उसके कपड़े फाड़ डाले और उसका वीडियो बना लिया। इतना ही नहीं, बदमाशों ने छात्रा का फोन नंबर भी लिया और धमकी दी कि अगर इस संबंध में किसी को कुछ बताया तो वे उसे जान से मार देंगे।

छात्रा ने बताई आपबीती

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा ने उस रात की घटना को याद करते हुए बताया, “मैं बुधवार रात 1:30 बजे एक जरूरी काम से अपने हॉस्टल से निकली थी। कैंपस के गाँधी स्मृति चौराहे के पास मुझे मेरा दोस्त मिल गया तो हम दोनों साथ में जाने लगे। रास्ते में कर्मन बाबा मंदिर से करीब 300 मीटर दूर पीछे से एक बुलेट आई। उस पर 3 लड़के सवार थे। उन लोगों ने बाइक खड़ी करके मुझे और मेरे दोस्त को रोक लिया।”

न्यू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली मैथेमेटिकल इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक की पीड़ित छात्रा ने बताया, “इसके बाद हथियार दिखाकर और मेरा मुँह दबाकर एक कोने में ले गए। वहाँ पहले मुझे किस किया, उसके बाद गन पॉइंट पर मेरे कपड़े उतरवाए। मेरा वीडियो बनाया और फोटो खींची। मैं जब बचाव के लिए चिल्लाई तो मुझे मारने की धमकी दी। करीब 10-15 मिनट तक मुझे अपने कब्जे में रखा और फिर छोड़ दिया।”

पीड़िता ने कहा, “मैं अपने हॉस्टल की ओर भागी तो पीछे से वे भी आने लगे। डर के मारे मैं एक प्रोफेसर के घर में घुस गई। वहाँ पर 20 मिनट तक रुकी और प्रोफेसर को आवाज दी। प्रोफेसर ने मुझे गेट तक छोड़ा। उसके बाद पार्लियामेंट सिक्योरिटी कमेटी के राहुल राठौर मुझे IIT-BHU पेट्रोलिंग गार्ड के पास लेकर पहुँचे। जहाँ से मैं अपने हॉस्टल तक सुरक्षित आ पाई।”

तीनों आरोपितों के हुलिये को याद करते हुए पीड़ित छात्रा ने बताया कि इन तीनों आरोपियों में से एक मोटा और दूसरा पतला थी। वहीं, तीसरे लड़के की हाईट मीडियम थी। तीनों युवक रॉयल इनफील्ड क्लासिक 350 बाइक पर सवार थे। घटनास्थल का सीसीटीवी फुटेज खराब था। वहीं, देर रात हैदराबाद गेट के पास बुलेट पर सवार तीन लोग जाते दिखे हुए सीसीटीवी में दिखे हैं। हालाँकि, बाइक का नंबर स्पष्ट नहीं हो पाया है।

CM योगी ने कठोर कार्रवाई के दिए निर्देश, PMO ने भी माँगी रिपोर्ट

इस घटना को यूपी के मख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खासे नाराज बताए जा रहे हैं। सीएम योगी ने मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा और बीएचयू के कुलपति प्रोफेसर एसके जैन से भी बात की। उन्होंने आरोपितों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि कठोर कार्रवाई का संदेश जनता तक जानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए विश्वविद्यालय में तैनात पुलिस को प्रशिक्षण देने को कहा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के नाते इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की नजर बनी हुई है। PMO ने इस मामले पर बनारस के पुलिस कमिश्नर मुथा अशोक जैन से रिपोर्ट माँगी है। इस घटना के कारण पुलिस कमिश्नर ने लंका थाने के SHO अश्विनी पांडेय को लाइन हाजिर कर दिया है।

कैंपस में दिवार बनाने पर विद्यार्थियों का विरोध

इस घटना के विरोधी में 2500 छात्र-छात्राओं ने गुरुवार (2 नवंबर 2023) को राजपूताना हॉस्टल के सामने लगभग 11 घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद पुलिस-प्रशासन और IIT-BHU के डायरेक्टर ने छात्रों के साथ बैठक की। उन्हें भरोसा दिया कि 7 दिनों के भीतर सभी आरोपितों को पकड़कर जेल भेज दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपितों को कड़ी सजा दी जाएगी। आश्वासन के बाद विद्यार्थियों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया।

इस घटना के बाद प्रशासन ने IIT-बनारस और BHU के बीच दीवार बनाने का फैसला किया है। हालाँकि, विद्यार्थी इसका भी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि कैंपस को दो हिस्सों में नहीं किया जाना चाहिए। इस निर्णय का विरोध कर रहे यूनिवर्सिटी के छात्र नेता अभय सिंह ने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा की अनदेखी के कारण छात्रा के साथ छेड़छाड़ हुई है।

विद्यार्थियों ने कैंपस में CCTV कैमरे लगाने, सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाने और शाम के बाद कैंपस में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगाने की माँग की है। उन्होंने कैंपस में दिवार बनाने का पूरी तरह विरोध किया। इस घटना के लेकर यूनिवर्सिटी के एक छात्र निखिल ने बताया कि बनारस देश का पहला IIT है, जहाँ बाहरी लड़के कार और बाइक की रेस लगाते हैं और लड़कियाँ छेड़ते हैं।

प्रशासन का निर्णय

इस घटना के बाद प्रशासन और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कई निर्णय लिए हैं। हालात को देखते हुए अब प्रॉक्टर ऑफिस में सब-इंस्पेक्टर और 4 पुलिस कर्मी तैनात किए जाएँगे। बैरिकेड्स लगाकर रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक कैंपस में आवाजाही को प्रतिबंधित किया जाएगा। इसके अलावा, ग्रीन जोन बनाया जाएगा, जिसमें कई तरह के बदलाव आगे होंगे।

स्थानीय प्रशासन के सहयोग से यूनिवर्सिटी एक इंटीग्रेटेड मॉनिटरिंग सिस्टम बनाएगा, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा को मॉनिटर किया जा सके। संवेदनशील स्थानों पर मिलिट्री के रिटायर्ड लोगों को सुरक्षा गार्ड्स के तौर पर तैनाती की जाएगी। कैंपस के सभी सातों गेटों पर जिला पुलिस और संस्थान के कर्मियों की चौबीसों घंटा ड्यूटी रहेगी।

‘माफी तैयार रखें मैडम’: मेनका गाँधी पर एल्विश यादव का पलटवार, झूठा केस करके लोकसभा टिकट पाने के जुगाड़ पर कसा तंज

नोएडा पुलिस की एफआईआर में मशहूर यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी विनर एल्विश यादव के रेव पार्टी और पार्टी में साँपों के जहर मामले में नाम आने के बाद अब मेनका गाँधी उनको लेकर हमलावर हैं। सासंद मेनका गाँधी ने कहा है कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एल्विश यादव को तुरंत गिरफ्तार करने की जरूरत है। एल्विश के खिलाफ एफआईआर मेनका गाँधी के एनजीओ ने ही कराई है।

मेनका गाँधी ने कहा है कि एल्विश यादव ही इस पूरे केस का सरगना है। पीपल फॉर एनिमल्स (पीएफए) की फाउंडर मेनका गाँधी ने बताया कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एल्विश यादव इस तरह की चीजों को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने मीडिया से कहा “ये जो बंदा है, इसके ऊपर हमारी नजर बहुत दिनों से हैं। ये जो फिल्में बनाता है, फोटो खींचता है और यूट्यूब पर लगाता है, अक्सर वो जो साँप गले में लटकाता है, वो सब लुप्तप्राय प्रजातियों के कोबरा हैं और इनको इस्तेमाल करने पर 7 साल की जेल की सजा है।”

उन्होंने आगे कहा कि पीएफए ने इसको लेकर जाल बिछाया और इन लोगों को पकड़ लिया। मेनका गाँधी के अनुसार एल्विश यादव को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा:

“बाद में हमें पता चला कि वह नोएडा और गुरुग्राम में साँपों का जहर बेचता है।”

इस पूरे मामले को लेकर एल्विश यादव ने कहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। एल्विश ने अपने एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर कर सफाई दी है। उन्होंने कहा, “मैंने देखा कि कैसे न्यूज फैल रही है, मेरे खिलाफ मीडिया में बात चल रही है कि मैं अरेस्ट हो गया। मैं नशीले पदार्थों के साथ पकड़ा गया। ये जितने भी आरोप मेरे खिलाफ लगे हैं, सब बेबुनियाद हैं। सारे फेक हैं, एक फीसदी भी इसमें सच्चाई नहीं हैं।”

खुद को बेगुनाह बताने के बाद एल्विश यादव ने मेनका गाँधी के लिए ट्वीट किया कि उन्हें आश्चर्य होता है कि ऊँचे पदों पर कैसे-कैसे लोग बैठे हुए हैं। इसके अलावा एल्विश ने यह भी लिखा:

“जिस हिसाब से इल्जाम लगाया है मैडम ने, उस हिसाब की माफी भी तैयार रखें।”

मेनका गाँधी का बिना नाम लिए लोकसभा टिकट पाने की जुगाड़ पर तंज कसते हुए एल्विश ने यहाँ तक लिख दिया कि उनके सहित किसी पर भी इल्जाम लगा देने से सांसदी की टिकट नहीं मिलने वाली।

इस मामले में नोएडा के सेक्टर-49 थाने में एल्विश यादव के खिलाफ रेव पार्टी कराने, इसमें प्रतिबंधित साँपों का जहर और नशीले पदार्थों का इस्तेमाल करने को लेकर शिकायत की गई थी। उनके खिलाफ ये शिकायत सांसद मेनका गाँधी की संस्था पीएफए ऑर्गेनाईजेशन के एनिमल वेलफेयर ऑफिसर गौरव गुप्ता ने कराई थी।

इसे लेकर पुलिस ने नोएडा के सेक्टर 51 के सेवरोन बैंक्वेट हाल में छापेमारी की और पाँच आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया। नौ जिंदा साँपों की बरामदगी के साथ ही साँपों का जहर पुलिस ने रेड के दौरान पकड़ा। एल्विश यादव सहित सभी आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 48 ए, 49, 50, 51 और आईपीसी की धारा 120-B के तहत केस दर्ज किया गया है।

गैस चैंबर में बदला दिल्ली-NCR, केजरीवाल चुनाव प्रचार में व्यस्त: AAP के पंजाब से आया सबसे ज्यादा धुआँ, जली 4000+ पराली

देश की राजधानी दिल्ली गैस चैंबर में बदल चुकी है। सर्दी बढ़ने के साथ ही दिल्ली वालों पर प्रदूषण का वार इतना बढ़ गया है कि आधिकारिक तौर पर भले ही अभी तक कोहरा नहीं गिरा हो, लेकिन पूरी दिल्ली सूरज के किरणों के लिए तरस रही है। दिल्ली के लगभग हर हिस्से में हवा में प्रदूषण का स्तर ‘खतरनाक’ रूप से गंभीर स्थिति में पहुँच चुका है। प्रदूषण की वजह से स्कूल बंद किए जा चुके हैं। कमर्शियल गाड़ियों की एंट्री पर बैन लगा दिया गया है और भी बहुत कुछ।

बस, एक काम सालों से नहीं हो पाया है, वो है इस प्रदूषण को रोकने का स्थाई उपाय। ये अलग बात है कि आम आदमी पार्टी की दिल्ली से लेकर पंजाब तक की सरकारें प्रदूषण की मुख्य वजह बताई जाने वाली पराली के जलाने पर न तो रोक लगा सकी हैं, न ही कोई अन्य उपाय ही कर सकी हैं। सिवाय जिम्मेदारी एक-दूसरे के सिर डालने की।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शुक्रवार (03 नंबर 2023) को सुबह 8 बजे दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 346 था। दिल्ली के लोधी रोड, जहांगीरपुरी, आरके पुरम और आईजीआई एयरपोर्ट जैसे इलाकों में हवा की हालत खराब है। इन जगहों पर एक्यूआई रीडिंग क्रमश: 438, 491, 486 और 473 है।

पंजाब की पराली से गैस चैंबर बनी दिल्ली

दिल्ली में पीएम 2.5 कणों की उपस्थिति इतनी अधिक है कि वो अब साँस के साथ फेफड़ों में घुसकर पूरी दिल्ली को मौत के मुँह में ढकेल सकते हैं। निगरानी संस्था आईक्यूएयर के मुताबिक, दिल्ली की हवा में पीएम 2.5 की उपस्थिति स्वीकार्य मात्रा से 35 गुना अधिक है। सोचिए, दिल्ली के लोगों को किस हवा में साँस लेने को मजबूर होना पड़ रहा है, जबकि इसमें उनकी गलती उतनी ही है, जितनी सब्जी में पड़ा धनिए का पत्ता। अगर सरकारों ने अपने स्तर पर काम किए होते, तो दिल्ली की ये हालत नहीं होती।

वैसे, तो आम आदमी पार्टी की सरकार जब दिल्ली में थी, तब लगातार ये दावा किया जा रहा था कि पंजाब की पराली की वजह से दिल्ली में प्रदूषण रहता है। फिर पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बन गई। आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि अब दिल्ली के लोगों को दमघोंटू हवा से मुक्ति मिल जाएगी, क्योंकि पंजाब की सरकार पराली पर रोक लगाएगी, जबकि हकीकत ये है कि दिल्ली के एक अन्य पड़ोसी राज्य हरियाणा ने पराली जलाने की घटनाओं पर काफी हद तक काबू पा लिया है, जबकि आम आदमी पार्टी शासित पंजाब राज्य में पराली की घटनाएँ आश्चर्यजनक रूप से बढ़ी हैं, वो भी इसके बावजूद कि सरकार ने कई तरह की घोषणाएँ कागजों पर कर रखी हैं।

पंजाब में पराली जलाने की घटना में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी

दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के पीछे के कई कारण हैं, जिसमें गाड़ियों का धुआँ, निर्माण कार्य, हवा की कम गति और पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण मुख्य है। दिल्ली में प्रदूषण 1 नवंबर से 15 नवंबर तक अपनी चरम सीमा पर होता है, क्योंकि इसी समय पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में पराली जलाई जाती है। हालाँकि अभी के आँकड़ों के मुताबिक, हरियाणा में आश्चर्यजनक रूप से पराली जलाने की घटनाओं में काफी कमी आई है, तो पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं में अकेले अक्टूबर माह में ही काफी बढ़त दर्ज की गई है। सिर्फ बीते रविवार ही पंजाब में पराली जलाने की 1068 घटनाएँ दर्ज की गई, जो एक दिन के मुकाबले 74 प्रतिशत अधिक है। जबकि एक दिन पहले शनिवार को पराली जलाने की 127 घटनाएँ हुई थी।

जेल-कोर्ट कचहरी और चुनाव प्रचार में व्यस्त सरकार

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के मुख्य नेता जेल में हैं। पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल को भी ईडी का बुलावा है। अब तक अपने नेताओं को बेकसूर बताते रहे अरविंद केजरीवाल पर जब आँच आई, तो खुद को वो चुनावी स्टार प्रचारक बताकर दिल्ली से बाहर निकल गए और मध्य प्रदेश में चुनावी सभाएँ करने लगे।

वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी उनके पीछे-पीछे पूरे साल भर चलते रहते हैं। ऐसे में पराली हो या कोई भी मुद्दा, आम आदमी पार्टी की सरकारें काम कर ही कहाँ रही हैं? उनके लिए पहली प्राथमिकता जनता होती, तो वो जनहित के कामों में जुटते, लेकिन उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को दूसरों पर डालने और काम न करने के बहाने ढूँढने की आदत है।

वैसे, एक बात बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने ईडी को लिखी चिट्ठी में खुद पर प्रशासनिक भार होने और चुनाव प्रचार में व्यस्त रहने की बात कही है, लेकिन वो तो बिना मंत्रालय के मुख्यमंत्री हैं? क्या ही काम उनके ऊपर है? बात बची चुनाव प्रचार की, तो दिल्ली की जनता को गैस चैंबर में डाल कर वो उसी काम में व्यस्त हैं।

शनिवार से पहले भी पंजाब रहा अव्वल

गौरतलब है कि पंजाब में ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP) की सरकार आने से पहले आतिशी स्वयं और केजरीवाल दिल्ली के प्रदूषण का पूरा भार हरियाणा और पंजाब में किसानों के पराली जलाने पर डालते रहते थे। उनका खुद का एक वर्ष 2020 का बयान इसी विषय में है।

दिल्ली के अलावा पंजाब में भी आम आदमी पार्टी की सरकार प्रदूषण को नियंत्रित करने में असफल साबित हो रही है। जहाँ हरियाणा की सरकार ने पराली जलाने की घटनाओं पर नियन्त्रण पाया है वहीं पंजाब में लगातार पराली जल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पंजाब में पराली जलाने के कारण दृश्यता कम हो गई है। पंजाब में 15 सितम्बर से लेकर 28 अक्टूबर तक पराली जलाने की 4186 घटनाएँ सामने आई थी, जबकि हरियाणा में यह इसकी एक चौथाई 1019 ही हैं।

पंजाब में किसान पराली जलाने के नायाब तरीके भी ढूँढ रहे हैं। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि पराली में आग लगाने के तुरंत बाद किसान उस पर ट्रैक्टर चला रहे हैं ताकि जलती हुई पराली दब जाए और उसका धुआँ ज्यादा ना उठे। इस तरीके से पंजाब की एजेंसियाँ सैटेलाइट में यह धुआँ नहीं देख पाती। पंजाब के किसान यह कदम उठाने के लिए इस लिए भी मजबूर हैं क्योंकि उन्हें आम आदमी पार्टी की सरकार पराली का स्थायी निस्तारण अभी तक नहीं दे पाई है, ऐसे में किसानों के पास इसे जलाने के अलावा और कोई रास्ता भी नहीं बचता है भले ही यह पर्यावरण के लिए कितना ही हानिकारक क्यों ना हो।

ताजमहल को शाहजहाँ ने नहीं बनवाया, यह था हिंदू राजा का महल… गलत लिखा इतिहास में: दिल्ली हाईकोर्ट में मामला, ASI करेगी विचार

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार (3 अक्टूबर 2023) को अपने एक फैसले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को ताजमहल के ‘सही इतिहास’ को प्रकाशित करने वाले आवेदन पर विचार करने का निर्देश दिया। अपनी जनहित याचिका में हिंदू सेना ने कहा कि ताजमहल को मुगल बादशाह शाहजहाँ ने नहीं, बल्कि राजपूताना (वर्तमान राजस्थान) के कच्छावा वंश के क्षत्रिय राजा मान सिंह ने बनवाया था।

इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश सतीशचंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने इस मामले में ASI को निर्देश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ने पहले भी इस तरह की प्रार्थनाओं के साथ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। शीर्ष अदालत ने तब संगठन से ASI के समक्ष एक आवेदन दाखिल करने को कहा था।

शुक्रवार को उच्च न्यायालय को याचिकाकर्ता ने बताया कि ASI ने अभी तक उनके प्रत्यावेदन पर निर्णय नहीं लिया है। इसलिए, बेंच ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से उस अभ्यावेदन पर गौर करने के लिए कहा है। हिंदू सेना के अध्यक्ष सुरजीत सिंह यादव ने दायर याचिका में कहा है कि ताजमहल मूल रूप से राजा मान सिंह का महल था और बाद में शाहजहाँ द्वारा इसका जीर्णोद्धार किया गया था।

यादव ने अपनी याचिका में हाईकोर्ट से आग्रह किया कि इतिहास की किताबों से ताजमहल के निर्माण से संबंधित ‘ऐतिहासिक रूप से गलत तथ्यों’ को हटाने के लिए ASI, केंद्र सरकार, भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार और उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दे। याचिका में ASI से ताजमहल की उम्र और राजा मान सिंह के महल के अस्तित्व के बारे में जाँच करने का निर्देश देने की भी माँग की गई है।

याचिकाकर्ता सुरजीत यादव का कहना है कि उन्होंने ताजमहल के बारे में ‘गहरा अध्ययन और शोध’ किया है। इसलिए इतिहास के तथ्यों को सुधारना और लोगों को ताजमहल के बारे में सही जानकारी देना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने जेडए देसाई द्वारा लिखित ‘ताज संग्रहालय’ नामक पुस्तक का भी उल्लेख किया, जिसमें मुमताज महल को दफनाने के लिए एक ‘ऊँची और सुंदर’ जगह का चयन किया गया था।

इस पुस्तक का हवाला देते हुए उन्होंने अपनी याचिका में आगे कहा कि यह ऊँची और सुंदर जगह राजा मान सिंह की हवेली थी, जो उस समय उनके पोते राजा जय सिंह के कब्जे में थी। याचिकाकर्ता ने कहा कि इस हवेली को कभी ध्वस्त नहीं किया गया था। यादव का कहना है कि ताजमहल की वर्तमान संरचना राजा मान सिंह की हवेली का एक संशोधन और नवीनीकरण भर है, जो पहले से मौजूद थी।

सुरजीत यादव ने कहा है, “ता संग्रहालय नामक पुस्तक में उल्लेख किया गया है कि मुमताज महल का मृत शरीर राजा जय सिंह के भूमि परिसर के भीतर एक अस्थायी गुंबददार संरचना के तहत दफनाया गया था। यह उल्लेख करना उचित है कि ऐसा कोई विवरण नहीं है, जो बताता हो कि राजा मान सिंह की हवेली को ताजमहल के निर्माण के लिए ध्वस्त किया गया था।”

याचिकाकर्ता ने कहा है कि उन्होंने ताजमहल पर कई किताबों की जाँच की और एक किताब में कहा गया है कि शाहजहाँ की पत्नी आलिया बेगम थीं। मुमताज महल का कहीं कोई जिक्र नहीं है। ASI की वेबसाइट पर विरोधाभासी जानाकारी देने का आरोप लगाते हुए याचिका में कहा गया है कि ASI ने बेवसाइट पर कहा है कि 1631 में मुमताज महल की मृत्यु के 6 महीने बाद शव को ताजमहल के मुख्य मकबरे के तहखाने में दफनाने के लिए आगरा लाया गया था।

याचिका में कहा गया है कि ASI की उसी वेब पेज पर उल्टा जानकारी दी गई है, जहाँ कहा गया है कि 1648 में ताजमहल का निर्माण पूरा होने में लगभग 17 साल लगे थे। याचिका में कहा गया है कि जब ताजमहल को पूरा होने में 17 साल लगे और वह 1648 में बनकर तैयार हुआ तो मुमताज महल का शव 1631 ईस्वी में दफनाने के लिए आगरा कैसे लाया गया। यह विरोधाभासी और भ्रामक है।

राज्यसभा सभापति को Sorry कहेंगे AAP सांसद राघव चड्ढा, 3 महीने से हैं सदन से निलंबित: SC में बोले- सबसे युवा हूँ, माफी माँगने में गुरेज नहीं

राज्यसभा से निलंबित चल रहे आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ से माफी माँगने को तैयार हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान समझाते हुए कहा कि अगर AAP सांसद राज्यसभा चेयरमैन से माफी माँग लेंगे तो सभापति उनके मसले पर विचार करेंगे और उनकी समस्या का समाधान भी करेंगे। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि उन्हें लगता है कि इस मामले का सौहार्दपूर्वक समाधान हो जाएगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अदालत ने राघव चड्ढा के वकील से पूछा कि क्या उनके मुअक्किल सभापति से मिलने की अपॉइंटमेंट चाहते हैं ताकि माफी माँग सकें। इस पर राघव के वकील फरासत ने कहा कि राघव राज्यसभा के युवा सदस्य हैं और उन्हें माफी माँगने में कोई समस्या नहीं है।

इस बात को सुन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि ये बात पता है कि राघव चड्ढा सदन के युवा सदस्य हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए कि उनकी मंशा सदन की गरिमा को ठेस पहुँचाने की नहीं थी। ये सुनिश्चित किया जाता है कि वो सभापति से मिलें और बिन किसी शर्त के माफी माँगें जिससे सभापति इस मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेंगे।

बता दें कि 2023 अगस्त माह में राघव चड्ढा को राज्यसभा से निलंबित किया गया था। उनपर आरोप था कि उन्होंने सांसदों की मंजूरी के बिना उनकी सदस्यता वाली समिति के गठन का प्रस्ताव दिया था, जो कि नियमों का उल्लंघन है। इस प्रकार, AAP के दोनों नेताओं को विशेषाधिकार समिति का फैसला आने तक राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया था।

राज्यसभा में बीजेपी सांसद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राघव चड्ढा के मामले पर प्रस्ताव पेश किया था। उन्होंने कहा था, “यह बहुत गंभीर मामला है। जिस तरह से बिना सदस्यों की जानकारी के उनका नाम लिस्ट में डाल दिया गया है, वह बहुत ही गलत बात है।”

उल्लेखनीय है कि राघव चड्ढा ने दिल्ली सेवा संशोधन बिल 2023 पर विचार के लिए एक समिति का गठन करने की माँग की थी। इस समिति के लिए ही सांसद सस्मित पात्रा, एस फेंगोन कोन्याक, एम थंबीदुरई, सुधांशु त्रिवेदी और नरहरि अमीन के बगैर मर्जी के उनके नाम दिए गए थे। इसी बात से नाराज होकर इन्होंने सभापति के आगे अपनी शिकायत दी और बताया कि लिस्ट में बिना उनकी इच्छा के नाम शामिल किए गए थे। यह राज्यसभा की कार्यवाही प्रक्रिया के नियमों का उल्लंघन है।

फिलिस्तीनी झंडे के रंग से मेल खाती टोपी और आग, भड़क गए कट्टर इस्लामी: एक साल में 4895 करोड़ रुपए का फायदा कमाने वाली M&S कंपनी ने माँगी माफी

इजरायल-हमास युद्ध के बीच यूके स्थित रिटेल ब्रांड मार्क्स एंड स्पेंसर ने फ़िलिस्तीनी झंडे के रंगों से मिलती जुलती जलती क्रिसमस की टोपियों की एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। जिसके बाद बवाल हो गया। ज़्यादातर मुस्लिमों ने उसकी तुलना जलते हुए फिलिस्तीन से करके हंगामा कर दिया। जिसके बाद कंपनी ने विज्ञापन के लिए माफ़ी माँगी है। 

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह तस्वीर कंपनी के एक टीवी विज्ञापन से ली गई है, जिसमें चिमनी में लाल, हरी और सिल्वर रंग की टोपियाँ जलती हुई दिखाई दे रही हैं। यह तस्वीर कंपनी के क्रिसमस के लिए फिल्माए गए कपड़ों और घर के विज्ञापन से ली गई थी, जिसका थीम था लोगों को उन क्रिसमस परंपराओं से दूर हो जाना चाहिए जिन्हें वे अब पसंद नहीं करते हैं।

M & S के पोस्ट का स्क्रीनशॉट (साभार-बीबीसी)

आग में जलते फिलिस्तीनी झंडे जैसी दिखाई दे रही उन टोपियों वाली तस्वीर की सोशल मीडिया खूब आलोचना हुई। लोगों ने लिखा कि जलती टोपियों और फ़िलिस्तीनी झंडे के रंगों में समानता है। जो ठीक नहीं है। हालाँकि, मार्क्स एंड स्पेंसर ने कहा कि उनका इरादा मजेदार क्रिएटिव तरीके से यह दिखाना था कि कुछ लोगों को कागज़ से बनी क्रिसमस टोपियाँ पहनना पसंद नहीं है।

बता दें कि मार्क्स एंड स्पेंसर की शुरुआत 1884 में यहूदी आप्रवासी माइकल मार्क्स द्वारा किया गया था। वहीं उनके इस विज्ञापन को एक राजनीतिक बयान के रूप में देखा जा रहा है। हालाँकि, कंपनी का मुनाफा करोड़ों में है। 2022-23 में ही कंपनी ने करीब 4895 करोड़ रुपए का लाभ अर्जित किया था।

विज्ञापन से भड़के मुस्लिम

विज्ञापन के वायरल होने के बाद ज़्यादातर मुस्लिम नामों वाले सोशल मीडिया अकाउंट ने इंस्टाग्राम पर इसे बिल्कुल घृणित विज्ञापन बताते हुए कहा कि भले ही यह अगस्त में शूट किया गया था, लेकिन अब आपको इस विज्ञापन को फिर से शूट करना चाहिए था या बदलाव करने के लिए तकनीक का उपयोग करना चाहिए था। कंपनी को ऐसी हरकत के लिए शर्म आनी चाहिए!

वहीं दूसरे व्यक्ति ने कहा, “क्रिसमस उत्सव के रूप में प्रस्तुत करने के लिए आपके मन में इतनी नफरत कैसे आ गई?”

एक व्यक्ति ने कहा, “आपके विज्ञापन नई परंपराओं को अपनाने के बजाय पुरानी परंपरा को नष्ट करने पर केंद्रित लगते हैं।”

एक और यूजर ने कहा, “कागज की टोपियों के रंग की परवाह किए बिना विज्ञापन बकवास और क्रिसमस विरोधी था।”

मार्क एंड स्पेंसर के बहिष्कार की अपील और भड़के मुस्लिमों के कमेंट्स के कुछ स्क्रीनशॉट

वहीं, सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना के बाद कंपनी ने तस्वीर डिलीट कर दी और कहा कि विज्ञापन हालिया इजरायल-गाजा संघर्ष शुरू होने से पहले अगस्त में ही फिल्माया गया था। इसमें कहा गया है कि यह टोपियाँ पारंपरिक लाल, हरी और सिल्वर रंग  की क्रिसमस पेपर टोपियाँ थीं।

मार्क्स एंड स्पेंसर ने बुधवार (1 नवंबर, 2023) की रात सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा, “लोगों की प्रतिक्रिया के बाद हमने पोस्ट हटा दी है और हम अनजाने में लोगों को पहुँचे चोट के लिए माफी माँगते हैं।”

गौरतलब है कि कंपनी द्वारा पोस्ट डिलीट करने के  मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। मुस्लिम अभी भी मार्क एंड स्पेंसर के सामानों का बहिष्कार करने की माँग कर रहे हैं। 

शादीशुदा फरजान ने हिंदू छात्रा को फाँसा, अजमेर ले जाकर किया रेप: बीवी-ससुर के साथ मिलकर दूसरी बीवी बनाने के लिए धर्मांतरण का बनाया दबाव

मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक हिंदू लड़की को शादीशुदा मुस्लिम युवक फरजान खान प्यार का झाँसा देकर राजस्थान का अजमेर ले भागा। इस दौरान फरजान ने लड़की को डरा-धमकाकर अपनी हवस का शिकार बनाया। इसके बाद राजगढ़ ब्यावरा ले जाकर लड़की पर निकाह करने का दबाव डालने लगा और हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम कबूलने के लिए धमकाने लगा।

लड़की को उसके शादीशुदा होने का पता भी वहीं पहुँचकर लगा। मौका देखकर लड़की ने अपनी माँ को फोन कर आपबीती बताई। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपित फरजान खान को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ धारा आईपीसी की धारा 366, 376(2) एन, 506 और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3/5 के तहत केस दर्ज किया है।

दरअसल उज्जैन थाना नागझिरी क्षेत्र में रहने वाली कॉलेज की छात्रा की जान पहचान चार साल पहले जफर खान के बेटे फरजान खान से हुई थी। वो भी इसी इलाके में नूरानी मस्जिद के पास रहता है। तीन साल पहले फरजान ने लड़की से कहा कि वो उससे प्यार करता है। इसके बाद दोनों में फोन पर बातें करने लगे।

लड़की के परिवार वालों जब इसकी खबर लगीं तो उन्होंने इसका विरोध किया। इसके बाद लड़की ने फरजान खान से बात करना बंद कर दिया। इस बीच बीते महीने शुक्रवार (27 अक्टूबर 2023) फरजान ने लड़की को फुसलाकर बातचीत के लिए इंदौर के अरविंदो अस्पताल के नजदीक बुलाया। इसके बाद यहाँ वो कुछ वक्त के लिए राजबाड़ा में घूमते रहे।

पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया है कि इसके बाद शुक्रवार की रात फरजान उसे अजमेर लेकर गया। यहाँ दोनों दिल्ली गेट के नजदीक एक होटल में ठहरे थे। इस दौरान फरजान ने लड़की से शारीरिक संबंध बनाने को कहा। उसके मना करने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी और डराकर उसका रेप किया।

इसके बाद फरजान पीड़िता को लेकर अपने ससुराल राजगढ़ ब्यावरा पहुँचा। वहाँ फरजान की बीवी और उसके ससुर ने उसका खुशी से स्वागत किया। दोनों ने पीड़िता को कहा कि वो धर्म बदलकर इस्लाम कबूल कर फरजान से निकाह कर ले। परिजनों की सहमति के बाद फरजान उस पर धर्मांतरण का दबाव बनाने लगा।

पीड़िता डर गई और उसने फरजान के ससुर का मोबाइल चुपके से लेकर अपनी माँ को फोन किया और सारी बात बताई। इसके तुरंत बाद पीड़ित लड़की की माँ ने पुलिस को फोन किया। वह पुलिस को लेकर राजगढ़ पहुँची। वहाँ पुलिस ने लड़की को फरजान खान के कब्जे से बरामद कर लिया। इसी के साथ ही पुलिस ने फरजान को गिरफ्तार भी कर लिया।

नागझिरी थाना इंचार्ज कमल सिंह गहलोत का कहना है कि उनके थाना क्षेत्र में हिंदू छात्रा के साथ खास समुदाय के युवक ने रेप किया है। आरोपित युवक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ रेप और धर्म परिवर्तन की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। युवक का मेडिकल कराया गया है। उसे 3 नवंबर शुक्रवार को जिला अदालत में पेश किया जाएगा।