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आप उनकी मस्जिद के लिए पैसा दें, वे चाहते हैं कि अयोध्या में मस्जिद की बुनियाद PM मोदी रखें और वे ₹15 लाख लेकर भी राम मंदिर में डालेंगे अड़ंगा

एक तरफ अयोध्या के धन्नीपुर में अरबी स्टाइल में बनने वाली मस्जिद के लिए हिंदू पैसा दे रहे हैं। दूसरी ओर कुछ मुस्लिम संगठन बद्र मस्जिद का अड़ंगा डालकर राम मंदिर को विवादों में लाना चाहते हैं। इन सबके बीच अयोध्या के मुस्लिमों की ख्वाहिश यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब जनवरी 2024 में राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के लिए आएँ तो धन्नीपुर की मस्जिद की बुनियाद भी रख दें।

कुल मिलाकर यह उसी गंगा-जमुनी तहजीब का नमूना है जिसमें वर्षों से भारत का हिंदू पिसता रहा है। जिसके कारण उसे अपने अराध्य श्रीराम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर बनाने के लिए करीब 500 साल की प्रतीक्षा करनी पड़ी। सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी।

प्राण-प्रतिष्ठा से ठीक पहले राम मंदिर को लेकर विवाद खड़े करने की कोशिश वाला संगठन अंजुमन मुहाफिज मसाजिद व मकाबिर कमेटी है। इस समूह ने राम परिपथ में आने वाली उस मस्जिद को ले कर शिकायत दर्ज करवाई है, जिसको शिफ्ट करने का एग्रीमेंट सबकी सहमति से पहले ही लिखित तौर पर हो चुका है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला अयोध्या के पांजी टोला स्थित मस्जिद बद्र से जुड़ा हुआ है। यह मस्जिद अयोध्या से लखनऊ-गोरखपुर नेशनल हाईवे को जोड़ने वाले 13 किलोमीटर रामपथ के मार्ग पर मौजूद है। मुस्लिमों का दावा है कि यहाँ रोज इबादत होती है। गुरुवार (5 अक्टूबर 2023) को अंजुमन मुहाफिज मसाजिद व मकाबिर कमेटी के पदाधिकारी अध्यक्ष आजम कादरी के साथ अयोध्या के SDM राम कुमार शुक्ला के पास पहुँचे। एक ज्ञापन देते हुए इस मस्जिद को अवैध तरीके से राम जन्मभूमि ट्रस्ट को बेचे जाने का आरोप लगाया।

उपजिलाधिकारी को दी गई शिकायत में कमेटी के सदस्यों ने मस्जिद के मुतवल्ली रईस अहमद और गवाह नूर आलम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि रईस अहमद और नूर आलम ने वक्फ की जमीन में बनी बद्र मस्जिद का 30 लाख रुपए में धोखाधड़ी व गुमराह करके समझौता किया है। इस समझौते के तहत इन दोनों को 15 लाख रुपए एडवांस भी मिलने का दावा कया गया है। शिकायत में तर्क दिया गया है कि वक्फ की जमीन बेचने का अधिकार रईस और नूर आलम को नहीं है।

अंजुमन मुहाफिज मसाजिद व मकाबिर कमेटी ने प्रशासन से रईस और नूर आलम पर FIR दर्ज कर कार्रवाई की माँग की है। कमेटी के ज्ञापन में मस्जिद की जमीन को खरीदने-बेचने पर भी रोक लगाने की अपील की गई है। कमेटी के अध्यक्ष आजम कादरी अयोध्या में सभी मस्जिद, कब्रिस्तान, दरगाह और मज़ार आदि की देखरेख का जिम्मा अपने ऊपर बताते हैं। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के वरिष्ठ अधिवक्ता आफताब अहमद ने भी मस्जिद की जमीन को बेचने या दान में देने का प्रयास अपराध बताया है। आफ़ताब ने भी रईस और नूर पर कार्रवाई की माँग उठाई है।

इस मामले पर अयोध्या के DM (जिलाधिकारी) नीतीश कुमार ने मीडिया से बातचीत में अंजुमन मुहाफिज मसाजिद व मकाबिर कमेटी द्वारा शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि मामले की जाँच SDM प्रवर्तन अमित सिंह को सौंपी गई है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं थाना प्रभारी रामजन्मभूमि ने भी मामले में जाँच जारी होने की बात कही है।

क्या है समझौते में

1 सितंबर 2023 को हुए इस फैसले में रईस अहमद द्वारा मस्जिद को 100 साल पुरानी बताया गया है। कागजातों में यह मस्जिद पैसे के अभाव में जर्जर होने की जानकारी दी गई है। मस्जिद को स्थानांतरित करने के लिए 6 माह की समय सीमा तय की गई थी। इसी के एवज में 15 लाख रुपए एडवांस के तौर पर रईस को दिए गए थे।

बहकावे में लगाए जा रहे आरोप

इस मामले में आरोपित किए जा रहे मस्जिद के मुतवल्ली रईस अहमद की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। दैनिक भास्कर से बात करते हुए उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। रईस का दावा है कि उनका एग्रीमेंट मस्जिद को हटाने का नहीं बल्कि उसे शिफ्ट करने के लिए हुआ था। रईस ने बताया कि मस्जिद का आधा हिस्सा पहले ही सड़क को चौड़ा करने में जा चुका है और सिर्फ बद्र मस्जिद ही नहीं बल्कि पूरा मोहल्ला ही रामजन्मभूमि ट्रस्ट अधिग्रहित करने वाला है।

बद्र मस्जिद के मुतवल्ली रईस के अनुसार 1 सितंबर 2023 को रामजन्मभूमि ट्रस्ट के साथ मस्जिद शिफ्ट करने का करार अकेले उनका नहीं, बल्कि सबकी सहमति से था। इस करार के दौरान मस्जिद में आने वाले नमाजी भी मौजूद बताए गए। रईस का दावा है कि जनवरी माह में वक्फ बोर्ड से जुड़े लोग भी आए थे, जब मस्जिद का आधा हिस्सा सड़क में जाने वाला था। दावा है कि तब वक्फ के अधिकारियों ने रईस अहमद से सरकार से जुड़े मैटर में मस्जिद की भलाई को देखते हुए फैसला करने को कहा था। रईस का दावा है कि कुछ लोग अब बहकावे में आ कर उन पर फर्जी आरोप लगा रहे हैं।

‘मैंने अपने हाथों से 10 यहूदियों को मारा है, आप WhatsApp खोलो और देखो’: बेटे ने कॉल कर बताया तो अब्बा बोला- अल्लाहू अकबर

7 अक्टूबर 2023 को इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने अचानक हमला कर इजरायल में सैकड़ों लोगों की हत्या कर दी थी। आतंकियों ने इस दौरान काफी बर्बरता दिखाई और ​आम लोगों की हत्या का जश्न भी मनाया। ऐसे ही एक आतंकी ने अपने घर फोन कर अब्बा को सूचना दी कि उसने अपने हाथों से 10 यहूदियों को मार दिया है। जवाब में उसके अब्बा ने ‘अल्लाहू अकबर’ के नारे लगाए।

इजरायल के विदेश मंत्रालय ने इस फोन कॉल की रिकॉर्डिंग एक्स ट्विटर पर शेयर की है। कॉल करने वाले आतंकी की पहचान महमूद के तौर बताई है। इस आतंकी ने 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल में कत्लेआम मचाया था।

कत्लेआम के बाद अपने अब्बा को कॉल कर इस्लामी आतंकी कहता है, “मैं आपको किब्बुत्ज (जहाँ हमला हुआ था) से फ़ोन कर रहा हूँ। आप व्हाट्सएप खोलो और कत्ल किए गए लोगों को देखो। देखो मैंने कितने लोगों को अपने हाथों से मारा है। तुम्हारे बेटे ने यहूदियों को मारा है।”

आगे वह कहता है, “मैं तुम्हें एक मारे हुए यहूदी के फोन से कॉल कर रहा हूँ। मैंने उसे और उसके पति को मार दिया। मैंने अपने हाथों से 10 यहूदियों को मारा है। व्हाट्सएप खोलिए और देखिए मैंने कितने लोगों को मारा है।”

रिकॉर्डिंग सुनने से ऐसा लगता है कि इस बर्बरता से आतंकी का पिता भी प्रसन्न होता है। वह अपने बेटे की बातों के जवाब में ‘अल्लाहू अकबर’ बार बार दोहराता है। वह बेटे की सलामती की बात भी फोन कॉल के दौरान करता है। गौरतलब है कि 7 अक्टूबर को दक्षिणी इजरायल के किब्बुत्ज इलाके में हमास आतंकियों ने घर-घर में घुसकर लोगों को मारा था।

हमास के इस हमले में करीब 1400 इजरायलियों की मौत हुई है। 3000 से अधिक लोग घायल हैं। हमास आतंकियों की कुछ फुटेज भी सामने आई थी, जिसमें हत्या के बाद वे जश्न मनाते दिखे थे।

हमास एक मजहबी तंजीम, लक्ष्य यहूदियों का खात्मा

हमास के आतंकियों की बर्बरता की नई कहानियाँ रोज सामने आ रही हैं। इस्लामी आतंकी संगठन हमास के संस्थापक शेख हसन युसूफ के पुत्र मोसाब हसन युसूफ ने हमास की प्लानिंग को दुनिया के सामने रखा है।

मोसाब ने बताया है कि हमास कोई राजनीतिक संगठन नहीं है। यह एक मजहबी संगठन है। उसने बताया बताया है कि उसके अब्बा यहूदियों को समाप्त कर दुनिया भर में शरिया कानून लागू करना चाहते हैं। मोसाब ने कहा कि हमास की असलियत कहने में आज का मीडिया डरता है। हमास इजरायल से मजहबी जंग लड़ रहा है। हमास ने ही यह जंग चालू की है और जब भी उन्हें पैसों की जरूरत होती है वह इजरायल पर हमला करते हैं।

मोसाब ने कहा कि इजरायल को बेरुत और दोहा में बैठे हमास के आतंकी सरगनाओं का सर साँप की तरह काट कर कुचल देना चाहिए, क्योंकि वह ISIS से भी खतरनाक है। मोसाब अपने पिता की जिहादी विचारधारा से ताल्लुक नहीं रखते और इजरायल के लिए जासूस का काम कर चुके हैं।

‘हमारी भाषा संस्कृत से सबसे करीब, शब्द और व्याकरण में समानताएँ’: रिसर्च के लिए भारत पहुँचे यूरोप के इस विकसित देश के विद्वान, देश भर में लेक्चर सीरीज की योजना

यूरोप में एक देश है – उच्च आय वाला, विकसित और मानवीय विकास में समृद्ध। उत्तर-पूर्वी यूरोप में बाल्टिक सागर के किनारे स्थित ये देश संस्कृति भाषा में खासी रुचि रखता है। कारण – इसका मानना है कि इसकी भाषा और संस्कृति का जुड़ाव भारत की संस्कृत से है। लुथियानिया में संस्कृत के विद्वान विटिस विदुनस भारत पहुँचे हुए हैं। वो 444 वर्ष पूर्व स्थापित विल्नियस यूनिवर्सिटी के एशियन एवं बहुसांस्कृतिक अध्ययन विभाग में स्कॉलर हैं। उन्होंने नई दिल्ली स्थित ‘इंडियन इंटरनेशनल सेंटर’ में एक लेक्चर दिया।

इस दौरान उन्होंने भारत और लिथुआनिया में भाषाई समानता के तथ्य सामने रखे। इस मामले में लिथुआनिया और रिसर्च करना चाहता है और भारत में ऐसे कई लेक्चर आयोजित किए जाने हैं जिनमें ये पहला था। इस कार्यक्रम के दौरान भारत में लिथुआनिया की राजदूत डायना मिकेविसीन भी मौजूद थीं। उन्होंने इस दौरान कहा कि संस्कृत, लिथुआनियाई भाषा की सबसे करीबी बहन है। उन्होंने कहा कि ये दोनों देशों के बीच एक विशेष बॉन्ड का काम भी करता है।

उन्होंने जानकारी दी कि भारत में लिथुआनिया के दूतावास ने देश भर में दोनों भाषाओं के इस कनेक्शन को पहचान दिलाने के लिए सक्रिय प्रयासों की शुरुआत की है। इसी के तहत विद्वान विटिस विदुनस की लेक्चर सीरीज आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि दोनों भाषाओं की समानताएँ शब्दावली तक ही सीमित नहीं है, बल्कि व्याकरण की संरचना में भी समानताएँ हैं। इसमें कई अन्य रहस्योद्घाटन भी हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसमें अभी ज़्यादा खोज नहीं हुई है, इसमें और भीतर घुसने की ज़रूरत है।

राजदूत डायना मिकेविसीन ने बताया कि इस प्रक्रिया में भारत और लिथुआनिया, दोनों देशों के विद्वानों और शोधकर्ताओं को जोड़ा जाएगा। पहले जागरूकता बढ़ाई जाएगी, उसके बाद परस्पर सहयोग पर जोर दिया जाएगा। इसके बाद रिसर्च पर सारा जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों ही देशों के विद्वानों के लिए ये रोचक होने वाला है। बता दें कि 16वीं शताब्दी में लिथुआनिया के कुछ ईसाई मिशनरी भारत आए थे, तभी से दोनों देशों के संबंध हैं। फरवरी 1992 से दोनों देशों में कूटनैतिक संबंध हैं।

RSS के शताब्दी वर्ष में 6 निर्देशक मिल कर बनाएँगे सीरीज, सब के सब नेशनल अवॉर्ड विनर: प्रियदर्शन से लेकर विवेक अग्निहोत्री तक के नाम, पोस्टर हुआ रिलीज

देश के जाने-माने 6 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डायरेक्टर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर एक सीरीज बनाएँगे। इसका निर्माण वर्ष 2025 में RSS के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। सीरीज का नाम ‘एक राष्ट्र’ रखा गया है।

इसका पहला पोस्टर भी जारी कर दिया गया है, जिसे फिल्म समीक्षक तरन आदर्श ने साझा किया है। शो को जनता के बीच 2025 या उससे पहले ही लाया जा सकता है। संघ को लेकर यह पहला ऐसी तरह का शो होगा।

इस सीरीज को बनाने वाले डायरेक्टरों में प्रियदर्शन, विवेक रंजन अग्निहोत्री, डॉ चन्द्र प्रकाश द्विवेदी, मंजू बोरा, संजय पूरन सिंह चौहान और जॉन मैथ्यू मथान हैं। यह सभी मिल कर इस शो का निर्देशन करेंगे। यह सभी डायरेक्टर बॉलीवुड के सर्वश्रेष्ठ में से एक हैं।

इस शो के लिए जारी किए गए पोस्टर में एक व्यक्ति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गणवेश (खाकी हाफ पैंट और सफ़ेद शर्ट) पहने हुए दिख रहा है। हालाँकि, अब आरएसएस का गणवेश फुल पैंट भी हो चुका है। इस शो में 100 वर्षों में देश को एक रखने के लिए संघर्ष करने वालों की कहानियाँ दिखाई जाएँगी।

इस शो का पहला पोस्टर 24 अक्टूबर, 2023 यानी विजयादशमी वाले दिन जारी किया गया है। विजयादशमी के दिन ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का स्थापना दिवस होता है। इस दिन संघ मुख्यालय नागपुर में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस बार के कार्यक्रम में गायक शंकर महादेवन नागपुर पहुँचे थे।

शंकर महादेवन के अतिरिक्त, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस और केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। मोहन भागवत ने इस दौरान सांस्कृतिक मार्क्सवादियों (वोक) पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि ये लोग सुव्यवस्था, मांगल्य और संस्कार के विरोधी हैं। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के दौरान पूरे देश में उत्सव मनाए जाने की अपील भी की।

‘मेरा ईश्वर से विशेष जुड़ाव’: विजयादशमी पर ISRO प्रमुख ने भद्रकाली मंदिर में कराया बच्चों का ‘विद्यारंभम’, बोले – ये हमारी संस्कृति का हिस्सा, यहाँ अक्षर भी पूजे जाते हैं

‘चंद्रयान 3’ की सफलता और हाल ही में ‘गगणयान’ के सफल ट्रायल से भारत में अंतरिक्ष क्षेत्र में काम करने वाले सभी लोग उत्साहित हैं। अब विजयादशमी के मौके पर मंगलवार (24 अक्टूबर, 2023) को ISRO प्रमुख S सोमनाथ ने केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित पूर्णमिकवु मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुँचे। इस दौरान उन्होंने ब्रह्माण्ड के रहस्यों को लेकर चल रही आध्यात्मिक खोज का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक अंतरिक्ष वैज्ञानिक के रूप में वो स्पेस के रहस्यों को सुलझाने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि वो रॉकेट बनाते हैं। साथ ही उन्होंने जोड़ा कि ब्रह्माण्ड के रहस्यों पर से पर्दा उठाने के लिए वो मन के भीतर और मन के बाहर, दोनों तरह से प्रयास करते हैं। एस सोमनाथ ने ईश्वर के साथ अपने एक ख़ास कनेक्शन की बात करते हुए कहा कि उनके हमेशा मंदिर आने का कारण यही है। इस दौरान उन्होंने मंदिर में ‘विद्यारंभम’ नामक एक विशेष कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। इसके तहत छोटे बच्चों को अक्षर ज्ञान के साथ उनकी शिक्षा-दीक्षा शुरू करवाई जाती है।

इस दौरान उन्होंने ‘गगनयान’ को लेकर भी बात की। ‘भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद’ के अध्यक्ष ने कहा कि इसके लिए अंतरिक्ष यात्रियों का चयन किया जा चुका है और उनके प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है, ऐसे में इसके शुरुआती अभियानों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो पाएगी। उन्होंने इस मिशन का उद्देश्य बताते हुए कहा कि इसके तहत अंतरिक्ष में मनुष्यों को भेजा जाना है, फिर उन्हें सकुशल पृथ्वी पर लाना है। उन्होंने भविष्य में इस मिशन में महिलाओं की अधिक भागीदारी का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि ये उनकी भी प्राथमिकता है। ‘गगनयान’ मिशन में मनुष्यों से पहले आदमी की तरह ही दिखने वाले रोबोट, अर्थात ह्यूमनॉइड को भेजा जाएगा। उन्होंने इस दौरान ‘विद्यारंभम’ कार्यक्रम को भारतीय संस्कृति का हिस्सा बताते हुए कहा कि शिक्षा एक सतत प्रक्रिया है और अक्षर का इसमें खास महत्व है। उन्होंने कहा कि इस मंदिर में मलयाली अक्षरों की भी पूजा होती है। उन्होंने कहा कि विजयादशमी के दिन छात्रों को इस ज्ञान से परिचय कराया जाता है, ये उनके लिए एक आशीर्वाद है।

‘मातृभूमि की रक्षा के लिए शस्त्र पूजा’: विजयादशमी पर रामलीला में पहुँचे PM मोदी, बोले – पूरे विश्व को हर्षित करेगा अयोध्या में गूँजने वाला हर स्वर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी दिल्ली के द्वारका स्थित DDA ग्राउंड में रामलीला आयोजन में शामिल हुए और इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। विजयादशमी के दिन प्रधानमंत्री ने पहले रामलीला में प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण का पूजन किया और उसके बाद जनता को संबोधित किया।

प्रधानमंत्री ने देशवासियों को याद दिलवाया कि हम ऐसे समय में विजयादशमी मना रहे हैं जब हमारा चंद्रयान-3 चन्द्रमा की सतह पर दो माह पहले उतर चुका है। उन्होंने कहा कि विजयादशमी पर शस्त्र पूजन का विधान है, हमारे देश में शस्त्र की पूजा मातृभूमि की रक्षा के लिए की जाती है।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रामलला विराजने में कुछ ही महीने बाकी हैं। ऐसे में अगली रामनवमी पर अयोध्या में गूँजने वाला हर स्वर विश्व को हर्षित करेगा। उन्होंने राम मंदिर को ‘जीत’ के रूप में बताया।

इस दौरान प्रधानमंत्री को सुनने के लिए हजारों की भीड़ रामलीला में मौजूद थी। यह आयोजन द्वारका DDA ग्राउंड में किया गया था। प्रधानमंत्री के साथ दिल्ली भाजपा के बड़े नेता मौजूद रहे। मंच पर मौजूद रहने वालों में सांसद प्रवेश वर्मा भी थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम श्रीराम की मर्यादाओं को भी जानते हैं और अपनी सीमाओं की रक्षा करना भी जानते हैं। हम शक्ति पूजन के संकल्प और कोरोना जैसी बीमारी के दौरान ‘सर्वे सन्तु निरामया’ के नियम का पालन करने वाले लोग हैं।

उन्होंने भगवान राम के विचारों का भारत बनाने की अपील की। भगवान राम के विचारों के भारत को प्रधानमंत्री ने विकसित, आत्मनिर्भर और विश्व में शान्ति का सन्देश देने वाला भारत बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने विजयादशमी के उत्सव को हर राष्ट्रभक्त की विजय का उत्सव बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान देश में जातिवाद और क्षेत्रवाद फ़ैलाने वालों पर करार प्रहार किया। उन्होंने कहा, “ये दहन हो उन शक्तियों का जो जातिवाद और क्षेत्रवाद के नाम पर माँ भारती को बाँटने का प्रयास करती हैं। ये दहन हो उन विचारों का जिनमें भारत का विकास नहीं स्वार्थ की सिद्धि निहित है।” उन्होंने भारत को विश्व की सबसे बड़ी और सबसे विश्वस्त डेमोक्रेसी भी बताया।

2 महीने से चीन के रक्षा मंत्री गायब, अब पद से हटा दिया: मई में भारत आए थे ली शिंगफू, इससे पहले गायब विदेश मंत्री को हटाया था

चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने रक्षा मंत्री ली शांगफू को उनके पद से हटा दिया है। इसका ऐलान चीनी सरकार के प्रोपेगंडा टीवी चैनल के माध्यम से किया गया। वह बीते दो महीने से गायब थे और किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं दिखे थे।

ली शांगफू को पद से हटाने का फैसला विदेश मंत्री किन गांग को हटाने के फैसले के बाद आया है। किन गांग को भी कई महीने गायब रहने के बाद जुलाई में विदेश मंत्री के पद से हटा दिया गया था। यह दो महीने के भीतर चीनी सरकार में दूसरा बड़ा बदलाव है। 65 वर्षीय ली शांगफू पेशे से एयरक्राफ्ट इंजीनियर हैं और लम्बे समय से चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य रहे हैं। उनकी लम्बी सैन्य सेवा रही है। ली शांगफू मई में भारत भी आए थे। इस दौरान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ उनकी वार्ता हुई थी। यह गलवान घटना के बाद किसी चीनी विदेश मंत्री का पहला दौरा था।

ली शांगफू लगभग दो माह से सार्वजनिक कार्यक्रमों से गायब थे। ली शांगफू और किन गांग को इसी के साथ ‘स्टेट काउंसिलर’ और कैबिनेट से भी हटा दिया गया है। यह पद चीनी सरकार में काफी ऊँचे ओहदे वाले मंत्रियों को दिया जाता है।

ली शांगफू को हटाने का निर्णय चीन की पीपुल्स कॉन्ग्रेस ने लिया है। उनकी रक्षा मंत्री के तौर पर नियुक्ति मार्च 2023 में हुई थी। उनको वेई फेंग्हे की जगह पर रक्षा मंत्री बनाया गया था। वह भी सेना से ही आते थे। शांगफू के गायब होने और हटाए जाने के कारण अभी स्पष्ट नहीं है और हमेशा ही जानकारी छुपाने वाली चीनी सरकार ने भी कारण आधिकारिक तौर पर नहीं बताए हैं। हालाँकि, बीते माह कुछ रिपोर्ट में बताया गया था कि शांगफू के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप थे और उनकी जाँच की जा रही थी।

यह भी कहा गया था कि ली शांगफू को पूछताछ के लिए भी ले जाया गया था। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शांगफू कोा मंत्री पद से हटाए जाने के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि उन पर अब मुकदमा चलाया जाएगा या नहीं।

आश्चर्य की बात यह है कि किन गांग और ली शांगफू दोनों चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी माने जाते थे। उनकी नियुक्ति के समय दोनों को चीन की सरकार के नए चेहरों के रूप में देखा गया था लेकिन कुछ ही महीनों के भीतर दोनों का जनता से गायब होना और पद से हटाया जाना आश्चर्यजनक है।

एक मीडिया रिपोर्ट बताती है कि ली को आखिरी बार 29 अगस्त को बीजिंग में एक कार्यक्रम में देखा गया था लेकिन उसके कुछ हो दिनों बाद उनकी वियतनाम यात्रा को रद्द कर दिया गया था। वियतनाम यात्रा रद्द होने के पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया गया था। इसके बाद से वह कहीं नहीं देखे गए। चीन का राजनीतिक तंत्र तानाशाह और अस्पष्ट है। चीन में सारी शक्तियां कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और देश के राष्ट्रपति के पास होती हैं। यहाँ मंत्रियों की नियुक्तियाँ भी उसी के प्रसाद पर होती हैं। चीन में भ्रष्टाचार के आरोप में कई नेताओं को बड़ी सज़ाएँ देने के मामले सामने आए हैं।

विकास दिव्यकीर्ति के ‘दृष्टि’ समेत 20 UPSC कोचिंग संस्थानों को नोटिस, भरमाने वाला विज्ञापन के कारण जुर्माना: देखें लिस्ट में किस-किस के नाम

भारत में अब ऐसे IAS कोचिंग सेंटर चलाने वाले की खैर नहीं जो बेईमानी से कामयाबी दर का झूठा दावा कर लोगों को लुभाकर उन्हें अपने यहाँ बुलाते हैं। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) इनके खिलाफ हरकत में आ चुका है। उसने ऐसे 20 कोचिंग सेटर को नोटिस थमाया तो 4 पर एक-एक लाख का जुर्माना लगा डाला है।

सीसीपीए के एक सीनियर अधिकारी ने सोमवार (23 अक्टूबर, 2023) को कहा कि भरमाने वाले विज्ञापन जारी करने वाले देशभर के 20 आईएएस कोचिंग संस्थानों को नोटिस भेजा है। सीसीपीए ने पाया है कि बड़े पैमाने पर धड़ल्ले से गलत तरीके से अधिकतर आईएएस कोचिंग संस्थान अपने विज्ञापनों में उन छात्रों को दिखाकर यूपीएससी परीक्षा में अपनी ‘सफलता दर’ का दावा करते हैं, जिन्होंने उनके केंद्रों पर केवल मॉक इंटरव्यू दिए थे न कि पूरा सिलेबस पढ़ा था।

इन कोचिंग सेंटर के बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावों का पैमाना इस कदर बड़ा है कि ये यूपीएससी को ही झूठे साबित करते नजर आते हैं। दरअसल, जहाँ यूपीएससी 2022 में 933 उम्मीदवारों का चयन किया गया था। वहीं 10 कोचिंग संस्थानों के विज्ञापनों में दावा किया गया था कि उनके 3500 से अधिक ‘पूर्व छात्रों’ का चयन किया गया है।

सीसीपीए ऐसे ही दिल्ली के 20 कोचिंग सेटर गलत कारोबारी तरीके के खिलाफ जाँच कर रहा है। इसके साथ ही उसने 4 ऐसे सेंटर राउज आईएएस स्टडी सर्किल, चहल अकादमी,आईक्यूआरए आईएएस और आईएएस बाबा पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना ठोका है।

हालाँकि, दो संस्थानों ने सीसीपीए की कार्रवाई को चुनौती दी है। जुर्माने के आदेश के खिलाफ राउज आईएएस स्टडी सर्किल राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटान आयोग में अपील दायर की है तो वहीं ‘आईएएस बाबा’ ने इसके खिलाफ स्टे ले लिया है।

वहीं सीसीपीए ने कहा है कि भ्रामक विज्ञापन आईएएस बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के फैसले पर असर डालते हैं। उसने कोचिंग सेंटर्स से अपने दावों को साबित करने के लिए कहा है और उन पाठ्यक्रमों या विषयों के बारे में “ईमानदार खुलासा” भी करने को कहा है जिनके लिए सफल छात्रों ने उनसे कोचिंग ली है।

सीसीपीए की मुख्य आयुक्त निधि खरे के मुताबिक, “पिछले डेढ़ साल में कोचिंग सेंटर्स को अपने सफल छात्रों के बारे में जानबूझकर अहम जानकारी छिपाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। हम उनके विज्ञापनों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उन्हें सभी जानकारी ईमानदारी से देनी चाहिए। यदि सही खुलासे होंगे तो धोखा कम होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि सीसीपीए ने ऐसे विज्ञापनों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम,2019 की धारा 2(28) के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए इन सेंटर्स के खिलाफ नोटिस जारी किया था।

सीसीपीए के मुताबिक, वाजीराव एंड रेड्डी इंस्टीट्यूट, चहल अकादमी, खान स्टडी ग्रुप आईएएस, एपीटीआई प्लस, एनालॉग आईएएस, शंकर आईएएस, श्रीराम आईएएस, बायजू आईएएस, अनएकेडमी, नेक्स्ट आईएएस, दृष्टि आईएएस,आईक्यूआरए आईएएस, विजन आईएएस, आईएएस बाबा, योजना आईएएस,प्लूटस आईएएस,एएलएस आईएएस, राउज आईएएस स्टडी सर्किल को नोटिस भेजा गया।

खरे ने आगे बताया, “सीसीपीए के कोचिंग सेंटर्स को उनके दावों का विवरण माँगने के लिए जारी स्वत: संज्ञान नोटिस के जवाब में अधिकांश ने जवाब दिया हैं। इसमें उन्होंने स्वीकार किया है कि उनके विज्ञापनों में दिखाए गए यूपीएससी के कामयाब उम्मीदवारों केवल मॉक इंटरव्यू और इंटरव्यू गाइडेंस प्रोग्राम में शामिल हुए थे। सीसीपीए ने पाया कि कोचिंग सेंटर्स ये सब मुफ्त में करते हैं क्योंकि यह उनके (सेंटर्स) फायदे में है।”

सीसीपीए की मुख्य आयुक्त ने आगे कहा कि उदाहरण के लिए, एक सेंटर ने दावा किया कि 2022 यूपीएससी परीक्षा में चयनित 933 में से 682 उसके पूर्व छात्र थे। हालाँकि, CCPA नोटिस के जवाब में सेंटर ने कहा कि 673 छात्रों ने केवल मॉक इंटरव्यू दिया था और बाकि नौ ने टेस्ट सीरीज़ और सामान्य अध्ययन जैसे पाठ्यक्रम लिए थे।

खरे ने आगे बताया, “किसी भी विज्ञापन में यह जिक्र नहीं है कि सफल उम्मीदवारों ने केवल मॉक इंटरव्यू दिए। इससे ऐसी धारणा बनती है जैसे कि परीक्षा पास करने वाले सभी लोगों ने इन सेंटर्स में पूरा कोर्स किया है, जो भ्रामक है।” उन्होंने कहा कि भ्रामक विज्ञापन उम्मीदवारों को यह सोचने के लिए प्रेरित कर सकते हैं कि जब तक वे विज्ञापन देने वाले सेंटर में दाखिला नहीं होंगे, वे आईएएस, जेईई या एनईईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में कामयाब नहीं हो पाएँगे।

अधिकारियों ने कहा कि आईएएस कोचिंग सेंटर प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के बाद शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को मुफ्त मॉक इंटरव्यू सत्र के लिए आमंत्रित करते हैं, ताकि उनके सफल होने के वो उनके सेंटर के पूर्व छात्र होने का दावा कर सकें।

कई मामलों में ये मॉक इंटरव्यू मुश्किल से कुछ घंटों के लिए होते हैं। इसलिए, सेंटर्स कम से कम कुछ ऐसे उम्मीदवारों का चयन करने में कामयाब हो जाते हैं जिन्होंने उनके मुफ्त मॉक इंटरव्यू वाले सेशन का फायदा उठाया था। सीसीपीए के मुताबिक, देश में कोचिंग कारोबार का मौजूदा राजस्व करीब 58,088 करोड़ रुपए है।

नगमा खान आई, छीन कर ले गई बुढ़ापे का इकलौता सहारा: जो काँवड़ लेकर जाता था वो अब पढ़ता है नमाज, रोते हुए पिता ने CM योगी से लगाई गुहार

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक नगमा खान उर्फ़ रोशनी नाम की मुस्लिम महिला पर हिन्दू युवक का धर्मांतरण करवाने का आरोप लगा है। युवक का नाम गौरव है जिसके पिता ने अपने बेटे को वापस पाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है। ऑपइंडिया को दिए एक इंटरव्यू में पीड़ित के पिता इस घटना के बाद आरोपित महिला द्वारा खुद के ही खिलाफ शिकायत देने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने कहा कि नगमा की वजह से उनका इकलौता बेटा और उनके बुढ़ापे का सहारा उनसे छिन गया है।

पीड़ित हिन्दू परिवार मूल रूप से अलीगढ़ के जवा थाना क्षेत्र का निवासी है। वह फिलहाल नोएडा के सेक्टर 44 में रहता है। लड़के के पिता का नाम मुकेश कुमार है। मुकेश के पास गौरव के अलावा एक बेटी है। वो एक शिक्षण संस्थान में काम कर के अपना परिवार पालते हैं। ऑपइंडिया से बातचीत में उन्होंने बताया है कि उनका बेटा गौरव बॉक्सिंग कोच है। पहले वो बेहद धार्मिक विचारधारा का था जो हर साल ‘हर हर महादेव’ कह कर काँवड़ लेकर हरिद्वार जाया करता था।

गौरव की एक पुरानी तस्वीर

मुकेश ने हमें आगे बताया कि परिवार के ख़र्च में हाथ बँटाने के लिए लगभग 22 वर्षीय गौरव नोएडा के पार्कों में बच्चों को आत्मरक्षा आदि के लिए बॉक्सिंग सिखाने लगा। गौरव अच्छा बॉक्सर था जो कई प्रतियोगिताओं में विजेता भी रहा है। पार्क में चलने वाली क्लास कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को भेजना शुरू कर दिया। इनमें से एक नगमा खान नाम की भी महिला थी। नगमा की लगभग 7 वर्षीया बेटी भी गौरव से बॉक्सिंग सीखने अपनी अम्मी के साथ आया करती थी।

नोएडा का वो पार्क जहाँ बच्चों को बॉक्सिंग सिखाता था गौरव

बकौल मुकेश, नगमा उनके बेटे से कम से कम 15 साल बड़ी है और अपने 2 बच्चों के साथ पति से अलग रहती है। नगमा 4 बच्चों की अम्मी थी लेकिन किसी कारणवश 2 बच्चों की मौत हो गई थी। नगमा की दूसरी बेटी 1 साल की है। मुकेश ने हमें आगे बताया कि कुछ दिनों बाद पार्क में मिले गौरव और नगमा की आपस में बातें होने लगीं। आरोप है कि धीरे-धीरे नगमा ने गौरव को अपने चंगुल में फँसा लिया। गौरव के न सिर्फ धार्मिक सोच में बदलाव आने लगा था बल्कि वो अपने परिवार वालों से भी अलग रहने लगा था। वह बॉक्सिंग कम्पटीशन का बहाना बना कर कई-कई दिनों तक घर से बाहर रहता था।

मुकेश का दावा है कि उनका बेटा असल में बॉक्सिंग कम्पटीशन में नहीं बल्कि नगमा के साथ रहता था। थोड़े दिनों बाद गौरव घर में नमाज़ पढ़ने लगा और इस्लामी वेशभूषा में रहना शुरू कर दिया। जब मुकेश ने गौरव के इस बदले व्यवहार की जाँच की तब उन्हें नगमा के बारे में पता चला। हमसे बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया है कि नगमा सिर्फ उनके बेटे ही नहीं बल्कि कई और हिन्दू लड़कों को इसी तरफ से अपने जाल में फँसा चुकी है। हमसे बातचीत में गौरव के पिता ने बताया कि वो अपने बेटे को वापस लाने के लिए जब नगमा से बात किए तब आरोपित महिला द्वारा उनको ही धमकियाँ दी जाने लगीं।

इस बीच मुकेश ने अगस्त 2023 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक शिकायत भेज कर नगमा पर अपने बेटे को निकाह के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उन्होंने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि नगमा अपने भाई आज़ाद खान को एक बड़ा गुंडा बताते हुए उनके परिवार को भी खत्म करवा देने की धमकी दिया करती हैं। शिकायतकर्ता ने अपने बेटे को नगमा से जान का खतरा बताया है और खुद से न मिलने देने की बात कही है। पीड़ित पिता ने अपने बेटे के धर्मांतरण की आशंका जताते हुए इस मामले में प्रशासनिक हस्तक्षेप की भी माँग की है।

शिकायत कॉपी

गौरव के पिता ने हमें आगे बताया कि उनके द्वारा दी गई शिकायत पर नोएडा पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलवाया था। हालाँकि, आखिर में उनके बेटे की तरफ से नगमा के साथ स्वेच्छा से रहने की इच्छा जताई गई। इस मामले में पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की और दोनों पक्षों को विवाद से बचने की हिदायत भी दी। हालाँकि, इसके बाद गौरव नगमा के साथ ही रहा। पीड़ित पिता का आरोप है कि वो जिस भी नंबर से अपने बेटे से बात करने की कोशिश करते हैं उसे नगमा ब्लॉक कर देती है।

मुकेश के अनुसार, नगमा उनके बेटे से हिन्दू धर्म को पाखंड और इस्लाम को जन्नत वाला मज़हब बताती है। हमसे आगे बातचीत के दौरान मुकेश रोने लगे। उन्होंने अपने बेटे को ‘लव जिहाद’ और धर्मांतरण की एक बड़ी साजिश में फँसा बताया और कहा कि नगमा ने उनके बुढ़ापे का एकमात्र सहारा भी छीन लिया। उनका दावा है कि अगर वो अपने बेटे से बात करें तो उसको समझा सकते हैं। हालाँकि, नगमा उन्हें गौरव से मिलने भी नहीं दे रही है। न तो मिलने दे रही है और न ही बात करने। थाने में नगमा की तरफ से बोलना उन्होंने अपने बेटे की मजबूरी और उस पर बने दबाव को बताया।

दिल्ली का मौलवी भी शामिल

हमसे बातचीत के दौरान मुकेश ने दावा किया है कि उनके बेटे के खिलाफ हो रहे धर्मांतरण के प्रयास में दिल्ली का एक मौलवी भी शामिल है। ये मौलवी गौरव की बीमारियों के झाड़-फूँक का दावा करता है। नगमा मुकेश से अपने अब्बा को भी पहुँचा हुआ मौलवी बताती है। वो कहती है, “मेरे अब्बा इंसान को बकरी बना सकते हैं।” मुकेश का यह भी दावा है कि नगमा ने अभी तक अपने पहले शौहर को तलाक भी नहीं दिया है। उन्होंने नगमा की माँ पर भी बीते समय में किसी हिन्दू से ही निकाह कर के उसके साथ अपने बेटे जैसी ही हरकत किए जाने का आरोप लगाया।

पहले हाथ में कलावा, अब सिर पर नमाजी टोपी

मुकेश ने हमें अपने बेटे की कई तस्वीरें और वीडियो भी भेजे। कुछ तस्वीरें नगमा के सम्पर्क में आने से पहले की हैं। इनमें गौरव के हाथ में मोटा कलावा और माथे पर तिलक देखा जा सकता है। एक तस्वीर में वो अपनी बहन के साथ काफी खुश नजर आ रहा है जबकि दूसरी में वो काँवड लिए दिख रहा। वहीं नगमा से मुलाकात के बाद वाली तस्वीरों में गौरव सिर पर नमाज़ी टोपी रख कर इस्लामी अंदाज में कोई मजहबी किताब पढ़ता दिखाई दे रहा है। इन वीडियो में गौरव के साथ नगमा भी दिख रहीं हैं जो उसे ये सब सिखाती नजर आ रहीं हैं।

गौरव और नगमा

नगमा ने मुकेश पर किया केस

मुकेश ने ऑपइंडिया को बताया कि नगमा ने न सिर्फ उन से उनका बेटा छीन लिया है बल्कि अब उल्टे उनके ही परिवार वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत करवा दी है। नगमा की शिकायत पर गौरव को नोएडा के महिला थाना में 16 सितंबर 2023 को हाजिर होने का निर्देश भी मिला था। मुकेश जब पुलिस के पास गए तो उन्हें फिर से किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से दूर रहने की हिदायत दी गई।

नगमा की शिकायत पर गौरव को मिली नोएडा पुलिस की नोटिस

नगमा का आरोप है कि मुकेश ने अपने बेटे यानि उनके पति गौरव को उनसे छीन कर अपने पास रख लिया है। हालांकि अपनी सफाई में मुकेश का कहना है कि उन्हें अपने बेटे के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुकेश अब बेटे एकलौते बेटे की सुरक्षा को ले कर भी चिंतित हैं और इस शिकायत को नगमा की कोई बड़ी साजिश मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि 7 माह से वो अपने बेटे से मिल नहीं पाए हैं। शासन प्रशासन से उन्होंने अपने बेटे को वापस दिलाने की गुहार लगाई है।

किसी पिता को बच्चों के सामने ही गोलियों से भूना, किसी का फावड़े से काटा गला: हमास आतंकियों की बर्बरता से काँप जाएगी रूह, एक ने अम्मी को कॉल कर कहा – मैंने 10 यहूदी मारे

इस्लामी आतंकी संगठन हमास के आतंकियों ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर किए गए अपने हमले में निर्दोष यहूदियों को उनके बच्चों के सामने मार दिया। इजरायल द्वारा जारी की गई एक नई फुटेज में दिखता है कि हमास के आतंकी एक यहूदी पिता को उसके बच्चों के सामने ग्रेनेड से उड़ा देते हैं।

पिता के घायल शरीर के खून के छींटे बच्चों के शरीर पर गिरते हैं। हमास के आतंकियों को स्पष्ट आदेश थे कि वह महिलाओं और बच्चों के गले काटें और उनकी हत्या करें। इस बात की पुष्टि हमास के एक आतंकी ने की है। इजरायल ने यह वीडियो हमास आतंकियों के शरीर पर लगे कैमरा से निकाले हैं और इजरायल के विरुद्ध फैलाई जा रही जानकारी का सामना करने के लिए पत्रकारों को दिखाई हैं। इसी वीडियो में यह भी दिखता है कि एक बच्चे की हत्या की गई जो कि एक मेज के नीचे छुपा है।

हमास के पकड़े गए आतंकी ने बताया कि उनको कमांडरों ने यह भी आदेश दिया गया था कि वह मरी हुई यहूदी महिलाओं से बलात्कार करें। इजरायल द्वारा दिखाई गई वीडियो और फोटो डरावनी हैं। जनता को दिखाने के जारी की गई एक वीडियो में दिखता है कि हमास आतंकी एक गाड़ी पर फायरिंग करते हैं जिसमें गाड़ी में बैठे लोगों की मौत हो जाती है।

वीडियो के एक अन्य शॉट में दिखता है कि हमास का आतंकी एक पीड़ित का गला फावड़े से काट देता है। हमास के आतंकी यहूदियों की इन हत्याओं को अपने घर भी गर्व से बताते हैं। एक वीडियो में एक आतंकी अपनी अम्मी को फ़ोन करके गर्व से बताता है कि उसने 10 यहूदी मार दिए हैं।

वीडियो के एक हिस्से में उस म्यूजिक फेस्टिवल की फुटेज है जहाँ हमास के इस्लामी आतंकियों ने 260 लोगों को मार दिया था। वीडियो में दिखता है कि हमास के आतंकी लोगों को गाड़ियों से खींच कर मार देते हैं और उसके बाद जश्न मनाते हैं। हमास के हमले में 1400 से अधिक इजरायलियों की मृत्यु हो गई है जबकि अभी भी 200 से अधिक लोग हमास के कब्जे में हैं। इजरायली सुरक्षा बलों ने इन हमलों को मानवता के विरुद्ध अपराध बताया है।