Home Blog Page 1444

अब दानिश कनेरिया ने प्रशांत भूषण की उड़ाई गिल्ली, कंगना रनौत को ट्रोल कर रहे थे वामपंथी वकील: अरफा को भी दिखाया था आइना

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने राहुल गाँधी समर्थक एक्टिविस्ट प्रशांत भूषण को जबरदस्त तरीके से ट्रोल किया है। प्रशांत भूषण को यह जवाब बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को लेकर किए गए उनके ट्वीट के कारण मिला है।

दरअसल, अभिनेत्री कंगना रनौत विजयादशमी के दिन दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रामलीला में शामिल हुई थीं। इस दौरान उन्होंने रावण दहन के कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने रावण पर तीर चलाकर दहन प्रक्रिया की सांकेतिक शुरुआत की।

इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। झूठ फैलाने के लिए मशहूर कॉन्ग्रेस समर्थक प्रशांत भूषण ने कंगना का यही वीडियो एक्स (पहले ट्विटर) पर डालते हुए उन्हें ‘झाँसे की रानी’ बताया। प्रशांत भूषण का इशारा कंगना की फिल्म मणिकर्णिका की तरफ था। उन्होंने इस फिल्म में ‘झाँसी की रानी’ का किरदार निभाया था।

प्रशांत भूषण के इस ट्वीट पर लोगों ने उन्हें काफी ट्रोल किया। उनकी कुछ वर्षों पूर्व हुई पिटाई की बात भी याद दिलाई। इसके पश्चात पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू और पूर्व क्रिकेटर दानिश कनेरिया ने भी एक्स पर उन्हें लताड़ा।

दानिश कनेरिया ने लिखा, “किसी का मजाक बनाना बहुत आसान है। कम-से-कम कंगना ने अपनी रील लाइफ में अपने देश के लिए कुछ अच्छा किया है, आप तो असल जिन्दगी में कुछ अच्छा नहीं कर रहे।” कनेरिया ने कंगना की फिल्म मणिकर्णिका की प्रशंसा की और कहा कि इसे सभी को एक बार जरूर देखना चाहिए।

लोगों ने कनेरिया के हाथों हुई प्रशांत भूषण की इस डिजिटल कुटाई की काफी तारीफ की। एक प्रशंसक ने उन्हें भारत में आकर चुनाव लड़ने का ऑफर दे दिया। एक यूजर ने कहा कि ‘आप इन लोगों की इसी तरह से बैंड बजाते रहिए’।

इससे पहले दानिश कनेरिया ने इस्लामी पत्रकार आरफा खानम शेरवानी को ट्विटर पर करारा जवाब दिया था। आरफा ने भारतीय फैन्स की पाकिस्तान का समर्थन ना करने के लिए आलोचना की थी। इसके जवाब में कनेरिया ने उन्हें पाकिस्तान आने का ऑफर दिया था।

इसके पश्चात आरफा ने जब दानिश कनेरिया से बहस करने का प्रयास किया तो उन्होंने आरफा से पूछ लिया कि वह एक ऐसा ट्वीट दिखा दें जिसमें उन्होंने भारत या उसकी संस्कृति की प्रशंसा की हो। उन्होंने आरफा का एक पुराना ट्वीट भी सामने रखा था जिसमें वह भारत माता की जय के नारे को धार्मिक बता रही हैं।

आरफा के बाद अब कनेरिया ने प्रशांत भूषण को आड़े हाथों लिया है। प्रशांत भूषण ने इसका अभी कोई जवाब नहीं दिया है।

ट्रैक्टर को 8 बार आगे-पीछे कर नरपत के ऊपर चढ़ाया, हत्या के जिस Video से सब सिहरे उस पर राहुल गाँधी की चुप्पी को लेकर BJP ने उठाए सवाल

राजस्थान के भरतपुर जिले में आपसी विवाद में एक व्यक्ति की ट्रैक्टर से बार-बार कुचल कर हत्या कर दी गई है। 45 वर्षीय मृतक का नाम नरपत सिंह गुज्जर है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालात को देखते हुए घटनास्थल पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। भाजपा ने इस घटना पर राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। घटना बुधवार (25 अक्टूबर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला भरतपुर जिले के थाना क्षेत्र बयाना का है। यहाँ के गाँव अड्डा में रहने वाले बहादुर सिंह गुज्जर और अतर सिंह गुज्जर के बीच काफी लम्बे समय से जमीनी विवाद चल रहा है। एक विवादित भूमि पर अपना-अपना दावा पेश करते आ रहे हैं। इसको लेकर दोनों पक्ष पहले भी 3 बार झगड़ा कर चुके थे। 3 दिनों पहले भी इन दोनों पक्षों को ले कर विवाद हुआ था। तब पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 22 लोगों को शांति भंग के पाबंद किया था। हालाँकि, इससे दोनों पक्षों के बीच मनमुटाव कम नहीं हुआ।

बुधवार (25 अक्टूबर) को एक बार फिर से दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर झगड़ा शुरू हो गया। इस बार बहादुर के पक्ष के लोग ट्रैक्टर लेकर विवादित जमीन को जोतने लगे। इस बात की जानकारी मिलते ही दूसरे पक्ष अतर के परिवार के लोग भी जमीन पर पहुँच गए। 45 साल के नरपत ने जुताई कर रहे ट्रैक्टर चालक को रुकने के लिए कहा, पर वो नहीं माना। आखिरकार वो ट्रैक्टर के आगे खड़े हो गए। ड्राइवर ने रुकने के बजाए नरपत के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ा दिया।

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में जमीन पर गिरे नरपत के ऊपर कम-से-कम 8 बार आगे-पीछे करके ट्रैक्टर चढ़ाया गया। भाजपा ने इस वीडियो के आधार पर राजस्थान सरकार को आड़े हाथों लिया। राजस्थान के भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने इसे शेयर करते हुए राहुल गाँधी को टैग किया है और लिखा, “क्या बना दिया राजस्थान, शर्म तो बिलकुल मर गई।”

इस मारपीट में लगभग दर्जन भर लोग घायल भी हुए हैं। नरपत की मौके पर ही मौत हो गई। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँच गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घायलों का इलाज करवाया जा रहा है। गाँव में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। FIR दर्ज कर के आरोपितों की तलाश की जा रही है।

India नहीं अब भारत लिखेंगे-पढ़ेंगे-बोलेंगे छात्र, किताब में मोहम्मद गोरी जैसों को हराने वालों की भी होगी बात: NCERT के पैनल ने की बदलावों की सिफारिश

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) अपने पुस्तकों के अगले सेट में इंडिया के बजाय ‘भारत’ मुद्रित करेगा। पैनल के इस प्रस्ताव को इसके सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया है। इसके साथ ही समिति ने इतिहास की किताबों में ‘हिंदू विजय’ को प्राथमिकता देने की सिफारिश की है।

पैनल के सदस्यों में से एक सीआई इस्साक के मुताबिक, NCERT की नई किताबों के नाम में बदलाव होगा। इस्साक ने कहा, यह प्रस्ताव कुछ महीने पहले रखा गया था और अब इसे स्वीकार कर लिया गया है।

इस्साक ने कहा कि इंडिया शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर ब्रिटेन की ईस्ट इंडिया कंपनी और 1757 के प्लासी युद्ध के बाद होना शुरू हुआ था। वहीं, भारत का जिक्र विष्णु पुराण जैसे ग्रंथों में हैं, जो सात हजार साल से भी पुराने हैं।

NCERT पैनल की सिफारिश इन अटकलों के बीच आई है कि क्या देश का नाम बदलकर ‘भारत’ रखा जाएगा। इस साल की शुरुआत में यह चर्चा तब शुरू हुई जब केंद्र ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित जी-20 रात्रिभोज के निमंत्रण पत्र में President of India की जगह President of Bharat लिखा गया था।

इसके बाद इसको लेकर देश भर में बहस शुरू हो गया था। इन सबके बीच राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई थी। दरअसल, भारत के संविधान के अनुच्छेद 1(1) में हमारे देश के नाम को ‘इंडिया अर्थात भारत, राज्यों का एक संघ’ के रूप में परिभाषित किया गया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरह ही इस साल सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेज पर लगे नेमप्लेट पर ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’ लिखा हुआ देखा गया था। दरअसल, दिल्ली के प्रगति मैदान में स्थित भारत मंडपम में जी-20 नेताओं का शिखर सम्मेलन था।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विश्व के नेताओं को संबोधित करने के दौरान कैमरे में ‘Bharat’ नाम वाला नेमप्लेट विशेष रूप से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इससे जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए। कुछ लोगों ने इसका विरोध किया तो कुछ लोगों ने इस पर खुशी जाहिर की।

इस बीच एनसीईआरटी समिति ने अपनी पाठ्य-पुस्तकों में ‘हिंदू योद्धाओं की जीत’ को उजागर करने वाले पाठ्यक्रमों को विशेष रूप से शामिल करने की सिफारिश की है। समिति ने पाठ्य-पुस्तकों में ‘प्राचीन इतिहास’ के स्थान पर ‘शास्त्रीय इतिहास’ को शामिल करने की भी सिफारिश की है।

इस्साक ने कहा कि फिलहाल किताबों में हमारी असफलताओं के बारे में ही बताया गया है। सुल्तानों और मुगलों पर हमारी जीत के बारे में नहीं बताया गया है। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि किताबों में पढ़ाया जाता है कि मुहम्मद गोरी ने भारत पर आक्रमण किया था, लेकिन ये नहीं पढ़ाया जाता कि 1206 में गोरी की हत्या खोकरों (पूर्वी-मध्य एशिया की एक जनजाति) ने उस समय कर दी थी, जब वह भारत के रास्ते में था।

इस्साक ने कहा कि इतिहास को अब प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक में विभाजित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने ऐसा किया था और उन्होंने भारत को वैज्ञानिक प्रगति और ज्ञान से अनभिज्ञ अंधकार में दिखाया था। समिति ने सभी विषयों के पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) को शामिल करने की भी सिफारिश की है।

बताते चलें कि यह समिति समिति उन 25 समितियों में से एक है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार पाठ्यक्रम को बदलने के लिए केंद्रीय स्तर पर NCERT के साथ काम कर रही है। सिफारिश के बाद नवीतनम पुस्तकें बाजार में आएँगी।

जॉनी लीवर को पेशाब पिलाने पर अड़ गए थे आमिर खान, सेट पर ही रोने लगे थे ‘मेला’ के डायरेक्टर: काजोल ने ठुकरा दी थी फिल्म

शूटिंग के दौरान हिरोइनों की हाथ पर थूकने वाले अभिनेता आमिर खान फिल्म ‘मेला’ में अश्लील सीन करने पर अड़ गए थे। यह सीन उनके और जॉनी लीवर पर फिल्माया गया था। इसमें जॉनी लीवर को शराब समझकर पेशाब पीते दिखाया गया था। यह खुलासा ‘मेला’ के डायरेक्टर धर्मेश दर्शन ने किया है।

मेला साल 2000 में रिलीज हुई थी। बॉक्स आफिस पर फिल्म फ्लॉप साबित हुई थी। बकौल धर्मेश दर्शन मेला की शूटिंग के समय आमिर खान फिल्म ‘राजा हिन्दुस्तानी’ सुपरहिट होने के कारण बड़ा नाम बन चुके थे। वे किसी की सुन नहीं रहे थे। वे मेला के जरिए अपने भाई फैसल खान का करियर बनाना चाहते थे।

‘लहरें रेट्रो’ को दिए इंटरव्यू में धर्मेश दर्शन ने बताया कि शूटिंग के दौरान आमिर खान ने जॉनी लीवर के साथ ‘यूरिन थेरेपी सीन (पेशाब पीने वाला दृश्य)’ करने की जिद्द पकड़ ली थी। यह यह सीन उन्होंने हॉलीवुड की एक फिल्म ‘डम्ब एंड डम्बर’ में देखा था। धर्मेश दर्शन के मना करने के बावजूद आमिर यह सीन फिल्म में करना चाहते थे।

बकौल धर्मेश दर्शन उन्होंने अभिनेता को समझाया था कि जनता उन्हें इस तरह का सीन करते हुए नहीं देखना चाहेगी। लेकिन वे नहीं माने। उन्होंने कहा कि इस सीन की शूटिंग के बाद उन्हें फिल्म के सेट पर रोना आ गया था। नीचे लगे वीडियो में आप फिल्म का वह दृश्य देख सकते हैं;

इस इंटरव्यू में धर्मेश दर्शन ने यह भी बताया है कि मेला पहले काजोल को ऑफर हुई थी। लेकिन उन्होंने मना कर दिया, क्योंकि आमिर एक सीन को पूरा करने में कई टेक लेते थे। वहीं काजोल एक टेक में सीन पूरा करती थींं। इसलिए वह आमिर खान के साथ काम नहीं करना चाहती थीं। नीचे लगे वीडियो पर क्लिक कर आप धर्मेश दर्शन का इंटरव्यू ​देख सकते हैं;

बाद में ट्विंकल खन्ना को इस फिल्म में आमिर के साथ लिया गया। आमिर के साथ इस फिल्म में उनके भाई फैसल खान भी थे। आमिर इस फिल्म के माध्यम से फैसल का करियर बनाना चाहते थे। उनका पूरा फोकस इसी पर था। हालाँकि, आमिर अपने भाई फैसल का करियर नहीं बचा सके। मेला बुरी तरह असफल रहीं। वहीं लगान जैसी फिल्मों की सफलता ने आमिर खान के करियर को बचा लिया।

बशीर के घर के आगे उड़ी अबीर तो हुआ बवाल; माँ दुर्गा के विसर्जन के जुलूस में दलितों पर हमला… रज़िया भी नामजद

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के जुलूस में हिंसा की खबर है। मोहम्मद बशीर के घर से आगे से गुजर रहे जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं के साथ पहले गाली-गलौज की गई और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। विवाद की वजह मोहम्मद भूरा पर गुलाल पड़ जाना बताया जा रहा है। पुलिस ने FIR दर्ज करके 3 आरोपितों को हिरासत में ले लिया है। घटना मंगलवार (24 अक्टूबर 2023) की है।

मामला महोबा के श्रीनगर थाना क्षेत्र का है। इसकी शिकायत वीरेंद्र श्रीवास नाम के व्यक्ति ने दर्ज करवाई है। वीरेंद्र दलित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। शिकायत के अनुसार, मंगलवार को वीरेंद्र अपनी 2 बेटियों को लेकर मोहल्ले वालों के साथ माँ दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन करने जा रहे थे।

दोपहर लगभग 11:50 पर यह जुलूस श्रीनगर बाजार में बशीर के घर से आगे से गुजरा। वहाँ मौजूद बशीर का बेटा भूरा अबीर-गुलाल उड़ाने पर आपत्ति जताने लगा। विरोध करने वालों में भूरा के साथ सानू, पप्पू, भइया टेलर्स, इक़बाल, साहिल, आशिक और रजिया भी शामिल हो गए।

शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि इन सभी आरोपितों ने पहले तो जुलूस रोक कर गाली-गलौज की। बाद में इन सभी ने जुलूस में शामिल लोगों की पिटाई करनी शुरू कर दी। इस पिटाई में जुलूस में शामिल महिलाओं और बच्चियों को भी निशाना बनाया गया। हमलावरों को काफी दबंग बताया जा रहा है।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने भूरा, सानू, पप्पू, भइया टेलर, इकबाल, साहिल, आशिक और रज़िया को नामजद किया है। इन सभी पर IPC की धारा 147, 323 और 504 के साथ SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(द), 3(1)(घ), 3(2)(va) के तहत कार्रवाई की गई है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

हिन्दू संगठनों का आरोप है कि जुलूस पर हमला करने वालों के हाथों में तलवारें और डंडे भी थे। आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न होने की दशा में पूरे जिले में मूर्ति विसर्जन रोकने का एलान भी किया गया था।

इस घटना के विरोध में हिन्दू संगठन से जुड़े लोग थाने के बाहर जमा हो गए। सभी ने प्रदर्शन करते हुए आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की। महोबा की पुलिस अधीक्षक IPS अपर्णा गौतम ने बताया कि 3 आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पराली की समस्या से निपटने में खट्टर सरकार अव्वल, 5 जिलों से एक भी मामला नहीं, अब पराली से बनेगी बायोगैस

हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने प्रदेश में पराली जलाने की समस्या ने निजात दिलाने के लिए स्मार्ट सॉल्यूशन निकाला है। प्रदेश में अब किसानों को पराली के पैसे भी मिलेंगे और पराली से कंप्रेस्ड बायोगैस बनाई जाएगी।

जानकारी के अनुसार, खट्टर सरकार पूरे प्रदेश में 120 कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाएगी। एक प्लांट अपने आसपास के लगभग 10 किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करेगा। किसान खेत में बची पराली को इकट्ठा करके इन प्लांट तक लाएँगे।

सबसे पहले खेतों में बची हुई इस पराली की गाँठे बनाई जाएँगी और फिर प्लांट पर लाकर इससे कम्प्रेस्ड बायोगैस बनेगी। पराली लाने वाले किसानों को इससे अतिरिक्त आय होगी और प्रदेश में प्रदूषण की समस्या भी हल हो जाएगी। पराली से ईंधन के अतिरिक्त डीएपी खाद बनाने की भी योजना है।

प्लांट लगने के पहले ही हरियाणा में खट्टर सरकार की मुस्तैदी के कारण पराली जलाने की घटनाओं में कमी आना शुरू हो गई है। इस वर्ष अभी तक पूरे हरियाणा से मात्र 714 स्थानों पर पराली जलाने की घटनाएँ सामने आई हैं, जबकि 2022 में यह संख्या 893 तथा 2021 में 1508 थी।

हरियाणा सरकार किसानों को पराली ना जलाने के एवज में 1,000 रुपए प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दे रही है। हरियाणा के गुरुग्राम, चरखी-दादरी, महेंद्रगढ़, मेवात और रेवाड़ी जिलों से पराली जलाने की एक भी घटना सामने नहीं आई है। हरियाणा के उलट पंजाब में पराली जलाने की घटनाएँ नहीं रोकी जा सकी हैं।

इस साल पंजाब से अब तक 1,794 जगहों से पराली जलाने की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। राज्य का कृषि विभाग किसानों को ऐसे उपकरण भी मुहैया करवा रहा है, जिससे पराली को निस्तारित किया जा सके।

प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं की मॉनिटरिंग के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। जहाँ पराली ना जलाने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, वहीं नियम तोड़ने वाले व्यक्तियों पर कार्रवाई भी हो रही है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा सरकार के प्रयासों के कारण पराली जलाने की समस्या से निजात मिलने के साथ ही अब किसानों को 4-6 हजार रुपए प्रति एकड़ का अतिरिक्त लाभ भी हो रहा है। इस पराली को पशुओं को चारा बनाने वाली और गत्ते आदि बनाने वाली फर्में खरीद रही हैं।

इस मामले में केंद्र की मोदी सरकार और PMO भी मॉनीटरिंग कर रहे हैं। अगले दो से तीन साल में पंजाब और हरियाणा में बायागैस प्लांट लगा दिए जाएँगे। पंजाब में 200 और हरियाणा में 120 प्लांट लगाए जाएँगे। वहीं, बेलर मशीनों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। सरकार को उम्मीद है अगले दो वर्षों में पराली जलाने की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी।

‘यहाँ रहना है तो सबको खुश करना होगा’: शौहर ने दिया तीन तलाक, भाई और बहनोई से कहा- अपनी इच्छा पूरी कर लो, हलाला भी हो जाएगा

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से तीन तलाक का एक मामला सामने आया है। पीड़िता का दावा है कि उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। शौहर के छोटे भाई और बहनोई के साथ सेक्स का दबाव डाला जा रहा था। ससुराल वाले उससे देह व्यापार कराना चाहते थे।

पीड़िता के अनुसार विरोध करने पर उसकी पिटाई होती थी। जान से मारने की धमकी दी जाती थी। केस दर्ज कर पुलिस मामले की जाँच कर रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र की है। करुला इलाके में रहने वाली महिला ने अपने शौहर और ससुराल के बाकी सदस्यों के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।

पीड़िता ने शिकायत में बताया है कि उसका निकाह फरवरी 2022 में संभल के एक युवक से हुआ था। निकाह के कुछ समय बाद ही पीड़िता को उसका शौहर, सास और ननद दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। देवर और शौहर का बहनोई उससे पर गलत नजर रखते थे। पीड़िता के अनुसार जब उसने यह बात सास को बताई तो उसने खामोश रहने की धमकी दी। उससे कहा, “यहाँ रहना है तो सबको खुश करना होगा।”

इस बीच महिला के शौहर ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लिए। इसे दिखाकर वह उसे ब्लैकमेल करने लगा। पीड़िता का आरोप है कि प्रताड़ना के चलते उसे असमय एक बच्चा हुआ और जिसकी मौत हो गई। 30 अगस्त 2023 को ससुराल वालों ने बुरी तरह से पीट कर उसे घर से निकाल दिया।

शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि घर से निकाले जाने के बाद वह मायके में रहने लगी। 10 सितंबर 2023 को उसका शौहर ससुराल के कुछ अन्य सदस्यों के साथ आ धमका। वे उसे जबरन अपने साथ ले जाना चाहते थे। जब उसने विरोध किया तो शौहर ने दुपट्टे से गला घोंट कर उसे मार डालने की कोशिश की। उसे तीन तलाक दे दिया।

पीड़िता का आरोप है कि घटना के समय उसका देवर और शौहर का बहनोई भी था। उसके शौहर ने इन दोनों से कहा, “दोनों अपनी इच्छा पूरी कर लो। हलाला भी हो जाएगा।” कथित तौर पर इसके बाद देवर और बहनोई ने पीड़िता के कपड़े फाड़ने की कोशिश की। किसी तरह उसने अपनी जान बचाई। महिला की शिकायत पर पुलिस ने रविवार (22 अक्टूबर 2023) को FIR दर्ज की।

डिग्री लेकर देश बेचा, चंद पैसों के लिए जमीर बेची’: महुआ मोइत्रा को निशिकांत दुबे ने फिर घेरा, पूछा- विदेश जाने के पैसे किसने दिए

महँगे गिफ्ट और पैसे लेकर संसद में अडानी समूह के विरुद्ध प्रश्न पूछने के मामले में तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा मुश्किल में है। इसकी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिकायत करने वाले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मोइत्रा पर फिर से सवाल उठाए हैं। दुबे ने मोइत्रा को पैसे लेकर ज़मीर बेचने वाली बताया है।

झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद दुबे ने एक्स (पहले ट्विटर) पर एक ट्वीट किया। इसमें उन्होंने कहा कि मामला अडानी, डिग्री या चोरी का नहीं है, बल्कि मामला देश को गुमराह करने का है। उन्होंने इसे संसद की गरिमा और भारत की सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न बताया है। उन्होंने महुआ को चंद पैसे के लिए जमीर बेचने वाली बताया।

दुबे ने अपने पोस्ट में कहा, ठसवाल संसद की गरिमा, भारत की सुरक्षा व कथित सांसद की, proprietary, corruption and criminality का है। जबाब देना है कि दुबई में NIC मेल खुला की नहीं? पैसे के बदले प्रश्न पूछे कि नहीं? विदेश जाने आने के खर्च किसने उठाए? कभी लोकसभा अध्यक्ष और विदेश मंत्रालय से विदेश जाने का permission लिया या नहीं? सवाल अडानी, डिग्री या चोरी का नहीं, देश को गुमराह कर आपके भ्रष्टाचार का है। #डिग्री वाली देश बेचे #चंद पैसे के लिए जमीर बेचे।”

दरअसल, महुआ मोइत्रा पर आरोप है कि उन्होंने व्यापारी दर्शन हीरानंदानी से महंगे गिफ्ट और पैसे के बदले अडानी समूह के खिलाफ संसद में प्रश्न पूछे थे। यह भी सामने आया है कि संसद पोर्टल का लॉगइन भी उन्होंने हीरानंदानी को दे रखा था। इस मामले में महुआ ने निशिकांत दुबे और एडवोकेट जय अनंत देहाद्राई पर मानहानि का मुकदमा भी दायर किया है।

इस मामले में एडवोकेट देहाद्राई ने पत्र लिखकर मोइत्रा की सीबीआई से शिकायत की थी। इसी पत्र के आधार पर दुबे ने इसकी शिकायत लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से की। दुबे ने अपने पत्र में लिखा था कि उन्हें वकील देहाद्राई के माध्यम से उन्हें महुआ द्वारा हीरानंदानी से महंगे गिफ्ट लेने का पुख्ता सबूत मिला है।

इस मामले में बाद में दर्शन हीरानंदानी ने स्वयं एक पत्र जारी करके कहा था कि महुआ ने उनका गलत फायदा उठाया है। दर्शन ने बताया कि संसद में अडानी समूह पर प्रश्न उठाने के बदले उन्हें कई महंगे खर्चे महुआ पर करने पड़े। उन्होंने यह भी बताया कि महुआ जल्दी अपनी पहचान बनाना चाहती थीं। इसलिए वह प्रधानमंत्री मोदी पर हमले कर रही थीं।

वहीं, एडवोकेट जय अनंत देहाद्राई दूसरी तरफ महुआ पर आरोप लगा रहे हैं कि महुआ ने उनके कुत्ते ‘हेनरी’ को चुरा लिया है। उन्होंने कहा कि जनवरी 2021 में उन्होंने हेनरी को ₹75,000 में खरीदा था। देहाद्राई ने कहा है कि उनका रिश्ता हेनरी से अभिभावक जैसा है।

निशिकांत दुबे द्वारा उठाए गए मामले पर देश के केन्द्रीय रेल एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी चिंता जताई है। दरअसल, जो NIC संसद की वेबसाइट का काम देखता है, वह अश्विनी वैष्णव के मंत्रालय के अंतर्गत आता है।

पैसे लेकर प्रश्न पूछने के आरोपों पर महुआ की पार्टी टीएमसी ने भी उनसे किनारा कर लिया है। तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसद कुनाल घोष ने इस पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया था और कहा था कि सम्बंधित व्यक्ति खुद ही जवाब देगा।

इन्होंने बाल ठाकरे की विचारधारा से की दगाबाजी, ये हमास से भी कर सकते हैं गठबंधन: उद्धव ठाकरे पर दशहरा रैली में बरसे CM एकनाथ शिंदे

कभी विजयादशमी पर रैली से बाल ठाकरे अपनी और शिवसेना की ताकत का प्रदर्शन किया करते थे। शिवसेना में टूट के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे दशहरा रैली के जरिए खुद को बाल ठाकरे की राजनीति का असली वारिस साबित करने की कोशिश करते हैं।

इसी क्रम में 24 अक्टूबर 2023 को रैली को संबोधित करते हुए शिंदे ने उद्धव गुट पर बाला साहेब की राजनीतिक विचारधारा से दगाबाजी करने का आरोप लगाया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि चुनाव होने के बाद पता चल जाएगा कि कौन असली शिवसेना है और कौन नकली।

मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि उन्हें आश्चर्य नहीं होगा अगर अपने फायदे के लिए (उद्धव ठाकरे) लश्कर-ए-तैयबा और हमास से गठबंधन कर लें। उन्होंने खुलासा किया कि जब पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न उन्हें मिला तो उद्धव गुट ने शिवसेना के खाते में पड़े 50 करोड़ रुपए निकालने की कोशिश की थी। बैंक के इनकार करने के बाद पैसे के लिए उनको पत्र लिखा गया। शिंदे ने कहा कि मैंने तुरंत उन्हें पैसा दे दिया, क्योंकि उनको सिर्फ पैसों से प्यार है न कि बाला साहेब के विचारों से।

शिंदे ने एक और घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2004 में मणिशंकर अय्यर के पुतले को बाला साहेब जूतों से मारना चाहते थे, क्योंकि उन्होंने वीर सावरकर पर कोई विवादित बयान दिया था। लेकिन आज उद्धव उन्हीं के जूते उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे आज रावण जला है वैसे ही 2024 में जनता INDI गठबंधन नाम के रावण का दहन करेगी।

गौरतलब है कि जब तक शिवसेना एकजुट थी दशहरा रैली का आयोजन शिवाजी पार्क में होता था। इस बार उद्धव गुट की रैली शिवाजी पार्क में, जबकि शिंदे शिवसेना की रैली आजाद मैदान में हुई है। रैली के दौरान उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री शिंदे पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार मराठा लोगों पर अत्याचार कर रही है। उनके मुख्यमंत्री रहते हुए कभी मराठा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज नहीं हुआ, जबकि शिंदे सरकार में ऐसा किया गया।

उद्धव ठाकरे इस दौरान देश में मिलीजुली सरकार की वकालत करते नजर आए। उनका कहना था कि देश में भाजपा जैसी प्रचंड बहुमत वाली सरकार नहीं होनी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र में चुनाव कराने की चुनौती देते हुए कहा कि इसके बाद जनता बता देगी कि असली शिवसेना कौन सी है। वहीं उद्धव के करीबी सांसद संजय राउत ने महाराष्ट्र सरकार में एनसीपी के नेताओं के शामिल किए जाने पर भी प्रश्न उठाए।

बैग में कुरान भरकर दुर्गा पूजा पंडाल में घुस रहा था शाह आलम, हावभाव देख हिंदुओं ने पकड़ा: पुलिस ने ‘मानसिक बीमार’ बताकर छोड़ा

बांग्लादेश के चटगाँव में हिन्दू श्रद्धालुओं ने शनिवार (21 अक्टूबर 2023) एक मुस्लिम युवक को दुर्गा पूजा पंडाल में कुरान की प्रतियों से भरे बैग को लेकर घुसते हुए शाह आलम को पकड़ा। उसे पुलिस के हवाले कर दिया। लेकिन पुलिस ने आलम को मानसिक तौर पर बीमार बताते हुए बिना जाँच के उसे छोड़ दिया। हालाँकि बाद में जब उसे छोड़े जाने की खबर सोशल मीडिया में वायरल हो गई तो पुलिस ने दोबारा से उसे हिरासत में ले लिया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक घटना चटगाँव के हथजारी इलाके की है। यहाँ के सोमपुरा इलाके में हिन्दू समुदाय ने श्रीश्री रक्षाकाली मंदिर में दुर्गा पूजा पांडाल लगाया था। 21 अक्टूबर को इस पांडाल में शाह आलम नाम का एक व्यक्ति रात के लगभग 8 बजे चुपके से बैग ले कर घुस रहा था। उसके हावभाव से पूजा उत्सव समिति के महासचिव गोबिंदा कांतिनाथ को शक हुआ। आलम को रोक कर उसकी तलाशी ली गई तो बैग में कुछ अन्य सामान के साथ कुरान की प्रतियाँ और मज़हबी किताबें भी मिली।

श्रद्धालुओं ने शाह आलम का नाम पूछा तो वह खामोश रहा। उसने खुद को पागल बताया। फ़ौरन ही इस मामले की जानकारी पुलिस को दी। हथाजारी थाने से आए सब-इंस्पेक्टर जसीम ने शाह आलम को हिरासत में ले लिया। पूजा उत्सव समिति के सदस्यों का आरोप है कि पुलिस ने बिना जाँच के ही आलम को मानसिक तौर पर कमजोर बता कर छोड़ दिया। दावा किया जा रहा है कि पुलिस की कस्टडी में भी आरोपित अजीब व्यवहार कर रहा था। पूजा समिति को आशंका है कि शाह आलम किसी गड़बड़ी की साजिश के साथ पंडाल में आया था।

आधिकारिक बयान में हथजारी पुलिस स्टेशन के प्रभारी एम डी मोनिरुज्जमान ने भी शाह आलम को मानसिक समस्या से ग्रसित बताया है। उन्होंने दावा किया है कि आलम के घर वालों ने उसके मेडिकल प्रमाण भी जमा किए हैं। इन सबूतों में 16 अक्टूबर 2023 को शाह आलम का ढाका के मेडिकल कॉलेज में इलाज करने का रिकॉर्ड भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि शाह आलम होरोशाल से चटगाँव आ कर दरगाहों, मस्जिदों और मंदिरों के आसपास घूम रहा था।

आलम माइजभंडार शरीफ नाम की दरगाह का अनुयायी भी है। लगभग 8 बजे हिरासत में लिए गए आलम को रात 11 बजे पुलिस ने छोड़ दिया। यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। खुद पर सवाल खड़ा होता देख कर पुलिस ने रात लगभग 2 बजे फिर से शाह आलम को हिरासत में ले लिया। वह माइजभंडार शरीफ दरगाह इलाके में ही मिला। फिलहाल पुलिस इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वो क़ुरान की प्रतियों से भरा बैग लेकर दुर्गापूजा पंडाल में क्यों गया था।

कोमिला के हिंदू विरोधी दंगे

गौरतलब है कि 13 अक्टूबर 2021 को इकबाल हुसैन नाम के एक 35 वर्षीय व्यक्ति ने बांग्लादेश के कोमिला जिले में नानुअर दिघिर पार दुर्गा मंदिर में बजरंग बली के चरणों में कुरान की एक प्रति रख दी थी। इस घटना के बाद पूरे बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। तब हिन्दू समुदाय इस घटने में अपनी संलिप्तता से इनकार करता रहा, लेकिन उनकी एक न सुनी गई थी।

इस हिंसा के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन वीडियो में हिंदू समुदाय के घरों और मंदिरों को निशाना बनाती भीड़ को मूर्तियाँ तोड़ते और उन्हें तालाब में फेंकते देखा जा सकता है। बाद में पुलिस जाँच में इस घटना के पीछे एक मस्जिद के केयरटेकर इकबाल हुसैन की साजिश सामने आई थी। इकबाल को 21 अक्टूबर 2021 को गाज़ीपुर के टोंगी पुरबा पुलिस स्टेशन की टीम ने कॉक्स बाजार से विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया था। 3 मार्च 2023 को हुसैन को 16 महीने कारावास की सजा सुनाई गई थी।