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फिलिस्तीन के लिए चंदा माँग रहा था यूपी पुलिस का कॉन्स्टेबल सोहेल अंसारी: योगी सरकार ने किया सस्पेंड

हमास के समर्थन में भारत के भी कई मुस्लिम खुलेआम लिखने और बोलने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसी कड़ी में अब एक मामला आया उत्तर प्रदेश पुलिस का, जहाँ एक कांस्टेबल को फ़िलिस्तीन के प्रति समर्थन व्यक्त करने और फ़िलिस्तीन के लिए चंदा माँगने के मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। आरोपित कांस्टेबल का नाम सोहेल अंसारी है। सोहेल अंसारी ने फेसबुक पर पोस्ट करके फिलिस्तीन के समर्थन के लिए चंदे की अपील की थी। 

जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। चन्दन शर्मा नाम के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, “यह है मोहम्मद सोहेल अंसारी, उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल हैं। 

फिलिस्तीनी आतंकवादियों के लिए यह फेसबुक पर पोस्ट करके चंदा माँग रहे थे लेकिन योगी बाबा के रडार पर आ गए, उम्मीद करते हैं आतंकवादी समर्थक का जल्दी ही वर्दी जाएगा और जेल की हवा खाएगा, फिलहाल इस आतंकवादी समर्थक के अब्बू माफी माँगते हुए बोल रहे है कि बच्चा है गलती हो गया। 

दरअसल, कांस्टेबल सोहेल अंसारी ड्रोन कैमरा उड़ाने वाली टीम में तैनात हैं मगर फिलहाल वह अपनी सोशल मीडिया पोस्ट की वजह से जाने जा रहे हैं, फिलिस्तीन के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं और लोगों से चंदा माँग रहे हैं!

इस पूरे मामले पर लखीमपुर खीरी जिले के एडिशनल एसपी नेपाल सिंह ने बताया, “इस संदर्भ में जाँच की जा रही है, जाँच में जो भी तथ्य आएँगे, जो भी सही होगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने कांस्टेबल सोहेल अंसारी के खिलाफ कार्रवाई की है। मामला सामने आने के बाद एडिशनल एसपी को जाँच का जिम्मा सौंपा गया था। जाँच में आरोपों में दम पाया गया, जिसके परिणामस्वरूप कांस्टेबल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। फ़िलहाल, सिपाही सोहेल अंसारी को निलंबित कर दिया गया है। 

फिलिस्तीन के लिए समर्थन में सोहेल का पोस्ट 

कांस्टेबल सोहेल अंसारी ने अपने फेसबुक पर फिलिस्तीन के लिए समर्थन व्यक्त करते हुए और इस उद्देश्य के लिए चंदा देने का अनुरोध करते हुए पोस्ट किया था। सोहेल अंसारी ने अपने फेसबुक पर लिखा था, “HELP SAVE PALESTINE.  I REPOST =$1 ALL DONATION ARE DIRECTLY SENT TO…. ADD TO STORY TO HELP SAVE PALESTINE.

इसके बाद कॉन्स्टेबल सोहेल अंसारी की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। एक बार जब पुलिस अधिकारियों को मामले की जानकारी हुई, तो उन्होंने कांस्टेबल के खिलाफ जाँच शुरू की। 

वहीं जब इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ की तो कांस्टेबल ने दावा किया कि यह उसके बेटे की गलती थी। हालाँकि, उन्होंने अपना पूरा फेसबुक अकाउंट डिलीट कर दिया है। फ़िलहाल, लखीमपुर के एसपी ने पहले ही मामले की जाँच के आदेश जारी कर दिए थे। 

चाकू, एसिड, यूज किए हुए कंडोम, बोतलें और बिखरे कपड़े… बंगाल में मिली महिला की जली हुई लाश, शरीर पर वार के निशान: पहचानना भी मुश्किल

पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले तेजी से बढ़े हैं। बामुश्किल 20 दिन पहले 24 परगना में एक बांग्लादेशी महिला की हत्या कर दी गई थी और पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे को जला दिया गया था। ठीक वैसा ही मामला मालदा जिले में सामने आया है, जहाँ धान के खेत में एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ। महिला के शव पर कई निशान मिले हैं और उसकी पहचान छिपाने के लिए उसका चेहरा जला दिया गया है।

गैंगरेप की आशंका, चेहरे के तेजाब से जलाया

स्थानीय लोगों का कहना है कि महिला के कपड़े फटे हैं, ऐसे में उसके साथ गैंगरेप की आशंका भी जताई जा रही है। ये वारदात हरिश्चंद्रपुर ब्लॉक नंबर 1 के कुशीदा ग्राम पंचायत के चोचपारा बंधबन इलाके की है। स्थानीय लोगों की मानें तो महिला का चेहरा तेजाब से जलाया गया है, और शायद उसका शव कहीं से लाकर यहाँ फेंका गया है। महिला के शव के पास से एसिड की बोतलें, चाकू और अन्य सामान भी बरामद किया गया है।

वहीं, पुलिस से जुड़े सूत्रों की मानें तो शरीर पर कई जगहों पर चाकू से वार के निशान हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि अपराध स्थल के आसपास चाकू, एसिड, इस्तेमाल किए गए कंडोम और जले हुए कपड़े बिखरे हुए थे। हरिश्चंद्रपुर थाने के प्रबारी देवदूत गजनिरे ने कहा कि यह कहना संभव नहीं है कि महिला के साथ दुष्कर्म हुआ है या नहीं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

मालदा के पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार यादव ने बताया है कि महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना की जाँच शुरू हो गई है।

24 परगना में हुआ था ऐसा ही कांड

बता दें कि पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में 26 सितंबर 2023 को एक महिला का शव मिला था। ये शव स्वर्णपुर के गोबिंदपुर इलाके के फील्ड में पड़ा मिला था। महिला की गर्दन को चाकू से कर मौत के घाट उतारा गया था। अपराधियों ने उसकी पहचान को छिपाने के लिए चेहरे को भी जला दिया था।

इस मामले में पुलिस ने उसने प्रेमी नासेर मिल्स को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उस महिला का नाम सोमैया अख्तर था और वो बांग्लादेश की रहने वाली थी। महिला के शव मिलने का वीडियो वायरल हो गया था, जिसमें उसके दोनों हाथों के घुटने से नीचे से एक लकड़ी के सहारे बाँध कर, चेहरे पर कपड़े डालकर आग लगा दी गई थी।

इजरायल-हमास युद्ध के बीच भारत का ‘ऑपरेशन अजय’, अब तक 918 की वतन वापसी: मोदी सरकार उठा रही है सारा खर्च

हमास के इजरायल पर हमले के बाद भारत सरकार ने बड़ा ऑपरेशन लॉन्च किया है। ‘ऑपरेशन अजय’ के माध्यम से भारतीयों को इजरायल से सुरक्षित निकाला जा रहा है। इजरायल के हिंसा ग्रस्त क्षेत्र में रहने वाले लोगों में से अब तक 900 से अधिक लोगों को भारत लाया जा चुका है। कुल 18,000 भारतीय इजरायल में रहते हैं, हालाँकि, हिंसाग्रस्त इलाके से ही लोगों को निकाला जा रहा है।

इजरायल से आई चौथी उड़ान के यात्रियों को केंद्रीय राज्यमंत्री मंत्री जरनल (रिटायर्ड) वीके सिंह ने रिसीव किया और उनका स्वागत किया। इस उड़ान के माध्यम से 274 लोग भारत पहुँचे। इस समय से कुल 918 लोग वापस आ चुके हैं। सभी यात्रियों के साथ आगे की यात्रा के तालमेल के लिए उनके राज्यों के प्रतिनिधिमंडल भी लगातार एयरपोर्ट पर ही मौजूद हैं। विदेश मामलों के मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने चौथी उड़ान की लैंडिंग की जानकारी दी।

क्या है ऑपरेशन अजय?

‘ऑपरेशन अजय’ भारत सरकार द्वारा इजरायल में फँसे भारतीयों को वापस लाने के लिए शुरू किया गया एक सैन्य अभियान है। यह अभियान 11 अक्टूबर, 2023 को शुरू हुआ और पहले बैच में दो सौ से अधिक भारतीयों को इजरायल से भारत वापस लाया गया। 12 अक्टूबर को पहली उड़ान दिल्ली पहुँची थी। ‘ऑपरेशन अजय’ के तहत, भारतीय वायुसेना ने इजरायल के लिए विशेष उड़ानें चलाई हैं। इन उड़ानों में भारतीय नागरिकों को इजरायल से भारत वापस लाया जा रहा है। अभी तक कुल चार उड़ानें भारत पहुँच चुकी हैं।

क्यों चलाया जा रहा है ‘ऑपरेशन अजय’?

ऑपरेशन अजय‘ इजरायल और हमास के बीच जंग के कारण चलाया जा रहा है। इस जंग के कारण इजरायल में सुरक्षा स्थिति बिगड़ गई है। भारत सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और उन्हें वापस लाने के लिए ऑपरेशन अजय शुरू किया है। इजरायल में लगभग 18,000 भारतीय रहते हैं। इजरायल में भारतीयों का सबसे बड़ा समुदाय तेल अवीव में है, जो इजरायल की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है। तेल अवीव पर कुछ समय उड़ाने रुकी हुई थी, लेकिन अब लोगों को निकाला जा रहा है।

‘ऑपरेशन अजय’ को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा समन्वित किया जा रहा है। इस अभियान में भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के जवान भी शामिल हैं। ‘ऑपरेशन अजय’ को भारतीय सरकार की एक सफलता के रूप में देखा जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से भारत सरकार ने दिखाया है कि वो अपने नागरिकों को सुरक्षित रूप से वापस लाने में सक्षम है।

अब तक इतने लोग आ चुके हैं वापस

पहली फ्लाइट में कुल 212 लोगों को इजरायल से लाया गया। शनिवार को दूसरी फ्लाइट दिल्ली पहुँची थी, जिसमें 235 लोगों का समूह था। 197 लोगों के साथ तीसरी फ्लाइट आज सुबह ही पहुँची थी तो चौथी फ्लाइट में कुल 274 लोगों को लाया गया है। ये ऑपरेशन तब तक चलता रहेगा, जबतक इजरायल से सभी 18,000 भारतीयों को सुरक्षित नहीं कर लिया जाता।

इजरायल पर हमास के हमले जारी

इजरायल पर गाजा पट्टी के आतंकवादी संगठन हमास के हमले में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद इजरायल ने गाजा पट्टी की नाकेबंदी कर दी है और वो अब हमास के सफाए का अभियान चला रहा है। लेकिन इजरायल पर अब भी हमास के आतंकी रॉकेटों से हमले कर रहे हैं। इजरायल पर वेस्ट बैंक, लेबनान के साथ ही सीरिया तक से रॉकेट बरसाए गए हैं। प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनकी सरकार हमास का खात्मा करने के बाद ही रुकेगी।

‘शशि थरूर और महुआ मोइत्रा में क्या पक रहा है?’: शराब और सिगार वाली तस्वीरों पर TMC सांसद ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- ये निजी फोटोज

सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर और TMC सांसद महुआ मोइत्रा की कुछ तस्वीरें वायरल हो रही हैं। इन तस्वीरों में महुआ मोइत्रा शशि थरूर के साथ जाम से जाम टकराती और सिगार को फूँक मारती नजर आ रही हैं। तस्वीरें किसी महँगे होटल या रेस्त्रां की लग रही हैं। हालाँकि, तस्वीरें किस जगह और कब की हैं इसके बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। 

सोशल मीडिया पर कई हैंडल ने इन तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, “शशि थरूर और महुआ मोइत्रा में क्या पक रहा है?”

सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद लोग शशि थरूर और महुआ मोइत्रा को ट्रोल कर रहे हैं। वहीं इस मामले पर महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर ही जवाब दिया है।

महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मुझे यह देखकर बहुत खुशी हुई कि बीजेपी की ट्रोल सेना द्वारा मेरी कुछ निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर हो रही हैं। मुझे सफेद ब्लाउज की तुलना में हरे रंग की पोशाक अधिक अच्छी लगती है। और क्रॉप करने की जहमत क्यों उठानी है – रात के खाने में बाकी लोगों को भी दिखाओ। बंगाल की महिलाएँ जीवन जीती हैं। झूठ नहीं।

वहीं उनके इस ट्वीट के जवाब में जब किसी ने पूछा कि शराब पीना स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। इससे कैंसर होता है। 

तब महुआ मोइत्रा ने अपने जवाब में लिखा, “मैं धूम्रपान नहीं करती, मुझे सिगरेट से गंभीर एलर्जी है। मैं बस एक दोस्त के सिगार के साथ मज़ाक के लिए पोज़ दे रही थी। 

ऐसे में अब देखना यह है कि इस मामले में कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर की तरफ से क्या जवाब आता है। महुआ मोइत्रा ने तो अपना पक्ष रख दिया है। फिर भी सोशल मीडिया पर उनके बड़बोलेपन के कारण लोग उन्हें अब भी ट्रोल कर रहे हैं।

₹538 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात, गोरखपुर मंदिर में कलश-स्थापन: CM योगी आदित्यनाथ ने किया दुर्गा पूजा महोत्सव का शुभारंभ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर पहुँचे। यहाँ उन्होंने 538 करोड़ 20 लाख रुपए की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। उन्होंने निगम परिसर में 303 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया, और अधिकारियों के साथ बैठक भी की। दोपहर के समय उन्होंने स्टेट बैंक की शाखा के गोरखपुर में 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। इसके बाद वो धार्मिक अनुष्ठानों में सम्मिलित हो रहे हैं।

वेस्ट को वेल्थ बनाने की पहल सराहनीय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 11 बजे नगर निगम परिसर पहुँचे और सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए हो रहे कार्यों के मॉडल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने ‘मिशन शक्ति’ के तहत स्वच्छता व अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 10 महिलाओं को सम्मानित भी किया। इस मौके पर उन्होंने 303 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिसकी कुल लागत 538.20 करोड़ रुपए हैं। गोरखपुर नगर निगम द्वारा आयोजित कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वेस्ट को वेल्थ बनाने की ये पहल अत्यंत सराहनीय है।

इससे स्वच्छता के साथ ही नगर निगम की आमदनी भी बढ़ेगी।

नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि सहजनवाँ में चारकोल प्लांट की स्थापना की जाएगी। इस पर नगर निगम का एक भी रुपया खर्च नहीं होगा, ये एनटीपीसी के CSR फंड से बनाया जाएगा। इन परियोजनाओं से अगले 25 साल में 800 करोड़ रुपए बचाए जाएँगे।

शारदीय नवरात्रि की शुरुआत, गोरखनाथ धाम में शुरू हुए अनुष्ठान

शारदीय नवरात्र के अवसर पर गोरखनाथ धाम में माँ आदिशक्ति की पूजा शुरू हो चुकी है। शाम को करीब 5 बजे योगी आदित्यनाथ बतौर पीठाधीश्वर गोरखधाम में कलश स्थापित करेंगे। इस कलश को मंदिर परिसर में ही स्थित अपने आवास में योगी आदित्यनाथ स्थापित कर माँ शैलपुत्री की पूजा करेंगे, इसके साथ ही गोरखनाथ मंदिर में विजयदशमी महोत्सव की शुरुआत भी हो जाएगी।

स्टेट बैंक की शाखा के 100 साल पूरे, सीएम योगी ने किया संबोधित

गोरखपुर पहुँचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और जनसभा को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनहित के कार्यों को प्रमुखता देती है।

उन्होंने राज्य के विकास में बैंकों की भूमिका को भी अहम करार दिया।

‘नीतीश कुमार के खाने में मिलाई जा रही दवा, इसीलिए हो रहा मेमोरी लॉस’: ललन सिंह पर आरोप, बैठकों में खुद को ही भूल जाते हैं बिहार के CM

बिहार में लोकसभा चुनावों से पहले ही आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। इसी क्रम में अब पूर्व सांसद और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरुण कुमार ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को खाने में मेमोरी लॉस की दवा मिलाकर दी जा रही है। कुछ ऐसा ही बयान प्रशांत किशोर ने भी दिया है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हाजीपुर में शनिवार (14 अक्टूबर, 2023) को मीडिया से बात करते हुए अरुण कुमार ने नितीश कुमार के मेमोरी लॉस का दावा किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चीजें भूल जा रहे हैं। उन्हें खाने में मेमोरी लॉस की दवा मिलाकर खिलाई जा रही है। अरुण कुमार ने कहा कि इसकी जाँच कराई जानी चाहिए।

दरअसल, नितीश कुमार के मेमोरी लॉस का मुद्दा प्रशांत किशोर ने उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री के कुछ समय के बात-व्यवहार का हवाला देते हुए कहा कि मानसिक रूप से कमजोर करने के लिए उन्हें ऐसी दवा ललन सिंह के कहने पर दी जा रही है।  

जदयू अध्यक्ष ललन सिंह पर गंभीर आरोप

नीतीश कुमार के भूलने की बीमारी की तरफ इशारा करते हुए चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरुण कुमार ने इसके लिए जदयू अध्यक्ष ललन सिंह और कुछ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया

पूर्व सांसद अरुण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मानसिक स्थिति खराब हो गई है। वह जनता दरबार में गृह मंत्री खोजने लगते हैं। इसके बाद कोई और उन्हें बताता है कि वह खुद ही प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं।

अरुण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री कभी नेताओं के सिर पकड़कर एक-दूसरे से टकराने लगते हैं। उन्होंने ललन सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग लालू यादव के लिए चारा घोटाला मामले में मुंशी की तरह पैरवी करते थे।

आज वही लालू यादव को मुंशी की तरह समझा दिए हैं कि हम बचा भी सकते हैं। हम फँसाए हैं तो बचा भी सकते हैं। हम नीतीश कुमार को किनारे कर देंगे, आप हमारे नेता हैं, निश्चिंत रहिए। हम जेडीयू को भी खा जाएँगे, आप निश्चिंत रहिए।

उन्होंने कहा कि इन लोगों ने पार्टी को बर्बाद किया। जदयू के कई लोग जो हमसे जुड़े हुए हैं, हमारे पास आ रहे हैं। ऐसी अराजक स्थिति में अब एक ही उम्मीद है चिराग पासवान। जाति, धर्म, पार्टी से ऊपर उठकर सब लोग चिराग को खोज रहे हैं। चाहे खेल का मैदान हो, स्कूल का मैदान हो, कॉलेज हो, गाँव हो, खेत या खलिहान हो।

नीतीश कुमार पर हो रहा उम्र का असर

गौरतलब है कि जनसुराज पदयात्रा के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने भी नितीश कुमार के भूलने की बीमारी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को अगर ध्यान से देखिएगा तो पता चलेगा कि उनपर उम्र का असर हो गया है। पिछले एक साल की उनकी पुरानी स्पीच उठाकर देख लीजिए आपको पता चल जाएगा कि वो हर बात को जलेबी की तरह घुमाते रहते हैं। बोलना कुछ चाहते हैं बोल कुछ और जाते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आपने कभी नीतीश कुमार को किसी फैक्ट्री बनाने को लेकर चर्चा करते सुना? नीतीश कुमार के लिए आज चर्चा का विषय क्या है? उनके लिए आज चर्चा का विषय है कि धरती का नाश होने वाला है। मोबाइल का उपयोग करने से लोग पागल हो रहे हैं। क्या यही नीतीश कुमार का काम है? नीतीश कुमार क्या साइकोलोजिस्ट हैं या मनोवैज्ञानिक हैं? बिहार की जनता ने जो काम नीतीश कुमार को दिया है वो तो ये कर नहीं रहे बाकी बेकार की चीजों में इनका ध्यान रहता है। दुनिया कितने दिनों तक रहेगी कब खत्म हो जाएगी इस पर बात करते हैं।

सपा नेता, ब्लॉक प्रमुख, गौ-तस्कर, अतीक अहमद का करीबी… यूपी पुलिस ने 34 मुकदमों वाले मुजफ्फर को किया गिरफ्तार, गोमांस से बनाई करोड़ों की संपत्ति

उत्तर प्रदेश की प्रयागराज पुलिस ने सपा नेता और कौडिहार ब्लॉक से प्रखंड प्रमुख मुजफ्फर को गौ-तस्करी मामले में गिरफ्तार किया है। मुजफ्फर पुराना हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ अलग-अलग जिलों में 34 से भी अधिक मुकदमे दर्ज हैं। प्रयागराज के अतिरिक्त, मुजफ्फर के विरुद्ध कौशाम्बी और वाराणसी आदि में भी मुकदमे दर्ज हैं।

मुजफ्फर की यह गिरफ्तारी उसके बमरौली स्थित आवास से की गई है। मुजफ्फर ने गौ तस्करी से करोड़ों की सम्पत्ति अर्जित की है। पुलिस इससे पूर्व में भी उसके खिलाफ कार्रवाई करके उसकी सम्पत्ति कुर्क कर चुकी है।

एक जानकारी के अनुसार, अब तक मुजफ्फर की करोड़ों की चल-अचल संपत्तियाँ कुर्क की जा चुकी हैं, यह सम्पत्तियाँ उसने गौ-तस्करी और अन्य अवैध कार्यों की कमाई से ही अर्जित की थी। प्रयागराज ने इसके अंतर्गत कौडिहार और पूरामुफ्ती समेत अन्य इलाके में कई प्लाट और मकान जब्त किए हैं।

वर्ष 2018 में एक गाड़ी में सैकड़ों किलो प्रतिबंधित गौमांस पकड़ा गया था। इस मामले को लेकर थाना धूमनगंज में मामला दर्ज किया गया था, मुजफ्फर इसमें आरोपित है।

मुजफ्फर ने कौडिहार ब्लॉक प्रमुख का चुनाव भी जेल के अन्दर से जीता था, वह वर्तमान में प्रयागराज की नैनी जेल में बंद है। उसे जीतने के दो वर्षों के बाद कोर्ट के आदेश पर शपथ दिलवाई गई थी। मुजफ्फर के दो भाई अशरफ और असलम भी हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं। मुजफ्फर की गिरफ़्तारी पर उसके समर्थकों ने पुलिस के सामने हंगामा भी खड़ा करने की कोशिश की। प्रयागराज पुलिस ने लोगों को यह बता कर शांत कर दिया है कि मुजफ्फर के विरुद्ध कोई नया मामला नहीं दर्ज किया गया है, बल्कि उसे गौ-तस्करी के पुराने मामले में ही गिरफ्तार किया गया है।

मुजफ्फर को मारे गए माफिया अतीक अहमद का भी करीबी बताया जाता रहा है। वह इससे पहले भी कई बार गौतस्करी के मामले में गिरफ्तार हो चुका है लेकिन जमानत पर छूट गया था।

‘जय श्री राम’ से पाकिस्तानियों ही नहीं बल्कि सनातन विरोधी उदयनिधि स्टालिन को भी लगी मिर्ची, कह रहे पड़ोसी मुल्क के लोग – ‘बाप हैं हम’ के नारे की ICC से करेंगे शिकायत

अहमदाबाद में भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट विश्व कप का मुकाबला खेला गया। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पाकिस्तानी टीम बुरी तरह से हारी। भारतीय टीम ने 50 ओवरों के विश्वकप में पाकिस्तान के खिलाफ लगातार आठवाँ मुकाबला जीता, जो 7 विकेट के बड़े अंतर से था। ये मैच एक लाख से अधिक दर्शकों की उपस्थिति में खेला गया, जिसे दुनिया भर के करोड़ों लोगों ने टीवी-ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के माध्यम से भी देखा।

ये मैच पाकिस्तान की बुरी हार के साथ ही भारत की जनता की एकजुटता के लिए भी जाना जाएगा, जिसमें अहमदाबाद के दर्शकों ने न सिर्फ एकजुटता प्रदर्शित करने वाला ‘जय श्री राम’ का नारा लगाया, बल्कि पाकिस्तानियों को याद भी दिलाया कि ‘बाप आखिर बाप ही होता है।’

अहमदाबाद में ‘जय श्री राम’ और ‘बाप बाप ही होता है’ के नारों से न सिर्फ पाकिस्तानियों को मिर्ची लग गई, बल्कि कुछ एंटी हिंदू एलिमेंट्स में हिंदुस्तान के अंदर भी बेचैनी बढ़ गई। तमिलनाडु के मंत्री और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन खेल भावना की दुहाई और ‘अतिथि देवे भव’ की बात करने लगे, तो पाकिस्तानी इसकी शिकायत आईसीसी से करने की माँग करने लगे। कुछ चुनिंदा ट्वीट्स आपको दिखाते हैं।

पाकिस्तान में एक क्रिकेट वेबसाइट चलाने वाले फरीद खान ने इस मामले में पीसीबी से कहा कि वो आईसीसी से शिकायत करे। उसने शिकायत भी सुझाए हैं, जो निम्नलिखित हैं:

1- बाबर आजम को भारतीय फैंस ने जमकर चिढ़ाया।

2- भारतीयों ने ‘तुम्हारे बाप हैं हम’ के नारे लगाए, वो भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को निशाना बनाकर।

3- स्टेडियम में ‘दिल दिल पाकिस्तान’ गाना नहीं बजाया गया।

वो आगे बोलता है कि आप लोगों का दिल बड़ा नहीं है। हालाँकि, फरीद खान को ये ध्यान रखना चाहिए कि स्टेडियम में पाकिस्तानी फैन थे ही नहीं, तो ‘दिल-दिल पाकिस्तान’ किसके लिए बजाया जाता? बाकी बाबर आजम को चिढ़ाना कोई नई बात नहीं। सभी खिलाड़ी चिढ़ाए जाते हैं। नवीन उल हक तो लगातार कोहली के नाम से चिढ़ाए जाते रहे हैं। रही बात तीसरे की, तो फैक्ट्स पर क्या ही बात करें? उस पर पाकिस्तानियों को जवाब नहीं सूझेगा।

पाकिस्तानी बेहरम काजी का दर्द तो एकतरफा है। उनकी टीम को भारत में वर्ल्ड कप खेल कर पैसे भी चाहिए और दर्शकों के जोश का सामना करने की हिम्मत भी नहीं है।

दर्शकों पर गुस्सा उतार रहे पाकिस्तानी

हैदर इकबाल नाम के पाकिस्तानी की हालत तो देखिए, वो अहमदाबाद के दर्शकों पर ही निशाना साधने लगा। क्या है न, ‘खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे’ वाली कहावत उसपर पूरी तरह से फिट बैठ रही है।

‘खेल को नफरत का हथियार बनाना गलत’

पाकिस्तानियों का दर्द तो समझ में आता है। लेकिन, उदयनिधि स्टालिन का दर्द है कि खत्म ही नहीं होता। वो सनातन विरोध करते करते उसी सनातन के संस्कारों की दुहाई भी दे रहे हैं। उदयनिधि स्टालिन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “भारत अपनी खेल भावना और आतिथ्य सत्कार के लिए प्रसिद्ध है। हालाँकि, अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ किया गया व्यवहार एक नए निचले स्तर पर पहुँच गया। खेल को देशों के बीच एकजुटता लाने वाली ताकत बनाना चाहिए और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए। इसे नफरत फैलाने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना बेहद गलत है।”

बता दें कि ये वही उदयनिधि स्टालिन हैं, जिन्होंने सनातन धर्म को डेंगू-मलेरिया कहकर मिटाने की बात कही थी। बाद में भी वो अपने बयान पर कायम रहे। उदयनिधि स्टालिन इंडी गठबंधन में कॉन्ग्रेस की साथी पार्टी डीएमके का नेता है और तमिलनाडु के मौजूदा मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे, साथ ही वो खुद तमिलनाडु सरकार में युवा और खेल मामलों के मंत्री हैं। चूँकि उनकी पूरी राजनीति ही सनातन विरोध पर टिकी है, ऐसे में वो हिंदू और सनातन विरोध करते ही रहेंगे।

लेकिन, इसकी आड़ में वो देश विरोधी बाते भी करेंगे, तो ये बेहद गलत संदेश जाएगा। उदयनिधि के ट्वीट का तो यही मतलब है कि अहमदाबाद और भारत की संस्कृति ही गलत दिशा में जा रही है।

दंगाइयों का समर्थन करता है BBC, अब कट्टरपंथी मुस्लिम भीड़ ने ऑफिस कर दिया गंदा: लंदन से लेकर अमेरिका तक हमास आतंकियों के समर्थन में उपद्रव

हमास द्वारा इजरायल पर आतंकी हमला और अब इजरायल के जवाबी कार्रवाई के बीच दुनियाभर के कई देशों में हमास और फिलिस्तीन के समर्थन की बाढ़ आ गई है। कई मुस्लिम देश और विदेशों में बसे फिलिस्तीन समर्थक गाजा पर इजरायल के हमले को रोकने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच लंदन और अमेरिका में भी फिलिस्तीन के समर्थन में हजारों की मुस्लिम भीड़ द्वारा मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। 

लंदन की सड़कों पर प्रदर्शन

पहले बात करते हैं लंदन की, जहाँ सेंट्रल लंदन की सड़कों पर शनिवार (14 अक्टूबर, 2023) को हजारों की भीड़ उतरती है और फिलिस्तीन एवं हमास के समर्थन में नारेबाजी करती है। भीड़ यह माँग करती है कि गाजा और हमास आतंकियों पर इजरायल द्वारा की जा रही जवाबी कार्रवाई तत्काल रोक दी जाए। 

फिलिस्तीन का झंडा और “फ्री फिलिस्तीन” की तख्ती उठाए ये भीड़ ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के विरोध में भी नारेबाजी करती रही क्योंकि ब्रिटेन द्वारा इजरायल का समर्थन करने से ये भड़के हुए हैं। गाजा पर इजरायल द्वारा की जा रही जवाबी कार्रवाई से तिलमिलाई ये भीड़ इस बात पर जोर देती रही कि गाजा में कुछ भी ठीक नहीं है, वहाँ इजरायल द्वारा हमला तत्काल प्रभाव से रोक देना चाहिए। 

इग्लैंड में हिन्दुओं पर हुए हमले में भी मुस्लिमों का पक्ष लेने वाला बीबीसी इजरायल और हमास मामले में बेबस नजर आ रहा है। यदि खुलकर हमास का समर्थन करता है तो ब्रिटेन की नीति के ही खिलाफ होगा। वहीं हमास आतंकियों का खुलकर समर्थन न करने की वजह से इस बार मुस्लिम समूह भड़के हुए हैं, विरोध स्वरुप हमास के समर्थन में प्रदर्शन करती मुस्लिम भीड़ ने बीबीसी के दफ्तर के गेट को भी लाल पेंट छिड़कर गन्दा कर दिया। 

अमेरिका में भी “फ्री फिलिस्तीन” की माँग

वहीं दूसरी ओर हज़ारों फ़िलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारी अमेरिका की राजधानी में एकत्र होकर “फ़्री फ़िलिस्तीन” के नारे लगाते हुए व्हाइट हाउस के पास से मार्च निकाला क्योंकि इज़राइल और गाजा के आतंकवादियों के बीच संघर्ष में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

बता दें कि अमेरिका में इस सप्ताह इजरायल समर्थक और फिलिस्तीन समर्थक दोनों ने मार्च निकाला है। हमास के आतंकवादियों ने जहाँ इजरायल में घुसकर 1,300 से अधिक लोगों की हत्या कर दी, जिनमें से अधिकांश आम नागरिक थे, साथ ही 150 अन्य लोगों का अपहरण भी कर लिया। वहीं हमास के अधिकारियों का कहना है कि जवाब में गाजा पट्टी पर इज़राइल की बमबारी में 2,200 से अधिक लोग मारे गए हैं।

अमेरिका में हमास और फिलिस्तीन के समर्थन में मार्च करने वाले प्रदर्शनकारी हाथों में “कब्जा ख़त्म करो” और “अभी संघर्ष विराम करो” जैसे सन्देश लिए हुए थे। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, देश के दूसरी ओर, 1,000 से अधिक फ़िलिस्तीनी समर्थक प्रदर्शनकारियों ने लॉस एंजिल्स में भी मार्च किया।

कुलमिलाकर, पूरी दुनिया में जहाँ इजरायल को समर्थन मिल रहा है वहीं हमास जैसे आतंकी समूह और फिलिस्तीन का समर्थन करने वालों की भी कमी नहीं है।

गौरतलब है कि एक बड़ी संख्या में मुस्लिम देश इजरायल में हुए कत्लेआम का जहाँ जश्न मना रहे थे वहीं अब इजरायल के गाजा में जवाबी कार्रवाई से तिलमिलाए हुए हैं और जल्द से जल्द युद्ध विराम की अपील करते नजर आ रहे हैं। लेकिन इजरायल अभी शांत बैठने के मूड में नहीं दिखाई दे रहा है। इजरायल ने अभी गाजा में जमीनी हमले की पूरी तैयारी कर ली है। अब ऐसे में यह देखना होगा कि आगे आने वाले समय में मुस्लिम देशों सहित समास और फिलिस्तीन समर्थकों की कैसी प्रतिक्रिया सामने आती है। 

गाजा पर कब्जे के लिए तैयार है इजरायल, उधर NBC ने हमास के 2 हमदर्द एंकरों के शो को किया बंद: हमास पर अंतिम वार के लिए आगे बढ़ी सेना

इस्लामी आतंकी संगठन हमास के इजरायल पर हमले के बाद अब इजरायल गाजा के भीतर सेना भेजने जा रहा है। इसके लिए तैयारियाँ अंतिम चरणों में हैं। उधर अमेरिकी टीवी नेटवर्क NBC ने हमास से हमदर्दी रखने वाले दो टीवी एंकरों के शो बंद कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, NBC समूह के टीवी चैनल MSNBC पर से टीवी एंकर मेहदी हसन और अयमान मोहयेल्दीन के शो टीवी पर प्रसारित नहीं किए गए। यह दोनों एंकर लम्बे समय से इजरायल पर प्रश्न उठाते आए हैं और हमास का भी समर्थन करते रहे हैं। एक अन्य एंकर अली वेल्शी को भी प्रसारण से हटा लिया गया है।

अयमान को जहाँ एक अन्य शो की एंकरिंग करने को कहा गया है तो वहीँ मेहदी हसन का शो प्रसारित ही नहीं किया गया। हालाँकि, NBC ने इसे मात्र एक संयोग करार दिया है। NBC का कहना है कि उनके शो के हटने और इजरायल-गाजा के बीच युद्ध का आपस में कोई सम्बन्ध नहीं है।

मेहदी हसन लगातार हमास जैसे संगठनों का समर्थन करते रहे हैं। हाल ही में हार्वर्ड विश्वविद्यालय के छात्र संगठनों ने हमास के इजरायल पर हमले में इजरायल को ही दोषी ठहरा दिया था। इसके पश्चात कई बहुराष्ट्रीय कम्पनियों ने इन छात्रों को अपने यहाँ नौकरी ना देने का ऐलान किया था तब मेहदी इन छात्रों के बचाव में उतर आए थे।

मेहदी हसन का एक पुराना वीडियो भी वायरल है जिसमें वह इस्लाम के बारे में कुछ ऐसे चमत्कारी दावे करते दिख रहे हैं जिसे पचा पाना मुश्किल है। उनका दावा था कि इसको गलत सिद्ध करने के लिए अभी कोई सबूत नहीं है।

मेहदी गैर इस्लामी लोगों को पशुओं की तरह रहने वाला मानते हैं।

मुस्लिम एंकरों को प्रसारण से हटाने के विवाद के बीच इजरायल ने गाजा में सेना भेजने की तैयारियाँ पूरी कर ली हैं। रिजर्व सैनिकों को वापस बुलाने के बाद अब उन्हें इजरायल की सेना हथियार और युद्ध के अन्य साजोसामान दे रही है। इजरायली सुरक्षा बलों का कहना है कि वह गाजा के भीतर जमीन, समुद्र और हवाई तीनों माध्यम से हमला करेंगे।

इजरायल ने उत्तरी गाजा के नागरिकों को चेतावनी दी है कि वह अपना इलाका छोड़ कर दक्षिणी गाजा में चले जाएँ। इसके लिए गाजा में पर्चे गिराए गए हैं और लगातार गाजा के नागरिकों के लिए समय बढ़ाया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इजरायल गाजा के भीतर दसियों हजार सैनिक भेज कर गाजा को अपने कब्जे में ले लेगा। इजरायल के रक्षा मंत्री याओव गैलेंट ने पहले ही आदेश दिया था कि गाजा को पूरी तरह से कब्जे में ले लिया जाए। कुछ इलाके में इजरायल के टैंक आगे भी कर दिए गए हैं। गाजा से 7 अक्टूबर को इजरायल के भीतर घुसे हमास के हमले में अब तक 1300 इजरायली नागरिकों की मौत हो चुकी है। 3000 से अधिक लोग घायल हैं जबकि लगभग 150 लोग हमास ने बंधक बनाए हुए हैं।

इजरायल द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में अब तक 2300 से अधिक फिलीस्तीनी आतंकी मारे जा चुके हैं जबकि लगभग 9000 से अधिक घायल है। इजरायल ने गाजा के भीतर पानी-बिजली-गैस और इन्टरनेट भी देने से मना कर दिया है।