एशियन गेम्स (Asian Games 2023) में भारत 655 खिलाड़ियों के साथ अब तक के सबसे बड़े दल के साथ उतरा था। इस दल से 140 करोड़ देशवासियों को बहुत अधिक उम्मीदें थीं। खिलाड़ी इन उम्मीदों पर खतरे पर उतरे हैं। भारत ने इस साल अपनी झोली में 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज के साथ रिकॉर्ड 107 मेडल जमा किए।
चीन के हांगझोउ में खेले जा रहे 19वें एशियन गेम्स के 17वें दिन भारत ने मेडल का अपना शतक भी पूरा किया। 7 अक्टूबर को जीते मेडल की बात करें तीरंदाजी में भारतीय महिला और पुरुष टीम ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। वहीं कुश्ती में दीपक पूनिया ने सिल्वर मेडल, हॉकी में भारतीय महिला टीम ने ब्रॉन्ज मेडल, कबड्डी में पुरुष और महिला टीम ने गोल्ड मेडल जीता।
इसके अलावा, भारतीय क्रिकेट टीम ने गोल्ड मेडल, बैडमिंटन में सात्विक-चिराग ने इतिहास रचते हुए पुरुष युगल में गोल्ड मेडल, तीरंदाजी में अभिषेक वर्मा ने सिल्वर तो वहीं ओजस प्रवीण देवताले, ज्योति सुरेखा वेन्नम गोल्ड मेडल और अदिति स्वामी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। तीरदांजी में मिले मेडल अलग-अलग हासिल किए गए हैं। कुल मिलाकर देखें तो 7 अक्टूबर को भारत को 6 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज समेत 12 मेडल मिले।
बता दें कि इससे पहले साल 2018 में आयोजित हुए एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने 16 गोल्ड, 23 सिल्वर, 31 ब्रॉन्ज समेत कुल 71 मेडल जीते थे। तब भारत मेडल टैली (पदक तालिका) में 8वें नंबर था। हालाँकि इस बार भारतीय खिलाड़ियों ने अपना प्रदर्शन सुधारते हुए रिकॉर्ड 28 गोल्ड के साथ 107 मेडल अपने नाम किए हैं। इसमें 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज मेडल भी शामिल हैं। यही नहीं इस बार भारत के पदक तालिका में भी सुधार हुआ है और भारत चौथे नंबर पर है।
अन्य टॉप-3 देशों के आँकड़े देखें तो 199 गोल्ड के साथ चीन पहले, 51 गोल्ड के साथ जापान दूसरे और 40 गोल्ड मेडल के साथ कोरिया तीसरे नंबर पर रहा।
हिंदू धर्म और भारत के खिलाफ हमेशा जहर उगलने वाला अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का पूर्व छात्र शरजील उस्मानी हमास और इजराइल युद्ध पर भड़का हुआ है। उसने अपने एक पोस्ट में भारत पर अनर्गल आरोप लगाए हैं। उस्मानी ने कहा है कि भारत के मुस्लिम जिसका समर्थन करते हैं दक्षिणपंथी उसके विरोध में खड़े दिखते हैं।
दरअसल, फिलिस्तनी आतंकी समूह हमास ने आज तड़के गाजा पट्टी से इजराइल पर बड़ा हमला किया। इसके बाद इन आतंकियों ने इजराइल में घुसकर कत्लेआम शुरू कर दिया। इसके जवाब में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार ने ऑपरेशन ‘आयरन स्वॉर्ड्स’ शुरू किया है। उन्होंने कहा देश युद्ध में है और इसके लिए हमास को कीमत चुकानी पड़ेगी।
वहीं अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र नेता शरजील उस्मानी भारत के खिलाफ जहर उगलते रहते हैं। उन पर साल 2021 में भगवान राम पर आपत्तिजनक ट्वीट करने के आरोप में महाराष्ट्र के औरंगाबाद में केस दर्ज किया गया था। तब उसके खिलाफ हिंदू जागरण मंच से जुड़े आंभोरे ने महाराष्ट्र पुलिस में शिकायत दर्ज कराइ थी। शरजील ने ट्वीट कर कहा था, “जय श्रीराम बोलने वाले सभी हिंदू आतंकवादी हैं।”
यही नहीं उस्मानी के खिलाफ यूपी में भी एफआईआर दर्ज की गई थी। महाराष्ट्र के पुणे में एल्गार परिषद के कार्यक्रम में भड़काऊ भाषण देने वाले उस्मानी के ख़िलाफ़ लखनऊ के हजरतगंज पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। उनके ख़िलाफ़ लखनऊ के अनुराग सिंह ने मामला दर्ज करवाया था।
Unsurprising that Indian Hindu right wing is cheering for Israel as their entire existence is defined by opposition to what or who Muslims in India support.
उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया है, “यह हैरानी की बात नहीं है कि भारतीय हिंदू दक्षिणपंथी इजराइल की जय-जयकार कर रहे हैं क्योंकि उनका पूरा वजूद इस बात के विरोध से परिभाषित होता है कि भारत में मुसलमान किसका समर्थन करते हैं। फिलिस्तीन के साथ खड़े हैं।”
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल पर हुए हमास के आतंकवादी हमले को लेकर दुःख जाहिर किया है और इस मुश्किल वक्त में इज़राइल के साथ खड़े होने की प्रतिबद्धता जताई है। PM मोदी ने ट्वीट कर कहा, “इजराइल में आतंकवादी हमलों की खबर से गहरा सदमा लगा है। हमारी संवेदनाएँ और प्रार्थनाएँ निर्दोष पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। हम इस मुश्किल घड़ी में इज़राइल के साथ एकजुटता से खड़े हैं।”
पीएम मोदी के इस पोस्ट को भारत में इज़राइल के राजदूत नाओर गिलोन ने रीट्वीट किया है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “धन्यवाद पीएम मोदी, हम भारत के नैतिक समर्थन की बहुत सराहना करते हैं। इजराइल की जीत होगी।”
Most of the sanghis bhakts would not be knowing the name of Isreal PM,,google karke is something different,,but they will support,,and the reason is well know in our country,,muh me gobar chala jata hai when the same happens in India,,like Manipur
वही शरजील उस्मानी के ट्वीट के समर्थन में भी मुस्लिम उतर आए हैं। इरफान खान नाम के एक्स यूजर ने पोस्ट किया, “अधिकांश संघी भक्तों को इजराइल के पीएम का नाम भी नहीं पता होगा, गूगल कर पता हो तो बात अलग है, लेकिन वे समर्थन करेंगे और हमारे देश में इसका कारण अच्छी तरह से पता है, जब ऐसा ही भारत में होता है मणिपुर की तरह तो मुँह में गोबर चला जाता है।” वहीं एक्स यूजर शाहरुख खान ने पोस्ट किया, “फ़िलिस्तीन अमर रहे।”
अगर देश में अभी लोकसभा चुनाव हों तो भाजपा के नेतृत्व वाली NDA को 315 सीटें मिल सकती हैं। इंडिया टीवी और CNX ने अपने ओपिनियन पोल में ये दावा किया है। सबसे ज़्यादा लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में भाजपा का वोट शेयर 51% रहने का अनुमान लगाया गया है, जबकि समाजवादी पार्टी इसका आधा से भी कम यानी 25% वोट शेयर ही पा सकेगी। वहीं बसपा जहाँ 11% तो कॉन्ग्रेस मात्र 4% वोट शेयर के साथ उत्तर प्रदेश में सिमट जाएगी।
वहीं बिहार की बात करें तो वहाँ भी राजग ही आगे रहेगा। India TV-CNX ने अपनी ओपिनियन पोल में आँकड़े दिए हैं कि अगर अभी लोकसभा चुनाव हों तो जहाँ भाजपा 20 लोकसभा सीटें अपने नाम करेगी, वहीं जदयू और राजद 7-7 पर सिमट जाएगी। इस ओपिनियन पोल के आँकड़ों की मानें तो NDA के 315 के मुकाबले विपक्ष का नया I.N.D.I. गठबंधन 172 सीटों पर सिमटता हुआ दिख रहा है। वहीं अन्य राजनीतिक दलों के खाते में 56 सीटें जाएँगी। भाजपा को 293 तो कॉन्ग्रेस को 70 सीटें मिल सकती हैं, यानि भाजपा फिर से अकेले दम पर बहुमत में आएगी।
इस ओपिनियन पोल के हिसाब से मध्य प्रदेश में भाजपा 29 में से 25 तो छत्तीसगढ़ में 11 में से 7 सीटें जीत सकती हैं। भाजपा के 32 के मुकाबले कॉन्ग्रेस इन दोनों राज्यों में 8 सीटों पर ही सिमट जाएगी। तेलंगाना में भाजपा 17 में से 6 सीटें जीतती हुई दिख रही है। हालाँकि, आंध्र प्रदेश में भाजपा खाता नहीं खोल पाएगी और वहाँ की 25 सीटों में से 15 सत्ताधारी YSRCP तो 10 चंद्रबाबू नायडू के TDP के खाते में जाएगी। तमिलनाडु में भी इस ओपिनियन पोल के हिसाब से भाजपा खाता नहीं खोल पाएगी।
जिस कर्नाटक के विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार हुई, वहाँ 28 में से सबसे ज़्यादा 16 सीटें भाजपा के खाते में जा सकती हैं। गुजरात में भाजपा एक बार फिर से 26 में 26 सीटें जीत कर क्लीन स्वीप करती हुई दिख रही है। 2014 और 2019 में भी भाजपा ने राज्य की सभी लोकसभा सीटें जीती थीं। पंजाब में भाजपा सिर्फ खाता खोलती हुई ही दिख रही है। हाँ, दिल्ली में ज़रूर लगातार तीसरी बार भाजपा 7 में 7 जीत कर क्लीन स्वीप कर सकती है। महाराष्ट्र में भाजपा को 22 सीटें जीत सकती हैं।
उत्तर प्रदेश के बरेली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में यामीन उल इस्लाम नाम के व्यक्ति पर FIR दर्ज हुई है। यामीन को अजीम प्रधान नाम से भी जाना जाता है। आरोपित अजीम आम आदमी पार्टी का जिला उपाध्यक्ष बताया जा रहा है। वहीं पुलिस ने इस मामले में जाँच शुरू कर दी है। इस केस में शनिवार (7 अक्टूबर, 2023) को FIR दर्ज की गई थी।
यह मामला बरेली जिले के थानाक्षेत्र भोजीपुर का है। इस मामले में शिकायत खुद पुलिस की तरफ से दर्ज करवाई गई है। शिकायतकर्ता सब इंस्पेक्टर नरेश शर्मा ने मामले में तहरीर दी है। तहरीर के मुताबिक सोशल मीडिया पर अजीम प्रधान नाम के व्यक्ति ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आपत्तिजनक फोटो एडिट कर के शेयर किया। इस फोटो में अजीम ने लिखा, “दूध सी सफेदी भाजपा से आए। हर दागी नेता खिल-खिल जाए। दागी डालो, साफ़ निकालो। बीजेपी वाशिंग पाउडर। और कितने दिन चलेगा भाजपा का यह वाशिंग पाउडर।”
आपत्तिजनक फोटो में एक वाशिंग पर उलटी हालात में कमल का पोस्टर भी लगाया गया है। इस पोस्ट के साथ शेयर हो रही तस्वीर में PM मोदी का एक आपत्तिजनक चित्र भी लगाया गया था। इस पोस्ट को सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफार्म सहित व्हाट्सएप पर भी वायरल किया गया। जब इस पोस्ट की जाँच की गई तो इसे शेयर करने वाला अजीम उर्फ़ यामीन उल हक बरेली के ही भोपीपुरा थानाक्षेत्र के धौराटांडा का रहने वाला निकला। पुलिस ने आरोपित अजीम के खिलाफ FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी।
संदर्भित प्रकरण में थाना भोजीपुरा पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही प्रचलित है।
यह FIR IPC की धारा 501 और 505 (2) के साथ IT एक्ट 2008 की धारा 67 के तहत दर्ज हुई है। ऑपइंडिया के पास FIR की कॉपी मौजूद है। इस मामले में हिन्दू संगठनों ने नाराजगी दिखाई है। हिन्दू संगठन के पदाधिकारियों ने बरेली पुलिस से आरोपित अजीम पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। फ़िलहाल, अभी तक अजीम की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी PM मोदी की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक टिप्पणी के ऐसे ऐसे मामले सामने आए हैं।
डिजिटल न्यूज पोर्टल न्यूजक्लिक फंडिग केस में चीन ही नहीं बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भी शामिल थी। ये खुलासा दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में हुआ है। दिल्ली पुलिस ने न्यूज़क्लिक के संस्थापक और संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और अन्य पर भारत की एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करने के लिए गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है।
न्यूजक्लिक पर आरोप है कि वो चीनी टेलीकॉम कंपनियों के जरिए चीनी प्रोपेगेंडा के लिए भारत में अवैध तरीके से विदेशी फंड लेने की ‘बड़ी साजिश’ में शामिल था। इसके साथ ही उसने इस अवैध फंडिंग के जरिए किसानों के विरोध प्रदर्शन को भी लंबा खींचने जैसे की देश की संप्रभुता के खिलाफ काम किए।
इसी को लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 17 अगस्त, 2023 को न्यूज़क्लिक के पत्रकारों के खिलाफ कथित तौर पर आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए और आईपीसी की धारा 153ए (दो समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
फोटो साभार दैनिक जागरण अखबार
इसके मुताबिक पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड को अप्रैल 2018 में अमेरिका की वर्ल्ड वाइड होल्डिंग्स एलएलसी से अवैध तरीके से करोड़ों रुपए मिले थे। गौरतलब है कि न्यूजक्लिक के शेयरधारक प्रबीर पुरकायस्थ, अमित सेनगुप्ता, दोराईस्वामी रघुनंदन, बप्पादित्य सिन्हा, गौतम नवलखा, गीता हरिहरन, अमित चक्रवर्ती और वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग एलएलसी हैं।
पुलिस के मुताबिक चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रचार विभाग के सहारे नेविल राय सिंघम ने वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग सहित कई संस्थाओं के जरिए विदेशी फंड मुहैया करवाया। जाँच में सामने आया कि न्यूजक्लिक के संस्थापक सदस्य और 2018 से इसके शेयर होल्डर गौतम नवलखा भारत विरोधी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहे।
एफआईआर में जिक्र है कि नवलखा की पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट गुलाम नबी फाई के साथ साँठगाँठ है। एफआईआर के मुताबिक, नवलखा 1991 से पुरकायस्थ के साथ जुड़े हुए थे, जब उन्होंने एक कंपनी बनाई थी जिसके जरिए पुरकायस्थ ने अवैध तौर से विदेशी धन की हेराफेरी की थी।
एफआईआर के मुताबिक, “गुप्त सूचनाओं से यह भी पता चला है कि प्रबीर पुरकायस्थ और नेविल रॉय सिंघम और कुछ अन्य चीनी कर्मचारी, जो स्टार स्ट्रीम के नाम से शंघाई की कंपनी के मालिक के बीच ईमेल का आदान-प्रदान किया है, इसमें कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा नहीं दिखाने के उनके एजेंडे को उजागर करता है।”
पुलिस ने एफआईआर में यह भी आरोप लगाया कि पुरकायस्थ, सिंघम और अन्य ने भारत सरकार के कोविड-19 महामारी को रोकने की कोशिशों को बदनाम करने के लिए से झूठी कहानियाँ फैलाई थी।
एफआईआर में ये भी कहा गया है, “इसके अलावा, उन्होंने घरेलू दवा उद्योग और राष्ट्र-विरोधी ताकतों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई भारत सरकार की नीतियों और विकास की पहलों के बारे में भ्रामक और झूठी कहानी को बढ़ावा देकर राष्ट्रीय हित के खिलाफ काम किया है।”
एफआईआर के मुताबिक, पुरकायस्थ ने 2019 के आम चुनावों के दौरान चुनावी प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाने के लिए पीपुल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म (PADS) के साथ साजिश रची।
एफआईआर के एक अंश में इस बात का भी जिक्र है,”चीन से बड़ी मात्रा में धन घुमावदार और गुप्त तरीके से भेजा गया था और पेड न्यूज जानबूझकर भारत की घरेलू नीतियों, विकास परियोजनाओं की आलोचना और चीनी सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को बढ़ावा देने, पेश करने और बचाव करने के लिए प्रचारित किया गया था।”
यह भी आरोप लगाया गया कि Xiaomi और Vivo जैसी बड़ी चीनी टेलीकॉम कंपनियों ने अवैध रूप से विदेशी फंडिंग के लिए PMLA/FEMA का उल्लंघन करते हुए भारत में हजारों शेल फर्मों (केवल कागज पर बनी फर्म) में पैसा लगाया।
एफआईआर में यह भी कहा गया है, “प्रबीर पुरकायस्थ, नेविल रॉय सिंघम, गीता हरिहरन, गौतम भाटिया (प्रमुख व्यक्ति) ने लाभ के बदले में उपरोक्त चीनी दूरसंचार कंपनियों के खिलाफ कानूनी मामलों के लिए अभियान चलाने और उनके बचाव के लिए भारत में एक ‘कानूनी सामुदायिक नेटवर्क’ बनाने की साजिश रची।”
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लव जिहाद का मामला एक बार फिर सामने आया है। आरोप है कि मोहम्मद शाहिद ने हिंदू लड़की से दोस्ती कर उसे अपने प्यार के जाल में फँसाया। एक दिन उसने मंदिर में ले जाकर शादी का नाटक किया और लड़की की माँग में सिंदूर डाल दिया। इसके बाद वह 9 साल तक लड़की का शोषण करता रहा। अब शाहिद ने हिंदू बोलकर उस लड़की को छोड़ दिया। पीड़िता ने आरोपित शाहिद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लखनऊ के कैंट थाना क्षेत्र के तोपखाना इलाके में रहने वाली पीड़िता बुटीक की दुकान में काम करती थी। साल 2014 में मोहम्मद शाहिद भी वहाँ काम करने लगा। फिर शाहिद ने अपनी अलग दुकान खोल ली। उसने पीड़िता को भी अपने यहाँ काम पर रख लिया। कुछ दिनों बाद शाहिद की दुकान बंद हो गई। इस पर शाहिद पीड़िता को कहीं और नौकरी लगवाने का झाँसा देने लगा।
इसी दौरान उसने पीड़िता को अपने प्यार के जाल में फँसा लिया। एक दिन वह पीड़िता को मंदिर ले जाकर उसकी माँग भर दी और कहा कि अब वे दोनों पति-पत्नी हैं। फिर होटल ले जाकर उसके साथ संबंध बनाए। इस तरह वह 9 साल तक पीड़िता का शारीरिक शोषण करता रहा। इन सब बातों से अनजान पीड़िता के घरवाले उसकी शादी के लिए लड़के की तलाश करने तो वह शाहिद को अपने घर यानी ससुराल ले जाने की बात कहने लगी।
पीड़िता का आरोप है कि पहले तो वह बात टालता रहा, लेकिन जब उसने जिद की तो शाहिद ने उससे कहा कि ‘तुम हिंदू धर्म से हो, इसलिए घर नहीं ले जा सकता। घरवाले नहीं मानेंगे। तुम किसी और से शादी कर लो’। पीड़िता ने शाहिद को समझाने की कोशिश की तो वह उसकी माँ और भाई को जान से मारने की धमकी देने लगा। इससे परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। थाना प्रभारी का कहना है कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपित की तलाश की जा रही है।
इजरायल के निवासी जब शनिवार (7 अक्टूबर, 2023) की सुबह जब उठे तो लगातार सायरन की आवाज़ गूँज रही थी। हमास के आतंकी बुलडोजर लेकर इजरायल के शहरों में घुस चुके थे और लोगों को मार रहे थे। 5000 से भी अधिक रॉकेट अब तक दागे जा चुके हैं। ऐसे में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी युद्ध का ऐलान करते हुए कह दिया है कि दुश्मन को ऐसा जवाब दिया जाएगा कि उन्होंने सोचा भी नहीं होगा। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है।
Deeply shocked by the news of terrorist attacks in Israel. Our thoughts and prayers are with the innocent victims and their families. We stand in solidarity with Israel at this difficult hour.
पीएम मोदी ने कहा, “इजरायल पर आतंकी हमले से काफी आहत हूँ। हमारी प्रार्थनाएँ एवं संवेदनाएँ निर्दोष पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। इस कठिन परिस्थिति में हम इजरायल के साथ एकजुटता से खड़े हैं।” उधर इजरायल की IDF (डिफेन्स फोर्सेज) ने गाजा में घुस कर कई ड्रोन स्ट्राइक को अंजाम दिया है। उधर यूक्रेन ने भी इजरायल का समर्थन किया है। यूके के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी इजरायल के समर्थन में बयान जारी किया है।
गाजा पट्टी से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ओफ़ाकिम शहर में कई लोगों को बंधक बनाए जाने की खबर है। वहाँ कई आतंकियों को इजरायल की सेना ने मार भी गिराया। कीबुत्ज के लोगों ने सेना से गुहार लगाई है कि उन्हें बचाया जाए। हमास के बंदूकधारी आतंकी शहरों में सड़कों पर घूमते हुए और गोलीबारी करते हुए देखे जा सकते हैं। हमास ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वो इजरायल की मिलिट्री एम्बुलेंस पर बमबारी करता हुआ दिखाई दे रहा है।
इजरायल में जमीन, जल और आकाश – तीनों मार्गों से घुसपैठ हुई है। हमास ने उन वीडियोज को भी जारी किया है, जिनमें उसे इजरायली सैनिकों को बंधक बना कर उन पर अत्याचार करते हुए देखा जा सकता है। इजरायल में लगभग 8 घंटे लगातार रॉकेट्स दागे गए हैं। गाजा पट्टी में हमास के 17 सैन्य परिसर और 4 मुख्यालय तबाह कर दिए गए हैं। इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि 545 लोग अस्पतालों में भर्ती हुए हैं।22 लोगों के मारे जाने की बात कही जा रही है।
उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले में फलों को जूठा करके ठेले पर बेचने का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम आशु है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में फलों पर आशु के साथ उसका बेटा भी थूकता दिख रहा है। मामला सामने आने के बाद आशु ने वीडियो जारी करके माफ़ी माँगी है और दोबारा ऐसा न करने का वादा है। ऑपइंडिया से बातचीत के दौरान बजरंग दल ने आशु को मुस्लिम समुदाय का बताया है और कार्रवाई की माँग की है। घटना शनिवार (7 अक्टूबर 2023) की है।
यह मामला मुजफ्फरनगर जिले के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र का है। वायरल वीडियो यहाँ के हिंदू बाहुल्य क्षेत्र कहे जाने वाले भगत सिंह रोड स्थित हनुमान चौक का है। 7 अक्टूबर 2023 को एक वीडियो तेजी से वायरल से हो रहा है, जिसे इस जगह का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में एक बाप-बेटा ठेले पर रखे सेब पर मुँह लगाते नजर आ रहे हैं। आसपास व्यस्त माहौल है, जहाँ लोग आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। दूर खड़े किसी व्यक्ति ने इस वीडियो को बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
वीडियो वायरल होने के बाद हिन्दू संगठनों ने नाराजगी जताई। VHP और बजरंग दल का एक प्रतिनिधिमंडल कोतवाली नगर पहुँचकर आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की माँग करने लगा। ऑपइंडिया से बात करते हुए बजरंग दल पदाधिकारी शुभम वर्मा ने पुलिस पर आरोप लगाया कि वो आरोपित आशु को बचा रही है। आशु को मुस्लिम समुदाय का बताते हुए शुभम ने माफ़ी को नाकाफी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मामले को दबाने की साजिश रच रही है।
वहीं, इस मामले के तूल पकड़ने के बाद खुद आरोपित आशु सामने आया। उसने वीडियो जारी करके लोगों से अपनी हरकत के लिए माफ़ी माँगी। आशु ने फलों में मुँह लगाने की गलती स्वीकार की। उन्होंने कहा, “जल्दी के चक्कर में मैं और मेरे बेटे ने सेब के कुछ डंठल मुँह से तोड़ दिए। मैं क्षमा चाहूँगा। जूठे सेबों को बेचने का मेरा कोई इरादा नहीं हैं। आज के बाद कभी जिंदगी में ऐसा नहीं होगा।” फिलहाल अभी तक इस मामले में पुलिस का पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस का वर्जन आने के बाद उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।
हमास ने आज तड़के जैसे ही गाजा पट्टी से इज़राइल पर बड़ा हमला किया, यरूशलेम में कुछ मस्जिदों ने इज़राइल में मुस्लिमों को जिहाद के लिए लड़ने के लिए उकसाना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में मस्जिदों की मीनारों पर लगे लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल मुस्लिमों को रक्षा बलों के खिलाफ लड़ने के लिए एकजुट करने के लिए किया जा रहा है।
कथित तौर पर यरूशलेम नगर पालिका के अंदर शुआफ़ात शरणार्थी शिविर की मस्जिदें अपने लाउडस्पीकरों का उपयोग करके इज़राइल के मुस्लिमों को हमास के आतंकवादियों के साथ मिलकर इज़राइलियों पर हमला करने के लिए उकसा रही थीं। मुस्लिमों और फिलिस्तीनियों को इजरायली रक्षा बलों और इजरायली सरकार के खिलाफ जिहाद में शामिल होने के लिए भड़काया जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, शुआफ़ात शरणार्थी शिविर इज़राइल का एकमात्र शरणार्थी शिविर है, जो यरूशलेम के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। शिविर क्षेत्र की मस्जिदों ने कुरान की एक आयत का पाठ किया जिसमें कहा गया, “अल्लाह आपके हाथों से उनके हत्यारों को दंडित करेगा; उनसे युद्ध करो ताकि अल्लाह तुम्हारे हाथों से उन्हें दण्ड दे।”
टाइम्स ऑफ़ इजरायल के अनुसार, हमास आतंकवादी समूह ने वीडियो फुटेज शेयर किया है जिसमें उसके सदस्यों ने आज सुबह गाजा पट्टी की सीमा पर एक सैन्य अड्डे पर हमले के दौरान कई इजरायली सैनिकों को पकड़ लिया है। कई अन्य क्लिपों में कथित तौर पर आतंकवादी समूह द्वारा इजरायली नागरिकों को बंधक बनाते हुए दिखाया गया है। वहीं एक वीडियो में बुलडोजर से सीमा पर लगाए गए घेराबंदी को तोड़ते हुए आतंकी अल्लाह हू अकबर के नारे लगा रहे हैं।
हालाँकि, आईडीएफ ने अभी तक आरोपों पर टिप्पणी नहीं की है।
इससे पहले आज, हमास ने गाजा पट्टी से इजराइल पर हजारों रॉकेट दागे, जिससे कई नागरिक इलाके प्रभावित हुए। इन रॉकेटों की संख्या ने इज़राइल की आयरन डोम मिसाइल रक्षा प्रणाली को चकमा देने में कामयाब रहा। जबकि अधिकांश रॉकेटों को सिस्टम द्वारा रोक दिया गया था और उनमें से कई जो आयरन डोम को चकमा देने में सफल रहे, ने इज़राइल के अंदर आबादी पर को नुकसान पहुँचाया। इस हमले में अब तक 22 लोगों के मारे जाने और करीब 300 के घायल होने की खबर है।
इसके साथ ही हमास के आतंकवादियों ने भी जमीन, समुद्र और हवा से इजराइल में घुसपैठ की और नागरिकों पर अंधाधुंध आतंकी हमले किए, जिसमें कई लोग मारे गए और घायल हो गए। हमास के आतंकवादी सीमावर्ती शहर स्देरोट और अन्य स्थानों पर इज़राइल रक्षा बल के सैनिकों के साथ भिड़ गए।
इज़राइल रक्षा बलों ने कहा कि उसने इज़राइल पर हमास के आश्चर्यजनक हमले के जवाब में ऑपरेशन “आयरन स्वॉर्ड्स” शुरू किया है। इज़राइल ने भी युद्ध की स्थिति की घोषणा की है, जो दर्शाता है कि युद्ध कभी भी हो सकता है। वर्तमान में आईडीएफ के सैनिक कम से कम सात अलग-अलग स्थानों पर हमास के आतंकियों से लड़ रहे हैं।
अमेरिका के टेक्सास प्रांत के ह्यूस्टन में चर्च के पादरी पर एक बच्ची का बलात्कार कर उसे प्रेग्नेंट करने का आरोप लगा है। आरोप है कि पादरी रॉबर्ट एल कार्टर पीड़िता के साथ तब से बलात्कार कर रहा है जब वह 7 साल की थी। बीते 15 सालों में पादरी ने लड़की के साथ 600 से अधिक बार बलात्कार किया। पीड़िता के पिता ने आरोपित पादरी को ‘राक्षस’ करार दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपित ‘रॉबर्ट एल कार्टर सेंक्चुअरी चर्च ऑफ क्राइस्ट’ में पादरी है। वह लड़की के घर साथ ही कई अन्य स्थानों पर ले जाकर उसके साथ बलात्कार करता था। इसमें दुकान की पार्किंग, दादी का घर और ग्रेटर बाइबिल चर्च में उसने घिनौनी करतूत को अंजाम दिया है।
आरोपित पादरी के खिलाफ जारी वॉरंट में कहा गया है कि उसने साल 2008 में पीड़िता के साथ बलात्कार करना शुरू किया था। वॉरंट में यह भी कहा गया है कि वह रात के समय बच्ची के कमरे में जाता था और बलात्कार करता था। पीड़िता जब 16 साल की थी तब कार्टर ने उसे प्रेग्नेंट कर दिया था। इसके बाद बच्चे को जन्म देने के लिए उसे मजबूर किया।
पीड़िता के पिता का कहना है कि पादरी कार्टर उनके लिए पारिवारिक सदस्य की तरह था। उनकी बेटी उस राक्षस के आसपास तब से थी जब वह मात्र 6 साल की थी। कार्टर उसके लिए हमेशा से ही बड़ा रहा है। ऐसे में लगता है कि बच्ची डर गई होगी। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वह ईसाई मजहब का प्रचार करते घूम रहा है। इसके बाद भी वह यह सब कर रहा है।
बच्ची को प्रेग्नेंट करने और इसके बाद बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर करने पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि क्या होता अगर उस रात वह मर जाती? वह बच्ची को ले गया था और फिर एक कमरे में रखा हुआ था। इसके बाद बच्चे को फायर स्टेशन ले गया और वहाँ छोड़ दिया। अब बेटी अपने बच्चे को वापस पाने की कोशिश कर रही है।