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AAP के जिला उपाध्यक्ष यामीन उल इस्लाम ने शेयर की PM मोदी की आपत्तिजनक तस्वीर: हिन्दू संगठन नाराज़, पुलिस ने FIR दर्ज कर शुरू की जाँच

उत्तर प्रदेश के बरेली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में यामीन उल इस्लाम नाम के व्यक्ति पर FIR दर्ज हुई है। यामीन को अजीम प्रधान नाम से भी जाना जाता है। आरोपित अजीम आम आदमी पार्टी का जिला उपाध्यक्ष बताया जा रहा है। वहीं पुलिस ने इस मामले में जाँच शुरू कर दी है। इस केस में शनिवार (7 अक्टूबर, 2023) को FIR दर्ज की गई थी।

यह मामला बरेली जिले के थानाक्षेत्र भोजीपुर का है। इस मामले में शिकायत खुद पुलिस की तरफ से दर्ज करवाई गई है। शिकायतकर्ता सब इंस्पेक्टर नरेश शर्मा ने मामले में तहरीर दी है। तहरीर के मुताबिक सोशल मीडिया पर अजीम प्रधान नाम के व्यक्ति ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आपत्तिजनक फोटो एडिट कर के शेयर किया। इस फोटो में अजीम ने लिखा, “दूध सी सफेदी भाजपा से आए। हर दागी नेता खिल-खिल जाए। दागी डालो, साफ़ निकालो। बीजेपी वाशिंग पाउडर। और कितने दिन चलेगा भाजपा का यह वाशिंग पाउडर।”

आपत्तिजनक फोटो में एक वाशिंग पर उलटी हालात में कमल का पोस्टर भी लगाया गया है। इस पोस्ट के साथ शेयर हो रही तस्वीर में PM मोदी का एक आपत्तिजनक चित्र भी लगाया गया था। इस पोस्ट को सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफार्म सहित व्हाट्सएप पर भी वायरल किया गया। जब इस पोस्ट की जाँच की गई तो इसे शेयर करने वाला अजीम उर्फ़ यामीन उल हक बरेली के ही भोपीपुरा थानाक्षेत्र के धौराटांडा का रहने वाला निकला। पुलिस ने आरोपित अजीम के खिलाफ FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी।

यह FIR IPC की धारा 501 और 505 (2) के साथ IT एक्ट 2008 की धारा 67 के तहत दर्ज हुई है। ऑपइंडिया के पास FIR की कॉपी मौजूद है। इस मामले में हिन्दू संगठनों ने नाराजगी दिखाई है। हिन्दू संगठन के पदाधिकारियों ने बरेली पुलिस से आरोपित अजीम पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। फ़िलहाल, अभी तक अजीम की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

गौरतलब है कि इससे पहले भी PM मोदी की तस्वीर के साथ छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक टिप्पणी के ऐसे ऐसे मामले सामने आए हैं।

सिर्फ चीन ही नहीं, पाकिस्तान से भी Newsclick का गठजोड़: ISI एजेंट गुलाम नबी के साथ साँठगाँठ, दिल्ली पुलिस की FIR में खुलासा

डिजिटल न्यूज पोर्टल न्यूजक्लिक फंडिग केस में चीन ही नहीं बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भी शामिल थी। ये खुलासा दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में हुआ है। दिल्ली पुलिस ने न्यूज़क्लिक के संस्थापक और संपादक प्रबीर पुरकायस्थ और अन्य पर भारत की एकता, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करने के लिए गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है।

न्यूजक्लिक पर आरोप है कि वो चीनी टेलीकॉम कंपनियों के जरिए चीनी प्रोपेगेंडा के लिए भारत में अवैध तरीके से विदेशी फंड लेने की ‘बड़ी साजिश’ में शामिल था। इसके साथ ही उसने इस अवैध फंडिंग के जरिए किसानों के विरोध प्रदर्शन को भी लंबा खींचने जैसे की देश की संप्रभुता के खिलाफ काम किए।

इसी को लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 17 अगस्त, 2023 को न्यूज़क्लिक के पत्रकारों के खिलाफ कथित तौर पर आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए और आईपीसी की धारा 153ए (दो समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया।

फोटो साभार दैनिक जागरण अखबार

इसके मुताबिक पीपीके न्यूजक्लिक स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड को अप्रैल 2018 में अमेरिका की वर्ल्ड वाइड होल्डिंग्स एलएलसी से अवैध तरीके से करोड़ों रुपए मिले थे। गौरतलब है कि न्यूजक्लिक के शेयरधारक प्रबीर पुरकायस्थ, अमित सेनगुप्ता, दोराईस्वामी रघुनंदन, बप्पादित्य सिन्हा, गौतम नवलखा, गीता हरिहरन, अमित चक्रवर्ती और वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग एलएलसी हैं।

पुलिस के मुताबिक चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रचार विभाग के सहारे नेविल राय सिंघम ने वर्ल्डवाइड मीडिया होल्डिंग सहित कई संस्थाओं के जरिए विदेशी फंड मुहैया करवाया। जाँच में सामने आया कि न्यूजक्लिक के संस्थापक सदस्य और 2018 से इसके शेयर होल्डर गौतम नवलखा भारत विरोधी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहे।

एफआईआर में जिक्र है कि नवलखा की पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट गुलाम नबी फाई के साथ साँठगाँठ है। एफआईआर के मुताबिक, नवलखा 1991 से पुरकायस्थ के साथ जुड़े हुए थे, जब उन्होंने एक कंपनी बनाई थी जिसके जरिए पुरकायस्थ ने अवैध तौर से विदेशी धन की हेराफेरी की थी।

एफआईआर के मुताबिक, “गुप्त सूचनाओं से यह भी पता चला है कि प्रबीर पुरकायस्थ और नेविल रॉय सिंघम और कुछ अन्य चीनी कर्मचारी, जो स्टार स्ट्रीम के नाम से शंघाई की कंपनी के मालिक के बीच ईमेल का आदान-प्रदान किया है, इसमें कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा नहीं दिखाने के उनके एजेंडे को उजागर करता है।”

पुलिस ने एफआईआर में यह भी आरोप लगाया कि पुरकायस्थ, सिंघम और अन्य ने भारत सरकार के कोविड-19 महामारी को रोकने की कोशिशों को बदनाम करने के लिए से झूठी कहानियाँ फैलाई थी।

एफआईआर में ये भी कहा गया है, “इसके अलावा, उन्होंने घरेलू दवा उद्योग और राष्ट्र-विरोधी ताकतों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई भारत सरकार की नीतियों और विकास की पहलों के बारे में भ्रामक और झूठी कहानी को बढ़ावा देकर राष्ट्रीय हित के खिलाफ काम किया है।”

एफआईआर के मुताबिक, पुरकायस्थ ने 2019 के आम चुनावों के दौरान चुनावी प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाने के लिए पीपुल्स अलायंस फॉर डेमोक्रेसी एंड सेक्युलरिज्म (PADS) के साथ साजिश रची।

एफआईआर के एक अंश में इस बात का भी जिक्र है,”चीन से बड़ी मात्रा में धन घुमावदार और गुप्त तरीके से भेजा गया था और पेड न्यूज जानबूझकर भारत की घरेलू नीतियों, विकास परियोजनाओं की आलोचना और चीनी सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को बढ़ावा देने, पेश करने और बचाव करने के लिए प्रचारित किया गया था।”

यह भी आरोप लगाया गया कि Xiaomi और Vivo जैसी बड़ी चीनी टेलीकॉम कंपनियों ने अवैध रूप से विदेशी फंडिंग के लिए PMLA/FEMA का उल्लंघन करते हुए भारत में हजारों शेल फर्मों (केवल कागज पर बनी फर्म) में पैसा लगाया।

एफआईआर में यह भी कहा गया है, “प्रबीर पुरकायस्थ, नेविल रॉय सिंघम, गीता हरिहरन, गौतम भाटिया (प्रमुख व्यक्ति) ने लाभ के बदले में उपरोक्त चीनी दूरसंचार कंपनियों के खिलाफ कानूनी मामलों के लिए अभियान चलाने और उनके बचाव के लिए भारत में एक ‘कानूनी सामुदायिक नेटवर्क’ बनाने की साजिश रची।”

‘तू हिंदू है, साथ नहीं रख सकता’: मोहम्मद शाहिद ने मंदिर में भर दी माँग, फिर 9 साल तक करता रहा शोषण; माँ-भाई को दी जान से मारने की धमकी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में लव जिहाद का मामला एक बार फिर सामने आया है। आरोप है कि मोहम्मद शाहिद ने हिंदू लड़की से दोस्ती कर उसे अपने प्यार के जाल में फँसाया। एक दिन उसने मंदिर में ले जाकर शादी का नाटक किया और लड़की की माँग में सिंदूर डाल दिया। इसके बाद वह 9 साल तक लड़की का शोषण करता रहा। अब शाहिद ने हिंदू बोलकर उस लड़की को छोड़ दिया। पीड़िता ने आरोपित शाहिद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लखनऊ के कैंट थाना क्षेत्र के तोपखाना इलाके में रहने वाली पीड़िता बुटीक की दुकान में काम करती थी। साल 2014 में मोहम्मद शाहिद भी वहाँ काम करने लगा। फिर शाहिद ने अपनी अलग दुकान खोल ली। उसने पीड़िता को भी अपने यहाँ काम पर रख लिया। कुछ दिनों बाद शाहिद की दुकान बंद हो गई। इस पर शाहिद पीड़िता को कहीं और नौकरी लगवाने का झाँसा देने लगा।

इसी दौरान उसने पीड़िता को अपने प्यार के जाल में फँसा लिया। एक दिन वह पीड़िता को मंदिर ले जाकर उसकी माँग भर दी और कहा कि अब वे दोनों पति-पत्नी हैं। फिर होटल ले जाकर उसके साथ संबंध बनाए। इस तरह वह 9 साल तक पीड़िता का शारीरिक शोषण करता रहा। इन सब बातों से अनजान पीड़िता के घरवाले उसकी शादी के लिए लड़के की तलाश करने तो वह शाहिद को अपने घर यानी ससुराल ले जाने की बात कहने लगी।

पीड़िता का आरोप है कि पहले तो वह बात टालता रहा, लेकिन जब उसने जिद की तो शाहिद ने उससे कहा कि ‘तुम हिंदू धर्म से हो, इसलिए घर नहीं ले जा सकता। घरवाले नहीं मानेंगे। तुम किसी और से शादी कर लो’। पीड़िता ने शाहिद को समझाने की कोशिश की तो वह उसकी माँ और भाई को जान से मारने की धमकी देने लगा। इससे परेशान होकर पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की। थाना प्रभारी का कहना है कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपित की तलाश की जा रही है।

‘हम इजरायल के साथ एकजुटता से खड़े हैं’: PM नरेंद्र मोदी ने आतंकी हमले की निंदा की, हमास के 17 सैन्य परिसरों और 4 मुख्यालयों को किया गया तबाह

इजरायल के निवासी जब शनिवार (7 अक्टूबर, 2023) की सुबह जब उठे तो लगातार सायरन की आवाज़ गूँज रही थी। हमास के आतंकी बुलडोजर लेकर इजरायल के शहरों में घुस चुके थे और लोगों को मार रहे थे। 5000 से भी अधिक रॉकेट अब तक दागे जा चुके हैं। ऐसे में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी युद्ध का ऐलान करते हुए कह दिया है कि दुश्मन को ऐसा जवाब दिया जाएगा कि उन्होंने सोचा भी नहीं होगा। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी है।

पीएम मोदी ने कहा, “इजरायल पर आतंकी हमले से काफी आहत हूँ। हमारी प्रार्थनाएँ एवं संवेदनाएँ निर्दोष पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं। इस कठिन परिस्थिति में हम इजरायल के साथ एकजुटता से खड़े हैं।” उधर इजरायल की IDF (डिफेन्स फोर्सेज) ने गाजा में घुस कर कई ड्रोन स्ट्राइक को अंजाम दिया है। उधर यूक्रेन ने भी इजरायल का समर्थन किया है। यूके के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी इजरायल के समर्थन में बयान जारी किया है।

गाजा पट्टी से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ओफ़ाकिम शहर में कई लोगों को बंधक बनाए जाने की खबर है। वहाँ कई आतंकियों को इजरायल की सेना ने मार भी गिराया। कीबुत्ज के लोगों ने सेना से गुहार लगाई है कि उन्हें बचाया जाए। हमास के बंदूकधारी आतंकी शहरों में सड़कों पर घूमते हुए और गोलीबारी करते हुए देखे जा सकते हैं। हमास ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें वो इजरायल की मिलिट्री एम्बुलेंस पर बमबारी करता हुआ दिखाई दे रहा है।

इजरायल में जमीन, जल और आकाश – तीनों मार्गों से घुसपैठ हुई है। हमास ने उन वीडियोज को भी जारी किया है, जिनमें उसे इजरायली सैनिकों को बंधक बना कर उन पर अत्याचार करते हुए देखा जा सकता है। इजरायल में लगभग 8 घंटे लगातार रॉकेट्स दागे गए हैं। गाजा पट्टी में हमास के 17 सैन्य परिसर और 4 मुख्यालय तबाह कर दिए गए हैं। इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि 545 लोग अस्पतालों में भर्ती हुए हैं।22 लोगों के मारे जाने की बात कही जा रही है।

फलों को मुँह में डालकर फिर रखा ठेले पर; वीडियो हुआ वायरल तो माँगी माफ़ी… मुज़फ्फरनगर में हिन्दू संगठनों द्वारा बाप-बेटे पर एक्शन की माँग

उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले में फलों को जूठा करके ठेले पर बेचने का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम आशु है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में फलों पर आशु के साथ उसका बेटा भी थूकता दिख रहा है। मामला सामने आने के बाद आशु ने वीडियो जारी करके माफ़ी माँगी है और दोबारा ऐसा न करने का वादा है। ऑपइंडिया से बातचीत के दौरान बजरंग दल ने आशु को मुस्लिम समुदाय का बताया है और कार्रवाई की माँग की है। घटना शनिवार (7 अक्टूबर 2023) की है।

यह मामला मुजफ्फरनगर जिले के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र का है। वायरल वीडियो यहाँ के हिंदू बाहुल्य क्षेत्र कहे जाने वाले भगत सिंह रोड स्थित हनुमान चौक का है। 7 अक्टूबर 2023 को एक वीडियो तेजी से वायरल से हो रहा है, जिसे इस जगह का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में एक बाप-बेटा ठेले पर रखे सेब पर मुँह लगाते नजर आ रहे हैं। आसपास व्यस्त माहौल है, जहाँ लोग आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। दूर खड़े किसी व्यक्ति ने इस वीडियो को बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

वीडियो वायरल होने के बाद हिन्दू संगठनों ने नाराजगी जताई। VHP और बजरंग दल का एक प्रतिनिधिमंडल कोतवाली नगर पहुँचकर आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की माँग करने लगा। ऑपइंडिया से बात करते हुए बजरंग दल पदाधिकारी शुभम वर्मा ने पुलिस पर आरोप लगाया कि वो आरोपित आशु को बचा रही है। आशु को मुस्लिम समुदाय का बताते हुए शुभम ने माफ़ी को नाकाफी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मामले को दबाने की साजिश रच रही है।

वहीं, इस मामले के तूल पकड़ने के बाद खुद आरोपित आशु सामने आया। उसने वीडियो जारी करके लोगों से अपनी हरकत के लिए माफ़ी माँगी। आशु ने फलों में मुँह लगाने की गलती स्वीकार की। उन्होंने कहा, “जल्दी के चक्कर में मैं और मेरे बेटे ने सेब के कुछ डंठल मुँह से तोड़ दिए। मैं क्षमा चाहूँगा। जूठे सेबों को बेचने का मेरा कोई इरादा नहीं हैं। आज के बाद कभी जिंदगी में ऐसा नहीं होगा।” फिलहाल अभी तक इस मामले में पुलिस का पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस का वर्जन आने के बाद उसे खबर में अपडेट किया जाएगा।

‘उनसे ज़ंग लड़ो, ताकि अल्लाह तुम्हारे हाथों उन्हें दंड दे’: इजरायल के मस्जिदों में लाउडस्पीकर से ‘जिहाद’ का ऐलान, घरों में घुसे आतंकी

हमास ने आज तड़के जैसे ही गाजा पट्टी से इज़राइल पर बड़ा हमला किया, यरूशलेम में कुछ मस्जिदों ने इज़राइल में मुस्लिमों को जिहाद के लिए लड़ने के लिए उकसाना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में मस्जिदों की मीनारों पर लगे लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल मुस्लिमों को रक्षा बलों के खिलाफ लड़ने के लिए एकजुट करने के लिए किया जा रहा है।

कथित तौर पर यरूशलेम नगर पालिका के अंदर शुआफ़ात शरणार्थी शिविर की मस्जिदें अपने लाउडस्पीकरों का उपयोग करके इज़राइल के मुस्लिमों को हमास के आतंकवादियों के साथ मिलकर इज़राइलियों पर हमला करने के लिए उकसा रही थीं। मुस्लिमों और फिलिस्तीनियों को इजरायली रक्षा बलों और इजरायली सरकार के खिलाफ जिहाद में शामिल होने के लिए भड़काया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, शुआफ़ात शरणार्थी शिविर इज़राइल का एकमात्र शरणार्थी शिविर है, जो यरूशलेम के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। शिविर क्षेत्र की मस्जिदों ने कुरान की एक आयत का पाठ किया जिसमें कहा गया, “अल्लाह आपके हाथों से उनके हत्यारों को दंडित करेगा; उनसे युद्ध करो ताकि अल्लाह तुम्हारे हाथों से उन्हें दण्ड दे।”

टाइम्स ऑफ़ इजरायल के अनुसार, हमास आतंकवादी समूह ने वीडियो फुटेज  शेयर किया है जिसमें उसके सदस्यों ने आज सुबह गाजा पट्टी की सीमा पर एक सैन्य अड्डे पर हमले के दौरान कई इजरायली सैनिकों को पकड़ लिया है। कई अन्य क्लिपों में कथित तौर पर आतंकवादी समूह द्वारा इजरायली नागरिकों को बंधक बनाते हुए दिखाया गया है। वहीं एक वीडियो में बुलडोजर से सीमा पर लगाए गए घेराबंदी को तोड़ते हुए आतंकी अल्लाह हू अकबर के नारे लगा रहे हैं। 

हालाँकि, आईडीएफ ने अभी तक आरोपों पर टिप्पणी नहीं की है।

इससे पहले आज, हमास ने गाजा पट्टी से इजराइल पर हजारों रॉकेट दागे, जिससे कई नागरिक इलाके प्रभावित हुए। इन रॉकेटों की संख्या ने इज़राइल की आयरन डोम मिसाइल रक्षा प्रणाली को चकमा देने में कामयाब रहा। जबकि अधिकांश रॉकेटों को सिस्टम द्वारा रोक दिया गया था और उनमें से कई जो आयरन डोम को चकमा देने में सफल रहे, ने इज़राइल के अंदर आबादी पर को नुकसान पहुँचाया। इस हमले में अब तक 22 लोगों के मारे जाने और करीब 300 के घायल होने की खबर है। 

इसके साथ ही हमास के आतंकवादियों ने भी जमीन, समुद्र और हवा से इजराइल में घुसपैठ की और नागरिकों पर अंधाधुंध आतंकी हमले किए, जिसमें कई लोग मारे गए और घायल हो गए। हमास के आतंकवादी सीमावर्ती शहर स्देरोट और अन्य स्थानों पर इज़राइल रक्षा बल के सैनिकों के साथ भिड़ गए।

इज़राइल रक्षा बलों ने कहा कि उसने इज़राइल पर हमास के आश्चर्यजनक हमले के जवाब में ऑपरेशन “आयरन स्वॉर्ड्स” शुरू किया है। इज़राइल ने भी युद्ध की स्थिति की घोषणा की है, जो दर्शाता है कि युद्ध कभी भी हो सकता है। वर्तमान में आईडीएफ के सैनिक कम से कम सात अलग-अलग स्थानों पर हमास के आतंकियों से लड़ रहे हैं।

15 साल, 600 बार बलात्कार… पादरी के खिलाफ जारी हुआ वॉरंट, चर्च से लेकर पार्किंग तक में किया बच्ची के साथ रेप

अमेरिका के टेक्सास प्रांत के ह्यूस्टन में चर्च के पादरी पर एक बच्ची का बलात्कार कर उसे प्रेग्नेंट करने का आरोप लगा है। आरोप है कि पादरी रॉबर्ट एल कार्टर पीड़िता के साथ तब से बलात्कार कर रहा है जब वह 7 साल की थी। बीते 15 सालों में पादरी ने लड़की के साथ 600 से अधिक बार बलात्कार किया। पीड़िता के पिता ने आरोपित पादरी को ‘राक्षस’ करार दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपित ‘रॉबर्ट एल कार्टर सेंक्चुअरी चर्च ऑफ क्राइस्ट’ में पादरी है। वह लड़की के घर साथ ही कई अन्य स्थानों पर ले जाकर उसके साथ बलात्कार करता था। इसमें दुकान की पार्किंग, दादी का घर और ग्रेटर बाइबिल चर्च में उसने घिनौनी करतूत को अंजाम दिया है।

आरोपित पादरी के खिलाफ जारी वॉरंट में कहा गया है कि उसने साल 2008 में पीड़िता के साथ बलात्कार करना शुरू किया था। वॉरंट में यह भी कहा गया है कि वह रात के समय बच्ची के कमरे में जाता था और बलात्कार करता था। पीड़िता जब 16 साल की थी तब कार्टर ने उसे प्रेग्नेंट कर दिया था। इसके बाद बच्चे को जन्म देने के लिए उसे मजबूर किया।

पीड़िता के पिता का कहना है कि पादरी कार्टर उनके लिए पारिवारिक सदस्य की तरह था। उनकी बेटी उस राक्षस के आसपास तब से थी जब वह मात्र 6 साल की थी। कार्टर उसके लिए हमेशा से ही बड़ा रहा है। ऐसे में लगता है कि बच्ची डर गई होगी। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वह ईसाई मजहब का प्रचार करते घूम रहा है। इसके बाद भी वह यह सब कर रहा है।

बच्ची को प्रेग्नेंट करने और इसके बाद बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर करने पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि क्या होता अगर उस रात वह मर जाती? वह बच्ची को ले गया था और फिर एक कमरे में रखा हुआ था। इसके बाद बच्चे को फायर स्टेशन ले गया और वहाँ छोड़ दिया। अब बेटी अपने बच्चे को वापस पाने की कोशिश कर रही है।

अमेठी के संजय गाँधी अस्पताल में इलाज की कमी से मर गए 121 मरीज? उड़ाई गई थी अफवाह, DM ने बताई असली बात

सोशल मीडिया एक खबर वायरल हो रही है कि अमेठी के मुंशीगंज इलाके में 121 लोगों की मौत हो गई है। यह खबर शुक्रवार (6 अक्टूबर) को ‘4बजे’ नामक एक यूट्यूब चैनल से प्रकाशित हुई है। खबर का आधार संजय गाँधी अस्पताल के कुछ कथित कर्मचारियों के बयान को बनाया गया है।

वीडियो के अनुसार, अस्पताल के कर्मचारियों का दावा है कि बेहतर इलाज न मिल पाने के चलते पिछले कुछ समय में 121 मरीजों की जान चली गई है। इस खबर को अमेठी के जिलाधिकारी (DM) ने झूठा बताया है। इसके साथ ही उन्होंने अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।

संजय गाँधी अस्पताल अमेठी के मुंशीगंज इलाके में स्थित है। इसी सप्ताह एक महिला मरीज की मौत में लापरवाही की शिकायत होने के बाद स्थानीय प्रशासन ने इस अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। हालाँकि इलाहबाद हाईकोर्ट ने प्रशासन के इस आदेश को निरस्त कर दिया है। इस अस्पताल में ईलाज शुरू हो चुका है।

यह अस्पताल संजय गाँधी मेमोरियल ट्रस्ट (एसजीएमटी) द्वारा चलाया जाता है। इस अस्पताल की अध्यक्षा कॉन्ग्रेस सुप्रीमो सोनिया गाँधी हैं। इसी मामले की कवरेज के दौरान चैनल ‘4 बजे’ ने संजय गाँधी अस्पताल के एक कथित कर्मचारी सौरभ मिश्रा से बातचीत की।

सौरभ ने दावा किया कि प्रशासन द्वारा संजय गाँधी अस्पताल बंद करवाए जाने के बाद आसपास के 121 लोगों की बेहतर इलाज के अभाव में मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा, “कुछ लोग लखनऊ के रास्ते में मर रहे हैं। दूसरों को समय पर दवाएँ नहीं मिल रही हैं। यहाँ तक ​​कि रुई के फाहे और पत्तियाँ भी नहीं हैं।”

मिश्रा के अलावा ‘4 बजे’ ने अस्पताल के ही एक अन्य कर्मचारी उमाशंकर पांडेय से भी बातचीत की। उमाशंकर ने दावा किया था कि नेहरू-गाँधी परिवार के खिलाफ भाजपा की नफरत की भावना की वजह से अस्पताल का लाइसेंस निलंबित किया गया है।

उमाशंकर ने आगे कहा, “स्मृति ईरानी (अमेठी की सांसद) को इस बात से गुस्सा है कि अस्पताल के साथ ‘गाँधी’ नाम जुड़ा है। अब वे (भाजपा वाले) छोटे कर्मचारियों के रोजगार को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं।” इसी इंटरव्यू आधार पर लोगों ने अमेठी में 121 से अधिक लोगों की मौत की बात कह डाली।

कॉन्ग्रेस पार्टी के तरफ़दार शांतनु सोशल मीडिया साइट X (पूर्व में ट्विटर) ने लिखा, “राहुल गाँधी और गाँधी परिवार से नफरत में स्मृति ईरानी और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने 121 लोगों की जान ले ली, क्योंकि संजय गाँधी अस्पताल का कामकाज बंद करवा दिया गया था।”

चित्र साभार- @Shaandelhite ट्विटर

हालाँकि, बाद में शांतनु ने अपना ट्वीट डिलीट कर लिया। शांतनु के अलावा भी कई अन्य लोगों ने भी 121 मरीजों की मौत के दावे को वायरल किया।

DM ने किया खंडन

इलाज के अभाव में 121 लोगों की मौत के दावों का अमेठी के जिलाधिकारी (DM) राकेश कुमार मिश्रा ने शुक्रवार (7 अक्टूबर) को खंडन किया। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से लिखा, “एकदम भ्रामक एवं गलत बात कही जा रहीं है। किसी की मृत्यु नहीं हुई हैं। जनपद अमेठी के सभी सरकारी चिकित्सालयों में दवा आदि की कोई कमी नहीं है। तथ्य के विपरीत जनस्वास्थ्य के बारे में अफवाह फैलाने के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।”

विवाद की वजह

इस पूरे मामले की शुरुआत 15 सितंबर 2023 को 22 वर्षीया दिव्या नाम की महिला की मौत के बाद हुई। दिव्या के परिजनों ने संजय गाँधी अस्पताल के CEO अवधेश शर्मा, डाक्टर सिद्दीकी, डॉक्टर मोहम्मद रज़ा और डॉक्टर शुभम द्विवेदी के खिलाफ IPC की धारा 304-A (गैर इरादतन हत्या) के तहत 17 सितंबर को FIR दर्ज करवाई थी।

पीड़िता के घर वालों ने किडनी में पथरी के लिए हुए ऑपरेशन में जरूरत से ज्यादा एनेस्थीसिया दिए जाने का आरोप लगाया था। बेहतर इलाजे के लिए दिव्या को लखनऊ के मेदांता में रेफर किया गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका था। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। दिव्या के घर वालों ने संजय गाँधी अस्पताल के खिलाफ प्रदर्शन किया था।

प्रदर्शन में आरोपित कर्मचारियों को जेल भेजने और पीड़ित परिजनों को मुआवजे की माँग शामिल थी। स्थानीय प्रशासन ने पीड़ितों की शिकायत पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। हालाँकि बुधवार (4 अक्टूबर) को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने जिला प्रशासन के आदेश पर रोक लगा दी और अस्पताल की सेवाएँ फिर से शुरू करने का आदेश दिया था।

ऐसा जवाब देंगे कि दुश्मन ने सोचा भी नहीं होगा… इजरायल के PM ने किया युद्ध का ऐलान, सेना ने लॉन्च किया ‘Swords Of Iron’

गाजा से आतंकी समूह हमास द्वारा सुबह-सुबह किए गए हमले के कुछ घंटों बाद आईडीएफ ने शनिवार (7 अक्टूबर, 2023) को बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू की है। आतंकी हमले में हमास द्वारा इजरायल और उसके कई क्षेत्रों पर 5000 से अधिक रॉकेट दागे गए। वहीं यह भी खबर है कि हमास आतंकवादियों ने अचानक हमला करने के बाद कई इजरायली शहरों पर कब्जा कर लिया है। वहीं इस मामले में इजरायल ने युद्ध की घोषणा करते हुए इस ऑपरेशन को कोडनेम “स्वॉर्ड्स ऑफ आयरन” दिया है।

“हम युद्ध में हैं और हम जीतेंगे”

टाइम्स ऑफ़ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार,प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास आतंकवादी समूह द्वारा किए गए बड़े हमले पर अपना पहला सार्वजनिक बयान देते हुए कहा कि देश युद्ध में है। वह कहते हैं, ”इसराइल के नागरिकों, हम युद्ध में हैं। और हम जीतेंगे।”

गाजा स्थित आतंकवादी समूह द्वारा हमले की शुरुआत के लगभग पाँच घंटे बाद, इस मामले पर अपने पहले सार्वजनिक बयान में नेतन्याहू ने कहा, “दुश्मन को ऐसी कीमत चुकानी पड़ेगी जैसी उन्होंने पहले कभी नहीं जानी होगी।”

इजरायल हायोम की रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल कई दक्षिणी शहरों में आतंकवादियों की घुसपैठ और देश के केंद्र और दक्षिण में हजारों रॉकेट दागे जाने से 22 लोगों के मारे जाने और लगभग 300 लोगों के घायल होने की खबरें हैं।

वहीं लगभग 30 इज़राइलियों के पकड़े जाने की अपुष्ट रिपोर्टें भी आ रही हैं, इज़राइल ने पुष्टि की कि शार हानेगेव के क्षेत्रीय परिषद के मेयर लड़ाई में मारे गए हैं। रॉकेट हमले के कारण दक्षिणी शहर राहत में लगभग चार इज़राइली मारे गए।

इजरायल पर हमले की जानकारी देते हुए पत्रकार आदित्य राज कौल ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, “हमास इस्लामी आतंकवादी समूह का दावा है कि उसने कई आईडीएफ सैनिकों का अपहरण कर लिया है जिन्हें गाजा ले जाया जा रहा है। इज़राइल के ओफाकिम, नेटिवोट और सेडरोट में आतंकियों ने कई घरों पर कब्जा कर लिया और उन्हें बंधक बना लिया। इजराइल के कई इलाकों में आपात स्थिति की घोषणा हो गई है।”

हमास का “ऑपरेशन अल-अक्सा”

हमास के सैन्य विंग के नेता मोहम्मद दीफ (Deif ) ने आज सुबह (शनिवार) बात की और इज़राइल की ओर किए गए रॉकेट हमलों की जिम्मेदारी ली। इसके अलावा, इस्लामिक जिहाद की सैन्य शाखा के इस आतंकी हमले में प्रबलता से भाग लेने की बात सामने आई है। 

हमास ने इस आतंकी हमले को “ऑपरेशन अल-अक्सा” नाम दिया है। हमास के उप नेता सलाह अल-अरौरी ने अपने बयान कहा, “ऑपरेशन का उद्देश्य अल-अक्सा की रक्षा करना और कैदियों को रिहा करना है।” इस बीच, आईडीएफ ने गाजा पट्टी में हमास के ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताबड़तोड़ तरीके इजरायल द्वारा जवाबी हमला किया जा रहा है। 

हमास के आतंकी दीफ ने यह भी कहा, “यरूशलेम में अपराध, भूमि की जब्ती, फिलिस्तीनियों को उनके घरों से निष्कासित करना, घरों पर हमले और वेस्ट बैंक में लोगों के उत्पीड़न के साथ-साथ गाजा पर घेराबंदी की प्रतिक्रिया है।” हमास आतंकी ने  यह भी कहा, “बेवजह कब्जे का युग समाप्त हो गया है।”

इसके अलावा, विदेशों में हमास के शीर्ष नेताओं को टीवी पर बयान देते हुए भी देखा गया। हमास नेता इस्माइल हानियेह ने कहा, “हम इस जीत के लिए अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं।” उसके डिप्टी, आतंकी रणनीतिकार सालेह अल-अरौरी का भी भड़काऊ बयान आया है। 

भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी

इजरायल में भारतियों के लिए दूतावास ने सुरक्षा सम्बंधित एडवाइजरी जारी की है। जिसके तहत भारतियों को हमले की जगह से दूर सुरक्षा बंकरों में रहने की बात कही गई है।

इसमें कहा गया है कि कोई भी भारतीय नागरिक घर से बाहर निकलकर यहाँ-वहाँ न घूमे बल्कि सुरक्षा सुनिश्चित करने में रक्षा मंत्रालय का सहयोग करे।

अमेरिकी गायक का वीडियो, नंगे रणवीर सिंह: नग्न फोटोशूट को लेकर दर्ज हुआ था अश्लीलता फैलाने का केस, अब अंग्रेजी गाने में दिखे अभिनेता

हमेशा सुर्खियों में रहने वाले बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह बीते साल जुलाई के नग्न फोटोशूट को लेकर फिर से चर्चा में हैं। अब उनकी इस फोटोशूट की एक फोटो को अमेरिकी सिंगर और गीतकार सूफ्यान स्टीवंस ने अपने नए एल्बम जेवलिन के गाने ‘गुडबाय एवरग्रीन’ में इस्तेमाल किया है।

वैसे तो रणवीर ऐसा कोई मौका नहीं चूकते जो लोगों को उनके बारे में सोचने पर मजबूर न कर दें। उनके अनोखे स्टाइल की तारीफ उनके फैन तो करते हैं, लेकिन वो अपने अजीब-ओ-गरीब फैशन स्टाइल की वजह से विवादों में भी आते रहे हैं। बीते साल उन्होंने पेपर मैग्जीन के लिए नग्न होकर ये फोटोशूट करवाया था।

मैग्जीन के इस कवर ने दुनिया भर का ध्यान खींचा था। कामुकता को लेकर आत्मविश्वासी होने की वजह से रणवीर की सराहना भी हुई थी। वहीं, मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ अश्लीलता फैलाने का मामला दर्ज किया था। यह फोटोशूट कॉस्मोपॉलिटन मैग्जीन में बर्ट रेनॉल्ड्स के 1972 के आईकोनिक शूट को सम्मान देने के लिए किया गया था।

हालाँकि, एल्बम जेवलिन के गाने ‘गुडबाय एवरग्रीन’ में रणवीर सिंह की पूरी तरह नग्न तस्वीर नहीं दिखाई गई है, लेकिन यह तस्वीर उनकी कुछ तस्वीरों में से एक है जिसे कलाकार ने गाने के वीडियो बैकग्राउंड के लिए चुना है। ये फोटो यूट्यूब पर वीडियो के थंबनेल में भी है। इसमें गुलाबी स्पलैश फ़ॉन्ट में एल्बम का टाइटल रणवीर के कटआउट के ऊपर रखा गया है।

इस एल्बम में रणवीर सिंह की तस्वीर देखकर उनके फैन ने सोचना शुरू कर दिया कि उनकी फोटो इसमें शामिल क्यों की गई। वीडियो के कमेंट सेक्शन में कुछ यूजर्स ने पूछा, “रणवीर सिंह यहाँ क्यों हैं?”

पेपर मैगज़ीन के साथ एक इंटरव्यू के दौरान रणवीर ने कहा था, “मेरे लिए शारीरिक तौर से नंगा होना बहुत आसान है। मैं कुछ अपने परफॉर्मेंस में नंगी अवस्था में रहा हूँ। आप मेरी फ**किंग रूह को देख सकते हैं। वह कितनी नंगी है? ये वास्तव में नंगा होना है। मैं एक हजार लोगों के सामने नंगा हो सकता हूँ, मुझे कोई शर्म नहीं है।”

एल्बम ‘जेवलिन’ इवान रिचर्डसन की याद में

एल्बम ‘जेवलिन’ सूफ्यान स्टीवंस का 10वाँ स्टूडियो एल्बम है। 10 ट्रैक वाले इस एल्बम को पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है। शुक्रवार (6 अक्टूबर, 2023) को एल्बम के रिलीज़ होने के बाद स्टीवंस ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया। इसमें बताया कि वह जेवलिन को अपने साथी इवान्स रिचर्डसन को समर्पित कर रहे हैं।

उन्होंने लिखा, “यह एल्बम मेरे जीवन की रोशनी, मेरे प्रिय साथी और सबसे अच्छे दोस्त इवान्स रिचर्डसन को समर्पित है, जिनकी अप्रैल में मृत्यु हो गई। वह जीवन, प्रेम, हँसी, जिज्ञासा, सत्यनिष्ठा और आनंद से भरपूर एक शानदार इंसान थे। वह उन दुर्लभ और खूबसूरत लोगों में से एक थे, जिन्हें आप अपनी जिंदगी में केवल एक बार ही पाते हैं – अनमोल, गलतियों से रहित और हर तरह से बिल्कुल असाधारण।”