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ठेका/कॉन्ट्रैक्ट वाली सरकारी नौकरियों में भी SC/ST/OBC को आरक्षण, कम से कम 45 दिन की होनी चाहिए सेवा: सुप्रीम कोर्ट को मोदी सरकार ने बताया

सरकारी विभाग में संविदा पर दी जाने वाली नौकरियों में अब अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दी जाएगी। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 45 दिन या उससे अधिक समय तक की संविदा पर होने वाली सरकारी नियुक्तियों में यह व्यवस्था की जाएगी।

केंद्र सरकार ने आगे कहा है कि अस्थायी पदों पर इस आरक्षण व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। केंद्र ने बताया कि बताया कि इस संबंध में ज्ञापन संख्या 41034/4/2022-स्था. (आरईएस-I) दिनांक 21.11.2022 कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी किया गया है।

मंत्रालय ने कहा, “…सभी मंत्रालयों/विभागों से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जाता है कि 45 दिनों या उससे अधिक समय तक चलने वाली सभी अस्थायी नियुक्तियों में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण दिया जाएगा। इन निर्देशों को सभी संबंधितों को सख्त अनुपालन के लिए सूचित किया जाता है।”

ऑफिस मेमोरेंडम में आगे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण पर संसदीय समिति की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया, जिसमें कहा गया कि सभी विभागों द्वारा अस्थायी नौकरियों में आरक्षण के निर्देशों का अक्षरश: पालन नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा, 1968 और 2018 में इस संबंध में जारी कार्यालय ज्ञापन जारी किया गया था।

दरअसल, सरकार की अस्थायी नौकरियों में अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण की माँग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दाखिल की गई थी। इस याचिका की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को इसकी जानकारी दी।

लाइव लॉ के अनुसार, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भट्टी वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने याचिका का निपटारा करते हुआ कहा कि यदि इस कार्यालय ज्ञापन का उल्लंघन होता है तो याचिकाकर्ता या पीड़ित पक्ष कानून के अनुसार उचित उपाय का सहारा लेने के लिए स्वतंत्र होंगे।

केंद्र की मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह बात ऐसे समय में कही है, जब बिहार में नीतीश कुमार और लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव की गठबंधन सरकार ने हाल ही में जाति आधारी आँकड़े जारी किए हैं। हालाँकि, इन आँकड़ों पर लोगों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं।

कपिल शर्मा, हुमा कुरैशी और हिना खान को ED ने बुलाया, सट्टेबाजी ऐप से ₹5000 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला: जानिए क्यों रडार पर बॉलीवुड सितारे

ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा कसता जा रहा है। ईडी ने अब कॉमेडियन कपिल शर्मा, एक्ट्रेस हुमा कुरैशी और हिना खान को नोटिस भेज तलब किया है। इससे पहले ईडी ने रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर को समन भेज 6 अक्टूबर को पेश होने के कहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महादेव बेटिंग ऐप के जरिए करीब 5000 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। ऐसे में ईडी इस ऐप को प्रमोट करने और इससे जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने वाले लोगों से पूछताछ कर रही है। इसी कड़ी में अब कपिल, हुमा औए हिना को नोटिस भेजा गया है।

वहीं खबर है कि रणबीर कपूर ने ED से पूछताछ में पेश होने के लिए 2 हफ्ते की मोहलत माँगी है। श्रद्धा कपूर पूछताछ में शामिल होंगी या नहीं इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हो पाई है। ईडी ने रणबीर कपूर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित कार्यालय में पेश होने के लिए कहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि रणबीर कपूर ने कथित तौर पर महादेव ऐप का प्रचार भी किया था। इसलिए ईडी के अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि रणबीर ने ऐप का प्रचार करना कब शुरू किया था और इसके लिए उन्हें कैसे और कितने पैसे मिले थे।

बता दें कि यह पूरा मामला महादेव ऐप से जुड़ा है। इस ऐप के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी कराई जा रही थी। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल इसके प्रमुख प्रमोटर बताए जाते हैं। ये दोनों दुबई बेस्ड कंपनी के जरिए यह ऐप चला रहे थे। महादेव ऐप में क्रिकेट, टेनिस, बैडमिंटन, पोकर, कार्ड गेम्स समेत कई तरह लाइव गेम्स खिलाकर उसमें सट्टेबाजी कराई जा रही थी। यह भी आरोप है कि इस ऐप में पैसे लगाने वालों यानी सट्टा खेलने वालों को लगातार नुकसान ही होता था।

इसके अलावा इस ऐप के जरिए यूजर्स जोड़े जा रहे थे और बेनामी बैंक खातों के जरिए यूजर आईडी बना कर मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही थी। सट्टेबाजी से होने वाली कमाई को कई बैंक खातों में भेजा गया। भारत में इसके विज्ञापन और फ्रेंचाइजी आमंत्रित करने के लिए भी बड़ी मात्रा में पैसे खर्च किए गए। इस ऐप के जरिए सट्टेबाजी के कई प्लेटफॉर्म्स को एक साथ जोड़ा गया था। कुल मिला कर 5000 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। इस ऐप को 30 सेंटरों के जरिए संचालित किया जा रहा था।

क्यों बॉलीवुड तक पहुँची महादेव ऐप की जाँच की आँच

महादेव बेटिंग ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ने इसी साल फरवरी में शादी की थी। इस शादी में सनी लियोनी, नेहा कक्कड़, आतिफ असलम, राहत फ़तेह अली खान, अली असगर, विशाल डडलानी, एली अवराम, भारती सिंह, भाग्यश्री, कीर्ति खरबंदा, नुसरत भरुचा, कृष्णा अभिषेक और सुखविंदर सिंह शामिल हुए थे। इस शादी पर 200 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होने की बात सामने आई थी।

ED ने जो डिजिटल सबूत जुटाए हैं, उससे पता चला है कि हवाला के जरिए एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी को 112 करोड़ रुपए दिए गए थे, वहीं होटल बुकिंग के लिए 42 करोड़ रुपए कैश का इस्तेमाल किया गया था। इस शादी कार्यक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बॉलीवुड की हस्तियों को देखा जा सकता है। ये भी पता चला है कि इस एप की एक सक्सेस पार्टी भी हुई थी। सौरभ चंद्राकर और एप के दूसरे प्रमोटर रवि उप्पल ने मिल कर सितंबर 2022 में इस पार्टी का आयोजन किया था।

इसमें भी बॉलीवुड के कई एक्टर और गायक पहुँचे थे। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि बॉलीवुड के कई बड़े नामों को हवाला के जरिए पैसों का भुगतान किया गया। एक बड़े अभिनेता को करोड़ों दिए जाने की बात कही जा रही है। इस बेटिंग एप से जुड़ी 417 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है।

‘यूपी में बाबा’ फेम कवयित्री से गंदी बात, अनामिका अंबर बन महिलाओं को भी भेजे गंदे मैसेज: UP पुलिस ने पकड़ा तो कहा- फेमस लोगों संग टाइम पास अच्छा लगता है

‘यूपी में बाबा’ फेम कवयित्री अनामिका अंबर जैन (Anamika Amber Jain) के साथ ऑनलाइन गंदी बात करने के आरोप में उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। अनामिका अंबर के नाम से फेक अकाउंट बनाकर वह दूसरी महिलाओं को भी अश्लील मैसेज करता था।

आरोपित की पहचान मयूर बंसल के तौर पर हुई है। गिरफ्तारी के बाद उसने बताया है कि उसे फेमस महिलाओं से टाइम पास करना अच्छा लगता है। इसलिए उसने यह सब किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कवयित्री अनामिका अंबर को सूचना मिली थी कि उनके नाम से फेक आईडी बनाकर लोगों को अश्लील मैसेज किए जा रहे हैं। जानकारी मिलने के बाद अनामिका ने आरोपित को ढूँढ़ निकाला और उसे समझाने की कोशिश की। लेकिन इसके बाद भी नहीं माना। परेशान होकर अनामिका ने मेरठ के सदर बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जाँच कर मेरठ के ही खखरौदा क्षेत्र से मयूर बंसल को गिरफ्तार कर लिया।

अनामिका अंबर ने बताया है कि मयूर बंसल उनके नाम से फेक अकाउंट बनाकर महिलाओं को अश्लील मैसेज भेजता था। कई महिला मित्रों और रिश्तेदारों ने इस बारे में जानकारी दी थी। जब उन्होंने सोशल मीडिया और चेक किया तो इसकी पुष्टि हो गई। इस बीच उन्हें पता चला कि यह सब करने वाले युवक पढ़ा-लिखा है। इसलिए उन्होंने उसे समझाने की कोशिश की। पुलिस का डर भी दिखाया। लेकिन वह नहीं माना।

अनामिका ने आगे कहा कि उन्होंने मयूर बंसल से कहा था कि यह सब बंद कर दो। पुलिस पकड़ेगी तो भविष्य खराब हो जाएगा। समझाने के बाद भी महिलाओं को अश्लील मैसेज भेजता रहा। इसके चलते कई लोगों को परेशानी हुई। कई लोगों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट तक बंद कर दिए। मजबूरन उन्हें पुलिस में शिकायत दर्ज करानी पड़ी।

आरोपित की गिरफ्तारी पर अनामिका अंबर ने उत्तर प्रदेश पुलिस का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी महिलाएँ सुरक्षित हैं। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं से ऐसे आरोपितों से सावधान रहने की सलाह दी है। कहा कि यदि कोई ऑनलाइन परेशान कर रहा है तो डरने की जगह उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराएँ, ताकि उसे सबक सिखाया जा सके।

कवयित्री अनामिका अंबर के पति और कवि सौरभ जैन सुमन ने कहा कि आरोपित फेसबुक मैसेंजर व अन्य सोशल साइट्स से महिलाओं को कॉल करता था। जब फोन रिसीव होता तो वह उनसे अश्लील बातें करता था। वहीं पुलिस पूछताछ में मयूर बंसल ने कहा कि वह अनामिका अंबर से बात कर टाइम पास करना चाहता था। उसे यह अच्छा लगता है। इसलिए उसने फेक आईडी बनाकर अनामिका को कॉल और मैसेज भेजे। फिर उनसे जुड़ी महिलाओं को भी मैसेज और फोटो भेजने लगा। उसने यह भी कहा कि वह पहले अनामिका को नहीं जानता था। लेकिन जब उसे पता चला कि वह फेमस है तो वह उनसे बात करने की कोशिश करने लगा।

बता दें कि कवयित्री अनामिका जैन अंबर का मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार के लिए गाया गाना ‘मामा मैजिक करत हैं’ भी काफी वायरल हुआ था।

संजय सिंह को कोर्ट ने सिर्फ ED को ही नहीं सौंपा, माना शराब घोटाले में उनकी गिरफ्तारी बेतुकी नहीं: दिनेश अरोड़ा से ₹2 करोड़ कैश लेने का आरोप

दिल्ली की एक अदालत ने 5 अक्टूबर 2022 को आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को 5 दिन के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कस्टडी में भेज दिया था। सुनवाई के दौरान राउज एवेन्यू कोर्ट ने माना कि दिल्ली के शराब घोटाले में सिंह की गिरफ्तारी गलत या अतार्किक नहीं है। ईडी ने अदालत को बताया था कि दिनेश अरोड़ा ने AAP सांसद के घर पर दो करोड़ रुपए नगद भिजवाए थे।

स्पेशल जज एमके नागपाल की अदालत ने कहा कि जो आरोप लगाए हैं और ईडी ने जिस तरह के दस्तावेज सामने रखे हैं, उससे दिल्ली के शराब घोटाले में सिंह की सीधी संलिप्तता दिखती है। साथ ही यह भी माना कि इस स्तर पर ऐसा कुछ नहीं है जिससे माना जाए कि सिंह के खिलाफ दिनेश अरोड़ा के बयान में खोट है।

कोर्ट ने कहा कि अरोड़ा के बयानों की सत्यता की परख ट्रायल के दौरान ही होगी। लेकिन जाँच के लिए यह जरूरी है कि ऐसे बयानों पर भरोसा कर उन पर गौर किया जाए। फिलहाल ऐसा कुछ भी नहीं है कि जिससे लगे कि सरकारी गवाह बने अरोड़ा के बयान गलत हैं।

गौरतलब है कि संजय सिंह को बुधवार (4 अक्टूबर,2023) को ईडी ने 10 घंटे से ज्यादा वक्त तक पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। गुरुवार (5 अक्टूबर, 2023) को कोर्ट ने उन्हें 10 अक्टूबर तक ईडी की हिरासत में भेजा दिया था।

गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि आबकारी नीति मामले में 2 करोड़ रुपए के लेनदेन में सीधी संलिप्तता देखते हुए सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है। साथ ही ईडी ने जो डाटा जुटाए हैं उसको लेकर भी ​पूछताछ होनी है। इसके अलावा एजेंसी ने विवेक कुमार त्यागी और सर्वेश मिश्रा सहित कुछ लोगों को समन जारी किया है। संजय सिंह के साथ इनकी आमने-सामने की पूछताछ के लिए भी हिरासत जरूरी है।

कोर्ट ने कहा कि संजय सिंह से पूछताछ सीसीटीवी कवरेज वाली जगह पर होनी चाहिए। हिरासत के दौरान प्रतिदिन शाम 6 बजे से 7 बजे के बीच रोजाना आधे घंटे के लिए उन्हें वकीलों से मिलने की इजाजत दी है।

कोर्ट ने आप सांसद को हिरासत के दौरान रोजाना आधे घंटे के लिए पत्नी और पिता से मिलने की भी इजाजत दी है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि सिंह का ब्लड प्रेशर दिन में दो बार जाँचा जाएगा और दिन में एक बार उनके शुगर लेवल की निगरानी की जाएगी।

शुक्र है! डूबने से बच गया बिहार का एक सूरज: खान सर से पढ़कर था तैयार, पर बिहार सरकार ने रद्द कर दी परीक्षा; दुखी होकर खा लिया जहर

7 अक्टूबर 2023 को बिहार पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा होनी थी। लेकिन 2 अक्टूबर को नीतीश सरकार ने परीक्षा ही रद्द कर दी। इसी दिन बिहार ने जाति जनगणना के नंबर्स जारी किए थे। परीक्षा रद्द करने के फैसले से आहत पूर्णिया के एक अभ्यर्थी ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की।

इस अभ्यर्थी का नाम सूरज कुमार है। यह तो अच्छा हुआ कि समय रहते परिजनों ने सूरज को जहर खाते देख लिया और उसे अस्पताल ले गए। आज वह जिंदा है पर उसकी पीड़ा ‘सुशासन’ पर सवाल उठाते हैं। उसका कहना है कि बार-बार पेपर लीक हो रहा है। सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जहर खाकर जान देने की कोशिश करने वाले युवक सूरज कुमार, पूर्णिया जिले के बलुआ गाँव का रहने वाला है। परीक्षा रद्द के चलते परेशान होकर 4 अक्टूबर को उसने आत्महत्या की कोशिश की थी। परिजनों ने इलाज के लिए उसे पूर्णिया के जीएमसीएच हॉस्पिटल में भर्ती कराया है।

मीडिया से बात करते हुए सूरज ने कहा कि वह 3 साल से परीक्षा की तैयारी कर रहा था। बीते 2 साल से खान सर की कोचिंग में जा रहा था। बार-बार पेपर लीक हो रहा है। इस बार भी परीक्षा रद्द हो गई। इसलिए उसने आत्महत्या की कोशिश की। सूरज कुमार ने सरकार से बिहार के स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करने की अपील की है।

उसने यह भी कहा कि सिपाही भर्ती की उसकी परीक्षा 7 अक्टूबर को होनी थी। इसके लिए उसने तैयारी भी की थी। परीक्षा देने के लिए वह पूर्णिया में रहने वाले दोस्त के घर भी गया था। लेकिन पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द ही गई। इससे वह डिप्रेशन में चला गया था। इसके चलते ही उसने यह कदम उठाया।

सूरज ने पेपर लीक के आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी माँग की है। परिजनों का भी कहना है कि सूरज लंबे समय से तैयारी कर रहा था। पेपर लीक होने के कारण वह डिप्रेशन में था। दोस्त रवि ने कहा कि सूरज 2 साल से पटना में रहकर खान सर की कोचिंग में जाता था। परीक्षा के चलते ही करीब 3 महीने पहले कोचिंग छोड़ घर आकर तैयारी कर रहा था। वह बचपन से ही पुलिस में जाना चाहता था। इसके लिए उसने NCC भी ज्वाइन की थी।

अलीगढ़ से मुस्लिम दोस्त के साथ गायब हुई हिंदू महिला वापस लौटी, पति ने कहा- इंस्टाग्राम पर हुई थी माही खान से दोस्ती, 6 माह की बच्ची के साथ लापता होने का दर्ज कराया था केस 

अलीगढ़ में ‘द केरला स्टोरी’ जैसी घटना सामने आई है। यहाँ एक विवाहित हिंदू महिला को उसकी मुस्लिम मित्र घर से लेकर गई और फिर लापता हो गई। मुस्लिम महिला ने हिंदू महिला के पति से कहा कि उसकी पत्नी उसके साथ घूमने जा रही है, शाम तक आ जाएगी। हालाँकि, कई दिन बीतने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला है। महिला के साथ उसकी 6 माह की बेटी भी थी। वहीं अब इस मामले में तजा खबर यह है कि महिला को अलीगढ़ पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है।

क्या है पूरा मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये घटना गाँधी पार्क थाना इलाके की है। गाँधी पार्क थाना इलाके के नगला के रहने वाले दीपक शर्मा ने पुलिस से शिकायत की है कि उनकी पत्नी भावना शर्मा और उनकी 6 माह की बेटी रिशू 29 सितम्बर, 2023 से ही गायब हैं। छह दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी महिला और उसकी दुधमुँही बच्ची का पता नहीं चल पाया है।

दीपक शर्मा के मुताबिक, उनकी पत्नी की 2 माह पहले इंस्टाग्राम पर माही खान नाम की एक युवती से दोस्ती हुई थी। दोनों की इंस्टाग्राम पर ही बातचीत होने लगी। माही खान 28 सितंबर को अलीगढ़ आई और दीपक के घर ही रुकी। फिर 29 सितंबर को माही खान ये कहकर उनकी पत्नी भावना को अपने साथ ले गई कि वो माँ-बेटी को अपने घर घुमाने जा रही है। शाम को वह दोनों को बस में बैठा देगी और वे वापस आ जाएँगे। हालाँकि, ऐसा नहीं हुआ।

पीड़ित के घर में रात भर रुकी माही खान, फिर पत्नी-बेटी को ले उड़ी

दीपक का कहना है कि उन्होंने और उनके परिवार ने माही खान की बात मान ली, क्योंकि वो एक दिन से उनके ही घर में रुकी थी और उसका व्यवहार अच्छा था। हमने सोचा कि वो अच्छी दोस्त बन चुकी है, लेकिन माँ-बेटी शाम तक नहीं लौटी और उनका फोन भी बंद जाने लगा। इसके बाद से वो परेशान है। उन्होंने बताया कि पुलिस में माँ-बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

दीपक शर्मा ने बताया है कि उनकी पत्नी का संपर्क माही खान के जरिए किसी मुस्लिम युवक से हुआ है। ऐसे में उन्हें अंदेशा है कि उनकी पत्नी का ब्रेनवॉश करके पूरी प्लानिंग के साथ उन लोगों को बेवकूफ बनाया गया है और उनकी पत्नी के साथ कुछ गलत हो सकता है।

शर्मा ने पुलिस से गुहार लगाई कि जल्द-से-जल्द उनकी पत्नी और बेटी को ढूँढा जाए। वहीं, पुलिस आसपास के CCTV को खंगाल रही है। महिला की खोजबीन के लिए कई टीमों का भी गठन किया गया है।

अलीगढ पुलिस ने महिला को किया बरामद

वहीं अब इस मामले में अलीगढ पुलिस का कहना है कि महिला घर वापस लौट आई है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 29 सितम्बर को हमें एक सूचना प्राप्त हुई थी कि एक महिला घर से गायब हो गई है। जिसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए उचित धाराओं में FIR पंजीकृत किया गया था। इसमें प्राथमिक जाँच में पाया गया कि महिला अपने एक परिचित के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। शादीशुदा महिला जिसकी उम्र करीब 23 वर्ष है, अपने बच्चे के साथ गई थी, महिला को कल ही सकुशल बरामद कर लिया गया है।

इस मामले में पुलिस का कहना है कि अभियोग में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। जिसके बारे में बाद में अवगत कराया जाएगा।

नोट: यह खबर पुलिस का बयान आने के बाद अपडेट की गई है।

‘हिंदुओं की रक्षा सिर्फ आप ही कर सकते हैं’: बंगाल के हिंदू परिवार ने CM योगी के जनता दरबार में लगाई गुहार, बोले- दबंग मुस्लिम जमीन कब्जा लेते हैं

पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की सरकार में हिंदू प्रताड़ना के शिकार हो रहे हैं। यही कारण है कि बंगाल के हिंदू कोई उपाय ना देखकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उम्मीद लगा रहे हैं। सीएम योगी के जनता दरबार में पहुँचकर बंगाली हिंदुओं ने उनसे मदद माँगी।

पश्चिम बंगाल में हिंदू पलायन के लिए मजबूर हैं। कई मौकों पर ऐसी खबरें आ चुकी हैं। बंगाल के कुछ हिंदू परिवार गुरुवार (05 अक्टूबर 2023) को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में पहुँचे और उनसे पश्चिम बंगाल में प्रताड़ित हो रहे हिंदुओं की मदद के लिए गुहार लगाई। उन्होंने खुद को असहाय बताया।

‘हिंदुओं की रक्षा सिर्फ आप कर सकते हैं’

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम बंगाल आए हिंदू समुदाय के कुछ लोग लखनऊ में चल रहे जनता दरबार में पहुँचकर अपनी परेशानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताई। उन्होंने कहा कि बंगाल में उनकी जमीनों पर दबंग मुस्लिम कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने सीएम योगी से कहा, “हम लोगों की जमीन कब्जाने वाले लोग धमकाते हैं। अब आप ही हमारी आखिरी उम्मीद हैं।”

इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब ये कहा, “पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री मैं नहीं हूँ, कोई और है।” तब उन लोगों ने कहा, “लेकिन हिंदुओं की रक्षा तो आप ही कर सकते हैं।” इसके बाद योगी आदित्यनाथ ने उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें मदद का आश्वासन दिया। इसके अलावा, सीएम ने अन्य लोगों की समस्याओं को भी सुना।

देवरिया हत्याकांड में एसडीएम समेत कई अधिकारी सस्पेंड

इस बीच, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवरिया हत्याकांड में बड़ा एक्शन लिया है। उनके आदेश पर उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, दो तहसीलदार, तीन लेखपाल, हेड कॉन्स्टेबल, 4 कॉन्स्टेबल, 2 हल्का प्रभारी और थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।

सीएम योगी इस बात से नाराज दिखे कि भूमि के मामले में कई शिकायतें दर्ज हुई थीं। इन्हें ऑनलाइन पुलिस विभाग और राजस्व विभाग को भेजी गई थीं। लेकिन, दोनों विभागों के अधिकारियों ने इसको गंभीरता से नहीं लिया और न ही इसका निस्तारण किया।

भूमि विवाद में नपेंगे अफसर

इससे पहले, बुधवार (4 अक्टूबर 2023) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अफसरों को निर्देशित किया कि भूमि विवाद और जनसमस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर करें। उन्होंने भू-माफिया और खनन माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने जमीन पैमाइश के मामलों को 48 घंटे के अंदर निस्तारित करने के लिए कहा।

योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश के किसी भी कमजोर, गरीब, उद्यमी, व्यवसायी की भूमि पर कोई कब्जा ना करने पाए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भूमि विवाद में कोई घटना होने पर जनपद और तहसील की जिम्मेदारी तय होगी। ऐसे में लोग अपनी जिम्मेदारी सही से निभाएं।

लखनऊ और गोरखपुर में लगाते हैं जनता दरबार

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो जगहों पर (गोरखपुर और लखनऊ) जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएँ सुनते हैं और उनका निवारण करते हैं। वो मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश देकर समस्याओं का निराकरण कराते हैं। योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में आम लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुँचते हैं। ऐसे में पश्चिम बंगाल से उनसे मदद की उम्मीद में पहुँच गए।

‘न देश का खजाना लूटने दूँगा, न कॉन्ग्रेसियों की तिजोरी भरने दूँगा’: PM मोदी ने MP में रानी दुर्गावती स्मारक सहित ₹12000 करोड़ की परियोजनाएँ शुरू कीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुुरुवार (5 अक्टूबर 2023) को मध्य प्रदेश के जबलपुर पहुँचे। यहाँ वो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ खुली जीप में सवार होकर सभा स्थल तक पहुँचे। पीएम मोदी ने जबलपुर में महारानी दुर्गावती स्मारक सहित 12,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कॉन्ग्रेस पर करारा हमला भी बोला।

जबलपुर में प्रधानमंत्री मोदी ने माँ नर्मदा को नमन करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “आज पूरा देश वीरांगना महारानी दुर्गावती की 500वीं जन्म जयंती मना रहा है। आज हम सब लोग अपने पूर्वजों के रण का कर्ज चुकाने के लिए यहाँ एकत्रित हुए हैं।”

उन्होंने कहा कि महारानी दुर्गावती स्मारक बनने के बाद देश को लोगों का यहाँ आने का मन करेगा। दुनिया के किसी देश में अगर महारानी दुर्गावती जैसी नायक या नायिका होती तो वह उछल-कूद करता, लेकिन आजादी के बाद हमारे महापुरुषों, वीरों और वीरांगनाओं को भुला दिया गया।

उज्ज्वला योजना की पीएम मोदी ने किया जिक्र

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब हमारी कोई माता-बहन चूल्हे पर खाना बनाती है तो 400 सिगरेट जितना धुंआ, एक दिन में उनके अंदर जाता है। भाजपा ने माताओं-बहनों को इस धुँए से छुटकारा दिलाया। कॉन्ग्रेस में ऐसा करने की नियत ही नहीं थी। उन्होंने बताया कि अब उज्ज्वला योजना के सिलेंडर 600 रुपए मिलेंगे।

2014 से पहले कॉन्ग्रेस ने मचा रखी थी लूट

जबलपुर में पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले कॉन्ग्रेस ने देश में लूट मचा रखी थी। ये सिर्फ अपनी तिजोरियाँ भरने में लगे थे। भाजपा की सरकार 2014 में आई तो कॉन्ग्रेस की नीतियों को बदला गया। 11 करोड़ फर्जी लोगों के नाम सरकारी रिकॉर्ड से हटाए गए।

प्रधानमंत्री ने कहा, “इन नामों को हटाने से 2.5 लाख करोड़ रुपए की बचत होने लगी। ये लोग बिना जन्मे ही गरीबों का पैसा खा रहे थे। कॉन्ग्रेस के लोग इसलिए गुस्सा करते हैं, क्योंकि मैंने उनका कट बंद कर दिया। मैं न देश का खजाना लूटने दूँगा, न कॉन्ग्रेस के नेताओं की तिजोरी भरने दूँगा।”

आजादी के बाद की सरकारों ने की एक परिवार की चरणवंदना

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद की सरकारों ने सिर्फ एक परिवार की चरण वंदना की, जबकि आजादी सिर्फ एक परिवार ने नहीं दिलाई थी। इसमें लाखों लोगों ने बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों की सरकार है और वह उनका विकास सुनिश्चित कर रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार का लक्ष्य सिर्फ देश और प्रदेश का विकास करना है। इसी उद्देश्य के साथ भाजपा आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और परिवारवाद की राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए कुछ लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि जिस राजनीतिक दल पर स्वार्थ हावी हो जाता है, उसे कुर्सी के अलावा और कुछ नहीं दिखता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये लोग भाजपा को गाली देते-देते देश का अपमान करने लग जाते हैं। इस दौरान उन्होंने वीरांगना महारानी दुर्गावती स्मारक के निर्माण के लिए भूमिपूजन भी किया।

असीबुर रहमान ने नाबालिग हिंदू लड़की का अपहरण कर इस्लाम कबूल करने को किया मजबूर, परिवार ने कहा- आरोपित का TMC नेता से खास कनेक्शन 

पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर इलाके से अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन का एक मामला सामने आया है। इस मामले में एक 15 वर्षीय हिंदू लड़की का अपहरण कर लिया गया और उसे इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। आरोपित की पहचान असीबुर रहमान के रूप में हुई है और कहा जाता है कि सत्तारूढ़ तृणमूल कॉन्ग्रेस के एक प्रमुख व्यक्ति के साथ उसके करीबी संबंध हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, युवा हिंदू लड़की मालीग्राम गाँव में रहती थी, जो पश्चिम मेदिनीपुर क्षेत्र के पिंगला पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में है। वह 18 जून को सिक्किम के नामची में लापता हो गई थी।

ऑर्गनाइज़र द्वारा प्रकाशित एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना तब सामने आई जब लड़की के परिवार के सदस्यों ने पश्चिम मेदिनीपुर जिले के पिंगला पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस दुर्भाग्य से इस मामले में कार्रवाई करने में विफल रही क्योंकि आरोपित के टीएमसी के कुछ लोगों से संबंध होने की बात कही जा रही है।

इसके बाद लड़की के पिता ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। परेशान पिता ने अपनी बेटी को वापस पाने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की। इसके बाद हाई कोर्ट ने पुलिस को लड़की के परिवार को जरूरी सुरक्षा मुहैया कराने का आदेश दिया।

इस मामले में लड़की के पिता ने अपनी शिकायत में कहा, “अपहरणकर्ता, असीबुर रहमान, सत्तारूढ़ टीएमसी पार्टी के एक उच्च पदस्थ नेता का करीबी है। असीबुर ने मेरी बेटी को ले जाने की धमकी दी थी।  उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास में, मैंने उसे सिक्किम भेज दिया, जहाँ उसके चाचा कार्यरत हैं। लेकिन, वहीं से आसीबुर रहमान ने मेरी बेटी का अपहरण कर लिया। शिकायत दर्ज करने के बावजूद, पिंगला पुलिस ने उसका पता लगाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है। मुझे डर है कि उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया होगा। मैं बस अपनी बेटी वापस चाहता हूँ।”

याचिका पर सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच के न्यायाधीश तपोब्रत चक्रवर्ती और पार्थसारथी चट्टोपाध्याय ने मामले को संभालने के पुलिस के तरीके पर नाराजगी व्यक्त की। डिवीजन बेंच ने पुलिस को एक सप्ताह के भीतर कम उम्र की लड़की को ढूँढ़कर वापस लाने और उसे बाल कल्याण समिति को स्थानांतरित करने का आदेश दिया है।

लड़की के वकील तन्मय बसु का आरोप है कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस अपहरणकर्ता असीबुर रहमान को बचा रही है, क्योंकि उसका एक शक्तिशाली टीएमसी नेता के साथ घनिष्ठ संबंध है। वहीं अब इस मामले में अगली सुनवाई इसी साल 6 अक्टूबर को तय की गई है। 

‘सप्तपदी’ के बिना हिंदुओं का विवाह मान्य नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट, कहा- अंगूठी बदलना और माला पहनाना नहीं होती शादी, फेरे लेना जरूरी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि सप्तपदी के बिना हिंदुओं में शादी मान्य नहीं है। ये हिंदुओं के विवाह की सबसे महत्वपूर्ण शर्त है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 3 अक्टूबर 2023 को ये फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर शादी में सारी प्रक्रिया पूरी कर दी जाए और अग्नि के फेरे ना लिए जाएँ तो वह विवाह संपन्न नहीं माना जाएगा।

हाईकोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 7 का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि एक हिंदू विवाह को तभी वैध माना जाएगा यदि वह ‘शादी के सभी रीति-रिवाजों के साथ’ संपन्न हुआ हो। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्मृति सिंह द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान ये फैसला दिया।

स्मृति ने हाईकोर्ट के सामने गुहार लगाई थी कि उनके पति ने उनके खिलाफ मिर्जापुर में एक मामला दाखिल किया है। इसमें उन पर दूसरी शादी करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में स्थानीय कोर्ट ने समन जारी किया तो महिला ने हाईकोर्ट में अर्जी लगाई कि शिकायत पर कार्रवाई को रोका जाए, क्योंकि आरोप गलत है।

इस मामले की सुनवाई जस्टिस संजय कुमार सिंह की पीठ ने की। स्मृति ने बताया कि उनके पति ने ये मामला इसलिए दायर किया, क्योंकि उन्होंने 2017 में शादी होने के बाद जब परिजनों के साथ नहीं बनी तो वो अपने मायके चली गई थीं। उन्होंने पति और उनके परिजनों के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया था।

महिला का कहना है कि इसके बदले में उनके पति की तरफ से ‘दूसरी शादी’ के मनगढंत आरोप लगाकर मिर्जापुर में आईपीसी की धारा 494 (द्विविवाह) और 109 (उकसाने की सजा) के तहत मामला दर्ज कराया था, जिसमें उनके खिलाफ समन जारी किया गया है। इसके बाद जस्टिस संजय कुमार सिंह की ये टिप्पणी आई।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि स्मृति सिंह के पति ये साबित करने में नाकामयाब रहे कि स्मृति ने दूसरी शादी कर ली, क्योंकि उन्होंने दूसरी शादी से जुड़े ‘सप्तपदी’ का सबूत नहीं दिया। ऐसे में उनके आरोप गलत हैं। कोर्ट ने स्मृति सिंह को राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज मामले में कार्रवाई रोकने के निर्देश दिए हैं।

सप्तपदी के बारे में जानें

सप्तपदी हिंदू विवाह की एक महत्वपूर्ण रस्म है। यह अग्नि के चारों ओर सात चक्कर लगाने की प्रक्रिया है। इन सात चक्करों को सात वचनों का प्रतीक माना जाता है जो वर-वधू एक-दूसरे को देते हैं।

सप्तपदी की प्रक्रिया इस प्रकार है:

वर और वधू को अग्नि के सामने खड़ा किया जाता है।
वर वधू के दाहिने हाथ को अपने बाएँ हाथ में पकड़ता है।
वर-वधू एक-दूसरे के सामने खड़े होकर सात चक्कर लगाते हैं।
प्रत्येक चक्कर के दौरान, वर-वधू एक-दूसरे को एक वचन देते हैं।
सातवें चक्कर के बाद, वर-वधू अग्नि के चारों ओर एक साथ खड़े होते हैं।

सात वचन इस प्रकार हैं:

पहला वचन: मैं तुम्हें अपना पति/पत्नी मानता/मानती हूँ।
दूसरा वचन: मैं तुम्हें अपना जीवनसाथी मानता/मानती हूँ।
तीसरा वचन: मैं तुम्हारी खुशी के लिए जीने का वादा करता/करती हूँ।
चौथा वचन: मैं तुम्हारी इच्छाओं का सम्मान करने का वादा करता/करती हूँ।
पाँचवाँ वचन: मैं तुम्हारी रक्षा करने का वादा करता/करती हूँ।
छठा वचन: मैं तुम्हें अपना जीवन भर प्यार करने का वादा करता/करती हूँ।
सातवाँ वचन: मैं तुम्हारे साथ बुरे और अच्छे समय में रहने का वादा करता/करती हूँ।

सप्तपदी हिंदू विवाह की एक महत्वपूर्ण रस्म है। यह एक ऐसा अनुष्ठान है जो वर-वधू को एक-दूसरे के प्रति अपने वचनों को दोहराने का अवसर देता है। यह एक ऐसा क्षण है जब वे अपने जीवन को एक साथ बिताने के लिए प्रतिबद्ध होते हैं।