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‘निज्जर कोई संत नहीं था?’: बिना सबूत भारत पर आरोप लगाने वाले कनाडा के PM को घेर रही अपनी ही मीडिया, वैश्विक मंच पर अकेले पड़े जस्टिन ट्रूडो

भारत में वांछित खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की सरे में अज्ञात बंदुकधारियों द्वारा हत्या के बाद भारत और कनाडा के बीच संबंधों में कड़वाहट आ गई है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो इस हत्या के लिए भारत के जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। वहीं, कनाडा की मीडिया और जनता एक आतंकी के लिए भारत से संबंध खराब करने पर ट्रूडो की आलोचना कर रही है। एक सर्वे में ट्रूडो की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है।

वहीं, कनाडा के खिलाफ मोदी सरकार की कार्रवाई से भी वहाँ के लोग सहमे हुए हैं। उधर अमेरिका की जाँच एजेंसी FBI ने वहाँ के खालिस्तान समर्थकों को चेतावनी दी कि उनका भी जीवन खतरे में है। अमेरिकन सिख कॉकस कमेटी के समन्वयक प्रीतपाल सिंह ने द इंटरसेप्ट को बताया कि निज्जर की हत्या के बाद उन्हें और कैलिफोर्निया में दो अन्य सिख अमेरिकियों को एफबीआई से कॉल करके मिलने के लिए बुलाया था।

प्रीतपाल सिंह ने कहा, “जून के अंत में एफबीआई के दो विशेष एजेंटों ने मुझसे मुलाकात की, जिन्होंने मुझे बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि मेरी जान को खतरा है।” उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने हमें स्पष्ट रूप से यह नहीं बताया कि खतरा कहाँ से आ रहा है, लेकिन उन्होंने कहा कि मुझे सावधान रहना चाहिए।”

उधर, कनाडा की स्थानीय मीडिया का कहना है कि जस्टिन ट्रूडो ने अपनी गिरती लोकप्रियता और वहाँ रहने वाली सिखों की बड़ी आबादी को साधने के लिए ट्रूडो ने जल्दबाजी में निज्जर का मुद्दा उछाला। मीडिया का कहना है कि अगर ट्रूडो ने अपने लगाए आरोपों को साबित नहीं कर पाए तो दुनिया में कनाडा की भारी बदनामी होगी।

Angus Reid इंस्टिट्यूट की एक हालिया पोल ने कहा गया है कि प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की अप्रूवल रेटिंग सिर्फ 33% है, जबकि 63% लोगों ने उन्हें नापसंद किया है। इस पोल को ट्रूडो की इमेज के लिए खास माना जा रहा है। ट्रूडो वर्तमान में खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह की न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के 24 सांसदों के समर्थन से सरकार चला रहे हैं। ऐसे में निज्जर की हत्या का मामला उठाने के पीछे जगमीत सिंह का भी हाथ माना जाता है।

दरअसल, जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा की संसद में भारत पर आरोप लगाने के बाद उनके लगातार सबूत की माँग की गई, लेकिन उसके बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा। जब भारत ने कहा कि निज्जर की हत्या के संबंध में संलिप्तता को लेकर उसे कनाडा द्वारा कोई सबूत नहीं उपलब्ध कराया गया है, तब शुक्रवार (22 सितंबर 2023) को ट्रूडो ने कहा कि भारत को बहुत पहले सबूत दे दिया गया है।

कनाडा के वर्तमान स्टैंड को लेकर वहाँ के प्रमुख अखबार नेशनल पोस्ट ने अपने एक संपादकीय में लिखा है, “यह याद रखना जरूरी है कि ट्रूडो ने जो आरोप लगाए हैं, उसे साबित किया जाना बाकी है। वो कनाडा के लोगों को अब तक कोई भी सबूत दिखाने में नाकाम रहे हैं। अगर यह साबित हो गया कि ट्रूडो ने बिना सबूत के इस बवाल को पैदा किया है तो यह कनाडा के लिए वैश्विक स्तर पर शर्मनाक बात होगी।”

कनाडा के अखबार टोरंटो सन ने लिखा है कि हरदीप सिंह निज्जर वो कोई संत नहीं था। यह बात साफ है। अखबार ने लिखा कि अगर कुछ लोग आतंकी गतिविधियों में लिप्त हैं, राजनयिकों के खिलाफ हिंसा भड़का रहे हैं तो ट्रूडो को कुछ करना चाहिए, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। ट्रूडो ने खालिस्तानी चरमपंथियों के खिलाफ कुछ नहीं किया।

टोरंटो सन ने आगे लिखा है कि कनाडा ने भारत पर जो आरोप लगाए हैं, उसे लेकर मोदी सरकार चुप नहीं बैठने वाली है। कनाडा के लोगों को ये आशंका होनी चाहिए कि इस आरोप के लिए भारत की मोदी सरकार कनाडा को दंडित करने की कोशिश करेगी। अखबार ने कहा कि ट्रूडो की सरकार निज्जर की हत्या में भारत सरकार का हाथ साबित करने के लिए जो भी सबूत पेश कर सकती है, उसे सामने लाए।

वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाग लेने पहुँचे कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो से पत्रकारों ने भारत पर लगाए गए आरोपों पर ही सवाल पूछा, लेकिन उन्होंने उसका कोई जवाब नहीं दिया। ट्रूडो ने इतना कहा कि वे कोई समस्या नहीं पैदा कर रहे हैं, बल्कि नियम आधारित बात कर रहे हैं। वहीं, एक पत्रकार ने कहा कि ‘इस मुद्दे पर संभवत: आप विश्व मंच पर अकेले पड़ गए हैं।’

ये हकीकत है कि भारत पर लगाए गए आरोपों पर जस्टिन ट्रूडो अकेले पड़ गए हैं। कनाडा विश्व पर प्रमुख पाँच देशों के संगठन Five Eyes का सदस्य है, लेकिन अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड इस मुद्दे पर मुँह खोलने के लिए तैयार नहीं हैं। अमेरिका ने सिर्फ इतना कहा है कि अगर ये आरोप सच हैं तो गंभीर हैं। भारत को निज्जर की हत्या की जाँच में शामिल होना चाहिए। ऑस्ट्रेलिया ने भी कहा कि इस आरोपित से वह चिंतित है। लगभग यही भाषा सदस्य देशों की रही।

कनाडा में अमेरिकी राजदूत डेविड कोहेन ने उन रिपोर्टों की पुष्टि की कि फाइव आईज़ भागीदारों ने इस मामले पर खुफिया जानकारी साझा की थी। जब उनसे पूछा गया कि उनके सहयोगियों ने हत्या की सार्वजनिक रूप से निंदा करने की कनाडा की अपील को खारिज कर दिया था, तब उन्होंने कहा कि ‘उन्हें निजी राजनयिक बातचीत पर टिप्पणी करने की आदत नहीं है’।

दरअसल, कनाडा की संख्या से 35 गुना बड़ा भारत को कोई भी देश नाराज करना नहीं चाहता है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने तो यून महासभा में इस मामले पर भारत के खिलाफ कुछ बोलने के बजाय आर्थिक रूप से तरक्की करने को लेकर उसकी जमकर तारीफ की है। सारे देश ये जानते हैं कि निज्जर एक आतंकी था और उसकी हत्या में भारत की भूमिका को लेकर कनाडा अभी तक कोई सबूत नहीं पेश कर पाया है।

3 नाबालिगों की मौत, 4 का चल रहा इलाज, फरार सारिक की तलाश: 2 मंजिला मकान में चल रही पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, आसपास के घर भी क्षतिग्रस्त

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक दोमंजिला मकान के अंदर ब्लास्ट होने की खबर है। इस धमाके में 3 नाबालिगों की मौत हो गई है जबकि 4 अन्य लोग घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि घनी आबादी के बीच मौजूद इस मकान के अंदर पटाखे बनाने का काम चल रहा था। घटना के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। सारिक नाम का किराएदार फरार है जिसकी तलाश की जा रही है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। घटना शनिवार (23 सितंबर 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र का है। यहाँ रूपनगर कॉलोनी में शनिवार को सुबह लगभग 10:30 पर जोरदार धमाका हुआ। ब्लास्ट एक दोमंजिला मकान के अंदर हुआ जिसे फिलहाल सारिक नाम के व्यक्ति ने किराए पर ले रखा था। धमाके की आवाज सुन कर आसपास के लोग जमा हुए। विस्फोट से मकान मलबे में तब्दील हो गया था। विस्फोट से आसपास के कुछ मकानों को भी नुकसान पहुँचा है। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस के साथ बचाव कार्यों के लिए फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुँची।

मकान के मलबे से 8 साल की अलीना और 9 साल की अलीशा के शव निकले। 17 साल का एक अन्य युवक इरफ़ान गंभीर रूप से घायल था जिसने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इन सभी के अलावा 1 अन्य बच्चा, 3 महिलाएँ और 1 युवक मलबे में दबे पाए गए। इन सभी को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। स्थानीय निवासी आदिल ने आरोप लगाया है कि घनी आबादी के बीच बने उस मकान में अवैध तौर पर पटाखे बनाए जाते थे। यह पटाखे बनाने के लिए मोबिश नाम की महिला अपने 2 बेटों फरदीन और इमरान के साथ मिल कर काम करती थी।

मोबिश और उनके 2 बेटों के अलावा पटाखों की इसी अवैध फैक्ट्री में शाहिस्ता अपनी 2 बेटियों अलीना और आलिशा के साथ काम करती है। इसी फैक्ट्री में गीता और नूरी नाम की 2 अन्य महिलाएँ भी पटाखे बनाती हैं। घटना के समय तेज बारिश के चलते राहत और बचाव कार्यों में थोड़ी देर के लिए बाधा आई थी। हालाँकि, गाजियाबाद पुलिस के DCP ग्रामीण के मुताबिक, राहत और बचाव कार्यों को पूरा करवा लिया गया है। साथ ही घटना के कारणों की जाँच भी जारी है। फरार चल रहे सारिक की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।

नंगा होकर भागता नाबालिग, पीछे-पीछे आरिफ, फिर मिली लाश… बंगाल की यूनिवर्सिटी में रैगिंग और शोषण, महिलाओं की तरफ गंदे इशारे करने के लिए करते थे मजबूर

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित जादवपुर यूनिवर्सिटी (Jadavpur University) में छात्र की हुई मौत के मामले में परेशान करने वाले तथ्य सामने आए हैं। जाँच में पता चला है कि रैंगिंग के दौरान छात्र यौन उत्पीड़न किया गया था और इसके तुरंत बाद उसने छत की कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस दौरान छात्र नंगा ही एक कमरे से दूसरे कमरे में भाग रहा था। वहीं, यूनिवर्सिटी के वीसी ने कहा कि वे भी रैगिंग के शिकार हुए हैं।

दरअसल, जाँच करने के लिए बनी एक समिति ने अपनी रिपोर्ट में इन सब बातों का खुलासा किया है। पिछले सप्ताह दिए अपने रिपोर्ट में समिति का कहना है कि साजिश रचकर छात्र के साथ रैगिंग की गई थी। इससे पहले उसे पूरी तरह अलग-थलग कर दिया गया था। हालाँकि, छात्र की मौत को लेकर कोई स्पष्ट बात नहीं कही गई है। इसमें कहा गया है कि छात्र की मृत्यु की दो संभावनाएँ हैं – ‘उकसाने वाली घटना का मामला और हत्या का मामला’।

हिंदुस्तान टाइम्स ने जाँच समिति की रिपोर्ट के आधार पर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 9 अगस्त 2023 की रात छत से कूदकर आत्महत्या करने से पहले विश्वविद्यालय के प्रथम वर्ष के छात्र स्वप्नदीप कुंडु (Swapandeep Kundu) साथ रैगिंग और यौन उत्पीड़न किया गया था। जाँच से पता चला है कि फ्रेशर पूरी तरह से नग्न अवस्था में था और उत्पीड़न वालों से छिपने की कोशिश में एक कमरे से दूसरे कमरे में भाग रहा था।

अंग्रेजी अखबार एवं ऑनलाइन मीडिया HT ने जाँच रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि सात सदस्यीय समिति ने यह भी कहा है कि प्रथम वर्ष के छात्रों को अक्सर छात्रावास से सटे पुलिस क्वार्टर में रहने वाली महिलाओं पर टिप्पणी और भद्दे इशारे करने के लिए मजबूर किया जाता था। ऐसी ही एक घटना के दौरान 17 साल का मृतक छात्र टूट गया और फूट-फूटकर रोने लगा था। इस दौरान उसने अपने सीनियर छात्र से पेट दर्द का बहाना बनाया तो उसे दवा दे गई।

85 लोगों से पूछताछ के बाद बनाई गई 46 पेज की जाँच रिपोर्ट में कहा गया है, “9 अगस्त की रात लगभग 11.30 बजे छात्रावास में रहने वाले एक लड़के ने जोर से रोने की आवाज सुनी और भागकर दूसरी मंजिल के गलियारे में गया। वहाँ उसने देखा कि पीड़ित पूरी तरह से नग्न था और पहले शौचालय में और फिर कमरा नंबर 65 में घुसने की कोशिश कर रहा था।” इसके पहले, रात 11 बजे एक असेंबली बुलाकर प्रथम वर्ष के छात्रों को इकट्ठा किया गया। इसमें पीड़ित को नहीं बुलाया गया था। इसके बाद उसके साथ भयानक रैंगिंग शुरू की गई।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है, “जब पीड़ित ने कमरे का दरवाज़ा बंद करने की कोशिश की तो मोहम्मद आरिफ़ और अन्य सीनियर ने धक्का देकर दरवाज़ा खोल दिया और उसे बाहर खींच लिया। इसके बाद उसे पानी की एक बोतल दी गई, जिसमें से उसने थोड़ा सा पीया और फिर बोतल आरिफ पर फेंक दी। यह सब तब हुआ जब पीड़ित दूसरी मंजिल पर कई सीनियर के सामने पूरी तरह नंगा खड़ा था। उस दौरान गलियारा पूरी तरह रौशनी से चमक रहा था। उसे बेहद अपमान का सामना करना पड़ रहा था।”

कई प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना के बारे में बताया कि इसके बाद पीड़ित छात्र गलियारे के अंतिम छोर की ओर भागा। उसके पीछे-पीछे मोहम्मद आरिफ भी था। इसके बाद वह लोगों की आँखों से ओझल हो गया। नीचे उसकी लाश थी। अन्य छात्रों का कहना है कि मृतक हँसमुख और मिलनसार था, लेकिन 8 अगस्त 2023 को जब वह ओरिएंटेशन प्रोग्राम में शामिल होने आया तो वह तनाव में और घबराया हुआ था। इस दौरान दो सीनियर द्वारा रोके जाने पर वह खाने का पैकेट लिए बिना ही कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर चला गया।

रिपोर्ट में कहा गया है, “हर रात छात्रावास में रहने वाले प्रथम वर्ष के छात्रों को हॉस्टल के बगल में स्थित पुलिस क्वार्टर में रहने वाली महिलाओं पर अश्लील टिप्पणी और भद्दे इशारे करने के लिए मजबूर किया जाता था। पीड़ित शुरू में ऐसा करने से हिचक रहा था, लेकिन कई बार उसे ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया। ऐसे ही एक समय के बाद ऐसा कराने वाले अपने सीनियर के सामने वह फूट-फूट कर रोने लगा। उसने पेट दर्द की शिकायत की और उसे एंटासिड दिया गया।”

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ‘लगभग 8.20 बजे शाम को उसे डाइनिंग हॉल में पसीना से सराबोर देखा गया। उसने अपने एक साथी से कहा था कि वह बहुत डरा हुआ है, क्योंकि सीनियर उसके कमरे में शराब पी रहे हैं। रैगिंग का अगला सत्र कमरा नंबर 104 में रात 9 बजे के आसपास शुरू हुआ।” इसके बाद यह पूरी घटना हुई। इस मामले में अब तक 13 वर्तमान एवं पूर्व छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें तृतीय वर्ष का मोहम्मद आरिफ भी शामिल है।

मैं भी रैंगिक का शिकार: वीसी

जादवपुर यूनिवर्सिटी के नवनियुक्त कुलपति बुद्धदेव साव ने कहा कि उनके साथ भी रैगिंग हुई है। उन्होंने कहा कि छात्रों को रैंगिंग ना झेलना पड़े, इसके लिए परिसर में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालाँकि, कुछ छात्र इसका विरोध कर रहे हैं और इसको लेकर वीसी का घेराव भी किया।

इस पर वीसी ने कहा, “छात्र अन्यायपूर्ण माँग कर रहे हैं। वे लगातार मेरा इस्तीफा माँग रहे हैं। मुझे किसी भी फैसले को लागू नहीं करने दे रहे। इस पूरे गिरोह के पीछे बड़े लोगों का हाथ है। ये गिरोह छात्रों का सर्वनाश कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि छात्रों के अत्याचार को नहीं सह पाने की वजह से यूनिवर्सिटी के डीन को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दरअसल, डीन ने परिसर में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए थे। डीन ऑफ स्टूडेंट्स की ओर से जारी किए गए नए निर्देशों के मुताबिक, छात्रावास में अब रात 10 बजे के बाद कोई भी व्यक्ति प्रवेश नहीं कर सकता है, चाहे वह हॉस्टल का छात्र ही क्यों ना हो। रात 10 बजे बंद होने के बाद छात्रावास का गेट सुबह 6 बजे खुलेगा।

अगर किसी छात्र को विशेष परिस्थितियों में बाहर आने-जाने की जरूरत पड़ती है तो उसके लिए छात्रावास के अधीक्षक की अनुमति लेनी पड़ेगी। इसके अलावा, छात्रावास में जो लोग मिलने आएँगे, उन्हें छात्र अपने कमरे में नहीं ले जा पाएँगे। आगंतुक से विजिटर्स रूम में मुलाकात करनी होगी। बाहरी लोगों को अपना परिचय पत्र दिखाना होगा और छात्रावास के रजिस्टर में अपना नाम, पता व मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से लिखना होगा। इन सब दिशा-निर्देशों का छात्र विरोध कर रहे हैं।

बताते चलें कि परिसर में कई तरह की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। जादवपुर यूनिवर्सिटी परिसर में सिर्फ रैंगिग ही नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों के सेवन और तस्करी का खुलासा भी हो चुका है। वहाँ से शराब की सैकड़ों बोतलें बरामद की जा चुकी हैं।

निज्जर की हत्या के बाद खालिस्तानियों के पास भागी-भागी पहुँची थी FBI, चेताया – खतरा है: अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी को लेकर खुलासा, ‘5 Eyes’ मिल के कर रहे थे काम

खालिस्तानियों को प्रश्रय देने के कारण कनाडा से भारत के रिश्ते तल्ख़ चल रहे हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ बता दिया, जिसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिक को देश से निकाला। हरदीप सिंह निज्जर कई आतंकी घटनाओं में शामिल रहा था। अब ‘The Intercept’ की एक रिपोर्ट से पता चला है कि अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी FBI के अधिकारियों ने अमेरिका में रह रहे खालिस्तानियों से मुलाकात कर के उन्हें चेताया था कि उनका जीवन खतरे में है।

हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद ‘फ़ेडरल इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो’ के अधिकारियों ने इन खालिस्तानी आतंकियों से मुलाकात की थी। हरदीप सिंह निज्जर ‘खालिस्तानी टाइगर फ़ोर्स (KTF)’ नामक एक संगठन चलाता था। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित सरे में एक गुरुद्वारा के बाहर 18 जून, 2023 को उसे अज्ञात हमलावरों ने मार गिराया था। ‘अमेरिकन सिख कोकस कमिटी’ के कोऑर्डिनेटर प्रीतपाल सिंह ने बताया कि कैलिफोर्निया में 2 अन्य अमेरिकी सिखों को फोन कॉल कर के और उनके घर जाकर उनसे मुलाकात कर के FBI ने चेताया था।

उन्होंने बताया, “जून 2023 के अंत में FBI के 2 अधिकारियों ने मुझसे मुलाकात की थी। उन्होंने मुझे चेताया कि मेरे जीवन को खतरा है। हालाँकि, उन्होंने ये स्पष्ट नहीं बताया कि ये खतरा किधर से है। लेकिन, उन्होंने ये सलाह ज़रूर दी कि मुझे सावधान रहना चाहिए।” 2 अन्य अमेरिकी सिखों ने भी कुछ ऐसा ही बताया। हालाँकि, अमेरिका या उसकी ख़ुफ़िया एजेंसी की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ‘ब्रिटिश कोलंबिया गुरुद्वारा काउंसिल’ के प्रवक्ता मोनिंदर सिंह ने बताया कि कनाडा की ख़ुफ़िया एजेंसी ने भी उन्हें चेतावनी दी थी।

FBI ने कैलिफोर्निया स्थित खालिस्तानियों से मुलाकात की थी। कैलिफोर्निया के NGO ‘इंसाफ’ के को-डायरेक्टर सुखमन धामी ने बताया कि पूरे देश भर में कई सिखों को पुलिस ने खतरे को लेकर आगाह किया था। बताया जा रहा है कि ‘5 Eye’ पार्टनर अमेरिका, कनाडा, न्यूजीलैंड, यूके और ऑस्ट्रलिया ने इस संबंध में आपस में ख़ुफ़िया सूचनाओं का आदान-प्रदान किया था। वहीं कनाडा की खुफिया एजेंसी ने निज्जर की हत्या से पहले ही कुछ सिख कट्टरपंथी नेताओं से मुलाकात कर के कहा था कि उन्हें खतरा है।

बता दें कि ‘5 Eyes’ इन 5 देशों का ख़ुफ़िया गठबंधन है। इसके तहत ये एक-दूसरे के साथ इंटेलिजेंस की सूचनाएँ साझा करते हैं। इसका इतिहास द्वितीय विश्व युद्ध तक जाता है, जब अमेरिका के युद्ध में घुसने से पहले यूके के साथ उसकी ख़ुफ़िया बैठकें होती थीं। यूके के प्रधानमंत्री रहे विंस्टन चर्चिल ने सोवियत से अंग्रेजी भाषी देशों को खतरा जताया था और ऐसे गठबंधन की ज़रूरत बताई थी। पाँचों देशों की कई ख़ुफ़िया एजेंसियाँ इसके तहत साथ काम करती हैं।

शुद्धिकरण, हवन, पूजा-पाठ… 70 मुस्लिमों ने एक साथ की घर-वापसी: कभी मौलवी और मुस्लिम नेता ने करवा दिया था इस्लामी धर्मांतरण, अब बोले – काफी बदल चुका है समय

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में सामूहिक घर-वापसी की खबर है। यहाँ 10 परिवारों के 70 लोगों ने इस्लाम त्याग कर घर वापसी की है। लगभग 10 साल पहले इन सभी को किसी मौलवी और मुस्लिम नेता द्वारा इस्लाम कबूल करवाया गया था। शनिवार (23 सितंबर, 2023) को घर वापसी करने वाले सभी लोगों का शुद्धिकरण योग साधना यशवीर आश्रम में हुआ। इस अवसर पर सभी ने वेदमंत्रों के बीच हवन किया और खुद को बेहद खुश बताया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुजफ्फरनगर के ब्लॉक बघरा स्थित योग साधना यशवीर आश्रम में शनिवार को सुबह से लोगों का जमावड़ा होना शुरू हुआ था। यहाँ के स्वामी मृगेंद्र सिंह ने मीडिया को बताया कि जोगी समुदाय के लगभग 10 परिवारों ने आज से लगभग 10 साल पहले इस्लाम कबूल किया था। तब धर्मांतरण के लिए किसी मौलवी और स्थानीय मुस्लिम नेता ने इन सभी हिन्दुओं को उकसाया था। घर-वापसी करने वालों ने मौलवी पर डराने-धमकाने और लालच देने का भी आरोप लगाया।

लगभग 10 साल बाद इन सभी लोगों ने फिर से सनातनी बनने की इच्छा जाहिर की। इसी इच्छा के साथ सभी लोग आश्रम पहुँचे थे। यहाँ सभी 70 लोगों का पहले वैदिक विधान से शुद्धिकरण करवाया गया। बाद में सभी ने वेदमंत्रों के बीच पूजा-पाठ और हवन आदि किया। इन 70 लोगों में बच्चे, महिलाएँ, युवा और वृद्ध सभी लोग शामिल थे। इन्हीं में से एक व्यक्ति नाहिद था जो अब अरविंद कुमार बन चुके हैं। एक महिला नाज़िया का नया नाम कविता देवी रखा गया है। ज़ाकिर से सोनू बनने वाले व्यक्ति के मुताबिक, अब समय काफी बदल चुका है। इसी बदलाव ने ज़ाकिर को घर वापसी की प्रेरणा दी।

घर-वापसी करने वाले कुछ अन्य लोगों के नाम इमरान, सलीम, शहनाज, फरमान, मोनू हसन, रुखसाना, रेशमा, अरबाज, रहीश, जैद, आकिल, सलाउदीन, सौफीयान, इस्माइल, माहिरा, रोहिना,लविश, ताहिर, जाकिर, खूशबु, अलीना आदि हैं। घर-वापसी के इस कार्यक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल इस वीडियो में कई लोग एक बड़े हवन कुंड के आगे सामने बैठे आचार्य के साथ हवन कर रहे हैं।

‘ज़रूरत के समय हमारे लोगों को बचाने के लिए भारत आया आगे’: डोमिनिका ने कोरोना वैक्सीन के लिए किया धन्यवाद, बताया – एक राजधानी में बैठा रह गया, नहीं मिली मदद

कोरोना वायरस पूरी दुनिया में एक भयंकर महामारी बन कर सामने आई थी। ऐसे कठिन समय में जब बड़े-बड़े देशों और कंपनियों ने गरीब देशों को धोखा दिया, तब भारत उनका मददगार बन कर सामने आया। भारत ने न सिर्फ अपने नागरिकों को 200 करोड़ कोरोना वैक्सीन की डोज दी, बल्कि 100 से अधिक देशों को भी वैक्सीन भेजी। इसे ‘वैक्सीन डिप्लोमेसी’ भी कहा गया। अब डोमिनिका के विदेश मंत्री विन्स हेंडरसन ने इस बारे में बात की है और भारत की तारीफ़ की है।

विन्स हेंडरसन डोमिनिका के विदेश मामलों के साथ-साथ व्यापार एवं ऊर्जा विभाग के मंत्री भी हैं। न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम में उन्होंने आमंत्रण के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि कोरोना महामारी के दौरान उन्हें एक बड़ा सबक सीखने को मिला। उन्होंने बताया कि दुनिया की एक बड़ी राजधानी में उन्हें उस दौरान समय गुजारा, जिसका वो नाम नहीं लेंगे। उन्होंने आगे बताया कि उनका छोटा सा देश है जिसकी कमाई पर्यटन पर आधारित है।

उन्होंने ये भी ध्यान दिलाया कि उस समय उनके लोगों की सुरक्षा के लिए और महामारी से बाहर निकलने के लिए डोमिनिका को कोरोना वैक्सीन की सख्त ज़रूरत थी। लेसर एंटिल्स में स्थित कैरिबियाई देश के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम में बताया कि उस दौरान भारत मदद के लिए आगे आया और उसने डोमिनिका को कोरोना वैक्सीन भेजी। इसके बाद डोमिनिका ने भारत द्वारा भेजी गई वैक्सीन के जरिए कैरिबिया के अन्य देशों की भी मदद की और इससे लोगों की जान बची।

उन्होंने कहा, “मैं ज़रूरत के समय हमारी मदद करने के लिए भारत सरकार और वहाँ के नागरिकों का व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद करना चाहता हूँ।” बता दें कि फरवरी 2021 में भारत ने डोमिनिका को 35,000 कोरोना वैक्सीन की खेप भेजी थी। डोमिनिका की 72,000 की जनसंख्या में से आधे को इससे फायदा मिला। तब वहाँ के प्रधानमंत्री रूज़वेल्ट स्केरिट ने कहा था कि ईश्वर ने उनके देश की प्रार्थनाएँ सुन लीं। उन्होंने कहा था कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से इतनी जल्दी उन्हें मदद मिलेगी।

‘भारत की G20 अध्यक्षता ऐतिहासिक, मील का पत्थर’: संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष ने जम कर की तारीफ़, उधर कनाडा के सर्वे में ट्रूडो के लिए बुरी खबर

भारत की अध्यक्षता में जी-20 सम्मेलन का दुनिया भर में तारीफ हो रही है। अब संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष डेनिस फ्रांसिस ने इसकी तारीफ की है। फ्रांसिस ने कहा कि जी-20 में अफ्रीकी यूनियन को स्थायी सदस्य बनाकर भारत की अध्यक्षता में जी-20 ने एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर बताया है। वहीं, जी-20 के दौरान बवाल करने वाले कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की लोकप्रियता घटती जा रही है और लोग चाहते हैं कि वे प्रधानमंत्री का पद छोड़ दें।

‘ग्लोबल साउथ में भारत एवं संयुक्त राष्ट्र: विकास के कार्य’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए फ्रांसिस ने कहा, भारत की अध्यक्षता वाला हाल ही संपन्न हुआ जी-20 सम्मेलन एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुआ है। अफ्रीकी संघ को इसमें स्थायी सदस्य के रूप में शामिल करने की भारत की पहल ने ग्लोबल साउथ में एकजुटता और सहयोग का मजबूत संदेश भेजा है।”

फ्रांसिस ने कहा कि भारत बेहतर भविष्य की परिकल्पना वाली दुनिया के मिशन में अद्वितीय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने भारत के योगदान वाली विरासत को मार्गदर्शक प्रकाशपूंज बताया। इसके साथ ही उन्होंने भारत को लोकतंत्र को बढ़ावा देने वाला, महिला नेतृत्व आधारित विकास को बढ़ावा वाला बताया। इसके साथ ही उन्होंने भारत द्वारा किए जा रहे अनेक प्रयासों की भी तारीफ की।

दूसरी तरफ, जी-20 सम्मेलन के दौरान भारत आए कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने मेजबान देश के प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए बवाल कर दिया था। उन्होंने सुरक्षा एवं अन्य कारणों को देखते हुए भारत द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रेसिडेंशियल सुइट में ठहरने से इनकार कर दिया था और जबरन होटल के एक साधारण कमरे में ठहरे थे।

मेजबान देश में जाकर बवाल करने वाले और आतंकवाद को प्रश्रय देकर दूसरा पाकिस्तान बनने की राह पर चल पड़े ट्रूडो की आलोचना पूरी दुनिया में हो रही है। हाल ही में किए गए एक सर्वे में उनकी लोकप्रियता लगातार घट रही है। कनाडा के अधिकांश लोग चाहते हैं कि भारत के साथ रिश्तों में कड़वाहट घोलने वाले ट्रूडो अब प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दें।

सर्वे से पता चला कि अब केवल 31 प्रतिशत कनाडाई उन्हें अपने नेता के रूप में पसंद करते हैं, जबकि 40 प्रतिशत लोग दिग्गज कंजर्वेटिव लीडर पियरे पोइलिवरे को पसंद करते हैं। वहीं, विवादास्पद खालिस्तान समर्थक नेता जगमीत सिंह 22 प्रतिशत समर्थन के साथ तीसरे स्थान पर हैं। पिछले साल की अपेक्षा ट्रूडो की लोकप्रियता में चार अंक की गिरावट आई है।

सर्वे बताता है कि यदि कनाडा में आज चुनाव हो जाए तो कंजर्वेटिव पार्टी की बहुमत वाली सरकार बन जाएगी। कनाडा के स्थानीय और भारतीय मूल के लोग, दोनों मानते हैं कि ट्रूडो की अपेक्षा पोइलिवरे कनाडा के बेहतर प्रधानमंत्री साबित होंगे। हालाँकि, इस सर्वे में लिबरल पार्टी के चेहरा के रूप में ट्रूडो सर्वोच्च स्थान पर बने हुए हैं।

मौलवी ने 9 साल की बच्ची का किया बलात्कार, खून से लथपथ और बेहोश छोड़ हो गया फरार: मस्जिद में चलने वाले मदरसे में दीनी तालीम लेने जाती थी पीड़िता

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में एक मदरसे के अंदर नाबालिग बच्ची से रेप की खबर है। रेप का आरोप मदरसे में दीनी तालीम देने वाले मौलवी पर लगा है। दुष्कर्म के बाद बच्ची की तबीयत काफी बिगड़ गई है। इलाज के लिए पीड़िता को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ हालात खराब होने के चलते उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। घटना के बाद मौलवी फरार हो गया जिसकी तलाश की जा रही है। घटना शनिवार (23 सितंबर, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला मुज़फ्फरनगर के थाना क्षेत्र बुढ़ाना का है। यहाँ के सफीपुर पट्टी इलाके में नूरजहाँ मस्जिद है। इस मस्जिद में एक मदरसा चलता है जहाँ आसपास के मुस्लिम वर्ग के लोग अपने बच्चों को पढ़ाते हैं। यहाँ बच्चों को दीनी तालीम देने की जिम्मेदारी मौलवी इरफ़ान पर थी। पड़ोस में रहने वाली 9 साल की पीड़िता इसी मदरसे की छात्रा थी। हर दिन की तरह शनिवार को भी बच्ची सुबह 9 बजे मदरसे में पढ़ने गई। तब बाकी बच्चे नहीं आए थे। मौलवी इरफ़ान ने बच्ची को अकेला पाकर उसे झाड़ू लगाने के बहाने अंदर बुलाया। अंदर जाने पर उसने पीड़िता को दबोच लिया और उसके साथ बलात्कार किया।

थोड़ी ही देर में बच्ची खून से लथपथ हो कर बेसुध हो गई। मौलवी को लगा कि पीड़िता मर चुकी है। वो बच्ची को उसी आपत्तिजनक हालत में ही मदरसे में छोड़ कर भाग निकला। थोड़ी देर में पीड़िता को होश आया और वो अपने घर पहुँची। लड़की के परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस में की। पुलिस ने मौलवी इरफ़ान पर IPC की धारा 376 (रेप) के साथ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर लिया। फरार हुए मौलवी की तलाश के लिए पुलिस टीमों का गठन कर दिया गया है और दबिश दी जा रही है।

बुढ़ाना के डिप्टी एसपी यतेंद्र नागर ने आरोपित की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया है। इधर बच्ची को इलाज के लिए पहले स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत गंभीर होने के चलते यहाँ से उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया। यहाँ डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए पीड़िता को मेरठ के मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया है। पीड़ित परिजनों ने आरोपित मौलवी इरफ़ान के लिए फाँसी की माँग की है।

कॉलर पकड़ा, थप्पड़ मारे, धक्का दिया… अपने कुत्ते का पोस्टर लगा कर दीवारों को खराब किया, मना करने पर महिला ने की बदतमीजी: वीडियो वायरल

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक महिला द्वारा एक व्यक्ति के साथ बदतमीजी का मामला सामने आया है। इस दौरान महिला के पति ने भी उसका साथ दिया। मामला नोएडा के सेक्टर-75 का है। वीडियो वायरल होने के बाद यूपी पुलिस ने दंपति के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। घटना बुधवार (20 सितंबर, 2023) की है। महिला ने अपने पालतू कुत्ते के खो जाने के बाद सोसाइटी में पोस्टर लगाए थे। उसका आरोप है कि इस व्यक्ति ने पोस्टर को हटा दिया।

AIIMS गोल्फ एवेन्यू सोसाइटी में रहने वाली इस महिला का कहना है कि कुछ दिनों पहले उसका पालतू कुत्ता खो गया था। इसके बाद वो आसपास पोस्टर लगाने लगीं। इस दौरान वहाँ रहने वाले एक व्यक्ति ने आपत्ति जताई। उसने कहा कि दीवारों पर कुछ ही दिन पहले पेंटिंग की गई थी, ऐसे में इन पोस्टरों से उन्हें नुकसान पहुँच रहा है। उसने महिला को इन पोस्टरों को हटाने और अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन के पास कुत्ते के खो जाने की शिकायत करने की सलाह दी।

इसी दौरान उक्त महिला ने उस पुरुष के साथ बदतमीजी शुरू कर दी, जिसका वीडियो भी सामने आया है। महिला इस दौरान उस व्यक्ति का कॉलर पकड़ कर कहती दिख रही हैं, “गलत कैसे बोला?” फिर वो कहती हैं, “पहले तो तमीज से बात करो।” वो व्यक्ति कहता दिख रहा है, “आप मारोगे क्या किसी को? आप बदतमीजी करोगे? आपको यहाँ के नियम मानने पड़ेंगे।” इस दौरान एक कुत्ता लेकर आया महिला का पति भी उस व्यक्ति का हाथ पकड़ कर उससे बदसलूकी करता है।

पहले वो महिला बातचीत कर रही होती है, लेकिन इसके बाद वो आक्रामक हो जाती है। इस दौरान अपार्टमेंट का गार्ड समेत कुछ और लोग भी जमा हो जाते हैं। महिला उसे थप्पड़ मारने की कोशिश करती है और उसके बाल खींचती है। ACP सौम्या सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता एक राजनीतिक पार्टी का सदस्य है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है। IPC की धारा-151 (शांतिभंग) लगाते हुए मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित की पहचान नवीन मिश्रा के रूप में हुई है।

वहीं बदतमीजी कर रही महिला का नाम अरुणिमा सिंह उर्फ़ आशी है, जो सोसाइटी में किराये पर रहती है। नवीन मिश्रा ‘अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन’ के अध्यक्ष भी हैं। आरोप है कि पोस्टर से दीवार खराब हो रहे थे और उन पर खरोंच आ रहे थे। महिला का पति की पहचान नितिन के रूप में हुई है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि घटना के 3 दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई करने की कोशिश भी नहीं की। उक्त महिला के पिता के भी पुलिस अधिकारी होने की बात बताई जा रही है।

‘ऊपर रं*वा राज कर रहा है, नीचे पं*वा राज कर रहा है’: हरियाणा कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष ने PM मोदी पर की आपत्तिजनक टिप्पणी, विरोध होने पर बोले – नहीं माँगूँगा माफ़ी

हरियाणा कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष उदयभान ने पीएम नरेंद्र मोदी और राज्य के सीएम मनोहर लाल खट्टर के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है। इसके बाद उन्होंने माफी माँगने से भी इनकार कर दिया। इस पर भाजपा का कहना है कि राहुल गाँधी ही इस तरह की भाषा को बढ़ावा दे रहे हैं। वहीं, वाराणसी में पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक का मामला सामने आया।

हरियाणा कॉन्ग्रेस अध्यक्ष उदयभान का वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो एक कार्यक्रम का बताया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान जब उनसे महिला आरक्षण को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने पीएम और सीएम के लिए भद्दे शब्दों का इस्तेमाल किया। उदयभान ने कहा है, “ऊपर रं@वा राज कर रहा है, नीचे पं@वा राज कर रहा है। उसने जीते जी अपनी पत्नी को मार दिया। नीचे वाले को पता ही नहीं कि क्या होता है घर-परिवार चलाना।”

इस बयान पर मचे बवाल के बाद उदयभान ने माफी माँगने से इनकार कर दिया। साथ ही अपना बयान दोहराते हुए कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा था। उदयभान ने कहा, “मैंने ये कहा था जो इतने सालों से अपनी पत्नी को छोड़े हुए हैं। एक रं@वा की तरह रह रहे हैं। मुख्यमंत्री ने शादी तो की ही नहीं। ऊपर रं@वा राज कर रहा है। नीचे पं@वा राज कर रहा है। इसमें क्या गाली है? क्या इसमें गलत बयानी है? जो सच्चाई थी, मैंने वह कह दिया तो तिल का ताड़ राई का पहाड़ बना दिया।”

उदयभान ने आगे कहा है, “यदि मैंने कोई गलत बयान दिया होता तो मैं माफी माँग लेता। लेकिन, इसमें मैं किस बात के लिए माफी माँगूँ? मैं मान रहा हूँ कि मैंने यह बयान दिया है। मैंने सच ही कहा है। मैं पहले भी 20-30 रैलियों में यह कह चुका हूँ। अगर भाजपा को लगता है कि मैंने गलत बयान दिया है तो मेरे खिलाफ FIR करे, कोर्ट में जाएँ।”

हरियाणा कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष उदयभान के इस बयान पर हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा है, “परिवारवाद में डूबी कॉन्ग्रेस पार्टी और परिवारवाद की मानसिकता के गुलाम लोग यह कभी नहीं समझ पाएँगे कि देश के 140 करोड़ लोगों को पीएम मोदी और हरियाणा के पौने तीन करोड़ लोगों को मैं अपना परिवार मानता हूँ। कॉन्ग्रेस को मैं नहीं हमारे परिवार के लोग जवाब देंगे।”

BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट शेयर कर कॉन्ग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने लिखा, ” कॉन्ग्रेस भाषा को लेकर हाय-तौबा मचा रही थी। अब हरियाणा कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष ने पीएम और सीएम के लिए बेहद गंदी भाषा का इस्तेमाल किया है। क्या कॉन्ग्रेस उन्हें बरख़ास्त करेगी? क्या यही मोहब्बत की दुकान है? नहीं, यह कॉन्ग्रेस के गाली-गलौच का सामान है।”

उन्होंने आगे लिखा, “मोदी समाज को गाली देने से लेकर, नीच, गंगू तेली, पीएम के माता-पिता को गाली देने तक, रावण, भस्मासुर, कब खुदेगी मोदी की तक राहुल गाँधी ने इस तरह की भाषा और व्यवहार को बढ़ावा दिया है। राहुल गाँधी, खड़गे और सोनिया ने खुद भी बेहद खराब गालियों का इस्तेमाल किया है। यहाँ तक कि कॉन्ग्रेस ने तो जनता को भी राक्षस कहा है। यही कॉन्ग्रेस का चरित्र है।”

पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर हैं। जहाँ उनकी सुरक्षा में चूक हो गई। पीएम का काफिला रुद्राक्ष सेंटर के पास से एयरपोर्ट के लिए रवाना हो रहा था। इसी दौरान एक युवक काफिले के सामने कूद गया। रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि जब युवक काफिले के सामने आया, तब पीएम की कार महज 10 फीट की दूरी पर थी। SPG ने युवक को पकड़ लिया है। अब उससे पूछताछ की जा रही है।