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‘सनातन विरोधी ताकतों ने हाथ मिला कर किया ऐसा’: String चैनल को डिलीट किए जाने के बाद YouTube पर भड़के बालाजी मंदिर के महंत

वीडियो प्लेटफॉर्म YouTube ने राष्ट्र एवं धर्म के विषयों को उठाते हुए कंटेंट बनाने वाले चैनल ‘String’ को डिलीट कर दिया है। न कोई चेतावनी दी गई और न ही बताया गया कि चैनल ने क्या गलती की है, सीधे इसे हटा दिया गया। YouTube ने एक सन्देश भेज कर कहा है कि चैनल ने प्लेटफॉर्म द्वारा तय किए गए दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया है, इसीलिए इसे डिलीट किया जाता है। इसके बाद ‘String’ के संचालक विनोद कुमार ने पूछा है कि आखिर किसे खुश करने के लिए उनका चैनल डिलीट किया गया?

बता दें कि ये कार्रवाई तब की गई है, जब विनोद कुमार ने ‘The Vaccine War’ फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री के साथ एक इंटरव्यू शूट किया था और इसे यूट्यूब पर पब्लिश किया ही जाने वाला था। अब चिलकुर बालाजी मंदिर के महंत रंगराजन ने इसके लिए यूट्यूब की निंदा की है। उन्होंने इस एक्शन को अवैधानिक करार दिया है। चिलकुर रंगराजन ने कहा कि बिना कोई कारण बताए या नोटिस दिए ‘String Reveals’ चैनल को अचानक से डिलीट कर दिया जाना YouTube के उपद्रवी व्यवहार को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, “YouTube एक कमर्शियल प्लेटफॉर्म है। एक व्यापारिक कंपनी है। ऐसी कंपनियों में नियम-कानून होते हैं, लेकिन अपनी इच्छानुसार कुछ भी कर देना या अपने कहे को ही सर्वोपरि मानना, बिना कारण बताए ‘String’ चैनल को डिलीट करना दुःखी करने वाला है। मैं केंद्र सरकार से एक सीधा सवाल पूछता हूँ – YouTube को इस देश में इतनी आज़ादी क्यों है? इस देश में IT एक्ट लागू है भी या नहीं? यूट्यूब भारत के संविधान के हिसाब से काम कर रहा है या नहीं।”

उन्होंने कहा कि ‘String’ चैनल को तुरंत वापस लाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो ताकतें सनातन धर्म को खत्म करने के लिए उद्यत हैं, उन्होंने ही आपस में हाथ मिला कर ‘String’ चैनल को यूट्यूब से डिलीट करवाया है। चिलकुर बालाजी मंदिर के महंत ने ये भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद-19 द्वारा दी गई अभिव्यक्ति की आज़ादी के अधिकार का YouTube ने उल्लंघन किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस चैनल को रीस्टोर किए जाने के लिए कदम उठाने का निवेदन किया।

अयोध्या ट्रेन कांड में मारा गया अनीस और घायल आजाद खान ने नाबालिग हिंदू लड़कियों का किया था ब्रेनवॉश, फिर धर्मांतरण कर निकाह: सुनिए गाँव-घर वालों की दर्दभरी कहानी

उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में 30 अगस्त 2023 को एक महिला कॉन्स्टेबल पर ट्रेन में हमला हुआ था। आरोप है कि अनीस, आज़ाद और विशम्भर ने पहले महिला सिपाही के साथ छेड़खानी का प्रयास किया और विरोध करने पर बेरहमी से पिटाई की। इस मामले में पुलिस ने शुक्रवार (22 सितंबर 2023) को मुख्य आरोपित अनीश को मार गिराया है।

वहीं, आज़ाद और विशम्भर इस मुठभेड़ में घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। यह घटना अनीस और आज़ाद की पहली वारदात नहीं थी। इनके गुनाहों की परतों को खोलने के लिए ऑपइंडिया की टीम ने अनीस और आज़ाद के गाँव तथा मुठभेड़ स्थल का दौरा किया। इस दौरे में हमने पाया कि दोनों आरोपितों का न सिर्फ आपराधिक इतिहास बेहद लम्बा है, बल्कि इन पर ग्रूमिंग जिहाद और दलित उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप भी हैं।

अनीश और आज़ाद खान ने किए हिन्दू लड़कियों से निकाह

ऑपइंडिया की टीम अयोध्या के हैदरगंज थाना क्षेत्र स्थित गाँव दशलावन के लिए निकली। मृतक अनीस और घायल आज़ाद खान इसी गाँव के निवासी हैं। अयोध्या शहर से लगभग 50 किलोमीटर दूर यह गाँव सुल्तानपुर जिले की सीमा से लगता है। गाँव में काफी पुलिस फ़ोर्स तैनात दिखी। मृतक अनीस के घर के आगे पुरुष और महिला पुलिसकर्मी दोनों नियुक्त थे।

अनीस के घर के आगे लाइन से कई हरे झंडे लगे दिखे। इस दौरान हमें पता चला कि मृतक अनीस ने अपने घर से लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित मनऊपुर गाँव की एक दलित समुदाय की हिन्दू महिला से निकाह किया है। निकाह से पहले उस दलित लड़की का नाम अंतिमा था। अब वह बानो के नाम से जानी जाती है। बानो एक बच्ची की माँ हैं, जिसका नाम आरिफा है।

मृतक अनीस का घर और तैनात पुलिस बल

वहीं, इसी मुठभेड़ में गिरफ्तार किए गए आरोपित आज़ाद खान ने भी एक हिन्दू लड़की से निकाह किया है। आज़ाद की बीवी OBC समुदाय से है, जो उसी दशलावन गाँव की है। शादी से पहले मुन्ना की बेटी सुमन अब शबाना के नाम से जानी जाती है। सुमन का आज़ाद खान से निकाह लगभग 13 साल पहले हुआ था। अब शबाना 4 बच्चों की अम्मी है। गाँव में अनीस और आज़ाद का घर लगभग अगल-बगल ही है।

गाँव की बाग़ में चहलकदमी करता अनीस का अब्बा

नाबालिग अंतिमा से निकाह करने पर आमादा था अनीश

ऑपइंडिया की टीम ने मनऊपुर गाँव में जाकर पहले अनीस की बीवी अंतिमा (अब बानो) की माँ से मुलाकात की। अंतिमा की माँ ने रोते हुए बताया कि उनकी फूल जैसी बच्ची के पीछे अनीस तब से पड़ा था, जब वो नाबालिग थी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल आने-जाने के दौरान अनीस ने क्लास 8 में ही अंतिमा को अपने वश में कुछ खिला-पिला के कर लिया।

अंतिमा की माँ ने बताया कि पहले तो अनीस नाबालिग उम्र में ही अंतिमा से निकाह करना चाहता था, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप से ये नहीं हो पाया। बाद में अनीस अंतिमा के बालिग होने का इंतज़ार किया और उसके बालिग होते ही अपने साथ ले गया। अंतिमा की माँ ने हमें आगे बताया कि उनकी 5 अन्य बेटियों और 2 बेटों के साथ पूरी बिरादरी ने इस रिश्ते का विरोध किया। मामला पुलिस में गया और पीड़ित परिजनों ने अनीस पर अंतिमा के अपहरण का आरोप लगाया था।

हालाँकि, अंतिमा ने पुलिस के आगे खुद को बालिग़ बताते हुए अनीस के साथ रहने की इच्छा जताई थी। अपनी बेटी के महज 25-26 साल की उम्र में ही विधवा हो जाने की खबर पर रोती हुई उसकी माँ ने हमें बताया कि वो चाह कर भी उसे अपने परिवार में वापस नहीं ला पाएँगी। इसकी वजह उन्होंने खुद को बिरादरी द्वारा बेदखल करने की चेतावनी और अपने खुद के बेटों द्वारा कोई संबंध न रखने का संकल्प बताया।

अंतिमा (अब बानो) की माँ

अंतिमा की माँ ने हमें आगे बताया, “हम हिन्दू, वो मुसलमान। हमारा उनका क्या मेल। अपने ही धर्म में शादी की होती तो भी रास्ता निकल आता।” उन्होंने हमें बताया कि बेटी के मुस्लिम से निकाह कर लेने के बाद उनके पति मानसिक रूप से बीमार हो गए और अब पागलों जैसी हरकतें करते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा, “अगर हमारी बेटी ही हमारी नाक नीची न करती तो अब तक अनीस जेल काट रहा होता।”

अंतिमा की माँ का दावा है कि 5 साल पहले हुए निकाह के बाद उन्होंने या उनके परिवार ने कभी अपनी बेटी से बात भी नहीं की। उनको ये भी नहीं पता था कि अब उनकी बेटी अंतिमा का नाम बानो हो चुका है। जब हम वापस जाने लगे तब अंतिमा की माँ ने हमें कहा, “मैंने उसे पैदा किया है। बहुत दर्द है अंदर हमें। पर हम कुछ नहीं कर सकते। उस घर में वो इतनी लम्बी जिंदगी नहीं काट पाएगी। आप लोग उसको हिम्मत देना।”

हमारे लिए मर चुकी है सुमन

ऑपइंडिया की टीम अंतिमा के बाद सुमन के घर पहुँची। सुमन से आज़ाद खान ने निकाह किया है। 4 बच्चों की माँ सुमन अब शबाना बन चुकी है। सुमन और आज़ाद खान के घर के बीच की दूरी महज कुछ कदमों की है। दोनों एक ही गाँव के निवासी हैं। सुमन के पिता का नाम मुन्ना है। सुमन की माता हमें दरवाजे के आगे बैठी मिलीं। अपनी बेटी का नाम सुनते ही उनकी आँखों में पहले तो आँसू आ गए। बाद में खुद को संभालते हुए उन्होंने कहा कि अब वो उन सभी के लिए मर चुकी है।

सुमन की माँ ने हमें आगे बताया कि उनकी बेटी स्कूल जाती थी, तब से आज़ाद खान उसके पीछे लगा रहता था। स्कूल आते-जाते समय ही दोनों एक दूसरे के सम्पर्क में आए। लगभग 13 साल पहले जब सुमन 20 साल की हुई, तब दोनों ने निकाह कर लिया। सुमन की माँ का कहना है कि उन्होंने तब आज़ाद के खिलाफ केस किया और पुलिस से लेकर कोर्ट तक में केस लड़ा था। हालाँकि अंत में खुद सुमन द्वारा कोर्ट व पुलिस के आगे आज़ाद खान के साथ रहने की इच्छा जताई।

सुमन चौहान (अब शबाना) की माँ

शबाना बन चुकी सुमन की माँ ने कहा कि उस बयान के बाद उन्होंने कभी सुमन या उसके घर की तरफ मुँह करके भी नहीं देखा। अपनी ही बेटी द्वारा समाज में खुद को अपमानित करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि महिला सिपाही के केस या उससे पहले हुए किसी भी मामले से आज़ाद पर हुए एक्शन से उनको या उनके परिवार को कोई फर्क नहीं पड़ता।

हालाँकि, मृतक अनीस और मुठभेड़ में घायल आज़ाद आजाद ने अपनी-अपनी हिंदू बीवियों का कानूनी तौर पर धर्म परिवर्तन कराने के बाद कानूनी तौर पर ही नाम बदलवाया है या महज जुबानी है, इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।

गाँव में कई प्रदेशों की हिन्दू लड़कियाँ मुस्लिमों के घरों में

ऑपइंडिया ने दशलावन गाँव के कुछ अन्य लोगों से बात की। इन लोगों ने खुद को डरा बताते हुए सुरक्षा कारणों से अपनी पहचान उजागर नहीं करने की अपील की। एक दलित महिला ने बताया कि उसके गाँव में कई हिन्दू महिलाएँ मुस्लिमों के घर में निकाह करके आई है। ये लड़कियाँ दिल्ली और बिहार सहित दूसरे प्रदेशों की हैं। गाँव के ही लगभग 20 साल पुराने एक केस की याद दिलाते हुए एक अन्य महिला ने हमें बताया कि तब किसी हिन्दू लड़की से निकाह में मौलवी बाबा का नाम सामने आया था।

ऑपइंडिया बता चुका है ग्रूमिंग जिहाद की गम्भीरता

बताते चलें कि ऑपइंडिया ने इससे पहले कई बार ग्रूमिंग जिहाद की गम्भीरता को सबके सामने रखा है। यह समस्या अच्छी-खासी मुस्लिम आबादी वाले सिर्फ भारत जैसे विकासशील देशों की ही नहीं, बल्कि फ्रांस और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों की भी हैं। जिहाद के इस रूप में गैर-मुस्लिम लड़कियों का ब्रेनवॉश करके उन्हें मुस्लिम युवकों से सिर्फ निकाह ही नहीं, बल्कि अपना सब कुछ छोड़ कर उनकी गुलामी करने के लिए मानसिक तौर पर तैयार किया जाता है।

राजस्थान में खाकी पस्त, अपराधी मस्त: कॉन्स्टेबल को गोली मारी, फिर 3 बार कार से कुचला… सब कुछ चेकपोस्ट के सामने

राजस्थान में पुलिस महकमा ही सुरक्षित नहीं तो आम लोगों की सुरक्षा के तो क्या ही कहने? दरअसल राज्य के बाराँ जिले की वन चौकी में तैनात एक पुलिसकर्मी ने मादक पदार्थों की तस्करी रोकने की कोशिश की। नतीजा क्या हुआ? ड्रग तस्करों ने न केवल उन्हें गोली मारी बल्कि उनको तीन बार गाड़ी से भी कुचला।

पुलिसकर्मी की जान तो बच गई लेकिन इस दौरान उनके पैरों और गले में चोट आई है। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। पूरी वारदात के दौरान आपाधापी में तस्कर मौके पर अपना गाड़ी और 241 किलोग्राम मादक पदार्थ वहीं छोड़कर फरार हो गए। ये जानकारी शुक्रवार (22 सितंबर) को सारथल के एक पुलिस अधिकारी ने दी।

गोली लगने के बाद भी नहीं बख्शा

राजस्थान पुलिस के मुताबिक, ये घटना गुरुवार (21-22 सितंबर) रात की है। बाराँ जिले की वन चौकी के कॉन्स्टेबल सुजान सिंह ने इस क्षेत्र में पातालपानी गाँव की तरफ से आ रही एक कार को देख उसे रुकने का इशारा किया। इसके बाद कार में बैठे दो तस्करों ने कार की रफ्तार कम की और एक ने खिड़की से कॉन्स्टेबल सिंह पर गोली चला दी।

ये गोली उनकी कमर के ऊपरी हिस्से में जा लगी और वो जमीन पर गिर पड़े। इतने पर भी तस्करों ने उन्हें नहीं बख्शा। इसके बाद उन्होंने तीन बार उन पर कार चढ़ाई। इससे उनके कॉलर बोन और पैर की हड्डी में फैक्चर आ गया। इसके बावजूद उन्होंने सारथल स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) महावीर किराड को इस बारे में सूचना दी।

प्लास्टिक की थैली में ड्रग छोड़ हुए फरार

कॉन्स्टेबल सुजान सिंह की सूचना के बाद पास की चेकपोस्ट से एक टीम को घटनास्थल की तरफ रवाना किया गया। तस्करों ने पुलिस टीम को आते देख लिया। इसके बाद वो अपनी कार छोड़कर जंगलों में भाग खड़े हुए। एसएचओ महावीर किराड के मुताबिक, कार की तलाशी लेने पर प्लास्टिक की थैलियों में करीब 241 किलोग्राम ड्रग्स मिली।

ड्रग्स के अलावा एक देशी पिस्तौल, पिस्तौल की एक गोली भी बरामद हुई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक काली कार में मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही है। एसएचओ किराड ने बताया कि घायल कॉन्स्टेबल का एकलेरा शहर के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है, उनकी हालत स्थिर है।

वीडियो फेक और AI जेनरेटेड: जालंधर के मशहूर कुल्हड़ पिज्जा चलाने वाले कपल का प्राइवेट वीडियो वायरल, सोनिया गिरफ्तार

पंजाब के जालंधर स्थित मशहूर ‘कुल्हड़ पिज्जा’ दुकान चलाने वाले पति-पत्नी सहज अरोड़ा और गुरप्रीत कौर विवादों में घिर गए हैं। बुधवार (20 सितंबर 2023) को सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो वायरल हो गए, जिसे सहज और गुरप्रीत के निजी पलों के वीडियो बताए जा रहे हैं। इस घटना से कपल और उनके परिवार को गहरा मानसिक आघात लगा है। उन्होंने कहा कि यह वीडियो फेक और AI जेनरेटेड है।

कुल्हड़ पिज्जा के मालिक सहज अरोड़ा ने 22 सितंबर 2023 को इंस्टाग्राम पर अपना दूसरा वीडियो संदेश जारी किया। इसमें उन्होंने लीक हुए वीडियो के कारण परिवार को पहुँचने वाले मानसिक आघात के बारे में बताते हुए रो पड़े। पीड़ित सहज ने रोते हुए लोगों से इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करने की अपील की।

अपने वीडियो में सहज अरोड़ा ने कहा, “मुझे 2 दिन पहले एक बच्चा हुआ है। जिस घर में इस समय हँसी और जयकार गूँजना चाहिए और उत्सव होना चाहिए, वहाँ सन्नाटा पसरा हुआ है। मेरी पत्नी जवान है, मुझे उसे मनाने में दिक्कत हो रही है। आप लोगों के घर में भी माताएँ, बहनें और बेटियाँ हैं।”

सहज ने आगे कहा, “अभी हमारी स्थिति की कल्पना कीजिए… ना तो हम अपने घर से बाहर निकल सकते हैं और ना ही कुछ और कर सकते हैं। हम बर्बाद हो गए। एक व्यक्ति हमारे बारे में बकवास कह रहा है। कभी टिप्पणियों के माध्यम से तो कभी ऑनलाइन लाइव आकर। मैं हाथ जोड़कर विनती कर रहा हूँ कि कृपया वीडियो को शेयर न करें।”

सहज ने कहा कि इस मुद्दे में वह पुलिस की सहायता ले रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस फर्जी वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने वाले शख्स से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सहज ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, “हमारा जीवन बर्बाद हो गया है और हमने जो कुछ भी कमाया था, वह भी खत्म हो गया है।”

इस वीडियो में सहज ने आरोप लगाया कि इस घटना का मास्टरमाइंड अभी भी फरार है, क्योंकि गिरफ्तार लड़की के पास इतना तकनीकी ज्ञान नहीं है कि वह वीडियो को इतने बड़े पैमाने पर वायरल कर सके।

दरअसल, जो सेक्स टेप तेजी से वायरल हुआ है, वह अश्लील है। इसमें एक जोड़े के बीच के अंतरंग पलों को दिखाया गया है। वीडियो में पुरुष का चेहरा पूरा दिखाई दे रहा था, जबकि महिला का चेहरा आंशिक रूप से दिखाई दे रहा था। इसके अलावा, वीडियो में दिख रही महिला का टैटू गुरप्रीत कौर जैसा ही था।

इसके अतिरिक्त, वीडियो में जो महिला दिख रही है उसने लाल चूड़ियाँ पहन रखी हैं, जो पारंपरिक रूप से महिलाओं द्वारा उनकी शादी के बाद पहनी जाती हैं। इससे यह पता चलता है कि वीडियो कपल की शादी के बाद लिया गया था। कुल्हड़ पिज़्ज़ा वाले जोड़े के पहले के कई वीडियो में गुरप्रीत कौर को पारंपरिक लाल ‘चूड़ा’ पहने हुए भी देखा गया है।

वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सहज अरोड़ा ने 21 सितंबर दिन गुरुवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए अपने पहले वीडियो संदेश में सहज ने आरोप लगाया कि यह वीडियो नकली है और इसमें दृश्यों को बदलने के लिए AI का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा था कि टेप वायरल होने के बाद से वह और उनका परिवार आघात से गुजर रहा है।

सहज अरोड़ा ने खुद को सेक्सटॉर्शन (Sextortion) रैकेट का शिकार बताया था। अपने वीडियो में उन्होंने कहा था, “वायरल वीडियो पूरी तरह से मनगढ़ंत है। हमें 15 दिन पहले इंस्टाग्राम पर वीडियो के साथ एक संदेश मिला। सोशल मीडिया यूजर ने वीडियो इंटरनेट पर पोस्ट करने की धमकी देकर हमसे पैसे माँगे। इसके बाद मैंने जालंधर के पुलिस स्टेशन नंबर 4 में शिकायत दर्ज कराई।”

सहज ने अपने पहले वीडियो में कहा था, “पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। हालाँकि, मैं अन्य कार्यों में व्यस्त हो गया और पुलिस आगे की कार्रवाई करने में असमर्थ हो गई। फिर, अचानक, वीडियो वायरल हो गया। उन्होंने आगे दावा किया कि ब्लैकमेलर्स ने वीडियो में चेहरे बदलने के लिए AI तकनीक का इस्तेमाल किया होगा।

सहज ने लोगों से इस वीडियो को आगे शेयर ना करने और इसे डिलीट करने का आग्रह किया। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ उन्होंने कानूनी कार्रवाई करने की धमकी भी दी है। इस पूरे मामले में जालंधर पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है।

एक महिला पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार

सहज अरोड़ा और उनकी पत्नी गुरप्रीत कौर के वीडियो वायरल होने के बाद जालंधर पुलिस हरकत में आई और उसने सोनिया नाम की 23 वर्षीय महिला को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बारे में एसीपी निर्मल सिंह ने बताया, “कुल्हड़ पिज्जा ने जालंधर पुलिस स्टेशन नंबर 4 में शिकायत दर्ज की। शिकायत में आरोप और तथ्य बहुत गंभीर थे। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एफआईआर नंबर 90, दिनांक 29/9/2023 को आईटी एक्ट की धारा 66 ई) और 66 (डी) और आईपीसी की धारा 509, 384 के तहत दर्ज किया गया। हमने सोनिया नाम की एक महिला अपराधी को गिरफ्तार किया है।”

एसीपी एसीपी निर्मल सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित सोनिया कुल्हड़ पिज्जा की पूर्व कर्मचारी बताई जा रही है। इसे दोनों ने नौकरी से निकाल दिया था। संभवत: बदला लेने के लिए महिला ने एक फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाकर कुल्हड़ पिज्जा कपल को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था।

ACP ने आगे बताया कि फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए ब्लैकमेलर ने एक बैंक अकाउंट नंबर साझा किया और दंपति से उसके खाते में 20,000 रुपए ट्रांसफर करने को कहा। उसने दंपति को धमकी दी कि अगर उन्होंने उसकी माँगें नहीं मानी तो वह वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लीक कर देगी। इस बैंक खाते के आधार पर ही जालंधर पुलिस ने महिला का पता लगाया।

एसीपी एसीपी निर्मल सिंह के अनुसार, सबसे पहले 59 सेकंड का एक वीडियो वायरल हुआ था। जब सहज अरोड़ा ने इसकी पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी और एक बयान जारी किया तो तीन और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए। ये वीडियो क्रमशः 35, 10 और 13 सेकंड लंबे हैं।

सहज अरोड़ा और गुरप्रीत कौर ने 2021 में शादी की थी। इस जोड़े को कुल्हड़ या मिट्टी के मग में पिज्जा बेचने की अपनी अनूठी शैली के लिए लोकप्रियता मिली। उनके दुकान को लेकर एक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर ने ऑनलाइन बातें की तो यह रातोंरात सनसनी बन गईं। यह जोड़ी तब से सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के रूप में काम कर रही है। इस जोड़े ने हाल ही में एक बच्चे को जन्म दिया है।

कृपया ध्यान दें कि इस मामले की अब पुलिस जाँच कर रही है। लीक हुए इस वीडियो को साझा करते हुए पकड़े जाने पर किसी भी व्यक्ति को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

लूटे गए और अवैध हथियार 15 दिनों में जमा करो: मणिपुर सरकार सख्त, अवैध बंदूक + फर्जी पुलिस वर्दी में जो धराए, कोर्ट ने दे दिया सबको बेल

मणिपुर सरकार ने वहाँ के लोगों से अपील की है कि वो अपने अवैध हथियार 15 दिनों के अंदर सरेंडर कर दें। सरकार ने ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। इसे लेकर राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के कार्यालय ने एक बयान जारी किया है।

राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि राज्य सरकार ने शुक्रवार (22 सितंबर, 2023) से 15 दिनों के अंदर अवैध हथियार या लूटे गए हथियार जमा करवाने का अभियान शुरू किया है। इस दौरान ऐसे हथियारों को जमा करने वाले लोगों पर सरकार विचार करने के लिए तैयार है।

मणिपुर सरकार ने चेतावनी वाले लहजे में यह भी कहा कि जिनके पास अवैध हथियार हैं और वो पुलिस-प्रशासन तक इसे 15 दिनों के भीतर अगर जमा नहीं करते हैं तो पूरे राज्य में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही अवैध हथियारों रखने वाले सभी लोगों से कानून के मुताबिक गंभीरता से निपटा जाएगा।

इन अवैध हथियारों के इस्तेमाल से अपराधियों द्वारा जबरन वसूली, धमकी और अपहरण की खबरें आई हैं। मणिपुर सरकार ने इसे एक गंभीर मामला बताया है और स्पष्ट कहा कि ऐसे समूहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। इसके अलावा मणिपुर सरकार ने लोगों से राज्य में शांति और सामान्य हालात लौटाने के लिए केंद्र और राज्य का सहयोग करने की अपील भी की है।

मणिपुर मानवाधिकार आयोग (एमएचआरसी) की सिफारिशों पर राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक को सुरक्षा बलों के शस्त्रागार और चुराचाँदपुर बंदूक की दुकान से जातीय दंगों के दौरान लूटे गए हथियारों एवं गोला-बारूद को बरामद करने का निर्देश दिया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक राज्य में भड़के जातीय दंगों के दौरान भीड़, हमलावरों और उग्रवादियों ने पुलिस स्टेशनों व पुलिस चौकियों से 4,000 से अधिक कई तरह के अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद लूट लिया था।

इसके अलावा राज्य सरकार ने एक प्राइवेट टेली कम्युनिकेशन कंपनी (एयरटेल) को नोटिस भी जारी किया है। एयरटेल को यह नोटिस सरकार के 20 सितंबर के मोबाइल इंटरनेट सेवा निलंबित रखे जाने के आदेश के बावजूद चुराचाँदपुर और पड़ोसी बिष्णुपुर जिले के कुछ क्षेत्रों में सेवाएँ मुहैया करवाने की वजह से दिया गया है।

जो हथियार के साथ धराए, कोर्ट से उन सबको जमानत

मणिपुर में विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुछ लोगों को अवैध हथियारों के संग गिरफ्तार किया था। इन लोगों ने अवैध हथियारों के साथ-साथ पुलिस की वर्दी भी पहन रखी थी। इस संबंध में सभी 5 आरोपितों पर UAPA के तहत केस दर्ज किया गया था। शुक्रवार (22 सितंबर) को एक विशेष अदालत ने इन पाँच आरोपितों को जमानत दे दी।

कोर्ट ने हालाँकि निर्देश दिया है कि इन सभी आरोपितों को पुलिस जाँच में सहयोग करना होगा। जमानती आदेश में यह भी कहा गया कि कोई भी आरोपित बगैर सूचना दिए राज्य से बाहर नहीं जा सकेंगे।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान कर्फ्यू लगे होने के बावजूज महिलाएँ वहाँ बैठ गई थीं। इससे पहले इन पाँचों आरोपितों को छोड़ने की माँग को लेकर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच गुरुवार (21 सितंबर) को कई जगहों पर झड़प हुई थी। इसे लेकर कर्फ्यू लगाया गया था।

एयरटेल को नोटिस

राज्य में मोबाइल इंटरनेट सेवाएँ अब भी निलंबित हैं। सरकार के इस आदेश के बावजूद 20 सितंबर को चुराचाँदपुर और पड़ोसी बिष्णुपुर जिले के कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएँ जारी थीं। एक अधिकारी के मुताबिक, इसे लेकर एयरटेल को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किया है। राज्य सरकार ने एयरटेल से शुक्रवार तक इस संबंध में लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा है।

अधिकारी के मुताबिक, आयुक्त (गृह) टी रणजीत सिंह ने इंफाल में एयरटेल के मुख्य तकनीकी अधिकारी आशीष बंसल को इसे लेकर लेटर लिखा है। इसमें कहा गया, “ये सेवा प्रदाता की तरफ से गंभीर चूक है और इस वजह से कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ और उकसाने वाली क्लिप और संदेश प्रसारित होने की आशंका है, जिससे सांप्रदायिक तनाव, घृणा और अफवाह फैलने का खतरा है।”

मंदिर की मूर्तियों की तरह शक्तिहीन हैं सांसद: आरक्षण की बात करते-करते राहुल गाँधी ने दिया हिंदू विरोधी बयान, वामपंथी अखबार The Hindu ने की लीपापोती

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने एक बार फिर हिंदू विरोधी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संसद में चुनकर प्रतिनिधि मंदिर की मूर्तियों की तरह हैं। सिर्फ दिखावे के लिए। उनके पास कोई शक्ति नहीं है। हालाँकि, राहुल गाँधी को पता ही नहीं है कि मंदिरों में मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा की जाती है, तब वे भगवान का दर्जा हासिल करते हैं। देश का न्यायालय भी भगवान को एक आईडेंटिटी मानता है। खैर, ये बातें राहुल गाँधी तब समझते, जब वे हिंदू धर्म को समझते। हालाँकि, उनकी इस नामसझ और हिंदू विरोधी बयान पर वामपंथी अखबार ‘द हिंदू’ ने लीपा-पोती करने की कोशिश की है।

दरअसल, राहुल गाँधी महिला आरक्षण और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के बारे में कॉन्ग्रेस के विचार रख रहे थे। इस दौरान उन्होंने OBC आरक्षण की भी बात छेड़ दी। राहुल ने कहा- लोकसभा को टेंपल ऑफ डेमोक्रेसी कहा जाता है। आप किसी भी बीजेपी के एमपी से पूछ लीजिए कि क्या वो कोई भी डिसिजन लेता है? कोई कानून बनाता है? कोई कानून बनाने में भाग लेता है? बिल्कुल नहीं। ना कॉन्ग्रेस का एमपी इस लोकसभा में और ना बीजेपी का एमपी और ना इंडिया का कोई और एमपी डिसिजन नहीं लेता है।”

राहुल गाँधी ने आगे कहा, “MPs को… जैसे मंदिर में मूर्ति होती है वैसे मूर्तियाँ बना रखी हैं। और OBC की वहाँ पर मूर्तियाँ भर रखी हैं, मगर पावर बिल्कुल नहीं है। देश को चलाने में कोई भागीदारी नहीं है। ये सवाल मैंने उठाया है। हर OBC युवा को समझना है कि क्या आपको इस देश को चलाने में भागीदारी मिलनी चाहिए या नहीं। अगर मिलनी चाहिए तो क्या आपकी आबादी सिर्फ 5 प्रतिशत है?” इस वीडियो में आप राहुल गाँधी को 4:25 से 5:45 तक सुन सकते हैं।

वहीं, राहुल गाँधी के हिंदू विरोधी बयान को अलग परिप्रेक्ष्य देने की कोशिश द हिंदू ने की है और उनके बयान में से मंदिर का जिक्र ही हटा दिया है। द हिंदू ने लिखा, “सांसदों के साथ मूर्तियों जैसा व्यवहार किया जाता है और कानून बनाने की प्रक्रिया में उनके पास कोई शक्ति या भूमिका नहीं है।” अगर ऊपर दिए गए राहुल गाँधी के बयान को पढ़ें या सुने तो साफ हो जाएगा कि द हिंदू ने उनके बयान के साथ क्या खेल किया है। हालाँकि, मीडिया में कुछ वर्ग है, जो राहुल गाँधी की गलतियों पर पर्दा डालने की कोशिश करता है, लेकिन देश की सतर्क जनता से ये बातें छुप नहीं पाती हैं।

वहीं, राहुल गाँधी के इस बयान पर भाजपा ने निशाना साधा है। भाजपा के पूर्व महासचिव पी मुरलीधर राव ने X पर पोस्ट में लिखा, “हिंदू विरोधी राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस एक बार फिर बेनकाब हो गए हैं! अगर राहुल गाँधी को लगता है कि मंदिरों में मूर्तियाँ शक्तिहीन और निर्जीव हैं तो वे इतने सारे मंदिरों में क्यों जा रहे हैं? हिंदुओं के लिए इससे अधिक अपमानजनक कुछ और नहीं हो सकता। हालाँकि, हिंदुओं की भावनाओं को आहत करना चुनावी हिंदू राहुल गाँधी के लिए कोई नई बात नहीं है।”

दरअसल, मुस्लिम वोटबैंक के दबाव में हिंदुओं की प्रथा और संस्कृति से दूर रहने वाली कॉन्ग्रेस और उसके नेता साल 2014 के बाद से मंदिरों में नजर आने लगे हैं। राहुल गाँधी और उनकी प्रियंका गाँधी कई बार मंदिरों में पूजा करने पहुँचे। इस दौरान इन लोगों ने जमकर फोटो सेशन भी कराया और खुद को हिंदू बताया। इतना ही नहीं, राहुल गाँधी ने तो एक जनेऊ भी दिखाया था। हालाँकि, गाँधी परिवार हिंदू होने का दिखावा कर रहा है, लेकिन हिंदुओं की भावनाओं को आहत करना अभी छोड़ा नहीं है।

भारत माता की जय नहीं = राहुल गाँधी की राजनीति: BSP सांसद दानिश अली से मिले, लगाया गले

लोकसभा में भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी के निशाने पर आकर बसपा सांसद दानिश अली चर्चा में हैं। बिधूड़ी द्वारा दानिश को ‘ओए भड़&’, ‘ओए उग्रवादी’, ‘ओए कट&‘, ‘ये आतंकवादी है, ये उग्रवादी है’, ‘ये मुल्ला उग्रवादी है’, ‘बाहर देखूँगा इस मुल्ले को’ जैसे संबोधनों से नवाजे जाने के बाद कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी दानिश से मिलने पहुँचे।

दानिश अली का इतिहास बहुत अच्छा नहीं है और ना ही राहुल गाँधी का देश के प्रति जिम्मेदारी का कोई सजग उदाहरण है। दानिश अली कुख्यात हिंदूहंता टीपू सुल्तान के कब्र का दौरा करने और भारत माता की जय के नारे लगाने से मना करने वाले नेता हैं। वहीं, राहुल गाँधी विदेशों में जाकर राष्ट्रविरोधी नेताओं से मिलने वाले और देश के खिलाफ बयान देने वाले नेता हैं।

लोकसभा में बिधूड़ी के बयान के बाद कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने शुक्रवार (22 सितंबर 2023) को सांसद दानिश अली से उनके घर जाकर मुलाकात की। इस दौरान दानिश अली गले लगाकर राहुल गाँधी ने उनके साथ एकजुटता प्रकट की और इस मुलाकात को ‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान‘ बताया। राहुल गाँधी ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया साइट X पर भी शेयर कीं।

राहुल गाँधी के ट्वीट का जवाब देते हुए बसपा सांसद दानिश अली ने कहा, “आप अचानक आ गए, मेरा हौसला बढ़ा गए! नफ़रत हारेगी, मुहब्बत जीतेगी!!!” उन्होंने आगे कहा, “आपकी इस यात्रा ने मुझे देश में बढ़ती नफरत की संस्कृति के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने की बहुत ताकत दी! धन्यवाद राहुल जी।”

दानिश अली ने बिधूड़ी के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा और मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने का आग्रह किया। बिधूड़ी द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों पर सदन के उपनेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खेद जताया था। दरअसल, बिधूड़ी ने जिस समय यह टिप्पणी की थी, उस समय वे ‘चंद्रयान-3’ की सफलता और अंतरिक्ष के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों के विषय पर चर्चा में भाग ले रहे थे।

विवादों से रहा है पुराना नाता

दानिश अली कई बार विवादों में रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित टिप्पणी की थी, तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी जहरीले बयान दे चुके हैं। हालाँकि इस साल वो दो बार विवादों में आए। इस साल फरवरी माह में उन्होंने टीपू सुल्तान की कब्र का दौरा किया। उन्होंने कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष को ललकारते हुए खुद को टीपू सुल्तान का ‘प्राउड फॉलोवर’ बताया था।

बीते अगस्त माह में ही कुँवर दानिश अली ने अमरोहा में ‘भारत माता की जय‘ के नारे पर आपत्ति जताई थी। यही नहीं उन्होंने एक कार्यक्रम में भारत माता की जय का नारा लगाने पर आपत्ति करते हुए जमकर हंगामा किया था। उन्होंने कहा कि चूँकि ये सरकारी कार्यक्रम है, इसलिए ‘भारत माता की जय’ का नारा न लगाया जाए। उनकी इस हरकत पर गुस्साई भाजपा ने उन्हें जिहादी करार दिया था।

राहुल गाँधी के इस ड्रामे के दौरान उनके साथ कॉन्ग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल भी थे। दरअसल, कुछ ही महीने बाद देश लोकसभा चुनावों की प्रक्रिया से गुजरेगा। ऐसे में राहुल गाँधी दानिश अली के बहाने मुस्लिम वोटबैंक को कॉन्ग्रेस की मोड़ने की कोशिश में लगे हैं। इसके साथ ही अपनी ‘मुहब्बत की दुकान’ फॉर्मूले को भी बेचने में लगे हैं।

अशरफ बेग ने हिंदू महिला के साथ किया ‘लव जिहाद’: जबरन अप्राकृतिक संबंध बनाए, इस्लाम अपनाने का डाला दबाव; कश्मीर से गिरफ्तार

बेंगलुरु में आईटी इंजीनियर के तौर पर काम करने वाले 32 साल के मोगिल अशरफ बेग को कश्मीर से गिरफ्तार किया गया है। उस पर बेंगलुरु की एक आईटी कंपनी में काम करने वाली लड़की के साथ लव जेहाद का आरोप है। इस मामले में पीड़िता ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पुलिस से मदद माँगते हुए उस पर अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने का आरोप लगाया था। इसके बाद बेंगलुरु पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था।

लव जेहाद का शिकार बनाकर किया अप्राकृतिक यौन शोषण

पीड़िता ने आरोप लगाया था कि अशरफ बेग ने उसे प्रेमजाल में फँसा लिया था। उसने कहा था कि वो उससे शादी करेगा और धर्म का बंधन नहीं मानेगा। इसके बाद अशरफ के दबाव के बाद उसके साथ लिव-इन में रहने लगी। इस दौरान अशरफ ने जबरन उसके साथ अप्राकृतिक संबंध बनाए।

महिला ने ये भी आरोप लगाया कि जब उसने शादी करने के लिए कहा तो अशरफ उस पर धर्म परिवर्तन कर इस्लाम अपनाने का दबाव डालने लगा। उसने कहा कि जब उसे किसी तरह की मदद नहीं मिली तो उसने एक्स पर इस मामले की सार्वजनिक तौर पर शिकायत की। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, अशरफ बेग को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि पीड़ित ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा थ कि वह लव जिहाद और यौन शोषण की शिकार है। उसने खुद को खतरे में बताते हुए पुलिस से मदद माँगी थी। महिला ने सोशल मीडिया एक्‍स पर पोस्‍ट किया, “सर, मैं लव जिहाद, बलात्कार, अप्राकृतिक यौन संबंध और जबरन धर्म परिवर्तन का शिकार हूँ। कृपया मुझे बेंगलुरु में तुरंत पुलिस सहायता प्रदान करें क्योंकि मेरी जान खतरे में है।”

एक दूसरे पोस्ट में महिला ने कहा था, “कश्मीरी आदमी फेसबुक पर दोस्त बना, पैसे ले लिए और अब जब मैंने पैसे वापस माँगे तो वह मुझे नुकसान पहुँचाने की धमकी दे रहा है। बाद में मुझसे शादी करने का भरोसा दिलाकर पैसे माँगता रहा। मेरी मदद करें, मुझे कश्मीर पुलिस से कोई मदद नहीं मिल रही है।”

इस मामले में 7 सितंबर को कर्नाटक पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपित की तलाश तेज कर दी थी। इस मामले में महिला ने बेंगलुरु पुलिस के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय को भी टैग किया था। कर्नाटक पुलिस ने महिला के पोस्ट का संज्ञान लेते हुए उससे संपर्क किया था।

गौरतलब है कि पीड़िता ने 17 नवंबर 2022 को भी तत्कालीन बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर और वर्तमान भाजपा नेता भास्कर राव को भी एक पोस्ट में कहा था, “अगर मैं कहूँ कि एक हिंदू लड़की से शादी का वादा किया गया और फिर एक कश्मीरी मुस्लिम लड़के ने उसे छोड़ दिया तो क्या आप मदद करेंगे?”

महिंद्रा के बाद अब जिंदल ने दिया कनाडा को झटका: हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया पर लटकी तलवार, बौखलाहट में कनाडाई बाजार

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में हत्या के बाद से भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया है, जिसका असर भी दिख रहा है। कनाडा से महिंद्रा ने अपना धंधा समेट लिया है। इस झटके से अभी बाजार उबर ही रहा था कि एक मामला सामने आ गया।

कनाडा की सबसे बड़ी स्टील कंपनी टेक रिसोर्सेज की कोल यूनिट में हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया से गुजर रही भारतीय कंपनी जेएसडब्ल्यू स्टील (JSW Steel) ने झटका दे दिया है। कहा जा रहा है कि उसने टेक रिसोर्सेज को खरीदने की प्रक्रिया को धीमी कर दी है। इसको लेकर बाजार में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

स्टील कंपनी के शेयर खरीदने की प्रक्रिया हुई धीमी

इस कंपनी से जुड़े एक सूत्र ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि क्षमता के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी स्टील निर्माता जेएसडब्ल्यू स्टील और टेक रिसोर्सेज के बीच हिस्सेदारी पर चर्चा धीमी हो गई है। हालाँकि, कागजी कार्रवाई पर काम चल रहा है। सूत्र ने बताया, “हम मुद्दा शांत होने तक इंतजार करेंगे।”

दोनों कंपनियों ने बयान देने से किया मना

सूत्र ने कहा कि टेक रिसोर्स में जेएसडब्ल्यू 34-37 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की कोशिश कर रहा है। टेक रिसोर्स ने वैश्विक खनन कंपनी ग्लेनकोर द्वारा दिए पूरी कंपनी के लिए दिए गए 22.5 अरब डॉलर (1.87 लाख करोड़ रुपए) के ऑफर को दो बार ठुकरा दिया था। माना जा रहा है कि JSW का ऑफर इससे अधिक ही होगा।

सूत्र ने आगे कहा, “हम यह उम्मीद नहीं कर रहे हैं कि चीजें हाथ से निकल जाएँगी। हम मूल्यांकन के लिए कागजी कार्रवाई कर रहे हैं, बैंकों से बात कर रहे हैं और यह अभी भी हो रहा है।” जेएसडब्ल्यू स्टील ने इस मामले में टिप्पणी से इनकार कर दिया।

वहीं, टेक रिसोर्सेज ने रॉयटर्स के प्रश्नों के ईमेल के जवाब में कहा, “हम बाजार की अफवाहों या अटकलों पर टिप्पणी नहीं करते हैं।” हालाँकि विदेशी निवेश सौदों को मंजूरी देने वाले कनाडा के उद्योग मंत्रालय ने कहा कि किसी विदेशी कंपनी द्वारा कनाडाई कंपनी का अधिग्रहण कनाडा अधिनियम के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा समीक्षा के अधीन होगा।

टेक रिसोर्सेज कंपनी के शेयर गिरे

मामले से जुड़े एक अन्य सूत्र ने कहा कि जेएसडब्ल्यू लेन-देन की फंडिंग के लिए स्टैंडर्ड चार्टर्ड और डॉयचे बैंक सहित कई निवेश बैंकों के साथ बातचीत कर रहा है। जेएसडब्ल्यू स्टील कंपनी इस कनाडाई कंपनी का 34-37 प्रतिशत शेयर खरीदना चाहती है। इस प्रक्रिया के धीमा होने की बात फैलते ही टेक रिसोर्सेज के शेयर 4 प्रतिशत से अधिक गिर गए हैं।

महिंद्रा ने कनाडाई कंपनी से तोड़ा रिश्ता, बंद हुई कंपनी

बता दें कि भारत की मशहूर कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) ने कनाडा की कम्पनी रेसन एयरोस्पेस से अपने संबंध तोड़ लिए थे, जिसमें महिंद्रा एंड महिंद्रा की 11.18% हिस्सेदारी थी। कंपनी ने इसकी जानकारी शेयर मार्केट नियामक SEBI को दी, जिसके बाद ये जानकारी सामने आई।

दरअसल, रेसन एरोस्पेस ने कनाडा में आवेदन करके अपना कारोबार बंद करने की घोषणा की है। रेसन खेती से जुड़े टेक सॉल्यूशन बनाती थी। महिंद्रा एंड महिंद्रा भी खेती से जुड़े कई कारोबार करती है। वह खेती के उपकरण बनाने से लेकर अन्य कार्यों में संलग्न है और विश्व की सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता है। महिंद्रा अमेरिका तथा कनाडा में भी अपना ट्रैक्टर आदि बेचती है।

MotoGP ने लाइव शो में भारत का दिखाया गलत नक्शा, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को किया गायब: विवाद बढ़ने पर मैप बदलकर माँगी माफी

मोटोजीपी (MotoGP) ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में आयोजित की रही मोटरसाइकिल रेसिंग प्रतियोगिता में भारत का गलत नक्शा साझा कर दिया। इसको लेकर जब सोशल मीडिया पर बवाल हुआ तो उसने तुरंत माफी माँग ली। इसके साथ ही मोटोजीपी ने नक़्शे को भी बदल दिया। नोएडा में आज (22 सितम्बर) से बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट में यह आयोजन हो रहा है।

मोटोजीपी ने मोटरसाइकिल रेस की प्रैक्टिस सेशन को लाइव दिखाने दिखाया था। इसे देखने वाले कुछ लोगों ने शिकायत की कि इसमें भारत का ऐसा नक्शा दिखाया गया है, जिसमें जम्मू-कश्मीर और लद्दाख नहीं हैं। नेटिजेन्स ने सोशल मीडिया पर इसकी शिकायत मोटोजीपी से की और इसे तुरंत बदलने को कहा।

मोटोजीपी ने शिकायतों का संज्ञान लेते हुए X (पूर्व में ट्विटर) पर इसके लिए लोगों की माफ़ी माँगी। उसने लिखा, “हम भारत में अपने फैन्स से लाइव ब्रॉडकास्ट के दौरान गलत नक्शा दिखाने के कारण माफ़ी माँगते हैं। हमारी कभी भी मंशा हमारे मेजबान देश की तारीफ़ करने के अलावा और कुछ नहीं होती है। हम नोएडा में पहली बार आकर काफी प्रसन्न हैं।”

मोटोजीपी विश्व में मोटरसाइकिल रेसिंग की सबसे बड़ी प्रतियोगिता है। भारत में पहली बार मोटोजीपी रेस का आयोजन हो रहा है। यह आयोजन नोएडा के बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट पर हो रहा है। इस सर्किट पर पहले फार्मूला 1 रेसिंग का आयोजन हो चुका है।

उत्तर प्रदेश ने मोटोजीपी रेस के लिए अलग प्रबंध किए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रेस के आखिरी दिन यानी 24 सितम्बर 2023 को सभी देशों से आए मेहमानों से मुलाक़ात करेंगे और विजेताओं को पुरस्कार बाँटेंगे। ‘मोटोजीपी भारत’ के लिए आ रहे टॉप कंपनियों के सीईओ के साथ मुख्यमंत्री योगी राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस (सीईओ कॉन्क्लेव) करेंगे।

मोटोजीपी में बीएमडब्ल्यू, मिशेलिन और पिरेली जैसी विदेश की बड़ी ऑटोमोबाइल कम्पनियाँ शामिल हो रही हैं। इस प्रतियोगिता में 11 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इस इवेंट से उत्तर प्रदेश में टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। इस प्रतियोगिता के टिकट 800 रुपए से लेकर 1.80 लाख रुपए तक में बिक रहे हैं।

यह खेल दोपहिया वाहन इंडस्ट्री को रिप्रजेंट करता है। सरकार के अनुसार, इस ग्लोबल रेसिंग इवेंट में कुल मिलाकर प्रतिदिन करीब 1.5 लाख लोग इंगेज होंगे। वहीं, विदेशों से 10,000 लोग इस इवेंट का हिस्सा बनने नोएडा आएँगे। इस इवेंट का 200 देशों में टेलीकास्ट भी किया जाएगा। इसमें 11 टीमें हिस्सा ले रही हैं।