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‘सहजानंद स्वामी की सेवा में महादेव, हाथ जोड़े हनुमान जी’: स्वामीनारायण संप्रदाय के विरोध में संत समाज, भगवान के अपमान से आहत व्यक्ति ने पोता काला पेंट

सालंगपुर में हनुमान जी की मूर्ति के नीचे स्थापित कुछ भित्तिचित्रों पर महावीर बजरंगबली को सहजानंद स्वामी के सेवक के रूप में चित्रित किए जाने से हंगामा मचा हुआ है। वहीं महादेव के अपमान की बात भी सामने आई है। स्वामी नारायण संप्रदाय के इस तरह के व्यवहार से न सिर्फ संत समाज बल्कि कई धार्मिक-सामाजिक संगठन भी आहत हैं। इस मामले में सीहोर थाने में एक आवेदन देकर स्वामीनारायण संप्रदाय के खिलाफ कार्रवाई की माँग की गई है। वहीं एक आहत हिन्दू व्यक्ति ने भित्तिचित्रों पर काला पेंट पोतकर एवं छड़ी से हमला कर विरोध जताया है।

देश गुजरात पोर्टल ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें सालंगपुर में स्वामीनारायण संप्रदाय की वडताल स्थित मंदिर में एक आक्रोशित हिंदू व्यक्ति ने विवादास्पद भित्ति चित्रों पर काला रंग पेंट कर दिया है और साथ ही वह वीडियो में उन पर छड़ी से हमला करते हुए भी दिख रहा है। हालाँकि रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने उसे पकड़ लिया है। 

हनुमान जी और महादेव के अपमान के लिए सोशल मीडिया पर विरोध के साथ मोरारी बापू, हर्षद भारती,  महंत मणिधर बापू, जूनागढ़ गोरखनाथ आश्रम के शेरनाथ बापू, महंत दिलीपदास जी महाराज, महंत इंद्रभारती बापू, महेंद्रानंद गिरि महाराज समेत कई संतों ने भी आक्रोश व्यक्त किया है। इसके अलावा ब्रह्म समाज ने भी सालंगपुर में आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं इस मामले में वीएचपी के महामंत्री का भी बड़ा बयान सामने आया है। 

तस्वीरें वायरल होने के बाद सामने आया मामला 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार,  सालंगपुर में बनी हनुमानजी की विशाल प्रतिमा के नीचे स्थापित भित्तिचित्र में भगवान हनुमानजी महाराज को सहजानंद स्वामी उर्फ ​​नीलकंठवर्णी (सहजानंद स्वामी का बाल रूप) के सेवक के रूप में दर्शाया गया है। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें वायरल होने के बाद यह विवाद और बढ़ गया है।

इस मामले को लेकर जब सनातन धर्म सेवा समिति के सदस्य नीलकंठ भगत और मंदिर के अन्य संतों से मिलने पहुँचे तो उन्होंने हनुमानजी और भगवान शिव को लेकर विवादित टिप्पणी की। रिपोर्ट के अनुसार कहा जा रहा है कि स्वामी नारायण संप्रदाय के संतों से जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “महादेव और महाबली हनुमान जी भगवान सहजानंद स्वामी की सेवा में 24 घंटे मौजूद रहते थे।” यहीं से सालंगपुर मंदिर विवाद और भी बढ़ गया। इसके बाद संगठन के लोगों के द्वारा हनुमानजी को सहजानंद स्वामी के सेवक के रूप में दिखाने के लिए और महादेव को सेवक सेवक बताने के मामले में संगठन और सनातन धर्म को मानने वालों की भावनाएँ आहत हुई हैं। जिसको लेकर स्वामी नारायण संप्रदाय के खिलाफ कार्रवाई की माँग की गई। 

बता दें कि संगठन ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि जिस तरह से हनुमानजी महाराज का अपमान किया गया है और सहजानंद के दास के रूप में दिखाया गया है वह सही नहीं है। शास्त्रों, पुराणों या उपनिषदों में ऐसा कोई प्रमाण नहीं है। हनुमानजी के इस तरह के चित्रण से सनातन धर्म में विश्वास रखने वाले लोगों की भावनाएँ आहत हुई हैं। इसके साथ ही संगठन ने जिम्मेदार लोगों, संतों और हाल ही में बयान देने वाले स्वामी नारायण संप्रदाय के संतों  और उनके सहयोगियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की माँग की है। 

क्या है विवाद की बड़ी वजह 

कुछ समय पहले सालंगपुर मंदिर में स्थित हनुमानजी की विशाल प्रतिमा के नीचे लगे कुछ भित्तिचित्रों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। वायरल हुई तस्वीर में भगवान हनुमान को सहजानंद स्वामी के सामने हाथ जोड़े नमस्कार मुद्रा में खड़े हैं। इसके अलावा एक अन्य भित्तिचित्र में नीलकंठवर्णी (सहजानंद स्वामी के बचपन का नाम) को एक आसन पर बैठे हुए दिखाया गया है, जबकि हनुमानजी को हाथ जोड़कर नमस्कार मुद्रा में बैठे दिखाया गया है।

ज्ञात हो कि सनातन आस्था में हनुमानजी का महत्वपूर्ण स्थान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमानजी को 7 चिरंजीवियों में भी शामिल किया गया है। हनुमानजी को भगवान शंकर का अवतार भी माना जाता है। साथ ही वह भगवान राम के अनन्य भक्त भी हैं। दूसरी ओर, सहजानंद स्वामी का जन्म 1781 में और मृत्यु 1830 में हुई थी। स्वामीनारायण संप्रदाय की स्थापना सहजानंद स्वामी ने ही की थी, जिन्हें स्वामीनारायण भगवान के नाम से भी जाना जाता है। हालाँकि, कुछ वर्षों के बाद संप्रदाय में दरार आ गई और BAPS, वडताल, सोनखड़ा जैसे संगठन अस्तित्व में आए। फिलहाल जो विवाद में है वह वडताल स्थित संस्था है।

सालंगपुर मंदिर विवाद पर विरोध में संत समाज

हनुमानजी को सहजानंद स्वामी के सेवक के रूप में दिखाने को लेकर प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू ने कहा, ”दुनिया में खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करने के लिए कई तरह के फर्जीवाड़े चल रहे हैं। हमारे सौराष्ट्र में हनुमानजी की एक विशाल सुंदर मूर्ति बनाई गई है, जिसके नीचे हनुमानजी को झुककर एक महापुरुष की सेवा करते हुए दिखाया गया है। ये सब घटिया हरकत है, धोखेबाज हैं। समाज को जागने की जरूरत है।”

दूसरी ओर, हर्षद भारती बापू ने भी हनुमानजी के अपमान पर एक वीडियो के जरिए अपना गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने कहा, ”इन लोगों ने हद कर दी है। पहले किताबें ही काफी होती थीं, किताबों में भगवान के चित्र होते थे। भगवान हाथ जोड़े खड़े हैं… और अब सालंगपुर में हजारों लोग हनुमान जी को एक गुलाम, एक चौकीदार के रूप में खड़े देख सकते हैं।  हद हो गई, तुम्हारे पास कौन सा शास्त्र है? संत, कथावाचक, कलाकार, हनुमानजी को मानने वाले संगठन सभी को इस मामले में बोलना होगा।”

इसके अलावा महंत मणिधर बापू ने भी स्वामीनारायण संप्रदाय के संतों को चेतावनी दी है। उन्होंने इस मुद्दे पर कहा, ”हनुमानजी का अपमान करने की ताकत किसी में नहीं है। जो लोग हनुमान जी का अपमान करते हैं वे उनके चरणों में बैठने के भी लायक नहीं हैं। ऐसा अपमान वही कर सकता है जिसका आचरण राक्षस जैसा हो।”

हनुमानजी के आपत्तिजनक भित्तिचित्र नहीं हटाए गए तो होगा उग्र आंदोलन

बता दें कि हनुमान जी के अपमान पर राजकोट ब्रह्म समाज में काफी गुस्सा है। उन्होंने इन विवादित भित्तिचित्रों को हटाने की माँग की है, अगर ऐसा नहीं किया गया तो वह इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में ब्रह्म समाज ने सालंगपुर के संतों को अगली 5 सितम्बर तक का अल्टीमेटम दिया है। 

जूनागढ़ गोरक्षनाथ आश्रम के शेरनाथ बापू ने की माफी माँगने की माँग 

जूनागढ़ गोरखनाथ आश्रम के शेरनाथ बापू ने भी इस मामले में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, “जिस तरह से भित्तिचित्रों में हनुमानजी को भगवान स्वामीनारायण के सेवक के रूप में दिखाया गया है। उन्हें सहजानंद स्वामी महाराज के सामने हाथ जोड़े खड़े दिखाया गया है। यह बहुत दुख की बात है।”

उन्होंने कहा कि जैसा कि हम सभी जानते हैं, प्राचीन काल से ही हनुमान, राम और शिव सभी के पसंदीदा देवता रहे हैं। उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश की जा रही है। कहा जा रहा है कि इससे कई श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुँची है। उन्होंने भित्ति चित्र वाली घटना के लिए माफी माँगने को भी कहा। 

‘हमें अपनी परंपरा को कायम रखना चाहिए’

उधर, अहमदाबाद जगन्नाथ मंदिर के महंत दिलीपदासजी महाराज ने धर्म को नुकसान न पहुँचाने की अपील की है। उन्होंने कहा, ”हनुमानजी अनादि काल से हैं इसलिए हमें अपनी परंपरा का पालन करना चाहिए। ऐसा करने से हमारा और हमारे देवी-देवताओं का सम्मान सुरक्षित रहेगा।”

महामंडलेश्वर महेंद्रानंदगिरि महाराज

मुचकुंद गुफा के महामंडलेश्वर महेंद्रानंदगिरि महाराज ने नाराजगी जताते हुए कहा, ”स्वामीनारायण संप्रदाय के महापुरुष महादेव और हनुमाजी के प्रति बहुत सम्मान रखते थे। इसी प्रकार आज तक सनातन धर्म के किसी भी संत ने आपके सम्प्रदाय के बारे में कभी कोई टिप्पणी नहीं की। बेहतर होगा कि हम सब अपनी सीमा में रहें।”

जूनागढ़ रुद्रेश्वर आश्रम के महंत इंद्रभारती बापू

जूनागढ़ रुद्रेश्वर आश्रम के महंत इंद्रभारती बापू भी सालंगपुर विवाद मामले में शर्मसार हैं। उन्होंने सालंगपुर मंदिर के इस कृत्य को निंदनीय बताते हुए कहा, ”ऐसे ढोंगी साधु जो धर्म के मंच पर बैठे हैं। इससे आंतरिक विवाद पैदा होते हैं जिससे विधर्मी भी खुश रहते हैं। इसलिए इस कृत्य के अपराधी को कभी माफ नहीं किया जाएगा।”

सालंगपुर विवाद पर विहिप के महामंत्री का बड़ा बयान

इस मामले में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने भी विरोध दर्ज कराया है। विश्व हिंदू परिषद के महासचिव अशोक रावल ने कहा कि उन्होंने कई संतों से मुलाकात की और इस विवाद का हल निकालने की कोशिश की।  इसके अलावा उन्होंने स्पष्ट किया कि भगवान राम और हनुमानजी का जन्म त्रेता युग में हुआ था। जबकि सहजानंद स्वामी का कालखंड 250-300 वर्ष पहले का है। दोनों समय में बहुत बड़ा अंतर है। 

‘आदित्य L1’ ने शुरू किया सौर ऊर्जा से बिजली बनाना, एक्टिवेट होकर काम करने लगे सोलर प्लेट्स: उधर चाँद पर ‘प्रज्ञान’ ने लगाया ‘शतक’

ISRO ने ‘आदित्य L1’ के सफल लॉन्च के बाद एक और अच्छी खबर दी है। इसके सोलर पैनल को एक्टिवेट कर दिया गया है। सीधे शब्दों में कहें तो ‘आदित्य L1’ ने सौर ऊर्जा का इस्तेमाल कर के बिजली बनानी शुरू कर दी है। सौर ऊर्जा पैदा करने के लिए जो सोलर प्लेट्स लगाए गए हैं, वो ठीक तरह से काम कर रहे हैं। अब रविवार (3 सितंबर, 2023) को दोपहर के 11:45 बजे पहली अर्थबाउंड फायरिंग की जाएगी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने सोशल मीडिया के माध्यम से ये जानकारी दी है।

बता दें कि PSLV-C57/Aditya-L1 का सफल लॉन्च शनिवार (2 सितंबर, 2023) को पूरा हुआ। बता दें कि इस मिशन को PSLV-C57 रॉकेट का इस्तेमाल कर के लॉन्च किया गया है। जिस ऑर्बिट में इसे स्थापित किया जाना था, रॉकेट ने ठीक उसी तय बिंदु पर इसे स्थापित कर दिया है। इसके साथ ही सूर्य के अध्ययन के लिए भारत का पहला अंतरिक्ष मिशन सफलतापूर्वक L1 पॉइंट (पृथ्वी और सूर्य के बीच स्थित वो बिंदु, जहाँ सूर्य और पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल संतुलन में रहता है) के लिए निकल गया है।

उधर ‘चंद्रयान 3’ को लेकर भी बड़ी खबर आई है। ISRO ने जानकारी दी है कि चाँद पर ‘प्रज्ञान’ रोवर ने 100 मीटर की यात्रा कर ली है और ये अभी भी जारी है। जहाँ पर ‘विक्रम’ लैंडर स्थित है, उस जगह को ‘शिवशक्ति पॉइंट’ नाम दिया गया है। वहाँ से कुछ दूर आगे चलने के बाद ‘प्रज्ञान’ मुड़ गया और फिर दिशा बदल कर दूसरी तरफ बढ़ने लगा। ‘प्रज्ञान’ सबसे पहले पश्चिम की तरफ चला, फिर अब वो उत्तर दिशा में मुड़ कर आगे बढ़ रहा है। ISRO लगातार इस संबंध में ताज़ा सूचना दे रहा है।

ISRO प्रमुख एस सोमनाथ ने ‘आदित्य L1’ मिशन को ‘बहुत अनोखा’ करार दिया है। उन्होंने वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसा पहली बार हो रहा है जब PSLV का ऊपरी हिस्सा प्राइमरी सैटेलाइट को इंजेक्ट करने के लिए 2 बार ‘बर्न सीक्वेंस’ से गुजर रहा है। ये कुल 127 दिन की यात्रा होने वाली है, जिसके बाद ‘आदित्य L1’ सूर्य का अध्ययन करना शुरू करेगा और धरती पर डेटा भेजेगा। ISRO प्रमुख ने ये भी बताया कि एक-दो दिनों में चाँद पर ‘विक्रम’ और ‘प्रज्ञान’ को सुला दिया जाएगा, क्योंकि इन्होंने ‘लूनर नाइट (चाँद की रात, 14 दिन)’ में अपना काम कर लिया है।

रोते पाकिस्तानी, पैसे गिनता BCCI… भारत-Pak मैच में बारिश की आशंका के बीच सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़

दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमी भारत-पाकिस्तान (INDvsPAK) के बीच होने वाले महा-मुकाबले का इंतजार कर रहे हैं। एशिया कप (Asia Cup) में 2 सितंबर 2023 को दोपहर 3 बजे दोनों के बीच मुकाबला शुरू होगा। भारत-पाकिस्तान के बीच आखिरी मैच 23 अक्टूबर 2022 को खेला गया था। अब 313 दिन बाद चिर प्रतिद्वंद्वी आमने-सामने होंगे।

भारत-पाकिस्तान के क्रिकेट मैच को लेकर दर्शकों में उत्साह बना रहता है। ऐसे में सोशल मीडिया कैसे पीछे रह सकता है। इस मैच को लेकर नेटिजेन्स की भी अलग-अलग प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। चूँकि इस मैच में बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में इसको लेकर बहुत अधिक मीम्स वायरल हो रहे हैं।

एक यूजर ने एक मीम शेयर किया। इसमें, महिला को यह कहते हुए दिखाया गया कि लड़का निश्चित रूप से किसी लड़की के बारे में सोच रहा है। वहीं, लड़का सोच रहा है कि भारत-पाकिस्तान मैच में बारिश न हो।

साहिल शेख नामक यूजर ने लिखा कि जब भी भारत-पाकिस्तान का मैच होता है। पूरी दुनिया भारत से अच्छे क्रिकेट और पाकिस्तान से बेहतरीन मीम की उम्मीद करती है।

फरीद खान ने एशिया कप की टीमों के बीच भारत की स्थिति को दिखाते हुए मीम शेयर किया। इसमें पाकिस्तान और बांग्लादेश को 7 बार के विजेता भारत का पैर दबाते हुए भी दिखाया गया है। वहीं, 6 बार का विजेता श्रीलंका को खड़े हुए प्रदर्शित किया गया।

ओल्डहुड ह्यूमर नामक यूजर ने मीम शेयर कर दिखाया है कि भारत-पाक मैच के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भारी भरकम कमाई करने वाला है।

आधी-अधूरी नामक यूजर ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम की फोटो शेयर लिखा, “अल्लाह हमारी इज्जत आपके हाथ में है और आपके बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम के हाथों में।”

एशिया कप 2023 में भारत-पाकिस्तान (INDvsPak) अन्य यूजर्स द्वारा शेयर किए गए मीम पर एक नजर:

‘सन् 1478 से आज तक कुरान पर नहीं छपी किसी की तस्वीर’: मुस्लिम महिलाओं से राखी बँधवा कर फँसा कॉन्ग्रेस नेता, गिफ्ट-पैसे देने के बावजूद ईशनिंदा की शिकायत

उज्जैन में कॉन्ग्रेस के नेता विवेक यादव के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। विवेक पर आरोप लगाया है कि उन्होंने कुरान के एक अंश ‘सूरा यासीन’ पर अपनी तस्वीर लगा दी। इस मामले में कुछ मुस्लिमों ने पुलिस से मुलाकात की और विवेक यादव पर सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया। मुस्लिमों का कहना है कि कुरान पर अपनी तस्वीर लगाकर विवेक ने उनकी धार्मिक भावनाएँ आहत की हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकाल पुलिस स्टेशन पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी, जो विवेक यादव को गिरफ्तार करने की माँग कर रही थी। सैयद फारूक समेत कुछ लोगों ने कॉन्ग्रेस नेता विवेक यादव के खिलाफ मजहबी किताब पर खुद की फोटो लगाकर बाँटने की शिकायत की है।

उन लोगों ने कहा कि इस्लाम में तस्वीर की मनाही है, और 1478 से आज तक कुरान पर तस्वीर नहीं छपी, लेकिन विवेक यादव ने अपनी फोटो छापकर मुस्लिम समाज की भावनाओं को आहत किया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वो आरोपित पर लगे आरोपों की जाँच करेगी और उसके खिलाफ मामला बनेगा तो गिरफ्तार भी किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, विवेक यादव ने रक्षाबंधन के अवसर पर सारवान जमातखाना नाम की जगह पर मुस्लिम महिलाओं से राखी बंधवाई थी। उन्होंने मुस्लिमों को खुश करने के लिए महंगे तोहफे भी दिए। उन्होंने हरेक मुस्लिम महिला को 500 रुपए नकद, सूट का कपड़ा और कुरान की सूरा यासीन भी गिफ्ट की।

हालाँकि, मुस्लिम महिलाएँ जब गिफ्ट लेकर अपने घर पहुँची तो हल्ला मच गया। कुरान के सूरा यासीन की पुस्तक के बैक कवर पर कॉन्ग्रेस नेता विवेक यादव की तस्वीर छपी हुई थी। इसके बाद मुस्लिम लोग इकट्ठे हुए इस मामले को लेकर थाने में गए, जहाँ पुलिस ने उनकी बातें ध्यान से सुनीं।

विवेद यादव ने पिछला विधानसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें भाजपा प्रत्याशी के हाथों करारी मात झेलनी पड़ी थी। वो इस साल फिर से चुनावी मैदान में उतरना चाहते हैं और कॉन्ग्रेस नेताओं से लगातार संपर्क में हैं। सावन माह में उन्होंने अपनी विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं को 84 महादेव की धार्मिक यात्रा भी कराई थी, वो भी अपने जेब से।

‘हम भारत से कभी संबंध खराब नहीं करेंगे’: चीन के काल्पनिक नक्शे पर भारत को मिला रूस का साथ, रूसी द्वीप पर भी ड्रैगन ने किया है दावा

चीन ने अपने नक्शे में भारत समेत कई देशों के हिस्से को अपना बताया है। इस मामले में रूस ने भारत का समर्थन किया है। रूसी राजदूत ने कहा है कि चीन हमेशा से चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता रहा है, लेकिन इससे सच्चाई नहीं बदल जाती। चीन ने भारत के ही नहीं, बल्कि रूस के हिस्से को भी अपना बताया है। इसको लेकर रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों देश 15 साल पहले ही सीमा विवाद सुलझा चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में रूस के राजदूत ने डेनिस अलीपोव ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि रूस भारत और चीन के बीच संबंधों में सुधार चाहता है। उन्होंने कहा, “आपकी जानकारी के लिए बता दूँ कि रूस-चीन सीमा पर भी कुछ समस्याएँ हैं। हम इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं करते। हमने देखा है कि भारत भी इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं करता।”

चीन द्वारा भारत के हिस्सों को अपने नक्शे में दिखाए जाने को लेकर रूसी राजदूत ने कहा कि चीन नक्शे में किसी भी क्षेत्र पर कब्जा दिखा सकता है, लेकिन इससे जमीनी हालात नहीं बदलेंगे। डेनिस अलीपोव ने यह भी कहा है कि गलवान घाटी में भारत-चीन के बीच हुई हिंसा के बाद से दोनों देशों के बीच के संबंध खराब हुए हैं।

इस दौरान मीडिया ने डेनिस अलीपोव से भारत-चीन के बीच लड़ाई की स्थिति में रूस के रुख को लेकर सवाल किया। इस पर अलीपोव ने कहा कि किसी भी स्थिति में रूस भारत के साथ अपने संबंधों को खत्म नहीं करेगा। इसे भारत और रूस के बीच ऐतिहासिक संबंधों को लेकर बड़ा बयान माना जा रहा है, क्योंकि विश्लेषकों का मानना था कि अमेरिका के साथ भारत की बढ़ती नजदीकी के कारण रूस-चीन की नजदीकी बढ़ेगी।

बता दें कि चीन ने अपने नक्शे में रूस के अमूर क्षेत्र में स्थित बोल्शोई उस्सुरस्की द्वीप पर भी दावा किया है। बोल्शोई उस्सुरस्की द्वीप अमूर और उस्सुरी नदियों के संगम पर है और रूस के खाबरोवस्क शहर के करीब है। ऐसे में चीन के नक्शे पर रूस के कड़े रुख अख्तियार करने की उम्मीद जताई जा रही थी। हालाँकि, रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों देशों के बीच सीमा विवाद सुलझा लिया गया है।

न्यूजवीक की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा है, “रूस और चीन इस बात पर कायम हैं कि दोनों देशों के बीच सीमा मुद्दा विवाद हल हो गया है। दोनों देशों के बीच साल 2005 में समझौता हुआ था। इसके अनुसार बोल्शोई उस्सुरीस्की द्वीप को दोनों देशों के बीच विभाजित किया गया था।”

क्या है मामला:

चीन ने 28 अगस्त 2023 को अपना नया नक्शा जारी किया। इस ‘काल्पनिक’ नक्शे में चीन ने भारत के अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख (अक्साई चिन) के कुछ हिस्सों समेत ताइवान और दक्षिण चीन सागर में स्थित विवादास्पद 9-डैश लाइन (दक्षिण चीन सागर पर चीन द्वारा खींची गई 9 आभासी रेखाएँ), रूस के बोल्शोई उस्सुरिस्की द्वीप पर भी अपना दावा जताया था।

चीनी सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यह ‘काल्पनिक’ नक्शा शेयर किया था। साथ ही लिखा था कि प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने 28 अगस्त को अपनी वेबसाइट पर चीन का नया ‘स्टैंडर्ड नक्शा’ लॉन्च किया। इस नक्शे को बनाने के लिए चीन और दुनिया भर के अन्य देशों की राष्ट्रीय सीमाओं का उपयोग किया गया। इसे देश के स्टैंडर्स मानचित्र के नए संस्करण के रूप में दिखाया गया है।

‘ग्लोबल टाइम्स’ द्वारा शेयर किए नक्शे में अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन जैसे भारतीय क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन पर चीन ने अपना दावा किया था। उल्लेखनीय है कि भारत चीन से कई बार कह चुका है कि अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।

केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन के दावे को बेतुका बताया था। उन्होंने कहा था कि किसी के कोई नक्शा जारी कर देने से कुछ भी नहीं बदलता। उन्होंने इसे चीन की पुरानी आदत बताते हुए कहा कि हमारी सरकार इसे लेकर एकदम स्पष्ट है कि हमारे क्षेत्र कौन से हैं। उन्होंने कहा कि बेतुके दावों से किसी दूसरे का क्षेत्र आपका नहीं हो जाता।

इस मामले में वियतनाम के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता फाम थू हैंग (Pham Thu Hang) ने सरकार की वेबसाइट पर एक बयान में कहा, “वियतनाम डॉटेड लाइन के आधार पर दक्षिण चीन सागर में चीन के सभी दावों का दृढ़ता से विरोध करता है।” फिलीपींस ने भी इस मुद्दे पर कड़ा बयान जारी किया है। 

फिलीपींस सरकार ने एक बयान जारी कर कहा, “फिलीपींस के समुद्री क्षेत्रों पर चीन की कथित संप्रभुता और अधिकार क्षेत्र को वैध बनाने के इस नवीनतम प्रयास का अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से समुद्र के कानून पर 1982 के संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन (यूएनसीएलओएस) के तहत कोई आधार नहीं है।”

मलेशिया और ताइवान भी चीन के आक्रामक विस्तारवादी रवैये की आलोचना करते हुए विरोध में आगे आए हैं। मलेशिया ने कथित तौर पर कहा कि वह चीन को प्रोटेस्ट नोट भेजेगा। बर्नामा समाचार एजेंसी ने विदेश मंत्री डॉ. जाम्ब्री अब्दुल (Dr Zambry Abdul Kadir) के हवाले से कहा, “यह हमारी प्रथा रही है (इस तरह के मुद्दों से निपटने के दौरान)…और विस्मा पुत्रा (विदेश मंत्रालय) द्वारा कल जारी किए गए बयान के आधार पर अगले कदम में एक विरोध नोट भेजना शामिल है।” 

ताइवान ने कहा कि उस पर कभी भी पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना द्वारा शासन नहीं किया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेफ लियू ने कहा, “ताइवान, चीन गणराज्य, एक संप्रभु और स्वतंत्र देश है जो पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) के अधीन नहीं है। पीआरसी ने कभी भी ताइवान पर शासन नहीं किया है। ये सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त तथ्य और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में मौजूद है।” 

RBI के शक्तिकांत दास दुनिया के टॉप बैंकर, A+ रेटिंग वाले सिर्फ 3 ही गवर्नर: GST कलेक्शन 11% ऊपर, लगातार 5 महीने तक ₹1.50+ लाख करोड़ का राजस्व

भारत के लिए अगस्त का महीना आर्थिक क्षेत्र में खुशखबरी लेकर आया है। देश में वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) कलेक्शन में 11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके साथ ही भारतीय रिर्जव बैंक के गर्वनर शक्तिकांत दास को अमेरिकी पत्रिका ‘ग्लोबल फाइनेंस’ ने वैश्विक स्तर के केंद्रीय बैंकर के खिताब से नवाजा है। गौरतलब है कि रिज़र्व बैक भारत की अर्थव्यवस्था को नियन्त्रित करता है।

अर्थव्यवस्था में ये मजबूती और केंद्रीय बैंक के संचालक को दुनिया में इस तरह का सम्मान मिलना देश की भावी और सुदृढ़ अर्थव्यवस्था की ओर इशारे करता है। अर्थव्यवस्था की ये रफ्तार देख पीएम मोदी के देश को दुनिया में पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से अगले 5 साल में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का सपना हकीकत में बदलते नजर आ रहा है।

‘ए प्लस’ की रेटिंग पर पीएम की बधाई

आरबीआई के गर्वनर शक्तिकांत दास की इस उपलब्धि पर पीएम मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि ये पूरे देश के लिए गर्व का पल है। ये वैश्विक मंच पर हमारे वित्तीय नेतृत्व की काबिलियत दिखाता है।
आरबीआई के गर्वनर दास को अमेरिका की पत्रिका ग्लोबल फाइनेंस ने दुनिया के टॉप बैंकर के खिताब से नवाज कर ये साबित कर दिया है कि दुनिया भारत की अर्थव्यवस्था का लोहा मानती है।

गर्वनर शक्तिकांत दास को ग्लोबल फाइनेंस केंद्रीय बैंकर रिपोर्ट कार्ड में ‘ए प्लस’ की रेटिंग मिली है। इस लिस्ट में दुनिया के तीन केंद्रीय बैंकों के गर्वनर हैं, लेकिन बाजी आरबीआई के गर्वनर दास ने मारी। उनके बाद दूसरे नंबर पर स्विट्जरलैंड के गर्वनर थॉमस जे जॉर्डन रहे तो वियतनाम के गर्वनर गुयेन थी होंग तीसरे नंबर पर रहे। इससे पहले लंदन के सेंट्रल बैंक की तरफ से गर्वनर दास को जून 2023 में गर्वनर ऑफ द ईयर के खिताब से भी नवाजा जा चुका है।

अगस्त ने किए हैं अर्थव्यवस्था के लिए शानदार इशारे

देश के वित्त मंत्रालय ने अगस्त 2023 के वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) कलेक्शन के आँकड़े जारी किए हैं। इसके अनुसार राजस्व में 11 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वित्त मंत्रालय के राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार (1 सितंबर) को कहा कि अगस्त 2023 में सकल माल और सेवा कर (जीएसटी) राजस्व 1,59,069 करोड़ रुपए है। इसमें वार्षिक आधार पर 11 फीसदी की बढ़ोतरी है।

उन्होंने मीडिया को बताया कि अगस्त 2023 में GST कलेक्शन 11 फीसदी बढ़ा है और ये मोटे तौर पर लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपए दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि मोटे तौर पर आँकड़े पहले के महीनों की तरह साल-दर-साल आधार पर 11 फीसदी की बढ़ोतरी के दायरे में है।

पिछले 2 वित्तीय वर्ष में GST कलेक्शन के आँकड़े

गौर करने लायक बात यह है कि पिछले 2 वित्तीय वर्ष में ऐसा पाँचवीं बार है, जब GST का कलेक्शन 1.60 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा। वित्तीय वर्ष 2023-24 की बात करें तो अप्रैल से लेकर अगस्त तक लगातार हर महीने GST का कलेक्शन 1.50 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा है।

‘तुम्हारे पति पर जिन्न का साया है’: झाड़-फूँक के बहाने मौलाना ने शिक्षिका के साथ किया बलात्कार, वीडियो से ब्लैकमेल कर ऐंठे लाखों रुपए

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में पुलिस ने सरकारी स्कूल की शिक्षिका से रेप के आरोप में एक मौलाना को गिरफ्तार किया है। आरोपित का नाम हाफिज शाहिद है। आरोप है कि पीड़िता के पति का इलाज करने के बहाने मौलाना ने न सिर्फ शिक्षिका से रेप किया बल्कि उनकी अश्लील वीडियो भी बना ली थी। वीडियो दिखा कर हाफिज शाहिद महिला टीचर को लाखों रुपए की उगाही के लिए ब्लैकमेल भी कर रहा था। यह गिरफ्तारी गुरुवार (31 अगस्त, 2023) को हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना मेरठ के थाना क्षेत्र इंचौली की है। यहाँ सरकारी स्कूल में 56 वर्षीया अध्यापिका ने मौलाना हाफिज शाहिद के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया था कि 10 साल पहले पीड़िता मदरसे में बतौर टीचर बच्चों को पढ़ाती थी। इसी दौरान उसकी जान-पहचान वहीं पढ़ाने वाले मौलाना हाफिज शाहिद से हुई थी। हाफिज शाहिद झाड़-फूँक से इलाज का दावा करता था। कुछ समय बाद पीड़िता सरकारी स्कूल में टीचर बन गई।

महिला के पति की तबीयत अक्सर खराब रहा करती थी। इसलिए, उसने पुराने परिचित मौलाना हाफिज शाहिद से इस बाबत सलाह ली। हाफिज शाहिद ने महिला टीचर के पति पर जिन्न का साया बताया और झाड़-फूँक कराने की नसीहत दी। थोड़े समय बाद मौलाना महिला के घर पहुँचा और झाड़-फूँक के बहाने उसके साथ बलात्कार किया। इस दौरान उसने चुपके से वीडियो भी बना ली। बाद में यही वीडियो वायरल करने का डर दिखाते हुए आरोपित ने पीड़िता से लगभग 7 लाख रुपए भी ऐंठ लिए। दावा यह भी किया जा रहा है कि आरोपित द्वारा टीचर से 1 करोड़ रुपए की उगाही का प्रयास किया गया था।

शिकायत में पीड़िता ने आगे बतया है कि 23 अगस्त, 2023 को एक बार फिर से हाफिज शाहिद ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी। उसने पीड़िता को बुला कर फिर से रेप किया। आखिरकार महिला टीचर ने आरोपित की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई। पुलिस ने मौलाना हाफिज शाहिद पर IPC की धारा 323, 328, 376 और 506 के तहत FIR दर्ज कर ली और आरोपित की तलाश शुरू कर दी। आखिरकार 31 अगस्त को आरोपित मौलाना को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

सफल हुआ लॉन्च, ‘सूर्य नमस्कार’ के लिए निकला भारत का आदित्य L1: 127 दिन में तय करेगा 15 लाख किलोमीटर की यात्रा

चंद्रमा के साउथ पोल पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद सूर्य और उससे संबंधित अध्ययन के लिए आदित्य एल-1 को 2 सितंबर 2023 दिन शनिवार को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया। इसे श्रीहरिकोटा से 11:50 बजे लॉन्च किया गया। आदित्य एल-1 के सफल प्रक्षेपण पर ISRO को दुनिया भर से बधाई मिल रही है।

आदित्य एल-1 स्पेसक्राफ्ट को लंबी दूरी की यात्रा करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह 127 दिन यानी लगभग सवा चार महीने में 15 लाख किलोमीटर (9,30,000 मील) की यात्रा करेगा। यह एल-1 बिंदु पर पहुँचेगा, जहाँ सूर्य और पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बलों के संतुलित के कारण वहाँ रूका रहेगा और सूर्य एवं आसपास के एरिया का डेटा इकट्ठा करके भेजेगा।

पृथ्वी से सूर्य के बीच की कुल दूरी का 100वें हिस्से यानी एल-1 बिंदु पर पहुँचने के बाद उपग्रह और पेलोड एक ही सापेक्ष स्थिति में सूर्य के चारों ओर घूमेंगे और बिना किसी ग्रहण के लगातार सूर्य को देखेंगे। इससे वास्तविक समय में सौर गतिविधियों और अंतरिक्ष मौसम पर उनके प्रभाव का निरीक्षण करने में मदद मिलेगी।

भारत का पहला सोलर स्पेस मिशन आदित्य एल-1 PSLV की 59वीं फ्लाइट से लॉन्च किया गया। अपने एक्सएल कॉन्फ़िगरेशन में पीएसएलवी अंतरिक्ष यान को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करेगा। यह एक अण्डाकार कक्षा है, जिसकी पेरिगी (पृथ्वी का निकटतम बिंदु) 19,000 किलोमीटर से अधिक होगी।

वहाँ से अंतरिक्ष यान लगभग 15 लाख किलोमीटर स्थित लैग्रेंज प्वाइंट-1 (L-1) तक पहुँचने के लिए अपने लिक्विड एपोजी मोटर्स (LAM) का उपयोग करेगा और कई कक्षाओं को पार करते हुए वहाँ पहुँचेगा। LAM एक शक्तिशाली इंजन है, जो इसे एल-1 तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सामान्य PSLV लॉन्च में लॉन्चिंग के 25 मिनट में वह यान को ऑर्बिट में स्थापित कर देता है, लेकिन आदित्य एल-1 मिशन की लॉन्चिंग के 63 मिनट बाद इसके अलग होने की प्रक्रिया शुरू होने का अनुमान है। आदित्य-L1 का वजन 1480.7 किलोग्राम है।

यह अब तक के सबसे लंबे PSLV मिशन में से एक है। फरवरी 2021 के मिशन ने ब्राजील के अमेजोनिया उपग्रह और 18 अन्य को कक्षाओं में स्थापित करने में 1 घंटे 55 मिनट से अधिक का समय लिया, जबकि फरवरी 2016 के मिशन ने आठ उपग्रहों को कक्षाओं में स्थापित करने में 2 घंटे और 15 मिनट का समय लिया। आदित्य-एल1 के विपरीत, दोनों में कई उपग्रह और कक्षाएँ शामिल थीं।

‘अब मेरा मुस्लिम से कोई वास्ता नहीं’: बुलंदशहर की नफीसा ने की घर वापसी… नोएडा के कुलदीप ठाकुर को चुना जीवनसाथी

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू धर्म स्वीकार कर शादी की है। नफीसा नाम की युवती ने कुलदीप ठाकुर नाम के युवक से शादी कर ली है। नफीसा के भाई ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। पुलिस ने जाँच और जरूरी कार्रवाई के बाद लड़की को उसके पति के सुपुर्द कर दिया है। लड़की 8 अगस्त 2023 को अपने घर से प्रेमी के साथ चली गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लड़की मूल रूप से बुलंदशहर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र की रहने वाली है। वह 8 अगस्त 2023 को अपनी माँ को बताकर घर के पास मौजूद एक पार्क में घूमने गई थी। जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू तक जी।

लड़की का भाई भारतीय सेना में तैनात बताया जा रहा है। बहन के बारे में सूचना मिलने पर वह छुट्टी लेकर घर आया और अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपनी बहन को बहला-फुसला कर भगा ले जाने की FIR दर्ज करवाई। पुलिस ने केस दर्ज कर के लड़की की तलाश शुरू कर दी।

खोजबीन के दौरान नफीसा की लोकेशन नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र में मिली। उसके सेलिलयान मोहल्ले में कुलदीप ठाकुर नाम के लड़के के साथ रहने की सूचना मिली। पुलिस ने दबिश दे कर लड़की को बरामद कर लिया और वन स्टॉप सेंटर में ले जाकर काउंसिलिंग करवाई।

पुलिस को दिए बयान में 22 साल की युवती ने कहा कि कुलदीप ठाकुर उसका पति है और वह उसी के साथ रहना चाहती है। लड़की ने यही बात कोर्ट में दिए 164 के तहत रिकॉर्ड किए गए बयान में भी दोहराई। इस दौरान लड़की ने कुलदीप ठाकुर के साथ अपनी कोर्ट मैरिज के सबूत भी सौंपे।

पुलिस ने लड़की का मेडिकल परीक्षण करवाना चाहा तो उसने मना दिया। लड़की ने यह भी कहा कि अब उसका मुस्लिम मजहब से कोई लेना-देना नहीं है। जाँच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, युवती और 26 वर्षीय कुलदीप ठाकुर की जान-पहचान फेसबुक से हुई थी।

थोड़े समय बाद दोनों में प्यार हो गया था और आखिरकार दोनों ने शादी करने का फैसला लिया। बुलंदशहर की डिप्टी एसपी पूर्णिमा सिंह ने मीडिया से बताया कि लड़की को बरामद करने के बाद जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उसे पति के साथ भेज दिया गया है।

राजस्थान में गर्भवती को निर्वस्त्र कर गाँव में घुमाया: पुलिस कह रही पीहर और ससुराल का विवाद, कॉन्ग्रेस-विपक्ष I.N.D.I.A. में बिजी

राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक गर्भवती महिला घर से कहीं चली गई थी। इसके बाद पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे निर्वस्त्र कर करीब 1 किलोमीटर तक दौड़ाया। घटना 31 अगस्त की है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी में जुटी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला जिले के धरियावद थाना क्षेत्र के पहाड़ा गाँव का है। बताया जा रहा है कि यहाँ रहने वाली एक महिला का एक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। 31 अगस्त 2023 को महिला प्रेमी के साथ चली गई थी। परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद महिला को निर्वस्त्र कर गाँव में घुमाया।

इस मामले में पुलिस ने बताया कि महिला 31 अगस्त को पड़ोस में रहने वाले एक युवक से मिलने गई थी। जानकारी मिलने पर ससुराल वाले भी वहाँ पहुँच गए। पहले तो उन लोगों ने महिला को पकड़कर उसके साथ मारपीट की। इसके बाद निर्वस्त्र कर गाँव में घुमाया।

घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। वायरल वीडियो में महिला चीख रही है। चिल्ला रही है। खुद को छोड़ने की गुहार लगा रही है, लेकिन पति उसके कपड़े उतरता जा रहा है। आसपास खड़े लोग भी उसके पति को उकसाते नजर आ रहे हैं। कुछ लोग वीडियो भी बनाते दिखाई दे रहे हैं। महिला के कपड़े उतारने के बाद आरोपितों ने उसे गाँव में घुमाया।

इस मामले में प्रतापगढ़ एसपी अमित कुमार ने कहा है कि मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस की 6 टीमों का गठन किया गया है। साथ ही धरियावद थाने में पूर्व में सेवाएँ दे चुके सभी कॉन्स्टेबल से लेकर बड़े अधिकारियों को बुलाया गया है। पीड़ित पक्ष द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

एक ओर जहाँ मीडिया में इस मामले को महिला के प्रेम-प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है। वहीं राजस्थान पुलिस और सीएम अशोक गहलोत इसे महिला के मायके और ससुराल के बीच विवाद से जुड़ा बता रहे हैं। राजस्थान पुलिस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर डीजीपी उमेश मिश्रा का वीडियो शेयर कर लिखा, “प्रतापगढ़ जिले में पीहर और ससुराल पक्ष के आपसी विवाद में ससुराल पक्ष के लोगों का कृत्य घोर निंदनीय हैं।”

वीडियो में राज्य के पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने घटना का कारण महिला का कहीं चले जाना बताया है। उन्होंने कहा कि आरोपितों को चिन्हित किया गया है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, सीएम अशोक गहलोत ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “प्रतापगढ़ जिले में पीहर और ससुराल पक्ष के आपसी पारिवारिक विवाद में ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा एक महिला को निर्वस्त्र करने का एक वीडियो सामने आया है। पुलिस महानिदेशक को एडीजी क्राइम को मौके पर भेजने एवं इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।”

उन्होंने आगे लिखा है, “सभ्य समाज में इस तरह के अपराधियों की कोई जगह नहीं है। इन अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे डालकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर सजा दिलवाई जाएगी।”

इस मामले में BJP अशोक गहलोत सरकार पर हमलावर है। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने सोशल मीडिया पर लिखा है, “प्रतापगढ़ जिले की पहाड़ा ग्राम पंचायत, धरियावाद में एक गर्भवती युवती को सरेआम निर्वस्त्र करने का अश्लील वीडियो वायरल होता रहा और घटना की प्रशासन को खबर तक नहीं थी।”

उन्होंने आगे लिखा, “प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध ने इस कदर पैर पसारे हैं कि आए दिन राजस्थान को शर्मिंदा होना पड़ रहा है। महिला अत्याचार में प्रदेश को देश में नंबर 1 बनाने की जिम्मेदार स्वयं कॉन्ग्रेस सरकार की है। मुख्यमंत्री जी आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि राजस्थान में बेटियों की लुटती अस्मत और चीखें आपकी कॉन्ग्रेस सरकार को सुनाई नहीं देतीं?”

इस मामले में पुलिस ने 21 साल की पीड़ता के पति समेत 3 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं, 7 लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने 10 लोगों के खिलाफ धारा 294, 354, 365, 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।