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‘चुप क्यों हैं मंत्री आतिशी, जाँच में बाधा डाल रही स्वाति मालीवाल’: बाँसुरी स्वराज ने पूछा- बलात्कारी को क्यों बनाया OSD, ‘मामा’ कहती थी पीड़िता

दिल्ली में एक कट्टर ईसाई अधिकारी द्वारा एक बच्ची का बलात्कार करने का मामला सामने आया है। प्रेमोदय खाखा नाम का उक्त अधिकारी, जो मूल रूप से झारखंड का रहने वाला है और जो दिल्ली सरकार की महिला एवं बाल विकास (WCD) विभाग में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर काबिज था, उसे अब गिरफ्तार कर लिया गया है। उसकी पत्नी भी गिरफ्तार की गई है, जो पीड़िता को गर्भपात की गोलियाँ खिलाती थी। चर्च के माध्यम से बची का परिवार अधिकारी के परिवार के संपर्क में आया था।

ये भी सामने आया है कि बच्ची आरोपित को मामा कह कर बुलाती थी, क्योंकि उसकी माँ उसे भाई बोलती थी। अधिकारी प्रेमोदय खाखा उसके पिता का दोस्त था। लेकिन, पिता की मृत्यु के कारण वो एकदम गुमसुम सी रहती थी। अक्सर चर्च जाने वाले अधिकारी को माँ ने बेटी को जिम्मेदारी सौंप दी। माँ काम से बाहर रहती थी और फोन पर बात करती थी। जनवरी 2021 में बच्ची वापस माँ के पास आई, लेकिन उसे पैनिक अटैक आने लगे थे। काउंसिलिंग के दौरान उसने डॉक्टरों के सामने रेप-गर्भपात का खुलासा किया।

14 वर्षीय लड़की के पिता की मृत्यु के बाद अधिकारी और उसकी पत्नी उसे लेकर अपने घर आ गए। NCPCR (राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग) के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद अनाथ बच्ची के डिटेल्स ‘स्वराज पोर्टल’ पर अपलोड नहीं किए गए। यानी, दिल्ली सरकार ने इस मामले में गलती की। उन्होंने चर्च का किरदार भी इस पूरे प्रकरण में संदिग्ध माना है। बलात्कार की ये घटनाएँ नवंबर 2020 से लेकर जनवरी 2021 तक चलीं। पीड़िता अब 17 साल की है और 12वीं की छात्रा है।

वहीं अब भाजपा भी इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और AAP पर हमलावर है। दिल्ली भाजपा के प्रभारी विजयंत जय पांडा ने ट्वीट करते हुए लिखा, “अब सामने आया है कि जिस अधिकारी को दोस्त की बेटी के साथ बलात्कार के मामले में गिरफ्तार किया गया है, वो केजरीवाल सरकार का पसंदीदा था। इतना फेवरिट कि उसे महिला एवं बाल विकास मंत्री के OSD के पद के लिए खास तौर पर चुना गया था। इसीलिए, ‘अत्याचारी आदमी पार्टी’ से जुड़े जो लोग खुद के नैतिक रूप से श्रेष्ठ होने का दिखावा करते हैं, उन्हें शर्म आनी चाहिए।”

साथ ही उन्होंने इस आदेश के लिए जारी पत्र की तस्वीर भी शेयर की। उधर दिल्ली भाजपा की स्टेट सेक्रेटरी और दिवंगत पूर्व केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी बाँसुरी स्वराज ने भी इस मामले को लेकर AAP सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने इसे बहुत ही घिनौनी और शर्मनाक हरकत करार दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार के इतने वरिष्ठ अधिकारी ने एक बच्ची के साथ बार-बार दुष्कर्म किया, रोंगटे खड़े करने वाली बात ये है कि बच्ची ने अक्टूबर 2020 में पिता को खोया, इसके बाद अभियुक्त ने बच्ची को लालन-पालन के लिए अपने पास रखा, यानी एक गार्डियन की भूमिका में वो आए।

बाँसुरी स्वराज ने कहा कि इसके बाद उस बच्ची के साथ अनाचार तभी शुरू कर दिया जब वो मात्र 14 वर्ष की थी। बाँसुरी ने कहा कि इस अपराध के कारण बच्ची गर्भवती हुई और आरोपित की पत्नी ने सारे मातृत्व को ताक पर रखते हुए बच्ची को कुछ ऐसी दवाइयाँ दीं जिससे उसका गर्भपात हुआ। बाँसुरी स्वराज ने कहा कि बच्ची को इस बलात्कार के बारे में बोलने से रोका गया और ये सब इसके बाद भी जारी रहा। उन्होंने कहा कि भाजपा इस वारदात की कड़ी निंदा करती है।

उन्होंने इस दौरान मार्च 2022 की दिल्ली के सरकारी आदेश की एक प्रति दिखाई, जिसमें लिखा है कि मंत्री ने प्रेमोदय खाखा को WCD मंत्री के OSD के रूप में नियुक्त किया जाता है। उन्होंने कहा कि ये व्यक्ति AAP सरकार का चहेता है, जिसे चुना गया इस पद के लिए। उन्होंने कहा कि 13 अगस्त को FIR के बावजूद निलंबन में इतना समय क्यों लग गया। उन्होंने कहा कि इस विभाग की मंत्री आतिशी हैं जो खुद एक महिला हैं, ऐसे में उनकी चुप्पी भी काफी सवाल खड़े करती हैं।

बता दें कि ‘दिल्ली महिला आयोग (DCW)’ की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने इस दौरान उस अस्पताल में धरना दे दिया, जिसमें बच्ची को पैनिक अटैक के बाद भर्ती कराया गया है। बच्ची अभी बात करने की स्थिति में नहीं है। बाँसुरी स्वराज ने कहा कि स्वाति मालीवाल पर इस बच्ची को न्याय दिलाने का दारोमदार है, वो धरना देकर और राजनीति कर के जाँच में अवरोध पैदा कर रही है। उन्होंने इसे शर्मसार घटना करार देते हुए कहा कि भाजपा इस वेदना में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।

दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी इस घटना की निंदा करते हुए उस आदेश की कॉपी शेयर की, जिसमें तत्कालीन WCD मंत्री कैलाश गहलोत ने उन्हें अपना OSD नियुक्त किया था। उन्होंने भी कहा कि खास तौर पर इस अधिकारी को इस पद के लिए चुना गया था। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल को जवाब देना पड़ेगा कि एक बलात्कारी अधिकारी को इस पद के लिए क्यों चुना गया? उन्होंने स्वाति मालीवाल से भी कहा कि वो आना ड्रामा बंद करें।

चाँद पर रूस का लूना-25 क्रैश, पर क्या कर रहा है अपना चंद्रयान 3: विक्रम लैंडर से बोला चंद्रयान 2- स्वागत है

रूस का लूनर मिशन लूना-25 रविवार (20 अगस्त, 2023) को ही चंद्रमा की सतह पर क्रैश लैंडिंग के साथ नष्ट हो गया है। ऐसे में अब हमारी ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की निगाह भारत के चंद्रयान मिशन पर टिकी है। जहाँ आम लोग भी भारत के मिशन को लेकर उत्सुक हैं वहीं दुनिया भर के वैज्ञानिकों और देशों को भी भारत के चंद्रयान-3 के सॉफ्ट लैंडिंग का इंतज़ार है। इसके साथ ही भारत चन्द्रमा की सतह पर अंतरिक्ष यान भेजने वाला चौथा देश बन जाएगा। 

दरअसल, रूस, अमेरिका और चीन इन तीन देशों को चाँद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने का मुकाम पहले ही हासिल है। इसलिए, भारत की इस चन्द्रयान मिशन के बहुत खास मायने हैं। चलिए आपको विस्तार से बताते हैं कि रूस के लूनर मिशन लूना-25 के साथ क्या हुआ? साथ ही अपना चंद्रयान-3 कहाँ तक पहुँचा है?

बता दें कि चंद्रयान- 3 के 23 अगस्त, 2023 को शाम करीब 6:04 बजे (भारतीय समयानुसार) चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की उम्मीद है। रविवार की सुबह मिशन का दूसरा और अंतिम डीबूस्टिंग ऑपरेशन (रफ्तार कम करने की प्रक्रिया) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया था। वहीं आज चन्द्रमा की सतह पर मौजूद चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने चंद्रयान-3 का स्वागत किया है। इसकी जानकारी इसरो ने आज सोमवार (21 अगस्त, 2023) को दोपहर में ट्वीट कर दी है। 

इसरों ने चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर का चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल से संपर्क स्थापित करने पर ट्वीट कर लिखा, “स्वागत है दोस्त-चंद्रयान-2 ऑर्बिटर ने चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल का स्वागत किया है।”

भारत ने 6  सितंबर 2019 को चंद्रयान-2 मिशन के तहत प्रज्ञान रोवर लेकर जा रहे विक्रम लैंडर के साथ चाँद की सतह पर पहुँचने का प्रयास किया था लेकिन चंद्रमा की सतह से 2.1 किलोमीटर दूर ही लैंडर से संपर्क टूट गया था। वहीं इसरो ने चंद्रयान-2 से सबक लेते हुए इस बार चंद्रयान-3 के लिए कई कई सुधार किए गए हैं। जिससे मिशन के सफल होने की काफी उम्मीदें हैं।

हालाँकि, चन्द्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में अभी लगभग दो दिन का समय है लेकिन चंद्रयान-3 के लैंडर ने चाँद की सतह की खूबसूरत तस्वीरें भेजकर एक तरह का पैगाम भेजा है। जिसे इसरों ने ट्वीट कर देशवासियों से साझा किया है। इसरो ने बताया कि चंद्रयान-3 ने लैंडिंग से पहले लैंडर हैज़र्ड डिटेक्शन एंड अवॉइडेंस कैमरा (LHDAC) का इस्तेमाल करके इन तस्वीरों को खींचा है। ये तस्वीरें चाँद की सतह के दक्षिणी ध्रुव पर उस जगह की हैं, जहाँ पर चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम की लैंडिंग होने वाली है। 

चाँद की सतह की तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर शेयर करते हुए इसरो ने लिखा, “ये चाँद के सुदूर क्षेत्र की तस्वीरें हैं, जिसे लैंडर के खतरा जाँच और बचाव कैमरे (एलएचडीएसी) से खींचा गया है। ये कैमरा (लैंडर) नीचे उतरने के दौरान सुरक्षित लैंडिंग क्षेत्र (बिना बोल्डर या गहरे गड्ढों वाले) का पता लगाने में सहायता करता है। इसे स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, इसरो में विकसित किया गया है।”

कैसे फेल हुआ रूस का लूना-25 मिशन 

रूस का अंतरिक्ष यान लूना-25 तकनीकी खराबी के बाद चन्द्रमा की सतह से टकरा कर नष्ट हो गया। इससे रूस का चंद्र मिशन फेल हो गया। बता दें कि सन् 1976 के बाद रूस ने अंतरिक्ष में वापसी की थी। वहीं रूस ने 47 साल बाद 11 अगस्त, 2023 को लूना-25 लॉन्च किया था। इसके 21 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर उतरने की उम्मीद थी। लेकिन इससे पहले ही यह अनियंत्रित होकर चंद्रमा से टकरा गया।

रूस के लूना-25 के चंद्रमा की सतह पर क्रैश लैंडिंग के साथ ही मिशन की सारी उम्‍मीदें भी खत्‍म हो गई। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्‍कोस्‍मोस की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि भी हो गई है। हालाँकि, कई वैज्ञानिकों द्वारा रूस के चंद्र मिशन के फेल होने की जो सबसे बड़ी वजह बताई जा रही है वह है चंद्रमा की सतह पर जल्‍दी और पहले पहुँचने की जिद, जिसने इस मिशन का दुखद अंत कर दिया। वहीं इन वैज्ञानिकों ने भारत के चंद्रयान-3 की तारीफों के पुल भी बाँधे हैं।

इस बारे में क्या कहती है रूस की अंतरिक्ष एजेंसी 

रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्‍कोस्‍मोस ने शनिवार (19 अगस्त, 2023) को ही लूना के ‘असामान्य स्थिति’ में फँसे होने की जानकारी दी थी। एजेंसी का कहना था कि स्‍पेसक्राफ्ट से उसका संपर्क टूट गया था क्योंकि वह लैंडिंग से पहले की कक्षा में चला गया था। रोस्‍कोस्‍मोस ने कहा कि शुरुआती जाँच से पता चलता है कि लूना-25 के मैनुवर के समय वास्तविक और अनुमानित गणना में कुछ गड़बड़ी हुई थी। इस वजह से स्‍पेसक्राफ्ट एक ऐसी कक्षा में चला गया जिसकी उम्‍मीद नहीं थी। इसी वजह से यह चाँद की सतह से टकराकर क्रैश हो गया।

चंद्रयान- 3 की लैंडिंग होगी खास 

चंद्रयान-3 की सुरक्षित एवं सॉफ्ट लैंडिंग की घड़ी जैसे-जैसे निकट आती जा रही है वैसे-वैसे उत्सुकता बढ़ती जा रही है। हालाँकि, इसरो ने पूरी तैयारी कर रखी है। अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की टीम ने इस बार सॉफ्ट लैंडिंग के दौरान, ‘लास्ट मिनट्स ऑफ टेरर’ के जोखिम को लगभग खत्म कर दिया है। लैंडिंग के वक्त वे सभी विकल्प मौजूद रहेंगे, जिनका इस्तेमाल किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित लैंडिंग के लिए किया जा सकता है।

इसरो ने बताया कि चंद्रयान-3 की राह में कोई चट्टान आई या उतरने वाली जगह समतल नहीं है तो ऐसे में उसकी दिशा बदलने का विकल्प रखा गया है। इसे ऐसे समझिए कि इस बार सॉफ्ट लैंडिंग में कठोर जैसा कुछ नहीं है। ‘चंद्रयान 3’ के लिए एक स्प्रिंग पर आधारित सिस्टम तैयार किया गया है। इस लैंडिंग को ISRO की वेबसाइट, फेसबुक, यूट्यूब और डीडी नेशनल पर लाइव देखा जा सकता है।

10 साल की उम्र, एक पैर भी नहीं, फिर भी भाई के लिए कूद-कूद कर 85 किमी चली नंदनी: बाबा गरीबनाथ का किया जलाभिषेक

नंदिनी 10 साल की है। उसके एक पैर नहीं हैं। लेकिन भाई के लिए प्रेम और महादेव के प्रति आस्था ऐसी है कि उसने 85 किलोमीटर की यात्रा एक ही पैर से कूद-कूद कर पूरी कर ली। बाबा गरीबनाथ के मंदिर पहुँची। उनका जलाभिषेक किया। ऐसा कर उसने उन ग्रामीणों को भी गलत साबित किया जो कहते थे- लड़की खुद चल तक नहीं सकती, जल क्या चढ़ाएगी?

दिव्यांग नंदनी बिहार के हाजीपुर की रहने वाली है। बाबा गरीबनाथ का मंदिर उसके घर से करीब 85 किलोमीटर दूर सोनपुर में है। उसने सोमवार (21 अगस्त 2023) की सुबह मंदिर में जलाभिषेक किया। सावन के दौरान इस मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है।

नंदनी रविवार की रात ही बाबा गरीबनाथ के धाम पहुँच गई थी। सोमवार सुबह पहलेजा घाट से गंगा जल लेकर उसने जलाभिषेक किया। पूजा-अर्चना कर अपने भाई के स्वास्थ्य का अशीर्वाद महादेव से माँगा। कुछ रिपोर्टों में नंदनी की उम्र 11 साल और उसके घर से गरीबनाथ धाम की दूरी करीब 100 किलोमीटर बताई गई है।

नंदनी के इस कठिन संकल्प के पीछे उसके छोटे भाई का स्वास्थ्य है। दरअसल, दो साल पहले उसका भाई गंभीर रूप से बीमार हो गया था। इसके बाद उसने बाबा गरीबनाथ से प्रार्थना की थी कि भाई के ठीक होने के बाद वो जल चढ़ाने उनके दरबार में आएगी।

भाई का दिल हुआ ठीक, तो बहन ने की ‘तपस्या’

राजनंदिनी के छोटे भाई को हृदय रोग था। भाई के स्वस्थ होने पर वह बाबा गरीबनाथ के दर पर जल चढ़ाने पहुँच गई। राजनंदिनी ने मीडिया को बताया;

“भाई के ठीक होने के लिए मैंने प्रार्थना की थी। आज वो पूरी हो गई, तो मैं बाबा जलाभिषेक करने आई हूँ। आज मैं बहुत खुश हूँ। मेरा सपना आईपीएस बनकर देश की सेवा करना है। भले ही मेरे पास एक ही पाँव हैं, लेकिन मेरे हौसले में कोई कमी नहीं है।”

राजनंदिनी के पिता सुभाष कुमार भी उसके साथ जल चढ़ाने आए थे। उनसे गाँव के लोगों ने कहा कि जो लड़की खुद चल तक नहीं सकती, वो जल क्या चढ़ाएगी? लेकिन राजनंदिनी ने सबको गलत कर दिया है।

खाटू श्याम यात्रा पर हमला, पोस्टर फाड़े, बस ड्राइवर को पीटा… राजस्थान में रशीद और साजिद की गुंडागर्दी, MLA शाफिया और ‘मेवात विकास बोर्ड’ के अध्यक्ष ज़ुबैर खान के खिलाफ नारेबाजी

हाल ही में हरियाणा के नूँह में न सिर्फ ‘विश्व हिन्दू परिषद (VHP)’ की यात्रा पर हमला किया गया, बल्कि नल्हड स्थित प्राचीन मंदिर को निशाना बना का गोलीबारी की गई और सैकड़ों श्रद्धालु फँसे रहे। अब राजस्थान के अलवर से ऐसी ही घटना सामने आई है। यहाँ खाटू श्याम की यात्रा पर हमला करने का आरोप मुस्लिमों पर लगा है। घटना रामगढ़ इलाके की है। मुस्लिम भीड़ द्वारा यात्रा को बाधित किए जाने के बाद इलाके में तनाव उत्पन्न हो गया है।

बताया जा रहा है कि न सिर्फ धार्मिक पोस्टरों को फाड़ कर पैरों तले कुचला गया, बल्कि विरोध करने पर बस ड्राइवर की भी पिटाई की गई। इससे यात्रा में शामिल हिन्दुओं और हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। थाने का घेराव कर के नारेबाजी की गई और उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की गई। रामगढ़ कस्बे में हर आएल ये यात्रा होती आई है। छोटी बावड़ी से खाटू रींगस तक इस साल भी यात्रा शुरू हुई। DJ पर बाबा का भजन बजाया जा रहा था और पीछे-पीछे भक्तों की टोली चल रही थी।

अचानक बाइक से 2 लोग आए और उन्होंने यात्रा रोक दी। यात्रा में शामिल बस के आगे बाइक खड़ी कर के रास्ता बाधित कर दिया गया। बस चालक को पीटा गया। पोस्टरों को पाँव तले कुचल डाला गया।पुलिस ने इस मामले में 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। कस्बे में इस घटना की सूचना मिलते ही ‘श्याम सखा मंडल’ और हिन्दू संगठनों के लोग वहाँ पहुँच गए। रामगढ के विधायक सफिया खान और ‘मेवात विकास बोर्ड’ के अध्यक्ष ज़ुबैर खान के खिलाफ आक्रोशित भीड़ ने नारेबाजी की।

पुलिस ने धार्मिक भावनाओं को भड़काने और मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। स्थानीय भाजपा नेता देवेंद्र दत्त ने कहा कि खाटू श्याम बाबा की यात्रा को खंडित किया जाना बर्दाश्त के लायक नहीं है। उन्होंने चेताया कि नूँह की अशांति यहाँ भी आ सकती है, अगर कार्रवाई न की गई तो। इस मामले में हारून के बेटे रशीद और अयूब के बेटे साजिद ने इस घटना को अंजाम दिया, जो अब पुलिस के शिकंजे में हैं। घटना में इस्तेमाल की गई बाइक जब्त कर ली गई है। आरोपित पिपरोली के रहने वाले हैं।

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, “अलवर में खाटू श्याम जा रही पदयात्रा की बस पर हमले की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं शर्मनाक है। शांतिप्रिय राजस्थान में उपद्रवियों को कानून व्यवस्था का कोई भय नहीं है। कॉन्ग्रेस सरकार के संरक्षण में जानबूझकर प्रदेश में अराजकता का वातावरण पैदा किया जा रहा है। राज्य में धार्मिक आस्थाओं पर हमले की यह पहली घटना नहीं है। चूरू के सुजानगढ़ में प्रसिद्ध सालासर धाम में राम दरबार को तोड़ा गया, करौली में हिन्दू नववर्ष पर जुलूस पर हमला हुआ, जोधपुर में स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की मूर्ति तोड़ने पर दंगे हुए और राजगढ़, अलवर में 300 साल पुराने मंदिर को तोड़ा गया। मेरी सरकार से माँग है कि आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।”

आकाश सैनी ने निकाला जूता और स्वामी प्रसाद मौर्य पर फेंका, कहा- हिंदू विरोधी बयानों से आहत था: सपा समर्थकों ने घेरकर पीटा, महंत राजू दास देंगे इनाम

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य पर जूता फेंकने की घटना सामने आई हैं। वकील के वेश में पहुँचे आकाश सैनी नामक व्यक्ति ने इस घटना को अंजाम दिया। हालाँकि, जूता फेंकने के बाद वहाँ मौजूद सपा समर्थकों ने आरोपित को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई कर दी। वहीं आरोपित का कहना है कि वह पूजा-पाठ करने वाला व्यक्ति है लेकिन मौर्य के बयानों से वह दुखी था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजधानी लखनऊ के इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान में समाजवादी पार्टी ने पिछड़ा वर्ग महासम्मेलन आयोजित किया था। स्वामी प्रसाद मौर्य इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुँचे थे। इस दौरान जब वह कार से उतरकर अंदर जा रहे थे, तभी वकील की वेश में पहले से अंदर मौजूद व्यक्ति ने जूता उतारकर स्वामी प्रसाद मौर्य की ओर फेंक दिया। हालाँकि, जूता स्वामी प्रसाद को छूता हुआ जमीन पर जा गिरा।

इस घटना के बाद वहाँ मौजूद समाजवादी पार्टी के समर्थकों ने आरोपित युवक को पकड़ लिया। इसके बाद उसकी जमकर पिटाई कर दी। इसके कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। वीडियो में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा आरोपित युवक को पीटते देखा जा सकता है। मौके पर मौजूद पुलिस उसे सपाइयों से बचाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन सपा समर्थक उसे बार-बार पुलिस से छुड़ा कर पीटना शुरू कर देते।

वहीं पुलिस बड़ी मुश्किल से उसे सपाइयों से छुड़ा पाई। इसके बाद भी सपाई उसका पीछा कर रहे थे। ऐसे में पुलिस सरकारी गाड़ी की जगह ऑटो में बैठाकर उसे थाने ले गई। जूता फेंकने वाले व्यक्ति की पहचान आकाश सैनी के रूप में हुई है। पकड़े जाने पर आकाश ने कहा है कि वह पूजा पाठ करने वाला व्यक्ति है लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्य के बयानों से वह दुखी था, इसलिए उसने यह कदम उठाया।

इस घटना के बाद यूपी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर का बयान भी सामने आया। उन्होंने कहा है कि पिछड़ों और दलितों को समाजवादी पार्टी में सम्मान नहीं मिलता। 4 बार की सरकार ने इन लोगों को धोखा दिया है। सपा का यह सम्मेलन ओबीसी और दलित को धोखा देने के लिए आयोजित किया गया। जिसने स्याही फेंकी थी, उसकी अखिलेश यादव के साथ फोटो वायरल हो गई। यह इस बात का सबूत है कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव के आने पर सपाई कह रहे हैं मेरे अँगने में तुम्हारा क्या काम है?

वहीं, अयोध्या स्थित हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास ने कहा, “अभी सिर्फ स्वामी प्रसाद मौर्य पर जूता फेंका गया है। यह सिलसिला रुकेगा नहीं। सनातन धर्म पर ऐसी ही टिप्पणी करते रहेंगे तो वह दिन दूर नहीं जब अखिलेश यादव भी पीटे जाएँगे।”

उन्होंने आगे कहा, “स्वामी प्रसाद मौर्या के ऊपर जूता कांड करने वाले को मेरे तरफ से उचित इनाम दिया जाएगा।”

बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य ने जनवरी, 2023 में रामचरित मानस को बकवास बताते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने की माँग की थी। यही नहीं वह साधु-संतों और महंतों को ‘आतंकवादी’ व ‘जल्लाद’ भी कह चुके हैं। इसको लेकर जमकर विवाद हुआ था। बाद में उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ था।

भोंपू सपा का, फोटो अखिलेश यादव के साथ और दारा सिंह चौहान पर स्याही BJP नेता ने फिंकवाई: अभिमन्यु यादव के दावों में निकले झोल

उत्तर प्रदेश की घोसी विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहे हैं। बीजेपी ने दारा सिंह चौहान को उम्मीदवार बनाया है। 21 अगस्त 2023 को उन पर एक युवक ने स्याही फेंकी थी। आरोपित अभिमन्यु यादव ने यह कहते हुए पुलिस के सामने सरेंडर किया है कि उसने बीजेपी नेता के कहने पर ऐसा किया। लेकिन उसके सोशल मीडिया अकाउंट समाजवादी पार्टी (सपा) से उसकी करीबी बयाँ करते हैं।

दारा सिंह चौहान ने इस घटना का जिम्मेदार सपा को ठहराते हुए कहा था कि वे लोग कुछ भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा था कि सपा पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता से डरी हुई है। स्याही फेंकना तो उनके स्टैंडर्ड से बहुत छोटी बात है। इसके बाद सपा के राष्ट्रीय सचिव और प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा था कि संभव है कि राजनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए भाजपा ने ही स्याही हमला करावाया हो।

इसके बाद आरोपित अभिमन्यु यादव का सरेंडर करने का वीडियो आया। इसमें वह कोपागंज पुलिस थाने में आत्मसमर्पण करने के लिए जाते दिख रहा है और बता रहा है कि भाजपा नेताओं के निर्देश पर उसने ऐसा किया। इस वीडियो को शेयर करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “जिसने घोसी में स्याही फेंकी, वो खुद बोल रहा है कि वो भाजपा का आदमी है। इससे ज्यादा क्या कहें? भाजपा अपनी संभावित हार से बचने के लिए ऐसा कर रही है।”

लेकिन आरोपित के सोशल मीडिया अकाउंट उसकी राजनीतिक झुकाव को लेकर अलग ही कहानी बताते हैं। फेसबुक पर अभिमन्यु यादव ने अपने बॉयो में सपा के लिए काम करने की बात कही। यह बीजेपी नेता के कहने पर दारा सिंह चौहान पर स्याही फेंकने के उसके दावों को खारिज करता है।

सोशल मीडिया पर उसकी कई सपा नेताओं के साथ तस्वीरें भरी पड़ी हैं। ये तस्वीरें उसने खुद शेयर की हैं। वह अखिलेश यादव से भी मिल चुका है। उनके साथ भी उसकी तस्वीरें हैं। पिछला चुनाव जब दारा सिंह चौहान ने सपा के टिकट पर लड़ा था तब अभिमन्यु उनके आसपास ही रहता था।

अखिलेश यादव के साथ अभिमन्यु यादव की तस्वीर, उसकी फेसबुक प्रोफाइल पर मौजूद

सोशल मीडिया पर वह लगातार समाजवादी पार्टी के लिए ही प्रचार-प्रसार करता रहा है। कुछ दिन पहले ही उसने सपा नेता के साथ वीडियो भी शेयर किया था।

2 अगस्त को सपा नेता के साथ अभिमन्यु ने शेयर किया वीडियो

बता दें कि घोसी से पिछला चुनाव दारा सिंह चौहान ने ही जीता था। लेकिन बाद में सपा छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए। यही कारण है कि इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है।

खुद की बेटी पर गर्व, दोस्त की बेटी से रेप: कट्टर ईसाई है दिल्ली का अधिकारी, फेसबुक पर लिखा- किसी ने क्रूस पर बलिदान हो भुगत लिया मेरे कर्मों का फल

दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में डिप्टी डायरेक्टर प्रेमोदय खाखा पर एक बच्ची के साथ बलात्कार का आरोप लगा है। नवंबर 2020 से जनवरी 2021 के बीच उसने 17 साल की लड़की के साथ कई बार बलात्कार किया और उसकी पत्नी ने गर्भपात की गोलियाँ खिलाई। NCPCR (बाल आयोग) के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने इस मामले में चर्च का रोल भी संदिग्ध माना है। साथ ही उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने अनाथों का डेटा नहीं दिया था। पिता की मौत के बाद चर्च में ही बच्ची के परिवार की मुलाकात उक्त अधिकारी से हुई थी।

कट्टर ईसाई, बेटे-बेटी पर गर्व: दिल्ली का बलात्कार आरोपित अधिकारी

प्रेमोदय खाखा के सोशल मीडिया हैंडल्स खँगालने पर पता चलता है कि वो कट्टर ईसाई है। फेसबुक की कवर में उसने अपने परिवार की तस्वीर लगा रखी है। एक तरफ वो अपनी पत्नी, बेटा और बेटी के साथ दिख रहा है तो दूसरी तरफ उसने अपनी बेटी की गाना गाती हुई और बेटे की गिटार बजाते हुए तस्वीर लगा रखी है। उसने फेसबुक पर कई बार अपने बेटा और बेटी की तस्वीरें अपलोड की है, जिससे पता चलता है कि उसे अपने बच्चों पर खासा गर्व था। किसी को अंदाज़ा भी नहीं होगा कि इतना पारिवारिक दिखने वाला व्यक्ति बलात्कारी निकलेगा।

उसने इंट्रो में बाइबिल का एक उद्धरण लगा रखा है। बाइबिल के ‘जॉन’ नामक पुस्तक में 14वें चैप्टर की 21वीं वर्स के इस उद्धरण का मतलब है, “जिसके पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूँगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूँगा।” हिंदी में इसे ‘यूहन्ना’ भी कहा जाता है। उसे येशु के सबसे प्रिय शिष्यों में गिना जाता है। उसे भी गॉड द्वारा भेजा गया एक मनुष्य के रूप में ही जाना जाता है।

प्रेमोदय खाखा ने फेसबुक पर अपने करियर के बारे में भी लिख रखा है। वो दिल्ली के महिला एवं विकास मंत्रालय में ‘ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी’ के पद पर भी काबिज था। दिल्ली सरकार के इस विभाग में वो असिस्टेंट डायरेक्टर भी रहा है। उसने लिखा है कि उसकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड के रामगढ़ जिले के घाटोटांड़ में स्थित ‘डॉक्टर राम मनोहर लोहिया श्रमिक हाईस्कूल’ से हुई है। उसने दिल्ली विश्वविद्यालय से ‘सोशल वर्क’ के कोर्स में मास्टर्स किया। उसने खुद को झारखंड की राजधानी राँची का रहने वाला बताया है।

प्रमोदाय खाखा का फेसबुक प्रोफाइल, इंट्रो में बाइबिल का उद्धरण

फेसबुक पर डाली गई तस्वीरों में कहीं वो परिवार के साथ रेस्टॉरेंट में डिनर करते हुए दिख रहा है तो कहीं माइक लेकर आधिकारिक कार्यक्रम में बोलते हुए दिख रहा है। एक तस्वीर में उसने ‘Jesus Is Lord Over The World’ का टैग भी लगा रखा है, जिसका अर्थ है – येशु मसीह इस दुनिया का ईश्वर है। एक तस्वीर के साथ उसने टैगलाइन लगाई है, “मैं आपके लिए प्रार्थना कर रहा हूँ।” उसने परिवार के साथ केक काटते हुए एक तस्वीर भी लगा रखी है।

जीसस वाले कोट के साथ प्रेमोदय खाखा ने लगा रखी है तस्वीर

अब आते हैं उसके LinkedIn प्रोफाइल पर। उसने यहाँ अपने इंट्रो में लिख रखा है – “मानवता को बहाने के लिए रिश्ते बना रहा हूँ।” यहाँ प्रेमोदय खाखा ने बताया है कि उसे झारखंड के हजारीबाग स्थित सेंट कोलंबिया कॉलेज में 1987 में स्नातक में दाखिला लिया था और वो DU में सन् 1994 में आया था। वो AIIMS में ‘मेडिकल सोशल सर्विस ऑफिसर’ भी रह चुका है। 1998 में ही वो दिल्ली के महिला एवं बाल विकास विभाग में वेलफेयर/प्रोबेशन ऑफिसर बन कर आया था और तब से उसे कई बार प्रोन्नति मिली।

एक फेसबुक पोस्ट में उसने लिखा है, “मेरी कोई आशा न होती यदि मैं इस बात से अनजान होता कि किसी ने मेरे सब कर्मों का फल क्रूस पर बलिदान होकर भुगत लिया।” भाजपा ने भी इस मुद्दे को लेकर आवाज उठाई है। दिल्ली भाजपा के प्रभारी विजयंत जय पांडा ने ट्वीट कर के लिखा है कि ऐसा लगता है कि ये अधिकारी सीएम अरविंद केजरीवाल का फेवरिट था, तभी उन्होंने खुद इसे WCD विभाग में बतौर OSD चुना था। उन्होंने इसका एक पत्र भी दिखाया है।

जीसस को लेकर बलात्कार अर्पित अधिकारी का फेसबुक पोस्ट

अधिकारी ने किया बच्ची का बलात्कार, क्या है मामला

कोरोना काल में 1 अक्टूबर, 2020 को पिता की मृत्यु के बाद लड़की उक्त अधिकारी से चर्च में मिली थी। आरोपित प्रेमोदय खाखा फ़िलहाल डिप्टी डायरेक्टर के पद पर काबिज था। पिता की मृत्यु के कारण लड़की शोक में थी, इस दौरान अधिकारी उसे अपने घर ले आया। पीड़िता 12वीं कक्षा की छात्रा है। बताया जा रहा है कि नवंबर 2020 से लेकर जनवरी 2021 तक कई बार उसके साथ बलात्कार किया गया। दिल्ली पुलिस ने यौन उत्पीड़न और शारीरिक शोषण की धाराएँ लगाई हैं।

NCPCR अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा कि अप्रैल 2020 से अगर किसी बच्चे के माता या पिता की मृत्यु हुई है, अगर वो बच्चा अनाथ हो गया है और उसे देखभाल की ज़रूरत है तो सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि उसकी सारी जानकारी NCPCR के ‘बाल स्वराज’ पोर्टल पर दर्ज होनी चाहिए। इस संबंध में दिल्ली सरकार को भी कई एफिडेविट फाइल करने के लिए कहा गया। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने सभी बच्चों की जानकारी दर्ज किए जाने की बात कही भी थी। लेकिन, अब तक डेटाबेस में बच्ची के सरनेम से सर्च किए जाने पर पूरे तरीके से भरे फॉर्म में बच्ची का कोई डिटेल नहीं मिला है।

उन्होंने ये जानकारी भी दी है कि चाइल्ड वेलफेयर कमिटी की अध्यक्ष मिनी जॉर्ज को कॉल कर के संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वो फोन नहीं उठा रही हैं। NCPCR अध्यक्ष ने कहा कि संस्था इस पूरी घटना पर निगाह बनाई हुई है और सारी जानकारी जुटाई जा रही है, दिल्ली सरकार को उचित एक्शन देने के लिए निर्देश भी दिया गया है। बच्ची जिस अस्पताल में भर्ती है, वहाँ भी टीम जाएगी। उन्होंने कहा कि किन-किस की गिरफ़्तारी होनी है, बच्ची को माँ से छीन कर दूसरे व्यक्ति को दिया गया और उस व्यक्ति ने रेप किया – प्राथमिक जानकारी यही है।

एक और जानने वाली बात ये है कि प्रेमोदय खाखा की नियुक्ति ST (अनुसूचित जनजाति) के लिए आरक्षित पद पर हुई थी। 12 अक्टूबर, 1998 से वो इस पद पर है। उसने अपना ST सर्टिफिकेट पेश किया था। 2011 में वो दिल्ली सरकार के खिलाफ कोर्ट भी पहुँचा था, क्योंकि क्योंकि सुपरिटेंडेंट के पद के लिए उसके अप्लीकेशन को रद्द कर दिया गया था। बता गया था कि उसने अपनी जाति को लेकर आधे-अधूरे डिटेल्स दिए। कोर्ट ने उसके खिलाफ फैसला देते हुए कहा था कि उसने सारे डिटेल्स नहीं दिए।

दोस्त की बेटी से रेप करने वाला अधिकारी पत्नी सहित गिरफ्तार, बोले NCPCR अध्यक्ष – चर्च का रोल संदिग्ध, दिल्ली सरकार ने नहीं दिया अनाथ का डेटा

दिल्ली में एक अधिकारी को नाबालिग लड़की से बलात्कार के आरोप में हिरासत में लिया गया है। पीड़िता को अबॉर्शन पिल्स खिलाने के आरोप में उसकी पत्नी को भी हिरासत में लिया गया है। दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग में उक्त अधिकारी वरिष्ठ पद पर कार्यरत था। पीड़िता की उम्र 17 साल है, लेकिन जब उसका कई बार बलात्कार किया गया तब वो 14 साल की थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उक्त अधिकारी को निलंबित करने का आदेश दिया है।

ये भी सामने आया है कि कोरोना काल में 1 अक्टूबर, 2020 को पिता की मृत्यु के बाद लड़की उक्त अधिकारी से चर्च में मिली थी। आरोपित प्रेमोदय खाखा फ़िलहाल डिप्टी डायरेक्टर के पद पर काबिज था। पिता की मृत्यु के कारण लड़की शोक में थी, इस दौरान अधिकारी उसे अपने घर ले आया। पीड़िता 12वीं कक्षा की छात्रा है। बताया जा रहा है कि नवंबर 2020 से लेकर जनवरी 2021 तक कई बार उसके साथ बलात्कार किया गया। दिल्ली पुलिस ने यौन उत्पीड़न और शारीरिक शोषण की धाराएँ लगाई हैं।

अब राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR) ने भी इस मामले में संज्ञान लिया है। संस्था के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा कि प्राथमिक जानकारी के हिसाब से बच्ची के पिता की मृत्यु होने के बाद एक चर्च के माध्यम से बच्चे का परिवार और डिप्टी डायरेक्टर संपर्क में आए। उस लड़की को फिर अधिकारी के रखा गया। प्रियांक कानूनगो ने कहा कि इस मामले में प्रक्रियागत खामी दिख रही है, यानी तय नियमों का पालन नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि अप्रैल 2020 से अगर किसी बच्चे के माता या पिता की मृत्यु हुई है, अगर वो बच्चा अनाथ हो गया है और उसे देखभाल की ज़रूरत है तो सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि उसकी सारी जानकारी NCPCR के ‘बाल स्वराज’ पोर्टल पर दर्ज होनी चाहिए। इस संबंध में दिल्ली सरकार को भी कई एफिडेविट फाइल करने के लिए कहा गया। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने सभी बच्चों की जानकारी दर्ज किए जाने की बात कही भी थी। लेकिन, अब तक डेटाबेस में बच्ची के सरनेम से सर्च किए जाने पर पूरे तरीके से भरे फॉर्म में बच्ची का कोई डिटेल नहीं मिला है।

NCPCR के अध्यक्ष ने ये भी बताया कि दिल्ली सरकार के अधिकारियों से बच्ची का नाम और ‘बाल स्वराज’ पोर्टल पर उसकी एंट्री के बारे में पूछा गया है। साथ ही सवाल किया गया है कि किस प्रकार एक बच्ची को बिना चाइल्ड वेलफेयर कमिटी की अनुमति के उसकी माँ से लेकर किसी दूसरे व्यक्ति तक भेज दिया गया। प्रियांक कानूनगो ने ऐसा करवाने वाले चर्च की भूमिका को भी संदिग्ध बताया। उन्होंने कहा कि चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के सामने बच्ची का बयान नहीं दर्ज कराया गया है।

उन्होंने ये जानकारी भी दी है कि चाइल्ड वेलफेयर कमिटी की अध्यक्ष मिनी जॉर्ज को कॉल कर के संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वो फोन नहीं उठा रही हैं। NCPCR अध्यक्ष ने कहा कि संस्था इस पूरी घटना पर निगाह बनाई हुई है और सारी जानकारी जुटाई जा रही है, दिल्ली सरकार को उचित एक्शन देने के लिए निर्देश भी दिया गया है। बच्ची जिस अस्पताल में भर्ती है, वहाँ भी टीम जाएगी। उन्होंने कहा कि किन-किस की गिरफ़्तारी होनी है, बच्ची को माँ से छीन कर दूसरे व्यक्ति को दिया गया और उस व्यक्ति ने रेप किया – प्राथमिक जानकारी यही है।

उन्होंने इस पूरे मामले में जिस-जिस अधिकारी की संल्पितता है, उन सबको गिरफ्तार किए जाने की ज़रूरत पर बल दिया। साथ ही अगर अबॉर्शन में कोई डॉक्टर इन्वॉल्व है तो उसे पर भी कार्रवाई की बात उन्होंने कही। उन्होंने आश्वासन दिया कि सबकी जिम्मेदारियाँ तय की जाएँगी। दिल्ली पुलिस ने उक्त अधिकारी और उसकी बीवी को उसके फ़्लैट पर पहुँच कर हिरासत में भी ले लिया है। इसका वीडियो भी सामने आया है। पीड़िता अभी भी अस्पताल में रिकवर हो रही है, ऐसे में मजिस्ट्रेट के सामने उसका बयान भी दर्ज किया जाएगा।

एफिल टॉवर से 30 गुना अधिक स्टील, बुर्ज खलीफा से 6 गुना ज्यादा सीमेंट: गडकरी ने दिखाई द्वारका एक्सप्रेस-वे की झलक, कहा- 100 साल तक भूल नहीं सकेंगे

दिल्ली का द्वारका एक्सप्रेस-वे (Dwarka Expressway) पिछले कई दिनों से खबरों में है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने निर्माण की लागत पर सवाल उठाए थे। इसके बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने बताया था कि निर्माण लागत अनुमानों से 12 प्रतिशत कम रही है। अब उन्होंने एक वीडियो शेयर कर इस एक्सप्रेस-वे की झलक दिखाई है।

वीडियो में एक्सप्रेस-वे की खूबियों के बारे में भी बताया गया है। गडकरी ने इस वीडियो को ‘इंजीनियरिंग का चमत्कार: द्वारका एक्सप्रेस-वे! भविष्य का एक अत्याधुनिक सफर’ कैप्शन के साथ साझा किया है। वीडियो के अनुसार, यह एक्सप्रेस-वे तीन-चार महीने में शुरू हो जाएगा। इसे ऐसा स्टेट ऑफ आर्ट प्रोजेक्ट बताया गया है, जिसे लोग 100 साल तक भूल नहीं पाएँगे।

सड़क, फ्लाईओवर, एलिवेटेड रोड और सुरंग से बना नायाब तोहफा

द्वारका एक्सप्रेस-वे 8 लेन का एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे है, जो दिल्ली और हरियाणा को जोड़ता है। भले ही इसकी लंबाई महज 29 किमी के आसपास ही है, लेकिन टोटल हाइवे को बनाने के लिए 563 किमी काम किया गया है। आप सोच रहे होंगे कि ये कैसा चमत्कार है? तो इसे इस बात से समझिए कि सिंगल लेन सड़क की गिनती होती है। ये एक्सप्रेसवे आठ लेन का है। इसके साथ ही 6 (3+3) लेन की सर्विस लेन भी है।

1200 पेड़ों को किया गया ट्रांसप्लांट

इस एक्सप्रेसवे को बनाने के दौरान बहुत सारे पेड़ों को एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया है। ऐसे पेड़ों की संख्या 1200 है। इस एक्सप्रेसवे के खुलने से द्वारका से मानेसर तक यात्रा का समय 15 मिनट, मानेसर से इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक 20 मिनट, द्वारका से सिंघु बॉर्डर तक 25 मिनट और मानेसर से सिंघु बॉर्डर तक 45 मिनट हो जाएगा।

वीडियो के अनुसार इस एक्सप्रेस वे के निर्माण में 2 लाख टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है। यह एफिल टॉवर में लगे स्टील से 30 गुना ज्यादा है। इसी तरह इसके निर्माण में 20 लाख क्यूबिक मीटर सीमेंट-कंक्रीट का इस्तेमाल हुआ है। यह बुर्ज खलीफा में लगे सीमेंट से 6 गुना ज्यादा है।

क्या रोहिंग्याओं के घर NGO माइल्स2स्माइल ने बनाए थे? नूहं में हिंदुओं पर हमलों के बाद अवैध निर्माणों पर चला था बुलडोजर, मची है हायतौबा

संदिग्ध संगठन माइल्स2स्माइल NGO के संस्थापक आसिफ मुजतबा ने रविवार (20 अगस्त, 2023) को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक थ्रेड साझा किया, जिसमें हरियाणा सरकार पर उनके संगठन द्वारा तीन वर्षों में बनाए गए झुग्गियों/घरों को ध्वस्त करने का आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा कि हरियाणा के नूहं जिले के फिरोजपुर झिरका का दौरा करने के बाद उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे कि मैं किसी युद्ध क्षेत्र में हूँ।  भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली (भाजपा) हरियाणा सरकार द्वारा अवैध निर्माण पर कार्रवाई के दौरान उनके संगठन द्वारा निर्मित कुल 106 मकानों/झुग्गियों को ध्वस्त कर दिया गया था।

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “फिरोज़पुर झिरका से नूहं लौटते हुए ऐसा महसूस हो रहा है जैसे किसी युद्ध क्षेत्र से वापस आ रहे हैं। फ़िरोज़पुर झिरका का एक गाँव, जिसे दूधघाटी कहा जाता है, जो अब भूकंप प्रभावित क्षेत्र जैसा दिख रहा है। माइल्स2स्माइल के माध्यम से हमारे राहत कार्यों के पूरे 3.5 वर्षों में, मैंने बुलडोज़र द्वारा इतनी बड़ी तबाही कभी नहीं देखी। प्रशासन द्वारा कुल 106 झुग्गियों को जमींदोज कर दिया गया।”

अपने पोस्ट में उन्होंने यहाँ तक दावा किया कि दूधघाटी के लोगों को उनके घरों से घरेलू सामान निकालने तक का समय नहीं दिया गया। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने दावा किया कि प्रशासन द्वारा अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान उनके संगठन माइल्स2स्माइल द्वारा निर्मित झुग्गियाँ में मौजूद सामान को बुलडोजर के नीचे कुचल दिया गया।

उन्होंने हरियाणा प्रशासन पर यहाँ तक आरोप लगाया कि लोगों को बिस्तर से सीधे उठाकर उनके झुग्गियों पर बुलडोजर चला दिया गया। हालाँकि, आसिफ ने गाँव में राहत कार्य के नाम पर फिर से निर्माण शुरू कर दिया है, जिसका लक्ष्य प्रभावितों के लिए घरों का पुनर्निर्माण करना है।

माइल्स2स्माइल्स ने नूहं के रोहिंग्याओं के लिए चलाए गए एक अभियान में पहले ही 2.52 लाख की राशि एकत्र कर ली है। जहाँ आसिफ नूहं के नगीना में अवैध ढाँचे गिराए जाने के बाद यह अभियान चला रहे हैं। वहीं यह भी बता दें कि नूहं हिंसा के दौरान दंगाइयों ने नगीना में एक बीजेपी नेता की तेल मिल को जला दिया था। बीजेपी के शिव कुमार आर्य की दुकान को लूटकर जला दिया गया। उन्हें 1.5 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा।

माइल्स2स्माइल क्या है?

दरअसल, माइल्स2स्माइल फाउंडेशन एक संदिग्ध संगठन है जिसने अवैध रोहिंग्याओं और 2020 में दिल्ली के हिंदू विरोधी दंगों के मुस्लिम पीड़ितों को मदद करने के लिए राहत कार्य के  नाम पर ​​समय-समय पर, संगठन ने अपने अभियानों के माध्यम से धन इकठ्ठा किया है और उनके रहने के लिए कच्चे-पक्के झुग्गियों का निर्माण किया है, साथ ही अवैध रोहिंग्याओं के बच्चों के लिए शिक्षा आदि की व्यवस्था की। सामान्य शब्दों में, यह एक ऐसा संगठन होने का दावा करता है जो संकटग्रस्त व्यक्तियों या समूहों को राहत और पुनर्वास प्रदान करता है और हाशिये पर खड़े और वंचितों का शैक्षिक उत्थान करता है।

इतना ही नहीं माइल्स2स्माइल  को फण्ड उपलब्ध कराने के लिए प्रोपेगेंडा पोर्टल ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर सहित कई अन्य लेफ्ट-लिबरल ‘पत्रकारों’ ने भी अभियान चलाकर इस संस्था का पेमेंट लिंक साझा किए, जिनमें लोगों से एम2एस के अभियानों के लिए आर्थिक सहायता देने की बात कही गई थी। 

बताया जाता है कि माइल्स2स्माइल फाउंडेशन की स्थापना दिल्ली में हिंदू विरोधी दंगों के बाद मुस्लिम पीड़ितों का सहायता प्रदान करने के लिए करने के लिए बना था। इसने मुस्लिमों के लिए चिकित्सा शिविरों से लेकर आरोपितों को कानूनी सहायता तक प्रदान की। संगठन सीधे-सीधे मुस्लिमों और अवैध रोहिंग्या घुसपैठियों सहायता प्रदान करता है।

माइल्स2स्माइल्स का रोहिंग्या कनेक्शन 

ऑपइंडिया ने अप्रैल 2022 में रिपोर्ट की थी कि माइल्स2स्माइल्स  संगठन ने हरियाणा के नूहं में रोहिंग्या शिविर में एक शिक्षण केंद्र स्थापित की थी। फाउंडेशन ने हरियाणा के नूहं में शरणार्थी शिविरों में रोहिंग्या बच्चों के लिए कुरान की कक्षाओं की भी व्यवस्था की थी।

वहीं इस साल जनवरी में संगठन ने ट्विटर पर दावा किया था कि उसने हरियाणा के नूहं में रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए निर्माण कार्य के लिए धन जुटाया था और कई घर भी बनाई थीं। गौरतलब है कि नूहं हरियाणा के मेवात से संबंधित है, यह क्षेत्र “मिनी पाकिस्तान” के रूप में भी  कुख्यात है, जहाँ हिंदुओं के अपहरण, बलात्कार और जबरन धर्म परिवर्तन की रिपोर्ट नियमित रूप से सामने आती रही हैं।

आसिफ मुज्तबा ने  मार्च 2022 में एक ट्वीट किया था कि रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ हो रहे अत्याचार और नरसंहार को देखना उनके लिए दिल दहला देने वाला  था। ऐसे में नूहं और दिल्ली में रोहिंग्याओं के साथ काम करने पर खुशी व्यक्त की थी।

क्या माइल्स2स्माइल्स ने अवैध रूप से घर बनाए?

हरियाणा के नूहं जिले में मुस्लिम भीड़ द्वारा हिंसा फैलाने की घटनाओं के कुछ दिनों बाद, हरियाणा सरकार ने गुरुवार, 3 अगस्त 2023 को 200 से अधिक दंगाइयों के अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई की। अतिक्रमण हटाओ अभियान कुछ दिनों तक जारी रहा। इसके बाद पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी। 

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के समक्ष 17 अगस्त को पेश किए गए एक हलफनामे में, नूहं जिले के उपायुक्त (डीसी) धीरेंद्र खडगटा ने अवैध निर्माण के खिलाफ राज्य प्रशासन द्वारा हाल ही में चलाए गए अभियान के संबंध में “पिक एंड चूज़ नीति” के आरोपों का खंडन किया। 

डीसी ने बताया कि अधिकांश अतिक्रमणकारियों को दो से छह साल पहले उनके अवैध निर्माण से संबंधित नोटिस जारी किए गए थे। हलफनामे में कहा गया है कि पाँच विभागों, सार्वजनिक प्राधिकरणों और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) ने 7 अगस्त तक नूहं में अपने संबंधित क्षेत्रों में नियमित अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था।

हलफनामे में कहा गया है, “यहाँ यह उल्लेख करना जरुरी है कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने डीपीसी स्तर पर दुकानों, मस्जिदों और झुग्गियों की नींव के रूप में अनधिकृत निर्माण का पता लगाया था।”

400 पन्नों के हलफनामे के अनुसार, नूहं में अतिक्रमण हटाओ अभियान से कुल 354 लोग प्रभावित हुए, जिनमें से 71 हिंदू और 283 मुस्लिम थे। इसके अलावा, यह भी कहा गया कि ध्वस्त की गई 38 दुकानों में से 55 प्रतिशत दुकानें हिंदुओं की थीं। बताया गया कि कुल 443 संपत्तियाँ ध्वस्त की गईं, जिनमें 162 स्थायी जबकि 281 अस्थायी थीं। हलफनामे में इस बात पर भी जोर दिया गया कि जाति, पंथ या धार्मिक विचारों का सरकार के फैसलों पर कोई असर नहीं पड़ता।

हलफनामे के अनुसार, 2011 की जनगणना के अनुसार, जिले की कुल आबादी 10,89,263 थी, जिसमें 79.20 प्रतिशत मुस्लिम और 20.37 प्रतिशत हिंदू थे। “2011 की जनगणना स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि नूहं मुस्लिम बहुल जिला है। इसके अलावा, 2023 में नूहं में 14,21,933 लोगों के रहने का अनुमान है। यहाँ यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि नूहं जिले में क्रमशः फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना तहसील में मुस्लिमों  की आबादी लगभग 87% है।”

जैसा कि सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि नूहं में जिन भी निर्माण पर कार्रवाई हुई वो संरचनाएँ अवैध थीं। ऐसे में क्या इसका मतलब यह है कि माइल्स2स्माइल संगठन ने नूहं में अवैध रोहिंग्या घुसपैठियों के लिए “राहत कार्य” के रूप में घरों या झुग्गियों के निर्माण से पहले प्रशासन से पूर्व अनुमति नहीं ली थी? जबकि माइल्स2स्माइल फाउंडेशन स्पष्ट रूप से अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार कर रहा है कि उसके द्वारा बनाई गई अर्ध-स्थायी” घर/झुग्गियाँ अवैध थीं क्योंकि सरकार द्वारा दो साल से अधिक समय पहले से ही नोटिस देने के बाद उन्हें ध्वस्त किया गया था। विशेष रूप से, उनके रोहिंग्यों और दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगो के मुस्लिम पीड़ितों के लिए चलाये गए रहत कार्यों की की रिपोर्ट ऑपइंडिया द्वारा 2021 में की गई थी, जो सरकार के हलफनामे से मेल खाता है कि अतिक्रमण दो वर्षों से अधिक पुराना है और लम्बे समय से वहाँ अवैध निर्माण हो रहा था।

नूंह हिंसा मामले में गिरफ्तार रोहिंग्या

रिपोर्टों के अनुसार, वर्तमान में नूहं में लगभग दो हजार रोहिंग्या रह रहे हैं और उनमें से बड़ी संख्या में संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी शरणार्थी कार्ड धारक हैं। हाल ही में 31 जुलाई को नूहं में हुई हिंसा में शामिल होने के कारण रोहिंग्यों पर फिर से नजर गई है। नूहं हिंसा मामले में भी पुलिस ने इन पर 20 से ज्यादा मामले दर्ज किए हैं और करीब 25 रोहिंग्या शरणार्थियों को गिरफ्तार किया है। 

प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि संयुक्त राष्ट्र ने इन सभी को शरणार्थी पहचान पत्र दिए थे। बता दें कि नूहं में रहने वाले ज्यादातर रोहिंग्या म्यांमार के रखाइन राज्य से हैं। 2017 में हिंसा के बाद वे भारत के कई रास्तों से होते हुए नूहं आए और यहीं बस गए।