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पाकिस्तान की सीमा के बाद अब बांग्लादेश से बच्चा लेकर आई सोनिया अख्तर, नोएडा पुलिस से कहा- सौरव के साथ रहना चाहती हूँ, शादी कर छोड़ आया

पाकिस्तान की सीमा हैदर की तरह ही अब बांग्लादेश की सोनिया अख्तर नोएडा आई है। वह सौरव कांत तिवारी की तलाश में है, जिसने कथित तौर पर ढाका में उससे शादी की थी। फिर उसे छोड़कर भारत आ गया।

वैसे सीमा हैदर से उलट सोनिया वैध कागजातों के साथ भारत आई है। गोद में एक साल बेटे को लेकर नोएडा पहुँची सोनिया का कहना है कि वह अपने पति के साथ रहना चाहती है। उसके अनुसार नोएडा के सूरजपुर के रहने वाले सौरव कांत तिवारी ने तीन साल पहले उससे ढाका में शादी की थी।

सोनिया के अनुसार शादी के कुछ समय बाद सौरव उसे छोड़कर भारत लौट आया। सोमवार (21 अगस्त 2023) को उसने इस संबंध में नोएडा पुलिस को शिकायत दी। इस मामले की जाँच एसीपी महिला सुरक्षा को सौंपी गई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ढाका की रहने वाली सोनिया नोएडा के महिला थाने पहुँची थी। उसका दावा है कि 14 अप्रैल 2021 को उसकी सौरव से शादी हुई थी।

पुलिस को महिला ने ये भी बताया कि सौरव जनवरी 2017 से दिसंबर 2021 तक ढाका के कल्टी मैक्स एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड में ज़ॉब करता था। सोनिया ने पुलिस को अपने और बेटे के पासपोर्ट, वीजा और सिटिजन कार्ड भी दिए हैं।

गौरतलब है कि चार बच्चों के साथ भारत आई सीमा हैदर का मामला काफी चर्चित रहा है। कथित तौर पर नोएडा के रबूपूरा के सचिन के साथ उसे पबजी पर प्यार हुआ था। इसके बाद अपने शौहर को छोड़कर वह बच्चों के साथ नोएडा आ गई थी। वह अवैध तरीके से भारत में दाखिल हुई थी। सीमा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अर्जी भेज भारत की नागरिकता देने की गुहार भी लगाई थी। उसने कहा था कि वह जेल में जिंदगी गुजार देगी, लेकिन पाकिस्तान नहीं जाएगी। उसने सचिन को अपनी जिंदगी बताते हुए कहा था कि उसका एक ही गुनाह है कि वह नेपाल के रास्ते भारत में घुसी।

‘मस्जिद के पास से नहीं गुजरेगा महावीरी झंडा’: बिहार में 400 की भीड़ ने किया शोभा यात्रा पर हमला, पुलिसकर्मी-महादलित समेत 12 घायल

हरियाणा के नूँह और राजस्थान के अलवर के बाद अब बिहार के पूर्वी एवं पश्चिम चम्पारण में हिन्दुओं की यात्रा पर मुस्लिम भीड़ द्वारा हमले की खबर सामने आई है। बिहार में यूँ तो नागपंचमी के दिन महावीरी झंडे को लेकर कई जगह झड़प की खबर सामने आई, लेकिन पश्चिम चम्पारण के बगहा में मामला हाथ से निकल गया। बगहा में शोभायात्रा पर पत्थरबाजी के बाद दोनों पक्ष भिड़ गए, फिर खूब आगजनी और तोड़फोड़ हुई। मुख्य घटना बगहा के रतनमाला की है, जहाँ सोमवार (21 अगस्त, 2023) को महावीरी अखाड़े ने जुलूस निकाला था।

इसके बाद दोनों ही पक्ष उग्र होकर आपस में भिड़ गए। कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। तोड़फोड़ भी हुई। पुलिस के जवानों समेत इस घटना में एक दर्जन लोगों के घायल होने की खबर है। पूरे इलाके में पुलिस बलों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है, लेकिन अब भी तनाव बना हुआ है। उधर पूर्वी चम्पारण के मेहसी, कल्याणपुर और दरपा थाना क्षेत्रों में भी यात्रा को लेकर झड़प हुई। तीनों जगहों पर पुलिस की तैनाती भी बढ़ा दी गई है। हालाँकि, स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि तीनों इलाकों में ईंट-पत्थर भी जम कर चले हैं। पश्चिम चम्पारण के जिलाधिकारी दिनेश राय भी बगहा पहुँचे हैं और स्थिति का जायजा ले रहे हैं। बगहा में घायलों में एक पत्रकार भी शामिल है। बताया जा रहा है कि शोभा यात्रा जैसे ही एक मस्जिद से होकर गुजरी, वहाँ मौजूद मुस्लिमों ने इसका विरोध किया। वो कहने लगे कि इधर से महावीरी झंडा नहीं ले जाया जा सकता है। झड़प में एक व्यक्ति के घर में भी तोड़फोड़ मचाई गई।

SDM डॉ अनुपमा सिंह भी घटनास्थल पर कैम्प कर रही हैं। जहाँ यात्रा में 400 लोग शामिल थे, वहीं दूसरी तरफ से भी 200 के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। शोभा यात्रा अपने निर्धारित रास्ते से ही जा रही थी। घायलों में होमगार्ड सिपाही नगीना यादव, रतनमाला निवासी अमित कुमार, बनकटवा निवासी आयुष कुमार, रतनमाला निवासी पहावरी प्रसाद, राधेश्याम माँझी, पत्रकार मुन्ना राज, गोलू कुमार, बिहार पुलिस के सिपाही हरीश राम, रतनवाला निवासी भगवान चौधरी शामिल हैं।

अनुमंडल अस्पताल में इन सभी का इलाज चल रहा है। अस्पताल ने बताया है कि भगवान चौधरी की स्थिति गंभीर है, बाकियों की हालत खतरे से बाहर है। प्रभारी एसपी अशोक चौधरी कह रहे हैं कि स्थिति नियंत्रण में है, रतनमाला में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं दरपा के पिपरा गाँव में कचहरी टोला होकर शोभा यात्रा पछियारी टोला पहुँची, इसके बाद मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दरपा के SHO धर्मेंद्र यादव को भी चोट लगी है।

हालाँकि, पुलिस कह रही है कि हर जगह स्थिति शांतिपूर्ण है और मीडिया के माध्यम से वो संदेश देना चाहते हैं कि माहौल में कोई तनाव नहीं है। साथ ही ये भी कहा कि

क्या PoK में भारतीय सेना ने फिर की सर्जिकल स्ट्राइक, रिपोर्ट में दावा- स्पेशल फोर्स के 15 कमांडो ने LOC पार कर तबाह किए लॉन्च पैड, ढेर किए आतंकी

क्या पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर (PoK) में भारतीय सेना ने फिर से सर्जिकल स्ट्राइक की है। यह सवाल 22 अगस्त 2023 को प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट से खड़ी हुई है। इसके मुताबिक स्पेशल फोर्स के कमांडो ने नियंत्रण रेखा (LOC) पार कर पीओके में कई आतंकियों को ढेर किया। आतंकी लॉन्च पैड तबाह कर दिए।

दैनिक जागरण ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि 19 अगस्त की रात यह सर्जिकल स्ट्राइक हुई। भारत सेना के स्पेशल फोर्स के 12 से 15 कमांडो ने राजौरी के तरकुंडी सेक्टर और पुंछ के भिंभर गली से रात के समय पैदल एलओसी पार की। पीओके में करीब ढाई किलोमीटर भीतर घुसकर कोटली जिला के नकयाल में आतंकियों के 4 लांचिंग पैड को तबाह कर दिया। इसमें कम से कम 7 से 8 आतंकवादी भी मारे गए।

हालाँकि रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में इस रिपोर्ट का खंडन किया है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि कोई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ नहीं की गई। लेकिन भारत ने पाकिस्तान की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया है। मंत्रालय के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर के बालाकोट सेक्टर से आतंकवादियों का समूह घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा था। सैनिकों ने सोमवार (21 अगस्त) की सुबह दो आतंकवादियों को बालाकोट सेक्टर के हमीरपुर क्षेत्र में खराब मौसम और ऊबड़-खाबड़ जमीन का इस्तेमाल कर एलओसी पार करने की कोशिश करते हुए देखा था।

मंत्रालय के बयान के मुताबिक, “कई खुफिया एजेंसियों और जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिले खुफिया इनपुट से पता चला है कि बालाकोट सेक्टर में आतंकवादियों की मौजूदगी है और ये नियंत्रण रेखा पार करने का इंतजार कर रहे थे। इन सूचनाओं के आधार पर निगरानी शुरू की गई। इस दौरान सेना को बेहद अलर्ट रखा गया था और सटीक जगहों पर सेना कई एमबुश (घात) लगाए थी। जैसे ही आतंकवादियों ने घुसपैठ करने की कोशिश की भारतीय सेना ने मौसमी हालातों का फायदा उठाते हुए उन पर भारी गोलीबारी की। इससे आंतकियों को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।”

बयान के मुताबिक, “जोरदार और असरदार गोलीबारी का नतीजा ये हुआ कि नियंत्रण रेखा के पास एक आतंकवादी जमीन पर ही ढेर हो गया। इसके बाद अतिरिक्त सैनिकों को इस क्षेत्र में भेजा गया और मौसम सही होने और दृश्यता में सुधार होने के बाद दोपहर में तलाशी अभियान शुरू किया गया।”

रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि जमीनी तलाशी के दौरान एक एके-47, पाकिस्तान में बनी दवाएँ, दो मैगजीन और 30 जिंदा कारतूस और दो ग्रेनेड बरामद किए गए। तलाशी के दौरान खून के निशान भी मिले हैं। खून के निशान और इस तथ्य को देखते हुए कि जवाबी कार्रवाई के बाद एक आतंकवादी ढेर हो गया था, यह संभावना है कि भारतीय सेना की गोलीबारी के दौरान कम से कम एक आतंकवादी की मौत हो गई।

’72 के रजनीकांत ने 52 साल के योगी का पैर क्यों छुआ’: ट्रोल गैंग को ‘थलाइवा’ ने दिया जवाब, कहा- संन्यासी का चरण स्पर्श करना मेरे संस्कार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चरण स्पर्श करने के बाद से पीछे पड़े ट्रोल्स को ‘थलाइवा’ के नाम से मशहूर सुपरस्टार एक्टर रजनीकांत ने करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि संन्यासियों का चरण स्पर्श करना उनका संस्कार रहा है।

ट्रोल्स उम्र का हवाला देकर इस पर सवाल उठा रहे थे। उनका कहना था कि रजनीकांत की उम्र 72 साल है। उन्होंने अपने से छोटी 52 वर्षीय योगी आदित्यनाथ के पैर क्यों छुए।

इसका जवाब देते हुए रजनीकांत ने चेन्नई एयरपोर्ट के बाहर मीडिया से कहा, “भले ही कोई मुझसे छोटा हो। अगर वह योगी या संन्यासी है तो उनका आशीर्वाद लेने के लिए पैर छूना मेरी परंपरा है।” उल्लेखनीय है कि अभी रजनीकांत बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही अपनी फिल्म ‘जेलर’ को लेकर भी चर्चा में हैं।

वे 19 अगस्त 2023 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुँचे थे। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने योगी आदित्यनाथ के पैर छुए थे। इसके फोटो, वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे।

इसको लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल किया जा रहा था। कई लोगों का कहना था कि रजनीकांत की उम्र सीएम योगी से अधिक है। ऐसे में उन्हें पैर नहीं छूने चाहिए थे। यहाँ तक कि सोशल मीडिया पर रजनीकांत की फिल्म न देखने की भी बात कही जा रही थी। लेकिन अब रजनीकांत ने जवाब देकर ‘ट्रोल गैंग’ की बोलती बंद कर दी है।

गौरतलब है कि ‘जेलर’ ने 10 अगस्त, 2023 को रिलीज के बाद से बॉक्स ऑफिस पर तूफान ला दिया है। फिल्म कमाई के सभी रिकॉर्ड तोड़ रही है। ‘जेलर’ करीब 900 स्क्रीन पर एक साथ रिलीज हुई। रजनीकांत ने फिल्म में ‘जेलर टाइगर’ की भूमिका निभाई है। फिल्म में रजनीकांत के अलावा मोहनलाल, शिवराजकुमार और जैकी श्रॉफ की महत्वपूर्ण भूमिकाएँ हैं। फिल्म अब तक 550 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई कर चुकी है।

शारिक एंड गैंग के टॉर्चर से भोपाल के परिवार ने किया था सुसाइड, बेटों को जहर देने के बाद पत्नी के साथ भूपेंद्र ने लगाई थी फाँसी: 5 गिरफ्तार

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इसी साल जुलाई में भूपेंद्र विश्वकर्मा ने पत्नी और दो बच्चों के साथ आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में पुलिस ने 5 और लोगों को पकड़ा है। इनके नाम हैं- शारिक बेग, मोहम्मद उबेज खान, अरशद बेग, शाहजहाँ उर्फ शाजी खान और फरहान रहमान।

इससे पहले पुलिस ने इसी मामले में राजस्थान के टोंक से खलील को गिरफ्तार किया था। वह जालसाजों को किराए पर खाता मुहैया कराता था। रिपोर्ट के अनुसार विश्वकर्मा से लोन ऐप के जरिए जो वसूली हो रही थी, वह पैसा भोपाल के ही बैंक में जमा हो रहा था।

विश्वकर्मा ने बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से भोपाल में यस बैंक के एक खाते में 95,700 रुपए ट्रांसफर किए थे। इसी ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस ने 5 लोगों को ​पकड़ा है। यह बात सामने आई है कि खाताधारक और यस बैंक के कर्मचारी समेत 5 लोगों को 1.80 लाख रुपए कमीशन भी मिला था। पुलिस को अब कमीशन पाने वाले एक अन्य आरोपित की तलाश है।

भोपाल फैमिली सुसाइड केस में 5 और गिरफ्तार

साइबर पुलिस की जाँच में खुलासा हुआ कि भूपेंद्र विश्वकर्मा के बीओबी के खाते से हमीदिया रोड के यस बैंक की ब्रांच में अमायरा ट्रेडर्स के खाते में 95,700 रुपए ट्रांसफर किए गए थे।। अमायरा ट्रेडर्स का प्रॉपराइटर 25 वर्षीय शारिक बेग है। शारिक से पूछताछ में अन्य आरोपितों के नाम सामने आए। शाहजहाँ उर्फ शाजी खान (31) ने टेलीग्राम से जुड़े शारिक को अकाउंट खोलने को कहा था। इसके बाद शाजी के दोस्त मोहम्मद उबेज खान (27) ने उसकी पहचान यस बैंक के कर्मचारी फरहान रहमान (30) से कराई थी।

फरहान ने अमायरा फर्म के नाम पर खाते खोलने से पहले फर्जी फील्ड इंवेस्टिगेशन (FI) की थी और 10 हजार रुपए लेकर सही फील्ड इंवेस्टिगेशन दिखा दिया। अरशद बेग (29) भी शारिक का रिश्तेदार और दोस्त है। भूपेंद्र के खाते से शारिक के करंट अकाउंट में आई रकम को अरशद ने ही निकाला था।

बेटों को जहर पिलाया, फिर फंदे से झूल गए थे पति-पत्नी

ऑनलाइन लोन ऐप और ऑनलाइन जॉब के जाल में फँसने के बाद विश्वकर्मा ने परिवार के संग 12 जुलाई को सुसाइड किया था। 4 पन्नों का सुसाइड नोट पुलिस को मौके से मिला था। इसमें प्रताड़ना का पूरा विवरण दिया गया था।

विश्वकर्मा और उनकी पत्नी ने पहले बेटे ऋतुरात (3) और ऋषिराज (9) को जहरीला कोल्ड ड्रिंक पिलाया। उनकी मौत के बाद दोनों ने खुद भी दुपट्टे से फंदा बनाया और फाँसी लगाकर जान दे दी थी।

पत्नी ही नहीं, बेटा भी जानता था दोस्त की बेटी से रेप करता है पिता: पीड़िता के लिए उससे ही माँ ने मँगवाई थी गर्भपात की दवा, रिपोर्ट में दावा

दोस्त की बेटी से रेप करने वाले दिल्ली के अधिकारी की करतूत से उसकी पत्नी ही नहीं, उसका बेटा भी परिचित था। रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता को देने के लिए गर्भपात की दवा लेकर वही आया था। केजरीवाल सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर रहे प्रेमोदय खाखा और उसकी पत्नी सीमा को पुलिस इस मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। खाखा को सस्पेंड भी कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपित प्रेमोदय खाखा ने नवंबर 2022 से लेकर जनवरी 2021 तक 17 साल की पीड़िता का कई बार बलात्कार किया। आरोप है कि प्रेमोदय की हरकतों की जानकारी पीड़िता ने उसकी पत्नी सीमा को दी थी। लेकिन पति का विरोध करने के बजाय वह उसके साथ ही मारपीट करती थी। पीड़िता के गर्भवती होने पर सीमा उसे गर्भपात के लिए गोलियाँ दी थी। गोलियाँ उसने अपने बेटे से मँगवाई थी।

इस जानकारी के सामने आने के बाद खाखा के बेटे पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। बताया जा रहा है कि पीड़िता ने भी कहा है कि खाखा के बेटे को भी उसके यौन शोषण की खबर थी।

दोस्त की बेटी से दिल्ली के अधिकारी ने किया बलात्कार

पीड़िता 12वीं कक्षा की छात्रा है। अपने पिता की मृत्यु के बाद पीड़िता 1 अक्टूबर 2020 को खाखा से चर्च में मिली थी। खाखा उसके पिता का दोस्त था। वह खाखा को ‘मामा’ कहती थी। पिता की मृत्यु के कारण पीड़िता शोक में थी, इस दौरान खाखा उसे अपने घर ले आया। बताया जा रहा है कि नवंबर 2020 से लेकर जनवरी 2021 तक कई बार उसके साथ खाखा ने बलात्कार किया।

पीड़िता के गर्भवती होने पर प्रेमोदय खाखा की पत्नी ने उसे गर्भपात की गोलियाँ खिलाई। इससे उसकी तबियत खराब हो गई। लड़की को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। जहाँ उसने डॉक्टर को पूरी आपबीती सुना दी। इसके बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस ने पॉक्सो, यौन शोषण, जान से मारने की धमकी, जबरन गर्भपात, मारपीट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।

प्रेमोदय खाखा के बारे में सामने आया है कि उसके खिलाफ 3 अन्य महिलाओं ने भी वर्कप्लेस पर उत्पीड़न की शिकायत दी थी। आरोप है कि उनके ही विभाग ने इस मामले को रफा-दफा कर दिया और उनसे जवाब तक नहीं माँगा। ऑपइंडिया के पास 23 फरवरी, 2019 को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दिल्ली के WCD विभाग को भेजा गया वो पत्र मौजूद है, जिसमें लिखा गया है कि जवाब माँगे जाने के बावजूद विभाग ने इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

सोशल मीडिया से पता चलता है कि प्रेमोदय खाखा कट्टर ईसाई है। एक फेसबुक पोस्ट में उसने लिखा है, “मेरी कोई आशा न होती यदि मैं इस बात से अनजान होता कि किसी ने मेरे सब कर्मों का फल क्रूस पर बलिदान होकर भुगत लिया।” उसने इंट्रो में बाइबिल का एक उद्धरण लगा रखा है। बाइबिल के ‘जॉन’ में 14वें चैप्टर की 21वीं वर्स के इस उद्धरण का मतलब है, “जिसके पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूँगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूँगा।”

पंजाब में किसान प्रदर्शनकारी के ट्रैक्टर ने किसान को ही रौंद डाला, संगरूर पुलिस ने जारी किया Video: इंस्पेक्टर को भी गंभीर चोटें

पंजाब के संगरूर के लोंगवाल गाँव में किसान प्रदर्शनकारी की ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आकर एक किसान की ही मौत हो गई। मृतक प्रीतम सिंह भी प्रदर्शन में शामिल थे। किसानों द्वारा पुलिस लाठीचार्ज में सिंह की मौत के दावों के बाद संगरूर पुलिस ने इस घटना का वीडियो जारी किया है। इसमें देखा जा सकता है कि एक ट्रैक्टर-ट्रॉली सिंह को रौंद डालता है।

यह घटना किसानों और पुलिस के बीच झड़प के बाद हुई। बाढ़ के कारण खराब हुए फसल के मुआवजे को लेकर 22 अगस्त 2023 को किसानों ने चंडीगढ़ में धरने का ऐलान कर रखा है। इसके लिए राज्य के अलग अलग हिस्सों से सोमवार (21 अगस्त 2023) को किसानों ने चंडीगढ़ पहुँचने की कोशिश की। इसी दौरान लोंगोवाल में झड़प हुई। ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने के बाद प्रीतम सिंह को अस्पताल ले जाया गया पर उनकी जान नहीं बच सकी। इस घटना में एक पुलिस इंस्पेक्टर भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

घटना का वीडियो जारी करते हुए संगरूर पुलिस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा है, “एक प्रदर्शनकारी किसान की दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से लोगोंवाल में मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो के मुताबिक किसान पर ट्रैक्टर-ट्रॉली चढ़ गई। उनके साथ ही एक पुलिस इंस्पेक्टर भी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गए, लेकिन वो आखिरी समय में बच गए।”

इस घटना के बाद भारतीय किसान यूनियन के जिला स्तरीय प्रतिनिधि जसवीर सिंह मेदेवास ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मंडेर गाँव के किसान प्रीतम सिंह भी आंदोलन में थे। लेकिन पुलिस लाठीचार्ज में उनकी जान चली गई। इसके बाद संगरूर पुलिस ने घटना का वीडियो शेयर कर बताया कि प्रदर्शनकारी किसानों के ही ट्रैक्टर ने उन्हें कुचल दिया था।

बता दें कि पंजाब में बाढ़ से भयंकर तबाही हुई है, जिसके चलते कई जिलों में फसल बर्बाद हो गई है। किसान संगठन इसके लिए सरकार से मुआवजे की माँग कर रहे हैं। इसी क्रम में 16 किसान संगठनों ने 22 अगस्त से चंडीगढ़ में स्थायी मोर्चा लगाने का ऐलान कर रखा है।

हिंदू गौरव दिवस: भाजपा के राजनीतिक ‘कल्याण’ का ही नहीं एजेंडा, हिंदुओं की सामूहिकता को नया उभार देने का संकल्प भी

2023 का 21 अगस्त उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की दूसरी पुण्यतिथि का दिन था। इसे हिंदू गौरव दिवस के तौर पर मनाने में भले राजनीतिक पंडितों को बीजेपी का चुनावी एजेंडा दिखता हो, लेकिन यह उससे कहीं अधिक हिंदुओं की सामूहिकता को नया उभार देने का संकल्प है।

वैसे भी कल्याण सिंह उस राजनेता का नाम है जिसने हिंदुओं में अपने अधिकार के लिए चेतना जगाने का काम किया। जिन्होंने अपने अराध्य राम के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी तक को त्याग दिया। जिन्होंने जातीय समीकरणों में उलझी उत्तर प्रदेश की जमीन पर हिंदुत्व का कमल खिलाया, जबकि वे खुद जिस लोध जाति से आते थे उनकी उत्तर प्रदेश की कुल जनसंख्या में हिस्सेदारी केवल तीन प्रतिशत है।

यही कारण है कि अलीगढ़ में उनकी दूसरी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा में देश के गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, बीजेपी यूपी के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे समेत केंद्र और अन्य राज्यों के कई बड़े नेताओं का जुटान हुआ।

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण को जो स्वप्न कल्याण सिंह देखा था उसे याद करते हुए शाह ने कहा, “जब प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीराम मन्दिर का शिलान्यास किया, तो बाबूजी (कल्याण सिंह) ने कहा कि मेरा जीवन धन्य हो गया। जीवन का लक्ष्य पूरा हो गया।” उन्होंने कहा, “जब बाबूजी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तब उन्होंने तीन बातों को लक्ष्य बनाया। श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन को गति देना, गरीब कल्याण के भारतीय जनता पार्टी के विचार को धरातल पर उतारना और सामाजिक सद्भाव स्थापित करते हुए जातिवाद को समाप्त कर करोंड़ों पिछड़ा वर्ग के लोगों का कल्याण करना। आज बाबूजी के इन लक्ष्यों को पीएम मोदी आगे ले जा रहे हैं।”

वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “जिन्होंने श्रीराम मंदिर के लिए अपनी कुर्सी तक त्याग दी, ऐसे महान व्यक्ति को यूपी हमेशा याद रखेगा तथा आज डबल इंजन की भाजपा सरकार अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाकर ‘बाबू जी’ के सपने को पूरा करने का कार्य कर रही है।”

आज जब 2024 के आम चुनाव कुछ ही महीने दूर हैं, जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर का स्वप्न पूरा होने को है, कल्याण सिंह की पुण्यतिथि को बीजेपी ने ‘हिंदू गौरव दिवस’ के तौर मनाकर जो लकीर खींची है, वह हिंदुत्व का नया अलख जगाने का काम करेगी। इसमें न केवल बीजेपी का ‘कल्याण’ छिपा है, बल्कि यह सुशासन को उस राम राज्य की ओर भी ले जाएगी जो कल्याण सिंह का सपना था।

बच्चों का यौन शोषण, वर्कप्लेस पर उत्पीड़न… दिल्ली हाई कोर्ट के पत्रों से भी नहीं जागी AAP सरकार: दोस्त की बेटी से बलात्कार करने वाले अधिकारी पर पहले भी कई दाग

दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में बतौर डिप्टी डायरेक्टर कार्यरत प्रेमोदय खाखा पर आरोप लगा है कि उसने अपनी दोस्त की नाबालिग बेटी का 3 महीने तक बलात्कार किया। उसकी पत्नी ने पीड़िता को गर्भपात की गोलियाँ खिलाई। दोनों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची के पिता की मौत हो गई थी, जिसके बाद उक्त अधिकारी उसे अपने घर पर रखने ले गया था। प्रेमोदय खाखा कट्टर ईसाई है। लगातार पैनिक अटैक की समस्या के कारण पीड़िता अस्पताल में भर्ती है।

अब प्रेमोदय खाखा के बारे में सामने आया है कि उसके खिलाफ 3 अन्य महिलाओं ने भी वर्कप्लेस पर उत्पीड़न की शिकायत दी थी। आरोप है कि उनके ही विभाग ने इस मामले को रफा-दफा कर दिया और उनसे जवाब तक नहीं माँगा। ऑपइंडिया के पास 23 फरवरी, 2019 को दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दिल्ली के WCD विभाग को भेजा गया वो पत्र मौजूद है, जिसमें लिखा गया है कि जवाब माँगे जाने के बावजूद विभाग ने इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

दिल्ली हाईकोर्ट की तरफ से कई पत्र, दिल्ली का WCD सोया रहा

उस समय प्रेमोदय खाखा विभाग के अंतर्गत ही आने वाले ‘ऑब्जरवेशन होम फॉर बॉयज, सेवा कुटीर कॉम्प्लेक्स’ के सुपरिटेंडेंट थे। पत्र में दिल्ली हाई कोर्ट के जॉइंट रजिस्ट्रार ने दिल्ली सरकार के सोशल वेलफेयर डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी को लिखा है कि बार-बार पत्र भेज कर याद दिलाए जाने के बावजूद कोई उत्तर नहीं दिया गया। ये शिकायत ‘चाइल्ड सर्वाइवर इंडिया’ के अध्यक्ष अनिल कुमार कालिया द्वारा दायर की गई थी।

इसी पत्र में ये भी जानकारी दी गई है कि इसी बीच किंग्सवे कैम्प, सेवा कुटीर कॉम्प्लेक्स में पदस्थापित क्लिनिकल साइक्लॉजिस्ट अभिलाषा द्विवेदी द्वारा जुवेनाइल जस्टिस सेक्रेटेरिएट को शिकायत भेजी गई है। ‘जुवेनाइल जस्टिस कमिटी’ ने इस शिकायत के बाद विभाग से जवाब माँगा था। साथ ही 10 दिनों के भीतर जवाब देने के लिए भी कहा गया था। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के पास इस भी इस पत्र की एक प्रति भेजी गई थी।

इतना ही नहीं, ‘बॉयज-II, सेवा कुटीर, किंग्सवे कैम्प’ में 2019-19 के लिए शासकीय और वित्तीय गड़बड़ियों के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। वेलफेयर ऑफिसर बृजकिशोर पांडेय ने ये शिकायत दर्ज कराई थी और इस संबंध में भी दिल्ली हाईकोर्ट के जॉइंट रजिस्ट्रार ने विभाग से जवाब माँगा था। इस संबंध में 13 मई, 2019 को पत्र भेजा गया था, फिर 26 जुलाई, 2019 को रिमाइंडर लेटर भेजा गया। तीसरा पत्र 27 अगस्त, 2019 को भेजा गया था, जिसे आप नीचे देख सकते हैं:

जहाँ सुपरिटेंडेंट था प्रेमोदय खाखा, वहाँ शासकीय और वित्तीय गड़बड़ियाँ: दिल्ली हाईकोर्ट के जॉइंट सेक्रेटरी का पत्र

अब एक पत्र पर आते हैं, जो 7 मार्च, 2019 को भेजा गया था। इसमें लिखा लिखा गया है कि शिकायतकर्ता अनिल कुमार कालिया द्वारा कोई प्रतिक्रिया न दिए जाने के कारण इस शिकायत को बंद कर दिया गया है। वहीं इसमें ये भी बताया है कि अभिलाषा द्विवेदी की शिकायत ‘ऑब्जरवेशन होम’ में बच्चों के अधिकारों के हनन के संबंध में थी। साथ ही उन्होंने वर्कप्लेस पर उत्पीड़न की शिकायत भी प्रेमोदय खाखा के खिलाफ दर्ज कराई थी। इसी पत्र में बताया गया है कि विजिलेंस डिपार्मेंट के पास कुछ शिकायतें अज्ञात के नाम से भी आई थीं।

इसमें आरोप लगाया गया था कि प्रेमोदय खाखा वर्कप्लेस पर महिलाओं का उत्पीड़न करते हैं और साथ ही कुछ पीड़िताओं के नाम भी दिए गए थे। 5 मार्च, 2019 को ही दिल्ली हाईकोर्ट के जॉइंट रजिस्ट्रार द्वारा भेजा गया पत्र और भी गंभीर है, जिसमें बॉयज होम में बच्चों के यौन शोषण के आरोप की बात की गई है। ‘सेवा कुटीर’ में बच्चों के यौन उत्पीड़न को लेकर जुवेनाइल जस्टिस कमिटी के पास ये शिकायतें आई थीं। कमिटी ने माना था कि इस मामले पर त्वरित रूप से ध्यान दिए जाने की ज़रूरत है।

‘जुवेनाइल जस्टिस कमिटी’ ने इस संबंध में DWCD को एक दिन के भीतर कार्रवाई करने और जाँच पूरी होने तक तत्कालीन सुपरिटेंडेंट को ट्रांसफर करने के लिए कहा था। साथ ही ये निर्देश भी दिया था कि उसका ट्रांसफर किसी चिल्ड्रन होम में नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही निर्देश दिया गया था कि उन्हें ऐसी जगह भी ट्रांसफर न किया जाए, जहाँ से वो जाँच को प्रभावित कर सकें। साथ ही 6 मार्च, 2019 तक विभाग को ये रिपोर्ट भी सौंपने के लिए कहा गया था कि अब तक क्या-क्या किया गया है। इस पत्र को आप यहाँ देख सकते हैं:

जहाँ सुपरिटेंडेंट थे प्रेमोदय खाखा, वहाँ बच्चों के यौन उत्पीड़न का लगा आरोप

इसी तरह, 16 मई, 2019 को भेजी गई एक चिट्ठी में भी प्रेमोदय खाखा के खिलाफ फिर से जाँच शुरू करने के लिए कहा गया था। ये पत्र भी दिल्ली हाईकोर्ट के ‘जुवेनाइल जस्टिस सेक्रेटेरिएट’ द्वारा भेजा गया था। साथ ही अब तक जो जाँच हुई उसकी रिपोर्ट माँगी गई थी। ये बताता है कि बार-बार पत्र भेजे जाने के बावजूद विभाग इस मामले को लेकर गंभीर नहीं था। इसे प्रेमोदय खाखा के रसूख का भी पता चलता है। बताया जाता है कि इतनी शिकायतें और FIR होने के बावजूद उसने 2019 में स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के दिन मुखर्जी नगर स्थित ‘सेवा कुटीर’ में जाकर झंडा फहराया।

तो साफ़ है कि प्रेमोदय खाखा एक दागदार अधिकारी हैं और उसके खिलाफ इतनी शिकायतें आने के बावजूद मंत्री ने उसे अपना OSD बताया। आरोप है कि उसे डिप्टी डायरेक्टर बनाए जाने के लिए भी वरिष्ठों की अनदेखी की गई। बाल संरक्षण गृह में बच्चों का यौन शोषण, वर्कप्लेस पर महिलाओं का उत्पीड़न – दोनों ही गंभीर आरोप हैं। फिर भी AAP सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब उस पर बच्ची के बलात्कार का आरोप लगा है। सवाल ये है कि ये मामला तो सामने आ गया, इससे पहले के जो पीड़ित हैं क्या उनकी शिकायतों की फाइलें फिर से खुलेंगी?

दिल्ली में बच्ची का रेप, अधिकारी हुआ गिरफ्तार: जानें मामला

दिल्ली में एक कट्टर ईसाई अधिकारी द्वारा एक बच्ची का बलात्कार करने का मामला सामने आया है। प्रेमोदय खाखा नाम का उक्त अधिकारी, जो मूल रूप से झारखंड का रहने वाला है और जो दिल्ली सरकार की महिला एवं बाल विकास (WCD) विभाग में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर काबिज था, उसे अब गिरफ्तार कर लिया गया है। उसकी पत्नी भी गिरफ्तार की गई है, जो पीड़िता को गर्भपात की गोलियाँ खिलाती थी। चर्च के माध्यम से बची का परिवार अधिकारी के परिवार के संपर्क में आया था।

ये भी सामने आया है कि बच्ची आरोपित को मामा कह कर बुलाती थी, क्योंकि उसकी माँ उसे भाई बोलती थी। अधिकारी प्रेमोदय खाखा उसके पिता का दोस्त था। लेकिन, पिता की मृत्यु के कारण वो एकदम गुमसुम सी रहती थी। अक्सर चर्च जाने वाले अधिकारी को माँ ने बेटी को जिम्मेदारी सौंप दी। माँ काम से बाहर रहती थी और फोन पर बात करती थी। जनवरी 2021 में बच्ची वापस माँ के पास आई, लेकिन उसे पैनिक अटैक आने लगे थे। काउंसिलिंग के दौरान उसने डॉक्टरों के सामने रेप-गर्भपात का खुलासा किया।

14 वर्षीय लड़की के पिता की मृत्यु के बाद अधिकारी और उसकी पत्नी उसे लेकर अपने घर आ गए। NCPCR (राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग) के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद अनाथ बच्ची के डिटेल्स ‘स्वराज पोर्टल’ पर अपलोड नहीं किए गए। यानी, दिल्ली सरकार ने इस मामले में गलती की। उन्होंने चर्च का किरदार भी इस पूरे प्रकरण में संदिग्ध माना है। बलात्कार की ये घटनाएँ नवंबर 2020 से लेकर जनवरी 2021 तक चलीं। पीड़िता अब 17 साल की है और 12वीं की छात्रा है।

सोशल मीडिया से पता चलता है कि प्रेमोदय खाखा कट्टर ईसाई है। एक फेसबुक पोस्ट में उसने लिखा है, “मेरी कोई आशा न होती यदि मैं इस बात से अनजान होता कि किसी ने मेरे सब कर्मों का फल क्रूस पर बलिदान होकर भुगत लिया।” उसने इंट्रो में बाइबिल का एक उद्धरण लगा रखा है। बाइबिल के ‘जॉन’ में 14वें चैप्टर की 21वीं वर्स के इस उद्धरण का मतलब है, “जिसके पास मेरी आज्ञा है, और वह उन्हें मानता है, वही मुझ से प्रेम रखता है, और जो मुझ से प्रेम रखता है, उस से मेरा पिता प्रेम रखेगा, और मैं उस से प्रेम रखूँगा, और अपने आप को उस पर प्रगट करूँगा।”

ड्रग देती थी, न्यूड वीडियो बनाया, समलैंगिक साबित करना चाहती थी: राखी सावंत पर बरसा पूर्व शौहर आदिल, कहा- वो कभी माँ नहीं बन सकती

छह महीने जेल में बिताने के बाद राखी सावंत का शौहर रहा आदिल खान दुर्रानी बाहर आ चुका है। एक इंटरव्यू में उसने राखी सावंत पर कई तरह के आरोप लगाए हैं। कहा है कि वह कभी माँ नहीं बन सकती। ड्रग देकर अपना न्यूड वीडियो बनाने और माँ के कैंसर के नाम लोगों से पैसे ऐंठने का आरोप भी लगाया है।

बॉलीवुड बबल को दिए इंटरव्यू में आदिल ने कहा है कि उसने बहुत तकलीफें झेली है। वह बता भी नहीं सकता कि इन 6 महीनों में उस पर क्या बीती है। माँ-बाप समेत उसके पूरे परिवार ने बहुत कुछ झेला है। लेकिन बाहर आने के बाद अब वह खुश है। आदिल ने कहा है कि उसने एक वीडियो बनाकर कहा था कि उसे कुछ दिन का समय दो। लेकिन राखी सावंत ने उसे फँसाकर जेल भेज दिया।

बता दें कि राखी सावंत ने आदिल खान दुर्रानी पर तनु चंदेल नामक लड़की के साथ अफेयर का आरोप लगाया था। इस पर आदिल ने कहा है, “तनु मेरी दोस्त थी और हमने एक कॉन्सेप्ट के लिए साथ काम किया था। बीबी होने के नाते मैंने राखी को यह सब बताया था। वह तनु को बिग बॉस से पहले से जानती थी। राखी ने उससे बात और मुलाकात भी की थी। एक वफादार पति होने के नाते मैंने राखी सावंत को बताया था कि मैं तनु के साथ काम कर रहा हूँ। राखी को भी इससे कोई आपत्ति नहीं थी। मुझे नहीं पता था कि राखी इस बात का फायदा उठाएगी और मुद्दा बनाएगी।”

आदिल ने राखी के अफेयर और शादी का खुलासा करते हुए कहा है कि वह एक दोस्त के जरिए मिला था। दोनों के बीच बातें शुरू हुईं। उसने राखी से पूछा था कि क्या उसने अपने स्वयंवर से लेकर दीपक कलाल तक किसी भी व्यक्ति से शादी की है। इस पर राखी हर बार मना कर देती थी। राखी ने कथित तौर पर अपनी माँ के सिर पर हाथ रखकर कहा था कि उसने रितेश से शादी नहीं की है। इसके बाद उसने भरोसा कर लिया था। कोर्ट में जब शादी की तब भी राखी ने खुद को सिंगल बताया था।

आदिल ने दावा किया है कि राखी और वह एक-दूसरे का फोन इस्तेमाल करते रहते थे। इस दौरान उसने राखी के फोन में रितेश को भेजे गए कुछ वायस नोट्स मिले थे। उसमें राखी ने रितेश से कहा था कि उसने आदिल से शादी करके गलती कर ली है। राखी ने यह भी कहा था कि रितेश के साथ उसने जो 7 दिन बिताए हैं और इस दौरान फिजिकल हुए वह उसको अच्छे से याद है। आदिल ने यह भी कहा है कि रितेश और राखी ने कानूनी तौर पर शादी की है। वह उसे हर महीने पैसे भेज रहा था।

आदिल का दावा है कि राखी की प्रेग्नेंसी की खबर भी झूठी थी। उसके अनुसार राखी का यूट्रस ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के दौरान वह मौजूद था। जब यूट्रस निकल चुका है तो वह माँ कैसे बन सकती है? आदिल ने यह भी कहा है कि राखी ने उसका एक न्यूड वीडियो शूट किया था। वह वीडियो ब्रॉडकास्ट कराकर उसे समलैंगिक साबित करना चाहती थी। यही नहीं, आदिल ने कहा है कि राखी उसे ड्रग्स देती थी।

राखी सावंत पर माँ के नाम पैसा ऐंठने का आरोप भी आदिल ने लगाया है। कहा है कि वह राखी सावंत की माँ को हर महीने के 30000 रुपए देता था। लेकिन राखी अपनी माँ को बैंक की तरह यूज कर रही थी। वह अपनी माँ की कैंसर के नाम पर हम किसी से पैसे लेती थी और उन पैसों को खा जाती थी।